बॉयफ्रेंड के लिए मुझसे चुद गई खुशी

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by sexstories, Mar 11, 2018.

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    sexstories Administrator Staff Member

    उसने जीन्स और टॉप पहन रखा था. फिर मैंने अपना एक हाथ उसके मस्त स्तन को दबाने में व्यस्त किया और दूसरे से धीरे – धीरे उसके जीन्स का बटन और चैन खोल कर पैंटी के अंदर डाल कर उसकी चूत से चिपका दिया और ऊँगली करने लगा. अब वो आहें भर रही थी. मानो उसको अब लन्ड चाहिए ही था…

    अन्तर्वासना के प्रिय पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम अवन है और ये मेरी ज़िन्दगी का पहला अनुभव है जो मैं आप सब के सामने बताने जा रहा हूँ. बात तब की है जब मैं एक फार्मा कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था.

    मेरा अक्सर घूमने का ही काम होता था. कभी मैं किसी शहर तो कभी किसी और शहर में मैं जाता रहता था. एक बार मैं काम के सिलसिले में नागपुर के नज़दीक एक गांव गया था. डॉक्टर से मिला तो उसने बोला कि शाम को आना आराम से बात करेंगे.

    अब मैं समय कहां बिताऊं यह सोचते हुए पास की एक नदी के किनारे ही बैठ गया. मौसम बहुत अच्छा था और मन के सोए हुए अरमान जगाने के लिए एक दम सही था. इतने में मेरी नज़र थोड़ी ही दूरी में बैठे एक जोड़े पर पड़ी जो आपस में झगड़ रहे थे. फिर थोड़ी देर बाद वह लड़का उठ कर चला गया.

    मैंने फिर देखा तो लड़की थोड़ा परेशान लगी. यह देख कर मैंने सोचा कि उससे पूछ लूं क्या बात है और फिर बैठे – बैठे ही इशारे से उससे पूछा कि ‘क्या हुआ’? उसने भी सर हिला कर इशारे में ही जवाब दिया ‘कुछ नहीं’.

    थोड़ी देर बाद मैंने उससे फिर पूछा तो उसने फिर बोला ‘कुछ नहीं’. फिर मैं खुद ही उठ कर ही उसके पास जाकर बैठ गया. तभी मेरी नज़र उसके कॉलेज की आईडी पर पड़ी जो बाजू में ही उसके पर्स में रखी हुई थी उस पर उसका नाम खुशी लिखा हुआ था. उसका नाम जान कर मैंने उसको पूछा – क्या हुआ ख़ुशी?

    अपना नाम एक अनजान इंसान के मुंह से सुन कर वह चौंक गई. फिर वह मुस्कुराई और बोली – बहुत तेज़ हो आप.

    फिर उसने अपने झगड़े के बारे में बताया कि वह लड़का उसका बॉयफ्रेंड है. वह यहां पर उसे, उसके साथ गलत करने लाया था. लेकिन जब उसने मना कर दिया तो वह नाराज हो कर चला गया. फिर वह मेरे बैग की तरफ देख कर बोली – आप तो दवाई का काम करते हो न. बताओ क्या मैं सही हूँ?

    अब फिर मैंने भी उसके साथ खुल कर बात करना शुरू किया. पर मुझे न जाने क्यों ऐसा लग रहा था कि उसकी धड़कने तेज हो रही हैं. इसलिए मैं लगातार उसकी छाती की तरफ देख ही रहा था तभी उसकी नज़र मुझ पर पड़ी तो उसने मुझसे पूछ लिया – इस तरह क्या देख रहे हो?

    फिर मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर कहा – तुम्हारी धड़कनें बढ़ी हुई क्यों हैं?

    मेरा बस इतना कहना था और उसका मुझसे लिपट कर नीचे गिराना एक साथ हो गया. मैं कुछ समझ पाता उसके पहले ही वो बोली – मैंने अब तक कभी सेक्स नहीं किया है. मैं बस कभी – कभी ऊँगली फेर लेती हूँ लेकिन इसके आगे कभी नहीं गई हूं.

    यह सुन कर अब मैं समझने लगा था कि ये गरम हो गयी है और अब उसको जो चाहिए वो भी मुझे समझा गया था. बस फिर मैंने उसको पूछा – फिर अपने बॉयफ्रेंड के साथ क्यों नहीं किया?

    तो वह बोली – मुझे डर लग रहा था और जब वो चला गया तो सोचते – सोचते मेरी इच्छा होने लगी और तुम मेरे साथ ऐसा कुछ करो जिसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड को कभी ना नहीं कर सकूं.

    यह सुन कर मैंने उससे कहा – पास में अच्छा घना जंगल सा है, वहां पर बड़े – बड़े पत्थर भी हैं. चलो वहीं चलते हैं.

    फिर हम वहां पहुंचे ही थे कि उसने मुझे बांहों में भरकर चूमना और चूसना चालू कर दिया. अब मैं भी गरम होता जा रहा था. मेरा कड़क होते – होते करीब 5 मिनट लग गए थे. फिर मैंने उसके मस्त चूचे दबाना शुरू कर दिया. फिर उसके कमर पर से हाथ ले जाते हुए उसके गांड को अपनी तरफ कस कर खींच लिया.

    उसने जीन्स और टॉप पहन रखा था. फिर मैंने अपना एक हाथ उसके मस्त स्तन को दबाने में व्यस्त किया और दूसरे से धीरे – धीरे उसके जीन्स का बटन और चैन खोल कर पैंटी के अंदर डाल कर उसकी चूत से चिपका दिया और ऊँगली करने लगा. अब वो आहें भर रही थी. मानो उसको अब लन्ड चाहिए ही था.

    फिर मैंने भी देर न करते हुए अपना तना हुआ लंड उसके हाथ में दे दिया. वो उसे कभी दबाती तो कभी ऊपर – नीचे करती रही. उसकी चूत अब काफी गीली हो चूकी थी और फिर मैंने नीचे झुक कर उसको नीचे लेटा दिया था. बस अब मैंने धीरे – धीरे उसके चूत को चूसना शुरू किया और अब मेरे दोनों हाथ उसके स्तन दबाने में मगन थे. मैं कभी – कभी उसके निप्पल भी जोर से दबा देता तो वो ऐसी सिसकियाँ ले रही थी कि मेरा लंड और तनता जा रहा था.

    फिर उसके मुंह के पास अपना लंड ले जाकर मैंने उसे चूसने कहा. पहले तो वह हिचकिचाई लेकिन फिर जब मैंने कहा कि अपने बॉयफ्रेंड को कैसे खुश रख पाओगी? तो धीरे से उसने लन्ड को मुंह में ले लिया और फिर ऐसे चूसने लगी कि क्या बतऊँ! मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

    आज एक कुंवारी चूत मुझे मिल गयी थी. यही सोच – सोच कर मैं पागल हुए जा रहा था. बस अब मैं झड़ गया और उसके मुंह में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया. फिर मैंने उसको बोला – इसे पी जाओ अच्छा लगेगा.

    मेरे रस को वो पी गई और फिर मैं धीरे से उसकी चूत चाटने लगा और 2 मिनट में वो भी झड़ गयी और मैंने भी उसका रस पान कर लिया. इतने में मेरा लन्ड फिर से तन गया था और फिर मैंने उसका पैर फैला कर उसकी चूत में अपने लंड के सुपारे को चिपका दिया. दर्द के मारे पहले वो थोड़ी चीखी लेकिन फिर मैंने अपने होंठ से उसके होठों को चिपका लिया. जिससे उसका आवाज़ दब गयी और वह शांत हो गई.

    फिर मैंने एक जोरदार झटका मार कर अपना पूरा लन्ड उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया. फिर मैंने धीरे – धीरे अपने लंड को अंदर – बाहर करने लगा और अब उसको भी मज़ा आ रहा था. वो अब “आअह और चाहिए” “जल्दी करो” “मजा आ रहा है” बोलते हुए कराहने लगी थी.

    उसकी मादक आवाज़ से मेरे तन – बदन में और जोश जग रहा था. फिर उसकी चूत कड़क होते जा रही थी. मुझे पता था कि अब वो झड़ने वाली है इसलिए मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दिया और वो झड़ गयी. अब मेरी भी वही हालत थी मैं भी झड़ने ही वाला था. इसलिए मैंने उसको पूछा – तेरा पीरियड कब आया था?

    तो वह बोली – अभी 3 दिन बाकी हैं.

    यह सुनना था कि मैंने उसके अंदर ही अपना सारा माल छोड़ दिया. फिर मैं थोड़ी देर उसके ऊपर ही लेटा रहा और धीरे से अपना लंड निकाल कर अपने कपडे पहन कर उसे भी पहनने को बोला और उठ कर आस पास देखने लगा. तो मैंने देखा कि कुछ लोग घूमते – घूमते हमारी तरफ ही आ रहे थे. इसलिए जल्दी में उसने भी कपड़े पहन लिए.

    फिर हम दोनों वहीं पर थोड़ी देर बैठे रहे और फिर उसने मेरा नंबर ले लिया अपना नंबर मुझे दे दिया. फिर उसको उसकी गाडी के पास छोड़ कर मैं भी निकाल गया.

    अपनी अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि किस तरह मैंने पहली बार अपना ब्रह्मचर्य व्रत तोड़ा था. कहानी कैसी लगी बताइएगा जरूर. हालांकि ये मेरी पहली रचना है जो मेरा खुद का अनुभव है.
     
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