मेरा नाम राहुल मिश्रा है ...इस वक़्त मेरा उमर 23 साल का है .. मेरा अभि अभी 6 महीने पेहेले सादी हो चुका है..
में प्रेम बिबाह किया.. निधि त्रिपाठी अब मेरी धरम पत्नी निधि मिश्रा बन चुकी.. इस वक़्त निधि की उमर 19 साल चल रही है..
निधि मेरी सगी मौसी पदमिनि त्रिपाठी की एक लौटी बेटी.. सिर्फ एक छोटी सी गलती से हम दोनों की प्रेम लीला हमारे बुजुर्ग के सामने आ गेया..
निधि की बिस्तर के नीचे कुछ प्रेम पत्र (निधि ओर मेरा) मेरी माँ रुक्मिणी ओर मौशी पदमिनि के हाथ लग चुका था..
हम दोनों के माँ ने जब हम दोनों के प्यार का love लेटर पढ़े तब दोनो खुस होकर हम दोनों का सादी कर दिए..
पदमिनि मौशी की सिर्फ एक बेटी थी.. ओर मेरी माँ की हम दोनों भाई बेहेन थे..
मेरी बड़ी बेहेन राधिका पिछले 7 साल से शादी करके आपनी ससुराल पर रहती है..
राधिका दिदि के पति अशोक जीजा जी दुबई में एक अच्छे जब के अधिकारों थे..
अशोक जीजू हर साल 2 बार छूटी बिताने केलिए इंडिया आते थे..
अशोक जीजू के आछे नौकरी के वज़ा से पापा ने अशोक जीजू के साथ राधिका दिदि की शादी करवा दिए..
राधिका दिदि से अशोक जीजू उमर में पूरे 10 साल बड़े थे .
इस वक़्त राधिका दिदि 25 साल की थी.. पिछले 7 साल से राधिका दिदि सादी करके भी राधिका दिदि अभी तक माँ नहीं बन पा रही थी..
पता नहीं क्यों ? पर मुझे लगता है इस 10 साल की लम्बे उमर का फैसला.. उपर से अशोक जीजू जब घर आते है तब सिर्फ 7/8 दिन के छूटी के वाज़ा से राधिका दिदि माँ नहीं बन पा रही थी..
ये मेरा पर्सनल सोच था.. पर हक़ीक़त मुझे नहीं पता.. राधिका दिदि की इस हालत का ज़िमेदारी माँ हमेसा पापा को बोलती थी..
पर जब मेरा सादी हो गेया तब घर पर फिर से खुसी आने लगी..अब राधिका दिदि को लेकर माँ और पापा के बीच घर पर झगड़ा बन्द हो चुकी थी..
पर जब राधिका दिदि आपनी ससुराल से कभी कभार हमारे पास आती थी .तब पापा ओर माँ के बीच फिर से झगड़ा सुरु हो जाती थी..
निधि ओर मेरे सेक्स लाइफ काफी ज़ोरदार से होने लगी.. पर पिछले 6 महीने से निधि एक बार भी गर्भवती नहीं हुई थी .
अब आहिस्ता आहिस्ता घर पर सभी के मन मे डर पैदा होने लगा था..कहीं हम दोनों भाई बेहेन के वाज़ा से अशोक जीजू ओर निधि की ज़िंदगी बर्बाद तो नहीं ही गेई ?
पर सचाई कुछ और था.. फिलहाल निधि गर्भवती होने नहीं चाहती थी.. इशिलिये निधि आपनीं सुरख्या खुद करती थी..
मतलब निधि गर्भनिरोधक गोली खा रही थी.. एक दिन राधिका दिदि ने निधि को गर्भनिरोधक गोली खाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया..
राधिका दिदि को निधि ने खड़े खड़े चूतिया बना दिया.
निधि - दिदि ..अचुअली राहुल भैया..
तब राधिका ने हस कर निधि की गाल पर हल्की सी थापड़ मार कर - बेसरम लड़की.. राहुल अब तेरा पति है ..
निधि हस कर - सॉरी दिदि.. बचपन से आदत जो पड़ चुकी है..
राधिका हस कर - हाँ बोल..तू कुछ बोलने वाली थी ?
निधि - राहुल भैया.. ओ सॉरी.. राहुल जी हर महीने मेरी मासिक पीरियड रुकवा देते है.. पर मुझे अभी कोई बचा नहीं चाइए.. इशिलिये में किसी को बिना बताए ये दबाई खा रही थी..
फिर राधिका आपने ससुराल चली गेई.. राधिका दिदि की ससुराल लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर थी ..
कुछ महीने बाद अचानक राधिका दिदि ओर उसकी सासु माँ घर पर आ गेई.. तब पता चला कि अशोक जीजू 2 महीने के बाद इंडिया आने वाले है..
कुछ पुरानी बुजुर्ग महिला के बात पर राधिका दिदि को उसकी सासूमाँ हमारे घर पर छोड़ कर चली गेई थी..
बुजुर्ग महिलाओ के मानना है ..*** मंदिर पर एक पूजा करने से राधिका दिदि की बांझ का साया हट जाएगी..
ओर संजोग से वही मंदिर हमारे गांव में था.. रोज़ एक महीने तक सुबह सुबह मंदिर जा कर पूजा करने से राधिका दिदि माँ बन जाएगी..
ये बात कुछ बूढ़ी पुराने औरत का दाबा थी.. राधिका दिदि की सासूमाँ के आगे मेरी माँ भीगी बिल्ली थी.. आखिरकार जमाई बाबू की माँ जो थी ..
राधिका दिदि ओर निधि के बीच काफी जमती थी.. ओर तो ओर निधि ओर राधिका दिदि की सकल 19/20 मिलती है ..
जब से राधिका दिदि घर पर आई है तब से निधि मेरे हाथ नहीं आती थी..
क्यों कि राधिका दिदि ने आते ही निधि की गर्भनिरोधक गोली को फेंक कर निधि को बुरा भला बोल चुकी थी..
निधि के पास गर्भनिरोधक गोली नहीं थी.. इशिलिये निधि मुझसे चुदाई ना करने केलिए दूर भाग रही थी..
निधि जान बूझकर सारा दिन माँ और दिदि के साथ रहती थी.. ओर रात को राधिका दिदि को बुला कर मेरे बेडरूम पर सुला देती थी..
राधिका दिदि मेरे बिस्तर पर मेरे जगह सोने से.. मुझे मजबूरन हल में सोना पड़ा..
इस तरह 4/5 दिन गुज़र गेया.. भला में कैसे मेरे लन्ड को सांत करूँ ? मुठ मार कर आपने सेहद की खराब करना मेरे मन मे नहीं था .
अब में आप सभी को मेरे लन्ड के बारे में बतादूँ.. मेरा लन्ड 9 इंच का लम्बा है.. ओर मोटाई तो पूछो मत..
मेरा भयंकर लन्ड का ताकत सिर्फ निधि की चुत बता सकती है..पेहेले 15 दिन तक निधि ठीक से चल नहीं पाई.. पर निधि की चुत को दिन रात चोद चोद कर में निधि को पूरा औरत बनाने के बाद निधि ठीक ठाक से चलने फिरने लगी..
अचानक चुदाई बन्द होने से में निधि को उपर गुसा हो कर निधि से बात चीत करना बंद करदीआ..
मेरा इस बरताप से निधि की अंदर आत्मा को ठेस पहोंची.. निधि उसकी गलती मान लो..
दूसरे दिन हम सब हमारे गांव के मंदिर में गए थे.. दिदि की नाम से पूजा पाठ होने लगा.
दिदि की पेर भारी होने केलिए माँ और दिदि.. दोनो मंदिर के आगे गिड़गिड़ाने लगे..
माँ और दिदि की दर्द भरी आवाज़ से निधि की अंदर आत्मा हिल चुकी थी..
निधि मेरे पास खड़ी हो कर मंदिर में बैठे भगवान को - मुझे माफ़ करदो भगवान.. में नादान हूँ.. जवानी की सुख को बरकरार रखने केलिए में गर्भनिरोधक गोली खा रही थी..अब मेरी आँख खुल चुकी है प्रभु.. आज के बाद में कभी पाप नहीं करूंगी..
में - आपने पति से दूर रह कर पुण्य करना कोई तुमसे सीखे..
तब निधि हस कर मेरे कमर पर चिमटी काटकर - आज से आपको बराबर प्यार मिलेगा..
तब पुजारी जी ने राधिका दिदि को प्रसाद दिया..
पुजारी - चिंता मत कर पुत्री..इस मंदिर से कोई खाली हात नहीं लौटी.. मुझे पूरा बिस्वास है.. तेरी कोख अबस्य पूरी होगी..
गांव वालों को दिदि की गौद भरने केलिए मंदिर में बड़ा सा भोजन देकर फिर हम सब घर वापस आ गए..
दिन के थकावट से हम सब थक चुके थे.. पर साला मेरा लन्ड सक्तिमान की तरह नाधि की चुत को फाड़ने केलिए तयार था..
मेरा भूका चेहेरे को देख कर निधि खुद ब खुद मुझसे चुदवाने केलिए मेरे पास आई..
जब हम हमारे कमरे पर गए तब राधिका दिदि मेरे जगह मेरे बिस्तर पर सो चुकी थी..
राधिका दिदि को देख कर मेरा दिमाग फटने लगा.. में गुसे से कमरे से बाहर निकल गेया..
निधि मुज़रिम की तरह मेरे पीछे पीछे भगति हुई मुझसे माफी मांगने लगी.. पर बिचारि निधि की क्या गलती है....
में गुसे से - निधि तू जा..
निधि मेरे चेहेरे को चूमते हुए - नाराज़ हो ?
में दुखी मन से - निधि पूरे 7 दिन से मेरा लन्ड का नस फट जा राहा है..
निधि - कुछ देर के बाद में आपके पास आती हूँ.. हम इस हल में प्यार करेंगे..
में - पागल है क्या ? इस खुले हल में ? माँ और पापा आ जाएंगे तो इज़्ज़त का कचरा हो जाएगा..
निधि भी गुसे से - आप हमारे कमरे पर चलिए ..
में दर्द भरे आवाज़ में - अंदर दिदि सोई है .
निधि थोड़ा सोच कर - में पास वाली सोफे के उपर सो जाती हूँ.. आज हम सोफे के उपर सेक्स करेंगे ..
में - अगर दिदि उठ गेई तो ?
निधि - कमरे में अंधेरा है.. हम बिना आवाज़ किये सेक्स करेंगे.. वेसे में आपकी पत्नी हूँ.. अगर दिदि उठ भी जाएगी तो सरम से भाग जाएगी ..ओर काल से हमारे कमरे पर पैर नहीं रखेगी..
में भी कुछ सोच कर- ठीक है ...में एक घंटे के बाद आता हूँ..
फिर निधि चली गेई.. निधि जाकर सीधा राधिका दिदि के बगल में बिस्तर पर सो कर गुसे से राधिका दिदि की हरकत को सोच कर दुखी मन से थोड़ा लेट गेई..
कुछ ही देर में निधि को नींद आ गेई.. दिन भर की अचानक कामकाज से निधि वही राधिका दिदि की बगल में सो गेई..
राधिका अचानक उठ कर टॉयलेट के अंदर जा कर पिसाब करके नींद में वही सोफे के उपर सो गेई..
कुछ देर के बाद में यानी राहुल दबे पेर कमरे के अंदर घुस गेया..
कमरे में फूल अंधेरा था.. राहुल बिना सोचे समझे सीधा सोफे के उपर जाकर राधिका दिदि के बगल में बैठ गेया..
राधिका ओर निधि की एक खराब आदत थी ..दोनो रात को बिना चडी में सोते थे..
राहुल सीधा हाथ को लेकर राधिका दिदि की झांटो भरी चुत के उपर रख दिया..
राधिका नींद में सोई थी.. लेकिन राहुल निधि समझ कर राधिका दिदि की चुत को सहला राहा था...
कुछ देर के बाद राहुल आपने चेहेरे को राधिका दिदि की चुत के पास ले गेया..
निधि की चुत की खुशबू ओर राधिका की चुत की खुसबू के बीच अलग टाइप की मेहेक थी..
पर राहुल समझने लगा..सायद बिना चुदाई से निधि की चुत की खुशबू बदल गेई होगी..
बार बार राधिका दिदि की चुत की खुशबू से राहुल का लन्ड बिकराल रूप लेने लगा..
राहुल बिना सोचे समझे एक उंगली राधिका दिदि की चुत के अंदर घूसा दिया..
जैसे ही उंगली राधिका दिदि की चुत के अंदर दाखिल हुआ.. वेसे ही राधिका दिदि की नींद खुल गेई.. पर राधिका कुछ समझ नहीं पाई..
राधिका दिदि अभी अभी सुबह वालो मंदिर के घटना को सपनो में देख रही थी..
मंदिर का वो पुजारी राधिका को गर्भवती होना का आश्रीबाद दे रहे थे.. तभी अचानक राधिका की नींद खुल गेई .
राधिका आधी नींद ओर आधी होस में सोचने लगी.. सायद ये मंदिर के आश्रीबाद से हो राहा है.. सायद भगवान मुझे माँ बनाने केलिए आधी रात में मेरे पास देवदूत को भेजे है..
इधर राहुल राधिका दिदि की कसि हुई चुत को महसूस करके आपने मन मे - 5/6 दिन चुदाई क्या बन्द करदी.. चुत तो कुवारों लड़की की तरह टाइट हो गेई..
इतना सोच कर राहुल फाटक से राधिका दिदि की चुत को भूके बचे की तरह चूमने लगा..
राधिका कभी भी आपनीं चुत को अशोक त्रिबेदि से नहीं चुसवाई थी ..
लन्ड चूसना या चुत चाटना अशोक त्रिबेदि को पसंद नहीं था . राधिका को भी ये सब गंदा लग रही थी..
पर आज रात के अंधेरे में राहुल ने जो चुत चुसाई कर राहा था.. इस चुत चुसाई से राधिका की दिमाग के अंदर सारे नस फटने को तयार हो चुके थे..
राधिका स्वर्ग में उड़ रही थी.. राधिका आपने मन मे राहुल को भगबान के भेजे हुए देव दूत समझ रही थी..
राधिका सेक्स के नशे में अंधी हो कर फाटक से राहुल का 9 इंच का लन्ड को मुठी में भर कर.. हैरान ओर परेसान से सोच रही थी..
राधिका आपनीं मन मे - इतना बड़ा लन्ड इस दुनिया मे किसी इंसान का नहीं हो सकता..इस लन्ड के सामने मेरे पति अशोक त्रिबेदि के लन्ड तो छोटा चूहा है.. ये ज़रूर देव लोक का सिद्ध पुरुष है..
एहि सोच कर राधिका भी राहुल के लन्ड को आपने मुँह के अंदर भर कर चूसने लगी..
निधि की लन्ड चुसाई सबसे अच्छी थी.. पर आज निधि ऐसे लन्ड क्यों चूस रही है.. एहि सोच कर राहुल राधिका दिदि के मुँह से लन्ड निकल कर..लन्ड को सीधा राधिका दिदि की चुत के दोनो ढकन के बीच रख दिया..
राधिका कुछ समझ पति.. उस से पेहेले लन्ड राधिका दिदि की चुत को फाड़ कर 4 इंच तक घुस चुका था....
राधिका को थोड़ा दर्द हुई.. सायद राधिका की चुत की गहराई इतनी थी..
राधिका देवदूत समझ कर आपनीं दर्द को झेलने की कोसिस करने लगी..
राहुल भी समझने लगा..5/6 दिन चुदाई बन्द होने से निधि की चुत आपने आप टाइट हो गेई..
राहुल बिना समय गबाये दूसरा झटका फिर तीसरा प्रहार ओर अंत मे सोफे के ऊपरी हिसा को पकड़ कर करारा धके से लन्ड को पूरा जड़ तक घूसा दिया..
जैसे ही राहुल का मोटा सुपाड़ा राधिका दिदि की बच्चेदानी के अंदर घूसा.. वेसे ही राधिका की आंख ज़रूरत से ज्यादा चौड़ी हो गेई..
राधिका की सांस कुछ सेकंड केलिए रुक चुकी थी.. राहुल भी निधि समझ कर राधिका दिदि की दोनो चूची को आपने मुँह के अंदर घूसा कर.. राधिका दिदि की 25 साल की चिकनी मुलायम चूची के रस को निचोड़ने लगा..
राहुल बिना रुके निधि समझ कर राधिका दिदि को ज़मीन के उपर सुला कर चुदाई सुरु कर दिया..
कुछ 5 मिनट तक राहुल का खतरनाक लन्ड को राधिका दिदि बड़ी मुश्किल से झेलने लगी .
पर कुछ ही समय के बाद राधिका को भी ज़रूरत से ज्यादा मज़ा आने लगी..
उस रात के अंधेरे में राहुल ने राधिका दिदि को निधि समझ कर चुदाई करता राहा.. इस बीच राधिका 2 बार झड़ चुकी थी .
फिर राहुल निधि समझ कर राधिका की दोनो पेर को आपने कंधे के ऊपर चढ़ा कर फिर से सोफे के उपर सुला कर खतरनाक प्रहार देने लगा..
5/6 दिन से राहुल का लन्ड पानी नहीं छोड़ा था.. कुछ देर के बाद राहुल राधिका दिदि को आपने ओर खींच कर आपने मोटे सुपडे को बच्चेदानी की अंदरूनी किनारे में घूसा कर लम्बे लम्बे पिचकारी छोड़ने लगा...
एक के बाद एक लंबे पिचकारी से राधिका दिदि की 25 साल की बच्चेदानी की मटकी.. राहुल के सफेद दही से भरने लगी..
आखिर बून्द तक बिज़्ज़ छोड़ने के बाद राहुल आहिस्ते आहिस्ते राधिका दिदि की दोनो पेर को आपने कंधे से उतार कर सोफे के उपर रख दिया..
राहुल का खतरनाक लन्ड अब सिकुड़ कर आहिस्ता आहिस्ता बाहर निकल गेया..
जैसे ही राहुल जाने को खड़ा हुआ.. वेसे ही राधिका ने राहुल को देवदूत समझ कर आपनीं हाथो से राहुल के हाथ को पकड़ कर रोक लिया..
राहुल हस्ते हस्ते रुक गेया.. उसी रात राहुल ने पूरे 3 बार राधिका दिदि की बच्चेदानी के अंदर आपना मर्दाना रस को छोड़ कर हल में आकर सो गेया..
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सुबह सुबह निधि ने घर काम काज में जुट गेई.. राहुल की माँ रुक्मिणी देवी ने सबसे पहले राधिका को उठा कर चली गेई..
पर राधिका बिस्तर पर काल रात की घमासान चुदाई के बारे में सोच कर बिस्तर पर आंख बंद करके सोच रही थी..
राधिका को 100 यकीन हो चुकी थी कि काल रात को स्वर्ग लोक से देवदूत आकर उसे चोद चुका है..
राधिका की दिमाग पर वो खतरनाक लन्ड अभी भी घूम राहा था..
राधिका पिछले 7 साल से शादी कर के अशोक का लन्ड से मर्दाना रस को आपनीं बच्चेदानी के अंदर भर चुकी थी..
पर काल रात को जो गरम गरम मर्द का बिज़्ज़ राधिका की बच्चेदानी के अंदर गिरा था..वो बिज़्ज़ कुछ अलग था..
एहि सोच कर राधिका खुसी से झूम रही थी.. उसे क्या पता था कि उसका छोटा भाई राहुल ने आपनीं पत्नी निधि समझ कर उसे मर्द रस दिया था..
कुछ देर के बाद रुक्मिणी माँ ने राहुल को हल से उठा दिया.. राहुल उठ कर सीधा बिर्थरूम में घुस गेया..
निधि उसकी माँ रुक्मिणी के साथ किचन रूम में थी..कालरात की सुक्रिया देने केलिए जब राहुल निधि के पास गेया.. तब आपनीं माँ के पास में देख कर राहुल बाहर आकर फिर से हल में आ गेया..
इधर राधिका एक जोरदार अंगड़ाई लेकर बिर्थरूम के अंदर घुस गेई .
राधिका जैसे ही आपनीं चुत को देखी तब राधिका सरम से पानी पानी हो गेई..
राधिका की चुत की दोनो ढकन अभी भी खुले पड़े थे..राधिका की गोरी चूची टमाटर जैसी लाल दिख रही थी..
3 बार एक गबरु मर्द से चुदवाना कोई मामूली बात नहीं थी.. राधिका खुसी से आपनीं उंगली से कुछ गिनती करने लगी..
फिर राधिका आपने आपसे - अशोक जी 2 माहीने के बाद आने वाले है.. अगर मेरे निशाना सही राहा तो ..आशिक जी आने से पेहेले म 2 महीने पेट लेकर ससुराल चली जाउंगी.. फिर आशिक जी 6/7 रुक कर चले जायेंगे..
इस तरह राधिका आने वाले समय को सोच सोच कर बाहर निकली..
राधिका आपनीं कपड़े पेहेन कर हल में राहुल के बगल में बैठ गेई..
आज राधिका सजधज कर खुब मेकअप होकर तयार थी.. राधिका दिदि को खुस देकर राहुल भी हस कर आपनीं दिदि से बातचीत करने लगा..
फिर कुछ देर के बाद राहुल ने आपनीं माँ और दिदि को लेकर मंदिर के पास चला गेया..
राहुल नीचे से अगरबती लेने चला गेया.. ठीक उसी वक़्त राधिका ने काल की अदभूद हादसे के. आपनीं माँ के साथ बांटने लगी..
राधिका की चेहेरे पर चमक देख कर रुक्मिणी माँ की आसूं खुसी से छलकने लगी..
दोनो माँ बेटी बचपन से सहेली की तरह बातचीत करते थे..
कुछ देर के बाद राहुल मंदिर के अंदर घुस कर ..बाकी पूजा पाठ की तैयारी करने लगा...
फिर सब खुसी खुसी घर आये.. घर आते ही राधिका खुसी से छत के उपर आपने पति देव अशोक से बातचीत करने मोबाइल लेकर चली गेई..
रुक्मिणी देवी भी आपनीं बोहु की हाथ बटाने केलिए किचन रूम में घुस गेई..
राहुल आपनीं धरम पत्नी निधि से काल रात की घमासान चुदाई का चर्चा नहीं किया था..
निधि के पास आपनीं माँ को फिर से देख कर राहुल आंख के इशारे से निधि को छत के उपर बुलाई..
निधि भी 20 मिनट के बाद आती हूँ बोल कर राहुल को तसली दे दिया..
राहुल सिर्फ हॉप पेंट ओर t shairt पेहेन कर निधि की इंतज़ार करने लगा.
निर्धारित समय पर निधि राहुल को आंख के इसारे से छत के उपर जाने केलिए बोल दिया..
इधर राधिका आपने पति अशोक को बातचीत करके काल रात की चुदाई के बारे में सोच कर छत की एक कोने में पानी टंकी के पीछे बैठ कर सोच रही थी..
राहुल अनजाने में उस पानी टंकी के दूसरे तरफ खड़ा हो कर निधि की इंतज़ार करने लगा .
निधि फटाक से राहुल को पीछे से आपने बाहों में भर कर...
निधि दुखी मन से - सॉरी जानू.. काल रात को थकान के वाज़ा से में सो गेई थी.. मुझे माफ़ करदो..
इतना सुनकर राहुल हस कर - आछा मज़ाक करती है.. अगर काल रात को तू सो गेई थी तो क्या में तेरी बेहेन को 3 बार चोद कर आया था ?
इतना बोलकर राहुल ने जब हस कर निधि को आपने ओर पलट दिया तो निधि की आंखों में आसूं थी..
राहुल निधि की आसूं पोछ कर - आरे पगली रो क्यों रही है ?
निधि - में आपकी लायक नहीं हूँ.. में गर्भवती होने की डर से 6/7 दिन से आपको पत्नी की सुख नहीं दे पा रही हूँ..
राहुल हस कर निधि को हंसाने केलिए - ये राहुल मिश्रा असली मर्द है.. एक बार पिचकारी का बिज़्ज़ छोड़ देगा तो बचा100% ..
इतना सुनकर निधि भी हस कर - जानती हूँ.. आपके खतरनाक लन्ड ओर आपके गरम गरम बिज़्ज़ से में हर महीने गर्भवती हो जाती हूँ.. पर आज के बाद में गर्भनिरोधक गोलियां कभी नहीं खाऊँगी..
इतना बोलकर निधि फाटक से छत की बाहार वाला दरवाज़ा को बाहर से बन्द करके राहुल के पास आ गेई..
निधि - 6/7 दिन मेरा जिगर का टुकड़ा को में प्यार नहीं किया.
इतना बोलकर निधि नर फाटक से राहुल का पेंट को अचानक निचे की तरफ खिंच लिया..
राहुल का गोरा चिकना विशाल लन्ड निधि की सामने आ गई.. दिन के उजाले में राहुल का लन्ड चमक राहा था..
राहुल थोड़ा मज़ाक में - तू कितनी भूकी है.. काल रात को इस मे सारा जूस निकल दिया फिर भी तेरी मन को सन्ति नहीं मिली ?
निधि थोड़ी उदासी चेहेरे से - माफ करदो .काल मे थकान की वाज़ा से राधिका दिदि की बगल में सो गेई थी..
इतना सुनकर राहुल का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा..
राहुल - तो फिर में ?
निधि राहुल का लाल सुपडे के उपर चमड़ी को निचे सरका कर - आप चुत के नशे में सपने देख रहे होंगे..
निधि अब राहुल का लन्ड को आपनीं मुँह के अंदर भर कर ताबड़तोड़ चुसाई सुरु करदी..
राहुल जनता था निधि मज़ाक कर रही है. राहुल भी आंख बंद करके आपना 9 इंच का लन्ड को निधि के मुँह के अंदर हवाले करके..
राहुल - निधि मेरी जान.. काल रात की चुदाई में भूल नहीं पा रही हूँ.. क्या खुसबू थी चुत की.. क्या मज़ा मिला था..पूरे 3 बार मेरा लन्ड का रस तेरी बच्चेदानी के अंदर छोड़ा था.. आज भी उसी तरह तेरी चुत को मेरे लन्ड की रस पिलाऊंगा..
इतना सुनकर निधि फटाक से लन्ड को मुँह से निकल कर रो रो कर - माफ करदो मुझे.. काल रात की थकान की वाज़ा से मुझे ओर तंग मत करो .
इतना बोलकर निधि फुट फुट कर रो रो कर दौड़ती हुई निचे चली गेई..
निधि की इस बरताप से राहुल हैरान ओर परेसान से निधि को पीछे से देखता राहा..
राहुल थोड़ा धीमा आवाज़ में - अगर काल रात निधि नहीं थी तो फिर मैं किस को 3 बार चोदा था ? क्या राधिका दिदि को में गलती से चोद दिया ?
इतना सुनकर टंकी के पीछे राधिका दिदि बुरी तरह से डर गेई.. राधिका जिसे देवदूत समझ कर पूरी रात चुदवाई थी ..वी उसका छोटा भाई राहुल था ?
राहुल का लन्ड अभी भी राधिका की आंखों के सामने थी..
काल रात की अंधेरे में जो लम्बा ओर मोटा लन्ड को राधिका ने महसूस किया था.. वही लन्ड अब राधिका के आँख के सामने थी..
राहुल अब आपने आप से केलिन ज़ुबान हिला कर - काल रात मुझे चुत की खुसबू भी अलग टाइप की लग रही थी.. एक बार चुदाई करने के बाद जब में उठ कर हल में जा राहा था.. तब मेरे हाथ को खींच कर क्यों रोक लिया ? क्या वास्तव में काल निधि के बदले राधिका दिदि थी ?
इतना सुनकर राधिका दिदि बुरी तरह से डर चुकी थी..राहुल ये सब बात आपने ज़ुबान से खूब को सवाल कर राहा था ?
राहुल फिर से खुद को आवाज़ करके पूछने लगा - सुबह से राधिका दिदि की चेहेरे से तो मुझे लगता नहीं कि राधिका दिदि परेसान है.. उलटा खुस है. क्या राधिका दिदि जान बूझ कर अनजान बन रही है ?
तब फिरसे निधि दौड़ती हुई राहुल के पास आकर - आज से में राधिका दिदि को दूसरे कमरे पर सोने केलिए बोल दूंगी. फिर आपको ऐसी सपना ना आये ..
राहुल अब 100% कंफर्म होना चाहता था.. राहुल फटाक से निधि के हाथ को आपने सर के उपर रख कर - अब तू मेरे सर के उपर हाथ रख कर कसम खा.. बोल तू सच बोल रही है...?
निधि राहुल के सर के उपर हाथ रख कर - आपकी कसम.. काल रात को हम दोनों के बीच एक बार भी सेक्स नहीं हुआ है ..
राहुल फाटक से बात को घुमा कर - आरे पगली में तो मज़ाक कर राहा था ..
इतना सुनकर निधि भी खिलखिलाकर हस के - में समझी आप गलती से राधिका दिदि को चोद लिए ..
राहुल थोड़ा गुसे और स्माइल से - निधि ..राधिका दिदि को लेकर इतनी गलत मज़ाक नहीं.. राधिका दिदि मेरी बेहेन है..
निधि हस कर - में भी तो आपकी बेहेन थी .. आछा वो सब छोड़िए.. काल रात को आपके सपनो में मेरी चुत केसी लगी ?
राहुल - एके अलग सी मेहेक...अलग सी नसा..
तब रुक्मिणी माँ छत के ऊपर आ कर थोड़ी ऊंची आवाज से - आ जाओ बचो.. खाना खा लो..
रुक्मिणी छत के दरवाजे से खड़ी होकर राधिका , राहुल और निधि को देख रही थी..
राहुल हाथ धोकर जाने ही वाला था कि रुक्मिणी माँ ने राहुल को बोल दिया.. आज साम को राहुल राधिका को मंदिर का दर्शन करवा कर लाये..
राधिक कुछ बोलने से पेहेले रुक्मिणी माँ ने - तुम दोनों भाई बेहेन के बचे को देखने केलिए मेरी आँखें तरस रही है..
रुक्मिणी माँ की बात सीधी थी.. पर राधिका ओर राहुल उल्टा समझने लगे..
राहुल हस कर - माँ तुझे नानी ओर दादी बनने को बड़ी बेचेनी है..
रुक्मिणी हस कर - तुम दोनों तो मेरी धड़कन हो.. में चाहती हुँ. तुम दोनों के बचे तुम्हरे सकल लेकर इस संसार पर आए..
राहुल को गतल फेमी हो चुका था .राहुल को यकीन हो चुका था कि राधिका दिदि राहुल से चुदवा कर गर्भवती होने चाहती है .नहीं तो काल रात को जब राहुल एक बार राधिका दिदि को चोद कर वापस आ राहा थ तब राधिका दिदि उसे पकड़ कर फिर से 2 बार क्यों चुदाई किया ?
राहुल हस कर आपनीं माँ को - अगर हम दोनों भाई बेहेन के बचे हमारे सकल लेकर पैदा होंगे तो अशोक जीजू ओर निधि के मन छोटा हो जाएगा ..
रुक्मिणी हस कर - निधि तो राधिका की सकल से मिलती जुलती है.. पर जमाई बाबू(आशिक ) के सकल मुझे पसंद नहीं है..
इतना सुनकर राधिका सरम ओर लाज से पानी पानी होकर दूसरे कमरे पर चली गेई..
इधर राधिका सोचने लगी कि राहुल को सब पता चल चुका है..जब माँ ने राधिका को घुमा फिरा कर काल रात जैसी दुबारा फिर से राधिका को चुदाई मिलेगी बोलिथि.. तब राहुल फटाक से हाँ क्यों बोल दिया ?
इसका मतलब राधिका को दुबारा चुदाई करने में राहुल को कोई एतराज नहीं था..
फिर राधिका सोचने लगी कि निधि की मासिक पीरियड हर महीने रुक जाती थी..जिसके वाज़ा से निधि गर्भनिरोधक गोलियां खा कर आपनीं पीरियड सुरु करती...
इधर राहुल निधि को दिन के उजाले में दिन के 12 बजे घमासान चुदाई का आनंद देकर ..सारा बिज़्ज़ को निधि की बच्चेदानी के अंदर छोड़ कर निधि को बाहों में भर कर काल रात की नींद को पूरा करने लगा..
साम को राहुल राधिका दिदि को लेकर मंदिर चला गेया.. साम के टाइम मंदिर के बाहर काफी भीड़ थी..
फिर भी पुजारी ने ऊंचे आवाज़ से राधिका ओर राहुल को उस बिड से बाहर निकाल कर मंदिर के अंदर ले आया..
आज सुबह राधिका ने पुजारी जी को बता चुकी थी कि .. काल रात को खूब भगवान ने राधिका के सपने में आये थे..ओर राधिका को माँ बनाने का आश्रीबाद भी दे कर चले गए. .ये बात राधिका ने पुजारी जी को सुबह बता चुकी थी..