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अदला बदली और सामूहिक चुदाई complete

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राज को समझ आ गया था की हम क्या बोले रहे हैं.. वो कोमल की सारी प्री कम को चूस रहा था..

उस वक्त वो रोमांच से बुरी तरह काँप रहा था..

मिनी – अब, एक काम करो चूत में जीभ को डाल के जीभ से चोदो.. देखो दिखती हूँ, हटो थोड़ा साइड.. देखो ऐसे अपने हाथों से चूत की छेद को बड़ा करो और जीभ को चूत के अंदर डाल के जीभ से ही चूत की चुदाई करो..

राज ने फिर वैसा ही किया.. कोमल चूतड़ अब उठा उठा के राज से अपना चूत चुसवा रही थी..

मिनी – अब ये तीनों स्टेप बार बार करते रहो.. तब तक करना जब तक लड़की अपना कम ना छोड़ दे..

राज ने भी सीखे हुए स्टेप को बार बार किया.. जल्द ही कोमल ने अपना पानी छोड़ दिया..

कोमल – मैं आ रही हूँ.. बहन चो.. (कंट्रोल करते हुए) बेटा..

मिनी – चूसते रहो राज, सारा पानी चूस जाओ कोमल की चूत का..

फिर राज ने कोमल की चूत को चूस चूस के सारा पानी सॉफ कर दिया.. इतने में ही राज कुछ बदला बदला लगने लगा था.. काफ़ी कॉन्फिडेंट दिख रहा था..

कोमल – राज, गुड स्टूडेंट..

मिनी – अब नेक्स्ट टाइम डॉली का भी ऐसे बिना लंड निकाले एक बार कम निकल देना.. वो एक दम गरम हो जाएगी..

कोमल – मिनी, राज ने काफ़ी अच्छे से चूत की चुसाई करी..

मिनी – हाँ देखा मैंने भी..

राज – मम्मी, फिर क्या करना है.. आंटी की चूत चूस के मेरा लंड बेहाल हो गया है..

मिनी – वो तो होगा ही, पर अभी भी ख़ास चुदाई में वक़्त है.. तुम जब भी मन लगा के डॉली की चूत चुसोगे, उसे अच्छा फील कराओगे, डॉली भी तुम्हारे लिए कुछ भी करेगी.. तो उसके बाद तुम 2 तरीके से आगे जा सकते हो, या तो अपना लंड निकाल के उसके हवाले कर दो, वो इतनी गरम हो चुकी होगी की वो भी तुम्हारे लंड को प्यार किए बिना नहीं रह पाएगी.. या फिर, डॉली को और भी गरम करो.. इतना गरम करो की वो खुद लंड ले लेगी..

राज – वो कैसे मम्मी..

कोमल – देखा बेटा, लड़की को गरम करने के और भी कई तरीके होते हैं.. जो टिप्स हम अभी देंगे वो तुम चाहो तो चूत चुसाई के पहले भी कर सकते हो..

राज – आंटी मेरा लंड बहुत टाइट हो गया है, उसे बाहर निकाल लूँ ..?..

कोमल – अपनी मम्मी से पूछो..

मिनी – निकाल लो पर अभी उसे ज़्यादा टच मत करना..

राज ने अपना शॉर्ट्स निकाला और अंडरवियर भी निकाल के साइड में रख दिया.. वाव जो मैंने देखा वो सच में काफ़ी सिड्यूसिंग था..

उसका लंड रंगीला से भी ज़्यादा बड़ा हो गया था.. उसका लंड करीब 6 इंच तक सीधा था फिर टिप की और जाते जाते थोड़ा कर्वी था..

एक दम डिल्डो के जैसा दिख रहा था कर्वी डिल्डो.. मैं कुछ समय के लिए उसके लंड को एक टक देखती रही..

कोमल – क्या देख रही हो ऐसे, तेरा बेटा मर्द हो गया है.. इसे थोड़ी गाइड कर देंगे तो सबसे बड़ा वाला चोदु बनेगा.. देख इसका लंड कैसे तना हुआ तुझे सलाम कर रहा है..

मैंने शर्म से उसके लंड की तरफ देखना बंद कर दिया..

मिनी – कोमल चल, उसे अब नेक्स्ट टिप्स दे..

कोमल – देखो बेटा, मेरा तो यही सजेशन होगा की तुम ऐसे लंड मत निकाल लेना, नहीं तो कोई रेज़िस्ट नहीं कर पाएगा.. और तुम्हें फिर चोदुम चुदाई करनी पड़ेगी..

राज – क्यूँ आंटी ऐसा क्या है मेरे लंड में ..?..

कोमल – तेरे लंड में एक नशा है बेटे, कोई भी देखे तो उसका मन मचल जाए..

राज – आंटी क्या मेरा लंड डॉली को सॅटिस्फाइ करने के लिए ठीक है..

कोमल – तू डॉली क्या उसकी मां को भी चोद चोद के ढेर कर सकता है बेटा..

मिनी – बस कोमल, बहुत हुआ उसकी लंड का गुणगान.. अब आगे भी बढ़.. ईव्निंग में रंगीला भी आएँगे, अभी और भी कुछ सीखना है ना..

कोमल – हाँ हाँ, देखो बेटा.. किसी भी लड़की बॉडी में ऐसे कई प्लेस होते हैं, जो काफ़ी सेंसेटिवे होता है.. तो लड़की को गरम करने के लिए उस सारी प्लेसस को एंजाय करना चाहिए.. पहले तो डॉली को चूतिया बनाना और बोलना की वो आराम से लेटे और एंजाय करे.. फिर उसके सारे कपड़े यदि अभी कुछ बचे हों तो निकाल देना.. उसके बाद ऊपर से नीचे तक सारे पार्ट को अपना प्यार देना.. प्यार देने का मतलब, अपने लिप्स और जीभ से उस बॉडी पार्ट को प्यार से सहलाना किस करना और खेलना.. स्टार्ट करना लिप्स से, एक अच्छी सी किस मान लो इस बार की बस नॉर्मल लिप्स किस किया, उसके बाद उसकी ईयर और उसके पीछे अपनी लिप्स और जीभ से हरकते करना, उसके बाद उसकी नेक पे.. नेक पे ध्यान से पूरे नेक को अपना प्यार देना, उसके बाद एक बूब्स को बड़े ही प्यार से पकड़ के सहलाना और उसके निप्पल को अपनी जीभ से प्यार देना, फिर ऐसा ही दूसरे बूब्स के साथ.. फिर दोनों बूब्स की बीच की घाटी में किस करना.. बूब्स प्रेस करने वक़्त ध्यान रखना की लड़की कितना प्रेशर ले सकती है.. डाइरेक्ट ज़ोर ज़ोर से मत दबाना.. प्यार से धीरे धीरे आगे बढ़ना.. उसे अच्छा लगने लगेगा और फिर वो खुद ही बोलेगी की और भी दब्ाओ.. काफ़ी लड़के बूब्स देख के पागल हो जाते हैं और बाकी जगह भूल जाते हैं.. याद रखना हर एक पार्ट जो मैं बता रही हूँ ख़ास है.. बूब्स के बाद फिर उसकी नाभि में कॉन्सेंट्रेट करना.. नाभि के बाद उसके चूत के ऊपर वाली जगह पे, फिर उसकी चूत को, याद रखो तुम्हें कहीं रुकना नहीं है, प्यार दो, हरकते करो और नेक्स्ट पार्ट में जाओ.. चूत के बाद गाण्ड के छेद को फिर लास्ट में उसके तलवे को प्यार करना.. अब बताओ सेम ऑर्डर में की मैंने किस किस पार्ट को नाम लिया..

राज – आंटी, लिप्स, ईयर और उसके आस पास, नेक, बाईं चुचि, दाई चुचि, क्लीवेज, नाभि, चूत के आस पास, चूत, गाण्ड और फिर तलवा..

कोमल – हाँ फिर जब तुम लिप्स से स्टार्ट करके, तलवे तक पहुँच जाओ तो फिर से लिप्स पे जाओ और फिर से स्टार्ट करो.. उसके बाद कुछ देर तक तुम वैसे ही स्टार्ट से एंड करो, फिर थोड़ी देर बाद, तलवे से स्टार्ट करो और लिप्स तक जाओ.. फिर उसके बाद चाहो तो तुम ये सीक्वेन्स मिक्स करो, पर किसी भी पार्ट को इग्नोर मत करना..

मिनी – हाँ बेटा ऐसे करने से, लड़की तुम्हारी दीवानी हो जाएगी.. उसे यकीन हो जाएगा की तुम्हारे लिए उसकी ख़ुशी और उसकी नीड इतनी ज़्यादा ख़ास है.. फिर चलो तो चूत पे एक्सट्रा कॉन्सेंट्रेट कर लेना और बचे हुए पार्ट को एक एक करके एंजाय करना.. मेरा मतलब, लिप्स-चूत, कान-चूत, बूब्स-चूत, नेक चूत, नाभि चूत.. समझे..

कोमल – ऐसे करके सोचो की उसका एक बार और पानी निकाल देना है.. सोचो अभी तक तुमने अपनी नीड का सोचा भी नहीं, और उसका दो बार पानी निकाल दिया..

राज – पर आंटी यदि डॉली एक बार पानी छोड़ देगी तो थक नहीं जाएगी.. फिर मैं कैसे कंटिन्यू करूँगा..

कोमल – बेटा यहाँ पे जा के थोड़ा डिफरेन्स है, लड़के और लड़की मैं.. लड़कियाँ एक साथ काई बार झड़ सकती है.. लड़को को थोड़ा टाइम चाहिए होता है.. इसलिए इस बात से मत डरो की तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा.. तुम्हें मिलेगा और अच्छे से मिलेगा..

राज – धन्यवाद आंटी, धन्यवाद मम्मी.. समझ आ गया..

मम्मी उसके बाद..?..

मिनी – उसके बाद लड़की खुद ही तुम्हारे लंड को अपने कब्ज़े में ले लेगी.. उसके बाद तुम एंजाय करना..

राज – आंटी क्या डॉली मेरा लंड मुंह में लेगी..

कोमल – हाँ ज़रूर लेगी..

राज – पर वो बोलती है की उसे अच्छा नहीं लगता..

कोमल – होता है बेटा, स्टार्ट में थोड़ा घिंन लगता है.. पर फिर बहुत मज़ा आता है.. तुम टेंशन ना लो, वो तुम्हारा अच्छे से चुसेगी..

वैसे साथ में एक फ्लेवर कॉंडम रख लेना.. यदि उसे डाइरेक्ट चूसने में प्राब्लम हो तो स्टार्ट में कॉंडम लगा के चुसवा लेना..

मिनी – हाँ बेटा, याद रखना जब वो तुम्हारा लंड चुसेगी तो तुम अपनी तरफ से उसके मुंह में डाइरेक्ट धक्का मत लगा देना.. देख लेना की वो कितना अंदर ले सकती है.. जब वो शांत हो जाए तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लिए.. और चूसते चूसते थक के रुक जाए, तब तुम अपना लंड उसकी मुंह में आगे पीछे करना.. कोमल प्रॅक्टिकल करने देते हैं उसे.. बेटा, जाओ आंटी ने जो तुम्हें सिखाया लिप्स से तलवे तक उसे कर के दिखाओ मुझे..

कोमल ने अपने बचे हुए सारे कपड़े उतार दिए.. और बेड पे लेट गई..

राज को जैसा सिखाया था उसने वैसे ही कोमल की लीप से ले के तलवे तक चाटना शुरू किया..

कोमल गरम हो के मचल रही थी..

फिर राज ने चूत पे ज़्यादा ज़ोर दिया और बाकी पार्ट्स को अलग अलग से चाटना शुरू किया.. चूत तो वो सच में बड़े प्यार से चाट रहा था.. मैं अपने बेटे को अपनी सहेली की साथ ऐसा करते देख गरम तो हो रही थी, पर मैंने खुद को कंट्रोल किया हुआ था..

कोमल – मिनी, ही इस गुड.. काफ़ी अच्छा कर रहा है ये.. मेरी बेटी तो पागल हो जाएगी..

मिनी – ह्म, आख़िर तू सीखा रही है..

कोमल – तू भी सीखा दे, मिनी सच में करने दे इसे, तू भी भूल जा आज की ये तेरा बेटा है..

मिनी – नहीं कोमल, मैं देख तो रही हूँ.. जब कंट्रोल नहीं होगा, एक डिल्डो डाल लूँगी अपनी चूत में.. तू एंजाय कर ना..

राज – मम्मी क्या एक बार पासिबल है..

मिनी – नहीं बेटा..

राज – ओ के .. मम्मी, पर देखा ना मेरा लंड, देख के आपको कुछ नहीं हो रहा..

मिनी – मैं देख के ही गीली हो गई हूँ, पर उसका मतलब ये थोड़े ही है की मैं अपने बेटे का ही लंड ले लूँ..

कोमल – अच्छा बाबा, मत चुदवाना.. पर मुझे ये समझ नहीं आता की तुझे इसके लंड चूसने में क्या प्राब्लम है.. लंड चूस, अपनी चूत चुसवा, अपनी चुचियाँ चुदवा ले.. तेरी चूत में नहीं घुसेगा ये..

मिनी – कोमल तू कंटिन्यू कर ना, मैं पहले से वीक हो रही हूँ.. मुझे ज़्यादा मत बोले प्लीज़..

कोमल – ठीक है.. तू बस देख के एंजाय कर, अब मैं बेटे का लंड मुंह में ले रही हूँ..

फिर कोमल ने राज का लंड मुंह में ले लिया.. और उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से पूरा अंदर ले ले के चूसने लगी.. राज आँखें बंद करके मज़े से अपना लंड चुसवा रहा था..

राज – आंटी बहुत मज़ा आ रहा है, आंटी आ आ, आंटी और चूसो मेरा लंड..

कोमल – मुझसे अच्छा तेरी मम्मी चूसती है लंड..

राज – मम्मी नहीं चुसेगी आंटी आप ही चूसो..

फिर कोमल राज के लंड को चूसने लगी.. मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने भी डिल्डो निकाला और उसे अपनी चूत में डाल के अपनी चूत को चोदने लगी..

 
सामने मेरे बेटे का लंड था, उसकी लंड में मेरी बेस्ट फ़्रेंड का मुंह.. ये सीन देख के मैं इतनी गरम हो चुकी थी, की डिल्डो के डालते ही मेरी चूत पानी छोड़ दिया..

कोमल – मिनी, अब बस भी कर, यार किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, आ जा तू भी, चूस ले ये लंड, तू तो जवान लंड इतनी भूखी है.. चूत चोदना मैं सीखा दूँगी, आजा लंड चूस ले तू भी.. मुझे मालूम है की तुझसे कंट्रोल नहीं हो पा रहा है..

मिनी – कंट्रोल तो नहीं हो रहा कोमल, इतना मस्त जवान लंड मेरे सामने है..

कोमल – भूल जा मिनी की ये तेरे बेटे का लंड है, बस एक जवान लंड सोच के चूस ले.. वैसे भी वन टाइम है मिनी.. फिर कभी थोड़े ना करना है..

राज – मम्मी, प्लीज़ आओ ना, मम्मी प्लीज़ बस एक ब्लो जोब ना.. उसमे कुछ ग़लत नहीं है..

फिर मुझसे सच में कंट्रोल नहीं हो रहा था..

कोमल ने मेरा हाथ पकड़ा और पास खींच के मेरे हाथ में राज का लंड दे दिया..

अब मैंने भी मन बना लिया था की लंड चूसने में कोई बुराई नहीं है..

मैंने राज के लंड को हाथ में अच्छे से लिया..

उसके लंड के टिप को लेफ्ट हैंड से पकड़ के पूरे लंड को राइट हैंड से सहलाने लगी..

फिर मैंने उसके लंड के सुपाड़े को राइट हाथ से पकड़ के उसके बॉल्स को चूमने लगी..

फिर अपनी जीभ बाहर निकाल के उसके लंड को नीचे से ऊपर चाटने लगी.. लंड को चारों और से नीचे से ऊपर चाटने लगी..

फिर लंड पकड़े हुए ही उसके बॉल्स को अपने मुंह ले लिया और सक करने लगी..

राज मस्त हुआ जा रहा था..

कोमल साइड में लेट के राज के मुंह में अपनी चुचि डाली हुई थी..

राज कोमल की चुचि को चूस रहा था जैसे कोई छोटा बच्चा दूध पी रहा हो..

कोमल अपने फिंगर से अपनी चूत भी सहला रही थी और राज को अपना दूध पीला रही थी..

मैं राज के बॉल्स को अभी चूस रही थी..

फिर मैंने उसके लंड को नीचे पकड़ा और लंड के सुपाड़े को मुंह में ले के धीरे धीरे चूसने लगी..

फिर उसके सुपाड़े को ज़ोर ज़ोर से सक करने लगी.. उसकी लंड से जितना प्री कम निकाल रहा था सारा में सक कर जा रही थी..

कोमल ने उसके मुंह से अपनी चुचि निकली और राज से पूछा –

कोमल – क्यूँ कैसा लंड चूस रही है तेरी मम्मी..?..

राज – आंटी धन्यवाद, आप नहीं होती तो मम्मी कभी भी मेरा लंड नहीं चूसती.. डोंट माइंड मम्मी बहुत ही अच्छा चूसती है..

कोमल – माइंड क्यूँ बेटा, मुझे पता है तुम्हारी मम्मी लंड चूसने की बॉस है.. उसने मुझे भी सिखाया है की कैसे अच्छे से चूसना है..

फिर कोमल ने चुचि फिर से उसके मुंह में डाल दी.. मैंने अब उसकी लंड को पूरा मुंह में ले लिया.. सच में उसका लंड काफ़ी बड़ा था..

बेस्ट लंड जिसे मैंने अपने मुंह में लिया था.. मेरी नेक को भी चोद रहा था उसका लंड.. मैंने फिर उसके लंड को थोड़ा बाहर किया और फिर से पूरा अंदर गपक लिया..

फिर मैंने उसके पूरे लंड को चूसने की स्पीड बड़ा दी, और हाथो से उसके बॉल्स को सहलाने लगी..

दूसरा हाथ मेरे मुंह के साथ साथ लंड को मसल रहा था.. जब मैं उसके लंड को थोड़ा बाहर निकालती मेरा हाथ भी उसके लंड के ऊपर आ जाता.. और जब पूरा लंड अंदर लेती तो हाथ लंड के नीचे तक चला जाता..

इतने देर से बेटे के लंड को देख के मैं जितना तडप रही थी, सारी तड़प मैं उसके लंड को चूस के निकाल रही थी..

मैंने अपनी स्पीड बरकरार रखी, थोड़ी देर में उसका लंड और भी टाइट हो गया और उसके लंड के नस तन के टाइट हो गये, राज पानी छोड़ने वाला था..

मैं उसके लंड के सुपाड़े को अपने मुंह में रख के उसकी रस को पीने के लिए जगह बनाया, हाथ से उसके लंड को मूठ लगाने लगी, फिर थोड़ी ही देर में राज ने अपना पानी छोड़ दिया..

उसकी स्पर्म का एक मोटी धार साइड से मेरे मुंह में गई, मैं उसे गटक गई, फिर दूसरी धार, तीसरी धार, चौथी धार, और आख़िरी धार, ढेर सारा कम मेरे मुंह में गया और मैं सारा गटक गई..

जब लंड को मुंह से बाहर निकाला तो फिर से थोड़ा कम लंड से निकाल रहा था, मैंने उसे साइड से अपनी जीभ में ले लिया..

कोमल ने भी चुचि उसकी मुंह से निकाल दिया था..

राज – मम्मी, आप तो मेरा पूरा रस पी गई ..?..?..

कोमल – हाँ, तेरी मम्मी लंड के रस की दीवानी है.. वो एक भी बूँद नहीं छोड़ती..

राज – मम्मी, आप बहुत सेक्सी हो..

मिनी – बहुत टेस्टी था तेरा कम बेटा..

राज – धन्यवाद मम्मी, आप जब चाहो मेरा रस पी सकती हो..

मिनी – नो राज, तीस इस वन टाइम ओन्ली..

कोमल – कोई बात नहीं राज, तुम्हारी मम्मी तेरा लंड नहीं चुसेगी फिर भी कभी कभी मूठ मारके अपना पानी निकाल लेना, उसे वाइन ग्लास में अपनी मम्मी को सर्व कर देना.. वो पी लेगी..

मिनी – कोमल, तू भी ना… वैसे उसमे कुछ बुराई नहीं है..

राज – ओ के .. मम्मी प्रॉमिस की आपको मेरा रस ऑल्वेज़ पीने को मिलेगा..

मिनी – चल मिनी, अब इसके लंड को फिर से रेडी कर और इसे चोदना सीखा..

कोमल – तू चूसना चालू रख, मैं इसे अपनी चूत चूसने देती हूँ, 2 साइड से जल्दी गरम हो जाएगा..

फिर कोमल ऊपर उठ के उसके मुंह में अपना चूत डाल के बैठ गई..

मैंने फिर से राज के लंड को चूसना स्टार्ट किया.. वैसे उसका लंड ज़्यादा ढीला नहीं पड़ा था.. थोड़ी ही देर में उसका लंड तन कर फिर से तैयार था..

मिनी – कोमल, इसका लंड रेडी है..

फिर कोमल, बेड पे अपना पैर फैला के सो गई..

 
मैंने राज को पकड़ के उसकी चूत के पास लाया और उसके लंड को कोमल की चूत में आईं करने में हेल्प करने लगी..

मिनी – बेटा, खुद से चूत की स्किन को साइड करो, और याद है ना छेद कहाँ है वहाँ पे लंड को अड्जस्ट करो, और धीरे से अंदर डालना..

फिर राज ने कोमल की चूत की स्किन को साइड किया, लंड को स्किन के अंदर डाला, छेद पे थूक लगाया और धीरे से प्रेशर दे के लंड के सुपाड़े को चूत के अंदर डाल दिया..

राज – मम्मी, सही गया है ना..

मिनी – हाँ बेटा, धीरे धीरे और प्रेशर बड़ा और धीरे धीरे पूरा लंड चूत में डाल दो.. डॉली को चोदोगे तो इस प्रोसेस में थोड़ा ज़्यादा प्रेशर लगाना होगा.. उसकी अभी बहुत टाइट होगी..

राज ने लंड को और भी प्रेस किया और धीरे धीरे पूरा लंड कोमल की चूत में डाल दिया..

मिनी – अब लंड को बाहर निकालो धीरे धीरे, इतना बाहर निकालना की जो लंड का सुपाड़ा है वो चूत में ही रहे..

राज ने वैसे ही लंड को बाहर निकाला, और सुपाड़े तक आ के रुक गया..

मिनी – अब फिर से प्रेशर दो, एक बार में पूरा लंड फिर से चूत में डाल दो..

राज ने वैसे किया..

मिनी – ओ के .. नाउ मुझे पता है की क्या करना है, अब इसी स्पीड में चोदो कोमल को..

राज ने अपनी स्पीड सेम रखी, आराम से वो लंड को बाहर लाता फिर एक बार में लंड को अंदर डाल देता.. थोड़ी देर ऐसे ही चोदता रहा..

मिनी – बेटा, अब अपनी स्पीड बड़ा दो.. जल्दी जल्दी लंड को बाहर निकालो और तेज़ से अंदर डालो..

राज ने अब अपनी स्पीड बढ़ा दी.. कोमल मस्त हो रही थी, बड़े लंड से चुद के..

कोमल – और ज़ोर लगा बेटा, तेरे लंड ने मेरी चूत के अंदर तूफान मचाया हुआ है, और ज़ोर से चोद बेटा अपनी होने वाली सासू मा को..

राज – ओ के .. सासू मा..

फिर राज ने अपनी सारी दम लगा के कोमल की चूत को चोदना शुरू किया.. थोड़ी देर तक राज हम च हम च के कोमल की चूत को चोदता रहा..

मिनी – अब बाहर निकाल बेटा लंड, कोमल तू पोजीशन ले ले दूसरा..

कोमल ने, डॉगी पोज़िशन बनाया और अपनी गाण्ड को उठा के चूत को उसके लंड के सामने कर दिया..

मिनी – बेटा अब, तू फिर से अंदर कर चूत में, और चोदना स्टार्ट कर..

इस बार राज ने आसानी से खुद ही अड्जस्ट कर लिया, और फिर कोमल की चूत को चोदने लगा..

मिनी – बेटा देख कोमल की गाण्ड को ऐसे पकड़ ले, और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा..

राज ने भी कोमल की गाण्ड को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से पीछे से कोमल की चूत को चोदने लगा.. थोड़ी देर इसी पोज़िशन में चोदता रहा..

फिर मैंने कोमल को और भी पोज़िशन करने बोले, जैसे की राज सोफे पे बैठ गया, कोमल ने उसकी लंड को उसकी तरफ मुंह करके राइड किया, फिर उसकी तरफ अपना पीठ करके राइड किया..

फिर कोमल ने सोफे से नीचे आ के, सिर नीचे और चूत को सोफे की सपोर्ट से ऊपर कर दिया.. और राज ने खड़े हो के उसकी चूत की चुदाई करी..

फिर कोमल उसके उसके लंड के ऊपर बैठ गई, राज सोफे पे लेता था..

मैंने इस बार कोमल को रोके रखा और राज को बोला की वो नीचे से गाण्ड उठा उठा के लंड को अंदर बाहर करे.. ऐसे ही सारे पोज़िशन ट्राइ किया..

राज – मम्मी, मैं झड़ने वाला हूँ..

कोमल – मिनी रुक मैं मुंह में लेती हूँ, फिर शेयर करेंगे..

फिर कोमल ने उसके सारे कम को मुंह में लिया और मैंने और कोमल ने के दूसरे को किस करते हुए राज की स्पर्म को शेयर किया..

राज – धन्यवाद मम्मी और आंटी.. अब मैं डॉली को ज़बरदस्त चोदूगा..

कोमल – हाँ बेटा, इसलिए तो इतना किया ताकि तू मेरी बेटी को सेक्स के मज़े अच्छे से दे सके..

मिनी – डॉली के साथ आराम से करना.. उसका पहला टाइम होगा ना.. प्यार से करना.. खून निकलेगा उसकी चूत से पर डरना मत..

कोमल – और बेटा कॉंडम ज़रूर लगाना.. चाहे मुँह में डाले या चूत में.. समझा.. देख बेटा बिना कॉंडम लगाए करने से अगर रुक गया तो तुम्हारे मस्ती करने की उम्र खराब हो जाएगी और बहुत सी मुश्किले हो सकती हैं वो अलग.. अगर किसी वजह से तेरी शादी डॉली से नहीं हुई और उसने तेरा नंगा लंड चूसके दूसरे का नंगा लंड चूसा तो उसके मुँह में छाले, अल्सर और ना जाने क्या क्या होगा.. ज़्यादा नंगे लंड से चुदने पर किड्नी में पथरी, पीलिया या तक की गर्भाशय तक नष्ट हो सकता है.. और बुरी इस्थिति में तो गुप्त रोग भी.. समझ गया ना.. चुदाई के बाद उसकी चूत में मुतना भी मत भूलना.. ठीक है..

राज – ठीक है आंटी..

 
कोमल के जाने के बाद, मैं और राज एक दूसरे से बात कर रहे थे..

राज – मम्मी, बहुत बहुत धन्यवाद आप दोनों को.. मैं अब कॉन्फिडेंट हूँ की मैं डॉली को चोद के खूब एंजाय करूँगा..

मिनी – हाँ बेटा, इसलिए तो अरेंज किया था ना ये..

राज – मम्मी, आप बहुत अच्छी हो ..?.. पर मम्मी कोमल आंटी ऐसा क्यूँ बोले रही थी की आप जवान लंड की दीवानी हो..?..

मिनी – ऐसा कुछ नहीं है बेटा, अब तू इतना जान ही गया है तो ये भी जान ले की मुझे ना लंड को चूसना और उसका रस पीना बहुत अच्छा लगता है.. जवान लड़के के लंड का अलग ही मज़ा है.. इसलिए बस मेरा मन करता है की जवान लंड भी चूसने को मिले.. ऐसा कुछ ज़रूरी नहीं है, मैं तुम्हारे पापा के साथ सेक्स लाइफ में काफ़ी खुश हूँ..

राज – मम्मी, मैं समझ सकता हूँ, इतने सालों से आप बस पापा का लंड चूस रहे हैं, इसलिए आपका मन करता होगा की जवान लड़के का लंड चूसने को मिले..

मिनी – हाँ मन तो करता है, पर बेटा मैंने जो तुम्हारा लंड चूसा, उसे हम कंटिन्यू नहीं करेंगे.. इट्स वेरी रॉंग और ये और भी कॉंप्लिकेटेड होता जाएगा.. ये तेरे मेरे दोनों की लाइफ को हिला सकता है.. किसी को भी मत बतना की मैंने तुम्हारा लंड चूसा.. डॉली को भी नहीं..

राज – ओ के .. मम्मी, मैं किसी को कुछ भी नहीं बताऊंगा.. पर मम्मी, यदि आपको कभी ज़रूरत हो तो प्लीज़ बता देना, मैं खुद से अपने लंड का पानी निकाल के आपको दे दूँगा..

मिनी – हाँ वो कर सकते हैं.. वैसे भी तेरे पापा 2 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं काम से.. 2 दिनों में मुझे कभी कभी पीला देना बेटा..

राज – ओ के .. मम्मी..

मिनी – डॉली को कब चोदने वाले हो..

राज – मम्मी नेक्स्ट सॅटर्डे प्लान करेंगे.. अभी उससे पहले अच्छे से बात करनी है.. सॉरी भी बोलना है लास्ट टाइम के बिहेवियर के लिए..

मिनी – हाँ बेटा, शी इस नाइस.. फिर कोमल भी है तो डोंट लूज़ होप..

राज – मम्मी, आप लोग कोमल को भी कुछ गाइड करोगी ..?..

मिनी – डोंट टेल हेर.. कोमल ने बोला है की कल का प्लान है.. तो देखती हूँ.. उसे अच्छे से ट्रेन करूँगी.. ताकि वो तुझे भी खुशी दे सके..

राज – धन्यवाद मम्मी.. कोमल आंटी रियली में बहुत सेक्सी हैं..

मिनी – हाँ, तूने तो उसे चोद भी लिया..

राज – हाँ मम्मी, मुझे तो यकीन भी नहीं हो रहा की मैंने आपकी दोस्त को चोदा है..

मिनी – हाँ तुम्हारी तो नज़रे पहले से थी मेरी दोस्तों पे..

राज – सॉरी मम्मी, क्या करूँ, मेरा लंड आपकी दोस्तों को देख के खुद ही टाइट हो जाता है..

मिनी – हाँ तेरी नज़रे तो अंकिता पे भी है ना..

राज – सच बताऊँ तो अंकिता आंटी का सोचते ही मेरा लंड अटेंशन में आ जाता है.. काश मम्मी कभी अंकिता आंटी को भी चोदने का सुख मिल जाता..

मिनी – कंट्रोल बेटा..

राज – सॉरी मम्मी.. पर मम्मी अंकिता आंटी भी तो एक जवान लड़के की मां है..

मिनी – हाँ तो..

राज – मम्मी, मैं आपके बारें में सोच रहा हूँ.. जैसे मैंने कोमल आंटी को चोदा.. आप भी तो अंकिता आंटी के बेटे को चोद सकती हैं.. आपको जवान लंड भी मिल जाएगा और जो प्राब्लम आपके और मेरे बीच में है वो प्राब्लम भी नहीं आएगा.. वो ग़लत भी नहीं होगा..

मिनी – तुझे बड़ी चिंता हो रही मेरी.. बोले ना की तू चाहता है की मैं उसके बेटे से चुदवा लूँ.. और तू अंकिता को चोदे..

राज – नो मम्मी, प्रॉमिस की यदि आप चाहो तो बस आप आंटी के बेटे से चुदवा लो.. मैं अपनी तरफ से कभी आपको प्रेशर नहीं दूँगा की अंकिता आंटी को चोदना है..

मिनी – रियली, ठीक है फिर मैं उसके बेटे अमन से चुदवा लेती हूँ.. और तुझे कुछ भी नहीं मिलेगा..

राज – कोई बात नहीं मम्मी, आपके लिए ये बहुत छोटा सॅक्रिफाइस है.. मैं तो आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.. आप उनके बेटे को चोद लेना.. मैं अंकिता आंटी को बस इमेजिन कर के ही कभी कभी हिला लूँगा.. पर मम्मी जब आपको दूसरा जवान लंड मिल जाए तो भी कभी कभी मेरे लंड के रस को याद कर लेना..

मिनी – अरे, बेटा तुम तो सीरीयस हो गये.. मैंने बस मज़ाक में बोला.. इतना आसान नहीं है ना ये सब.. फिर भी मैं कोशिश करूँगी की अंकिता से बात करने की हम एक दूसरे के बेटे से चुदवा सकते हैं.. कोमल होती तो ज़्यादा प्राब्लम नहीं थी, हम एक दूसरे से इतने ओपन हैं की कोमल झट से रेडी हो जाती.. पर अंकिता अभी भी इतनी नहीं खुली है.. अंकिता को मानना फिर उसके बेटे को अमन को भी मानना होगा..

राज – आप अमन से मिली हो ..?..

मिनी – हाँ, मिली हूँ ना..

राज – मम्मी, मुझे यकीन है की अमन बिना सोचे आपको चोदने के लिए रेडी हो जाएगा..

मिनी – क्यूँ..?..?..

राज – मम्मी, सच बोलूं भले ही आपके गाण्ड और चुचि आपके दोस्तों जैसे बड़े बड़े नहीं है.. पर आपने जैसा शेप मेनटेन रखा है ना, मुझे प्राउड फील होता है की आप मेरी मां हो.. कोई भी जवान लंड आपकी फिगर पे फिदा हो जाएगा.. आपकी चुचियाँ पर्फेक्ट साइज़ की हैं, ना ही छोटी ना ही बहुत बड़ी, आपकी गाण्ड इतनी सुडोल है.. और आप के लंड चूसने का अंदाज तो कुछ अलग ही तरीके का है..

मिनी – श, धन्यवाद बेटा.. पर तुम्हारे मुंह से अपनी सेक्सी बॉडी के बारें में सुनने में कुछ अलग सा फील हो रहा है.. चल अब तू जा अपनी स्टडी कर.. डॉली से बात कर.. पापा आते होंगे.. मैं अंकिता से बात करूँगी कभी..

राज – धन्यवाद मम्मी, धन्यवाद अगेन फॉर टुडे..

दूसरे दिन कोमल ने कन्फर्म किया की हम डॉली से आज ही बात करेंगे..

मैं वहाँ 11 बजे जाने वाली थी..

रंगीला अपने काम से 2 दिन के लिए आउट ऑफ स्टेशन जा चुके थे..

सुबेह सुबेह राज ने मेरे रूम को नॉक किया..

मैंने जब रूम खोला तो राज एक वाइन ग्लास में अपना मूठ निकाल के दरवाज़े पे खड़ा था..

राज – मम्मी, आपके लिए.. मॉर्निंग टी..

मिनी – धन्यवाद बेटा, अजीब साउंड आ रहा है.. पर कल रात तेरे पापा काफ़ी बिज़ी थे.. तो मुझे चाहिए था ये.. आ बैठ..

फिर मैंने राज से वाइन ग्लास लिया और बेड पे बैठ के राज के लंड के जूस हो पीने लगी..

मिनी – बहुत माल निकालता है तेरा बेटा..

राज – आप ही का प्रॉडक्ट हूँ मम्मी, आपको पूरा अधिकार है.. आप एंजाय करो..

मिनी – बड़ा खुल गया है तू कल से.. वैसे आज मैं कोमल के यहाँ जा रही हूँ.. डॉली से बात करने..

राज – धन्यवाद मम्मी.. पर डॉली को कैसे गाइड करेंगे आप दोनों.. मुझे तो प्रॅक्टिकल करवाने के लिए कोमल आंटी थी..

मिनी – वो तू हम पे छोड़ दे.. तू बस सनडे उसे चोदने का मूड बना..

राज – हाँ मम्मी..

फिर मैं ब्रेकफास्ट करके, राज को भी करा के कोमल की घर चली गई.. डॉली ने ही दरवाज़ा खोला था..

डॉली – हाय आंटी..

मिनी – कैसी हो बेटा..?..

डॉली – अच्छी हूँ आंटी..

कोमल ने भी हमें जाय्न किया..

कोमल – आ जा मिनी.. बैठ..

डॉली – मम्मी , मैं अपने रूम में जाती हूँ.. आप दोनों कंटिन्यू करो..

कोमल – नहीं बेटा, तुम भी यहीं बैठो.. हमें तुमसे भी कुछ बात करनी है..

डॉली – क्या हुआ मम्मी..?..

मिनी – बैठ अच्छे से..

डॉली – मम्मी, मैं कुछ गड़बड़ करी क्या ..?..

कोमल – नहीं कुछ गड़बड़ नहीं करी..

मिनी – बेटा, तुम्हारी राज से दोस्ती कैसी चल रही है..?..

डॉली – ठीक है आंटी.. आंटी मुझे लगता है की आपको मालूम है की मैं और राज एक दूसरे को डेट कर रहे हैं..

मिनी – हाँ मालूम है, इसलिए तो पूछा

डॉली – सब ठीक ही है आंटी..

कोमल – बेटा, आंटी ये पूछ रही है की तुम दोनों की सेक्स लाइफ कैसी है ..?..?..

डॉली – मम्मी !!!

मिनी – तू भी ना कोमल, देखो बेटा, ऐसे डाइरेक्ट नहीं पूछना चाहिए.. पर बस हम जाना चाहते हैं की सब ठीक तो है.. मैं कई दिनों से राज को परेशान देख रही थी.. और कोमल बता रही थी की तू भी थोड़ी उदास है.. बेटा, यहाँ हम बस लड़कियाँ ही हैं.. तुम शेयर कर सकती हो..

कोमल – बताओ सच है ना, कोई प्राब्लम चल रही है..?..?..

डॉली – मम्मी, पर मैं कैसे बताऊँ ..?.. वो भी आपके सामने ..?..?..

मिनी – बेटा, देख लड़कियों में ऐसी बातें करने में झिझक नहीं होनी चाहिए.. और कोमल तुम्हारी मम्मी है, उसे सबसे ज़्यादा फ़िक्र है तेरी.. और मैं राज की मम्मी हूँ.. तो हम दोनों तो यही चाहेंगे ना की तुम और राज दोनों खुश रहो, अपनी लाइफ एंजाय करो..

डॉली – ओ के .. आंटी.. वो कुछ दिन पहले ना हम पहली बार सेक्स कर रहे थे, तो काफ़ी ऑक्वर्ड सा हो गया था.. मैं राज का देख के डर गई थी..

मिनी – मतलब राज का लंड ..?..?..

डॉली – हाँ आंटी..

मिनी – देखो बेटा, तुम ओपन्ली भी बात कर सकती हो.. लंड, बुर, चूत, चुदाई ये सब बोले सकती हो डरो नहीं..

डॉली – ओ के .. आंटी, वो ना राज का लंड जब पूरा खड़ा हुआ था, मैं बहुत ही ज़्यादा डर गई थी.. मुझे समझ नहीं आ रहा था की इतना बड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत में कैसे अंदर जाएगा.. राज भी पहली बार चोद रहा था तो उसे भी क्लियर नहीं था की कैसे अंदर डालना है.. इसलिए पूरे सेशन के बाद हम दोनों काफ़ी एंबरस्स हो गये थे..

कोमल – इसमे एंबरस्स होने की बात नहीं है बेटी.. पहली बार डर लगता है.. वैसे तुमने क्या उसी दिन पहली बार राज का लंड देखा था जो डर गई थी..

डॉली – मम्मी, उससे पहले मैंने उसके शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल के उसका लंड हिलाया था.. पर इतने सामने से इतना टाइट लंड देखा नहीं था..

कोमल – फिर तू तूने कभी उसकी लंड को मुंह में भी नहीं लिया होगा..

डॉली – नहीं मम्मी..

कोमल – देख बेटा, नॉर्मली लड़के सेक्स के लिए ज़्यादा उतावले होते हैं.. पर यदि तू अच्छे से सहयोग करेगी तो तुम दोनों ज़्यादा एंजाय करोगे.. नहीं तो जल्द ही बोर हो जाओगे सेक्स से..

मिनी – बेटा, लंड कितना भी बड़ा हो, ये जो हमारा चूत होता है ना लंड के साइज़ के हिसाब से खुद हो ढाल लेता है.. मुझे नहीं मालूम की राज का लंड कितना बड़ा है ..?..

डॉली – आंटी जी, बहुत बड़ा और मोटा है..

मिनी – हाँ फिर भी, ये जो चूत है ना वो सब अंदर ले ही लेती है.. थोड़ा दर्द होगा स्टार्ट में और भी वोही दर्द मज़ा में बदल जाएगा..

कोमल – और बेटा, देख तू लकी है की तुझे बड़ा सा अच्छा सा लंड मिल रहा है..

डॉली – क्यूँ मम्मी ..?..

कोमल – वैसे तो साइज़ बहुत ज़्यादा मैटर नहीं करता, पर बेटा बिग्गर इस ऑल्वेज़ बेटर..

डॉली – मम्मी, पापा का छोटा है क्या लंड..?..

कोमल – पापा कहाँ से आ गये बीच में, बदमाश.. नहीं तुम्हारे पापा का ही साइज़ अच्छा है..

डॉली – मम्मी ऐसे ही पूछा..

कोमल – देख, तुझे थोड़ा गाइड करने की ज़रूरत है फिर तू भी अच्छे से एंजाय करेगी राज का लंड..

मिनी – देखो बेटा, नॉर्मली तो लड़के सेक्स के लिए ऑल्वेज़ रेडी रहते हैं और लड़के ही स्टार्ट करते हैं टीज़ करना, ताकि दोनों गरम हो जाए और फिर चुदाई करे.. पर मान लो कभी राज का मन ना भी हो तो और तुम्हारा मन बहुत कर रहा हो तो तुम भी स्टार्ट का हिंट दे सकती हो..

कोमल – हाँ और स्टार्ट काफ़ी आराम आराम से करना.. जैसे की एक सेडक्टिव सा किस.. सिंपल नहीं, थोड़ा लम्बा, जिसमे एक दूसरे की लिप्स और थूक को एंजाय करना..

मिनी – हाँ बेटा, अपने पार्ट्नर को अच्छा फील करना बहुत ज़रूरी है.. यादि तुम्हारा पार्ट्नर अच्छा फील करेगा तो वो अच्छे से चुदाई कर पाएगा..

कोमल – चलो बेड रूम में चलते हैं.. वहाँ पे थोड़ा प्रॅक्टिकल करने की भी कोशिश करेंगे..

फिर हम तीनों बेड रूम में चले गये.. बेड पे कोमल आराम से लेट गई, मैं और डॉली खड़े ही थे..

कोमल – चलो बेटा, अब इमेजिन करो की मिनी आंटी एक लड़का हैं.. दिखाओ कैसे किस करोगी..

फिर डॉली थोड़ा अभी भी डरते हुए, मेरी और आई..

कोमल – रुक ये देख, ऐसे फेस को दोनों हाथों से पकड़ते हैं और फिर धीरे से अप्पर लिप्स या लोवर लिप्स दोनों में से किसी भी एक को सेलेक्ट करते हैं..

फिर कोमल और मैंने, एक किस करके डॉली को दिखाया.. 2 मिनिट तक कोमल और मैं एक दूसरे की लिप्स को खाते रहे.. फिर से कोमल ने डॉली को करने के लिए बोला..

इस बार डॉली काफ़ी कॉन्फिडेंट थी..

उसने मेरे फेस को अपने हाथों से पकड़ा और फिर मेरी अप्पर लिप्स को अपने दोनों लिप्स के बीच में रख के उसे खाने लगी..

मैंने भी डॉली के लोवर लिप्स को खाना स्टार्ट किया..

दोनों एक दूसरे की लिप्स को खाने में खो गये.. फिर हम दोनों ने लिप्स की अदला बदली की, वो मेरा लोवर लिप्स खाने लगी और मैं उसका अप्पर लिप्स.. अब हम दोनों काफ़ी गरम हो रहे थे.. डॉली ने मेरी लिप्स को चूसना चालू रखा..

फिर मैंने उसकी लिप्स को चूसना बंद किया, अपने जीभ को थोड़ा बाहर किया और डॉली के लिप्स की बीच में अपनी जीभ को डाल दिया..

अब डॉली मेरे लिप्स को चूसने लगी.. फिर मैंने भी डॉली के लिप्स चूसना स्टार्ट किया..

करीब 5 मिनट तक हम एक दूसरे को किस करते रहे..

कोमल – बेटा, किस करती रहो, और हाथ से आंटी के चूत की सहलाओ.. याद रखो जब राज होगा तो उसके लंड को सहलाना है..

इतने गरम किस के बाद उसका लंड खड़ा हो ही जाएगा..

फिर कोमल ने मेरी फेस से एक हाथ हटाया और उसे मेरी चूत के ऊपर रख के कपड़े के ऊपर से सहलाने लगी..

इस प्रोसेस में हमने किस से कुछ सेकेंड्स का ब्रेक लिया और फिर से किस करने लगे..

वो मेरे चूत को सहला रही थी.. मैंने भी डॉली की चुचि को एक साथ से सहलाना शुरू किया..

करीब 10 मिनट और हम यही करते रहे..

कोमल – बस बेटा, अब रूको.. याद रखो जब ये सब हो जाए तो लड़के का लंड टाइट हो जाएगा.. अब ख़ास बात है की लंड के साथ कैसे खेला जाए.. देख ये डिल्डो है, इसका साइज़ देख क्या ये राज के साइज़ का है..?..?..?..

डॉली – हाँ मम्मी, ऑलमोस्ट राज के साइज़ का ही है..

कोमल – वाव, तुम लकी हो बेटा..

मिनी – देख अब मैं इसे चूस के दिखती हूँ..

मैंने डिल्डो के सुपाड़े को अपने हाथों से पकड़ा और बॉल्स को लीक करने लगी..

कोमल – बेटा, देखो ये लंड को 3 पार्ट में अलग अलग से देख.. जहाँ आंटी ने पकड़ा हुआ है, उसे सुपाड़ा बोलते हैं, वो एक दम बड़ा सा मोटा सा होगा.. असल में राज को सुपाड़ा स्किन के अंदर होगा.. तो तू पहले उसके लंड को थोड़ा सहलाना और सहलाते सहलाते उसके सुपाड़े से स्किन को हटाना.. फिर जब उसका सुपाड़ा बाहर आ जाए तो लंड को जैसे आंटी ने ऊपर पकड़ के रखा है.. वैसे ही पकड़ना.. दूसरा पार्ट है, बॉल्स जिसे आंटी अभी चूस के दिखा रही है.. वैसे ही चूसना.. फिर से 3र्ड पार्ट जो बॉल्स और सुपाड़े के बीच में ये शाफ़्ट है.. ये शाफ़्ट जितना लम्बा उतना ही अच्छा.. तो देखो अब ढंग से आंटी कैसे अपने जीभ से शाफ़्ट को नीचे से ऊपर तक लीक कर रही है.. वैसे ही करना.. चलो अब इतना करके दिखाओ.. फिर मैंने डिल्डो डॉली को दिया..

डॉली को जैसा कोमल ने सिखाया था, वैसे ही डिल्डो को चूसना शुरू किया..

राज की ही तरह डॉली भी काफ़ी जल्दी सिख रही थी.. फिर मैंने दूसरा डिल्डो खुद लिया और अब डॉली को ब्लो जोब करना सीखने लगी..

कोमल – देख अब आगे, दोनों हाथ और मुंह का इस्तेमाल करना है.. देख आंटी कैसे एक हाथ से लंड के नीचे वाले हिस्से को पकड़ के सुपाड़े को चूस रही है, और दूसरे हाथ से बॉल्स को सहला रही है.. देख बॉल्स काफ़ी संवेदन शील होता है, तो ज़ोर से मत मारना उसमे, प्यार से सहलाना.. पहले सुपाड़े को जी भर के चूसते हैं.. अब देख आंटी कैसे पूरे लंड को अपने मुंह में डाल रही है, और देख कैसे अब बस 2 उंगली से लंड को पकड़ी हुई है ताकि पूरा लंड ले सके, और देख भी वापस लंड को मुंह से बाहर निकाल रही है.. और साथ ही साथ हाथ का ग्रिप भी ऊपर आ रहा है.. फिर अब ऐसे ही मुंह और हाथ से लंड को मुंह के अंदर लेना है और बाहर निकालना है.. बाहर निकालते वक़्त जब सुपाड़ा आ जाए तो फिर से अंदर जाना है.. चल अब कर के दिखा..

डॉली – मम्मी, इतना बड़ा डिल्डो पूरा मुंह में कैसे लूँगी..

मिनी – कोशिश करो बेटा, धीरे धीरे पहले बस सुपाड़ा लो, फिर थोड़ा और अंदर ले के चूस लो.. धीरे धीरे और भी ज़्यादा अंदर लेना है..

डॉली ने डिल्डो को बेड पे सीधा रख के उसे अपने राइट हैंड से पकड़ा और सुपाड़े को मुंह के अंदर लिया..

कोमल – हाँ बेटा, अब जैसे बर्फ वाली आइस्क्रीम चूसती हो ना, वैसे ही सुपाड़े को चूसो..

डॉली ने फिर सुपाड़े को चूसना शुरू किया.. अब वो बिल्कुल सही तरीके से डिल्डो के सुपाड़े को चूस रही थी..

मिनी – अब थोड़ा अंदर ले बेटा..

 
डॉली ने डिल्डो को और अंदर लेना शुरू किया, थोड़ा अंदर लेटे ही शायद उसका मुंह भर गया होगा..

कोमल – ठीक है अभी इतना ही लंड को अंदर बाहर कर.. हाथ का मूव्मेंट भी मत करा..

डॉली भले ही अभी बिल्कुल थोड़ा ही अंदर लिया था, पर उसने सीखा सही था.. वो सही तरीके से लंड को चूसने लगी..

मिनी – बेटा, अब अपने गले को खोलो और धीरे धीरे लंड को और भी अंदर लेने की कोशिश करो.. धीरे धीरे..

डॉली ने कोशिश करी, डिल्डो लंड और भी अंदर गया.. उसने फिर से कोशिश करी और भी ज़्यादा अंदर ले लिया.. अब करीब आधे से ज़्यादा डॉली अंदर ले चुकी थी.. और बिल्कुल सही तरीके से चूस रही थी..

कोमल – और अंदर लेने की कोशिश करो बेटा, जितना अंदर लोगि उतना ही अंदर तक तेरी मुंह की चुदाई होगी..

डॉली ने फिर से कोशिश करी, इस बार ऑलमोस्ट 80% लंड अंदर ले लिया और चूसने लगी..

मिनी – बस कोमल इतना काफ़ी है, धीरे धीरे खुद ही कर लेगी ये अब.. एक ही बार में पूरा अंदर लेगी तो सरक सकती है..

कोमल – ठीक है बेटा, थोड़ा आराम कर लो..

मिनी – कैसा लगा डिल्डो को ब्लो जोब देके..

डॉली – अच्छा लगा आंटी, पर रियल लंड को चूसने से घिंन नहीं आएगी..

मिनी – वो तो तुम्हारे माइंडसेट में है बेटा, यदि तुम पहले से सोच लो की घिंन आएगी तो आएगी.. पर तुम पहले से यदि एग्ज़ाइटेड हो की नहीं आज इस लंड को पूरा अपने मुंह के अंदर ले के चूस चूस के उसका पानी निकालना है तो घिंन नहीं आएगी..

कोमल – फिर भी, यदि स्टार्ट में प्राब्लम हो तो राज को बोलना की फ्लेवर कॉंडम खरीदे, नॉर्मल नहीं.. वो लगा के चूसना.. इससे फिर आदत बन जाएगी..

डॉली – मम्मी, लंड चूसना ज़रूरी क्यूँ है ..?..?..?..

कोमल – बेटा सिंपल है की तुझे अपनी चूत चटवानी है, क्यूँ की उसमे बहुत मज़ा है, इसलिए लड़को को भी चूस के मज़ा दे दो.. साथ ही ब्लो जॉब दे के जब लंड को टाइट करोगी ना तो जो एरेक्षन होगा वो काफ़ी स्ट्रॉंग होगा.. फिर चुदाई में और भी मज़ा आएगा..

डॉली – मम्मी, लंड चूसने के बाद ..?..?..?..

कोमल – देखो बेटा, नॉर्मली तो लड़के ही शुरू करेगे.. तुम्हारी बॉडी के साथ खेलेंगे, तुम्हें गरम करेंगे, तुम्हारी चूत की चुसाई करेंगे.. उसके बाद तुम उसके लंड को चुसोगी.. पर फॉर आ चेंज कभी कभी राज को बोलना की तुम्हें स्टार्ट करने दे और जैसे हमने बताया वैसे ही करना, फिर उसके बाद लड़के तुम्हारी चूत चूसेंगे..

मिनी – चूत की अच्छे से चुसाई होगी ना बेटा, तो तुम बहुत मज़े करोगी.. इसलिए ज़रूरी है की जब लड़के तुम्हारी चूत चूसेंगे तो तुम भी पार्टिसिपेट करो.. जैसे की जब राज चूत चूस रहा होगा तो तुम उसके सिर को हाथ से पकड़ के उसे अपने चूत के और अंदर डालने को कोशिश करना.. चूत बहुत संवेदन शील होती है और छेद के पास जो क्लिट होता है उसे जब वो चुसेगा तो और भी मज़ा आएगे.. तुम्हारे चूत में अजीब सा सनसनाहट होगा तो उसे एंजाय करना और ओपन हो के मुंह से एंजाय के आवाज़ को निकालने देना.. बीच बीच में उसे कॉंप्लिमेंट देना की ज़ोर से चूसो मज़ा आ रहा है..

कोमल – मिनी, तू चूस ना इसका चूत, इसे भी पता चले की कैसे रिक्ट करना है..

फिर मैंने डॉली के सारे कपड़े निकाल दिए.. उसे पूरा नंगा कर दिया..

मैंने भी अपने सारे कपड़े निकाल दिए.. हम दोनों पूरे नंगे हो गये थे..

कोमल ने भी अपना टॉप और स्कर्ट निकाल दिया और केवल ब्रा और पैंटी में वो आराम से बैठ गई..

डॉली – आंटी, आपकी फिगर बहुत अच्छी है..

मिनी – तुम्हारी भी बहुत सेक्सी है.. तेरे मम्मे काफ़ी अच्छे आ रहे हैं.. क्या साइज़ की ब्रा पहन रही हो अभी..?..

डॉली – 32ब आंटी.. आप के बूब्स तो कितने बड़े और अच्छे हैं..

मिनी – मेरे से ज़्यादा बड़े और अच्छे तेरी मम्मी की है.. दिखा ना कोमल..

फिर कोमल ने भी अपने ब्रा खोल दिए और अपने दोनों गोले को आज़ाद कर दिया..

डॉली – वाव, मम्मी, ब्यूटिफुल बूब्स..

कोमल – तूने ही चूस चूस के इसे बड़ा किया है..

डॉली – कहाँ मम्मी, अभी चूसने दो ना..

कोमल – चल मिनी, तू इसकी चूत चूस मैं इसे अपना दूध पिलाती हूँ..

फिर मैंने डॉली को बेड पे लिटाया और उसके पैरों को फैला लिया और उसकी चूत की और जाने लगी.. तब तक कोमल भी डॉली के पास आ गई थी और उसके मुंह में अपनी चुचि डाल दी थी.. मैंने फिर डॉली की चूत की स्किन को साइड किया.. काफ़ी टाइट चूत थी..

इतने देर से हो रहे सेशन से उसकी चूत ऑलरेडी गीली हो चुकी थी..

मैंने उसकी चूत के छेद में अपनी एक उंगली डाली और उसकी चूत को चोदने लगी..

फिर उसकी क्लिट को टच किया.. डॉली ने झट से अपना गाण्ड उठा लिया..

कोमल – बेटा, ऐसे हटाना नहीं है.. आंटी जो कर रही हो.. उसके मज़े लो..

फिर मैंने उसकी क्लिट को अपने दोनों लीप में लिया और सक करने लगी.. डॉली की पूरी बॉडी हिलने लगी थी..

डॉली – आंटी मच मच हो रही है..

कोमल – होने दे, तभी तो मज़ा आएगा..

मैंने उसकी क्लिट को और भी चूसना चालू किया और उसकी चूत को अपनी एक उंगली से और भी तेज़ी से चोदने लगी..

डॉली अब कंट्रोल अच्छे से कर रही थी और वो भी चूत की चुसाई को एंजाय करना लगी..

थोड़ी देर में ही डॉली की चूत गीली हो गई, मैंने उंगली को चूत की छेद में डाले ही रखा और फिर चूत के के और उंगली से निकालते रस को चूसने लगी..

डॉली ने मेरे सिर को अपने चूत में हाथ से दबाना शुरू किया और क्यूँ की उसके मुंह में कोमल ने चुचि डाल रखी थी वो कोमल की निप्पल को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और काटने लगी..

कोमल – बदमस, चूत की मच मच तू मेरी निप्पल काट के मिटाएगी..

कोमल ने फिर चुचि उसके मुंह से निकाल दिया और बोला ले जैसे आंटी तेरी चूत चूस रही है, तू भी मेरी चूत चूस.. और वो उठ के डॉली के मुंह में बैठ गई और चूत को डॉली के मुंह में डाल दिया..

अब मैं डॉली की चूत को खा रही थी.. और डॉली कोमल की..

कोमल – बेटा, ये देख ये है क्लिट, इसे भी चूस ज़ोर ज़ोर से..

डॉली के लिए थोड़ा मुश्किल था क्यूँ की मैं उसकी चूत में तूफान मचा रही थी, इसलिए वो उंगली इस्तेमाल नहीं कर पा रही थी..

वो एक हाथ से मेरा सिर पकड़ी हुई थी, दूसरी हाथ से अपनी चुचि दबा रही थी और जीभ से कोमल की चूत चूस रही थी..

ऐसा ही हम कुछ देर तक करते रहे..

 
दूसरी बार जब डॉली की चूत ने पानी छोड़ा तो डॉली ने मेरा सिर ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया.. मैं भी उसका पानी चाट गई..

कोमल ने भी तक तक चूत से पानी छोड़ दिया था.. फिर तीनों ने थोड़ा ब्रेक लिया..

मिनी – डॉली बेटा, कैसा लगा..

डॉली – आंटी, आपने तो आज मुझे बेहाल कर दिया..

मिनी – तुमने कोमल की चूत चाट ली, घिंन आई..

डॉली – नहीं आंटी..

कोमल – हाँ तो बस राज का लंड भी लॉगी ना मुंह में घिंन नहीं आएगी.. तुम अब ओरल सेक्स के लिए रेडी हो..

डॉली – अब क्या मम्मी,

कोमल – अब बस, रियल चुदाई.. चूत में लंड की जुटाई..

डॉली – वोही मैं है ना..?..

मिनी – हाँ है तो..

कोमल – तू टेंशन ना ले, अभी तेरी चूत में ये डिल्डो डाल के तेरी चूत का साइज़ थोड़ा बड़ा कर देंगे, ताकि तुझे राज का लेने डर ना लगे..

फिर कोमल ने फिर से डॉली को लिटा दिया.. मैं और कोमल दोनों उसकी चूत के पास थे..

मैंने डिल्डो हाथ में लिया और उसकी चूत के बाहर रगड़ने लगी..

फिर कोमल ने चूत की स्किन की साइड की, मैं डिल्डो को स्किन के अंदर डाल के फिर डिल्डो को बिना छेद में डाले रगड़ने लगी..

कोमल – उस दिन राज ऐसे ही रगड़ रहा था..?..

डॉली – हाँ मम्मी..

फिर मैंने डिल्डो को उसकी चूत की छेद पे आईं किया और थोड़ा प्रेशर दिया..

डॉली – मम्मी नहीं जाएगा..

कोमल – तू बस जो अंदर जा रहा है ना उसे अंदर की और ले, जैसे मुंह से चूसती है ना, वैसे की डिल्डो को चूत से चूस.. तू भी कोशिश करेगी तो दर्द कम होगा..

फिर मैंने डिल्डो में प्रेशर बढ़ाया और झट से डिल्डो का सुपाड़ा डॉली की चूत में चला गया.. डॉली दर्द से उछाल गई.. कोमल ने उसे काम किया और उसे अपनी चुचि चूसने को दे दिया.. मैंने फिर से एक और धक्का लगाया और डिल्डो थोड़ा और अंदर चला गया..

डॉली – मम्मी, मॅर गई..

कोमल – नहीं बेटा, थोड़ा दर्द बर्दाश्त कर ले, फिर लाइफ भर एंजाय ही करना है..

मैंने फिर से एक और धक्का दिया और डिल्डो आधा उसकी चूत में था.. मैंने आधे ही डिल्डो से उसकी चूत को चोदना शुरू किया..

थोड़ी देर डिल्डो को उसकी चूत में अंदर बाहर करने से डॉली अब शांत होने लगी थी. वो दर्द को बर्दाश्त कर पा रही थी, और अब एंजाय करने लगी थी..

कोमल ने मुझे फिर से और अंदर डालने का इशारा किया..

मैंने एक और धक्का लगाया और इस बार 80% डिल्डो उसकी चूत के अंदर चला गया.. वो फिर से दर्द से चिल्ला पड़ी..

डॉली – मम्मी, मेरी चूत फट गई..

कोमल – नहीं बेटा, चूत चुद गई..

मैंने थोड़ी देर डिल्डो को अंदर ही छोड़ दिया, जब डॉली नॉर्मल होने लगी तो मैंने उसकी चूत को चोदना शुरू किया..

डिल्डो को बाहर निकालती और फिर अंदर तक ले जाती..

थोड़ी देर में डॉली की चूत अब 80% डिल्डो को आराम से अंदर ले रही थी..

चूत टाइट थी, काफ़ी प्रेशर लगाना पड़ रहा था मुझे उसकी चूत को डिल्डो से चोदने में..

फिर मैंने थोड़ी देर बाद एक और धक्का दिया और पूरा का पूरा डिल्डो डॉली की चूत में डाल दिया.. डॉली की चूत का की सारी पोर्षन में हलचल हुई.. इस बार लेकिन डॉली चिल्लाई नहीं और उसने दर्द को बर्दाश्त किया..

कोमल – बस बेटा पूरा डिल्डो तेरी चूत में है.. अब बस थोड़ी देर में और..

मैंने अब उसकी चूत को चोदना शुरू किया.. धीरे धीरे उसकी चूत को चोदने लगी.. फिर कोमल ने डिल्डो अपने हाथ में ले लिया और वो डॉली को चोदने लगी.. कुछ ही देर में डॉली ने ढेर सारा पानी छोड़ा और ढेर हो गई..

कोमल ने उसे किस किया, डॉली की आँखों से आँसू आने लगे थे.. पर वो खुश थी..

डॉली – मम्मी, मेरी चूत..

कोमल – हाँ बेटा, तुम्हारी चूत अब राज का लंड ले लेगी.. एंजाय करना बेटा..

डॉली – धन्यवाद आंटी..

मिनी – इट्स ओ के .. बेटा, सॉरी यदि ज़्यादा दर्द हुआ हो तो..

डॉली – दर्द तो हुआ आंटी पर अब अच्छा लग रहा है..

मिनी – बस अब मुझे मालूम है की तुम मेरे बेटे का लंड अच्छे से अंदर लोगी.. तुम दोनों खूब एंजाय करना और हाँ ऑल्वेज़ प्रोटेक्षन इस्तेमाल करना..

डॉली – हाँ आंटी..

कोमल ने उसे लेटे हुए ही हग किया और प्यार करने लगी..

कोमल – मेरी बेटी बड़ी हो गई.. लंड लेने को रेडी है अब तो.. कभी भी कुछ भी प्राब्लम हो, शेयर करना मुझसे.. मैं ऑल्वेज़ तेरी हेल्प करूँगी..

डॉली की ट्रैनिंग के बाद हमने साथ ही लंच भी किया.. फिर मैं वापस अपने घर चली गई..

राज और डॉली दोनों को अच्छे से गाइड करने के बाद, मैं और कोमल संतुष्ट थे की हमारे बच्चे सेक्स एंजाय कर सकेंगे.. नेक्स्ट डे रूचि ने कॉल किया..

रूचि – हाय दी, कैसी हो ..?..

मिनी – हाय रूचि, अच्छी हूँ तू बता, कैसी चल रही है चुदाई ..?..

रूचि – दी, अमन आपको जब से चोद के आया, मेरे गाण्ड के पीछे ही पड़ा हुआ है.. डेली मेरी गाण्ड मार रहा है..

मिनी – अच्छा है ना, एंजाय कर..

रूचि – पर दीदी, मैं मिस कर रही हूँ अपना सेशन..

मिनी – हाँ वो भी प्लान करते हैं..

रूचि – दी, जल्दी से करो मुझे अंकिता दीदी की गाण्ड में घुसना है.. उनके बड़े बड़े गोल गोल गाण्ड को अलग कर के उनकी चूत को खाना है..

मिनी – हाँ मालूम है की तू अंकिता का चूत लेने के लिए उतावली है.. डेली गाण्ड में चुदाई हो रही है तेरी फिर तुम्हारा ध्यान अंकिता की गाण्ड और चूत में है..

रूचि – नहीं दी , ऐसा नहीं है, आप बोलो तो मैं फिर से आपकी ही ले लूँगी.. आप से ज़्यादा रसीला कौन होगा..

मिनी – चल बातें ना बना..

रूचि – दी, मैंने कोमल दी से बात करी, वो कल के प्लान के लिए बोले रही थी.. पर अंकिता दी से आपको बात करनी है..

मिनी – हाँ ठीक है मैं अंकिता से बात करती हूँ..

रूचि – धन्यवाद दीदी, विश की आपकी चूत और मुंह को हमेशा लंड मिलते रहे..

मिनी – हाँ और तुझे अलग अलग चूत मिले चूसने के लिए..

रूचि – ओ के .. दी बाई बाई..

फिर मैंने भी अंकिता को कॉल किया और उससे बात करी..

अंकिता भी नेक्स्ट डे फ्री थी, तो हमारा प्लान चालू था.. कोमल के घर 2 बजे जाना था.. इसलिए मैंने अंकिता को अपने घर पे 11 बजे ही बुला लिया.. मुझे भी उससे राज और अमन को ले के बात करनी थी.. नेक्स्ट डे, मॉर्निंग मैंने राज को अपनी एक ब्रा और पैंटी दी.

मिनी – बेटा ये ले, मूठ मार के अपना रस इन दोनों में डाल दे और अपने बेड ने नीचे रख दे..

राज – क्यूँ मम्मी, आज वाइन ग्लास में नहीं चाहिए..

मिनी – नहीं, आज इसमे निकाल के वोही रख दे ना.. कुछ काम है..

राज – मम्मी, कैसा काम..

मिनी – आज अंकिता आ रही है, तू जा कॉलेज.. मैं उससे बात करती हूँ.. बात स्टार्ट करने के लिए ये चाहिए.. उसे दिखाउंगी की कैसे मेरा बेटा मेरी ब्रा और पैंटी को सूंघ सूंघ के उसमे अपना रस गिरता है.. फिर बात को उस डाइरेक्षन में ले जाउंगी..

राज – मम्मी, आप मस्त हो.. कितना सिंपल और बेस्ट आइडिया है.. ओ के .. मम्मी मैं अपना बहुत सारा माल इसमे डाल दूँगा.. मम्मी बड़ा रोमांचक भी है ना की आप खुद मुझे अपने इनर गारमेंट्स दे रहे हैं मूठ मारने के लिए..

मिनी – राज.. जाओ और जैसा बोला है वैसे करो.. अपना सिस्टम चालू कर के जाना.. उसमे तुमने वो मम्मी बेटे वाला पॉर्न कहाँ रखा है दिखा दे मुझे..

राज – मम्मी, आपने तो सब सोच के रखा है.. आओ मम्मी दिखता हूँ..

फिर राज ने मुझे अपने सिस्टम में पॉर्न का कलेक्शन दिखाया..

 


काफ़ी सारे पॉर्न उसने सेव कर के रखे थे.. उसमे मम्मी-बेटे का फोल्डर उसने अलग से बनाया था.. उसने उस फोल्डर से “टैबू” फोल्डर को अलग जगह पे सेव किया और उस फोल्डर का नाम “स्टडी स्टफ” रख दिया..

मिनी – कितनी पॉर्न रखा है, तुमने.. इतने सारे मम्मी-बेटे वीडियो हैं तेरे पास.. बेटा तू अब ये सब देखना कम कर के.. तुम्हारे पास अब रियल लड़की है.. डॉली को चोदने की सोच..

राज – मम्मी ये मेरा 5 साल का कलेक्शन है.. अब ज़्यादा नहीं देखता मम्मी पर कलेक्शन डिलीट भी तो नहीं कर सकता ना..

मिनी – हाँ हाँ ठीक है.. पर इतना मम्मी बेटे कलेक्शन..

राज – मम्मी, मोस्ट्ली स्टेप मम्मी, फ्रेंड्स मम्मी हैं.. रियल मम्मी बेटे वीडियो काफ़ी कम है..

मिनी – चल अब तुझे जो बोला है वो ख़त्म कर.. और ब्रेकफास्ट कर के जल्दी से जा.. और हाँ सुन, इसमे अपने कुछ नेकेड फोटो डाल दे.. डेस्कटॉप में “पर्सनल” फोल्डर बना के..

राज – वो क्यूँ मम्मी..?..?..

मिनी – डाल दे ना, कुछ क्लोज़ उप ले लेना लंड का.. अंकिता को तेरा लंड दिखाउंगी.. देखती हूँ उसे कुछ होता है की नहीं..

राज – ओ के .. मम्मी, साउंड्स गुड.. फोटोस आप ले लो ना, अच्छी आएगी..

मिनी – अरे, मैं लूँगी तो जवाब कैसे दूँगी की किसने लिया, खुद से ले ना.. ..

राज – ओ के .. मम्मी..

फिर राज ने बिना दरवाज़ा लगाए ही मूठ मारा शुरू कर दिया, उसने कोई वीडियो स्टार्ट करी और मूठ मारने लगा..

मैं ब्रेकफास्ट प्रिपर करने चली गई.. ब्रेकफास्ट के बाद राज भी जा चुका था..

अंकिता टाइम से थोड़ा पहले ही घर पे आई.. मैं और कोमल लिविंग रूम में बैठ के बात करने लगे..

मिनी – अंकिता तू तो भूल गई, इतने दिनों से कॉल भी नहीं किया..

अंकिता – हाँ तू तो डेली मुझे कॉल करती है..

मिनी – तो आख़िर मैंने ही ना किया पहले..

अंकिता – कुछ नहीं मिनी, उस दिन के प्लान से दीपक इतना रोमांचित है की आज कल डेली मुझे 2 बार चोदता है.. सुबेह ऑफीस जाने से पहले और रात में भी.. लाइफ में फिर से एक रोमांच आ गई है.. धन्यवाद..

मिनी – अरे नहीं.. चल अच्छा है ना की सबके सेक्स लाइफ में स्पार्क बना रहे..

अंकिता – हाँ, और आज तो मैं पहली बार लेज़्बीयन सेक्स ट्राइ करने वाली हूँ..

मिनी – मैंने भी अभी अभी ही स्टार्ट करा है अंकिता..

अंकिता – फिर कौन किसकी चूत लेने वाला है आज..

मिनी – देख रूचि तेरी चूत और गाण्ड की दीवानी है तो पहले वो ही लेगी तेरा, फिर देखेंगे चेंज कर लेंगे..

अंकिता – हाँ ठीक है..

मिनी – और बता रोमांचित है आज के लिए..?..

अंकिता – हाँ यार.. रोमांचित तो हूँ..

मिनी – बार बार धन्यवाद मत कर मुझे..

अंकिता – अरे नहीं, मेरी बोरिंग सेक्स लाइफ को तूने फिर से रोमांचक बना दिया है..

मिनी – और अमन कैसा है ..?..?..

अंकिता – ठीक है वो भी, उसकी उम्र अभी ऐसी है की कहीं खोया खोया रहता है..

मिनी – हाँ, वो भी अपना लक आजमा रहा होगा ना.. इसलिए खोया खोया रहता होगा..

अंकिता – और राज कैसे है..?..

मिनी – वो भी ठीक है, मैं कुछ पूछूँ तो सच सच बताएगी..

अंकिता – हाँ बोले ना, मिनी मैं हूँ अंकिता.. तू मुझसे कुछ भी बोले सकती है..

मिनी – तूने अमन के व्यवहार को नोटीस किया है कभी, राज पहले जैसा ईनोसेंट बिहेव नहीं कर रहा.. वो कुछ कुछ करता रहता है..

अंकिता – देख मिनी उनकी उम्र है अभी ऐसे ही रहेंगे वो.. तुझे मालूम है ना इस उम्र में यंग लड़के के दिमाग़ में क्या रहता है..

मिनी – क्या रहता है अंकिता.. स्टडी के अलावा, गर्ल फ्रेंड्स प्राब्लम..?..?..

अंकिता – देख मिनी इस उम्र में उनका बिहेवियर थोड़ा चेंज हो जाता है.. क्या हुआ राज कैसा बिहेव करता है ..?..

मिनी – देख ना, पहले ही तरह बात भी नहीं करता.. बस अपने रूम में बंद रहता है.. और पता नहीं क्या क्या करता रहता है ..?..

अंकिता – अरे रूम में बंद रहता होगा प्राइवसी के लिए..

मिनी – हाँ वो तो ठीक है, पर इतना ज़्यादा.. और तुझे पता है क्या बोलूं मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आता..

अंकिता – क्या हुआ बोले ..?..

मिनी – मैंने ना एक दिन उसके बेड मॅट्रेस की नीचे अपना ब्रा और पैंटी देखा था.. सोच अब मैं क्या इमेजिन करूँ ..?..?..

अंकिता – श, अरे हो सकता है की वो तेरे ब्रा और पैंटी को इस्तेमाल करता हो मूठ मारने में.. ऐसी छोटी मोटी चीज़े तो होती हैं ना इस उम्र में..

मिनी – क्यूँ, अमन भी ऐसा करता है क्या ..?..?..?..

अंकिता – क्या बोलूं, कभी उसके रूम में मैंने नहीं देखा अपना ब्रा या पैंटी.. हाँ पर कभी कभी बाथरूम में जब में जल्दी जल्दी भूल जाती हूँ तो बाद में दिखता है की उसमे किसी ने मूठ मारा है और फिर धो दिया है..

मिनी – क्या, अमन भी..

अंकिता – हाँ तो तू ही सोच ना की और कौन ऐसा करेगा.. इस उम्र में ऐसा होता है.. उनके लंड ब्रा और पैंटी देख के ही हार्ड हो जाते होंगे.. तू ज़्यादा मत सोच..

मिनी – हाँ हो सकता है, पर अपनी मा के ही इनर गारमेंट्स..

अंकिता – घर पे और किस के मिलेगा उसे.. तेरी कोई बेटी भी होती तो वो उसके इस्तेमाल करता..

मिनी – ह्म… हो सकता है, पर क्या बोलूं, मैं और भी कुछ देखा था..

अंकिता – क्या..?..

मिनी – मैंने उसका सिस्टम चेक किया था.. उसने पॉर्न के काफ़ी कलेक्शन रखे हुए हैं..

अंकिता – अब इसमे क्या प्राब्लम है तुझे.. पॉर्न तो सबके पास होता है..

मिनी – नहीं, तू समझी नहीं मुझे पॉर्न कलेक्शन से प्राब्लम नहीं है.. किस टाइप के पॉर्न देखता है उससे प्राब्लम है

अंकिता – क्या हुआ, किस टाइप के पॉर्न हैं ..?..

मिनी – चल अभी राज है नहीं, मैं दिखती हूँ तुझे..

फिर हम दोनों राज के कमरे में गये..

अंकिता – कहाँ मिला था तुझे ब्रा और पैंटी.. देख तो अभी भी है क्या ..?..

मिनी – यहाँ था, देख अभी भी है, कोई दूसरा.. मतलब वो बदल बदल के इस्तेमाल करता है..

अंकिता – यार, इसमे तो उसने लगता है थोड़े देर पहले ही अपना माल छोड़ा है.. धोया भी नहीं है.. देख ना..

मिनी – हाँ, वोही तो..

अंकिता – मिनी, देख तो कितना सारा रस है.. तेरे ब्रा के दोनों कप गीले हैं, पैंटी भी गीली है..

मिनी – इसलिए तो मैं कन्फ्यूज़ हूँ.. ये देख मैंने ना इसका कंप्यूटर इस्तेमाल किया है.. देख कितने सारे पॉर्न के कलेक्शन हैं..

अंकिता फिर कंप्यूटर के सामने आ के देखने लगी.. उसकी नज़र मम्मी-बेटे फोल्डर पे गई..

अंकिता – अंकिता ये देख, खोलना ज़रा इस फोल्डर को..

मैंने फिर मम्मी-बेटे फोल्डर ओपन किया.. उसमे काफ़ी सारे वीडियो थे.. मिलफ, फ्रेंड हॉट मम्मी, स्टेप मम्मी, मम्मी टीचस सेक्स, मम्मी इस बेस्ट ऐसे नामो से काई सारे फाइल्स थे..

अंकिता – मिनी, सबसे ज़्यादा कलेक्शन राज ने इसी फोल्डर में बनाए हैं..

मिनी – हाँ वोही तो..

अंकिता – कुछ वीडियो चला ना.. देखूं तो कैसे कॉंटेंट हैं..?..

फिर मैंने कई सारे वीडियो चला के देखे.. स्टेप मम्मी और फ्रेंड’स हॉट मम्मी वाले वीडियो थे..

अंकिता – और भी चेक किया है तूने कहीं और भी रखा होगा इसने..

मिनी – इतने सारे तो हैं यहाँ पे, और कहाँ रखेगा..

अंकिता – अरे तू हट में इस्तेमाल करती हूँ.. मुझे मालूम है इस उम्र में लड़के स्टडी के नाम पे फोल्डर पे फोल्डर बना के पॉर्न रखते हैं, ताकि हम जैसे मम्मी ढूँढ ना पाएँ..

 


फिर अंकिता ने, कंप्यूटर के और भी फोल्डर चेक करना शुरू किया.. उसकी माउस जल्द ही स्टडी स्टफ नाम वाला फोल्डर खोला.. उसके अंदर टैबू वाले वीडियो थे..

अंकिता – देख इसमे भी हैं कुछ पॉर्न.. देख नाम इस फोल्डर का स्टडी स्टफ.. पता नहीं ये लोग क्या स्टडी करते हैं.. टैबू, नाम से ही लग रहा है की इन्सेस्ट पॉर्न होगा..

फिर अंकिता ने वो पॉर्न चलाई. उसमे सच में बेटा अपनी मा को चोद रहा था.. एक सीन में मा नहा रही थी और बेटा दूर से छुप के उसे देख रहा था..

फिर दूसरे सीन में तो बेटा नंगा सो रहा था और मा खुद ही उसके लंड चूसने लगी और फिर चुदाई करी..

फिर लास्ट में, मा शायद नहीं चाहती थी कंटिन्यू करना पर इस बार खुद बेटे ने प्रेशर दिया और फिर से चुदाई हुई..

फिर अंकिता ने टैबू 2 वीडियो भी चलाया, उसमे पहले लेडी की दोस्त का उसके बेटे के साथ रीलेशन दिखाया.. एक सीन में तो वो खुद ही अपने दोस्त के बेटे से चुदवा रही थी..

फिर टैबू 3 में उस लेडी ने अपने दूसरे बेटे को चोदा और उसके फ्रेंड ने भी उसके दूसरे बेटे को चोदा.. साथ ही फ्रेंड के बेटे ने भी उस लेडी को चोदा था..

3 वीडियो का भगा भगा के हमने देखा.. उसके कॉंटेंट बात बढ़ने के लिए अच्छे थे..

फिर अंकिता ने और भी फोल्डर सर्च किया, डेस्कटॉप के पर्सनल फोल्डर को भी खोला..

उसमे बस राज के नेकेड पिक्स थे..

जैसा की मैंने राज को बोला था राज ने लंड की क्लोज़ फोटोस भी रखे हुए थे.. उसने करीब 25 फोटो क्लिक करके रखी हुई थी.. अंकिता उन फोटो को देख के साइलेंट हो गई थी औ सारे फोटोस को घूर घूर कर देख रही थी.. मुझे लगा की शायद अब काम बन जाए..

हम दोनों सब साइलेंट मोड पे थे.. अंकिता ने जो भी एक्सपीरियेन्स किया उसे पचा रही थी..

दोनों राज की रूम से बाहर फिर से लिविन रूम में आ गये और चुप चाप बैठ के सोचने लगे..

मैं तो वेट कर रही थी की वो कैसे रिक्ट करेगी..

मुझे इतना तो मालूम था की जैसे राज आंटियों को चोदना चाहता है, वैसे ही अमन भी..

उसने तो खुद ही बोला था की वो अपनी मा को सोच के भी मूठ मारता है.. अंकिता राज के रूम से मेरी ब्रा और पैंटी भी ले के आई थी.. थोड़े देर तक दोनों चुप ही थे, फिर अंकिता ने बात स्टार्ट करी..

अंकिता – मिनी, मैं समझ सकती हूँ की तू क्यूँ टेन्स है..

मिनी – हाँ वोही तो, सोच ना ये सब क्या मतलब निकालूँ मैं..

अंकिता – देख मिनी, उसके पॉर्न के कलेक्शन से इतना तो क्लियर है की राज यंग लड़का और मेच्यूर मम्मी आंटी के बीच के सेक्स का वीडियो देखना ज़्यादा पसंद है.. मतलब की उसका लंड ऐसे वीडियो देख के ज़्यादा खड़ा होता है.. वो बड़ी उम्र की औरत की चुचि बड़े बड़े गाण्ड देखना ज़्यादा पसंद करता है.. और इसलिए भी वो तेरी ही ब्रा और पैंटी इस्तेमाल करता है मूठ मारने में..

मिनी – क्या तुम्हें लगता है की वो मुझे चोदना चाहता है, अपनी मा को.. अंकिता ऐसे तो सब ख़त्म हो सकता है.. यदि उसके दिमाग़ में ऐसी बातें हैं तो मुझे तो डर लग रहा है की पता नहीं क्या होगा..

अंकिता – मिनी, इतना टेंशन मत ले.. हो सकता है की वो तुम्हें चोदने में इंटरेसटेड ना हो, बस तेरी अंडरवियर को इस्तेमाल कर रहा हो.. उसे हमारी जैसी आंटियां पसंद हैं.. पर और किसकी अंडरवियर उसे मिलेगी इस तरह.. इसलिए वो तेरी ही इस्तेमाल करता है.. तुझे भी मालूम है की उसके ज़्यादा पॉर्न कलेक्शन स्टेप मम्मी के हैं, फ़्रेंड’स मम्मी या मम्मी’स फ़्रेंड के हैं.. रियल मम्मी-बेटे वाले काफ़ी कम हैं.. काफ़ी कम क्या वो जो अलग से फोल्डर में रखे हुए थे वोही है..

मिनी – तो अलग से रखने का क्या मतलब हुआ..?.. यही ना की वो उस वीडियो को अलग से रखा है की उसे ज़्यादा ढूढ़ना ना पड़े, और वो ज़्यादा वोही देखता है, हो सकता है अपनी मा को चोद रहा है..

अंकिता – मिनी, तू ज़्यादा नेगेटिव सोच रही है.. ये मत भूल की उन वीडियो में जो लड़के थे वो अपनी मा के फ़्रेंड को भी चोद रहे थे.. इसलिए तू इतना टेंशन नहीं ले सकती की राज बस तुझे ही चोदना चाहता है.. हो सकता है वो तेरी किसी दोस्त को इमेजिन कर लेता हो.. थिंक वाइज़्ली..

मिनी – हाँ हो सकता है, पर क्या वो भी ठीक है की वो मेरी दोस्त को चोदने की सोचे..

अंकिता – क्यूँ वैसे सोचने में क्या बुराई है, हम एक दूसरे के हज़्बेंड से चुदवा सकते हैं.. हज़्बेंड को बिना बताए केवल हम लेज़्बीयन सेक्स भी कर सकते हैं और तेरा बेटा कुछ ऐसा इमेजिन भी ना करे..

मिनी – और आख़िर में तूने देखा, वो खुद की नंगी फोटो रखे हुए है.. ऐसा कौन करता है..

अंकिता – मिनी, तू हम सब में सबसे ज़्यादा स्मार्ट है, पर क्यूँ की राज से रिलेटेड है, तू एक्सट्रीम हो जा रही है.. हो सकता है की वो इंटरनेट पे किसी से सेक्स चैट करता हो और उसे अपनी लंड की पिक भेजने के लिए उसने रखा हुआ हो.. हो सकता है रूम बंद कर के वो सेक्स चैट ही करता होगा..

मिनी – हाँ वो तो हो सकता है, पर तू ही बता की आज के वर्ल्ड में कोई अपनी नंगी फोटो इंटरनेट पे डालता है क्या ..?..?..

अंकिता – अभी यंग है मिनी वो, उसे समझाएगी तो समझ जाएगा की ये सब इंटरनेट पे शेयर नहीं करते..

मिनी – कौन मैं, मैं कैसे बात करूँ तू बता.. मान ले की अमन ऐसा करे तो क्या तू उसे बता पाएगी..

अंकिता – मैं इतने देर से तुझसे कंट्रोल करके बात कर रही हूँ, सोच रही हूँ की बताऊँ की नहीं.. पर तुझे मालूम है की अमन भी राज के जैसा ही है.. तुझे क्या लगता है की मुझे क्यूँ इसका आइडिया था की ये बच्चे लोग कैसे कैसे फोल्डर में पॉर्न छुपा के रखते हैं..

मिनी – मतलब अमन भी..

अंकिता – हाँ और वो तो राज से भी एक कदम आगे है.. तुझे तो मालूम है की हमारे घर में प्राइवेट स्विमिंग पूल है.. मैं जब भी स्विमिंग के लिए जाती हूँ, अमन भी आ जाता है.. वो मुझे बिकनी में देख के पानी के अंदर ही मूठ मारता है..

मिनी – फिर तू क्या करती है..?..

अंकिता – मैं कुछ भी नहीं करती मिनी, मैं तेरी जैसे रिक्ट नहीं करती.. मैं सोचती हूँ की यदि वो ऐसे करके खुश है तो रहे.. मैं कुछ करूँगी तो और भी कॉंप्लिकेटेड होगा..

मिनी – और..?..

अंकिता – ऐसा नहीं है की मैंने बस उसे वहीं पे मूठ मारते हुए देखा है.. वो किसी भी आंटी को देखता है तो उसके बाद मौका मिलते ही साइड हो जाता है और मूठ मार लेता है..

मिनी – तुझे कैसे पता..?..

अंकिता – एक बार दीपक के एक दोस्त और उसकी बीवी आए थे, थोड़ी देर तो अमन ने समय बिताया उनके साथ.. फिर अपने रूम पे चला गया.. मैं किचन से वापस आते वक़्त देखा था की वो अपने रूम के दरवाज़े के पास खड़े होकर उस औरत को देख के अपना लंड मसल रहा था.. अब तू ही बता मैं क्या करूँ.. इसलिए मुझे मालूम है की हमारे बच्चे ज़रूरी नहीं की हमें ही चोदना चाहते हैं.. इन्हे बस हमारे जैसे फिगर वाली आंटियां अच्छी लगती हैं..

मिनी – हाँ शायद तो ठीक बोले रही है.. मुझे इतना भी टेंशन नहीं लेना चाहिए.. हो सकता है राज तुझे, कोमल को या रूचि को इमेजिन करके मूठ मारता होगा और तुम लोगों को ही चोदना इमेजिन करता होगा..

अंकिता – हाँ रे, ऐसा ही होगा कुछ.. अमन से तू मिली थी ना उस होटेल में, कभी कभी पूछता भी है की मिनी आंटी कभी हमारे घर नहीं आती, आप ही बार बार क्यूँ जाती हो.. शायद वो भी तुझे इमेजिन करता है.. तू यदि मेरे घर आएगी तो वैसे ही वो तुझे छुप के देख के मूठ मारेगा..

मिनी – वाव, सुनने में कितना रोमांचक है ना.. अमन मुझे देख के मूठ मार रहा है..

अंकिता – हाँ रोमांचक तो है, और मान ले राज भी मुझे इमेजिन करता होगा..

मिनी – जैसे अमन मेरे बारें में पूछ रहा था, वैसे तो राज ने भी पूछा है कई बार आज कल अंकिता आंटी नहीं आती..

अंकिता – झूठ..?..

मिनी – नहीं रे, सच..

अंकिता – तब तो पक्का वो भी मुझे ही इमेजिन करके अपना माल तेरे ब्रा और पैंटी में छोड़ देता है..

मिनी – तू वो यहाँ ले के क्यूँ आ गई है..?..

अंकिता – देख ना अभी भी गीला है, इसलिए.. वैसे मिनी, माइंड मत करना राज का लंड कुछ ज़्यादा ही बड़ा नहीं है..

मिनी – हाँ फोटो से तो लग रहा है.. अमन का कितना बड़ा है..

अंकिता – राज का फोटो में देखा है मैंने और अमन का दूर से.. पर मुझे लगता है दोनों के लंड बड़े बड़े हैं.. क्या पता दोनों मूठ मार मार के लंड का साइज़ बड़ा कर लिए हों.. लगता है दोनों आयिल से मालिश देते हैं लंड को..

मिनी – तू बार बार वो क्यूँ देख रही है, तुझे मन है तो लीक कर ले मेरी ब्रा और पैंटी.. मैं नहीं मना करूँगी..

अंकिता – मन तो बड़ा कर रहा है.. आज वैसे भी हम लोग बिना मुठ के सेक्स करने वाले हैं.. सोच रही हूँ टेस्ट कर लूँ..

मिनी – कर लो, मैं तो नहीं कर सकती अपने बेटे का, तू तो कर ही सकती है..

अंकिता – हाँ..

 


फिर अंकिता ने मेरी ब्रा और पैंटी जिसमे की राज ने अपना माल छोड़ा था उसे चाटने लगी.. अभी भी गीला था अंकिता ने उसे पूरा चाट लिया..

अंकिता – मिनी, मैं भी कभी तुझे अमन का माल टेस्ट करवा दूँगी.. तू ये मत सोच की मैं बस अपना सोच रही हूँ..

मिनी – कैसे..?..

अंकिता – तू बोले तो मैं एक छोटे से डब्बे में पॅक करवा के ला दूँगी..

मिनी – हाँ और बोलॉगी क्या उसे की, मिनी आंटी को तुम्हारा जूस चाहिए.. इस डब्बे में डाल दो..

हम दोनों फिर हंसने लगे.. मुझे मालूम था की अब हम मैं बात कर सकते हैं..

मिनी – मेरी तो चूत गीली हो रही है, दोनों की बात सुन कर..

अंकिता – मेरी भी मिनी, सच में.. अपने बेटे से तो ह्म चुदवा नहीं सकते, पर ऐसा फील होता है ना कभी कभी की कोई यंग लड़का अपनी सारी एनर्जी लगा के लगातार चोदता रहे..

मिनी – अंकिता मत बोले ऐसे, मैं बैठे बैठे पानी छोड़ दूँगी.. तुझे नहीं पता की मैं जवान लंड की कितनी बड़ी प्यासी हूँ.. ये तो राज का सोच के मुझे गुस्सा आ रहा था.. पर अमन का सोच के मेरी चूत गीली हो रही है..

अंकिता – मिनी, शायद हम लोग कुछ कर सकते हैं..

मिनी – जैसे..?..

अंकिता – जैसे की मैं अमन को तुम्हारे पास भेज दूँ, और तुम राज को मेरे पास.. दोनों को जो भी सीखना हो वो सीखा भी देंगे और अपनी अपनी चूत की प्यास भी बुझा लेंगे..

मिनी – ऐसा हो सकता है क्या, अमन और राज रेडी होंगे..

अंकिता – तुझे किसी भी गल से लगता है की वो रेडी नहीं होंगे.. और हमें मानने की ज़रूरत भी नहीं है.. मैं अमन को भेज दूँगी तेरे पास, तू राज को भेज देना.. फिर बात करते करते हम इस टॉपिक पे आ जाएँगे की वो लोग ऐसे क्यूँ करते हैं.. वो खुद ही सब शेयर करेंगे हमें चोदने की चाह में..

मिनी – हाँ वो भी ठीक रहेगा.. शुवर अंकिता..?..

अंकिता – हाँ बाबा, इसी बहाने एक दूसरे के बेटे को चोदना भी सीखा देंगे.. हमें भी जवान लंड का आनंद मिल जाएगा और हम इन्सेस्ट सेक्स करके कोई सीन भी नहीं करेंगे.. मेरे ख़याल से ये पासिबल प्लान है..

मिनी – ठीक है फिर प्लान करते हैं कभी हम..

अंकिता – हाँ मिनी.. काफ़ी वक़्त हो गया.. चल फिर कोमल की घर भी जाना है.. नहीं तो लेट हो जाएँगे..

मिनी – हाँ चल फिर वहीं लंच भी तो करना है..

फिर हम कोमल की घर चले गये..

रूचि पहले से ही वहाँ पहुंची हुई थी.. कोमल ने लिविंग रूम में फुड भी रखा हुआ था.. हम सबने अपने अपने प्लेट्स में खाना लिया और गप्पे मारने लगे..

रूचि – (आस ऑल्वेज़ रेडी तो स्टार्ट) मिनी दी, 2 दिन से रंगीला नहीं तो पक्का आपकी चूत में खूब मलाई होगी आज तो..

मिनी – हाँ पर तुझे कहाँ मेरी मलाई खानी है, तू तो अंकिता की चूत के पीछे पड़ी है..

कोमल – हाँ जब से इसने अंकिता को देखा बस उसकी मलाई खाने के पीछे ही पड़ गई है..

रूचि – नहीं मिनी दी, ऐसा कुछ नहीं आप बोलो तो आपकी चूत मैं ही मारूँगी..

अंकिता – क्यूँ रे रूचि, मैंने तेरे लिए मलाई जो बचा के रखा उसे कौन खाएगा..

कोमल – हहा, फस गई.. रूचि अच्छी बात नहीं, देख तो अंकिता कैसे अपनी चूत को प्लेट में परोसे के तेरे लिए लाई है और तू है की मिनी के पीछे पड़ी है..

रूचि – मैं छोटी हूँ ना दीदी, तो मिनी दी और अंकिता दी दोनों की चूत से मलाई निकालना मेरा ही बनता है.. मुझे तो बस ये लग रहा है की आप क्यूँ नहीं अपनी छोटी बहन को अपना मलाई ऑफर कर रहे हो..

कोमल – हाँ तू ही एक चत्खोर है.. हम सब तो यहाँ झल बजाने आए हैं.. एक को एक ही तरह का मलाई मिलेगा बस..

मिनी – नाइस ट्राइ रूचि.. वैसे कोमल ये सच भी तो बोल रही है.. लास्ट टाइम हम लोग 3-3 बार झड़ गये थे.. क्यूँ ना इस बार चेंज करते रहेंगे..

कोमल – मिनी – तुझे भी मालूम है की हम चारों एक साथ झड़ने वाले हैं नहीं.. फिर मलाई खाने में ब्रेक नहीं चाहिए..

अंकिता – हाँ ठीक ही तो बोल रही है कोमल.. कोई जल्दी जल्दी 2 बार झड़ जाए और दूसरा एक ही बार तो.. ऐसे नहीं होगा..

मिनी – यार तुम लोग बहुत बेसब्र हो रहे हो.. कोई नहीं देख लेंगे..

कोमल – हाँ देख लेंगे.. यदि ऑलमोस्ट एक साथ सब झड़ गये तो चेंज.. वैसे मेरा आज चेंज करने का मन नहीं है.. मैं मेरी जान मिनी की चूत की मलाई सॉफ कर रही हूँ..

मिनी – हाए, मेरी जान.. आई लव यू कोमल..

कोमल – आई लव यू मिनी जान..

रूचि – हाँ मिनी दीदी, आई लव यू टू.. आप जैसा कोई नहीं..

अंकिता – मिनी, आई लव यू टू..

मिनी – मेरे पास एक ही चूत है क्यूँ सब के सब एक साथ पीछे पास गये हो..

कोमल – हाँ और वो भी मेरा है..

रूचि – नहीं मिनी दी, मैं आई लव यू इसलिए बोले रही की ये सब हो रहा है आपकी वजह से.. अंकिता दी को तो आपने ही पटाया ना..

अंकिता – तू क्यूँ मेरे पीछे पड़ी हुई है..

रूचि – कसम से अंकिता दी, आपके लिए तो मैं लंड भी छोड़ दूँ.. क्या माल है दी.. कूट कूट के भरा हुआ है.. गदराया हुआ माल हो आप.. आपकी जब चूतड़ मटकती है ना हाए मेरा दिल रुक सा जाता है..

अंकिता – कितनी बदमाश है ये..

कोमल – इसका बस चले ना तो ये हम सबको एक साथ चोद दे और पानी भी ना माँगे..

रूचि – हाए दीदी ऐसे क्यूँ बोले रही हो.. मैं अंकिता दी की तारीफ़ कर दी इसलिए क्या.. आपने ही दीवाना बनाया उस दिन.. क्या चूत चूसा था आपने मेरा..

कोमल – चल अब हो गया खाना.. ज़्यादा मत खा कोई..

मिनी – सुन ना कोमल, सिगरेट ले के आ, चारों नंगे हो के चलते हैं तेरे प्राइवेट पूल में, वहीं नंगे थोड़ी देर सिगरेट पीते हैं..

रूचि – एक एक बियर भी हो जाए कोमल दी.. मिनी दी का प्लान होता है मस्त..

कोमल – चल पर मुझे तो ज़्यादा मज़ा मिनी के पूल में आता है.. वहाँ कोई ना कोई अजनबी भी होता है.. अजनबी के सामने बिकनी में होने का मज़ा ही कुछ अलग है..

मिनी – हाँ बस, अभी स्ट्रेंजर कहाँ से लाएँ.. चल जल्दी से ला..

फिर कोमल ने सिगरेट और बियर का अरेंज किया.. कभी कभी बियर पीने का भी अपना मज़ा है और लेज़्बीयन सेक्स के वक़्त तो बनता था.. फिर हम सब पूल पे गये.. मैं अपने कपड़े उतारने लगी..

कोमल – रुक मेरी जान.. तू भी मैं उतारती हूँ, तू मुझे नंगी कर दे..

रूचि – हाँ और मैं अंकिता दी को नंगा करती हूँ, अंकिता दी आप मुझे..

फिर हमने एक दूसरे को पूरा नंगा किया..

कोमल और मैं एक दूसरे को किस करने लगे..

कोमल मेरे लोवर लिप्स खाने लगी और मैं कोमल के अप्पर लिप्स को..

फिर दोनों ने एक दूसरे के जीभ को खाना शुरू किया.. कोमल ने हाथों से मेरी गाण्ड को सहलाना भी शुरू किया, हमने एक दूसरे को चूमना कंटिन्यू रखा..

मैं भी उसकी चूत में हाथ फेरने लगी और उसके जीभ और लीप को बारी बारी से खाने लगी..

फिर थोड़ी देर में रूचि वहाँ आ गई. रूचि ने हम दोनों को एक दूसरे से अलग किया और अब रूचि मेरी लिप्स को खाने लगी..

 


उधर, कोमल और अंकिता भी एक दूसरे के लिप्स को खाने लगे.. रूचि ने एक उंगली अपनी चूत में डाली और फिर उस उंगली को निकाल के मेरी लीप पे रख दिया..

मैंने भी उसकी उंगली को सक करना शुरू किया..

रूचि ने फिर से दूसरी उंगली डाली और पहली उंगली हटा के अब दूसरी मेरे लीप पे रख दिया.. मैंने भी अपनी उंगली अपनी चूत में डाल के उसका रस रूचि के लिप्स पे रख दिया..

अब हम दोनों एक दूसरे के फिंगर को लीक कर रहे थे..

फिर हम दोनों ने ब्रेक लिया. रूचि ने अब कोमल को अपने पास खिंचा और उसके साथ लीप लॉक में लग गई..

मैंने भी अंकिता को अपनी और खींचा और उसके लीप को खाने लगी..

मैंने अंकिता की गाण्ड को पकड़ के ज़ोर से उसे अपनी तरफ खींचा और उसे बड़े बड़े मम्मे दबाते हुए उसे किस करने लगी..

हम दोनों काफ़ी इनटेन्स हो के एक दूसरे की लिप्स को नॉनस्टॉप खा रहे थे..

अंकिता थोड़ी थक सी रही थी, इसीलिए मैंने उसे वॉल का सहारा दिया..

अब फिर से मैं उसके लिप्स खाने लगी.. रूचि और कोमल भी अब हमारे पास गये और रूचि ने अंकिता की चूत में उंगली डाली और कोमल ने मेरी..

मैं और अंकिता एक दूसरे को अभी किस कर रहे थे और नीचे दोनों लोग हमारे चूत को फिंगर कर रहे थे और एक दूसरे को फिंगर लीक करा रहे थे..

कोमल – मिनी, बस भी कर.. कॉलेज के पुराने दिन याद आ गये क्या तुझे.. मुझे पहले से ही शक था की तू अंकिता को पहले से ही ले रही है..

मिनी – कुछ भी.. ऐसा कुछ नहीं..

अंकिता – हाँ..

मिनी – बस एक बार..

अंकिता – हाँ एक बार बस..

रूचि – दीदी एक बार क्या..

अंकिता – एक बार हमने एक दूसरे को किस किया था.. ये देखने के लिए की कैसा लगता है..

रूचि – वाव अंकिता दी, मिनी दी तो नॉटी है मुझे मालूम था, पर आप भी कम नहीं हो..

फिर हम चारों ने एक एक सिगरेट जलाई और अपना अपना बियर खोल के हम आराम कुर्सी में तौलिया लगा के नंगा लेट गये..

कोमल – मिनी, रूचि सबसे छोटी है ना चल इसको कुछ टास्क देते हैं..

रूचि – बोलो ना दी, मैं तो ऑल्वेज़ रेडी हूँ..

कोमल – हाँ मालूम है..

अंकिता – क्या टास्क ..?..?..

कोमल – मिनी कुछ सजेस्ट कर..

मिनी – वो कपड़ा ला, रूचि की आखों में बाँध देते हैं.. फिर हम तीनों हम 10 तक गिनती करेंगे, और हम तीनों अपने सीट्स की अदला बदली करेंगे.. हम तीनों अपनी चूत फैला देंगे.. रूचि की हाथ भी बँधी होगी.. उसे बस चूत की मलाई चख के बताना है की कौन कहाँ बैठा है..

रूचि – रोमांचक.. पर दीदी हाथ क्यूँ बंद रहे हो मेरा..

मिनी – नहीं तो हाथ से तू सके गाण्ड की मोटाई नाप के बता देगी..

रूचि – ओ के .. दीदी, पक्का चीटिंग नहीं करूँगी..

कोमल – इसे गेम की नहीं पड़ी, इसे तो बस ख़ुशी है की 3 -3 चूत परोसे जा रहे हैं इसके लिए..

फिर हमने वैसा ही किया, सबसे पहले रूचि मेरी पोजीशन पे आई, उसने मेरी चूत में मुंह डाला जीभ से ही चूत की स्किन हटा के मेरी चूत में एंटर करने लगी..

उसने थोड़ी देर मेरी चूत की चुदाई करी.. और फिर बोला की ये मिनी दीदी है..

फिर नेक्स्ट सीट पे अंकिता थी, रूचि ने उसकी चूत को भी पहचान लिया..

थर्ड सीट पे वैसे हो कोमल थी, पर उसने जान बुझ के फिर से मेरे साथ स्वाप कर लिया था, ताकि रूचि कन्फ्यूज़ हो जाए..

रूचि ने फिर से मेरी चूत को खाया पर इस बार कोमल का नाम ले लिया..

कोमल – हटा पट्टी, ग़लत.. मैं यहाँ हूँ..

मिनी – तुझे 2-2 बार मेरी ही चूत मिली, तूने मेरा चूत नहीं पहचाना..

रूचि – क्या मिनी, सच्ची मुझे लगा की ये तो फिर से मिनी दी लग रही है, पर मुझे नहीं मालूम था की आप लोग मेरे साथ अलग ही खेल रहे हो..

कोमल – चल अब नेक्स्ट..

रूचि – नेक्स्ट क्या..?..

अंकिता – कुछ नहीं, लैप डांस दो ना हम तीनों को, सिड्यूस करो..

फिर रूचि ने रियल में हम तीनों को लैप डांस दिया..

सच्ची में काफ़ी सेडक्टिव लैप डांस किया था उसने आज़ करीब आ के..

शी इस रियली वेरी फन लविंग गर्ल..

फिर हम चारों ने कुछ देर और आराम किया और फिर बेड रूम में गये..

सबको अपनी अपनी पोज़िशन पता थी..

मैं रूचि की चूत लेने वाली थी, रूचि अंकिता की, अंकिता कोमल की और कोमल मेरी.. जब कपल में करना था तो मैं और कोमल एक दूसरे के साथ और अंकिता और रूचि..

हम जल्द ही पोज़िशन में आ गये थे.. रूचि की डांस के बाद हम सब गरम हो ही गये थे..

मैंने रूचि की चूत को सहलाया, कोमल ने मेरी चूत पे डाइरेक्ट अटॅक किया और सीधा मेरी चूत में अपनी जीभ डाल के चोदने लगी..

मैंने रूचि की चूत से उसकी स्किन को अच्छे से हटाया, उसकी क्लिट को हल्के हल्के उंगली से मारा और फिर उसके क्लिट को चूसने लगी..

पहले मैंने 2 उंगली रूचि की चूत में डाली और उसकी चूत की चुदाई करने लगी..

मैंने अपनी उँगलियों को चूत के अंदर ही मोड़ा और फिर उसकी चूत की चुदाई करने लगी..

उसकी क्लिट को मैं अब ज़ोर ज़ोर से सक करने लगी..

उधर कोमल भी मेरी चूत को अब अपनी उंगली से चोद रही थी..

कोमल मेरी चूत में 3 उंगलियाँ डाली हुई थी.. और काफ़ी स्पीड से मेरी चूत को चोद रही थी..

साथ ही मेरे चूत के बाकी के एरिया को चूस रही थी..

मैंने फिर अपने जीभ को क्लिट से हटाया और रूचि की मूतने वाली जगह को अपने जीभ से सहलाने लगी..

रूचि भी गाण्ड हिला हिला के अब इसका मज़ा लेने लगी थी..

 
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