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Guest
ये हुई न बात अब जल्दी से आओ मैं तुम्हारा इन्तेजार कर रहा हूँ राजीव को मानो मुँह माँगी मुराद मिल गयी हो वह खुशी से खिल गया
थोड़ी देर बाद रजनी बाहर आई और फिर राजीव और रजनी दोनो कपड़े लेने निकल पड़े ।
अगली सुबह लावण्या सो कर उठी आज उसका बर्थडे था तो वह बहुत खुश थी,सार्थक सो रहा था उसने सोते हुए सार्थक को प्यार से देखा वह बहुत ही मासूम और प्यारा लग रहा था अचानक लावण्या को अपने कल के बोले गए झूठ की याद आयी ।
आई एम सॉरी सार्थक मैं मजबूर हूँ , इसी वजह से मैने तुम्हे पूरी बात नही बताई मुझे माफ़ कर देना मैने जो कुछ किया है तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए किया है - लावण्या ने मन ही मन सोचा
वह उठ कर नहाने चली गयी करीब एक घंटे बाद जब वापस आयी तो अब भी सार्थक सो ही रहा था लावण्या ने मुस्करा कर सार्थक को देखा और फिर उसके पास पहुची ।
सार्थक उठिए, सुबह हो गयी लावण्या ने सार्थक को हल्के से झकझोरा लेकिन सार्थक गहरी नींद में सो रहा था ।
लावण्या को सार्थक पर प्यार आरहा था इसी लिए उसने अपने भीगे बालो को सार्थक के चेहरे पर रख दिया और सार्थक को जगाने लगी ।
गीले बालों को अपने चेहरे पर महसूस कर के सार्थक कुनमुनाया
लावण्या ने अपने बालों को सार्थक के चेहरे से हटाया और उसके चेहरे को अपने हाथों में भर कर दुलार से कहा , अब उठ भी जाइये मेरे लवली वाले पतिदेव देखिये सुबह हो रही है और यह कहते हुए उसने अपने ओठो से सार्थक के गालों को चूम लिया
सार्थक की आंखे खुल गयी उसने लावण्या को अपने इतने पास पाकर लावण्या को कस कर पकड़ लिया उसके ओठो पर भी एक मुस्कुराहट आ गयी
अरे छोड़िए न ये तो चीटिंग है मैं आपको जगा रही थी और आप ने मुझे पकड़ दिया लावण्या सार्थक के इस तरह पकड़ लेने पर छूटने के लिए कसमसाई
नही छोडूंगा आज क्या बात है, आज तो कुछ ज्यादा ही मेहरबान है आप, सुबह सुबह ही मुह मीठा करवा रही है
सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा उसके आंखों में एक अजीब सी शरारत साफ साफ महसूस हो रही थी ।
ऐसे पूछ रहे है जैसे आपको मालूम ही नही है लावण्या ने सार्थक के सीने पर अपना सिर रख दिया और नजर झुकाते हुए बोली
नही सच मे नही मालूम है क्या बात है - सार्थक बोला
सार्थक ,आप ऐसा कैसे कर सकते है ये गलत है , आप , आप याद कीजिये कि आज क्या है - लावण्या ने मचलते हुए कहा
सार्थक ने मानो याद करने की कोशिश की और फिर थोड़ी देर बाद बोला
बताओ न लावण्या सच मे मुझे नही याद है क्या है आज
लावण्या को थोड़ा बुरा लगा उसे बहुत हैरानी हो रही थी कि सार्थक को उसका बर्थडे बिल्कुल याद नही है
तो फिर ठीक है आपको नही याद है तो याद कीजिये मैं नही बताने वाली और मुझे छोड़िए अब और आप भी उठ जाइये जाकर फ्रेस हो जाइये - लावण्या ने मायूसी से कहा ।
हाँ यार लावण्या आज ऑफिस में एक जरूरी मीटिंग भी है तो जल्दी जाना है सार्थक ने लावण्या को छोड़ दिया और उठते हुए बोला
आज भी आप ऑफिस जाएंगे - लावण्या ने आश्चर्य से पूछा
हाँ क्यो आज तो मुझे हर हाल में जाना पड़ेगा बहुत जरूरी काम है - सार्थक बोला
लावण्या मायूस हो गयी उसकी सारी खुशी और सारी एक्साइटमेंट खत्म हो गयी सार्थक के साथ शादी के बाद उसका यह पहला बर्थडे था और उसने क्या क्या सपने देखे थे लेकिन सार्थक को याद भी नही था ।
सेलिब्रेट करने को तो छोड़ ही दे वो तो आफिस जाने की बात कर रहा था ।
सार्थक उठा और रोज की तरह बाथरूम चला गया लावण्या उदास हो गयी थी उसे सार्थक से ऐसी उम्मीद नही थी । शादी के बाद उसका पहला बर्थडे और सार्थक को याद भी नही था ,उसने बिश भी नही किया
करीब एक घंटे बाद सार्थक नहा कर बाहर निकला ।
लावण्या,लाओ नास्ता दो जल्दी से मुझे अभी निकलना पड़ेगा - सार्थक ने लावण्या से कहा
लावण्या हड़बड़ा कर उठी सुबह सुबह ही उसका पूरा मूड खराब हो चुका था सार्थक का ऐसा रियेक्सन देख कर वह बहुत उदास थी इसी वजह से उसे नास्ता बनाने का बिल्कुल ध्यान ही नही रहा ।
बस आप थोड़ी देर रुकिये मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या हड़बड़ाते हुए उठी जबसे सार्थक नहाने गया था तबसे वह एक जगह बैठी सोच रही थी इसीलिए उसने अभी तक नास्ता भी नही बनाया था ।
मतलब अभी तक नास्ता भी नही रेडी किया ,क्या यार लावण्या मैने तुम्हे बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है फिर भी कितनी लापरवाह हो गयी हो , यार बताओ अभी तक नास्ता भी नही बनाया मुझे देर हो रहा है - सार्थक भड़कते हुए गुस्से से बोला
लावण्या बिल्कुल शॉक्ड रह गयी आजतक सार्थक ने कभी भी उससे इस तरह से बात नही की थी और फिर आज उसका बर्थडे भी था लेकिन सार्थक बिश करना तो दूर उसपर गुस्सा कर रहा था वह आंखे फाड़ कर सार्थक को देख रही
थी मानो वह सार्थक न हो कोई भूत हो
क्या ? अब ऐसे क्या देख रही हो , लापरवाही करोगी तो डाँट खानी ही पड़ेगी न , मैने नहाने जाने से पहले ही बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है लेकिन तुम अपने धुन में रहती हो जाने कहा ध्यान है तुम्हारा - सार्थक ने गुस्से से कहा
लावण्या के आंखों में आँसू आ गए , आई एम सोरी सार्थक बस 5 मिनट रुको मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या ने कहा
अब मेरे पास रुकने का टाइम नही है , सच ही कहती है चाची तुम भी अब लापरवाही करने लगी हो जाने क्या कर रही हो सुबह से की अभी तक तुमसे नास्ता भी नही तैयार हो पाया , अब रहने दो मैं जा रहा हूँ बाहर ही कुछ खा लूंगा - सार्थक ने गुस्से से कहा और अपना बैग उठा कर बाहर जाने लगा
लावण्या को जोर से रुलाई फूटी लेकिन उसने अपने आँसूओ को जब्त कर लिया और दौड़ कर सार्थक के पास पहुची
सुनिए न सार्थक प्लीज दो मिनट लावण्या ने अपनी आवाज को भरकस शांत रखने की कोशिश की
क्या है? अब क्या हुआ ? यार लावण्या कही बाहर जाते हुए टोका मत करो जो भी काम हो पहले ही बोल दिया करो सार्थक आज जाने किस मूड में था एक बार फिर से चिल्लाया
सॉरी लावण्या ने गर्दन झुका कर कहा
हम्म बोलो क्या बात है इस तरह लावण्या के मायूस होने पर सार्थक थोड़ा नरमी से बोला उसने आज लावण्या को कुछ ज्यादा ही खींच दिया था और इसी वजह से उसने अपना लहजा नरम कर लिया
आप कुछ भूल नही रहे है , लावण्या ने मुस्कुराते हुए सार्थक को रिझाने की और एक बार फिर से अपना जन्म दिन याद दिलाने की कोशिश की
क्या भूल रहा हूँ पर्स ले लिया, रुमाल ले लिया , मोबाइल भी है , बैग भी ले लिया , सब तो ले लिया अब क्या भूल गया - सार्थक ने अपनी सारी जेबे टटोलते हुए कहा उसे लावण्या की ऐसी हालत देख कर बहुत मजा आरहा था
याद करो आज कौन सी तारीख है , आज कुछ स्पेसल है लावण्या ने इठलाते हुए सार्थक को याद करवाने की कोशिश
की
सार्थक ने अपने दिमाग पर जोर डालने का नाटक किया और फिर बोला, क्या है आज यार शाम को आकर बात करता हूँ , अभी जाने दो लेट हो रहा है मुझे जल्दी से जल्दी पहुचना है ।
लावण्या को जोर का गुस्सा आया और बहुत तकलीफ भी हुई उसने यह कभी नही सोचा था कि सार्थक उसका बर्थडे भूल जाएगा
अच्छा कितने बजे आओगे शाम को - लावण्या ने सार्थक से पूछा
वही जिस टाइम आता हूँ उसी टाइम आऊंगा लेकिन हो सकता है कि आज थोड़ा और देर हो जाये क्योकि आज मेरी एक जरूरी मीटिंग है तो देखो शायद देर तक रहना पड़े सार्थक ने एक और धमाका किया वह मन ही मन मुस्कुरा रहा था और लावण्या के दिल का हाल महसूस करके रोमांचित हो रहा था
थोड़ी देर बाद रजनी बाहर आई और फिर राजीव और रजनी दोनो कपड़े लेने निकल पड़े ।
अगली सुबह लावण्या सो कर उठी आज उसका बर्थडे था तो वह बहुत खुश थी,सार्थक सो रहा था उसने सोते हुए सार्थक को प्यार से देखा वह बहुत ही मासूम और प्यारा लग रहा था अचानक लावण्या को अपने कल के बोले गए झूठ की याद आयी ।
आई एम सॉरी सार्थक मैं मजबूर हूँ , इसी वजह से मैने तुम्हे पूरी बात नही बताई मुझे माफ़ कर देना मैने जो कुछ किया है तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए किया है - लावण्या ने मन ही मन सोचा
वह उठ कर नहाने चली गयी करीब एक घंटे बाद जब वापस आयी तो अब भी सार्थक सो ही रहा था लावण्या ने मुस्करा कर सार्थक को देखा और फिर उसके पास पहुची ।
सार्थक उठिए, सुबह हो गयी लावण्या ने सार्थक को हल्के से झकझोरा लेकिन सार्थक गहरी नींद में सो रहा था ।
लावण्या को सार्थक पर प्यार आरहा था इसी लिए उसने अपने भीगे बालो को सार्थक के चेहरे पर रख दिया और सार्थक को जगाने लगी ।
गीले बालों को अपने चेहरे पर महसूस कर के सार्थक कुनमुनाया
लावण्या ने अपने बालों को सार्थक के चेहरे से हटाया और उसके चेहरे को अपने हाथों में भर कर दुलार से कहा , अब उठ भी जाइये मेरे लवली वाले पतिदेव देखिये सुबह हो रही है और यह कहते हुए उसने अपने ओठो से सार्थक के गालों को चूम लिया
सार्थक की आंखे खुल गयी उसने लावण्या को अपने इतने पास पाकर लावण्या को कस कर पकड़ लिया उसके ओठो पर भी एक मुस्कुराहट आ गयी
अरे छोड़िए न ये तो चीटिंग है मैं आपको जगा रही थी और आप ने मुझे पकड़ दिया लावण्या सार्थक के इस तरह पकड़ लेने पर छूटने के लिए कसमसाई
नही छोडूंगा आज क्या बात है, आज तो कुछ ज्यादा ही मेहरबान है आप, सुबह सुबह ही मुह मीठा करवा रही है
सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा उसके आंखों में एक अजीब सी शरारत साफ साफ महसूस हो रही थी ।
ऐसे पूछ रहे है जैसे आपको मालूम ही नही है लावण्या ने सार्थक के सीने पर अपना सिर रख दिया और नजर झुकाते हुए बोली
नही सच मे नही मालूम है क्या बात है - सार्थक बोला
सार्थक ,आप ऐसा कैसे कर सकते है ये गलत है , आप , आप याद कीजिये कि आज क्या है - लावण्या ने मचलते हुए कहा
सार्थक ने मानो याद करने की कोशिश की और फिर थोड़ी देर बाद बोला
बताओ न लावण्या सच मे मुझे नही याद है क्या है आज
लावण्या को थोड़ा बुरा लगा उसे बहुत हैरानी हो रही थी कि सार्थक को उसका बर्थडे बिल्कुल याद नही है
तो फिर ठीक है आपको नही याद है तो याद कीजिये मैं नही बताने वाली और मुझे छोड़िए अब और आप भी उठ जाइये जाकर फ्रेस हो जाइये - लावण्या ने मायूसी से कहा ।
हाँ यार लावण्या आज ऑफिस में एक जरूरी मीटिंग भी है तो जल्दी जाना है सार्थक ने लावण्या को छोड़ दिया और उठते हुए बोला
आज भी आप ऑफिस जाएंगे - लावण्या ने आश्चर्य से पूछा
हाँ क्यो आज तो मुझे हर हाल में जाना पड़ेगा बहुत जरूरी काम है - सार्थक बोला
लावण्या मायूस हो गयी उसकी सारी खुशी और सारी एक्साइटमेंट खत्म हो गयी सार्थक के साथ शादी के बाद उसका यह पहला बर्थडे था और उसने क्या क्या सपने देखे थे लेकिन सार्थक को याद भी नही था ।
सेलिब्रेट करने को तो छोड़ ही दे वो तो आफिस जाने की बात कर रहा था ।
सार्थक उठा और रोज की तरह बाथरूम चला गया लावण्या उदास हो गयी थी उसे सार्थक से ऐसी उम्मीद नही थी । शादी के बाद उसका पहला बर्थडे और सार्थक को याद भी नही था ,उसने बिश भी नही किया
करीब एक घंटे बाद सार्थक नहा कर बाहर निकला ।
लावण्या,लाओ नास्ता दो जल्दी से मुझे अभी निकलना पड़ेगा - सार्थक ने लावण्या से कहा
लावण्या हड़बड़ा कर उठी सुबह सुबह ही उसका पूरा मूड खराब हो चुका था सार्थक का ऐसा रियेक्सन देख कर वह बहुत उदास थी इसी वजह से उसे नास्ता बनाने का बिल्कुल ध्यान ही नही रहा ।
बस आप थोड़ी देर रुकिये मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या हड़बड़ाते हुए उठी जबसे सार्थक नहाने गया था तबसे वह एक जगह बैठी सोच रही थी इसीलिए उसने अभी तक नास्ता भी नही बनाया था ।
मतलब अभी तक नास्ता भी नही रेडी किया ,क्या यार लावण्या मैने तुम्हे बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है फिर भी कितनी लापरवाह हो गयी हो , यार बताओ अभी तक नास्ता भी नही बनाया मुझे देर हो रहा है - सार्थक भड़कते हुए गुस्से से बोला
लावण्या बिल्कुल शॉक्ड रह गयी आजतक सार्थक ने कभी भी उससे इस तरह से बात नही की थी और फिर आज उसका बर्थडे भी था लेकिन सार्थक बिश करना तो दूर उसपर गुस्सा कर रहा था वह आंखे फाड़ कर सार्थक को देख रही
थी मानो वह सार्थक न हो कोई भूत हो
क्या ? अब ऐसे क्या देख रही हो , लापरवाही करोगी तो डाँट खानी ही पड़ेगी न , मैने नहाने जाने से पहले ही बोला था कि मुझे जल्दी निकलना है लेकिन तुम अपने धुन में रहती हो जाने कहा ध्यान है तुम्हारा - सार्थक ने गुस्से से कहा
लावण्या के आंखों में आँसू आ गए , आई एम सोरी सार्थक बस 5 मिनट रुको मैं अभी नास्ता बना देती हूँ लावण्या ने कहा
अब मेरे पास रुकने का टाइम नही है , सच ही कहती है चाची तुम भी अब लापरवाही करने लगी हो जाने क्या कर रही हो सुबह से की अभी तक तुमसे नास्ता भी नही तैयार हो पाया , अब रहने दो मैं जा रहा हूँ बाहर ही कुछ खा लूंगा - सार्थक ने गुस्से से कहा और अपना बैग उठा कर बाहर जाने लगा
लावण्या को जोर से रुलाई फूटी लेकिन उसने अपने आँसूओ को जब्त कर लिया और दौड़ कर सार्थक के पास पहुची
सुनिए न सार्थक प्लीज दो मिनट लावण्या ने अपनी आवाज को भरकस शांत रखने की कोशिश की
क्या है? अब क्या हुआ ? यार लावण्या कही बाहर जाते हुए टोका मत करो जो भी काम हो पहले ही बोल दिया करो सार्थक आज जाने किस मूड में था एक बार फिर से चिल्लाया
सॉरी लावण्या ने गर्दन झुका कर कहा
हम्म बोलो क्या बात है इस तरह लावण्या के मायूस होने पर सार्थक थोड़ा नरमी से बोला उसने आज लावण्या को कुछ ज्यादा ही खींच दिया था और इसी वजह से उसने अपना लहजा नरम कर लिया
आप कुछ भूल नही रहे है , लावण्या ने मुस्कुराते हुए सार्थक को रिझाने की और एक बार फिर से अपना जन्म दिन याद दिलाने की कोशिश की
क्या भूल रहा हूँ पर्स ले लिया, रुमाल ले लिया , मोबाइल भी है , बैग भी ले लिया , सब तो ले लिया अब क्या भूल गया - सार्थक ने अपनी सारी जेबे टटोलते हुए कहा उसे लावण्या की ऐसी हालत देख कर बहुत मजा आरहा था
याद करो आज कौन सी तारीख है , आज कुछ स्पेसल है लावण्या ने इठलाते हुए सार्थक को याद करवाने की कोशिश
की
सार्थक ने अपने दिमाग पर जोर डालने का नाटक किया और फिर बोला, क्या है आज यार शाम को आकर बात करता हूँ , अभी जाने दो लेट हो रहा है मुझे जल्दी से जल्दी पहुचना है ।
लावण्या को जोर का गुस्सा आया और बहुत तकलीफ भी हुई उसने यह कभी नही सोचा था कि सार्थक उसका बर्थडे भूल जाएगा
अच्छा कितने बजे आओगे शाम को - लावण्या ने सार्थक से पूछा
वही जिस टाइम आता हूँ उसी टाइम आऊंगा लेकिन हो सकता है कि आज थोड़ा और देर हो जाये क्योकि आज मेरी एक जरूरी मीटिंग है तो देखो शायद देर तक रहना पड़े सार्थक ने एक और धमाका किया वह मन ही मन मुस्कुरा रहा था और लावण्या के दिल का हाल महसूस करके रोमांचित हो रहा था