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Guest
कार्तिक को गुस्से में देख कर पूनम झेप गयी
आई एम सॉरी मेरा इरादा आपको हर्ट करने का नही था ,लेकिन इस तरह से आपसे पैसे लेना मुझे ठीक नही लग रहा है ,आपने पहले ही मेरी इतनी मदद की है अब और कितना करेंगे - पूनम ने अपनी नजर झुका कर कहा
पूनम मैने ऐसा कुछ नही किया जिसके लिए तुम इतना सोच
रही हो और फिर तुम क्यों अपने गहने बेचोगी कौन सा तुम अपने घर से बहुत दूर हो ये रहा ग़ज़ियाबाद तुम मुझे अपने घरवालों के नंबर दे दो मैं उन्हें अभी बुलवा लेता हूँ फिर वो सब देख लेंगे की क्या करना है - कार्तिक बोला
नही नही घरवालो को नही मैं उन्हें नही बता सकती - पूनम घबरा कर बोली
कार्तिक को बड़ा अजीब लगा वह चौक गया ।
मतलब ...क्या नही बता सकती- कार्तिक ने पूछा
यही सब मैं घर मे नही बता सकती कि मैं हॉस्पिटल में हूँ पूनम ने नजर चुराते हुए कहा
क्यो ...? क्यो नही बता सकती - कार्तिक ने फिर पूछा
बस ऐसे ही वो क्या है ना अचानक से उन्हें पता चलेगा तो वो परेसान हो जाएंगे इसीलिए पूनम ने बात को सम्हालने की कोशिश की
कार्तिक ने पूनम को शंका से देखा मानो उसे पूनम की बातों पर बिल्कुल भी विश्वास नही हुआ ।
पूनम सब ठीक तो है ना जाने क्यों ऐसा लग रहा है कि तुम झूठ बोल रही हो - कार्तिक ने पूछा
नही झूठ नही ...झूठ क्यो बोलूंगी, पूनम हड़बड़ा गयी और नजर चुराने लगी उसे डरथा कि कही कार्तिक को पता न चल जाए कि वह घर से भाग कर आई है
कार्तिक को बिल्कुल भी विश्वास नही हुआ उसे लग गया कि हो न हो पूनम उससे कुछ छुपा रही है और यही बात उसे परेसान कर रही वह कैसे भी करके पूनम के असलियत तक पहुचना चाहता था ।
जारी ....
डियर रीडर यह भाग आप लोगों को कैसा लगा खूब सारी प्रतिक्रिया करके बताएं मैं आप सभी के कमेंट का बेसब्री से इंतजार करूंगा आप आप लोगों के कमेंट पढ़कर मन को बड़ी तसल्ली मिलती है क्योंकि अब आप लोगों का इस कहानी में थोड़ा बहुत मन लगने लगा और जब आप लोगों का मन पढ़ने में लगता है तो मुझे लिखने का भी मन करता है
अगला भाग बहुत जल्दी प्रकाशित करूंगा और आप लोगों के इस भाग पर प्यारे-प्यारे कमेंट का इंतजार करूंगा
लक्ष्य बहुत खुश था उसने जल्दी से अपनी बाइक स्टार्ट की और बाजार की तरफ दौड़ गया , सबसे पहले वह टैक्सी स्टैंड गया और वहां पर वह अपनी बाइक खड़ा कर के चारो तरफ ध्यान से देखने लगा ।
अचानक मानो उसकी आंखें चार सौ चालीस बोल्ट की बल्ब की तरह चमक पड़ी ।
पास में एक दुकान के पास ही उसे कुछ दिखा
वह भाग कर उस दुकान पर पहुचा और बोला
हेलो भाई साहब कैसे है ?
दुकानदार ने उसे गौर से देखा मानो पहचानने की कोशिश कर रहा हो लेकिन पहचान नही पाया
सॉरी , क्या आप मुझे जानते है - उस दुकानदार ने कहा
नही ...मैं आपको जानता नही हूँ लेकिन मुझे आपकी थोड़ी सी मदद चाहिए - लक्ष्य ने कहा
कैसी मदद दुकानदार ने उत्सुकता से पूछा ।
दरअसल कल एक लड़की घर से चली गयी थी मैं उसे ही ढूढ रहा हूँ और मुझे शक है कि उसने यही से टैक्सी ली होगी ।
तो मैं आप के लिए क्या कर सकता हूँ ।
आप के दुकान के बाहर जो सीसीटीवी कैमरा लगा है प्लीज आप मुझे उसकी फुटेज दिखा दीजिये प्लीज सर लक्ष्य ने हाथ जोड़ कर प्रार्थना की
लेकिन मैं दुकान पर अकेला हूँ मैं कैसे दिखा दु आप बाद में आईयेगा उस दुकान दार ने अनमने भाव से लक्ष्य को टरकाते हुए कहा ।
भाई साहब प्लीज बहुत जरूरी है कही ऐसा न हो वह किसी परेसानी में आ जाय इसीलिए उसका मिलना बहुत जरूरी है बिना माँ की बच्ची है, उसके भाई ने उसे डांट दिया इसी लिए चली गयी प्लीज भाई साहब मदद कर दीजिए - लक्ष्य ने प्रार्थना की
दुकान दार को शायद उस पर दया आगयी और वह राजी हो गया ।
वह लक्ष्य को सारी फुटेज दिखाने के लिए राजी हो गया और फिर लक्ष्य ने पूनम को टैक्सी में जाते हुए देखा ।
उसने तुरंत ही शशांक को फोन मिलाया और बताया
शशांक ने कहा
ये तो मैं जानता ही हूँ वो टैक्सी से बस स्टॉप गयी है उसके बाद का नही पता है ।
शशांक की बात सुनकर लक्ष्य ने दुकानदार को थैंक्स कहा और फिर निकल गया ।
वह सीधा टैक्सी स्टैंड से बस स्टॉप पहुचा वहां पर भी कई सारे कैमरे लगे थे लक्ष्य ने किसी तरह कंट्रोल रूम में ऑपरेटर को पटाया और उसे फुटेज दिखाने के लिए राजी किया ।
ऑपरेटर लक्ष्य को लेकर कंट्रोल रूम में ले गया और फिर सारे कैमरे दिखाने लगा ।
लक्ष्य ने सबसे पहले इंट्रेंस का फुटेज देखा थोड़ी देर देखने के बाद ही लक्ष्य को पूनम आती हुई दिख गयी
लक्ष्य ने उसे फॉलो किया और फिर उसे दिल्ली की बस में
बैठते हुए देखा उसने गाड़ी का नंबर नोट किया और फिर उस ऑपरेटर को दो हजार रुपये दिया ।
अब लक्ष्य को मालूम हो चुका था की पूनम दिल्ली गयी है ।
लक्ष्य ने बस के ड्राइबरो से पूछताछ शुरू कर दी वह उस बस को ढूढने लगा जिससे पूनम दिल्ली गई थी
थोड़ी ही देर बाद उसे पता चल गया कि वह बस कहा पर है - लक्ष्य उसके पास पहुचा ।
उस बस का कंडक्टर और ड्राइबर चाय पी रहे थे लक्ष्य उनके पास पहुचा ।
लक्ष्य ने उन्हें सारी बात बताई और उनसे हेल्प मांगी
देखिये भाई साहब हर रोज जाने कितनी सवारियां मेरे बस में बैठती है मैं कैसे बता सकता हूँ कि वो कौन है
लक्ष्य ने पूनम का हुलिया बताया लेकिन कंडक्टर को कुछ भी समझ मे नही आया उसने साफ मना कर दिया ।
अच्छा ठीक है आप मुझे बस इतना बता दीजिए कि आप बस लेकर कहा तक जाते है मैं देखता हूँ - लक्ष्य ने थक हार कर पूछा ।
भाई साहब वैसे तो मेरी बस आनद विहार तक जाती है , आप वहां जा कर पता कर लीजिए शायद कुछ पता चल जाए उस कंडक्टर ने अपना पिंड छुड़ाते हुए कहा ।
लक्ष्य के लिए इतनी जानकारी काफी थी वह तुरंत ही दिल्ली की तरफ चल पड़ा ।
आनद विहार बस अड्डे पर पहुच कर उसने चारो तरफ कैमरा ढूढना शुरू कर दिया कैमरा तो वहां पर भी लगा था ।
लक्ष्य ने उसके आपरेटर को ढूढा और उसे फुटेज दिखाने का आग्रह किया लेकिन उस आपरेटर ने साफ मना कर दिया ।
भाई साहब प्लीज बहुत जरूरी है आप की हेल्प से किसी की जिंदगी बच जाएगी - लक्ष्य ने प्रार्थना की
देखिये अगर मैं चाहू भी तो भी आप को कुछ भी नही दिखा पाऊंगा , क्योकि सारे कैमरे का सेटअप खराब हो गया है और आज कल रिकार्डिंग बंद है इसीलिए मैं आपकी कोई मदद नही कर पाऊंगा उसने कहा
आई एम सॉरी मेरा इरादा आपको हर्ट करने का नही था ,लेकिन इस तरह से आपसे पैसे लेना मुझे ठीक नही लग रहा है ,आपने पहले ही मेरी इतनी मदद की है अब और कितना करेंगे - पूनम ने अपनी नजर झुका कर कहा
पूनम मैने ऐसा कुछ नही किया जिसके लिए तुम इतना सोच
रही हो और फिर तुम क्यों अपने गहने बेचोगी कौन सा तुम अपने घर से बहुत दूर हो ये रहा ग़ज़ियाबाद तुम मुझे अपने घरवालों के नंबर दे दो मैं उन्हें अभी बुलवा लेता हूँ फिर वो सब देख लेंगे की क्या करना है - कार्तिक बोला
नही नही घरवालो को नही मैं उन्हें नही बता सकती - पूनम घबरा कर बोली
कार्तिक को बड़ा अजीब लगा वह चौक गया ।
मतलब ...क्या नही बता सकती- कार्तिक ने पूछा
यही सब मैं घर मे नही बता सकती कि मैं हॉस्पिटल में हूँ पूनम ने नजर चुराते हुए कहा
क्यो ...? क्यो नही बता सकती - कार्तिक ने फिर पूछा
बस ऐसे ही वो क्या है ना अचानक से उन्हें पता चलेगा तो वो परेसान हो जाएंगे इसीलिए पूनम ने बात को सम्हालने की कोशिश की
कार्तिक ने पूनम को शंका से देखा मानो उसे पूनम की बातों पर बिल्कुल भी विश्वास नही हुआ ।
पूनम सब ठीक तो है ना जाने क्यों ऐसा लग रहा है कि तुम झूठ बोल रही हो - कार्तिक ने पूछा
नही झूठ नही ...झूठ क्यो बोलूंगी, पूनम हड़बड़ा गयी और नजर चुराने लगी उसे डरथा कि कही कार्तिक को पता न चल जाए कि वह घर से भाग कर आई है
कार्तिक को बिल्कुल भी विश्वास नही हुआ उसे लग गया कि हो न हो पूनम उससे कुछ छुपा रही है और यही बात उसे परेसान कर रही वह कैसे भी करके पूनम के असलियत तक पहुचना चाहता था ।
जारी ....
डियर रीडर यह भाग आप लोगों को कैसा लगा खूब सारी प्रतिक्रिया करके बताएं मैं आप सभी के कमेंट का बेसब्री से इंतजार करूंगा आप आप लोगों के कमेंट पढ़कर मन को बड़ी तसल्ली मिलती है क्योंकि अब आप लोगों का इस कहानी में थोड़ा बहुत मन लगने लगा और जब आप लोगों का मन पढ़ने में लगता है तो मुझे लिखने का भी मन करता है
अगला भाग बहुत जल्दी प्रकाशित करूंगा और आप लोगों के इस भाग पर प्यारे-प्यारे कमेंट का इंतजार करूंगा
लक्ष्य बहुत खुश था उसने जल्दी से अपनी बाइक स्टार्ट की और बाजार की तरफ दौड़ गया , सबसे पहले वह टैक्सी स्टैंड गया और वहां पर वह अपनी बाइक खड़ा कर के चारो तरफ ध्यान से देखने लगा ।
अचानक मानो उसकी आंखें चार सौ चालीस बोल्ट की बल्ब की तरह चमक पड़ी ।
पास में एक दुकान के पास ही उसे कुछ दिखा
वह भाग कर उस दुकान पर पहुचा और बोला
हेलो भाई साहब कैसे है ?
दुकानदार ने उसे गौर से देखा मानो पहचानने की कोशिश कर रहा हो लेकिन पहचान नही पाया
सॉरी , क्या आप मुझे जानते है - उस दुकानदार ने कहा
नही ...मैं आपको जानता नही हूँ लेकिन मुझे आपकी थोड़ी सी मदद चाहिए - लक्ष्य ने कहा
कैसी मदद दुकानदार ने उत्सुकता से पूछा ।
दरअसल कल एक लड़की घर से चली गयी थी मैं उसे ही ढूढ रहा हूँ और मुझे शक है कि उसने यही से टैक्सी ली होगी ।
तो मैं आप के लिए क्या कर सकता हूँ ।
आप के दुकान के बाहर जो सीसीटीवी कैमरा लगा है प्लीज आप मुझे उसकी फुटेज दिखा दीजिये प्लीज सर लक्ष्य ने हाथ जोड़ कर प्रार्थना की
लेकिन मैं दुकान पर अकेला हूँ मैं कैसे दिखा दु आप बाद में आईयेगा उस दुकान दार ने अनमने भाव से लक्ष्य को टरकाते हुए कहा ।
भाई साहब प्लीज बहुत जरूरी है कही ऐसा न हो वह किसी परेसानी में आ जाय इसीलिए उसका मिलना बहुत जरूरी है बिना माँ की बच्ची है, उसके भाई ने उसे डांट दिया इसी लिए चली गयी प्लीज भाई साहब मदद कर दीजिए - लक्ष्य ने प्रार्थना की
दुकान दार को शायद उस पर दया आगयी और वह राजी हो गया ।
वह लक्ष्य को सारी फुटेज दिखाने के लिए राजी हो गया और फिर लक्ष्य ने पूनम को टैक्सी में जाते हुए देखा ।
उसने तुरंत ही शशांक को फोन मिलाया और बताया
शशांक ने कहा
ये तो मैं जानता ही हूँ वो टैक्सी से बस स्टॉप गयी है उसके बाद का नही पता है ।
शशांक की बात सुनकर लक्ष्य ने दुकानदार को थैंक्स कहा और फिर निकल गया ।
वह सीधा टैक्सी स्टैंड से बस स्टॉप पहुचा वहां पर भी कई सारे कैमरे लगे थे लक्ष्य ने किसी तरह कंट्रोल रूम में ऑपरेटर को पटाया और उसे फुटेज दिखाने के लिए राजी किया ।
ऑपरेटर लक्ष्य को लेकर कंट्रोल रूम में ले गया और फिर सारे कैमरे दिखाने लगा ।
लक्ष्य ने सबसे पहले इंट्रेंस का फुटेज देखा थोड़ी देर देखने के बाद ही लक्ष्य को पूनम आती हुई दिख गयी
लक्ष्य ने उसे फॉलो किया और फिर उसे दिल्ली की बस में
बैठते हुए देखा उसने गाड़ी का नंबर नोट किया और फिर उस ऑपरेटर को दो हजार रुपये दिया ।
अब लक्ष्य को मालूम हो चुका था की पूनम दिल्ली गयी है ।
लक्ष्य ने बस के ड्राइबरो से पूछताछ शुरू कर दी वह उस बस को ढूढने लगा जिससे पूनम दिल्ली गई थी
थोड़ी ही देर बाद उसे पता चल गया कि वह बस कहा पर है - लक्ष्य उसके पास पहुचा ।
उस बस का कंडक्टर और ड्राइबर चाय पी रहे थे लक्ष्य उनके पास पहुचा ।
लक्ष्य ने उन्हें सारी बात बताई और उनसे हेल्प मांगी
देखिये भाई साहब हर रोज जाने कितनी सवारियां मेरे बस में बैठती है मैं कैसे बता सकता हूँ कि वो कौन है
लक्ष्य ने पूनम का हुलिया बताया लेकिन कंडक्टर को कुछ भी समझ मे नही आया उसने साफ मना कर दिया ।
अच्छा ठीक है आप मुझे बस इतना बता दीजिए कि आप बस लेकर कहा तक जाते है मैं देखता हूँ - लक्ष्य ने थक हार कर पूछा ।
भाई साहब वैसे तो मेरी बस आनद विहार तक जाती है , आप वहां जा कर पता कर लीजिए शायद कुछ पता चल जाए उस कंडक्टर ने अपना पिंड छुड़ाते हुए कहा ।
लक्ष्य के लिए इतनी जानकारी काफी थी वह तुरंत ही दिल्ली की तरफ चल पड़ा ।
आनद विहार बस अड्डे पर पहुच कर उसने चारो तरफ कैमरा ढूढना शुरू कर दिया कैमरा तो वहां पर भी लगा था ।
लक्ष्य ने उसके आपरेटर को ढूढा और उसे फुटेज दिखाने का आग्रह किया लेकिन उस आपरेटर ने साफ मना कर दिया ।
भाई साहब प्लीज बहुत जरूरी है आप की हेल्प से किसी की जिंदगी बच जाएगी - लक्ष्य ने प्रार्थना की
देखिये अगर मैं चाहू भी तो भी आप को कुछ भी नही दिखा पाऊंगा , क्योकि सारे कैमरे का सेटअप खराब हो गया है और आज कल रिकार्डिंग बंद है इसीलिए मैं आपकी कोई मदद नही कर पाऊंगा उसने कहा