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अजनबी हमसफर

ये हुई न बात अब जल्दी से आओ मैं तुम्हारा इन्तेजार कर रहा हूँ राजीव को मानो मुँह माँगी मुराद मिल गयी हो वह खुशी से खिल गया

थोड़ी देर बाद रजनी बाहर आई और फिर राजीव और रजनी दोनो कपड़े लेने निकल पड़े ।

अगली सुबह लावण्या सो कर उठी आज उसका बर्थडे था तो वह बहुत खुश थी,सार्थक सो रहा था उसने सोते हुए सार्थक को प्यार से देखा वह बहुत ही मासूम और प्यारा लग रहा था अचानक लावण्या को अपने कल के बोले गए झूठ की याद आयी ।

आई एम सॉरी सार्थक मैं मजबूर हूँ , इसी वजह से मैने तुम्हे पूरी बात नही बताई मुझे माफ़ कर देना मैने जो कुछ किया है तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए किया है - लावण्या ने मन ही मन सोचा

वह उठ कर नहाने चली गयी करीब एक घंटे बाद जब वापस आयी तो अब भी सार्थक सो ही रहा था लावण्या ने मुस्करा कर सार्थक को देखा और फिर उसके पास पहुची ।

सार्थक उठिए, सुबह हो गयी लावण्या ने सार्थक को हल्के से झकझोरा लेकिन सार्थक गहरी नींद में सो रहा था ।

लावण्या को सार्थक पर प्यार आरहा था इसी लिए उसने अपने भीगे बालो को सार्थक के चेहरे पर रख दिया और सार्थक को जगाने लगी ।

गीले बालों को अपने चेहरे पर महसूस कर के सार्थक कुनमुनाया

लावण्या ने अपने बालों को सार्थक के चेहरे से हटाया और उसके चेहरे को अपने हाथों में भर कर दुलार से कहा , अब उठ भी जाइये मेरे लवली वाले पतिदेव देखिये सुबह हो रही है और यह कहते हुए उसने अपने ओठो से सार्थक के गालों को चूम लिया

सार्थक की आंखे खुल गयी उसने लावण्या को अपने इतने पास पाकर लावण्या को कस कर पकड़ लिया उसके ओठो पर भी एक मुस्कुराहट आ गयी

अरे छोड़िए न ये तो चीटिंग है मैं आपको जगा रही थी और आप ने मुझे पकड़ दिया लावण्या सार्थक के इस तरह पकड़ लेने पर छूटने के लिए कसमसाई

नही छोडूंगा आज क्या बात है, आज तो कुछ ज्यादा ही मेहरबान है आप, सुबह सुबह ही मुह मीठा करवा रही है

सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा उसके आंखों में एक अजीब सी शरारत साफ साफ महसूस हो रही थी ।

ऐसे पूछ रहे है जैसे आपको मालूम ही नही है लावण्या ने सार्थक के सीने पर अपना सिर रख दिया और नजर झुकाते हुए बोली

नही सच मे नही मालूम है क्या बात है - सार्थक बोला

सार्थक ,आप ऐसा कैसे कर सकते है ये गलत है , आप , आप याद कीजिये कि आज क्या है - लावण्या ने मचलते हुए कहा

सार्थक ने मानो याद करने की कोशिश की और फिर थोड़ी देर बाद बोला

बताओ न लावण्या सच मे मुझे नही याद है क्या है आज

लावण्या को थोड़ा बुरा लगा उसे बहुत हैरानी हो रही थी कि सार्थक को उसका बर्थडे बिल्कुल याद नही है

तो फिर ठीक है आपको नही याद है तो याद कीजिये मैं नही बताने वाली और मुझे छोड़िए अब और आप भी उठ जाइये जाकर फ्रेस हो जाइये - लावण्या ने मायूसी से कहा ।

हाँ यार लावण्या आज ऑफिस में एक जरूरी मीटिंग भी है तो जल्दी जाना है सार्थक ने लावण्या को छोड़ दिया और उठते हुए बोला

आज भी आप ऑफिस जाएंगे - लावण्या ने आश्चर्य से पूछा

हाँ क्यो आज तो मुझे हर हाल में जाना पड़ेगा बहुत जरूरी काम है - सार्थक बोला

लावण्या मायूस हो गयी उसकी सारी खुशी और सारी एक्साइटमेंट खत्म हो गयी सार्थक के साथ शादी के बाद उसका यह पहला बर्थडे था और उसने क्या क्या सपने देखे थे लेकिन सार्थक को याद भी नही था ।

सेलिब्रेट करने को तो छोड़ ही दे वो तो आफिस जाने की बात कर रहा था ।

सार्थक उठा और रोज की तरह बाथरूम चला गया लावण्या उदास हो गयी थी उसे सार्थक से ऐसी उम्मीद नही थी । शादी के बाद उसका पहला बर्थडे और सार्थक को याद भी नही था ,उसने बिश भी नही किया

करीब एक घंटे बाद सार्थक नहा कर बाहर निकला ।

लावण्या,लाओ नास्ता दो जल्दी से मुझे अभी निकलना पड़ेगा - सार्थक ने लावण्या से कहा

लावण्या हड़बड़ा कर उठी सुबह सुबह ही उसका पूरा मूड खराब हो चुका था सार्थक का ऐसा रियेक्सन देख कर वह बहुत उदास थी इसी वजह से उसे नास्ता बनाने का बिल्कुल ध्यान ही नही रहा ।

बस आप थोड़ी देर रुकिये मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या हड़बड़ाते हुए उठी जबसे सार्थक नहाने गया था तबसे वह एक जगह बैठी सोच रही थी इसीलिए उसने अभी तक नास्ता भी नही बनाया था ।

मतलब अभी तक नास्ता भी नही रेडी किया ,क्या यार लावण्या मैने तुम्हे बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है फिर भी कितनी लापरवाह हो गयी हो , यार बताओ अभी तक नास्ता भी नही बनाया मुझे देर हो रहा है - सार्थक भड़कते हुए गुस्से से बोला

लावण्या बिल्कुल शॉक्ड रह गयी आजतक सार्थक ने कभी भी उससे इस तरह से बात नही की थी और फिर आज उसका बर्थडे भी था लेकिन सार्थक बिश करना तो दूर उसपर गुस्सा कर रहा था वह आंखे फाड़ कर सार्थक को देख रही

थी मानो वह सार्थक न हो कोई भूत हो

क्या ? अब ऐसे क्या देख रही हो , लापरवाही करोगी तो डाँट खानी ही पड़ेगी न , मैने नहाने जाने से पहले ही बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है लेकिन तुम अपने धुन में रहती हो जाने कहा ध्यान है तुम्हारा - सार्थक ने गुस्से से कहा

लावण्या के आंखों में आँसू आ गए , आई एम सोरी सार्थक बस 5 मिनट रुको मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या ने कहा

अब मेरे पास रुकने का टाइम नही है , सच ही कहती है चाची तुम भी अब लापरवाही करने लगी हो जाने क्या कर रही हो सुबह से की अभी तक तुमसे नास्ता भी नही तैयार हो पाया , अब रहने दो मैं जा रहा हूँ बाहर ही कुछ खा लूंगा - सार्थक ने गुस्से से कहा और अपना बैग उठा कर बाहर जाने लगा

लावण्या को जोर से रुलाई फूटी लेकिन उसने अपने आँसूओ को जब्त कर लिया और दौड़ कर सार्थक के पास पहुची

सुनिए न सार्थक प्लीज दो मिनट लावण्या ने अपनी आवाज को भरकस शांत रखने की कोशिश की

क्या है? अब क्या हुआ ? यार लावण्या कही बाहर जाते हुए टोका मत करो जो भी काम हो पहले ही बोल दिया करो सार्थक आज जाने किस मूड में था एक बार फिर से चिल्लाया

सॉरी लावण्या ने गर्दन झुका कर कहा

हम्म बोलो क्या बात है इस तरह लावण्या के मायूस होने पर सार्थक थोड़ा नरमी से बोला उसने आज लावण्या को कुछ ज्यादा ही खींच दिया था और इसी वजह से उसने अपना लहजा नरम कर लिया

आप कुछ भूल नही रहे है , लावण्या ने मुस्कुराते हुए सार्थक को रिझाने की और एक बार फिर से अपना जन्म दिन याद दिलाने की कोशिश की

क्या भूल रहा हूँ पर्स ले लिया, रुमाल ले लिया , मोबाइल भी है , बैग भी ले लिया , सब तो ले लिया अब क्या भूल गया - सार्थक ने अपनी सारी जेबे टटोलते हुए कहा उसे लावण्या की ऐसी हालत देख कर बहुत मजा आरहा था

याद करो आज कौन सी तारीख है , आज कुछ स्पेसल है लावण्या ने इठलाते हुए सार्थक को याद करवाने की कोशिश

की

सार्थक ने अपने दिमाग पर जोर डालने का नाटक किया और फिर बोला, क्या है आज यार शाम को आकर बात करता हूँ , अभी जाने दो लेट हो रहा है मुझे जल्दी से जल्दी पहुचना है ।

लावण्या को जोर का गुस्सा आया और बहुत तकलीफ भी हुई उसने यह कभी नही सोचा था कि सार्थक उसका बर्थडे भूल जाएगा

अच्छा कितने बजे आओगे शाम को - लावण्या ने सार्थक से पूछा

वही जिस टाइम आता हूँ उसी टाइम आऊंगा लेकिन हो सकता है कि आज थोड़ा और देर हो जाये क्योकि आज मेरी एक जरूरी मीटिंग है तो देखो शायद देर तक रहना पड़े सार्थक ने एक और धमाका किया वह मन ही मन मुस्कुरा रहा था और लावण्या के दिल का हाल महसूस करके रोमांचित हो रहा था
 
लावण्या का चेहरा उतर गया वह मायूस हो गयी

आज थोड़ी जल्दी नही आ सकते है प्लीज - लावण्या ने

रिक्वेस्ट किया

अरे यार मैं जॉब करता हूँ और ऑफिस में बॉस की मर्जी चलती है मेरी नही और फिर आज जरूरी मीटिंग है तो इसी वजह से जल्दी आना बहुत मुश्किल है कुछ काम था क्या बताओ - सार्थक ने लावण्या की स्थिति का भरपूर आनंद लेते हुए कहा

नही कुछ काम नही था आप जाओ अपने ऑफिस जाओ और काम करो - लावण्या का सब्र जबाब दे गया और वह दुख और सार्थक के इस बिहेवियर की वजह से फट पड़ी

शाम को आकार तुमसे बात करता हूँ बाय डियर सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

लावण्या ने गुस्से से मुह फेर लिया और सार्थक की बात का कोई जबाब नही दिया

सार्थक ने भी जानबूझकर ध्यान नही दिया और बाहर निकल गया

सार्थक के जाते ही लावण्या अपना चेहरा अपने हाथों में छुपा कर रो पड़ी उसका पहला बर्थडे और इतना फीका सार्थक को

याद भी नही था कि उसका बर्थडे है और वो जाने कब से क्या क्या प्लान बना कर बैठी थी।

सार्थक बाहर निकला वह मन ही मन लावण्या की छटपटाहट का मजा ले रहा था ,वह अपनी प्यारी लावण्या का बर्थडे कैसे भूल सकता था वो तो सारी तैयारी करके बैठा था और लावण्या को सरप्राइज देना चाहता था इसी लिए आज उसने आफिस से छुट्टी ले रखी थी घर से निकल कर सीधा वह लक्ष्य के घर पर लक्ष्य के पास पहुचा ।

लक्ष्य ,वो लक्ष्य कहा है भाई , सार्थक ने लक्ष्य के घर जाकर उसे बुलाया

लक्ष्य की मम्मी सार्थक की आवाज सुनकर बाहर निकली और सार्थक को देख कर खुश सी हो गयी

अरे सार्थक बेटे कैसे हो ? बड़े दिन बाद आये लक्ष्य की मम्मी ने प्यार से कहा

बस आंटी ऐसे ही वो क्या है जब से जॉब लगी है तबसे कही आना जाना नही हो पाता - लक्ष्य ने सकुचाते हुए कहा

हा वैसे भी अब तुम सिंगल से मैरीड हो गए हो तो परिवार की जिम्मेदारी भी तो निभानी है और तुम तो वैसे भी काफी

समझदार हो काश मेरा लक्ष्य भी तुम जैसे समझदार और सुलझा हुआ होता लेकिन उसकी नादानी और उसका बिहेवियर बिल्कुल चेंज होने का नाम नही लेता, जाने कब बड़ा होगा और अपनी जिम्मेदारियां उठाएंगा तुम्हारा दोस्त है थोड़ी सी तो सलाह दो और समझाओ लक्ष्य को भी थोड़ी सी। समझदारी और उसकी जिम्मेदारियों का ध्यान करवाओ मम्मी जी ने ढेर सारी शिकायत कर डाली

जी आंटी जी मैं बात करूंगा उससे, वैसे तो बहुत ही इंटेलिजेंट है लेकिन थोड़ा सा लापरवाह है बस , बाकी कोई कमी नही है - सार्थक ने कहा

अच्छा ये बताओ बहू कैसी है ठीक है ना कभी ले आओ घुमा जाओ, बेचारी जब से आई है अकेले ही घर मे है - लक्ष्य की मम्मी ने कहा

जी आंटी लाऊंगा अभी नई जॉब है तो ऑफिस से अभी छुट्टी नही लेना चाहता लेकिन जल्द ही आप के पास लेकर आऊंगा - सार्थक ने कहा

ठीक है जल्दी लेकर आना

अच्छा आंटी लक्ष्य कहा है प्लीज जरा उसको बुलाओ मुझे उससे कुछ काम है - सार्थक बोला

अभी बुलाती हूँ, लक्ष्य, सार्थक आया है ,लक्ष्य की मम्मी ने जोर से आवाज़ लगाई

लेकिन लक्ष्य बाहर नही निकला

जाओ चले जाओ अंदर जाने क्या कर रहा है अपने कमरे में ही होगा, लक्ष्य की मम्मी ने कहा

सार्थक अंदर लक्ष्य के कमरे की तरफ बढ़ चला

अभी वह लक्ष्य के कमरे में कदम रखता की उसके कानों में आवाज पड़ी ।

नही यार पूनम ऐसी कोई बात नही है तुमसे नाराज होकर भला मैं कैसे रह सकता हूँ वो तो बस थोड़ा सा गुस्सा था तुमपर लेकिन तुम अच्छे से जानती हो कि मैं ज्यादा दिन तक तुमसे गुस्सा नही हो सकता

...... थोड़ी देर सब कुछ शांत रहा
 
अच्छा क्यो अब ये भी तुम्हे बताना पड़ेगा क्या यार तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो और फिर खूबसूरत लडकिया मेरी कमजोरी है ना तुम तो जानती ही हो मैं खूबसूरत और प्यारी

लड़कियों से ज्यादा देर तक गुस्सा नही रह सकता और स्पेसल तुमसे तुम तो .... लक्ष्य ने अपनी बात अधूरी छोड़ दी

......न जाने फोन में क्या कहा गया

कुछ नही जाने दो वैसे ही तुमने मुझे बदनाम कर रखा है अगर बोल दूंगा तो फिर से मुझे आवारा फ्लर्ट और न जाने क्या क्या कहोगी इसी लिए मैं कुछ नही कहूंगा ।

सार्थक ने पूरी बात सुनी उसे संका हो गया कि लक्ष्य उसकी बहन पूनम से बात कर रहा है उसके पैरों तले जमीन खिसक गई वह मानो बुरी तरह से चौक गया ।

और सोचने लगा

तो क्या चाची जी का कहना सही है लक्ष्य इसी लिये बार बार मेरे घर जाता था कि जिससे वह पूनम से मिल पाए और पूनम , क्या लक्ष्य और पूनम एक दूसरे को प्यार करते है ...सार्थक ने मन ही मन सोचा

ऐसा कैसे हो सकता है मेरी पूनम अभी बच्ची है वो कितनी मासूम और भोली भाली है उसे क्या मालूम प्यार मोहब्बत क्या होती है सार्थक मन ही मन बड़बड़ाया

लेकिन लक्ष्य को तो मालूम है ना और फिर लक्ष्य की आदत को कौन नही जानता वो लड़कियों का दीवाना है उसे तो बस लड़की चाहिए तो क्या पता पूनम भी लक्ष्य की बातों में आगयी हो वैसे भी फ्लर्ट करने में लक्ष्य उस्ताद है

नही मैं ऐसा नही होने दे सकता मेरी बहन बहुत मासूम है और लक्ष्य एक नम्बर का कमीना अगर उसने मेरे बहन का फायदा उठाने की कोशिश की तो फिर मुझसे बुरा कोई नही होगा अगर मेरी बहन के साथ लक्ष्य ने कुछ भी गलत किया तो मैं भूल जाऊंगा की वो मेरा जिगरी यार है सार्थक गुस्सा होते हुए मन ही मन बोला

लेकिन अगर ये सब मेरे दिमाग का बहम हुआ तो क्या पता कोई और पूनम हो वैसे भी कितनी सारी लड़कियों से तो लक्ष्य बात करता रहता है तो क्या पता किसी और पूनम से बात कर रहा हो और मैं खामखा ही उस पर शक कर रहा हूँ और वैसे भी छुटकी के पास फोन कहा है जो वह लक्ष्य से बात करेगी- सार्थक में सोचा

लेकिन चाची उन्होंने भी तो यही बात कही थी वो क्या झूठ बोलेंगी और हो सकता है कि पूनम लावण्या के फोन से बात कर रही हो सार्थक का दिमाग चकरघिन्नी बना हुआ था

एक काम करता हूँ अभी कुछ नही बोलूंगा बस लक्ष्य पर नजर रखूंगा बस एक बार मुझे पक्का पता चल जाए कि लक्ष्य जिससे बात कर रहा है वह मेरी बहन पूनम ही है फिर मैं इसे बताता हूँ सार्थक ने सोचा और फिर फाइनल डिसीजन ले लिया और उसने लक्ष्य के कमरे का दरवाजा खटखटाया

कौन अंदर से लक्ष्य की आवाज आई

अबे मैं हूँ साले , सार्थक , खोल दरवाजा सार्थक बोला

लक्ष्य ने फोन काट दिया और आकार दरवाजा खोला

अबे यार तू , इस समय, क्या बात है? अचानक मेरे घर पर कैसे - सार्थक को देख कर लक्ष्य मानो आष्चर्यचकित रह गया हो

क्यो तेरे घर नही आ सकता क्या - सार्थक ने कहा

अरे क्यो नही यार ऐसे उखड़ा हुआ क्यो है? आजा बैठ बड़े दिनों बाद आगया है वह भी बिना बताए तो इसीलिए पूछ लिया - लक्ष्य ने सकपका कर कहा

बता क्या पियेगा ठंडा की गर्म लक्ष्य ने औपचारिकता बस पूछा

कुछ नही पीना बस ये बता, तूने मेरा काम किया कि बस लड़कियों से ही बात करने से फुरसत नही मिली सुधर जा साले थोड़ा सा सम्हल जा बस बहुत हो गया तेरा बचपना अब थोड़ा सा सही से लाइन पकड़ ले एक को चुन लें ये कृष्ण कन्हैया की तरह सबके पीछे भागना बंद कर दे - सार्थक ने लक्ष्य को समझाया

वही तो कर रहा हूँ यार मुझे मेरी राधा मिल गयी है - लक्ष्य मुस्कुराते हुए बोला

अबे तूने जाने कितनी बार एबोला है मुझे तेरी किसी भी बात का भरोसा नही है तू ये सब छोड़ और बता जो मैंने बोला था तूने किया कि नही - सार्थक ने लक्ष्य से पूछा

भाई तू बोले और मैं ना करु ऐसा कैसे हो सकता है रजनी को लाकर रात में ही शशांक के फार्म हाउस पर छोड़ दिया और लावण्या के बर्थडे की सारी तैयारी भी कर ली है बस तू शाम को टाइम पर आ जाना और देखना की मैने कितनी मेहनत की है- लक्ष्य ने कहा

थैंक्यू यार थैंक्यू सो मच तूने रजनी को बताया की नही की वो अभी लावण्या को फोन न करे हम उसे सरप्राइज देने

वाले है - सार्थक ने पूछा

नही ये तो नही कहा लेकिन ये बोल दिया कि लावण्या का बर्थडे है और इसी लिए उसे यह बुलाया है लक्ष्य बोला ।

अच्छा चल ठीक है अब चल उठ ,चलकर देखते है कि क्या क्या अरेंजमेंट किया है तूने , कुछ किया भी है कि ऐसे ही फेक रहा है - सार्थक ने कहा

अरे भरोसा नही है क्या मुझपर , तू रूक चलता हूँ खुद अपनी आंखों से देखेगा तभी तुझे तसल्ली होगी - लक्ष्य ने कहा

और फिर दोनों एक साथ फार्महाउस जाने के लिए निकल गए

राजीव और रजनी दोनो एक माल में पहुचे
 
दोनो काफी देर तक घूमते रहे और फिर राजीव ने रजनी के लिए एक खूबसूरत सी ड्रेश पसंद किया उसके बाद जबरदस्ती एक मैचिंग ज्वेलरी का सेट भी पसंद किया

और कुछ लेना है आपको ले लीजिए रजनी जी ,- राजीव ने कहा

अरे नही नही बस बहुत हो गया अब और कुछ नही चाहिए राजीव जी रजनी ने साफ मना कर दिया

रजनी जी ये अच्छी बात नही है ये आप ठीक नही कर रही है अचानक से राजीव गुस्सा होते हुए बोला

मैने क्या किया रजनी ने चौक कर कहा इस तरह राजीव को गुस्सा होते हुए देख कर चौक गयी और सकपका कर बोली ।

ये जो बार बार आप मुझे राजीव जी राजीव जी कह रही है ना ये अच्छा नही लग रहा है राजीव कहिए न मुझे अच्छा लगेगा , राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

ओह्ह , मुझे लगा क्या बात हो गयी मैं तो डर ही गयी थी रजनी ने राहत की सास ली और मुस्कुराते हुए बोली

और नही तो क्या आप इस तरह से बार बार राजीव जी कह रही है तो ऐसा लग रहा है जैसे मैं आपका टीचर हूँ और आप मेरी स्टूडेन्ट है राजीव ने हल्के फुलके तरीके से कहा

अच्छा सॉरी अब नही कहूंगी , बस अब खुश , लेकिन प्लीज आप भी मुझे रजनी कहिए आप भी जी मत लगाइए - रजनी ने कहा

मुझे मंजूर है राजीव ने टपाक से कहा

दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे

अच्छा अब मेरे लिए भी तो कपड़े सेलेक्ट कर दीजिए मैने बोला था कि इसबार आपकी ही पसंद के कपड़े लूंगा राजीव ने कहा

मैं कैसे ले सकती हूँ , आप कैसे पहनते है आपकी क्या पसंद है ये मुझे कैसे पता होगा - रजनी ने सकुचाते हुए कहा

अरे इसमे पता होने वाली कौन सी बात है देख लीजिए जो मुझपर अच्छा लगे वही ले लीजिएगा और क्या जरा मैं भी तो देखु की आपकी पसंद कैसी है- राजीव बोला

आइये चलते है

राजीव ने बेध्यानी में रजनी का हाथ पकड़ लिया और चलने लगा

रजनी भी राजीव के साथ खिंचती हुई चली गयी

रजनी ने काफी खोज बीन कर राजीव के लिए एक जीन्स औ एक सर्ट पसंद किया

ये देखिये राजीव ये कैसी है रजनी ने सकुचाते हुए राजीव को दिखाया

आप पसंद करे और अच्छी न हो ऐसा कैसे हो सकता है बहुत ही खूबसूरत है बिल्कुल आप की तरह रजीव ने कहा

क्या आप भी राजीव खामखा मुझे चमकाए जा रहे है अपनी तारीफ सुनकर रजनी लजा गयी

अरे सच मे बहुत अच्छी है मुझे भी ये बहुत पसंद है- राजीव ने कहा

अच्छा सुनो लावण्या के लिए कोई गिफ्ट भी तो लेना है वो भी तो ले लो - राजीव बोला

रजनी ना ना करती रही लेकिन राजीव ने एक नही सुनी और एक रजनी के देने के लिए और एक अपने देने के लिए गिफ्ट भी खरीद लिया

राजीव ने अपने कपड़ों का दाम चुकाया और फिर बोला ।सो नाउ व्हाट

अभी तो शाम होने में काफी टाइम है तो क्यो न चलकर कही बैठते है - राजीव ने कहा

अरे लावण्या के बर्थडे की तैयारी भी तो करनी है चलिए घर चलते है - रजनी ने कहा

अभी चलते है रजनी बस थोड़ी देर और वैसे भी जाने फिर आपसे कभी मुलाकात हो ना हो और मैं इस पलो को हमेसा के लिए अपने यादों के किताब में कैद करके रख लेना चाहता हूँ राजीव बोला

सबसे पहले आइये चलते है कुछ खाते है आपके चक्कर मे कल रात को भी ठीक से नही खा पाया और अभी इतना टाइम हो गया तो बहुत ही जबरदस्त भूख लगी है सबसे पहले चलकर कुछ खिला दीजिये वरना सुबह की तरह फिर से बेहोश हो जाऊंगा उस बार तो आपके डंडे की मार खा कर बेहोश हुआ था इस बार खाना न खाने की वजह से होऊंगा - राजीव मुस्कुराते हुए बोला

आई एम सोरी राजीव मुझे नही पता था कि तुम हो वरना मरती नही सॉरी राजीव की बात सुनकर रजनी झेप गयी और आंख चुराती हुई बोली

अरे कोई बात नही यार मैं तो मजाक कर रहा था तुम गिल्ट मत फील करो रजनी को इस तरह से परेसान और झेंपते हुए देख कर राजीव ने कहा ।

वैसे एक बात बताऊ बाद जोर का डंडा पड़ा था मानो कोई पहाड़ गिर गया हो मेरे सर पर बस आप दिखने में ही हल्की फुल्की है ताकत की कमी नही है राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

राजीव की बात सुनकर रजनी भी हंस पड़ी

दोनो पास के ही एक रेस्टोरेंट में पहुचे और खाने का आर्डर दिया

और फिर दोनों ने एक साथ खाया। राजीव राजनयिकों जबरदस्ती खिला रहा था और रजनी न न करती रहती लेकिन राजीव अपने मन मर्जी का काम करवा ही लेता

खाना खाने के बाद राजीव ने पे किया और दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर बाहर निकले

राजीव के साथ रजनी इस कदर घुल मिल गयी थी मानो वह राजीव को जाने कब से जानती है और राजीव भी रजनी का भरपूर ख्याल रख रहा था मानो दोनो एक दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त हो ।

उसके बाद रजनी ने फोन करके अपने मम्मी और पापा को अपने लावण्या के यहां होने की जानकारी दी जिससे वो परेसान न हो

शाम के बर्थडे पार्टी की सारी तैयारी हो गयी थी लक्ष्य और सार्थक ने रजनी के साथ मिलकर सारा इंतेजाम कर दिया था ।

शाम को सार्थक घर आया वह काफी थका थका सा लग रहा था लावण्या उससे नाराज थी इसीलिए अपने कमरे से बाहर निकल कर नही आई ।

पूनम सार्थक के लिए पानी लेकर आई ।

अरे छुटकी तेरी भाभी कहा है - सार्थक ने पूछा

मुझे नही मालूम जा कर खुद ही पता कर लीजिए - पूनम ने भड़क कर कहा

सार्थक पानी पीते पीते चौक गया उसने आश्चर्य से पूनम को देखा वह तपी बैठी थी और गुस्से में थी ।

क्या हुआ तू क्यो भड़की हुई है सब ठीक है ना - सार्थक ने

पूनम से पूछा

ठीक , कुछ ठीक नही है आप इतने बड़े लापरवाह कैसे हो सकते है भैया ? पता है आज भाभी ने पूरे दिन खाना नही खाया और रोती रही है आपने सुबह उनसे झगड़ा किया है , क्या कुछ नही कहा है , इसी वजह से उन्हें बहुत बुरा लगा है मैने कितना समझाया लेकिन वो बस परेसान और उदास है, ऐसी क्या बात हो गयी जो आपने उन्हें डांटा है - पूनम ने गुस्से से कहा

पूनम लावण्या बहुत गुस्से में है क्या ? सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

और नही तो क्या आपने काम ही ऐसा किया है आज भाभी का बर्थडे है और आपने सेलिब्रेट करना तो दूर उनको विश तक नही किया और ऊपर से डांट और दिया आप इतना लापरवाह कैसे हो सकते है भैया पता है पूरा दिन भाभी उदास है आपको उनका बर्थडे याद भी नही है - पूनम ने सार्थक को सुनाते हुए कहा

ओह तो ये बात है सार्थक के ओठो पर एक रहस्यमय मुस्कराहट खेल रही थी , वैसे है कहां तुम्हारी प्यारी भाभी ?- सार्थक ने पूछा

कहा होगी अपने कमरे में है और कहा होगी -पूनम ने तुनक कर कहा

हम्म ठीक है एक काम करो तुम जल्दी से तैयार हो जाओ ,आओ चलो एक जगह चलते है - सार्थक बोला

कहां पूनम ने उत्सुकता से पूछा

अभी थोड़ी देर बाद पता चल जाएगा जाओ फटाफट तैयार हो जाओ बस ज्यादा सवाल मत करो - सार्थक रौब से बोला

और भाभी ?- पूनम ने पूछा

मैं उन्हें लाता हूँ तुम तो तैयार हो जाओ - सार्थक ने कहा

ठीक है - पूनम ने कहा

सार्थक सीधा अपने कमरे में गया और उसने देखा लावण्या चादर तान कर लेटी हुई थी

उसके गालो पर आंसू बह कर सूख चुके थे और वह आंखे बंद करके लेटी हुई थी
 
सार्थक सीधा अपने कमरे में गया और उसने देखा लावण्या चादर तान कर लेटी हुई थी

उसके गालो पर आंसू बह कर सूख चुके थे और वह आंखे बंद करके लेटी हुई थी

लवी , डियर लवी ,- सार्थक ने प्यार से लावण्या को पुकारा

लावण्या ने कोई जबाब नही दिया वह जैसे थी वैसे पड़ी रही उसने घूम कर सार्थक को देखना भी गवारा नही किया

सार्थक लावण्या के पास पहुचा और अपने हाथों से लावण्या को अपनी तरफ घुमाना चाहा

लेकिन लावण्या ने सार्थक का हाथ गुस्से से झटक दिया और फिर से मुह फेर के लेट गयी ।

लावण्या का गुस्सा देख कर सार्थक के ओठो पर एक मुस्कुराहट फैल गयी ।

वह लावण्या के पास बैठ गया और पूरी ताकत लगा कर उसने लावण्या का पूरा शरीर अपनी तरफ पलट दिया

लावण्या ने बहुत प्रयास किया कि वह उसको न पलट पाये उसने पूरा जोर लगाया लेकिन कहा सार्थक और कहा वो वो कुछ नही कर पाई

सार्थक छोड़ो मुझे मुझे आपसे बात नही करनी अब आप मेरे वो सार्थक नही रह गए हो जो मुझे प्यार करता था अब आप बदल गए हो लावण्या ने दुख और तंज से कहा

मैं तो अभी भी वही सार्थक हूँ जो अपनी लावण्या से

दिलोजान से प्यार करता हूँ और सात जन्म तक करता रहूंगा - सार्थक ने कहा

हुह बस सब कहने की बाते है मेरा सार्थक बिना किसी कारण के मुझे ऐसे नही डांटता था- लावण्या ने मुह फुला कर कहा

अले अले अले मेरा बेबी मुझसे नाराज है गुच्छा है मेले से - सार्थक ने लावण्या को दुलार किया

हटो छोड़ो मुझे मुझे आपसे कोई भी बात नही करनी मैने कभी सपने में भी नही सोचा था कि आप ऐसे बिहेब करोगे आज मुझे आपने बहुत हर्ट किया है - लावण्या ने कहा

अच्छा सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

तो अभी आपका सारा गुस्सा दूर कर देते है ये लो

सार्थक ने लावण्या का दोनो हाथ अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और लावण्या के ऊपर लेट गया

लावण्या सार्थक के नीचे दब गई और कसमसाने लगी और नीचे से निकलने का जोर लगाने लगी

सार्थक ने अपना गर्दन उठाया उसका चेहरा बिल्कुल लावण्या

के चेहरे के सामने था वह लावण्या को देख रहा था और उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी ।

लावण्या ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को पकड़ रखा था और उसका पूरा बदन सार्थक के नीचे दबा हुआ था इसी वजह से चाह कर भी कुछ नही कर पा रही थी और अंदर से निकलने में कामयाब नही हो पा रही थी

अरे ये आपके नाक पर क्या है और ये गाल लाल क्यों है - सार्थक ने अचानक से कहा

लावण्या शांत हो गयी और अपने नाक को अपनी आंखों से देखने का प्रयास करने लगी

अच्छा अच्छा गुस्सा है नाक पर और चेहरे पर तो एक काम करता हूँ सारा गुस्सा पी जाता हूँ - सार्थक ने कहा और उसने अपने ओठो को लावण्या के ओठो की तरफ बढ़ाया

सार्थक के इरादे जान कर लावण्या ने अपना सर इधर उधर घुमाया

लेकिन सार्थक ने जबरदस्ती लावण्या के गुलाबी ओठो को

अपने ओठो में कैद कर लिया और किश करने लगा

पहले तो लावण्या छटपटा रही थी फिर धीरे धीरे शांत पड़ने लगी और अनायास ही उसकी आंखें बंद होने लगी थोड़ी देर बाद जब लावण्या बिल्कुल शांत हो गयी तो सार्थक ने उसके ओठो को छोड़ दिया और प्यार से लावण्या के चेहरे को निहारने लगा

लावण्या ने अपनी आंखें खोली उसका चेहरा तमतमा रहा था और आंखे थोड़ी सी खुमारी से भर गई थी

गुस्सा खत्म हुआ कि अभी भी है थोड़ा बहुत सार्थक मुस्कुराता हुआ बोला

हटिये आप , पहले रुलायेंगे फिर प्यार जताएंगे मेरा पहला बर्थडे भी आपको याद नही है और आप कह रहे है मुझे प्यार करते है मुझे आपसे तो ये उम्मीद बिल्कुल भी नही थी - लावण्या ने कहा ।

सुबह के लिए आई एम सॉरी लबी मैने तुमपर गुस्सा किया सार्थक ने लावण्या को छोड़ दिया और उठते हुए बोला

लावण्या उठ कर बैठ गयी और सार्थक को देखने लगी

मेनी मेनी कांग्रचुलेसन स्वीट हार्ट फ़ॉर योर लबली बर्थडे, यु

आरे माई हार्ट ,माई लाइफ, माई वर्ल्ड ,यु आर माई बेस्ट फ्रेंड इन दिस यूनिवर्स मेनी मेनी कांग्रचुलेसन फ़ॉर योर बर्थडे माई प्रिंसेस

लावण्या के चेहरे पर एक मुस्कुराहट तैर गयी इसी का तो वह सुबह से इंतजार कर रही थी ।

थैंक्यू सो मच लावण्या ने मुस्कुराते हुए कहा

सिर्फ थैंक्यू से काम नही चलेगा कुछ और चाहिए सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

क्या चाहिए लावण्या ने उत्सुकता से पूछा

सार्थक ने अपने हाथ के उंगली को अपने ओठो पर रख कर किस किया और इशारे से किश मांगा

धत, लावण्या सार्थक का इशारा समझ कर सरम से लाल हो गयी

अभी अभी जो किया वो क्या था , अब क्या बचा है ।

लावण्या शरमाते हुए बोली

अरे वो तो जबरदस्ती किया उसमे तुम कहा सामिल थी वो तो

आप गुस्सा थी तो इसी लिए आपको मनाने के लिए था अब आप खुद से दीजिये - सार्थक ने सरारत से कहा

कुछ नही मिलेगा आपने सुबह से मुझे परेसान कर रखा है तो यही आप की सजा है आज से आपका सब बंद लावण्या ने झूठ मूठ का गुस्सा दिखाया

अरे ऐसे कैसे मतलब अब रोज जबरदस्ती करनी पड़ेगी क्या सार्थक ने मायूसी से कहा

ऐसे कैसे जबरदस्ती करेंगे अब तो आपको सारी जबरदस्ती बंद करनी पडेगी और साथ ही साथ आपको थोड़ा और जिम्मेदार होना पड़ेगा लावण्या ने शरमाते हुए कहा यह कहते हुए उसके गालो की लाली कुछ ज्यादा ही बढ़ गयी थी

सार्थक इस तरह से लजाता हुआ देख कर चौक गया और गौर से लावण्या को देखने लगा

ऐसा क्यों कुछ खास बात है क्या सार्थक ने संका से कहा

यस मिस्टर सार्थक बहुत खास बात है- लावण्या ने कहा

क्या ? जल्दी बताओ - सार्थक बहुत ज्यादा एक्साइटेड था

और उसने लावण्या का हाथ पकड़ कर कहा

कान इधर लाइये पहले - लावण्या ने सरमाते हुए कहा

सार्थक ने लावण्या के ओठो के पास अपने कान सटा दिया

बधाई हो मिस्टर सार्थक आप पापा बनने वाले है लावण्या ने धीरे से कहा और सरम से नजरे झुका लिया

क्या, सार्थक को मानो चार सौ चालीस बोल्ट का करंट लगा हो

रियली तुम मजाक तो नही कर रही हो सार्थक की आंखे खुशी और रोमांच से फैल गयी थी

बिल्कुल नही मैं 101 परसेंट सच कह रही हूँ लावण्या ने आंखे नचाकर इठलाते हुए अदा से कहा

हां हां हां कब कैसे ओह्ह माईगॉड तुमने मुझे पहले क्यो नही बताया, लबी सच मे मैं बहुत खुश हूँ सार्थक तो मानो रोमांच की वजह से, समझ नही पा रहा था कि क्या बोले, वह तो जैसे अभी खुशी से पागल हो जाएगा

तो अब बता दिया ना - लावण्या ने मुस्कुराते हुए कहा

आई लब यु स्वीट हार्ट ,लब यु लब यु लब यु सार्थक ने

लावण्या के पूरे चेहरे पर चुम्बनों की बौछार कर दी और लावण्या को कमर से पकड़ कर उठा लिया और लेकर गोल गोल घूमने लगा वह कुछ न कुछ बड़बड़ाये जा रहा था और घूमे जा रहा था ।

अरे अरे बस बस बस सार्थक मैं गिर जाउंगी मुझे नीचे उतारिये लावण्या खिलखिलाती हुई बोली

सार्थक ने लावण्या को नीचे उतार दिया और पकड कर गले लगा लिया और जोर से अपने आप से चिपका लिया लावण्या सार्थक के मजबूत बाहो के घेरे में कैद हो गयी

लावण्या ने भी सार्थक को कस कर पकड़ लिया मानो दोनो एक दूसरे में समा जाना चाहते हो ।

लबी सच मे आपने मुझे अपने बर्थडे का बेस्ट प्रजेंट दिया है मैं बहुत खुश हूँ बहुत खुश हूँ बहुत खुश हूँ बोलो क्या गिफ्ट चाहिए आज तुम जो भी मांगोगी मैं तुम्हे वो दूंगा सार्थक सच मे खुशी से फूला नही समा रहा था ।

आप हमेशा मुझे ऐसे ही प्यार करते रहे बस और मुझे कुछ नही चाहिए मुझे जिंदगी भर आपका ऐसे ही साथ चाहिए कभी अगर मुझसे कोई गलती भी हो जाये तो प्यार से समझाइये मैं वादा करती हूँ कि मैं समझ जाउंगी लेकिन

कभी मुझसे नाराज मत होइएगा पता है आप जब सुबह गुस्से से चले गए थे तो मुझे कितना दुख हो रहा था- लावण्या ने नजर झुका कर कहा

आई एम सॉरी लबी मैने तुम्हे डांटा मुझे माफ़ कर दो प्लीज सार्थक ने कान पकड़ कर कहा

अरेरेरे ये क्या कर रहे है आप मै तो कब की वो सब भूल गयी हूँ आप ऐसे माफी मत मागिए प्लीज मुझे अच्छा नही लग रहा है फिर अगर आप प्यार कर रहे है तो गुस्सा भी आप करेंगे , आपको पूरा हक है गुस्सा करने का आखिर मैं आपकी पत्नी हूँ तो आप गुस्सा करने पड़ोसी से थोड़े ना जाएंगे । लावण्या ने मुस्कुराते हुए कहा

नही लबी सच मे सुबह मैने आपसे बहुत रुडली बात की मुझे ऐसा नही करना चाहिए था तुम्हे बुरा लगा था न सार्थक गिल्ट फील कर रहा था

हा थोड़ा थोड़ा लगा था उस टाइम लेकिन अब नही अब तो आप प्यार आ रहा है क्योंकि मेरे हसबैंड वर्ड के बेस्ट हस्बैंड है और मुझसे बहुत प्यार करते है लावण्या ने इठलाते हुए अपने दोनों हाथ बॉध कर सार्थक के कंधे पर रख लिए मानो उसने हाथो की जयमाला सार्थक के गले मे डाल रखी हो

ओके बाते बहुत हो गयी अब आप जल्दी से तैयार हो जाइए हमे तुरंत चलना है सार्थक ने जल्दी से कहा

कहा चलना है लावण्या ने पूछा

सवाल नही बस जो कह रहा हूँ वो कीजिये जाइये मुह धो लीजिये जो रो रो कर आपने पूरा चेहरा बिगाड़ रखा है और आप मेरे साथ चलिए बस अभी सब पता चल जाएगा - सार्थक ने कहा

लेकिन जाना कहा है ये तो बता दो प्लीज

ससससस बिल्कुल चुप , गो एंड कम क्विकली अंडरस्टैंड सार्थक ने अपनी उंगली लावण्या के ओठो पर रख दी और उसे जबरदस्ती बाथरूम में लेजाकर छोड़ दिया ।

पागल कही के एक नंबर के पागल है बुद्धू कही के - लावण्या मुस्कुराती हुई बोली और फिर उसने बाथरूम में लगे आईने में अपना सकल देखा और अपना चेहरा दुरुस्त करने लगी ।

थोड़ी देर बाद लावण्या बाहर निकली उसका चेहरा काफी हद तक खिला खिला लग रहा था ।

ये हुई न बात अब लगी न मेरी लबली वाली बीबी कम गर्लफ्रेंड- सार्थक मुस्कुराते हुए बोला
 
हटो आप भी मस्का मारने में तो आपका जबाब नही है - लावण्या सरमा गयी

पूनम तैयार हो गयी क्या ?- सार्थक ने वही से आवाज लगाया

हा भैया मैं कब से रेडी हूँ- पूनम ने कहा

चलो बाहर चलते है सार्थक ने लावण्या का हाथ पकड़ा और बाहर निकल गया

लावण्या को कुछ भी समझ नही आरहा था कि सार्थक कहा ले जा रहा है

कहा ले जा रहे हो बता तो दो सार्थक- लावण्या ने परेसान होकर फिर से पूछा

अरे क्यो परेसान हो अभी सब कुछ देख लेना - सार्थक ने कहा और कैब बुक करने लगा

लेकिन ऐसे कैसे मैं तैयार तो हो जाऊं देख रहे हो कैसी लग रही हूँ भूतनी जैसी - लावण्या ने कहा

जैसे भी हो वैसे रहो कुछ भी तैयार होने की जरूरत नही है

वरना सब तुम्हे नजर लगा देंगे- सार्थक ने मना कर दिया

थोड़ी देर बाद कैब आ गयी और सार्थक पूनम और लावण्या तीनो बैठ कर निकाल गए

सार्थक लावण्या को लेकर पार्लर पहुचा और वहां पर उसने पहले से ही अपॉइन्मेंट ले रखा था वहां पर लावण्या और पूनम दोनो तैयार हुई ।

सार्थक ने लावण्या के लिए एक खूबसूरत से ड्रेस पहले ही ला कर रखा था जिसे उसने लावण्या को पहनने के लिए दे दिया था और बाहर बैठ कर दोनों का इंतजार करने लगा ।

करीब एक घंटे बाद दोनों बाहर निकली दोनो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी सार्थक लावण्या को देखता ही रह गया

ओह्ह माई गॉड यु आर लुकिंग सो गेर्जियस लबी सार्थक मानो लावण्या के लावण्य में खो गया

और एकटक उसे ही निहार रहा था

लावण्या सरमा गयी और उसने अपनी नजर झुका लिया

और मैं मैं कैसे लग रही हूँ भैया पूनम भी चहक कर बोली

तुम भी बहुत प्यारी लग रही हो छुटकी लेकिन आज तुम्हारी भाभी बहुत अच्छी लग रही है देखना आज इनको पक्का नजर लगेगी - सार्थक ने कहा

क्या आप भी सार्थक कुछ भी लावण्या अपनी तारीफ सुनकर मानो सरम से लाल हो गयी ।

अच्छा चलो अब अपनी आंखें बंद करो लावण्या सार्थक ने कहा

क्यो आंख क्यो बंद करू - लावण्या ने कहा

मैं जैसे कह रहा हूँ करो सवाल मत पूछो बस -सार्थक बोला और उसने लावण्या के आंखों पर एक पट्टी बांध दिया

उसने दुबारा से कैब बुक किया और फिर शशांक के फार्म हाउस की तरफ चल पड़े ।

ये हमे कहा ले जा रहे है आप बता तो दीजिये लावण्या ने उत्सुकता से पूछा

आपने हमे एक सरप्राइज दिया है तो मैं कैसे खाली जाने दे

सकता हूँ मेरे पास भी आपके लिए एक सरप्राइज है अभी सब पता चल जाएगा बस थोड़ी देर और सार्थक ने कहा

शशांक के फार्म हाउस पर पहुच कर सब उतरे

ये कहा ले आये भैया - पूनम ने पूछा

आ गए क्या मैं अपनी पट्टी उतार दू - लावण्या ने पूछा

अभी नही जब मैं बोलूंगा तब अभी जैसे है वैसे रहने दो और चलो मेरे साथ - सार्थक ने कहा

सार्थक लावण्या को पकड़ कर हाल में लेकर आया जहां पर बर्थडे का प्रोग्राम था

पूरा कमरा खूब अच्छे से सजा हुआ था और बहुत ही खूबसूरत लग रहा था कैंडल लाइट का बंदोबस्त था और रूम फ्रेशनर की खूबसूरत और प्यारी मदहोश कर देने वाले खुसबू से पूरा कमरा महक रहा था चारो तरफ खूबसूरती से लटकी हुई लाडिया और रंगबिरंगे सजावटी लड़ियों से पूरा कमरा सजा हुआ था

बीच मे एक बड़े से टेबल पर एक तीन स्टोरी चॉकलेट केक रखा हुआ था जिसपर लावण्या लिखा था

और दीवारों से सटा कर चारो तरफ सोफे रखे हुए थे

कमरे में रजनी राजीव लक्ष्य शशांक और दो चार और भी खास खास मेहमान थे

सार्थक ने लावण्या को लाकर केक के पास खड़ा कर दिया और फिर पूरे कमरे की लाइट बुझा दिया ।

क्या हो रहा है सार्थक मैं कब अपनी आंख खोलूंगी - लावण्या ने कहा

अब खोल लो लावण्या- सार्थक ने कहा

लावण्या ने जल्दी से अपना हाथ चलाना शुरू कर दिया और उसने अपनी पट्टी खोली

उसने चारो तरफ देखने की कोशिश की लेकिन अंधेरे की वजह से के कुछ भी दिखाई नही पड़ा

सार्थक मुझे कुछ भी दिखाई नही पड रहा है लावण्या चिल्लाई

तभी अचानक से झपाक के साथ पूरे कमरे की लाइट जल गई

लावण्या की आंखे चुंधिया गयी और अनायास ही बंद हो गयी

हैप्पी बर्थडे टू यु हैप्पी बर्थडे टूयु हैप्पी बर्थडे डियर लावण्या हैप्पी बर्थडे टू यू चारो तरफ से शोर गूँजने लगा और कमरे में लगे हुए साउंड सिस्टम पर अचानक से अचानक से जोर जोर से आवाज आने लगी

लावण्या ने जल्दी से अपनी आंखें खोली और पूरा कमरा और केक और सारेलोगों को देख कर खुशी से उछल पड़ी

ओह्ह माईगॉड वह कभी केक को कभी कमरे को औरकभी सार्थक को देख रही थी अपने बर्थडे का इतना शानदार इन्तेजाम देख कर उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी कहा तो वह सुबह से उदास थी कि सार्थक को उसका बर्थडे याद भी नही और कहा इतना शानदार अरेंज मेन्ट उसने नजर उठा कर चारो तरफ देखा और जैसे ही उसने रजनी को देखा उसे चार सौ चालीस बोल्ट का करंट लगा

दीदी आप वह दौड़ कर रजनी के पास पहुची और उसके गले लग गयी वह खुशी से फूली नही समा रही थी ।

रजनी ने मुस्कुराते हुए उसे अपने बाहो में समेट लिया

लावण्या खूब कस के रजनी से लिपटी हुई थी

हैप्पी बर्थडे लावण्या भगवान करे तुम हमेशा ऐसे ही मुस्कुराती रहो कभी भी कोई तकलीफ तुम्हारे जिंदगी में ना आये ।

थैंक्यू सो मच दीदी थैंक्यू सो सो मच लावण्या ने रजनी को छोड़ा उसकी आंखें भरी हुई थी अपनी बहन को देख कर उसके आंखों ने खुशी के आसु

ओ की बरसात कर दी जो उसकी आँखों से निकल कर उसके गालो को चूमने लगे

व्हाट ए सरप्राइज आप कब आयी और मुझे बताया क्यो नही लावण्या ने रजनी से शिकायत करते हुए कहा

रजनी ने रुमाल निकाला और लावण्या के आंसुओं को अपने रुमाल से सुखाया जिससे उसका मेकअप न खराब हो और बोली

कल रात में तेरे हसबैंड ने मेरा किडनेप करवाया था और मैं क्या करूँ तेरे हसबैंड ने मना किया था बताने से वो तुझे सरप्राइज देना चाहते थे इसीलिए नही बताया रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा

किडनेप करवाया था मतलब लावण्या को कुछ समझ मे नही आया ।

बात ये है कि ...रजनी ने जैसे ही कुछ बोलना चाहा लक्ष्य ने टोका

लावण्या यार प्लीज ये मिलन बाद में कर लेना सुबह से कुछ नही खाया है अब जल्दी से केक काट दो यार वरना मैं अभी आयी पर गिर कर बेहोश भी हो सकता हूँ भूख से मेरी जान जा रही है यार कुछ तो रहम कर दो सुबह से तुम्हारे चक्कर मे कुछ नही खाया ।

अरे वो भुक्कड़ थोड़ा सा सबर कर लो जब देखो खाने की बात करते रहते हो कभी जिंदगी में खाना नही मिला क्या- पूनम ने कहा

ओहहो आप भी आई है तभी तो कहू की अचानक से कमरा इतना क्यो भरा भरा लग रहा है और फिर जल्दी इसलिए है कि कुछ मिल जाय वरना तुम आगयी हो तो केक मिलने का चांस कम है ना लक्ष्य ने अप्रत्यक्ष रूप से पूनम को मोटी और भुक्कड़ कहा

पूनम ने गुस्से से लक्ष्य को घूरा मानो कच्चा चबा जाएगी मोटे होंगे तुम और हां खाऊंगी जितना मन करेगा खाऊंगी केक मेरे भैया लाये है तो तुम्हारे सर में दर्द क्यो हो रहा है - पूनम ने गुस्से से कहा

वैसे आपकी जानकारी के लिये बता दू केक के साथ साथ यहां पर जो कुछ भी है सब मैं लाया हू औऱ ये सारा ये जो बीयूटीफुल अरेंजमेंट आप देख रही है ना ये सब इस नाचीज ने किया है लक्ष्य ने बहुत ही अदब से झुक कर कहा

हा तो कोई एहसान थोड़े न कर दिया खाली हो किसी की हेल्प कर दिया तो क्या गिनवा रहे हो पूनम ने तुनक कर कहा

गिनवा नही रहा तुम्हारी गलत फहमी दूर कर रहा समझी मिस पूनम लक्ष्य ने पूनम को किलसाया

पूनम कुछ बोलने वाली थी तभी सार्थक बोल पड़ा

पूनम ने लक्ष्य को खा जाने वाली नजरो से देखा

और लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए पूनम को आंख मार दी

पूनम लक्ष्य की यह हरकत और मुस्कुराहट देख कर जल भून कर खाक हो गयी ।

रजनी को देख कर लावण्या बहुत खुश थी वह खुशी से फूली नही समा रही थी ।

ये सब कब प्लान किया तुमने सार्थक और मुझे क्यो नही बताया - लावण्या ने चहकते हुए सार्थक से कहा

बस नही बताया, मैं तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था ,लावण्या तुम्हे क्या लगा मैं अपनी प्यारी लावण्या का बर्थडे भूल जाऊंगा मुझे अच्छी तरह से याद था सार्थक मुस्कुराते हुए बोला

तो फिर ऑफिस क्यो गए और सुबह मुझे बिश क्यो नही किया मैने कितना याद दिलाने की कोशिश की आपको - लावण्या ने ठुनकते हुए कहा

अगर मैं सब कुछ पहले ही शो कर देता तो तुम्हारा ये क्यूट सा और इतना खुश चेहरा कैसे देख पाता इसी सरप्राइज के लिए तो मैंने लक्ष्य को नगीना भेज कर रजनी को बुलवाया- सार्थक ने कहा

थैंक्स सार्थक थैंक्यू सो मच मुझे लगा तुम्हे मेरा बर्थडे याद ही नही और मैं कितनी परेसान थी और कितना रोई आप बहुत बुरे हो मुझे मेरे बर्थडे वाले दिन रुला दिया आपके इस सरप्राइज की वजह से मैने आपको न जाने क्या क्या कह दिया और आप पर कितना गुस्सा किया ,आईं सॉरी सार्थक मुझे माफ़ कर देना- लावण्या बहुत सर्मिन्दा थी

अरे लावण्या कोई बात नही सारी गलती माफ क्योकि आपने आज मुझे जिंदगी की सबसे हसीन और प्यारी खुशी दी है तो आज की आपकी सारी गलती माफ सार्थक सच मे बहुत ही ज्यादा खुश था

ओये हेलो अगर तुम दोनों का सॉरी , थैंक्यू और लैला मजनू गिरी हो गयी हो तो थोड़ा हमारे पेट का भी ध्यान कर लो साले चूहे कूद कूद कर थक कर सो गए और तुमदोनो का महाभारत खत्म ही नही हो रहा सुबह तो लोहे की रॉड से मार खाकर बेहोश होते होते बचा हूँ लेकिन लग रहा है अब नही बचूंगा अबकी बार भूख से बेहोश होऊंगा - लक्ष्य मानो कई जन्मों का भूखा प्यास हो ऐसा मुह बना कर बोला

सब खिलखिला कर हंस पड़े और लावण्या झेप गयी ।

लावण्या अब जल्दी से केक काटो - सार्थक ने लावण्या से कहा

लावण्या ने मुस्कुरा कर सार्थक को देखा और फिर केक काटा पूरा कमरा तालियों से गूंज गया और सब हैप्पी बर्थडे बोलने लगे साथ ही साथ एक बार फिर से कमरे का साउंड सिस्टम बज उठा

लावण्या ने केक का एक टुकड़ा उठा कर सार्थक को खिलाया और सार्थक ने भी आधा खा कर उसका बचा हुआ हिस्सा लावण्या को खिला दिया ।

फिर लावण्या ने बारी बारी से सबको केक खिलाया

सब बहुत खुश थे और सबसे ज्यादा खुश थी लावण्या, क्योकि कहा तो सुबह वह रो रही थी और कहा सार्थक ने उसके लिए इतनी शानदार पार्टी का इंतजाम किया था।

अचानक से लक्ष्य ने कमरे की सारी लाइट बंद कर दी अब कमरे में सिर्फ कैंडल की हल्की सी लाइट जल रही थी इसके अलावा झिलमिलाते हुए झालरों की रोशनी जो पूरे कमरे में कभी रंगबिरंगी रोशनी करती और कभी बुझकर अंधेरा कर देती जलने बुझने लगी।

म्यूजिक सिस्टम पर एक बहुत ही प्यारा और रोमांटिक गाना बज उठा और लक्ष्य ने कहा

सार्थक अब चलो सब डांस करते है और लावण्या के इस

बर्थडे पार्टी को और भी खूबसूरत बनाते है

सार्थक सरमा रहा था लेकिन लक्ष्य ने अपने दोनों हाथों से सार्थक और लावण्या को धक्का दिया और दोनों एक दूसरे के करीब आ गये

सार्थक ने लावण्या के कमर को पकड़ लिया और लावण्या ने भी शरमाते हुए सार्थक के कंधे पर अपना हाथ रख दिया और दोनों डांस करने लगे ।

कमरे का माहौल पूरा मस्ती वाला हो गया और सब के सब लावण्या और सार्थक के खूबसूरत डांस का लुफ्त उठाने लगे ।

रजनी जी आइये न आप भी आइये - लक्ष्य ने रजनी को बुलाया

नही लक्ष्य मैं ठीक हूँ रजनी हिचकिचा रही थी

अरे आइये न थोड़ा सा हमारे साथ डांस तो कर लीजिए लक्ष्य ने रजनी का हाथ पकड़ कर उठाते हुए कहा

रजनी को मजबूरन उठना पड़ा और वह आकर लक्ष्य के साथ डांस करने लगी

अब तुम लोगो को अलग से न्योता देना पड़ेगा क्या लक्ष्य ने बाकी बचे हुए सारे लोगो को कहा

आओ फटाफट आओ और सब डांस करो आज लावण्या का बर्थडे है लक्ष्य ने कहा

सब एक साथ बीच मे आगये और डांस करने लगे

अचानक से लक्ष्य ने राजीव और रजनी को एक साथ कर दिया और खुद हट गया रजनी लक्ष्य के धक्का देने से सीधा जाकर राजीव के सीने से टकराई राजीव ने रजनी को थाम लिया

ना जाने क्यों रजनी का दिल एक अजीब से एहसास से धड़क उठा
 
राजीव जी आप भी डांस कीजिये न अब तो मैंने आपको पार्टनर दे दिया - लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए बोला

राजीव तो मानो कब से इसी इन्तेजार में था उसने रजनी को पकड़ कर अपने करीब खींच लिया और डांस करने लगा

और तुम तुम सबको नचा रहे हो खुद क्यो नही डांस कर रहे हो अचानक से पूनम ने लक्ष्य को कहा

तो आइए न आप मेरी पार्टनर बन जाये मैने कब मना किया है - लक्ष्य बोला

मैं क्यो बनू- पूनम मुस्कुराते हुए इठला कर बोली

क्यो मुझमे कांटे लगे है क्या जो तुम्हे चुभ जाएगा लक्ष्य बोला

ऐसी बात नही है लेकिन मुझे डांस करना नही आता लक्ष्य की बात सुनकर पूनम ने कहा

तो कोई यह डांस इंडिया डांस नही चल रहा है जो तुम्हारे स्टेप ठीक नही होगी तो रिजेक्ट हो जाओगी आ जाओ मैं तुम्हे सिखाता हूँ । लक्ष्य ने कहा

इतना कह कर लक्ष्य ने पूनम को अपने तरफ खींच लिया और पूनम भी किसी गुड़िया की तरह लक्ष्य के बिल्कुल करीब आगयी

लक्ष्य ने पूनम को पकड़ लिया और फिर सब मस्ती से डांस करने लगे

पूनम को बहुत अच्छा लग रहा था वह लक्ष्य का भरपूर साथ दे रही थी और सार्थक और लावण्या को तो जैसे आस पास का कोई ध्यान ही नही था वो तो सब कुछ भूल कर एक दूसरे

में खोए हुए थे

रजनी पहले पहले तो राजीव के साथ डांस करने में हिचकिचा रही थी फिर वह खुल कर राजीव का साथ देने लगी

कमरे का माहौल बहुत ही प्यारा और रोमांटिक हो गया था तीनो अपने अपने पार्टनर के साथ डांस कर रहे थे और बाकी बचे हुए लोग उनको चीयरकर रहे थे ।

लक्ष्य और पूनम एक दूसरे में घुलने लगे पूनम लक्ष्य के बाहो में मचल रही थी उसका दिल कर रहा था कि वह ऐसे ही लक्ष्य के साथ डांस करती रहे और लक्ष्य की तो मानो बर्षो की मन्नत पूरी हो गयी हो वह पूनम को किसी राजकुमारी की तरह ट्रीट कर रहा था

सब अपने अपने पार्टनर में खोए हुए थे और बहुत देर तक डांस करते रहे ।

अचानक से सार्थक ने लावण्या की तरफ से ध्यान हटा कर आसपास देखा

पूनम लक्ष्य की बाहों में थी और बहुत ही खुश थी और पूरी मस्ती के साथ डांस कर रही थी ।

सार्थक को जोर दर झटका लगा उसने लावण्या को अपने से अलग किया

लक्ष्य और पूनम मानो सब कुछ भूल कर एक दूसरे में खो जाने को बेताब थे और लक्ष्य पूनम को ऐसे देख रहा था मानो दुनिया भर की सारा प्यार लक्ष्य की आंखों में सिमट कर आ गया हो

ना जाने क्यों सार्थक को पूनम का इस तरह लक्ष्य के साथ डांस करना बिल्कुल भी अच्छा नही लगा उसका चेहरा तन गया और वह लपक कर म्यूजिक सिस्टम के पास पहुचा और उसने म्यूजिक बंद कर दिया

म्यूजिक बंद करते ही सबके कदम थम गई और एक दूसरे से अलग हो गए

पूनम और कि सांसे तेज तेज चल रही थी और रजनी और राजीव का भी ठीक यही हाल था उनके चेहरे पर एक अजीब सी खुमारी और खुशी थी

क्या हुआ यार सार्थक इतना मजा आरहा था बंद क्यो कर दिया - लक्ष्य ने कहा

ज्यादा मजा लेने की जरूरत नही है यहां बर्थडे पार्टी है कोई डिस्को नही चल रहा है ना जाने क्यों सार्थक के आवाज तल्ख और चेहरा सपाट था ।

लक्ष्य को बड़ा अजीब लगा ।

पूनम इधर आओ अपनी भाभी के पास खड़ी हो जाओ और शशांक चल देखते है खाने का क्या इंतेजाम हुआ है सार्थक ने मानो लक्ष्य को इग्नोर किया

लक्ष्य को कुछ भी समझ मे नही आरहा था उसने सर को झटका दिया और फिर दोनों के पीछे पीछे चल पड़ा

थोड़ी देर बाद सबने एक साथ खाना खाया

सार्थक का चेहरा बिल्कुल सपाट और सख्त था , उसके ओठो से वह चिरपरिचित मुस्कुराहट न जाने क्यों गायब हो गयी थी ।

क्यो भुक्कड़ पेट भरा की नही अच्छे से खालो फिर न जाने कब फ्री में खाना खाने को मिले पूनम ने मजाक में लक्ष्य से कहा

हा खा रहा हूँ लेकिन अगर तुमसे कुछ बचेगा तभी तो खाने को मिलेगा

सम्हाल कर खाना कही फ्री का खाने के चक्कर मे पेट खराब हो .....

सटअप पूनम ज्यादा बकवास करने की जरूरत नही है चुपचाप खाना खाओ बहुत बाते आने लगी है तुम्हे ज्यादा बोलने लगी हो और पर भी निकल आये है ये हरवक्त मस्ती मजाक अच्छा नही लगता अब तुम छोटी सी बच्ची नही हो कि कुछ भी किसी को बोल दो सार्थक गुस्से से दहाड़ा

सार्थक का गुस्सा देख कर पूनम कॉप गयी और सब चौक कर सार्थक को देखने लगे मानो सब के सब यही सोच रहे हो कि अचानक से सार्थक को क्या हो गया ।

क्या हुआ सार्थक उस बेचारी पर क्यो गुस्सा कर रहा है शशांक ने सार्थक को तेज से डांटा

हा यार पूनम ने तो ऐसा कुछ नही कह दिया जो तू इतना भड़क रहा है उसकी तो आदत है यार मुझसे झगड़ा करने की - लक्ष्य ने भी कहा

प्लीज लक्ष्य बहन मेरी है तो मुझे पता है कि कब क्या और

कैसे करना है हमारे लाड प्यार की वजह से आजकल यह कुछ ज्यादा बिगड़ गयी है अपनी मनमानियां करने लगी है और कुछ एक्सट्रा बोल जाती है मम्मी तो है नही जो रोके टोके तो हमे ही बोलना पडेगा आखिर हमारी जिम्मेदारी है - सार्थक ने कहा

सार्थक की बाते सुनकर पूनम की आंखोमें आँसू आ गए उसे समझ मे नही आ रहा था कि सार्थक उसपर इतना गुस्सा क्यो है उसने ऐसा क्या कर दिया , उसे जोर की रुलाई फुट पड़ी

हां तो साले ऐसे निभाई जाती है जिम्मेदारी ऐसा क्या कर दिया उसने जो उसपर खामखा चीख रहा है हल्का सा मजाक ही तो किया है और यहां कौन से कोई गैर है सब अपने ही तो है खामखा रुला दिया मेरी बहन को शशांक ने भी सार्थक को डाटा

हा सार्थक आपको ऐसे नही बोलना चाहिए था तुम्हे पता है ना लक्ष्य और पूनम दोनो हरवक्त लड़ते ही रहते है ना तो पूनम की किसी बात का लक्ष्य बुरा मानता है और न ही लक्ष्य की किसी बात का पूनम दोनो एक दूसरे की भावनाओ को समझते है और दोनोंका हंसी मजाक चलता रहता है खामखा आपने छुटकी को रुला दिया लावण्या ने भी सबकी हां में हां मिलाई

सार्थक ने घूर कर लावण्या को देखा उसकी आंखें मानो गुस्से से लाल हुई पड़ी थी

गुस्से वाली आंखे देख कर लावण्या तो एक बार सहम गए उसकी हिम्मत नही हुई कि वह सार्थक से नजर मिला ले इसीलिए उसने नजर फेर ली ।

सार्थक ने घूर कर पूनम को देखा और फिर बोला

इसमे रोने जैसी कोई बात नही है पूनम जल्दी से खाना खाओ घर भी चलना है चाची इन्तेजार कर रही होगी उसकी आवाज में एक अजब सी सख़्ती और आदेश था ।

सब के सब सार्थक के इस बदले हुए ब्यवहार से हैरान थे ।सबने चुपचाप खाना खाया पूनम ने सारा का सारा खाना वैसे का वैसा रख दिया लावण्या ने उससे खा लेने की बहुत जिद की लेकिन पूनम ने पेट भर गया का बहाना करके खाने से इनकार कर दिया ।

खाना खा लेने के बाद सब अपना अपना सामान सामेत कर घर जाने के लिए तैयार हो गए ।

दीदी आप चलो न घर चलो हमारे साथ लावण्या ने

औपचारिकता बस कहा ।

क्यो ले जा रही हो लावण्या यही रहने दो इतना बड़ा फार्म हाउस है के कमरे है और फिर यह किसी चीज की दिक्कत नही है खामखा क्यो तुम और रजनी दोनो परेसान होगी - शशांक ने कहा

शशांक सही कह रहे है लावण्या रात भर ही रहना है सुबह सुबह ही निकल जाउंगी मम्मी अकेली है तो क्यो खामखा घर चलू और फिर राजीव जी भी तो है वो सिर्फ हमारे कहने पर रुके है अब उनको ऐसे अकेले छोड़ कर जाना भी तो ठीक नही लगता- रजनी ने कहा

ठीक है दीदी जैसे आपको ठीक लगे अपना ध्यान रखना लावण्या ने कहा और फिर वह राजीव के पास आगयी और रजनी शशांक के पास चली गयो

अच्छा राजीव जी मेरी दीदी का ख्याल रखना उन्हें बिल्कुल भी तकलीफ मत होने देना लावण्या बोली

नही होगी आप चिंता मत कीजिये आपकी दीदी बहुत समझदार और सहासी है वो खुद अपना ध्यान रख लेती है और रही बात ध्यान रखने की तो आप कहो तो जिंदगी भर ध्यान रख लू राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

तो रख लीजिए न मैने कब मना किया है ये तो और भी अच्छी बात है लावण्या खुशी से खिल गयी उसकी आँखों मे चमक आगयी

अरे आप अपने दीदी से पूछ तो लीजिये पहले, कही वो मना कर दे तो- राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

तो एक रात का मौक़ा है खुद ही पूछ लीजिये वैसे दीदी का आज मूड ठीक है तो क्या पता आपका काम हो जाये- लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा राजीव को देख कर और उसके ब्यवहार से लावण्या को रजनी के लिए एक उम्मीद सी जगी

राजीव की आंखों में भी चमक आगयी

उसने नजर घुमा कर देखा

रजनी सार्थक से बात करने में ब्यस्त थी और मुस्कुरा कर बाते कर रही थी

आज आपकी सलाह पर जरूर अमल करेंगे राजीव ने चहकते हुए कहा

लावण्या चलो ज्यादा देर करना ठीक नही है सार्थक ने लावण्या को बुलाया

हा चलिए पूनम कहा है लावण्या ने चारों तरफ नजर घुमा कर देखा

शायद गाड़ी में बैठी है चलो बाहर

लावण्या और सार्थक दोनो बाहर आये शशांक उसका इन्तेजार कर रहा था

पूनम कहा है शशांक ? - सार्थक ने पूछा

गाड़ी में बैठी है तुम लोगो का इंतजार कर रही है - शशांक बोला

अकेले बैठी है क्या ? सार्थक ने पूछा

हाँ बैठी तो अकेले है लेकिन लक्ष्य वही पर है और दोनो बाते कर रहे है - शशांक बोला

वह लपक कर गाड़ी के पास पहुचा पूनम अंदर बैठी हुई थी और लक्ष्य बाहर खड़ा था और हल्के से झुक कर पूनम से कुछ बात कर रहा था ।

सार्थक को देखते ही लक्ष्य मुस्कुराते हुए बोला

लो आ गया सार्थक अब मैं चलता हूँ .

सार्थक ने घूर कर पूनम को फिर लक्ष्य को देखा

अच्छा लावण्या चलता हूँ ,चल सार्थक बाय भाई लक्ष्य ने दूर से ही अपना हाथ हिलाया और चाभी को अपने अंगुलियों में गोल गोल घुमाते अपनी गाड़ी की तरफ जाने लगा ।

सार्थक ने घूर कर पूनम को देखा मानो कच्चा चबा जाएगा
 
क्या हुआ भैया ऐसे क्यो देख रहे हो पूनम को सार्थक के इस तरह घूरने पर अचकचा कर बोली

अकेले क्यो आगयी और लक्ष्य यहां क्याकर रहा था - सार्थक ने कहा

भैया आप लोग आ ही रहे थे तो मैं पहले निकल गयी पता नही आप ही कहा बीच मे रुक गए - पूनम ने कहा

अबे बैठ न कितने सवाल जबाब करेगा कही दूर थोड़े न गयी थी क्या हुआ अगर थोड़े जल्दी आ गयी तो - शशांक ने कहा

सार्थक ने गाड़ी का गेट खोला और बैठने लगा और लावण्या भी दूसरी तरफ से गेट खोल कर बैठ गयी।

शशांक ने गाड़ी आगे बढ़ा दिया और सार्थक के घर की तरफ चलने लगा । शशांक ने सार्थक को उसके घर छोड़ा और फिर वापस आगया ।

पूनम अपने कमरे में चली गयी और लावण्या और सार्थक अपने कमरे में चली गयी ।

लावण्या कमरे में जाकर बिना चेंज किये बिस्तर पर फैल गयी उसका दोनो पैर बेड के नीचे ही लटक रहा था ।

सार्थक ने उसे देखा और अपने कपड़े उतारने लगा

अचानक से लावण्या उठी और उसने सार्थक के गले में अपनी बाहे डाल दी और उसे पीछे खींच करके अपने साथ बिस्तर पर गिरा लिया ।

पागल हो गयी हो क्या ये क्या हरकत है लावण्या सार्थक इस तरह के हमले के लिए तैयार नही था उसने अपने गले से लावण्या हाथ छुड़ाते हुए हल्के से गुस्से से कहा

सार्थक के इस तरह चीखने पर लावण्या ने सार्थक को देखा और बोली ।

क्या हुआ सार्थक कुछ परेसान से लग रहे हो कुछ बात है क्या वहां पर भी आप चीख रहे थे और अब भी आपका मूड नही ठीक लग रहा है - लावण्या ने पूछा

सार्थक का मूड उखाड़ा हुआ था इसी वजह से उसने जबाब

नही दिया बस लावण्या का हाथ हटा कर फिर से उठ गया ।

लावण्या उठी और उसने पीछे से सार्थक को अपने बाहो में लपेट लिया और खींच कर अपने से चिपका लिया और अपना सर सार्थक के पीठ पर रख दिया मानो सार्थक के पीठ पर सर रख कर सो रही हो।

क्या कर रही हो यार लावण्या सार्थक ने इस तरह अचानक से खींचे जाने पर कहा

कुछ नही अपने लवली वाले हसबैंड जी पर प्यार आ रहा था क्योकी उन्होंने मेरे लिए इतना शानदार पार्टी का अरेंजमेंट जो किया था लावण्या बहुत खुश थी और मुस्कुराती हुई बोली

सार्थक मुस्कुराने लगा उसकी सारी परेसानी एक पल के लिए मानो छूमंतर हो गयी हो ।

सच मे सार्थक यु आर सो स्वीट मेरे लिए इतना सब अरेंजमेंट कर दिया था तो बताया क्यो नही आपको पता है मैं सुबह से कितनी परेसान थी मुझे लग रहा था कि आपको मेरा बर्थडे याद ही नही है और आपने इतनी अच्छी पार्टी अरेंजमेंट कर रखी थी तो फिर मुझे क्यो रुलाया , सच मे आप बहुत गंदे हो और बहुत स्वीट भी, आज मेरा दिल कर रहा है कि आपको

खूब प्यार करु आज आपने सच मे मुझे बहुत खुश कर दिया है ।लावण्या को सचमुच सार्थक पर बहुत प्यार आरहा था ।

मैं तुम्हारा बर्थडे कैसे भूल सकता हूँ लावण्या मुझे सब याद था बस मैं तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था इसी लिए नही बताया ये जो तुम्हारे चेहरे की खुशी है ना यही देखने के लिए तो मैंने इतना कुछ किया और तो और रजनी को लाने के लिए 2 दिन पहले ही लक्ष्य को बोल दिया था ।सार्थक ने कहा

थैंक्यू सो सो मच मेरे प्यारे स्वीट और भोले भाले पति देव

अच्छा छोड़ो अब मुझे कपड़े बदलने दो थक गया हूँ और तुम भी चेंज करलो सार्थक ने कहा

कैसे हो यार आपकी बीबी आपको प्यार कर रही है औ आप हो कि इग्नोर कर रहे हो क्या किसी और से दिल लग गया क्या जो मुझे इग्नोर कर रहे हो लावण्या ने इठलाते हुए कहा

पागल हो क्या ? कुछ भी बोले जा रही हो वो तो बस थक गया हूँ इसी लिए बोला और तुम्हे ऐसा लगता है क्या की मेरा प्यार तुम्हारे लिए कम हो गया ऐसा कभी सोचना भी मत लावण्या ऐसा कभी नही होगा

कोशिश भी मत करना वरना जान लेना यातो मर जाउंगी या तुम्हे मार दुंगी अगर किसी और केसाथ तुम्हे देख भी लिया तो लावण्या ने कहा

आज क्या हो गया तुम्हे मारने मारने की बात क्योकर रही हो यार- सार्थक ने कहा

आज आप पे एक्सट्रा प्यार आरहा है तो इसी लिए दिल कर रहा है कि आपको जोर से पकड़ कर बिस्तर पर गिरा दू और जी भर के किस कर लू - लावण्या रोमांटिंक होकर बोली

अच्छा मतलब आज आप के इरादे नेक नही है सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

कुछ ऐसा नही समझ लिजिये दिल कररहा है आज मैं जंगली बिल्ली बन जाऊ और आपको अपने पंजे में दबोच लू लावण्या ने नाक सिकोड़ते हुए अपने हथेलियो को बिल्ली के पंजों की तरह दिखा कर कहा

तो फिर देर किस बात की है आपका शिकार सामने है मार दो झपट्टा देखते है इस बिल्ल्ली को झपट्टा मारना आता भी है कि नही ।सार्थक ने कहा

अच्छा ऐसी बात है तो अभी दिखाती हूँ यह कह कर लावण्या सार्थक पर झपटी और उसे लेकर बेड के नरम और गुलगुले बिस्तर पर लेकर गिर पड़ी।

सार्थक जब तक कुछ समझ पाता लावण्या उसके ऊपर थी और उसके दोनो हाथ को अपने हाथ से पकड़ चुकी थी ।

देखा अपनी बिल्ली की करामात मेरे बिल्ले अब बोलो क्या करूँ आपके साथ लावण्या मुस्कुराती हुई बोली

बिल्ली की जो मर्जी हो वो करे बिल्ले को कोई ऑब्जेक्सन नही है बिल्ला तो कब का रेडी है सार्थक भी रंग में आगया और लावण्या के सुर में सुर मिलाने लगा

तो फिर आज खुद ही देख लेना की ये बिल्ली क्या करती है लावण्या ने कहा और लपक कर उसने सार्थक के ओठो से अपने ओठो को मिला दिया

प्यार का तूफान गुजर जाने के बाद लावण्या और सार्थक एक दूसरे के पास लेते हुए थे दोनो बहुत खुश थे ।

सार्थक कुछ सोच रहा था

क्या हुआ सार्थक इतने परेसान और टेंसन में क्यो हो ? क्या सोच रहे हो ? - लावण्या ने पूछा

लावण्या मुझे तुमसे एक बात पूछनी है अगर तुम सच सच बताओ तो - सार्थक ने गंभीर होकर पूछा

क्या ? पूछिये न आप को ऐसा क्यों लग रहा है कि मैं झूठ बोलूंगी ऐसी कौन सी बात है- लावण्या ने उत्सुकता से पूछा

लावण्या मुझे बताओ कि लक्ष्य और पूनम के बीच तुमने ऐसा कुछ देखा है जो अप्रत्याशित हो आई मीन टू से की कुछ ऐसा जो ऑब्जेकस्नेबल हो - सार्थक ने कहा

नही ऐसा कुछ तो नही है लावण्या ने सोचते हुए कहा

आपको ऐसा क्यो लगा कुछ बात हो गयी क्या - लावण्या ने

उल्टा सार्थक से सवाल किया

मुझे लगता है कि लक्ष्य हमारी पूनम के साथ ठीक नही कर रहा है, पूनम को दुनिया दारी की उतनी समझ नही है, वो बहुत मासूम और भोली भाली है , मैं नही जानता कि दोनों कैसे पास आये लेकिन लक्ष्य और पूनम के बीच मे जरूर कुछ ऐसी कमेस्ट्री है जो ठीक नही है इसीलिए तुम भी ध्यान से सुन लो पूनम और लक्ष्य को कभी भी अकेले मत छोड़ना - सार्थक बहुत ज्यादा सीरियस था ।

आपने कुछ देखा क्या लावण्या ससंकित होकर बोली

ऐसा ही समझ लो लावण्या , और चाची जी भी कह रही थी लक्ष्य की आदत ठीक नही है लड़कियों के मामले में उसपर भरोसा नही किया जा सकता उसकी आदत मैं बचपन से जानता हूँ वो मेरा दोस्त है तो तुम्हे कुछ ज्यादा ही सतर्क रहने की जरूरत है ।

लावण्या तुम घर मे हरवक्त रहती हो तो कही ऐसा न हो कि पूनम के कदम कही गलत पड़ जाए तुम्हे पूनम के माँ की तरह उसके बिना कुछ कहे ही सब समझ जाना पड़ेगा और उसे सही गलत समझाना पड़ेगा मैं नही चाहता कि मेरी बहन को कभी भी कोई तकलीफ हो वो मेरी जान है मेरी एकलौती बहन है तो अगर उसकी आँखों मे एक भी आंसू आये तो मैं

यह सहन नही कर पाउंगा सार्थक ने गंभीरता से कहा

आप चिंता मत कीजिये मैं हूँ न मैं आपको बिल्कुल निरास नही करूँगी लेकिन क्या लक्ष्य और पूनम एक दूसरे से प्यार करते है क्या ? लावण्या ने पूछा

पता नही पर मैं जानता हूँ कि पूनम जिस उम्र में है उस उम्र में ये सब नार्मल बात है ऑपोज़िट सेक्स के प्रति कोई भी अट्रेक्ट हो ही जाता है लेकिन पूनम ने लक्ष्य को गलत चुना है लक्ष्य अच्छा चॉइस नही है लॉवान्या, मेरी बहन उसके साथ जिंदगी भर रोती रहेगी इसी लिए इसके पहले पूनम का अटैचमेन्ट लक्ष्य से और बढ़े हमे पूनम को समझाना होगा और उसे सही गलत बताना होगा और ये काम तुम मुझसे बेहतर कर सकती हो मैं कुछ कहूँगा तो पूनम को लगेगा कि भैया उस पर जोर जबरदस्ती कररहे है इसीलिए मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए - सार्थक ने कहा

मैं कौन सा हेल्प कर सकती हूँ लावण्या ने सस्पेंस से पूछा

देखो पूनम मैं नही जानता कि पूनम और लक्ष्य कैसे पास आये ,मैं नही जानता कि दोनों किस हद तक एक दूसरे से कनेक्ट है और मुझे यह भी नही मालूम कि उनके इस कनेक्सन के बारे में तुम्हे पता है या नही लेकिन जो मैंने अपनी आंखोसे देखा और जो मैंने अपने कानों से सुना

उससे मैं यह जान गया हूँ कि हो न हो पूनम और लक्ष्य के बीच दोस्ती सिर्फ इस वजह से नही है कि पूनम मेरी बहन है, बल्कि दोनों की एक अलग बॉन्डिंग है और मुझे यह बिल्कुल पसंद नही है - सार्थक ने कहा

मुझे थोड़ा सा डिटेल में बताओ सार्थक मुझे पूरी बात बताओ हुआ क्या लावण्या ने कहा

सार्थक ने लावण्या को सारी बात बताई और फिर उसे चाची की कही गयी बाते भी बताई

लावण्या का दिल जोर जोर से धड़कने लगा एक बार फिर से उसकी आंखें सार्थक से झूठ बोलने के लिए नीचे हो गयी

तो मैं क्या करूँ आप बताइए लावण्या को कुछ भी समझ मे नही आरहा था

लावण्या पूनम अगर किसी दूसरे लड़के के साथ अटैच होती तो मुझे कोई आपत्ति नही थी मैं दोनो को एक करने में अपनी पूरी ताकत लगा देता लेकिन लक्ष्य की कहानी उल्टी है उसे किसी लड़की के भावनाओ और

जज्बातो से कोई मतलब नही होता उसे किसी लड़की को अपने प्यार के और मीठी मीठी बातो के दम पर अपने तरंग

आकर्षित करने में मजा आता है जब तक उसका दिल करता है वह उसके साथ टाइम पास करता है फिर जब उसका दिल भर जाता है तो वह उसे छोड़ देता है बिना यह सोचे समझे कि उस लड़की के दिल पर क्या गुजर रही होगी

और मैं यह नही चाहता कि मेरी बहन छुटकी भी उसके इस आदत की शिकार हो और फिर बाद में उसे दुख हो इसीलिए अभी ही उसको इन सब चक्करो से दूर करना है - सार्थक ने कहा

लेकिन सार्थक ऐसे तो पूनम हमे और आपको अपना दुश्मन मानने लगेगी - लावण्या ने ससंकित होकर कहा

अब जो भी हो लावण्या हम जो भी कर रहे है उसके भले के लिए कर रहे है लक्ष्य मेरे बचपन का दोस्त है वैसे तो उसमें कोई कमी नही है बस सबसे बड़ी कमी यही है कि वह किसी लड़की को लेकर सीरियस नही होता और ये प्यार मोहब्बत से उसका दूर दूर तक कोई लेना देना नही होता किसी लड़की को अपने बातो में फ़साने में उसको महारत हासिल है और उसे बहुत मजा आता है किसी के साथ दिल लगाना और फिर उसे रोते हुए छोड़ देना ये उसकी पुरानी आदत है पूनम अभी नादान है मासूम है उसे दुनियादारी की समझ नही है इससे पहले बात सर के ऊपर से गुजर जाए हमे दोनो को चाहे जैसे अलग करना होगा -

सार्थक बोला

लावण्या सोच में पड़ गयी

ज्यादा मत सोचो लावण्या कभी कभी घी को निकालने के लिए उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है और फिर हम पूनम के दुश्मन थोड़े है वो मेरी जान है और मैं अपनी पूनम के आंखों में आँसू नही देख सकता इसके पहले की बहुत देर हो जाये और मेरी बहन के आंखों में आँसू आये हमे उस वजह को ही खत्म करना पड़ेगा सार्थक दृढ़ निश्चय से बोला

ठीक है सार्थक जैसा आप को ठीक लगे मैं आपके साथ हूँ और जैसे आप कहेंगे वैसे करूंगी- लावण्या ने उदास होकर कहा ।

थैंक्स लावण्या मुझे आपसे यही उम्मीद थी कि तुम मेरी बात समझोगी और मेरा साथ दोगी थैंक्यू सो मच सार्थक खुश हो गया

रजनी रात में लेटने की तैयारी ही कर रही थी कि तभी दरवाजे पर दस्तक हुई

रजनी का दिल जोर से धड़क गया

रजनी प्लीज दरवाजे खोलिये राजीव ने रजनी को आवाज दी

रजनी अचकचा गयी उसे समझ मे नही आया कि राजीव इस समय क्यो आया है ।

उसने उठ कर दरवाजा खोला और आश्चर्य और उत्सुक्ता से राजीव को देखने लगी

आई एम सोरी रजनी मैने इतनी रात को तुम्हे डिस्टर्ब किया वो क्या है मुझे नीद नही आरही थी इसी लिए मैने सोचा कि आपसे चलकर थोड़ी देर बात करु क्या पता नीद आ जाये तो अगर आप को कोई दिक्कत न हो तो मैं अंदर आ जाऊँ प्लीज - राजीव ने रिकेस्ट किया

हाँ हा आइये न प्लीज कोई बात नही रजनी ने दरवाजे से हटते हुए कहा

सॉरी रजनी इतनी रात को तुम्हे परेसान किया लेकिन क्या करूँ अकेले रहने की आदत नही है तो इसीलिए मैं आपको ज्यादा देर तक तंग नही करूँगा राजीव ने सकुचाते हुए कहा

अरे कोई बात नही राजीव वैसे भी नई जगह है तो अभी मुझे भी नीद नही आएगी रजनी मुस्कुराते हुए बोली

राजीव मुस्कुराता हुआ रजनी के पास बैठ गया
 
रजनी ने भी उसको देखा और मुस्कुराने लगी ।

अब आपका चोट कैसा है रजनी ने अचानक राजीव से पूछा

चोट कैसा चोट राजीव ने अचकचा कर कहा

अरे सिर पर जो लोहे की रॉड मारी थी रजनी ने झेंपते हुए मुह के साथ साथ हाथो के इशारे से भी डंडे जैसा मारने का उपक्रम किया

अच्छा वो राजीव खिलखिला कर हंस पड़ा वो ठीक है अब आपने पूरी ताकत से मारा है तो इतनी जल्दी थोड़े न सही होगा थोड़ा टाइम तो लेगा ही वैसे भगवान का लाख लाख शुक्र है कि सर नही फटा वरना मुसीबत हो जाती- राजीव बोला

आई एम सॉरी मैं बहुत सर्मिन्दा हूँ राजीव मेरी वजह से ...

रजनी जी अगर आपको मेरा यह बैठना अच्छा नही लग रहा है तो मैं चला जाता हूँ राजीव ने अचानक से सख्त होकर कहा

नही ऐसी कोई बात नही है राजीव को ऐसे ब्यवहार करता देख रजनी सहम सी गयी उसने जल्दी से कहा

ऐसी बात नही है तो फिर और क्या है आलरेडी आप इसके लिए मुझे सॉरी बोल चुकी है और मैने आपको पहले ही माफ कर दिया है फिर दुबारा से क्यो सॉरी- राजीव में कहा

रजनी की अटकी सांसे जैसे वापस आगयी हो उसने राहत की सास ली वरना उसे लगा था कि राजीव नाराज हो गया

क्या आप भी राजीव जी खामखा डरा दिया रजनी के मुह से निकला

और नही तो क्या अब सिट्यूएसन ऐसी थी कि तुम्हे दूर दूर तक कोई अंदेशा भी नही होगा कि ये मैं हो सकता हूँ फिर तुम सॉरी क्यो बोल रही है।

वैसे आप सच मे बहुत ज्यादा साहसी है आप अपने जिंदगी में कभी भी हार नही मानेगी और मुस्किलो में आप डट कर सामना करेगी आप का बिल पावर बहुत स्ट्रांग है- राजीव ने रजनी की तारीफ की

रजनी के चेहरे पर एक फीकी सी हसी तैर गयी ।

रजनी जी एक पर्सनल सवाल पुछू अगर आप बुरा न माने तो राजीव ने रजनी की आंखों में झांकते हुए कहा

पूछिये क्या पूछना है - रजनी ने हल्के से कहा

आप के साथ कोई ट्रेजडी हो गयी थी खुशबू के मुह से कुछ हल्का फुल्का सुना था तो क्या हुआ था

अचानक से मानो रजनी के चेहरे का रंग उड़ गया और वह उदास हो गयी उसने अपनी आंखें नीचे कर ली और नाखून को अपने दांतों से काटने लगी ।

अगर आपको नही बताना है तो कोई बात नही ईट्स ओके मैं समझता हूँ सबकी अपनी कोई न कोई पर्सनल लाइफ होती है कुछ बाते होती है जो कोई भी किसी से शेयर नही कर सकता लेकिन मेरा मानना है कि अगर दुख ज्यादा हो दर्द ज्यादा हो और चोट ज्यादा लगी हो तो दिल मे नही रखना चाहिए उसे किसी को बता देना चाहिए दिल का दर्द कम हो जाता है बाकी आप को जैसा ठीक लगे- राजीव ने कहा

रजनी ने नजर उठा कर राजीव को देखा उसकी आंखें आँसूओ से डबडबाई थी और चेहरे पर मानो दुनिया भर की

उदासी सिमट आयी हो

अरे रजनी आप तो रोने लगी आई एम सो सॉरी मुझे नही मालूम था कि मेरी बातें आपको हर्ट कर जाएगी रियली आई एम सो सो सॉरी रजनी के इस तरह रोने से राजीव गड़बड़ा गया और उसने हाथ जोड़कर शर्मिन्दगी से कहा मानो इन सब के पीछे वह खुद जिम्मेदार हो

नही राजीव आपकी कोई गलती नही है मुझे आपसे क्या शिकायत होगी, मुझे शिकायत अपने जिंदगी से है अपनी नादानियों से है ,अपने आप से है , ये जो कुछ मेरे साथ हुआ है उसकी जिम्मेदार और कोई नही है मैं खुद हूँ , मैने खुद अपनी जिंदगी में आग लगाई है तो उस आग में झुलसना भी मुझे ही पड़ेगा न , और उसकी जलन भी मुझे ही बर्दास्त करनी पड़ेगी फिर चाहे जितनी तकलीफ हो - रजनी का गला रुँध गया था इसी लिए आवाज भर्रा रही थी और आंखे आँसूओ से लबालब भरी हुई थी

अकेले अकेले कब तक जलन बर्दास्त करेंगी क्या ऐसा नही हो सकता कि उस तपिश उस जलन पर किसी को मलहम लगाने का मौका दो जिससे आपकी जलन भी ठीक हो जाय और धीरे धीरे उस तकलीफ का निसान भी चला जाय- राजीव की आंखों में मानो दुनिया भर का प्यार सिमट आया

हो ।

रजनी ने चौक कर राजीव को देखा मानो राजीव की बातों को समझने की कोशिश कर रही हो

रजनी ये जिंदगी बहुत खूबसूरत है माना कि तुम्हारे साथ कोई बुरा वाकया हो चुका है लेकिन एक मौका और दो इसे , क्या पता तुम्हारे दो कदम बढ़ाते ही खुशिया खुद तुम्हारे कदमो में आजाये क्या पता एक नया सबेरा तुम्हारा इन्तेजार कर रहा हो कि कब ये काली अंधेरी रात खत्म हो और कब सबेरा हो ।

एक बार अपने दिल की बन्द खिड़की को खोल कर उसमें ठंडी हवा तो आने दो ।

बस एक बार किसी को अपने जलते जख्मो पर चाहत का मरहम तो लगाने दो

मिट जाएगा सारा सितम खो जाएगी आंखों की सारी उदासी और नमी

एक बार फिर से अपने दिल को कोई खूबसूरत सा ख्वाब तो सजाने दो ।

राजीव ने सायराना अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा

राजीव सपने देखने मे डर लगने लगा है बहुत कुछ भुगत

चुकी हूँ अब हिम्मत नही होती है अब तो बस जिये जा रही हूँ बिना किसी उम्मीद के बिना किसी अरमान के - आज बहुत दिनों बाद जैसे किसी ने उसके जख्मो को कुरेद दिया हो इसी लिए रजनी के आंखों में बेतहासा आंसू निकल रहे थे ।

रजनी जी जिंदगी में आगे बढ़ते रहना चाहिए , ठहरा हुआ पानी पीने लायक नही बचता एक बार हाथ बढ़ा कर तो देखिए क्या पता कोई कबसे थामने के लिए बेकरार हो - राजीव ने कहा

रजनी ने चौक कर राजीव की तरफ देखा

मतलब आप क्या कहना चाहते है रजनी ने संका से पूछा

वही जो आप समझ रही है मैं आपके सारे गम लेना चाहता हूँ बदले में ढेर सारी खुशियां देना चाहता हूँ

मैं आपके आंखों के आंसू पोछना चाहता हू और आपके ओठो की मुस्कुराहट बनना चाहता हूँ मैं आपके दिल के उस बंद खिड़की को खोलना चाहता हूँ जहां आपने ढेर सारी कड़वी यादे भर रखी है उन्हें बाहर निकाल कर मैं उसमे मीठी मीठी और सुनहरी यादो को भरना चाहता हूँ आई लब यू रजनी आई लब यू सो मच

मैं आपसे प्यार करने लगा हूँ और आपसे शादी करना चाहता

हूँ

रजनी उछल कर खड़ी हो गयी मानो सैकड़ो बिछुआ ने एक साथ उसे डंक मार दिया हो

ये मुमकिन नही है राजीव ऐसा कभी नही हो सकता रजनी ने सख्ती से कहा

क्यो नही हो सकता रजनी क्यो क्या मुझमे कोई कमी है मैं तुम्हारे लायक नही हूँ ट्रस्ट मी रजनी मैं कभी भी तुम्हारे आंखों में आँसू नही दूंगा ट्रस्ट मी प्लीज - राजीव किसी दीवाने की तरह बोला

ऐसी बात नही है राजीव तुम समझ नही रहे हो तुममे कोई कमी नही है लेकिन मैं तुम्हारे लायक नही हूँ- रजनी ने कहा

हीरे का मोल खुद हीरे को कहा होता है रजनी उसकी परख तो जौहरी को ही पता होता है - राजीव ने प्यारसे कहा

राजीव पागल पन मत करो जिसे तुम हीरा समझ रहे हो वो कांच का टुकड़ा है - रजनी ने उदासी से भरकर रट हुए कहा

मेरी नजरो कभी धोखा नही खा सकती मुझे इंसानो की परख

है - राजीव ने मुस्कुरा कर कहा

क्या परख है हॉ, क्या जानते हो मेरे बारे में दो दिन हुआ मिले हुए अभी, और ऐसा क्या जान गए मेरे बारे में तुम जानते हो मैं कैसी हूँ और मैने क्या किया है अभी जो ये बड़ी बड़ी बातें कर रहे हो न जब मेरी कहानी सुनोगे तो सॉरी बोलकर भागते हुए नजर आओगे और फिर लौट कर दुबारा अपना चेहरा भी नही दिखाओगे रजनी ने राजीव को अपने हाथों से हल्के हल्के धकेलते हुए गुस्से से कहा

फिर अचानक से उसका लहजा बदल गया और वह बहुत प्यार से बोली राजीव तुम बहुत अच्छे हो और बहुत ही समझदार भी ये प्यार मोहब्बत सब बातें बकवास है ठंडे दिमाग से सोचो और कोई अच्छी सी लड़की को गर्लफ्रेंड बनाओ और फिर उसके साथ प्यार से जिंदगी बिताओ, मुझ जिंदा लाश में क्या रखा है मैं तुम्हे सिवाय दुख और तकलीफ के कुछ नही दे सकती कुछ भी नही दे सकती मेरी आत्मा पर मेरे दिल पर एक बहुत ही गहरा घाव है जो इतनी आसानी से नही भरेगा राजीव नही भरेगा कहते कहते रजनी फफक फफक कर रो पड़ी

राजीव ने लपक कर उसको अपने सीने में छुपा लिया और उसके आंसू को पोछने लगा और चुप करवाने लगा ।

रजनी चुप हो जाओ अब रोने के दिन गए तुम्हारे , मुझ पर भरोसा रखो सच मे तुम्हारी मासूमियत और भोला पन और ये सादगी भरा चेहरा मेरे दिल मे उतर गया है।

बस तुम हाँ बोल दो मैं अपने मम्मी पापा को आपके घर पर भेजता हूँ वो तुम्हारे घर वालो से बात चीत करके सब ठीक कर देंगे लेकिन ये सब करने से पहले मुझे तुम्हारी राय जाननी बहुत जरूरी है ,- राजीव रजनी के आंसू पोछता हुआ बहुत ही प्यार से बोला

राजीव तुम बहुत अच्छे लड़के हो और मैं तो क्या कोई भी तुम्हे मना नही करेगा लेकिन... रजनी कहते कहते चुप हो गयी

लेकिन क्या रजनी ? ,क्या लेकिन ? , मुझे बताओ राजीव रजनी की लेकिन सुनकर मानो तड़फ उठा

राजीव पहले मेरे बारे में सब जान लो मैं तुम्हारे लायक नही हूँ तुम मेरी कहानी सुनकर मुझसे शादी नही करोगे - रजनी ने

मानो धमाका किया

मतलब? - राजीव को कुछ भी समझ मे नही आया वह चौक कर बोला

रजनी ने अपनी सारी कहानी राजीव को बताई

राजीव बहुत ही ध्यान से रजनी की पूरी बात सुन रहा

अब तुम्ही बताओ ऐसी लड़की से कोई कैसे शादी कर सकता है राजीव, - रजनी ने अपनी नजर झुका कर कहा

बस इतनी छोटी सी बात, इसी लिए तुम मना कर रही थी पूरी बात सुनकार राजीव मुस्करा उठा
 
अब तो मेरी नजरो में तुम्हारी इज्जत और मान सम्मान और बढ़ गयी है रजनी सच मे मेरा फैसला बिल्कुल सही था मुझे अपनी पत्नी में जो कुछ चाहिए था तुममे वो सब है, ये सारी बाते बता कर तुमने प्रूफ कर दिया कि तुम मुझे कभी भी निरास नही करोगी तुम चाहती तो यह बात छुपा भी सकती थी लेकिन तुमने ऐसा नही किया रजनी, और किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने के लिए सच्चाई और भरोसा सबसे पहले चाहिए होता है ।अब तो कुछ भी हो जाये मैं तो सिर्फ तुमसे ही शादी करूँगा रजनी - राजीव मुस्कुरा कर प्यार से बोला

रजनी ने राजीव को देखा उसकी आंखें आँसूओ से डबडबाई हुई थी

बस बहुत रो चुकी तुम रजनी , तुम्हारे ये आंसू बहुत ही अनमोल है इन्हें सम्हाल कर रखो मैं तुमसे वादा करता हूँ कि अब से तुम्हारे आंखों से आंसूओ की बिदाई हो गयी है और अब सिर्फ और सिर्फ ओठो पर मुस्कुराहट ही रहेंगी राजीव ने प्यार से कहा

राजीव की बाते सुनकर रजनी एक बार फिर से फफक पड़ी और इस बार रजनी खुद राजीव के बाहो में समा गई और राजीव ने भी उसे अपने बाहो के घेरे में कैद कर लिया और प्यार से उसका सिर सहलाने लगा ।

बहुत दिनों बाद रजनी को इतना सूकून मिल रहा था वह राजीव के बाहो में मानो खुद को सुरक्षित महसूस रही थी ऐसा लग रहा था मानो ये राजीव की बाहे न हो बारिश में भीगती हुई चिड़िया को छत मिल गई हो

काफी देर तक वह राजीव के सीने से चिपकी रही और फिर दोनों अलग हुए ।

मैं घर पहुच कर अपने मम्मी पापा को तुम्हारे पास भेजता हूँ बस तुम अब जल्द से जल्द मेरी होने की तैयारी कर लो

रजनी राजीव ने रजनी के सर को सहलाते हुए कहा

रजनी ने नजर उठा कर राजीव को देखा उसके आंखों में राजीव के लिए बेसुमार प्यार और सम्मान था

उसने अपनी नजर झुका लिया मानो अपनी मूक सहमति राजीव को दे दी हो

अच्छा अब तुम आराम करो थक गई होगी मैं भी जाता हूँ सुबह सुबह हमे वापस नगीना के लिए निकलना है राजीव ने कहा

ठीक है राजीव गुड नाईट रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा

गुड नाईट राजीव ने भी मुस्करा कर जबाब दिया उर फिर कमरे से बाहर निकल गया

रजनी ने दरवाजा बंद किया और वापस आकर फिर से बिस्तर पर लेट गयी लेकिन उसकी आँखों से नींद कोसो दूर थी अभी अभी उसके लाइफ में ये जो खूबसूरत से वाकया हुआ था उसे उस पर बिल्कुल भरोसा नही हो रहा था उसने कभी सपने में में भी नही सोचा था कि सब कुछ जानने के बाद भी राजीव उससे अपनाने के लिए तैयार हो जाएगा

कही मैं कोई सपना तो नही देख रही हूँ रजनी का दिमाग इस

पूरे वाकये को मानने के लिए तैयार नही था

रजनी ने अपने हाथ से ही अपने कलाई में जोर से चुटकी भरी

आह ..रजनी की कलाई चुटकी काटने से लाल हो गयी और तेज दर्द हुआ

नही ये सब सच मे हो रहा है मैं कोई सपना नही देख रही हूँ- रजनी ने कहा

है मुरली धर कृष्ण कन्हैया है जगत के उद्धारक है परम पिता परमात्मा इतनी छोटी सी उम्र में आपने बहुत दुख दे दिया है बहुत सह चुकी हूँ लेकिन प्लीज अब ऐसा कुछ मत करना जो सहन न हो अब मैं कुछ भी नही सह पाउंगी प्रभु अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना जैसे तैसे वो सब तो मैं झेल गयी लेकिन अगर इस बार कुछ भी हुआ तो फिर इस बार मैं जी नही पाउंगी मैं मर ही जाउंगी अब मेरी जिंदगी की डोर तुम्हारे हाथ मे है कान्हा मेरी रक्षा करना रजनी ने दिल से प्राथना की

उसने आंखे बंद कर ली और सोने की कोशिश कर ने लगी

लेकिन आंखे बंद करते ही उसे राजीव के साथ हुई पहली टक्कर याद आ गयी और सब कुछ उसकी आँखों के सामने किसी चलचित्र की तरह से चलने लगा

एक एक वाक्या उसके आंखों के आगे से चलता रहा और फिर सोचते सोचते रजनी को नींद आगयी ।

लावण्या सुबह सो कर उठी तो रात की उसकी और सार्थक की हुई सारी बाते उसे याद आगयी

लावण्या भारी मन से पूनम के पास पहुची पूनम जाग गयी थी और लावण्या के दिये हुए फोन पर कुछ देख कर मुस्कुरा रही थी ।

लावण्या ने अपने चेहरे परदुनिया भर की सख्ती समेट ली और फिर पूनम को बुलाया

पूनम क्या कर रही हो - लावण्या ने कहा

कुछ नही भाभी देखो लक्ष्य ने सुबह सुबह कितना अच्छा जोक भेज है पढ़ कर हंसी ही नही रुक रही पूनम मुस्कुराती हुई बोली

पूनम ये मेरा मोबाइल मुझे दे दो इसकी तुम्हे कोई जरूरत नही है- लावण्या ने कहा

पूनम चौक कर लावण्या की तरफ देखने लगी मानो उसे उसके कानों पर यकीन ही नही हुआ हो ।

लावण्या का चेहरा कठोर था और ओठो पर मुस्कुराहट गायब थी ।

लेकिन भाभी ... आपने ही तो मुझे दिया था यह मोबाइल और अपना सिम कार्ड की जिससे मैं कही भी जाऊ तो आपके टच में रहू - पूनम ने कहा

हां उस समय तुम्हे बार बार अकेले बाहर जाना पड़ रहा था इसीलिए दिया था लेकिन अब तुम कही नही जा रही हो इसी लिए अब तुम्हे मोबाइल की भी कोई जरूरत नही है - लावण्या ने कहा

लेकिन भाभी ये मोबाइल एक्सट्रा है आपके पास तो दूसरा है रहने दो इसे मेरे पास आपके पास रखा ही रहेगा- पूनम ने कहा

नही मुझे इसकी जरूरत है तुम इसे मुझे देदो लावण्या बोली

पूनम को कुछ भी समझ मे नही आया उसने अनमने भाव से मोबाइल लावण्या के हवाले कर दिया हालांकि उसका देने का बिल्कुल भी दिल नही कर रहा था ।

लावण्या ने मोबाइल लिया और वहां से वापस चली गयी ।
 
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