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Incest दीदी की सेटिंग

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Guest
मैं, मोनू अभी २१ साल का हूँ और नोएडा में रह रहा हूँ. मेरे मम्मी पापा लखनऊ में रहते है और मैं यहाँ अपनी बड़ी बहन के साथ रहता हूँ. मेरी दीदी का नाम रश्मी है और उनकी उम्र २४ साल है, अभी तक वो कुवारी है. मम्मी पापा उनके लिए रिश्ता देख रहे है लेकिन अभी कही बात बनी नहीं है.

मेरी दीदी पढाई में काफी इंटेलीजेंट थी और २ साल पहले उनकी गवर्मेंट स्कूल में टीचर की जॉब लग गयी और पोस्टिंग नॉएडा में हुई तो मम्मी पापा ने मुझे उनके साथ यहाँ भेज दिया था. मैं भी यही रह कर पढाई करने लगा और दीदी अपनी जॉब में लग गयी.

साथ में ही उनको एक बड़े कोचिंग इंस्टिट्यूट से भी जॉब का ऑफर मिला जहाँ से उन्हें काफी ज्यादा पैसे मिल रहे थे तो उन्होंने वो भी ज्वाइन कर लिया. चूँकि दीदी को काफी ज्यादा पैसे मिल रहे थे तो दीदी ने नॉएडा में एक फ्लैट भी खरीद लिया और मैं और दीदी उसी थ्री बैडरूम फ्लैट में रहते है.

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मेरी दीदी बहुत ही खूबसूरत है. उनकी हाइट ५ फ़ीट ६ इंच की है. उनके लम्बे लम्बे बाल, उनकी खूबसूरत आँखे, सब लाजवाब है. उनकी चुन्चिया तो बहुत ही जबरदस्त है. पतली कमर और बड़े से उभरे हुए चूतड़ उनके शरीर को क़यामत बना देते है. अगर उनके साइज के बारे में बताऊ तो वो ३६-३०-३८ है. जब से वो अपने फ्लैट में शिफ्ट हुई है रोज सोसाइटी के जिम में भी जाने लगी है जिससे उनका जिस्म और निखर रहा है.
 
मेरा कॉलेज घर के पास में ही है और मैं पैदल ही कॉलेज आता जाता हूँ. करीब ३ महीने पहले एक दिन मैं अपने कॉलेज से निकल कर सामने सिगरेट पीने आया तो अचानक मेरी मुलाकात अफजल लाला से हो गयी.

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अफजल लाला लखनऊ में हमारे घर के पीछे ही रहता था और उसकी उम्र ४०-४२ की होगी. वो थोडा बदमाश किस्म का आदमी था और उम्र में भी मुझसे काफी बड़ा था तो मेरी उससे ज्यादा बातचीत नहीं थी लेकिन पडोसी होने के कारण जान पहचान थी. अफजल भी वहां सिगरेट पी रहा था. वो मुझसे पूछने लगा की यहाँ कैसे?

मैंने उसे बताया की मैं सामने वाले कॉलेज में पढ़ रहा हूँ और पास ही के एक अपार्टमेंट में रहता हूँ. बात करते करते हम हमारे अपार्टमेंट तक आ गए. उसने पुछा की शायद रश्मि की नौकरी भी तो नॉएडा में ही है तो मैंने बताया की दीदी ने ही यहाँ फ्लैट खरीदा है और मैं उनके साथ उनके ही फ्लैट में ही रहता हूँ.

लाला ने कहा वाह रश्मि ने खुद का फ्लैट खरीद लिया बड़ी ही ख़ुशी की बात है. चलो मैं किसी दिन मिलने आऊंगा. मेरे पूछने पर उसने बताया की लखनऊ में उसका कुछ झगडा हो गया था तो उसे १ साल के लिए तड़ीपार कर दिया गया है और वो फ़िलहाल एक होटल में रह रहा है और किराये पर मकान ढूंढ रहा है. उसने मुझसे पुछा की ये सोसाइटी कैसी है? यहाँ किराये पे फ्लैट खाली हैं क्या?
 
मैंने बोला की बहुत अच्छी सोसाइटी है. एक फ्लोर पर केवल दो फ्लैट है. क्लब हाउस स्वीमिंग पूल जिम सब बहुत अच्छा है. काफी खुली हुई सोसाइटी है नयी है तो फ्लैट तो काफी खाली है लेकिन किराये के लिए हैं या नही मुझे पता नहीं. हमको भी शिफ्ट हुए ३ महीने ही हुए है. फिर लाला ने मुझसे मेरा एड्रेस लिया और इस बातचीत के बाद मैं वहां से चला आया. उस दिन पहली बार अफजल लाला से मेरी इतनी बात हुई होगी.

करीब १०-१२ दिन बाद एक दिन शाम को अफजल अचानक मेरे घर आ गया. दीदी घर में नही थी. मैं अफजल को देखकर चौंक गया. मैंने सोचा नहीं था की वो सच में हमसे मिलने आ जायेगा. तब उसने बताया की वो हमारी सोसाइटी में फ्लैट ढूढ़ रहा था और किस्मत से उसे हमारे फ्लोर का दुसरा फ्लैट ही किराये पर मिल गया और २ दिन पहले वो शिफ्ट भी हो गया है. वो बोला की २ दिन से घर सेट कर रहा था. अब सोचा की तुमसे और रश्मि से भी मिल लूं.

मैंने उसे बताया की दीदी घर पर नहीं है. तो उसने मुझे अपने फ्लैट में बुला लिया. मैंने फ्लैट लॉक किया और उसके साथ चला गया. उसने फ्लैट बहुत अच्छा सजाया था. सामने बार भी था तो उसने मुझसे पूछा की कुछ लोगे. मैंने सोचा की दीदी के आने में तो अभी काफी टाइम है तो मैंने बोला बियर पी लूँगा. उसने फ्रिज से दो बियर निकाली और हम साथ बैठ कर पीने लगे.

अफजल लाला कहीं आता जाता तो था नही तो जब मैं कॉलेज से लौटता तो वो मुझे अपने फ्लैट पर बुला लेता. धीरे धीरे ये हम दोनों का रोज का रूटीन हो गया और करीब दो महीने में ही मेरी और अफजल की बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी. दीदी तो सुबह ८ बजे घर से निकल जाती थी और शाम को ८ बजे वापस आती थी और मैं लाला के साथ रोज ही पार्टी करता था. रोज दारू मुर्गा तो चलता ही था एक दो बार तो अफजल ने रंडी भी बुला रखी थी तो वो स्वाद भी अफजल ने मुझे चखवा दिया था.
 
दीदी ने जब अफजल को पहली बार सोसाइटी में देखा था तो मुझसे बताया. मैंने दीदी को बताया की अफजल लाला हमारे फ्लैट के बगल में रहने आया है और मुझसे और आपसे मिलने भी आया था. तब दीदी ने मुझसे बोल दिया था की ये गुंडा ठीक आदमी नहीं है और इससे दूर ही रहना इसीलिए मैं दीदी के आने से पहले घर वापस आ जाता तो उनको ये पता नहीं चलता की मैं रोज अफजल से मिलता हूँ या मेरी उससे दोस्ती है. अफजल लाला को भी पता था की दीदी ने मुझे उससे मिलने को मना किया है.

एक दिन कोई छुट्टी थी पर दीदी ने मुझसे बताया की उनको कोचिंग सुबह ही जाना पड़ेगा क्योंकि वहां कोई फंक्शन है और शाम को ८ बजे ही वो वापस आयेगी. दीदी स्कूल तो साड़ी या सलवार सूट पहन कर जाती थी पर उस दिन स्कूल नहीं था तो वो बिज़नस सूट पहन कर कोचिंग गयी और दीदी के जाते ही मैं लाला के पास चला गया.

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सुबह से ही अफजल लाला और मैंने पीनी शुरू कर दी. दोपहर तक हमने काफी पी ली और अफजल ने अपने ७५ इंच के टीवी पर एक ब्लू फिल्म लगा दी जिसे देखते देखते न जाने कब हम दोनों ही बेसुध होकर सो गए. शाम को मेरी आँख खुली तो मैंने लाला को जगाया और बोला की दीदी के आने का टाइम हो गया है और मै अपने फ्लैट में आ गया और दीदी के आने का इन्तेजार करने लगा. मेरा सर चकरा रहा था तो मैंने अपना सर दो तीन बार धोया.
 
करीब आधे घंटे के बाद डोरबेल बजी और मैं समझ गया की दीदी आ गयी है. मैंने जा कर दरवाजा खोला. सामने दीदी ही थी और पता नहीं क्यों आज वो बहुत हॉट लग रही थी. शायद ड्रिंक का कमाल था या फिर ब्लू फिल्म का असर था. दीदी क़यामत लग रही थी मुझे. उनकी बड़ी बड़ी चून्चिया शर्ट में काफी कमाल की लग रही थी और टाइट स्कर्ट में उनकी गांड भी कहर ढा रही थी. वो अंदर आयी और अपना बैग रखकर बाथरूम चली गयी.

आज तक मेरी इतनी हिम्मत नहीं थी की मैं दीदी के चेहरे के अलावा उनकी चून्चिया या चूतड़ देखूं लेकिन आज मेरा मन कुछ और कह रहा था. आज दीदी को देखने के बाद मेरे लंड में सुरसुराहट होने लगी थी. कुछ देर में दीदी ब्लू जीन्स और वाइट टॉप पहन के आयी और पानी की बोतल लेकर सोफ़े के दूसरे तरफ बैठ गयी.

रश्मी दीदी: और मोनू कैसा रहा तुम्हारा दिन …

मै : अच्छा दीदी… थोडा एग्जाम का टेंशन है…

रश्मी दीदी: कोई ट्यूशन की जरूरत हो तो बता देना…

मै : नहीं दीदी फ़िलहाल तो मैं मैनेज कर ही रहा हूँ और आपके पास टाइम ही कहाँ बचता है.

रश्मी दीदी : हम्म्म चलो डाइनिंग टेबल पर आ जाओ. मैं खाना लगाती हूँ. आज बहुत थक गयी हूँ और अभी पेपर भी बनाने है कोचिंग के लिए.

मै : दीदी, मेरे सीनियर अभिनव और मनीष को जॉब नहीं लग रहा है लेकिन दोनों बहुत ही इंटेलीजेंट है. टोपर है. क्या आप उनकी कोई मदद कर सकती है क्या?

रश्मी दीदी : मैं कैसे मदद कर सकती हूँ

मै : आपके कोचिंग सेंटर में फ़िलहाल उनको टेम्परेरी जॉब मिल सकता है क्या?

रश्मी दीदी: ठीक है देखती हूँ, उनसे बोलो अपना रिज्यूम मुझे दे दे और हाँ

मै : क्या दीदी?

रश्मी दीदी: अगर वो टोपर हैं तो उन्हें घर पे बुलाकर टयुशन लो उनसे. दुसरों से काम निकालना भी सिखो. अगर हेल्प कर रहे हो तो उनसे भी मदद लो…

मै : लेकिन दीदी…

रश्मी दीदी: इस दुनियां में कुछ फ्री नहीं है. अगर वो तुम्हे यहाँ आ कर पढा जायेगे तो मुझे भी पता चल जायेगा की वो कोचिंग में पढ़ा पाएंगे या नहीं.

मै : ओके दीदी मैं, बात करता हूँ
 
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