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मेरी चूत पसंद है compleet

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Guest
मेरी चूत पसंद है पार्ट--1

करिश्मा अपने मा-बाप की एकलौती लड़की है और देल्ही मे रहती

है. करिश्मा के पिताजी, मिस्टर. सुन्दीप वेर्मा देल्ही मे ही एल.आइ.सी. मे

ऑफीसर थे और पछले चार साल पहले स्वरगवसी हो गये थे और

करिश्मा की माताजी, स्म्ट. रजनी एक हाउस वाइफ है. करिश्मा के और

दो भाई भी है और उनकी शादी भी हो गयी है. करिश्मा ने पीछले

साल ही एम.ए. (इंग्लीश) पास किया है. करिश्मा का रंग बहुत गोरा

है और उसकी फिगर 36-25-38 है. वो जब चलती है तो उसकी कमर

एक अजीब सी बल खाती है और चलते वक़्त उसके चूतर बहुत हिलते

है. उसके हिलते हुए चूतर को देख कर परोस के कयी नवजवान,

और बूढ़े आदमी का दिल मचल जाता है और उनका लंड खड़ा हो जाता

है. परोस के कई लड़को ने काफ़ी कोशिश की लेकिन करिश्मा उनके

हाथ नही आई. करिश्मा अपनी पढ़ाई और यूनिवर्सिटी के सन्गी

साथी मे ही मुशगूल रहती थी. थोड़े दीनो के बाद करिश्मा की

शादी उसी सहर के रहने वाले एक पोलीस ऑफीसर से तय हो

गयी.उस लड़के के नाम रमेश था और उसके पिताजी का नाम

रसिकलाल था और सब उनको रसिकलाल जी कहकर बुलाते थे. रसिकलाल

जी अपने जवानी के दिनो मे और अपनी शादी के बाद भी हर औरत को

अपनी नज़र से चोद्ते थे और जब कभी मौका मिलता था तो उनको अपनी

लंड से भी चोद्ते थे. रसिकलाल जी की पत्नी का नाम स्नेहलाता है

और वो एक लेखिका है. अब तब गिरिजा जी करीब 8-10 किताबे लिख

चुकी है. रसिकलाल जी बहुत चोदु है और अब तक वो अपने घर

मे कई लड़की और औरतो को चोद चुके थे और अब जब कि उनका काफ़ी

उमर हो गया था मौका पाते ही कोई ना कोई औरत को पटा कर अपनी

बिस्तेर गरम करते थे. रसिकलाल जी का लंड की लंबाई करीब 8 1/2"

लंबा और मोटाई करीब 3 ½" है और वो जब कोई औरत की चूत मे

अपना लंड डालते तो करीब 25-30 मिनट के पहले वो झरते नही है.

इसीलिए जो औरत उनसे अपनी चूत चुदवा लेती है फिर दोबारा मौका

पाते ही उनका लंड अपनी चूत मे पिलवा लेती हैं.आज करिश्मा का

सुहागरात है. परसों ही उसकी शादी रमेश के साथ हुई थी.

करिश्मा इस समय अपने कमरे मे सज धज कर बैठी अपनी पति

का इन्तिजार कर रही है. उसका पति कैसे उसके साथ पेश आएगा, एह

सोच सोच कर करिश्मा का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा है. सुहागरात

मे क्या क्या होता है, ये उसको उसकी भाभी और सहेलिओ ने सब

बता दिया था. करिश्मा को मालूम है कि आज रात को उसका पति कमरे

मे आ कर उसको चूमेगा, उसकी चुचियो को दबाएगा, मसलेगा और

फिर उसके कपड़ो को उतार कर उसको नंगी करेगा. फिर खुद अपने

कपरे उतार कर नंगा हो जाएगा. इसके बाद, उसका पति अपने खड़े लंड

से उसकी चूत की चटनी बनाते हुए उसको चोदेगा.वैसे तो

करिश्मा को चुदवाने का तजुर्बा शादी के पहले से ही है.

करिश्मा अपने कॉलेज के दिनो मे अपने क्लास के कई लड़को का लंड

अपने चूत मे उतरवा चुकी है. एक लड़के ने तो करिश्मा को उसकी

सहली के घर ले जा कर सहेली के सामने ही चोदा था और फिर

सहेली की गंद भी मारी थी. एक बार करिश्मा अपने एक सहली के

घर पर शादी मे गयी हुई थी. वहाँ उस सहली के भाई, सुरेश,

ने उसको अकेले मे छेड़ दिया और करिश्मा की चूंची दबा दिया.

करिश्मा ने सिर्फ़ मुस्कुरा दिया. फिर सहली के भाई ने आगे बढ़ कर

करिश्मा को पकड़ लिया और चूम लिया. तब करिश्मा ने भी बढ़ कर

सहेली के भाई को चूम लिया. तब सुरेश करिश्मा के ब्लाउस के

अंदर हाथ डाल उसकी चूंची मसलने लगा और करिश्मा भी गरम

हो कर अपनी चूंची मसलवाने लगी और एक हाथ उसके पॅंट के

उप्पेर से उसके लंड पर रख दिया. तब सुरेश करिश्मा को पकड़

कर छत पर ले गया . छत पर कोई नही था, क्योंकी सारे घर के

लोग नीचे शादी मे ब्यस्त थे. छत पर जा कर सुरेश ने

करिश्मा को छत की दीवार से खड़ा कर दिया और करिश्मा से लिपट

गया . सुरेश एक हाथ से करिश्मा की चूंची दबा रहा था और

दूसरा हाथ सारी के अंदर डाल कर उसकी बुर को सहला रहा था.थोरी

देर मे ही करिश्मा गरमा गयी और उसकी मुँह से तरह तरह की

आवाज़ निकलने लगी. फिर जब सुरेश ने करिश्मा की सारी को उतारना

चाहा तो करिश्मा ने मना कर दिया और बोली, "नही सुरेश हमको

एकदम से नंगी मत करो. तुम मेरी सारी उठा कर, पीछे से

अपना गधे जैसा लंड मेरी चूत मे पेल कर मुझे चोद दो." लेकिन

सुरेश ना माना और उसने करिश्मा को पूरी तरह नंगी करके उसको

छत के मुंडेर से खड़ा करके उसके पीछे जा कर अपना लंड उसकी

चूत मे पेल कर उसको खूब रगड़ रगड़ कर चोदा. चोदते समय

सुरेश अपने हाथों से करिश्मा की चुचियो को भी मसल रहा

था. करिश्मा अपनी चूत की चुदाई से बहुत मज़ा ले रही थी और

सुरेश के हर धक्के के साथ साथ अपनी कमर हिला हिला कर सुरेश का

लंड अपनी चूत से खा रही थी. थोरी देर के बाद सुरेश

करिश्मा की चूत चोद्ते चोद्ते झार गया . सुरेश के झरते ही

करिश्मा ने अपनी चूत से सुरेश का लंड निकाल दिया और खुद

सुरेश के सामने बैठ कर उसका लंड अपने मुँह मे ले कर चाट चाट

कर साफ कर दिया. थोरी देर के बाद करिश्मा और सुरेश दोनो छत से

नीचे आ गये.आज करिश्मा अपनी सुहागरात की सेज पर अपनी कई बार की

चूदी हुए चूत ले कर अपने पति के लिए बैठी थी. उसकी दिल ज़ोर ज़ोर

से धड़क रही थी क्योंकी करिश्मा को डर था कि कहीं उसके

पति ये ना पता चल जाए कि करिश्मा पहले ही चुदाई का आनंद ले

चुकी है. थोरी देर के बाद कमरे का दरवाजा खुला. करिश्मा ने

अपनी आँख तिरछी करके देखा कि उसकी ससुरजी, रसिकलाल जी,

कमरे मे आए हुए हैं. करिश्मा का माथा ठनका, कि सुहागरात के

दिन ससुरजी का क्या काम आ गया है. खैर करिश्मा चुपचाप अपने

आप को सिकोर बैठी रही. थोरी देर के बाद रसिकलाल जी सुहाग की

सेज के पास आए और करिश्मा के तरफ देख कर बोला,"बेटी मैं जानता

हूँ कि तुम अपने पति के लिए इन्तिजार कर रहीहो. आज की सब लड़किया अपने

पति का इंतिज़ार करती है. इस दिन के लिए सब लड़कियो को बहुत दीनो से

इंतिज़ार रहता है. लेकिन तुम्हारा पति, रमेश, आज तुमसे सुहागरात

मनाने नही आ पाएगा. अभी अभी थाने से फोन आया था और

वो अपनी यूनिफॉर्म पहन कर थाने चला गया . जाते जाते, रमेश

ये कह गया कि सहर के किसी भाग मे डकैती पड़ी है और वो

उसके छानबीन करने जा रहा है.
 
लेकिन बेटी तू बिल्कुल चिंता मत करना.

मैं तेरा सुहागरात खाली नही जाने दूँगा." करिश्मा ने अपने

ससुरजी की बात सुन तो ली पर अपने ससुर की बात उसकी दीमाग मे

नही घुसी, और करिश्मा अपना चहेरा उठा कर अपने ससुर को

देखने लगी. रसिकलाल जी नेआगे बढ़ कर करिश्मा को पलंग पर से

उठा लिया और ज़मीन पर खड़ा कर दिया. तब रसिकलाल जी मुस्कुरा

कर करिश्मा से बोले, "घबराना नही, मैं तुम्हारी सुहागरात बेकार

जाने नही दूँगा, कोई बात नही, रमेश नही तो क्या हुआ मैं तो

हूँ." इतना कह कर रसिकलाल जी आगे बढ़ कर करिश्मा को अपनी

बाँहों मे भर कर उसकी होठों पर चुम्मा दे दिया.जैसे ही

रसिकलाल जी ने करिश्मा के होठों पर चुम्मा दिया, करिश्मा

चौंक गयी और अपने ससुरजी से बोली, "ये आप क्या कर रहें है.

मैं आपके बेटे की पत्नी हूँ और उस लिहाज से मैं आप की बेटी लगती हूँ

और मुझको चूम रहें है?" रसिकलाल जी ने तब करिश्मा से कहा,

"पागल लड़की, अरे मैं तो तुम्हारी सुहागरात बेकार ना जाए इसलिए तुमको

चूमा. अरे लड़किया जब शादी के पहले जब शिव लिंग पर पानी चढ़ाती

है तब वो क्या मांगती है? वो मांगती है कि शादी के बाद उसका

पति उसको सुहागरात मे खूब रगड़े. समझी? करिश्मा ने अपना

चहेरा नीचे करके पूछा, "मैं तो सब समझ गयी, लेकिन

सुहागरात और रगड़ने वाली बात नही समझी." रसिकलाल जी

मुस्कुरा कर बोले, "अरे बेटी इसमे ना समझने की क्या बात है? तू क्या

नही जानती कि सुहागरात मे पति और पत्नी क्या क्या करते है? क्या

तुझे ये नही मालूम की सुहागरात मे पति अपनी पत्नी को कैसे

रगड़ता है?" करिश्मा अपना सिर को नीचे रखती हुई बोली, "हां,

मालूम तो है कि पहली रात को पति और पत्नी क्या क्या करते और करवाते

हैं. लेकिन, आप ऐसा क्यों कह रहें है?" तब रसिकलाल जीने आगे

बढ़ कर करिश्मा को अपने बाहों मे भर लिया और उसके होठों को

चूमते हुए बोले, "अरे बहू, तेरी सुहागरात खाली ना जाए, इसलिए मैं

तेरे साथ वो सब काम करूँगा जो एक आदमी और औरत सुहागरात मे

करते हैं."करिश्मा अपने ससुर के मुँह से उनकी बात सुन कर शर्मा

गयी और अपने हाथों से अपना चहेरा ढँक लिया और अपने ससुर

से बोली, "हाई! ये क्या कह रहें है आप. मैं आपके बेटे की पत्नी हूँ

और इस नाते से मैं आपकी बेटी समान हूँ और मुझसे क्या कह रहें

है?" तब रसिकलाल जी अपने हाथों से करिश्मा की चुन्चिओ को

पकड़ कर दबाते हुए बोले, "हाँ मैं जानता हूँ कि तू मेरी बेटी समान

है. लेकिन मैं तुझे अपनी सुहागरात मे तड़पते नही देख सकता और

इसीलिए मैं तेरे पास आया हू." तब करिश्मा अपने चहेरे से अपना

हाथ हटा कर बोली, "ठीक है बाबूजी, आप मेरे से उमर मे बड़े

हैं. आप जो ही कह रहें है, ठीक ही कह रहें हैं. लेकिन घर मे

आप और मेरे सिबा और भी तो लोग हैं." करिश्मा का इशारा अपनी

सासू के लिए था. तब रसिकलाल जी ने करिश्मा की चूंची को

अपने हाथों से ब्लाउस के उपर से मलते हुए कहा, "करिश्मा तुम

चिंता मत करो. तुम्हारी सासू को सोने से पहले दूध पीने की

आदत है, और आज मैने उनके दूध मे दो नींद की गोली मिला कर उनको

पीला दिया है. अब रात भर वो आराम से सोती रहेंगी." तब करिश्मा

ने अपने हाथों से अपने ससुर की कमर पकड़ते हुए बोली, "अब आपको

जो भी करना है कीजिए, मैं मना नही करूँगी."तब रसिकलाल जीने

करिश्मा को अपनी बाहों मे भींच लिया और उसकी मुँह को बेतहाशा

चूमने लगे और अपने दोनो हाथों से उसकी चुन्चेओ को पकड़ कर

दबाने लगे. करिश्मा भी चुप नही थी. वो अपने हाथों से

अपने ससुर का लंड उनके कपड़े के उपर से पकड़ कर मुठिया रही

थी. रसिकलाल जी अब रुकने के मूड मे नही थे. उन्होने

करिश्मा को अपने से लग किया और उसकी सारी की पल्लू को कंधे से

नीचे गिरा दिया. पल्लू के नीचे गिरते ही करिश्मा की दो बड़ी बड़ी

चूंची उसके ब्लाउस के उपर से गोल गोल दिखने लगी. उन चूंचियो

को देखते ही रसिकलाल जी उन पर टूट परे और अपना मुँह उस पर

रगड़ने लगे. करिश्मा की मुँह से ओह! ओह! आह! क्या कर रहे की

आवाज़े आने लगी. थोरी देर के बाद रसिकलाल जी ने करिश्मा की सारी

उतार दी और तब करिश्मा अपने पेटिकोट पहने ही दौड़ कर कमरे

का दरवाजा बंद कर दिया. लेकिन जब करिश्मा कमरे की लाइट बुझाना

चाही तो रसिकलाल जी ने मना कर दिया और बोले, "नही बत्ती

मत बंद करो. पहले दिन रोशनी मे तुम्हारी चूत चोदने मे बहुत

मज़ा आएगा." करिश्मा शर्मा कर बोली, "ठीक है मैं बत्ती बंद

नही कर ती, लेकिन आप भी मुझको बिल्कुल नंगी मत कीजिएगा." "अरे

जब थोड़ी देर के बाद तुम मेरा लंड अपनी चूत मे पिलवाओगी तब

नंगी होने मे शरम कैसी. चलो इधर मेरे पास आओ, मैं अभी

तुमको नंगी कर देता हूँ." करिश्मा चुपचाप अपना सर नीचे

किए अपने ससुर के पास चली आई.जैसे ही करिश्मा नज़दीक आई,

रसिकलाल जी ने उसको पकड़ लिया और उसके ब्लाउस के बटन खोलने

लगे. बटन खुलते ही करिश्मा की बड़ी बड़ी गोल गोल चूंचियाँ उसके

ब्रा के उपर से दिखने लगी. रसिकलाल जी अब अपना हाथ करिश्मा के

पीछे ले जाकर करिश्मा की ब्रा की हुक भी खोल दी. हुक खुलते ही

करिश्मा की चूंची बाहर रसिकलाल जी के मुँह के सामने झूलने

लगी. रसिकलाल जी तुरंत उन चुन्चियो को अपने मुँह मे भर लिया

और उनको चूसने लगे. करिश्मा की चुन्चियो को चूस्ते चूस्ते उन्होने

करिश्मा की पेटिकोट का नाडा खींच दिया और पेटिकोट करिश्मा के

पैर से सरकते हुए करिश्मा के पैर के पास जा गिरा. अब करिश्मा अपने

ससुर के सामने सिर्फ़ अपने पॅंटी पहने खड़ी थी. रसिकलाल जी ने

झट से करिश्मा की पॅंटी भी उतार दी और करिश्मा बिल्कुल नंगी हो

गयी. नंगी होते ही करिश्मा ने अपनी चूत अपने हाथों से ढक

ली और शरमा कर अपने ससुर को कनखियो से देखने लगी.

रसिकलाल जी नंगी करिश्मा के सामने ज़मीन पर बैठ गये

और करिश्मा की चूत पर अपना मुँह लगा दिया. पहले रसिकलाल जीने

अपने बहू की चूत को खूब सुघा. करिश्मा की चूत से निकलती

सौंधी सौंधी खुश्बू रसिकलाल जी के नाक मे भर गयी .

वो बड़े चाव से करिश्मा की चूत को सूंघने लगे. थोरी देर के

बाद उन्होने अपना जीव निकाल कर करिश्मा की चूत को चाटना सुरू

कर दिया. जैसे ही उनकी जीव करिश्मा की चूत मे घुसी, तो करिश्मा

जो की पलंग के सहारे खड़ी थी, पलंग पर अपने चूतर टीका दिए

और अपने पैर फैला कर अपनी चूत अपने ससुर से चटवाने लगी.

थोड़ी देर तक करिश्मा की चूत चाटने के बाद रसिकलाल जीने अपनी

जीव करिश्मा की चूत के अंदर डाल दी और अपनी जीव को घुमा

घुमा कर चूत को चूसने लगे. अपनी चूत चटाई से करिश्मा

बहुत गरम हो गयी और उसने अपने हाथों से अपने ससुर का सिर

पकड़ कर अपनी चूत मे दबाने लगी और उसकी मुँह से सी सी की

आवाज़े भी निकलने लगी.
 


अब रसिकलाल जीने उठ कर करिश्मा को पलंग पर पीठ के बल लेटा दिया.

जैसे ही करिश्मा पलंग पर लेटी, रसिकलाल जी झपट कर करिश्मा

पर चढ़ बैठ गये और अपने दोनो हाथों से करिश्मा की चूंचियो

को पकड़ कर मसल्ने लगे. रसिकलाल जी अपने हाथों से करिश्मा की

चूंची को मसल रहे थे और मुँह से बोल रहे थे, "मुझे

मालूम था कि तेरी चूंची इतनी मस्त होगी. मैं जब पहली बार तुझको

देखने गया था तो मेरा नज़र तेरी चूंची पर ही थी और मैने

उसी दिन सोच लिया था इन चूंचियो पर मैं एक ना एक दिन ज़रूर अपना

हाथ रखूँगा और इनको रगड़ रगड़ कर दाबुँगा. "हाई! आह! ओह! एह

आप क्या कह रहें है? एक बाप होकर अपने लड़के के लिए लड़की

देखते वक़्त आप उसकी सिर्फ़ चुन्चिओ को घूर रहे थे.

क्रमशः.........................
 


Meri chut pasand hai paart--1

Karishma apne maa-baap ki ekloutee larkee hai aur Delhi me rahtee

hai. Karishma ke pitajee, Mr. sundeep verma Delhi me hi L.I.C. me

Officer the aur pechle char sal pahale swargwasi ho gaye the aur

Karishma ki matajee, Smt. Rajni ek house wife hai. Karishma ke aur

do bhai bhi hai aur unki shadee bhi ho gayee hai. Karishma peechle

saal hi M.A. (English) pas kiya hai. Karishma ka rang bahut hu gora

hai aur uske figure 36-25-38 hai. Wo jab chaltee hai to uske kamar

me ek ajeeb si bal khatee hai aur chalte waqt uski chootar bahut hilte

hai. Uske hilte hue chootar ko dekh kar paros ke kayee nawjawan,

aur burhe aadmee ka dil machal jata hai aur unke lund khara ho jata

hai. Paros ke kai larkon ne kafee koshish kee lekin Karishma unke

hath nahee aauee. Karishma apne parhaee aur university ke sangee

sathee me hi mushgool rahatee thee. Thore dino ke bad Karishma ki

shadee usi sahar ke rahane wale ek police officer se taya ho

gayee.Us larke ke nam Ramesh tha aur uske pitajee ka nam

RasikLal tha aur sab unko RasikLal Jee kahkar bulate the. RasikLal

Jee apne jawanee ke dino me aur apni shadi ke bad bhi har aurat ko

apani nazar se chodte the aur jab kabhi mauka milta tha to unko apni

laure se bhi chodte the. RasikLal Jee ki patni ka nam Snehalara hai

aur woe k lekhika hai. Ab tab Girija jee ne kareeb 8-10 kitabe likh

chuki hai. RasikLal Jee bahut chodu hai aura ab tak wo apne ghar

me kaee larkee aur aurat ko chod chuke the aur ab jab ki unka kafee

umar ho gaya tha mauka pate hi koi na koi aurat ko pata kar apni

bister garam karte the. RasikLal Jee ka lund ki lumbai kareeb 8 1/2"

lumba au motai kareeb 3 ½" hai aur wo jab koi aurat ki choot me

apna lund dalte to kareeb 25-30 minut ke pahale wo jharte nahee hai.

Isiliye jo aurat unse apni choot chudwa leti hai phir dobara mauka

pate hi unka lund apni choot me pilwa lrti hain.Aaj Karishma ka

suhagratt hai. Parson hi uski shadi Ramesh ke sath hue thee.

Karishma is samay apne kamare me saj dhaj kar baithee apnee pati

ka intijar kar rahee hai. Uski pati kaise uske sath pesh ayega, eh

soch soch kar Karishma ka dil jor jor se dharak raha hai. Suhagrat

me kya kya hota hai, eh usko uskee bhabhee aur saheloeon ne sab

bata diya tha. Karishma ko malum hai ki aaj rat ko uske pati kamare

me aa kar usko chumega, uski chuncion ko dabaega, masalega aur

phir uske kaparon ko utar kar usko nangee karega. Phir khud apne

kapare utar kar nanga ho jayega. Iske bad, uska pati apne khare lund

se uski choot ki chatanee banate hue usko chodega.Waise to

Karishma ko chudwane ki tajurba shadee ke pahale se hi hai.

Karishma apne college ke dino me apne class ke kai larkon ka lund

apne choot me utrwa chuki hai. Ek larke ne to Karishma ko uski

sahalee ke ghar le ja kar sahelee ke samne hi choda tha aur phir

sahelee ki gand bhi maree thee. Ek bar Karishma apne ek sahali ke

ghar par shadi me gayee hui thee. Wahan us sahali ke bhai, Suresh,

ne usko akele me cher diya aur Karishma ka chunchee daba diya.

Karishma sirf muskura diya. Phir sahalee ke bhai ne age barh kar

Karishma ko pakar liya aur chum liya. Tab Karishma ne bhi barh kar

sahalee ke bhai ko chum liya. Tab Suresh ne Karishma ke blouse ke

andar hath dal uski chunchee masalane laga aur Karishma bhi garam

ho kar apni chunchee masalwane lagee aur ek hath se uske pant ke

upper se uske laund par rakh diya. Tab Suresh ne Karishma ko pakar

kar chat par le gaya . Chat par koi nahee tha, kyonkee sare ghar ke

log neeche shadee me byaste the. Chat par ja kar Suresh ne

Karishma ko chat ki diwar se khara kar diya aur Karishma se lipat

gaya . Suresh ek hath se Karishma ki chunchee daba raha tha aur

dusra hath saree ke andar dal kar uski bur ko sahala raha tha.Thori

der me hi Karishma garma gayee aur uski munh se tarah tarah ki

awaj nikalne lagee. Phir jab Suresh ne Karishma ki saree utarne

chaha to Karishma ne mana kar diya aur boli, "Nahee Suresh humko

ekdam se nangee mat karo. Tum mera saree utha kar, peeche se

apna gadhe jaisa lund meri choot me pel kar mujhe chod do." Lekin

Suresh na mana aur usne Karishma ko puri tarah nangee karke usko

chat ke munder se khara karke uske peeche ja kar apna lund uski

choot me pel kar usko khub ragar ragar kar choda. Chodte samay

Suresh apne hathon se Karishma ki chuncheon ko bhi masal raha

tha. Karishma apni choot ki chudai se bahut maja le rahee thee aur

Suresh ke har dhakke ke sath sath apni kamar hila hila kar Suresh ka

lund apni choot se kha rahee thee. Thori der ke bad Suresh

Karishma ki choot chodte chodte jhar gaya . Suresh ke jharte hi

Karishma ne apni choot se Suresh ka lund nikal diya aur khud

Suresh ke samne baith kar uska lund apne mumh me le kar chat chat

kar saf kar diya. Thori der ke bad Karishma aur Suresh dono chat se

neeche aa gaye.Aaj Karishma apni suhagrat ki sej par apni kai bar ki

chudi hue choot le kar apne pati ke liye baithee thee. Uski dil jor jor

se dharak rahee thee kyonkee Karishma ko dar tha ki kaheen Uske

pati eh na pata chal jaye ki Karishma pahale hi chudai ka anad le

chukee hai. Thori der ke bad kamare ka darwaja khula. Karishma ne

apni ankh teerchee karke dejhi ki uskee sasurjee, RasikLal Jee,

kamare me aaye hue hain. Karishma ka matha thanka, ki suhagrat ke

din sasurjee ka kya kam aa gaya hai. Khair Karishma chupchap apne

aap ko sikor baithee rahee. Thori der ke bad RasikLal Jee suhag ki

sej ke pas aaye aur Karishma ke taraf dekh kar bola,"beti mai jantee

hun ki tum apne pati ke liye intijar kar ho. Aaj ke sab larkean apne

pati ka intizar kartee hai. Is din ke liye sab larkion ka bahut dino se

intizar rahtee hai. Lekin tumhara pati, Ramesh, aaj tumse suhagrat

manane nahee aa payega. Abhi abhi thane se phone aaya tha aur

woh apne uniform pahan kar thane chala gaya . Jate jate, Ramesh

eh kah gaya ki sahar ke kai bhag me dakaitee paree hai aur woh

uske chanbin karne ja raha hai. Lekin beti tu bilkul chinta mat karna.

Mai tera suhagrat khalee nahee jane dunga." Karishma apne

sasurjee ki bat sun to liya par apne sasur ki bat uski deemag me

nahee ghusa, aur Karishma apna chehera utha kar apne sasur ko

dekhne lagee. RasikLal Jee age barh kar Karishma ko palang par se

utha liya aur jameen par khara kar diya. Tab RasikLal Jee muskura

kar Karishma se bole, "ghabrana nahee, mai tumhara suhagrat bekar

jane nahee dunga, Koi bat nahee, Ramesh nahee to kya hua mai to

hun." Itna kah kar RasikLal Jee age barh kar Karishma ko apne

banhon me bhar kar uski hothon par chumma de diya.Jaise hi

RasikLal Jee ne Karishma ke hothon par chumma diya, Karishma

chaunk gayee aur apne sasurjee se boli, "eh aap kya kar rahen hai.

Mi apke baete ki patni hun aur us lihaj se mai aap ki beti lagtee hun

aur mujhko chum rahen hai?" RasikLal Jee ne tab Karishma se kah,

"pagal larkee, are mai to tumhari suhagrat bekar na jaye isliye tumko

chuma. Are larkian jab shadi ke pahale jab Shiv Ling par pani charate

hai tab wo kya mangtee hai? Wo mangtee hai ki shadi ke bad uska

pati usko suhagrat me khub ragare. Samajhee? Karishma ne pani

chehera neeche karke puchee, "mai to sab samajh gayee, lekin

suhagrat aur ragarne wali bat nahee samjhee." RasikLal Jee

muskura kar bole, "are beti isme na samajhne ki kya bat hai? Tu kya

nahee jantee ki suhagrat me pati aur patni kya kya karte hai? Kya

tujhe eh nahee malum ki suhagrat me pati apne patni ko kaise

ragarta hai?" Karishma apni sir ko neeche rakhtee hui boli, "haan,

malum to hai ki pahali rat ko pati aur patni kya kya karte aur karwate

hain. Lekin, aap aisa kyon kah rahen hai?" Tab RasikLal Jee age

barh kar Karishma ko apne bahon me bhar liya aur uski hothon ko

chumte hue bole, "are bahu, tera suhagrat khali na jaye, isliye mai

tere sath wo sab kam karunga jo ek admi aur aurat suhagrat me

karte hain."Karishma apni sasur ke munh se unki bat sun kar sharma

gayee aur apne hathon se apna chehera dhank liya aur apne sasur

se boli, "hai! Eh kya kah rahen hai aap. Mai apke bete ki patni hun

aur is nate se mai apki beti saman hun aur mujhse kya kah rahen

hai?" Tab RasikLal Jee apne hathon se Karishma ki chunchion ko

pakar kar dabate hue bole, "han mai janta hun ki tu meri beti saman

hai. Lekin mai tujhe apne suhagrat me tarapte nahee dekh sakta aur

isiliye mai tere pas ayah un." Tab Karishma apne chehere se apna

hath hata kar boli, "theek hai babujee, aap mere se umar me bare

hain. Aap jo hi kah rahen hai, teek hi kah rahen hain. Lekin ghar me

aap aur mere siba aur bhi to log hain." Karishma ka ishara apne

sasuma ke liye thee. Tab RasikLal Jee ne Karishma ki chunchee ko

apne hathon se blouse ke upar se malte hue kah, "Karishma tum

chinta mat karo. Tumhari sasuma ko sone se pahale doodh pine ki

adapt hai, aur aaj mai unki doodh me do neend ki goli mila kar unko

pila diya hai. Ab rat bhar wo aram se sotee rahengee." Tab Karishma

ne apne hathon se apne saurjee ki kamar pakarte hue boli, "ab aap

jo bhi karana hai kijie, mai mana nahi karujgee."Tab RasikLal Jee

Karishma ko apne bahon me bhinch liya aur uski munh ko betahasha

chumne lage aur apne dono hathon se uski chuncheon ko pakar kar

dabane lage. Karishma bhi chup nahee thee. Wo apne hathon se

apne sasur ka lund unke kapare ke upar se pakar kar muthia rahee

thee. RasikLal Jee ab rukne ke mood me nahee the. Unhone

Karishma ko apne se lag kiya aur uski saree ki palloo ko kandhe se

neeche gira diya. Palloo ko neeche girte hi Karishma ki do bari bari

chunchee uske blouse ke upar se gol gol dikhne lagee. Un chunchee

ko dekhte hi RasikLal Jee un par tut pare aur apna munh us par

ragarne lage. Karishma ki munh se Oh! Oh! Ah! Kya kar rahe ki

awaje ane lagee. Thori der ke bad RasikLal Jee ne Karishma ki saree

utar diya aur tab Karishma apne petticoat pahane hi daur kar kamare

ka darwaja band kar diya. Lekin jab Karishma kamare ki light bujhana

chahee to RasikLal Jee ne mana kar diya aur bole, "nahee battee

mat band karo. Pahale din roshni me tumhari choot chodne me bahut

maza ayega." Karishma sharma kar boli, "teekh hai mai battee band

nahee kar tee, lekin aap bhi mujhko bilkul nangee mat kijiyega." "Are

jab thori der ke bad tum mera lund apni choot me pilwaogee tab

nangee hone me sharam kaisa. Chalo idhar mere pas aao, mai abhi

tumko nangee kar deta hun." Karishma chupchap apna sar neeche

kiye apne sasur ke pas chali aaye.Jaise hi Karishma nazdik aayee,

RasikLal Jee ne usko pakar liya aur uske blouse ke button kholne

lage. Button khulte hi Karishma ki bari bari gol gol chunchian uske

bra ke upar se dikhne lagee. RasikLal Jee ab apna hath Karishma ke

peeche le jakar Karishma ki bra ki hook bhi khol. Hook khulte hi

Karishma ki chunchee bahar RasikLal Jee ke munh ke samne jhulne

lagi. RasikLal Jee turant un chuncheon ko apne munh me bhar liya

aur unko chusne lage. Karishma ki chuncheon ko chuste chuste wo

Karishma ki petticoat ka nara kheench diya aur petticoat Karishma ke

pair se sarkte hue Karishma ke pair ke pas ja gira. Ab Karishma apne

sasur ke samne sirf apne panty pahane kahree thee. RasikLal Jee ne

jhat se Karishma ki panty bhi utar dee aur Karishma bilkul nangee ho

gayee. Nangee hote hi Karishma ne apni choot apne hathon se dhak

liya aur sarma kar apne sasur ko kankheon se dekhne lagee.

RasikLal Jee nangee Karishma ke saamne jameen par baith gaye

aur Karishma ki choot par apna munh laga diya. Pahale RasikLal Jee

apne bahu ki choot ko khub sugha. Karishma ki choot se nikaltee

saundhee saundhee khushbu RasikLal Jee ke nak me bhar gaya .

Wo bare chav se Karishma ki choot ko sunghne lage. Thori der ke

bad unhone apna jeev nikal kar Karishma ki choot ko chatna suiru

kar diya. Jaise hi unka jeev Karishma ki choot me ghusa, to Karishma

jo ki palang ke sahare khare thee, palang par apni chootar tika diya

aur apne pair faila kar apni choot apni sausr se chatwane lagee.

Thori der tak Karishma ki choot chatne ke bad RasikLal Jee apna

jeev Karishma ki choot ke andar dal diya aur apni jeev ko ghuma

ghuma kar choot ko chusne lage. Apni choot chatai se Karishma

bahut garam ho gayee aur usne apne hathon se apni sasaur ka sir

pakar kar apni choot me dabane lagee aur uski munh se see see ki

awaje bhi nikalne lagee.

Ab RasikLal Jee uth kar Karishma ko palang par pith ke bal leta diya.

Jaise hi Karishma palang par letee, RasikLal Jee jhapat kar Karishma

par char baith gaye aur apne dono hathon se Karishma ki chuncheon

ko pakar kar masalne lage. RasikLal Jee apne hathon se Karishma ki

chunchee ko masal rahe the aur munh se bol rahe the, "mujhe

malum tha ki teri chunchee itni mast hogi. Mai jab pahalee bar tujhko

dekhne gaya tha to mera nazar teri chunchee par hi thee aur maine

usi din soch liya tha in chuncheon par mai ek na ek din jaroor apna

hath rakhunga aur inko ragar ragar kar dabunga. "Hai! Ah! Oh! Eh

aap kya kah rahen hai? Ek bap hokar apne larke ke liye larkee

dekhte waqt aap uski sirf chunchion ko ghur rahe the.

karamashah.........
 


मेरी चूत पसंद है पार्ट--2

गतान्क से आगे.......

छी कितने गंदे है आप" करिश्मा मचलती हुई बोली. तब रसिकलाल जी

करिश्मा को चूमते हुए बोले, "अरे मैं तो गंदा हूँ ही, लेकिन तू क्या

कम गंदी है? अपने ससुर के सामने बिल्कुल नंगी पड़ी हुई है

और अपनी चुचियो को ससुर से मसलवा रही है? अब बता कोन

ज़्यादा गंदा है, मैं या तू?" फिर रसिकलाल जी ने करिश्मा से

पूछा, "अच्छा ये बात कि चुचि मसलाई से तेरा क्या हाल हो रहा

है?" करिश्मा अपने ससुर से लिपट कर बोली, ""ऊऊहह और जोरे से

हां ससुरजी और ज़ोर से दबाओ बड़ा मज़ा आरहा है मुझे,

आपके हाथ औरतों के चुचियो से खेलने मे बहुत ही माहिर है.

आपको पता है कि औरतों की चूंची कैसे दबाया जाता है. और ज़ोर

से दबाइए, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है. फिर करिश्मा अपने

ससुर को अपने हाथों से बाँधते हुए बोली, "अब बहुत हो गया है

चूंची से खेलना. आपको इसके आगे जो भी करने वाले हैं जल्दी

कीजिए, कहीं रमेश ना आ जाए और मेरी भी चूत मे खुजली हो

रही है." "अभी लो, मैं अभी तुझको अपने इस मोटे लंड से चोद्ता हूँ.

आज तुझको मैं ऐसा चोदुन्गा कि तू जिंदगी भर याद रखेगी" इतना

कह कर रसिकलाल जी उठकर करिश्मा के पैरों के बीच उकूड़ू हो कर

बैठ गये.

ससुरके अपने ऊप्पेर से उठते ही करिश्मा ने अपनी दोनो टाँगों को

फैला कर ऊपर उठा लिया और उनको घुटने से मोड़ कर अपना घुटना

अपनी चुन्चिओ पर लगा लिया. इससे करिश्मा की चूत पूरी तरह से

खुल कर ऊपर आ गयी और अपने ससुर के लंड कोअपनी चूत को

खिलाने के लिए तैयार हो गयी. रसिकलाल जी भी उठ कर अपनी धोती

उतार, अंडरवेर, कुर्ता और बनियान उतार कर नंगे हो गये और फिर से

करिश्मा के खुले हुए पैरों के बीच मे आकर बैठ गये. तब

करिश्मा नेउठ कर अपने ससुर का तन्तनाया हुआ लंड अपने नाज़ुक

हाथों से पकड़ लिया और बोली, "ऊओह ससुरजी कितना मोटा और

सख़्त है आपका ये." रसिकलाल जी करिश्मा के कन से अपना मुँह

लगा कर बोले, "मेरा क्या? बोल ना करिश्मा, बोल" रसिकलाल जी अपने

हाथों से करिश्मा का गदराई हुई चुचियो को अपने दोनो

हाथों से मसल रहे थी और करिश्मा अपने ससुर का लंड पकड़

कर मुट्ठी मे बाँधते हुए बोली, " आपका ये पेनिस सस्स्शह

उउउउम्म्म्म्म्म्माआह्ह्ह्ह." रसिकलाल जी फिरसे करिश्मा के कान

पर धीरे से बोले, "करिश्मा हिन्दी मे बोलो ना इसका नाम प्लीज़".

करिश्मा ससुर के लंड को अपने हाथों मे भर कर अपनी नज़र

नीची कर के अपने ससुर से बोली, "मैं नही जानती, आप ही बोलिए ना,

हिन्दी मे इसको क्या कहते हैं." रसिकलाल जी ने हंस कर करिश्मा की

चूंची के चूस्ते हुए बोले, "अरे ससुर के सामने नंगी बैठी

है और ये नही जानती कि अपने हाथ मे क्या पकड़ रखी है? बोल

बेटी बोल इसको हिन्दी मे क्या कहते और इससे अभी हम तेरे साथ क्या

करेंगे."तब करिश्मा ने शरमा कर अपने ससुर के नगी छाती

मे मुँह छुपाते हुए बोली, "ससुरजी मैने अपने हाथों से आपका खड़ा

हुआ मोटा लंड पकड़ रखा है, और थोरी देर के बाद आप इस लंड को

मेरी चूत के अंदर डाल कर मेरी चुदाई करेंगे. बस अब तो खुश

हैं आप. अब मैं बिल्कुल बेशर्म होकर आपसे बात करूँगी." इतना सुन

कर रसिकलाल जी ने तब करिश्मा को फिर से पलंग पर पीठ के बल

लेटा दिया और अपने बहू के टाँगो को अपने हाथों से खोल कर खुद उन

खुली टाँगो के बीच बैठ गये. बैठने के बाद उन्होने झुक कर

करिश्मा की चूत पर दो तीन चुम्मा दिया और फिर अपना लंड अपने

हाथों से पकड़ कर अपनी बहू की चूत के दरवाजे पर दिया. चूत

पर लंड रखते ही करिश्मा अपनी कमर उठा उठा कर अपने ससुर के

लंड को अपनी चूत मे लेने की कोशिश करने लगी. करिश्मा की

बेताबी देख कर रसिकलाल जी अपनी बहू से बोली, "रुक छीनाल रुक,

चूत के सामने लंड आते ही अपनी कमर उचका रही है. मैं अभी

तेरे चूत की खुजली दूर करता हूँ." करिश्मा तब अपने ससुर की

छाती पर हाथ रख कर उनकी निपल को अपने उंगलियो से मसल्ते हुए

बोली, "ऊऊहह ससुरजी बहुत हो गया है. आअब बर्दाश्त नहीं हो

रहा है आओ ना ऊऊओ प्लीज़ ससुरजी, आओ ना, आओ और जल्दी

से मुझको चोदो. अब देर मत करो अब मुझे चोदो ना अब और

कितनी देर करेंगे ससुरजी. ससुर जी जल्दी से अपना ये मोटा लंड

मेरी चूत मे घुसेर दीजिए. मैं अपनी चूत की खुजली से पागल हुई जा

रही हूँ. जल्दी से मुझे अपने लंड से चोदिये. आह! ओह! क्या मस्त

लंड है आपका." रसिकलाल जीने अपना लंड अपने बहू की चूत मे ठेलते

हुए बोले, "बाह री मेरी छीनाल बहू, तू तो बड़ी चुड़दकर है. अपने

मुँह से ही अपने ससुर के लंड की तारीफ कर रही है और अपनी चूत

को मेरा लंड खिलाने के लिए अपनी कमर उचका रही है. देख मैं

आज रात को तेरी चूत की क्या हालत बनाता हूँ. साली तुझको चोद चोद

कर तेरी चूत को भोसरा बना दूँगा" और उन्होने एक ही झटके के

साथ अपना लंड करिश्मा की चूत मे डाल दिया.चूत मे अपने ससुर

का लंड घुसते ही करिश्मा की मुँह से एक हल्की सी चीख निकल गयी

और उसने अपने हाथों से अपने ससुर को पकड़ उनका सर अपनी

चूंचियो से लगा दिया और बोलने लगी, "वाह! वाह ससुर जी क्या

मस्त लंड है आपका. मेरी तो चूत पूरी तरह से भर गयी. अब ज़ोर ज़ोर

से धक्का मार कर मेरी चूत की खुजली मिटा दो. चूत मे बहुत

खुजली हो रही है."
 
"अभी लो मेरी छीनाल चुद्दकर बहू, अभी

मैं तेरी चूत की सारी की सारी खुजली अपने लंड के धक्के के साथ

मिटाता हूँ" रसिकलाल जी कमर हिला कर झटके के साथ धक्का मारते

हुए बोले. करिश्मा भी अपने ससुर के धक्के के साथ अपनी कमर

उछाल उछाल कर अपनी चूत मे अपने ससुर का लंड लेते बोली, "ओह! आह!

आह! ससुरजी मज़ा आ गया . मुझे तो तारे नज़र आ रहें है. आपको

वाकई मे औरत की चूत चोदने की कला आती है. चोदिए चोदिए

अपने बहू की मस्त चूत मे अपना लंड डाल कर खूब चोदिए. बहुत

मज़ा मिल रहा है. अब मैं तो आपसे रोज़ अपनी चूत चुदवाउन्गि.

बोलिए चोदेन्गे ना मेरी चूत?" रसिकलाल जी अपनी बहू की बात सुन

कर मुस्कुरा दिए और अपना लंड उसकी चूत के अंदर बाहर करना जारी

रखा. करिश्मा अपने ससुर के लंड से अपनी चूत चुदवा कर बहाल

हो रही थी और बार्बरा रही थे, "आआहह ससुरज़ीईए जोर्र्र्रर

सीई. हन्णन्न् सस्र्ज़ीए ज़ूर्र्ररर ज़ूर्र्रर से धककककाअ लगिइिईईईईईई,

और्र्ररर ज़ूरर्र सीई चोदिईईए अपनी बहूउऊ की चूत्त्त्त को. मुझीई

बहुउत्तत्त अक्चहाअ ल्ाअगग्ग रहहाअ हाईईइ, ऊऊओह और जर

से चोदो मुझे आआहह सौउउउर्र्रर्ज़ीए और ज़ोर से करो

आआअहह और अंदर ज़ोर सई. ऊऊओह डीआररर

ऊऊओह उउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ आआहह आआहह उउउइईई आअहह

उउउउम्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊओह."

थोरी देर तक ज़ोर ज़ोर धक्को से अपने बहू चूत चोदने के बाद

रसिकलाल जी ने अपना धक्कों की रफ़्तार धीमी कर दी और करिश्मा

की चुचियो को फिर से अपने हाथों मे पकड़ कर करिश्मा से

पूछा, "बहू कैसा लग रहा अपने ससुर का लंड अपनी चूत मे पिलवा

कर?" तब करिश्मा अपनी कमर उठा उठा कर चूत मे लंड की चोट

लेती हुई बोली, "ससुरजी आपसे चूत चुदवा कर मैं और मेरी चूत दोनो

का हाल ही बहाल हो गया है. आप चूत चोदूनीई मे बहुत

एक्षपेरत्त्तत्त हैंन्णणन् बड़ाअ मज़ा आ रहा है मुझे ससुरजी

ऊओह ससुरजी आप बहुत आक! च्छा छोड़ते हैं आआहह

उउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह. ऊऊओफफफफफफफ्फ़ ससुरजी आप बहुत ही एक्सपर्ट हैं

और आपको औरतों की चूत चोद कर औरतों को सुख देना बहुत

अक्च्छीए तरह से आत्ता हैं. मुझे बहुत अक्च्छा लग रहा है

य्यून्न ही हां सौरझीई यूंन ही चोदो मुझे आप्प्प्प बाहुत

अच्छे हो बास्स य्यूँ ही चोदै करो मेरी ऊओह खूब

चोदो मुझे. रसिकलाल जी भी करिश्मा की बातों को सुन कर बोले, "ले

रंडी, छीनाल ले अपनी चूत मे अपने ससुर के लंड का ठोकर ले. आज

देखतें है कि तू कितनी बड़ी छीनाल चुड़दकर है. आआज मैं तेरी चूत को

अपने हलवी लंड से चोद चोद कर भोसरा बना दूँगा. ले मेरी

चुड़ककर बहू ले मेरा लंड अपनी चूत से खा." रसिकलाल ने इतना कह कर

फिर से करिश्मा की चूत मे अपना लंड ज़ोर ज़ोर से पेलने लगे और थोरी

देर के अपना लंड जड़ तक ठोक कर अपनी बहू की चूत के अंदर झाड़

गये. करिश्मा भी अपने ससुर के लंड को चूतर उठा कर अपनी चूत

से खाती खाती झाड़ गयी. थोरी देर तक दोनो ससुर और बहू अपनी

चुदाई से थक कर सुस्त पड़े रहे.थोरी देर के बाद करिश्मा ने अपनी

आँख खोली और अपने ससुर और खुद को नंगी देख कर शरमा कर

अपने हाथों से अपना चहेरा ढक लिया. तब रसिकलाल जी नेउठ कर

पहले बाथरूम मे जा कर अपना लंड धो कर साफ करने के बाद फिर

से करिश्मा के पास बैठ गये और उसकी शरीर से खेलने लगे.

रसिकलाल जी ने अपने हाथों से करिश्मा का हाथ उसके चहेरे से

हटा कर अपने बहू से पूछा, "क्यों, छीनाल चूड्दकर रंडी

करिश्मा मज़ा आया अपने ससुर के लंड से अपनी चूत चुदवा कर?

बोल कैसा लगा मेरा लंड और उसके धक्के?" करिश्मा अपने हाथों

से अपने ससुर को बाँध कर उनको चूमते हुए बोली, "बाबूजी आपका

लंड बहुत शानदार है और इसको किसी भी औरत की चूत को चोद कर

मज़ा देने की कला आती है. लेकिन, सुबसे अक्च्छा मुझे आपका चोदते

हुए गंदी बात करना लगा. सच जब आप गंदी बात क्राते हैं और

चोद्ते है तो बहुत अक्च्छा लगता है." रसिकलाल जी अपने हाथों

से करिश्मा की चूंची को पकड़ कर मसल्ते हुए बोले, "अरे छीनाल,

जब हम गंदा काम कर रहें हैं तो गंदी बात करने मे क्या फ़र्क

पड़ता है और मुझको तो चुदाई के समय गाली बकने की आदत है.

अक्च्छा अब बोल तुझे मेरी चुदाई कैसी लगी? मज़ा आया कि नही,

चूत की खुजली मिटी की नही?" करिश्मा तब अपने हाथों से

अपने ससुर का लंड पकड़ कर सहलाते हुए बोली, "ससुरजी आपका लंड

बहुत ही शानदार है और मुझे आपसे अपनी चूत चुदवा कर बहुत

मज़ा आया. लगता है कि आपके लंड को भी मेरी चूत बहुत पसंद

आया. देखिए ना आपका लंड फिर से खड़ा हो रहा है. क्या बातहै एक

बार और मेरी चूत मे घुसना चाहता है क्या?" रसिक लाल जी तब

अपने हाथ करिश्मा की चूत पर फेरते हुए बोले, "साली कुतिया, एक बार

अपने ससुर का लंड खा कर तेरी चूत का मन नही भरा, फिर से

मेरा लंड खाना चाहती है? ठीक है मैं तुझको अभी एक बार फिर

से चोद्ता हूँ."रसिकलाल जी की बात सुन कर करिश्मा झट से उठ कर

बैठ गयी और अपने ससुर के सामने झुक कर अपने हाथ और पैर के

बल बैठ कर अपने ससुर से बोली, "बाबूजी, अब मेरी चूत मे पीछे

से अपना लंड डाल कर चोदिए. मुझे पीछे से चूत मे लंड डलवाने

मे बहुत मज़ा आता है." रसिकलाल जी ने तब अपने सामने झुकी हुई

करिश्मा के चूतर पर हाथ फेरते हुए करिश्मा से बोले, "साली

कुत्ती तुझको पीछे से लंड डलवाने मे बहुत मज़ा आता है? ऐसा

तो कुतिया चुदवाति है, क्या तू कुतिया है?" करिश्मा अपना सिर पीछे

घुमा कर बोली, "हाँ मेरे चोदु ससुरजी मे कुतिआ हूँ और इस समय

आप कुत्ता बन कर मेरी चूत चोदेन्गे. अब जल्दी भी करिए और

शुरू हो जाइए जल्दी से मेरी चूत मे अपना लंड डालिए." रसिकलाल जी

अपने लंड पर थूक लगाते हुए बोले, "ले री रंडी बहू ले, मैं अभी

तेरी फुदकती चूत मे अपना लंड डाल कर उसकी खबर लेता हूँ. साली तू

बहुत चुड़दकर है. पता नहीं मेरा बेटा तुझको शांत कर

पाएगा कि नही." और इतना कहकर रसिकलाल जी अपनी बहू के

पीछे जाकर उसकी चूत अपने उंगलिओ से फैला कर उसमे अपना लंड

डाल कर चोदने लगे. चोदते चोद्ते कभी कभी रसिकलाल जी अपनी

उंगली करिश्मा की गंद मे घुसा रहें थे और करिश्मा अपनी

कमर हिला हिला अपनी चूत मे ससुर के लंड को अंदर बाहर करवा

रही थी. थोरी देर के चोदने के बाद दोनो बहू और ससुर झाड़

गये. तब करिश्मा उठ कर बाथरूम मे जाकर अपना चूत और जांघे

धोकर अपने बिस्तर पर आकर लेट गयी और रसिकलाल जी भी अपने

कमरे जाकर सो गये.अगले हफ्ते रमेश और करिश्मा अपने

हनिमून मनाने अपने एक दोस्त, जो कि शिमला मे रहता है, चले

गये. जैसे ही रमेश और करिश्मा शिमला एरपोर्ट से बाहर निकले तो

देखा कि रमेश का दोस्त, गौतम और उसकी बीबी सुमन दोनो बाहर

अपनी कार के साथ उनका इंतेज़ार कर रहें हैं. रमेश और गौतम

आगे बढ़ कर एक दूसरे के गले लग गये. फिर दोनो ने अपनी अपनी बिबिओ

से इंट्रोड्यूस करवा दिया और फिर कार मे बैठ कर घर की तरफ चल

पड़े. घर पहुँच कर रमेश और गौतम ड्रॉयिंग मे बैठ कर

पुरानी बातो मे मशगूल हो गये और करिश्मा और सुमन दूसरे

कमरे मे बैठ कर बातें करने लगी. थोरी देर के बाद रमेश और

गौतमने अपनी बीबियो को बुलाकर उनसे कहा कि खाना लगा दो बहुत ज़ोर की

भूक लगी है. सुमन ने फटा फॅट खाना लगा दिया और चारों

डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाने लगे. दोस्तो अभी ये कहानी बाकी है

इसके अगले पार्ट चार पाँच दिन बाद दूँगा आपका दोस्त राज शर्मा

क्रमशः.........
 


Meri chut pasand hai paart--2

gataank se aage.......

Chee kitne gande hai aap" Karishma machaltee hui boli. Tab RasikLal Jee

Karishma ko chumte hue bole, "are mai to ganda hun hi, lekin tu kya

kam gandee hai? Apne sasur ke samne bilkul nangee paree hui hai

aur apni cunchion ko sasur se masalwa rahee hai? Ab bata kyon

jyada ganda hai, mai ya tu?" Phir RasikLal Jee ne Karishma se

pucha, "accha eh bat ki chumchee masalai se tera kya hal ho raha

hai?" Karishma apne sasur se lipt kar boli, ""oooohhhhh aur jore se

haan sasurjee aur jore se dabaao badaa maja aaraha hai mujhe,

apka hath auraton ke chumchee se khelne me bahut hi mahir hai.

Apko pata hai ki auraton ki chunchee kaise dabaya jata hai. Aur jor

se dabaiye, mujhe bahut maza aa raha hai. Phir Karishma apne

sasur ko apne hathon se bandhte hue boli, "ab bahut ho gaya hai

chunchee se khelna. Aapko iske aage jo bhi karne wale hain jaldee

kijiye, kaheen Ramesh na aa jaye aur meri bhi choot me khujlee ho

rahee hai." "Abhi lo, mai abhi tujhko apne is mote lund se chodta hun.

Aaj tujhko mai aisa chodunga ki tu jindagee bhar yad rakhegee" itna

kah kar RasikLal Jee uthkar Karishma ke pairon ke beech ukru ho kat

baith gaye.

Sasurko apne oopper se uthte hi Karishma ne apni dono tangon ko

faila kar oopar utha liya aur unko ghutne se mor kar apna ghutna

apne chunchion par laga liya. Isse Karishma ki choot puri tarah se

khul kar oopar aa gayee aur apne sasur ke lund apni choot ko

khilane ke liye tayar ho gayee. RasikLal Jee bhi uth kar apna dhoti

utar, underwear, kurta aur banian utar kar nange ho gaye aur phir se

Karishma ke khule hue pairon ke beech me aakar baith gaye. Tab

Karishma uth kar apne sasur ka tantanaya hua lund apne nazuk

hathon se pakar liya aur boli, "ooohhhhh sasurjee kitna mota aur

sakht hai apka yai." RasikLal Jee atb Karishma ke kan se apna munh

laga kar bole, "mera kya? Bol na Karishma, bol" RasikLal Jee apne

hathon se Karishma ka gadraya hua chumcheon ko apne dono

hathon se masal rahe thee aur Karishma apne sasur ka lund pakar

kar muthee me bandhte hue boli, " Apka eh penis sssshhhhhhhh

uuuummmmmmmaaaahhhh." RasikLal Jee phirse Karishma ke kan

par dhire se bole, "Karishma hindi mai bolo na iska naam please".

Karishma sasur ke lund ko apne hathon me bhar kar apni nazar

neechee kar ke apne sasur se boli, "mai nahee janta, aap hi bolie na,

hindi me isko kya kahte hain." RasikLal Jee ne hans kar Karishma ki

chunchee ke chuste hue bole, "are sasur ke samne nangee baithee

hai aur eh nahee jantee ki apne hath me kaya pakar rakhee hai? Bol

beti bol iko hindi me kya kahte aur isse abhi hum tere sath kya

karenge."Tab Karishma ne sharma kar apne sasur ke nagee chatee

me munh chupate hue boli, "sasurjee mai apne hathon se apka khara

hua mota lund pakar rakhee hai, aur thori der ke bad aap is lund ko

meri choot ke andar dal kar meri chudai karenge. Bas ab to khush

hain aap. Ab mai bilkul besharm hokar aapse bat karungee." Itna sun

kar RasikLal Jee ne tab Karishma ko phir se palang par peeth ke bal

leta diya aur apne bahu ke tango ko apne hathon se khol kar khud un

khulee tango ke beech baith gaye. Baithne ke bad unhone jhuk kar

Karishma ki choot par do teen chumma diya aur phir apna lund apne

hathon se pakar kar apni bahu ki choot ke darwaje par diya. Choot

par laund rakhte hi Karishma apni kamar utha utha kar apni sasur ke

lund ko apni choot me lene ki koshish karne lagee. Karishma ki

betabee dekh kar RasikLal Jee apne bahu se boli, "ruk chinal ruk,

choot ke samne lund aate hi apni kamar uchka rahee hai. Mai abhi

tere choot ki khujlee dur karta hun." Karishma tab apne sasur ke

chatee par hath rakh kar unki nipple ke apne ungleon se masalte hue

boli, "oooohhh sasurjee bahut ho gaya hai. Aab bardasht nahin ho

raha hai aao naa ooooohhh please sasurjee, aao na, aao aur jaldee

se mujhko chodo. Aab der maat kaaro Aab mujhe chodo na aab aur

kitni der karenge sasurjee. Sasur jee jaldee se apna eh mota lund

meri choot me ghuser dijiye. Mai apni choot ki khujlee se pagal hue ja

rahee hun. Jaldee se mujhe apne lund se chodiye. Ah! Oh! Kya mast

lund hai apka." RasikLal Jee apna lund apne bahu ki choot me thelte

hue bole, "bah re mere chinal bahu, tu to bari chuddakar hai. Apne

munh se hi apne sasur ke lund ki tareef kar rahee hai aur apni choot

ko mera lund khilane ke liye apni kamar uchka rahee hai. Dekh mai

aaj rat ko tere choot ki kya halat banata hun. Sali tujhko chod chod

kart teri choot ko bhosra bana dunga" aur unhone ek hi jhatke ke

sath apna lund Karishma ki choot me dal diya.Choot me apne sasur

ka lund ghuste hi Karishma ki munh se ek halkee si chikh nikal gaye

aur usne pane hathon se apne sasur ko pakar unka sar apni

chuncheon se laga diya aur bolne lagee, "Wah! Wah sasur jee kya

mast lund hai aapka. Meri to choot puri tarah se bhar gaye. Ab jor jor

se dhakka ma kar meri choot ki khujlee mita do. Choot me bahut

khujlee ho rahee hai." "Abhi Lo mere chinal chuddakar bahu, abhi

mai teri choot ki sari ki sari khujlee apne lund ke dhakke ke sath

mitata hun" RasikLal Jee kamar hila kar jhatke ke sath dhakka marte

hue bole. Karishma bhi apne saur ke dhakke ke sath apni kamar

uchal uchal kar apni choot me apne sasur ka lund lete boli, "Oh! Ah!

Ah! Sasurjee maza aa gaya . Mujhe to tare nazar aa rahen hai. Apko

waaki me aurat ki choot chodne ki kala aatee hai. Chodie chodie

apne bahu ki mast choot me apna lund dal kar khoob chidie. Bahut

maza mil raha hai. Ab mai to aapse roz apni choot chudwaungee.

Boliye chodenge na meri choot?" RasikLal Jee apni bahu ki bat sun

kar muskura diye aur apna lund uski choot ke andar bahar karma jari

rakha. Karishma apni sasur ki lund se apni choot chudwa kar behal

ho rahee thee aur Barbara rahee the, "aaaahhhhh sasurjeeeee jorrrrr

seeee. Hannnn sasyrjeee joorrrrr joorrrr se dhakkkkaaa lagiiiiiiiieeee,

aurrrrr joorrr seeee chodieeeee apni bahuuu ki chootttt ko. Mujheeee

bahuutttt acchhhhaaa laaaggg rahhhhaaa haiiii, Ooooohhhh aur jur

se chodo mujhe aaaahhhh sauuuurrrrjeee aur jor se karo

aaaaahhhhhhhhhh aur ander jor sai. Ooooohhhh deeaarrr

ooooohhhhhh uuuuuuffffff aaaahhhhh aaaahhhhhh Uuuiiiiii aaahhhhh

uuuummmmaaaaaaaahhhhhhhhh ooooooohhhhhhh."

Thori der tak jor jor dhakko se apne bahu choot chodne ke bad

RasikLal Jee ne apna dhakkon ki rafter dheme kar diya aur Karishma

ki chumcheon ko phir se apne hathon me pakar kar Karishma se

pucha, "bahu kaisa lag raha apne sasur ka lund apni choot me pilwa

kar?" Tab Karishma apni kamar utha utha kar choot me lund ki chot

leti hui boli, "sasurjee apse choot chudwa kar mai aur meri chut dono

ka hal hi behal ho gaya hai. Aap chut chodooneeee me bahut

experttttt hainnnnn badaaa majaa aa rahaa hai mujhe sasurjee

ooohhhhh sasurjee aap bahut ach! chha chodte hain aaaahhhhhh

uuuuuuhhhhhhhhhh. Oooooffffffff sasurjee aap bahut hi expert hain

aur apko auraton ki chut chod kar auraton ko sukh dena bahut

acchheee tarah se aatta hain. Mujhe bahut acchha lag raha hai

yyoonn hii haan saurjeeee yoonn hii chodo mujhe aapppp baahut

achchhe ho baass yyoon hi chodai karo meri ooohhhhhhh khoob

chodo mujhe. RasikLal Jee bhi Karishma ki baton ko sun kar bole, "le

randi, chinal le apne chut me apsne saur ke lund ka thokar le. Aaj

dekhten hai ki tu kitni bari chinal chuddakar hai. AAj mai teri chut ko

apne halavee lund se chod chod kar bhosra bana dunga. Le meri

chudakkar bahu le mera lund apni chut se kha." Govindje itna kah kar

phir se Karishma ki chut me pana lund jor jor se pelne lage aur thori

der ke apna lund jar tak thans kar apni bahu ki chut ke andar jhar

gaye. Karishma bhi apne saur ki lund ko chutautha utha kar apni chut

se khatee khatee jhar gayee. Thori der tak dono sasur aur bahu apni

chudai se thak kar sust pare rahe.Thori der ke bad Karishma ne apni

ankh kholi aur apne sasur aur khud ko nangee dekh kar sharma kar

apne hathon se apna chehera dhak liya. Tab RasikLal Jee uth kar

pahale bathroom me ja kar apna lund dho kar saf karne ke bad phir

se Karishma ke pas baith gaye aur uski sharer se khelne lage.

RasikLal Jee ne apne hathon se Karishma ka hath uske chehere se

hatha kar apne bahu se pucha, "kyon, chinal chuddkar randee

Karishma maza aya apne sasur ke lund se apni chut chudwa kar?

Bol kaisa laga mera lund aur uske dhakke?" Karishma apne hathon

se apne sasur ko bandh kar unko chumte hue boli, "babujee apka

lund bahut shandar hai aur isko kisi bhi aurat ki chut ko chod kar

maza dene ki kala ati hai. Lekin, subse acchha mujhe apka chidte

hue gandee bat karna laga. Such jab aap gandee bat krate hain aur

chodte hai to bahut acchha lagta hai." RasikLal Jee ne apne hathon

se Karishma ki chunchee ko pakar kar masalte hue bole, "are chinal,

ja hum ganda kam kar rahen hain to gandee bat karne me kya fark

parta hai aur mijhko to chudai ke samay galee bakne ki adapt hai.

Acchha ab bol tujhe mera chudai kaisee lagee? Maza aay ki nahee,

chut ki khujlee metee ki nahee?" Karishma ne tab apne hathon se

apne sasur ka lund pakar kar sahalate hue boli, "sasurjee apka lund

bahut hi shandar hai aur mujhe apse apni chut chudwa kar bahut

maza aaya. Lagta hai ki apke lund ko bhi meri chut bahut pasand

aaya. Dekheye na apka lund phir se khara ho raha hai. Kya bat ek

bar aur meri chut me ghusna chahata hai kya?" Govimdjee ne tab

apne hath Karishma ki chut par pherte hue bole, "Sali kutia, ek bar

apne sasur ka lund kha kar teri chut ka man nahee bhara, phir se

mera lund khana chahatee hai? Theek hai mai tujhko abhi ek bar phir

se chodta hun."RasikLal Jee ki bat sun kar Karishma jhat se uth kar

baith gayee aur apne sasur ke samne jhuk kar apne hath aur pair ke

bal baith kar apne sasur se boli, "babujee, ab meri chut me peeche

se apna lund dal kar chodia. Mujhe peeche se chut me lund dalwane

me bahut maza aata hai." RasikLal Jee ne tab apne samne jhuki hue

Karishma kie chutar par hath pherte hue Karishma se bole, "Sali

kuttee tujhko peeche se lund dalwanw me bahut maza aata hai? Aisa

to kutia chudwatee hai, Kya tu kutia hai?" Karishma apna sir peeche

ghuma kar boli, "han mere codu sasurjee may kutia hun aur is samay

aap mujhe kutta ban kar meri chut chodenge. Ab jaldee bhi katiye aur

shuru ho jaea jaldee se meri chut me apna lund daliye." RasikLal Jee

apne lund par thuk lagate hue bole, "le reni randee bahu le, mai abhi

teri phudktee chut me apna lund dal kar uski khabar let hun. Sali tu

bahut chuddakar hai. Pata naheen mera beta tujhko shant kar

payega ki nahee." Aur itna kahkar RasikLal Jee apne bahu ke

peeche jakar uski chut apne unglion se phaila kar usme apna lund

dal kar chodne lage. Chodte chodte kabhi kabhi RasikLal Jee apna

unglee Karishma ki gand me ghusa rahen the aur Karishma apni

kamar hila hila apni chut me sasur ke lund ko andar bhar karwa

rahee thee. Thori der ke chodne ke bad dono bahu aur saur jhar

gaye. Tab Karishma uth kar bathroom me jakar apna chut aur jhange

dhokar apne bistar par aakar let gayee aur RasikLal Jee bhi apne

kamare jakar so gaye.Agle hafte Ramesh aur Karishma apne

honeymoon manane apne ek dost, jo ki Shimla me rahata hai, chale

gaye. Jaise hi Ramesh aur Karishma Shimla airport se bahar nikle to

dekha ki Ramesh ka dost, Gautam aur uski bibi Suman dono bahar

apni car ke sath unka intezar kar rahen hain. Ramesh aur Gautam

age barj kar ek dusre ke gale lag gaye. Phir don one apni apni bibion

se introduce karwa diya aur phir car me baith kar ghar ki taraf chal

pare. Ghar pahunch kar Ramesh aur Gautan drawing me baith kar

puranee bato me mashgool ho gay aur Karishma aur Suman dusre

kamre me baith kar baten karne lage. Thori der ke bad Ramesh aur

Gautam apne bibion ko buakar unse kah ki khana lag do bahut jor ki

bhuk lagee hai. Suman ne phata phat khana laga diya aur charon

dining table par baith kar khane lage.

kramashah.........
 


मेरी चूत पसंद है पार्ट--3

गतान्क से आगे.......

खाना खाते वक़्त करिश्मा देख रही थी कि रमेश खाना

खाते वक़्त सुमन को घूर घूर

कर देख रहा है और सुमन भी धीरे धीरे मुस्कुरा रही है.

करिश्मा को दाल मे कुछ काला नज़र आया. लेकिन वो कुछ नही

बोली.अगले दिन सुबह गौतम नहा धो कर और नाश्ता करने के बाद

अपने ऑफीस के लिए रवाना हो गया . घर पर करिश्मा, रमेश और

सुमन पर बैठ कर नाश्ता करने के बाद गॅप लड़ा रहे थे.

करिश्मा नेआज सुबह भी ध्यान दिया कि रमेश अभी भी सुमन को

घूर रहा है और सुमन धीरे धीरे मुस्कुरा रही है. थोरी देर के

बाद करिश्मा नहाने के लिए अपने कपड़े ले कर बाथरूम मे

गयी. करीब आधे घंटे के बाद जब करिश्मा बाथरूम से नहा

धो कर सिर्फ़ एक तौलिया लप्पेट कर बाथरूम से निकली तो उसने देखा की

सुमन सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट पहने टाँगे फैला कर कुर्सी

पर फैली आधी लेटी और आधी बैठी हुई है और उसके ब्लाउस के

बटन सब के सब खुले हुए है रमेश झुक कर सुमन की एक

चूंची अपने हाथों से पकड़ चूस रहा है और दूसरे हाथ से

सुमन की दूसरी चूंची को दबा रहा है. करिश्मा एह देख कर

सन्न रह गयी और अपनी जगह पर खड़ी की खड़ी रहा गयी. तभी

सुमन की नज़र करिश्मा पर पर गयी तो उसने अपनी हाथ हिला कर

करिश्मा को अपने पास बुला लिया और अपनी एक चूंची रमेश से

छुड़ा कर करिश्मा की तरफ बढ़ा कर बोली, "लो करिश्मा तुम भी मेरी

चूंची चूसो." रमेश चुप चाप सुमन की चूंची चूस्ता

रहा और उसने करिश्मा की तरफ देखा तक नही. सुमन ने फिर से

करिश्मा से बोली, "लो करिश्मा तुम भी मेरी चूंची चूसो, मुझे

चूंची चुसवाने मे बहुत मज़ा मिलता है तभी मैं रमेश

से अपनी चूंची चुस्वा रही हूँ." करिश्मा अब कुछ नही

बोली और सुमन की दूसरी चूंची अपने मुँह मे भर कर चूसने

लगी.थोरी देर के बाद करिश्मा ने देखा कि सुमन अपना हाथ आगे कर

के रमेश का लंड उसके पायजामे के ऊपेर से पकड़ कर अपनी मुट्ही

मे लेकर मरोड़ रही है और रमेश सुमन की एक चूंची अपने

मुँह मे भर कर चूस रहा है. अब तक करिश्मा भी गरम हो

गयी थी. तभी सुमन ने रमेश का पायजामे का नारा खींच

कर खोल दिया और रमेश का पायजामा सरक कर नीचे गिर गया .

पायजामा को नीचे गिरते ही रमेश नंगा हो गया क्योंकी वो

पायजामे के नीचे कुछ नही पहन रखा था. जैसे ही रमेश

रमेश नंगा हो गया वैसे ही सुमन ने आगे बढ़ कर रमेश का

खड़ा लंड पकड़ लिया और उसका सुपरा को खोलने और बंद करने

लगी और अपने होठों पर जीव फेरने लगी. ये देख कर करिश्मा

ने अपने हाथों से पकड़ कर रमेश का लंड सुमन के मुँह से

लगा दिया और सुमन से बोली, "लो सुमन, मेरे पति का लंड चूसो.

लंड चूसने से तुम्हे बहुत मज़ा मिलेगा. मैं भी अपनी चूत

मरवाने के पहले रमेश का लंड चुस्ती हूँ. फिर रमेश भी

मेरी चूत को अपने जीव से चाटता है." जैसे ही करिश्मा ने रमेश

का लंड सुमन के मुँह से लगाया वैसे ही सुमन ने अपनी मुँह

खोल कर के रमेश का लंड अपने मुँह मे भर लिया और उसको चूसने

लगी. अब रमेश अपनी कमर हिला हिला कर अपना लंड सुमन के

मुँह के अंदर बाहर करने लगा और अपने हाथों से सुमन की दोनो

चूंची पकड़ कर मसल्ने लगा. तब करिश्मा ने आगे बढ़ कर

सुमन के पेटिकोट का नारा खोल दिया. पेटिकोट का नारा खुलते ही

सुमन ने अपने चूतर कुर्सी पर से थोड़े से उठा दिए और करिश्मा ने

अपने हाथों से सुमन के पेटिकोट को खींच कर नीचे गिरा दिया.

सुमन ने पेटिकोट के नीचे पॅंटी नही पहनी थी और इसलिए

पेटिकोट खुलते ही सुमन भी रमेश की तरह बिल्कुल नंगी हो

गयी.करिश्मा ने सबसे पहले नंगी सुमन की जांघों को खोल

दिया और उसकी चूत को देखने लगी. सुमन की चूत पर झांते कोबहुत

ही करीने से हटाया गया था और इस समय सुमन की चूत बिल्कुल

चमक रही थी. सुमन की चूत से चुदाई के पहले निकलने वाला

रस रिस रिस कर निकल रहा था. करिश्मा झुक कर सुमन के सामने

बैठ गयी और सुमन की चूत से अपना मुँह लगा दिया. करिश्मा का

मुँह जैसे ही सुमन की चूत पर लगा तो सुमन ने अपनी टाँगे और

फैला दी और अपने हाथों से अपनी चूत को खोल दिया. अब करिश्मा

ने आगे बढ़ कर सुमन की चूत को चाटना शुरू कर दिया. करिश्मा

अपनी जीव को सुमन की चूत के नीचे से लेकर चूत के ऊपेर तक ला

रही थी और सुमन मारे गर्मी के करिश्मा का सर अपने हाथों

से पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी. उधर रमेश ने जैसे

ही देखा कि करिश्मा अपनी जीव से सुमन की चूत को चाट रही है तो

उसने अपना लंड सुमन के मुँह से लगा कर एक हल्का सा धक्का दिया

और सुमन ने अपना मुँह खोल कर रमेश का लंड अपने मुँह मे भर

लिया. नीचे करिश्मा अपनी जीव से सुमन की चूत को चाट रही थी

और कभी कभी सुमन की क्लिट को अपने दाँतों से पकड़ कर हल्के

हल्के से दबा रही थी.थोरी देर तक सुमन की चूत को चाटने और

चूसने का बाद करिश्मा उठ खरी हो गयी और रमेश का लंड

पकड़ सुमन के मुँह से निकाल दिया और सुमन से बोली, "सुमन अब

बहुत हो गया लंड चूसना और चूत चटवाना. चलो अब अपने पैर

कुर्सी के हत्थे के ऊपर रखो और रमेश का लंड अपनी चूत मे

पिलवओ. मुझे मालूम है कि अब तुम्हे रमेश का लंड अपने मुँह

मे नही अपनी चूत के अंदर चाहिए." और करिश्मा ने अपने

हाथों से अपने पति का खड़ा हुआ लंड सुमन की गीली चूत के ऊपर

रख दिया. चूत पर लंड के रखते ही सुमन ने अपने हाथों से

उसको अपनी चूत के छेद से भिड़ा दिया और रमेश की तरफ देख कर

मुस्कुरा कर बोली, "लो अब तुम्हारी बीबी ही तुम्हारे लंड को मेरी चूत

से भिड़ा रही है. अब देर किस बात की है. चलो चुदाई शुरू कर दो." इतना

सुनते ही रमेश ने अपनी कमर हिला कर अपना तना हुआ लंड सुमन

की चूत के अंदर उतार दिया. चूत के अंदर लंड घुसते ही सुमन ने

अपने पैर को कुर्सी के हथेलिओं पर रख कर और फैला दिए और

अपने हाथों से रमेश की कमर पकड़ कर उसको अपनी तरफ खींच

लिया. अब रमेश अपने दोनो हाथों से सुमन की दोनो चुचियों को

पकड़ कर अपनी कमर हिला हिला कर सुमन को चोदना शुरू कर दिया.

सुमन अपनी चूत मे रमेश का लंड पिलवा कर बहुत खुश थी और

वो मूड कर करिश्मा से बोली, "करिश्मा तेरे पति का लंड बहुत ही

शानदार है, बहुत लंबा और मोटा है. रमेश का लंड मेरे

बच्चेदानी पर ठोकर मार रहा है. तेरी ज़िंदगी तो रमेश से

चुदवा कर बहुत आराम से कट रही होगी?" करिश्मा तब रमेश

का एक हाथ सुमन की चूंची पर से हटा कर सुमन की चूंची

को मसल्ते हुए बोली, "हाँ, मेरे पति का लंड बहुत ही शानदार है और

मुझे रमेश से चुदवाने मे बहुत मज़ा मिलता है. मैं तो हर

रोज़ तीन - चार बार रमेश का लंड अपनी चूत मे पिलवाती हूँ. क्यों,

गौतम तेरी चूत नही चोद्ता? कैसा है गौतम का लंड ?"
 


सुमन बोली, "गौतम का लंड भी अक्च्छा है और मैं हर रोज़ दो - तीन

बार गौतम के लंड से अपनी चूत चुदवाती हूँ. गौतम रोज़ रात को

मुझे रगड़ कर चोद्ता है और रात की चुदाई के समय मैं कम से

कम से चार-पाँच बार चूत का पानी छोड़ती हूँ. लेकिन रमेश के

लंड की बात ही कुछ और है. एह लंड तो मेरी बच्चेदानी पर ठोकर

मार रहा है. असल मे मुझे अपनी पति के अल्वा दूसरे लंड से

चुदवाने मे बहुत मज़ा आता है और जब से मैने रमेश को

देखा है, तभी से मैं रमेश का लंड खाने की फिराक मे थी. अब

मेरी मन की मुराद पूरी हो गयी है. अब शाम को जैसे ही गौतम ऑफीस

से घर आएगा उसका लंड मैं तेरी चूत मे पिल्वाउन्गि. तब देखना कि

गौतम कैसे तुमको चोद्ता है. मुझे मालूम है कि गौतम का लंड

अपनी चूत से खाकर तुम बहुत खुश होगी." करिश्मा चुप चाप

सुमन की बात सुनती रही और झुक कर रमेश का लंड सुमन की चूत

के अंदर बाहर होना देखती रही. थोरी देर के बाद करिश्मा नेझुक

कर सुमन की एक चूंची अपने मुँह मे भर ली और ज़ोर ज़ोर से

चूसने लगी. थोरी देर के बाद करिश्मा को एहसास हुआ कि कोई उसके

चूतर के ऊपेर से उसकी तौलिया हटा कर उसकी चूत मे अपना लंड

घुसेरने की कोशिश कर रहा है. करिश्मा चौंक कर पीछे मूड

कर देखी तो तो पाया की उसकी चूत मे लंड घुसेरने वाला और कोई

नही बाल्की गौतम है. हुआ ये कि गौतम के ऑफीस मे किसी का

देहांत हो गया था और इसलिए ऑफीस बंद कर दिया गया था और इसलिए

गौतम ऑफीस जाकर ही वापस आ गया था.गौतम अब तक करिश्मा के

बदन से उसकी तौलिया हटा कर अपना तननाया हुआ लंड करिश्मा की

चूत मे डाल चुक्का था और उसकी कमर को पकड़ के करिश्मा की

चूत मे अपने लंड की ठोकर मारना शुरू हो गया था. गौतम ज़ोर ज़ोर

से करिश्मा की चूत अपने लंड से चोद रहा था और अपने हाथों से

करिश्मा की चूंची को मसल रहा था. रमेश इस समय सुमन

को जोरदार धक्कों के साथ चोद रहा था और उसने अपना सिर घुमा

कर जब करिश्मा की चुदाई गौतम के साथ होते देखी तो मुस्कुरा

दिया और गौतम से बोला, "देख गौतम देख, मैं तेरे ही घर मे

और तेरे ही सामने तेरी बीवी को चोद रहा हूँ. तुझे तेरी बीबी की चुदाई

देख कर कैसा लग रहा है?" गौतम ने तब करिश्मा को चूमते

और उसकी चूंची को मलते हुए रमेश से बोला, "अबे रमेश, तू

क्या मेरी बीबी को चोद रहा है. अरे मेरी बीबी तो पुरानी हो गयी है

उसकी चूत मैं पिछले दो साल से रात दिन चोद रहा हूँ. सुमन की चूत तो

अब काफ़ी फैल चुकी है. अबे तू देख मैं तेरे सामने तेरी नयी

ब्वाही बीबी को कुतिया की तरह झुका कर उसकी टाइट चूत मे अपना लंड

डाल कर चोद रहा हूँ. अब बोल किसे ज़यादा मज़ा मिल रहा है. सही

मे यार रमेश, तेरी बीबी की चूत बहुत ही टाइट है मगर तेरी बीबी

बहुत चुड़दकर है, देख देख कैसे तेरी बीबी की चूत मेरा लंड

पकड़ रखी है." फिर गौतम करिश्मा की चूंची को मसल्ते हुए

करिश्मा से बोला, "ओह! ओह! मुझे करिश्मा की चूत चोदने मे बहुत

मज़ा मिल रहा है. आह! करिश्मा रानी और ज़ोर से अपनी गंद हिला कर

मेरे लंड पर धक्का मार. मैं पीछे से तेरी चूत पर धक्का मार

रहा हूँ. करिश्मा रानी बोल, बोल कैसा लग रहा मेरे लंड से अपनी

चूत चुदवाना. बोल मज़ा मिल रहा है कि नही?" तब करिश्मा अपनी

गंद को ज़ोर ज़ोर से हिला कर गौतम का लंड अपनी चूत को खिलाते हुए

गौतम से बोली, "चोदो मेरे राजा और ज़ोर से चोदो. मुझे तुम्हारी

चुदाई से बहुत मज़ा मिल रहा है. तुम्हारा लंड मेरी चूत की

आखरी छोर तक घुस रहा है. ऐसा लग रहा कि तुम्हारे लंड का

हरधक्का मेरी चूत से होकर मेरी मुँह से निकल पड़ेगा. और ज़ोर से

चोदो, और सुमन और रमेश को दिखा दो चूत की चुदाई कैसे की

जाती है."गौतम और करिश्मा की चुदाई देखते हुए सुमन

करिश्मा से बोली, "क्यों छिनार करिश्मा, गौतम का लंड पसंद

आया कि नही? मैं ना बोल रही थी कि गौतम का लंड बहुत ही

शानदार है और गौतम बहुत अक्च्ची तरह से चोद्ता है? अब जी

भर कर चुदवा ले अपनी चूत गौतम के लंड से. मैं भी अपनी चूत

रमेश से चुदवा रही हूँ." रमेश जोरदार धक्कों के साथ

सुमन को चिड़ाते हुए बोला, "यार गौतम, ये दोनो औरत बड़ी चुदसी

है, चल आज दिन भर इनकी चूत चोद चोद कर इनकी चुतो को भोसरा

बनाता हूँ. तभी इनकी चुतो की खुजली मितेगी." इतना कह कर

रमेश सुमन की चूत पर पिल पड़ा दना दान चोदने लगा.
 
गौतम

भी पीछे नही था, वो अपने हाथों से करिश्मा की दोनो

चूंची पकड़ कर अपनी कमर के झटकों से करिश्मा की चूत

चोदना चालू रखा. थोरी देर ऐसे ही चुदाई चलती रही और दोनो

जोड़े अपने अपने साथियो की जम कर चुदाई चालू रखी और थोरी देर के

बाद दोनो जोड़े ही झार गये. जैसे ही रमेश और गौतम ने सुमन

और करिश्मा की चूत के अंदर झरने के बाद अपना अपना लंड बाहर

निकाला तो दोनो के लंड सफेद सफेद पानी से सना हुए थे उधर

सुमन और करिश्मा की चुतो से भी सफेद सफेद गाढ़ा पानी निकल

रहा था. झट से सुमन और करिश्मा ने उठ कर अपने अपने पतिओं का

लंड अपने मुँह मे भर कर चूस चूस कर साफ किया और फिर एक दूसरे

की चूत मे मुँह लगा कर अपने अपने पतिओं का वीर्य चाट चाट कर

साफ किया. थोरी देर के बाद रमेश और गौतम का सांस नॉर्मल हुआ

और उठ कर एक दूसरे के गले लग गये और बोले. "यार एक दूसरे की

बीबीओ को चोदने का मज़ा ही कुछ अलग है. अब जब तक हम लोग एक

साथ है बीबीओ को अदल बदल करके ही चोदेन्गे."थोरी देर के बाद

सुमन और करिश्मा अपनी कुर्सी से उठ कर खरी हो गयी और तौलिया

से अपनी चूत और जंघे पोंछ कर नंगी ही किचन की तरफ चल

पड़ी. उनको नंगी जाते देख कर रमेश और गौतम का लंड खरा

होना शुरू खो गया. थोरी देर के बाद सुमन और करिश्मा नंगी

ही किचन से चाइ और नाश्ता ले कर कमरे आई और जुर्सी पर बैठ

गयी. रमेश और गौतम भी नंगे ही कुर्सी पर बैठ गये.

थोरी देर के बाद सुमन झुक कर प्याली मे चाइ पलटने लगी. सुमन

के झुकने से उसकी चूंची दोनो हवा ने झूलने लगी. ये देख कर

रमेश ने आगे बढ़ कर सुमन की चूंचियो को पकड़ लिया और उन्हे

दबाने लगा. ये देख कर करिश्मा अपनी कुर्सी से उठ खरी हो

गयी और गौतम की गोद पर जा कर बैठ गयी. जैसे ही

करिश्मा गोद मे बैठी गौतम ने अपने हाथों से करिश्मा को

जाकड़ लिया और उसकी चूंची को दबाने लगा. करिश्मा झुक कर

गौतम के लंड को पकड़ कर सहलाने लगी और थोरी देर के गौतम

के लंड को अपने मुँह मे भर लिया. ये देख कर सुमन चाइ बनाना

छोड़ कर रमेश के पैरों के पास बैठ गयी उसने भी रमेश का

लंड अपने मुँह मे भर लिया. थोड़ी देर के रमेश नेअपने हाथों से

सुमन को खड़ा किया और उसको टेबल के सहारे झुका कर सुमन की

चूत मे पीछे से जाकर अपना लंड घुसेर दिया. सुमन एक हल्की सी

सिसकारी भर कर अपने चूतर हिला हिला अपनी चूत मे रमेश का लंड

पिलवाती रही और वो खुद करिश्मा और गौतम को देखने लगी.

रमेश और सुमन को फिर से चुदाई शुरू करते देख गौतम भी

अपने आप को रोक नही पाया और उसने करिश्मा को अपनी गोद से उठा

कर फिर से उसके दोनो पैर अपने दोनो तरफ करके बैठा लिया. इस तरीके

से करिश्मा की चूत ठीक गौतम के लंड के सामने थी.

क्रमशः.........
 
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