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इलाज

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जल्द ही आपको अपडेट मिलेंगी । कुछ विपरीत परिस्थितियों के कारण अपडेट नही दे पाया।
 


गतांक से आगे...

रोहित जब ड्रॉइंग रूम में पहुँचा तो वेधजी जाने वाले थे। रोहित ने वेधजी से पूछा की वेधजी अब मुझे आगे क्या करना चाहिए (दोस्तों रोहित और वेधजी के बीच कुछ बातें हुई थी जब हम सब राज और रश्मि के साथ किचिन में व्यस्त थे)

वेधजी बोले- देखो रोहित जैसा तुमने मुझे बताया है और जो तुम निर्णय लेना चाहते हो वो तुम्हारे लिए ही लाभदायक है। और अगर ऐसा नही करोगे तो तुम अपनी जिंदगी ख़राब करने के साथ साथ दो और लोगो की जिंदगी भी बर्बाद कर दोगे।

रोहित- जी वेधजी अब मेने निर्णय कर लिया है। अब में पीछे नही हटूंगा और जो इस विधि द्वारा हो रहा है मैं उसके बिच में नही आऊंगा।

वेधजी- जैसा तुम्हे उचित लगे वही करना। अब मेरा चलने का वक्त हो रहा है।

वेधजी ने ड्रॉइंग रूम से प्रस्थान किया । उसके बाद रोहित वहीं सोफे पर बैठा हुआ बहुत समय तक सोचता रहा। इधर में रश्मि के साथ बेड और लेता हुआ था। रश्मि मेरी बाहों में अपने जीवन का परम सुख व्यतीत कर रही थी। रश्मि बार बार मेरे फेस को अपने करीब लेकर मेरे होटों को किस कर रही थी।

रश्मि- राज तुमने मुझे अपने प्यार में इस कदर अपना लिया है। में अब दिन रात तुम्हारे सिर्फ तुम्हारे बारे में सोचती रहती हूं।

में- मेरी जान तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो । और में भी तुमसे बहुत बहुत प्यार करता हूं।

रश्मि- राज पिछले दो दिनों में तुमने मेरी जिंदगी को बदल सा दिया है। पता नही इन दो दिनों में तुम्हारे इतने करीब आ गयी हूँ की मुझे लगता है कि में और तुम सात जनम से एक साथ थे। राज अब में तुम्हारे लिए इतनी पागल हो गयी हूँ की मुझे रोहित के सामने भी तुम्हारी बाँहों में ऐसे पड़े रहने से भी कोई दिक्कत नही है।

राज- रश्मि तुम्हे कैसा लग रहा था जब में रोहित के सामने तुम्हारी चुत चाट रहा था? तुम्हारी भावनाये कैसे आ रही थी?

रश्मि- राज में बता नही सकती हूँ । पता है जब जब तुम मुझे रोहित के सामने ऐसे किस करते हो या फिर मेरी चुत चाटते हो तो मुझे और ज्यादा मजा आता है। ऐसा लगता है कि मैं तुमसे रोहित के सामने ही चुद जाऊं।

ऐसा बोलकर रश्मि ने मुझे और ज्यादा कस कर भिच लिया और मेरी छाती को अपनी जीभ से चाटने लगी.. तभी रश्मि ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया ... जो रश्मि के पकड़ने से टाइट होने लगा।

रश्मि अपने हाथ को मेरे लंड पर हलके हलके मसलने लगी। मेने भी रश्मि की दोनों चूचियो को अपने हाथ में लेकर मसलने लगा । और रश्मि के हॉट को अपनी जीभ से किस करने लगा।

तभी रूम पर एक दस्तक हुई......

रोहित- रश्मि रश्मि...

रश्मि तो मेरे लंड को पकडे हुई थी और उसके होठ मेरे होठ में थे जिससे वो बोल भी नही पा रही थी। रोहित धीरे धीरे हमारे करीब आ गया... मेने रश्मि की चूचिया पर से अपना हाथ हटा लिया और उसे किस करना भी बंद कर दिया।

रोहित - रश्मि तुमसे और राज से मुझे कुछ जरुरी बात करनी है तुम दोनों मेरे साथ ड्रॉइंग रूम में चलो.।

में- रोहित क्या हुआ?? ऐसी क्या बात है जिसको लेकर तुम बहुत परेशान हो??

में रोहित से ऐसे ही लेटे हुए बात कर रहा तब तभी अंदर से रश्मि ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी चुत के ऊपर ले जाके रगड़ने लगी। जबकि रोहित मेरे सामने खड़ा हुआ था। मेने रश्मि को बोला की चलो बहार चलकर पहले रोहित की बात सुनते है ।

फिर हम तीनों बहार आ गए...

रश्मि की आँखों में अभी भी मेरे लिए वासना भरी हुई थी । वो अब सब कुछ भूल कर सिर्फ चुदना चाहती थी। हम तीनो आकार ड्रॉइंग रूम में बैतः गये...

रोहित- देखो राज , अब जो हालात है हमें उन्हें समझते हुए आगे बढ़ना होगा । तुम दोनों मेरी इस बीमारी के बारे में अच्छे से जानते हो। और अब इसे ठीक करना तुम दोनों के हाथ में ही हैं।

में- रोहित जो भी बात है, जिसकी वजह से तुम परेशान हो खुल कर बताओ बात क्या है?

रश्मि- रोहित क्या हुआ तुम इतने उदास क्यों हो रहे हो। जो भी बात है तुम खुल कर बताओ....

रोहित- राज जब से मुझे मेरी बीमारी के बारे में पता लगा है मैं अंदर से टूट गया हूं और आज मेने वेधजी से भी सलाह ली है। अब जो बात है तुम दोनों धयान से सुनो...

रोहित- राज में अब ये चाहता हूँ की रश्मि मुझसे तलाक ले ले और उसके बाद तुम रश्मि से शादी कर लो । जिस से तुम दोनों को में फाॅर्स भी नई क्र पाऊंगा की तुम मुझे जीवन बुटी बना कर दो। उसके बाद जब तुम दोनों पति पत्नी की तरह रहोगे तो मुझे ये जीवन बुटी आसानी से मिल जायेगी।

और सबसे बड़ी समस्या ये है कि रश्मि की जब से शादी हुई है में उसे पति का सुख दे ही नही पाया हूं। जिसकी वो हक़दार है रश्मि भी चाहती है कि उसकी सुहागरात हो..

राज में ये जनता हु की ये मुमकिन नही है लेकिन इसके सिवाय कोई रास्ता भी नही है।

रश्मि- रोहित तुम पागल हो गए हो ये क्या बोल रहे हो?? ( रश्मि मन ही मन में बहुत खुश होते हुए.....)

में - रोहित ये सही नही है । समाज क्या कहेगा और फिर हम तीनों एक दूसरे से कैसे मुहँ मिला पाएंगे??

रोहित- राज अच्छा एक बात बताओ... रश्मि मेरी पत्नी होते हुए तुम से चुद जाए तो समाज में तब बदनामी नही होगी... ??? और रश्मि की उन फीलिंग्स का क्या ? जो कल तुम दोनों एक दूसरे से कर रहे थे??

रोहित बोलते हुए-- देखो राज , तुम मुझसे भी समझदार हो, और तुम अच्छी तरह जानते हो की रश्मि को अब किस चीज की सबसे ज्यादा जरुरत है??

रोहित की बात सुनकर में शॉक में आ गया। मुझे कुछ समझ में नही आ रहा था कि अब में क्या करूँ?

मेने रोहित से समय माँगा और उसके घर से निकल कर सीधे अपने घर आ गया।

अब शाम के 7 बजने वाले थे और रोहित मुझे 3-4 कॉल कर चुका था लकिन में कुछ निर्णय नही ले पा रहा था।

में अपने घर से बहार निकल कर सामने पार्क में चला गया और कुछ अच्छा निर्णय लेने के बारे में सोचने लगा। लकिन मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि में क्या निर्णय लूँ??

कहते है न की जब सारे रास्ते बंद होने लग जाए तो एक खिड़की खुली रह जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ....

वहां पार्क में महाभारत की कथा पर एक नाटक चल रहा था । जब अर्जुन द्रोपदी को स्वयंवर से जीत कर लाता है तो उसकी माता कहती है कि तुम पांचों भाई इसे आपस में बाँट लो...

उसे देख कर मेरा दिमाग कुछ और ही सोचने लग गया।

अब रात के 9 बज गए थे... में रोहित के घर पहुच गया।

रोहित- राज यार कहाँ गायब हो गया था तू ? इतने कॉल किये कोई रेस्पांस भी नही दिया?? क्या हुआ तू ठीक तो है न??

में- मेरे भाई में एक दम ठीक हूँ और एक साथ इतने सारे सवाल मत पूछा कर भाई.... //cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg चल खाना खाते है बहुत तेज भूक लगी है।

रोहित बोला चल आज तेरी टेंशन को कम करता हूँ। और खाना बाद में खाएंगे....

रोहित ने एक रेड वाइन की बोत्तेल निकली और हम दोनों ड्रॉइंग रूम में बैठ गए। वैसे हम दोनों पीते नही थे लकिन कभी कभी जब गम ज्यादा ही हो पीना पड़ जाता है...

"दारू ही वो दवा है जिसके सामने हर मर्ज झुका है"

हम दोनों में एक एक पग बनाया तभी रश्मि वही रूम में आ गयी। मेने रश्मि से बोला की रश्मि तुम भी आओ और हमारी महफ़िल में शामिल हो जाओ....

रश्मि- राज मेने आज तक कभी पिया नही है तों में आप लोगों के साथ सहज नही हो पाऊंगी।

रोहित- आओ बैठो यहां। हमारी दोनों दोस्तों की महफ़िल ऐसी जमी है कि आज भी हम जब भी अपने दिन याद करते है तो खो जाते है। अब तुम भी इसका एक हिस्सा हो...

मेने तीन पेग बनाये रश्मि का थोड़ा लाइट बनाया क्योंकि वो अभी पहली बार पी रही थी...

रश्मि- इईईई... ये तो बहुत कड़वा है.... मेने रश्मि को बोला बस एक घूंट ही कड़वा लगेगा उसके बाद इससे अच्छी चीज कोई नही है।

हम तीनों ने एक एक पेग खत्म कर लिया... और रश्मि को तो एक पेग में ही चढ़ गई उसका सर घूमने लगा।

रश्मि जैसे ही खड़ी हुई तो मेरी तरफ झुक गयी और मेरी गोदी में गिर गयी। मेने रश्मि को सही से बिठाया तो वो नशे में बोलने लगी राज मुझे तुम्हारी गोदी में बैठना है। मेने रोहित की तरफ देखा तो रोहित बोल- राज बिठा ले रश्मि को जब वो इतनी जिद कर रही है।

मेने रश्मि को अपनी गोदी में सही से बिठा लिया। रश्मि के मेरी गोदी में बैठते ही मेरा लंड खड़ा हो गया । मेने रश्मि की कमर को हल्का सा पकड़ा और ऊपर उठाया फिर नीचे अपना लंड सही किया और रश्मि को बिठा लिया। अब रश्मि के दोनों चूतड़ के बीच में मेरा लंड फंसा हुआ था।

रश्मि ने नीचे एक लोअर पहना हुआ था और ऊपर एक टीशर्ट थी। मेने रोहित से बोला- रोहित एक एक पेग और हो जाए।

रोहित - हाँ क्यों नही?

मेने इस बार रोहित की नजरों से बचते हुए रोहित का पेग थोड़ा लार्ज बना दिया। मेने अपने पेग को रश्मि के मुहँ के पास ले जाकर उसे पिलाया और उसके बाद उसी में से मैंने पिया ।

"एक पति के सामने उसकी बीवी उसके दोस्त की गोदी में बैठ के एक ही गिलास से वाइन पिए" दोस्ती और बीवी हर किसी की ऐसी ही होनी चाहिए।

अब मैंने रोहित और रश्मि से बात करना ठीक समझा....

में- रोहित तूने मुझसे शाम बोला था की तू रश्मि से शादी कर ले ।

रोहित - हाँ बोला था , बता क्या सोचा है तूने?

में- देख में रश्मि से शादी करूँगा लकिन एक शर्त पर..

रोहित- क्या?

में- तू रश्मि को तलाक नही देगा। रश्मि हम दोनों की बीवी रहेगी। में भी अब इसी घर में शिफ्ट हो जाऊँगा। देख रश्मि घर में मेरी बीवी रहेगी और दुनिया वालो के लिए सिर्फ तेरी बीवी होगी.. अगर मेरी बात से सहमत है तो बता??
 
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aaj aap sabko continue two updates or milne wali hai....
 


गतांक से आगे......

रोहित- यार ये बात तूने बिलकुल सही कहि है.. इससे रश्मि को भी एक अपना प्यार और अपना पति दोनों मिल जाएंगे... क्यों रश्मि??

रश्मि - राज में बहुत खुश हूं , में तुम्हारी बीवी बनूँगी। राज तुम मेरे पति होंगे।

में - लकिन ये सब होगा कैसे???

रोहित- मेने सब इनितजम कर लिया था। मुझे पता था तू जरूर हाँ कर देगा। और मैने यही पास में एक मंदिर है वहां तुम दोनों की शादी होगी। और शादी अभी आज रात ही होगी।

में- अभी इतनी जल्दी कैसे??

रश्मि - राज तुम अब ज्यादा सवाल नही पूछो मेने ही रोहित से आज रात तुम्हारी दुल्हन बनने को बोला है , मुझसे अब और नही रुका जाता है।

इतना बोलके रश्मि ने रोहित के सामने ही मेरे होंटो को चूसना सुरु कर दिया । रोहित अंदर गया और हमारे दोनों का सामान लेके आया ।

मेने रोहित को एक सलाह दी की अगर हम पंडित को यही बुला ले तो घर पर ही शादी करेंगे...

रोहित - है ये बहुत सही है।

रोहित पंडितजी को बुलाने चला गया । मेने रश्मि को उठाया और बेड और ले गया।

में- मेरी जान थोड़ा सब्र कर लो अब तो तुम मेरी ही बनने वाली हो।

रश्मि- मुझसे अब थोड़ा सा भी नही रुक जाता मेरी जान।

और रश्मि ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया । मेने रश्मि के ऊपर आते ही उसकी टीशर्ट के ऊपर से ही उसकी चूचियो को दबा दिया। रश्मि ने मेरी शर्ट को निकल दिया । और अपनी जीभ से मेरी छाती को चाटने लगी।

मेने अपना एक हाथ रश्मि के लोअर में डाल दिया । जब मेरा हाथ उसकी चुत पर लगा तो वो बिलकुल साफ़ थी जैसे रश्मि ने आज ही बनायीं हो।

मेने रश्मि की टी शर्ट को निकल दिया और नीचे से लोअर को भी खींच दिया । अब रश्मि सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी .. रश्मि का बदन दूध की तरह सफ़ेद चमक रहा था।

में- रश्मि तुम तो बहुत गर्म हो रही हो क्या बात है मेरी बीवी....

रश्मि- मेरे प्यारे पतिदेव मेने आज अपने आप को आपके लिए तैयार किया है। आज से मेरे बदन के हर हिस्से में सिर्फ और सिर्फ तुम हो।

में- रश्मि चलो इतने रोहित आता है में और तुम बाथरूम में तैयार होते है।

मेने रश्मि को गोदी में उठाया और बाथरूम में अंदर ले गया । मेने रश्मि को बाथटब में लिटा दिया उसके बाद मेने अपनी पैंट को भी निकाल दिया। रश्मि ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बाथटब में खींच लिया । हम दोनों अपने प्यार में इतने मसगुल थे की हम दोनों बाथरूम का दरवाजा भी बंद करना भूल गए थे।

मेने रश्मि को अपनी गोदी में बिठा लिया और उसकी गर्दन को प्यार से किस करने लगा । मेने रश्मि की ब्रा को खोल दिया और उसे बाथटब से बाहर फेंक दिया । अब मेने रश्मि की दोनों चूचियो को हाथ में लाकर उनके निप्पल को रगड़ने लगा।

रश्मि ने अपने दोनों हाथ नीचे किये और मेरा अंडरवियर निकल कर फेंक दिया। मेने भी रश्मि की पैंटी को निकल दिया। अब हम दोनों बिलकुल नंगे बाथटब एक दूसरे को किस कर रहे थे।

मेने रश्मि को बाथटब में खड़ा किया और उसे अपने चेहरे पर बिठा लिया। मेने रश्मि की दोनों टांग चौडा कर उसकी चुत को अपनी जीभ से चाटने लगा।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर राज और चाट चाटो.... अहा अहह....

रश्मि ने अपनी चुत को और दबा दिया , अब रश्मि की चुत मेरे चेहरे पर और ज्यादा दबाब डालने लगी... मेने अपने दोनों हाथ ऊपर करकर रश्मि की कमर को थोड़ा ऊपर किया और उसकी चुत को अपनी जीभ से चोदने लगा...

रश्मि-- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

रश्मि अहह अहह करते हुए आज पहली बार मेरे मुँह में झड़ गयी । में रश्मि की चुत का सारा पानी चाट गया ।

रश्मि- मेरे पति देव तुमने मुझे तो पहले ही संतुष्टि प्राप्त करवा दी ।

मेने अपनी बीवी(रश्मि) को अंदर पानी में खींच लिया और उसकी दोनों चूचिया अपने मुहँ में लेके चाटने लगा।

तभी रोहित आ गया। उसके साथ पंडितजी भी आये हुए थे। रोहित बैडरूम में अंदर आया लकिन उसे वहां कोई नही मिला। रोहित ने फिर से आवाज दी ।

में- रोहित हम बाथरूम में है नहा रहे है।

रोहित अंदर आ गया । और मुझे और अपनी बीवी को एक दम नंगी देखकर शर्मा गया। और बोला सॉरी राज , डिस्टर्ब करने के लिए। लकिन पंडितजी आ गए है।

में- रश्मि अभी बहार चलना है या फिर यही कुछ देर और रहना है।

रश्मि- राज में तो तुम्हारी हर बात को मानूँगी जो तुम बोलो वही करो।

मेने रोहित को बोला- रोहित तुम पहले एक काम करो तुम रश्मि की सिर्फ ब्रा और पैंटी यहां ले आओ।

रोहित - ठीक है अभी लाया।

जब रोहित रश्मि की ब्रा और पैंटी लेके आया तो मैने रोहित से बोला अभी कही मत जाओ । तुम रश्मि को ब्रा पहनाओ। रश्मि और में बाथटब से बहार आ गए। रश्मि ने अपने हाथ में मेरा लंड पकड़ा हुआ था।

में बाथटब से बहार आके खड़ा हो गया। रोहित भी मेरे लंड की तरफ देख रहा था। मेने रश्मि के कान में कुछ कहा--

रश्मि एक दम से नीचे बैठ गयी और मेरा लंड अपने मुह में ले लिया। रोहित के सामने ऐसे मुह में लंड डालने से मुझे और ज्यादा जोश आ गया ।

में- रोहित इतने रश्मि मेरा लंड चूस रही है तुम इसे ब्रा पहनाओ।

रोहित रश्मि को ब्रा पहनाने लगा। अब मेरा लंड और ज्यादा टाइट होता जा रहा था। मेने अपने हाथ आगे करके रश्मि के सर पर रख लिए और उसके मुहँ को चोदने लगा।

जब रोहित ने देखा की में अपने हाथ सही से नही चला पा रहा हूँ तो रोहित ने अपने हाथों से रश्मि के सर को पकड़ा और मेरे लंड को आगे पीछे कर के अपनी बीवी के मुहँ को चुदवाने लगा।

ये माहौल इतना गर्म हो गया था कि मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

रश्मि- रोहित मेरे पति राज का लंड मेरी चुत में डलवा दो न..... आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

में अब झड़ने वाला था मेने रश्मि के मुँह में अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया । जिससे रश्मि के अंदर गले तक मेरा लंड पहुच गया और में रश्मि के मुहँ में झड़ गया।

में-अहह अहह अहह रश्मि ......... अहहह.... हहहह..... फ़क fuck माय बेबी......

जब मुझे सही से होश आया तो देखा रोहित हम दोनों को बड़े धयन से देख रहा था।

रोहित- राज जो तुम्हारे अंदर सेक्स को लेकर एक एडवेंचर है वो मुझमे कभी नही आता । और रश्मि को इसी सेक्स की जरूरत है। आज मैं जीवन में बहुत खुश हूं कि में तुम दोनों को एक करवा रहा हूँ।

बाथरूम से हम तीनों बहार आ गए। मेने रोहित से बोला की रश्मि कोनसी साड़ी पहनने वाली है।

रोहित ने हमारे दोनों के कपडे निकाल कर हम दोनों को दिए... रोहित ने रश्मि को उनकी शादी वाले कपडे दिए।

में भी तैयार होके रोहित के साथ बहार आ गया। और पंडितजी के पास बैठ गया। पंडितजी ने अपना काम शुरू कर दिया।

थोड़ी देर तक पंडितजी अपनी पूजा करने के बाद बोले की कन्या को बुलाया जाए।

जब रश्मि दुल्हन की तरह सजी हुई बहार आयी तो में उसे देखता रह गया। मेरा लंड उसे देखते ही खड़ा हो गया। में खड़ा हुआ और अपना एक हाथ आगे बढ़ा कर रश्मि को मंडप में ले आया।

मेंने वही सबके सामने रश्मि के होठो में लेके चूसने लगा। तभी रोहित बोला राज थोड़ा सब्र करो अब तुम दोनों की शादी होने वाली है।

पंडितजी ने हमे जयमाला दी । रश्मि ने मेरे गले में माला डाल दी और मुझे एक किस कर दिया। फिर पंडितजी ने बोला अब राज तुम डालो..

मेने भी रश्मि के गले में माला डाल दी और जब मैने उसके गले में माला डाली तो मैने उसकी चूचिया को हलके से दबा दिया। जिससे रश्मि की एक हलकी सी सिसकारी निकल गयी। अहह अहह..... राज..
 
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गतांक से आगे.....

पंडित- अब वर और वधु दोनों फेरो के लिए तैयार हो जाए।

रश्मि - रोहित तुम मुझे एक गिलास पानी पिला दो। बहुत तेज गला सुख रहा है।

में( हलके से मुस्कुराते हुए) - जानू चिंता मत करो में आज रात तुम्हारा गला गिला ही रखूँगा..//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg

रश्मि ने पानी पिया ओर फिर वही गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया । मेने रश्मि का झूठा पानी पिया। मेरा लंड पैंट से बहार आने को तड़प रहा था। रश्मि ने ये नोटिस किया और पंडितजी की नजरों से छुपते हुए अपना हाथ मेरे लंड पर ऊपर से रख दिया। मेरे मुह से अहह की एक आवाज निकल गयी।

पंडितजी - क्या हुआ बेटा सब ठीक तो है।

में- है पंडित जी सब ठीक है।

मुझसे अब बर्दास्त नही हो रहा था मुझे ऐसा लग रहा था की रश्मि के मुह में अभी लंड डाल कर शांत कर दूँ।

मेने पंडितजी को बोला - पंडितजी क्या 15 मिनट का टाइम मिल सकता है।

पंडित- ठीक है । में इतने और तयारी कर रहा हुँ।

मेने वहां से रश्मि को उठाया और अंदर बैडरूम में ले आया । मेने वह आते ही रश्मि को किस करना सुरु कर दिया। मेने अपना लंड बहार निकाल लिया और रश्मि के हाथ में पकड़ा दिया। रश्मि ने मेरे लंड को बड़े प्यार से सहलाया और फिर नीचे बैठ कर अपने मुहँ में मेरे लंड को ले लिया। मेने रश्मि के मुहँ को फिर से चोदने लग गया।

रश्मि-- राज आराम से। में अब कहीँ नही जाऊंगी में अब तुम्हारी बीवी हूँ।

में - रश्मि मझे तुम जैसी एक सेक्सी और मेरी रंडी बीवी मिली है। में बहुत खुश हूँ।

मेने तभी रश्मि को उठाया और सजी हुई दुल्हन की साड़ी को उतार के मेने बैडरूम से बाहर फेंक दिया। और जहां मेने साड़ी को फेंका था वही सामने रोहित और पंडितजी बैठे हुए थे। मेने अपने सारे कपडे निकाल दिए और में नंगा हो गया । मेरा लंड अब और भी ज्यादा बड़ा हो गया था। मुझे अब सिर्फ रश्मि की चुत नजर आ रही थी।

मेरा ऐसा मन कर रहा था कि में अभी रश्मि को चोद दूँ। मेने रश्मि का ब्लाउज़ भी उतार दिया और उसकी ब्रा को फाड़ दिया। मेने रश्मि के पेटीकोट को भी उतार कर उसकी पैंटी को अपने हाथ से पकड़ कर खींच दिया जिससे पैंटी उसकी चुत में रगड़ने लगी।

रश्मि इस वक्त बेड पर बिलकुल नंगी पड़ी हुई थी। कोई सोच भी नही सकता है कि कोई दुल्हन बीच फेरो पर से उठ कर एक दम नंगी लंड चुस रही होगी।

रश्मि की पैंटी खींचने से उसकी आवाज और तेज हो गयी।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

मेने भी रश्मि को बोला की रश्मि जितनी तेजी से तुम आवाज निकल सकती हो और तेज आवाज निकालो।

मेने अपना मुहँ रश्मि की चुत पर रख दिया और अपना लंड रश्मि के मुह में डाल कर 69 की अवस्था में आ गए।

रश्मि( ज़ोर से चिल्लाते हुए)- राज मेरी चुत फाड़ दो.... राज........ मेरी चुत का भोसड़ा बना दो।

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

तभी रश्मि ने मेरे मुहँ पर अपनी चुत से सारा पानी निकाल दिया। जब मेरा मुहँ गिला हुआ तो मेरे लंड ने भी एक पिचकारी रश्मि के मुहँ में छोड़ दी।

अब में और रश्मि निढाल होकर बेड पर पड़े थे। तभी रोहित आया और बोला--

रोहित- राज , और मेरी प्यारी बीवी ये क्या हाल बना लिया? तुम तो सीधे चुदाई तक पहुच गये वो भी बिच फेरो से....

रश्मि- जब मेरे राज को मेरी जरूरत थी तो में अपने पति के काम आ गयी । और हा अब से मेरे पति सिर्फ और सिर्फ राज है । तुम बहार वालो के सामने मुझे अपनी बीवी बोला करो और घर में सिर्फ भाभी बोला करो...

"दोस्तों यही होता है किसी से सही कहा है औरत सिर्फ लंड की भूकी होती है। और हो भी क्यों न? क्योंकि लंड चीज ही ऐसे हैं।"

" बीवी से भाभी " वाओ सुनने में बहुत अच्छा लग रहा है।

चलो कहानी पर वापस आते है।

रोहित- चलो दोनों जल्दी आओ पंडितजी wait क्र रहे हैं।

मुझे अचानक क्या सुझा की मेने रश्मि को अपनी गोदी में उठाया और ऐसे ही बहार आ गया।

में एक दम नंगा मेरा 7" लम्बा लंड आगे की तरफ लटक रहा था । और रश्मि के शारीर पर सिर्फ एक छोटी सी पैंटी थी जिससे चुत भी नही ढक रही थी।

पंडितजी- बेटा ये क्या है। ( पंडित की आँखे सिर्फ रश्मि के बदन को घूर रही थी)

मेने अपने पर्स से 10000 rs पंडित को दिए और कहा- पंडित में और मेरी बीवी ऐसे ही फेरे लेंगे । कोई दिक्कत तो नही है।

पंडितजी खुश होते हुए - नही बेटा कोई दिक्कत नही है। वधु तो ऐसे और भी मादक और सेक्सी लग रही है।

पंडित का लंड एक दम खड़ा हो चूका था । में और रश्मि साफ साफ देख सकते थे पंडितजी बार बार अपने लंड को अपने हाथ से दबा रहे थे।

फिर पंडितजी ने रोहित से बोला की चुन्नी से दोनों को दे दो जिससे ये फेरे लेंगे।

पंडितजी ने मन्त्र पड़ने सुरु किये । और में और रश्मि फेरे लेने लगे। रश्मि ने मेरा लंड पकड़ लिया । और मेरे पीछे पीछे चलने लगी।

तीन फेरो के बाद पंडितजी बोले अब वधु आगे आ जाए। जब रश्मि मेरे आगे आ गयी तो मुझे उसकी गांड ने और दीवाना बना दिया । अब मेरा लंड 90 डिग्री पर तन गया। रश्मि मेरे आगे आगे चल रही थी। मुझे उसकी मादक गांड पागल कर रही थी।

मेने रश्मि से बोला - जानू अपनी ये पैंटी उतारकर ऐसे ही नंगी चलो।

रश्मि- पंडित जी एक मिनट रुको। और रश्मि ने अपनी पैंटी निकालनी शुरू की।

मेरी नजर तभी पंडित पर पड़ी जिसे उसका लंड बहुत परेशान कर रहा था। मेने पंडित जी से बोला-

में- पंडितजी आप भी इंसान हो और आपका लंड भी बहुत परेशान कर रहा है। क्यों न इस लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाल लो और आराम से रहो...

पंडितजी - है राज भाई सही बोल रहे हो...

पंडित ने अपना लंड अपने पजामे से बहार निकल लिया । मेने देखा रश्मि भी पंडित के लंड को देखे जा रही थी। तभी मेने रश्मि को टोका और बोला

में- अपनी पैंटी उतार दो और मुझे दे दो।

रश्मि ने मुझे अपनी पैंटी उतारकर मुझे दे दी। मेने वो पैंटी पंडित के लंड पर रख दी और बोला-

में- पंडित जी इस पैंटी को आप अपने लंड पर रख लीजिए । आपके पैंटी यहां रखने से मेरी बीवी की पैंटी के पाप धुल जाएंगे। क्यों रश्मि?

रश्मि- हाँ जी आपने सही कहा...

पंडित के लंड पर रश्मि की पैंटी रखने से पंडित जी की साँसे ऊपर नीचे होने लगी।

में और रश्मि एक दम मदारजात नंगे फेरे ले रहे थे। और मेरी बीवी का पति हम दोनों को देख रहा था । पंडित के लंड पर रश्मि की पैंटी। क्या आनंदमय माहौल था।

अब फेरे पुरे हो चुके थे। लकिन पंडित अभी भी रश्मि की पैंटी को अपने लंड पर रगड़ें ही जा रहा था। मेने पंडित जी के पास जाकर उनके कान में कुछ कहा। जिसके बाद पंडित जी बोले..

पंडित- रोहित तुम अंदर जाओ और बिस्तर तैयार करो । में उस बिस्तर की पूजा करके ही जाऊँगा। और तब तक में यहां इन दोनों की पूजा समाप्त करता हूँ।

रोहित - जी पंडित जी में जाता हूं।

रोहित के जाने के बाद मेने पंडित जी से कहा- पंडित जी आप हम दोनों को ऐसा आशिर्वाद दीजिये जिससे की हमारे बीच सेक्स काम न हो।

और मेरी बीवी को ऐसा आशिर्वाद दो की मेरी बीवी की गांड सबसे खूबसूरत हो जाए।

पंडित जी ने बोला- तुम दोनों खड़े हो जाओ । और रश्मि तुम राज का लंड अपने हाथों में पकड़ लो ।

पंडित अपनी जगह से खड़ा हुआ तो पैंटी नीचे गिर गयी। इस बार पंडित जी ने पैंटी को रश्मि से उठाने के लिए बोला । रश्मि ने पैंटी उठायी और पंडितजी को देने लगी।

पंडित- बेटी , ऐसे नही तुम खुद इस पैंटी को मेरे लंड पर रख दो । और पैंटी में जहां तुम्हारी चुत होती है वहां से मेरे लंड पर सेट कर दो तो तुम बहुत सेक्सी बनी रहोगी। हमेशा तुम पर कृपा बरसेगी । लंडो की कोई कमी नही होगी बेटी।

रश्मि ने अपने हाथ से अपनी पैंटी को पंडित के लंड पर लगा दिया। अब पंडित ने वो पैंटी वाला लंड पजामे के अंदर डाल लिया और हमारे पास आया।

पंडित ने रश्मि की गांड पर हाथ फिराया और बोला - तुम काम की देवी हो पुत्री। अपने पति का पूरा 7" लंड इस गांड में आराम से तुम समां जाओगी।

उसके हाथ लगाते ही रश्मि की मादक सिसकारियां कमरे में गूंज गयी......

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर पंडितजी......

जब पंडित ने रश्मि की गांड पर अपना हाथ फिराया तो रश्मि ने मेरा लंड और जोर से पकड़ लिया। अब पंडित आगे आया और रश्मि की चूचियो पर हाथ फिरने लगा । फिर पंडित जी अपनी जगह आकार बैठ गए।

दोस्तों ये सब देख कर मेरे लंड तो और ज्यादा खड़ा हो रहा था। मेने महसूस किया की रश्मि को भी अपनी गांड पर हाथ फिरवाने में मजा आ रहा है।

एक तो रश्मि की पैंटी पंडित के लंड पर लगी हुई थी और पंडित का यु हाथ फिरना मुझे तो इस माहौल में बहुत ज्यादा चुदाई की वासना आ रही थी।

में- पंडित जी तुमने रश्मि को हर जगह से आशिर्वाद दे दिया। लकिन उसकी चुत को अपने हाथों से स्पर्श करके उसे भी तृप्त कर दो।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

राज ऐसे मत बोलो अब मुझसे नही रुक जाएगा।

मेने रश्मि को बोला जाओ पंडित जी के पास जाके आशिर्वाद लेके आओ। रश्मि धीरे धीरे अपनी गांड हिलाते हुए पंडित जी के पास पहुच गयी। पंडित जी ने रश्मि की चुत पर जैसे ही हाथ रखा । रश्मि तो और ज्यादा पागल हो गयी।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

पंडितजी...... राज...... पंडितजी.... अहहह...

पंडितजी ने रश्मि की चुत को अपने हाथों से अच्छे से रगड़ दिया ।जिससे पंडितजी के हाथ चुत के रस से गीले हो गए।

में- पंडित जी, आप एक काम कीजिये?

पंडित- क्या?

में- पंडित जी आप अपनी एक ऊँगली अंदर डाल कर रश्मि की चुत के रस को चख कर उसका स्वाद और मीठा क्र दीजिये।

अब जैसे ही पंडितजी ने रश्मि की चुत में अपनी एक ऊँगली डाली । रश्मि तो जोर जोर से सिरकारियां लेने लगी...

रश्मि-आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

राज में फिर से झड़ने वाली हूँ। राज राज राज........

रश्मि ने कुछ नही देखा और पंडित जी के सर को पकड़ लिया और अपनी चुत को उनके मुहँ के पास लेकर आई और पंडितजी के मुहँ पर ही सारा पानी छोड़ दिया.....

रश्मि-आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई ररआहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

रश्मि ने झड़ने के बाद रहत की साँस ली। उधर पंडित का मुँह चुत के रस में भीग चूका था । पंडित जी बोले- बेटा तुम्हारा चुत रस बहुत ही स्वादिष्ट है ।

अब में तुम्हे एक ऐसी दवाई देता हूं । जिसे खाने के बाद तुम दोनों पति पत्नी की सेक्स करने की इच्छा दोगुनी हो जाया करेगी।

में - पंडितजी वो अब रश्मि की पैंटी दे दो । अब में इसे पहना दू।

पंडितजी ने वो पैंटी निकली तो उस पे पंडित का बहुत सारा वीर्य लगा हुआ था। जिसे देख के में और रश्मि शर्मा गये । मेने वही पैंटी उठा कर ऐसे ही रख ली।

रोहित बहार आया और बोला की तुम्हारी दोनों की सुहाग सेज त्यार है। मेने रश्मि को गोदी में उठाया और उसे लेके अंदर बेड पर आ गया।

उधर रोहित ने पंडितजी को विदा किया। और फिर हमारे रूम में आया दो दूध के गिलास लेके।

"अपनी बीवी की सुहागरात पर दूध लेके जाना"

सुनने में बहुत अच्छा लगता है। रश्मि ने रोहित से बोला- की दोनों गिलासों में वो दवाई डाल दो । जो पंडितजी ने दी है।

रोहित- जी भाभी जी।

में - रोहित भाभी क्यों बोल रहे हो ये तुम्हारी भी बीवी है। अभी तलाक नही हुआ है और न ही होगा।

रोहित - यार ऐसे कोई बात नही है। लकिन मुझे दिल से भाभी बोलने दे रश्मि को । बहुत अच्छा लगता है। ( रोहित ने यहां रश्मि के द्वारा कहि गयी बात छिपा ली)।

रश्मि- बोलने दो न राज । मुझे भी अच्छा लगेगा । कि सिर्फ तुम घर में मुझे अपनी बीवी बुलाओ।

राज- ठीक है जानू जेसी आपकी मर्जी। रोहित तू रश्मि को भाभी ही बोलेगा। ठीक है इर मेरी बीवी को जो भी जरूरत होगी तू पूरी किया करेगा।

रोहित हाँ में जबाब देके रूम से चला गया। रोहित के जाने के बाद हम दोनों ने दूध पिया।

क्रमशः..
 
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गतांक से आगे...

रोहित के जाने के बाद हमने जो दूध पिया था । उसका असर देखने को मिल रहा था। मेरा लंड ऐसा खड़ा हो गया कि जैसे कई सालों तक चुत चोदता रहेगा। और यही हाल रश्मि का था । रश्मि की चुत तो खुद ब खुद गीली होती चली जा रही थी ।

में- रश्मि पंडितजी की दवाई काम कर गई। देखो मेरा लंड इतना तन गया है कि ये सालो तक नही बैठेगा।

रश्मि- मेरी चुत तो इतनी गीली हो रही है अब राज देर मत करो इसमें लंड डाल कर इसे शांत कर दो।

मेने रश्मि की चूचियो को चूसना शुरू कर दिया । और उसके सरीर के हर हिस्से को अपनी जीभ से चाटने लगा।

रश्मि तो मेरे चाटने से ही मादक सिसकारियां लेने लग गयी । मेने रश्मि की नाभि में जीभ डाल दी जिससे रश्मि और ज्यादा पागल हो गयी।

रश्मि-

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मेने रश्मि की बाजुओं को चाटना सुरु किया। और बहुत अच्छे से उसे चाटा। रश्मि की मोटी मोती जांघ चाटने में तो मुझे और मजा आ रहा था।

फिर में और रश्मि 69 में आ गए। अब रश्मि मेरे लंड को अपने मुँह में लेके चूस रही थी। मेने रश्मि को बहुत देर तक अपने लंड को चुसाया ।

रश्मि से अब रुक नही जा रहा था। मेने रश्मि को बेड पर घोड़ी की तरह झुकाया और हल्का सा लंड उसकी चुत में डाल दिया....

रश्मि की चीख निकल गयी क्योंकि आज तक उसकी चुत में इतने अंदर तक लंड नही गया था।

रष्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई ररआहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

राज

राज राज राज.....

में मर गयी....

मेने रश्मि की चुत में लंड को हलके हलके आगे पीछे करने लगा । मेने देखा तो रष्मि की चुत से खून निकल रहा था।

में- कांग्रेट्स रश्मि । आज से तुम अपने राज की बीवी बन गयी हो। बधाई हो।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई ररआहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

में तो आपकी ही हूँ। मेने फिर से अपना लंड और अंदर डाल दिया । इस बार मेने रश्मि को आगे कंधो से पकड़ लिया और हलके हलके धक्के लगाने लगा।

रश्मि- राज अब मुझे दुनिया का ये चरम सुख प्राप्त हो रहा है। राज मेरे राजा मुझे और जोर से चोदो।

मेंने रश्मि की चुत को अब थोड़े तेज तेज धक्कों के साथ चोदने लगा। रष्मि की मादक आवाजे रूम में गूंज रही थी।

मेने अब रश्मि को अपनी गोदी में उठाया और खड़े होक नीचे से रष्मि की चुत को चोदने लगा।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई ररआहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

राज मेरी जान ई लव यू.....

रशमी से अब और नही रुक गया वो ऐसे ही मेरी गोदी में मेरे लंड और झड़ गयी। मेने रश्मि को बेड पर लिटाया और उसकी चुत पर अपना मुहँ लगा दिया।

रश्मि ने मेरे सर को पकड़ लिया और अपनी चुत को मेरे मुह में डालने लगी।

उस रात मेने रष्मि को लगातार 4 घण्टे चोद ता रहा। रष्मि अब बड़े प्यार से मेरी बीवी की तरह मेरी बाहों में पड़ी हुई है।

मेने अपने लंड को रष्मि की चुत पर लगा कर उससे बात करते हुए उसकी चुत में अंदर तक घुस दिया।

रश्मि-

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अहह अहह राज मेरी जान तुम मुझ में समा जाओ । मेरे अंदर अपना वीर्य भर दो।

मेने रश्मि को जोरदार चोदना जारी रखा। अब में रश्मि को ऐसे चोद रहा था जैसे वो मेरी रंडी हो।

मेने रष्मि की दोनों चूचियो के निप्पल को अपने हाथ में ले लिया। और उन्हें मसलने लगा।

में रश्मि को अब बहुत तेज चोद रहा था। गप गप की आवाजें रूम में गूंज रही थी।

रश्मि- राज में आने वाली हूँ तुम भी मेरे साथ मेरी चुत में झड़ जाओ ।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई ररआहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

रश्मि ऐसे बोलते बोलते झड़ने लगी। जब उसका गर्म गर्म पानी मेरे लंड पर लगा तो में भी ज्यादा देर नही रोक पाया और में भी रष्मि की चुत में झड़ गया।

रश्मि- राज तुमने मुझे आज तृप्त कर दिया। में तुम्हे अपना सारा जीवन देती हूं।

इसी तरह हमें दोनों को सुबह के 4 बज गए थे। रष्मि मेरी बाँहों में आके मुझसे लिपट कर एक गहरी नींद में चले गयी। मेने उसके माथे पर एक किस की और उसको कस कर हुग कर लिया।

मुझे ऐसा लग रहा था कि मानो मुझे मेरी जिंदगी मिल गयी हो।
 
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