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कैसा होता अगर

मैं और राष्ट्रपति महोदय तेज़ी से एसयूवी को निकलते हुए देखते हैं।

“तुम क्या सोच रहे हो?” सलिवन चिल्लाते हैं। “तुम सीआईए के निदेशक पर अपनी माँ की हत्या का आरोप लगा रहे हो, तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है?”

जब मैंने लेहाई पर अपनी माँ की हत्या का आरोप लगाया तो उन्होंने पलक तक नहीं झपकाई। वे सिर्फ़ राष्ट्रपति की ओर देखते रहे, मानो कह रहे हों, “तुमने इसके लिए मुझे रात में पार्टी से उठकर आने को कहा?” उसके बाद वे उठे, गाड़ी का दरवाज़ा खोला, और चलते बने।

काश में कह पाता कि मेरे अंदर उनकी बेगुनाही की जितनी बची-खुची शंका थी उसे उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया से दूर कर दिया था। इसने मुझे उनके अपराध बोध पर प्रश्न उठाने को मजबूर कर दिया था। और राष्ट्रपति के अंतिम तीन शब्द, मेरे मानसिक संतुलन पर प्रश्न उठा रहे थे।

“मुझसे कहो कि तुम्हारे पास इस बात का सबूत है और तुम बस हवा में तीर नहीं चला रहे हो। मैं हाईस्कूल में लेहाई के बेटे के साथ पढ़ा हूँ और मैं उन्हें अपने जीवन के आधे हिस्से से अधिक से जानता हूँ, इसी वजह से, दो वर्ष पहले, मैंने ख़ुद उन्हें सीआईए के निदेशक के पद पर नियुक्त किया।”

“मेरे पास सबूत हैं,” मैं थोड़े विश्वास के साथ कहता हूँ।

“क्या?”

मैं राष्ट्रपति को यह बताने की हिम्मत नहीं रखता कि मेरा सबूत मेन इन ब्लैक के बारे में लिखा गया एक रिव्यू है। ऐसा करने पर वे रेड को आदेश देंगे कि वह अपने दानवीय हाथों से मेरे चेहरे का नक़्शा बदल दे।

मैं बस इतना ही कह सकता हूँ कि “मुझ पर भरोसा कीजिए।”

“निकल जाओ,” वे कहते हैं।

मैं विरोध करना चाहता हूँ लेकिन मेरे पास कहने को कुछ नहीं है।

“हिसाब बराबर,” वे कहते हैं।

मैं उठता हूँ और दरवाज़ा खोलता हूँ। मुझे नहीं पता मैं ऐसा क्यों कर रहा हूँ, लेकिन शायद मुझे लगता है कि मैं उनसे अंतिम बार बात कर रहा हूँ, और मैं इस दौड़ में ख़ुद को उनसे पीछे नहीं रखना चाहता, भले ही मैं बिना पाँव के भाग रहा हूँ। मैं बाहर निकलता हूँ, दरवाज़े की ओर मुड़ते हुए कहता हूँ, “मुझ पर एक एहसान कीजिएगा, इंग्रिड से दूर रहिए।”

वे पीछे की ओर झुकते हैं।

“हाँ, मुझे आपकी उस दिन की छोटी-सी मुलाकात के बारे में मालूम है।“

वे धीरे से अपना सिर हिलाते हैं और मैं जानता हूँ कि एक ही रात में दो बार मैंने उनका भरोसा तोड़ दिया है।

“अच्छा, तुम जानते हो?” वे रुकते हैं। “तो तुम्हें यह भी पता होगा कि हम तुम्हारे लिए एक छोटा-सा कार्यक्रम रखने की योजना बनाने के लिए मिले थे ताकि में तुम्हें तोहफ़े में एक शहर की चाबी दे सकूँ, मेरी मदद करने के लिए।”

मैं इतनी ज़ोर-से अपना थूक गटकता हूँ कि पास के पेड़ में बैठी एक चिड़िया उस पर से उड़ जाती है।

“लेकिन अब तुम इस सब के बारे में भूल सकते हो,” वे कहते हैं, फिर गाड़ी का दरवाज़ा बंद होता है और वे चले जाते हैं।

:09

“मुझे यक़ीन नहीं हो रहा कि तुम ऐसा सोच भी कैसे सकते हो कि मैं राष्ट्रपति के लिए तुम्हें धोखा दूंगी ।”

फ़ोन पर भी, मैं उसके चेहरे के दुःख को देख सकता हूँ, “हाँ, मैं जानता हूँ। बेवक़ूफ़ हूं मैं।”

“अगर मैं तुम्हें धोखा ही देती तो मिसिसिप्पी के उस ख़ूबसूरत नौजवान विधायक के लिए देती, ना की उस बूढ़े सलिवन के लिए।” वह धीमे से सीटी बजाती है।

मैं जानता हूँ कि वह मज़ाक में ऐसा कह रही है ताकि हम दोनों का मन हल्का हो सके, मेरी क्षमा याचना को स्वीकार करने का यह उसका अपना तरीक़ा है, लेकिन ऐसी मुस्कान उसके चेहरे पर कभी नहीं आती। मैं ख़ुद को उसके या फिर उसकी दयालुता के योग्य महसूस नहीं कर रहा हूँ।

मैंने पिछले दस मिनट इंग्रिड को विस्तार से एक-एक छोटी से छोटी बात बताने में व्यतीत किए। वह रिव्यू, सुराग़ों का पता लगाना, राष्ट्रपति को कॉल करके निदेशक से आमने-सामने बात की मांग रखना, फिर मेरी घुसपैठ और उसके आगे की कहानी।

“मुझे तुम्हें उस मीटिंग के बारे में बता देना चाहिए थी,” वह कहती है।

“नहीं, ऐसा नहीं है। वह तो मेरे लिए एक सरप्राइज़ होना था ना। मुझे तुम्हारे फ़ोन में ताक-झाँक नहीं करनी चाहिए थी।”

“हाँ, खौफ़नाक।” वह ऊँची आवाज़ में बोलती है।

“ठीक है, मैं समझ गया। मुझे माफ़ कर दो।”

“तुम्हारे पास माफ़ी के लिए समय नहीं है, बस मुझ पर थोड़ा-सा भरोसा रखो, ठीक है?”

“ठीक है।”

“तो, शहर की चाबी के लिए अब कोई समारोह नहीं होगा?”

“मुझे नहीं लगता कि अब ऐसा कुछ होगा।”

“कोई बात नहीं, उसकी चाबी चाहिए भी किसे? और वैसे भी मैं 3:00 बजे उठकर वहाँ क्या करूंगा? ऑल-नाइट डिनर में जाऊंगा?”

“मुझे नहीं लगता कि शहर की चाबी इस तरह काम करती है।”

“हाँ, उन्होंने इसकी असली सुविधाओं के बारे में कुछ ज़्यादा बात नहीं की। उन्होंने बस कहा कि वे ऐसी एक चाबी तुम्हें देना चाहते हैं और तुम्हारे लिए वाइट हाउस में एक छोटा-सा समारोह आयोजित करना चाहते हैं।”

“कितना अच्छा होता ना?” मैं कहता हूँ।

“तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हें अपने शहर की चाबी दे दूँगी।”

मैं हँसता हूँ।

“और क्या-क्या मिलेगा उसमें?”

वह मुझे बताती है और मेरे मुँह में पानी आ जाता है।

“अच्छा, मुझे दूरबीन से उस घर को देखना है, और तुम्हें सोना है,” वह ऐलान करती है।

मैं अपना फ़ोन देखता हूँ।

3:56 बज रहे हैं।

पिछले एक हफ़्ते में मैंने और इंग्रिड ने पहली बार बात की है और उसकी आवाज़ सुनकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं फ़ोन नहीं रखना चाहता। कभी नहीं।

“उम्मीद करती हूँ की ये गुत्थी दो दिन में सुलझ जाए और हम अपना समारोह पूरा कर सकें,” वह कहती है।

“हाँ, सचमुच।”

“गुड नाईट, मेरे उल्लू।”

“गुडनाईट।”

मैं दरवाज़ा खोलता हूँ और अंदर घुस जाता हूँ। उदास होने के लिए मेरे पास बहुत कुछ है। मैंने दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों के सामने ख़ुद को मूर्ख साबित कर दिया। उन में से एक पर मैंने अपनी माँ की हत्या का आरोप लगाया और दूसरे पर मेरी गर्लफ्रैंड पर डोरे डालने का। यह विचार अंदर से मुझे हर पल पहले से अधिक कुरेद रहा है।

लेकिन मैं मुस्कुराने के सिवा कुछ नहीं कर सकता, मैं मजबूर हूँ।

::::

“दोस्त!”

लैसी मेरे चेहरे पर पंजा मार रही है।

“दोस्त, क्या परेशानी है तुम्हें?”

मैं ख़ुद को ऊपर धकेलता हूँ, लैसी रो रही है।

“तुम बीमार हो क्या?”

मैं लाइट जलाता हूँ और उसकी ओर देखता हूँ। उसके बाल पूरे भीगे हुए हैं, मानो वह पिछले बीस घंटों से पसीने से लथपथ हो। उसकी पीली आँखें ख़ून के जैसी लाल हैं।

“हे भगवान!”

मैं ऊपर उठता हूँ।

“क्या हुआ है? तुम्हारा पेट?”

मैं उसके पेट को छूता हूँ। वह दर्द से कराह उठती है।

“क्या खाया था तुमने?”

मैं बिस्तर से कूदता हूँ और किचन की ओर भागता हूँ। कल रात इंग्रिड से फ़ोन पर बात करने के बाद, मैं वापिस आया था, मैंने लैसी को उठाया और अपने साथ सुलाया था और काफ़ी देर तक उसका पेट सहलाया था। उसे ठीक ही होना चाहिए।

मैं देख रहा हूँ कि उसने क्या खाया होगा। क्या उसने कीड़े मारने वाली दवा ख़ाली? इसाबेल ने तो सफ़ाई का सारा सामान अलमारी में रखा था और वह तो बंद है। लेकिन, ऐसा बिल्कुल नहीं कहा जा सकता कि उसने उससे पहले कुछ खा लिया हो। वह दिन के तेईस घंटे बिना निगरानी के रहती है, कुछ भी हुआ हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि वह सोफ़े से कूदी हो और गिर गई हो और उसका पेट किसी चीज़ से टकराया हो और अब उसे आंतरिक रक्तस्त्राव हो रहा हो।

मैं लैसी को जानवरों के डॉक्टर के पास बस एक ही बार ले गया था जब उसे रैकून ने काटा था, और लैसी की क़िस्मत अच्छी है कि चौबीसों घंटे उपलब्ध जानवरों का डॉक्टर बस दो किलोमीटर की दूरी पर है।

मैं बेडरूम में जाता हूँ, एक झोला उठाता हूँ और लैसी को बिस्तर से उठाकर निकल पड़ता हूँ। “सब ठीक हो जाएगा, हम तुम्हें ठीक कर लेंगे।”

मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे ऐसा पहले भी हो चुका है।

मैं अपनी स्कूटी की चाबी लेता हूँ और उसे गराज से बाहर निकालता हूँ।

मैं प्यार से लैसी को झोले में डाल देता हूँ।

“थोड़ा सब्र रखो दोस्त, बस दस मिनट की बात है।”

मैं झोले को अपने कंधे पर टांगता हूँ और निकल पड़ता हूँ।

थोड़ी ही दूरी पर, वह झोला डगमगाने लगता है।

मैं सड़क के किनारे स्कूटी को रोकता हूँ। ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उस झोले के अंदर कोई चीज़ क़ैद हो और वह ख़ुद को छुड़ाने की कोशिश कर रही हो। मैं झोले की चेन खोलता हूँ और लैसी शांत हो जाती है।

उसकी सांसे बहुत तेज़ चल रही हैं।

“घबराओ मत, सब ठीक हो जाएगा, बस दो ही मिनट की और बात है।”

म्याऊँ ।

“क्या?”

म्याऊँ ।

“तुम बीमार नहीं हो?”

म्याऊँ ।

“तुम नाटक कर रही थी? लेकिन तुम ऐस—”

म्याऊँ ।

“तुम मुझे घर के बाहर लेकर आना चाहती थी? लेकिन क्यों?”

म्याऊँ ।

“दो आदमी अंदर आए थे?”

म्याऊँ ।

“सचमुच?”

लैसी मुझे समझाती है कि कैसे दरवाज़े खुला था जब वह सो रही थी। उसे लगा था कि शायद इंग्रिड या मेरे पापा होंगे। वह उनके पास गई, और उन्होंने उसे धक्का मार दिया। अगले बीस मिनट तक जब तक वे लोग वहाँ से चले नहीं गए, वह वहीं छुपी रही।

“उन्होंने मेरे घर में कुछ उपकरण लगाया है,” मैं लैसी से ज़्यादा ख़ुद से ऐसा कहता हूँ। “कमबख़्त, उन लोगों ने मेरे घर को बग किया हुआ है।”

मुझे गुस्सा आना चाहिए लेकिन नहीं आ रहा है। बल्कि मैं बहुत ही राहत महसूस कर रहा हूँ। क्योंकि तर्क के आधार पर मेरा अनुमान यही है कि यह सीआईए का काम हो सकता है। और अगर ऐसा है, तो यह निदेशक लेहाई का ही किया धरा है। और यह किसी भी मासूम आदमी का काम नहीं है।

लगता है कि वह डर गया था।

इसका मतलब मेरा शक़ सही था।

जो कुछ भी मेरी माँ ने मुझे भेजा था वह बिल्कुल सही था।

म्याऊँ ।

मैं सीधा बैठता हूँ।

“सचमुच?”

म्याऊँ ।

“कौन-सी कार?”

म्याऊँ ।

कोई हमारा पीछा कर रहा है।

मैं लैसी को वापिस झोले में डालता हूँ और वापिस स्कूटी चालू करके निकल पड़ता हूँ। मतलब अगर कोई मेरे घर की निगरानी कर रहा है, तो उसको मेरे घर का वीडियो या ऑडियो प्रसारण या दोनों मिल रहे हैं, और उसे पता है कि लैसी बीमार है और मैं उसे डॉक्टर के पास ले जा रहा हूँ। और अब वे मेरा पीछा कर रहे हैं।

पाँच मिनट बाद, मैं डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर आ कर रुकता हूँ।

समय है 3:13।

मैं रिसेप्शन पर बैठी महिला के पास जाकर लैसी की पर्ची बनवाता हूँ। मुझसे पहले दो लोग और लाइन में हैं। मैं सामने रखी प्लास्टिक की कुर्सियों में से एक में बैठ जाता हूँ। एक लगभग पचास वर्षीय अधेड़ व्यक्ति एक सफ़ेद पामेरियन कुत्ते के साथ वहाँ पर बैठा है। उसका कुत्ता मुझ पर भौंकता है।

मैं लैसी को झोले से निकालता हूँ और अपनी गोद में बिठा लेता हूँ। वह भी एक बीमार बिल्ली का अभिनय बख़ूबी कर रही है।

मैं अपना फ़ोन निकाल कर देखता हूँ और पाता हूँ कि उसमें इंग्रिड के दो मैसेज हैं।

इंग्रिड के पहले मेसेज में लिखा है: मैं तुम्हें मिस कर रही हूँ। दूसरे में लिखा है: क्या ऐसा हो सकता है कि तुम्हारी माँ ने तुम्हें कुछ और भी भेजा हो?

मैं वापिस लिखता हूँ: लैसी बीमार है, मैं डॉक्टर के पास हूँ। अब जाने दो, मैं माँ के बारे में भूल जाऊँगा। ठीक वैसे ही, जैसे वे हमारे बारे में भूल गई थीं।

उसका तुरंत जवाब आता है: ठीक है। तुम जो भी चुनो, मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ। उम्मीद करती हूँ कि लैसी भी ठीक ही होगी।

मैं जवाब देता हूँ: हाँ वह जल्द ही ठीक हो जाएगी। तुमसे कल बात करता हूँ।

ये सब मेरे लिए उतना मायने नहीं रखता है। फ़िलहाल मेरे लिए जो मायने रखता है वह है कि उसने कहा था कि मेरी माँ ने कुछ और भी भेजा हो सकता है।

क्या पता मेरी माँ ने उस डीवीडी से पहले भी कुछ भेजा हो? उनको पता था कि उनके सिर पर इनाम था और उनके पास समय बहुत कम था। क्या वे इससे पहले भी मुझ तक पहुँचना चाहती थीं, लेकिन मैं अपनी दिनचर्या या रात्रि चर्या में इतना व्यस्त था कि मैं उस ओर ध्यान ही नहीं दे पाया?

मैं सोचने की कोशिश करता हूँ कि क्या इसाबेल ने कोई ऐसे पैकेज खोले थे जिन्हें मैंने ख़ुद से ऑर्डर नहीं किया था। क्या मेरी माँ ने एमेज़ॉन से ही ऑर्डर किया होगा? उन्हें उस संदेश को मुझे गुप्त रूप से भेजने की ज़रूरत थी, नहीं तो वे मेरे पास तक कभी भी नहीं पहुँचता। यहाँ तक कि जो रिव्यू उन्होंने लिखा था वह भी मेरे पढ़ने के थोड़ी ही देर बाद हटा दिया गया था।

जिसका मतलब है।

उन्हें पता था कि मैंने वह पढ़ लिया है।

क्या वे पहले से ही मेरे कंप्यूटर की निगरानी कर रहे थे? क्या वे इतने समय से मेरी माँ के मुझसे संपर्क करने की प्रतीक्षा कर रहे थे? वे मुझसे संपर्क करने के और कौन-से तरीक़े अपना सकती थीं?

नहीं, उन्होंने हताश होकर ऐसा किया। मैं कल्पना करता हूँ कि उन्होंने अपने फ़ोन पर कैसे छुपते-छुपाते वह रिव्यू लिखा होगा। शायद वह अंतिम समय में उनका आख़िरी प्रयास था। उस रिव्यू में कुछ और सुराग़ ज़रूर छिपा होगा। शायद उनका पता ठिकाना। किसी तरह का कोई सबूत।

मुझे उस रिव्यू का एक-एक शब्द अच्छी तरह से याद है और मैं मन ही मन उसे दोबारा पढ़ता हूँ।

मैंने और मेरी पत्नी ने यह फ़िल्म आठ साल पहले हमारी पहली डेट पर देखी थी (हमें लव एट फ़र्स्ट साइट हो गया था)। हम हर साल अपनी एनिवर्सरी पर 5 अगस्त को यह फ़िल्म ज़रूर देखते हैं। स्मिथ और जोंस साथ में अद्भुत लगते हैं और हेघिल ने उम्दा निर्देशन किया है। मेरी नौ वर्षीय पुत्री, एप्रल, को भी यह फ़िल्म बेहद पसंद है। उसने इसे 12 स्टार दिए हैं।

पांच वाक्य।

मैं इसे दो बार और दोहराता हूँ, लेकिन कुछ पल्ले नहीं पढ़ रहा। उसमें कुछ और बचा ही नहीं है।

क्या इसमें इतना ही था? क्या मैंने रिव्यू को सही ढंग से समझा था? लगता तो ऐसा ही है।

लेकिन मुझे लगता है कि मैं कुछ भूल रहा हूँ।

रिव्यू का शीर्षक।

मैं फिर से अपने दिमाग़ पर ज़ोर डालता हूँ।

शीर्षक था भी?

मुझे एक मिनट का समय लगता है।

दिस मूवी रॉक्स!

मुझे इतना समय कैसे लग गया?

रॉक्स।

जो लोग मेरे घर की निगरानी कर रहे हैं उन्होंने आसानी से मेरा फ़ोन भी ट्रैक कर रखा होगा, ऊपर से मैं इंटरनेट पर कुछ भी ढूँढने के लिए उसका उपयोग कतई नहीं करना चाहता। मैं रिसेप्शन पर पड़े कंप्यूटर के आगे खड़े होकर वहाँ खड़ी महिला से उपयोग की अनुमति लेता हूँ। मैं गूगल पर ग्लोबल जियोलॉजिस्ट अनलिमिटेड सर्च करता हूँ।

कंपनी का वेब-पेज ही सबसे पहला परिणाम सामने आता है, लेकिन मैं इसे नहीं ढूँढ रहा हूँ। मेरी माँ इनकी वेबसाइट के कोड को हैक नहीं कर पाई होंगी।

कंपनी के विकिपीडिया पेज पर शायद कुछ मिल जाए।

मैं जीजीयू का विकिपीडिया पेज खोलता हूँ।

मैं इस पेज को पहले भी देख चुका हूँ और मैं सीधे पेज के अंत में आ जाता हूँ जहाँ पर इनके ठिकानों और सभी ड्रिलिंग साइट्स का ब्यौरा है।

इसमें पच्चीस प्रविष्टियाँ हैं।

जब मैंने पिछली बार देखा था, तो चौबीस थीं।

पच्चीसवीं प्रविष्टि के ऊपर एक छोटी-सी संख्या लिखी है — संदर्भ संख्या।

मैं स्क्रॉल करते हुए पेज के अंत में जाता हूँ और वहाँ पर लिखा है: “एसबी।”

सैली बिन्स।

होना ही था।

मैं लैसी की तरफ़ देखते हुए कहता हूँ, “ग्रीनलैंड?”

हालांकि मैं भूगोल में बहुत अच्छा नहीं हूँ, लेकिन मुझे पूरा यक़ीन है कि ग्रीनलैंड कनाडा के पूर्व में आर्कटिक के पास कहीं है। वहाँ का मौसम मानव जीवन के लिए एकदम प्रतिकूल है, हालांकि अगर आप किसी जेल को छिपाना चाहते हैं, तो इससे आदर्श स्थल पूरी दुनिया में शायद ही कोई और होगा।

“मिस्टर बिन्स वह आईपैड सिर्फ़ साइन-इन करने के लिए है।”

मैं उसे नज़रअंदाज़ कर देता हूँ।

अगर ये सीआईए का काम है और उनकी कोई गुप्त भूमिगत जेल है जहाँ वे दुश्मन लड़ाकों को क़ैद करके रखते हैं और उन्हें प्रताड़ित करते हैं, तो, मैं इससे बेहतर जगह नहीं सोच सकता हूँ।

जो मुझे समझ में नहीं आ रहा है वह है: अगर यह जगह रोमानिया होती, तो संभावना थी कि मैं कुछ कर पाता। हंगामा करता। लेकिन क्योंकि में जानवरों के डॉक्टर के पास था, तो मैं एक पिल्ले को ध्यान में रख कर सोच रहा था। कल्पना कीजिए, मेरा एक पिल्ला रोमानिया में कहीं खो गया होता और मुझे उसकी भौगोलिक स्थिति पता होती, मेरे पास पर्याप्त पैसा था कि मैं उसे चौबीस घंटों के अंदर विमान से अपने पास ला सकता था। लेकिन अगर मैं कहूँ कि वह पिल्ला ग्रीनलैंड में कहीं खो गया है, तो उसकी हड्डियाँ भी वापिस लाने के लिए तीन मिलियन डॉलर काफ़ी नहीं थे।

और अगर ये सब ग्रीनलैंड में हो रहा था, तो मेरी माँ इस जानकारी को मेरे साथ साझा करके क्या अपेक्षा कर रही थीं, और गृह सुरक्षा विभाग इसमें क्यों दख़ल दे रहा था?

मैं एक बार फिर उन ठिकानों को देखता हूँ।

मैं ग्रीनलैंड ड्रिल साइट की भौगोलिक निर्देशांक देखता हूँ: 38.94445718138941 N, 77.70492553710938 W

मेरी भौहें सिकुड़ जाती हैं।

ग्रीनलैंड तो आर्कटिक सर्किल के पास है। इस हिसाब से तो यह भू-मध्य रेखा के चालीस डिग्री से ज़्यादा ऊपर होना चाहिए।

मेरे दिल की धडकनें तेज़ हो जाती हैं।

मैं फिर से गूगल पर खोजता हूँ और मुझे एक ऐसी वेबसाइट मिल जाती है जिस में भौगोलिक निर्देशांक से स्थान का पता लगाया जा सकता हैं।

ग्रीनलैंड नहीं।

वर्जिनिया।

:10

मेरे पापा दरवाज़ा खोलते हैं: वे एक जांघिया और एक सफ़ेद टी-शर्ट पहने हुए हैं। उनकी आँखें आधी खुली हैं।

“तुम क्या कर रहे—”

मैं उनके बगल से निकलकर कमरे में घुस जाता हूँ।

3:41 बज रहा है।

मर्डॉक आगे आता है और उस झोले पर पंजे मारने लगता है। वह शायद लैसी को सुन या सूंघ सकता है। मेरे पापा उसे पीछे खींचने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह इतना ताकतवर है कि लगता है वह इस झोले को फाड़ ही देगा। कुछ ही देर बाद, लैसी उस झोले के छेद से अपना रास्ता खोज ही लेती है।

जेल से भागना सफल रहा।

मर्डॉक लैसी को चाट-चाट कर गीला कर देता है, फिर दोनों उस काँच के दरवाज़े से बाहर निकलकर पापा के साफ़-सुथरे बरामदे पर चले जाते हैं।

“अपने सारे सुन्दर फूलों को अलविदा कह दीजिए पापा।”

“मैं उन्हें लंबे अरसे पहले ही भुला चुका हूँ।”

पहली बार, मुझे यह एहसास हुआ कि जिस घर में मैं पला-बढ़ा, वहाँ कदम रखे हुए मुझे नौ साल बीत चुके हैं। कई सालों तक, मेरे पापा साल के बावन बुधवार, क्रिसमस और थैंक्सगिविंग पर और मेरे जन्मदिन पर मुझसे मिलने आते रहे हैं। यक़ीनन, मेरा एक घंटा बहुत क़ीमती था, लेकिन मुझे अब तक कम से कम कुछ एक बार तो यहाँ वापिस आ जाना चाहिए था।

“तुम यहाँ क्या कर रहे हो, बेटा?” दरवाज़ा बंद करते हुए, मेरे पापा कहते हैं। “और तुमने कार को सड़क के उस पार क्यों लगाया है?”

लैसी और मैं डॉक्टर को बिना दिखाए वहाँ से निकल गए थे।

मैं वहाँ से स्कूटी में निकला, वापिस घर गया, वहाँ रुके बिना आगे निकल गया। वहाँ से दाएँ मुड़ते हुए उत्तर की ओर हाईवे पर चलने लगा। लगभग पाँच मिनट के अंदर ही एक काली कार हमारा पीछे करने लगी। लगभग दस मील तक उसने हमारा पीछा किया, और जब उसे लगा कि मैं उस घर में जा रहा हूँ जहाँ मेरा बचपन बीता है, तो वह पहले ही पड़ोस आकर रुक गई, ताकि मुझे शक़ न हो। “उस कार में बैठे लोग सीआईए से हैं। वो मेरा पीछा कर रहे हैं। और मैं यहाँ इसलिए आया हूँ क्योंकि वो मेरे घर की निगरानी और रिकॉर्डिंग कर रहे हैं।”

उनकी भौहें चढ़ जाती हैं।

“वो क्या कर रहे हैं?”

मैं उन्हें बताता हूँ।

“लेकिन वो ऐसा क्यों करेंगे?”

मैं उन्हें उन सुराग़ों और राष्ट्रपति और निदेशक लेहाई से मुलाक़ात के बारे में बताता हूँ। “उसने ही माँ की हत्या की है पापा। उसने लगभग इसे क़बूल भी कर लिया था।”

“क्यों?”

“क्योंकि माँ को अमेरिका में एक गुप्त ब्लैक साईट के बारे में पता था।”

“वो वहाँ आतंकियों को यातनाएँ दे रहे थे?”

“क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि क्या होगा यदि ये जानकारी कभी लीक हो जाए तो?”

“वो शायद जनहित में सीआईए को बंद कर देंगे।”

“बिल्कुल, इसलिए वो इस जानकारी को बाहर निकालने की अनुमति दे सकते थे और इसीलिए माँ के सिर में गोली मारी गई थी।”

पापा को बहुत बड़ा सदमा लगा है और वे धीमे से सोफ़े पर बैठ जाते हैं।

मैं अपने फ़ोन की तरफ़ देखता हूँ।

3:44 ।

मेरे पास सोलह मिनट हैं।

इन सोलह मिनटों में मुझे बहुत कुछ हासिल करना है।

“तुम्हारे पास अभी भी वो जीपीएस निर्देशांक हैं?”

मेरे पापा को जियोकैशिंग नाम की एक गतिविधि का थोड़ा-सा अनुभव था। लोग अक्सर पूरे अमेरिका में चीज़ों को छुपा दिया करते थे, और फिर किसी राष्ट्रीय वेबसाइट पर उसके निर्देशांक पोस्ट कर दिया करते थे, फिर लोग उन चीज़ों को खोजने की कोशिश करते थे और वहाँ छुपे हुए इनाम को पाकर अपनी जियोकैशिंग बेल्ट में एक और सितारा जोड़ लेते थे।

मेरे पापा को ऐसे दो कैश मिले थे। लेकिन मेरे पापा एक नंबर के शौक़ीन आदमी थे और दो ही महीनों के अंदर उन्होंने वॉटर कलरिंग या एयर-कंट्रोल्ड हेलीकॉप्टर का शौक़ विकसित कर लिया था।

“हाँ होना तो चाहिए। शायद बेसमेंट में। क्यों? आप उस जगह जाने की तो नहीं सोच रहे हैं ना?”

“वो यही वर्जिनिया में है।”

“लैंगली?”

“नहीं, सीआईए के मुख्यालय से लगभग तीस मील पश्चिम की ओर। किसी ख़ाली ज़मीन पर।”

“मैं तुम्हें वहाँ ले चलूँगा।”

“नहीं, आप यहीं रहेंगे।”

मैं उन्हें अपनी योजना बताता हूँ।

मुझे नहीं लगता कि उनकी प्रतिक्रिया थोड़ी भी अलग होती अगर मैं उनसे कहता कि मुझे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना है। वे अपने चश्मे को अपनी नाक से ऊपर सरकाते हुए कहते हैं, “तुम्हें ख़ुद पर भरोसा है ना?”

मैं सिर हिलाता हूँ।

“ठीक है फिर,” वे कहते हैं। “चलो चलकर जीपीएस ले आएं।”

मैं उनके पीछे-पीछे सीढ़ियों से नीचे उतरता हूँ।

हालांकि आप मेरे पापा के घर के पहले और दूसरे तल को देखकर नहीं जान पाएँगे, लेकिन मेरे पापा को चीज़ें इकट्ठा करने का शौक़ है।

और उनके सारे शौक़ अंत में उनके घर में ही रहकर मर जाते हैं।

लगभग एक तिहाई सीढ़ियां नीचे उतरने के बाद, पापा एक चेन खींचते हैं जिससे उस अंधेर नगरी का एकमात्र बल्ब जल जाता है।

“मैं पतंगों के बारे में भूल चुका था,” मैं सिर हिलाते हुए कहता हूँ।

हम नीचे उतरते रहते हैं और नीचे पहुँचने पर मेरे पापा एक और चेन खींचते हैं।

वहाँ पर बहुत सारे पुर्ज़ों, उपकरणो और एक्सेसरीज़ के ढेर पड़े हैं जिनके बीच से मेरे पापा ने लगभग एक फीट चौड़ा एक रास्ता तराश लिया है।

“शीशे के अंदर पड़ा पानी का जहाज़ कभी भी बाहर नहीं निकल पाया।”

“वो ठंडे बस्ते में हैं,” वे रुकते हैं। “फ़िलहाल।”

ठीक है।

“आप अब इस नार्डिक ट्रैक का उपयोग नहीं करते?”

“ओह, कभी-कभार कर लेता हूँ।”

“मुझे नहीं लगता कि इस चीज़ का नौ साल पहले मेरे यहाँ से जाने के बाद उपयोग हुआ है।”

“एक बार मेरी पीठ ठीक हो जाए, मैं इसे हर रोज़ इस्तेमाल करूँगा।”

मैं हँस देता हूँ।

हम, पापा के शौक़ों के अलग-अलग चरण जैसे नक़्क़ाशी का चरण, पियानो चरण, आविष्कारक चरण और जादू चरण को देखते हुए आगे बढ़ते हैं।

“ये बंदूक जो आपने खरीदी थी ये मुझे बहुत पसंद है।”

“मैं इससे खेलने के लिए आपसे बहुत बार लड़ा।”

“तहक़ीक़ात बंद करो, और जीपीएस ढूँढने में मेरी मदद करो।”

वे दो डिब्बों को बाहर निकालते हैं, “वो रहा, मिल गया।”

वे काले रंग का एक छोटा-सा उपकरण निकालते हैं और मेरे हाथ में थमा देते हैं। आजकल उपयोग होने वाले जीपीएस की तुलना में यह दोगुना बड़ा है, लेकिन क्योंकि यह बहुत कम बार उपयोग हुआ है तो मैं उम्मीद करता हूँ कि यह काम करता होगा।

मैं पॉवर बटन दबाता हूँ, लेकिन कुछ नहीं होता।

“चिंता मत करो, इसकी बैटरी यहीं कहीं पड़ी होगी।”

वे पीछे की ओर जाते हैं और फिर से उस पुरानी आविष्कारक वाली अवस्था में चले जाते हैं।

मैं पिछली दीवार के पास हूँ। मुझे एक नीली प्लास्टिक की चादर दिखाई देती है। मैं सोच रहा था कि इस चादर की मदद से मैं उन लोगों को चकमा दे पाऊंगा जो मेरा पीछा कर रहे हैं। अपनी स्कूटी के आगे लगाऊंगा और भाग निकलूंगा। मैं उस चादर का एक कोना उठाता हूँ और वहाँ पर तीन काले डिब्बे पाता हूँ। ये इतने साफ़ सुथरे ढंग से रखे हैं, यक़ीनन ये पापा के नहीं हो सकते।

मैं डिब्बों को निकालता हूँ और खोलने लगता हूँ।

“मिल गए।”

मैं मुड़ता हूँ।

उन डिब्बों में जो कुछ भी है उसे एक दिन और इंतज़ार करना होगा।

एक मिनट बाद, मैं सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाता हूँ और जीपीएस पर उस जगह के भौगोलिक निर्देशांक डालता हूँ।

3:50 बज रहे हैं।

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मेरा कमरा ठीक वैसा ही है जैसा मैं इसे छोड़ कर गया था। सब लड़कपन की यादें, किशोरावस्था के खिलौने, मैं भावुक हो रहा हूँ। दिन में एक ही घंटा होने का मतलब आपको अपनी प्राथमिकताएं चुननी होती हैं। चाहे वह कार्टून हो या कोई खेल या फिर कोई लड़की, मैं उनमें से किसी एक को चुनने को मजबूर था। एक समय था जब कार्टून बहुत बचकाना लगते थे, खेल बहुत लम्बे और लड़कियाँ मेरी पहुँच के बाहर। लेकिन संगीत आसान था। मैं रोज़ आसानी से कम से कम दो गाने सुन सकता था। बल्कि मैं स्टॉक ट्रेडिंग करते हुए, व्यायाम करते हुए और लड़कियों के बारे में सोचते-सोचते भी गाने सुन सकता था।

मैंने प्रिंस को चुना।

वह थोड़ा अलग था और रहस्यमयी भी। मुझे ऐसा लगता था शायद किसी तरह वह समझ सकता है कि हेनरी बिन्स होना और बनना कैसा महसूस होता होगा। लेकिन सच कहूं तो, मुझे वह इसलिए पसंद था क्योंकि वह दिलोजान से गाता था।

प्रिंस के पोस्टरों के बीच बहुत सारे व्हाइटबोर्ड थे। जब 2000 के दशक की शुरुआत में मैंने शयरों में ट्रेड करना शुरू किया था, मुझे याद है मैंने पापा से कहा था कि मुझे बहुत सारे व्हाइटबोर्ड चाहिए। फिर हर दिन उठते ही, मैं शेयर देखता था और उनके ग्राफ़ बनाता था। बेशक़, ये सब इंटरनेट पर उपलब्ध था, लेकिन मुझे इन्हें ख़ुद बनाना पसंद था — इससे, मैं जो भी खरीदता था, उसके प्रति अधिक लगाव महसूस करता था। और उन पहले पाँच सालों में, मैंने बहुत पैसे गंवाए। यहाँ तक कि मेरे वॉल स्ट्रीट में ट्रेडिंग के जूनून को पूरा करने के लिए, मेरे पापा को अपने घर तक को गिरवी रखना पड़ा था। लेकिन अंततः, मैंने सही शेयर चुने क्योंकि मैं महज़ एक दर्शक नहीं था बल्कि एक सक्रिय प्रतिभागी था या शायद मेरी क़िस्मत अच्छी रही। और शायद मेरा समय इतना अटपटा था कि मेरे पास पूर्वाभास से खरीदने के सिवा और कोई चारा भी नहीं था, लेकिन मुझे हमेशा से यही लगता था कि मेरी सफलता के पीछे व्हाइटबोर्ड पर मेरी मेहनत का योगदान है जिसमें मैं कम्पनी के भूत, वर्तमान और भविष्य का विश्लेषण करता था।।

तीन साल बाद जब मेरे पापा ने दोबारा घर गिरवी रखा, तो मैंने एकमुश्त ही पहली गिरवी रक़म चुका दी थी, और मैंने उन्हें सख़्त निर्देश दिए कि अगर इसके बाद उन्होंने ऐसा कुछ भी किया, तो मैं उनसे बात करना छोड़ दूँगा। इसलिए, मेरे पापा के इस शौक़ के लिए मुझे दोषी ठहराया जा सकता है। मैंने उन्हें सक्षम बनाया। ख़ैर जो भी हो, उस महापुरुष ने मेरे लिए जो भी किया, उसकी क़ीमत पैसों में नहीं आंकी जा सकती। मेरे हर घंटे के दिन के लिए उन्हें योजना बनाने में आठ घंटे लगते थे ताकि मैं प्रत्येक मिनट का सही उपयोग कर सकूँ और वह बन सकूँ जो आज मैं हूँ।

लेकिन प्रिंस और मेरी यादों का झरोखा मुझे ऊपर अपने साफ़-सुथरे कमरे में खींच कर नहीं लाया था। बल्कि वह पुराना जूते का डिब्बा, जो मैंने अलमारी के पीछे छुपाकर रखा था, मैं उसकी वजह से ऊपर आया था।

मैं बेड पर बैठता हूँ, उस हरी और भूरी रंग की रज़ाई को हटाता हूँ, और उसका ढक्कन ऊपर उठाता हूँ। बीस साल पहले पापा ने मुझे यह डिब्बा दिया था, उस पल को याद करते ही मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।

“हर बच्चे के पास ऐसा एक डिब्बा होना चाहिए,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था, “एक डिब्बा जो पटाखों से भरा हो।”

::::

“लैसी! मर्डॉक! इधर ध्यान दो!”

मैं अपने फ़ोन की तरफ़ देखता हूँ।

3:53 बज रहे हैं।

सात मिनट शेष।

मैं अपनी हथेली से एक व्हाइटबोर्ड मिटाता हूँ, और उस लाल स्याही से मेरा पूरा हाथ गुलाबी हो जाता है, और मैं ट्रे पर रखा हुआ एक पुराना मार्कर उठाता हूँ।

मेरे पापा बिस्तर पर अपने पाँव रखकर बैठे हुए हैं। मर्डॉक उनके बगल में खड़ा है। लैसी मर्डॉक की पीठ पर बैठी हुई है। लेकिन लैसी मेरी ओर नहीं देख रही है, वह मर्डॉक का कान चबा रही है। और मर्डॉक लैसी की पूँछ चबा रहा है।

“अच्छा सब लोग सुनो!”

वे दोनों मेरी ओर ध्यान लगा कर देखने लगते हैं।

“हमारे पास इसे करने का बस एक ही मौक़ा है।”

“यह हमारा घर है।” मैं वाइटबोर्ड पर एक चित्र बनाता हूँ। “और ये वो कार है जो सड़क के उस पार खड़ी है।”

म्याऊँ ।

“तुम कहाँ हो? तुम घर के अंदर हो।”

म्याऊँ ।

“तुम्हारा चित्र बनाऊँ? ठीक है, ये रहा।” मैं एक मूंछ वाली बिल्ली का चित्र बनाता हूँ।

म्याऊँ ।

“मर्डॉक? ओहो! अच्छा बाबा।” और मैं एक कुत्ते का चित्र बनाता हूँ। “और यहाँ पर आप हैं, पापा, और ये मैं हूँ।”

म्याऊँ ।

“मैं इतना बड़ा क्यों हूँ? क्योंकि मैं अगुवाई कर रहा हूँ, बेवक़ूफ़ बिल्ली।”

मैं गहरी सांस छोड़ता हूँ।

“ओके, जैसे ही मैं गराज खोलूँगा, लैसी, तुम और मर्डॉक भाग कर यहाँ चले जाओगे।” मैं घर से कार तक एक रेखा खींचता हूँ, और दो X बनाता हूँ। “उन्हें अंदर रखना। अगर उन्हें लगेगा कि वे तुम्हें टक्कर मार सकते हैं, तो वहां से हिलेंगे नहीं। क्या तुम ये कर सकते हो? लैसी?”

म्याऊँ ।

“बढ़िया, मर्डॉक?”

मर्डॉक अपने पिछले हिस्से से गैस छोड़ता है।

“तो मैं इसे हाँ मानूंगा।”

मैं एक और रेखा बनाता हूँ, “पापा, ये आप हैं।”

“समझ गया।”

मैं नीचे देखता हूँ।

3:55।

“ठीक है। दो मिनट में गराज खुलने वाला है।”

::::

मैं गराज का बटन दबाता हूँ।

वह आधा ही खुला होता है, तभी लैसी और मर्डॉक दोनों सरककर बाहर भाग जाते हैं। जब तक गराज पूरा खुलता है, लैसी कार के पाँच फीट पीछे खड़ी है और मर्डॉक पाँच फीट आगे।

मैं डिब्बे में पड़े पटाखों में आग लगाता हूँ — हालांकि मुझे आश्चर्य होगा यदि पहले खाड़ी युद्ध के दौरान खरीदे गए पटाखे अब भी काम करेंगे तो — और उस जूते के डब्बे का ढक्कन बंद कर देता हूँ। फिर मैं अपनी अलमारी में पड़े स्केटबोर्ड पर उसे रखता हूँ और अपने पाँव से लुड़का देता हूँ। स्केटबोर्ड वहाँ से निकलकर, सीधे सड़क के उस पार खड़ी काली कार के नीचे जा कर रुकता है। मैं बटन दबाता हूँ और दरवाज़ा बंद होने लगता है।

गराज के कोने में एक और दरवाज़ा है, और मैं भागकर घर के पिछली ओर झाँकता हूँ।

कार की खिड़कियाँ एकदम काली हैं और उसके अंदर बैठे लोगों के चेहरे दिखाई नहीं दे रहे। कार का एक दरवाज़ा खुलता है और उससे एक आदमी बाहर निकलता है। मैं उम्मीद करता हूँ कि शायद वह कार के नीचे देखेगा लेकिन फ़िलहाल उन सभी लोगों का ध्यान बोनट पर बैठे उस अस्सी किलो वज़नी कुत्ते ने खींच लिया है।

वह आदमी मर्डॉक की तरफ़ बढ़ता है।

“उतरो कार के ऊपर से।”

मर्डॉक पलक भी नहीं झपकाता।

वह आदमी मर्डॉक के पास जाकर उसे धकेलने की कोशिश करता है। मर्डॉक शांति से बैठा रहता है। वह कहीं नहीं जाने वाला।

कार के पीछे से एक चीखने की आवाज़ आनी शुरू होती है। यह शायद वह रॉकेट है जो मैंने डिब्बे में छोड़ा था।

वह आदमी मुड़ता है और ज़मीन पर लेट जाता है।

जूते का पूरा डिब्बा भभक रहा है। आधे सेकंड बाद, उनका ज़ख़ीरा फूट पड़ता है। बीस डिब्बे रॉकेट वो भी बीस अलग-अलग दिशाओं में। अनार और तरह-तरह के पटाखे पूरी सड़क को रोशन कर देते हैं। सारे पटाखे मानो ऐसे फटना शुरू होते हैं जैसे कोई आतिशबाज़ी कार्यक्रम चल रहा हो।

ऐसी आतिशबाज़ी जिस पर शायद किसी राजा को भी गर्व हो।

मेरे पापा झटके से घर के सामने की ओर से निकलते हैं। उन्होंने वही कपड़े पहने हैं जो पहले मैंने पहने थे और मोटरसाइकिल हेल्मेट भी लगाया है। अगर वे दोनों आदमी ध्यान से देखते तो शायद उन्हें पता चल जाता कि वह मैं नहीं हूँ। लेकिन वे अभी अपने नए पालतू जानवरों के साथ जश्न के माहौल में व्यस्त हैं।

मेरे पापा सड़क पर खड़े स्कूटर पर बैठते हैं, इंजन ऑन करते हैं और निकल पड़ते हैं। इससे पहले कि वह आदमी सीट पर बैठे, मर्डॉक को हटाए और गाड़ी चालू करे, मेरे पापा दस सेकंड आगे निकल जाते हैं।

मैं गराज की ओर भागता हूँ और अपने पापा की लिंकन कार में बैठता हूँ।

3:58 बज रहा है।

मैं गराज का दरवाज़ा खोलता हूँ, बाहर की ओर देखता हूँ कि रास्ता साफ़ है या नहीं और फिर वहाँ से तेज़ी से निकल जाता हूँ। मैं बाईं ओर मुड़ता हूँ, फिर दाएँ मुड़ता हूँ, और सड़क के किनारे रुक जाता हूँ।

मेरे पास एक मिनट से भी कम समय है।

मैं बाहर निकलता हूँ, कार का कवर निकालता हूँ, जिसे मैंने पापा के बेसमेंट से उठा लिया था। मैं बस कार का तीन चौथाई हिस्सा ही ढक पाया हूँ और तभी उस घड़ी का अलार्म बज जाता है जो मैंने पापा से मांगी थी। मैं कवर के अंदर रेंग कर कार की पिछली सीट पर जाकर सो जाता हूँ।

:11

मैं आधी उम्मीद तो यही करता हूँ कि मैं बेड़ियों में बंधा हुआ किसी सुरंग या तहख़ाने में जागूँगा और चूहे मेरे दोनों पांवों के अंगूठों को अपना निवाला बना चुके होंगे ।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सीआईए मेरे चंगुल में फँस गई।

मैंने अपने पापा को यही निर्देश दिए थे कि वे बस इतनी तेज़ चलाएँ ताकि उन्हें इस मोहल्ले से बाहर खदेड़ सकें। मैं पापा के उनकी नज़रों से ओझल होने और फिर उनके वापिस इसी मोहल्ले में आकर छानबीन करने और नीले खोल में खड़ी गाड़ी पर शक़ करने और उसकी नंबर प्लेट की जांच करने का जोखिम नहीं उठा सकता था। जहाँ से वे वापिस रिचर्ड बिन्स के पास आ जाते और फिर मैं उस सुरंग में होता और मेरे अंगूठे चूहे कुतर गए होते।

सीआईए के आदमियों ने दस मील दक्षिण तक मेरे पापा का पीछा किया या नहीं इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि अंततः वे उन्हें ढूँढ ही लेंगे।

उनके पास मेरा सेलफ़ोन था।

उन्होंने जीपीएस के माध्यम से पापा को अलेक्सांद्रिया के सीमावर्ती इलाक़् में स्थित मोटेल 6 में ट्रेस कर लिया होगा और फिर उनकी निगरानी के लिए एक रात और वहीं ठहर गए होंगे।

मैंने पापा के सेलफ़ोन को अपने पास रखने के बारे में विचार किया था लेकिन मैं सीआईए को कम नहीं आंकना चाहता था। वेवो शायद पता लगा लेते कि मेरे पापा बस उनका रास्ता भटका रहे थे और यह सोचते हुए कि उनका फ़ोन मेरे पास होगा वे मेरे पापा का सेलफ़ोन ट्रेस कर लेते। इसलिए, बेहतर यह था कि मैं ख़ुद को इन सब से दूर ही रखता।

इसके अलावा, मुझे शक़ था कि मेरे पापा उन लोगों को कितनी देर तक चकमा दे पाएँगे। उन्हें वापिस लौटने से पहले मुझे पूरे चौबीस घंटे देने की आवश्यकता थी। लेकिन अभी से एक घंटे बाद, मैं लगभग साठ मील दूर पहुँच जाऊँगा और वे सुरक्षित घर लौट सकते हैं।

जहाँ तक लैसी और मर्डॉक का सवाल है, मैं बस कल्पना ही कर सकता हूँ कि बिना निगरानी के वे दोनों पिछले चौबीस घंटों से क्या धमाल मचा रहे होंगे। मर्डॉक वे सब करेगा जो लैसी उसे करने को कहेगी या चुनौती देगी। मैं यह देखने को लालायित हूँ कि क्या मेरे पापा का घर अभी भी वैसे ही खड़ा है जैसा हम छोड़ कर गए थे। क्या पता उस आतिशबाज़ी में वे दोनों डर के मारे सीधे अंदर घुस गए हों और साथ में आग की लपटें भी ले गए हों। या फिर क्या पता उन्होंने पापा के सारे अचार ख़त्म कर दिए हों।

लेकिन मेरे पास इतना समय नहीं है।

मैं पीछे की सीट से कूदता हूँ, बाहर निकल कर उस नीले कवर को गाड़ी से हटाता हूँ और ज़मीन पर फेंक देता हूँ। उसके बाद में ड्राइविंग सीट पर बैठकर तेज़ी से वहाँ से निकल जाता हूँ।

पेट्रोल की टंकी लगभग एक-चौथाई भरी हुई है जो वहाँ पहुँचने के लिए पर्याप्त है, जहाँ मुझे जाना है।

मैं जीपीएस निकालता हूँ और उसे ऑन कर देता हूँ।

मेरा गंतव्य एक घंटा और सत्रह मिनट दूर है।

मैं हाईवे पर उतरता हूँ और गति सीमा से पाँच मील अधिक की गति से चलने लगता हूँ। मुझे वहाँ पहुँचने में दो दिन लगेंगे, पर मैं आशा करता हूँ कि मैं अधिकांश यात्रा आज ही पूरी कर लूँ ताकि कल मेरे पास एक घंटे का ज़्यादा समय उन ब्लैक साईटों को ढूँढने के लिए बच जाए।

ताकि मैं वहाँ की तस्वीरों को अपने पापा के महंगे निकोन कैमरे में क़ैद कर सकूँ और राष्ट्रपति सलिवन को दिखा सकूँ और उनसे कह सकूँ, "देखा, मैंने कहा था ना।"

वह भी शायद अपनी जीभ निकालते हुए।

मैं लिंकन से पूर्व की दिशा में चालीस मील का सफ़र तय करता हूँ और रुककर समय देखता हूँ।

3:35 बज रहे हैं।

वहाँ पर एक बहुत बड़ा पेट्रोल पंप है — एक ट्रक डिपो — और मैं वहाँ पहुँच कर गाड़ी रोक देता हूँ। मैं अंदर घुसता हूँ, बाथरूम का प्रयोग करता हूँ, फिर पानी की दो बोतल, एक सैंडविच, तीन प्रोटीन बार, थोड़ी मूंगफली और एक बीफ़ जर्की लेता हूँ।

कैशियर पूछता है, “कहाँ जा रहे हो तुम?”

उसने यही प्रश्न मेरे आगे खड़े व्यक्ति से भी पूछा था और वह यही प्रश्न मेरे पीछे खड़े व्यक्ति से भी पूछेगा।

“ओहायो की ओर जा रहा हूँ।”

वह सिर हिलाता है और बकाया पैसे मेरे हाथ में दे देता है।

कार में वापिस आकर, मैं ट्रक स्टॉप से बाहर निकलता हूँ। आधे मील बाद, मैं मैकलीन शहर में दाख़िल होता हूँ, जो सीआईए का मुख्यालय है।

मैं कल्पना कर रहा हूँ कि मेरे पापा के घर के बाहर मंडरा रहे उन गुंडों ने इस कैंपस में कितना समय बिताया होगा। क्या उन्हें इसी के लिए प्रशिक्षित किया गया था, जहाँ उन्होंने अपने जासूसी कौशल सीखे, जहाँ उन्हें यह सिखाया गया था कि दुश्मन लड़ाकों से कैसे निपटना है। क्या जो मोटे-मोटे ग्रन्थ और किताबें उन्होंने पढ़ी थीं और जो कठोर प्रशिक्षण लेकर वे आए थे, उनमें से किसी में भी यह सिखाया गया था कि उनकी कार की छत पर बैठे एक इंग्लिश मैसटिफ़ से कैसे निपटना है?

मैं बाएँ मुड़ता हूँ और उल्टी दिशा में चलना जारी रखता हूँ। मैं अगले बीस मिनट एक सिंगल-लेन हाईवे पर चलते हुए कुछ खाते-पीते और चंद्रमा को पहाड़ियों के पीछे से चमकते हुए देखने में बिताता हूँ। उस रोशनी में वर्जिनिया के देहात की हरियाली मानो गंदगी लग रही है।

मैं पैसेंजर वाली सीट की ओर देखता हूँ। वहाँ पर इंग्रिड की एक तस्वीर रखी है और उसकी नीली आँखें आसमान के अँधेरे को टकटकी लगाकर देख रही हैं।

मैं उसे अपनी बगल की सीट पर बिठाने के लिए बेचैन हूँ।

जब लैसी और मैं डॉक्टर के पास गए थे, तब से मैंने इंग्रिड से बात नहीं की है। क्या उसका केस सुलझ गया होगा? क्या उसे मेरी चिंता हो रही होगी? क्या वह भी इस समय चाँद को ही निहार रही होगी? या क्या वह सो रही होगी, हेनरी बिन्स के ख़्यालों से कोसों दूर?

मानता हूँ कि मैं दिन में बस एक ही घंटा जागता हूँ, लेकिन ऐसा लगता है जैसे उसे याद किये हुए बस दो ही मिनट हुए हैं और एकदम से उसके ख़्याल मेरे दिमाग में फिर से आ गए हैं।

लेकिन वह मेरे बारे में कितनी बार सोचती होगी? घंटे में एक बार? या पाँच घंटे में एक बार? उसका दिन इतना बड़ा था कि अगर वह एक दर्जन बार भी मेरे बारे में सोचती होगी, तो फिर भी प्रतिशत में, वह मेरे याद किए जाने वाले समय से टक्कर नहीं ले सकती थी। लेकिन क्या ऐसा सोचना सही भी है?

मेरे पापा की घड़ी का अलार्म मेरे भावनाओं के तूफ़ान को रोक देता है।

मेरे पास छुपने के लिए कोई अच्छी जगह ढूँढने का समय नहीं है। मैं कार को सड़क के किनारे खड़ा करता हूँ, लाइट बंद करता हूँ और पीछे जाकर सो जाता हूँ।

मैं जीपीएस की ओर देखता हूँ।

छः मील और दूर।
 
एक हरे रंग की प्रायस कार दोपहर की तपती धूप में उस रोड से गुज़र रही है। वह कार सफ़ेद लिंकन कार के आगे निकलती है, धीमी होती है, और फिर वापिस आने लगती है। ड्राईवर सोच रहा है कि इतने बियाबान इलाक़े में, इतनी अच्छी कार को ऐसे कौन छोड़कर चला गया होगा। इसका मालिक कहाँ है? क्या कोई गड़बड़ है? कार ख़राबी? या उससे भी बुरा कुछ?

कार उस लिंकन के बराबर में आकर रुकती है और एक आदमी बाहर निकलता है। एक औरत नहीं। कोई औरत ऐसे सुनसान इलाक़े में अपनी कार रोककर कभी बाहर नहीं निकलती। कम से कम कोई समझदार महिला तो नहीं निकलती। वह एक चालीस वर्षीय, सफल धार्मिक उच्च मध्यम वर्गीय परिवार का व्यक्ति लग रहा था जो बस घूमने फिरने के लिए ड्राइव पर निकला था।

वह लिंकन की तरफ़ बढ़ता है। अगले टायर को देखता है। फिर आगे की सीट पर झाँकता है और पैसेंजर सीट पर कुछ रैपर पड़े हुए देखता है और फिर पिछली सीट पर एक आदमी को देखता है।

कोई भी सामान्य व्यक्ति वापिस अपनी कार में बैठकर निकल लेता, लेकिन यह आदमी सामान्य नहीं है। वह कचरा फेंकता है, वह अन्य लोगों के लिए दरवाज़े खोलता है, वह हर वर्ष गर्ल स्काउट कुकीज़ के सोलह डिब्बे खरीदता है। वह सोचता है कि पिछली सीट पर बैठा आदमी शायद सो रहा होगा। शायद वह गाड़ी चलाते-चलाते इतना थक गया होगा कि उसने गाड़ी रोककर एक झपकी लेने की सोच ली। लेकिन वो पीछे की ही सीट पर जाकर क्यों बैठा? मतलब उसने पूरी रात कार में बिताई होगी, जो शायद थोड़ा अजीब होगा लेकिन अभूतपूर्व नहीं। लेकिन फिर भी, दोपहर के चार बजे सोना थोड़ा विचित्र बात थी। निश्चित रूप से वह व्यक्ति उठने वाला होगा और फिर अपनी यात्रा जारी रखेगा।

वह आदमी कार की पिछली खिड़की से झाँककर देखता है कि अंदर सोया व्यक्ति ठीक है कि नहीं। लेकिन वह कोई जवाब नहीं देता। वह ज़ोर-से कार का शीशा खटखटाता है, लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं मिलता।

और तभी वह अपने फ़ोन से कॉल करता है।

शेरिफ़ को वहाँ पहुँचने में 10 मिनट लगते हैं।

यहीं पर चीज़ें थोड़ी अजीब होने लगती हैं।

शेरिफ़ अपनी कार से एक पाइप निकालता है और उसे लिंकन के साइलेंसर से जोड़ देता है। वह कार लाल जेली से भरने लगती है।

वह जेली, आम जेली से थोड़ी अलग है, वह कार और बाकी सभी चीज़ों को अपने अंदर समा लेती है, सिवाय मेरे।

और अब इस लाल ककून में मैं, वह व्यक्ति और शेरिफ हैं।

फिर एक और आदमी आता है। फिर एक औरत। थोड़ी ही देर में मैं देखता हूँ कि मैं चारों ओर से आदमियों, औरतों, बच्चों, कुत्तों और यहाँ तक कि दो घोड़ों से भी घिरा हुआ हूँ। और फिर सब उस जेली को खाने लगते हैं। वे सब उसका आनंद ले रहे हैं और धीरे-धीरे मेरे करीब आ रहे हैं।

उनके, मेरे और उस लाल ककून की दूरी पलक झपकते ही छः फुट से दो फुट हो जाती है और फिर दो इंच। उनकी जेली ख़त्म ही होने वाली है और फिर वे मुझे खाना शुरू करेंगे।

तभी मेरी नींद खुलती है।

मैं झटके से उठता हूँ और खिड़की से बाहर झाँकता हूँ। कार वहीं पर है। मैं उस सपने को भुलाने की कोशिश करता हूँ जो अंत में थोड़ा अवास्तविक हो गया था, लेकिन ये आसानी से हो सकता था। कोई भी वहाँ पर आकर रुक सकता था। रुककर पिछली सीट में झाँक सकता था। पुलिस को बुला सकता था। हालांकि यह रोड थोड़ी सुनसान है, लेकिन पिछले तेईस घंटों में सौ से अधिक गाड़ियाँ यहाँ से गुज़री हैं। शायद करीब एक दर्जन के मन में इस गाड़ी के प्रति कम से कम एक ख़्याल तो आया ही होगा, और कम से कम आधा दर्जन ने तो सोचा ही होगा कि इस कार का मालिक कहाँ होगा। और एक आदमी ने तो रुकने की भी सोची होगी, लेकिन मेरी क़िस्मत अच्छी थी, वह अपने रास्ते पर चलता रहा।

मैं बाहर निकलता हूँ, रोड के किनारे जाकर थोड़ा हल्का होता हूँ, और ड्राईवर सीट पर बैठ जाता हूँ। मैं कार चलाना शुरू करता हूँ और पानी की बची हुई बोतल गटक जाता हूँ, फिर मूंगफली और बचा-खुचा सैंडविच खाकर निकल पड़ता हूँ।

मैं पाँच मिनट में पाँच मील का सफ़र तय करता हूँ।

3:06 पर, जीपीएस मुझे कच्ची सड़क पर दाएँ मुड़ने को कहता है।

मैं अपनी लिंकन कार को लगभग चालीस मील प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाता हूँ और उस पहाड़ी से नीचे उतरता हूँ और फिर दूसरी पहाड़ी के पार जाता हूँ। मैं दो और पहाड़ियों से होकर गुज़रता हूँ और लगभग एक चौथाई मील और आगे जाता हूँ, जहाँ पर रोड ख़त्म हो जाती है। वहाँ पर एक गेट लगा हुआ है, जिस पर लिखा है निजी संपत्ति।

प्रवेश निषेध।

क्योंकि में गाड़ी इस रोड पर इतनी दूर तक ला चुका हूँ, तो काफ़ी अधिक संभावना है कि इससे कोई अलार्म बज गया होगा। और अगर मैं कूदकर गेट के उस पार गया तो झाड़ियों के पीछे से कुछ कमांडो आएँगे और मुझे निपटा देंगे। या मेरे अंदर गोली दाग़ देंगे। या फिर कुछ उससे भी बुरा।

मेरी एकमात्र आशा मेरी माँ हैं।

कि वे अपने बेटे को किसी मौत के सफ़र पर नहीं भेजेंगी।

मैं पापा का निकोन कैमरा और एक फ़्लैशलाइट उठाता हूँ।

दो मिनट बाद, मैं गेट के उस पार उस पथरीली पहाड़ी पर चढ़ रहा हूँ।

3:14 बज रहे हैं।

::::

जीपीएस मुझे बता रहा है कि मैं अपने गंतव्य से एक हज़ार फीट दूर हूँ। लेकिन रोड ग़ायब हो चुकी है। चारों ओर बस घनी झाड़ियाँ हैं। यदि इन ब्लैक साइट्स को कोई पगडंडी जाती है तो मैं उसे ढूँढ नहीं पा रहा हूँ। मैं उन घनी झाड़ियों में पांच कदम अंदर की ओर जाता हूँ, पत्तियों और टूटी हुई डालियों की सरसराहट, उस शांत रात को तेज़ आवाज़ों से भर देती हैं।

मैं अब्दुल अल-रहमीन और हम्माद शेक-अल्ज़र को भी इन घने जंगलों से लेकर जाने के बारे में कल्पना करता हूँ जिनके बारे में मैंने पहले लेख में पढ़ा था। सीआईए को उन दोनों को छुपाकर यहाँ लाने में कितना समय लगा होगा? दो परिकल्पित मृत व्यक्तियों को, इराक़ से बाहर निकाल कर, वर्जिनिया के सुदूर ग्रामीण इलाके में लाने में कितना समय लगा होगा? इसमें कितने लोग शामिल होंगे? क्या यह पूरी प्रक्रिया डिब्बा बंद थी ताकि उसके अंदर बैठे लोगों को यह भी पता न लगे कि उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है? या फिर इसमें एक छोटा-सा समूह शामिल था जो शुरुआत से लेकर अंत तक इसका हिस्सा था? क्या अब्दुल और हम्माद को पकड़ने वाले लोग वही थे जो उन्हें इन झाड़ियों से पार लेकर गए? क्या उन्हें पता था कि इस छोटी-सी चढ़ाई के बाद उनका क्या हश्र होगा? कि उन्हें भयावह यातनाएँ दी जाएंगी? कि वे शायद दोबारा कभी दिन की रोशनी नहीं देख पाएँगे?

मैं आगे बढ़ता हूँ।

मैं चुपके से पेड़ों के बीच से निकलते हुए जीपीएस के निशानों का तब तक अनुसरण करता हूँ, जब तक मैं अपने गंतव्य से ठीक 2 फीट दूर तक नहीं पहुँच जाता।

मैंने इंटरनेट पर ब्लैक साइट्स की तस्वीरें देखी थीं और उसमें अलग-अलग तरह की तस्वीरें थीं। कुछ छोटे-से मकान की तरह दिखती थीं, कुछ किसी फ़ैक्ट्री की तरह और यहाँ तक कि कुछ सरकारी दफ़्तरों जैसी भी दिखती थीं।

लेकिन यहाँ पर कोई ब्लैक साइट नहीं है।

केवल पेड़ हैं।

क्या मेरी माँ ने मुझे अंधेरे में तीर मारने के लिए भेज दिया था? उनको ये निर्देशांक मिले कहाँ से थे? क्या उनका सूत्र विश्वसनीय था?

मैं घड़ी की ओर देखता हूँ।

3:22।

मुझे पहाड़ी से नीचे उतरकर वापिस हाईवे तक जाने के लिए समय चाहिए। मैं हिसाब लगाता हूँ कि मुझे लगभग 20 मिनट का समय लगेगा। मैं 3:40 पर वापिस जाने का अलार्म लगा देता हूँ।

मैं चारों दिशाओं में फ़्लैशलाइट घुमाता हूँ लेकिन किसी घर, बिल्डिंग, केबिन, या झाड़ियों के बीच किसी अड्डे का नामोनिशान तक नहीं है।

“लानत है।”

यह शब्द उस सर्द हवा में गूँजता है, लेकिन अब मुझे कोई चिंता नहीं है कि कोई सुन रहा होगा। यहाँ सुनने के लिए कोई है ही नहीं। लगभग एक मील तक तो कोई भी नहीं।

लेकिन फिर भी वहाँ पर प्रवेश निषेध का चिन्ह क्यों बना था?

यह जंगल बेशक़ किसी का है।

मैं फिर से उस निर्देशांक पर पहुँचता हूँ और देखता हूँ कि उसकी आस-पास की ज़मीन की तुलना में, वहाँ की ज़मीन एकदम समतल है। लगभग दो फीट का क्षेत्र। मैं उन पत्तियों के झुरमुट को हटाता हूँ और घुटनों पर बैठ कर थोड़ी मिट्टी साफ़ करता हूँ और मेरा हाथ किसी ठोस चीज़ पर पड़ता है। मैं फ़्लैशलाइट उठाते हुए उसको देखता हूँ।

लकड़ी का ढक्कन।

मुझे उस चार फुट के लकड़ी के ढक्कन को उठाने में बहुत समय लगता है, लेकिन उसके बाद वहाँ पार कांसे की एक प्लेट है। वो लगभग एक दरवाज़े जितनी चौड़ी और तीन फीट ऊँची है। उस पर एक बहुत बड़ा ताला लगा हुआ है जो उस प्लेट को सीमेंट की सतह पर बांधे हुए है।

मिल गया।

मैं गर्दन से कैमरा निकालता हूँ और लगातार तीन-चार फ़ोटो खींच लेता हूँ। लेकिन यह प्लेट भी निश्चित साक्ष्य नहीं है। अगर में राष्ट्रपति को वर्जिनिया के जंगलों के बीच में एक भूमिगत दरवाज़े की तस्वीर दिखाऊँगा तो वे कहेंगे, “अच्छा तो तुमने हथियारों का ज़ख़ीरा ढूँढ लिया। शाबाश।”

मैं उस गोल ताले पर एक लात मारता हूँ और मुझे आश्चर्य होता है जब वह धीरे से खुल जाता है।

मैं उस ताले को किनारे फेंकता हूँ।

वहाँ पर गिरी हुई पत्तियों की चादर को देख कर ऐसा लगता है कि यह तहख़ाना महीनों या शायद सालों से नहीं खुला था। उस कांसे की प्लेट के नीचे पहले जो भी होगा चाहे बंकर, ब्लैक साइट या कुछ भी, अब वह ख़ाली है।

लेकिन फिर, अगर वह एक ब्लैक साइट थी और उसकी जगह का ख़ुलासा कर दिया गया था, मेरी माँ द्वारा, तो हो सकता है कि सीआईए ने उसे बंद कर दिया हो। जो बात मुझे समझ नहीं आई वह यह थी कि उन्होंने सारे सबूत क्यों नहीं मिटाए। लेकिन मैं बहुत आगे की सोच रहा हूँ। मैं आसानी से उसे उठा कर उसके कंक्रीट स्लैब को खोल सकता हूँ।

मैं वह प्लेट उठाता हूँ और एक झटके से उसे पीछे खिसका देता हूँ।

कंक्रीट तो नहीं है।

बस कुछ सीढ़ियां हैं जो उस अँधेरी गली में जा रही हैं।

मैं अपनी घड़ी की ओर देखता हूँ।

3:28 बज रहे हैं।

मैं जल्दी से दो फ़ोटो खींचता हूँ और फिर नीचे उतरना शुरू करता हूँ।

::::
 
छः सीढ़ियां। दस। बारह।

मैं फ़्लैशलाइट को चारों दिशाओं में घुमाता हूँ। वह कंक्रीट का कमरा मेरे पापा के तहख़ाने का लगभग तीन गुना है, लगभग एक हज़ार वर्ग फीट।

लेकिन पापा के कमरे के विपरीत, यह बिल्कुल ख़ाली है, लगभग ख़ाली। फ़्लैशलाइट उस कमरे को हल्की रोशनी से जगमगा देती है। मैं सामने पड़ी टेबल और पाँच फ़ोल्डिंग कुर्सियों के करीब जाता हूँ।

मैं कल्पना करता हूँ कि इनमें से एक में अब्दुल बैठा हुआ है, उसके हाथ और पैर बंधे हुए हैं और सिर पर भारी वज़न रखा हुआ है,और बाकी की कुर्सियों में जो लोग बैठे हैं उन्हें बस एक बात की परवाह है, और वह है: 9/11 जैसी किसी भी घटना को दोबारा होने से रोकना, और ऐसा करने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।

मैं कई सारी तस्वीरें लेता हूँ और किनारे की तरफ़ से आगे बढ़ता हूँ।

दूसरे कोने पर एक छोटी टेबल पड़ी है। उसके ठीक पीछे, एक औंधा पड़ा हुआ धातु का टब है। पाँच, सूखे कचरे के डब्बे उसके पीछे हैं। दीवार के छेद से पानी की एक बूँद टपकती है।

यह पानी के माध्यम से प्रताड़ित करने की जगह है।

मैं वहाँ पर, अपने सिर पर उस बोरे को उठाए अब्दुल के खड़े होने, और सीआईए के किसी आदमी की उसके चेहरे के ऊपर पानी डालने की कल्पना करता हूँ।

मैं तीन फ़ोटो खींचता हूँ।

फिर अपनी घड़ी देखता हूँ।

मुझे यहाँ नीचे आए हुए नौ मिनट हो चुके हैं।

टेबल के ठीक ऊपर, छत से चेन के सहारे, लगभग आठ फीट ऊपर दो कुर्सियां झूल रही हैं। मैं उनमें से एक की चेन को धक्का देता हूँ और उसे आगे-पीछे लहराते हुए और दूसरी कुर्सी से टकराते हुए देखता हूँ। उसकी आवाज़ पूरे तहख़ाने में गूँज रही है। किसी को इतनी बुरी तरह से बाँधने के लिए, आपको उनसे नफ़रत करना आवश्यक है। कोई दूसरा तरीक़ा हो ही नहीं सकता। मैं उस दिन को याद करने की कोशिश करता हूँ जब ट्विन टॉवर गिरे थे। मैं बहुत दुखी हूँ कि ऐसी घटना घटी। लेकिन वह किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि सामान्य नफ़रत थी। बेशक़, उस घटना को अंजाम देने वाले सभी लोग उस दुर्घटना में मारे गए, लेकिन क्या होता अगर वे ज़िंदा बच जाते? क्या इस तरह से सीआईए को उनको यातनाएँ देने से या फिर कुछ भी करने से, मुझे कोई आपत्ति होती?

मैं नहीं जानता।

मैं कंक्रीट के उन गहरे धब्बों की ओर फ़्लैशलाइट चमकाता हूँ।

“वहाँ कोई नाला नहीं है।”

मैं अपना सिर पीछे की ओर मोड़ता हूँ और मेरी सांस मेरे गले में ही अटक जाती है।

मैं फ़्लैशलाइट को, मुझे घूर रहे एक आदमी की ओर चमकाता हूँ।

“जब हमने यह जगह बनाई थी तो उन्होंने कहा कि फ़र्श पर प्लंबिंग का कोई भी काम नहीं किया जा सकेगा, इसलिए नाला नहीं है। इसलिए जब क़ैदियों का ख़ून बहता है — और यक़ीन मानो, उनका बहुत ख़ून बहता है — तो ख़ून को वहीं पर सूखने को मजबूर होना पड़ता है।”

“तुम घटिया हो,” मैं कहता हूँ।

निदेशक लेहाई अपने कंधे झुकाकर अस्वीकृति देते हैं।

“मैं परिणाम को बेहतर समझता हूँ।”

“तुमने मेरी माँ की हत्या की,” मैं कहता हूँ।

“मैंने गोली नहीं चलाई, लेकिन हाँ, मैंने ही मरवाया तुम्हारी माँ को।”

“किसने मारा?”

वह कहता है, “वो हमारे आधुनिक लड़ाकों में से कोई भी हो सकता है।”

“हत्यारे?”

“तुम्हें जो मन करे उस नाम से बुला सकते हो।”

मैं लेहाई के पिछले हिस्से में, पहली बार उभार देखता हूँ। मैं उस कमरे के चारों ओर देखता हूँ। वह मेरे ठीक सामने सीढ़ियों के रास्ते के एकदम बीच में खड़ा है।

मैं अपना कैमरा निकालता हूँ और उसकी दो तस्वीरें खींच लेता हूँ। अगर मेरे पास फ़ोन होता, तो मैं उसे ऑनलाइन अपलोड करने का नाटक कर सकता था, लेकिन मुझे आश्चर्य होगा अगर यहाँ फ़ोन का नेटवर्क आता भी होगा तो।

मैं फ़्लैशलाइट बंद कर देता हूँ ताकि हम दोनों अंधेरे के आगोश में आ जाएँ।

तीस सेकंड बीत जाते हैं। मैं लेहाई के फ़्लैशलाइट जलाने का इंतज़ार कर रहा हूँ।

लेकिन वह नहीं जलाता।

मैं चुपके से अपनी दाहिनी ओर तीन कदम बढ़ाता हूँ।

वह कहता है, “वो चेन वाला सुझाव तुम्हारी माँ का ही था।”

मैं सोच रहा हूँ कि कहीं उसे मेरी साँसों की आवाज़ सुनाई न दे रही हो।

“यह एकदम सच है। तुम्हारी माँ ने इस स्थान को बनाने मे अहम योगदान दिया था। इसीलिए इसे मदर्स बंकर कहा जाता है। वह थोड़ा रुकता है, "मैं मानता हूँ कि तुम्हें इसे समझाने के लिए थोड़ी भूमिका बांधनी पड़ेगी। तुम्हारी माँ का जन्म मैसिडोनिया में हुआ था, जहाँ की मदर टेरेसा हैं, मतलब थीं। तुम्हारी माँ का व्यवहार क़ैदियों के साथ बहुत अच्छा था, ख़ास कर तब जब वो उन्हें करंट या पानी से यातनाएँ देकर प्रताड़ित नहीं कर रही होती थी। उसकी करुणा देखकर किसी ने उसे मदर टेरेसा नाम दिया और तभी से, उसका वही नाम रह गया।"

मैं जानता हूँ कि वह मुझे झाँसा दे रहा है, ताकि मैं अपना स्थान उसे बता दूँ और वह मुझे पकड़ ले। मैं तिलमिला कर बस चिल्लाते हुए कहने ही वाला हूँ कि "मेरी माँ ने इन आदमियों को प्रताड़ित नहीं किया, वो ऐसा कर ही नहीं सकती! जिस दयालु और स्नेही महिला को मैं जानता था वो किसी के साथ ऐसा कर ही नहीं सकती।" लेकिन मैं ख़ुद को काबू में करता हूँ। अगर पिछले दो हफ़्तों में मुझे कुछ पता चला था तो वह बस यही था कि मैं अपनी माँ के बारे में कुछ भी नहीं जानता था।

“तुम्हारी माँ ने ही मुझे प्रशिक्षण दिया, बल्कि लगभग सभी को उसी ने प्रशिक्षित किया", लेहाई कहता है। वह अभी भी कमरे के बीचोंबीच है, अब मेरे बिल्कुल बायीं ओर।

मैं अनुमान लगा कर प्रवेश द्वार की ओर जल्दी से तीन कदम बढ़ाता हूँ।

“तुम्हारी माँ ने यातनाओं पर एक किताब लिखी थी। वास्तव में। उस किताब का नाम थाद पेन गेम । अब उस किताब की बस मुट्ठी भर कापियाँ ही शेष हैं, लेकिन कुछ समय के लिए, कम से कम रीगन के कार्यकाल के दौरान, सभी रंगरूटों को इसे पढ़ना अनिवार्य था? क्या तुम्हें पता है होंडुरस की सरकार ने तुम्हारी माँ को यातना देने का प्रशिक्षण देने के लिए एक लाख डॉलर दिए थे? और 1986 में यह बहुत बड़ी रकम होती थी। इतनी अच्छी थी तुम्हारी माँ।”

निदेशक की आवाज़ प्रवेश की तरफ़ बढ़ रही है। वह जानता है कि मैं क्या करना चाहता हूँ और मुझे रोकना चाहता है।

अगर मुझे यहाँ से बाहर निकलना है तो मुझे कुछ करना होगा, अभी।

मैं उसकी तरह सोचने की कोशिश करता हूँ। वह सोच रहा है कि मैं प्रवेश द्वार से बाहर निकलूँगा। और मैंने सोचा भी यही था, प्लान ए। लेहाई मेरे दोगुने आकार का है और उसके पास एक बंदूक है। और मुझे बिल्कुल भी शक़ नहीं है कि उसे प्रवेश द्वार से उसकी सटीक स्थिति का पता है। और इस बात पर भी मुझे बिल्कुल शक़ नहीं है कि उसने दरवाज़ा इसलिए बंद नहीं किया था क्योंकि उसके तीन एजेंट बाहर उसका इंतज़ार कर रहे थे।

मेरी एकमात्र उम्मीद है, उससे बंदूक छीनकर अपने काबू में करना।

इस समय कैमरे का मेरे लिए कोई उपयोग नहीं है और मैं उसे ज़मीन पर रख देता हूँ। मैं उन कुर्सी और टेबलों से बहुत अधिक दूरी पर नहीं हूँ। मैं फ़्लैशलाइट को अपनी कमर पर बाँधता हूँ और धीमे-से अपने हाथ आगे बढ़ाता हूँ। मैं दो कदम आगे बढ़ता हूँ। मेरा पाँव कुर्सी से टकराता है। हालांकि आवाज़ बहुत धीमी थी, लेकिन उस शांत कमरे में वह गूँज उठती है।

“तुम वहाँ पर क्या कर रहे हो?” निदेशक चिल्लाते हुए कहता है।

वह प्रवेश से लगभग पंद्रह फीट दूर है।

मैं पाँव से कुर्सी उठाता हूँ और अंदाज़े से उसकी दिशा में फेंक देता हूँ।

वह ज़मीन पर टकरा जाती है।

“गुस्सा, गुस्सा, मिस्टर बिन्स,” बेशक़ मेरे हमले से बेफ़िक्र, वह कहता है।

मैं एक और कुर्सी उठाकर गुस्से से उसकी दिशा में फेंकता हूँ, और फिर तीसरी कुर्सी, फिर मैं मुड़ता हूँ और चेन की तरफ़ भागता हूँ। मैं झटके से अपनी कमर से फ़्लैशलाइट निकालकर जलाकर देखता हूँ कि क्या पता उनमें से कोई कुर्सी लेहाई को लगी हो। लेकिन एक भी कुर्सी नहीं लगी। वह अपने पाँव पर खड़ा है, बंदूक उसके हाथ में है और, उसका हाथ उसकी कमर से ऊपर की ओर आ रहा है।

मैं फ़्लैशलाइट को बंद करता हूँ, चेन पकड़ता हूँ और छत के सहारे उसे ज़ोर-से घुमाता हूँ। उनसे दो खोखली आवाज़ें आती हैं और फिर एक के बाद एक भयानक आवाज़ें सुनाई देती हैं।

उन गूँजती हुई ध्वनियों के बीच, मैं जल्दी से एक हलचल करता हूँ और दूर वाली दीवार पर पहुँच जाता हूँ। मैं बिना कोई आवाज़ किए सौ फीट तक तब तक चलता हूँ, जब तक मैं प्रवेश के सबसे निकटतम कोने तक नहीं पहुँच जाता।

मेरा दिल बहुत ज़ोर-से धड़क रहा है और मैं अपनी कमीज़ से अपना मुँह ढक लेता हूँ ताकि मेरी साँसों की आवाज़ बाहर न आ सके।

मैं जानता हूँ कि लेहाई मेरे से बीस फीट से भी कम की दूरी पर है।

मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि तीस सालों तक जासूसी करने के बाद भी, मैं उसे आसानी से हरा दूँगा, लेकिन उसकी साँसें मेरी साँसों से भारी हैं।

“ज़रूरी नहीं है कि यह ऐसे ही ख़त्म हो, हम दोनों यहाँ से सुरक्षित बाहर जा सकते हैं”, वह कहता है और जैसे-जैसे वह दांये-बांये अपना सिर हिला रहा है, उसकी आवाज़ इधर-उधर घूम रही है। “मैं बस इतना चाहता हूँ कि तुम मुझे एक कागज़ पर लिखकर दे दो कि तुम इस जगह के बारे में कभी किसी से बात नहीं करोगे, और फिर तुम अपने रास्ते और मैं अपने।”

बकवास।

मैं एक और सांस लेता हूँ।

किसी भी समय।

एक और सांस।

किसी भी समय।.

मेरी घड़ी का अलार्म बज जाता है।

क़िस्मत अच्छी है कि घड़ी अब मेरी कलाई पर नहीं है।

जब मैंने चेन को झटका था, मैंने धीरे-से घड़ी को टेबल और कुर्सी की दिशा में फेंक दिया था।

मैं निदेशक को, उस आवाज़ की दिशा में अपने पाँव घुमाते हुए सुन सकता हूँ।

मैं पहले ही निकल पड़ा हूँ।

मैं फ़्लैशलाइट जलाता हूँ।

निदेशक पीछे की ओर मुड़ रहा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। मैं फ़्लैशलाइट को उसके चेहरे की दांयी तरफ़ मारता हूँ, वह बचने की कोशिश करता है, लेकिन फिर भी मैंने उसे एक ज़बरदस्त आघात दे दिया है और उस आवाज़ से पूरा कमरा गूँज उठता है।

लेहाई किसी तरह अपना हाथ निकालता है और मुझे ज़मीन पर पटक देता है। मेरा घुटना कंक्रीट के फ़र्श पर पड़ता है और मैं दर्द से कराह जाता हूँ, लेकिन मेरे दिमाग़ में अभी कुछ और ही चल रहा है। मुझे अभी बस बंदूक की परवाह है। क्या वह उसके हाथ से गिर गई? मुझे उसके ज़मीन पर गिरने की आवाज़ सुनने की याद नहीं है। मैंने सोचा था कि मैं फ़्लैशलाइट से उसके दांये हाथ पर वार करूँगा ताकि बंदूक उसके हाथ से छटक जाए, लेकिन अंतिम समय पर मैंने यह सोचकर अपनी रणनीति बदल दी कि मैं उसके सिर पर एक तेज़ प्रहार करके उसे अचेत कर दूँगा।

मैं ख़ुद को ऊपर उठाता हूँ।

फ़्लैशलाइट अभी भी काम कर रही है, और मेरे से दस फीट दूर फ़र्श पर अपनी रोशनी बिखेर रही है। और उसी रोशनी में, एक काली बंदूक भी जगमगा रही है।

मैं उसकी ओर कूदता हूँ।

जैसे ही वह मेरे हाथ में आती है, एक बड़ा-सा जूता मेरी उँगलियों को दबा लेता है। और फिर दूसरा जूता मुझे मेरे चेहरे पर आता हुआ महसूस होता है।

और उसके बाद लाइट बंद हो जाती है।

:12

“हेनरी ।”

मैं अपनी आँखें खोलता हूँ।

“हेनरी।”

निदेशक मेरे ऊपर खड़ा है, और पास पड़ी फ़्लैशलाइट से उसका चेहरा जगमगा रहा है। और उसके सिर पर बचे कुछ बालों पर, ख़ून लगा हुआ है।

“तुमने किस-किस को बतायाl?”

“किसी को भी नहीं,” जैसे ही मैं ये शब्द बोलता हूँ, मुझे एहसास होता है कि मैं टेबल पर पड़ा हुआ हूँ।

“मुझसे झूठ मत बोलो, तुम्हारी माँ ने तुम्हें बताया था कि वह कहाँ पर है।“ मेरे मुँह, आँख और नाक पर एक गीला बोरा रखा हुआ है। “और कौन-कौन जानता है?”

“इस जगह के बारे में? बस मैं,” मैं धीमे-से बोलता हूँ लेकिन मेरे चेहरे पर पानी गिराया जा रहा है।

मैं जानता हूँ कि सुनने में यह उतना भयानक नहीं लगता। ज़रा सोचिए, आपके चेहरे पर तौलिया रखा है और आपके ऊपर पानी गिराया जा रहा है, लेकिन यह है बहुत भयानक। ऐसा लगता है मानो आप डूब रहे हों और आप सांस नहीं ले पा रहे हों और हर सांस आपकी आख़िरी सांस होगी।

पानी थमता है।

बोरा हटाया जाता है।

मैं हांफ़ रहा हूँ।

फ़्लैशलाइट पीछे की दीवार पर झूल रही है और बंकर के कोनों तक रोशनी पहुंचा रही है। मैं अपनी आँखों से पानी हटाता हूँ और तिरछी नज़र से ऊपर की ओर देखता हूँ।

फिर से पानी, और ख़ॉफ़ का एक और दौर।

“तुमने अन्य ब्लैक साइटों के बारे में किसे बताया?”

“अन्य ब्लैक साइट? मैं सच में नहीं जानता कि तुम क्या बोल रहे हो।” मैं गिड़गिड़ाते हुए कहता हूँ। मैं पानी का एक और दौर नहीं झेल सकता। मैं उससे बचने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ। “मुझे उन्होंने सिर्फ़ यही निर्देशांक दिए थे, तुम्हें मुझ पर यक़ीन करना होगा।”

“जानते हो क्या? तुम्हारी माँ के अंतिम क़ैदी ने भी यही शब्द बोले थे, तुम्हें मुझ पर यक़ीन करना होगा,“ वह मेरा मज़ाक उड़ा कर कहता है। “मैं मानता हूँ, वह थोड़ा छोटा था, शायद पंद्रह साल का, लेकिन उसके भाई ने नौ लोगों को उड़ाया था। तुम्हारी माँ जानती थी कि इस बच्चे को पता था कि उसका भाई और उसके गिरोह के अन्य सदस्य बम कहाँ बनाते थे। और चाहे कुछ भी हो जाए, सीधी उंगली से या फिर टेड़ी करके, वह यह जानकारी बाहर निकलवाने वाली थी।”

मेरी दायीं बाँह ऊपर उठाई जाती है। कसने की आवाज़ आती है। फिर बायीं बाँह। फिर कसने की आवाज़। मेरे नीचे की मेज़ को लात मार कर दूर कर दिया जाता है, और अब मैं अपने डेढ़ सौ पौंड के वज़न के साथ बस अपनी कलाइयों के सहारे झूल रहा हूँ।

मेरी कलाइयां दर्द से तिलमिला उठती हैं और मुझे ज़मीन पर पाँव टिकाने में दस सेकंड का समय लगता है।

“पाँच दिन। पाँच दिनों तक उस बच्चे के साथ यही किया गया, लेकिन वह एक भी शब्द नहीं बोला। मुझे याद है, मैंने तुम्हारी माँ से कहा था, कि यह बच्चा कुछ नहीं जानता, लेकिन उसने मेरी एक ना सुनी। वह उनको यातनाएँ देती रही। बच्चे के नाखून निकाले, उन्हें करंट लगाया और जो बुरा से बुरा हो सकता था सब किया। नींद की कमी, और बिल्कुल, वो भी जिसके बारे में तुम बहुत अच्छी तरह से जानते है, नींद प्रवर्धन ।”

“तुम क्या बक रहे हो?” मैं चिल्लाते हुए कहता हूँ।

“तुम्हें क्या लगता है कि तुम जैसे हो वैसे क्यों हो? क्यों तुम दिन में बस एक ही घंटे जगे रहते हो? मुझे नहीं लगता कि तुम सोचते हो कि यह कोई बीमारी है, हैं ना? इसे क्लासिकल कंडीशनिंग कहा जाता है। ”

“तुम्हारा कहने का मतलब है कि ये सब मेरी माँ ने मेरे साथ बचपन में किया था? और इसीलिए मैं ऐसा हूँ?”

वह मेरे पेट में मुक्का मारता है।

“तुम उसके पहले टेस्ट सब्जेक्ट थे।”

मैं उल्टी करने लगता हूँ। मुझे नहीं पता कि यह मेरे पेट पर पड़े उस आघात की वजह से है या फिर उस बात की वजह से जो लेहाई ने मुझे अभी-अभी बताई।

“उस बच्चे ने कभी अपना मुँह नहीं खोला। एक महीने तक दिन में एक बार जागने के बाद भी वह अपनी ही कहानी कहता रहा, लेकिन फिर उसकी हृदय गति रुक गई। चार दिन बाद हम एक और बच्चे को उठाकर लाए। वो जानता था कि बम कहाँ बनाए जाते थे। लेकिन वो यह भी जानता था कि उसका भाई — जिसे तुम्हारी माँ ने मारा था — कुछ नहीं जानता था। उसे बस इतना पता था कि उसने अपने भाई को कई सालों से नहीं देखा था। और उसने बार-बार यही कहा।”

मैं सोच नहीं पा रहा हूँ, मेरा दिमाग़ फट रहा है।

“तुम्हारी माँ फिर कभी पहले जैसी नहीं रही,” वह कहता है। “उसके अंदर भूत सवार हो गया।”

उसने मेरे मुँह पर इतना तेज़ मुक्का मारा कि मेरे सामने सब कुछ धुँधला-सा हो गया।

“उसने कहा कि वह ओबामा के पास जा रही है, उन्हें यह बताने कि हम अभी भी अवैध ब्लैक साइटें संचालित कर रहे हैं। और उनमें से एक, ठीक उनकी नाक के नीचे वर्जिनिया में स्थित है। और सीआईए कार्यकर्ताओं का एक समूह, दुश्मन लड़ाकों की मौत की झूठी ख़बर फैलाकर उन्हें चुपके से यू एस में ला रहा है।”

पेट पर एक और मुक्का।

“तुम ख़ुद से आवाज़ नहीं उठाते हो,” वह कहता है। “वो जानती थी कि आगे क्या होगा, इसलिए वो भाग गई। लेकिन हम उसके मुँह खोलने का जोखिम नहीं उठा सकते थे। इसलिए हमने अपनी इस व्यवस्था को बंद कर दिया। हमें नई जगह पर इस वैटिकन को शुरू करने में पंद्रह महीनों का समय लगा।”

“तुमने वैटिकन कहा?” मैं अपनी बची-खुची ताक़त लगाते हुए धीमे-से कहता हूँ।

वह सिर हिलाता है।

“अगर मेरा अनुमान सही है, तो अगर वो लोग मेरी माँ को मदर टेरेसा कह कर बुलाते थे, तो तुम हुए—”

“पोप।”

मैं इंग्रिड के एसएमएस को याद करता हूँ।

अभी-अभी एक नया केस मिला है...एक सीरियल किलर का...जो ख़ुद को पोप नाम से बुलाता है।

मैं पिछले दो हफ़्तों में घटी सारी घटनाओं को याद करने की कोशिश करता हूँ।

मैं इतना अँधा कैसे हो सकता था?

लेकिन मुझे उम्मीद की एक किरण अभी भी दिखाई दे रही है।

मैं अभी मरा नहीं हूँ।

“तुम ऐसा कैसे कह सकते हो कि मेरी माँ को इस जगह के बारे में पता भी था?” मैं पूछता हूँ।

“हमें लगता है कि हमारी टीम के एक सदस्य को तुम्हारी माँ ने पकड़ लिया था। और इससे पहले कि हम उसे शांत कर पाते वो तुम्हारी माँ को वैटिकन के स्थान के बारे में बता चुका था।”

“शायद उन्हें पता हो न हो। और होगा भी, तो उन्होंने मुझे कुछ नहीं बताया।”

वह मेरी ओर घूरता है।

“तुम सच बोल रहे हो?”

“हाँ।”

“हे भगवान! उसने तुम्हें नहीं बताया?”

“नहीं।”

“कहाँ पर है वो?”

वह चिल्लाकर पूछता है।

“क्या अब्दुल अल-रहमीन वहाँ पर हैं?”

“देखना ज़रा, तुम अपनी तैयारी कर रहे हो। नहीं, दुर्भाग्यवश वो वहाँ तक नहीं पहुँच पाया।”

“मर गया?”

वह सिर हिलाता है।

“लेकिन उसके दस दोस्त वहाँ हैं। और उनके द्वारा दी गई ख़ुफ़िया जानकारियों ने हमें अल-क़ायदा के एक प्रशिक्षण शिविर में घुसपैठ करने और संभवतः मिनियापोलिस शहर के केंद्र पर बमबारी को रोकने में मदद की।”

“क्या वैटिकन भी इसी की तरह ज़मीन के नीचे है?”

वह इधर-उधर देखता है। अपनी कमर से बंदूक निकालता है। मैं सोच रहा हूँ कि वह यह बात ट्रिगर दबाने के पहले बताएगा या बाद में।

“बिल्कुल है।”

वह मुझे बताना चाहता है। किसी को बताना चाहता है।

“यहाँ वर्जिनिया में?”

वह सिर से ना में इशारा करता है। “नहीं, पश्चिम की ओर।”

“पश्चिमी वर्जिनिया?” मैं ज़ोर-से पूछता हूँ।

“हाँ।”

मैं उम्मीद करता हूँ कि वे दरवाज़ा तोड़ते हुए अंदर घुसेंगे। लेकिन वे नहीं आते। उन्हें और अधिक ब्यौरों की ज़रूरत है।

मैं अपने दिमाग़ पर ज़ोर देता हूँ। अंडरग्राउंड। पश्चिमी वर्जिनिया।

“मेरे अंदाज़े से, एक छोड़ी हुई कोयले की खदान?”

वह मुस्कुराता है।

“वॉल्टन, पश्चिमी वर्जिनिया। सीधे खदान को खरीदा। एक कोयले से लदे ट्रक की आड़ में क़ैदियों को वहाँ पहुँचाया। किसी को भनक तक नहीं लगी। और अगर लग भी जाएगी, तो हम आसानी से दो डायनामाइट की छड़ियों से उसे पल भर में चीथड़ों में उड़ा देंगे।”

मैं पूरी बात सुनता हूँ और फिर एक गहरी सांस छोड़ता हूँ।

“ठीक है, अब तुम लोग अंदर आ सकते हो,” मैं चिल्लाता हूँ।

वह उलझन में दिख रहा है।

“तुम किस बारे में बात कर रहे हो?”

मैं एक बंकर के कोने की ओर इशारा करता हूँ, जहाँ पर फ़्लैशलाइट के बाहरी कोने पर एक छोटा-सा वीडियो कैमरा लगा है।

“तुम टीवी पर हो, बेवकूफ़ गधे।”

तीन सेकंड बाद, चहलकदमी की आवाज़ आती है।

मुझे तेज़ी से हमारी तरफ़ आते उस समूह को देखने की ज़रूरत नहीं है, मैं जानता हूँ कि उनमें से एक राष्ट्रपति हैं और एक इंग्रिड।

कमरा रोशनी से जगमगा जाता है।
 
“बंदूक नीचे फेंको! हैंड्स अप!” कोई चिल्लाता है।

लेहाई दोनों करता है।

“हेनरी, हे भगवान!” इंग्रिड हथकड़ियों से मेरे हाथ बाहर निकालती है और मैं नीचे गिर जाता हूँ।

“मैं पहले अंदर आना चाहती थी, लेकिन इन लोगों ने मुझे अंदर नहीं आने दिया,” वह कहती है। उसकी आँखों से आँसूओं की बाढ़ बह रही है। “उन्होंने तब तक मुझे अंदर नहीं आने दिया जब तक उसने दूसरी साइट का नाम नहीं बताया।”

कोई मुझे खड़ा होने में मदद करता है। वह कोई और नहीं स्वयं राष्ट्रपति हैं। “मैं बहुत शर्मिंदा हूँ,” वे कहते हैं। “मुझे नहीं पता था ये यहाँ तक पहुँचेगा। तुमने अपने देश के लिए बहुत महान सेवा दी है। मैं इसे कभी नहीं भूलूँगा।”

“क्या समय हुआ है?” मैं धीमे-से कहता हूँ।

“3:57,” मेरी पीठ पर हाथ फिराते हुए, इंग्रिड कहती है।

मैं अभी भी अचंभित हूँ।

मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ। काले कपड़े पहने हुए तीन आदमी, लेहाई पर अपनी बंदूक ताने खड़े हैं। मैं उसकी ओर देखता हूँ। “और दोस्तों, क्या हाल हैं?”

मुझे चक्कर आ रहे हैं।

राष्ट्रपति लेहाई की ओर मुड़ते हैं। “जब मैंने तुम्हें सीआईए के निदेशक के रूप में नियुक्त किया था, तो मैंने तुम्हें पहले ही बताया था कि मैं इस तरह की कोई भी दकियानूसी बात सहन नहीं करूँगा और फिर मुझे यह पता चलता है कि तुम मेरी ही नाक के नीचे एक ब्लैक साइट बना कर चला रहे हो।”

“तुम्हें बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं है कि इस देश की रक्षा करने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है,” लेहाई कहता है। “तुम्हें बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं है कि हमारी जंग किससे है, तुम बस अपने छोटे-से ऑफ़िस में बैठकर अध्यादेशों पर दस्तख़त करते हो जिनसे मासूम अमरीकी मरते हैं। बेहतर होगा तुम ख़ुद ही उन्हें गोली मार दो।”

निदेशक अपनी बकवास जारी रखता है, और मैं बस इंग्रिड को घूरता रहता हूँ।

मैंने सोचा कि मैं वैसे कभी महसूस नहीं कर पाऊंगा जैसे मैंने उस दिन किया था जब मुझे यह एहसास हुआ था कि माँ कभी वापिस नहीं आने वाले।

वह विश्वासघात।

“तुम्हें लेटना होगा, हेनरी।”

मैं उसके शब्द नहीं सुन सकता।

उस एहसास को दोबारा महसूस करने की बजाय मैं फिर से गीले तौलिये से प्रताड़ित होना पसंद करूँगा।

मेरी आँखों के बंद होने से ठीक पहले उनसे एक आँसू निकलता है।

:13

फ़ोन बजता है ।

“फिर उसी का फ़ोन है,” मैं लैसी को बताता हूँ।

म्याऊँ ।

“नहीं, मैं फ़ोन नहीं उठाने वाला।”

म्याऊँ ।

“मुझे फ़र्क नहीं पड़ता अगर तुम्हें उसकी याद आ रही है।”

म्याऊँ ।

“अच्छा बाबा ठीक है, मुझे फ़र्क नहीं पड़ता अगर मुझे उसकी याद आ रही है। दोस्त, उसने मुझसे झूठ बोला। उसने मुझे बंदी बनवाया।”

म्याऊँ ।

“तुमने क्या मेरी कलाइयां नहीं देखीं?” मैं अपनी कलाई उसकी तरफ़ घुमाता हूँ। उन पर अभी भी नील पड़ा हुआ है। “और उसने मुझ पर यातनाएँ भी होने दीं।”

म्याऊँ ।

“बड़ी बात? हाँ, ये बहुत बड़ी बात है। यहाँ आओ, मैं तुम्हें दिखाऊँगा कि यह कैसा लगता है। ”

मैं उसके भागने से पहले उसे पकड़ता हूँ और सिंक की ओर ले जाता हूँ। मैं नल खोलता हूँ और उसे उसके नीचे रख देता हूँ। मैं पाँच सेकंड तक उसका सिर पानी में रखता हूँ और फिर बाहर खींच लेता हूँ।

वह मुस्कुरा रही है।

म्याऊँ ।

“मज़ा आया?”

म्याऊँ ।

वह यह दोबारा करना चाहती है।

मैं वापिस उसका सिर वहीं डाल देता हूँ।

वो मुझे इसे तीन-चार बार करने को मजबूर कर देती है।

मैं उसे सुखाता हूँ और इसके माथे पर एक चुम्मी देता हूँ। “कितनी अजीब हो तुम।”

फ़ोन फिर से बजता है।

और एक बार फिर।

जब मुझे प्रताड़ित किया गया था तब से एक हफ़्ते से अधिक समय बीत चुका है। इंग्रिड और राष्ट्रपति दोनों ने मुझे लगातार कॉल किया था। इंग्रिड ने दो बार यहाँ आने की कोशिश की थी, लेकिन मैंने ताले बदल दिए थे।

दरवाज़े की घंटी बजती है।

मैं लंगड़ाते हुए दरवाज़े की तरफ़ जाता हूँ, हर एक कदम पर, मेरा घुटना कराह रहा है। मैं कहता हूँ, “चले जाओ।”

घंटी फिर से बजती है।

“चले जाओ।”

मैं दरवाज़े पर चाबियों के खनकने की आवाज़ सुन सकता हूँ। शायद वह ताला खोलने की कोशिश कर रही है।

“ये काम नहीं करेगी।”

दो सेकंड बाद, दरवाज़ा खुलता है।

“ये क्या —”

रेड और राष्ट्रपति महोदय बाहर खड़े हैं। रेड अपनी चाबियों के गुच्छे को जेब में डालता है और कहता है, “सॉरी।”

“तुम मेरा फ़ोन नहीं उठा रहे हो,” फिर से एक जीन्स और रेडस्किन्स की हूडी पहने, सलिवन चिल्लाते हैं।

“मैं सुनना ही नहीं चाहता कि आपको क्या कहना है।”

“मुझे कुछ बातें बतानी हैं तुम्हें। इससे मैंने जो किया उस पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा, लेकिन इनसे तुम्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि इन्हें करना क्यों ज़रूरी था।”

लैसी, राष्ट्रपति के पास जाती है और उनके पाँव से लिपट जाती है।

“मत करों,” मैं भागते हुए जाता हूँ और जाकर उसे पकड़ लेता हूँ।

म्याऊँ।

“क्योंकि इनकी वजह से मुझे यातनाएँ झेलनी पड़ी थीं।”

म्याऊँ।

“नहीं, वो तुम्हारे लिए इस वक़्त ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे,” मैं उसे नीचे रखता हूँ, “जाओ बिस्तर पर बैठ जाओ।”

वह बैठ गई।

“तुम अपनी बिल्ली से बातें करते हो?” राष्ट्रपति हैरान होते हुए कहते हैं।

मैं उन्हें अनदेखा कर देता हूँ। “आपके पास पाँच मिनट हैं।”

मैं अपने फ़ोन की ओर देखता हूँ।

3:16 बज रहे हैं।

राष्ट्रपति अपना गला साफ़ करते हुए कहते हैं, “याद है जब मैं पोकर खेलने आया था?”

मैंने सर हिला कर हामी भरी।

“उस दिन से कुछ दिनों पहले, रेड तुम्हारे फ़्लैट में अपने छोटे-से गैजेट के साथ घुस गया था।”

“क्यों?”

“मानक सुरक्षा जांच,” रेड गाते हुए कहता है, “ये द यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के राष्ट्रपति हैं।

“एकदम सही।”

“यह एक नियमित काम है, जिसे हम राष्ट्रपति के दौरों के पहले हर जगह करते हैं।”

“जैसे क्या?“

“बग, बंदूकों और सर्वेलेंस की जाँच करना।“

“ठीक है, मेरे पास ऐसा कुछ भी नहीं हैं।”

“ग़लत।”

“क्या?”

“तुम्हारे घर को किसी ने बग किया था?”

“मैं जानता हूँ, कुछ हफ़्तों पहले।”

“नहीं“, राष्ट्रपति बोले, अपना सर हिलाते हुए। “हम कुछ महीनों पुरानी बात कर रहे हैं।”

“क्या आपको यक़ीन है?”

"हाँ", रेड का यही कहना है। लेकिन वो कोई आम लोग नहीं थे, वो बहुत उम्दा और काबिल लोग थे, एकदम उच्च श्रेणी के।

“ठीक है।”

“हमने यह सोच कर वो निशान ढूँढने की कोशिश की कि कुछ जानकारी सामने आएगी, और हमें ऐसी जानकारी मिली जो एक ऐसे व्यक्ति की ओर इशारा करती थी जिनमें हमें दिलचस्पी थी।

मैं आह भरते हुए कहता हूँ। “मेरी माँ।”

“एलेना जानेव,” वे सिर हिलाते हुए कहते हैं। “ज़ाहिर तौर पर, वो पिछले कई वर्षों से तुम पर नज़र रख रही थीं।”

पता नहीं क्यों, यह सुन कर कि मेरी माँ मुझ पर निगरानी रख रही थीं, मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई।

“ऐसा पता चला है कि सीआईए ने तुम्हारी माँ की हत्या के आदेश छः वर्ष पहले दे दिए थे।”

मैं हामी भरता हूँ, “लेहाई ही इस सब के पीछे था, उसी ने उन्हें मरवाया।”

रेड और राष्ट्रपति एक दूसरे की ओर देखते हैं।
 
“बिल्कुल नहीं,” सलिवन कहते हैं।

“क्या मतलब है आपका?”

“मैं बताता हूँ।” वे गहरी सांस लेते हैं। “जब हमने जाँच-पड़ताल की और हमें पता चला कि तुम्हारी माँ कौन हैं, तभी रेड ने कुछ और तहक़ीक़ात भी की। उसने एडवांस्ड सर्वेलेंस एंड ट्रैकिंग से तुम्हारे सारे ईमेल स्कैन किए।”

“इसका मतलब आप जानते थे कि मैं उन्हें ढूँढ रहा था?”

“बिल्कुल। और जैसा तुमने कहा, बस तुम ही नहीं ढूँढ रहे थे। एक वर्ष पहले, राष्ट्रपति ओबामा मेरे पास आए थे। उन्होंने कहा कि जब वे ऑफिस में थे तो कोई चीज़ चुपके से दरार के बीच से गिरी थी। वो एक पत्र था। तुम्हारी माँ के द्वारा लिखा गया एक पत्र जो सीआईए के कार्यरत एक्स्ट्राआर्डिनरी रेंडीशन प्रोग्राम के बारे में था। एक ब्लैक साइट थी, जो ठीक हमारी नाक के नीचे वर्जिनिया में संचालित की जा रही थी। अगर यह सूचना सार्वजनिक हो जाती, तो पुनर्निर्वाचन तो दूर की बात, मेरे विरुद्ध महाभियोग हो सकता था। अमरीकी ज़मीन पर एक टार्चर साइट? डेमोक्रेट्स, एक सप्ताह के अंदर मुझे मेरी कुर्सी से हटने पर मजबूर कर देते।”

“तो आपने लेहाई से इस बारे में बात क्यों नहीं की?”

“उस पत्र में, तुम्हारी माँ ने लिखा था कि वहाँ एक से अधिक ब्लैक साइट थी। मैं जानता था कि अगर मैं आवाज़ उठाऊँगा तो दूसरी ब्लैक साइट का कभी पता नहीं चल पाएगा।”

मैं हामी भरते हुए सिर हिलाता हूँ।

“इसलिए जब हमें पता लगा कि यही महिला तुम्हारी माँ हैं, तो हमें ऐसा करना पड़ा। ये एक रात में नहीं हुआ। मुझे अलग-अलग विभागों और संस्थाओं से लोगों को लाना पड़ा, गृह सुरक्षा, सीआईए…”

“इंग्रिड,” मैं कहता हूँ।

मैं उस मुलाक़ात के बारे में सोचता हूँ जो इंग्रिड और राष्ट्रपति जी के बीच में हुई थी। वही बैठक जिसके बारे में उसने मुझसे झूठ बोला था। वही मुलाक़ात जिसके बारे में राष्ट्रपति जी ने मुझसे झूठ बोला था।

“हमने एक लाश रखवा दी थी,” इंग्रिड को किनारे करते हुए उन्होंने कहा। “एक ऐसी महिला की लाश जिसकी दिमाग़ की नस फटने के कारण, दो दिन पहले ही मौत हो गई थी। रेड की बदक़िस्मती बस इतनी थी कि उसे इस मृत महिला के सिर में एक गोली दागनी थी।”

मैं रेड की तरफ़ देखता हूँ। वह इससे बिल्कुल भी खुश नहीं है। वह नज़रें हटा लेता है। उसे इस कृत्य पर बिल्कुल भी गर्व नहीं है।

मैं उसे दोष नहीं दे सकता।

“फिर उसने उसे पोटोमैक में फेंक दिया। फिर हमने चीज़ों को ख़ुद बख़ुद होने दिया। मैंने गृह सुरक्षा विभाग में अपने आदमी को तुम्हारी माँ को रेड फ़ोर फ़्लैग करने को कहा और तुम्हारी माँ के उँगलियों के नक़ली निशान बनवाए और उनका मिलान करवाया। बेशक़, एएसटी को इसकी भनक लग गई और उन्होंने तुम्हें ईमेल भेज दिया।”

“और तब से मैं तुम्हारी कठपुतली बन गया।”

“हो न हो, यही सच है।”

“वो एमेज़ॉन का आईडिया किसका था?”

राष्ट्रपति रेड की तरफ़ अपना सिर घुमाते हुए देखते हैं।

“वो इतना सही तरीका था, किसी को भी जानकारी देने का, ख़ुफ़िया भी और साथ ही साथ प्रत्यक्ष भी।”

“मेन इन ब्लैक ?”

राष्ट्रपति मुस्कुराते हैं, “मेरा आईडिया।”

मैं उन्हें मारना चाहता हूँ।

“और फिर, मुझे अनुमान लगाने दीजिए, आप इंग्रिड को बुलाते हैं। आप कोई मेरे करीबी को अपनी टीम में चाहते थे जो एक दो सुराग़ देकर मुझे आपके बिछाए जाल पर चलने को मजबूर कर दे।”

मैं इंग्रिड के एसएमएस की याद करता हूँ: मेन इन ब्लैक 2 मत देखना, उसके रिव्यू बहुत ख़राब हैं।

अगर उसने वह एसएमएस नहीं भेजा होता, तो मैं एमेज़ॉन पर कभी रिव्यू नहीं देखता। एक करोड़ सालों में भी कभी नहीं।”

“यही हमारी असली परीक्षा थी कि हमारा बिछाया जाल काम करेगा या नहीं। जब इंग्रिड ने गृह सुरक्षा के अपने संपर्कों से बात की और जब उसने उसे रेड फ़ोर फ़्लैग के बारे में बताया, तभी हमें पता लगा कि यह जानकारी सही लोगों को लीक हुई थी। फिर उसकी अगली सुबह मैं इंग्रिड से मिला और हमने उसे वह सब कुछ बता दिया जो उसे जानने की ज़रूरत थी।”

“शहर की चाबी?” मैं पूछता हूँ।

“उस समय मेरे दिमाग़ में यही आया।”

और बेशक़, जब उन्होंने मुझे बताया कि वे इंग्रिड से क्यों मिले थे, उसके बाद उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दोनों की कहानियां मिलती हों। और फिर इंग्रिड ने मुझसे दोबारा झूठ बोला।

मैं सोच रहा हूँ कि क्या राष्ट्रपति मेरे ख़ून को खौलता हुआ देख पा रहे हैं या नहीं।

“आपको कैसे पता लगा कि मैं आपके रास्ते पर ही चलूँगा?”

“मुझे नहीं पता था, लेकिन तुमने वही किया जो मैं चाहता था।”

“और आपको यह कैसे पता लगा कि मैं दिस मूवी रॉक्स और ग्लोबल जियोलॉजिस्ट अनलिमिटेड के बीच में कोई रिश्ता ढूंढ लूँगा?”

“एडवांस्ड सर्वेलेंस के साथ तुम्हारे पत्राचार से। तुम्हारे शुरुआती ईमेल में तुमने कई बार जीजीयू का ज़िक्र किया था। वे आगे कहते हैं, “यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे हमने रातोंरात किया हो।”

“और इंग्रिड की क्या भूमिका थी?”

“वो इसमें शामिल नहीं होना चाहती थी, लेकिन मैंने उससे कहा कि अपने देश के लिए उसे यह करना होगा।”

लेकिन यह मेरी बदले की प्यास नहीं बुझाता जो मेरे सीने में हफ़्तों से जल रही है।

“उसने लीहाई का हफ़्तों तक पीछा किया।”

मैंने इसका अनुमान पहले ही लगा लिया था। जब लेहाई ने कहा कि वो लोग उसे पोप के नाम से बुलाते थे, तभी मेरा माथा ठनका।

“और वो दो आदमी कौन हैं जिन्होंने मेरे घर में वो उपकरण लगाए थे?”

“वो लेहाई के आदमी थे।”

“और लेहाई के साथ कार में वो मुलाक़ात?”

“उसके लिए माफ़ी चाहूँगा, मैं बस अपनी भूमिका निभा रहा था, ठीक वैसे ही जैसे तुम अपनी भूमिका निभा रहे थे।”

“तुम्हें प्रताड़ित नहीं किया गया।”

“मुझे फिर से माफ़ कर दो, मैं नहीं जानता था कि यह इतने आगे जाएगा,” वे कहते हैं, जो अकृत्रिम लगता है। वे आगे कहते हैं, “ख़ैर, मैं जानता हूँ कि रेड फ़ोर का क्या मतलब होता है।”

“हाँ, मैं भी वही सोच रहा था।”

वे बनावटी हंसी हँसते हैं।

मैं पूछता हूँ, “और आप लोगों ने वीडियो कैमरा कब लगवाया?”

“छः हफ्ते पहले,” वे रेड की ओर सिर हिलाते हुए कहते हैं।

“तुमने उस पर अच्छा काम किया था और उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि कोई भी वर्षों से वहाँ नहीं रहा था। ”

रेड कहता है, “हाँ, मैंने पत्तियों का इंतज़ाम करने में तीन घंटे लगाए।”

“एक सच्चा कलाकार।”

वह हँसता है। मुझे उस पर गुस्सा नहीं आ रहा है।

“आपको कैसे पता लगा कि निदेशक वहाँ ज़रूर आएगा?” मैं सलिवन से पूछता हूँ।

“उन्होंने बस तुम्हारे घर को ही बग नहीं किया था।”

“मेरे पास मेरा फ़ोन नहीं था।”

वे अपना सिर हिलाते हैं।

मैं अपनी ओर इशारा करता हूँ।

“मुझ पर? उन्होंने मुझ पर बग लगाया था?”

“अपने पाँव के तलवे पर देखो,” रेड कहता है।

मैं कुर्सी पर बैठता हूँ। मैं अपना मोज़ा खोलता हूँ और अपना पाँव ऊपर उठाता हूँ। तलवे पर, एक छोटा-सा पारदर्शी गोला है।

“यह एक ट्रैकिंग उपकरण है?”

“लेटेस्ट और बेस्ट।”

मैं उसे निकालता हूँ और कूड़े के डिब्बे में फेंक देता हूँ।

“तो अब क्या?”

“हम अदालत में लेहाई के ऊपर मुकदमा नहीं चला सकते। मैं नहीं चाहता कि जनता को यह पता लगे कि हम पिछले छः सालों से दुश्मन लड़ाकों को अमरीकी धरती पर प्रताड़ित कर रहे हैं।”

“तो, मतलब, वो इससे बच कर निकल जाएगा?”

“नहीं।”

“इसका क्या मतलब है?”

“वैटिकन।”

“मुझे अनुमान लगाने दीजिए, वहां सब कुछ ढह चुका था।”

वे हामी भरते हैं।

“और लेहाई उसके अंदर था?”

वे फिर से सिर हिलाते हैं।

“और उन सारे क़ैदियों का क्या?”

“हम उनके मुँह खोलने का जोखिम नहीं उठा सकते थे।”

“तो उनको मरवा दिया?”

“बाकी सबके लिए वो पहले ही मर चुके थे।”

“तो यह करके आप कौन-सा लेहाई से भले हो गए?”

“लेहाई के बारे में चाहे कुछ भी कहो, लेकिन उस आदमी ने नतीजे दिए हैं। मेरे कार्यकाल के दौरान ही उसने हमें दो आतंकी हमलों से बचाया, और शायद यह ब्लैक साइट के कारण था। लेकिन कूटनीति के इस नए दौर में, कुछ दायरे ऐसे हैं जिन्हें कभी पार नहीं किया जा सकता। अगर आम जनता को ब्लैक साइट्स के बारे में पता लग गया होता, तो सीआइए की बहुत कड़ी निंदा होती, संभवतः वह बंद हो जाता और हमें उसकी ज़रूरत है। वो आतंक के विरुद्ध हमारे युद्ध में सबसे अग्रणी हैं।”

“और आप दोबारा कभी निर्वाचित नहीं होते।”

“वो भी है,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

“और इंग्रिड?”

“तुम ये जान लो, उसने तब भी मदद के लिए मना कर दिया था, जब मैंने उससे ये उसके देश के लिए करने को कहा। उसने कहा कि उसने जिस आदमी से प्यार किया है उससे झूठ नहीं बोलेगी।“

प्यार किया है?

“उसने ये इस वजह से किया क्योंकि मैंने उससे कहा था कि अगर वो ऐसा करेगी तो मैं तुम्हें यह दूँगा।”

राष्ट्रपति ने अपनी पैंट के पीछे से एक लाल फ़ोल्डर निकाला और मुझे थमा दिया।”

“ये तुम्हारे माँ की फ़ाइल है।”

मैं अपने हाथों में रखे फ़ोल्डर को ग़ौर से देखता हूँ।

“इससे पहले तुम इससे खोलो, मैं तुम्हें सावधान करना चाहता हूँ कि इस फ़ाइल में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”

वे और रेड दरवाज़ा खोलते हैं और चले जाते हैं।

मैं उस फ़ोल्डर को घूरता हूँ।

“मैं उस बात को सोचता हूँ जो निदेशक ने कहा, जिसके बारे में मैं लगातार पिछले हफ़्ते से सोच रहा हूँ। तुम्हें क्या लगता है तुम ऐसे कैसे हो गए? ऐसा क्यों है कि तुम बस एक ही घंटा जागते हो। शायद तुम नहीं मानते कि यह कोई बीमारी है, हैं ना? इसे क्लासिकल कंडीशनिंग कहते हैं। तुम उसके पहले टेस्ट सब्जेक्ट थे। ”

और बस इतना ही नहीं।

अगर वे औरत जिसे पोटोमैक से निकाला गया मेरी माँ नहीं थी।

तो इसका मतलब कि वे अभी भी ज़िंदा हैं।

end
 
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