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रेहाना अमन की नाइट पैंट खींच लेती है, और अंडरवेअर भी। अमन का लण्ड अपनी औकात में आ जाता है। रेहाना बिना देर किए उसके गुलाबी सुपाड़े पे चूम लेती है, और “गलप्प्प… गलप्प्प…” मुँह में भर लेती है। उंह्म्मह… गलप्प्प-गलप्प्प।
अमन-“धीरे, साली इतने जोर से नहीं अह्म्मह… अह्म्मह… धीरे ऊह्म्मह…”
रेहाना उसकी बात को अनसुना करके पूरी रफ़्तार से लण्ड चूसने लगती है-“गलप्प्प… गलप्प्प… गलप्प्प… उंह्म्मह… उंह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन रेहाना की गाण्ड पे थप्पड़ मारता जाता है-“चूस साली चूस… कमीनी अह्म्मह… अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना के थूक से अमन का लण्ड और चमकने लगता है-“उह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प उंह्म्मह…”
फिर अमन रेहाना के बाल पकड़कर ऊपर खींच लेता है-“इधर आ रेहाना…” अमन रेहाना के होंठ चाटने लगता है। दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह…” फिर रेहाना अपनी चूत को और अमन के लण्ड को एक साथ सहलाने लगती है-“उंह्म्मह… अह्म्मह… आगगघ…”
अमन से बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था वो रेहाना को नीचे कर लेता है, और उसके पैरों के बीच आ जाता है।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह… जानू… अमन उंह्म्मह…”
अमन लण्ड को रेहाना के चूत पे घिसने लगता है।
रेहाना-“अह्म्मह… ओह्म्मह… अह्म्मह… जानू चोदो ना जी अह्म्मह… उंह्म्मह… डालो ना अमन…”
अमन रेहाना के आँखों में देखते हुए-“ले साली अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना-ओह्म्मह… इस्स्स्स्स… आह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह…”
अमन दनादन रेहाना को चोदने लगता है-“ले रेहाना… ले मेरी जान… चुद ले अपने शौहर से अह्म्मह…”
रेहाना-उंह्म्मह… आह्म्मह… उंह्म्मह… अमन्न जानू धीरे… उंह्म्मह… नहीं…”
दोनों एक दूसरे के अंदर बस समा जाना चाहते थे। अमन इतने जोर से रेहाना को चोद रहा था कि फटक-फटक की आवाज़ रूम में गूँज रही थी, ऊपर से दोनों के चिल्लाने की आवाज़ें। अमन रेहाना की गाण्ड को पकड़कर चोदे जा रहा था।
और रेहाना नीचे से गाण्ड उछाल-उछालकर उसका साथ दे रही थी-“अह्म्मह… उंह्म्मह… जानू…”
रेहाना की चूत पूरी तरह से चिकनी हो चुकी थी, जिससे अमन को चोदने में आसानी हो रही थी-“अह्म्मह… रेहाना तेरी चूत अह्म्मह… साली देख कैसे जा रहा है तेरी चूत में अह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“हाँ हाँ चोदो जानू अह्म्मह… चोदो अपनी रेहाना को अह्म्मह… चीर दो मेरे चूत को अह्म्मह… मैं चल भी ना पाऊँ, ऐसे चोदो अह्म्मह… उंह्म्मह… अह्म्मह…”
अमन-“अह्म्मह… रेहाना, आज रात भर तुझे चोदना है, रगड़कर जान उंह्म्मह…” दोनों तकरीबन आधे घंटे से चुदाई में मसरूफ थे।
रेहाना-“अह्म्मह… अमन मैं आ रही हूँ…”
अमन-“अह्म्मह… मैं भी… ले रेहाना तेरी चूत में मेरा पानी अह्म्मह… अह्म्मह… श्श्शह…”
और दोनों पानी छोड़ने लगते हैं। तकरीबन 10 मिनट बाद दोनों की सांसें सभलती हैं। अमन अभी भी रेहाना के ऊपर था। अमन रेहाना को अपने ऊपर खींच लेता है, और रेहाना को अपनी बाहों में भर लेता है। अमन रेहाना को अपने ऊपर ले लेता है, पर अमन का लण्ड अभी भी रेहाना की चूत में था और उसकी चूत से दोनों का पानी बाहर निकल रहा था। रेहाना अमन की छाती पे अपना सर रखे हुए उसके गुलाबी निपल्स को काटती है।
अमन-“अह्म्मह… क्या कर रही है?”
रेहाना-“मेरा जानू है, कुछ भी करू?”
अमन-“रेहाना, एक बात बता कि तू मुझसे चुदने के लिये कैसे तैयार हो गई?”
रेहाना-“क्योंकी मैं आपसे सच्ची मोहब्बत करती हूँ अमन…”
अमन-“झूठ… कुछ दिन बाद चाचू वापस आएंगे तो तू उनसे चुदाएगी और मुझे भूल जाएगी…”
रेहाना की आँखों में नमी आ जाती है, और वो अमन को देखने लगती है-“क्या मैं तुझे ऐसी औरत लगती हूँ, वो बस लण्ड के लिये मरती है? तेरे चाचू मेरे शौहर ज़रूर हैं, पर दिल की मोहब्बत मैं तुझसे करती हूँ और करती रहूगी मरते दम तक…” और अमन के ऊपर से उठने लगती है।
अमन उसे वापस खींच लेता है-“अरे, मैं तो मज़ाक कर रहा था जान…”
रेहाना-ऐसा मज़ाक दुबारा मत करना।
अमन रेहाना के होंठ को चूमते हुए-“नहीं करूगा…” फिर रेहाना की चूत में अमन का लण्ड जागने लगता है।
रेहाना-उंन्ह… अमन एक बात कहूँ?
अमन-बोल।
रेहाना-आई लव यू।
अमन रेहाना के होंठों को चूसने लगता है-“आई लव यू टू रेहाना…”
रेहाना-“अह्म्मह… क्या कर रहे हो? उंन्ह… वहाँ नहीं…”
अमन ने रेहाना की गाण्ड में एक साथ दो उंगलियाँ डाल दी थी, जिससे रेहाना मचल उठी थी।
रेहाना-“क्यों जी, क्या इरादा है? अह्म्मह… ओह्म्मह…”
अमन-“तेरी गाण्ड मारने का इरादा है। पर मुझे नहीं लगता कि तू मेरा ले पाएगी…”
रेहाना-“आप प्यार से डालोगे तो मैं ज़रूर ले लूंगी अह्म्मह… ऊऊह्म्मह…”
अमन-“अच्छा देखते हैं। जा तेल की बोतल लेकर आ…”
रेहाना अमन के लण्ड पे से उठ जाती है तो ‘पच्च’ की आवाज़ से अमन का लण्ड बाहर आ जाता है। और रेहाना गाण्ड मटकाते हुए तेल की बोतल लाने चली जाती है। अमन घड़ी के तरफ देखता है तो रात के 2:00 बज रहे थे।
रेहाना-“क्या देख रहे हो जी? आज आपको सोने नहीं दूंगी…”
अमन-“हाहाहाहा… साली छिनाल इधर आ, तेल लगा मेरे लण्ड में…”
रेहाना अपनी हथेली में तेल लेती है। मगर अमन के लण्ड पे तेल लगाने के बजाए खुद की चूत और गाण्ड पे तेल लगाने लगती है, और अमन का लण्ड मुँह में ले लेती है।
अमन-“अह्म्मह… अह्म्मह… रेहाना धीरे, क्या कर रही है? अह्म्मह…”
रेहाना-“उंहूँ गलप्प्प… गलप्प्प… अह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प…” और जोर-जोर से लण्ड चाटने लगती है। रेहाना का थूक अमन के लण्ड को गीला कर चुका था। रेहाना अमन के लण्ड को मुँह से निकालकर फिर तेल अमन के लण्ड पे लगाती है।
अमन-“अह्म्मह… रेहाना तू पक्की एक्सपर्ट है। चाचू का भी लण्ड ऐसे ही चूसती है क्या?”
रेहाना-“नाम मत लो उस हरामी का, मुझे यहाँ अकेले छोड़कर जहाँ गाण्ड मरा रहा है…”
अमन रेहाना के बाल खींचते हुए-इधर आ।
रेहाना तकलीफ और मस्ती में अह्म्मह… अह्म्मह… करते हुये अमन के पास आ जाती है।
अमन-चल घोड़ी बन जा।
रेहाना घोड़ी बन जाती है। उसके चुचियाँ नीचे लटक रही थी, गाण्ड पीछे की तरफ थी और बाल खुले हुए थे। अमन पागल हुआ जा रहा था और अपने लण्ड को मसलते हुए-“पहले कभी पीछे लिया है?”
रेहाना-नहीं जी।
अमन-थोड़ा दर्द होगा।
रेहाना-होने दो आप बस चोदो।
अमन पीछे से रेहाना की गाण्ड पे अपना लण्ड टिका देता है, और रेहाना के कंधे को पकड़कर जोरदार झटका देता है-“अह्म्मह… ले जान…”
रेहाना-“अम्मी उंह्म्मह… अह्म्मह… नहींई निकालो जी उंह्म्मह… प्लीज़ बाहर निकालो उंह्म्मह… सुनिए ना जी बहुत दुखता है… अम्मी जी…”
अमन-“अह्म्मह… चुप कर, बस हो गया…” और एक जोरदार झटके से अपना पूरा लण्ड रेहाना की गाण्ड में पेल देता है।
रेहाना-“अह्म्मह… हाँ उंह्म्मह…” रेहाना के लिये दर्द बर्दाश्त करना मुश्किल था, मगर अमन की मोहब्बत उसे रोक रही थी चिल्लाने से। रेहाना बेड से चिपक जाती है।
अमन रेहाना की गाण्ड में धीरे-धीरे लण्ड अंदर-बाहर करने लगता है। वो सिर्फ़ दो इंच बाहर निकालकर पेल रहा था। मगर रेहाना को ऐसा लग रहा था जैसे अमन पूरा बाहर निकालकर जड़ तक पेल रहा है।
रेहाना-“अह्म्मह… अजी सुनिए, आराम से मारिये ना अह्म्मह…”
अमन-“हाँ मेरे रानी, बहुत टाइट है तेरी गाण्ड अह्म्मह… ओह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“चुचियाँ मसलते हुए चोदिए ना जी… अह्म्मह…”
अमन रेहाना की चुचियों को मसलते हुए रेहाना की गाण्ड मारने लगता है। अब थोड़ा आसानी से लण्ड अंदर जा रहा था-“रेहाना तू ठीक तो है ना? दर्द तो नहीं हो रहा ना जान? अह्म्मह…
रेहाना-नहीं, उंह्म्मह… मैं ठीक हूँ अह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह… ओह्म्मह…”
अमन-“धीरे, साली इतने जोर से नहीं अह्म्मह… अह्म्मह… धीरे ऊह्म्मह…”
रेहाना उसकी बात को अनसुना करके पूरी रफ़्तार से लण्ड चूसने लगती है-“गलप्प्प… गलप्प्प… गलप्प्प… उंह्म्मह… उंह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन रेहाना की गाण्ड पे थप्पड़ मारता जाता है-“चूस साली चूस… कमीनी अह्म्मह… अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना के थूक से अमन का लण्ड और चमकने लगता है-“उह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प उंह्म्मह…”
फिर अमन रेहाना के बाल पकड़कर ऊपर खींच लेता है-“इधर आ रेहाना…” अमन रेहाना के होंठ चाटने लगता है। दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह…” फिर रेहाना अपनी चूत को और अमन के लण्ड को एक साथ सहलाने लगती है-“उंह्म्मह… अह्म्मह… आगगघ…”
अमन से बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था वो रेहाना को नीचे कर लेता है, और उसके पैरों के बीच आ जाता है।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह… जानू… अमन उंह्म्मह…”
अमन लण्ड को रेहाना के चूत पे घिसने लगता है।
रेहाना-“अह्म्मह… ओह्म्मह… अह्म्मह… जानू चोदो ना जी अह्म्मह… उंह्म्मह… डालो ना अमन…”
अमन रेहाना के आँखों में देखते हुए-“ले साली अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना-ओह्म्मह… इस्स्स्स्स… आह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह…”
अमन दनादन रेहाना को चोदने लगता है-“ले रेहाना… ले मेरी जान… चुद ले अपने शौहर से अह्म्मह…”
रेहाना-उंह्म्मह… आह्म्मह… उंह्म्मह… अमन्न जानू धीरे… उंह्म्मह… नहीं…”
दोनों एक दूसरे के अंदर बस समा जाना चाहते थे। अमन इतने जोर से रेहाना को चोद रहा था कि फटक-फटक की आवाज़ रूम में गूँज रही थी, ऊपर से दोनों के चिल्लाने की आवाज़ें। अमन रेहाना की गाण्ड को पकड़कर चोदे जा रहा था।
और रेहाना नीचे से गाण्ड उछाल-उछालकर उसका साथ दे रही थी-“अह्म्मह… उंह्म्मह… जानू…”
रेहाना की चूत पूरी तरह से चिकनी हो चुकी थी, जिससे अमन को चोदने में आसानी हो रही थी-“अह्म्मह… रेहाना तेरी चूत अह्म्मह… साली देख कैसे जा रहा है तेरी चूत में अह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“हाँ हाँ चोदो जानू अह्म्मह… चोदो अपनी रेहाना को अह्म्मह… चीर दो मेरे चूत को अह्म्मह… मैं चल भी ना पाऊँ, ऐसे चोदो अह्म्मह… उंह्म्मह… अह्म्मह…”
अमन-“अह्म्मह… रेहाना, आज रात भर तुझे चोदना है, रगड़कर जान उंह्म्मह…” दोनों तकरीबन आधे घंटे से चुदाई में मसरूफ थे।
रेहाना-“अह्म्मह… अमन मैं आ रही हूँ…”
अमन-“अह्म्मह… मैं भी… ले रेहाना तेरी चूत में मेरा पानी अह्म्मह… अह्म्मह… श्श्शह…”
और दोनों पानी छोड़ने लगते हैं। तकरीबन 10 मिनट बाद दोनों की सांसें सभलती हैं। अमन अभी भी रेहाना के ऊपर था। अमन रेहाना को अपने ऊपर खींच लेता है, और रेहाना को अपनी बाहों में भर लेता है। अमन रेहाना को अपने ऊपर ले लेता है, पर अमन का लण्ड अभी भी रेहाना की चूत में था और उसकी चूत से दोनों का पानी बाहर निकल रहा था। रेहाना अमन की छाती पे अपना सर रखे हुए उसके गुलाबी निपल्स को काटती है।
अमन-“अह्म्मह… क्या कर रही है?”
रेहाना-“मेरा जानू है, कुछ भी करू?”
अमन-“रेहाना, एक बात बता कि तू मुझसे चुदने के लिये कैसे तैयार हो गई?”
रेहाना-“क्योंकी मैं आपसे सच्ची मोहब्बत करती हूँ अमन…”
अमन-“झूठ… कुछ दिन बाद चाचू वापस आएंगे तो तू उनसे चुदाएगी और मुझे भूल जाएगी…”
रेहाना की आँखों में नमी आ जाती है, और वो अमन को देखने लगती है-“क्या मैं तुझे ऐसी औरत लगती हूँ, वो बस लण्ड के लिये मरती है? तेरे चाचू मेरे शौहर ज़रूर हैं, पर दिल की मोहब्बत मैं तुझसे करती हूँ और करती रहूगी मरते दम तक…” और अमन के ऊपर से उठने लगती है।
अमन उसे वापस खींच लेता है-“अरे, मैं तो मज़ाक कर रहा था जान…”
रेहाना-ऐसा मज़ाक दुबारा मत करना।
अमन रेहाना के होंठ को चूमते हुए-“नहीं करूगा…” फिर रेहाना की चूत में अमन का लण्ड जागने लगता है।
रेहाना-उंन्ह… अमन एक बात कहूँ?
अमन-बोल।
रेहाना-आई लव यू।
अमन रेहाना के होंठों को चूसने लगता है-“आई लव यू टू रेहाना…”
रेहाना-“अह्म्मह… क्या कर रहे हो? उंन्ह… वहाँ नहीं…”
अमन ने रेहाना की गाण्ड में एक साथ दो उंगलियाँ डाल दी थी, जिससे रेहाना मचल उठी थी।
रेहाना-“क्यों जी, क्या इरादा है? अह्म्मह… ओह्म्मह…”
अमन-“तेरी गाण्ड मारने का इरादा है। पर मुझे नहीं लगता कि तू मेरा ले पाएगी…”
रेहाना-“आप प्यार से डालोगे तो मैं ज़रूर ले लूंगी अह्म्मह… ऊऊह्म्मह…”
अमन-“अच्छा देखते हैं। जा तेल की बोतल लेकर आ…”
रेहाना अमन के लण्ड पे से उठ जाती है तो ‘पच्च’ की आवाज़ से अमन का लण्ड बाहर आ जाता है। और रेहाना गाण्ड मटकाते हुए तेल की बोतल लाने चली जाती है। अमन घड़ी के तरफ देखता है तो रात के 2:00 बज रहे थे।
रेहाना-“क्या देख रहे हो जी? आज आपको सोने नहीं दूंगी…”
अमन-“हाहाहाहा… साली छिनाल इधर आ, तेल लगा मेरे लण्ड में…”
रेहाना अपनी हथेली में तेल लेती है। मगर अमन के लण्ड पे तेल लगाने के बजाए खुद की चूत और गाण्ड पे तेल लगाने लगती है, और अमन का लण्ड मुँह में ले लेती है।
अमन-“अह्म्मह… अह्म्मह… रेहाना धीरे, क्या कर रही है? अह्म्मह…”
रेहाना-“उंहूँ गलप्प्प… गलप्प्प… अह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प…” और जोर-जोर से लण्ड चाटने लगती है। रेहाना का थूक अमन के लण्ड को गीला कर चुका था। रेहाना अमन के लण्ड को मुँह से निकालकर फिर तेल अमन के लण्ड पे लगाती है।
अमन-“अह्म्मह… रेहाना तू पक्की एक्सपर्ट है। चाचू का भी लण्ड ऐसे ही चूसती है क्या?”
रेहाना-“नाम मत लो उस हरामी का, मुझे यहाँ अकेले छोड़कर जहाँ गाण्ड मरा रहा है…”
अमन रेहाना के बाल खींचते हुए-इधर आ।
रेहाना तकलीफ और मस्ती में अह्म्मह… अह्म्मह… करते हुये अमन के पास आ जाती है।
अमन-चल घोड़ी बन जा।
रेहाना घोड़ी बन जाती है। उसके चुचियाँ नीचे लटक रही थी, गाण्ड पीछे की तरफ थी और बाल खुले हुए थे। अमन पागल हुआ जा रहा था और अपने लण्ड को मसलते हुए-“पहले कभी पीछे लिया है?”
रेहाना-नहीं जी।
अमन-थोड़ा दर्द होगा।
रेहाना-होने दो आप बस चोदो।
अमन पीछे से रेहाना की गाण्ड पे अपना लण्ड टिका देता है, और रेहाना के कंधे को पकड़कर जोरदार झटका देता है-“अह्म्मह… ले जान…”
रेहाना-“अम्मी उंह्म्मह… अह्म्मह… नहींई निकालो जी उंह्म्मह… प्लीज़ बाहर निकालो उंह्म्मह… सुनिए ना जी बहुत दुखता है… अम्मी जी…”
अमन-“अह्म्मह… चुप कर, बस हो गया…” और एक जोरदार झटके से अपना पूरा लण्ड रेहाना की गाण्ड में पेल देता है।
रेहाना-“अह्म्मह… हाँ उंह्म्मह…” रेहाना के लिये दर्द बर्दाश्त करना मुश्किल था, मगर अमन की मोहब्बत उसे रोक रही थी चिल्लाने से। रेहाना बेड से चिपक जाती है।
अमन रेहाना की गाण्ड में धीरे-धीरे लण्ड अंदर-बाहर करने लगता है। वो सिर्फ़ दो इंच बाहर निकालकर पेल रहा था। मगर रेहाना को ऐसा लग रहा था जैसे अमन पूरा बाहर निकालकर जड़ तक पेल रहा है।
रेहाना-“अह्म्मह… अजी सुनिए, आराम से मारिये ना अह्म्मह…”
अमन-“हाँ मेरे रानी, बहुत टाइट है तेरी गाण्ड अह्म्मह… ओह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“चुचियाँ मसलते हुए चोदिए ना जी… अह्म्मह…”
अमन रेहाना की चुचियों को मसलते हुए रेहाना की गाण्ड मारने लगता है। अब थोड़ा आसानी से लण्ड अंदर जा रहा था-“रेहाना तू ठीक तो है ना? दर्द तो नहीं हो रहा ना जान? अह्म्मह…
रेहाना-नहीं, उंह्म्मह… मैं ठीक हूँ अह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह… ओह्म्मह…”