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Guest
पायल - अपने पेरो की पिंदलियो के नीचे वाले हिस्से मे हाथ लगा कर यहाँ
रवि- पायल की गोरी और चिकनी पिंडालियो को अपने हाथो से पकड़ कर हल्के-हल्के सहलाने लगता है और पायल अपनी कामुक
नज़रो से मंद-मंद मुस्कुराती हुई रवि की ओर देखती रहती है, रवि अपनी दीदी की गोरी-गोरी पिंडालियो को सहलाता हुआ जब अपनी
नज़रे पायल की ओर करता है तो पायल की कातिल निगाहो और उसके मस्त रूप को देखता ही रह जाता है और उसकी नज़रे अपनी दीदी
की कत्ल कर देने वाली नज़रो से मिल जाती है, दोनो की कामुक नज़रे जब एक दूसरे से मिलती है तो दोनो एक दूसरे को खा जाने वाली
चुदास भरी नज़रो से देखते है और रवि का जहाँ लोड्ा भनभाना जाता है वही पायल की पेंटी उसकी चूत रस से गीली हो जाती
है,
रवि- पायल की आँखो मे देखता हुआ अपने मन मे बोलता है, दीदी क्या हुस्न है तुम्हारा, तुम्हारे इस रसीले हुस्न को मे
पी जाना चाहता हू एक बार अपनी चूत मरवा लो ना मुझसे,
पायल- उसकी आँखो मे देखती हुई, अपने मन मे, अरे पगले पेर क्या सहला रहा है एक बार मेरी चूत को खोल कर सहला दे,
मे तो तुझसे चुदवाने को तैयार बैठी हू, कब चोदेगा मुझे,
दोनो एक दूसरे को देखते हुए अपने मन की बात अपने मन मे ही कहते है फिर दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते
है,
पायल- क्या बात है बड़े प्यार से देख रहा है अपनी दीदी को,
रवि- मुस्कुराते हुए उसके गोरे पेरो की पिंडालियो को सहलाता हुआ, दीदी तुम बहुत सुंदर हो और उसकी आँखो के सामने
उसके मोटे-मोटे तने हुए दूध को देखने लगता है
पायल- अपने उसी पेर से जिसे रवि पकड़ कर बैठा था, एक लात रवि के सीने मे मार कर मुस्कुराते हुए, रवि तू वाकई मे
बहुत बड़ा कमीना है,
रवि- पीछे गिरते हुए अपने आप को संभाल कर, मुस्कुराते हुए पायल की आँखो मे देख कर, दीदी तुम्हारी किस्मत
अच्छी है कि तुम मेरी दीदी हो नही तो अभी तक तो मे कमिनेपन की सारी हदे पर कर जाता,
पायल- सोफे से अपनी पीठ को उठा कर अपने हाथो की दोनो कोहनियो को अपनी जाँघ पर रख कर अपने दोनो हाथो से अपनी
तोड़ी को पकड़ कर सोफे पर बैठ कर रवि की आँखो मे मुस्कुराते हुए देखती हुई,
पायल- क्या कमीनपन दिखाता तू
रवि- उसकी लात खाकर थोड़ा गुस्से मे आ गया था और बिना डरे पायल की आँखो के सामने ही उसके मोटे-मोटे दूध को
देख कर, क्या तुम नही जानती कि मे क्या कमीना पन दिखाता,
पायल- अपनी आँखे उसको दिखाती हुई थोड़ा सा मुस्कुरा कर, हिम्मत है तो दिखा
रवि- देखो दीदी मुझे चलेंज मत करो तुम मेरी दीदी हो इस लिए अभी तक बचती आ रही हो, नही तो
पायल- अपनी आँखो से उसको डराने की कोशिश करती हुई, नही तो क्या करता तू मेरे साथ
रवि- अपनी नज़रे इधर उधर करता हुआ, दीदी अब जाने भी दो नही तो तुम्हे बुरा लग जाएगा,
पायल- मे जानती हू क़ि तू मेरे बारे मे क्या सोचता है, तेरी कामिनी हरकते मुझसे छुपी नही है
रवि- उसके सामने ही उसके मोटे खरबूजो जैसे कसे दूध को देख कर उसकी आँखो मे देखता है और पायल की ओर
मुस्कुरा कर, तो दीदी तुम क्या चाहती हो,
पायल- उसकी बात को समझ कर उठ कर उसे एक झपत उसकी पीठ पर मार कर, रवि तू वाकई कमीना है अपनी बहन को भी
नही छोड़ रहा है, और फिर अपनी मोटी गान्ड को मतकाते हुए मुस्कुरा कर किचन की ओर जाने लगती है
रवि- दीदी तुम तो आराम से चल रही हो देखा मेने कैसे तुम्हारी मोच ठीक कर दी,
पायल- पलट कर उसकी और मुस्कुरा कर देखते हुए, कमीना कही का, कॉफी पिएगा
रवि- उसके दूध को घूर कर मुस्कुराता हुआ पिला दो ना
पायल उसकी हरकत से मन ही मन मे खुस होती हुई मुस्कुरा कर फिर से पलट कर अपने गदराए मोटे-मोटे चुतड
मतकाती हुई किचन मे घुस जाती है, थोड़ी देर बाद पायल कॉफी के दो कप लेकर आती है और रवि को एक कप पकड़ाते हुए
सोफे पर अपनी गदराई मतवाली गान्ड को रख कर बैठ जाती है, फिर दोनो एक दूसरे की आँखो मे देख कर मुस्कुराते हुए
कॉफी का गरम-गरम घुट अपने गले से नीचे उतारने लगते है,
पायल- मुस्कुरा कर कैसी है
रवि- उसके खूबसूरत चेहरे को देख कर मुस्कुराता हुआ, बहुत अच्छी हो
पायल- उसकी बातो को समझ कर, मुस्कुराती हुई मीठी है कि नही
रवि- पायल के गदराए दूध को देखता हुआ, उसकी आँखो मे देख कर जब पूरी पी लूँगा तब पता चलेगा कि मीठी है या
नही,
पायल- मुस्कुरा कर, क्यो देख कर पता नही चलता
रवि- पायल के जिस्म को उसकी आँखो के सामने उपर से लेकर नीचे तक देखता हुआ, कलर तो बहुत अच्छा है तो फिर मिठास
भी खूब होगी
पायल- मुस्कुरा कर आराम से पीना नही तो मुँह जल जाएगा
रवि- मुस्कुराते हुए, मुझे आराम से ही पीना पसंद है, मे पूरा रस ले -ले कर ही पीता हू तभी पीने का असली मज़ा आता
है,
पायल- मुस्कुरा कर कभी कोई दूसरा ब्रांड पिया है
रवि- मुस्कुरा कर नही, और पायल की ओर अपने आइब्रो उचकाता हुआ उसकी और इशारा करता हुआ, मुझे तो शुरू से यही
ब्रांड पसंद है,
पायल- कभी पी कर छोड़ने का इरादा है कि नही
रवि- मुस्कुरा कर नही, मे तो जिंदगी भर पीऊंगा
पायल - तुझे कब-कब पीना पसंद है
रवि- मुस्कुराते हुए वैसे तो किसी भी टाइम पिला दो पी लूँगा, लेकिन रोज रात को सोने से पहले पीने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए,
क्रमशः.........................
रवि- पायल की गोरी और चिकनी पिंडालियो को अपने हाथो से पकड़ कर हल्के-हल्के सहलाने लगता है और पायल अपनी कामुक
नज़रो से मंद-मंद मुस्कुराती हुई रवि की ओर देखती रहती है, रवि अपनी दीदी की गोरी-गोरी पिंडालियो को सहलाता हुआ जब अपनी
नज़रे पायल की ओर करता है तो पायल की कातिल निगाहो और उसके मस्त रूप को देखता ही रह जाता है और उसकी नज़रे अपनी दीदी
की कत्ल कर देने वाली नज़रो से मिल जाती है, दोनो की कामुक नज़रे जब एक दूसरे से मिलती है तो दोनो एक दूसरे को खा जाने वाली
चुदास भरी नज़रो से देखते है और रवि का जहाँ लोड्ा भनभाना जाता है वही पायल की पेंटी उसकी चूत रस से गीली हो जाती
है,
रवि- पायल की आँखो मे देखता हुआ अपने मन मे बोलता है, दीदी क्या हुस्न है तुम्हारा, तुम्हारे इस रसीले हुस्न को मे
पी जाना चाहता हू एक बार अपनी चूत मरवा लो ना मुझसे,
पायल- उसकी आँखो मे देखती हुई, अपने मन मे, अरे पगले पेर क्या सहला रहा है एक बार मेरी चूत को खोल कर सहला दे,
मे तो तुझसे चुदवाने को तैयार बैठी हू, कब चोदेगा मुझे,
दोनो एक दूसरे को देखते हुए अपने मन की बात अपने मन मे ही कहते है फिर दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते
है,
पायल- क्या बात है बड़े प्यार से देख रहा है अपनी दीदी को,
रवि- मुस्कुराते हुए उसके गोरे पेरो की पिंडालियो को सहलाता हुआ, दीदी तुम बहुत सुंदर हो और उसकी आँखो के सामने
उसके मोटे-मोटे तने हुए दूध को देखने लगता है
पायल- अपने उसी पेर से जिसे रवि पकड़ कर बैठा था, एक लात रवि के सीने मे मार कर मुस्कुराते हुए, रवि तू वाकई मे
बहुत बड़ा कमीना है,
रवि- पीछे गिरते हुए अपने आप को संभाल कर, मुस्कुराते हुए पायल की आँखो मे देख कर, दीदी तुम्हारी किस्मत
अच्छी है कि तुम मेरी दीदी हो नही तो अभी तक तो मे कमिनेपन की सारी हदे पर कर जाता,
पायल- सोफे से अपनी पीठ को उठा कर अपने हाथो की दोनो कोहनियो को अपनी जाँघ पर रख कर अपने दोनो हाथो से अपनी
तोड़ी को पकड़ कर सोफे पर बैठ कर रवि की आँखो मे मुस्कुराते हुए देखती हुई,
पायल- क्या कमीनपन दिखाता तू
रवि- उसकी लात खाकर थोड़ा गुस्से मे आ गया था और बिना डरे पायल की आँखो के सामने ही उसके मोटे-मोटे दूध को
देख कर, क्या तुम नही जानती कि मे क्या कमीना पन दिखाता,
पायल- अपनी आँखे उसको दिखाती हुई थोड़ा सा मुस्कुरा कर, हिम्मत है तो दिखा
रवि- देखो दीदी मुझे चलेंज मत करो तुम मेरी दीदी हो इस लिए अभी तक बचती आ रही हो, नही तो
पायल- अपनी आँखो से उसको डराने की कोशिश करती हुई, नही तो क्या करता तू मेरे साथ
रवि- अपनी नज़रे इधर उधर करता हुआ, दीदी अब जाने भी दो नही तो तुम्हे बुरा लग जाएगा,
पायल- मे जानती हू क़ि तू मेरे बारे मे क्या सोचता है, तेरी कामिनी हरकते मुझसे छुपी नही है
रवि- उसके सामने ही उसके मोटे खरबूजो जैसे कसे दूध को देख कर उसकी आँखो मे देखता है और पायल की ओर
मुस्कुरा कर, तो दीदी तुम क्या चाहती हो,
पायल- उसकी बात को समझ कर उठ कर उसे एक झपत उसकी पीठ पर मार कर, रवि तू वाकई कमीना है अपनी बहन को भी
नही छोड़ रहा है, और फिर अपनी मोटी गान्ड को मतकाते हुए मुस्कुरा कर किचन की ओर जाने लगती है
रवि- दीदी तुम तो आराम से चल रही हो देखा मेने कैसे तुम्हारी मोच ठीक कर दी,
पायल- पलट कर उसकी और मुस्कुरा कर देखते हुए, कमीना कही का, कॉफी पिएगा
रवि- उसके दूध को घूर कर मुस्कुराता हुआ पिला दो ना
पायल उसकी हरकत से मन ही मन मे खुस होती हुई मुस्कुरा कर फिर से पलट कर अपने गदराए मोटे-मोटे चुतड
मतकाती हुई किचन मे घुस जाती है, थोड़ी देर बाद पायल कॉफी के दो कप लेकर आती है और रवि को एक कप पकड़ाते हुए
सोफे पर अपनी गदराई मतवाली गान्ड को रख कर बैठ जाती है, फिर दोनो एक दूसरे की आँखो मे देख कर मुस्कुराते हुए
कॉफी का गरम-गरम घुट अपने गले से नीचे उतारने लगते है,
पायल- मुस्कुरा कर कैसी है
रवि- उसके खूबसूरत चेहरे को देख कर मुस्कुराता हुआ, बहुत अच्छी हो
पायल- उसकी बातो को समझ कर, मुस्कुराती हुई मीठी है कि नही
रवि- पायल के गदराए दूध को देखता हुआ, उसकी आँखो मे देख कर जब पूरी पी लूँगा तब पता चलेगा कि मीठी है या
नही,
पायल- मुस्कुरा कर, क्यो देख कर पता नही चलता
रवि- पायल के जिस्म को उसकी आँखो के सामने उपर से लेकर नीचे तक देखता हुआ, कलर तो बहुत अच्छा है तो फिर मिठास
भी खूब होगी
पायल- मुस्कुरा कर आराम से पीना नही तो मुँह जल जाएगा
रवि- मुस्कुराते हुए, मुझे आराम से ही पीना पसंद है, मे पूरा रस ले -ले कर ही पीता हू तभी पीने का असली मज़ा आता
है,
पायल- मुस्कुरा कर कभी कोई दूसरा ब्रांड पिया है
रवि- मुस्कुरा कर नही, और पायल की ओर अपने आइब्रो उचकाता हुआ उसकी और इशारा करता हुआ, मुझे तो शुरू से यही
ब्रांड पसंद है,
पायल- कभी पी कर छोड़ने का इरादा है कि नही
रवि- मुस्कुरा कर नही, मे तो जिंदगी भर पीऊंगा
पायल - तुझे कब-कब पीना पसंद है
रवि- मुस्कुराते हुए वैसे तो किसी भी टाइम पिला दो पी लूँगा, लेकिन रोज रात को सोने से पहले पीने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए,
क्रमशः.........................