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मेरी प्यारी दीदी complete

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Guest
दोस्तो,

हमारे घर मे मैं और मेरी 1 बड़ी बेहेन है .मेरा नाम सोनू है और मेरे दीदी का नाम प्रीती है बात तब की है जब मैं 10th क्लास मे था और मेरी दीदी 12th क्लास में थी हम दोनों मैं किसी भी नार्मल भाई बेहेन की तरह प्यार था बचपन से हम साथ थे मेरे दीदी मेरा बहुत ध्यान रखती थी लेकिन मेरी लाइफ मै 1 दिन एसा आया की मेरा उसको देखने का ढंग ही बदल गया .जब दीदी 12th मै थी तो उनका फिगर होगा 34-30-34 लम्बे बाल 5'5 हाइट गोरा कलर .हम साथ मे ही स्कूल जाते थे।मेरे मन मे उनके लिए कुछ भी गंदे विचार नहीं थे लेकिन उस 1 दिन ने सब कुछ बदल दिया।

उस दिन सन्डे था हमारे स्कूल की छुट्टी थी मै और मेरे दीदी साथ ही सोते थे उनके और मेरे बेड के बीच 1 टेबल रखी हुई थी।हा तो उस दिन सन्डे के दिन मम्मी ने मुझे बोला की जा सोनू दीदी को उठा दे 9 बज रहे है मैंने कहा हा मम्मी मैं अपने रूम मे गया तो दीदी सो रही थी गर्मियों के दिन थे तो दीदी रात मे गाउन पेहेन लेती थी

उस दिन सुबह जब मै दीदी को उठाने पहुंचा तो दीदी साइड करवट में सो रही थी और उनका गाउन ऊपर हो गया था मैंने जेसे ही उन्हें उठाने के लिए उनपे से चद्दर हटाई मेने अपनी दीदी के नंगी चिकनी टांग देखी उनका गाउन उनकी thigs तक ऊपर हो गया था और जेसे ही मेने उनकी नंगी गोरी और चिकनी टांग देखी मुझे पता नहीं क्या होगया मेरे लंड मे 1 दम से हरकत हुई न चाहते हुए भी मुझे दीदी के ऊपर उठे गाउन मे से उनकी नंगी चिकने thighs म मजा आ रहा था बिलकुल गोरी साफ़ और चिकनी thigs थी मेरे दीदी की

उनकी नंगी गोरी thigs देख के क मुझे पता नहीं क्या हो गया था आज तक मैंने किसी भी लड़की का एसा कुछ नहीं देखा था उस समय मुझे ये तक नही पता था की लड़की होती क्या है बस स्टडी और खेलना ही जानता था 1 दम से आज मैंने वो देखा जिसका मुझे आज तक पता नहीं था दीदी की thigs देखने के बाद मुझे और देखने की इच्छा हुई तो मैंने दीदी के गाउन को बड़े ध्यान से धीरे 2 डरते 2 थोडा सा और ऊपर किया तो मुझे उनके हिप्स की स्टार्टिंग दिखाई दी वो नजारा भी क्या नजारा था दोस्तों मेरे जवान बड़ी बेहेन की पूरी नंगी चिकनी टांग हिप्स तक मेरे सामने थी मुझे एसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था मुझे पता नहीं क्या हो गया था मैंने फिर उनका गाउन ध्यान से थोडा और ऊपर किया अब मुझे उनकी पेंटी नजर आ गई उन्होंने black कलर की पेंटी पेहेन रखी थी मेरी दीदी मेरे सामने अपनी पेंटी मे सो रही थी मेरा लंड बिलकुल खड़ा हो गया था मैंने पहली बार किसी लड़की की पेंटी और हिप्स देखे थे मेरी दीदी के हिप्स देख के मैं पागल हो गया पता नहीं क्या हो गया था मुझे मैं उनकी पेंटी को छूना चाहता था जेसे ही मैंने अपना हाथ अपनी दीदी की thigs पे रखा मम्मी ने आवाज लगा दी "प्रीती क्या हुआ उठी नहीं तू " और मैं वहा से भाग गया

मेरा साथ एसा कुछ होगा मैंने कभी नहीं सोचा था मेरी दीदी के लिए मेरी फीलिंग्स अब बदल चुकी थी उस दिन दीदी उठी ब्रश किया और सबको गुड मोर्निंग कहा और मुझे भी हमेशा की तरह गले लगा के विश किया उस दिन दीदी के गले लगने पर मुझे 1 अजीब सा एहसास हुआ उनकी कोमल स्किन उनके बालो की खुशबु उनके बदन के स्पर्श से आज मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं डाइनिंग टेबल पे बता था जब दीदी में मुझे झुक के गुड मोर्निंग विश किया.

जेसे ही दीदी झुकी तो मेरी नजरे दीदी के कुर्ते के अंदर गयी क्या नजारा था दीदी के कुर्ते के अंदर का उन्होने कुर्ते के अंदर ब्लैक शमीज पेहेन रखी थी और शमीज के अंदर ब्रा पेहेन रखी थी उनकी ब्रा का शेप तो मुझे दिखा लेकिन कलर नही दिखा क्योंकि उनकी शमीज का कलर ब्लैक था लेकिन अंदर क्या शेप बन रहा था उनके झुकने के कारन उनके बोबे थोड़े से लटक भी गए थे क्या बोबे थे मेरी बेहेन के मैंने तो कभी गोर ही नहीं किया था की मेरी दीदी के बोबे इतने मोटे हें.मुझे हग करके वो भी टेबल पर बैठ गए नाश्ता करने के लिए वो न्यूज़ पेपर पढ़ रही थी लेकिन मेरी नजर तो बार बार उनपे ही जा रही थी वो कुछ भी लेने के लिए हाथ इधर उधर करती तो उनके कुर्ते के गैप मे से मुझे उनकी शमीज और ब्रा की स्ट्रैप्स दिखाई देती जिसे देखने मे मुझे बहुत मजा आ रहा था

मैं बार बार दीदी की शमीज और ब्रा के स्ट्रैप्स उनके कुर्ते की साइड के गले मे से देख रहा था उनके अंदर के शरीर की गोरी गोरी कोमल skin देखने मे मुझे बड़ा मजा आ रहा था नाश्ता करते हुए मै किसी न किसी बहाने से दीदी का हाथ टच कर रहा था मैंने सोचा की अब और कुछ ज्यादा केसे मजे लिए जाये तभी दीदी ने मुझसे बोल "अरे सोनू मुझे सॉस की बोतल लाके देना किचन मे से " मै खड़ा हुआ और दीदी को सॉस की बोतल लाके दी और पीछे से दीदी के गले मै हाथ दाल के खड़ा हो गया और उनके कुर्ते के गले मे झाँकने लगा दीदी तो मुझे देख नहीं सकती थी उन्होंइ कहा की "क्या हुआ सोनू आज बड़ा प्यार आ रहा है तुजे अपनी दीदी पे " मैंने कहा नहीं दीदी वो तो एसे ही" और मैंने दीदी के कुर्ते के अंदर पास से देखा उनकी शमीज और उनकी ब्रा मुझे अब साफ़ नजर आ रे थी मैंने अब हाथ गले से निकाल कर उनके कंधो पे रख लिया और उनकी ब्रा स्ट्रैप्स को महसुस करने लगा ये सब करते हुए मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा था इच्छा तो हो रही थी की पीछे से खड़े होके उनके कुर्ते के गले मे हाथ डाल के उनके बोबे दबा दू उनकी ब्रा फाड़ के चूस लो उनके मोटे कोमल बोबो को लेकिन कुछ कर भी तो नहीं सकता था।सबका नाश्ता ख़तम हो चूका था और दीदी भी नाश्ता करके घर की साफ़ सफाई मे लग गए थी अब मै बस इसी फिराक म था की दीदी झुके और उनके बोबे देखलू मै दीदी के आस पास ही था

1दम से मम्मी ने कहा "प्रीती तू झाड़ू पूछे का कम ख़तम कर बर्तन और खाना मै कर लुंगी " दीदी ने कहा ठीक है मम्मी की ये बात सुनके मुझे मजा आया था क्योंकि मुझे पता था की अब मेरे बेहेन झाड़ू निकालेगी झुक झुक के वो जेसे ही झुकी झाड़ू निकलने के लिए मुझे उसकी ब्रा दिखाई दी मैंने पहले बार अपनी बेहेन की ब्रा और बोबे इतने क्लियर देखे थे मैंने सोचा दीदी की शमीज कहा गई शायद गर्मी के कारन उतार दी होगी जेसे 2 वो झुकती मुझे उसके ब्रा मे क़ैद बोबो के दर्शन होते हाय कितने मोटे मोटे बोबे थे रस से भरे हुए कितने कोमल होंगे ये बस यही सोच के और दीदी के ब्रा देख देख के मेरे हालत ख़राब हो चुकी थी मेरे लंड मे इतना तेज दर्द होने लग गया था की मैं बता नही सकता मै फटाफट बाथरूम गया वहा मैंने देखा दीदी के टॉवल के नीचे उनकी शमीज लटकी हुई थी मैंने उस शमीज को उठाया और सुंघा इतने कमसीन खुशबु थी उस शमीज मे दीदी के बोबो की शमीज सूंघते 2 अपने आप ही मेरे हाथ मेरे लंड पर चले गए और मैं अपना लंड हिलाने लगा ये सोच के की ये शमीज दीदी ने पेहेन रखी थी इसमें उसकी ब्रा थी और ब्रा में उसके मोटे कोमल बोबे थे और ये सोचते 2 मै झर गया आज जेसा सुकून आज जेसी फीलिंग मुझे कभी नहीं हुई थी अब मैंने सोचा की अगर दीदी की शमीज से इतना मजा आया मुझे तो दीदी को पूरी नंगी देखने मे कितना मजा आएगा......जेसे ही मैं बाहर निकला मैंने दीदी के तकिये के नीचे उनके सेलफोन की लाइट चमकते देखी मैंने जाके सेलफोन चेक किया तो दीदी के सेलफोन1 पे मेसेज था मैंने वो मेसेज खोला उसमें लिखा हुआ था "गुड मोर्निंग मेरी सेक्सी जान क्या कर रही हो " वो मेसेज पड़ के मुझे शॉक लगा मैंने सोचा"ये क्या दीदी का कोई bf भी है " मुझे बहुत गुस्सा आया लेकिन मैंने अपने गुस्से को दबा लिया और मैं समझ गया की अगर ये लोग फोन पे chat करते हें तो नेट पे भी करते होंगे इनको पकड़ने के 1लिए प्लान सोच लिया . फिर मैंने सेलफोन वापस तकिये के नीचे रख दिया वो मेसेज डिलीट करके जब मैं हॉल मे गया तो दीदी पोछा लगा रही थी उनका कुरता थोडा पानी का काम करने के कारन गीला हो गया था इसी वजह से जब बी वो झुकती थी तो वो बहुत ज्यादा लटक रहा था मैं ये मौका नहीं छोड़ना चाहता था मैं 1 कॉमिक्स लेकर सामने बैठ गया जहा दीदी पोछा लगा रही थी और छुप छुप के उसकी ब्रा देखने लगा जब भी वो झुकती उसकी ब्रा का क्लियर व्यू मुझे दीखता क्योंकि कुरता गीला हो गया था , उसके झुकने पर उसकी ब्रा मे क़ैद उसके मोटे मोटे बोबे लटकते और ऊपर नीचे होते ये देख के मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा जब दीदी अपने हाथ उठा कर shelf साफ़ कर रही थी तो मैंने उनके underarms देखे वहां पर 1 भी बाल नहीं था बिल्कुल चिकना था मैंने सोचा दीदी क्या अपनी चुत के बाल बी साफ़ करती होगी क्या ये सब सोच 2 कर मेरा लंड वापस टाइट हो गया

तभी दीदी ने मुझे बुलाया "सोनू सुन जरा ये पानी के बाल्टी ऊपर लेके चल मैं तेरे पीछे 2 ऊपर आती हु " मैंने कहा हा दीदी मै बाल्टी लेके ऊपर चड़ा 2-3 सीडिया चडके 4th सीडी पे मेरे हाथ से पानी की बाल्टी छुट गई और सारा पानी दीदी के ऊपर गिर गया दीदी मुझ पर चिल्लाने लगी "पागल हे क्या अक्ल नहीं हे क्या तेरे में नहीं उठ रही थी तो बोल देता सारे कपडे गीले हो गए "लेकिन मेरा ध्यान तो मेरे बेहेन के हुस्न प था गीले होने के कारन उसके कुरता और कैपरी उसके शरीर से चिपक गए थे अब मुझे उसकी ब्रा का शेप बिलकुल क्लियर दिख रहा था और उसकी पेंटी का शेप भी मुझे साफ़ 2 दिख रहा था दीदी ने low waist पेंटी पेहेन रखी थी उसके बदन का 1-1 उभार मुझे नजर आ रहा था क्या मोटे 2 बोबे बाहर दिख रहे थे पतली कमर मोटी गांड गीले बाल बिलकुल कंचा लग रही थी फिर उसने मुझसे कहा की "क्या देख रहा है अब ध्यान से आना खुद मत गिर जाना सारे कपडे गीले कर दिए मेरे " मम्मी ने कहा अरे कपडे चेंज करले जल्दी नहीं तो सर्दी लग जाएगी मुझे पता था की अब दीदी बाथरूम मैं जाएंगी कपडे चेंज करने और ये मेरे लिए अच्छा मौका था उसे पूरी नंगी देखने का |

दीदी अपने गीले कपड़ो को चेंज करने के लिए बाथरूम मे गई ये मेरे लिए अच्छा मौका था अपनी दीदी को कपडे चेंज करते हुए पूरी नंगी देखने का दीदी के बाथरूम का दरवाजा बंद करने के थोड़ी देर बाद मै बाथरूम के बाहर आकर खड़ा हुआ और बाथरूम के अंदर देखने की कोशिश करने लगा मेरे दिमाग मे ये चल रहा था की दीदी अब अपना टॉप उतार रही होंगी अब दीदी केवल ब्रा मे होंगी मेरा लंड पूरा खड़ा था और मै बाथरूम के दरवाजे मे कोई छोटा सा छेद या दरार ढूँढ रहा था जहा से मुझे बाथरूम के अंदर का बेहतरीन नजारा सामने आ जाए लेकिन मेरे फूटी किस्मत साला दरवाजे म कोई दरार या छेद ही नहीं था तो मैंने नीचे झुक के दरवाजे और ज़मीन के बीच के गैप मे से अंदर देखने के कोशिश की मुझे नीचे बाथरूम की टाइल्स के reflaction से कुछ धुन्दला सा नजर आया लेकिन कुछ दिखा नहीं बस दीदी की टांगें दिखी फिर दीदी का टॉप नीचे गिरा फिर कैपरी फिर दीदी की काली ब्रा नीचे गिरी फिर पेंटी नीचे गिर मै झुके हुए ही अपने लंड को सहलाने लगा की अब दीदी बाथरूम मे पूरी नंगी होगी मै अपना लंड हाथ मे लेके इधर उधर घूम रहा था की कही से तो बाथरूम के अंदर देखने की जगह मिल जाए लेकिन कही कुछ जगह नहीं मिली मै वापस नीचे के गैप मे से देखने लगा दीदी ने साथ ही नहाना भी स्टार्ट कर दिया था दीदी बाथरूम मे पट्टे पे बैठकर नहा रही थी मुझे उनकी थोड़ी सी नंगी thigs के दर्शन हुए इतने मे मम्मी ने मुझे आवाज दी और मै चला गया सोचते हुए की दीदी नंगी बाथरूम मे है कहा 2 साबुन लगा रही होगी अपने नंगे जिस्म पे कहा 2 हाथ फेर रही होगी ये सोच सोच के मेरा दिमाग ख़राब और लंड बिलकुल टाइट खड़ा था

जेसे ही दीदी नहा के बहार निकली मै जल्दी से बाथरूम मे घुस गया मैंने दीदी के टॉवल के नीचे देखा दीदी के उतरे हुए ब्रा और पेंटी लटके हुए थे मैंने दीदी की ब्रा को अपने हाथ मे लिया और उसे सूंघने लगा दीदी की ब्रा के कप्स को सहलाने लगा दीदी की ब्रा मे से इतनी प्यारी और मादक खुशबू आ रही थी की सूंघते ही मेरा लंड इतना टाइट हो गया जितना पहले कभी नहीं हुआ था फिर मैंने दीदी पेंटी ली और उसे सूंघा और उसे सूंघ कर कसम से दोस्तों मेरी हालत ही ख़राब हो गए दीदी की पेंटी मे से उनकी चूत के थोड़े डिस्चार्ज थोड़े पसीने की खुसबू थी उनकी पेंटी को मैंने अपने पूरे मुह पे फेरा उसे चाटा उसमे से नमकीन स्वाद आया लेकिन जो भी था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने अपनी दीदी की पेंटी को अपने मुह पे और उनकी ब्रा को अपने लंड पे लपेट कर अपने लंड को हिलाने लगा मै पूरी तरह से दूसरी ही दुनिया मे था आँखें बंद करके दीदी की पेंटी को सूंघते हुए उनकी ब्रा अपने लंड पे सहलाते हुए हिलाने मे मुझे इतना मजा आ रहा था ये सोच रहा था की दीदी नंगी होके अपने हाथ से मेरा लंड हिला रही है और इतने मे मै झर गया और मेने अपने लंड का सारा मुट दीदी के ब्रा पे निकाल दिया इतना अच्छा मुझे कभी नहीं लगा था मेने फिर उनकी ब्रा को साफ़ करके वापस वही लटका दी और बाहर आ गया। दीदी ने नहा के 1 लॉन्ग कुरता और लेगिस पेहेन ली थी वो बाहर अपने गीले बालो को सूखा रही थी और मै साइड मे खड़ा 2 कुर्ते मे से दीदी के बोबे देख रहा था कितने मोटे और बाहर कि तरफ निकले हुए थे जेसे ही वो अपने बालो को झडकती उनके बोबे ऊपर नीचे हिलते उन्हें देखते 2 मै ये सोच रहा था की नहा के दीदी ने कौनसे कलर की ब्रा और पेंटी पहनी होगी मै कब अपनी दीदी को पूरी नंगी देखूंगा केसे उनको नंगी देखु और तभी दीदी ने पुछा "क्या देख रहा हे सोनू "मैंने मन मे सोचा दीदी आप नंगी केसी दिखोगी और आपको नंगी केसे देखू ये सोच रहा हु

उस दिन शाम को दीदी लैपटॉप लेके बैठी थी जब मै अपने फ्रेंड के घर से आया तो मैंने दीदी से पूछा की "दीदी क्या कर रही हो नेट पे " जेसे ही मैं पास गया दीदी जोर से चिल्लाई "मम्मी इस सोनू को बुलाओ ना ये मुझे काम नहीं करने दे रहा" मम्मी ने मुझे डांट के बुला लिया लेकिन मैंने सोचा की मैंने क्या किया मैं तो बस पूछ रहा था फिर मुझे समझ आया की दीदी शायद अपने bf से चैट कर रही होगी इसलिए उन्हें मुझसे प्रॉब्लम हो रही थी मै चुपके से उन्हें छुप के देखने लगा की वो कर क्या रही है जहाँ मैं छुपा हुआ था वह से दीदी की पीठ मुझे दिख रही थी कभी दीदी जोर से हंसती कभी गुस्सा होने का नाटक करती इस से मुझे पक्का यकीन हो गया की वो नेट पे चैट कर रही है अपने bf से दीदी की पीठ मेरी तरफ थी इसलिए मुझे दिखा नहीं की वो किस से और किस साईट पे चैटिंग कर रही है और तभी वो हुआ जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी दीदी ने इधर उधर देखा की कोई है तो नहीं और अपना कुरता ऊपर कर दिया मुझे पीछे से दीदी की नंगी पीठ और उनकी वाइट ब्रा स्ट्रैप्स और ब्रा का हुक दिखाई दिया मैं शोक्केड़ रह गया और अब मुझे पता चल चुका था की दीदी अपने bf से विडियो चैट कर रही है और अपने bf को अपना कुरता ऊपर करके अपनी ब्रा दिखा रही है शायद वो कह रहा होगा की कुछ दिखाओ फिर दीदी ने वापस इधर उधर देखा मझे पता था की मुझे अब कुछ और भी दिखने वाला है तभी दीदी ने इधर उधर देखा खड़ी हुई और अपनी लग्गिएस अपने घुटनों तक नीचे कर दी मुझे पीछे से उनकी वाइट पेंटी मे क़ैद बड़ी और मोटी गोरी गांड दिखी मेरा हाथ अपने लंड पर चला गया और मै हिलाने लगा अपने लंड को दीदी की पेंटी और गांड देखते 2 मझे ये भी लग रहा था की साला वो लड़का तो मेरी दीदी का सारा माल सामने से देख रहा होगा उनकी ब्रा मे क़ैद उनके मोटे और टाइट बोबे उनके पेंटी मे छुपी हुई उनकी कोमल चूत ये सोच सोच के मैं झर गया

और अब दीदी ने भी चैटिंग बंद कर दी थी मैं वही छुपा रहा दीदी जब बाहर गयी और मम्मी से बातें करने लगी तब मैंने लैपटॉप मे browsing history चेक की उसमे लास्ट साईट FB थी मुझे पता था की दीदी FB पे अपने BF से video चैट कर रही थी और उसे सब दिखा रही थी अब मैंने सोचा की यार अगर दीदी का पासवर्ड मुझे मिल जाए तो मुझे उनकी chats भी पड़ने को मिल सकती है की दीदी आखिर क्या बातें करती है इतने मे पापा आ गए और हम सब खाना खाने लगे खाना खाते 2 मै बस यही सोच रहा था की अब दीदी सोने के लिए अपने कपडे चेंज करेंगी और गाउन पहनेगी मैंने सोच लिया था की कोशिश करूँगा दीदी को नंगी देखने की वो बाथरूम मैं गई और मैं नीचे बाथरूम के दरवाजे और फर्श के गैप मे से अंदर झाँकने लगा दीदी की पहले लेग्गिस नीचे गिरी फिर उनका कुरता और तभी दीदी 1 दम से बाथरूम के दरवाजे की तरफ जल्दी से चलती हुई आयी मेरी गांड फट गयी की कही दीदी ने मुझे देख तो नहीं लिया मैं बेड के नीचे चुप गया और दीदी ने मम्मी को आवाज लगाई "मम्मी मेरा गाउन देना अलमारी मे से " मम्मी ने कहा हां देती हु मैं बेड के नीचे ही छुपा हुआ था.....

जब मम्मी ने दीदी को गाउन दिया तो मम्मी ने दीदी से पूछा " प्रीती तेरे पास पैड का एक्स्ट्रा पैकेट पड़ा है क्या " ये सुन के मेरे लंड मे अंगडाई आने लगी मैंने सोचा की मेरे मम्मी या तो पीरियड्स मे है या होने वाली हे दीदी ने कहा "नहीं मम्मी मेरी डेट तो अभी 10 दिन बाद है आपको जरुरत है क्या "

मम्मी ने कहा "हाँ मैं हो गई हू मुझे लगा मेरे पास पैड का पैकेट रखा है तू चेक करना मैंने तुझे 2 पैकेट दिए थे पिछले महीने 1 whisper choice का था और 1 stayfree का था जिसमे 5 पैड्स बचे हुए थे " ये सब सुनके मेरा लंड टाइट खड़ा था और मैं उसे सहला रहा था मैंने कभी नहीं सोचा था की मेरे साथ एसा होगा तभी दीदी ने कहा "हा मम्मी शायद stayfree होगा रुको मैं देखती हु" और दीदी ब्रा पेंटी पहने हुए ही बाथरूम सी बहार निकले उन्हें क्या पता था की बेड के नीचे छुपा हुआ मै ये बातें भी सुन रहा हु और आखिर मे किस्मत ने मेरा साथ दे ही दिया और मैंने अपने बेहेन को ब्रा और पेंटी मै देख ही लिया दीदी ने वाइट ब्रा और वाइट low waist पेंटी पहनी हुई थी क्या सेक्सी लग रही थी उनकी ब्रा तो इतनी टाइट थी की लग रहा था की उनके मोटे बोबे ब्रा फाड़ के बाहर आ जाएँगे उनकी नंगी गोरी चिकनी टाँगे देख के मेरी तो हालत ख़राब हो गई और उनकी क्या गांड थी मोटी चिकनी गोरी गांड देख के मेरी आँखें फटी रह गयी अपनी दीदी को ब्रा पेंटी मे देखते हुए मैंने वापस मुट मारा और जब मेरा मुट निकला तो इतना सारा निकला और मुझे इतना आंनंद प्राप्त हुआ की मैं उसे बयां नहीं कर सकता मुट मारने के बाद भी मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा हुआ था और मैंने दीदी को ब्रा पेंटी मे देखा और सोचा की आज रात को तो इनके कोमल बदन को छुना ह़ी है

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उस दिन रात को मेरे दिमाग मे बस यही चल रहा था की दीदी के नाजुक कोमल बदन को केसे छुआ जाये मैं बस रात को odd टाइम का वेट करने लगा उस समय रात के 2 बजे थे गर्मियों के दिन थे दीदी बस चद्दर मे सो रही थी मैं धीरे से उठा और उनके बेड की तरफ गया दीदी आराम से सो रही थी मैंने चद्दर हटाया धीरे 2 , दीदी करवट लेके 1 के ऊपर 1 अपनी 1 टांग रख के सो रही थी जिस से उनकी मोटी गांड बाहर की तरफ निकली हुई थी मैंने धीरे से गाउन पे से दीदी की गांड पे हल्का सा किस किया फिर दीदी का फेस देखा वो आराम से सो रही थी फिर मैंने धीरे 2 उनका गाउन ऊपर किया मुझे उनकी टांगें दिखी मैंने हलके से अपनी उंगलियों का स्पर्श किया कितनी चिकनी टांगें थी दीदी की फिर मैंने धीरे से उनके हाथो को टच किया फिर मैंने उनके गाउन को थोडा और ऊपर किया और उनकी thigs देखी मैंने उनकी thigs पे धीरे से और ध्यान से किस किया फिर मै घूम के उनके बेड के सामने की तरफ गया और दीदी के होठो को टच किया फिर मैंने ध्यान से धीरे 2 अपनी उंगलिया उनके बोबो की तरफ बड़ाई और उन्हें बहुत ध्यान से हलके से छुहा मेरा लंड बिलकुल टाइट था 1 तरफ तो ये डर की दीदी जग ना जाए मुझे पकड़ न ले तो दिल कह रहा था की बस अब आगे कुछ मत कर लेकिन लंड दिमाग पे हावी हो चूका था दिमाग ने कहा अभी तक कुछ नहीं हुआ तो कुछ नहीं होगा और मैंने वापस दीदी के बोबो को हलके से टच किया कितने नरम बोबे थे मेरी बेहेन के टाइट और कोमल मैंने 1 बोबे को छुआ और हलके से दबाया इतने मे दीदी ने करवट ले ली मेरे गांड फटी और मई भाग के अपने बेड पे लेट गया उस समय रात के 3:15 हो रहे थे मै वापस उठा और दीदी का गाउन वापस ऊपर किया दीदी का कोई रिएक्शन नहीं था फिर मैंने धीरे से दीदी का गाउन उनकी हिप्स तक ऊपर किया और मुझे उनकी वाइट पेंटी नजर आयी

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दीदी की पेंटी पे से उनकी गांड को हलके से टच किया फिर उनकी पेंटी को सुंघा फिर उनकी गांड पे किस किया मै 1 हाथ से अपने लंड को सहला रहा था और दुसरे हाथ से अपनी दीदी की गांड को छु रहा था अब मेरे इच्छा दीदी की पूरी पेंटी और उनकी चूत देखने की हुई मैंने उनका गाउन थोडा और ऊपर कर दिया और इतने मै दीदी ने अपने हाथ से अपना गाउन नीचे किया और उठ गयी मै जल्दी से उनके बेड के नीचे बैठ कर tommy (हमारे पेट से बातें करने लगा ) दीदी ने मुझे घूर के देखा और कहा " क्या कर रहा है तू सोनू " मैंने कहा दीदी पता नहीं टॉमी आपके बेड के नीचे बैठा है और हलके से रो रहा ह क्या हुआ इसको खाना नहीं दिया क्या आज दीदी ने उसे देखा फिर मुझे देखा पंखा भी तेज चल रहा था और कूलर भी तो शायद दीदी को लगा की हवा से उनका गाउन ऊपर हो गया था मेरी तो गांड फट के गले मे आ गए दीदी ने कहा "तू सोजा मै देखती हु टॉमी को " मै चुपचाप अपने बेड की तरफ गया और लेट गया और शुक्र मनाने लगी की दीदी को शक नहीं हुआ फिर मैंने आगे कुछ करने का नहीं सोचा और सो गया सुबह उठा तो दीदी मुझसे पहले उठ चुकी थी और नहा कर तैयार हो चुकी थी उनकी फ्रेंड का अज बर्थडे था तो वो वहा जा रही थी जेसे ही मेने दीदी को देखा तो देखता रह गया उन्होंने सूट पेहेन रखा था रेड और वाइट कलर का पतला सा कुरता रेड सलवार और रेड चुन्नी

उस कुर्ते मे से दीदी के मोटे बोबे इतने बाहर आ रहे थे की मेरा दिमाग ख़राब हो गया दीदी ने शायद कुर्ते के नीचे आज शमीज नहीं पहनी थी तो उनकी वाइट ब्रा मुझे साफ़ 2 दिख रही थी मैंने सोचा की 1 पानी बाल्टी लाके दीदी के कुर्ते प डाल दू तो अंदर का सारा माल बाहर दिख जाएगा फिर मैंने दीदी की सलवार की तरफ देखा उनकी सलवार का कपडा इतना पतला था की कुर्ते के साइड के कट मे से उनकी गोरी मोटी thigs आराम से दिख रही थी मैंने सोचा की आज तो अपनी दीदी को नंगी देख कर ही रहूँगा इतनी सेक्सी परी तो मैंने आज तक नहीं देखी दीदी को ये कपडे उतारते हुए तो जरुर देखूंगा मैंने मम्मी से पुछा की दीदी वापस कब आएगी मुम्मी ने कहा शाम तक आएगी मुझे पता था की दीदी अपने कपडे तो चेंज बाथरूम मे ही करेगी तो मैंने 1 तीखा pechkus (पेचकस ) लिया और दीदी के बाथरूम के दरवाजे मे छेद करने लगा और छेद कर दिया इतना की किसी को नजर भी न आए और मुझे बाथरूम के अंदर का सब दिख जाए और उस छेद के अंदर मैंने पेपर टुकड़ा डाल दिया ताकि कमरे की लाइट से किसी को पता नहीं चल जाए की बाथरूम दरवाजे मे छेद हे जब दीदी अपने बाथरूम मे अपने कपडे चेंज करेंगी तो मै उस छेद मैं पेचकस से धक्का देके के उस पेपर के टुकड़े को हटा दूंगा और दीदी को कपडे उतारते हुए और उनके इतने प्यारे और मोटे बोबे उनकी चिकनी चूत मोटी गोरी गांड सब देखूंगा बिलकुल नंगी देखूंगा सब आज जिनके वजह से मैं अभी तक इतना तदपा था , लेकिन आज मैं अपनी दीदी को नंगी देखने वाला था

उस दिन मैं दीदी के आने का वेट करने लगा तभी मैंने सोचा की दीदी की चैटिंग को भी पकड़ा जाए शाम होने मैं अभी 2 घंटे बाकी थे मैं उस जगह पर पहुंचा जहाँ बैठ कर दीदी लैपटॉप पे चैट करती थी मैंने इधर उधर देखा उसी जगह के ऊपर 1 तिखाल थी जहा पर कुछ सामान रखा हुआ था मैंने उसकी हाइट चेक की उस तिखाल से नीचे की एक्टिविटी साफ़ 2 नजर आ रहे थे मैंने प्लान बनाया की उस तिखाल पर छुपा कर 1 कैमरा रखा जाये विडियो मोड पे जिस से जब दीदी अपना पासवर्ड डालेगी तो वो रिकॉर्ड हो जाएगा तो उस से मुझे पता चल जाएगा की दीदी ने कौन 2 सी keys दबाई हे और उनका पासवर्ड क्या और जब दीदी चैटिंग मे अपनी ब्रा पेंटी जो भी दिखाएंगी वो भी कैमरे मे रिकॉर्ड हो जाएगा मै अपने इस प्लान पे बड़ा खुश हुआ मैंने उस तिखाल पे 1 कैमरा विडियो रिकॉर्ड मोड पे करके सही एंगल पे एडजस्ट करके रख दिया और अब मै बहुत खुश था मेरी तैयारियो से की आज तो दीदी को नंगी जरुर देखूंगा। जेसे ही दीदी शाम को आयी मेरा दिल जोर 2 से धड़क रहा था लेकिन जेसे ही मैंने दीदी को देखा बस देखता ही रह गया कितनी सेक्सी लग रही थी मेरे बेहेन रेड सूट लम्बे बाल खुले हुए गोरे फेस पे ब्राउन गोगल्स

दीदी आयी और मैंने दीदी को कहा दीदी यहाँ आओ न मुझे ये सम समझ नहीं आ रहा दीदी सामने आके बैठी और मेरे हाथ से बुक ली और कहा "इसमें क्या हुआ सोनू मैंने बतया तो था ला कॉपी दे तेरी मै वापस समझा देती हु " दीदी कॉपी लेकर सम करने के लिए झुकी और जो मै चाहता था वही हुआ दीदी के कुर्ते के गले मे से मुझे उनकी ब्रा दिखाई दे गई कितने मोटे 2 बोबे थे मेरी दीदी के ये सोच के मेरा लंड खड़ा हो गया दीदी के गले मे पतली सी चैन और उस लटकी हुई चैन मे से दीदी की ब्रा के कप्स साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे मै ये नजारा देखने मे व्यस्त था तभी दीदी ने बोला " आगया समझ अब हमेशा देखता ही मत रहा कर कुछ कर भी देखा कर खुद तभी तो पता पड़ेगा हमेशा किताब को देखता रहता है " मैंने सोचा दीदी आप करने कहा दे रही हो कुछ मै तो कितना try कर रहा हु तभी दीदी जाने लगी और मैंने उन्हें बुलाया दीदी सुनो दीदी ने कहा "अब क्या हुआ भोंदू" और मैंने दीदी को हग कर लिया कस के और कहा "थैंक यू दीदी मुझे ये सम समझाने के लिए " कितना नरम बदन था दीदी का मैं उनके नरम और कोमल बोबो को अपने शरीर पर महसूस कर सकता था दीदी ने भी मुझे हग कर लिया और उनके underarms मे से उनके perfume और थोड़े पसीने की इतनी कामुख खुशबु आ रही थी की मैं बयां नहीं कर सकता और फिर दीदी ने मेरे सर पे हाथ फेरा और कपडे चेंज करने के लिए जाने लगी

अब मै खुशी से पागल होने वाला था क्योंकि दीदी बाथरूम की तरफ जा रही थी अपने कपडे चेंज करने दीदी ने उनकी अलमारी मे से 1 टॉप और लोअर निकाला और बाथरूम की तरफ जाने लगी दीदी बाथरूम की तरफ गयी और मैं अपने लंड पे हाथ फेरते हुए पीछे 2 गया दीदी के , मेरे मन मे तो लडडू फूट रहे थे की आज दीदी नंगी होगी और मै उनको 1-1 कपडा उतारते हुए ही मुट मारूंगा दीदी ने बाथरूम का दरवाजा बंद किया और 1 sec बाद बाथरूम मैं से दीदी के चिलाने की आवाज आयी और दीदी भागती हुई बाथरूम मैं से बाहर आगयी मम्मी ने पुछा "क्या हुआ प्रीति " दीदी ने कहा मम्मी बाथरूम 1 बड़ी सी छिपकली है मम्मी जोर से हसनी लगी और कहा "हे भगवान ! इतनी बड़ी हो गयी है और छिपकली से डरती है रुक मैं आती हु अभी तब तक तू अपने रूम का गेट बंद करके कपडे चेंज करले " , अब मुझे इतना गुस्सा आया जिसकी हद नहीं थी मैंने सोचा साली इस कमीनी छिपकली को भी अभी आना था मेरी तो किस्मत मे ही लंड लटक रहे है अब मैंने सोचा की अब आज शाम को तो दीदी की ब्रा पेंटी में रिकॉर्डिंग होने से तो कोई नहीं रोक सकत....फिर दीदी ने लैपटॉप ऑफ किया और मम्मी के पास जाके बातें करने लगी मैं धीरे से अलमारी के पीछे से निकला और कैमरा उठाया और उसे चेक करने लगा की क्या 2 रिकॉर्ड हुआ है कैमरा ओन किया तो मेरी ठुक गयी उसमे बैटरी लो का साइन आ रहा था मैंने उसे चार्जिंग पे लगाया और विडियो क्लिप देखि वो 57 mins की थी मैंने सोचा ये क्या हुआ इतनी छोटी क्लिप केसे हो गयी क्योंकि कैमरा तो बहुत पहले ही एडजस्ट कर दिया था मैंने उस क्लिप को प्ले करके देखा एंड के 27 मीन्स की क्लिप में काम का बस ये रिकॉर्ड हुआ था दीदी आयी लैपटॉप ओन किया स्क्रीन पे फ्लाइंग किस्स किया बस यहाँ तक रिकॉर्ड हुआ था फिर कैमरा ऑफ हो गया था मुझे फिर इतना गुस्सा आया की मैंने बैटरी क्यू नहीं चेक की पहले फिर मैंने उस क्लिप को लैपटॉप मे डाला और जब दीदी पासवर्ड डाल रही थी तब zoom करके क्लिप को बार 2 pause कर कर के देखा और मुझे मजा आ गया क्योंकि मुझे दीदी का पासवर्ड मिल चूका था
 
उनका पासवर्ड था " I love you janu " अब मैंने browsing हिस्ट्री चेक की पहले दीदी ने gmail खोला था तो मैंने दीदी की ID डाली और पासवर्ड बॉक्स में I love you janu डाला और उनका अकाउंट ओपन हो गया मैं खुद पर बहुत फक्र महसूस कर रहा था अब मैंने उनकी chats चेक की दीदी की और उनके bf से ये chats थी :-

raj2002 - hi जानेमन केसी हो ...

priti214 - अच्छी हु जानू तुम केसे हो ...

raj2002-बस तुम्हे याद कर रहा हु जान I love u so much

priti214 - I love u 2 so much जानू

raj2002- क्या पेहेन रखा है जान तुमने अभी

priti214 - कपडे और क्या हा हा हा हा हा !

raj2002- ढंग से बताओ न जान क्या पेहेन रखा है अभी

priti214 - टी शर्ट और लोअर जानू

raj2002 - उसके अंदर क्या पेहेन रखा है मेरी जानेमन

priti214 - जो सब पहनते है वही और क्या

raj2002 - बताओ न जान प्लीज

priti214 - ब्रा और पेंटी जानू

raj2002 - कौनसे कलर की ब्रा और पेंटी पेहेन रखी है मेरी सेक्सी

priti214 - जानू ग्रे कलर की ब्रा है और ब्लैक और ग्रे स्ट्राइप्स वाली पेंटी है , क्यू तुम क्यू पूछ रहे हो

raj2002 - क्योंकि मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है जान , जान मैं 1 बात बोलू वो करोगी

priti214 - अच्छा जी बड़ी याद आ रही है हमारी जानती हु ना शैतान तुम्हे क्यू याद आ रही है

raj2002 - बताओ ना जान मैं 1 बात बोलू वो करोगी

priti214 - हा जानू बोलो ना

raj2002 - अपना 1 अच्छा सा विडियो बना के भेजो ना इन ब्रा पेंटी को उतारते हुए प्लीज

priti214 - पागल हो गए हो दिमाग ख़राब है क्या तुम्हारा

raj2002 - प्लीज जान प्लीज मेरे लिए भेजो ना प्लीज

priti214 - तुम पागल हो गए हो क्या लैपटॉप मेरे पापा भाई दोनों use करते है किसी ने कुछ देख लिया तो कुछ रह गया तो नहीं नहीं मैं नहीं करुँगी एसा कुछ भी

raj2002 - कुछ नहीं रहेगा जान मै सब डिलीट करवा दूंगा तुमसे भरोसा रखो किसी को कुछ नहीं मिलेगा

priti214 - नहीं यार राज समझा करो मै ये सब नहीं कर सकती और ना ही करना चाहती हु इसलिए ही मै तुमसे कही बाहर नहीं मिलती हू स्कूल के अलावा मै एसा कुछ नहीं करुँगी this is my final rply

raj2002 - ठीक है जान विडियो मत भेजो फोटो ही भेज दो खुद की 1 ब्रा पेंटी मे और 1 बिना ब्रा पेंटी के बिलकुल नंगी

priti214 - न मै कोई विडियो भेजने वाली हु न कोई फोटो ok मुझे इस तरह की demands अच्छी नहीं लगती है तो आगे मुझसे इस matter पे कोई बात मत करना ok

raj2002 - अरे जान तुम तो नाराज हो गयी अच्छा सॉरी अब कम से कम FB पे विडियो चैट पे तो आजाओ

priti214 - हां जानू अभी आती हु मम्मी को बाहर जाने दो

raj2002 - ok और मेरी सेक्सी उस दिन तो स्कूल मे मेरा खड़ा हो गया था पीछे से तुम्हारी ब्रा स्ट्रैप्स को देख के लेकिन क्या करू कुछ कर भी तो नहीं सकता था

priti214 - हा हा बड़े शरीफ हो तुम जो कुछ नहीं कर सकते थे बदमाश तो हो 1 नंबर के

raj2002 - क्यू जान मैंने क्या किया

priti214 - अच्छा उस दिन 5th पीरियड मे मेरी स्कर्ट मे हाथ डाल के मेरी पेंटी कौन चेक कर रहा था और किसने नीचे पेंसिल उठाने के बहाने मेरी स्कर्ट के अंदर देखा था की मै कौनसे कलर की पेंटी पेहेन के आयी हू बताना तो शैतान इंसान ...

raj2002 - हा यार जान उस दिन तो मजा आ गया था तुम्हारी ब्लैक पेंटी बहुत सेक्सी लग रही थी ,और तुम भी तो शैतान हो जानेमन तुम भी तो मेरे लंड पे अपना हाथ फेर रही थी उस दिन डेस्क के नीचे

priti214 - ओये मै कोई हाथ नहीं फेर रही थी तुमने मेरा हाथ पकड़ के उस पे लगाया था और कहा था प्लीज प्लीज करके की थोड़ी देर सहला दो ना

raj2002 - हा हा तो क्या हुआ तुमने मेरा लंड तो सहलाया था ना केसा लगा था तुम्हे बताओ ना

priti214 - अच्छा लगा था लेकिन वो कितना गरम हो रहा था एसा क्यू

raj2002 - तुम अपनी चूत में ऊँगली डाल के देखो अभी वो भी गरम हो रही होगी हा हा हा हा हा हा

priti214 - चुप करो बदमाश

raj2002 - अरे तुमने वो विवेक सर और सिम्मी का matter सुना अपने स्कूल में

priti214 - नहीं तो क्यू क्या हुआ

raj2002 - अरे पता है विवेक सर हमेशा सिमी के डेस्क के पास जाके खड़े हो जाते थे और उसकी पूरी पीठ पर हाथ फेरते रहते थे और पूछते रहते थे होमवर्क कर लिया कॉपी चेक करवाली nd all...

priti214 - क्या !!!!! क्या बात कर रहे हो

raj2002 - हां फिर 1 दिन उन्होंने पीठ पे हाथ फेरते 2 सिम्मी के कंधो पे हाथ फेरा और उसकी ब्रा स्ट्रैप्स पकड़ ली

priti214 - हे भगवान !!!! फिर

raj2002 - हा यार फिर 1 दिन गेम्स पीरियड मे विवेक सर ने सारे बच्चो को गेम्स के लिए भेज दिया और सिम्मी से कहा की ये copies लेके स्टाफ रूम मे आजाओ

priti214 - फिर !

raj2002 - फिर वहा पर सर ने सिम्मी की स्कर्ट ऊपर कर दी और उसकी शर्ट जोर से खीची तो सिमी की शर्ट के ऊपर के 3 बटन टूट गए उसने जेसे तेसे अपने आप को छुड़ाया और भाग गयी प्रिंसिपल मैडम के चेम्बर मे और complain कर दी

priti214 - सही किया उसने एसे लोगो के साथ तो एसा ही होने चाहिए साले कमीने बस साले इधर उधर हाथ लगाने का मौका ढूंढ़ते है

raj2002 - -क्यू जान कभी तुम्हारे साथ भी एस कुछ हुआ क्या

priti214 - नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है

raj2002 - नहीं जान बताओ तुम्हे मेरी कसम है

priti214 - अरे यार पापा के 1 फ्रेंड है दिनेश अंकल वो काफी अच्छे फ्रेंड है पापा के वो करते है एसी हरकते इधर उधर हाथ लगाते रहते है

raj2002 - क्यू कहा 2 हाथ लगाया जान उन्होंने तुम्हारे

priti214 - अरे यार मैं जब भी उनके पैर छूती हु वो सर पे हाथ रख के आशीर्वाद नहीं देते पीठ पे हाथ रख के देते है हमेशा मेरी ब्रा के स्ट्रैप्स और हुक को फील करते है पीठ पे से फिर मेरी पीठ से अपने हाथ मेरे कंधो पर लाते है और वहां ब्रा के स्ट्रैप्स खीचते है फिर गालो पे हाथ फेरते हुए बोलते है बड़ी सुंदर बिटिया है आपकी साला कमीना इस तरीके से सब करता है की किसी को कुछ पता ही नहीं पड़ता बस मेरे अलावा

raj2002 - और क्या किया उसने और तुम्हे कब पता पड़ा की उसकी नीयत ख़राब है तुम पे

priti214 - 1 बार हम लोग बाहर गए थे घुमने के लिए तो दिनेश अंकल की गाडी लेके ही गए थे तो जब मै पीछे बेठे तो वो भी मेरे साथ पीछे की सीट पे बैठ गए अब जेसे ही गाडी थोड़ी सी हिलती तो वो मुझे बार 2 धक्का देते और बार 2 कभी मेरे हाथ कभी मेरी टाँगे कभी मेरी जांघ पे हाथ लगते मुझे लगा नॉर्मली होगा लेकिन 1 बार उन्होनी अपनी कोहनी से मेरे वहां दबाया ..

raj2002 - कहा दबाया जान बताओ ना

priti214 - वही ना यार समझो ना

raj2002 - कहा बताओ ना मैं समझा नहीं

priti214 - मेरे बूब्स पे

raj2002 - हे !!! क्या बात कर रही हो केसे

priti214 - 1 दम से गाडी मे दचका आया और उन्होंने मेरे साइड बूब्स पे अपनी कोहनी से मारा मुझे लगा की गलती से लगा होगा उनसे लेकिन फिर मुझे अपनी चुन्नी के नीचे अपने बूब्स पर कुछ महसूस हुआ और वो उनकी उंगलिया थी

raj2002 - क्या तो तुमने किसी को बताया क्यू नहीं

priti214 - क्या बताती यार फिर वो सोने का नाटक करने लगे और मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया अब वो बार 2 मेरी गर्दन पे अपने होंठ फेर रहे थे और मैं कुछ नहीं कर पा रही थी फिर उन्होंने मेरे कंधे पे से मेरी चुन्नी और मेरे कुर्ते के strap को साइड से थोडा सा नीचे किया और मेरी कंधे की ब्रा स्ट्रैप्स को किस किया मुझे इतना गुस्सा आ रहा था बस मैं उनसे छूटने की कोशिश कर रही थी फिर उन्होंने मेरी चुन्नी के नीचे से मेरे कुर्ते का गला पकड़ा और उसे हलके से खींच कर अंदर मेरी ब्रा देखने लगे और फिर मुझे गुस्सा आया मैंने सोचा enough is enough ये ऐसे नहीं मानेगा मुझे ही कुछ करना पड़ेगा

raj2002 - तो फिर क्या किया तुमने जान

priti214 - मैंने पापा से बोल की पापा मुझे आगे बेठना है अब गाडी मे

raj2002 - फिर क्या हुआ जान

priti214 - फिर क्या साला कमीना था वो भी जेसी ही पापा ने गाडी रोकी मैं आगे जाके बैठ गयी और मेरे भाई को पीछे बैठा दिया इतने मैं उस दिनेश कमीने ने पापा से बोल यार राजेंद्र तू गाडी ड्राइव कर 2 के थक गया होगा चल अब मैं ड्राइव करता हू मुझे इतना गुस्सा आया मैंने घूर के उसे देखा और वो कमीन मुस्कुरा रहा था मुझे देख के

raj2002 - फिर

priti214 - फिर क्या घर पहुचने मे अभी 2 घंटे का टाइम था और रात के 12:30 हो रहे थे मुझे थोड़ी सी झपकी लग गयी तभी मुझे 1 हाथ अपनी सलवार पे से अपनी जांघ पे महसूस हुआ वो हाथ मेरी जांघ को सहला रहा था और धीरे 2 ऊपर की तरफ आ रहा था ऊपर आते 2 वो हाथ मेरी दोनों जांघो के बीच मे आगया मुझे समझ मे आ गया था की यही कमीना है पर क्या करती उसने मेरे घुटने से लेके मेरी जांघ तक सब जगह हाथ फेरा और सब जगह अपने हाथो से सहलाने लगा फिर उसने अपने हाथ से मेरे दोनों जांघो के बीचे गैप बनाया और मेरी पेंटी पे से मेरे वहां हाथ फेरने लगा ....raj2002 - कहाँ मेरी सेक्सी बताओ ना

priti214 - मेरे वेजिना पे ...

raj2002 - फिर क्या हुआ

priti214 - वो अपना हाथ मेरी पेंटी पे फेर रहा था और मैं सोने का नाटक कर रही थी क्या करती आखिर फिर वो अपने हाथ से मेरी पूरी वेजिना को सहलाने लगा अपने हाथ की उंगलियों को वो मेरी वेजिना में फेरने लगा ऊपर से लेके नीचे तक उसके हाथ की दो उंगलिया मेरी पूरी वेजिना में घूम रही थी

raj2002 - अच्छा जान तुम्हे केसा लग रहा था सच बताओ

priti214 - केसा क्या गुस्सा आ रहा था बहुत

raj2002 - नहीं सच 2 बताओ तुम्हे केसा फील हो रहा था तुम्हे मेरी कसम

priti214 - सच बताऊ तो पहले बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन जब अंकल अपने हाथ की दो उंगलियों से मेरे वाजिना को सहला रहे थे उसमे अपनी उंगलिया घुसाने की कोशिश कर रहे थे मेरी वेजिना की स्किन को अपने नाख़ून से रगड़ रहे थे तो मजा आ रहा था एसा लग रहा था की ये सब बंद न हो बस चलता ही रहे

raj2002 - मतलब मेरी जान तुम बहुत गरम हो गई थी है ना

priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म

raj2002 -फिर

priti214 - फिर उन्होंने अपने हाथ को मेरे कुर्ते के अंदर डाला और मेरी सलवार के नाड़े को ढूंढ़ने लगे

दीदी की ये chats पढके मेरा लंड बिलकुल टाइट और गरम हो गया था मैं सोच रहा था की मेरी दीदी के साथ इतना कुछ हो चूका है दिनेश अंकल को कितना मजा आया होगा जब उन्होंने दीदी के नरम और मोटे बोबो को छुहा होगा उनका तो लंड खड़ा हो गया होगा और उन्होंने तो दीदी की चूत पे भी हाथ फेर रखा है केसा फील हुआ होगा उन्हें मजा आगया होगा उन्हें तो क्या दीदी की चूत पे बाल होंगे या चिकनी होगी दीदी की चूत और मुझे आश्चर्य हुआ की जब अंकल दीदी की चूत पे हाथ फेर रहे थे तो दीदी को भी मजा आ रहा था ये दीदी ने खुद ने बोल था मुझे ये सब सोच सोच के पता नहीं क्या हो रहा था मैंने इतना ज्यादा excited आज तक फील नहीं किया था मैं लंड पे हाथ फेर रहा था तो मुझे कुछ गीला 2 सा महसूस हुआ शायद वो pre cum था ये सब chats पढके के और उस situtaion को इमेजिन कर कर के मेरे लंड मे पैन होने लग गया था मैंने सोचा अब जाकर मूट मारता हु नहीं तो मेरा लंड फट जाएगा और मै सोचने लगा की काश आज भी दीदी की ब्रा पेंटी मिल जाए बाथरूम मे तो मजा आ जाये

मैं ये सोच ही रहा था इतने मे मम्मी दीदी के रूम की तरफ आई "प्रीती ओ प्रीती कहा ह तू " मेरी फट गयी मैंने फटाफट लैपटॉप की स्क्रीन बंद की और लैपटॉप सहीत ही बेड के नीचे चुप गया मम्मी रूम में आके बोली "कहा गयी ये लड़की"

दीदी की आवाज आयी "हा मम्मी अभी आयी " दीदी रूम मे आयी

दीदी - "हा मम्मी बोलो "

मम्मी - "अरे कहा थी तू वो कल शादी म चलना है तो चल मार्किट हो आते है , तुझे कुछ चाहिए "

दीदी - "हाँ मम्मी हा मुझे नयी ब्रा पेंटी भी लेनी है 1 सेट की ब्रा तो बहुत ही लूस हो गयी है ना फिटिंग आती है ना शेप और 1 ब्रा में से निप्पल्स साफ़ दीखते है चाहे कुरता पहनो या टॉप तो आप इस बार मेरे लिए ब्रा ऐसी देखना जिसमे मेरे निप्पल्स न दिखे "

मेरी और हालत ख़राब हो रही थी बेड के नीचे से ये सब बातें सुन सुन के मैं सोच रहा था दीदी के निप्पल्स बड़े होंगे या छोटे और कौनसे कलर के होंगे इतने में दीदी ने अपना टॉप ऊपर किया और कहा

दीदी- "और ये वाली जो ब्रा है ये इतनी टाइट है की दम ही निकल जाता है मेरा तो "

मेरे वारे न्यारे होगए दीदी को सामने से ब्रा मे देख के दीदी के मोटे बोबे उनकी टाइट ब्रा में से आधे बहार निकल रहे थे 1 बार तो मेरी इच्छा हुई की अपना लंड निकाल के बेड के नीचे ही मूट मारलु फिर दीदी बोली दीदी - "और हा मम्मी सेल्समेन के सामने मुझसे साइज़ मत पूछना वो साइज़ सुन के घूरते रहते है ब्रैस्ट पे मेरा साइज़ 34 है आप इस साइज़ की ब्रा निकलवा देना और मैं ऊँगली से इशारा कर दूंगी की मुझे कौनसी पसंद आ रहे है मैं कुछ नही बोलूंगी "

मम्मी - "ठीक है तो तूने अभी जो ब्रा पेंटी पेहेन रखे वो उतार दे और जो तुझे comfortable लगते हो पेहेन ले ताकि जरुरत पड़ी तो try करके और compare करके भी देख लेना तू "

अब मैंने सोचा जो मैंने माँगा था वो दीदी उतार रही है बाथरूम मे मेरी इच्छा पूरी हो गयी थी फिर दीदी मम्मी मार्किट चले गए मैंने गेट बंद किया और बाथरूम मे गया

दीदी के टॉवल के नीचे से पहले दीदी की ब्रा उठाई उसपे किस किया उनके कप्स पे किस किया उनके कप्स को सहलाया उनकी ब्रा के कप्स को दबाया और अपने पूरे फेस पे फेरा मैंने दीदी की ब्रा को फिर मैंने दीदी की पेंटी उठाई और उसे जेसे ही सुंघा आज उसमे कुछ ज्यादा ही अच्छी और कमसिन सी खुशबु आ रही थी , दीदी की पेंटी आज उस दिन से ज्यादा गीली थी मैंने दीदी के पेंटी मे देखा तो हैरान रह गया दीदी की पेंटी पे बहुत सारा वाइट गाड़ा पानी जेसा कुछ लगा हुआ था मैं समझ गया की ये दीदी की चूत का डिस्चार्ज है वो नीचे की साइड की पूरी पेंटी पे लगा हुआ था मैंने सोचा की आज दीदी का इतना सारा डिस्चार्ज केसे निकला फिर मुझे समझ मे आगया मैंने मेरे मन मे कहा की "दीदी गरम हो रही थी जब वो अपने bf को बता रही थी की दिनेश अंकल ने उनके बोबे दबाये और उनकी चूत पे अपना हाथ फेरा ये सब बताते 2 दीदी गरम हो गयी थी तभी उनकी चूत मे से इतना सारा डिस्चार्ज निकला " मैं अपनी दीदी की पेंटी मे लगे डिस्चार्ज को चाटने लगा और पूरा चाट के साफ़ कर दिया क्या मस्त taste था मेरी दीदी की चूत का फिर उनकी पेंटी को अपने लंड पे लपेटा और अपने लंड को हिलाने लगा और थोड़ी ही देर मे मैं झर गया आज जेसा अनुभव मुझे कभी नहीं मिला था मैंने वापस दीदी की ब्रा पेंटी रखी और बाहर आया और लैपटॉप ओन किया और दीदी की आगे की chats पड़ने लगा

priti214 - फिर उन्होंने अपने हाथ को मेरे कुर्ते के अंदर डाला और मेरी सलवार के नाड़े को ढूंढ़ने लगे मेरी दिल की धड़कने इतनी तेज चल रही थी की मैं बता नहीं सकती मेरे पापा की उम्र का आदमी मेरी सलवार और पेंटी पे से मेरी वेजिना पे हाथ फेर रहा था वो भी मेरे पापा मम्मी के उसी गाडी में होते हुए भी।।

raj2002 - आगे क्या हुआ जान

priti214 - मुझे समझ ही नहीं आ रहा था की मैं क्या करू ये आदमी मुझे नंगी करने की सोच रहा था इस गाडी मैं जिसमे मैं मेरी पूरी फॅमिली बेठी है फिर भी मै इसे रोक क्यों नहीं रही हू मेरा दिल बोल रहा था की मैं उसे रोकू और दिमाग कह रहा था की जो चल रहा ह उसे चलने दू नंगी हो जाऊ इस गाडी में और अंकल को अपनी नंगी वेजिना पे हाथ फेरने दू तभी अंकल को मेरी सलवार का नाडा मिल गया और वो उसे खींचने ही वाले थे की मैंने उनका हाथ पकड़ लिया जेसे ही मेरी आँखें खुली मुझे समझ आगया की मुझे क्या करना है मैंने अंकल की तरफ घूर के देखा उनके हाथ को झटका और पीछे मुडी उनके के चेहरे पे हवाइया उड़ रही थी क्योंकि उनकी भी दोनों जवान बेटियां उस गाडी मैं थी मैंने जोर से चिल्लाके कहा " मम्मी बहुत हो गया अब मुझसे नहीं झेला जाता आगे और मैं आपको कुछ बताना चाहती हु " अंकल की हालत देखने लायक थी उन्होंने मेरी तरफ देख के धीरे से कहा प्लीज बेटी किसी को कुछ मत कहने मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूँगा सॉरी प्लीज सॉरी , मम्मी ने मुझसे पुछा "क्या हुआ प्रीती क्या नहीं झेला जाता मैंने मम्मी को धीरे से कहा मम्मी गाडी रुकवाओ न किसी रेस्टोरेंट पे मुझे भूख भी लगी है और टॉयलेट भी जाना है " मेरी बात सुनके अंकल के चेहरे पर सुकून आया

raj2002 - तो जान तुम बता देती ना उस कमीने की करतूत क्यों नहीं बताया

priti214 - यार मैंने सोचा छोड़ो अभी इसकी अच्छी खासी फॅमिली बिगड़ जाएगी और इसने सॉरी भी बोल दिया था इसलिए

raj2002 - फिर वो अंकल क्या अभी भी घर पे आते है क्या अभी भी तुम्हारी ब्रा के स्ट्रैप्स को फील करते है क्या

priti214 - नहीं फिर मैंने मम्मी को बोल दिया था की दिनेश अंकल गालो पे टच करते है तो मुझे अच्छा नहीं लगता कोई बच्ची थोड़ी ना हूँ तो मम्मी ने बोल दिया की तू पैर मत छुहा कर दूर से नमस्ते कर लिया कर

raj2002 - लेकिन जान तुम्हे मजा आया था ना जब अंकल तुम्हारे बूब्स और वेजिना पे अपना हाथ फेर रहे थे

priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म

raj2002 - तुम्हारी वेजिना मे से डिस्चार्ज भी निकला होगा ना

priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म

raj2002 - कितना निकला था

priti214 - इतना तो निकला था की मुझे मेरी पेंटी गीली गीली लगने लग गयी थी

raj2002 - जान 1 बात बोलू

priti214 - हा जी बोलो

raj2002 - तुम्हारी ये सारी बातें सुन के मेरा खड़ा हो गया

priti214 - हे भगवान् ! तुम्हारा तो हमेशा ही खड़ा हो जाता है सुला दो उसे बहुत बिगड़ गया है

raj2002 - केसे जान तुम सुलाओ ना इसे

priti214 - मैं वहां आगई ना तो मरोड़ दूंगी उसे हा हा हा हा हा हा

raj2002 - तो जान फिर कभी हुआ क्या एसा कुछ तुम्हारे साथ उन अंकल के अलावा किसी और ने हाथ लगाया क्या तुम्हे कभी यहाँ वहां

priti214 - नहीं और किसी ने तो नहीं लगाया

priti214 - हाँ याद आया 1 बार और हुआ था एसा

raj2002 - कब कहाँ पूरी बात बताओ ना

priti214 - अभी 6 महीने पहले की ही बात है मेरा 1 एग्जाम था जिसका सेण्टर दूसरे सिटी मे आया था तो मम्मी की बेहेन यानी मेरी मौसी की लड़की भी उसी सिटी में रहती है वो मैरिड है तो मम्मी ने कहा की तू वहीँ रुक जाना मैंने कहा ठीक है मै एग्जाम के 2 दिन पहले वहां पहुंची जीजू स्टेशन पे लेने आ गए थे दीदी जीजू की शादी को अभी 4 साल ही हुए थे और उनकी 1 बेटी भी थी श्रेया 1 साल की जीजू ने हाय हेलो किया और मुझे घर ले गए उनका घर ज्यादा बड़ा नहीं था 2 रूम किचन फ्लैट था मेरा सामान 2ण्ड रूम मे रखवा दिया था मैंने अपने कपडे चेंज किये और गर्मियों के दिन थे इसलिए 1 पतली सी कैपरी और पतला सा टॉप पेहेन लिया फिर दीदी से थोड़ी बातें की फिर थोड़ी देर सो गयी

raj2002 - फिर

priti214 - शाम को उठी तो दीदी खाना बना रही थी मैंने सोचा उनकी हेल्प कर दू थोड़ी तो किचन मे उनके पास जाके खड़ी हो गयी और उनकी हेल्प करने लगी इतने मैं जीजू भी आ गये और बातें करने लगे 1 दम से लाइट चली गयी और मुझे अपने हिप्स पर 1 हाथ महसूस हुआ वो हाथ मेरे पूरे हिप्स पर घूम रहा था सारी उंगलिया मेरे हिप्स को सहला रही थी वो हाथ मेरे हिप्स पर घूमते हुए मेरे हिप्स को सहला रहा था और जोर 2 से दबा रहा था

raj2002 - फिर

priti214 - मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करू क्या नहीं करू ये किसका हाथ है मेरे पास दो ही तो लोग थे जीजू और दीदी मैं ये सब सोच रही थी तभी 1 ऊँगली मेरे दोनों हिप्स के बीचे की दरार में घुस गयी और अंदर घुमने लगी मेरे अंदर 1 अजीब सी फीलिंग आ रही थी मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था मेरी आँखें बंद हो चुकी थी और मैंने नोटिस किया की मेरी पेंटी भी गीली हो गई थो थोड़ी सी इतने मे लाइट आ गयी और वो हाथ गायब हो गया लाइट आयी तो मैंने देखा मेरे पास दीदी खड़ी थी और उनके पास जीजू मैंने सोचा ये सब किसने किया होगा मैंने अंदाजा लगाया की शायद अँधेरे मे जीजू को पता नहीं होगा की वो किस के हिप्स पे हाथ फेर रहे है तो गलती से हो गया होगा

raj2002 - आगे क्या हुआ जान

priti214 - फिर हम खाना खा रहे थे दीदी और मैं साथ बैठे थे और जीजू सामने बैठे थे डाइनिंग टेबल पे , खाना खाते 2 अचानक जीजू ने अपना पैर मेरे पैर रख दिया और अपने पैर को मेरे पैर पे फेरने लगे फिर उनका पैर धीरे 2 ऊपर आने लगा और मेरी कैपरी पे से मेरी thigs पर जीजू अपना पैर फेरने लगे मैं चुप चाप जल्दी 2 खाना खा रही तभी जीजू ने अपने पैर को मेरी दोनों thigs के बीच में डाल दिया और मेरी thigs के अंदर की तरफ अपने पैरो की उंगलियों को फेरने लगे फिर उन्होंने अपने पैर के अंघूटे से मेरी वेजिना के होल पे फेरने लगे उसपे धक्का देने लगे मेरी हालत तो ख़राब हो चुकी थी बुरी तरह मेरी धड़कने बहुत तेज चल रही थी क्योंकि मेरी कैपरी बहुत पतली थी मुझे जीजू के पैर का अंघूठा अपनी वेजिना के होल पे बहुत अच्छी तरह से फील हो रहा था वो अपने पैर के अंघूटे से मेरी वेजिना के होल पर ऊपर नीचे फेर रहे थे उस पे धक्का दे रहे थे मेरी कैपरी काफी पतली थी और मुझे बहुत मजा आरहा था मेरा बहुत सारा डिस्चार्ज निकल गया था और मेरी पूरी पेंटी गीली हो गयी थी शायद उन्हें भी मेरी वेजिना के गीलेपन का एहसास हो चूका था वो जोर 2 से मेरे वेजिना के होल पे धक्का देने लगे और मुझे इतना अच्छा महसूस हो रहा था मुझे इतना मजा आ रहा था तभी दीदी ने जीजू से कहा की क्या कर रहे हो जीजू ने जल्दी से अपना पैर नीचे करके पुछा क्या हुआ दीदी ने कहा खाना तो ढंग से खाओ खाली सब्जी क्यों खा रहे हो और इतने में मैंने अपनी प्लेट उठाई और किचन में चली गयी फिर बाथरूम में जाके देखा तो सामने से मेरी कैपरी गीली हो गयी थी फिर मैंने अपनी पेंटी में देखा तो वो भी पूरी गीली हो गयी थी और उसमे मेरी वेजिना का बहुत सारा डिस्चार्ज था मैंने कैपरी और पेंटी चेंज की और श्रेया को गोद में लेके खिलाने लगी तभी जीजू ने श्रेया को मुझसे माँगा मैंने श्रेया को आगे किया जीजू की बाँहों मैं देने के लिए इतने में जीजू ने अपने हाथ से मेरे बूब्स को दबा दिया श्रेया को लेने के बहाने और मुस्कुरा कर चले गए ..

मैंने सोचा की दीदी के कितने लोगो ने मजे ले रखे हैं बस मैं ही पीछे हु इतने में मम्मी और दीदी मार्किट से आ गए मैंने लैपटॉप बंद कर दिया और सोचने लगा की मैं दीदी के मजे केसे लू
 
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