गतांक से आगे...
रोहित जब ड्रॉइंग रूम में पहुँचा तो वेधजी जाने वाले थे। रोहित ने वेधजी से पूछा की वेधजी अब मुझे आगे क्या करना चाहिए (दोस्तों रोहित और वेधजी के बीच कुछ बातें हुई थी जब हम सब राज और रश्मि के साथ किचिन में व्यस्त थे)
वेधजी बोले- देखो रोहित जैसा तुमने मुझे बताया है और जो तुम निर्णय लेना चाहते हो वो तुम्हारे लिए ही लाभदायक है। और अगर ऐसा नही करोगे तो तुम अपनी जिंदगी ख़राब करने के साथ साथ दो और लोगो की जिंदगी भी बर्बाद कर दोगे।
रोहित- जी वेधजी अब मेने निर्णय कर लिया है। अब में पीछे नही हटूंगा और जो इस विधि द्वारा हो रहा है मैं उसके बिच में नही आऊंगा।
वेधजी- जैसा तुम्हे उचित लगे वही करना। अब मेरा चलने का वक्त हो रहा है।
वेधजी ने ड्रॉइंग रूम से प्रस्थान किया । उसके बाद रोहित वहीं सोफे पर बैठा हुआ बहुत समय तक सोचता रहा। इधर में रश्मि के साथ बेड और लेता हुआ था। रश्मि मेरी बाहों में अपने जीवन का परम सुख व्यतीत कर रही थी। रश्मि बार बार मेरे फेस को अपने करीब लेकर मेरे होटों को किस कर रही थी।
रश्मि- राज तुमने मुझे अपने प्यार में इस कदर अपना लिया है। में अब दिन रात तुम्हारे सिर्फ तुम्हारे बारे में सोचती रहती हूं।
में- मेरी जान तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो । और में भी तुमसे बहुत बहुत प्यार करता हूं।
रश्मि- राज पिछले दो दिनों में तुमने मेरी जिंदगी को बदल सा दिया है। पता नही इन दो दिनों में तुम्हारे इतने करीब आ गयी हूँ की मुझे लगता है कि में और तुम सात जनम से एक साथ थे। राज अब में तुम्हारे लिए इतनी पागल हो गयी हूँ की मुझे रोहित के सामने भी तुम्हारी बाँहों में ऐसे पड़े रहने से भी कोई दिक्कत नही है।
राज- रश्मि तुम्हे कैसा लग रहा था जब में रोहित के सामने तुम्हारी चुत चाट रहा था? तुम्हारी भावनाये कैसे आ रही थी?
रश्मि- राज में बता नही सकती हूँ । पता है जब जब तुम मुझे रोहित के सामने ऐसे किस करते हो या फिर मेरी चुत चाटते हो तो मुझे और ज्यादा मजा आता है। ऐसा लगता है कि मैं तुमसे रोहित के सामने ही चुद जाऊं।
ऐसा बोलकर रश्मि ने मुझे और ज्यादा कस कर भिच लिया और मेरी छाती को अपनी जीभ से चाटने लगी.. तभी रश्मि ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया ... जो रश्मि के पकड़ने से टाइट होने लगा।
रश्मि अपने हाथ को मेरे लंड पर हलके हलके मसलने लगी। मेने भी रश्मि की दोनों चूचियो को अपने हाथ में लेकर मसलने लगा । और रश्मि के हॉट को अपनी जीभ से किस करने लगा।
तभी रूम पर एक दस्तक हुई......
रोहित- रश्मि रश्मि...
रश्मि तो मेरे लंड को पकडे हुई थी और उसके होठ मेरे होठ में थे जिससे वो बोल भी नही पा रही थी। रोहित धीरे धीरे हमारे करीब आ गया... मेने रश्मि की चूचिया पर से अपना हाथ हटा लिया और उसे किस करना भी बंद कर दिया।
रोहित - रश्मि तुमसे और राज से मुझे कुछ जरुरी बात करनी है तुम दोनों मेरे साथ ड्रॉइंग रूम में चलो.।
में- रोहित क्या हुआ?? ऐसी क्या बात है जिसको लेकर तुम बहुत परेशान हो??
में रोहित से ऐसे ही लेटे हुए बात कर रहा तब तभी अंदर से रश्मि ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी चुत के ऊपर ले जाके रगड़ने लगी। जबकि रोहित मेरे सामने खड़ा हुआ था। मेने रश्मि को बोला की चलो बहार चलकर पहले रोहित की बात सुनते है ।
फिर हम तीनों बहार आ गए...
रश्मि की आँखों में अभी भी मेरे लिए वासना भरी हुई थी । वो अब सब कुछ भूल कर सिर्फ चुदना चाहती थी। हम तीनो आकार ड्रॉइंग रूम में बैतः गये...
रोहित- देखो राज , अब जो हालात है हमें उन्हें समझते हुए आगे बढ़ना होगा । तुम दोनों मेरी इस बीमारी के बारे में अच्छे से जानते हो। और अब इसे ठीक करना तुम दोनों के हाथ में ही हैं।
में- रोहित जो भी बात है, जिसकी वजह से तुम परेशान हो खुल कर बताओ बात क्या है?
रश्मि- रोहित क्या हुआ तुम इतने उदास क्यों हो रहे हो। जो भी बात है तुम खुल कर बताओ....
रोहित- राज जब से मुझे मेरी बीमारी के बारे में पता लगा है मैं अंदर से टूट गया हूं और आज मेने वेधजी से भी सलाह ली है। अब जो बात है तुम दोनों धयान से सुनो...
रोहित- राज में अब ये चाहता हूँ की रश्मि मुझसे तलाक ले ले और उसके बाद तुम रश्मि से शादी कर लो । जिस से तुम दोनों को में फाॅर्स भी नई क्र पाऊंगा की तुम मुझे जीवन बुटी बना कर दो। उसके बाद जब तुम दोनों पति पत्नी की तरह रहोगे तो मुझे ये जीवन बुटी आसानी से मिल जायेगी।
और सबसे बड़ी समस्या ये है कि रश्मि की जब से शादी हुई है में उसे पति का सुख दे ही नही पाया हूं। जिसकी वो हक़दार है रश्मि भी चाहती है कि उसकी सुहागरात हो..
राज में ये जनता हु की ये मुमकिन नही है लेकिन इसके सिवाय कोई रास्ता भी नही है।
रश्मि- रोहित तुम पागल हो गए हो ये क्या बोल रहे हो?? ( रश्मि मन ही मन में बहुत खुश होते हुए.....)
में - रोहित ये सही नही है । समाज क्या कहेगा और फिर हम तीनों एक दूसरे से कैसे मुहँ मिला पाएंगे??
रोहित- राज अच्छा एक बात बताओ... रश्मि मेरी पत्नी होते हुए तुम से चुद जाए तो समाज में तब बदनामी नही होगी... ??? और रश्मि की उन फीलिंग्स का क्या ? जो कल तुम दोनों एक दूसरे से कर रहे थे??
रोहित बोलते हुए-- देखो राज , तुम मुझसे भी समझदार हो, और तुम अच्छी तरह जानते हो की रश्मि को अब किस चीज की सबसे ज्यादा जरुरत है??
रोहित की बात सुनकर में शॉक में आ गया। मुझे कुछ समझ में नही आ रहा था कि अब में क्या करूँ?
मेने रोहित से समय माँगा और उसके घर से निकल कर सीधे अपने घर आ गया।
अब शाम के 7 बजने वाले थे और रोहित मुझे 3-4 कॉल कर चुका था लकिन में कुछ निर्णय नही ले पा रहा था।
में अपने घर से बहार निकल कर सामने पार्क में चला गया और कुछ अच्छा निर्णय लेने के बारे में सोचने लगा। लकिन मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि में क्या निर्णय लूँ??
कहते है न की जब सारे रास्ते बंद होने लग जाए तो एक खिड़की खुली रह जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ....
वहां पार्क में महाभारत की कथा पर एक नाटक चल रहा था । जब अर्जुन द्रोपदी को स्वयंवर से जीत कर लाता है तो उसकी माता कहती है कि तुम पांचों भाई इसे आपस में बाँट लो...
उसे देख कर मेरा दिमाग कुछ और ही सोचने लग गया।
अब रात के 9 बज गए थे... में रोहित के घर पहुच गया।
रोहित- राज यार कहाँ गायब हो गया था तू ? इतने कॉल किये कोई रेस्पांस भी नही दिया?? क्या हुआ तू ठीक तो है न??
में- मेरे भाई में एक दम ठीक हूँ और एक साथ इतने सारे सवाल मत पूछा कर भाई.... //cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg चल खाना खाते है बहुत तेज भूक लगी है।
रोहित बोला चल आज तेरी टेंशन को कम करता हूँ। और खाना बाद में खाएंगे....
रोहित ने एक रेड वाइन की बोत्तेल निकली और हम दोनों ड्रॉइंग रूम में बैठ गए। वैसे हम दोनों पीते नही थे लकिन कभी कभी जब गम ज्यादा ही हो पीना पड़ जाता है...
"दारू ही वो दवा है जिसके सामने हर मर्ज झुका है"
हम दोनों में एक एक पग बनाया तभी रश्मि वही रूम में आ गयी। मेने रश्मि से बोला की रश्मि तुम भी आओ और हमारी महफ़िल में शामिल हो जाओ....
रश्मि- राज मेने आज तक कभी पिया नही है तों में आप लोगों के साथ सहज नही हो पाऊंगी।
रोहित- आओ बैठो यहां। हमारी दोनों दोस्तों की महफ़िल ऐसी जमी है कि आज भी हम जब भी अपने दिन याद करते है तो खो जाते है। अब तुम भी इसका एक हिस्सा हो...
मेने तीन पेग बनाये रश्मि का थोड़ा लाइट बनाया क्योंकि वो अभी पहली बार पी रही थी...
रश्मि- इईईई... ये तो बहुत कड़वा है.... मेने रश्मि को बोला बस एक घूंट ही कड़वा लगेगा उसके बाद इससे अच्छी चीज कोई नही है।
हम तीनों ने एक एक पेग खत्म कर लिया... और रश्मि को तो एक पेग में ही चढ़ गई उसका सर घूमने लगा।
रश्मि जैसे ही खड़ी हुई तो मेरी तरफ झुक गयी और मेरी गोदी में गिर गयी। मेने रश्मि को सही से बिठाया तो वो नशे में बोलने लगी राज मुझे तुम्हारी गोदी में बैठना है। मेने रोहित की तरफ देखा तो रोहित बोल- राज बिठा ले रश्मि को जब वो इतनी जिद कर रही है।
मेने रश्मि को अपनी गोदी में सही से बिठा लिया। रश्मि के मेरी गोदी में बैठते ही मेरा लंड खड़ा हो गया । मेने रश्मि की कमर को हल्का सा पकड़ा और ऊपर उठाया फिर नीचे अपना लंड सही किया और रश्मि को बिठा लिया। अब रश्मि के दोनों चूतड़ के बीच में मेरा लंड फंसा हुआ था।
रश्मि ने नीचे एक लोअर पहना हुआ था और ऊपर एक टीशर्ट थी। मेने रोहित से बोला- रोहित एक एक पेग और हो जाए।
रोहित - हाँ क्यों नही?
मेने इस बार रोहित की नजरों से बचते हुए रोहित का पेग थोड़ा लार्ज बना दिया। मेने अपने पेग को रश्मि के मुहँ के पास ले जाकर उसे पिलाया और उसके बाद उसी में से मैंने पिया ।
"एक पति के सामने उसकी बीवी उसके दोस्त की गोदी में बैठ के एक ही गिलास से वाइन पिए" दोस्ती और बीवी हर किसी की ऐसी ही होनी चाहिए।
अब मैंने रोहित और रश्मि से बात करना ठीक समझा....
में- रोहित तूने मुझसे शाम बोला था की तू रश्मि से शादी कर ले ।
रोहित - हाँ बोला था , बता क्या सोचा है तूने?
में- देख में रश्मि से शादी करूँगा लकिन एक शर्त पर..
रोहित- क्या?
में- तू रश्मि को तलाक नही देगा। रश्मि हम दोनों की बीवी रहेगी। में भी अब इसी घर में शिफ्ट हो जाऊँगा। देख रश्मि घर में मेरी बीवी रहेगी और दुनिया वालो के लिए सिर्फ तेरी बीवी होगी.. अगर मेरी बात से सहमत है तो बता??