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काजल और पुष्पा की चुदाई
मेरे घर पर मैं, मेरी बहन, मेरे मम्मी और डैडी चार लोग रहते हैं. मेरे मम्मी और डैडी दोनों सुबह काम पर चले जाते हैं और मैं और मेरी बहन कॉलेज और स्कूल. ओह ! मैं बताना भूल गया कि मैं बी ए फर्स्ट ईयर में हूँ और मेरी बहन नौवीं क्लास मैं पढ़ती है. मेरी बहन का नाम पुष्पा है. वो 16 साल की है. उसकी हाईट 5 फुट 1 इंच है. वो एकदम दूध की तरह गोरी और बहुत चिकनी है.
मेरा रंग भी गोरा चिट्टा है. मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरे लंड का साईज़ 6 इंच का है. जैसा की हर कहानी में होता है, मेरा भी अपनी बहन के बारे में कोई बुरा ख़याल नहीं था. पर एक दिन जैसे मेरी दुनिया ही बदल गयी. हुआ यूँ की मैं एक बार कॉलेज से जल्दी आ गया. मेरे पास घर की एक एक्स्ट्रा चाबी थी. मैं ताला खोल कर अंदर आ गया और देखा की घर पर कोई नहीं था. मेरे घर के पीछे एक लान था. वहां पर मैंने देखा की मेरी बहन पुष्पा और उसकी सहेली काजल हँस हँस कर खेल रही थीं. लान की दीवारें ऊँची थीं और बाहर से कोई अंदर देख नहीं सकता था. काजल के हाथ मैं पानी का पाईप था. वो पुष्पा पर पानी डाल रही थी. मेरी बहन बचने की कोशिश कर रही थी.
दोनों के बदन भीगे हुए थे और उन दोनों के मुम्मे साफ़ नज़र आ रहे थे. ये देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं छुप कर उन लोगों का खेल देखने लगा. कुछ देर के बाद वो एक दूसरे को किस करने लगीं और मुम्मे दबाने लगीं. थोड़ी देर के बाद पुष्पा ने काजल के कपडे उतार दिए और उसके ऊपर चढ़ गयी. काजल का रेशमी बदन देख कर मेरी सांस जहाँ की तहाँ अटक गई. मैंने जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था. उसका दूधिया बदन धूप में चमक रहा था. उसके मुम्मे बहुत कसे हुए थे और चूत पर एक भी बाल नहीं था. पुष्पा काजल को लिप्स पर किस कर रही थी. उसका एक हाथ उसके मुम्मों पर था और दूसरे हाथ से वो उसकी चूत को मसल रही थी
अब काजल नें मेरी बहन पुष्पा के कपडे उतारने शुरू किये. मैंने सोचा कि अब मुझे और नहीं देखना चाहिए पर वासना की आग में मैं ये भूल गया की वो मेरी छोटी बहन है और वो भी सगी. जैसे जैसे पुष्पा के कपडे उतरने शुरू हुए मेरा लंड और तन्नाता गया. पहले काजल ने उसकी स्कर्ट उतारी और फिर उसकी टी शर्ट. मेरी बहना ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी. हाय ! उसके छोटे छोटे दूध देख कर में जैसे पागल सा हो गया. काजल बेतहाशा उसके लिप्स को किस कर रही थी *और उसके मुम्मे दबा रही थी. अब काजल का हाथ उसकी कछी की और बढ़ा.
मेरी बहन नें अपनी टाँगे सिकोड़ लीं. काजल हँसते हुए बोली अरे यार मुझसे क्यों शर्माती है, चल नंगी हो जा. एक साथ मजे करेंगे. फिर मेरी बहन नें टांगें खोल दीं**च. काजल नें पुष्पा की कछी उतार दी. मैं अपनी छोटी बहन को देख कर दंग रह गया. वो बला की खूबसूरत थी. मैं काजल को छोड़ पुष्पा की और बड़े ध्यान से देखने लगा की आगे वो क्या करती है. अब दोनों लड़कियाँ पूरी तरह से नंगी थीं. मैं उन्हें देख कर मदमस्त हुआ जा रहा था. मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया और मैं अपनी बहन पुष्पा को देख कर मुठ मारने लगा. पुष्पा काजल के ऊपर चढ़ी हुई थी और उसे किस कर रही थी. दोनों एक दूसरे के मुम्मों को दबा रही थीं. मेरी बहन के चूतड़ एकदम गोल और टाईट थे. पुष्पा की चूत पर छोटे छोटे बाल थे. उसकी गुलाबी चूत देख कर मेरा मन हुआ की अभी जाऊँ और उसे कस के चोद डालूँ. ऐसा सोचते ही मेरे लंड का पानी निकल गया और मैं बुरी तरह से झड़ गया.
उधर दोनों लड़कियां भी उत्तेजित हो चुकी थीं. उनकी हरकतें और सेक्सी होती चली गयीं. पुष्पा अपनी चूत से काजल की चूत रगड़ रही थी. दोनों के चेहरे एकदम लाल हो चुके थे और दोनों बुरी तरह से हाँफ रही थीं. कुछ देर के बाद उन लोगों के कपडे पहने (जो की धूप होने की वजह से सूख गए थे) और घर की तरफ आने लगीं. मैं तुरंत घर से बाहर चला गया और दोनों को पता नहीं चला की मैं वहाँ पर था. थोड़ी देर के बाद मैं फिर वापस आया. काजल और पुष्पा ड्रॉईंग रूम में बैठी थीं. मैंने आते ही काजल को हेलो किया और उसे ऊपर से नीचे तक गौर से देखा.
मेरा लंड उसे देखते ही सलामी देने लगा. काजल ने भी मेरा पेंट के ऊपर उभार महसूस किया और वो भी बड़े गौर से मेरे लंड को देखने लगी. काजल की गोरी गोरी टांगें दिख रही थीं. उसकी स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर उठी हुई थी या उसने जान बूझ कर ऐसा किया था. पुष्पा बोली आप लोग बैठो मैं चाय बना कर लाती हूँ. पुष्पा के किचन में जाते ही काजल नें एक मदमस्त अंगडाई ली. मेरा दिल बेकाबू हो गया और मैंने उसके सामने ही अपने लंड को पेंट के ऊपर से ही मसल लिया. वो मुझको भईया कह के बुलाती थी. वो मुस्कुरा पड़ी और बोली, क्या बात है भईया, बड़े बेचैन लग रहे हो?मैंने कहा आजकल बहुत मन करता हैऔर ऐसा कहते हुए मैंने फिर से अपने लंड को मसल दिया. वो खिलखिला कर हँस पड़ी, क्या मन करता है? मैं बोला, इतनी भोली मत बनो, मैं जानता हूँ तुम लोग थोड़ी देर पहले क्या कर रहे थे. ये सुनते ही वो सकपका गई और कुछ बोल ही नहीं पाई.
मैं फुसफुसा कर बोला, मुझे अपना राजदार बना लो वरना तुम लोगों की पोल पट्टी खोल दूंगा वो घबरा गई और बोली, नहीं प्लीज यार, ऐसा मत करना. हम लोग तो सिर्फ मज़े कर रहे थे.फिर थोड़ी देर बाद उसने हैरानी से पुछा, तुम्हें कैसे पता चला? मैंने कहा, मैं पहले से ही घर मैं था जब तुम लोग लान मैं एक दूसरे के साथ मज़े कर रहे थेये सुनकर काजल का चेहरा शर्म से लाल हो गया. मैंने मौका देख कर काजल की चूची दबा दी. काजल कुछ बोल पाती, तभी मेरी बहन पुष्पा चाय लेकर आ गयी. काजल के चेहरे का रंग उड़ा हुआ देख कर उसने हैरानी से पूछा,
अरे तुझे क्या हुआ?मैंने जवाब दिया, कुछ नहीं ये हमारे आपस की बात है, वो तुझे कुछ नहीं बताएगीऐसा कह कर मैंने काजल की तरफ इशारा किया कि वो मेरी बहन को कुछ ना बताये. जब काजल कुछ नहीं बोली तो पुष्पा ने लापरवाही से अपने कंधे उचकाए और चाय सर्व करने लगी. मैं चाय की चुस्कियों के साथ मुस्कुराता हुआ काजल के बदन को निहारता रहा. काजल ने जल्दी से अपनी चाय खत्म की और चलने लगी. मैं उसे दरवाज़े तक छोड़ने आया और एक बार फिर फुसफुसाता हुआ बोला, किसी से मत कहना, और मुझे कल शाम को इंदिरा पार्क में मिलो. काजल बिना कुछ कहे वहाँ से भाग गई. अब मेरे पूरा ध्यान अपनी प्यारी बहन पुष्पा पर गया. मेरा लंड पहले से ही गरम था. जब पुष्पा कप और प्लेट उठा रही थी तो उसके थोड़े से मुम्मे दिखाई दे रहे थे. मुझसे रहा नहीं गया और मैंने बाथरूम में जाकर पुष्पा के नाम की मुठ मारी.
मेरे घर पर मैं, मेरी बहन, मेरे मम्मी और डैडी चार लोग रहते हैं. मेरे मम्मी और डैडी दोनों सुबह काम पर चले जाते हैं और मैं और मेरी बहन कॉलेज और स्कूल. ओह ! मैं बताना भूल गया कि मैं बी ए फर्स्ट ईयर में हूँ और मेरी बहन नौवीं क्लास मैं पढ़ती है. मेरी बहन का नाम पुष्पा है. वो 16 साल की है. उसकी हाईट 5 फुट 1 इंच है. वो एकदम दूध की तरह गोरी और बहुत चिकनी है.
मेरा रंग भी गोरा चिट्टा है. मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरे लंड का साईज़ 6 इंच का है. जैसा की हर कहानी में होता है, मेरा भी अपनी बहन के बारे में कोई बुरा ख़याल नहीं था. पर एक दिन जैसे मेरी दुनिया ही बदल गयी. हुआ यूँ की मैं एक बार कॉलेज से जल्दी आ गया. मेरे पास घर की एक एक्स्ट्रा चाबी थी. मैं ताला खोल कर अंदर आ गया और देखा की घर पर कोई नहीं था. मेरे घर के पीछे एक लान था. वहां पर मैंने देखा की मेरी बहन पुष्पा और उसकी सहेली काजल हँस हँस कर खेल रही थीं. लान की दीवारें ऊँची थीं और बाहर से कोई अंदर देख नहीं सकता था. काजल के हाथ मैं पानी का पाईप था. वो पुष्पा पर पानी डाल रही थी. मेरी बहन बचने की कोशिश कर रही थी.
दोनों के बदन भीगे हुए थे और उन दोनों के मुम्मे साफ़ नज़र आ रहे थे. ये देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं छुप कर उन लोगों का खेल देखने लगा. कुछ देर के बाद वो एक दूसरे को किस करने लगीं और मुम्मे दबाने लगीं. थोड़ी देर के बाद पुष्पा ने काजल के कपडे उतार दिए और उसके ऊपर चढ़ गयी. काजल का रेशमी बदन देख कर मेरी सांस जहाँ की तहाँ अटक गई. मैंने जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था. उसका दूधिया बदन धूप में चमक रहा था. उसके मुम्मे बहुत कसे हुए थे और चूत पर एक भी बाल नहीं था. पुष्पा काजल को लिप्स पर किस कर रही थी. उसका एक हाथ उसके मुम्मों पर था और दूसरे हाथ से वो उसकी चूत को मसल रही थी
अब काजल नें मेरी बहन पुष्पा के कपडे उतारने शुरू किये. मैंने सोचा कि अब मुझे और नहीं देखना चाहिए पर वासना की आग में मैं ये भूल गया की वो मेरी छोटी बहन है और वो भी सगी. जैसे जैसे पुष्पा के कपडे उतरने शुरू हुए मेरा लंड और तन्नाता गया. पहले काजल ने उसकी स्कर्ट उतारी और फिर उसकी टी शर्ट. मेरी बहना ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी. हाय ! उसके छोटे छोटे दूध देख कर में जैसे पागल सा हो गया. काजल बेतहाशा उसके लिप्स को किस कर रही थी *और उसके मुम्मे दबा रही थी. अब काजल का हाथ उसकी कछी की और बढ़ा.
मेरी बहन नें अपनी टाँगे सिकोड़ लीं. काजल हँसते हुए बोली अरे यार मुझसे क्यों शर्माती है, चल नंगी हो जा. एक साथ मजे करेंगे. फिर मेरी बहन नें टांगें खोल दीं**च. काजल नें पुष्पा की कछी उतार दी. मैं अपनी छोटी बहन को देख कर दंग रह गया. वो बला की खूबसूरत थी. मैं काजल को छोड़ पुष्पा की और बड़े ध्यान से देखने लगा की आगे वो क्या करती है. अब दोनों लड़कियाँ पूरी तरह से नंगी थीं. मैं उन्हें देख कर मदमस्त हुआ जा रहा था. मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया और मैं अपनी बहन पुष्पा को देख कर मुठ मारने लगा. पुष्पा काजल के ऊपर चढ़ी हुई थी और उसे किस कर रही थी. दोनों एक दूसरे के मुम्मों को दबा रही थीं. मेरी बहन के चूतड़ एकदम गोल और टाईट थे. पुष्पा की चूत पर छोटे छोटे बाल थे. उसकी गुलाबी चूत देख कर मेरा मन हुआ की अभी जाऊँ और उसे कस के चोद डालूँ. ऐसा सोचते ही मेरे लंड का पानी निकल गया और मैं बुरी तरह से झड़ गया.
उधर दोनों लड़कियां भी उत्तेजित हो चुकी थीं. उनकी हरकतें और सेक्सी होती चली गयीं. पुष्पा अपनी चूत से काजल की चूत रगड़ रही थी. दोनों के चेहरे एकदम लाल हो चुके थे और दोनों बुरी तरह से हाँफ रही थीं. कुछ देर के बाद उन लोगों के कपडे पहने (जो की धूप होने की वजह से सूख गए थे) और घर की तरफ आने लगीं. मैं तुरंत घर से बाहर चला गया और दोनों को पता नहीं चला की मैं वहाँ पर था. थोड़ी देर के बाद मैं फिर वापस आया. काजल और पुष्पा ड्रॉईंग रूम में बैठी थीं. मैंने आते ही काजल को हेलो किया और उसे ऊपर से नीचे तक गौर से देखा.
मेरा लंड उसे देखते ही सलामी देने लगा. काजल ने भी मेरा पेंट के ऊपर उभार महसूस किया और वो भी बड़े गौर से मेरे लंड को देखने लगी. काजल की गोरी गोरी टांगें दिख रही थीं. उसकी स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर उठी हुई थी या उसने जान बूझ कर ऐसा किया था. पुष्पा बोली आप लोग बैठो मैं चाय बना कर लाती हूँ. पुष्पा के किचन में जाते ही काजल नें एक मदमस्त अंगडाई ली. मेरा दिल बेकाबू हो गया और मैंने उसके सामने ही अपने लंड को पेंट के ऊपर से ही मसल लिया. वो मुझको भईया कह के बुलाती थी. वो मुस्कुरा पड़ी और बोली, क्या बात है भईया, बड़े बेचैन लग रहे हो?मैंने कहा आजकल बहुत मन करता हैऔर ऐसा कहते हुए मैंने फिर से अपने लंड को मसल दिया. वो खिलखिला कर हँस पड़ी, क्या मन करता है? मैं बोला, इतनी भोली मत बनो, मैं जानता हूँ तुम लोग थोड़ी देर पहले क्या कर रहे थे. ये सुनते ही वो सकपका गई और कुछ बोल ही नहीं पाई.
मैं फुसफुसा कर बोला, मुझे अपना राजदार बना लो वरना तुम लोगों की पोल पट्टी खोल दूंगा वो घबरा गई और बोली, नहीं प्लीज यार, ऐसा मत करना. हम लोग तो सिर्फ मज़े कर रहे थे.फिर थोड़ी देर बाद उसने हैरानी से पुछा, तुम्हें कैसे पता चला? मैंने कहा, मैं पहले से ही घर मैं था जब तुम लोग लान मैं एक दूसरे के साथ मज़े कर रहे थेये सुनकर काजल का चेहरा शर्म से लाल हो गया. मैंने मौका देख कर काजल की चूची दबा दी. काजल कुछ बोल पाती, तभी मेरी बहन पुष्पा चाय लेकर आ गयी. काजल के चेहरे का रंग उड़ा हुआ देख कर उसने हैरानी से पूछा,
अरे तुझे क्या हुआ?मैंने जवाब दिया, कुछ नहीं ये हमारे आपस की बात है, वो तुझे कुछ नहीं बताएगीऐसा कह कर मैंने काजल की तरफ इशारा किया कि वो मेरी बहन को कुछ ना बताये. जब काजल कुछ नहीं बोली तो पुष्पा ने लापरवाही से अपने कंधे उचकाए और चाय सर्व करने लगी. मैं चाय की चुस्कियों के साथ मुस्कुराता हुआ काजल के बदन को निहारता रहा. काजल ने जल्दी से अपनी चाय खत्म की और चलने लगी. मैं उसे दरवाज़े तक छोड़ने आया और एक बार फिर फुसफुसाता हुआ बोला, किसी से मत कहना, और मुझे कल शाम को इंदिरा पार्क में मिलो. काजल बिना कुछ कहे वहाँ से भाग गई. अब मेरे पूरा ध्यान अपनी प्यारी बहन पुष्पा पर गया. मेरा लंड पहले से ही गरम था. जब पुष्पा कप और प्लेट उठा रही थी तो उसके थोड़े से मुम्मे दिखाई दे रहे थे. मुझसे रहा नहीं गया और मैंने बाथरूम में जाकर पुष्पा के नाम की मुठ मारी.