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अदला बदली और सामूहिक चुदाई complete

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मिनी – मैं कैसे बोलूं की अपने बेटे को की बेटा, जब भी मेरी डियर दोस्त कोमल की बेटी डॉली को चोदना, कॉंडम लगा लेना.. ..

कोमल – क्यूँ इसमे क्या बुराई है, अपने बेटे को लेसन दे रही हो.. .. मैं उसके लंड में कॉंडम पहनने को नहीं बोले रही बस उसे एक लेसन देनी चाहिए, डॉली और राज दोनों यदि इसे फॉलो करेंगे तो अच्छा होगा.. .. नहीं तो कभी एक का मन इधर उधर हुआ और वो ग़लती कर बैठे, भुगतने वाले हम ही हैं.. ..

मिनी – हाँ ठीक बोले रही है, बात करूँगी उससे.. ..

कोमल – आज ही कर ले, क्यूँ की उधर हम छुट्टी में चुदाई कर रहे होंगे, इधर ये दोनों कुछ ना कुछ प्लान कर लेंगे.. .. तू क्यूँ हंस रही है रूचि, तेरे भी बच्चे एक दिन बड़े होंगे.. ..

रूचि – कुछ नहीं दीदी.. ..

मिनी – तो हंस क्यूँ रही है ..?..

रूचि – वो कोमल दीदी ने बोला ना जब की राज दूध पिता बच्चा है, तो इमेजिन कर रही थी की यदि राज अभी आपका दूध पिया तो कैसा होगा ..?..

मिनी – हम सब की अम्मा है ये, इमेजिन करने में.. .. देख ले.. कल तक लंड को बाबू और चूत को जाने क्या बुला रही थी.. .. अब तूने इसे क्या बना दिया.. ..

कोमल – हाँ है तो ये सब की बाप इन सब में, याद नहीं है कैसे तेरी चूत खाई थी इसने.. ..

मिनी – हाँ, दीवाना बना दिया था इसने तो अपने करामाती चूत चुसाई से.. ..

रूचि – दीदी, आप लोग की सामने ही तो बोल पाती हूँ.. .. अमन तो अभी भी बाबू में अटका हुआ है.. ..

मिनी – कोमल, चल फिर मैं राज से अभी ही बात कर लेती हूँ.. .. आ जा लिविंग रूम में, मैं उसे बुलाती हूँ.. .. आख़िर तेरी बेटी को चोदता है ना तो तू भी आ जा.. ..

कोमल – नहीं, जा ना तू अकेले बोले दे.. ..

मिनी – चल ना साथ, अकले के चक्कर में मैं शरमाती रह जाउंगी.. ..

कोमल – अच्छा चल.. ..

रूचि – मुझे भी चलना है.. ..

मिनी – तू यही रह, सुनना है की क्या बातें हो रही है तो दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ देती हूँ.. .. सुन लेना.. ..

फिर मैं और कोमल दोनों लिविंग रूम में बैठ गये और मैंने राज को आवाज़ लगाई..

वो अपने कमरे से बाहर आया.. मैंने उसे बैठने को कहा..

मिनी – राज, क्या चल रहा है आज कल ..?..

राज – सब ठीक है, माँ.. ..

मिनी – मुझे तूने बताया नहीं की तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी है.. ..

राज – नहीं माँ, मैं और डॉली बस दोस्त हैं.. ..

मिनी – अच्छा ..?..

राज – ओ के .. मम्मी, सॉरी.. .. हाँ हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं.. .. आई लव हर माँ.. .. आप गुस्सा मत करना और कोमल आंटी, आप भी गुस्सा मत करना.. ..

कोमल – नहीं, मैं गुस्सा नहीं कर रही.. ..

मिनी – राज, पर तुम सीरीयस हो ना, तुमने डॉली को कमिटमेंट करी है ..?.. टाइम पास मत करना, दोनों एक दूसरे के साथ.. .. तुम्हें मालूम है की मैं कोमल कितने अच्छे दोस्त हैं.. .. तो यदि तुम्हें डॉली को डेट करना है तो उससे शादी भी करनी होगी.. ..

राज – हाँ माँ, आप ऐसा क्यूँ बोले रही हो.. .. मैं आपका बेटा हूँ.. .. मैं हमेशा डॉली से ईमानदार रहूँगा.. ..

मिनी – तो तुम दोनों डेट ही कर रहे हो या कुछ ज़्यादा भी.. ..

राज – नहीं माँ, अभी तो बस डेट पे ले के जाता हूँ.. ..

कोमल – रियली ..?..?..?..

राज – सॉरी मम्मी, पर आपकी कसम मैंने आज तक डॉली के साथ सेक्स नहीं किया है ..?..

मिनी – फिर ..?..?..?..

राज – बस मम्मी, पप्पी झप्पी और कभी कभी ओरल.. ..

कोमल – डरो मत राज, हम तुम्हारी क्लास नहीं ले रहे.. .. यदि तुम दोनों डेट करोगे तो ये सब तो होगा ही ना.. ..

राज – आंटी यदि आप बोलॉगी तो मैं वो भी नहीं करूँगा, पर .. ..

मिनी – बेटा, कोई तुम्हें कुछ बोले नहीं रहा.. .. पर क्यूँ की तुम अब इस स्टेज पे आ चुके हो तो जब भी तुम डिसाइड करो अपने रिलेशन्षिप को एक स्टेप बढ़ने की, तो समझदारी बरतना.. .. समझ रहे हो मैं क्या बोले रही हूँ ..?..

राज – नहीं मम्मी.. ..

मिनी – मतलब जब भी तुम नेक्स्ट स्टेप पे जाओ, तो कॉंडम इस्तेमाल करना.. .. अभी समझ आया.. ..

राज, कुछ नहीं बोला..

कोमल – मतलब बेटा की जब भी तुम दोनों सेक्स करो, कॉंडम लगाओ.. ..

राज – हाँ आंटी, हाँ माँ, आई विल.. ..

मिनी – और लास्ट ये बात डॉली को मत बताना की मैंने और कोमल ने तुम्हें ऐसे बताया है.. .. क्यूँ की यदि तुमने बताया तो किसी ना किसी तरह से मुझे या कोमल को पता चल जाएगा.. फिर जो आज़ादी मिल रही है, सब बंद हो जाएगी..

फिर राज वादा करके चला गया.. मैं और कोमल बेडरूम में आ गये..

मिनी – ह्म.. .. उतना भी मुश्किल नहीं था.. .. फिर भी धन्यवाद कोमल फॉर हेल्प.. ..

रूचि – वेरी नाइस्ली डन दीदी.. .. आप दोनों से बहुत कुछ सीखना है.. .. मैं तो दीवानी हो गई हूँ आप दोनों की.. ..

तब तक जय और अमन भी कोमल और रूचि की पिक करने आ गये थे..

मैंने उन सबो को बाइ किया.. रंगीला थोड़े देर से वापस आए.. फिर हम सोने चले गये.. कल की ट्रिप मज़ेदार होने वाली थी..

 


अगली सुबह जैसा की डिसाइड हुआ था, हम सब होटेल के लिए निकल गये..

होल के बाहर ही हमने अपने अपने पार्ट्नर के साथ जोड़ी बना ली..

मैं अमन के साथ, रंगीला अंकिता के साथ, कोमल दीपक के साथ और रूचि जय के साथ..

हम सब ने चेक इन करा ली..

फिर सीधे लंच के लिए पहुचे..

लंच के बाद हम सब अपने अपने कमरे में चले गये..

मैंने जैसे ही रूम में एंटर किया.. मैंने देखा की अमन ने मेरे लिए फूलों का एक गुलदस्ता रखवाया था..

अमन – एक खूबसूरत लेडी के लिए खूबसूरत गुलदस्ता.. ..

मिनी – धन्यवाद अमन.. ..

अमन – धन्यवाद आपको दीदी, ऐसा अरेंज करने के लिए.. ..

मिनी – दीदी, तुम भी दीदी बुलाओगे.. ..

अमन – वो रूचि, हमेशा आपको “दीदी दीदी” बोलती है ना.. ..

मिनी – ठीक है कोई बात नहीं, तुम भी बुला लो.. .. फिर कुछ ही देर में अपनी दीदी को चोदने वाले हो.. .. बहन चोद बनोगे क्या.. ..

अमन – दीदी आप “चोदना, बहन चोद वर्ड” ऐसे ही इस्तेमाल कर लेती हैं.. .. मुझे तो बहुत शर्म आती है.. ..

मिनी – तुम जब अपने लंड को मेरे चूत में डालोगे तो उसे चोदना ही बोलते हैं.. .. जो बहन को चोदता है वो बहन चोद ही होता है.. ..

अमन – हाँ दीदी, मैं आपको चोदना चाहता हूँ.. .. बनना चाहता हूँ बहन चोद.. ..

मिनी – गुड और क्या क्या करना चाहते हो ..?.. और दीदी ही बुलाओगे या चोदना है तो कुछ और.. ..

अमन – दीदी दीदी बोल के चोदना ज़्यादा एग्ज़ाइटिंग साउंड कर रहा है.. .. पर ऐसा कुछ प्लान नहीं किया था, मैंने.. .. यदि आपको अच्छा नहीं लग रहा तो नहीं सही.. ..

मिनी – नहीं नहीं, असल में जब तुम दीदी बोले रहे तो मुझे भी ज़्यादा एग्ज़ाइटिंग लग रहा है.. .. आज तो मैं अपने छोटे, बहन चोद भाई अमन से ही चुदवाउंगी.. ..

अमन – धन्यवाद दीदी.. ..

मिनी – तुम्हारी दीदी को सूखा सूखा धन्यवाद नहीं चलता.. ..

अमन – फिर ..?..

मिनी – गीला गीला करके धन्यवाद लेती हूँ मैं.. ..

अमन – क्या पिलाऊं दीदी ..?..

मिनी – अपने लंड का रस पीला दो मेरे भाई.. .. अपनी दीदी के मुंह में अपना लंड दे दो.. .. उसके बाद दीदी खुद ही तुम्हारे लंड को मिल्क कर लेगी.. ..

अमन – दीदी, आप जबरदस्त माल हो.. .. मेरा लंड आपके मुंह में जाने के लिए उतावला हो रहा है.. ..

मिनी – अपने लंड को आज़ाद तो कर बहन चोद.. .. उसे सलामी लेने दे मेरी.. ..

फिर अमन ने जल्दी से अपना पैंट निकाला..

अंडरवियर खोलने ही वाला था की मैंने उसे पकड़ लिया..

फिर उसके लंड को अंडरवियर के ऊपर से टच करने लगी..

सही मैं उसका लंड टन के एक दम खड़ा हुआ था..

मैंने उसके लंड को थोड़ा सहलाया.. और फिर उसके लंड को अंडरवियर से बाहर किया.. ..

रूचि ने सही कहा था की उसका लंड 5..5 इंच का पर सच मैं एक जवान लंड हाथ में था..

जवान लंड का अपना अलग ही नशा है..

मुझे उसके लंड को नेकेड छू के बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था..

अमन – दीदी, मेरा लंड छोटा है ना ..?..

मिनी – नहीं रे, लंड नॉर्मल साइज़ का ही है पर मेरे हज़्बेंड से थोड़ा छोटा है.. .. कोई बात नहीं है.. .. तुम्हारी दीदी है ना, लंड की साइज़ से ज़्यादा उसका स्टॅमिना माइने रखता है और फिर कूदरत ने तेरे को थोड़ा छोटा बनाया तो क्या हुआ, इसकी मोटाई तो देख देखने से लगता है की ये मेरे मुंह में, चूत में गाण्ड में घुसेगा तो मज़ा देने वाला है.. .. मैं तो आज इस लंड को अपने हर छेद में लूँगी.. ..

अमन – धन्यवाद दीदी, मुझे लगा की आपको मेरा लंड पसंद नहीं आएगा.. ..

मिनी – पूरे ग्रूप में सबसे जवान लंड है तेरा, तुझसे तो सब चुदवाने के लिए तरस रहे हैं.. ..

अमन – सच दीदी.. ..

मिनी – हाँ रे.. ..

फिर मैंने उसके लंड के सुपाड़े से स्किन को हटाया..

प्री कम से उसका सुपाड़ा चमक रहा था..

मैंने हाथ से ही उसके लंड की मालिश शुरू की.. थूक से उसके लंड को गीला किया और उसके लंड को मसलने लगी..

अमन ने आँखें बंद कर ली, और मज़े लेने लगा..

फिर, मैंने उसके लंड के सुपाड़े को बस अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगी..

उसका लंड काफ़ी अमाउंट में प्री कम छोड़ रहा था मैं सारा का सारा चूस रही थी..

सच में, एक अलग सी कशिश थी उसके लंड में..

अमन – दीदी आप बहुत अच्छा चूसती हो, मेरा पूरा लंड ले लो ना अपने मुंह में.. ..

मिनी – धीरे धीरे मेरे भाई, पहले तेरे सुपाड़े को तो अच्छे से चूस लूँ.. ..

फिर मैंने एक हाथ से उसके बॉल्स को सहलाना शुरू किया, दूसरे हाथ से उसके लंड को पकड़ के उसके सुपाड़े को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी..

वो बीच बीच में अपनी गाण्ड उठा उठा के मेरे मुंह में पूरा लंड डालने की कोशिश कर रहा था..

फिर मैंने उसकी बात मान ली और उसके पूरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया..

थोड़ी देर तक अंदर ही उसके लंड को निचोड़ने लगी..

फिर मैंने उसे ब्लो जोब देना शुरू किया.. पूरा लंड अपने मुंह में लेने लगी और बाहर निकलते वक़्त सुपाड़े को ज़ोर से चूस के फिर से पूरा लंड अंदर ले रही थी..

अमन और भी ज़ोर ज़ोर से अपनी गाण्ड उठा उठा के मेरे मुंह में धक्के देने लगा था..

जब उसका लंड पूरा मेरे मुंह में होता, तो मेरा मुंह पूरा भर जाता था..

अच्छा मोटा था, उसका लंड..

फिर मैंने उसके लंड को बाहर निकाला और अपना टॉप और ब्रा भी निकल के साइड में रख दिया..

उसके लंड को अपने हाथ से पकड़ के मैंने अपनी दोनों चुचियों को थपकना शुरू किया..

अपने निप्पल से उसके लंड के छेद के पास सहलाने लगी..

फिर उसके लंड को चूसने लगी..

अमन अभी भी आँखें बंद कर के मज़े ले रहा था..

 
जब मैं उसकी लंड को चूस रही थी, उसने मेरे बूब्स को सहलाना शुरू किया..

फिर मैंने खुद को थोड़ा अड्जस्ट किया और उसके लंड को दोनों चुचियों के बीच रखा.. फिर दोनों हाथों से चुचियों को दबा के उसके लंड को अपने चुचियों के बीच क़ैद कर लिया..

फिर अपने बूब्स को ऊपर नीचे करके मैं उसके लंड से अपने चुचियों को चोदने लगी..

उसका प्री कम में चुचियों में लगने लगा था..

थोड़ी देर ऐसे ही अपनी चुचियों को चोदने के बाद, मैंने उसके लंड को अपने चुचियों की क़ैद से आज़ाद किया..

मेरी चुचियाँ उसके प्री कम से भरी हुई थी इसलिए मैंने अपनी ही चुचि को हाथों से अपने मुंह की और लाई और उसके प्री कम को चाटने की कोशिश करने लगी..

फिर भी काफ़ी जगह मेरी जीभ नहीं जा पा रही थी..

अमन ये देखते ही उठा और उसने उंगलियों से सारे प्री कम इकट्ठा किया और मेरे मुंह में डाल दिया.. फिर वो मेरे दोनों चुचियों को दोनों हाथों से पकड़ के मम्मो को ध्यान से देखने लगा..

मिनी – दबा ना अपनी दीदी की चुचियाँ, देख क्या रहा है.. ..

फिर उसने दोनों हाथों से मेरी दोनों चुचियों को दबाना शुरू किया..

मैंने उसे और भी ज़ोर से दबाने को बोला..

उसने भी पूरी ज़ोर लगा के मेरी चुचियों को मसलना शुरू किया..

फिर उसने मेरी राइट वाली चुचि को अपने मुंह में लिया और लेफ्ट वाली को प्यार से सहलाने लगा..

मैंने भी अपनी हाथों से अपनी राइट वाली चुचि को उसके मुंह में अच्छे से डाल दिया..

उसने भी अब मेरे निप्पल को सक करना शुरू किया..

मैं भी काफ़ी गरम होने लगी थी अपनी निप्पल चूसवा के.. ..

मैंने उसके मुंह को अपने निप्पल में ज़ोर से दबा दिया..

वो भी एक बच्चे की तरह मेरा निप्पल चूसे जा रहा था..

मैं भी नीचे गीली हो रही थी..

फिर मैंने अपनी स्कर्ट और पैंटी निकल दी और फिर से उसको मेरी चुचियों में दबा लिया..

मैंने अपनी चूत को साथ ही साथ सहलाना शुरू किया..

मैं बेड पे बैठ के चुचि चुसवा रही थी और अपनी चूत को सहला रही थी..

फिर अमन अचानक से उठा और लंड को अपनी हाथों में ले के मेरे मुंह में फिर से डाल दिया..

मैं भी एक हाथ से अपनी चूत सहलाते हुए उसके लंड को फिर से ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी..

वो अपने हाथ से एक एक करने मेरी दोनों चुचियों को दबा भी रहा था..

मैं जीतने ज़ोर से उसका लंड चूस रही थी, वो भी उतनी ही दम लगा के मेरी चुचि को मसल रहा था..

अमन – दीदी मैं रस छोड़ने वाला हूँ.. ..

मिनी – सारा रस अपनी दीदी के मुंह में छोड़ना, एक बूँद भी बर्बाद नहीं होना चाहिए.. ..

फिर अमन का लंड झटके मारते मारते, पानी छोड़ने लगा..

पानी इतना ज़्यादा था की सारा मेरे मुंह में डाइरेक्ट नहीं गया..

मेरे पूरे फेस पे उसके लंड का रस था..

इतना रस रंगीला के साथ स्टार्ट में मिलता था..

मैं अपने चेहरे से लंड के रस को उंगलियों से ले ले के अपने मुंह में डालने लगी..

अमन अभी अभी अपने लंड को हाथ में लिए लंड में लगे हुए रस को अपने उंगलियों से ले के मेरे मुंह में डालने लगा..

सच में मेरी प्यास बुझ गई थी.. इतना सारा लंड रस पी के.. ..

मिनी – अमन, ये तो काफ़ी ज़्यादा था.. .. मज़ा आ गया.. ..

अमन – दीदी मैंने 3 दिनों से बचा के रखा था.. .. रूचि ने बताया था की आपको लंड का रस पीना बहुत अच्छा लगता है इसलिए मैंने भी इसे स्टोर कर के रखा था और होप कर रहा था की आप ही मेरी पार्ट्नर बनोगी.. ..

मिनी – मैं कैसे किसी और की पार्ट्नर बनती, मुझे जवान लंड का रस पीने का इतना क्रेज़ था की मैंने सबसे पहले तुझे सेलेक्ट कर लिया था.. ..

अमन – पूरा लंड और उसका सारा रस आपका ही है दीदी.. .. जितना चाहे चूसती रहो.. ..

मिनी – चल थोड़ा वाइन पीते हैं दोनों और मेरे लिए एक सिगरेट भी जला.. ..

अमन – आप सिगरेट भी पीती हो ..?..

मिनी – नहीं हमेशा नहीं, पर सेक्स के बाद अच्छा लगता है.. ..

अमन – ठीक है दीदी, आप सोफे पे अपनी चूत फैला के बैठ जाओ.. .. मैं वाइन लाता हूँ और सिगरेट भी जलाता हूँ.. ..

फिर अमन ने 2 वाइन ग्लास में लाल वाइन सर्व किया और दो सिगरेट जलाए..

एक मुझे दे दिया और दूसरा खुद ही पीने लगा..

मैं सोफे पे आराम से बैठ के वाइन और सिगरेट का मज़ा लेने लगी..

मैं अपने पैर फैला के रखे थे, चूत खुला हुआ था..

अमन मेरी चूत के पास बैठ कर ही वाइन पी रहा था और सिगरेट पी रहा था..

अमन ने फिर एक ज़ोर का कश लिया सिगरेट से, सिगरेट को साइड में रखा और मेरी चूत को दोनों हाथो से फैला के उसने सारा धुआँ मेरी चूत के अंदर डाल लिया..

मैं भी चूत में धुएँ की गर्मी महसूस करने लगी..

फिर मैंने जैसे ही चूत को ढीला छोड़ा, चूत से सारा धुआँ बाहर निकालने लगा..

अमन ने मोबाइल से एक पिक क्लिक करी और दिखाई..

ऐसा लगा रहा था की मेरी चूत सिगरेट पीके धुएँ छोड़ रही हो..

फिर उसने मेरी चुचियों में सिगरेट का स्मोक डालना शुरू किया..

मैं उसकी इस हरकत को एंजाय कर रही थी और वाइन के मज़े ले रही थी.. दोनों की सिगरेट ख़त्म हो गई..

फिर अमन ने थोड़ी सी वाइन मेरी चूत में डाली और एक दम से मेरी चूत में टूट पड़ा..

उसने पहले सारी वाइन को चूत से सॉफ किया..

फिर अपनी 3 उंगलियाँ मेरी चूत में डाली और मेरी चूत की चुदाई अपनी उंगली से करने लगा..

साथ ही, उसने मेरी मूतने की जगह को अपने मुंह से खाना शुरू किया..

मेरे पूरे शरीर में गुदगुदी मच रही थी..

फिर भी मैं कंट्रोल करके मज़े ले रही थी..

वो काफ़ी अच्छा लीक कर रहा था..

समझ में आया की रूचि नहीं इससे ही सीखा है चूत को खाना..

उसने मेरी चूत में अपनी उंगलियों का प्रहार चालू रखा और ज़ोर ज़ोर से चूत को खाने भी लगा.. मैं तो पहले से ही गरम थी..

मैंने भी पानी छोड़ना शुरू किया..

अमन ने भी अब उंगलियाँ निकाली और मुंह मेरी चूत में लगा के पानी पीने लगा..

काफ़ी ज़ोर ज़ोर से वो मेरी चूत को चूस रहा था, चूत भी उसकी चूसाई से काफ़ी पानी छोड़ रही थी..

उसने मेरी चूत पर थोड़ी भी रहम नहीं दिखाई..

वो मेरी चूत को अपनी जीभ से लगातार चोदता रहा..

मुझसे रहा नहीं जा रहा था.. मेरी चूत अब उसके लंड के लिए तड़प रही थी..

मिनी – अमन, अब डाल भी दो अपना लंड मेरी बुर में.. .. मेरी बुर तड़प रहा है तुम्हारे लंड के लिए.. ..

फिर मैं सोफे पे मूड के लेट गई, अमन का लंड फिर से तैयार था.. उसने अपने लंड को मेरे मुंह में डाला..

अमन – दीदी, पहले थोड़ा और चूस लो, मेरे लंड को.. ..

मैंने उसके लंड को फिर से चूसना शुरू किया..

दोनों काफ़ी गरम हो गये थे.. मैं अपनी चूत में खुद ही उंगली करने लगी थी..

फिर अमन ने अपने लंड को मेरे मुंह से निकाला और सोफे पे दूसरे तरफ जा के अपने लंड को मेरी चूत के पास सहलाने लगा..

मैंने पैरों से उसे क़ैद किया और जकड़ के उसे और भी अंदर लेने लगी.. उसे समझ आ गया था की मुझे अब लंड चाहिए..

उसने फिर मेरी चूत में अपने लंड का सुपाड़ा डाला, थोड़ी देर लंड को उसी पोज़िशन में हिलाया और सुपाड़े को फिर चूत से निकाल दिया..

फिर उसने अपनी लंड को पकड़ के मेरी चूत को थपथपाना शुरू किया..

मेरी चूत को वो तडपा तडपा के चोदने की मूड में था..

फिर से उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला और इस बार पहले से थोड़ा ज़्यादा..

लंड को अंदर ही रख के उसने मेरी चुचियों पे प्रहार किया.. मेरी दोनों चुचि को एक एक करके चूसने लगा..

फिर उसने अपना लंड चूत से बाहर निकाला और इस बार अपने लंड से मेरे चुचि को थपथपाने लगा..

मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था..

मिनी – चोद भी दो, अपनी दीदी को.. .. बहन चोद.. ..

अमन – अभी चोदता हूँ मेरी बहन.. ..

उसने फिर से लंड मेरी चूत में डाला, सुपाड़े को अंदर डाल के रुक गया..

मिनी – और डाल.. .. तेरी मां की चूत.. .. अम्मा का भोसड़ा.. ..

फिर उसने एक धक्का दिया और लंड पूरा का पूरा मेरी चूत में था..

मेरी मुंह से आ की आवाज़ निकल गई..

मिनी – चोद डाल अपनी दीदी को, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे.. .. चोद अपनी बहन को अपनी रंडी बना के.. ..

अमन – दीदी आप क्या मस्त मस्त बोलती हो.. ..

अमन भी इन हरकतों से काफ़ी गरम हो गया था और उसने अब पूरी ताक़त से मेरी चूत को जोतना स्टार्ट किया..

बिना रुके वो ताक़त लगा लगा के मेरी चूत को चोद रहा था..

मैं उसके झटके से मस्त हो रही थी..

फिर उसमे मुझे सोफे पे ही कुतिया बना के पीछे से मेरी चूत में अपना लंड लिया..

पीछे से उसका लंड पूरा अंदर नहीं जा रहा था तो मैंने अपने गाण्ड को और उठाया ताकि उसे चूत में कोमलना लगाने में आसानी मिले..

वो फिर से मुझे चोदने लगा.. इस पोज़िशन में चुदवा के मेरी पूरी बॉडी हिल रही थी..

वो मस्त चुदाई में मग्न था और मैं “आ श” की आवाज़े निकाल के उसके झटके को बर्दशात कर रही थी..

फिर मैंने उसे सोफे में लिटाया और उसका लंड पूरी तरह से गरम था और मेरी चूत को सलामी दे रहा था..

मैंने अपनी चूत को फैलाया और धीरे धीरे उसके लंड के पास ले के जाने लगी..

फिर उसके लंड को पकड़ के चूत में धीरे से डाला और दम लगा के उसके लंड के ऊपर बैठ गई..

इस बार उसकी “आ” निकल गई.. इस पोज़िशन में सारा कंट्रोल मेरा था..

फिर मैं ज़ोरो से अपनी चूत को उसके लंड से चोदने लगी.. इस पोज़िशन में अमन ने भी मेरी चुचि को दबोच के रखा था और मैंने उसके लंड को राइड रखना चालू रखा..

मेरी गाण्ड उठा उठा के फिर से उसके लंड पे दे मारती थी.. अमन भी अपने लंड की चुदाई देख के गरम हो गया था..

फिर मैंने अपनी राइड को बंद किया और उसके लंड को अपने में ही दबाया और मैंने इशारा किया की वो अपने गाण्ड उठा उठा के अब मेरी चूत को नीचे से चोदे..

उसने भी अब मुझे नीचे से चोदना शुरू किया..

 
मुझे इस पोज़िशन की पेनेट्रेशन सबसे ज़्यादा लगती है और अमन के लंड के साइज़ के लिए ये सबसे मस्त पोजीशन थी..

वो मुझे नीचे से मज़े ले ले कर चोद रहा था..

मैं चुड़वते चुड़वते उसके लिप्स की और बड़ी और उसकी लिप्स को खाने लगी..

उसने भी मेरी लिप्स खानी शुरू की.. हम एक दूसरे की जीभ भी खाने लगे..

अमन ने उधर नीचे से मेरी बुर की जुटाई चालू रखी थी.. किस्सिंग और चुदाई की एक साथ होने से हम दोनों मस्त हो गये थे..

फिर अमन ने मुझे फिर से नीचे लिटाया मेरे पैरों को फैलाया..

मैंने भी उसे अपने पैरों से जकड़ लिया..

फिर से उसने मेरी चूत की चुदाई शुरू की..

मेरी चूत गरम हो के अब पानी छोड़ने लगी..

मैं अपना पानी लगातार छोड़ रही थी, पर अमन ने चोदना बंद नहीं किया..

सच में उसकी स्टॅमिना काफ़ी अच्छी है.. इतना लम्बा एक बार में चुदवाए हुए मुझे काफ़ी दिन हो गये थे..

ऐसी भयंकर चुदाई रंगीला काफ़ी पहले किया करता था..

मैं चूत में होने वाले प्रहार से थक गई थी, पर अमन रुकने का नाम नहीं ले रहा था..

वो मुझे अभी भी हम च हम च के चोद रहा था..

फिर उसका लंड शायद पानी छोड़ने वाला था पर उसने लंड को चूत से निकाला और मेरी चूत में फिर से अपना मुंह दे डाला..

वो अभी भी अपने लंड का रस निकलना नहीं चाहता था इसलिए वो मेरी चूत को मुंह से चोदने लगा..

चूत ने जितनी पानी छोड़ा था, वो सारा का सारा चूस चूस के चाट गया.. मेरी चूत की ऐसी चुदाई से में निहाल हो गई थी..

मैं भी आराम से लेटे लेटे उसके मुंह को अपने चूत में और भी घुसा रही थी..

उसके सिर पे हाथ रख के उसके अपने चूत में दबा रही थी.. ऐसे ही थोड़ी देर मेरी चूत की चुसाई करने का बाद उसका लंड नॉर्मल हो गया, जब उसे लगा की उसने अपना झड़ना कंट्रोल कर लिया है.. उसने फिर से लंड को मेरी चूत डाला और फिर से मुझे चोदने लगा..

उसके चोदने की स्पीड से मेरी मेरी पूरी बॉडी हिल जाती थी..

मेरे बूब्स मस्त तरीके से हिल रहे थे..

मैंने अपने बूब्स को पकड़ा और एक निप्पल को अपने मुंह में डालने लगी..

उसका ध्यान अभी मेरे बूब्स पे था ही नहीं..

वो बस मेरी चूत की चुदाई कर रहा था, चोद रहा था और जोत रहा था..

उसका लंड फिर से मेरी चूत में वाइब्रट करने लगा..

अमन – मिनी दीदी, मैं झड़ने वाला हूँ, बोलो कहाँ डालूं अपना रस.. ..

मिनी – मुंह में डाल.. .. अपनी दीदी के मुंह में डाल दे, फिर से.. .. डाल मेरे बहन चोद भाई.. ..

अमन ने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरी मुंह में डाल के अब मेरी मुंह की चुदाई करने लगा..

उतनी ही स्पीड में अब वो मेरा मुंह चोदने लगा..

उसके लंड ने अब पानी छोड़ना स्टार्ट किया..

पहला फवारा उसके रस का सीधे मेरे गले के अंदर चला गया..

इस बार उसने लंड मुंह से निकाला भी नहीं..

एक एक करके उसके लंड से फवारा निकलता रहा, मैं भी उसे गटकती रही..

जब उसके लंड ने पानी छोड़ना बंद किया तो मैंने उसके लंड को चूस चूस के एक एक बूँद रस चाट लिया..

मस्त चोदा उसने मुझे..

मैं सोफे पे ही ढेर हो गई.. वो भी मेरे ऊपर ही थक के लेट गया..

मिनी – अमन, क्या स्टॅमिना है तुम्हारा.. .. तुमने तो आज मेरी चूत को फाड़ दिया.. ..

अमन – दीदी, पता नहीं कैसे, पर आज मैंने अपने एक्सपेक्टेशन से भी ज़्यादा लम्बा चोदा आपको.. .. आप हो इतनी सेक्सी.. .. यदि चुदवाने वाली आपकी जैसी हो तो कोई भी घंटों आपको चोदता रहे.. ..

मिनी – अब मेरी चूत को थोड़ा आराम दे दे.. .. नहीं तो पता नहीं क्या होगा उसका.. ..

अमन – हाँ दीदी अब तो मैं भी थक गया हूँ.. ..

मिनी – 6 बजे हमें बीच पे जाना है.. .. फिर वहाँ से डिनर और रात में फिर से चुदाई करने को रेडी रहना.. ..

अमन – हाँ दीदी, बीच में भी आप मेरा लंड चुसोगी ना.. ..

मिनी – हाँ प्लान तो सबका यही है, यदि खाली मिला तो.. .. वैसे तो यहाँ ज़्यादा लोग बीच पे होते नहीं तो अंधेरा होने पे पासिबल है.. ..

अमन – किसने बनाया था, प्लान.. ..

मिनी – हम चारों ने मिल के बनाया था.. ..

अमन – तो क्या आप रूचि के सामने ही मेरा लंड अपने मुंह में डाल लोगी.. ..

मिनी – नहीं रे, अंधेरा हो जाएगा तब.. .. थोड़ी थोड़ी दूर में हम अपने अपने पार्ट्नर की लंड चुसाई करेंगे.. ..

अमन – वाव, दीदी क्या प्लानिंग करते हो आप लोग.. ..

मिनी – रात में तू मेरी गाण्ड मारेगा.. ..

अमन – दीदी, गाण्ड मारने में मुझे प्राब्लम होती है.. .. मेरा लंड बड़े मुश्किल से जाता है अंदर.. ..

मिनी – अरे वो रूचि की गाण्ड तूने अभी तक फैलाई नहीं है ना.. .. ये देख ये गाण्ड में डालने के लिए होते है.. .. ये खरीद ले और जब भी उसे चोदा कर उसकी गाण्ड में ये डाल दिया कर.. .. (मैं उसे “अनल प्लग” दिखा रही थी..)

अमन – हाँ धीरे धीरे उसकी गाण्ड को फैला, बाकी आज रात तू सिख ही जाएगा की गाण्ड कैसे मारते हैं.. ..

फिर हम सब लोग रेडी हो के बीच पे गये.. वहाँ उस दिन के मुक़ाबले आज काफ़ी रश था.. काफ़ी फैमिली वहाँ पे खेल रही थी.. काफ़ी लेडी बिकनी में धूप के मज़े ले रही थी..

रंगीला – मिनी, तुम लोग ड्रिंक करोगी ..?..

मिनी – नहीं हार्ड ड्रिंक नहीं करना हमें.. ..

रंगीला – ठीक है फिर तुम लोग यहाँ आराम करो.. .. हम चारों ड्रिंक के लिए जाते हैं.. .. बीच खाली हो जाए तो बुला लेना हमें.. ..

फिर वो चारों ड्रिंक के लिए चले गये..

हम चारों ने तौलिया बीच में डाला और लेट के धूप के मज़े लेने लगे..

रूचि – दीदी, धन्यवाद मज़े आ गये, और अभी तो स्टार्ट है..

मिनी – रूचि, डिसाइडेड ये है की बंद कमरे में हम अपने पार्ट्नर के साथ क्या क्या करते हैं कोई डिस्कशन नहीं होगा.. ..

कोमल – अरे मिनी, अब वो कहाँ डिसकस कर रही है की जय ने उसे कहाँ कहाँ और कैसे कैसे चोदा.. .. बस बता रही है की मज़े आ रहे हैं उसे.. ..

मिनी – अच्छा, ऐसा है की मज़े तो आने ही हैं.. .. सोच नेक्स्ट ट्रिप में कोई दूसरा लंड मिलेगा फिर से.. ..

अंकिता – मेरी गाण्ड की तो लग गई है आज.. ..

मिनी – अब तेरे गाण्ड हैं ही ऐसे मटके जैसे, कोई भी पागल हो जाए.. ..

रूचि – हाँ दीदी, आपकी गाण्ड देख के तो मेरा भी मन करता है.. ..

अंकिता – तू सबसे ज़्यादा बदमाश है.. ..

कोमल – एक काम कर अंकिता, तू इसे ज़रा अपना गाण्ड सहला लेने दे.. ..

अंकिता – उसमे क्या है, आ रूचि मैं तेरा गाण्ड सहलाती हूँ तू मेरा सहला ले.. ..

मिनी – यहाँ इतने सारे बच्चे खेल रहे हैं और तुम लोग गाण्ड गाण्ड खेलो.. ..

कोमल – हाँ तो कौन सा सारे बच्चे लंड ले के इस दोनों की गाण्ड मारने आ जाएँगे.. .. चल तू और मैं आज थोड़ा स्विमिंग करते हैं.. .. इन दोनों को एक दूसरे की गाण्ड खुजलने दे.. ..

रूचि – आप दोनों जाओ दीदी, हम थोड़े देर में जाय्न करते हैं.. ..

फिर हक़ीकत में रूचि और अंकिता एक दूसरे की गाण्ड सहलाने लगे..

मैं और कोमल समुद्र में स्विमिंग के लिए जाने लगे.. थोड़ी देर स्विमिंग करके हम बाहर आ गये..

मजबूरी थी, हम दोनों ही नहीं चाहती थी की हमारा रंग काला पड़े..

थोड़ी देर बाद फिर हम पानी में ही खेलने लगे..

 
कोमल – लास्ट टाइम सही था ना, अमन वाला सेशन.. ..

मिनी – हाँ यार, बड़ा एग्ज़ाइटिंग था ना.. .. मिस्सिंग हिम.. .. बड़ा ईनोसेंट टाइप का बच्चा था.. ..

कोमल – हाँ, बहुत ही ज़्यादा ईनोसेंट था, अपनी मां की गाण्ड और बूब्स पे भी नज़र थी उस बच्चे की.. ..

मिनी – तू ब्लेम कर सकती है क्या उसे.. ..

कोमल – हा हः हहा.. .. मिनी आज अमन मिल जाता तो उसे भी चोद ही डालती.. ..

मिनी – कंट्रोल कर ले मेरी जान.. ..

कोमल – मुझे ना तुझसे अकेले में कोई बात करनी है.. ..

मिनी – बोला ना.. ..

कोमल – नहीं अभी नहीं, वापस जाएँगे तो मैं आती हूँ तेरे घर.. .. फिर बताउंगी.. ..

मिनी – फिर अभी क्यूँ बोली.. .. तू भी ना कभी कभी.. ..

कोमल – देख वो दोनों भी आ रहे, इसलिए बोला की वापस चल के अकेले में बात करेंगे.. ..

रूचि – दीदी, क्या कर रही हो.. ..

मिनी – तेरी ही चूत की बात कर रहे हैं.. .. आ जा अपनी चूत ले के.. ..

अंकिता – ये है सबसे छोटी, पर सबसे बदमाश है.. ..

मिनी – अंकिता, सच बता एंजाय कर रही हो ..?..

अंकिता – हाँ मिनी, धन्यवाद फॉर ऑल दिस.. ..

फिर मैं अंकिता को साथ ले के थोड़ा साइड चली गई..

मिनी – तूने जब बोला की तेरी गाण्ड की लग गई है, मुझे लगा तुम्हारे लिए ज़्यादा तो नहीं हो गया.. ..

अंकिता – नहीं रे, वैसे रंगीला ही गुड.. ..

मिनी – हाँ वो गाण्ड मारने में बड़ा ही अच्छा है.. ..

अंकिता – दीपक भी काफ़ी खुश हैं इस अरेंज्मेंट से.. ..

मिनी – चलो अच्छा है, ये बता तू कुछ एक्सट्रा के लिए ओपन है.. ..

अंकिता – मतलब.. ..

मिनी – देख इस अरेंज्मेंट के साथ ही मेरे, कोमल और रूचि के कुछ सीक्रेट्स हैं.. .. मैं बस पूछ रही हूँ की क्या तू उसके लिए भी ओपन है, यदि तुझे प्राब्लम है तो कोई बात नहीं.. ..

अंकिता – समझी नहीं मिनी मैं, क्या तू कोमल और रूचि के साथ भी अलग से !!!

मिनी – हाँ वो हम तीनों का अपना सीक्रेट है.. बिना लंड के.. देख हमसे ज़्यादा अच्छा कौन जानेगा की हमारी चूत को कैसे चूसा जाए.. .. इसलिए हमने ये एक्सपेरिमेंट किया था.. .. सच बोलूं तो मज़ा भी आया था.. ..

अंकिता – वाव.. .. तूने सेक्स को कितना एग्ज़ाइटिंग बना के रखा है.. .. मैंने पहले कभी किया नहीं है.. ..

मिनी – इसलिए तो मैं तुझसे अकेले मैं पूछ रही हूँ, यदि तू मना कर देगी तो मैं उन दोनों को बताउंगी भी नहीं.. ..

अंकिता – इसलिए रूचि मेरी गाण्ड देख के भी एग्ज़ाइट हो जाती है.. .. क्यूँ की वो इसे भी एंजाय करती है.. ..

मिनी – रूचि की क्या ग़लती है, मैंने भी तेरी गाण्ड देखी थी तो पहली बार तो मेरा भी मन मचल गया था.. ..

अंकिता – तुम जानती हो मिनी, मैं तुम्हें कभी ना नहीं कर सकती.. .. पहली बार होगा तो प्लीज़ थोड़ा सीखा भी देना.. .. और हाँ मैं चाहती हूँ सबसे पहले मैं तुम्हारी चूत को चुसुं.. ..

मिनी – चलो डन.. .. तू मेरी चूसना.. .. तेरी रूचि चूस लेगी.. .. रूचि की कोमल और कोमल की मैं.. ..

फिर हम दोनों ने भी रूचि और कोमल को जाय्न कर लिया..

रूचि – मिनी दीदी, आप सबसे प्राइवेट में ही बात करते हो.. ..

मिनी – हाँ, तुझे कोई प्राब्लम है.. .. तेरी लिए ही कर रही थी.. .. अंकिता भी इन है हमारे अपने सीक्रेट ग्रूप में.. ..

रूचि – वाव, धन्यवाद दीदी.. .. अंकिता दीदी आप की तो मैं ही लूँगी पहली बार.. ..

अंकिता – हाँ ठीक है.. .. अच्छे से ले लेना.. ..

रूचि – मिनी दीदी, आप कमाल की हो.. .. आपके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है.. ..

कोमल – चल अब बाहर चलते हैं.. .. बीच भी खाली हो गया है.. .. अंधेरा भी होने लगा है.. .. हज़्बेंड्स को बुलाते हैं.. .. सब अपने अपने पार्ट्नर को खुश करो.. .. खूब मज़े से लंड चूसो सब.. ..

फिर हमने अपने हज़्बेंड्स को बुलाया..

वो थोड़ी देर में आ गये..

बीच में काफ़ी अंधेरा हो गया था..

साथ ही सारी फैमिली भी वापस चली गई थी..

हम चारों अपने अपने पार्ट्नर के साथ अपनी अपनी जगह पे चले गये..

थोड़े थोड़े डिस्टेन्स पे हमने जगह बनाया था ताकि ऑक्वर्ड ना लगे किसी को..

फिर मैंने अमन का पैंट उतरा और नीचे बैठ के उसके लंड को चूसने लगी..

अमन – मिनी दीदी, पहली बार ऐसे ओपन में कोई मेरा लंड चूस रहा है..

मिनी – टेंशन ना लो अमन, इसका भी अपना मज़ा है.. ..

अमन – हाँ दीदी चूसो, खा लो मेरे लंड को.. ..

मैंने अच्छे से उसके लंड की चुसाई करी..

फिर अमन ने मुझे उठाया और उल्टा गोद में ले ले लिया..

खड़े खड़े 69 की पोज़िशन में आ गये हम दोनों..

वो खड़े खड़े मेरी चूत चाटने लगा और मैं लटकते हुए उसके लंड को चूसने लगी..

उसने काफ़ी आराम से मेरी वजन को संभाले हुए था..

मुझे भी इस नयी पोज़िशन में उसके लंड को चूसने में मज़ा आ रहा था..

फिर थोड़ी देर में मुझे अनीज़ी फील हुआ तो मैं फिर से नीचे आ गई और उसके लंड को मुंह में लिया..

उसके लंड को चूस रही थी, कभी पकड़ के अपने गाल में थपथपति, कभी दूसरे गाल पे कभी सिर पे..

पूरे फेस पे उसके लंड से ठुकाई कर रही थी.. और फिर से उसके लंड को चूसने लगी थी..

उसका लंड भी काफ़ी गरम हो गया था, और पानी छोड़ने को रेडी था..

अमन – दीदी, इस बार आपके चुचियों में गिराने दो पानी.. .. फिर वहाँ से कलेक्ट करके पी लेना.. ..

मिनी – ठीक है यदि तुझे मेरी बूब्स में गिराना है तो वहीं गिरा और मैंने अपनी बिकनी ब्रा निकाल दी.. ..

फिर उसने लंड अपने हाथ में लिया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा..

उसने सारा लंड का पानी मेरे चुचियों में गिरा दिया..

फिर, वो भी कलेक्ट करने लगा अपनी उंगलियों से और मेरे मुंह में देने लगा और मैं भी खुद से उसके लंड के रस को कलेक्ट करके अपने मुंह में लेने लगी..

पूरा रस पी लेने के बाद, मैंने फिर से अपनी ब्रा पहन ली..

फिर देखा की वो चारों भी अपना अपना सेशन कंप्लीट करके आ रहे थे..

हमने फिर अपना समान कलेक्ट किया और फ्रेश होने चले गये..

रात को डिनर के बाद हम सब अपने अपने बेडरूम गये..

मेरी गाण्ड में अभी से ही खुजली शुरू हो गई थी.. अमन भी फ्रेश लग रहा था, गाण्ड मारने के लिए..

अमन – दीदी, मेरा लंड काफ़ी देर से खड़ा का खड़ा है.. .. आपकी गाण्ड में जाने के लिए बेताब हुआ जा रहा है.. ..

मिनी – अच्छी बात है की लंड खड़ा है, गाण्ड में डालने के लिए एक दम गरम करना पड़ेगा लंड को.. ..

अमन – तो करो ना दीदी.. ..

फिर मैंने अमन की पैंट और अंडरवियर उतारी.. उसका लंड सच में एक दम टाइट हुआ पड़ा था..

मेरे बिना कुछ किए ही लंड तैयार था..

फिर जल्दी से मैंने अपने कपड़े निकाले..

गाण्ड मारने की सोच के ही शायद उसका लंड ऐसा टाइट हुआ था..

मैंने भी सोचा अभी टाइम इधर उधर लगाने से अच्छा है की गाण्ड में लगाया जाए..

मिनी – वो वहाँ से वो लोशन ले के आओ.. .. वो “अनल सेक्स” के लिए ख़ास लुब्रिकेंट है.. .. उसे मेरे गाण्ड में डालो और अपनी उंगलियों से मालिश करो.. ..

फिर अमन ने वैसे ही किया..

उसने लोशन मेरी गाण्ड के छेद में डाला और अपनी उंगलियों से गाण्ड को धीरे धीरे चोदने लगा..

मिनी – अब मेरी उस बैग में एक डिल्डो होगा.. .. वो स्पेशली “अनल सेक्स” के लिए है.. .. उसे मेरी गाण्ड में धीरे धीरे डालो और डिल्डो से चोद के मेरी गाण्ड के छेद को फैलाओ.. ..

फिर उसने वोही किया..

मेरी बैग से डिल्डो निकाली और और उसे धीरे धीरे मेरी गाण्ड में डालने लगा..

डिल्डो का साइज़ उसकी लंड से भी बड़ा था..

 
हाँ पर अमन का लंड डिल्डो वाले से थोड़ा ज़्यादा मोटा था..

धीरे धीरे उसने आधे से भी ज़्यादा डिल्डो मेरी गाण्ड में डाल दी और उसे अंदर बाहर करने लगा.. फिर, धीरे धीरे उसने पूरा का पूरा डिल्डो मेरे गाण्ड में डाल दिया और मेरी गाण्ड की चुदाई करने लगा..

मिनी – एक काम करो, अमन.. .. डिल्डो से मेरी गाण्ड चोदते रहो और थोड़ा आगे बढ़ के मेरी चूत को चूसो.. ..

फिर उसने मेरी गाण्ड की चुदाई जारी रखी और मेरी चूत को भी चाटने लगा..

इतना बड़ा डिल्डो गाण्ड में हो और कोई चूत चाट रहा हो वो भी बड़े अच्छे ढंग से तो कैसा फील होता है मैं वर्ड में बता नहीं सकती, सबको ये तजुर्बा करना चाहिए.. ..

मैं बेड पे पीठ के बल लेट के अपनी गाण्ड मरवा रही थी और चूत चटवा रही थी..

मिनी – अमन अब मेरी गाण्ड तुम्हारा लंड लेने के लिए तैयार है.. .. बर्दस्त नहीं होता.. .. अब चोद दो मेरी गाण्ड को.. .. फाड़ दो मेरी गाण्ड.. .. बन जाओ बहन के गान्डू.. ..

उनसे पोज़िशन बनाई और मेरे ऊपर आके अपनी लंड को मेरे गाण्ड के छेद के पास रखा..

धक्का लगाया पर लंड अंदर नहीं गया..

फिर से उसने मेरी गाण्ड में कोमलना लगाया और अपने लंड को दागा पर फिर से लंड फिसल के बाहर चला गया..

मैंने देखा तो लगा की लंड थोड़ा ढीला हो गया है, इसलिए सही से जा नहीं पा रहा है..

फिर मैंने उसके लंड को अपने नाज़ुक हाथों से पकड़ा और थोड़ा सा हिलाया..

उसके सुपाड़े को अपने जीभ से चाटने लगी..

हाथों से थोड़ा उसके लंड को मालिश दिया..

उसका लंड फिर से टाइट होने लगा था..

मैंने अपने निप्पल को उसके लंड से चूमा फिर पूरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसके बॉल्स को सहलाने लगी.. उसका लंड अब तैयार लग रहा था.. शायद मेरी पहले वाली पोज़िशन उसके लंड के लिए ठीक नहीं थी..

थोड़ी छोटी लंड होने से वो सही से अंदर नहीं डाल पा रहा था इसलिए मैं इस बार अपने कोहनी के बल लेट गई और और अपने गाण्ड को उठा के ऊपर किया..

डॉगी स्टाइल, जैसा ही था पर मैं ज़्यादा आगे की तरफ ज़्यादा झुक के अपनी गाण्ड को और भी उठा के रखा था ताकि गाण्ड और लंड का पेनेट्रेशन ठीक से हो..

अमन ने फिर से अपनी लंड को मेरी गाण्ड के छेद पर रखा..

मिनी – धीरे धीरे अपने लंड को थोड़ा पकड़ लो और गाइड करो, गाण्ड में डालने के लिए.. ..

फिर उसने भी अपने लंड को थोड़ा पकड़ा और लंड को धीरे धीरे मेरी गाण्ड के अंदर डालने लगा.. इस बार वो भी काफ़ी ध्यान से अपना लंड में गाण्ड में डाल रहा था..

जब तक लंड का पूरा सुपाड़ा मेरी गाण्ड में नहीं गया, उसने हाथ से पकड़ के अपने लंड को गाइड किया..

सुपाड़े के अंदर जाते ही मेरी गाण्ड में गुदगुदी होने लगी..

मैंने अपनी गाण्ड को थोड़ा और फैलाया और अमन ने फिर धीरे से आधा से भी ज़्यादा लंड मेरे गाण्ड में डाल दिया..

फिर मैं अपनी गाण्ड को सिकोड़ने लगी और उसके लंड को अपनी गाण्ड में दबा लिया.. अब उसका लंड मेरी गाण्ड में लॉक हो गया था..

मैंने उसे फिर से धक्का लगाने को बोला..

इस बार अमन ने एक ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड में गाण्ड में घुसा दिया..

मेरा मुंह खुला का खुला रह गया.. मीठे मीठे दर्द के एहसास से मैं पूरी गरम हो रही थी.. मैंने उसके लंड को अपने गाण्ड में और भी ज़ोर से दबाया..

अमन – मेरा लंड अटक गया है, मिनी दीदी.. .. थोड़ा लूज़ करो.. ..

फिर मैंने लंड को थोड़ा सा ढील दिया..

अमन ने मेरी बड़ी बड़ी गाण्ड को पकड़ा और छेद में लंड पेलने लगा..

इस पोज़िशन में वो काफ़ी आराम से मेरी गाण्ड के छेद की चुदाई कर रहा था और धीरे धीरे अपनी लंड को मेरे गाण्ड से आधा बाहर निकलता और फिर धीरे से धक्के देके पूरा लंड फिर से अंदर डाल देता..

अब उसने अपनी चोदने की स्पीड बधाई और मुझे दम लगा के चोदने लगा..

मैं भी अपनी गाण्ड उसके साथ ही हिला हिला के लंड को अंदर लेने लगी..

मेरे चुचियाँ उस पोज़िशन में इस चुदाई की पोज़िशन में ज़बरदस्त हिल रहे थे..

हर धक्के से साथ मेरी चुचियाँ भी मज़े ले रही थी..

मैंने अपनी एक हाथ से अपनी चूची को मसलना शुरू किया और दूसरी हाथ से अपनी बॉडी को सपोर्ट कर रही थी, ताकि चुदाई में कोई रुकावट ना आए..

अमन – दीदी, पहली बार इतनी आसानी से गाण्ड मार रहा था.. .. आप ने सब कितना सिंपल कर दिया.. .. दीदी आपकी गाण्ड में जादू है.. .. मेरा लंड आपकी गाण्ड को फाड़ने के लिए तड़प रहा है.. ..

मिनी – चोद मेरे भाई, चोद डाल अपनी दीदी को.. .. दीदी की गाण्ड को फाड़ दे अपने मोटे मोटे लंड से.. .. तेरी मां का भोसड़ा.. .. मादर चोद.. ..

मेरी बातों से अमन को और भी जोश आ गया और उसने अपने चोदने की स्पीड और भी बढ़ा दी..

अमन अपनी आँखें बंद कर के मेरी गाण्ड में धक्के लगाने लगा..

एक ही पोज़िशन में मरवा के मेरी कोहनी अब दर्द करने लगी थी..

फिर मैंने कोई दूसरा पोज़िशन ट्राइ करने का सोचा.. रूम में एक आराम कुर्सी थी.. उसकी साइज़ उतनी बड़ी भी नहीं थी..

मैंने अपने गाण्ड को ढीला छोड़ा और अमन के लंड को बाहर निकाला..

फिर मैं आराम कुर्सी में उल्टा हो के पोजीशन लेने लगी..

मेरा सिर नीचे था..

मैंने दोनों हाथों से कुर्सी की सपोर्ट को पकड़ा और अपनी गाण्ड को ऊपर उठा दिया..

दोनों पैरों को फैला के उसे भी कुर्सी की साइड में रख दिया..

पीठ आराम कुर्सी की नीचे वाली पार्ट में टिकी हुई थी, आराम कुर्सी के अंत पे ही और कमर और गाण्ड को कुछ हिस्सा कुर्सी के पूरे पार्ट में था..

गाण्ड को उठाने से फिर से गाण्ड का छेद क्लियर था..

अमन भी कुर्सी के दोनों और पैर कर बीच में आ गया.. अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ के फिर से मेरी गाण्ड के अंदर डालने लगा..

मैंने उसे इस पोज़िशन में धीरे धीरे अपना लंड पेलने के लिए बोला..

फिर, अमन ने भी धीरे धीरे अपने लंड को मेरे गाण्ड के अंदर बाहर करने लगा..

 
धीरे धीरे वाला धक्का भी मुझे काफ़ी मज़े दे रहा था.. जब भी थक जाती मैं उसके लंड को अपने गाण्ड के अंदर टाइट से दबा देती और वो रुक जाता..

फिर, थोड़ी देर आराम करके फिर से उसके लंड को छोड़ देती और फिर वो मेरी गाण्ड चोदने लगता..

फिर उसने मेरी गाण्ड चोदनी चालू रखी और मेरी चूत को फिंगर करने लगा..

पूरी 4 उंगलियाँ मेरी चूत में डाल के एक ही साथ अपने लंड से मेरी गाण्ड और उंगलियों से मेरी चूत चोदने लगा..

इस पोज़िशन का एक फायदा यह भी था की मैं अमन को पूरा देख सकती थी..

वो काफ़ी मज़े ले ले के मेरी गाण्ड मार रहा था..

कभी गाण्ड में अपने दूसरे हाथ से धीरे से थप्पड़ मारता तो कभी जिस हाथ से वो मेरी चूत चोद रहा था उसे निकाल के मेरी चूत के रस को चाट रहा था..

मेरी चूत और गाण्ड दोनों की हालत खराब हो रही थी..

इस सब से मुझे ज़ोरो से मूत आ रही थी..

मैंने उसे बोलना ज़रूरी नहीं समझा और उसी पोज़िशन में जब वो मेरे चूत को अपनी हाथों से चोद रहा था, मैंने मुतना शुरू कर दिया..

मैं दम लगा लगा के मूत रही थी, अमन भी अपना हाथ मेरी चूत से हटा चुका था और मेरी मूत साइड उसकी बॉडी में जा रही थी..

वो अपने सिर को मेरी मूत की धार पे लगा के मेरी मूत को सीधे अपनी मुंह में लेने लगा, साथ ही उसने मेरी गाण्ड की चुदाई चालू रखी..

अमन – दीदी, मैं झड़ने वाला हूँ.. ..

मिनी – निकाल दे, मेरी गाण्ड में ही डाल दे अपना रस.. ..

अमन – दीदी, आप रस पिओगी नहीं.. ..

मिनी – पियोंगी ना, गाण्ड में डाल.. .. फिर उस ग्लास में डाल करके मुझे दे देना.. ..

अमन ने अब ज़ोर ज़ोर से अपने लंड को पेलना शुरू किया, थोड़ी ही देर में उसने मेरी गाण्ड के अंदर ही अपने लंड के रस की धार को छोड़ने लगा..

सारा रस उसने मेरी गाण्ड में डाल दिया..

फिर उसने गाण्ड से अपना लंड निकाला और स्पर्म से पाट लंड को मेरे मुंह में डाल दिया..

मैं भी उसके लंड को चूस चूस के सॉफ करने लगी..

जब मैंने उसके लंड को पूरा क्लीन कर दिया, वो ग्लास लाने की गया और मेरी गाण्ड के छेद से उसने अपने लंड का रस इक्कठा किया और मुझे ग्लास में ही पीने के लिए दे दिया..

मैंने सिगरेट के साथ ग्लास से रसपान किया.. अमन का लंड अभी ढीला नहीं हुआ था..

मैंने उसके लंड को फिर से चूसना शुरू किया..

सिगरेट के धुए से उसके लंड को सहलाने लगी..

मैं सोफे में बैठे बस उसके लंड को चूसे जा रही थी..

चूस चूस के मैंने उसके लंड का पानी दोबारा निकाल दिया और सारा लंड का पानी गटक गई..

इन सब के बीच मेरी चूत थोड़ी असंतुष्ट थी इसलिए मैंने अमन को फिर से चोदने के लिए बोला..

अमन बुरी तरह थक चुका था, पर होता है ना अपनी बीवी होती तो मना कर देता पर क्यूँकी मैं बोले रही थी इसलिए उसने फिर से अपने लंड को सहलाना शुरू किया, मैंने भी उसका साथ किया..

वो भी अपने लंड को सहला रहा था और मैं भी उसके लंड को सहला के फिर से तैयार कर रही थी..

लंड को सहलाते सहलाते हम एक दूसरे को किस भी करने लगे..

लंड और बुर के चक्कर में किस करना तो रह ही गया था तो दोनों फ्रेंच किस करने लगे..

वो मेरे अप्पर लिप्स को खा रहा था और मैं उसके लोवर लिप्स को खा रही थी..

फिर, हम एक दूसरे की जीभ भी सक कर रहे थे.. करीब 10 मिनट तक हमने लगातार किस करी और साथ ही साथ लंड को सहलाते भी रहे..

इन हरकतों से जल्दी से अमन का लंड फिर से चुदाई करने के लिए रेडी हो गया था..

मुझे इस बार मेरी चूत की प्यास भुजानी थी इसलिए मैं यूनिवर्सल पोज़ में बेड पे लेट गई, पैर को उठाया, अपनी चूत फैलाई और अमन को अपने पैरों से जकड़ लिया..

अमन भी अपना हथियार ले के मेरी चूत में एंटर करने लगा..

अमन – दीदी आप बहुत बड़ी चुड़दक़्कड़ हो.. .. कितना चुदवाती हो.. ..

मिनी – डाल लंड चोदु, तू भी बहुत बड़ा चोदु है.. .. डाल अपने लंड को मेरी चूत में, चूत मेरी तड़प रही है.. .. पानी छोड़ रही है.. .. पेल दे अपना लंड.. .. चोद अपनी दीदी की बुर को.. .. तेरी मां की चूत.. .. बहन चोद.. .. चोद डाल.. ..

फिर अमन ने मेरी चूत के दरवाज़े से मेरी चूत में पूरा एंटर किया और धीरे धीरे मेरी चूत चोदने लगा..

मिनी – ज़ोर से धक्का मार अमन, और भी अंदर डाल.. .. चोद चोद चोद.. ..

अमन – और कितना अंदर डालूं, पूरा लंड तो अंदर ही है.. ..

मिनी – अच्छा फिर और भी ज़ोर से धक्का मार ना.. ..

फिर अमन ने दम लगा के मेरी चूत को चोदना स्टार्ट किया..

अमन का लंड जब मुंह में या गाण्ड में ले रही थी तो उसके लंड का थोड़ा छोटा होना प्राब्लम नहीं था पर मेरी चूत को लंबे लंड की आदत सी है, इसलिए मैं उसे स्पीड बढ़ने को बोले रही थी ताकि वो लंड के साइज़ को अपने स्पीड से कॉमपेनसेट कर दे..

मेरे इतना बोलने पे वो भी जोश में आ गया था.. आ आ की आवाज़े निकाल निकाल के वो मुझे हम च हम च के चोद रहा था..

मिनी – मेरी चुचि भी दबा साथ में.. .. उसे क्यूँ फ्री छोड़ रखा है.. ..

फिर अमन ने अपने एक हाथ से मेरी लेफ्ट चुचि को दबोचा और उसे भी मसलना शुरू किया..

मैंने उसे अपने पैरों से पूरा जकड़ रखा था..

उसने भी अपनी स्पीड बनाए रखी..

मैंने भी अपने गाण्ड को हिला हिला के उसके स्पीड से अपना स्पीड को मॅच कराया.. जब उसका लंड मेरी चूत में जाता तो मैं भी अपने गाण्ड को उसके लंड की और बढ़ने लगी..

अब जा के चूत की चुदाई का मज़ा आना स्टार्ट हुआ.. ..

मिनी – अया अमन, मज़ा आ रहा है.. .. चोद ऐसे ही चोद अपनी दीदी को.. .. और ज़ोर से चोद.. .. और दम लगा.. .. बहन चोद.. ..

अमन – दीदी, आज मैं आपकी चूत का भोसड़ा बना दूँगा, ले और ले, ले मेरा लंड ले अपनी चूत में.. .. चुदवा अपने भाई से.. ..

मिनी – हाँ अमन चोद, अपनी दीदी को.. .. बन जा बहनचोड़.. .. आज ऐसे चोद मुझे जैसे तुझे पहली बार चोदने का मौका मिला है और ज़ोर से मेरे शेर.. .. और ज़ोर से.. .. अपनी चोदने से ज़्यादा मज़ा अप्सरा को चोद्ने में भी नहीं आता.. .. चोद अपनी बहन को.. .. रंडी बना ले अपनी बहन को.. ..

अमन – लो दीदी लो, और ज़ोर से लो.. .. आपकी जैसी दीदी को तो कोई भी भाई बहन चोद बन जाए.. .. सच बात है दीदी.. .. बहन को चोदने से ज़्यादा मज़ा किसी को चोदने में नहीं.. ..

मिनी – अया, आ, अया, चोद अमन चोद.. .. चोद चोद चोद चोद चोद चोद चोद चोद.. ..

अमन – चोद रहा हूँ दीदी, लो दीदी लो.. और लो.. .. एक और लो.. ..

मिनी – बहुत मज़ा आ रहा है अमन, ऐसे ही बोल बोल के चोद अपनी दीदी को.. .. रंडी बोल मुझे.. ..

अमन – मेरी रंडी दीदी.. .. आपकी चूत में क्या नशा है.. .. ये लो दीदी.. .. ये एक और ज़ोर का.. .. आपकी गाण्ड इतनी गोल मटोल है की कोई खड़े खड़े अपना लंड हिला ले.. .. लो मेरी दीदी ये लो मेरा लंड लो.. .. और एक बार लो.. ..

मिनी – आ अमन, आ अमन, चोदो चोदो.. .. क्या चोद रहे हो तुम मेरे भाई.. .. रुकना नहीं चोदते रहो.. .. गाली दो मुझे.. ..

अमन – आज मैं नहीं रुकने वाला, चोद चोद के आपकी बुर का बुरादा निकल दूँगा.. .. दीदी क्या मम्मे हैं आपके, आप मुझे पहले मिली होती तो पहले ही चोद लिया होता आपको.. .. काश आप सच में मेरी बहन होती.. ..

मिनी – लंड लंड.. .. चोद अमन चोद अमन, और चोद.. .. तेरी मां का भोसड़ा, बहन चोद.. .. बीच बाज़ार में चोदना अपनी बहन को.. .. चोदेगा.. ..

अमन – हाँ चोद दूँगा बहन की लौदी जहाँ बोलेगी चोद डालूँगा.. ..

2 3 झटके के बाद अमन बोला – दीदी फिर से झड़ने वाला हूँ.. ..

अमन ने अपनी स्पीड बरकरार रखते हुए मेरी चूत को निहाल कर दिया..

मैं 2 बार झड़ चुकी थी, उसकी इस चुदाई से..

मैंने उसे और भी जकड़ लिया और वो भी मुझे दम लगा के चोदता रहा..

थोड़ी देर में उसका लंड फिर से पानी छोड़ने लगा..

उसने सारा रस मेरी चूत में ही डाल दिया..

 
मिनी – अमन, अपनी दीदी की चूत में अपना मुंह घुसा के रस मुंह में ले के आ और फिर अपनी दीदी को अपने मुंह से ही पीला.. ..

अमन ने वैसे ही किया..

वो मेरी चूत में से दोनों के मिक्स रस को चूसता और फिर मेरे मुंह में आके दे जाता..

थोड़ी देर में इस तरह उसने मेरी चूत को पूरा चूस लिया था..

मैं दिन भर की चुदाई से अब बुरी तरह थक गई थी..

इसलिए हम नंगे ही दोनों सो गये..

अगले दिन सुबेह फिर से हम ब्रेकफास्ट करके चेक आउट करवाने वाले थे..

हम आठों ने एक साथ ब्रेकफास्ट किया..

ब्रेकफास्ट के वक़्त हमने फिर से फॉर्मल वोटिंग करी..

सबने फिर से सहमति दिखाई की ये अरेंज्मेंट फिर से होने चाहिए..

फिर हम लोग चेक आउट करवा के अपने अपने घर के लिए निकल गये..

हम जब घर पहुचे तो राज घर पे ही था..

रंगीला भी चुदाई से काफ़ी थक गया था तो वो भी सोने चला गया..

राज ने बताया की उसने सुबेह से कुछ भी नहीं खाया है, इसलिए मैंने उसके लिए जल्दी से मैगी खाने को बना दिया..

फिर वो खाने लगा, मैंने भी थोड़ा मैगी लिया और बैठ के राज के साथ खाने लगी..

मिनी – कैसे हो बेटा..?..

राज – ठीक हूँ, मम्मी.. ..

मिनी – क्या हुआ, अपसेट लग रहे हो ..?..

राज – कुछ भी नहीं मम्मी ..?..

मिनी – बताओ, अच्छा क्या हुआ.. .. डॉली से लड़ाई करी तुमने.. ..

राज – नहीं मम्मी, लड़ाई नहीं बस ऐसे ही.. ..

मिनी – कुछ सीरीयस हो तो बताना.. ..

राज – जी मम्मी.. ..

मिनी – सो, तुमदोनों ने नेक्स्ट स्टेप ले लिया ..?..

राज – नहीं मम्मी, अभी नहीं.. ..

मिनी – क्यूँ क्या हुआ, डॉली मना कर रही है क्या ..?..

राज – नो मम्मी, मम्मी प्लीज़ ना ऐसे मत पूछो ना.. .. शर्म आती है.. ..

मिनी – फिर बता की क्या प्राब्लम है.. ..

राज – कुछ भी नहीं मम्मी, हम दोनों नेक्स्ट लेवेल पे जाने की सोच रहे हैं.. ..

मिनी – बेटा, तुम दोनों अडल्ट हो.. .. यदि तुम डिसाइड करते हो तो तुम आराम से सेक्स कर सकते हो.. .. पर प्रोटेक्षन ऑल्वेज़.. .

राज – हाँ मम्मी.. ..

मिनी – ठीक है चल अब मैं भी जाती हूँ तू भी अपना काम कर.. .. मुझे भी नींद आ रही है.. ..

नेक्स्ट दिन कोमल का कॉल आया..

मुझे याद आया की वो कुछ बात करने वाली थी इसलिए मैंने उसे घर बुला लिया..

वो ईव्निंग में आने वाली थी, इसलिए खाना बनाने का झंझट नहीं था.. बस हम दोनों छाई के साथ गप्पे करने लगे..

मिनी – कोमल, क्या बात है जो तू सबके सामने नहीं कर पा रही थी.. ..

कोमल – डियर, ये राज और डॉली से रिलेटेड है.. ..

मिनी – क्या हुआ, उन दोनों ने लड़ाई करी ना.. .. मुझे लग रहा था की राज कल मुझसे ज़रूर कुछ छुपा रहा है.. ..

कोमल – नहीं रे, लड़ाई नहीं थी, असल में.. ..

मिनी – फिर.. ..

कोमल – क्या हुआ, एक दिन राज घर आया था.. .. मुझे कुछ काम से माल जाना था तो मैं दोनों को बाइ बोले के निकल गई थी.. .. पर कार पार्क में मुझे याद आया की मैंने अपना मोबाइल घर पे ही छोड़ दिया है.. .. इसलिए मैं वापस घर गई.. .. मैंने गेट का लॉक खोला और अपने रूम से मोबाइल ले के वापस जाने लगी तो, मुझे डॉली की रूम से कुछ आवाज़ आई.. .. मैंने देखा तो डॉली की रूम का दरवाज़ा थोड़ा खुला हुआ ही था.. .. शायद, उन्हें लगा होगा की कोई घर पे नहीं है.. .. इसलिए मैंने रूम के अंदर देखा.. ..

मिनी – फिर.. ..

कोमल – फिर क्या मिनी, समझ नहीं रही तू क्या, वो दोनों नंगे थे और राज डॉली को चोद रहा था.. ..

मिनी – पर कोमल, हमने अग्री किया था ना की आपसी सहमति से वो चुदाई कर सकते हैं.. ..

कोमल – मुझे उन दोनों की चुदाई से कोई प्राब्लम नहीं है.. .. असल में राज डॉली को चोद नहीं रहा था बल्कि चोदने की कोशिश कर रहा था.. ..

मिनी – क्या मतलब कोशिश कर रहा था ..?..

कोमल – मतलब, शायद वो पहली बार ट्राइ कर रहे थे.. .. पहले तो काफ़ी मुश्किल से राज अपनी लंड में कॉंडम डाल पाया था.. .. फिर जब वो लंड डॉली की चूत में डालने की कोशिश कर रहा था तो उसका लंड बार बार बाहर आ जा रहा था.. .. डॉली भी उसके तगड़े लंड को देख के डरी हुई नज़र आ रही थी.. .. वो भी राज को अच्छे से गाइड नहीं कर पा रही थी.. .. फिर मैंने देखा की राज ने डॉली की चूत की ऊपर की स्किन के हटा कर, वहीं अपना लंड रख कर लंड रगड़ने लगा.. .. उसका लंड चूत में गया भी नहीं था और वो चूत के बाहर चोदने लगा.. ..

मिनी – अरे टेंशन ना ले, वो सिख जाएँगे एक दो बार में.. .. लंड को चूत ढूँढने में कितना वक़्त लगेगा.. ..

कोमल – हाँ वो तो है की वो खुद ही सिख जाएँगे.. .. पर जैसा की मैंने बोला राज ने लंड बाहर ही रगड़ के अपने लंड का पानी निकाल दिया.. .. उसके बाद राज और डॉली दोनों काफ़ी परेशान थे.. .. डॉली बोल रही थी उसे की इतना मोटा लम्बा लंड मैं कैसे अंदर लूँगी.. .. डॉली काफ़ी परेशान थी की छोटी सी चूत में कैसे इतना बड़ा लंड अंदर जाएगा और राज बहुत कम बोल रहा था, शायद वो शर्मिंदा था की वो डॉली की चूत में लंड डाल नहीं पाया.. .. बात करते करते दोनों थोड़ा लड़ने लगे थे.. .. राज ज़्यादा चिड़चिड़ा लग रहा था.. .. वो बार बार यही बोले रहा था डॉली को की तू हेल्प करेगी थोड़ा तभी तो अच्छे से चोद सकता हूँ.. .. डॉली बार बार यही बोल रही थी की मुझे मालूम नहीं मैं कैसे इस लंड को अंदर लूँगी.. .. फिर राज गुस्सा हो के बाहर आने लगा था.. .. और मैं जल्दी से अपने रूम में जा के छुप गई थी.. ..

मिनी – इसश…

कोमल – इसलिए बता रही हूँ तुझे.. ..

मिनी – कितना बड़ा हो गया है, राज का लंड.. ..

कोमल – यकीन नहीं करेगी तू, रंगीला से हाफ इंच ज़्यादा ही बड़ा होगा और मोटा भी है.. .. बता डॉली तो डरेगी ही ना देख के.. ..

मिनी – क्या बोले रही है.. .. राज का लंड रंगीला से भी बड़ा है.. ..

कोमल – हाँ रे थोड़ी दूर से देखा था मैंने, पर जो दिखा वो बता दिया तुझे.. ..

मिनी – तू देख ही क्यूँ रही थी.. ..

कोमल – अरे मेरी बेटी शायद पहली बार चुदवा रही थी.. .. देखने का मौका था तो देख लिया.. ..

मिनी – क्या किया जाए फिर.. ..

कोमल – वोही तो सोच रही हूँ की क्या किया जाए.. ..

मिनी – तो बता ना, क्या चल रहा है दिमाग़ में.. ..

कोमल – किसी भी तरह से राज को चुदाई के तरीके सीखने पड़ेंगे और डॉली को कॉन्फिडेन्स देना होगा की वो राज का लंड अपनी चूत में ले सकती है.. ..

मिनी – पर यार ये होगा कैसे.. .. उस दिन की बात अलग थी, बस हमें ये बात करना था की वो सावधान रहें.. .. पर चुदाई कैसे करनी है और कैसे करवानी है, ये बताना कैसे हो पाएगा कोमल.. ..

कोमल – देख, मुझे नहीं लगता की हम कुछ बुरा कर रहे हैं.. .. उन दोनों को थोड़ा गाइड कर देते हैं.. .. देख मिनी तुझे भी मालूम है की कपल के बीच यदि सेक्स अच्छा हो ना तो सब अच्छा होता है.. .. सेक्स अच्छा होगा तो उन दोनों का ही फ्यूचर ठीक होगा.. .. और फिर हम लोग कौन सा डेली उनसे ये बात करेंगे.. .. एक बार अच्छे से गाइड कर के, फिर उंदोनों को एंजाय करने दो.. ..

मिनी – हाँ यार बोले तो तू ठीक रही है.. .. अच्छा सेक्स होने से उनकी लाइफ ही अच्छी होगी.. ..

कोमल – देख मिनी, उस दिन राज बहुत डिस्टर्ब था, मुझे डर है की वो कहीं इधर उधर ना चला जाए.. ..

मिनी – हाँ रे, कल भी वो परेशान तो लग रहा था.. .. मैंने जब पूछा था की डॉली के साथ नेक्स्ट स्टेप ले लिया है, उसके बाद तो वो और भी ज़्यादा डिस्टर्ब लग रहा था.. .. ऐसे मैं कहीं वो किसी ग़लत संगत में ना चला जाए.. ..

कोमल – इसलिए तो तुझे बता रही हूँ.. ..

मिनी – चल ठीक है, करते हैं उन्हें गाइड.. पर प्लान क्या है ..?..

कोमल – देख मुझे लगता है की हम दोनों साथ रहें तो ज़्यादा आसान होगा.. .. दोनों को एक साथ लाने से शायद ज़्यादा घबरा जाएँ.. .. इसलिए पहले हम दोनों राज को गाइड करेंगे, और फिर दोनों एक साथ डॉली को भी गाइड करेंगे.. .. मुझे नहीं लगता की हमारे सामने वो एक दूसरे को अच्छे से कुछ कर पाएँगे.. .. इसलिए बेटर रहेगा की हम राज और डॉली को दोनों को अलग अलग गाइड करें.. ..

मिनी – यार पर गाइड करने के लिए तो कुछ ओपन होना पड़ेगा ना.. ..

कोमल – हाँ वो तो देख लेंगे ना उसी वक़्त, यदि तुझे राज के सामने शर्म आएगी तो मैं सामना कर लूँगी, और डॉली के सामने तू थोड़ा सामना कर लियो.. ..

मिनी – हाँ ठीक है देखते हैं.. ..

कोमल – टेंशन ना ले, एक बार राज का लंड देख लेगी ना तो भूल जाएगी की वो तेरा बेटा है और तू खुल के उसे गाइड कर पाएगी.. .

मिनी – तू भी ना, मेरे बेटे के लंड के पीछे ही पड़ गई है.. ..

कोमल – हाँ अब क्यूँ शरमना, सच बताऊँ तो मेरा मन है उसका लंड लेने का एक बार.. .. प्रॉमिस की उसके बाद कभी नहीं पर उसे अच्छे से सीखा दूँगी फिर वो और डॉली एंजाय करेंगे.. ..

 
मिनी – चल ठीक है.. .. बताउंगी तुझे जब मैं और राज अकेले होंगे तुझे बुलाती हूँ.. .. तू भी बताना की कब हम डॉली से बात कर सकते हैं.. ..

इन बातों के बाद, कोमल फिर अपने घर चली गई..

कोमल से हुई बात के 2 दिन बाद राज के कॉलेज में हाफ डे था..

मैंने उसी दिन का प्लान बनाया और कोमल को अपने घर बुला लिया..

कोमल लंच टाइम से पहले ही मेरे घर आ चुकी थी..

मिनी – कोमल, बता फिर कैसे अप्रोच करना है.. ..

कोमल – एक काम कर, जब राज आ जाए तो तू उसे लंच करना और लंच के वक़्त ही उससे बात स्टार्ट करना की डॉली के साथ क्या चल रहा है.. .. थोड़ी प्रेशर डालना की वो बताने को मजबूर हो जाए.. .. मैं तब तक यहीं रूम में ही रहूंगी.. .. फिर जब बात फ्लो में आ जाए तो मुझे बुला लेना.. .. फिर हम लोग सिचुयेशन के हिसाब से आगे देखेंगे.. ..

करीब 1 घंटे बाद राज घर आया..

जैसा डिसाइडेड था मैंने उसके लिए लंच लगाया और उसके साथ ही बैठ के उससे बातें करने लगी..

मिनी – बेटा, कैसा था तुम्हारा दिन ..?..

राज – गुड, मम्मी.. .. हाउ वाज़ युवर.. .. घर में बोर तो नहीं हो रहीं ..?..

मिनी – नहीं, मेरी तो यही रुटीन है ना, बोर क्या होना.. .. पर मैं तुझसे गुस्सा हूँ थोड़ा.. ..

राज – क्यूँ मम्मी, मैंने क्या किया ..?..

मिनी – मैंने तुमसे उस दिन इतना पूछा की क्या हुआ है, क्यूँ तुम उदास लग रहे हो.. .. फिर भी तुमने मुझसे कुछ भी शेयर नहीं किया.. ..

राज – मम्मी, इस बात को ले के गुस्सा मत करो ना.. .. आपको को मालूम ही है की कुछ बातें शेयर करना मुश्किल होता है.. ..

मिनी – कैसी बातें, मैं तुम्हारी मम्मी हूँ, फ्रेंड हूँ.. .. तुम शेयर करोगे तभी तो मैं हेल्प कर पाऊँगी.. ..

राज – मम्मी, आप कैसे हेल्प करोगी ..?..

मिनी – बेटा बताओगे तब ही हो कुछ बोले सकती हूँ.. .. मुझे एहसास है की ये तुमसे और डॉली से रिलेटेड है.. .. पर कितना गेस करूँ ..?..

राज – हाँ मम्मी, पर मैं आपको कैसे बताऊँ ..?..

मिनी – सेक्स से रिलेटेड है ..?..?..?..

राज – जी मम्मी.. .. इसलिए तो आप समझ सकती हो ना की मैं आपको नहीं बता सकता.. ..

मिनी – क्यूँ अपनी मम्मी से सेक्स की बातें नहीं हो सकती क्या, पापा से बोलॉगे तो पिटाई भी होगी.. .. मुझसे बताओगे तो तो मैं कुछ सल्यूशन भी सोचूँगी.. ..

राज – हार्ड है मम्मी.. ..

मिनी – ओ के .., चलो अभी डॉली की बात नहीं करते हैं.. .. नॉर्मल सेक्स रिलेटेड बात करते हैं.. .. जब तुम समानया हो जाओ फिर बताना अपनी बात.. .. मैं तुमसे पूछती हूँ, तुम बस आन्सर करते जाओ.. ट्राइ करोगे ना ..?..?..

राज – हाँ मम्मी.. ..

मिनी – ओ के .. ये बताओ की तुम मूठ करते हो ..?..?..

राज – (डाइरेक्ट सवाल से थोड़ा घबराते हुए) हाँ मम्मी.. ..

मिनी – वीक में कितनी बार ..?..

राज – मम्मी ..?..?..?..

मिनी – बताओ ..?..

राज – मम्मी, डेली.. कभी कभी एक दिन में 2 बार ..?..

मिनी – काफ़ी ज़्यादा है बेटा, एनीवे ये बताओ की तुमसे कहाँ से सीखा मूठ मारना ..?..

राज – कहीं से नहीं मम्मी, असल में खुद ही से हो गया.. ..

मिनी – अच्छा अपनी मम्मी को ये बताओ की पहली बार तुमने कब मूठ मारा था और क्यूँ ..?..?..

राज – मम्मी, कैसे बताऊँ ..?..

मिनी – बिना डरे हुए बोल बेटा.. ऑनेस्ट बोल..

राज – मम्मी, स्कूल के वक़्त ही.. मैं अपने लॅपटॉप में पोर्न देख रहा था.. मेरा काफ़ी टाइट हो गया था..

मिनी – बेटा, तुम बोले सकते हो की तुम्हारा लंड टाइट हो गया था..

राज – हाँ वोही मम्मी, फिर खुद ही मेरा हाथ मेरे लंड में चला गया और मैं अपने लंड को पैंट से बाहर निकल के सहलाना शुरू किया.. देर तक सहलाते सहलते ही मेरी लंड से वाइट कलर का काफ़ी थिक पानी निकला.. पहले तो मैं डर गया था.. फिर मैंने उसके बारें में पढ़ा.. फिर मालूम चला की यही मूठ है.. बहुत अच्छी फीलिंग हुई थी, इसलिए फिर से करा.. और धीरे धीरे आदत हो गई..

मिनी – देखो, इतना भी मुश्किल नहीं है ना बात करना.. तो पोर्न देख के तुम्हें मूठ मारने का मन करता है..

राज – हाँ मम्मी..

मिनी – बेटा पॉर्न में काफ़ी सारी फैंटेसी होती हैं.. ये बताओ की तुम्हें किस तरह का पॉर्न देखना सबसे अच्छा लगता है..

राज – मम्मी, मुझे बड़ी बड़ी और मुलायम बूब्स वाली लेडी को देखने में ज़्यादा अच्छा लगता है..

मिनी – अच्छा तो तुम्हें बड़ी बड़ी चुचियाँ पसंद है ..?..

राज – हाँ मम्मी..

मिनी – किसकी बूब्स तुम्हें पसंद है ..?..?.. मेरा मतलब किस पॉर्न स्टार की ..?..?..?..

राज – आप भी देखती हो ..?..

मिनी – बेटा तेरी मां हूँ तो तुम्हें क्या लगता है की मम्मी लोग पॉर्न नहीं देखते.. ..

राज – मम्मी, एक पॉर्न स्टार है के पार्कर, मुझे उसकी बूब्स मस्त लगती है.. .. मैं मोस्ट्ली उसकी वीडियो देख के मूठ मारता हूँ.. ..

मिनी – मैंने नहीं देखा शायद इसकी कोई वीडियो.. दिखाओ मोबाइल में फोटो रखा है तुमने ..?..

राज – आपको कैसे मालूम मम्मी की मेरे मोबाइल में ..?..

मिनी – ये तो आसान है ना बेटा, यदि तुम्हें वो पसंद है तो उसकी फोटो तो रखे ही होगे..

राज ने फिर मुझे के पार्कर की फोटो दिखाई.. काफ़ी मेच्यूर लेडी थी वो..

मिनी – बेटा ये तो काफ़ी बड़ी है, तुम इतने मेच्यूर लेडी की बूब्स पसंद हैं ..?..

राज – हाँ मम्मी, मुझे इसकी बूब्स बड़ी बड़ी लगती है.. और थोड़ा गोल और कसा हुआ बूब्स मुझे ज़्यादा पसंद है.. जब पहली बार मैंने इसका पॉर्न देखा तो ये ना अपने बूब्स के बीच में लंड को दबा के चुदवा रही थी और फिर जब वो लंड आगे जा के बूब्स से बाहर आता था तो उसे अपने मुंह में ले लेती थी.. उसी दिन से मुझे इसकी बूब्स अच्छी लगने लगी थी..

बेटे के मुंह से ये सब सुन के मेरी चूत गीली होने लगी थी..

मिनी – अच्छा बेटा, ये बताओ की तुमने रियल मे बूब्स सबसे पहले कब देखा था ..?..

राज – आप गुस्सा तो नहीं करोगी ना ..?..

मिनी – नहीं बेटा मैं तो तुमसे ये सब पूछ के बस तुम्हें सामान्य कर रही हूँ, ताकि तुम फिर डॉली की बात आसानी से कर सको..

राज – मैंने सबसे पहले रियल में बूब्स मेरे लंड खड़े होने के बाद कोमल आंटी की देखी थी..

मिनी – क्या, कैसे..?..

राज – मम्मी आपको याद होगा की आप और आंटी दोनों स्विमिंग के लिए जाते थे, और पहले मुझे भी ले जाते थे..

मिनी – पर स्विमिंग के वक़्त तो तुमने बिकनी में देखा होगा ना..

राज – हाँ मम्मी, बिकनी में तो बहुत देखा था, पर एक बार जब आप कोमल आंटी की घर गये थे उसके प्राइवेट स्विमिंग पूल में, मैं भी तो गया था.. वहाँ पे शावर तो पूल के बगल में ही था.. तो कोमल आंटी बिल्कुल नंगी हो के नहा रही थी स्वीमिंग के बाद.. मैं स्विमिंग में बिज़ी था, इसलिए शायद आप दोनों ने इग्नोर कर दिया होगा.. पर मैंने सब नोटीस किया था..

मिनी – वाव, राज नॉटी बात.. याद आया.. पर जहाँ तक मुझे लगता है मैं ओपन में नहीं नहाई थी..

राज – हाँ मम्मी, आपने ओपन में शावर नहीं लिया था..

मिनी – अच्छा चलो कोई बात नहीं कोमल ने उतना सोचा नहीं होगा.. तो कोमल के बूब्स उस पॉर्न स्टार के कंपर में कैसे थे ..?..

राज – सेम सेम मम्मी, कोमल आंटी के चुचियाँ भी मस्त साइज़ की हैं.. उतना पास से नहीं देखा था ना मम्मी तो कैसे डीटेल बताऊँ..

मिनी – तो तुम देखना चाहते हो कोमल आंटी की चुचियाँ..

राज – सच बोलूं मम्मी, हाँ..

मिनी – बस कोमल आंटी की या का कोई और भी है लिस्ट है ..?..?..

राज – मम्मी मुझे आपकी सारी दोस्त अच्छी लगती हैं.. सब का बदन भरा हुआ है.. आपकी जो फ्रेंड उस दिन आई थी, अंकिता आंटी.. वो तो एक दम भारी भारी हैं.. मैं सब की चुचियाँ देखना चाहता हूँ..

मिनी – देखो तो अब मेरा बेटा कैसे खुल के बात कर रहा है..

राज – धन्यवाद मम्मी.. मुझे काफ़ी हल्का फील हो रहा है ये सब बात करके..

मिनी – ह्म, इसलिए तो पूछ रही हूँ.. अच्छा सच बताना की तुमने कभी मुझे पूरा नंगा देखा है (मुझे मालूम था की एक दिन उसने मुझे रंगीला के साथ देखा है.)

राज – नो मम्मी..

मिनी – पक्का, मेरी कसम ..?..?..?..

राज – सॉरी मम्मी, आपकी झूठी कसम कैसे खा सकता हूँ.. उस दिन आप और पापा जब हॉलिडे से वापस आए थे और रूम में सेक्स कर रहे थे तो मैंने देखा था..

मिनी – बेटा, अपनी मां और पापा को सेक्स करते देखना अच्छी बात नहीं है.. मैं नेक्स्ट टाइम से सावधान रहूंगी.. और तुम भी अपनी और से सावधान रहना.. यदि हम भूल जाए और तुम देख लो तो जल्दी से हट जाना.. वैसे पूरा देखा था तुमने उस दिन..?..?..

राज – हाँ मम्मी, सॉरी नेक्स्ट टाइम से मैं नहीं देखूँगा..

मिनी – डोंट बी, मेरी ही ग़लती थी ना की हम गेट लगाना भूल गये थे..

मिनी – तुमने कभी मेरी दोस्तों को इमेजिन कर के अपना लंड हिलाया है..

राज – हाँ मम्मी.. प्लीज़ गुस्सा मत करना.. कोमल आंटी को इमेजिन करके मैंने कई बार मूठ मारा है..

मिनी – तुमने उस दिन पापा और मुझे सेक्स करते देखा था तो उसके बाद भी मूठ मारा था क्या ..?..

राज – नो मम्मी, वो सीन मेरे लिए बहुत ही ज़्यादा सेक्सी था.. मैं देख के एग्ज़ाइटेड भी था और डरा हुआ भी था.. डर से मेरा लंड भी सिकुड गया था.. मैंने मूठ नहीं मारी थी मम्मी..

मिनी – इतना तो क्लियर है की तुम आंटी फिगर के औरतो को देख के ज़्यादा एग्ज़ाइटेड होते हो..

राज – हाँ मम्मी, मैं पॉर्न भी देखता हूँ मिलफ वाले..

मिनी – श… सो तुम स्टेप मदर, फ्रेंडस मम्मी, ऐसे पॉर्न देखते हो..

राज – हाँ माँ…

मिनी – और रियल मम्मी वाले भी ..?..

राज – सच बोलूं तो वो भी देखा है.. वो के पार्कर वाली मूवी जो थी, वो रियल मम्मी पे बेस्ड थी.. मूवी का नाम ताबू था..

मिनी – रियली ..?..?..?..

राज – हाँ मम्मी, मूवी थी.. कोई सच में मम्मी के नहीं थे वो..

मिनी – राज, तुम मुझे चोदना तो नहीं चाहते ना ..?..?..

राज – नो मम्मी, सॉरी बस मूवी देख लेता हूँ.. आपको कभी चोदने की नहीं सोचा..

मिनी – मूवी तक ठीक है बेटा.. याद रखो अभी तुम्हारी उम्र भटकने की है, इसलिए कभी भी ऐसा मत सोचना की अपनी मम्मी को ही चोदना है.. ..

राज – आपकी कसम माँ, मैं आपको चोदने की कभी नहीं सोचूँगा..

 
मिनी – गुड, और बेटे तुम जो आंटियों को पसंद करते हो वो पसंद करने के लिए ठीक है.. पर रियल में तुम्हें तुम्हारी उम्र की लड़की से ही शादी करनी है, उसी से सेक्स करना है.. मैं समझ सकती हूँ की हमारे जैसे आंटियों की गाण्ड और चुचि देख के तुम्हारा लंड खड़ा हो जाता है.. पर बेटा, डॉली अभी यंग है, वो भी बड़ी होगी.. उसकी भी गाण्ड और चुचियाँ बड़े बड़े हो जाएँगे.. डॉली बहुत ही अच्छी लड़की है.. यंग लड़कियों का अपना ही अलग नशा होता है.. मान लो की तुम आंटियों की चक्कर में डॉली से अपना रीलेशन खराब कर लेते हो, फिर जब तुम बड़े हो जाओगे तो तुम्हें काफ़ी अफ़सोस होगा की तुमने डॉली जैसी लड़की को खो दिया.. इसलिए बेटा, अपने माइंड में ये बात डालने की कोशिश करो की अभी तुम्हारे लिए डॉली ही सबसे हॉट लड़की है.. उसके बारें में सोचो, उसकी बॉडी को इमेजिन करो, उसे इतना पसंद करो की जब भी उसे देखो तुम्हारा लंड खुद ही खड़ा हो जाए.. रही बात आंटियों की तो डॉली जब आंटी की उम्र की हो जाएगी तो भी तो वो तुम्हारे ही साथ ही होगी.. तब उसे और भी ज़्यादा एंजाय करना..

राज – मम्मी, मुझे वो पसंद है.. मुझे मालूम है मम्मी की फैंटेसी के लिए आंटियां ठीक है.. रियल में तो मुझे अपने उम्र की लड़कियों के साथ ही सेक्स करना है और मैं डॉली को खोना नहीं चाहता.. वो बहुत ही अच्छी है मम्मी..

मिनी – वो बहुत ही अच्छी है से जब वो बहुत सेक्सी है हो जाए.. तब जा के तुम एंजाय कर पाओगे.. हो सकता है आंटियां तुम्हारे दिमाग़ में रहती है, इसलिए तुम डॉली के साथ सेक्स एंजाय नहीं कर पा रहे हो..

राज – मम्मी, आपको कैसे पता..

मिनी – बेटा, तुम्हारी मां हूँ.. तुम्हारे एक्सप्रेशन से ही समझ सकती हूँ की प्राब्लम कहाँ है.. अब बताओ की क्या प्राब्लम हुई थी डॉली के साथ..

राज – मम्मी, मेरा लंड खड़ा तो हो रहा था.. पर थोड़ी देर में ढीला हो जा रहा था.. मैं चाह के भी उसकी चूत में अपना लंड नहीं डाल पाया.. मम्मी मैंने इतना पॉर्न देखा है, लेकिन जब रियल चूत मेरे सामने था तो मेरा दिमाग़ करना बंद हो गया था.. मुझे चूत में कहाँ लंड अंदर डालना है वो समझ ही नहीं आ रहा था.. मैं कोशिश करता था.. नहीं होने से, बुरा फील हो रहा था.. और फिर लंड ढीला पड़ जाता था.. मम्मी बहुत ही ऑक्वर्ड था.. मैं उस दिन से अच्छे से बात नहीं कर पा रहा हूँ डॉली से..

मिनी – चलो तुमने शेयर तो किया.. बेटा पहले तो टेंशन फ्री रहना सीखो.. सेक्स को एंजाय करोगे, मन जितना हल्का रखोगे, उतना ही एंजाय करोगे.. यदि सोचोगे की ये नहीं हो रहा वो नहीं हो रहा.. पता नहीं की जो मैं कर रहा हूँ उसे वो पसंद है भी या नहीं.. तो टेंशन में और भी ढीले पड़ जाओगे.. कीप इन माइंड की तुम मे कोई कमी नहीं है..

राज – हाँ मम्मी, टेंशन मुझे बहुत होती है..

मिनी – सेल्फ़ कॉन्फिडेन्स बढ़ाना होगा तुम्हें अपना, पॉर्न देख के लंड हिलाने से सेल्फ़ कॉन्फिडेन्स नहीं आता..

राज – क्या करूँ मम्मी ..?..

मिनी – कुछ नहीं, तुम्हें बस थोड़ी सी मार्गदर्शन की ज़रूरत है..

राज – मम्मी, कौन करेगा गाइड ..?.. किसे बोलूं ..?..

मिनी – तुमने मुझे बताया तो, मैं ही गाइड करूँगी..

राज – मम्मी, पर ..?..?..

मिनी – डोंट वरी.. मुझे चोदना नहीं पड़ेगा इस प्रोसेस में.. मैं चाहूं तो भी नहीं चुदवा पाऊँगी बेटा..

राज – फिर ..?..

मिनी – पहले तो कुछ टिप्स दूँगी, और प्रॅक्टिकल के लिए मेरे पास उपाय है..

राज – मतलब मम्मी ..?..?..

मिनी – मेरी एक दोस्त मेरा हेल्प करेगी.. वो तुम्हें कुछ प्रॅक्टिकल करना सिखाएगी..

राज – कौन मम्मी ..?..?..

मिनी – जिसे तुम चोदना चाहते हो रियल में ..?..?.. वोही रियल बूब्स जो तुम्हें सबसे पहले देखा था..

राज – कोमल आंटी ..?..?..?.. पर मम्मी वो तो डॉली की मम्मी है..

मिनी – इसलिए तो, मुझे और कोमल को ही ना तुम्हारी और डॉली की चिंता होगी.. इसलिए हम दोनों ही ना तुम दोनों की हेल्प करेंगे.. कोमल भी यही चाहेगी की उसकी बेटी सेक्स अच्छे से एंजाय करे.. तुम उसकी बेटी को अच्छे से चोदो, ताकि हमें तुम दोनों की फ्यूचर की चिंता ना हो..

राज – पर मम्मी, कोमल आंटी अग्री करेंगी इसके लिए..

मिनी – हाँ क्यूँ नहीं करेगी, बस तुम उनके सामने भी ऐसे ओपन्ली बात करना.. कुछ भी समझ नहीं आए पूछ लेना.. बेटा ये बस वन टाइम होगा तो तुम अपनी सारी परेशानियाँ शेयर करना और ज़्यादा से ज़्यादा सीखने की कोशिश करना.. फिर खुद ही सेल्फ़ कॉन्फिडेन्स आ जाएगा..

राज – ओ के.. मम्मी..

फिर मैंने कोमल को आवाज़ लगाई..

राज थोड़ा शॉक में था की कोमल बेडरूम में ही थी..

कोमल – बड़ी देर लगा दी तूने मिनी, क्या हुआ राज अभी भी नॉर्मल नहीं हुआ क्या ..?..

मिनी – क्यूँ तूने हमारी बात नहीं सुनी क्या ..?..?..

कोमल – नहीं यार, तूने दरवाज़ा पूरा लगा दिया था, काफ़ी धीरे आवाज़ आ रही थी.. और मैंने खोला नहीं की राज डर ना जाए..

मिनी – अच्छा कोई बात नहीं, इतने देर से मैं बस राज को ओपन कर रही थी की वो टेंशन फ्री हो जाए, अपनी सारी बातें शेयर करे और लेसन के लिए पूरा तैयार हो जाए.. हम मिल के इसे चोदना सीखते हैं..

कोमल – राज बेटा..?..

राज – हाँ आंटी..

कोमल – अच्छा ये बताओ की मान लो तुम आज डॉली के साथ सेक्स करने वाले हो.. तुम कैसे अप्रोच करोगे ..?..

राज – आंटी मैं, सबसे पहले उसके कपड़े उतरूँगा.. फिर अपने कपड़े उतरूँगा और फिर उसकी चुचियों और चूत के साथ खेलूँगा.. और जब लंड खड़ा हो जाएगा तो उसकी चूत में अपना लंड डाल के चोदूगा..

कोमल – बेटा, ये सब तो ठीक है.. पर देखो.. सेक्स करने से पहले एक एन्वाइरन्मेंट बनाना बहुत ज़रूरी है.. मान लो तुम्हें पता है की आज तुम डॉली को चोदने वाले हो, तो तुम्हें उसके लिए कुछ ख़ास करना चाहिए.. यदि तुम उसे स्पेशल फील कारवाओगे तो उसे अच्छा लगेगा और वो भी सेक्स के लिए उतनी ही ज़्यादा रेडी होगी..

राज – स्पेशल कैसे ..?..

कोमल – कुछ भी बेटे, जैसे समझाने के लिए, उसके लिए कुछ अच्छा सेक्सी सा गिफ्ट ले के जाओ.. जैसे की उसके लिए बिकनी की शॉपिंग करो, उसे गिफ्ट करो, और उसे बोलो की पहन के दिखाए.. ऐसे ही कुछ भी अलग सोचो, जिससे उसे लगे की वो तुम्हारे लिए कितना ख़ास है.. उसे लगना चाहिए की तुम बस अपने लंड को शांत करने के लिए नहीं नहीं चोद रहे.. किसी भी तरह से यदि उसे तुम मे कुछ ख़ास लगेगा तो वो तुम्हारे लिए जल्दी से नीचे गीली हो जाएगी..

राज – ओ के .. आंटी समझ गया..

कोमल – फिर ये बताओ की तुमने डॉली की चूत की चुसाई करी अभी तक और उसने तुम्हारा लंड चूसा..

राज – नहीं आंटी, अभी तक तो नहीं, बस वो मुझे हैंड जॉब देती है और मैं उसे फिंगर कर देता हूँ..

मिनी – बेटा, फिंगर ओर जीभ को अच्छे से इस्तेमाल करने लगोगे तो लड़कियाँ पागल हो सकती हैं.. वो कुछ भी कर सकती है फिर..

कोमल – देखो बेटा, चूत की चुसाई करके भी तुम उसे स्पेशल फील दे सकते हो.. उसे लगेगा की तुम्हें बस अपने लंड को पानी निकालने से मतलब नहीं है, तुम उसकी ख़ुशी को ज़्यादा इंपॉर्टेन्स दे रहे हो.. बेटा, इस उम्र में यदि तुम उसे ज़्यादा एहमियत दोगे, तो बाद में तुम्हें ही आसानी होगी..

राज – ओ के .. आंटी.. मैं नेक्स्ट टाइम डॉली की चूत ज़रूर चुसूंगा..

कोमल – हाँ, पर चूत को चूसना भी एक आर्ट है.. मैं कुछ टिप्स देती हूँ.. जब स्टार्ट करोगे तो हो सकता है चूत गीली ना हुई हो.. तो चूत में थूक लगा के उसे थोड़ा गिल कर लेना.. फिर मान लो ये 2 उंगलियाँ चूत हैं, उसे अपने जीभ से ऐसे ऐसे चाटना.. चूत में जहाँ लंड घुसता है, उसके ऊपर चेक करोगे तो थोड़ा बाहर निकला हुआ एक स्पॉट होगा, उसे क्लिट बोलते हैं.. वो लड़कियों की सबसे सेन्सिटिव प्लेस होती है.. उस पे तुम्हें सबसे ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है.. जब उसे अपनी जीभ से चुसोगे तो उसे बहुत ही ज़्यादा अच्छा लगेगा.. फिर नीचे की छेद में उसी वक़्त अपनी उंगली से चूत की चुदाई करोगे तो लड़कियाँ मज़े से झूम उठेंगी..

मिनी – कोमल, इसे चूत में लंड कहाँ डालना है अभी ये भी अच्छे से नहीं पता.. इसे थोड़ा प्रॅक्टिकल करके बताना होगा..

कोमल – ठीक है, राज ये तुम्हें सीखने के लिए है.. ताकि तुम मेरी बेटी को अच्छे से एंजाय्मेंट दे सको..

फिर कोमल बेड पे लेट गई.. उसमे अपनी पैंट स्कर्ट उतारी और फिर अपनी पैंटी भी उतारी.. उसने अपना पैर फैलाया और चूत सामने किया..

मिनी – देखो बेटा, ये चूत की स्किन को हटाओगे तो तुम्हें एक दम पिंक चूत दिखाई देगा.. कोमल की चूत में तो लंड इतनी बार गया है की ये छेद काफ़ी बड़ा दिख रहा है.. डॉली की छेद इतनी बड़ी नहीं होगी अभी.. ये यहाँ पे उंगली डाल के कन्फर्म कर सकते हो की यहीं पे लंड डालना है.. इधर आओ पास आ कर के देखो..

फिर राज ने भी, कोमल की चूत की ऊपर की स्किन को हटाया और गुलाबी चूत में उसने अपनी उंगलियों से छेद में उंगली डाल दिया..

मिनी – अब ये देखो, यहाँ छेद के ऊपर देखो यहाँ पे टच करोगे तो लगेगा कुछ बाहर निकला हुआ स्पॉट है.. इसे टच करोगे तो देखो ऐसे ही कोमल कैसे पूरी हिल गई.. कोई भी लड़की गरम हो जाएगी.. अब तुम्हें पता है की ये ख़ास छेद है और ये क्लिट है, फिर देखो ऐसे पोज़िशन में आके छेद में अपनी उंगली डालना और अपनी जीभ से क्लिट को चूसना.. पहले धीरे धीरे करना और फिर एक बार सब सेट हो जाए तो अपनी पूरी ताक़त लगा के करना.. डॉली की चूत में स्टार्ट में एक ही उंगली डालना.. इधर आओ कोमल की चूत में 2 उंगली से ट्राइ कर सकते हो.. ऐसे उंगली से चूत को चोदो और ऐसे क्लिट को चूसो..

फिर राज को जैसा बताया था, उसने वैसे ही किया.. कोमल की चूत गरम हो के गीली होने लगी थी..

मिनी – बेटा, अब तुम्हारे ऐसे करने से लड़की की चूत गीली होने लगेगी.. जैसे तुम्हारा लंड से प्री कम निकलता है, वैसे ही चूत से भी निकलता है.. अब तुम क्लिट को छोड़ के चूत से जो गीला गीला निकल रहा है, उसे चूस सकते हो.. उंगली मत निकालो चूत से, देखो ऐसे उंगली से चोदते रहो और छेद और फिर लिक्विड को चूसते रहो..

 
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