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धक्कम पेल ( किसकी बीवी किसका पति)

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धक्कम पेल ( किसकी बीवी किसका पति)

माही, जो एक व्यस्त व्यापारी हैं जो अपना ऑफिस दिन में बिलकुल नहीं छोड़ सकते और उनकी पत्नी श्वेता जो बहुत खूबसूरत हैं और रचनात्मक कलाओं की माहिर है।

कहावत है खुदा जब हुस्न देता है, नजाकत आ ही जाती है, बस इसके आगे ये और लिख दें कि वो कुछ भी पहन लें, कायनात में आग लग ही जाती है।

श्वेता को पेंटिंग का शौक है और वो इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स किये हुए हैं इसलिए जब माही और श्वेता के किसी दोस्त को अपनी कोठी में इंटीरियर का काम करना होता है तो वो अपने आर्किटेक्ट की कम श्वेता की ज्यादा मानते हैं।

श्वेता ने कई बार माही को कहा कि वो उसे ऑफिस खोल कर काम करने दे, पर माही नहीं चाहता कि श्वेता भी उसी की तरह व्यस्त हो जाए।

दोनों को सेक्स खूब पसंद है और वो भी रोमांच वाला!

भले ही माही दिन में अपने ऑफिस से उठ नहीं सकता, पर रात को आठ बजे से सुबह 10 बजे तक उन्हें सिर्फ श्वेता चाहिए।

यह बात दोनों ने अपनी शादी तय होने से पहले स्पष्ट कर ली थी।

श्वेता ने बेबाकी से कह दिया था कि उसका एक अजय नाम के लड़के से बहुत डीप अफेयर था पर कैरिएर के लिए वो आगे पढ़ाई करने विदेश चला गया और यह बात श्वेता को नागवार गुजरी तो उसने अजय से सम्बन्ध तोड़ लिए और अब वो उसकी जिन्दगी में कहीं नहीं है।

माही को साफ़ तरीके कही श्वेता की यह बात बहुत अच्छी लगी और उसने भी उससे स्पष्ट कह दिया कि उसे श्वेता के गत जीवन से कोई मतलब नहीं!

माही और उसका परिवार तो श्वेता की सुन्दरता का दीवाना था, अतः माही ने उससे एक ही शर्त रखी कि श्वेता उसकी किसी बात को मना नहीं करेगी और माही भी उसकी जिन्दगी में ज्यादा दखलंदाजी नहीं करेगा।

और इसी बात का परिणाम था कि श्वेता की जिन्दगी में कोई टोका टाकी नहीं थी।

माही के ऑफिस जाने के बाद और लौटने तक वो अपनी जिन्दगी अपनी मर्जी से जीती थी.. मसलन अपना घर अपनी मर्जी से सजाना, सहेलियों के पास घंटों रूक जाना… मेटिनी शो की मूवी देखना… वो वह सब कुछ पहनती थी जिसे आज नई उम्र की लडकियां पहनना चाहती हैं।

उनके एक ही लड़की थी जो श्वेता जैसी ही प्यारी थी और अपनी दादी दादा के पास जबलपुर रह कर पढ़ रही थी।

माही को एक शौक बड़ा अजीब था कि हफ्ते में बिना दो-तीन पोर्न मूवी देखे उसे नींद नहीं आती थी… उन दोनों ने कामसूत्र की सोलह कलाओं के अलावा अपनी छतीस कलाएं और डेवेलप कर रखी थीं।

श्वेता को भी इन सबमें खूब मजा आता था और उसके पास नाईट वियर और सेक्स टॉयज की बहुत वैरायटी थी जो उन लोगों ने अपने विदेश के दौरों में खूब इकट्ठे किये थे।

हर पंद्रह दिनों में एक मसाजर आती थी और दोनों की न्यूड मसाज करती थी और इस बात को चुप रहने के उसे भरपूर पैसे मिलते थे। एक बार श्वेता की गैरमौजुदगी में तो माही उसको चोद भी चुका था पर पैसे की खनक के आगे उसने कभी कोई एतराज नहीं किया।

अब हम कहानी पर आते हैं।

पोर्न मूवी देखते देखते दोनों इतने सेक्स एडिक्ट हो गए थे कि वो सेक्स में रोमांच की किसी भी सीमा को पार कर जाते थे।

पिछले दिनों गोवा घूमने जाने पर कई बार श्वेता बीच पर बिना ब्रा पैंटी के ऐसे कपड़े पहने थी कि उसके निप्पल और उसकी चूत की झलक जवां लड़कों को मिल जाए और उनके लोअर में तम्बू खड़ा हो जाए।

एक बार तो होटल का वेटर बड़ा खूबसूरत कश्मीरी युवक था तो श्वेता ने बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला छोड़ के शावर में बाथ लिया जबकि वो जानती थी कि वो वेटर उसे झांक कर देख रहा है।

तो ऐसी मस्ती से दोनों को ही ऐतराज नहीं था।

एक रात तो दोनों ने हद ही कर दी, देर रात दोनों होटल के रूम की बालकनी में ड्रिंक लेते हुए आये और वहीं माही ने श्वेता और अपने पूरे कपड़े उतार कर श्वेता को बालकनी की रेलिंग पर झुककर घोड़ी में चोदना शुरू किया।

श्वेता भी बिना शर्म के आवाज निकल रही थी।

आवाज सुनकर बराबर के कमरे से एक जोड़ा जो शायद हनीमून पर आया था, वो भी अपनी बालकनी में आ गया।

अब कितना भी अँधेरा हो चुदाई की आवाज तो अलग ही मालूम पड़ जाती है।

बस वो कपल भी शुरू हो गया।

और उसके बाद दोनों जोड़े अपने रूम से आकर एक दूसरे से मिले और माही के प्रस्ताव पर दोनों जोड़ों ने एक सामूहिक चुदाई का प्रोग्राम अगली रात के लिए बनाया जिसमें उस हनीमून वाले जोड़े के अलावा उनका एक और मित्र जो हनीमून पर ही आया था, वो भी शामिल हुआ।

रात को डिनर के बाद बजे तीनों कपल माही के रूम में इकट्ठे हुए।

हालाँकि माही की शादी को तब 3 साल हो चुके थे पर श्वेता की जवानी और माही का गठीला बदन उन दोनों जोड़ों पर भारी ही पड़ रहा था। उनके नाम अनिल-सीमा और वैभव-सरोज थे।

अब सब लोग बेड और चेयर्स पर बैठ गए और माही ने टीवी पर पेनड्राइव से पोर्न मूवी लगा दी जिसमें दो जोड़े बीवियों की अदला बदली करके चुदाई कर रहे थे।

अनिल और वैभव ने यह पहले ही बोल दिया था कि सब लोग सिर्फ अपनी अपनी बीवियों की चुदाई करेंगे, क्योंकि सीमा और सरोज पार्टनर बदलने के लिए तैयार नहीं थीं।

अनिल ने सबके लिए ड्रिंक्स बनाए, सीमा और सरोज ने ड्रिंक्स को मना किया तो श्वेता ने उनके लिए कोल्ड ड्रिंक फ्रिज से निकाल दी, पर सीमा और सरोज की निगाह बचाकर व्हिस्की उसमें मिला दी।

घूँट लेते ही सीमा बोली- टेस्ट कुछ अजीब सा है?

तो श्वेता बोली- तूने अनिल का लंड मुह में लिया होगा इसलिए तेरा टेस्ट खराब है।

सीमा शरमा गई और सरोज ने भी कुछ नहीं कहा और दोनों कोल्ड ड्रिंक पूरी पी गई।

अभी जेंट्स की ड्रिंक तो चौथाई भी ख़त्म नहीं हुई थी, सब लोग ध्यान से मूवी देख रहे थे जिसमें अभी लड़कियां लड़कों के लंड चूस रहीं थी।

सीमा और सरोज को चढ़नी शुरू हो गई थी और ऐसा भांपकर श्वेता ने उन्हें एक और पहले जैसा गिलास बना कर दे दिया।

अब मूवी में लड़के लड़कियों की चूत चूस रहे थे और सबने अपने कपड़े उतार दिए थे।

माही ने श्वेता को अपने पास खींच लिया और उसे होठों से चूमने लगा, उसने श्वेता के मम्मे भी दबाने शुरू किये।

ऐसा हॉट सीन देखकर अब अनिल भी सीमा से चिपट गया और वैभव ने तो सरोज का टॉप ऊपर करके उसके मम्मे अपने मुँह में ले लिए थे, सरोज भी उसका लंड अपनी मुट्ठी में पकड़े थी।

अब सीमा और सरोज तो नशे के पूरे सुरूर में थी और अनिल और वैभव चुदाई के पूरे मूड में!

तीनों जोड़ों ने अपनी अपनी जगह बेड और नीचे बनाई और अब सबके कपड़े उतर चुके थे।

तीनों लड़कियों में श्वेता का नंगा बदन अलग ही चमक रहा था। उसके सुडौल मम्मे अनिल और वैभव को ललचा रहे थे।

उधर माही भी सोच रहा था कि अगर नई चूत मिल रही है तो हर्ज क्या है, श्वेता कहीं भाग तो नहीं रही है।

!

माही ने लाइट बंद कर दी और अब अंधेरे में सबकी चुदाई जोरों पर थी।

तीनों लड़कियाँ शोर कर रहीं थीं।

अचानक माही ने श्वेता को उकसाया तो श्वेता ने बगल में अनिल को पकड़ लिया।

उसके छूते ही अनिल सीमा को छोड़ कर श्वेता से लिपट गया और उधर माही ने सीमा की चूत में अपना लंड दे दिया।

अब माही और अनिल एक दूसरे की बीवियों की चुदाई कर रहे थे।

इस बात का एहसास जैसे ही वैभव और सरोज को हुआ तो वैभव भी माही की ओर खिसका और सरोज को छोड़ कर सीमा के मम्मे चूसने लगा।

इस पर सरोज ने माही के होंठों से अपने होंठ मिला दिए और अब माही का लंड सरोज के अंदर था। पता नहीं किसने किसको कितनी बार चोदा और किसने किस की चूत में माल डाला।

और चूंकि दोनों हनीमून कपल थे तो पता नहीं नौ महीने बाद किसका रिजल्ट किसके साथ वाला आउट होगा, कुछ होश नहीं था।

हाँ इतना जरूर है कि एक रात में इतनी चुदाई इन तीनों लड़कियों की सुहागरात पर नहीं हुई होगी।

सुबह चार बजे सब लोग अपने अपने कमरों की ओर लपके।

लड़कियों से तो चला भी नहीं जा रहा था और अपने साथ जो होटल का हैण्ड टॉवल वो लाई थी, वो वीर्य से बिल्कुल गीला था, जिसे उन्होंने अपनी अपनी चूत में ठोक रखा था।

पिछली रात वाइफ़ स्वैपिंग में तीनों जोड़ों में पता नहीं कौन किससे चुदी, कौन किसे चोद रहा था।

अगली दोपहर को तीनों जोड़े एक साथ बीच पर गए और आज तीनों लड़कियों ने टू पीस बिकनी पहनी थी।

बीच पर एक एकांत जगह पर तीनों जोड़े समुद्र में मस्ती करने लगे।

अनिल और वैभव तो बार बार श्वेता के मम्मे छूने की कोशिश कर रहे थे।

उन्हें उकसाने के लिए माही ने श्वेता की ब्रा ऊपर कर के मम्मे चूसने शुरू किये।

यह देख कर अब तो अनिल वैभव भी सीमा और सरोज के मम्मे चूसने लगे।

अनिल ने तो सरोज की पेंटी के अंदर उंगली भी डाल दी।

थोड़ी देर में ही सबका मूड चुदाई का बन गया।

यहाँ खुले में चुदाई संभव नहीं थी तो सब लोग वापस होटल में आ गए और अपने अपने कमरों में घुस गए।

तो ऐसी मस्ती करते थे माही और श्वेता!

श्वेता के मन में अपना बेड रूम और बाथरूम का इंटीरियर चेंज करने का था।

इस सब के लिए उसे माही से पूछना नहीं सिर्फ बताना था।

पर वो कुछ लेटेस्ट करना चाहती थी इसलिए उसने भोपाल के एक इंटीरियर डिज़ाइनर रवि से फ़ोन पर संपर्क किया और अपने रूम और बाथरूम का स्केच मेल किया।

श्वेता कभी मिली नहीं थी रवि से, पर नाम सुना था और यह भी सुना था कि वो बहुत स्मार्ट है और उसके आईडिया बहुत रोमांटिक होते हैं।

रवि को उसने साईट विजिट के लिए इनवाइट किया।

रवि ने अगले दिन दोपहर एक बजे का समय दिया।

श्वेता ने माही से भी आने को कहा तो उसने तो मना कर दिया।

श्वेता अपनी पसंदीदा ड्रेस लॉन्ग फ्रॉक में तैयार हुई, उसने रेड कलर का नेल पेंट लगाया था, कुल मिलकर उसका गेटअप रवि का खड़ा करने के लिए काफी था।

और यही हुआ… रवि जब आया तो हाथ मिलते समय वो सिहर उठा था, शायद इतना कोमल और जवान हाथ उसके हाथ में कम ही आया होगा।

उसने सबसे पहले सुरुचिपूर्ण तरीके से सजाई कोठी की तारीफ की, फिर अपने को ना रोक पाते हुए उसने श्वेता की खूबसूरती की भी तारीफ करी।

दोनों ने बेडरूम में ही बैठ कर सारा साईट प्लान डिसकस किया।

जाते समय भी रवि की निगाहें श्वेता के चिकनी बदन से हाथ नहीं रही थीं और उसके लंड का उभार श्वेता को हंसी दिला रहा था।

पति से बेवफ़ाई

सच… मर्दों को सताने में श्वेता को बहुत मजा आता था पर आज तो श्वेता भी चाह रही थी कि रवि एक बार उसे चूम ले या चोद दे।

रवि ने उसे बताया कि उसकी शादी पिछले साल ही हुई है और अभी उनके कोई बच्चा नहीं है।

आगे डिसकशन के लिए रवि ने श्वेता को अपने ऑफिस जो उसकी कोठी में ही था अगले हफ्ते बुलाया।

रात को बेड पर जब श्वेता ने माही को रवि के बारे में बताया तो माही हंस कर बोला- आज रात रवि अपनी बीवी की चुदाई श्वेता की समझ कर करेगा।
 
अब माही को कौन समझाए कि आज श्वेता ही जो उससे चुद रही है वो यही सोच कर चुद रही है कि रवि उसे चोद रहा है।

अगले दिन श्वेता बड़ी बैचैन रही, उसे रवि के फोन का इन्तजार था, पर रवि का फोन क्यों आता, कोई काम ही नहीं था उसे…

पर जो आग इधर लगी थी उससे ज्यादा बड़ी रवि के लगी थी, वो जब से श्वेता से मिला था उसका मन काम में लग ही नहीं रहा था। हार कर वो गाड़ी लेकर निकला और श्वेता की कोठी के सामने से कई चक्कर लगाये, शायद श्वेता दिख जाए…

फिर उसने एक फोन किया श्वेता को…

पहली घंटी में ही श्वेता ने फोन अटेंड किया और बहुत प्यार से हाय बोला।

रवि ने बड़ी मासूमियत से झूठ बोला- कल कुछ मेज़रमेंट में गलती थी.. बाथरूम को दोबारा मेजर करना होगा, कब आ जाऊँ?

श्वेता ने अपने को शीशे में देखा और कहा- घर आपका है, कभी आ जाइए! पर आधा घंटे बाद आ जायेंगे तो सुविधा होगी।

श्वेता इस आधा घंटे में अपने को ठीक करने के अलावा ये भी सुनिश्चित करना चाहती थी कि फिर अगले एक घंटे माही के ऑफिस से भी कोई न आये, इसलिए उसने माही को फोन भी किया कि वो मार्किट जा रही है और 6 बजे तक आयेगी।

वो फटाफट बाथरूम में घुस गई… पंद्रह मिनट में वो तैयार थी।

उसने स्कर्ट और पिंक टॉप पहना… हाई हील पहनी।

कुल मिला कर डॉल सी लग रही थी और परफ्यूम तो उसका जानलेवा था।

आज तो रवि का बस भगवान् ही मालिक था।

श्वेता ने घड़ी देखकर आधा घंटे के बाद कोठी का गेट खोलकर बाहर निकालने को गाड़ी स्टार्ट की।

वो गेट तक ही पहुंची थी कि रवि की गाड़ी रुकी।

वो विश करके बोला- आप कहीं जा रहीं हैं तो मैं बाद में आ जाऊँगा।

श्वेता बोली- हाँ, कुछ मार्किट का काम था, पर कोई बात नहीं बाद में चली जाऊँगी।

उसने यह ड्रामा गेट पर लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग के लिए किया ताकि किसी भी शक में यदि माही कैमरा चेक करे तो उसमें ये रिकॉर्ड हो कि वो तो मार्किट जा रही थी, अचानक रवि आ गया।

श्वेता रवि से हाथ मिलने को आतुर थी।

घर का एंट्री गेट खोलकर उसने रवि की ओर हाथ बढ़ाकर कहा- आइए…

रवि ने उसके कोमल हाथ को हाथ में लेकर छोड़ने की कोई जल्दी नहीं की।

रवि बाथोरूम का मेज़रमेंट का ड्रामा करने लगा तो श्वेता ने पूछा- चाय, कॉफ़ी, जूस क्या लेंगे?

रवि ने जूस की हाँ कर दी।

श्वेता किचन में गई, रवि को बाथरूम की ओर ही छोड़ कर, जूस की केन और नमकीन ड्राई फ्रूट्स लेकर ड्राइंगरूम में रखकर रवि को बुलाने गई तो देखा रवि बाथरूम में ही है।

गैर मर्द की बाहों में

उसने बाथरूम में झाँका तो देखकर दंग रह गई कि रवि उसकी उतारी ब्रा और पैंटी को चूम रहा था, मदहोशी में उसकी आँखें बंद थी।

श्वेता दबे पाँव बाहर आ गई और ड्राइंगरूम से उसे आवाज दी।

रवि तुरंत आ गया और भोलेपन से बोला- पिछला मेज़रमेंट गलत था, अच्छा हुआ आज ले लिया।

सोफे पर बैठ कर जूस पीते समय रवि की निगाहें श्वेता से हट नहीं रही थीं।

श्वेता भी जान बूझकर टांग पर टांग रख कर बैठी थी जिससे उसकी चिकनी जांघों की झलक भी रवि को मिल जाए।

रवि की पैंट के उठे उभार को देखकर उसे हंसी आ गई।

रवि बोला- क्या हुआ?

श्वेता भी बैचेन थी.. हंस कर बोली- मेज़रमेंट ठीक से ले लिया है या मैं कुछ हेल्प करूँ?

रवि चुप था, जाने के लिए खड़ा हुआ।

श्वेता उसके पास गई और उसके बालों के पीछे दोनों हाथ लगा कर उसकीं आँखों में आँखें डालकर बोली- क्यों… डरते हो? मैंने देखा है कि तुम बाथरूम में क्या मेजर कर रहे थे।

रवि और श्वेता की गर्म साँसें एक दूसरे से टकरा रही थी।

श्वेता ने आँख बंद कर ली और अगले ही पल दोनों के जलते होंठ मिल गए।

दोनों के बदन की प्यास ने उन्हें चिपका दिया था।

काफी देर तक एक दूसरे को चूमते और जीभ से एक दूसरे को चूसते हुए दोनों कामाग्नि में जल कर अपने दिल के हाथों इतने मजबूर हो गए थे कि वहीं बिस्तर पर दो बदन एक जान हो गए।

पहले रवि ने श्वेता का टॉप उतरा और फिर तो दोनों के कपड़े मिनटों में उतर गए।

!

रवि श्वेता के नर्म और गोल गोल मम्मों को चूस रहा था और श्वेता की मुट्ठी में उसका मजबूत लंड छटपटा रहा था।

श्वेता से भी बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो रवि के ऊपर चढ़ गई और रवि का लंड अपनी चिकनी चूत में कर लिया।

ऊपर से श्वेता चुदाई कर रही थी और रवि नीचे से धक्के लगा रहा था, दोनों पागलों की तरह एक दूसरे की चुदाई में लगे थे।

श्वेता हांफने लगी थी और रवि का लंड फनफना रहा था।

रवि ने श्वेता को नीचे किया और उसकी टांगें चौड़ा कर अपना लंड पूरा अंदर कर दिया।

श्वेता अब चिल्ला रही थी- और जोर से जानू… और अंदर करो.. आज मुझे पूरे मजे दे दो..

रवि कुछ शर्मीला था इसलिए बोल तो नहीं रहा था पर उसकी स्पीड बता रही थी कि आज श्वेता की चूत फाड़ने में कोई कसर नहीं वो छोड़ेगा।

एक जोरदार धक्के में उसने सारा माल श्वेता की चूत में डाल दिया।

उसका वीर्य श्वेता की चूत से निकल कर बेडशीट पर फ़ैल गया।

श्वेता ने पास रखे टॉवल से अपनी चूत और पेट पर फ़ैले रवि के वीर्य को साफ़ किया और टॉवल रवि को दे दिया।

दोनों पास पास लेट कर एक दूसरे को देखते रहे और फिर चिपट गए।

थोड़ी देर बाद उठकर रवि कपड़े पहन कर श्वेता को किस करके चला गया और श्वेता मुस्कुराती हुई नहाने चली गई।

नहाकर उसने बेड शीट और टॉवल वाशिंग मशीन में डाले और कमरा ठीक किया।

उसने सोच लिया था कि माही को बस इतना ही बताना है कि रवि आया था और नाप लेकर चला गया।

श्वेता फटाफट बाजार के लिए निकल गई और लौटते में पनीर ले आई।

पनीर पकोड़ा के साथ ड्रिंक और फिर पोर्न मूवी… बस इतना ही चाहिए माही को मस्त करने के लिए…

आकर उसे वाशरूम फिर जाना पड़ा… रवि के प्यार की निशानी की बूँदें उसकी चूत से अब भी निकल रहीं रहीं थीं।

श्वेता ने हैण्ड शावर से चूत को अंदर तक धोया और फिर भी उसने यह सोचा कि आज माही चूत ना चूसे तो अच्छा रहेगा।

और अगर माही नहीं माना तो… इसका इलाज़ भी उसने सोच लिया।

पकोड़े उसने कच्चे सेक लिए और एक टू पीस का बहुत ही छोटा नाईट वियर पहन लिया और उसके ऊपर हाउस गाउन डाल लिया।

माही का 6 बजे ही फोन आ गया था कि वो 8 बजे तक आएगा।

8.15 तक माही आया और श्वेता को इस अंदाज में देख और उसके बदन से आती मदहोश करने वाली खुशबू को सूंघ वो समझ गया कि श्वेता आज मूड में है।

वो फटाफट नहाकर और कुरता लुंगी पहन कर आ गया क्योंकि श्वेता ने कहा था कि बाहर लॉन में ड्रिंक लगा रही हूँ।

श्वेता ने अपने लिये जूस और माही के लिए पेग बनाया।

पकोड़े बहुत मजेदार बने थे और बैठते ही श्वेता का गाउन एक ओर हो गया तो उसकी चिकनी टांगें देखकर माही का लंड तो सलामी देने लगा।

उनकी कोठी की बाउंड्री इतनी ऊंची थी कि बाहर से या बगल से कुछ नहीं दीखता था तो माही के कहने पर श्वेता ने गाउन उतार दिया।

लॉन में बहुत हल्की रोशनी थी और उसमें श्वेता का लगभग नंगा बदन… माही को व्हिस्की पीने से पहले ही नशा चढ़ गया था।

माही लॉन में डले झूले पर बैठा और श्वेता को बगल में बिठाकर उसके मम्मों को चूसने लगा।

श्वेता ने गिलास उठाया और अपने लबों से लगाकर माही को एक घूँट पिला कर उसे गिलास थमा दिया और पकोड़े खिलाने लगी।

आधे घंट बाद माही श्वेता को लेकर अंदर आ गया और आते ही उसने श्वेता को वहीं कुर्सी पर बिठाकर उसकी चूत में अपनी जीभ से उसकी चूत को चुसलाने लगा।

चूत में जीभ लगते ही उसे मीठा मीठा महसूस हुआ… श्वेता ने अपनी चूत में चॉकलेट लगा रखी थी।

उसकी यही अदाएँ माही को दीवाना बना देती थीं।

माही उसको अभी चोदना चाहता था पर श्वेता ने मना किया कि पहले डिनर कर लो फिर..

डिनर के बाद जो धम्माल मचा तो शायद उसके बेड की भी एक दिन में इतनी शामत कभी नहीं आई होगी।

रवि का कोई जिक्र होने का वक़्त ही नहीं मिला।

श्वेता की चूत आज मदमस्त हो गई थी।

आज श्वेता थक कर ऐसी सोई कि उसे यह भी होश नहीं रहा की अपना मोबाइल संभाल लेती जिसके व्हाट्सएप में रवि के अनेक मेसेज थे।

वो तो वक़्त उसका अच्छा था कि माही ने उसके मोबाइल को देखा ही नहीं।

सुबह श्वेता ने उठते ही अपना मोबाइल देखा तो रवि के सारे मेसेज डिलीट किये।

माही के ऑफिस जाने के कुछ देर बाद ही रवि का फोन आ गया, वो बोला- पता नहीं कल कैसे मैं अपने पर काबू नहीं रख पाया और अगर आपको बुरा लगा हो तो मैं आज के बाद कभी शक्ल नहीं दिखाऊँगा।

श्वेता हंस पड़ी… सच रवि बहुत भोला था।

श्वेता ने रवि को लंच पर अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट में दोपहर दो बजे बुलाया।

लंच पर दोनों ने आपस में वादा किया कि वो अच्छे दोस्तों की तरह रहेंगे और अपने पर कंट्रोल करेंगे।

अचानक श्वेता ने महसूस किया कि एक व्यक्ति उन दोनों को ध्यान से देख रहा है।

रेस्टोरेंट से बाहर आते ही उसने रवि को यह बताया और रवि से कहा कि उसने जो भी प्लान उसके बाथरूम और बेडरूम का बनाया हो वो अभी उसके घर माही के आने से पहले भेज दे।

अब श्वेता का दिमाग तेजी से काम कर रहा था।

रवि की रफ ड्राइंग उसके पास 5 बजे तक आ गईं थीं, जिन्हें उसने बाहर मेज पर ही फैला कर रख दिया था।

शाम को माही सात बजे करीब आया और उसका मूड कुछ ठीक नहीं था।

श्वेता को यह अंदाज हुआ कि शायद उस व्यक्ति ने माही को कुछ कहा है।

अन्दर आते ही माही को पानी देकर श्वेता ने उसे रवि के पेपर्स दिए और बताया कि रवि ये पेपर्स देने घर आना चाहता था तो उसे अच्छा नहीं लगा कि माही की गैरमौजूदगी में रवि ज्यादा घर आये इसलिए श्वेता ने रवि को अन्नपूर्ण रेस्टोरेंट में बुला लिया था और वहीं ये ड्राइंग्स डिसकस कर लीं।

यह सुनते ही माही खिल गया।

सही बात यह थी कि उस व्यक्ति ने जो माही का डीलर था, माही को कहा था कि उसने रवि आर्किटेक्ट को श्वेता के साथ रेस्टोरेंट में देखा था।

तो माही का मूड कुछ अपसेट हो गया था पर जब श्वेता ने बिना उसके पूछे सब बात बता देने से उसे कोई शिकायत नहीं रही
 
श्वेता ने माही को इस बात के लिए मन लिया कि अगले दिन सुबह 9 बजे वो और माही रवि के ऑफिस जायेंगे, सारी डिजाईन फाइनल करने।

हालाँकि इसमें माही का कोई रुझान या टेस्ट नहीं था पर श्वेता चाहती थी कि माही और रवि की मुलाकात हो।

अगले दिन 9 बजे श्वेता और माही रवि के ऑफिस में थे।

रवि ने बड़ी गर्मजोशी से मुलाकात की।

ड्राइंग फाइनल होने के बाद रवि दोनों को अंदर घर पर ड्राइंग रूम में ले गया जहाँ उनकी मुलाकात रवि की पत्नी हिना से हुई।

हिना खूबसूरत और चंचल स्वभाव की लड़की थी।

पांच मिनट बाद ही ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वो पहली बार मिले हैं।

हिना ने श्वेता से तो बहन का रिश्ता बना लिया और माही से हंस कर बोली- आज से आप मेरे जीजू…

माही ने मजाक में कहा- तो आज से मैं ये मान लूँ कि आप मेरी साली यानि…

इस वाक्य को पूरा हिना ने कर दिया- हाँ, आज से मैं आपकी आधी घरवाली…

सब हंस पड़े उसकी इस बेबाकी पर।

हिना ने कह दिया- हाँ, आज से मैं आपकी आधी घर वाली…

सब हंस पड़े उसके इस बेबाक अन्दाज पर!

माही को ऑफिस की जल्दी थी.. उसने अगले दिन रवि और हिना को डिनर पर बुलाया।

अगले दिन शाम को रवि का फोन माही के पास आया कि उसका एक क्लाइंट मुंबई से अचानक आ गया है तो वो आने में लेट हो जाएगा।

माही ने कहा- तो हिना को जल्दी भेज दो.. हम तुम्हारा डिनर पर इंतज़ार करेंगे।

रवि बोला- ड्राईवर उस क्लाइंट को लेने एअरपोर्ट जायेगा तो हिना अकेले कैसे आयेगी?

इस पर माही बोला- ऑफिस से लौटते में मैं हिना को ले लूँगा।

माही आज पहली बार अपने कपड़ों को लेकर जागरुक था, वो जाने से पहले ऑफिस के वाशरूम में ही फ्रेश हुआ और बाजार से मंगवाए वेट टिश्यू से अपने चेहरे और बदन की दुर्गन्ध को मैनेज किया।

वह रेड रोज का एक बुके और बड़ी चॉकलेट लेकर रवि के घर पहुंचा… हिना तैयार थी.. उसे लेकर माही घर की ओर चला।

रास्ते में उसने हिना को बुके और चॉकलेट दी।

हिना बहुत खुश हुई, बोली- रेड रोज का मतलब जानते हैं जीजू?

माही हंस कर बोला- जिस पर दिल आ जाए उससे दोस्ती करने के लिए फर्स्ट गिफ्ट रेड रोज और चॉकलेट होती है।

हिना के गाल यह सुनकर लाल गुलाब हो गए।

माही ने उसके हाथ पर अपना हाथ रखा तो उसने कुछ नहीं कहा।

माही ने गाड़ी एक सुनसान जगह साइड पर की और हिना के हाथ को ऊपर उठकर चूम लिया।

हिना शांत रही।

घर पहुँच कर वो कल की तरह ही खुल कर मजाक कर रही थी।

लगभग 10 बजे रवि आया.. डिनर लेकर दोनों 11 बजे चले गए।

आधे घंटे बाद माही के फोन पर एक मैसेज आया ‘थैंक्स… लव यू!’

माही समझ गया कि यह नंबर हिना का है।

उसने मैसेज डिलीट कर दिया।

अगले दिन उसकी हिना से काफी देर एक दोस्ताना बातें हुईं और यह तय हुआ कि अब दोनों रोज बातें करेंगे पर हिना बोली- अगर आप गलत ना समझें तो प्लीज श्वेता या रवि को ये न मालूम पड़े..

बिना बात का कोई कन्फ़्यूजन वो नहीं चाहती थी।

दो तीन दिन ऐसे ही निकल गए, अब श्वेता रवि से बात करती तो माही से छिपाकर और उधर हिना माही से बात करती तो रवि से छिपाकर…

रवि शाम को माही के आने के बाद घर आया और उसने श्वेता को बताया कि दिल्ली में इस इतवार और सोमवार को एक अन्तराष्ट्रीय इंटीरियर डिजाइनिंग मेला लग रहा है और वो इतवार की सुबह फ्लाइट से दिल्ली जाएगा।

सुनकर श्वेता ने भी माही से जिद की उसे भी इस मेले में जाने दे।

पहले तो माही ने मना कर दिया कि दिल्ली में कहाँ ठहरोगी।

तो श्वेता बोली कि उसकी सहेली कॉल सेंटर में जॉब करती है और अपने पेरेंट्स के साथ ही रहती है। मैं उसी के पास रुक लूंगी।

उसकी जिद के आगे माही ने हाँ कह दी।

रवि बोला- इनका ख्याल में पूरा रख लूँगा और आने जाने की फ्लाइट का टिकट भी करा लूँगा।

उस रात थैंक्स गिविंग के लिए श्वेता ने माही को जमकर सेक्स पार्टी दी।

अगले दिन 11 बजे रवि का फोन आया कि उसने एयर टिकेट्स करा दी हैं और अपने होटल में ही एक रूम बिना नाम के रुकवा दिया है।

दोनों ने यह प्लानिंग की कि ऐसा मौका फिर कब मिलेगा तो श्वेता कुछ न कुछ बहाना बनाकर होटल में ही रुक जाएगी ताकि…

अगले दो दिन श्वेता ने अपनी तैयारी में निकाल दिए।

आधा दिन तो उसको पार्लर में ही लग गया… पूरी वेक्सिंग और पता नहीं क्या क्या..

उसने अपनी चूत को भी ऐसा चमकाया कि रात को जब माही का मुँह उसने जबरदस्ती अपनी चूत में किया तो माही तो पागलों की तरह उसकी चूत को चूसने लगा।

उस रात उसकी चुदाई ऐसी थी कि श्वेता को लगा कि आज उसकी चूत फट जायेगी और वो दिल्ली नहीं जा पायेगी।

चूत तो फटनी थी, पर श्वेता चाहती थी कि दिल्ली में फटे…

इतवार सुबह 6 बजे वो और माही एयरपोर्ट पहुँच गए।रवि वहां पहुँच चुका था।

श्वेता ने क्रीम कलर का टॉप और ट्राउजर और हील वाली बेलीज पहने थी, नेल पेंट उसने रेड लगाया था। कुल मिलाकर रवि का लंड खड़ा करने का पूरा इंतजाम था।

प्लेन में रवि ने श्वेता का हाथ कई बार चूमा।

दिल्ली पहुँच कर उन लोगों ने अपने होटल में चेक इन किया और फटाफट एग्ज़िबिशन के लिए निकले।

हालाँकि रवि एक ट्रिप के मूड में था पर टाइम नहीं था इसलिए बस चूमा चाटी के बाद दोनों रूम से बाहर आ गए।

रवि ने श्वेता का नाम अपने गेस्ट की तरह होटल के रजिस्टर में लिखा।

श्वेता को भी खुमारी पूरी चढ़ चुकी थी तो उसने भी सोचा जो होगा देखा जाएगा।

दिन भर दोनों प्रदर्शनी में रहे, शाम को होटल वापस आये तो 7 बज चुके थे।

अब श्वेता को कोई बहाना बनाना था होटल में ही रुकने का!

उधर सुबह एयरपोर्ट से चलते समय रवि ने माही को अपने ऑफिस की चाभी दी जो गलती से उसके साथ आ गई थी।

उसने कहा कि किसी स्टाफ से घर भेज देना।

आज सन्डे की वजह से माही का भी ऑफिस बंद था और वो खाली था, उसने सोचा कि चलो हिना से मुलाकात हो जायेगी।

तो वो खुद ही लौटते में रवि के घर चाभी देने चला गया।

रवि के घर पहुँच कर वहां भी सन्नाटा था क्योंकि ऑफिस बंद था और ड्राईवर भी कार खड़ी करके चला गया था।

डोर बेल बजाने पर पांच मिनट बाद हिना ऊपर टेरेस पर आई और माही को देख कर चौंक गई।

उसने शॉर्ट्स और टॉप पहना था।

वो नीचे गेट खोलने आई और आते में गाउन डाल लिया।

माही ने मोर्निंग विश करके चाभी दी और लौटने लगा तो हिना बोली- आज घर पर कोई काम तो आपको है नहीं, रुकिए चाय पीकर जाइएगा।

गेट बंद करके अंदर आकर माही को उसने लॉन में बिठाया और चाय बनाने के लिए जाने लगी तो माही भी साथ साथ अंदर ही आ गया कि बाहर बैठे बोर ही होऊँगा।

पर उसने अंदर हिना से कहा- तुम शॉर्ट्स में बहुत प्यारी लग रही थीं, क्या मुझसे पर्दा करना है जो गाउन डाल लिया?

हिना ने हंस कर गाउन उतार दिया।

टॉप के अंदर ब्रा ना पहने हनी से उसके निप्पल का उभार अलग ही नजर आ रहा था।

चाय लेकर दोनों अंदर ही बैठ गए।

आज दोनों खाली थे और अकेलापन होने से बदन में कामाग्नि सुलगनी शुरू हो गई थी।

हिना ने पूछ ही लिया कि सन्डे को क्या करते हो।

माही ने बेशर्मी से कह दिया कि सन्डे को जो करता हूँ वो तो आज श्वेता नहीं है तो कैसे होगा, आज तो बोरियत ही होगी।

हिना चुप रही।

माही जाने के लिए खड़ा हुआ.. उसकी शॉर्ट्स में भी उभार आ गया था।

उसने हिना से पूछ लिया- तुम क्या करोगी दिन में?

हिना बोली- कुछ ख़ास नहीं।

माही ने हिना का हाथ पकड़ के कहा- क्यों नहीं आज हम दोनों ‘कुछ नहीं’ की जगह कुछ करें।

हिना बोली- क्या?

अब माही का सब्र टूट चुका था, उसने हिना को होठों से चूम लिया।

हिना भी उससे चिपट गई।

दोनों एक दूसरे को चूमते रहे… कुछ पल बाद माही बोला- आज तुम मेरे साथ रहो, कपड़े पैक कर लो।

हिना कुछ सोचने लगी…

माही बोला- आज तुम मेरे साथ मेरे घर में रहो, कपड़े पैक कर लो।

हिना कुछ सोचने लगी तो माही ने तुरुप का पत्ता चला कि वहाँ दिल्ली में रवि और श्वेता भी तो साथ साथ हैं।

हिना तैयार हो गई और फटाफट अपना बैग पैक कर लिया।

गेट लॉक करके दोनों माही के घर गए।

घर पहुँच कर माही ने रेस्टोरेंट में फोन करके नाश्ते का आर्डर दिया।

हिना ने चाय बनाई।

चाय पीकर माही नहाने के लिए चला और कपड़े उतर कर टॉवल लपेट कर बाथरूम का दरवाजा बंद ही किया था कि डोर बेल बजी।माही समझ गया कि नाश्ता आ गया।

वो पर्स लेकर बहार गेट पर नाश्ता लेने गया।

इस बीच बाथरूम खाली देखकर, हिना नहाने के लिए चली।

माही को भूख लगी थी, उधर हिना बाथरूम में घुस चुकी थी।

माही ने आवाज लगाई- हिना, बाहर आ जाओ।

तो हिना बोली- अरे नहाने जा रही हूँ।

माही ने जिद करके कहा- अच्छा, एक मिनट को बाहर तो आओ।

हिना टॉवल लपेट कर बाहर आ गई।

कमरे का अकेलापन… मन में कामाग्नि… हिना का नंगा बदन.. काफी था माही के सब्र का बाँध टूटने के लिए।

वो हिना से लिपट गया और दोनों बेड पर आ गए।

उनके टॉवल हट गए और नंगे बदन एक दूसरे में समाने के लिए गुत्थमगुत्था हो गए।

उनकी जीभ एक दूसरे को चुभला रही थी और माही के हाथ हिना के उरोजों को मसल रहे थे।

माही नीचे हुआ और अपना मुह हिना की चूत में कर दिया।

हिना ने अपनी चूत काफी दिनों से साफ़ नहीं की थी इसलिए उसके बाल माही की नाक में चुभ रहे थे।
 
अब माही हिना के ऊपर आया और उसकी टांगें और हाथ फैलाकर उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया।

उसने पास रखा तकिया हिना की गांड के नीचे रखा और अब घमासान चुदाई शुरू हो गई थी।

हिना की जिन्दगी में रवि के बाद यह दूसरा लंड था जो रवि के लंड से ज्यादा मोटा था और प्यासा था।

हिना की चूत भी इस लंड के मिलन से चौड़ी हो चुकी थी।

पांच-सात मिनट के घमासान के बाद माही ने अपना माल हिना की चूत में डालने से पहले उससे पूछ लिया।

हिना ने कॉपर टी लगवा रखी थी तो उसने माही के वीर्य से अपनी चूत भर ली।

दस मिनट लेटे रहने के बाद माही और हिना साथ साथ नहाने गए।

शावर लेते समय एक बार फिर माही का लंड खड़ा हो गया, उसने वहीं हिना की एक टांग बाथ टब के ऊपर रख कर अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया।

ऊपर से शावर का पानी, नीचे चूत लंड का मिलन..

नहाकर माही ने हिना को कपड़े नहीं पहनने दिए और बिना कपड़ों के ही नाश्ता करने के बाद दोनों बेड पर लेट गए।

एक घंटा सोने के बाद दोनों तैयार हुए और उठकर मूवी देखने चल दिए।

माही ने बॉक्स की टिकेट ली, जिसमें उनके अलावा एक कपल और था।

मूवी शुरू होने पर गार्ड अंदर चक्कर लगाने आया तो माही ने उसे 500 का नोट दिया कि अब अंदर मत आना।

पूरी मूवी हिना उसकी गोदी में बैठी रही और दोनों एक दूसरे को चूमते रहे।

माही की उंगली हिना की चूत में थी और हिना उसका लंड दो बार नीचे बैठकर चूस चुकी थी।

उनकी देखा देखी दूसरे कपल ने भी एक बार चुदाई भी कर ली थी।

इंटरवल में माही और दूसरा आदमी जो स्मार्ट और सुंदर था दोनों बाहर पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक लेने आये तो दोनों ने हंस कर आपस में हाथ मिलाया।

लौटकर उन्होंने देखा कि हिना और वो लड़की भी हंस हंसकर बात कर रही हैं।

तो अब दोनों कपल पास पास ही बैठ गए।

दोनों लड़कियां बगल बगल में बैठी।

मूवी शुरू हनी पर माही ने हिना का टॉप ऊपर कर के उसके मम्मे चूसने शुरू किये तो बगल वाले ने भी ऐसा ही करना शुरू किया।

हिना बदमाशी पर उतर आई और उसने बराबर वाली लड़की की उंगली अपनी चूत में और अपनी उंगली उसकी चूत में कर दी।

अब बराबर वाले आदमी ने अपने हाथ से हिना का मम्मा मसलना शुरू किया तो माही के हाथ भी दूसरी लड़की के मम्मों पर मचल गए।

हिना और उस लड़की के ने दोनों लड़कों के लंड को बाहर निकाल रखे थे।

अचानक हिना उठी और बराबर वाले आदमी के लंड के ऊपर बैठ कर उसका लंड अपनी चूत में कर लिया और उछल उछल कर चुदाई करने लगी।

माही ने तो दूसरी लड़की की जीन्स उतार दी और पीछे से उसकी चूत में घुस गया।

दस मिनट की चुदाई के बाद चारों अपनी अपनी सीट पर आये और थक कर कोल्ड ड्रिंक और पॉपकॉर्न निबटाने लगे।

मूवी के बाद माही और हिना ने लंच लिया और माही ने एक बहुत महंगा ड्रेस हिना को खरीद कर गिफ्ट किया।

घर आते आते शाम के 7 बज गए। तभी श्वेता का फोन आया कि उसकी दोस्त की तो कॉल सेंटर में नाईट शिफ्ट है, वो कह रही है कि घर पर मम्मी पापा के पास रुक जा। अब ऐसे तो में बोर हो जाऊँगी तो अगर माही परमिशन दे दे तो वो अपने लिए रवि के होटल में सेपरेट रूम देखे।

माही के पास और कोई चारा नहीं था और मन में चोर भी था।

उसकी निगाह में तो श्वेता और रवि के बीच कुछ नहीं था और इधर वो और हिना तो सारी हदें पार कर चुके थे और शायद हिना आज रात उसके पास ही रुक जाए, यह सोच कर उसने हाँ कह दी।

श्वेता ने फटाफट होटल के रजिस्टर में अपनी एंट्री करी और अपने रूम में सामान रखकर रात की रंगीनी के लिए वो जो ड्रेस लाई थी उसे और एक इवनिंग वियर को एक हैण्ड बेग में रखकर वो घूमती हुई रवि के रूम में पहुंची जो बेसब्री से उसका इन्तजार कर रहा था।

श्वेता के रूम में अंदर आते ही रवि उस पर टूट पड़ा और दोनों के कपड़े पांच मिनट में कमरे में बिखरे पड़े थे।

कपड़े उतारने की इतनी जल्दी मचाई रवि ने कि उसके और श्वेता के अंडरगारमेंट्स तो कहीं कुर्सी कहीं मेज पर उछल कर पहुँच गए थे। दोनों बिना कपड़ों के एक दूसरे में समाने को बेताब थे।

श्वेता खूबसूरत तो थी ही, आज उसका चिकना बदन उसका स्टाइल और रेड नेल पेंट… ये सब रवि को मदहोश कर रहे थे।

15-20 मिनट की चुदाई में होटल के बेड का कचूमर निकल गया था। कमरे में चारों ओर कहीं तकिये, कहीं श्वेता की ब्रा-पैंटी, कहीं रवि का अंडरवियर… ऐसा लग रहा था कि कोई तूफ़ान आया हो।

रवि के चेहरे पर लाल लिपस्टिक और उसकी पीठ पर श्वेता के नेल्स से बने निशान उनकी दीवानगी को बयां कर रहे थे।

दोनों साथ साथ नहाये और फिर बाहर घूमने जाने के लिए तैयार होकर होटल से बाहर आये।

रवि ने एक टैक्सी ली और कनाट प्लेस गए।

लौटते में डिनर लेकर आते में इन्हें 11 बज गए।

श्वेता अपने रूम में गई और रवि अपने रूम में।

श्वेता ने सबूत के लिए कॉफ़ी शॉप से एक कॉफ़ी भी मंगा ली।

नहाकर श्वेता ने एक झीनी सी टू पीस नाइटी पहनी। इसमें उसके सुडौल मम्मे और चिकनी चूत साफ दिख रही थी।

रूम में उसने रूम फ्रेशनर घुमाया और अपने बदन पर एक मादक परफ्यूम की बौछार की।

12 बजे गेट पर आहट हुई, रवि था।

श्वेता ने कमरे में बिलकुल अँधेरा किया और चुपके से गेट खोल दिया।

रवि अंदर आया, उसे अंधेरे में कुछ नहीं दिखा।

श्वेता डोर के पीछे थी, उसने डोर लॉक किया।

रवि पीछे मुड़ा और सीधे श्वेता की बाँहों में पहुंचा।

दोनों चिपट गए, एक दूसरे के अंदर समाने की ऐसी आग लगी थी दोनों के बदन में जो बुझ ही नहीं रही थी।

रवि ने एक मद्धम सी लाइट जलाई, श्वेता का यह रूप उसके लिए अप्रत्याशित था, वो भूखे शेर की तरह फिर लिपट गया अपनी माशूका से।

अब उसने उसके मम्मों को जोर जोर से चूसना शुरू किया तो श्वेता बोली- क्या कर रहे हो, इन्हें खा जाओगे क्या.. मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूँ!

पर जब रवि नहीं मन तो श्वेता ने उसका बरमूडा नीचे करके उसका लंड कसके दबाना शुरू किया, अब रवि को मालूम पड़ा कि दर्द क्या होता है।

जैसे ही उसने मम्मों को छोड़ा, श्वेता नीचे बैठ गई और रवि का लंड पूरा मुंह में ले लिया।

अब श्वेता ने इतनी जोर जोर से गन्ने की तरह रवि के लंड को चूसा की रवि को लगा वो अब बर्दाश्त नहीं कर पायेगा… उसने जबरदस्ती अपना लंड श्वेता से छुड़ाया।

दोनों हंसते हुए अलग हुए और रवि ने श्वेता को गोदी में उठाया और बेड पर जा पटका।

बेड स्प्रिंग का होने से बहुत गुदगुदा था।

रवि उछल कर खुद भी उसके पास लेट गया और दोनों के होंठ मिल गए… दोनों बहुत खुश थे।

रवि नीचे हुआ और 69 पोजीशन में आ गए दोनों… श्वेता के मुख में रवि का लंड था और रवि श्वेता की चिकनी चूत में जीभ घुसाए था।

थोड़ी देर की चुसाई में ही दोनों इतनी गर्म हो गए कि रवि श्वेता को लिटाकर उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूत में अपना लंड करके उसके मम्मों से अपनी छाती चिपटा कर उसके होठों से अपने होंठ मिला कर ऊपर नीचे होने लगा।

उसने श्वेता की बाहें ऊपर लिटा रखी थी और उसके दोनों बाहें थाम कर वो आगे पीछे हो रहा था, चुदाई के इस नए ढंग ने श्वेता की चूत में आग लगा दी, वो भी अब रवि का साथ देने लगी।

और अचानक उसने रवि को नीचे पलटा, चढ़ गई उसके ऊपर और करने लगी जोर जोर से चुदाई।

अब उसके मुख से बहुत आवाज निकल रहीं थी।

चोदते चोदते जब वो हांफ गई तो रवि ने भी नीचे से धक्के देने शुरू किये पर उसका लंड था कि छूटने को तैयार नहीं था।

रवि अब श्वेता को नीचे कर के उसके ऊपर चढ़ा और पूरा लंड पेल दिया एक ही झटके में…

दस-बारह झटकों में ही रवि ने अपना माल श्वेता की चूत में भर दिया और निढाल होकर श्वेता के बगल में ही लेट गया।

अगले दिन एग्जीबिशन में जाना था तो दोनों एक डीप किस करके अलग हुए और रवि अपने रूम में जाकर सो गया।
 
कुछ झटकों में ही रवि ने अपना वीर्य श्वेता की चूत में गिरा दिया और निढाल हो उसकी बगल में लेट गया।

अगले दिन दोनों को एग्जीबिशन में जाना था तो दोनों एक गहन चुम्बन कर के अलग हुये और रवि अपने कमरे में जाकर सो गया।

उधर माही ने श्वेता का फोन काट कर फ्रिज से जूस की दो कैन निकाली।

जूस पीते समय उसने हिना से कहा- दिल्ली में श्वेता रवि के होटल में ही रूक रही है तो आज क्यों न तुम भी यहीं रुक जाओ।

हिना को डर लग रहा था, वो बोली- नहीं, यह ठीक नहीं होगा।

माही बुझे मन से हिना को छोड़ने उसके घर आया।

और वो जैसे ही वापस जाने के लिए पलटा, हिना उससे लिपट गई और बोली- आज तुम यहीं रुक जाओ!

माही मान गया और अपनी कार गेट से अंदर खड़ी करके दोनों अंदर आये।

माही ने हिना को गोदी में उठा लिया और हिना उसकी कमर में टांगें लगा कर लटक गई।

दोनों के होंठ मिले हुए थे।

हिना बोली- मैं नहा कर आती हूँ, फिर डिनर के लिए चलेंगे।

माही बोला- चलो साथ ही नहाते हैं और डिनर का आर्डर कर देते हैं, यहीं आ जायेगा।

हिना ने बाथटब भरने लगा दिया और फ्रिज से एक बियर निकाल लाई।

माही बियर देखकर खुश हो गया और दोनों कपड़े उतार कर बियर लेकर बाथ टब में उतर गए।

माही ने बियर का एक सिप खुद लिया, एक हिना को पिलाया और बाथटब में नीचे लेट कर हिना को अपने ऊपर गोदी में लिटा लिया। उसने अपनी टाँगें चौड़ा रखी थीं और हिना उनके बीच में थी।

हिना ने माही का लंड पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।

माही भी अपने दोनों हाथों से हिना के मम्मों को मालिश कर रहा था।

हिना ने अपनी गर्दन घुमाकर अपनी और माही की जीभों का मिलन करा दिया। माही नीचे खिसका, हिना भी नीचे हो गई, अब शावर की मोड़ी धार उसकी चूत पर गिर रही थी।

पानी की धार हिना को दूसरे लंड का सा मजा दे रही थी।

हिना कामाग्नि में उछलने लगी और जब बर्दाश्त न हुआ तो वो पलटी और माही का लंड अपनी चूत में लेकर के उछलने लगी।

कुछ देर बाद माही ने उसे घोड़ी बनाया और पेल दिया अपना लंड उसकी चूत में…

चाहता तो वो उसकी गांड मारना था पर हिना ने मना कर दिया।

थोड़ी देर की पेलम पिलाई के बाद माही ने अपना माल खाली कर दिया, पानी में सब धुल गया।

हिना ने नीचे से टब की कॉर्क निकाल दी और दोनों खड़े होकर नहाये और फिर बाहर आये।

दोनों ने पहले तो बियर ख़त्म करी।

बाहर लॉन में दोनों ने लगभग बिना कपड़ों यानी हिना ने तो केवल एक स्लीवलेस शार्ट फ्रॉक पहनी जिसमें बैठते ही उसकी चूत दिख रही थी और मियां माही तो केवल रवि की एक लुंगी लपेटे ही बैठे थे जिसमें से उनके मुंगेरी लाल बार बार बाहर आ जाते थे।

हिना की फ्रॉक का गला इतना ढीला और डीप था कि वो जिसे ही झुकती उसके मम्मों का साइज़ दिख जाता और मुंगेरी लाल फिर सलामी देने बाहर आ जाते।

इतनी में माही ने डिनर का जो आर्डर किया था, वो आ गया।

जैसे तैसे खाना निबटा कर माही ने प्लेट्स और पॉलिथीन अपनी गाड़ी में रखी। वो बियर की खाली बोतल भी रखना नहीं भूला।

11 बज चुके थे, मुंगेरी लाल धावा बोलने को तैयार थे।

कुदरत का क्या करिश्मा था इधर माही और हिना अपनी जिन्दगी का नया तजुर्बा कर चुके थे और एक नई इबारत लिखने की तैयारी में थे, उधर श्वेता और रवि ने कामसूत्र की कई विधाएं अपना कर चुदाई की नई मिसाल कायम कर ली थी।

दोनों जोड़े यह सोच कर बेवफाई कर रहे थे कि वो आज अपने पार्टनर से छिपा कर ये गुल खिला रहे हैं।

हिना बाथरूम से ब्रश करके बाहर आई, इधर माही भी बाहर वाश बेसिन पर फ्रेश हो गया था।

इधर उधर की लाइट बंद करते हुए हिना मुस्कुराते हुए बेडरूम की ओर गई, पीछे पीछे माही भी आया, पीछे से ही हिना को पकड़ लिया और उसके कान को अपने जीभ से चुभलाया तो हिना को गुदगुदी हुई, वो पलटी तो चिपक गई माही से!

माही ने अपनी बलिष्ठ बाँहों में उसको जकड़ कर उसके होठों पे अपने होंठ रख दिए।

उसका लंड लुंगी से निकल रहा था, उसने खड़े खड़े ही हिना की फ्रॉक उठा कर अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

हिना सिहर गई, बोली- चलो, बेड पर चलो।

बेड पर पहुंचते पहुंचते दोनों के कपड़े उतर गए थे।

माही ने दिन में ही हिना को चूत साफ़ करने को कहा था तो पता नहीं कब टाइम निकल कर हिना ने चूत चिकनी कर ली थी।

अब जब माही ने अपना मुँह उसकी चूत में लगाया तो चिकनी चूत देखकर उसने दोनों हाथों से उसकी चूत की फलक को चौड़ा किया और अपनी जीभ घुसा दी।

थोड़ी देर में ही हिना पागल हो गई और अब उसकी बारी थी माही का लंड चूसने की…

तो उसने बेड पर लेटे लेटे ही माही का लंड अपने मुख में कर लिया और जोर शोर से उसे चूसने लग।

माही उसके मम्मे मसल रहा था।

अब बर्दाश्त की इन्तेहा हो रही थी, हिना ने लंड का चूस चूस कर बुरा हाल कर दिया था

माही हिना पर चढ़ गया और उसकी टांगों को चौड़ा करके अपना पूरा लंड पेल दिया।

माही ने चुदाई की स्पीड धीमी रखी और अंदर से बाहर करते समय लंड को पूरा बाहर और फिर धीमी स्पीड में पूरा अंदर तक ठेला।

इस स्लो मोशन की चुदाई में हिना को बहुत मजा आ रहा था, वो बड़बड़ाने लगी- और जोर से चोदो ना मेरे राजा… आज चोद चोद कर इसका भुरता बना दो। तुम तो कह रहे थे कि आज इसे फाड़ दोगे… तो फ़ाड़ो ना मेरी जान… बहुत मजा आ रहा है।

अब माही ने भी स्पीड बढ़ा दी। स्पीड बढ़ने से हिना की आवाज भी बढ़ती गई… और एक धमाके के साथ माही ने अपना सारा माल हिना की चूत में भर दिया।

हिना ने माही को कस के चिपका लिया, वो उसका लंड भी अपनी चूत से नहीं निकालने दे रही थी।

दोनों निढाल होकर बगल बगल ही सो गए।

सुबह 5 बजे माही की आँख खुली, हिना सो रही थी।

माही ने उसका मम्मा मुँह में लिया और उंगली उसकी चूत में कर दी।

हिना ने मुस्कुराते हुए आँख खोल दी।

जब उसने माही का फनफनाता हुआ लंड तैयार देखा तो उसका भी मन मचल गया और वो चिपट गई माही से और अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत में कर किया।

एक बार फिर गुत्थम गुत्था होकर चुदाई हुई।

माही ने जल्दी ही फिर हिना की चूत भर दी।

माही अब उसे छोड़ कर जल्दी से उठा और कपड़े पहन कर अपने घर के लिए निकल लिया।

हिना ने भी उठकर अपने और कमरे को ठीक करना शुरू किया।

बेड शीट पर पड़े माही और उसके प्यार के निशान मिटने जरूरी थे।

उसने वाशिंग मशीन में सब कुछ डाला पर उस हैण्ड टॉवल को जिसमें माही के प्यार के निशान थे, संभाल कर अपनी वार्डरोब में रख दिया।

घर ठीक करते करते उसे 8 बज गए।

बाहर ऑफिस बॉय आ गया था, उसे उसने ऑफिस की चाभी दी और खुद नहाने घुस गई।

बाथटब में लेटे लेटे उसे बीते पलों की याद बहुत प्यारी लगीं।

गत दिन उसकी जिन्दगी का एक अनोखा दिन था।

रवि से बेवफाई का उसे पता नहीं क्यों अफ़सोस नहीं था और जब से माही ने बताया था कि रवि और श्वेता एक ही होटल में रुक रहे हैं, तभी से उसके मन में यह ख्याल आया था कि आज रात वो भी माही के साथ बिताए।

नहा कर उसने माही को फोन किया, पूछा- लंच में क्या लोगे?

हिना ने कह दिया- मैं लंच भिजवा दूँगी।

इस पर माही बोला- तुम खुद ही ले आना, अंदर ऑफिस में खा लेंगे।

हिना खुश हो गई।

रवि का फोन भी आया कि वो शाम 8 बजे तक पहुंचेगा।

हिना ने बढ़िया सा लंच बना कर पैक किया और 2 बजे करीब माही के ऑफिस अपने ड्राईवर के साथ पहुंची।

जैसा उन दोनों का तय हुआ था, हिना ने लंच अपने ड्राईवर से अंदर भिजवाया, खुद गाड़ी में बैठी रही, तो माही खुद आया और उसे भी अंदर ले गया।

हिना ने साड़ी पहनी थी क्योंकि मार्किट में ऑफिस था।

माही उसे अन्दर बिठा कर बाहर वाले ऑफिस में चला गया और उसके लिए कोल्ड ड्रिंक भिजवा दी।

थोड़ी देर बाद माही अंदर आया और डोर लॉक करके दोनों चिपक गए।

माही हिना के साथ बिताये हर पल से खुश था।

हालाँकि हिना की चुदाई पिछले 24 घंटे में भरपूर हो चुकी थी पर मन अभी भरा नहीं था।

माही ने उसे वहाँ पड़ी सेटी पर लिटा कर एक बार पूरा पेल कर चुदाई करी और अपने हेंकी को उसे पोंछने को दे दिया, जिसे हिना ने अपनी चूत में ही फिट कर लिया, क्योंकि इतनी चुदाई हुई थी उसकी और उसकी चूत को इतना माल मिला था पीने को कि चूत लगातार टपक रही थी।

माही ने धीरे से गेट का लॉक खोल दिया और दोनों लंच करने लगे।

माही ने बीच में किसी काम से अपने सर्वेंट को अंदर बुलाया ताकि यह सबूत रहे कि उसने और हिना दोनों ने लंच अलग अलग किया था।

रात को श्वेता और रवि अपने अपने घर 8.30 तक पहुँच गए।

रात को श्वेता ने भी माही का और हिना ने रवि का लंड यह कह कर खूब निचोड़ा कि ‘दो दिन हो गए चूत प्यासी है…’

और माही और रवि ने भी चुदाई घमासान की यह कह कर कि दो दिन से माल रुका हुआ है तुम्हारी चूत के इंतज़ार में…

तो यह थी कहानी, ऐसे पति पत्नी जो एक दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे और अब उनकी चूत और लंड भी ऐसे हो गए कि उन्हें कोई चाहिए चाहे उनका अपना हो या दोस्त का…

दोनों युगल खुश… दोनों जानते हैं कि वे बेवफाई कर रहे हैं पर दोनों यह सोचते हैं कि उनका पार्टनर सिर्फ उनका है

end
 
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