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Guest
पायल ये मेरा भाई है रवि और रवि ये मेरी बेस्ट फ्रेंड है सोनिया, तेरी ही क्लास मे इसका अड्मिशन हुआ है,
रवि- सोनिया को मुस्कुराकर देखता हुआ, अच्छा मुझे तो पता ही नही था, कब आज ही लिया है आपने अड्मिशन
सोनिया- रवि को घूर कर देखती हुई, नही तीन दिन हो गये
रवि- मुस्कुरा कर सोनिया की आँखो मे देखता हुआ, क्या बात है आप तीन दिन से मेरी क्लास मे आ रही है और मेने
आपको आज पहली बार देखा है
सोनिया- रवि को घूर कर देखते हुए, आपका ध्यान कही और रहा होगा
रवि- सोनिया को देख कर मुस्कुराते हुए, सही कहा आपने दो दिन से मेरा ध्यान वाकई कही और था,
पायल- सोनिया तू बैठ मे तेरे लिए कॉफी बना कर लाती हू,
सोनिया- अरे यार तकलीफ़ क्यो करती है,
पायल- अरे इसमे तकलीफ़ की क्या बात है और किचन मे जाकर पायल कॉफी बनाने लगती है
सोनिया अपनी नज़रे उठा कर रवि को देखती है और रवि उसी को देख रहा था
सोनिया- तुम दिन भर मुझे घूरते क्यो रहते हो उस दिन क्लास मे भी सबके सामने
रवि- मुस्कुरा कर क्यो कि मे पहली नज़र मे ही तुमको अपना दिल दे बैठा हू,
सोनिया- मुस्कुरा कर ये आशिको वाली बाते खूब सुनी है मेने और कई आशिको को देखा भी है लेकिन मुझे इन सब बेकार
की बातो मे कोई दिल्लचस्पी नही है इसलिए तुम बेकार मे अपना वक़्त बर्बाद मत करो, और अपने हाथो से उसकी ओर चुटकी
बजाते हुए समझे मिस्टर. मजनू
रवि- सोनिया के करीब जाकर बैठता हुआ उसकी नशीली आँखो मे देख कर, धीरे से कहता है, मे तो तुम्हारे इस खूबसूरत
हुस्न पर मर मिटा हू और जब तक इन रसीले लबो का रस पी नही लेता मुझे चैन नही आने वाला है.
सोनिया- अपने चेहरे पर गुस्सा लाते हुए रवि को अपनी उंगली दिखा कर रवि अपनी हद मे रह कर बात करो वरना मुझ से
बुरा कोई नही होगा,
रवि- मुस्कुरा कर अरे तुम तो सीरीयस होने लगी, अच्छा बाबा मत पिलाना मुझे अपने होंठो का रस पर अब जब तुम मेरी
दीदी की दोस्त हो तो क्या हम दोस्त नही बन सकते, और अपना हाथ सोनिया की ओर बढ़ा देता है
सोनिया- थोड़ा मुस्कुरा कर उसे अपना हाथ देती हुई ओके और उसकी आँखो मे देखती हुई, लेकिन सिर्फ़ दोस्ती और कुछ नही
समझे,
रवि- मुस्कुराकर मे समझ गया, रवि उसकी तनी हुए चुचियो को देख कर मन ही मन कहता है मेरी रानी एक दिन
तुझे पूरी नंगी करके अपनी बाँहो मे भर कर तेरे हर अंग का रस नही पिया तो मेरा नाम भी रवि नही,
तभी पायल कॉफी लेकर आती है और सोनिया को देती है,
रवि- दीदी मेरे लिए
पायल- तूने अभी तो पी थी मेरे साथ
रवि- मुँह बना कर ओके
कुछ देर बैठने के बाद सोनिया वहाँ से चली जाती है
रवि- सोनिया को मुस्कुराकर देखता हुआ, अच्छा मुझे तो पता ही नही था, कब आज ही लिया है आपने अड्मिशन
सोनिया- रवि को घूर कर देखती हुई, नही तीन दिन हो गये
रवि- मुस्कुरा कर सोनिया की आँखो मे देखता हुआ, क्या बात है आप तीन दिन से मेरी क्लास मे आ रही है और मेने
आपको आज पहली बार देखा है
सोनिया- रवि को घूर कर देखते हुए, आपका ध्यान कही और रहा होगा
रवि- सोनिया को देख कर मुस्कुराते हुए, सही कहा आपने दो दिन से मेरा ध्यान वाकई कही और था,
पायल- सोनिया तू बैठ मे तेरे लिए कॉफी बना कर लाती हू,
सोनिया- अरे यार तकलीफ़ क्यो करती है,
पायल- अरे इसमे तकलीफ़ की क्या बात है और किचन मे जाकर पायल कॉफी बनाने लगती है
सोनिया अपनी नज़रे उठा कर रवि को देखती है और रवि उसी को देख रहा था
सोनिया- तुम दिन भर मुझे घूरते क्यो रहते हो उस दिन क्लास मे भी सबके सामने
रवि- मुस्कुरा कर क्यो कि मे पहली नज़र मे ही तुमको अपना दिल दे बैठा हू,
सोनिया- मुस्कुरा कर ये आशिको वाली बाते खूब सुनी है मेने और कई आशिको को देखा भी है लेकिन मुझे इन सब बेकार
की बातो मे कोई दिल्लचस्पी नही है इसलिए तुम बेकार मे अपना वक़्त बर्बाद मत करो, और अपने हाथो से उसकी ओर चुटकी
बजाते हुए समझे मिस्टर. मजनू
रवि- सोनिया के करीब जाकर बैठता हुआ उसकी नशीली आँखो मे देख कर, धीरे से कहता है, मे तो तुम्हारे इस खूबसूरत
हुस्न पर मर मिटा हू और जब तक इन रसीले लबो का रस पी नही लेता मुझे चैन नही आने वाला है.
सोनिया- अपने चेहरे पर गुस्सा लाते हुए रवि को अपनी उंगली दिखा कर रवि अपनी हद मे रह कर बात करो वरना मुझ से
बुरा कोई नही होगा,
रवि- मुस्कुरा कर अरे तुम तो सीरीयस होने लगी, अच्छा बाबा मत पिलाना मुझे अपने होंठो का रस पर अब जब तुम मेरी
दीदी की दोस्त हो तो क्या हम दोस्त नही बन सकते, और अपना हाथ सोनिया की ओर बढ़ा देता है
सोनिया- थोड़ा मुस्कुरा कर उसे अपना हाथ देती हुई ओके और उसकी आँखो मे देखती हुई, लेकिन सिर्फ़ दोस्ती और कुछ नही
समझे,
रवि- मुस्कुराकर मे समझ गया, रवि उसकी तनी हुए चुचियो को देख कर मन ही मन कहता है मेरी रानी एक दिन
तुझे पूरी नंगी करके अपनी बाँहो मे भर कर तेरे हर अंग का रस नही पिया तो मेरा नाम भी रवि नही,
तभी पायल कॉफी लेकर आती है और सोनिया को देती है,
रवि- दीदी मेरे लिए
पायल- तूने अभी तो पी थी मेरे साथ
रवि- मुँह बना कर ओके
कुछ देर बैठने के बाद सोनिया वहाँ से चली जाती है