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हाय रे ज़ालिम.......complete

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देवा ने वही तरीका अपनाया जैसे चुत मारने के टाइम किया था। उसने दोबारा कमर को पीछे किया और दूसरा झटका भी मार दिया। नीलम की तो जैसे जान ही निकल गई। वो बिस्तर पे गिर गई उसके साथ साथ देवा भी उस पर गिरा और पूरा लंड नई नवेली बीवी की गांड में घुसा रहा।

नीलम: आह.. सस्स एमेम मेरी जान निकल ज्ज..जाएगी आह.. प्लीज़ निकाल लो.. आह.. नहीं उउउह जी आह…

देवा: बस बस अब पूरा घुस गया. अब कुछ नहीं होगा.. तू रो मत मेरी जान।

कुछ देर वो ऐसे ही पड़े रहे, उसके बाद देवा ने गांड मारनी शुरू की और दे दनादन पेलता रहा। बेचारी नीलम बिलबिलाती रही और वो लंड नीलम की गाँड में ठोकता रहा।

आधा घंटा तक देवा ने नीलम की गांड को बराबर ठोका। अब उनकी उत्तेज्ना चरम पे थी। देवा स्पीड से नीलम की गाँड चोद रहा था।

अब लंड नीलम की गाँड में आसानी से आ जा रहा था। नीलम भी अब गाँड मरवा रही थी हर धक्के के साथ नीलम अपनी गाँड पीछे करके देवा से अपनी गाँड चुदवा रही थी।

उसके लंड की नसें फूल गईं, लंड आग की तरह गर्म हो गया. तब जाकर उनका पानी निकाला और गर्म वीर्य गांड में भरने लगा। अब गर्म वीर्य जाने से नीलम को भी थोड़ा आराम मिला।

नीलम की गांड को रस से भरने के बाद देवा हटा तो फच्च की आवाज़ के साथ लंड गांड से बाहर आया और नीलम कराह उठी…

जब रत्ना को मालूम पड़ा की देवा ने नीलम की कुँवारी गाँड को भी चोद दिया है तो रत्ना ने नीलम की गाँड को मुआयना किया। गांड ठीक ठाक थी। रत्ना ने अपनी जीभ से नीलम की गाँड को चाट चाट कर साफ किया।अब तो देवा को उसकी दोनों बीबियों के सब छेद देवा के लंड से खुल चुके थे। देवा को चौबीस घंटे गर्म छेद अवलेबल था। एक बीबी गरम खाना बनाती तो दूसरी देवा का लंड चूस चूस कर ठंडा करती। देवा का लंड हर समय नीलम या रत्ना की चूत या गाँड में ही घुसा रहता।भगवान ऐसी बीबियाँ सबको दे।
 
देवा के शादी के अगले ही दिन हवेली में पुलिस आ गई थी। साथ में आई थी हिम्मत राव की जली हुई लाश।पुलिस वालों ने बताया की हिम्मत राव अपने जेल से जमानत पर छूटे हुए दोस्त विक्रांत के साथ शराब के नशे में शहर से गाँव आ रहे थे तो गाड़ी खाई में चली गई। पोस्टमार्टम में शराब ज्यादा मात्रा में दोनों के शरीर में पाया गया। गाड़ी में भी शराब का कार्टून था। साथ में बहुत सारे हथियार भी थे।जरूर ये लोग कोई बड़ा जुर्म करने जा रहे थे।

पुलिस हिम्मत की लाश सौपकर चली जाती है। रुक्मिणी और रानी नौकरों की मदद से हिम्मत की लाश का अंतिम संस्कार करा देती है।

गाँव में जब हिम्मत और विक्रांत के मरने की खबर फैलती है तो सभी गाँव वाले ख़ुशी से झूम उठते है।लेकिन सबसे ज्यादा खुश थी रत्ना और नीलम। एक तो देवा के लण्ड की ख़ुशी दूसरी अपने सबसे बड़े दुश्मन से छुटकारा।

आज शादी को छः महीने बीत चुके है। इन छः महीने में रश्मि देवा के बच्चे की माँ बननेवाली है।उसका पति और परिवार वाले उससे बहुत खुश है।

रुक्मिणी के पेट में भी हिम्मत की मौत के पहले ही बच्चा आ चूका है। रुक्मिणी अब सोच चुकी है की बच्चे के सहारे ही वो अपनी ज़िन्दगी काट लेगी। रानी भी शहर जाकर वहाँ रुक्मिणी की मदद से एक छोटी सी कंपनी चला रही है।

कौशल्या को भी बेटा हो चूका है। रामु बहु खुश है। रामु देवकी और कौशल्या के साथ खुश है।

देवा पप्पू के घर जाकर अक्सर शालू और नूतन को खूब चोदता है।पप्पू के सामने भी या साथ में भी। जिससे नूतन भी पेट से है वह भी देवा के बच्चे की माँ बननेवाली है।

ममता भी देवा के बच्चे की माँ बनने वाली है।

दो तो देवा के बच्चे की माँ बन चुकी है पदमा और कौशल्या। और चार अब बननेवाली है। रश्मि ममता नूतन और रुक्मिणी

इधर देवा अपनी माँ और बीबी के साथ बहुत खुश है।दिन और रात हमेशा उसके मज़े है जब मन करे जहाँ मन करे दोनों को चूत गाँड और मुँह में चोदने लगता है। नीलम भी अब पूरी बेशरम बन चुकी है।उसे भी देवा से गाँड मरवाने में बहुत मज़ा आता है।वह सोच चुकी है की जब तक बच्चे नहीं पैदा करना है तब तक देवा का लंड का पानी मुँह और गाँड में लेना सही है। दवा की जरुरत ही क्या है।

देवा अपनी दो खूबसूरत और गरम बीबियों को पाकर बहुत खुश था।

समाप्त
 
कहानी पसंद और कॉमेंट करने के लिए सभी पाठकों को थैंक्स।

कहानी समाप्त हो चुकी है।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें। फिर मिलेंगे किसी नई कहानी के साथ । thanks.
 
एक कहानी लिख रहा हूँ लेकिन समय की कमी है फिर भी जल्दी ही शुरू करूँगा।thanks.
 
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