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कमीना compleet

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गतान्क से आगे.............................

पायल- रवि यह सब ठीक नही है तुझे लड़कियो के चक्कर मे नही पड़ना चाहिए और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना

चाहिए

रवि- दीदी मुझे क्या करना है और क्या नही यह मे अच्छी तरह से जानता हू

पायल- उसको गुस्से से देखती हुई, क्या खाक जानता है, कल से तू उससे मिलना बंद कर दे

रवि- क्यो

पायल- उसकी ओर देखती हुई , बस ऐसे ही

रवि- पर क्यो

पायल- एक दम से, क्यो कि मुझे तेरा उससे मिलना बिल्कुल अच्छा नही लगता

रवि- पायल की आँखो मे देख कर लेकिन मेरे उससे मिलने से तुम्हे क्या प्राब्लम है,

पायल- रवि अब मे तुझे कैसे सम्झाउ और रवि की आँखो मे देखने लगती है

रवि- मुस्कुरा कर पायल की आँखो के सामने उसके दूध को घूर कर, मे उससे दूर नही रह सकता दीदी मुझे उसके वो

बहुत अच्छे लगते है,

पायल- रवि की बात और उसकी नज़रो का इशारा अपने दूध की ओर देख कर अपनी नज़रे नीचे करती हुई, रवि उसके साथ कुछ ग़लत हरकत मत करना वह एक अच्छी लड़की है,

रवि- मुस्कुरा कर क्यो अच्छी लड़कियो के उनको नही छूना चाहिए

पायल- रवि की आँखो मे देख कर, रवि वह एक समझदार लड़की है वह तुझे अपने आप को कभी नही छूने देगी

रवि- पायल की आँखो मे देख कर मुस्कुराता हुआ, क्यो तुम समझदार नही थी क्या

पायल को उसकी बात सुन कर अपनी ग़लती का एहसास होता है और वह रवि की ओर देख कर, अपने चेहरे को सीरियस बना कर, देख रवि वह एक ग़लती से होने वाला हादसा था और मे उस हादसे को भूल जाना चाहती हू

रवि- मुस्कुरा कर पायल की आँखो मे देखता हुआ, पर दीदी मे तो यह चाहता हू की ऐसे हादसे हमेशा होते रहे और

मे तो उस हादसे को जिंदगी भर याद रखना चाहता हू,

पायल रवि की बात सुन कर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है और फिर कुछ देर बाद अपनी नज़रे उपर करके ठीक है बोल देना सोनिया को कि वह भी हमारे साथ मूवी देखने चले,

रवि- पायल के मोटे-मोटे दूध को अपनी ललचाई नज़रो से पायल के सामने ही घूरता हुआ, पर दीदी मे तो तुम्हारे साथ अकेला ही मूवी देखने जाना चाहता हू,

पायल- उसको अपनी आँखे निकाल कर दिखाती हुई, मुझे नही जाना तेरे साथ अकेले

रवि- पायल की आँखो मे देख कर थोड़ा मुस्कुराता हुआ, क्यो अपने भाई से डर लगता है

पायल- मुस्कुराते हुए खड़ी होकर, अपने पेरो की ओर इशारा करते हुए, तुझसे डरे मेरी जूती, और फिर अपनी गदराई गान्ड

को अपने भाई के सामने हिलाते हुए किचन मे कप रखने जाने लगती है और रवि अपनी दीदी के भारी-भारी उठे हुए

चुतडो को घूर कर मटकते देखने लगता है और पायल एक दम से पलट कर रवि को देखती है जो उसके चुतडो को खा

जाने वाली नज़रो से देख रहा था, पायल रवि को देख कर मुस्कुराए बिना नही रह पाती है और उसके मुँह से निकलता है

कमीना कही का, और फिर वह किचन मे चली जाती है,

जब वह किचन से बाहर आकर वापस सोफे पर बैठ जाती है और रवि की ओर मुस्कुरा कर देखने लगती है तो रवि उसको देख कर अपने आप से बात करता हुआ, सच दीदी बहुत खुजली है तुम्हारी चूत मे यह तुमने साबित कर दिया, लेकिन अब की बार तुम्हारा यह कमीना भाई ग़लती नही करेगा, अब की बार तुम्हारा भाई तुम्हे इतना मजबूर कर देगा कि तुम खुद मेरी बाँहो मे आकर मुझसे यह कहोगी कि रवि आज अपनी दीदी को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोद भैया मे तेरे बिना मर जाउन्गी, प्लीज़ रवि मुझे पूरी नंगी करके अपने उपर चढ़ा ले और अपनी दीदी को खूब कस-कस कर चोद दे भैया,
 
रवि, पायल के दूध को उसकी आँखो के सामने देखते हुए सोफे पर लेट जाता है और अपनी नज़रो से पायल के पेरो से लेकर चेहरे तक का मुआयना करता हुआ पायल की गोरी-गोरी पिंडालियो को देखता है फिर पायल के तने हुए मोटे-मोटे चुचो को घूर कर देखता है, पायल रवि की कमिनि नज़रो को देख कर अपनी नज़रे इधर-उधर मटकाने लगती है और फिर घुमा कर रवि की आँखो मे देखने लगती है, रवि पायल के मोटे-मोटे दूध को ललचाई नज़रो से घूर-घूर कर देख रहा था,

पायल- रवि की और आँखे दिखाती हुई, ऐसे क्यो घूर रहा है मुझे, खा जाएगा क्या

रवि- पायल की आँखो मे देख कर, मे जो चाहता हू तुम करने ही कहा देती हो

पायल- तुझे शर्म नही आती अपनी बहन को इस तरह देखते हुए

रवि- पायल की आँखो मे मुस्कुरा कर देखता हुआ, क्यो मे क्या देख रहा हू

पायल- ज़्यादा स्मार्ट मत बन मे सब जानती हू

रवि- क्या जानती हो

पायल अपने मन मे, यही कि तू मुझे चोदना चाहता है, मेरी चूत को चाटने के लिए मरा जा रहा है, कमीना कही का

रवि- अब चुप क्यो हो गई बोलो ना क्या जानती हो

पायल- मुश्कुरा कर कुछ नही

रवि- अच्छा दीदी एक बात कहु

पायल- क्या

रवि- दीदी, भाभी बहुत सुंदर है ना

पायल- अपने मन मे कमीना कही का तुझे भाभी नही भाभी की मोटी गान्ड सुंदर लगती है, पर जैसे तू मुझे चोदने की

नज़र से देखता है इस तारह अगर भाभी को देखा तो भाभी तेरा मुँह तोड़ देगी

रवि- दीदी तुम क्या सोचने लग जाती हो

पायल- मुस्कुरकर यही कि तू कितना कमीना है

रवि- अब कमीनापन वाली बात कहाँ से आ गई

पायल- तो फिर क्यो कह रहा है कि भाभी बड़ी सुंदर है

रवि- ये लो अगर मेने भाभी को सुंदर कह दिया तो इसमे मे कमीना कैसे हो गया

पायल- तू क्या अपने आप को बहुत स्मार्ट समझता है क्या मे जानती नही कि तेरी नज़रे तेरे अंदर का सब हाल बया कर देती है,

रवि- अच्छा तो क्या तुम मेरी नज़र को पढ़ लेती हो

पायल- हाँ

रवि- उसके दूध को घूरता हुआ तो बताओ अब मेरी नज़रे क्या कह रही है

पायल- यही कि तू मेरे हाथ से जूते खाएगा

रवि- दीदी जब देखो तुम मुझे मारने की बात करती हो, क्या मे तुम्हे इतना बुरा लगता हू

पायल- अपना मुँह बनाते हुए नही तू तो बड़ा अच्छा है तेरी तो आरती उतरना चाहिए

रवि- पायल की आँखो मे मुस्कुरकर देखता हुआ, दीदी मे तुम्हे अच्छा लगू या नही पर तुम मुझे कल से बहुत अच्छी

लगने लगी हो,

रवि की बात सुन कर पायल मुस्कुराए बिना नही रह पाती है और अपने पास मे पड़ा तकिया उठा कर रवि को मारते हुए

कमीना कही का तू कभी नही सुधर सकता है,

रवि- अपने आप को बचाते हुए मुस्कुराता हुआ, दीदी एक तो खुद आगे रह कर बिगाड़ती हो, फिर मुझे कमीना भी कहती हो

पायल- मुस्कुरा कर सच मे रवि तू बहुत कमीना है और उठ कर अपने रूम की ओर जाने लगती है, तभी रवि उसका हाथ

पकड़ कर अपनी और खिचता है और पायल उसको धकेल्टी हुई हस कर अपने रूम की ओर भाग जाती है

शाम को रोहित जब वापस आता है तो

रोहित- पायल-रवि कहाँ हो तुम दोनो,

पायल- क्या हुआ भैया आ गये आप

रोहित- हाँ भाई आ गया और यह लो तुम दोनो के लिए मिठाई ले कर आया हू

पायल- अरे वा कुछ खास बात है क्या,

रोहित- हाँ वो क्या है ना,

पायल- रूको भैया मे बताती हू, आपकी शादी की डेट फिक्स हो गई यही ना

रोहित- मुस्कुराता हुआ, हाँ आज से ठीक 15 दिन बाद बॉस ने शादी की तारीख पक्की कर दी है इसलिए अब हमारे पास बहुत कम समय है और तू तो जानती ही है कि मुझे टाइम मिलेगा नही इसलिए रवि और तुझे मिल कर ही सब अरेंज करना पड़ेगा और हाँ

तुम दोनो अपने खास दोस्तो को ज़रूर इन्वाइट कर देना दो दिन बाद शादी के कार्ड भी आ जाएगे,

पायल- खुस होती हुई भैया आप फिकर ना करो रवि और मे सब अरेंज कर देंगे, मे अभी रवि को यह खूसखबरी सुनाती

हू और पायल दौड़ कर रवि के रूम की ओर भाग जाती है

रवि अपने बेड पर लेटा हुआ था पायल उसके पास जाकर

पायल -ले रवि अपना मुँह खोल

रवि- क्या बात है ये मिठाई कौन लाया

पायल- पहले मुँह तो खोल और फिर रवि के मुँह मे मिठाई डालती हुई, रवि भैया की शादी की डेट तय हो गई है 15 दिन बाद शादी है,
 
रवि पायल को इतना खुस देख कर उसके चेहरे को गौर से देखता हुआ,

रवि- दीदी एक बात कहु

पायल- मुस्कुराते हुए क्या

रवि- पायल का हाथ पकड़ कर दीदी जब तुम इस तरह ख़ुसी से मुस्कुराती हो ना तब तुम मुझे बहुत खूबसूरत लगती हो

रवि की बात सुन कर पायल की हसी थोड़ी सिकुड जाती है और वह रवि की आँखो मे देखने लगती है

रवि- दीदी एक बात और कहु

पायल- रवि की ओर सीरियस होकर देखती हुई क्या

रवि- खड़ा होकर पायल के करीब आता है और पायल अपने हाथो मे मिठाई का डब्बा लिए अपनी आँखे फाडे रवि को

प्रश्नत्मक तरीके से देखती है और रवि पायल की दोनो बाँहो को अपने हाथ से पकड़ता हुआ, दीदी आइ लव यू

उसकी बात सुन कर पायल जाने लगती है तो रवि उसकी बाँहो को नही छोड़ता है और उसे अपनी ओर धीरे से खिचता है

पायल- रवि को देख कर रवि छोड़ मुझे जाने दे

रवि- दीदी मे तुम्हे चूमना चाहता हू

पायल- रवि मे मार दूँगी

रवि- प्लीज़ दीदी एक किस दे दो

पायल- रवि मेरा हाथ छोड़ नही तो अभी भैया को बुला लूँगी

रवि- उसका हाथ छोड़ते हुए दीदी तुम अपनी सुंदरता का घमंड दिखाती हो

पायल- क्यो मेरी सुंदरता क्या तेरे लिए है

रवि- पायल के गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ, दीदी इस सुंदरता पर मेरे सिवा किसी का हक नही है

पायल- उसका हाथ हटाते हुए, क्यो मे तेरी बीबी हू जो मुझ पर तेरा हक है, अपने होश मे रहा कर नही तो किसी दिन इतने जूते खाएगा की सब भूल जाएगा, बड़ा आया मेरी सुंदरता पर अपना हक जताने वाला, कमीना कही का, और पलट कर बाहर जाने लगती है,

रवि- पीछे से उसे आवाज़ लगा कर, दीदी एक दिन तुम्हे इस कामीने की बाँहो मे आना ही पड़ेगा, और पायल पलट कर उसे अपने हाथ का अंगूठा दिखाती हुई, अपनी जीभ दिखा कर, थगा, सपने देख, सपने पर पूरे नही होने वाले, कमीना कही का

और मुस्कुरा कर पायल उसके रूम से अपनी गदराई गान्ड हिलाती हुई बाहर चली जाती है

कॉफी हाउस मे पायल और सोनिया बैठ कर बात कर रही थी तभी रवि उन्हे देख कर उनके पास आ जाता है,

और अपनी दीदी को मुस्कुरा कर देखते हुए हाय सोनिया

सोनिया- हेलो रवि

रवि- क्या बात है आज बहुत खुस दिख रही हो,

सोनिया- हाँ आज मेरे मम्मी-पापा मेरे गाँव से मुझसे मिलने आ रहे है

रवि- तो क्या वो गाँव मे रहते है

सोनिया- हाँ मे यहा हॉस्टिल मे अकेली रहती हू

रवि- क्या बात है, क्या तुम्हारे हॉस्टिल मे लड़को का आना आलोव है

सोनिया- क्यो

रवि- क्यो कि कभी मेरा मूड तुमसे मिलने का हुआ तो मे तुम्हारे हॉस्टिल मे ही आ जाउन्गा ना, और पायल को मुस्कुरा कर देखता हुआ क्यो दीदी मेने ठीक कहा ना

सोनिया- नही-नही मेरे हॉस्टिल मे लड़को के आने पर पाबंदी है, हाँ अगर लड़का भैया हो तो आ सकता है, और पायल

हस्ते हुए अगर तुम मेरे भैया बन कर आना चाहो तो आ सकते हो

रवि- वेरी फन्नी, और पायल की आँखो के सामने उसके मोटे-मोटे कसे हुए गदराए दूध को घूर कर देखते हुए, मेरी

तो एक ही प्यारी बहन है जिसे मे बहुत प्यार करता हू, क्यो दीदी है ना,

पायल- उसको घूर कर देखते हुए, सोनिया से भी रखी बँधवा लेगा तो कोई बुराई नही है

रवि- सोनिया की आँखो के सामने उसके मस्ताने थनो को देखते हुए, दीदी मे सोनिया से रखी तो बँधवा लेता लेकिन अब

बहुत देर हो चुकी है, क्यो सोनिया मे ठीक कह रहा हू ना

सोनिया रवि की बात सुन कर झेप जाती है और अपनी नज़रे नीचे कर लेती है

पायल- क्यो तेरा सोनिया से शादी करने का इरादा है क्या

रवि- मुस्कुरा कर सोनिया को देखता हुआ, दीदी यदि सोनिया को कोई ऐतराज ना हो तो मे तो रेडी हू, क्यो सोनिया क्या बोलती हो

सोनिया- हस कर शादी और वो भी तुमसे

रवि- क्यो क्या बुराई है मुझमे

पायल अपने मे सोचती हुई बुराई तुझमे नही तेरे कमिने पन मे है
 
सोनिया- वो बात नही है, पर शादी का फ़ैसला तो मेरे मम्मी-पापा ही करेगे,

रवि अपने मन मे डार्लिंग तुम्हारी मस्तानी चूत फाड़ने का फ़ैसला भी तुम्हारे मा-बाप ही करेगे क्या, तुम क्या जानो की

मे अपनी दीदी की उठी हुई मस्तानी गान्ड को फाड़ने और तुम्हारे खूबसूरत हुस्न का रसीला रस पीने के लिए कितना तड़प रहा हू, तुम दोनो मस्त रसीली चुतो के बीच मे जब भी बैठता हू मेरा लंड खड़ा ही रहता है,

रवि- अच्छा वो सब छोड़ो चलो आज हम तीनो मूवी देखने चलते है, क्यो दीदी

पायल- तुम लोग जाओ मेरा मूड नही है

सोनिया- मेरा भी मूड नही है

रवि- अरे चलो ना, अपना मूड बना लो वैसे भी मूवी अच्छी है, दीदी प्लीज़ चलो ना,

पायल- कुछ सोच कर चल ठीक है, चल सोनिया आज देख लेते है

सोनिया- लेकिन

पायल- अरे अब चल ना और फिर तीनो मोविए देखने सिनिमा हाल मे पहुच जाते है

रवि दोनो के बीच मे बैठ जाता है और फिर पर्दे पर मूवी चालू हो जाती है, आज पहली बार तीनो मे से किसी का भी मन

मूवी मे नही लग रहा था और तीनो अपनी नज़रो को तिरछा करके एक दूसरे को देखने की कोशिश कर रहे थे,

रवि अपने आप से बात करता हुआ, क्या करू दोनो तरफ कसे हुए माल बैठे है किसके मोटे-मोटे दूध पर हाथ फेरू, एक

काम करता हू दीदी ज़्यादा सादी बनती है ना आज इसी को जलाता हू और रवि थोड़ा तिरछा होकर सोनिया की ओर घूम जाता है और अपने हाथ को सोनिया की सीट के उपर रख कर अपनी उंगलियो की हरकत धीरे-धीरे सोनिया के दूसरी तरफ के बाजू पर करने लगता है और सोनिया उसके उंगलियो का स्पर्श जैसे ही अपने बदन पर महसूस करती है उसकी पुरानी याद ताज़ा हो जाती है और उसकी चूत मे एक जिर्झिरि सी दौड़ जाती है और उसके दूध के निप्पल मे अचानक एक कडपन आने लगता है, रवि अपनी उंगलियो को पूरी हथेली मे कॉनवर्ट करते हुए अपने हाथ के पंजे से सोनिया की बाँहो को थाम लेता है और सोनिया अपनी गर्दन घुमा कर एक बार रवि की ओर देखती है और फिर पर्दे की ओर अपना मुँह कर लेती है,

क्रमशः.........................

 
KAMINA--12

gataank se aage.............................

payal- ravi yah sab thik nahi hai tujhe ladkiyo ke chakkar me nahi padna chahiye aur apni padhai par dhyan dena

chahiye

ravi- didi mujhe kya karna hai aur kya nahi yah me achchi tarah se janta hu

payal- usko gusse se dekhti hui, kya khak janta hai, kal se tu usse milna band kar de

ravi- kyo

payal- uski aur dekhti hui , bas aise hi

ravi- par kyo

payal- ek dam se, kyo ki mujhe tera usse milna bilkul achcha nahi lagta

ravi- payal ki aankho me dekh kar lekin mere usse milne se tumhe kya problem hai,

payal- ravi ab me tujhe kaise samjhau aur ravi ki aankho me dekhne lagti hai

ravi- muskura kar payal ki aankho ke samne uske doodh ko ghur kar, me usse dur nahi rah sakta didi mujhe uske vo

bahut achche lagte hai,

payal- ravi ki bat aur uski najro ka ishara apne doodh ki aur dekh kar apni najre niche karti hui, ravi uske sath kuch galat

harkat mat karna vah ek achchi ladki hai,

ravi- muskura kar kyo achchi ladkiyo ke unko nahi chuna chahiye

payal- ravi ki aankho me dekh kar, ravi vah ek samajhdar ladki hai vah tujhe apne aap ko kabhi nahi chune degi

ravi- payal ki aankho me dekh kar muskurata hua, kyo tum samajhdar nahi thi kya

payal- ko uski bat sun kar apni galti ka ehsas hota hai aur vah ravi ki aur dekh kar, apne chehre ko seriuos bana kar,

dekh ravi vah ek galti se hone wala hadsa tha aur me us hadse ko bhul jana chahti hu

ravi- muskura kar payal ki aankho me dekhta hua, par didi me to yah chahta hu ki aise hadse hamesha hote rahe aur

me to us hadse ko jindagi bhar yaad rakhna chahta hu,

payal ravi ki bat sun kar apni najre niche kar leti hai aur phir kuch der bad apni najre upar karke thik hai bol dena soniya

ko ki vah bhi hamare sath movie dekhne chale,

ravi- payal ke mote-mote doodh ko apni lalchai najro se payal ke samne hi ghurta hua, par didi me to tumhare sath akela

hi movie dekhne jana chahta hu,

payal- usko apni aankhe nikal kar dikhati hui, mujhe nahi jana tere sath akele

ravi- payal ki aankho me dekh kar thoda muskurata hua, kyo apne bhai se dar lagta hai

payal- muskuraate hue khadi hokar, apne pero ki aur ishara karte hue, tujhse dare meri juti, aur phir apni gadaraai gaanD

ko apne bhai ke samne hilate hue kichan me cup rakhne jane lagti hai aur ravi apni didi ke bhari-bhari uthe hue

chutaDo ko ghur kar matakte dekhne lagta hai aur payal ek dam se palat kar ravi ko dekhti hai jo uske chutaDo ko kha

jane wali najro se dekh raha tha, payal ravi ko dekh kar muskuraye bina nahi rah pati hai aur uske munh se niklta hai

kamina kahi ka, aur phir vah kichan me chali jati hai,

jab vah kichan se bahar aakar vapas sofe par baith jati hai aur ravi ki aur muskura kar dekhne lagti hai to ravi usko dekh

kar apne aap se bat karta hua, sach didi bahut khujli hai tumhari chut me yah tumne sabit kar diya, lekin ab ki bar

tumhara yah kamina bhai galti nahi karega, ab ki bar tumhara bhai tumhe itna majboor kar dega ki tum khud meri banho

me aakar mujhse yah kahogi ki ravi aaj apni didi ko puri nangi karke khub kas-kas kar chode bhaiya me tere bina mar

jaungi, please ravi mujhe puri nangi karke apne upar chadha le aur apni didi ko khub kas-kas kar chod de bhaiya,

ravi, payal ke doodh ko uski ankho ke samne dekhte hue sofe par let jata hai aur apni najro se payal ke pero se lekar

chere tak ka muayana karta hua payal ki gori-gori pindaaliyo ko dekhta hai phir payal ke tane hue mote-mote chucho ko

ghur kar dekhta hai, payal ravi ki kamini najro ko dekh kar apni najre idhar-udhar matkane lagti hai aur phir ghuma kar

ravi ki aankho me dekhne lagti hai, ravi payal ke mote-mote doodh ko lalchai najro se ghur-ghur kar dekh raha tha,

payal- ravi ki aur aankhe dikhati hui, aise kyo ghur raha hai mujhe, kha jayega kya

ravi- payal ki aankho me dekh kar, me jo chahta hu tum karne hi kaha deti ho

payal- tujhe sharm nahi aati apni bahan ko is tarah dekhte hue

ravi- payal ki aankho me muskura kar dekhta hua, kyo me kya dekh raha hu

payal- jyada smart mat ban me sab janti hu

ravi- kya janti ho

payal apne man me, yahi ki tu mujhe chodna chahta hai, meri chut ko chatne ke liye mara ja raha hai, kamina kahi ka

ravi- ab chup kyo ho gai bolo na kya janti ho

payal- mushkura kar kuch nahi

ravi- achcha didi ek bat kahu

payal- kya

ravi- didi, bhabhi bahut sundar hai na

payal- apne man me kamina kahi ka tujhe bhabhi nahi bhabhi ki moti gaanD sundar lagti hai, par jaise tu mujhe chodane ki

najar se dekhta hai is tarh agar bhabhi ko dekha to bhabhi tera munh tod degi
 
ravi- didi tum kya sochne lag jati ho

payal- muskurakar yahi ki tu kitna kamina hai

ravi- ab kaminapan wali bat kaha se aa gai

payal- to phir kyo kah raha hai ki bhabhi badi sundar hai

ravi- ye lo agar mene bhabhi ko sundar kah diya to isme me kamina kaise ho gaya

payal- tu kya apne aap ko bahut smart samajhta hai kya me janti nahi ki teri najre tere andar ka sab hal baya kar deti

hai,

ravi- achcha to kya tum meri najar ko padh leti ho

payal- ha

ravi- uske doodh ko ghurta hua to bataao ab meri najre kya kah rahi hai

payal- yahi ki tu mere hath se jute khayega

ravi- didi jab dekho tum mujhe marne ki bat karti ho, kya me tumhe itna bura lagta hu

payal- apna munh banate hue nahi tu to bada achcha hai teri to aarti utarna chahiye

ravi- payal ki aankho me muskurakar dekhta hua, didi me tumhe achcha lagu ya nahi par tum mujhe kal se bahut achchi

lagne lagi ho,

ravi ki bat sun kar payal muskuraye bina nahi rah pati hai aur apne pas me pada takiya utha kar ravi ko marte hue

kamina kahi ka tu kabhi nahi sudhar sakta hai,

ravi- apne aap ko bachate hue muskurata hua, didi ek to khud aage rah kar bigadti ho, phir mujhe kamina bhi kahti ho

payal- muskura kar sach me ravi tu bahut kamina hai aur uth kar apne room ki aur jane lagti hai, tabhi ravi uska hath

pakad kar apni aur khichta hai aur payal usko dhakelti hui has kar apne room ki aur bhag jati hai

sham ko rohit jab vapas aata hai to

rohit- payal-ravi kaha ho tum dono,

payal- kay hua bhaiya aa gaye aap

rohit- ha bhai aa gaya aur yah lo tum dono ke liye mithai le kar aaya hu

payal- are wah kuch khas bat hai kya,

rohit- ha vo kya hai na,

payal- ruko bahiya me batati hu, aapki shadi ki date fix ho gai yahi na

rohit- muskurata hua, ha aaj se thik 15 din bad boss ne shadi ki tarikh pakki kar di hai isliye ab hamare pas bahut kam

samay hai aur tu to janti hi hai ki mujhe time milega nahi isliye ravi aur tujhe mil kar hi sab arang kerana padega aur ha

tum dono apne khas dosto ko jarur invite kar dena do din bad shadi ke card bhi aa jayege,

payal- khus hoti hui bhaiya aap fikar na karo ravi aur me sab arange kar denge, me abhi ravi ko yah khuskhabri sunati

hu aur payal dod kar ravi ke room ki aur bhag jati hai

ravi apne bed par leta hua tha payal uske pas jakar

payal -le ravi apna munh khol

ravi- kya bat hai ye mithai kaun laya

payal- pahle munh to khol aur phir ravi ke munh me mithai daalti hui, ravi bhaiya ki shadi ki date tay ho gai hai 15 din bad

shadi hai,

ravi payal ko itna khus dekh kar uske chehre ko gaur se dekhta hua,

ravi- didi ek bat kahu

payal- muskuraate hue kya

ravi- payal ka hath pakad kar didi jab tum is tarah khusi se muskurati ho na tab tum mujhe bahut khubsurat lagti ho

ravi ki bat sun kar payal ki hasi thodi sikud jati hai aur vah ravi ki aankho me dekhne lagti hai

ravi- didi ek bat aur kahu

payal- ravi ki aur seriuos hokar dekhti hui kya

ravi- khada hokar payal ke karib aata hai aur payal apne hatho me mithai ka dabba liye apni aankhe phade rahi ko

prashnatmak tarike se dekhti hai aur ravi payal ki dono banho ko apne hath se pakadta hua, didi i love u

uski bat sun kar payal jane lagti hai to ravi uski banho ko nahi chodata hai aur use apni aur dhire se khichta hai

payal- ravi ko dekh kar ravi chod mujhe jane de

ravi- didi me tumhe chumna chahta hu

payal- ravi me mar dungi

ravi- please didi ek kiss de do

payal- ravi mera hath chod nahi to abhi bhaiya ko bula lungi

ravi- uska hath chodte hue didi tum apni sundarta ka ghamand dikhati ho

payal- kyo meri sundarta kya tere liye hai

ravi- payal ke galo ko apne hatho se sahlata hua, didi is sundarta par mere siva kisi ka hak nahi hai

payal- uska hath hatate hue, kyo me teri bibi hu jo mujh par tera hak hai, apne hosh me raha kar nahi to kisi din itne

jute khayega ki sab bhul jayega, bada aaya meri sundarta par apna hak jatane wala, kamina kahi ka, aur palat kar bahar

jane lagti hai,

ravi- piche se use aawaj laga kar, didi ek din tumhe is kamine ki banho me aana hi padega, aur payal palat kar use apne

hath ka angutha dikhati hui, apni jeebh dikha kar, thanga, sapne dekh, sapne par pure nahi hone wale, kamina kahi ka

aur muskura kar payal uske room se apni gadaraai gaanD hilati hui bahar chali jati hai

coffee house me payal aur soniya baith kar bat kar rahi thi tabhi ravi unhe dekh kar unke pas aa jata hai,

aur apni didi ko muskura kar dekhte hue hay soniya

soniya- hello ravi

ravi- kya bat hai aaj bahut khus dikh rahi ho,

soniya- ha aaj mere mummy-papa mere ganv se mujhse milne aa rahe hai

ravi- to kya vo ganv me rahte hai

soniya- ha me yaha hostel me akeli rahti hu

ravi- kya bat hai, kya tumhare hostel me ladko ka aana alow hai

soniya- kyo

ravi- kyo ki kabhi mera mood tumse milne ka hua to me tumhare hostel me hi aa jauga na, aur payal ko muskura kar

dekhta hua kyo didi mene thik kaha na

soniya- nahi-nahi mere hostel me ladko ke aane par pabandi hai, ha agar ladka bhaiya ho to aa sakta hai, aur payal

haste hue agar tum mere bhaiya ban kar aana chaho to aa sakte ho

ravi- very funny, aur payal ki aankho ke samne uske mote-mote kase hue gadaraaye doodh ko ghur kar dekhte hue, meri

to ek hi pyari bahan hai jise me bahut pyar karta hu, kyo didi hai na,

payal- usko ghur kar dekhte hue, soniya se bhi rakhi bandhwa lega to koi burai nahi hai

ravi- soniya ki aankho ke samne uske mastane thano ko dekhte hue, didi me soniya se rakhi to bandhwa leta lekin ab

bahut der ho chuki hai, kyo soniya me thik kah raha hu na

soniya ravi ki bat sun kar jhep jati hai aur apni najre niche kar leti hai

payal- kyo tera soniya se shadi karne ka irada hai kya

ravi- muskura kar soniya ko dekhta hua, didi yadi soniya ko koi aitraj na ho to me to reddy hu, kyo soniya kya bolti ho

soniya- has kar shadi aur vo bhi tumse

ravi- kyo kya burai hai mujhme

payal apne me sochti hui burai tujhme nahi tere kamine pan me hai

soniya- vo bat nahi hai, par shadi ka phaisla to mere mummy-papa hi karege,

ravi apne man me darling tumhari mastani chut phadne ka phaisla bhi tumhare ma-bap hi karege kya, tum kya jano ki

me apni didi ki uthi hui mastani gaanD ko phadne aur tumhare khubsurat husn ka rasila ras pine ke liye kitna tadap raha

hu, tum dono mast rasili chuto ke beech me jab bhi baithta hu mera lund khada hi rahta hai,

ravi- achcha vo sab chodo chalo aaj hum teeno movie dekhne chalte hai, kyo didi

payal- tum log jaao mera mood nahi hai

soniya- mera bhi mood nahi hai

ravi- are chalo na, apna mood bana lo vaise bhi movie achchi hai, didi please chalo na,

payal- kuch soch kar chal thik hai, chal soniya aaj dekh lete hai

soniya- lekin

payal- are ab chal na aur phir teeno movie dekhne cinema hal me pahuch jate hai

ravi dono ke beech me baith jata hai aur phir parde par movie chalu ho jati hai, aaj pahli bar teeno me se kisi ka bhi man

movie me nahi lag raha tha aur teeno apni najro ko tircha karke ek dusre ko dekhne ki koshish kar rahe the,

ravi apne aap se bat karta hua, kya karu dono taraf kase hue mal baithe hai kiske mote-mote doodh par hath pheru, ek

kam karta hu didi jyada sadi banti hai na aaj isi ko jalata hu aur ravi thoda tircha hokar soniya ki aur ghum jata hai aur

apne hath ko soniya ki seat ke upar rakh kar apni ungliyo ki harkat dhire-dhire soniya ke dusri taraf ke baju par karne

lagta hai aur soniya uske ungliyo ka sparsh jaise hi apne badan par mehsus karti hai uski purani yaad taja ho jati hai aur

uski chut me ek jirjhiri si daud jati hai aur uske doodh ke nippal me achanak ek kadapan aane lagta hai, ravi apni

ungliyo ko puri hatheli me convert karte hue apne hath ke panje se soniya ki baho ko tham leta hai aur soniya apni

gardan ghuma kar ek bar ravi ki aur dekhti hai aur phir parde ki aur apna munh kar leti hai,

kramashah.........................

 
गतान्क से आगे.............................

दूसरी तरफ पायल रवि के हाथ को सोनिया की सीट की ओर जाते हुए देख लेती है और बड़े ध्यान से थोडा झुक कर अपनी नज़रे सोनिया के दूध की ओर कर देती है, तभी रवि अपने मुँह को सोनिया के कंधे पर रख देता है और सोनिया अपने कंधे

उचका कर रवि का मुँह हटा देती है, रवि दूसरे हाथ से सोनिया की बाँहो को अपनी ओर दबाता है और फिर अपने हाथ को उसके गले मे डाल कर धीरे-धीरे अपनी उंगलियो को उसले गदराए दूध पर फेरने लगता है, सोनिया गुस्से से रवि की ओर देखती है और रवि उसको देख कर मुस्कुरा देता है,

सोनिया अपने मन मे, कितना कमीना है अपनी बहन के सामने ही मेरे दूध को छूने की कोशिश कर रहा है, रवि फिर से

अपने सर को उसके कंधे पर रख देता है और अपने हाथ को सोनिया के उपर से थोड़ा हटाकर एक दम से अपने पूरे हाथ

के पंजे को सोनिया के पूरे भरे हुए मोटे-मोटे कसे दूध पर रख देता है, सोनिया उसकी इस हरकत से कांप जाती है पर

कुछ कर नही पाती, वह सोचती है कि कही पायल को पता ना चल जाए, पायल सीधी बैठ कर मूवी देख रही थी और उसका

ध्यान रवि के हाथ की ओर नही था लेकिन बीच -बीच मे वह रवि के सर को सोनिया के कंधे पर रखे देख कर मन ही

मन उसे कमीना- कुत्ता कही का कह कर फिर सामने देखने लगती,

उधर रवि के पूरे हाथ को अपने गदराए दूध पर रखे जाने से सोनिया को बहुत डर भी लग रहा था लेकिन उसे थोड़ा

अच्छा भी लग रहा था इसलिए वह उसका विरोध भी नही कर पा रही थी तभी रवि ने अपने हाथो के पंजो पर थोड़ी ताक़त

लगा कर सोनिया के पूरे गदराए कसे हुए दूध को अपने हाथ मे भर लिया और सोनिया उसकी इस हरकत से सिहर गई, रविने जब सोनिया के मोटे-मोटे कसे हुए गदराए दूध को अपने हाथो के पंजो मे पूरी तरह थाम कर दबाया तो उसका

लंड उसका पेंट फाड़ने को रेडी हो गया क्यो कि सोनिया के दूध इतने ठोस और कसे हुए थे कि उसे ऐसा लग रहा था कि

इसके दूध को दबाने भर से उसका लंड पानी छोड़ देगा, रवि ने जब देखा कि सोनिया चुपचाप बैठे गहरी साँसे लेकर

मूवी देख रही है और कोई ऑब्जेक्षन नही ले रही है तो रवि बिल्कुल फ्री हो गया और सोनिया के दूध को अपने हाथो के

पंजो मे भर कर कस-कस कर दबाने लगा, सोनिया रवि की इस हरकत से पागल हो गई और उसका मन कर रहा था कि वह रवि से कस-कर चिपक जाए,

रवि सोनिया के मोटे-मोटे खरबूजो की तरह पके हुए मस्ताने दूध को दबाता हुआ मस्ती से भर गया था, उसने अपने

होंठो से सोनिया के नंगे गले को चूमते हुए उसके दूध को खूब ज़ोर -ज़ोर से दबोच-दबोच कर मसल रहा था, सोनिया

का बस नही चल रहा था नही तो वह ज़ोर से एक सिसकारी मारना चाहती थी लेकिन उसे इतना मज़ा आ रहा था कि उसकी चूत पूरी

गीली हो चुकी थी, सोनिया की हिम्मत रवि द्वारा उसके गदराए दूध को कस-कस कर दबोचे जाने से टूट चुकी थी और उसने

अपने सर को पीछे सीट पर टिकाते हुए अपनी आँखे बंद कर ली और उसकी जाँघो के बीच अपने आप गेप बढ़ गया, अब

सोनिया को कुछ दिखाई नही दे रहा था और वह मन ही मन बस यही कह रही थी कि आह रवि तुम कितने अच्छे हो आह,

आह रवि बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही दबाते रहो आह,आह

रवि सोनिया के दूध को खूब ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था, यदि उजाला होता और सोनिया की टीशर्ट को उतार कर उसको नंगी करके

उसके दूध देखे जाते तो वह पूरे लाल दिखाई देते, रवि ने उसके दूध को दबोच-दबोच कर इतना दबाया कि कोई पति अपनी

बीबी के दूध को सुहागरात मे भी इतना नही मसलता होगा, जब पिक्चर के इंटर्वल को सिर्फ़ 5 मिनिट रह गये तो पायल ने

रवि को जब सोनिया के गले मे अपना मुँह लगाए देखा तो उसने थोड़ा झुक कर सोनिया के दूध को देखने की कोशिश की

और उसे जैसे ही रवि का हाथ उसके मोटे-मोटे गदराए दूध को मसलता नज़र आया तो उसका दिमाग़ खराब हो गया और वह अपने आप को रोक नही सकी और उसने रवि की पीठ मे एक ज़ोर दार मुक्का मार दिया, अपनी पीठ पर पायल का मुक्का पड़ते ही रवि ने एक दम से सोनिया के दूध को छोड़ कर सीधा बैठ कर पायल की ओर देखने लगा और पायल ने जल्दी से अपने मुँह को पर्दे की ओर कर लिया लेकिन उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था जैसे खून उतर आया हो, सोनिया इस बात को मदहोशी मे डूबी

होने के कारण समझ नही पाई कि अभी क्या हुआ था, लेकिन रवि अब सीधा बैठ कर पायल को बिना कुछ कहे मंद-मंद

मुस्कुराता हुआ पर्दे की ओर देखने लगा तभी सामने इंटर्वल लिखा हुआ आ गया,

इंटर्वल होने पर सिनिमा हाल की सारी लाइट ऑन हो जाती है और रवि पायल के चेहरे की ओर देखता है जो कि गुस्से से लाल हो रहा था लेकिन पायल इंटर्वल होने के बाद भी अपनी घुरती नज़रो को बिना पालक झपकाए पर्दे की ओर ही टिकाए हुए थी,
 
सोनिया थोड़ा रिलॅक्स होकर जब रवि को देखती है और रवि उसकी ओर देखता है तो दोनो की नज़रे एक बार को मिलती है और रवि सोनिया को देख कर थोड़ा मुस्कुरा देता है और सोनिया बिना मुस्कुराए ही अपनी नज़रो को नीचे कर लेती है, कुछ देर बाद सोनिया फिर रवि को देखती है तो रवि सोनिया को देख कर इशारे से अपने कान को पकड़ता हुआ उसे सॉरी कहता है तो सोनिया फिर से अपनी निगाहे झुका कर फिर उपर उठाते हुए रवि की साइड से पायल को देखती है जो अपने मुँह पर हाथ लगाए अपनी जाँघो पर अपने हाथ की कोहनी को टिकाए पर्दे की ओर देख रही थी, सोनिया, पायल की खामोशी से अंजान सोनिया- चल पायल बाहर होकर आते है, दरअसल सोनिया की चूत के रस के कारण उसकी पूरी पेंटी चिपचिपा रही थी और उसे बैठने मे काफ़ी दिक्कत हो रही थी, और वह बाथरूम जाकर अपनी चूत को पानी से धोना चाहती थी.

पायल- उसकी ओर घूर कर देखती हुई, मुझे नही जाना तुझे जाना हो तो जा,

सोनिया- पायल की बात सुन कर अरे चल ना बाथरूम से आते है

पायल- थोड़ा कड़क आवाज़ मे मेने कहा ना मुझे नही जाना

रवि- चलो सोनिया मे चलता हू

सोनिया- नही मे चली जाउन्गि और सोनिया उठ कर चल देती है

रवि -उसके जाते ही खुद भी उठ कर सोनिया के पीछे जाने लगता है तो पायल का गुस्सा और बढ़ जाता है और वह रवि का हाथ पकड़ कर सीट पर ज़ोर से बैठाते हुए,

पायल-अब बाथरूम मे जाकर उसको पेशाब भी करवाएगा क्या,

रवि- मुस्कुरा कर बैठते हुए, दीदी आख़िर हुआ क्या है जो तुम इस तरह गुस्सा दिखा रही हो और यह कोई तरीका है सोनिया से बात करने का वह तो तुम्हारी खास दोस्त है ना, एक तो बेचारी तुम्हारे कहने पर यहा चली आई और तुम हो की उसके साथ जाने मे भी नखरा कर रही थी

पायल- रवि को पीठ पर मारते हुए मुझे ज़्यादा ज्ञान देने की कोशिश मत कर समझे, और रवि की आँखो मे घूर कर

देखती हुई, कमीना कही का,

रवि- दीदी तुम भी ना, तुम्हारा छोटा भाई क्या हो गया तुम तो जब देखो मुझे मारती ही रहती हो, कभी तो अपने भाई से

प्यार भी कर लिया करो

पायल- रवि की बात सुन कर उसे गुस्से से अपनी आँखे निकाल कर देखती है और

रवि- उसको देख कर मुस्कुराता हुआ हाय दीदी मेरी जान ऐसे ना देखो तुम जब अपनी कातिल नज़रो के तीर मुझ पर ऐसे चलाती हो तो मेरा दिल करता है की तुम्हे पकड़ कर चूम लू,

रवि की बात सुन कर पायल अपने मुँह को सामने कर लेती है और मन ही मन थोड़ा खुस हो जाती है,

रवि- सच दीदी जब तुम इस कदर अपनी नज़रे मुझ पर मारती हो तो तुम बहुत खूबसूरत लगती हो, तुम्हारी इसी अदा ने तो तुम्हारे भाई को ही तुम्हारा दीवाना बना दिया है, उसकी बात सुन कर पायल फिर से उसको देखती है तो रवि उसके सामने उसके मोटे-मोटे गदराए दूध को देख कर मुस्कुराने लगता है और पायल उसके बाजू मे हस के धक्का मारती हुई,

कमीना कही का, और इतने मे जैसे ही पायल सोनिया को आते देखती है तो उसकी हसी फिर गायब हो जाती है और वह सोनिया के आने से पहले ही

पायल- रवि को देख कर खड़ा हो

रवि- पायल को देख कर क्यो

पायल- मे कहती हू खड़ा हो

रवि- अपनी सीट से खड़ा होकर लो हो गया अब

पायल- खड़ी होकर रवि को थोडा आगे की धकेल कर उसे सोनिया की सीट पर बैठा देती है और खुद रवि की सीट पर बैठ

जाती है और जब सोनिया उसके पास आती है तो

पायल - सोनिया यहा बैठ जा, सोनिया पायल को कुछ अजीब नज़रो से देखते हुए बैठ जाती है अब रवि और सोनिया पायल के आस पास बैठे थे, उसकी इस हरकत पर जहा रवि थोड़ा मुस्कुराता है वही सोनिया कन्फ्यूज़ नज़र आती है, लेकिन पायल काफ़ी खुस नज़र आती है,

मूवी फिर से शुरू हो जाती है और रवि अपने मन मे सोचता हुआ, दीदी कितना जल रही है, इसको और जलाना चाहिए तभी

इसका दिमाग़ ठिकाने आएगा और रवि चुपचाप मूवी देखने लगता है. उधर पायल नही जानती कि वह किस चीज़ का इंतजार कर रही थी लेकिन उसकी नज़रे बराबर रवि की ओर कनखियो से देख रही थी, शायद वह यह एक्सपेक्ट कर रही थी की रवि उसके साथ भी सोनिया जैसी कोई हरकत करने की कोशिश करे, लेकिन रवि अपने इरादे को पक्का करते हुए अपनी गदराई बहन को हाथ भी नही लगाता है और पायल बैठे-बैठे ही ना जाने किस तरह की आग मे जल रही थी, एक दो बार तो उसने मूवी देखते हुए भी रवि को एक दो लप्पड़ उसकी पीठ मे मारे लेकिन रवि मंद-मंद मुस्कुराता हुआ पर्दे की ओर देखता रहा, अंत मे मूवी ख़तम हो गई और पायल का भेजा उस सिनिमा हॉल मे फ्राइ हो गया, उन तीनो ने एक नई मूवी देखी थी लेकिन तीनो मे से किसी से भी आप पूछ लो कि मूवी की स्टोरी क्या थी तो वह तीनो ही जवाब देने मे असमर्थ नज़र आते, क्यो की उन्होने तो मूवी पर ध्यान ही नही दिया, तभी रवि सोनिया को देख कर

रवि- मुस्कुराता हुआ, क्यो सोनिया कैसी थी मूवी

सोनिया- रवि को गुस्से से देखती हुई, बकवास

पायल- अरे सोनिया से क्या पूछ रहा है मे बताती हू, सोनिया को इंटेरवाल के पहले तक ही मूवी अच्छी लगी इंटर्वल के बाद

सोनिया को मूवी बिल्कुल पसंद नही आई

रवि- मुस्कुराता हुआ पर दीदी मे आपके बारे मे गारंटी से कह सकता हू कि आपको इंटर्वल के पहले मूवी बहुत खराब

लगी और आपने सोचा कि शायद इंटर्वल के बाद कुछ अच्छी लगे लेकिन उसके बाद भी आपको बोरियत का सामना ही करना पड़ा,
 
रवि की बात सुन कर पायल उसको घूर कर देखती है और सोनिया पायल को देखती है और रवि दोनो मस्तानी लोंदियो की जवानी को देख-देख कर खुस होता हुआ आगे चलने लगता है, उसके बाद पायल और रवि सोनिया से बाइ कहते हुए अपने घर की ओर आ जाते है, घर आते ही पायल अपने रूम मे जाकर लेट जाती है और रवि टीवी ऑन करके सोफे पर बैठ जाता है, पायल की आँखो के सामने रवि द्वारा सोनिया के दूध दबाने का द्रश्य नज़र आने लगता है और उसे पता नही क्या होता है और वह सीधे उठ कर रवि के पास जाकर उससे टीवी का रिमोट छीन कर टीवी बंद कर देती है,

रवि- क्या हुआ दीदी टीवी क्यो बंद कर दी

पायल- उसको गुस्से से घूर कर देखती हुई, सिनिमा मे तू सोनिया के साथ क्या कर रहा था

रवि- मुस्कुराता हुआ कुछ भी तो नही

पायल- ज़्यादा बनने की कोशिश मत कर मे सब जानती हू तू क्या कर रहा था

रवि- उसके खरबूजो की तरह मोटे दूध को घूर कर मुस्कुराते हुए देख कर क्या कर रहा था

पायल- अपनी नज़रे उससे हटा कर तुझसे तो बात ही करना बेकार है और फिर से टीवी ऑन करके उसकी ओर रिमोट फेंकते हुए अपने रूम की और तेज-तेज कदमो से चल देती है

रवि मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी की गदराई गान्ड के मोटे-मोटे लहराते हुए पाटो को देखने लगता है, और अपने मन मे हाय दीदी जल बिन मछली की तरह तड़प रही हो, क्यो जलती हो अगर मेरी बाँहो मे आने के लिए तुम्हारा जी मचल रहा है तो आ क्यो नही जाती,

रवि उठ कर पायल के रूम मे जाता है पायल अपने बेड पर उल्टी होकर लेटी हुई थी रवि उसकी मोटी गदराई गान्ड को देख कर उसके पास जाता है और उसकी गान्ड को अपने हाथो से सहला देता है और पायल एक दम पलट कर उठ कर बैठ जाती है और

पायल- क्या है क्यो आया है यहा

रवि- मेरी दीदी ना जाने मुझसे क्यो खफा है सो उसको मनाने आया हू

पायल- अपनी नज़रे इधर उधर करती हुई मे तुझसे क्यो नाराज़ होने लगी आख़िर तुझ पर मेरा हक ही क्या है

रवि- दीदी आख़िर मुझे समझ नही आता कि तुम मुझसे चाहती क्या हो

पायल- कुछ सोचती हुई, अपने चेहरे को सीरीयस बना कर रवि मुझे तेरा सोनिया के साथ रहना बिल्कुल अच्छा नही लगता है

रवि- क्यो

पायल- मे नही जानती

रवि- तुम झूठ बोलती हो, जबकि तुम अच्छी तरह जानती हो

पायल रवि की ओर देखती है और फिर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, रवि पायल के पास बैठ जाता है और उसके चेहरे को गौर से देखता हुआ

रवि- दीदी एक बात कहु

पायल- रवि की ओर देख कर क्या

रवि- मुस्कुराता हुआ, दीदी तुम बहुत सेक्सी हो

पायल- मुस्कुरा कर मार खाएगा तू मेरे हाथ से

रवि- सच दीदी तुम मुझे बहुत सेक्सी लगती हो और उसके गालो को अपने हाथो से सहला देता है

पायल- मुस्कुरा कर उसका हाथ झटकते हुए, रवि तू अपना मुँह बंद रखेगा

रवि- दीदी एक बार मुझसे कस कर चिपक जाओ ना

पायल- उठ कर मे जा रही हू

रवि- उसका हाथ पकड़ कर प्लीज़ दीदी बस एक बार

पायल- उससे अपना हाथ छुड़ाते हुए, उस दिन का थप्पड़ भूल गया

रवि- उसका हाथ छोड़कर, दीदी वह थप्पड़ तो मे भूल गया लेकिन वह स्कार्पियो की रात मुझे रह-रह कर याद आती है

पायल- अपना सर झुकाते हुए, देख रवि मे वो सब बात नही करना चाहती

रवि- पायल की मोटी गदराई जाँघो पर अपना हाथ रख कर, पर दीदी मे तो उस दिन हुई हम दोनो के बीच की घटना को बार-बार दोहराना चाहता हू, और तुम्हे अपनी बाँहो मे भर कर उसी तरह चूमना चाहता हू

पायल- रवि तुझे शर्म आनी चाहिए क्या तू यह नही सोचता कि मे तेरी बहन हू और तुझे मेरे साथ ऐसी बात नही करना चाहिए

रवि- उस दिन जो हुआ उसके बाद से तो मे तुम्हे पूरी नंगी देखने के लिए तड़प रहा हू

पायल- रवि को गुस्से से देखती हुई, कमीना कही का अपनी बहन को नंगी देखेगा

रवि- दीदी एक बार बस एक बार मुझे अपने पास आने दो ना

पायल- देख रवि मे तुझे बहुत बर्दास्त कर चुकी क्यो कि तू मेरा भाई है, लेकिन अगर तूने मुझे ज़्यादा परेशान किया तो मे तेरी शिकायत भैया से कर दूँगी

रवि- जब देखो भैया की धमकी देती हो, जाओ कह दो, ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा भैया मुझे मारेंगे या घर से निकाल देंगे, और तुम भी यही चाहती हो ना

पायल- उसकी बात सुन कर थोड़ा सीरीयस होकर, रवि के कंधे पर हाथ रख कर, देख रवि तू मेरा अच्छा भाई है ना, तो फिर तुझे मेरे लिए अपना नज़रिया बदालना चाहिए, मे तो अपनी ग़लती पर पछता रही हू और तू है कि एक और ग़लती करने पर आमादा है,

रवि- कुछ सोच कर, दीदी मे जानता हू कि मे जो चाहता हू वह ग़लत है, और पायल के भरे हुए गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ, लेकिन दीदी तुम्हारे इस खूबसूरत हुस्न को देख कर मुझसे रहा नही जाता है और मेरा दिल करता है कि मे तुम्हे पूरी नंगी करके तुम्हारे एक -एक अंग को चूम कर तुम्हे खूब प्यार करू, तुमसे ज्यदा खूबसूरत और सेक्सी लड़की मेने नही देखी, तुम्हारा भाई तुम पर मर मिटा है उसे और मत तद्पाओ

पायल- उसकी बाते सुन कर मन ही मन खुस होती है लेकिन चेहरे पर गुस्सा दिखाने की कोशिश करती है फिर भी उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान आ ही जाती है और वह बेड से उठते हुए, रवि को अपनी कातिल नज़रे दिखाती हुई उसे धकेल कर तू बहुत बड़ा कमीना है रवि तू कभी नही सुधर सकता अब अपने मुँह से एक भी शब्द मत निकालना मे कॉफी बनाने जा रही हू, तू पिएगा क्या,

क्रमशः.........................

 
KAMINA--13

gataank se aage.............................

dusri taraf payal ravi ke hath ko soniya ki seat ko aur jate hue dekh leti hai aur bade dhyan se thoda jhuk kar apni najre

soniya ke doodh ki aur kar deti hai, tabhi ravi apne munh ko soniya ke kandhe par rakh deta hai aur soniya apne kandhe

uchka kar ravi ka munh hata deti hai, ravi dusre hath se soniya ki banho ko apni aur dabata hai aur phir apne hath ko uske

gale me daal kar dhire-dhire apni ungliyo ko usle gadaraaye doodh par pherne lagta hai, soniya gusse se ravi ki aur dekhti

hai aur ravi usko dekh kar muskura deta hai,

soniya apne man me, kitna kamina hai apni bahan ke samne hi mere doodh ko chune ki koshish kar raha hai, ravi phir se

apne sar ko uske kandhe par rakh deta hai aur apne hath ko soniya ke upar se thoda hatakar ek dam se apne pure hath

ke panje ko soniya ke pure bhare hue mote-mote kase doodh par rakh deta hai, soniya uski is harkat se kanp jati hai par

kuch kar nahi pati, vah sochti hai ki kahi payal ko pata na chal jaye, payal sidhi baith kar movie dekh rahi thi aur uska

dhyan ravi ke hath ki aur nahi tha lekin beech -beech me vah ravi ke sar ko soniya ke kandhe par rakhe dekh kar man hi

man use kamin- kutta kahi ka kah kar phir samne dekhne lagti,

udhar ravi ke pure hath ko apne gadaraaye doodh par rakhe jane se soniya ko bahut dar bhi lag raha tha lekin use thoda

achcha bhi lag raha tha isliye vah uska virodh bhi nahi kar pa rahi thi tabhi ravi ne apne hatho ke panjo par thodi takat

laga kar soniya ke pure gadaraaye kase hue doodh ko apne hath me bhar liya aur soniya uski is harkat se sihar gai, ravi

ne jab soniya ke mote-mote kase hue gadaraaye doodh ko apne hatho ke panjo me puri tarah tham kar dabaya to uska

lund uska pent phadne ko reddy ho gaya kyo ki soniya ke doodh itne thos aur kase hue the ki use aisa lag raha tha ki

iske doodh ko dabane bhar se uska lund pani chod dega, ravi ne jab dekha ki soniya chupchap baithe gahri sanse lekar

movie dekh rahi hai aur koi objection nahi le rahi hai to ravi bilkul free ho gaya aur soniya ke doodh ko apne hatho ke

panjo me bhar kar kas-kas kar dabane laga, soniya ravi ki is harkat se pagal ho gai aur uska man kar raha tha ki vah ravi

se kas-kar chipak jaye,

ravi soniya ke mote-mote kharbujo ki tarah pake hue mastane doodh ko dabata hua masti se bhar gaya tha, usne apne

hontho se soniya ke nange gale ko chumte hue uske doodh ko khub jor -jor se daboch-daboch kar masal raha tha, soniya

ka bas nahi chal raha tha nahi to vah jor se ek siskari marna chahti thi lekin use itna maza aa raha tha ki uski chut puri

gili ho chuki thi, soniya ki himmat ravi dwara uske gadaraaye doodh ko kas-kas kar daboche jane se tut chuki thi aur usne

apne sar ko piche seat par tikate hue apni aankhe band kar li aur uski jangho ke beech apne aap gape badh gaya, ab

soniya ko kuch dikhai nahi de raha tha aur vah man hi man bas yahi kah rahi thi ki aah ravi tum kitne achhce ho aah,

aah ravi bahut achcha lag raha hai aise hi dabaate raho aah,aah

ravi soniya ke doodh ko khub jor-jor se masal raha tha, yadi ujala hota aur soniya ki tshirt ko utar kar usko nangi karke

uske doodh dekhe jate to vah pure lal dikhai dete, ravi ne uske doodh ko daboch-daboch kar itna dabaya ki koi pati apni

bibi ke doodh ko suhagrat me bhi itna nahi masalta hoga, jab picture ke interval ko sirf 5 minute rah gaye to payal ne

ravi ko jab soniya ke gale me apna munh lagaye dekha to usne thoda jhuk kar soniya ke doodh ko dekhne ki koshish ki

aur use jaise hi ravi ka hath uske mote-mote gadaraaye doodh ko masalta najar aaya to uska dimag kharab ho gaya aur vah

apne aap ko rok nahi saki aur usne ravi ki peeth me ek jor dar mukka mar diya, apni peeth par payal ka mukka padte hi

ravi ne ek dam se soniya ke doodh ko chod kar sidha baith kar payal ki aur dekhne laga aur payal ne jaldi se apne munh ko

parde ki aur kar liya lekin uske chehre se aisa lag raha tha jaise khoon utar aaya ho, soniya is bat ko madhoshi me dubi

hone ke karan samajh nahi paai ki abhi kya hua tha, lekin ravi ab sidha baith kar payal ko bina kuch kahe mand-mand

muskurata hua parde ki aur dekhne laga tabhi samne interval likha hua aa gaya,

interval hone par cinema hal ki sari light on ho jati hai aur ravi payal ke chehre ki aur dekhta hai jo ki gusse se lal ho

raha tha lekin payal interval hone ke bad bhi apni ghurti najro ko bina palak jhapkaye parde ki aur hi tikaye hue thi,

soniya thoda relax hokar jab ravi ko dekhti hai aur ravi uski aur dekhta hai to dono ki najre ek bar ko milti hai aur ravi

soniya ko dekh kar thoda muskura deta hai aur soniya bina muskuraye hi apni najro ko niche kar leti hai, kuch der bad

soniya phir ravi ko dekhti hai to ravi soniya ko dekh kar ishare se apne kan ko pakdta hua use sorry kahta hai to soniya

phir se apni nigahe jhuka kar phir upar uthate hue ravi ki side se payal ko dekhti hai jo apne munh par hath lagaye apni

jangho par apne hath ki kohni ko tikaye parde ki aur dekh rahi thi, soniya, payal ki khamoshi se anjan

soniya- chal payal bahar hokar aate hai, darasal soniya ki chut ke ras ke karan uski puri penty chipchipa rahi thi aur use

baithne me kaphi dikkat ho rahi thi, aur vah bathroom jakar apni chut ko pani se dhona chahti thi.

payal- uski aur ghur kar dekhti hui, mujhe nahi jana tujhe jana ho to ja,

soniya- payal ki bat sun kar are chal na bathroom se aate hai

payal- thoda kadak aawaj me mene kaha na mujhe nahi jana

ravi- chalo soniya me chalta hu

soniya- nahi me chali jaaungi aur soniya uth kar chal deti hai

ravi -uske jate hi khud bhi uth kar soniya ke piche jane lagta hai to payal ka gussa aur badh jata hai aur vah ravi ka hath

pakad kar seat par jor se baithate hue,
 
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