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Adultery Meri Bhabhi Ma मेरी भाभी माँ

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काजल की बात सुनकर पूर्वी का गुस्सा सातवे आसमान पर चढ़ गया , देखो भाई लड़कियो की सुंदरता और लड़को की मर्दानगी पर सवाल उठाना मतलब सीधे सीधे उनके सबसे बड़े अहम को चोट मारना होता है .. पूर्वी बौखला कर फूटने ही वाली थी की विकाश वहाँ आ गया और देखते ही सारा माजरा समझ गया ..

“अरे यार तुम दोनो .. ये ऑफीस है लड़ना है तो घर मे एक गेट टुगेदर रखवा दूँगा दिन भर अपने दिल की भडास निकालते रहना .. अभी चलो जिस काम से आए हो वो तो पूरा कर लो ..”

विकाश के आने से पूर्वी थोड़ी शांत हुई और काजल की तरफ़ से मूह मोड़ लिया ..

हम सभी वही खड़े बस उस ड्रामे को देख रहे थे..

अब पूर्वी आगे आगे जा रही थी और हम सभी उसके पीछे थे..

हम एक कमरे मे पहुचे जहाँ बड़ा सा काँच लगा हुआ था , सामने एक शख्स को बुरी तरह से मारा गया था , वो अभी भी डर के मारे एक कोने मे सिकुडे हुए बैठा था , यही वो शख्स था जिसने मुझे और अक्की को धमकी भरे फोन कॉल्स किए थे, अभी वो बस महज चड्डी पहने बैठा हुआ था ..

“साले को नंगा करके मारा लेकिन कुच्छ नही बोल रहा है “

पूर्वी गर्ज कर बोली … वही अक्की कुच्छ सोचकर जोरो से हंस पड़ा और नेहा की आँखे बड़ी हो गयी और मैने अपना माथा पीट लिया ..

हमारा रियेक्शन देखकर सभी चकित हो गये थे , मुझे समझ आ गया था की वो आख़िर किस लड़की की बात कर रहा था और हमे क्यो कॉल कर रहा था ..

“अच्छा हुआ इस साले को तो ऐसे ही पीटना चाहिए था..” अक्की चहक कर बोल रहा था ..

वही नेहा का मूह जो अभी भी खुला हुआ था वो बोल उठी

“पवन सर .. इन्होने तुम लोगो को कॉल किया और धमकी दी लेकिन क्यो “नेहा ने आश्चर्य से कहा

मैने एक गहरी सांस छोड़ी मुझे माजरा क्लियर हो चुका था

“स्नेहा मेडम के कारण , इसे लगा होगा की हम उन्हे लाइन मारते है.. इसलिए पहले मुझे कॉल किया और फिर मेरे जाने के बाद जब अक्की और सुस बस ट्यूशन जाने लगे तो इसका शक अक्की पर आया होगा और फिर अक्की को कॉल किया ..

धमकाने के लिए सोचा होगा की बच्चे है और शहर मे कत्ल के कारण शिवा के नाम का डर है तो वही नाम लेकर डरा दिया जाए , बच्चे डर जाएँगे और मेडम का पिच्छा छोड़ देंगे ..

अब इस बेचारे को क्या पता था की हम सीधे सीक्रेट सर्विस के सबसे काबिल लोगो के पास चले जाएगे .. समय पुलिस इसे ट्रेस नही कर पति इस बात का तो इसे भी कॉन्फिडेन्स रहा होगा ..”

मेरी बात सुनकर जहाँ काजल जोरो से हंस पड़ी वही पूर्वी का चेहरा देखने के लायक हो गया था ..

काजल की हँसी उसे और भी ज़्यादा चुभ रही थी , वो तेज़ी से कमरे से बाहर चली गयी ……..

तभी काजल विकाश को देखकर बोलने लगी

“इसका और वेदांत का तो दिमाग़ घुटने मे है जिसे देखो तोड़ने मे लग जाती है लेकिन तुम्हे तो समझना चाहिए था की जो प्रश्न पहले करना चाहिए वो करो , और इतना भी पता नही लगा पाए तुम की ये उसी कॉलेज का प्रोफेसर है जिसमे अक्की और अंकित पढ़ते है “

काजल थोड़ी सीरीयस थी
 
काजल थोड़ी सीरीयस थी

“मुझे पता था यार इसके बारे मे सभी बाते पता लगा ली थी लेकिन पूर्वी को तो जानती है ना , उसे तो बस इस केस को सॉल्व कर तुमसे आगे निकालने की होड़ रहती है , मेरी बातों को इग्नोर करके सीधा इसे तोड़ना शुरू कर दिया “

विकाश की बात से सबसे जड़ीा खुस तो अक्की भी हो रहा था , उसके चेहरे मे अजीब सी मुस्कान खिल गयी थी

“अबे तू इतना क्यो खुस हो रहा है “

मैने उससे पुच्छ ही लिया

“भाई अगर ये लोग इसे नही तोड़ते तो मैं इस साले को मारने ही वाला था , ये मेडम को ज़बरदस्ती परेशान करता रहता है , जबकि मेरी मेडम इसे बिल्कुल भी भाव नही देती लेकिन फिर भी कभी रेस्टोरेंट चलो तो कभी सिनिमा चलो ..”

उसकी बात सुनकर मैं और नेहा हंस पड़े

“तेरी मेडम हूंम्म” नेहा ने उसे छेड़ा तो अक्की के चेहरे पर एक शर्म सी आ गयी ..

“सर एक बार हम सर से मिल सकते है , बस अपना चेहरा उन्हे दिखाना है “

मेरी बात पर विकाश ने हा मे सर हिला दिया और हमे उस कमरे मे ले गये जिसमे सिर को रखा गया था , उनकी ये हालत देखकर मुझे तो उनपर थोड़ी दया आ रही थी , बेचारे को बुरी तरह से थोड़ा गया था , नडे वाली चड्डी पहने हुए एक कोने मे दूबका हुआ था ..

कमरे का दरवाजा खुले ही वो और भी घबरा कर दूबक गया ..

लेकिन हमे देखते ही ऐसे रोया जैसे कोई बिछड़े हुए भाई को देखकर रो पड़े , रोते हुए वो मेरे पैरो को पकड़ा लिया ..

“अंकित .. इन्हे समझाओ ना की मैने कुच्छ नही किया है , मैने कोई मर्डर नही किया है , मैने तो बस तुम दोनो को डरने के लिए कॉल किया था और ये सब बोल दिया .. मुझे बचा लोग अंकित ये लोग मुझे कल से मारे जा रहे है , बहुत मारा मुझे बहुत ..”

उसकी इस हालत को देखकर मुझे बहुत बेकार लगा लेकिन साले अक्की के चेहरे की मुस्कान तो कम होने का नाम ही नही ले रही थी ..

मैने उनके कंधे को पकड़कर उन्हे उठा लिया ..

“ठीक है सर कोई बात नही सब ठीक है , अब ये आपको नही मारेगे और जाने भी देंगे “

मैने उन्हे सांत्वना दिया

“नही अंकित फेक कॉल करके धमकाने के कारण इट आक्ट के तहत इसपर करवाही होगी कोई 6त मंत की जैल और जुर्माना दोनो ही हो सकता है .. नौकरी तो जाएगी ही “विकाश ने हमे समझाया

मैने एक बार पवन का चेहरा देखा , एक अच्छा ख़ासा इंसान अपने चूतियापे मे ऐसी हरकत कर जाता है की उसका पूरा जीवन ही बर्बाद हो जाए , कॉलेज का प्रोफेसर था करियर ब्राइट था , इंसान भी कोई बुरा नही था लेकिन ……

लेकिन पता नही ये खुरापात उसके दिमाग़ मे कहाँ से आ गयी की ये हरकत कर डाली और ग़लत लोगो के साथ कर डाली , शायद कोई दूसरा होता तो उसे कोई फ़र्क भी नही पड़ता लेकिन पहली ग़लती खुद को शिवा बताकर ही कर दी और फिर हमको कॉल करके जो की सेकरीट सर्विस वालो के संपर्क मे थे ..

“सर हमने अभी तक कोई भी कंप्लेंट नही लिखवाई है , इन्हे छोड़ दीजिए इनका पूरा करियर ही ख़त्म हो जाएगा “

मैने विकाश से रिक्वेस्ट की , उसने एक गहरी सांस ली और हामी मे सिर हिला दिया ..

“थॅंक्स अंकित थॅंक्स “ पवन सर को तो मानो जन्नत मिल गयी , लेकिन मेरी बात सुनकर अक्की खुस नही दिख रहा था ..

“वो सब ठीक है लेकिन आप आज के बाद स्नेहा मेडम से दूर रहोगे “ अक्की ने कड़ाई के साथ उसे कहा , पवन सर के पास और कोई चारा भी तो नही था ..

लेकिन अक्की की बात सुनकर मेरे और नेहा के होंठो मे मुस्कान आ गयी , हम एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुराने लगे ..

लेकिन तभी हमे याद आया की हमारे रिश्ते अभी कैसे है , नेहा के चेहरे पर आई हुई मुस्कान गायब हो गयी और उसकी जगह एक गुस्से मिश्रित उदासी ने ले ली .. और उसके चेहरे के बदलते हुए भाव देखकर मेरे चेहरे का रंग भी उड़ने लगा ………..
 
“तो अब हमे क्या करना चाहिए “

ये प्रश्न मेरे दिमाग़ मे बहुत देर से घूम रहा था , हम सभी डॉक्टर के साथ उनके घर मे थे ..

सभी चीज़े तो सॉफ थी लेकिन मेरे और भाभी के सामने अभी भी ये साफ नही था की हमे अब क्या करना चाहिए , जो भी हुआ था उसमे हमारा कुछ भी नही गया था, अभी तक हमारे पास ऐसी कोई भी वजह नही थी जो हमे जीवा या तिवारी का दुशमन बना देती ……..

“मुझे जीवा और तिवारी से अपने पिता की मौत का बदला लेना है “

नेहा ने एक रूखे हुए स्वर मे कहा

“नही बेटी , ये तुम्हारा काम नही है जो हुआ उसके लिए अब अपना भविष्य दाव पर मत लगाओ .. वो काम तो मैं कर ही लूँगी , और अगर ना भी कर पाई तो भी मुझे कोई दिक्कत नही है , सत्य के प्रेम की निशानी मेरे पास है और मुझ कुच्छ नही चाहिए “ नेहा की मा महिमा नेहा की बात से एमोशनल हो गयी थी

“हा बेटी, महिमा सही कह रही है , तुम्हारे सामने पूरा जीवन पड़ा हुआ है , तुम्हे अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए “

इस बार कोमल बोल उठी

नेहा : “लेकिन मेरे लिए ये जानकर भी की मेरे पिता को किसने और किस हालातों मे मारा है , चुपचाप बैठे रहना नामुमकिन है , आप लोग मेरा साथ दो या ना दो लेकिन मैं तो ये जंग लड़ूँगी “

नेहा की बात सुनकर सभी के मन मे एक खटास सी पैदा हो गयी थी

डॉक्टर . : “बाबू ये कोई जंग नही है , और तुम क्या करोगी तिवारी जीवा और संपत को मार दोगि ,… यही ना .. लेकिन उसके बाद तुम्हारा क्या होगा तुम्हारी जिंदगी का क्या होगा , अब वो समय नही है जब कोमल तलवार लहराते हुए जाती थी और लोगो को काट डालती थी और कोई भी कुच्छ नही कर पता था , अब क़ानून और प्रशासन बहुत ही स्ट्रिक्ट हो गया है, अब बाहुबलियो और अंडर वर्ल्ड के डॉन्स का समय गया , अब या तो पैसा बोलता है या तो पावर , अब समय दिमाग़ वालो का है , बाहुबल से कुच्छ भी नही हो सकता , अगर तुम्हे जीवा और तिवारी को ख़त्म करना ही है तो सीधे लड़ने की बजाए कुच्छ ऐसा करो की वो लोग खुद ही बर्बाद हो जाए , ऐसे भी कोई तो है जो तिवारी के पास है और तिवारी को मारना चाहता है, जीवा तो ख़त्म हो ही चुका है , तिवारी के पास अभी पावर है उसे ख़त्म करने के लिए उस इंसान के बारे मे जानना ज़रूरी हो जाता है जो तिवारी को उसके घर मे रहकर ही उसे मारने का षडयंत्र बना रहा है , कोई उसके करीब का ही आदमी है …

और मेरे ख्याल से अंकित, आरती, कोमल , भुवन तुम दोनो को गाँव चले जाना चाहिए , या फिर कही और इन सबसे दूर चले जाओ .. कोई मतलब नही है इन सब छोचलो मे पड़ने से ..”

डॉक्टर की बात से वहाँ एक सन्नाटा सा च्छा गया था

मैं : “ लेकिन ये कतल कौन कर रहा होगा “

डॉक्टर . : “क्या फ़र्क पड़ता है की कौन कतल कर रहा होगा , तुम्हे इससे क्या मतलब हो सकता है … जो भी मार रहा हो जिसे भी मार रहा हो , तुम्हे इन सब मे पड़ने की क्या ज़रूरत है “

आरती : “डॉक्टर . हम तो ये सब छोड़कर यहाँ से चले जाएँगे लेकिन क्या वो हमे छोड़ देंगे , जीवा और संपत ने हमे ढूँढने के लिए गाँव मे आदमी भेजे थे, तिवारी भी हमे ढूंड ही रहा होगा , गाँव जाना हमारे लिए सेफ नही है और हमारे पास जो कुच्छ भी अभी है वो गाँव मे ही तो है , चलो मान लिया की हम वो सब छोड़कर कही चले भी जाए तो क्या हम जीवन भर चैन से जी पाएँगे , क्या वो लोग हमे ढूँढेगे नही .. मेरे माता पिता को देखिए , जो लोग पढ़ लिख कर एक अच्छी जिंदगी जी सकते थे वो इन सबसे दूर जाने के चक्कर मे ही किस तरह का जीवन जी रहे है , महलो का सुख भोगने की काबिलियत रखने के बावजूद एक छोटे से ठेले मे काम काके अपनी पूरी जिंदगी निकाल दी इन्होने …”

भाभी का चेहरा उदास हो गया था

कोमल : “बाबू हमने ग़ुरबत मे दिन ज़रूर गुज़ार लिए लेकिन हम दुखी नही है , हमारे पास वो सब है जो हमे चाहिए था , आपस मे प्रेम है और तुम भी तो हो … और प्रेम और शांति से बढ़कर जीवन मे क्या हो सकता है , बाहरी चीज़े तो महज बाहरी सुख ही दे पाती है , और बाहरी सुख क्षण भंगूर ही होता है , थोड़े देर के इंद्रिय सुख के लिए लोग ना जाने क्या क्या कर जाते है ..

लेकिन आंतरिक सुख तो स्थाई है ,और इसका महत्व भी इंद्रिय सुख से कही ज़्यादा है , प्रेम और शक्ति से बढ़कर कुच्छ भी नही है बेटी…”

कोमल ने बड़े ही प्यार से भाभी के चेहरे पर अपने हाथ फेरे, भाभी के चेहरे मे एक मुस्कान आ गयी थी ..

मैं : “तो क्या डिसाइड किया की क्या करना चाहिए ??”

मेरी बात से भाभी हंस पड़ी
 
भाभी : “मेरे ख्याल से हमे यही रहना चाहिए और जीवन वैसे ही जीना चाहिए जैसे हम जी रहे थे … “

भाभी की बात सुनकर सभी चौक गये

डॉक्टर . : “ वो लोग तुम्हारे पीछे आएँगे “

भाभी : “अब मैं वो पुरानी आरती नही रह गयी हू डॉक्टर . मेरे पास अब ताक़त है “

डॉक्टर . : “उसी का तो डर है , अगर तुम अपने ताक़त का ईस्तमाल करोगी तो तुम क़ानून के नज़रो मे गुनहगार हो सकती हो “

भाभी : “किसने कहा की मैं उसका ईस्तमाल करूँगी, लेकिन शक्ति तो कर सकती है ना ..”

फिर से एक खामोशी ने सब को जकड़ लिया था

कोमल : “ये सही नही रहेगा आरती फिर से वही सब नही , अब नही हम कल ही ये शहर छोड़कर दूर कही चले जाएँगे “

अपनी मा की बात सुनकर भाभी ने भी एक गहरी सांस छोड़ी ..

भाभी : “हूंम्म ठीक है , लेकिन बहुत देर हो चुकी है कम से कम अब तो सोने चलतेहैं “

वो बेफिक्री से उठ कर वहाँ से चली गयी थी ………….

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