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लेखक:-सिद्धांत सेन
आज आप सब के लिए जो रचना मैं ले कर आया हूँ वह मेरे एक अति प्रिय मित्र सिद्धांत सेन की है जिसे मैं लगभग पिछले चार वर्षों से जानता हूँ.
सीड एक बहुत ही सुशील एवं संस्कारी तथा सामान्य स्वभाव का पुरुष है जो अपने काम के अलावा किसी और चीज़ से कोई वास्ता नहीं रखता. वह पुणे में स्थित एक बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी करता है और अपनी पत्नी सोनाली उर्फ़ सोनी के साथ उसी कम्पनी की आवास कॉलोनी में रहता है.
इस वर्ष के फरवरी माह की 6 तारीख को जब सीड मुझे मिलने आया तब मैंने उसके ही चेहरे पर कुछ चिंता की रेखाएं देखीं.
बातों ही बातों में जब मैंने उससे पूछा- सीड क्या बात है तुम्हारे चेहरे पर बारह क्यों बजे हुए हैं? तुम कुछ चिंतित दिखाई दे रहे हो?
फिर मैंने हँसते हुए कहा- मुझे लगता है की सुबह सुबह तुम्हारा और भाभी का झगड़ा हुआ है और तुम उनसे मार खाकर आ रहे हो.
मेरी बात सुन कर वह थोड़ा मुस्कराया और बोला- नहीं सतीश, ऐसी कोई बात नहीं है और तुम्हारा अनुमान बिल्कुल गलत है. मुझे एक विषय पर तुमसे कुछ परामर्श करना है और उसके बारे में बात कैसे शुरू करूँ इसी उलझन में हूँ.
मैंने उत्तर में कहा- सीड, अगर तुम मुझे अपना मित्र मानते हो तो फिर तुम्हें मेरे साथ कोई भी बात साझा करने में कोई उलझन नहीं होनी चाहिए. जिस विषय पर तुम परामर्श करना चाहते हो उस बात को एक मित्र से सीधा सीधा बोलने में तुम्हें कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.
मेरी बात सुन कर वह कुछ पल के लिए चुप रहा और फिर मेरे पास आ कर बोला- मैं तुमसे जिस विषय में चर्चा करना चाहता हूँ उसका सम्बन्ध मेरी पत्नी के साथ है इसलिए थोड़ी दुविधा में हूँ.
मैंने कहा- तुम जो चर्चा करना चाहते हो वह निश्चिन्त हो करो और मुझसे जो अपेक्षा है वह भी खुल कर बोल दो.
मेरी बात सुन कर जब सीड थोड़ा आश्वस्त हुआ तब वह बोला- मेरे घर पर मेरा एक निजी कंप्यूटर है जिसे अधिकतर मेरी पत्नी ही प्रयोग करती है. लगभग चार दिन पहले उसमे वायरस आ जाने के कारण उसने कार्य करना बंद कर दिया था.
उसने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा- जब मैंने कंप्यूटर में से वायरस निकाला तथा उस वायरस का कंप्यूटर में प्रवेश करने के मूल स्रोत की खोज करी. तब पता चला की वह इन्टरनेट पर सेक्स सम्बन्धी विज्ञापन से आया था.
मैंने उसकी बात सुन कर उससे पूछा- हाँ, ऐसी साइटों से अक्सर कंप्यूटर में वायरस घुस आता है. क्या तुम सेक्स साइट्स पर जाते हो?
उसने तुरंत उत्तर दिया- नहीं, ऐसी साइटों पर जाने के लिए मेरे पास अतिरिक्त समय नहीं होता. लेकिन मेरी पत्नी अवश्य ऐसी साइटों पर जाती है.
मैंने अपनी उत्सुकता को छुपाते हुए बोला- तुम यह कैसे कह सकते हो? बिना प्रमाण के तुम भाभी पर ऐसा आरोप नहीं लगा सकते.
मेरी बात सुन कर उसने कहा- मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूँ लेकिन जो कुछ मैंने कंप्यूटर की हिस्टरी की फ़ाइलों से ज्ञात किया है उसके आधार पर ही मैं यह कह रहा हूँ.
मैंने ऊँचे स्वर में कहा- अरे, भाभी दिन भर घर पर अकेली रहती है इसलिए अपना समय व्यतीत करने के लिए वह ऐसी साइटस देख लेती होंगी. वह विवाहित है और यौन संसर्ग एवं सम्बन्धों के बारे में सब कुछ जानती हैं इसलिए अपना मन बहलाने के लिए उनके ऐसा करने पर तुम्हें कोई आपत्ति है?
सीड ने धीरे से कहा- नहीं, मुझे अपनी पत्नी द्वारा ऐसी रचनाएं पढ़ने पर कोई आपति नहीं कर रहा हूँ क्योंकि शादी के चार वर्ष बाद भी वह माँ नहीं बन सकी इसलिए मैं उसके ऐसे व्यवहार को भली भांति समझ सकता हूँ.
दोस्त की बात सुन कर मैं बोला- मित्र, तुमसे ऐसे ऊँचे स्वर में बोलने के लिए माफ़ करना. मैं कुछ अधिक आवेश में आ गया था. मुझे आशा है कि तुम मेरी बात का बुरा नहीं मानोगे. लेकिन तुम यह सब मुझे क्यों बता रहे हो?
तब सीड बोला- कंप्यूटर से वायरस साफ़ करने के बाद कौतुहल वश मैंने मेरी पत्नी द्वारा राजशर्मास्टोरीज के कई लेखिकाओं एवं लेखकों से करी गई अनगिनित ई-मेल वार्ताएं पढ़ीं. उन वार्ताओं एवं राजशर्मास्टोरीज पर उनसे सम्बंधित रचनाओं को पढ़ने के बाद मुझे कुछ विस्मय हुआ. लेकिन मैं सब से अधिक अचम्भित तब हुआ जब मैंने राजशर्मास्टोरीज पर जनवरी 2019 में प्रकाशित एक रचना
कामान्ध सोनी कि वासना की चाहत
को पढ़ा.
सीड की बात सुन कर मैंने उससे पूछा- ऐसा क्या था उस रचना में जिससे तुम अचम्भित हो गए?
उसने उत्तर दिया- वह रचना मेरी पत्नी के नाम से प्रकाशित हुई और उसमें वह खुद ही उसकी नायिका भी है.
मैं अचम्भित होते हुए बोला- अच्छा! इसका अर्थ है कि भाभी एक लेखिका भी हैं. क्या तुमने भाभी से बात करी और उन्हें बधाई दी?तुमने तो वह रचना पढ़ी तो होगी
आज आप सब के लिए जो रचना मैं ले कर आया हूँ वह मेरे एक अति प्रिय मित्र सिद्धांत सेन की है जिसे मैं लगभग पिछले चार वर्षों से जानता हूँ.
सीड एक बहुत ही सुशील एवं संस्कारी तथा सामान्य स्वभाव का पुरुष है जो अपने काम के अलावा किसी और चीज़ से कोई वास्ता नहीं रखता. वह पुणे में स्थित एक बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी करता है और अपनी पत्नी सोनाली उर्फ़ सोनी के साथ उसी कम्पनी की आवास कॉलोनी में रहता है.
इस वर्ष के फरवरी माह की 6 तारीख को जब सीड मुझे मिलने आया तब मैंने उसके ही चेहरे पर कुछ चिंता की रेखाएं देखीं.
बातों ही बातों में जब मैंने उससे पूछा- सीड क्या बात है तुम्हारे चेहरे पर बारह क्यों बजे हुए हैं? तुम कुछ चिंतित दिखाई दे रहे हो?
फिर मैंने हँसते हुए कहा- मुझे लगता है की सुबह सुबह तुम्हारा और भाभी का झगड़ा हुआ है और तुम उनसे मार खाकर आ रहे हो.
मेरी बात सुन कर वह थोड़ा मुस्कराया और बोला- नहीं सतीश, ऐसी कोई बात नहीं है और तुम्हारा अनुमान बिल्कुल गलत है. मुझे एक विषय पर तुमसे कुछ परामर्श करना है और उसके बारे में बात कैसे शुरू करूँ इसी उलझन में हूँ.
मैंने उत्तर में कहा- सीड, अगर तुम मुझे अपना मित्र मानते हो तो फिर तुम्हें मेरे साथ कोई भी बात साझा करने में कोई उलझन नहीं होनी चाहिए. जिस विषय पर तुम परामर्श करना चाहते हो उस बात को एक मित्र से सीधा सीधा बोलने में तुम्हें कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.
मेरी बात सुन कर वह कुछ पल के लिए चुप रहा और फिर मेरे पास आ कर बोला- मैं तुमसे जिस विषय में चर्चा करना चाहता हूँ उसका सम्बन्ध मेरी पत्नी के साथ है इसलिए थोड़ी दुविधा में हूँ.
मैंने कहा- तुम जो चर्चा करना चाहते हो वह निश्चिन्त हो करो और मुझसे जो अपेक्षा है वह भी खुल कर बोल दो.
मेरी बात सुन कर जब सीड थोड़ा आश्वस्त हुआ तब वह बोला- मेरे घर पर मेरा एक निजी कंप्यूटर है जिसे अधिकतर मेरी पत्नी ही प्रयोग करती है. लगभग चार दिन पहले उसमे वायरस आ जाने के कारण उसने कार्य करना बंद कर दिया था.
उसने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा- जब मैंने कंप्यूटर में से वायरस निकाला तथा उस वायरस का कंप्यूटर में प्रवेश करने के मूल स्रोत की खोज करी. तब पता चला की वह इन्टरनेट पर सेक्स सम्बन्धी विज्ञापन से आया था.
मैंने उसकी बात सुन कर उससे पूछा- हाँ, ऐसी साइटों से अक्सर कंप्यूटर में वायरस घुस आता है. क्या तुम सेक्स साइट्स पर जाते हो?
उसने तुरंत उत्तर दिया- नहीं, ऐसी साइटों पर जाने के लिए मेरे पास अतिरिक्त समय नहीं होता. लेकिन मेरी पत्नी अवश्य ऐसी साइटों पर जाती है.
मैंने अपनी उत्सुकता को छुपाते हुए बोला- तुम यह कैसे कह सकते हो? बिना प्रमाण के तुम भाभी पर ऐसा आरोप नहीं लगा सकते.
मेरी बात सुन कर उसने कहा- मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूँ लेकिन जो कुछ मैंने कंप्यूटर की हिस्टरी की फ़ाइलों से ज्ञात किया है उसके आधार पर ही मैं यह कह रहा हूँ.
मैंने ऊँचे स्वर में कहा- अरे, भाभी दिन भर घर पर अकेली रहती है इसलिए अपना समय व्यतीत करने के लिए वह ऐसी साइटस देख लेती होंगी. वह विवाहित है और यौन संसर्ग एवं सम्बन्धों के बारे में सब कुछ जानती हैं इसलिए अपना मन बहलाने के लिए उनके ऐसा करने पर तुम्हें कोई आपत्ति है?
सीड ने धीरे से कहा- नहीं, मुझे अपनी पत्नी द्वारा ऐसी रचनाएं पढ़ने पर कोई आपति नहीं कर रहा हूँ क्योंकि शादी के चार वर्ष बाद भी वह माँ नहीं बन सकी इसलिए मैं उसके ऐसे व्यवहार को भली भांति समझ सकता हूँ.
दोस्त की बात सुन कर मैं बोला- मित्र, तुमसे ऐसे ऊँचे स्वर में बोलने के लिए माफ़ करना. मैं कुछ अधिक आवेश में आ गया था. मुझे आशा है कि तुम मेरी बात का बुरा नहीं मानोगे. लेकिन तुम यह सब मुझे क्यों बता रहे हो?
तब सीड बोला- कंप्यूटर से वायरस साफ़ करने के बाद कौतुहल वश मैंने मेरी पत्नी द्वारा राजशर्मास्टोरीज के कई लेखिकाओं एवं लेखकों से करी गई अनगिनित ई-मेल वार्ताएं पढ़ीं. उन वार्ताओं एवं राजशर्मास्टोरीज पर उनसे सम्बंधित रचनाओं को पढ़ने के बाद मुझे कुछ विस्मय हुआ. लेकिन मैं सब से अधिक अचम्भित तब हुआ जब मैंने राजशर्मास्टोरीज पर जनवरी 2019 में प्रकाशित एक रचना
कामान्ध सोनी कि वासना की चाहत
को पढ़ा.
सीड की बात सुन कर मैंने उससे पूछा- ऐसा क्या था उस रचना में जिससे तुम अचम्भित हो गए?
उसने उत्तर दिया- वह रचना मेरी पत्नी के नाम से प्रकाशित हुई और उसमें वह खुद ही उसकी नायिका भी है.
मैं अचम्भित होते हुए बोला- अच्छा! इसका अर्थ है कि भाभी एक लेखिका भी हैं. क्या तुमने भाभी से बात करी और उन्हें बधाई दी?तुमने तो वह रचना पढ़ी तो होगी