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कमीना--18
गतान्क से आगे.............................
रवि- क्या हो रहा है डार्लिंग
सोनिया- कुछ नही बस बैठी-बैठी बोर हो रही थी
रवि- चलो आज से मे तुम्हारे पास ही बैठा करूगा
सोनिया- मुस्कुरा कर कोई ज़रूरत नही है, मेरे पास यहा बैठोगे और फिर तुम्हारी हरकत सिनिमा हॉल जैसी फिर शुरू हो
जाएगी,
रवि- मुस्कुराता हुआ क्यो सिनिमा हॉल मे मेने क्या किया था
सोनिया- मुस्कुरा कर ज़्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश ना करो
रवि- अच्छा चलो आज सिर्फ़ हम दोनो पिक्चर देखने चलते है
सोनिया- हस कर नही
रवि- क्यो
सोनिया- तुम तो पागल हो किसी ने तुम्हारी हर्कतो को देख लिया तो तुम्हारा तो कुछ नही मे बदनाम हो जाउन्गि
रवि- अच्छा तो चलो ऐसी जगह चलते है जहा हमे कोई नही देखेगा
सोनिया- क्यो ऐसी जगह ले जाकर क्या करोगे
रवि- मुस्कुरा कर वही जो तुम कब से चाहती हो
सोनिया- मुस्कुराते हुए तुम्हे क्या पता मे क्या चाहती हू
रवि- यही बता दू
सोनिया- मुस्कुरा कर नही
रवि- तो फिर चलो जल्दी से नही तो क्लास शुरू हो जाएगी
सोनिया- नही रवि प्लीज़ ये सब ठीक नही है
रवि- ओफ्फ हो तुम भी ना मे तुम्हारे लिए दिन रात पागल रहता हू और तुम्हे मेरी कोई फिकर ही नही है
सोनिया- पर रवि
रवि- पर-वर कुछ नही अब चलो और सोनिया का हाथ पकड़ कर उठा देता है
सोनिया- उससे अपना हाथ छुड़ाते हुए इधर उधर देखती हुई उसके पीछे चल देती है
रवि बाहर जाकर अपनी बाइक पर सोनिया को बैठाता है और फिर दोनो बाइक पर सवार होकर चल देते है
सोनिया- हम कहाँ जा रहे है
रवि- अरे अब शांति से बैठी रहो मे तुम्हे कही भगा कर तो नही ले जाउन्गा
रवि अपनी बाइक दौड़ाता हुआ अपने दोस्त करण के ऑफीस के सामने जाकर अपनी बाइक रोक देता है और सोनिया को वही रुकने का कह कर 5 मिनिट मे आने का कहता है और फिर करण के ऑफीस मे पहुच जाता है
कारण- अरे रवि तू, यहाँ कैसे
रवि- अबे तेरे ऑफीस मे आया हू तो तुझसे ही मिलने आया हू ना
कारण- पर अचानक क्या बात है
रवि- तू ऑफीस से कब छूटेगा
कारण- शाम को 6 बजे
रवि- ठीक है तो मुझे अपने फ्लॅट की चाभी दे आज मे दिन भर तेरे फ्लॅट मे आराम करूँगा
कारण- क्या बात है आज तू फ़ुर्सत है क्या जो आराम करने मेरे फ्लॅट मे जाना चाहता है या और कोई बात है, कही कोई
लोंड़िया तो नही ले आया
रवि- अरे वो सब मे तुझे बाद मे बताउन्गा पहले मुझे जल्दी से चाभी दे शाम को मे 5 बजे तक तुझसे यही मिलने आता
हू,
कारण- उसे चाभी देता हुआ, देखना भाई मेरी बेड शीट गंदी नही होनी चाहिए
रवि- मुस्कुरा कर अबे अपने दोस्त के लिए ढूलवा लेना
कारण- मुस्कुरा कर मे भी चलु क्या
रवि- अबे वो तेरी बीबी नही तेरी भाभी है
कारण- अरे तो भाभी से मिलवा तो दे
रवि- अभी नही जब समय आएगा तो तू खुद ही मिल लेना
कारण- चल ठीक है और फिर रवि उसे बाइ कहता हुआ वापस सोनिया के पास आकर उसे अपनी बाइक पर बैठा कर करण के फ्लॅट मे पहुच जाता है
सोनिया- रवि ये किसका फ्लॅट है
रवि- मेरे दोस्त का
सोनिया- तुम्हारा दोस्त
रवि- हाँ मे बाद मे तुम्हे उससे मिलवाउँगा और फिर रवि उसके फ्लॅट का लॉक खोल कर सोनिया को लेकर अंदर आ जाता है
सोनिया आ कर बेड पर बैठ जाती है और रवि फ्लॅट का डोर लॉक कर के उसके पास आकर बैठ जाता है
सोनिया- रवि मुझे बहुत अजीब लग रहा है
रवि- मुस्कुराते हुए पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, मालूम है सोनिया जब तुम मेरे साथ होती हो तो मुझे यह
दुनिया बहुत खूबसूरत लगने लगती है, लगता है यह सब तुम्हारे प्यार का असर है
सोनिया- थोडा मुस्कुरा कर क्या तुम मुझसे सचमुच इतना प्यार करते हो
रवि- तुम्हे कोई शक हो तो आजमा कर देख लो
सोनिया- नही मुझे तुम पर पूरा यकीन है और सब से ज़्यादा तो मुझे तुम्हारी हरकते अच्छी लगती है
रवि- सोनिया के सामने उसके दूध को देखते हुए, कौन सी वाली हरकत
सोनिया- शरमाते हुए तुम बहुत कमिने हो
रवि- पर यह कमीना सिर्फ़ तुम्हे प्यार करता है और सोनिया के गले मे हाथ डाल कर उसे अपने पास खीच लेता है सोनिया
उसके हाथ लगाने भर से सिहर जाती है और उसकी चूत मे पानी आ जाता है, रवि सोनिया के भरे हुए गालो को सहलाते हुए उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगता है
रवि- सोनिया का चेहरा अपने हाथो से उठा कर उसकी आँखो मे देखते हुए, तुम पूछ रही थी ना कि तुम क्या चाहती हो
यह मे कैसे जानता हू
सोनिया- मुस्कुरा कर कैसे जानते हो
रवि- जब मे तुम्हारी आँखो मे देखता हू ना तो मुझे यह पता चल जाता है कि तुम क्या चाहती हो
सोनिया- मुस्कुरा कर अच्छा, तो बताओ अभी मे क्या चाहता हू
रवि - उसकी आँखो मे देख कर उसके गदराए मोटे-मोटे दूध को देखता हुआ, तुम यह चाहती हो कि मे तुम्हे अपनी
बाँहो मे भर कर तुम्हारे इन रसीले होंठो को चूम लू. बोलो यही चाहती हो ना,
सोनिया- रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए अपनी नज़रे नीचे कर लेती है
रवि- उसके चेहरे को उपर उठाता है और सोनिया अपनी आँखे खोल कर उसकी आँखो मे देखती है, रवि बोलो यही चाहती हो
ना, सोनिया रवि का मतलब तो पहले से ही समझ गई थी लेकिन रवि के स्पर्श से उसकी चूत खूब ज़ोर-ज़ोर से पानी छोड़ रही थी और वह रवि की बात सुन कर एक दम से उसके सीने से चिपक जाती है और रवि उसे अपनी बाँहो मे भर कर उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर दबाने लगता है और सोनिया तड़पने लगती है, रवि उसके रसीले होंठो को चूसने लगता है और सोनिया रवि की पीठ को अपने नखुनो से दबाने लगती है, रवि अपने मन मे सोचता है यह बहुत ही चुदास माल है केवल छूने भर से ही पिघलने लगा है आज इसकी फूली हुई चूत मारने मे मज़ा आ जाएगा,
रवि सोनिया को बेड पर लिटा देता है और उसके साइड मे लेट कर सोनिया के रस भरे होंठो का रस पीते हुए हुए मोटे-मोटे
दूध को अपने दोनो हाथो मे भर कर खूब कस-कस कर दबाने लगता है और सोनिया अपने हाथ पेर फेकने लगती है,
रवि सोनिया की टीशर्ट को उपर करके उसके गदराए नंगे पेट और उसकी गहरी नाभि को अपने होंठो से चूमने लगता है और
सोनिया अपनी जंघे जो की ब्लू कलर की जीन्स मे फसि हुई थी को फैला लेती है और रवि सोनिया की जीन्स के उपर से ही उसकी चूत और गान्ड को दबोचने लगता है और सोनिया पागलो की तरह रवि के सर के बाल नोचने लगती है, रवि सोनिया को उठा कर उसकी टीशर्ट को उतार देता है और सोनिया पिंक कलर की ब्रा मे अप्सरा सी नज़र आने लगती है रवि उसके मोटे-मोटे दूध मे अपने मुँह को भर देता है और उसके दूध को दबाते हुए उसकी बाँहो उसके गले उसके गाल और उसकी बाँहे उठा कर उसकी चिकनी बगल को चूमने लगता है, सोनिया रवि का मुँह पकड़ कर उसके होंठो को अपने होंठो से चूमने लगती है