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UPDATE - 1
=

राजेश मुंबई के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल के शवगृह (मोरचरी) में डॉक्टर था...
दिन भर लाशों की चीड़ फाड़ करना , उनकी पोस्टमारटम रिपोर्ट बनाना, यही काम था उसका..
काम बेहद घिनोना था पर पैसा बहुत था उसमें, कई बार मनचाही रिपोर्ट बनाने के लिए उसने मुँह माँगी रकम ली थी कई रईसों से..

दिल से भी बड़ा रंगीन था वो...
एक ही शौंक था उसको, बॉलीवुड का, फ़िल्मो का और रसभरी हेरोइनों के जिस्म देखने का..

आज जब राजेश हॉस्पिटल से से थका मांदा घर आया ही था की उसकी बेटी ईशा की बाते शुरू हो गयी

''पापा...मुझे भी डॉक्टर ही बनना है...मुझे पड़ाई करनी है...आप मुझे एक्टिंग में क्यो डलवाना चाहते हो...मुझे पढ़ना पसंद है...''

ये एक ऐसा टॉपिक था उनके घर का जो शायद दूसरे घरो में तो अच्छा लगे, पर यहाँ बिल्कुल उल्टा था..

राजेश की जवान हो रही बेटी को पड़ने का शॉंक था,
वो भी उसकी तरह डॉक्टर ही बनना चाहती थी पर उसके पापा उसे फ़िल्मो में देखना चाहते थे,
उन्होने अपने दोस्त से बात भी की थी, जिसके बेटे ने फिल्म इंडस्ट्री में अच्छा ख़ासा नाम भी कमा लिया था,
पर उसके परिवार वाले उसकी बातो को सुनकर राज़ी ही नही थे..

राजेश की बीबी रजनी भी अपनी बेटी की तरफ़दारी करते हुए बोली : "मैने पहला बाप देखा है जो अपनी जवान बेटी को ऐसी फिल्म इंडस्ट्री में भेजने पर उतारू है जो पूरी तरह से बदनाम है, सबको पता है की बाहरी दुनिया से आने वाले एक्टर्स को कितना स्ट्रगल करना पड़ता है फ़िल्मो के लिए...डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स की गंदी नज़रो और बातों का सामना करना पड़ता है...उनसे बच गये तो हीरो लोग नही छोड़ते....पता नही आपको कैसा भूत सवार हुआ है ईशा को फ़िल्मो मे भेजने का...''

उसने हमेशा की तरह बात को ना बढ़ाते हुए सिर दर्द का बहाना बनाया और रजनी को चाय बनाकर लाने को कहा...
ईशा भी पैर पटकती हुई अपने रूम में चली गयी और राजेश ने रिमोट उठाकर टीवी ओंन कर दिया...
ऑफीस से आने के बाद वो हमेशा न्यूज़ देखना पसंद करता था...
और बाद में कोई अच्छी सी मूवी देखता था.

पर आज जैसे ही उसने न्यूज़ चैनल लगाया, नीचे आ रही ब्रेकिंग न्यूज़ ने उसके दिल को ब्रेक कर दिया...
खबर ही कुछ ऐसी थी...

फिल्म जगत की जानी मानी हीरोइन शैफाली ने आत्महत्या कर ली थी,
उसकी उम्र भी करीब राजेश जितनी ही थी, यानी 48 साल की..
जब वो डॉक्टरी कर रहा था तब वो नंबर 1 की हेरोयिन थी,
उसकी लगभग हर मूवी हिट जाती थी उन दिनों...
कारण भी था हिट होने का, वो अपने साथ की हेरोइनो से काफ़ी आगे रहती थी जिस्म दिखाने के मामले में...
लेकिन जैसे-2 समय बीता उसे काम मिलना बंद सा हो गया...
एक समय तो ऐसा आया की उसने बी ग्रेड की कुछ मूवीस में भी काम किया पर वहां भी उसकी मूवीस नही चली...
(राजेश के लैपटॉप में आज तक उसकी बी ग्रेड मूवीज का अच्छा ख़ासा कलेक्शन था, उसकी बाकी की मूवीज के अलावा )

न्यूज़ में आ रहा था की पिछले कुछ टाइम से उसे शराब की लत्त लग चुकी थी, अंदर से शायद टूट चुकी थी वो इसलिए उसने खुदखुशी जैसा कदम उठाया..

राजेश को सच में काफ़ी दुख हुआ शैफाली की मौत पर...
अपनी जवानी के दिनों में उसे याद करके उसने ना जाने कितनी बार मुट्ठ मारी थी...
शादी के बाद भी वो अपनी बीबी रजनी में शैफाली का चेहरा ढूंढता था और उसे सोचकर ही उसके लंड में एक अजीब सा तनाव आ जाता था जिसके बाद रजनी की चीखो से पूरा कमरा दहल जाता था...

तभी रजनी उसके लिए चाय लेकर आ गयी...
राजेश का उतरा हुआ चेहरा देखकर उसने जब न्यूज़ देखी तो हंसते हुए बोली : "चलो अच्छा हुआ जो तुम्हारी चहेती शैफाली मर गयी, वरना मुझे तो शक था की एक दिन तुम मुझे छोड़कर उसके पास चले जाओगे....''

उसने ये बात कही तो मज़ाक में थी, पर राजेश का कई बार ये मन हुआ था की काश वो ऐसा कर पाता की अपनी बीबी को छोड़कर वो हमेशा-2 के लिए अपनी दिल की राजकुमारी शैफाली के पास जा सकता...
पर वो सब इच्छाएं दिल में ही रह गयी...
बेचारी उपर चली गयी, उसे ऐसा नही करना चाहिए था.

बस यही सब सोचते-2 उसने चाय पी, बाद में फ्रेश होकर खाना खाया और सो गया...पर मन काफ़ी उचाट हो चुका था उसका शैफाली की न्यूज़ देखकर.

अगले दिन हमेशा की तरहा जब वो हॉस्पिटल पहुँचा तो वहां काफ़ी भीड़ थी...
शैफाली की बॉडी को वहीं लाया गया था पोस्मॉर्टम के लिए...यानी उसे ही शैफाली का पोस्टमॉर्टम करना था.

एक पल के लिए तो राजेश को लगा की वो कोई सपना देख रहा है, क्योंकि उसी के बारे में सोचते हुए उसने पूरी रात निकाली थी...

पर अंदर ही अंदर उसे ज़्यादा खुशी भी नही हुई,
क्योंकि जिससे वो जीते जी मिलना चाहता था वो उसे मरने के बाद देखने जा रहा था...

खैर, धड़कते दिल से जब वो पोस्टमॉर्टम रूम में पहुँचा तो सफेद चादर में लिपटा उसका शरीर देखकर उसकी आँखो में आँसू ज़रूर आ गये...
पास जाकर जब उसने चेहरे से चादर हटाई तो उसका सफेद चेहरा देखकर उसे यकीन ही नही हुआ की वो शैफाली ही है...
आँखे धँस चुकी थी...
आँखो के चारो तरफ डार्क सर्कल थे, होंठ भी काले पड़ चुके थे...
उसने धीरे-2 करके पूरी चादर निकाल फेंकी, वो सिर्फ़ एक नाइट गाउन में थी,
हाथ की कलाई काटी थी उसने, काफ़ी खून बहा था उसका, वही कारण था शायद उसकी मौत का..

उसने अपने सहयोगी से उसके कपड़े हटाने को कहा...
साथ ही उसने जो भी गले में और उंगलियो में पहना हुआ था वो सब भी निकालने को कहा..
गले में एक मोतियों की माला थी, उसी से मैच करते हुए ईयर रिंग्स भी थे...
हाथ में एक अंगूठी भी थी मोतियो की और कलाई में भी उसी तरह के मोतियो से बना एक ब्रेस्लेट था...
पूरा सेट था जो उसने पहन रखा था मोतियो से बना हुआ....
उन्हे हाथ में लेकर राजेश भी काफ़ी देर तक हैरानी से उन्हे देखता रहा...
फिर उन सबकी इकट्ठा करके एक ज़िप पाउच में रख दिया और चुपके से अपने सहयोगी की नज़र से बचाते हुए वो सामान अपनी जेब में रख लिया..

एक सोने की चैन और 2 पायल भी थी,वो उसने एक अलग पाउच में रख दी, हॉस्पिटल में जमा कराने के लिए.

उसके सहयोगी ने जब नाइट गाउन हटाया तो शैफाली के नंगे शरीर को देखकर राजेश की धड़कने रुक सी गयी...
यही वो शरीर था जिसके बारे में सोचकर उसने कई बार मुट्ठ मारी थी...
पर इस वक़्त वो शरीर बेजान सा होकर उसके सामने पड़ा था...
कोई आकर्षण नही रह गया था उसके अंदर...
मरने के बाद कैसी बेजान सी पड़ी थी शेफाली, राजेश की आँखे भर आई उसे देखकर , जब उसका सहायक पेन लेने के लिए बाहर गया तो उसने झुक कर उसके माथे को चूम लिया
फिर उसने अपनी पोस्टपॉर्टम रिपोर्ट बनानी शुरू की...
पूरे शरीर की जाँच की, कलाई के कट को देखकर, उसकी गहराई को समझकर, जिन नसों को काटा गया था उन्हे रिपोर्ट में डाला, कितना ब्लॉड़ निकला उसका अंदाज़ा लगाकर उसे भी मेन्षन किया, शरीर पर कोई और घाव के निशान नही थे, कुछ कट के पुराने निशान थे, जिन्हे मेंशन करना जरुरी नहीं था..

इसलिए उसने भी अपनी तरफ से स्पेशल कॉमेंट्स में सुसाईड डालकर पूरी रिपोर्ट बना दी और नीचे साइन भी कर दिया...

बाहर निकलते ही उसे मीडिआ ने घेर लिया...
ये शायद पहला मौका था जब उसका चेहरा कई कैमरों के सामने चमक रहा था...
उसने स्माइल करते हुए रिपोर्टर्स से बात की, और जितनी ज़रूरत थी उसके हिसाब से उन्हे बताया..
और फिर सभी कामो से निपट कर वो अपने केबिन में वापिस गया और कपड़े बदल कर अपने घर की तरफ चल दिया...

घर जाते हुए वो अपनी जेब में पड़ी पोटली को सहला रहा था जिसमें शेफाली के शरीर पर सजे वो आर्टिफिशियल ज्वेलेरी थी...

पर बेचारा ये नही जानता था की ये गहने उसकी जिंदगी को पूरी तरह से उलट पलट कर रख देंगे.
 

UPDATE - 2

घर जाते हुए वो अपनी जेब में पड़ी पोटली को सहला रहा था जिसमें शेफाली के शरीर पर सजे वो आर्टिफिशियल ज्वेलेरी थी...

पर बेचारा ये नही जानता था की ये गहने उसकी जिंदगी को पूरी तरह से उलट पलट कर रख देंगे.


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अब आगे
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रात को घर पहुँचकर राजेश ने वो पैकेट निकाल कर अपने बेड के साइड वाली टेबल की ड्रा में रख दिया और फिर मुँह हाथ धोकर फ्रेश हुआ और टीवी के सामने बैठ कर चैनल चेक करने लगा की शायद किसी न्यूज़ पर उसका इंटरव्यू दिख जाए जिसमें वो रिपोर्टर्स को शैफाली की सुसाईड डीटेल्स बता रहा था...
पर किसी भी चैनल पर शेफाली से समन्धित कोई भी न्यूज़ नही आ रही थी....
हां,नीचे रनिंग न्यूज़ में ये ज़रूर आ रहा था की शेफाली की मौत से फिल्म जगत को काफ़ी बड़ा आघात पहुँचा है...

राजेश (मन ही मन झुंझलाते हुए) 'हुंह ...आघात...माय फुट...जब तक इंसान जिंदा होता है तब तो कोई पूछता नही, अब मरने के बाद सभी को आघात पहुँचा है...साले मतलबी लोग...'

वो बड़बड़ा रहा था तब तक रजनी उसके लिए चाय ले आई : "किस बात पर गुस्सा आ रहा है....अपनी चहेती हीरोइन के मरने का अफ़सोस आपको अभी तक हो रहा है क्या...''

वो कुछ बोल पाता, इससे हले ही टीवी स्क्रीन पर राजेश का चेहरा आ गया, जिसमें रिपोर्टर्स उस से सवाल जवाब कर रहे थे...

वो देखते ही रजनी का चेहरा एकदम से खिल उठा...

''ओह्ह माय गॉड ...आप टीवी पर...आपने बताया ही नही की आपने ही उसका पोस्टमॉर्टम किया है...बता देते तो अपने मायके में और सहेलियों को बोल तो देती, वो भी देखते आपको...एक अलग ही इंप्रेशन पड़ता...''

राजेश उसकी बात सुनकर झुंझला सा गया...
शेफाली की मौत पर अपनी बीबी की ये खुशी शायद उससे बर्दाश्त नही हो रही थी..

खैर, कुछ देर वहां बैठकर वो बाहर निकल गया,
नीचे सोसाइटी पार्क में जाकर अपने कुछ दोस्तो से मिला, थोड़ी सी वॉक की और वापिस उपर आ गया, तब तक खाना लग चुका था.

खाना खाकर वो अपने रूम में गया और लेट गया,
पर उसके दिमाग़ में अभी तक शेफाली से जुड़ी बातें घूम रही थी...
और अचानक उसकी आँखो के सामने उसका नंगा शरीर तैर गया...

काश, वो जीते जी उसके सैक्सी शरीर को इस तरह से नंगा देख पाता...
ये सोचते हुए वो अपने लंड को पायजामे के उपर से ही रगड़ने लगा.

तभी किचन का काम निपटा कर रजनी कमरे में दाखिल हुई और राजेश को जब उसने अपना लंड मसालते हुए देखा तो ठंडे स्वर बोली : "फिर में से शुरू हो गये आप...मैने बोला था ना अब अगले 15-20 दिन से पहले बात नही करना...अभी तो एक हफ़्ता भी नहीं हुआ...''

राजेश ने सिर पीट लिया...की वो सोच क्या रहा था और रजनी ने समझ क्या लिया...

रजनी हमेशा से ही सैक्स के मामले में ठंडी औरत रही थी,
ईशा के जन्म के बाद तो 2-2 महीने निकल जाते थे सैक्स किए बिना,
और कभी कभार राजेश गुस्से में या चिड़कर इस बात का मुद्दा बना लेता तो मजबूरी में रजनी को उसका साथ देना ही पड़ता था...
पर कुल मिलाकर राजेश की सैक्स लाईफ नील बटे सन्नाटा जैसी थी...
दूर -2 तक रोमांस नाम की कोई चीज़ ही नही रह गयी थी रजनी में .
इसलिए इस उम्र में भी राजेश अक्सर नहाते हुए मुठ मार लिया करता था..

अचानक रजनी की खुशी से भरी आवाज़ सुनकर राजेश चोंक गया..

''ओ वाउ....कितना सुंदर पर्ल का सेट है...ये आप मेरे लिए लाए हो, बताया ही नही..''

राजेश ने देखा तो रजनी उसके साइड वाले ड्रॉवर को खोलकर उसमें से वो शेफाली वाला पर्ल सेट निकाल चुकी थी और उसे निकाल कर हाथो में लेकर उलट पलट कर देख रही थी और खुश हो रही थी..

राजेश को गुस्सा तो बहुत आया पर बेचारा कुछ कर ही नही सकता था,
ग़लती उसी की थी, उसे वो सामान संभाल कर अपने लॉकर में रख देना चाहिए था,
रजनी ने मोबाइल चार्जर उसी ड्रॉ में रखा हुआ था, जिसे निकालते वक़्त उसकी नज़र उस सेट पर पड़ गयी..

वो उसे निकाल कर ड्रेसिंग टेबल तक ले गयी और पर्ल नेकलेस को अपने गले में पहन लिया...

राजेश बेचारा मायूस चेहरा लिए उसे ऐसा करते हुए देख रहा था...
वो नोट कर रहा था की जैसे- 2 वो सेट पहन रही थी, उसके एक्सप्रेशन्स चेंज हो रहे थे....
नेकलेस पहनने के बाद उसने कानो में इयरिंग्स पहने, हाथो में बेंगल और उंगली में अंगूठी.....

उन्हे पहन कर वो उसकी तरफ पलटी और बड़े ही सैक्सी अंदाज में अपनी भोंहे चड़ा कर बोली : "कैसी लग रही हूँ मैं ....सैक्सी ना...''

राजेश तो उसके एक्सप्रेशन्स देखता ही रह गया,
आज तक रजनी ने इतने सैक्सी तरीके से बात नही की थी..

रजनी ने जैकेट वाला नाइट गाउन पहना हुआ था....

वो बड़े ही सैक्सी अंदाज में राजेश की तरफ चलने लगी और चलते-2 उसने अपने गाउन की जैकेट निकाल फेंकी...

ये सब राजेश को किसी सपने जैसा लग रहा था..
क्योंकि रजनी के हाव भाव से लग रहा था की आज वो कुछ अलग ही मूड में है..
और जैसे हाव भाव वो दिखा रही थी, ऐसा आज तक नही हुआ था.

वो सैक्सी चाल में चलती हुई उसके करीब आई और बेड के साइड पर बैठ कर उसके उपर झुकती चली गयी...
रजनी के रेशमी बालो ने उसके चेहरे को ढक दिया और उन्ही बालो की आड़ में रजनी ने अपने होंठ उसके होंठो पर रखकर उसे चूमना शुरू कर दिया...
साथ ही उसका एक हाथ राजेश के कसमसा रहे लंड पर आया और उसे मसलने लगा...

राजेश को अभी भी ये सब एक सपने जैसा ही लग रहा था...
क्योंकि उसे अपनी बीबी की सैक्स कैपेसिटी का पता था,
उसने आज तक खुद से पहल करके कभी भी सैक्स की शुरूवात नही की थी,
उसे खुद ही रजनी को तैयार करना पड़ता था चुदाई के लिए
और वो एकाध महीने में जब करती भी तो किसी एहसान की तरह..

पर आज रजनी जिस तरह से खुद ही राजेश के पास आई थी और उसे तैयार कर रही थी, वो उसकी सोच से परे था..

खैर,वो इन सब बातो को भूलकर उसके स्मूच को एंजाय करने लगा और उसके गुदाज मुम्मो को दबाकर मज़े लेने लगा.

और फिर राजेश को अपनी लाइफ का दूसरा झटका मिला जब रजनी उसे चूमते-2 नीचे की तरफ जाने लगी और उसके लंड को पज़ामे से निकालकर उसे मुँह में भरकर उसे किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह चूसने लगी..

ये वो काम था जिसके लिए राजेश 20 सालो तक उसके आगे गिड़गिडया था...
उसके लंड को आज तक किसी ने मुँह मे नही लिया था...
शादी से पहले 1-2 गर्लफ्रेंड्स थी पर बात सिर्फ़ चूमा चाटी तक ही सीमित रही थी उन दिनों ...
शादी के बाद दूर की एक कज़िन के साथ उसका चक्कर चला था, पर वो मामला भी सिर्फ़ जल्दबाज़ी की चुदाई तक ही सीमित रहा था...बाद में वो भी अमेरिका जाकर सेट्ल हो गयी थी..

पर आज उसे अपने लंड पर रजनी के होंठो का एहसास वो खुशी दे रहा था जिसके लिए वो सालो से वंचित था...
हमेशा से ही ब्लू फिल्म्स या पॉर्न साइट्स पर कॉक सकिंग के वीडियोस देखकर उसका लंड कड़क हो जाया करता था, और वो अपनी किस्मत को कोसता हुआ यही सोचता रह जाता था की पता नहीं उसकी किस्मत में ये सुख लिखा भी है या नहीं , वो सोचता की काश एक दिन उसके लंड को भी कोई चूसे ताकि वो भी जान सके की गर्म जीभ और होंठो का संगम क्या असर करता है खड़े हुए लंड पर...

और आज वो उस एहसास को महसूस करके एक अलग ही दुनिया में पहुँच चुका था...
उसने रजनी के बालो को बेदर्दी से पकड़ा और उसे अपने लंड पर दबाकर ज़ोर से चिल्लाया..

''आआआआआआआआहह....... शाआबाअश मेरी ज़ाआाआअंन्न...... अहह आअज तो मज़ा ही आ गययआआआआ..... उफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़.....''

इतना कहते हुए उसके लॅंड से ढेर सारा पानी निकल गया, और उसने रजनी के बालो पर अपनी पकड़ ढीली कर दी..

पर रजनी ने अपना सिर उसके लंड से नही हटाया...
बल्कि उसके लंड को मुँह में लेकर और जोरों से चूसने लगी....
ऐसा करते हुए वो मुँह से अजीब सी आवाज़ें भी निकाल रही थी...
और अंत मे जब राजेश के लंड में एक भी बूँद नही बची तो उसने उसे छोड़ दिया
वो मुस्कुराती हुई उपर आई और फिर से उसके होंठो को चूमकर उसे अपने ही लंड से निकली मलाई का स्वाद चखाने लगी..

राजेश पस्त हो चुका था...पर रजनी नही.

वो खड़ी हुई और उसने अपने बचे खुचे कपड़े निकाल फेंके ,
वो अब अपने पति के सामने पूरी नंगी होकर खड़ी थी..
राजेश की समझ मे नही आया की अब वो क्या करने वाली है..
क्योंकि अब उसकी इतनी उम्र नही रह गई थी की एक के बाद दूसरी बार उसका लंड खड़ा हो सके और वो भी इतनी जल्दी..

पर वो कुछ नही बोला...
आज वो देखना चाहता था की रजनी और क्या कर सकती है उसके साथ.
 
UPDATE - 3

राजेश पस्त हो चुका था...पर रजनी नही. वो खड़ी हुई और उसने अपने बचे खुचे कपड़े निकाल फेंके ,
वो अब अपने पति के सामने पूरी नंगी होकर खड़ी थी..राजेश की समझ मे नही आया की अब वो क्या करने वाली है..क्योंकि अब उसकी इतनी उम्र नही रह गई थी की एक के बाद दूसरी बार उसका लंड खड़ा हो सके और वो भी इतनी जल्दी..पर वो कुछ नही बोला...आज वो देखना चाहता था की रजनी और क्या कर सकती है उसके साथ.

***********
अब आगे
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आज शायद काफ़ी समय बाद रजनी को इस तरह से अपने सामने पूरा नंगा खड़े हुए देख रहा था राजेश...
वरना पिछले कुछ सालों से तो सिर्फ़ काम की चीज़ों से ही परदा हटता था और नाम मात्र की चुदाई करके दोनो सो जाया करते थे..

आज भी उसकी चुचिया काफ़ी लुभावनी थी..

वो मुस्कुराती हुई आई और सीधा उसके उपर चढ़ कर बैठ गयी....
रजनी की गर्म चूत की सिंकाई उसे अपने लंड पर महसूस हो रही थी, वो इस वक़्त काफ़ी गीली थी....

वो अपनी गीली चूत उसके लंड पर घिसने लगी..

उसकी चूत से निकल रहे रस ने राजेश के मुरझाए हुए लंड को तर करना शुरू कर दिया और साथ ही साथ नीचे झुकते हुए उसने अपने मुम्मे राजेश के होंठो से लगा कर उसे ललचाने लगी..

एक अजीब सी सिसकारी मारी राजेश ने जब उसके लंड ने एक जोरदार झटका मारकर फिर से अंगड़ाई लेनी शुरू कर दी..
वो भी हैरान था अपने लंड की हरकत देखकर..
वैसे ग़लती उसकी भी थी..
आज तक एक के बाद दूसरी बार उसने भी तो ट्राइ नही किया था...
ये बात तो तभी पता चले ना जब ऐसा कोई मौका मिले..
और आज जब मौका मिला तो लंड के रिस्पांस को महसूस करके वो अपने आप को सुपरमैन समझ रहा था..

और सबसे ज़्यादा हैरानी तो उसे रजनी के अंदाज और व्यवहार पर हो रही थी
जो ऐसी हरकतें कर रही थी
जो आज से पहले कभी नही की थी उसने..

पर अभी के लिए ये सब बातें ना सोचकर वो इस मौके का पूरा मज़ा लेना चाहता था,
इसलिए वो रजनी के लटक रहे मुम्मो को मुँह में लेकर जोरों से चूसने लगा..

उसका लंड कब खड़ा हुआ और कब वो उसकी चूत में घुस गया उसे भी पता नही चला...
वो तो जब रजनी उसके उपर कूदने लगी तो उसकी समझ में आया...
राजेश के हाथ उसके मुम्मो पर आए वो उन्हे दबाते हुए उसकी चुदाई करने लगा...
आज तक बहुत कम बार ऐसा हुआ था की वो नीचे लेटकर उसकी चुदाई कर पाता था..
हमेशा से ही वो उसकी सलवार निकालकर उसे घोड़ी बनाता और अपने लंड पर थूक मलकर उसे अंदर उतार देता और कुछ देर में सारा माल अंदर निकाल कर साइड में हाँफता हुआ गिर जाता..
और ऐसा करके उसने आज तक शायद इस बात का भी ध्यान नही रखा की रजनी भी तृप्त हुई है या नही....
शायद नही होती होगी..

पर आज उसके हाव भाव से पता चल रहा था की वो अपने अंदर गये लंड का भरपूर मज़ा ले रही है...
राजेश को भी अपना लंड उसकी मखमली चूत में अंदर बाहर होते हुए पूरा महसूस हो रहा था...



और फिर राजेश ने उसके चेहरे पर आए भाव को बदलते देखा
जैसे कोई बहुत बड़ी खुशी से सामना होने जा रहा था उसका
वो बुदबुदाने लगी..

''आआआआअहह....... उम्म्म्ममममममममममम...... यएससस्स......... फकककक मी......और ज़ोर से......चोदो मुझे.......आअह्ह्ह्हह..... मेरी ज़ाआाआआअंन्न..... और तेज.......और तेज चोदो मुझे.....''

ये सब राजेश की बर्दाश्त से बाहर था....
वो किसी प्रोफेशनल रंडी की तरहा चिल्लाने लग गयी थी अचानक...
और राजेश ने भी उसके मोटे कूल्हे पकड़े और नीचे से दनादन शॉट मारकर उसे ऑर्गॅज़म के करीब ले जाने लगा....

और रजनी से पहले ही राजेश का पानी छूट गया....
वो उपर चड़कर अपनी चूत से उसके लंड को घिस्स ही इतनी बुरी तरह से रही थी की राजेश से कंट्रोल ही नही हुआ...

पर गनीमत ये रही की राजेश के गर्म वीर्य को महसूस करके वो भी झड़ने लगी...



''आआआआआआआआआआआआअहह....... मजाआाआआआआआअ आआआआआआआआआअ गय्आआआआआआआ....... उम्म्म्ममममममममममममममममममममम''

ये एक ऐसी उन्माद से भरी सिसकारी थी जो राजेश को अंदर तक संतुष्टि प्रदान कर गयी..
अब सच मे उसे अंदर से सुपरमैन वाली फीलिंग आ रही थी.

वो फिसलकर उसके उपर ही गिर गयी और राजेश के होंठो को चूमकर उस से लिपटकर लेट गयी...
राजेश उठकर वॉशरूम जाने लगा तो उसने जाने ही नही दिया, दोनो के अंदर का माल वहीं बिस्तर पर गिर गया, पर आज राजेश को इसकी कोई फ़िक्र नही थी, वो तो बस अपनी बीबी के इस बदले हुए रूप को देखकर खुश हो रहा था और उसी खुशी में वो कब नींद के गहरे आगोश में चला गया उसे भी पता नही चला..

सुबह जब उसकी आँख खुली तो रजनी उठकर जा चुकी थी,
और वो उसी हालत में नंगा पड़ा हुआ था, चादर थी उसके उपर , पर आज तक वो ऐसी हालत में नही सोया था...

अपनी हालत पर मुस्कुराते हुए वो उठा और बाथरूम में जाकर फ्रेश हुआ,
नहा धोकर जब वो बाहर निकला तो रजनी उसे देखकर मुस्कुरा उठी...
वो भी मुस्कुराते हुए उसके करीब गया और झुक कर उसके गालो को चूम लिया..

तभी पीछे से ईशा की आवाज़ आई : "ओो हो क्या बात है पापा...आज बड़े रोमांटिक हो रहे हो...''

राजेश ने सकपकाते हुए उसकी तरफ देखा जो कॉलेज जाने के लिए तैयार होकर उनके पीछे खड़ी थी...
रजनी शरमाते हुए किचन में चली गयी और राजेश बेचारा बिना कुछ बोले खिसियानी हँसी हँसता हुआ डाइनिंग टेबल पर आकर बैठ गया...

ईशा और राजेश ने नाश्ता किया और फिर दोनो एक साथ अपने-2 गंतव्य की तरफ चल दिए...
राजेश ने अपनी कार से उसे मेट्रो तक छोड़ा और फिर अपने हॉस्पिटल की तरफ चल दिया..

आज कोई ख़ास काम या पोस्टमॉर्टम नही करना था उसे...
सिर्फ़ शेफाली की रिपोर्ट को अपने कंप्यूटर में डालना था, जो उसने आधे घंटे में ही कर दिया.

बाद में वो रात भर की बातें सोचकर उनकी गहराई में जाने लगा....
वो भी इसलिए की आज तक तो ऐसा कभी नही किया था रजनी ने, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ की वो रातों रात बदल गयी...शाम को जब वो ऑफिस से घर आया था तब भी वो पहले की तरह नार्मल ही थी, फिर ऐसा क्या हो गया बैडरूम में जाने तक....वो तो अंदर आयी थी और उसने वो पर्ल सेट पहना था .... और तभी से .....

अचानक उसका दिमाग़ ठनका...
कहीं ये सब शेफाली के जेवर पहनने से तो नही हुआ...
क्योंकि कल रात को बेडरूम में आने के बाद शेफाली ने जब से वो पर्ल सेट पहना था , तभी से उसके रंग ढंग बदल गये थे...
तो...
तो इसका मतलब...
उसकी बीबी पर शेफाली की आत्मा....
भूत....

नही नही....
ऐसा नही हो सकता..

ऐसे थोड़े ही होता है...
आजकल भूत वूत कुछ नही होता...

वो खुद एक डॉक्टर था, ऐसी बातो पर भला कैसे विश्वास करे वो...

पर जो कुछ भी कल रात रजनी ने किया वो आज से पहले क्यों नही किया उसने...
उसके लंड को चूसा था ,
उसके लंड के पानी को पिया भी था और उसके उपर चढ़कर बुरी तरह से चुदी भी थी वो...
उसका दिमाग़ विज्ञान की दुहाई दे रहा था और उसका दिल कल रात के वाक्य को रजनी के उपर आए शेफाली के साँए की तरफ़दारी कर रहा था..

पूरा दिन उसके दिलो दिमाग़ में यही उलझन रही...
फिर वो एक निर्णय पर पहुँचा की ये सब जान ने के लिए सिर्फ़ एक ही तरीका है,
उसे रजनी को इस बात के लिए राज़ी करना पड़ेगा की वो पर्ल सेट उतार दे...
और उतारने के बाद भी अगर वो कल रात की तरह चुदाई करने में इंट्रेस्टेड रही तो इसका मतलब ये सब भूत-वूत की बातें उसका वहम है...

पर फिर से कल रात की तरह चुदाई की बात सोचकर उसके लंड ने अकड़ना ज़रूर शुरू कर दिया था...
अब तो उसे रात का इंतजार था बस.
 
UPDATE - 4

]पूरा दिन उसके दिलो दिमाग़ में यही उलझन रही...
फिर वो एक निर्णय पर पहुँचा की ये सब जान ने के लिए सिर्फ़ एक ही तरीका है,
उसे रजनी को इस बात के लिए राज़ी करना पड़ेगा की वो पर्ल सेट उतार दे...
और उतारने के बाद भी अगर वो कल रात की तरह चुदाई करने में इंट्रेस्टेड रही तो इसका मतलब ये सब भूत-वूत की बातें उसका वहम है...

पर फिर से कल रात की तरह चुदाई की बात सोचकर उसके लंड ने अकड़ना ज़रूर शुरू कर दिया था...
अब तो उसे रात का इंतजार था बस.

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अब आगे
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घर पहुँचकर हमेशा की तरह वो फ्रेश होकर टीवी के सामने बैठ गया और न्यूज़ चला ली,
रजनी का चेहरा देखकर उसे अभी ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो रहा था की उसपे अभी तक कल रात वाला असर है या नही...
वो राजेश के लिए चाय बनाकर लाई और किचन में जाकर रात का खाना तैयार करने लगी.
राजेश ने नोट किया की उसने वो पर्ल सेट उतार दिया है....
गले के हार के साथ उसने कानो के टॉप्स और अंगूठी भी उतार दी थी, ये देखकर राजेश को खुशी हुई की चलो अच्छा है, अब ये जानना आसान रहेगा की सच क्या है.

राजेश ने चाय पी और किचन की तरफ चल दिया, ईशा अपने रूम में थी इसलिए वो थोड़ा निश्चिंत था अभी.

वो रजनी के पीछे गया और उसके पेट पर अपनी बाँहों को कसते हुए उसे पीछे से जाकड़ लिया और अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया...

रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा : "अर्रे....क्या हो गया है आपको...आज तक तो ऐसे नही किया कभी...''

राजेश ने उसके गालो को चूमते हुए कहा : "तुमने भी तो आज तक वो सब नही किया जो कल रात किया था...''

राजेश की बात सुनके वो मुस्कुरा दी...
राजेश ने देखा की उसके ब्लाउज़ में तनी हुई चुचियों में अचानक निप्पल्स चमकने लग गये...
यानी उसकी बात सुनकर वो उत्तेजित हो रही थी.

राजेश ने एक बार पलटकर पीछे देखा की कहीं ईशा तो नही आ रही और फिर अपने हाथ उपर करते हुए वो रजनी के बूब्स को साड़ी के उपर से ही पकड़ लेता है...

''आआआआआआआआआआआअहह...... म्‍म्म्ममममममममममममममममम.......... छोड़ो ना......क्या कर रहे हो..... काम करने दो प्लीज़..... ईशा आ जाएगी....मत करो ना...''

पर वो उसकी नही सुनता और उसके निप्पल्स को ब्लाउस के उपर से ही पकड़कर उन्हे उंगलियो के बीच मसलने लगता है और अपना खड़ा हुआ लंड वो उसकी भरी हुई गांड पर घिसकर ज़ोर से दबाने लगता है...

''आआआआआआआआआअहह रआआआजीईईश....... मत करो ना........ डार्लिंग...... उम्म्म्मममममममम......''

ऐसा करते हुए वो नागिन की तरह अपने बदन को लहराकर उसके खड़े लंड पर रगड़ भी रही थी और उसके हाथो को अपनी छाती के उपर दबाकर उनका मज़ा भी ले रही थी..

अब तक राजेश शायद समझ चुका था की शेफाली के भूत वाली बात शायद उसका वहम था...
रजनी में सचमुच कुछ बदलाव आ चुका है..

पर जो भी था, ये बदलाव उसे बहुत पसंद आ रहा था..

रजनी की हालत ऐसी हो चुकी थी की राजेश अगर चाहता तो उसे वहीं किचन में चोद डालता पर ईशा घर में थी अभी...
इसलिए उसने अपने आप पर काबू किया और अपनी बाँहों में मचलती हुई रजनी के कानो में धीरे से कहा

''आज रात को कल से भी ज़्यादा बुरी तरह से चोदूँगा तुझे....देख लेना..''

इतना कहकर वो उसे अधमरी सी हालत में छोड़कर मुड़ा और सीधा बाथरूम में घुस गया..

पीछे बेचारी रजनी अपनी उखड़ी हुई सांसो पर काबू पाती हुई, अपनी चूत से रिस रहे रस को अपने पेटीकोट से रगड़कर उसे सॉफ करने लगी और रात को होने वाली चुदाई के बारे में सोचकर मुस्कुराती हुई फिर से अपने काम में लग गयी.

राजेश ने अपने सारे कपड़े निकाल फेंके और रेजर लेकर सबसे पहले उसने अपने लंड की शेव की, जो काफ़ी समय से नही की थी...करता भी क्यों भला, आज तक उसे देखने की भी ज़रूरत महसूस नही की थी रजनी ने...
पर अब तो वो उसे देखेगी भी और चुसेगी भी, इसलिए उसका फैशियल करना तो बनता ही है...
अपने लंड के चारों तरफ की घास हटाकर उसने उसे चमका कर चिकना बना दिया...
और फिर खूब मल-मलकर उसने अपने शरीर पर बॉडी वॉश लगाया और रात की तैयारी पूरी करके वो अपने बेडरूम में आया और ढीले ढाले से कपड़े पहन कर वापिस बाहर आ गया.

रजनी तब तक खाना बना चुकी थी, वो जब वो नहाने जा रही थी वो राजेश उसके कान में बोला ''डार्लिंग...अपनी चूत की अच्छे से क्लीन कर लेना...''

वो झुकी और उसके कान मे फुसफुसाई : "सुबह ही कर ली थी मैने तो...''

इतना कहकर वो खिलखिलाती हुई बाथरूम की तरफ चल दी..

डाइनिंग टेबल पर बैठी ईशा उन्हे देखकर हैरान हो रही थी की अचानक उसके माँ बाप इतने रोमॅंटिक कपल कैसे बन गये..
पर जो भी था ये अच्छा था, इसलिए वो बिना कुछ कहे मंद-2 मुस्कुराती हुई डिन्नर करने लगी.

रजनी के आने के बाद राजेश ने उसके साथ डिन्नर किया और रूम में पहुँचकर बेड पर लेट गया.

कुछ देर में ही रजनी आई और उसने बड़े ही सैक्सी अंदाज में उसे देखते हुए दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया.

राजेश बेड से उठ खड़ा हुआ और उसका लंड भी पायजामे में अंगड़ाइयां लेने लगा.

नहाने के बाद रजनी ने एक गाउन पहन लिया था, जिसे बेड पर आने से पहले उसने उतार दिया..
सामने से खुलने वाले गाउन पर लगी तनी जब उसने खोली तो अनुमान के मुताबिक अंदर उसने कुछ भी नहीं पहना हुआ था , एक ही पल में वो पूरी नंगी होकर खड़ी थी राजेश के सामने.

राजेश अपनी बीबी की सुंदरता देखता ही रह गया...
आज वो कल से भी ज़्यादा सैक्सी लग रही थी...
ख़ासकर अपनी चूत के बाल सॉफ करने के बाद...
चिकनी चूत ने उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा दिए थे...
रजनी की चूत लश्कारे मारती हुई चमक रही थी..

राजेश ने भी आनन फानन में सारे कपड़े निकाल फेंके और नंगा हो गया...
रजनी ने भी जब राजेश के खड़े लंड के चारों तरफ की चिकनाई देखी तो वो मुस्कुरा दी और बड़े ही मादक अंदाज में अपनी कमर मटकाती हुई उसकी तरफ आने लगी.

उसकी गांड की थिरकन ऐसी थी की कोई भी देखकर पागल हो जाए

राजेश के करीब पहुँचकर उसने उसे अपनी छाती से लगा लिया, राजेश ने अपना मुँह सीधा उसके मुम्मो पर लगाया और दूध पीने लगा..

''आआआहह........ मेला बैबी.......उम्म्म्ममममम''

वो उसके बालो में उंगलिया फेराती हुई उसे प्यार से सहलाने लगी और फिर उसे बेड पर धकेल कर खुद भी उपर चढ़ गयी...
सबसे पहले उसका निशाना राजेश का लंड बना जो काफ़ी देर से उसके होंठो का इंतजार कर रहा था..

उसने किसी बिल्ली की तरहा एक ही झटके में उसके चूहे को निगल लिया और उसे चूसने लगी...
राजेश की आँखे बंद होती चली गयी....
लगातार दूसरे दिन उसके लंड को चूस रही थी रजनी...
आज उसे सच में शादी के असली सुख का एहसास हो रहा था.

रजनी ने उसके लंड को अपनी हथेली में पकड़ा और नीचे मुँह करके उसकी गोटियों को भी मुँह में लेकर चुभला डाला...
राजेश की दोनो बॉल्स रजनी के मुँह में थी जिसे वो बड़े ही सैक्सी तरीके से चुभलाकर चूस रही थी...
राजेश को मज़ा भी बहुत आ रहा था और वो सोच भी रहा था की ये सब आख़िर रजनी ने सीखा कहाँ से...

एक ही दिन में वो किसी प्रोफेशनल की तरह उसका लंड चूस रही थी...
उसके दिमाग़ में फिर से वही ख्याल आने लगे की कहीं सच में तो उसकी बीबी के दिलो दिमाग़ और जिस्म पर शेफाली की आत्मा ने क़ब्ज़ा कर लिया है...

पर अब तो वो पर्ल का सेट भी उतार चुकी थी...
फिर भला कैसे वो अब भी उसी अंदाज मे रहेगी भला..

और एक बार फिर से वो कल रात की ही तरह इन सब विचारों को अपने दिमाग़ से झटक कर फेंक देता है और अपनी बीबी से लंड चुस्वाई के मज़े लेने लगता है...

अचानक वो रेंगकर अपनी टांगे उसके चेहरे की तरफ करने लगती है...
वो समझ जाता है की उसकी चूत भी कुलबुला रही है...
वो 69 करना चाहती थी, राजेश को भी कोई परेशानी नही थी...
बल्कि वो खुद रजनी की चिकनी चूत को अपने मुँह में लेकर हर तरह के मज़े लेना और देना चाहता था...

वो अपनी चूत को उसके चेहरे के उपर लाई और ढप्प से उसे नीचे गिरा कर राजेश का चेहरा ढक देती है..
चूत से निकली चाशनी की छींटे दूर तक उछल गयी जब राजेश के होंठ उसपर पड़े तो..
वो किसी कुत्ते की तरह लपलपाकर उसे चाटने लगा...
नीचे से उसके लंड को भी वो उसी तेज़ी से चूस रही थी जिस तेजी से राजेश उसकी चूत को...

कुछ देर बाद जब दोनो ने एक दूसरे की मलाई अच्छे से चाट ली तो रजनी ने फिसलकर, अपनी चूत को उसके लंड पर टीका कर, एक ही झटके में उसके मोटे लंड को अपनी चूत के मुँह से निगल कर, जोरदार सिसकारी मारी...

''आआआआअहह मेरे राजा......... उफफफफफफफफ्फ़.......... मज़ा आ गया तेरे मोटे लंड को लेकर....''

राजेश की छाती भी छोड़ी हो गयी अपने लंड की तारीफ सुनकर...
ये भी एक नया काम था जो रजनी ने लाइफ में पहली बार किया था, इसलिए फिर से उसके दिमाग़ में ख़याल आने लगे..

रजनी उसके चेहरे पर आए बदलाव और लंड में आई हल्की सी गिरावट देखकर बोली : "कहा खो गये डार्लिंग......चोदो ना मुझे...अपने मोटे लंड से मेरी चूत के परख़च्चे उड़ा दो मेरे राजा...''

इतना कहकर वो अपने मुम्मे उसके मुँह पर घिसने लगी और खुद ही उसके लंड पर उपर नीचे कूदने लगी...

कुछ देर तक उसे उसी पोजीशन में चोदने के बाद राजेश ने उसे बेड पर लिटाया और साइड पोज़ में , पीछे की तरफ से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया

राजेश ने उसके कूल्हे गाड़ी के स्टेयरिंग की तरह पकड़े और अपने लंड का ट्रक उसकी चूत के हाइवे पर फुल गियर में दौड़ा दिया...

कुछ ही देर में दोनो बुरी तरह से सिसकारियाँ मारते हुए एक दूसरे की बाहों में झड़ने लगे..

''उम्म्म्मममममममममममममम........मेरी जान....... तेरा ये नशीला बदन मेरी जान लेकर रहेगा....''

रजनी : "मेरे बदन की सारी शराब तेरे लिए ही है मेरे राजा......''

इतना कहते हुए वो उसके उपर लुढ़क गयी..

दोनो झड़ चुके थे और कल रात की तरह आज भी रजनी ने उसे उठने नही दिया और ना ही खुद उठी...
दोनो का मिला जुला रस रजनी की चूत से निकलकर वहीं बेड पर गिर गया...

और राजेश को कल रात की तरह कब नींद आई उसे फिर पता नही चला.

अगली सुबह वो नंगा बिस्तर पर सो रहा था,
रजनी उठ चुकी थी..
वो भी उठा , फ्रेश हुआ और नहा धोकर तैयार होकर डाइनिंग टेबल पर आ गया..

वहाँ पहुँचते ही ईशा ने हड़बड़ी में उससे कहा : "पापा, जल्दी से नाश्ता करो, मुझे आज कॉलेज जल्दी पहुँचना है, आज स्टेज शो है हमारा...मुझे भी पार्टिसिपेट करना है उसमें ..''

राजेश : "तुम्हे ...... पर तुम्हे तो स्टेज शो और एक्टिंग पसंद ही नहीं है ?''
ईशा : "ओह्ह पापा , आप ना सुबह -2 फिर से वही बात मत शुरू करो प्लीज, ये मैं अपनी मर्जी से नहीं कर रही, सबको पार्टिसिपेट करना कम्पलसरी है ''

राजेश ने सिर हिलाया और जल्दी-2 नाश्ता करने लगा..

ईशा : "एन्ड मोंम ...आपको 2 बार बोल चुकी हूँ , मेरी वाइट ड्रेस से मेच करता हुआ कुछ हो तो जल्दी से दो मुझे...''

रजनी जल्दी से रूम मे गयी और वही शेफाली वाला पर्ल सेट निकाल कर ले आई और उसके सामने रख दिया.

वो सेट देखते ही राजेश के चेहरे के रंग बदल गये..

वो बोला : "अर्रे...ये...ये भला इसे क्यों दे रही हो....ये तो...''

वो बोलता, इस से पहले ही ईशा बोल पड़ी : "सो वॉट पापा....मोंम के लिए आप लाए तो मैं नही पहन सकती क्या...और वैसे भी एक दिन के लिए तो मैं कुछ नया समान लेने मार्केट नही जाउंगी ना...एक तो आपके पैसे बचा रही हूँ उपर से आप ऐसे बोल रहे हो....चलो अब जल्दी से चलो, मुझे कॉलेज पहुँचकर मेकअप भी करना है..''

इतना कहते हुए उसने वो सेट अपने पर्स में डाला और राजेश का हाथ पकड़कर लगभग खींचते हुए उसे बाहर कार तक ले गयी...

रजनी भी अपनी बेटी की इस बचकानी हरकत पर हंसकर रह गयी...और दोनो को शाम को जल्दी आने को कहा..

राजेश पूरे रास्ते बस यही सोचता रहा की अब क्या होगा.
 

UPDATE - 5


रजनी जल्दी से रूम मे गयी और वही शेफाली वाला पर्ल सेट निकाल कर ले आई और उसके सामने रख दिया.वो सेट देखते ही राजेश के चेहरे के रंग बदल गये..

वो बोला : "अर्रे...ये...ये भला इसे क्यों दे रही हो....ये तो...''

वो बोलता, इस से पहले ही ईशा बोल पड़ी : "सो वॉट पापा....मोंम के लिए आप लाए तो मैं नही पहन सकती क्या...और वैसे भी एक दिन के लिए तो मैं कुछ नया समान लेने मार्केट नही जाउंगी ना...एक तो आपके पैसे बचा रही हूँ उपर से आप ऐसे बोल रहे हो....चलो अब जल्दी से चलो, मुझे कॉलेज पहुँचकर मेकअप भी करना है..''

इतना कहते हुए उसने वो सेट अपने पर्स में डाला और राजेश का हाथ पकड़कर लगभग खींचते हुए उसे बाहर कार तक ले गयी...राजेश पूरे रास्ते बस यही सोचता रहा की अब क्या होगा.

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अब आगे
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ईशा को उसके कॉलेज उतारकर वो अपने हॉस्पिटल पहुँच गया...
वो अभी भी परेशान था पर अपनी परेशानी को वो ज़्यादा देर तक रख नही पाया क्योंकि एक बिज़नेसमेन की फॅमिली का सुसाईड केस आया हुआ था हॉस्पिटल में , उसने, उसकी बीबी और बेटी के साथ फाँसी लगा ली थी....
उसका पूरा दिन उन्ही के पोस्टमॉर्टम में और रिपोर्ट्स बनाने में निकल गया...

रात को वो अपने टाइम के बाद ही घर पहुँचा और तब तक वो सुबह वाली बात भूल ही चुका था की ईशा वो पर्ल सेट लेकर गयी है.

उसने बेल बजाई तो दरवाजा एक अंजान और सुन्दर सी लड़की ने खोला.

एक पल के लिए तो वो खुद चोंक गया की ये कौन है, या फिर कहीं वो किसी ग़लत घर में तो नही आ गया..

पर तभी पीछे से रजनी की आवाज़ आई : "कौन है चाँदनी...ईशा के पापा है क्या ?''

इतने कहते हुए वो अपने गीले हाथ पोंछते हुए दरवाजे तक आ गयी.
उस लड़की ने सिर झुका कर राजेश को नमस्ते किया

रजनी : "आ गये आप, आज इतनी देर कर दी, मैं कॉल करने ही वाली थी....ये चाँदनी है, ईशा की दोस्त...आज वो स्टेज पर गिर गयी थी तो यही उसे घर लेकर आई ...''

उसके इतना कहने की देर थी की राजेश का दिल बैठ सा गया

''गिर गयी थी....कैसे....कहीं लगी तो नही....कहाँ है वो....ईशा ....ईशा...''

इतना कहते हुए वो पागलो की तरह उसके रूम की तरफ भागा...
वो अपनी बेटी से बहुत प्यार करता था, उसके गिरने की खबर सुनते ही वो बदहवास सा हो गया...
पीछे-2 चाँदनी और रजनी भी ईशा के रूम में आ गये..

ईशा अपने बेड पर बैठी थी, उसके पैर में मोच आई थी शायद, उसने बैंडेज लगा रखी थी.

राजेश ने जाते ही उसे गले से लगा लिया

"तू ठीक तो है बेटा...क्या हुआ...कैसे गिर गयी...ज़्यादा चोट तो नही लगी...मुझे कॉल क्यों नहीं किया...''

रजनी पीछे से बोली : "मैने किया था पर आपका फोन बंद था, मैं समझ गयी की ज़रूर कोई बड़ा केस आया होगा...''

ईशा : "मैं ठीक हूँ पापा...नथिंग मेजर....वो आज प्ले था ना हमारा, मैं कॉलेज पहुँचकर फाइनल रिहर्सल करने लगी तो मेरा पैर फिसल गया और मोच आ गयी...फिर चाँदनी को मेरी जगह लेनी पड़ी...एंड पापा, आज तो इसने कमाल ही कर दिया, बिना किसी प्रिपेरेशन के इतना अच्छा परफॉर्म किया की हमारे कॉलेज की प्रिन्सिपल ने स्पेशल स्टेज पर आकर इसे कांग्रेचुलेट किया...''

राजेश की नज़र फिर से चाँदनी की तरफ गयी...
वो अभी भी कोने में खड़ी मुस्कुरा रही थी, पर इस बार राजेश के चेहरे की हँसी गायब थी क्योंकि चाँदनी ने वही पर्ल सेट पहना हुआ था...
शेफाली वाला.

ईशा : "एंड पापा, चाँदनी ने प्ले के बाद मुझे घर भी छोड़ा और अपने घर पर फोन करके आज रात मेरे साथ ही रहने की परमिशन भी ले ली अपनी मोम से....शी इस माय बेस्ट फ्रेंड यू नो...''

इतना कहकर वो क्यूट सी स्माइल देकर चाँदनी को देखने लगी...
पर चाँदनी बड़े ही रहस्यमय ढंग से राजेश को ही देखे जा रही थी.

राजेश बेचारा समझ नही पा रहा था की कैसे रिएक्ट करे...
रजनी उसके लिए चाय बनाने जा चुकी थी...
राजेश भी एक्सक्यूस मी कहता हुआ वहां से निकला और अपने बाथरूम में आकर अपने चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारे..

शीशे मे अपना चेहरा देखकर वो ये जानने की कोशिश कर रहा था की ये हो क्या रहा है उसके साथ....उसकी लाइफ में.

शेफाली का वो सेट इस वक़्त चाँदनी के गले में था...
जाहिर सी बात थी, ईशा वो प्ले नही कर पाई तो चाँदनी ने उसकी जगह ली, उसके कपड़े पहने होंगे और उसकी ज्वेलरी भी यूज़ की होगी, और इसी वजह से अभी तक चाँदनी के गले में वो सेट था..

पर राजेश का दिमाग़ उन सब बातों का पीछा छोड़ ही नही रहा था की शेफाली की आत्मा उस शरीर पर क़ब्ज़ा कर लेती है जो उसे पहनता है...
उसकी बीबी भी तो 2 ही दिन में बदल सी गयी थी...
और चाँदनी के चेहरे को देखकर और वो जिस अंदाज से राजेश को घूरे जा रही थी , उसे फिर से वही लगने लगा था की कहीं चाँदनी पर भी तो शेफाली के साँए ने अपना असर नही कर दिया है...

ऊपर से चाँदनी थी भी बहुत सैक्सी ...
22 साल की जवान लड़की, कसा हुआ बदन, छोटे पर भरे हुए स्तन और सबसे बड़ी बात उसका मासूम सा चेहरा...
उसके पिंक लिप्स जिनपर लिपिस्टिक लगाने की भी ज़रूरत नही थी, उन्हे चूसने में कितना मज़ा आएगा ये सोचते ही राजेश के तन बदन में सुइयाँ सी चुभने लगी.

वो सोचने लगा की कहीं वो सब सच हो जाए जो वो सोच रहा है तो कैसा होगा...
उसके लिए तो अच्छा ही है..
पर साथ ही एक मरे हुए इंसान के भूत के संपर्क में आने की कल्पना उसे डरा भी रही थी...
उसका दिल डाँवाडोल हो रहा था

तभी बाहर से रजनी ने उसे पुकारा : "अजी, कहाँ रह गये...चाय ठंडी हो रही है...''

राजेश ने जल्दी से अपना चेहरा पोंछा और बाहर आ गया..
उसने शर्ट उतार दी और सिर्फ़ अंदर की बनियान पहने हुए बाहर की तरफ चल दिया..जैसा वो रोज किया करता था.

चाय पीते हुए उसने टीवी ओंन कर दिया, न्यूज़ में सुबह से उसी बिज़्नेसमेन की सुसाईड की न्यूज़ आ रही थी, कंपनी घाटे में चल रही थी और बहुत कर्जा चढ़ चूका था उसपर , इसलिए उसने इतना भयानक कदम उठाया था , एक के बाद एक ये दूसरा बड़ा केस था जिसमें वो इन्वॉल्व था...
वो बड़े गोर से न्यूज़ देखते हुए चाय की चुस्की ले रहा था की अचानक उसे चाँदनी की मीठी आवाज़ सुनाई दी..

''अंकल, आपने तो अपने आप को बहुत मेंटेन कर रखा है...देखकर लगता ही नही की आपकी कॉलेज गोयिंग बेटी भी है...''

राजेश ने सकपकाते हुए उसे देखा जो ना जाने कब उसके करीब आकर सोफे पर बैठ गयी थी,और उसकी बाजुओं की मछलियाँ देखकर उसे एडमायर कर रही थी..

डॉक्टर होने के नाते राजेश खुद ही अपनी सेहत का काफ़ी ध्यान रखता था,
मॉर्निंग वॉक के साथ-2 वो पार्क में बने ओपन जिम का भी अच्छे से इस्तेमाल करता था, जिसका असर उसके शरीर पर सॉफ दिखाई दे रहा था..

राजेश बेचारा कुछ ना बोला, सिर्फ़ सिर हिला कर हल्का सा मुस्कुरा दिया..

चाँदनी ने एक टी शर्ट और जीन्स की शार्ट स्कर्ट पहनी हुई थी..
ईशा भी अक्सर ऐसी ड्रेसस पहेनटी थी घर मे इसलिए ये सब नॉर्मल था उसके लिए...
पर राजेश की नज़रें जब उसकी सुडोल टाँगो पर गयी तो वो अपनी आँखे हटा ही नही पाया वहां से...
एकदम चिकनी टांगे थी उसकी..
जांघे भरी हुई और कसावट लिए हुए, वो भी शायद काफ़ी दौड़ती थी, ये उसे देखकर सॉफ दिख रहा था.
चाँदनी : "जिम का और रन्निंग का तो मुझे भी काफ़ी शोंक है पर पिछले एक हफ्ते से जा ही नही पा रही, मेरी थाई में थोड़ी सूजन सी आ गयी थी लास्ट वीक...चलने में तो ज़्यादा पता नही चलता पर भागते हुए दर्द सा होता है....आप तो डॉक्टर है ना, आप ही देखकर बताइए ना, कही कुछ सीरियस बात तो नही है ना...''

राजेश के चेहरे पर पसीने आ गये इस कल्पना मात्र से ही की वो उसे अपनी जाँघे छुने की इजाज़त दे रही है....
उसने होंठो पर जीभ फेराते हुए उसकी मलाईदार टाँगो को एक बार फिर से देखा, चाँदनी ने भी अपना पुट्ठा घुमाते हुए राजेश की तरफ किया और अपनी भरी हुई गांड के साथ-2 अपनी जांघे भी पूरी परोसकर उसके सामने रख दी...

राजेश सोच ही रहा था की क्या बोले उसे की तभी किचन से रजनी की आवाज़ आई

''अजी सुनते हो, ज़रा चाँदनी का चेकअप कर लेना, उसके पैरों में कुछ सूजन सी आई हुई है, आते ही बोल रही थी, मैने कहा की ईशा के पापा को आने दे तो वो चेक कर लेंगे..''

इतना कहते हुए वो किचन से बाहर भी निकल आई

और दोनो को देखते हुए बोली : "आप अभी देख लो इसे, तब तक मैं डिन्नर बना लेती हूँ...''

इतना कहते हुए वो फिर से किचन में चली गयी.

राजेश बेचारा आश्चर्य से उसे जाते हुए देखता रह गया,
क्या ये वही रजनी थी जो उसके उपर इतना पहरा लगा कर रखती थी,
अपनी पड़ोसनों से या बाहर किसी भी लड़की या औरत को देखकर अगर राजेश मज़े लेने के लिए कोई कमेंट पास कर भी देता तो उसे बड़ी चिड़न होती थी, अपनी देती नही थी, दूसरे की लेने नही देती थी, ये हाल था उसका...

पर अब...
अपनी दे भी रही थी और दूसरी की लेने में हेल्प भी कर रही थी..

उसका दिमाग़ फिर से शेफाली की आत्मा की तरफ घूमने लगा

तभी उसे चाँदनी की आवाज़ सुनाई दी

''चले अंकल....उपर...''

राजेश ने उसे देखा, वो बड़े ही सैक्सी अंदाज में अपनी नन्ही सी गोल मटोल गांड मटकाती हुई उपर बने गेस्ट रूम की तरफ चल दी.

ईशा बेंडेज लगाकर अपने रूम में बैठी टीवी देख रही थी और रजनी ने खुद ही उसे बोल दिया था की आप देख लो,मैं खाना बना रही हूँ, यानी उसका 'चेकअप' करते हुए बीच में कोई नही आएगा...

राजेश धड़कते दिल से उसके पीछे चल दिया.
ऊपर.
 
UPDATE - 6

''चले अंकल....उपर...''

राजेश ने उसे देखा, वो बड़े ही सैक्सी अंदाज में अपनी नन्ही सी गोल मटोल गांड मटकाती हुई उपर बने गेस्ट रूम की तरफ चल दी.ईशा बेंडेज लगाकर अपने रूम में बैठी टीवी देख रही थी और रजनी ने खुद ही उसे बोल दिया था की आप देख लो,मैं खाना बना रही हूँ, यानी उसका 'चेकअप' करते हुए बीच में कोई नही आएगा...

राजेश धड़कते दिल से उसके पीछे चल दिया.ऊपर.

**********
अब आगे
***********

राजेश उपर पहुँचा तो वो बेड पर बैठ चुकी थी...
राजेश ने दरवाजा बंद कर दिया और उसकी तरफ कदम बदाए.

चाँदनी : "कैसे करना पसंद करेंगे अंकल...''

राजेश : "क..क....क्या ...?''

चाँदनी (मुस्कुराते हुए) : "चेकअप....मेरी थाई का....''

इतना कहते हुए उसने एक बार फिर से अपनी सुडोल जाँघो पर हाथ रखकर उसे थोड़ा सा दबा दिया..

राजेश बेचारा अचकचाता हुआ सा इधर-उधर देखने लगा और बोला : "यहीं ....यहीं लेट जाओ...बेड पर....''

चाँदनी : "उल्टी होकर....या सीधी...''

ये कहते हुए वो मुस्कुरा भी रही थी....
उसकी आँखो में आई शरारत सॉफ देखी जा सकती थी....
राजेश समझ चुका था की वो उसके साथ मज़े ले रही है.

राजेश : "दर्द कहाँ है....आगे या पीछे....''

चाँदनी : "वो तो आप चेक करके देखो ना...मुझे तो हर जगह दर्द होता है...''

इतना कहते हुए बड़े ही नशीले अंदाज में उसने हाथ उपर करते हुए अपने मुम्मो को सहला दिया..

राजेश का लौड़ा तुनके मारने लगा ये देखकर...
फिर भी उसने अपने आप पर काबू पाते हुए उस से कहा : "उल्टी होकर लेट जाओ...लेट मी चेक..''

वो खुशी-2 बेड पर उल्टी होकर लेट गयी....
उसकी नन्ही सी गोल गांड एक कटावदार घुमाव के साथ लहराते हुए उपर नीचे हो रही थी...
राजेश उसके करीब गया और अपने हाथ आगे बढ़ाये.

उसे हाथ लगाने से पहले उसने एक बार फिर से दरवाजे की तरफ देखा

उसे बाहर की तरफ देखते हुए चाँदनी ने देखा और बोली : "डोंट वरी अंकल...रजनी आंटी उपर नही आएगी...यू केन कंटिन्यू...''

वो ऐसे बोल रही थी जैसे उसे राजेश के दिलो दिमाग़ की सारी बातें पता थी, और जिस कॉन्फिडेंस से वो रजनी के उपर ना आने की बात बोल रही थी, राजेश की हालत फिर से खराब सी होने लगी शेफाली के बारे में सोचकर..

उसने अपने काँपते हुए हाथ उसकी जाँघो पर रखे और उन्हे धीरे से दबाया..

''आआआआआआआआआअहह.....सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स........म्‍म्म्ममममममम''

एक ठंडी और मीठी सी सिसकारी निकल गयी चाँदनी के मुँह से जब राजेश ने उसे ऐसे छुआ तो...

राजेश की भी हालत खराब हो गयी इतने जवान जिस्म को छूकर...
एकदम मलाई पनीर जैसी जाँघ थी उसकी...
छूने से पनीर की तरह अंदर धँसती चली गयी उसकी त्वचा...
राजेश ने उंगलियो के साथ-2 अपनी पूरी हथेली उसकी जाँघ पर फेरा दी....
चाँदनी बेचारी पिल्लो में अपना चेहरा दबाकर ज़ोर से सिसक पड़ी.

''उम्म्म्ममममममममममममममममममममममम.........आआआआआआआअहह''

राजेश ने धीरे से पूछा : "यहाँ दर्द है क्या...''

चाँदनी : "उम्म्म.................. नही......... दर्द तो नही पर बहुत अच्छा लग रहा है आपके टच करने से .....''

राजेश मुस्कुरा दिया.....
अच्छा तो उसे भी लग रहा था ऐसे करते हुए...
उसने दूसरा हाथ भी उसकी जाँघ पर लगाया और दोनो हाथों से उसकी नर्म मुलायम जाँघ को दबाकर अच्छे से चेकअप करने लगा....
उसकी जाँघ उसके दोनो हाथो में आ भी नही रही थी.....
वो उसकी मालिश सी करने लगा अपने हाथो से.
 
जाँघ से थोड़ा उपर उसके नर्म चूतड़ भी हिचकोले खाते हुए इधर उधर हो रहे थे...
जैसे नर्म मक्खन से बने दो गुंबद उसके हाथ लगाने से डॅन्स करने लगे हो...
मन तो उसका कर रहा था उन्हे भी दबोचने का पर वो हद में रहकर ही सब कुछ करना चाहता था ताकि मर्यादा बनी रहे.

कुछ देर तक वैसे करने के बाद वो बोला : "पीछे शायद प्राब्लम नही है....तुम पलट जाओ, मैं आगे से चेक करता हूँ .....''

राजेश ने उसे बोल तो दिया पलटने के लिए पर उसका खुद का लंड उसके साथ विद्रोह कर रहा था...
उसकी पेंट में उसने हाहाकार मचा रखा था...बड़ी मुश्किल से उसने चांदनी के पलटने से पहले अपने लंड को साइड में एडजस्ट किया

चाँदनी अपने नशीले बदन को घुमाकर पलट गयी...
उसके गुलाबी चेहरे को देखकर सॉफ पता चल रहा था की उसकी हालत कितनी खराब हो रही है इस वक़्त....
उसकी साँसे तेज़ी से चल रही थी....
टी शर्ट में उसके नुकीले निप्पल सॉफ दिख रहे थे...
उसकी टी शर्ट भी थोड़ा खिसक कर उपर आ चुकी थी और उसकी धँसी हुई सैक्सी नाभि साफ़ दिखाई दे रही थी...
एकदम सपाट पेट था उसका.

और जैसे ही उसकी नज़र नीचे होते हुए उसकी चूत वाले हिस्से पर गयी, उसे वहां एक गीला धब्बा साफ दिखाई देने लगा..
यानी जब वो उल्टी होकर लेती थी तो अपनी चूत को वो बेड पर घिस भी रही थी...
और उत्तेजना वश उसकी चूत का रस निकल कर उसकी शॉर्ट्स पर आ लगा था...
राजेश समझ चुका था की लड़की गर्म है, ऐसे में वो कुछ भी करेगा तो वो बुरा नही मानेगी.

वो बुरा मानेगी या नही, ये जानने के लिए उसने इस बार हाथ सीधा उसके पेट पर रख दिया....
वो किसी नागिन की तरह मचल उठी..

''सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....आआआआआआआआआआआआआअहह...........''

आँखे बंद थी उसकी पर राजेश के स्पर्श ने उसे बेकाबू सा कर रखा था...
राजेश ने उसके शरीर से हाथ हटाए बिना अपना हाथ खिसकाते हुए नीचे करना शुरू किया...
राजेश का हाथ उसकी शॉर्ट्स के बेल्ट वाले हिस्से को छूता हुआ जैसे ही चूत पर बने उस धब्बे तक पहुँचा तो उसे अपना हाथ सुलगता हुआ सा महसूस हुआ...
अंदर से आ रही गर्म हवा उसके हाथ की उंगलियो को झुलसा सा रही थी...
गीले कपड़े से निकल रही सोंधी खुश्बू अब पूरे कमरे में फैल चुकी थी.

राजेश का हाथ वहीँ रुक सा गया और बाकी का काम चाँदनी ने खुद कर दिया...

मचलते हुए उसने अपना हाथ राजेश के हाथ पर रखकर उसे ज़ोर से दबा दिया और एक जोरदार सिसकारी मारी...

''आआआआआआआआआआआहह अंकल.................उम्म्म्ममममममममम........... यहीं हो रहा है दर्द.......बहुत ज़्यादा........''

ऐसा कहते हुए उसने अपनी आँखे खोल दी.

और उसी वक़्त जैसे राजेश को अपनी ग़लती का एहसास हुआ...
वो भला ये क्या करने जा रहा था.
अपनी बेटी की सहेली के साथ वो ऐसे कैसे कर सकता है...

चाँदनी ने जैसे उसकी आँखो मे आई इस कशमकश को पढ़ लिया

वो बोली : "प्लीज़ अंकल....चेक करो ना....ठीक से....''

राजेश : "न....नही...चाँदनी.....ये....ये ग़लत है...''

चाँदनी उठकर बैठ गयी और राजेश के दोनो हाथों को पकड़ कर अपने सीने से लगा लिया और बोली : "आप ऐसे क्यों बोल रहे हैं.....मेरी जगह अगर ईशा होती तो आप उसका भी तो चेकअप करते ना.....''

ईशा का नाम लेकर जैसे उसने आग में घी सा डाल दिया...

ये राजेश की लाइफ का वो काला सच था जो उसने आज तक किसी को नही बताया था..

उसे अपनी जवान हो रही बेटी से बहुत लगाव था और वो लगाव कब वासना में बदल गया था वो भी नही जानता था...
घर मे जवान बेटी को दिन रात अपने सामने देखना, उसके छोटे-2 कपड़ो से झाँक रही जवानी को चोरी छुपे देखकर अपनी आँखे सेंकना, उसे गले से लगाकर उसके नन्हे चुचे अपनी छाती पर महसूस करना या बेबाकी से कभी उनपर हाथ लगा देना ये उसका रोज का नियम था, कई बार जब वो लाड करते-2 उसकी बाँहों में ही सो जाती थी तो वो अपने हाथ उसकी कमर और नर्म कुल्हो पर फेरता रहता था और रजनी की नज़रें जब उसपर नही होती थी तो वो उसके होंठो को चूम भी लेता था, पर ज़्यादा ज़ोर से नही...

और आज चाँदनी ने इस मौके पर ईशा का नाम लेकर उसके अंदर अपनी बेटी के लिए दबी उन भावनाओं को और भड़का दिया था जिसके बारे में उसके सिवा किसी और को पता नही था...
और वो ईशा को हीरोइन बनाने पर भी इसी वजह से तुला हुआ था क्योंकि वो चाहता था की वो इस फील्ड में आकर खुल जाए ताकि वो उसकी निखर रही जवानी का अच्छे से मज़ा ले पाए..

चाँदनी ने उसके चेहरे पर उड़ रही हवाइयाँ देखी तो वो बोली : "मुझे भी आप ईशा ही समझो ना ....... पापा..''

'पापा' उसने इतनी मासूमियत से बोला की राजेश को एक पल के लिए लगा की उसकी खुद की बेटी ईशा उसके सामने आकर खड़ी हो गयी है..

चाँदनी ने अपने हाथ में पकड़े राजेश के हाथो को अपनी छाती पर रखकर ज़ोर से दबा दिया....
राजेश के हाथ काँप गये अपनी हथेली पर चाँदनी के निप्पल्स की चुभन महसूस करके.

चाँदनी : "आओ ना पापा......प्लीज़ मेरा चेकअप करो...''

इतना कहते हुए उसने राजेश को बेड पर बिठा दिया और खुद उसकी गोद में आकर बैठ गयी...
राजेश का एक हाथ उसकी कमर पे था और दूसरा अभी भी उसकी गोल चुचियों पर, जिन्हे वो होल-2 दबाने लग गया था..
 
अब उसे अपनी गोद मे बैठी चाँदनी नही बल्कि खुद की बेटी ईशा दिखाई दे रही थी जो उसकी बाहो में आकर खुद ही सब कुछ करने को तैयार थी.
चाँदनी उसे देखकर मुस्कुराए जा रही थी...
उसने अपनी बाहें राजेश के गले में डाल दी और उसके गालो पर किस्स करते हुए बोली : "आप इतना घबरा क्यों रहे हो पापा....आप अच्छे से चेकअप करो ना...मुझे कोई इश्यू नही है...''
ये कहकर वो राजेश को अपनी तरफ से पूरी छूट दे रही थी....
राजेश का दिमाग़ एक बार फिर से शेफाली के भूत की तरफ घूम गया, भला ऐसे कौन लड़की खुद ही किसी अंजान मर्द की गोद में आकर बैठ जाती है...
पर अंदर ही अंदर उसे ये भी लग रहा था की शायद उसकी पर्सनॅलिटी को देखकर ये जवान लड़की उसे अपना दिल दे बैठी है....
ऐसी उम्र में अक्सर होता है ये, अपनी सहेली हे स्मार्ट पापा को देखकर कई लड़कियों का दिल फिसल जाता है.
पर शायद ये राजेश का अपने दिल को बहलाने का बहाना था, क्योंकि अंदर से उसे यही लग रहा था की इसपर शेफाली के साए ने पूरी तरह से क़ब्ज़ा कर लिया है..
पर जो भी था, उसे इस मौके का अच्छे से फायदा उठा लेना चाहिए था...
वो उसके मोठे मुम्मो को दबाता हुआ उसके मासूम से चेहरे को देखने लगा...और बोला : "यहाँ भी दर्द है क्या....''
उसने हां में सिर हिलाया....और बोली : "सबसे ज़्यादा.''
राजेश : "तो एक काम करो....सारे कपड़े उतारो...मैं देखकर ही बता पाउँगा की क्या तकलीफ़ है....''चाँदनी ने अपने होंठ दांतो तले दबा लिए और सैक्सी हँसी हंसते हुए बोली : "ओ के डॉक्टर....''
और फिर वो उछलकर खड़ी हो गयी....
एक ही पल में उसने अपनी टी शर्ट और शॉर्ट्स निकाल फेंकी...
अब वो उसके सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी थी..
राजेश को अभी तक अपनी किस्मत पर विश्वास नही हो रहा था,
जो लड़की उसे अभी 1 घंटा पहले ही मिली थी, वो उसके कहने पर एक ही बार में अपने कपड़े उतारकर नंगी होने जा रही थी उसके सामने.
वो सामने खड़ी थी और उसने अपनी कमर मटकाते हुए अपनी पेंटी नीचे कर दी... एकदम सफाचत चूत थी उसकी...
राजेश को देखकर वो अभी तक मुस्कुराये जा रही थी.
राजेश के हाथ सीधे अपने लंड पर आ गये और वो पेंट के उपर से ही उन्हे मसलने लगा...चाँदनी ने राजेश को देखते हुए अपनी ब्रा के हुक भी खोले और उसे भी उतार कर फेंक दिया...
इस बार शायद उसे थोड़ी शर्म आ रही थी, इसलिए उसने अपनी नन्ही चुचियाँ राजेश की आँखो के सामने आने से पहले ही उन्हे हाथो से छुपा लिया...पर इस वक़्त वो पूरी नंगी होकर खड़ी थी उसके सामने...
उसकी सैक्सी कमर और नंगी गांड राजेश की आँखों के सामने थी, वो जान बूझकर दूसरी तरफ मुंह करके अपने मुम्मो को राजेश से छुपा रही थी, पता नहीं वो शरमा रही थी या उसे टीज़ कर रही थी उफफफफ्फ़.....
ये जवान लड़कियो का बदन कितना नशीला होता है...
एकदम पतला और छरहरा..
ज़रा भी एक्सट्रा माँस नही....
राजेश से अपनी चूचियां छुपाने के चक्कर में वो दूसरी तरफ घूम गयी, पर चुचियों से भी ज़्यादा सैक्सी अपनी नन्ही गांड उसके सामने नंगी करके परोस दी.राजेश का दिल धड़कना ही भूल गया उसके मस्त चूतड़ देखकर...
वो बड़े ही सैक्सी ढंग से अपने बदन को छुपा भी रही थी और दिखा भी रही थी... चाँदनी ने उसे अपने हाथ से लंड मसलते हुए देखा तो बोली : "अरे ...आप क्योँ तकलीफ़ करते हो पापा....मैं हूँ ना....''
इतना कहते हुए वो नंगी ही चलती हुई उसके सामने आकर बैठ गयी...
तब जाकर राजेश ने उसके मुम्मों का चेहरा देखा...
एकदम गोल मटोल से थे वो...
कड़क निप्पल, बाहर की तरफ निकले हुए.
राजेश ने हाथ आगे करते हुए उन्हे होले से दबा दिया....
वो सिसक उठी , राजेश थोड़ा नीचे झुका और और धीरे- 2 अपने होंठ उसकी तरफ बढ़ाने लगा...
चाँदनी की आँखे खुद ब खुद बंद होती चली गयी और राजेश ने अपने होंठ उसके होंठो पर रखकर उन्हे चूसना शुरू कर दिया...
'उम्म्म्ममममममममममममममममम....पुचहssssss .........''
चाँदनी ने अपने होंठो की मदिरा पिलाते -2 उसके लंड को पेंट से बाहर निकाल लिया....
उफ़फ्फ़....
क्या साइज़ था, उसकी आँखे फटने को हो गई राजेश के कड़क मोटे लंड को देखकर..
और उसे नीचे से चाटती हुई ऊपर तक आयी, फिर उसने अपना मुँह खोला और धीरे-2 करके उसके पूरे लंड को वो अपने मुँह में निगल गयी.....
राजेश ने सीसियाते हुए उसके सिर को पकड़कर अपने लंड पर पूरा दबा दिया और बचा खुचा लंड भी उसके गले मे उतार कर ज़ोर से चिल्ला उठा : "आआआआआआआ......... मेरी बच्चीsssssssss .........ईशाsssssss .........चूस इसे........''
 
फिर तो जैसे सच में चाँदनी में कोई भूत सवार हो गया...
वो अपने करामाती मुँह से राजेश के लंड को बड़ी ही कुशलता के साथ चूसने लगी.

कुछ देर तक उसे चूसने के बाद चांदनी ने सांस लेने के लिए उसे थोड़ी देर के लिए बाहर निकाला, पर उस वक़्त को भी उसने बेकार नहीं जाने दिया, राजेश को एक के बाद दूसरे मजे देने के लिए उसने लंड को अपनी नन्ही चूचियों के बीच फंसाया और अपने हाथो से उसे दबा कर राजेश को टिट फकिंग का मजा देने लगी

ये शायद राजेश की लाइफ का सबसे हसीन पल था , इतनी खातिरदारी तो उसे और उसके लंड को आज तक नहीं मिली थी

राजेश जो काफ़ी देर से अपने लंड को संभाल कर बैठा था, 5 मिनट में ही झड़ने लगा...

''आआआअहह ओह उम्म्म्मममममममम मैं तो गया.......''

चाँदनी ने उसके लंड को अपनी तरफ घुमाकर अपने पूरे चेहरे पर उसकी बौछारें करवा ली...
उसका चेहरा देखते ही बनता था,
राजेश के सफेद रस ने उसके चेहरे को अच्छी तरह से पोत कर रख दिया था..

वो गहरी साँसे लेता हुआ वहीं बिस्तर पर ढेर हो गया....

तभी नीचे से रजनी की आवाज़ आई : "अजी सुनते हो....डिन्नर तैयार हो गया है....आप लोग नीचे आ जाओ...''

राजेश हड़बड़ा कर उठ बैठा....
चाँदनी ने मुस्कुराते हुए अपने चेहरे पर लगी मलाई को उंगलियो से इकठ्ठा करके चाटनी शुरू कर दी और बोली : "आप जाओ नीचे, खाना खा लो, मेरा तो हो गया डिन्नर...''

राजेश अवाक सा होकर उसके इस रूप को देखता रह गया...
और सोचने लगा की काश ईशा भी एक दिन उसके साथ ऐसा ही करे.

खैर,
वो जल्दी से उठा, अपनी पेंट और हुलिया ठीक किया और नीचे चल दिया...

और पता नही क्यूँ , उसका लंड अभी तक बैठने का नाम नही ले रहा था.
 
अपडेट - 7
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चाँदनी ने मुस्कुराते हुए अपने चेहरे पर लगी मलाई को उंगलियो से इकठ्ठा करके चाटनी शुरू कर दी और बोली : "आप जाओ नीचे, खाना खा लो, मेरा तो हो गया डिन्नर...''

राजेश अवाक सा होकर उसके इस रूप को देखता रह गया...और सोचने लगा की काश ईशा भी एक दिन उसके साथ ऐसा ही करे.खैर, वो जल्दी से उठा, अपनी पेंट और हुलिया ठीक किया और नीचे चल दिया...और पता नही क्यूँ , उसका लंड अभी तक बैठने का नाम नही ले रहा था.

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अब आगे
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नीचे पहुँचकर राजेश ने देखा की डिन्नर लग चुका है,
वो टेबल पर बैठ गया, ईशा को चलने में तकलीफ़ थी, इसलिए उसका डिन्नर प्लेट में लगाकर उस तक पहुँचा दिया था रजनी ने.

रजनी : "क्या हुआ...चाँदनी नही आई..?"

राजेश (हड़बड़ाते हुए) : "वो...वो.....कह रही है की भूख नही है...''

रजनी उसके करीब आई और नीचे झुकते हुए उसने राजेश के कड़क लंड को पकड़कर धीरे से सहला दिया और बोली : "ऐसा क्या खिला दिया उसे जो उसकी भूख मिट गयी...कहीं मेरे हिस्से की क्रीम तो नही खिला दी...''

उसकी बेबाकी पर राजेश हैरान सा होकर उसे देखता रह गया और वो खिलखिलाकर हँसती हुई सी वहाँ से निकलकर किचन में भाग गयी

ये रजनी का एकदम नया रूप था...
कहाँ तो वो किसी और लड़की या औरत के नाम से भी चिढ़ जाती थी और अब खुद ही उसकी बेटी की उम्र की लड़की का नाम लेकर इतना भद्दा मज़ाक कर रही है, जैसे इस बात से उसे कोई फ़र्क ही नही पड़ता...

वैसे रजनी ने अंदाज़ा तो एकदम सटीक लगाया था ,
राजेश उसके हिस्से की क्रीम ही तो खिला कर आ रहा था चाँदनी को,
जिसे खाकर उसकी भूख मिट चुकी थी.

कुछ देर बाद रजनी भी आ गयी और दोनो ने मिलकर डिन्नर किया..

राजेश एकदम चुप था, शायद उसे अभी तक अपनी किस्मत पर विश्वास ही नही हो रहा था..
एक जवान लड़की के हुस्न का दीदार करना और उसके मज़े लेना इस उम्र में इतना आसान नही होता...
पर जितने आराम से उसे आज ये सुख मिला था वो उसकी समझ से परे था...
एक के बाद एक किस्से होते जा रहे थे उसकी लाइफ में, जब से वो शेफाली वाला नैकलेस सेट लाया था वो,
उस नैकलेस के बारे में सोचते ही उसका दिमाग़ फिर से उसी बात की गवाही देने लगा की हो ना हो उसी का हाथ है उसकी लाइफ में आए इन सुखद हादसों में.

खाना खाकर वो बाहर बने पार्क में कुछ देर टहलने निकल गया और रजनी किचन समेटने लगी.

पार्क में जाकर राजेश ने शुरू से लेकर आज तक के सारे किस्से जोड़े,
उसका दिल तो पहले ही इस बात को मान चुका था,
आज दिमाग़ भी मानने पर मजबूर हो गया की शेफाली के नैकलेस का ही कमाल है ये.

और ये सब बाते सोचते हुए उसने ये भी नोट किया की अगर सच में ये भूत-प्रेत का असर है तो जो भी हो रहा है उसके अच्छे के लिए ही तो हो रहा है...
यानी उसे सैक्स का मज़ा मिल रहा है.
और इसमें उसे कोई बुराई नही दिखी और ना ही इस बात से या किसी और बात से उसे कोई नुकसान हुआ था अभी तक.

और जहाँ नुकसान ना हो, फायदा भी मिले और वो भी सैक्स के रूप में तो इसमें डरने जैसी तो कोई बात ही नही हो सकती..

पर शेफाली की आत्मा उसके उपर ही इतनी मेहरबान क्यों है,
ये सोचते हुए उसने अपना सिर खुजलाना शुरू कर दिया...
क्योंकि उसकी तरह तो शेफाली के लाखों -करोड़ों प्रशंसक होंगे जो शेफाली के बारे में सोचकर मुट्ठ मारा करते थे..
फिर ये ख़ास मेहरबानी उसी पर क्यों कर रही है शेफाली की आत्मा.

फिर उसे अपने एक सहायक डॉक्टर विकास की बात याद आई..
एक बार जब वो विकास के साथ मिलकर एक बॉडी का पोस्टमार्टम कर रहा था तो उसने कहा था की मरने के बाद आत्मा काफ़ी देर तक शरीर के आस पास रहती है...
ये देखने के लिए की कौन-2 उसे मरा हुआ देखकर दुखी है, कौन कैसी बातें बना रहा है, कौन खुश है, कौन हंस रहा है...वगेरह वागेहर...

और उसने ये भी कहा था की उस वक़्त उस शख्स की आत्मा भी वहीं मौजूद है जिसका वो दोनो पोस्टमॉर्टम कर रहे थे......
उस वक़्त तो राजेश ने विकास की बातो को मज़ाक में उड़ा दिया था पर आज उसे वो सब सही लग रहा था...
क्योंकि शेफाली जब मरी थी तो उसके आस पास कोई नही था...
उसके रिश्तेदार बरसों पहले उसकी अय्याश लाइफ की वजह से उसका साथ छोड़ चुके थे, और जब वो मरी तो उसके पास रोने वाला भी कोई नही था...
और राजेश को अच्छी तरह से याद है की उसकी बॉडी को देखकर उसका खुद का रोना निकल गया था और भावेश में बहकर उसने उसका माथा भी चूम लिया था...
और शायद शेफाली की आत्मा उसी से खुश होकर उसपर ये मेहरबानियां कर रही थी..

हालाँकि भूत का असर था उसकी लाइफ में पर अच्छे वाला... जो उस नेकलेस के थ्रू उसे पहनने वाले के जिस्म को राजेश की इच्छाओं और इमैजिनेशन को पूरा करवाती थी , और एक बार नैकलेस को पहनने के बाद वो इंसान उसे अगर उतार भी दे तो उसका असर बना ही रहता था, जैसे रजनी पर अभी तक बना हुआ था और अब चांदनी पर भी उसका असर पड़ चुका था.

उसने एक गहरी साँस ली और उपर देखते हुए धीरे से बुदबुदाया "थेंक्स शेफाली...थॅंक्स फॉर एवरीथिंग ..''

और उसी वक़्त उसे एहसास हुआ जैसे एक ठंडी हवा का झोंका उसके चेहरे को छूकर निकल गया...
यानी उसका अंदाज़ा सही था.
शेफाली उसके आस पास ही थी.

राजेश ने उसी वक़्त अपने दिलो दिमाग़ का डर निकाल फेंका और सोच लिया की जब ये मेहरबानी उसपर हो ही रही है तो उसे अच्छे से एंजाय करना चाहिए...
क्योंकि इस वक़्त उसे इन सबके पीछे अपनी बेटी ईशा की जवानी को हासिल करने का तरीका नज़र आने लगा था, जिसके बारे में सोचकर उसका लंड हमेशा कड़क रहता था
 
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