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बुढ़ऊ फुसफुसाया,”बाथरूम में २-३ बार नंगे नहाते हुए भी देखा है, एक बार जब मेरा लड़का १०-१२ दिन के लिए बाहर गया हुआ था तो बाथरूम में उसे चूत में मोमबत्ती डालते हुए भी देखा था। साली को चोदने का मन तो करता है लेकिन शराफत भी तो कोई चीज़ है।”
मौसी उधर से निकली और बुड्ढे की तरफ देखती हुई बोली।”चचा दूध ही मसलते रहोगे या कुछ और भी करोगे? थोड़ा इसकी सुरंग में ऊँगली करो, मज़ा आ जायेगा।”
ताऊ की उँगलियाँ अब मेरा चूत के होटों पर फिसल रही थीं। एक मिनट बाद ही ताऊ ने अपना पानी छोड़ दिया जिसकी धार मेरे हाथ और पेट पर जाकर गिरी। ताऊ के १० मिनट पूरे होने वाले थे। पिंटू बोला,”ताऊ टाइम हो गया है, और देर तक कुतिया को मसलना है तो १००० रु निकालो !”
ताउ मुझे हटा कर अपनी पैन्ट ऊपर चढ़ाते हुए बोला,”और पैसे नहीं हैं, वो राजू की अम्मा बटुआ भूल गई थी, उसमें से २००० रूपये निकाल लाया था ! सिर्फ २०० रु बचे हैं। साली कुतिया बहुत मजा दे रही है। तू मौसी से बोल २०० रूपये में लौड़ा चुसवाने दे बाकी बाद में दे दूंगा !”
पिंटू बोला,”नो पैसा, नो मजा ! अब जाओ फिर बाद में आना लाइन में और लगे हैं !”
रंडियों की मसलाई जोरों पर थी। दो रंडियों की चूत में लौड़ा भी घुसा हुआ था उनके कस्टमर उनको सबके सामने चोद रहे थे। मोनी के सेठ ने एक ५० की गड्डी पिंटू की तरफ बढ़ा दी और बोला,”साली की चूत चोदनी है !”
पिंटू ने एक कंडोम का पैकेट उसकी तरफ बढ़ा दिया और बोला,”ले सेठ १५ मिनट में कुतिया को निपटा दियो, वरना ५००० और देने पड़ेंगे !”
सेठ ने अपना लौड़ा मोनी की चूत में फिट कर दिया और उसकी चुदाई शुरू कर दी। मोनी सहित तीन रंडियाँ डांस हाल में चुद रही थीं। ३ की मसलाई सोफों पर हो रही थी। मैं काउंटर पर नंगी खड़ी थी। इतनी देर तक हाल में नंगी खड़ी होने से मेरी शर्म बिलकुल ख़त्म हो गई थी। मैं अपने को रंडी मान चुकी थी मेरा मन लौड़ा खाने को कर रहा था। पिंटू ने मेरे मेरे चून्चों पर एक जोर का हाथ मारा और बोला,”अभी २० मिनट और हैं, एक ग्राहक को और निपटाना है !”
मौसी वहीं घूम रही थीं। उन्होंने आकर एक केला मुझे पकड़ा दिया और बोली,”हल्के-हल्के अपनी चूत पर फिरा और अपने मुँह से इशारे कर ! इस बार तेरा दाम २००० रु से ऊपर लगना चाहिए, समझी ! वरना एक और कुत्ता तेरे ऊपर चढ़वाना पड़ेगा !”
तभी आशा नाम की एक और रंडी काउंटर पर आकर खड़ी हो गई थी। हम दोनों केला अपनी चूत पर फिराने लगी और ग्राहकों की तरफ देखकर चुम्मी फेंकने लगी। मैं अब अपने को मौसी की लोंडी मान चुकी थी। मेरे अन्दर उनकी बात टालने की हिम्मत नहीं थी। सामने लड़कियों की चूत में लौड़े घुसे हुए थे। मेरी चूत बहुत जोरों से खुजिया रही थी, मन कर रहा था कि अबकी बार मैं भी चुदूं। नाचने वाली लडकियाँ बार बार अपनी चूत में मोमबत्ती डाल रही थी। मौसी मुस्करा रही थी और रोकी से कह रही थीं,”सभी रंडियाँ बिक चुकी हैं १-२ को छोड़कर। भोंसड़ी वालियों के भी रेट आज ५०० से उपर लग रहे हैं !”
तभी दो ग्राहक हमारी तरफ आए। मौसी उन्हें लेकर आई थी। मौसी मुझसे बोली,”यह छोटा खलील और उसके चेले हैं, पूरे पूना का अन्डरवर्ड देखते हैं। तुम दोनों की चुदाई और मसलाई दोनों करेंगे। १२ हज़ार दे चुके है। चूत चुदवा और जम के मज़ा ले। ऐसा मज़ा दुबारा नहीं मिलेगा।”
मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए पिंटू बोला,”तेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है न ? जा अभी यह मिटा देंगे। कुतिया चल जा चुद और मस्तिया !”
छोटा खलील और उसके साथी के साथ हम दोनों सोफों की तरफ बढ़ गईं। दो सोफे पास पास खाली नहीं थे। पिंटू ने एक ग्राहक को उठाकर दूसरी साइड में बिठा दिया। खलील और उसका साथी पहले भी कोठे पर आ चुके थे। दोनों ने पैन्ट खोल कर अपने लौड़े हम दोनों के हाथ में पकड़ा दिए। थोड़ा मसलने पर खलील का लौड़ा ८ इंच लम्बा हो गया। खलील का लंड अच्छा मोटा था। खलील और उसके चेले ने अच्छे पैसे दिए थे इसलिए उन पर कोई रोक नहीं थी। वो हमारी चूत भी बजा सकते थे। खलील मेरी चूत रगड़ते हुआ बोला,”हम पी कम्पनी के गुंडे हैं अब तक ५६ आदमियों को निपटा चुके हैं। कुतिया तू नई आई लगती है तेरी चूत तो बड़ी माल है बिलकुल घरेलू नई बहू की तरह है। मेरी बीबी भी जब नई थी तो उसकी भी ऐसी ही मस्त थी, साली के अब तो ६ बच्चे हो गए हैं, घुसाने में मजा ही नहीं आता। आज मुझे कुछ काम है इसलिए आज तो तेरी चूत का स्वाद चख लेता हूँ कल आकर पूरी रात बजाता हूँ। इतनी हसीं चूत तो बॉम्बे की फाइव स्टार कॉल गर्ल्स की भी नहीं होती है। ऐसी चूत रोज़ रोज़ थोड़े ही मिलती है तुझे चोदने में तो रंडी मज़ा आ जायेगा।”
मौसी उधर से निकली और बुड्ढे की तरफ देखती हुई बोली।”चचा दूध ही मसलते रहोगे या कुछ और भी करोगे? थोड़ा इसकी सुरंग में ऊँगली करो, मज़ा आ जायेगा।”
ताऊ की उँगलियाँ अब मेरा चूत के होटों पर फिसल रही थीं। एक मिनट बाद ही ताऊ ने अपना पानी छोड़ दिया जिसकी धार मेरे हाथ और पेट पर जाकर गिरी। ताऊ के १० मिनट पूरे होने वाले थे। पिंटू बोला,”ताऊ टाइम हो गया है, और देर तक कुतिया को मसलना है तो १००० रु निकालो !”
ताउ मुझे हटा कर अपनी पैन्ट ऊपर चढ़ाते हुए बोला,”और पैसे नहीं हैं, वो राजू की अम्मा बटुआ भूल गई थी, उसमें से २००० रूपये निकाल लाया था ! सिर्फ २०० रु बचे हैं। साली कुतिया बहुत मजा दे रही है। तू मौसी से बोल २०० रूपये में लौड़ा चुसवाने दे बाकी बाद में दे दूंगा !”
पिंटू बोला,”नो पैसा, नो मजा ! अब जाओ फिर बाद में आना लाइन में और लगे हैं !”
रंडियों की मसलाई जोरों पर थी। दो रंडियों की चूत में लौड़ा भी घुसा हुआ था उनके कस्टमर उनको सबके सामने चोद रहे थे। मोनी के सेठ ने एक ५० की गड्डी पिंटू की तरफ बढ़ा दी और बोला,”साली की चूत चोदनी है !”
पिंटू ने एक कंडोम का पैकेट उसकी तरफ बढ़ा दिया और बोला,”ले सेठ १५ मिनट में कुतिया को निपटा दियो, वरना ५००० और देने पड़ेंगे !”
सेठ ने अपना लौड़ा मोनी की चूत में फिट कर दिया और उसकी चुदाई शुरू कर दी। मोनी सहित तीन रंडियाँ डांस हाल में चुद रही थीं। ३ की मसलाई सोफों पर हो रही थी। मैं काउंटर पर नंगी खड़ी थी। इतनी देर तक हाल में नंगी खड़ी होने से मेरी शर्म बिलकुल ख़त्म हो गई थी। मैं अपने को रंडी मान चुकी थी मेरा मन लौड़ा खाने को कर रहा था। पिंटू ने मेरे मेरे चून्चों पर एक जोर का हाथ मारा और बोला,”अभी २० मिनट और हैं, एक ग्राहक को और निपटाना है !”
मौसी वहीं घूम रही थीं। उन्होंने आकर एक केला मुझे पकड़ा दिया और बोली,”हल्के-हल्के अपनी चूत पर फिरा और अपने मुँह से इशारे कर ! इस बार तेरा दाम २००० रु से ऊपर लगना चाहिए, समझी ! वरना एक और कुत्ता तेरे ऊपर चढ़वाना पड़ेगा !”
तभी आशा नाम की एक और रंडी काउंटर पर आकर खड़ी हो गई थी। हम दोनों केला अपनी चूत पर फिराने लगी और ग्राहकों की तरफ देखकर चुम्मी फेंकने लगी। मैं अब अपने को मौसी की लोंडी मान चुकी थी। मेरे अन्दर उनकी बात टालने की हिम्मत नहीं थी। सामने लड़कियों की चूत में लौड़े घुसे हुए थे। मेरी चूत बहुत जोरों से खुजिया रही थी, मन कर रहा था कि अबकी बार मैं भी चुदूं। नाचने वाली लडकियाँ बार बार अपनी चूत में मोमबत्ती डाल रही थी। मौसी मुस्करा रही थी और रोकी से कह रही थीं,”सभी रंडियाँ बिक चुकी हैं १-२ को छोड़कर। भोंसड़ी वालियों के भी रेट आज ५०० से उपर लग रहे हैं !”
तभी दो ग्राहक हमारी तरफ आए। मौसी उन्हें लेकर आई थी। मौसी मुझसे बोली,”यह छोटा खलील और उसके चेले हैं, पूरे पूना का अन्डरवर्ड देखते हैं। तुम दोनों की चुदाई और मसलाई दोनों करेंगे। १२ हज़ार दे चुके है। चूत चुदवा और जम के मज़ा ले। ऐसा मज़ा दुबारा नहीं मिलेगा।”
मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए पिंटू बोला,”तेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है न ? जा अभी यह मिटा देंगे। कुतिया चल जा चुद और मस्तिया !”
छोटा खलील और उसके साथी के साथ हम दोनों सोफों की तरफ बढ़ गईं। दो सोफे पास पास खाली नहीं थे। पिंटू ने एक ग्राहक को उठाकर दूसरी साइड में बिठा दिया। खलील और उसका साथी पहले भी कोठे पर आ चुके थे। दोनों ने पैन्ट खोल कर अपने लौड़े हम दोनों के हाथ में पकड़ा दिए। थोड़ा मसलने पर खलील का लौड़ा ८ इंच लम्बा हो गया। खलील का लंड अच्छा मोटा था। खलील और उसके चेले ने अच्छे पैसे दिए थे इसलिए उन पर कोई रोक नहीं थी। वो हमारी चूत भी बजा सकते थे। खलील मेरी चूत रगड़ते हुआ बोला,”हम पी कम्पनी के गुंडे हैं अब तक ५६ आदमियों को निपटा चुके हैं। कुतिया तू नई आई लगती है तेरी चूत तो बड़ी माल है बिलकुल घरेलू नई बहू की तरह है। मेरी बीबी भी जब नई थी तो उसकी भी ऐसी ही मस्त थी, साली के अब तो ६ बच्चे हो गए हैं, घुसाने में मजा ही नहीं आता। आज मुझे कुछ काम है इसलिए आज तो तेरी चूत का स्वाद चख लेता हूँ कल आकर पूरी रात बजाता हूँ। इतनी हसीं चूत तो बॉम्बे की फाइव स्टार कॉल गर्ल्स की भी नहीं होती है। ऐसी चूत रोज़ रोज़ थोड़े ही मिलती है तुझे चोदने में तो रंडी मज़ा आ जायेगा।”