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ग्रुप सेक्स -कामाग्नि की धधक

सब फटाफट कपड़े बदलकर आ गए और डिनर का आनंद लेने लगे। 10:00 बजे तक डिनर से निबटे तो राज ने स्टाफ को जाने को बोल दिया। अब सब उत्सुक थे कि अब क्या होने वाला है?

रिंकी ने सुइट का दरवाजा लाक किया और आगे के प्रोग्राम का खुलासा किया। उसने सबसे पहले तो लाईट काफी धीमी करी और म्यूजिक चला दिया। गाना भी उसने छांट के लगाया "जरा जरा बहकता है, आज मेरा मन, मैं प्यासी हूँ...

साउंड धीमी करके रिंकी ने कहा- “अभी सबको मालूम है कि हम क्या करने वाले हैं, मैं उस शर्म को हटाकर साफ कह रही हूँ कि आज हम अपने पार्टनर्स बदलकर रात रंगीन करने जा रहे हैं। हम लोगों ने पिछली तीन मुलाकातों में अपने-अपने पार्टनर्स बदलकर मस्ती की है, सेक्स नहीं किया। मेरा ऐसा मानना है कि हर बार हम लोगों ने अपने बदले पार्टनर के साथ एन्जॉय किया, मतलब हम आपस में सभी एक दूसरे के साथ कम्फर्ट महसूस कर रहे हैं। अब शायद हम अपने मन में यह तय कर चुके होंगे कि यदि हमें रात भर किसी के साथ रहना है तो हमारा पार्टनर कौन हो? हमने यह म्यूजिक चलाया है। सबसे पहले हम अपने पार्टनर के साथ ही डांस करेंगे और एक तरह से उससे इस मस्ती की परमिशन लेकर जल्दी-जल्दी अपने पार्टनर्स बदलेंगे।

इस दौरान जिस लड़की को जिस लड़के के साथ रात गुजारनी है वो उसके कान में 'आई लव यू बोल देगी और अपना कोटेज नंबर बता देगी। इसके बाद लड़कियां अपने-अपने काटेज में जाकर अपने प्रेमी का इन्तजार करेंगी और यहाँ अँधेरा कर दिया जाएगा। हर एक मिनट बाद एक लड़का अपनी प्रेमिका के बताये काटेज में चला जाएगा। सुबह एक-एक करके सब लोग अकेले अकेले सुईट के लान में मिलेंगे, तो कोई किसी से नहीं पूछेगा कि उसके साथ रात को कौन था? और न ही कोई अपने लाइफ पार्टनर से कभी पूछेगा ताकी जो पर्दा है वो बना रहे और अगर सब कुछ अच्छा होता है तो कल रात कि प्लानिंग कल लंच में तय करेंगे। इस तरह हम फिर एक बार इस बात को बेपर्दा होने से बचा लेंगे कि कौन किसके साथ था..."
 
सबने ताली बजकर रिंकी के प्लान की तारीफ की।

म्यूजिक तेज कर दिया गया। अबकी बार माहौल दूसरा ही था। सभी जोड़े कसकर चिपके हुए थे उनके होंठ भी मिले थे। सभी जानते थे कि इस पल के बाद उनका पार्टनर पूरी रात दूसरे के साथ चुदाई करेगा। अब सभी ने डांस करते-करते अपने पार्टनर्स बदलने शुरू कर दिये और ये क्रम अगले तीन मिनट जब तक गाना खत्म नहीं हुआ, चलता रहा ।

रिंकी ने जोर से ताली बजाते हुये पूछा- “क्या सबने अपनी जोड़ी बना ली ?"

सबकी आवाज आई- "हाँ"

अब रिंकी समेत सब लड़कियां हाथ हिलाकर बाय करते हुए अपने-अपने काटेज में चली गईं। लड़कों को अभी पन्द्रह मिनट बाद जाना था ताकी इस बीच में उनकी दुल्हन सुहागरात की तैयारी कर ले। सबने एक-एक पैग लिया और 15 मिनट बाद राज ने सबसे पूछकर लाईट बंद कर दी। फिर एक-एक करके सभी लड़के अपनी प्रेमिका के काटेज में चले गए।

जोड़ी कैसे बनीं ? यह जानिये-

01. वसीम को मिली रिंकी ;

02. राज को मिली शाजिया :

03. जय को मिली नायरा;

04. और कौशल को मिली राम्या ,

अब देखते हैं इनके धमाल-

....... राज और शाजिया

सबसे पहली काटेज थी शाजिया की, शाजिया यानी फुलझड़ी। राज ने जैसे ही काटेज का गेट नोक किया तो गेट खुला हुआ था। पूरा कमरा सुगंध से भरा था और कमरे में हल्की लाल रोशनी के साथ म्यूजिक चल रहा था।

अंदर बेड के पास छोटी टेबल पर दो जाम रखे थे और शाजिया लाल रंग की ब्रा और पैंटी में खड़ी सिगरेट पी रही

थी। उसने लाल रंग के ही नेल पेंट किये थे।

राज ने गेट लाक किया, और मंत्रमुग्ध सा शाजिया की ओर गया। शाजिया ने सिगरेट एश ट्रे में मसल दी और कसकर राज से चिपट गई। दोनों ऐसे चिपटे जैसे बरसों के बिछड़े हों। दोनों के होंठ मिल गए। शाजिया ने धीरे से अपने को अलग किया और जाम का गिलास उठाकर चियर्स करते हुए अपने गिलास से राज को पिलाने लगी। राज ने भी अपने गिलास से वाइन शाजिया को पिलाई।

आज कोई जल्दी तो थी नहीं। दोनों फिर चिपक कर म्यूजिक पर थिरकने लगे। कामाग्नि पूरी भड़की हुई थी।

दोनों एक दूसरे में समाने को बैचैन थे। राज ने शाजिया को गोदी में उठाकर बेड पर लिटा दिया और फिर धीरे से उससे चिपक गया। अब शाजिया बेकाबू हो चुकी थी। उसने राज के कपड़े उतार फेंके और अपने भी, अब दोनों बिल्कुल नंगे थे। शाजिया और राज दोनों की जिन्दगी में ये पहला मौका था जब वो अपने पार्टनर के अलावा किसी और के सामने नंगे थे। पर आज कामुकता हावी थी।

शाजिया ने ऊपर बैठकर ही अपना मुँह नीचे किया और राज के होंठों से चिपट गई। अब राज का तना लण्ड उसकी चिकनी चूत पर टक्कर मार रहा था। शाजिया ने लाख अपने मन को समझाया कि अभी जल्दी क्या है, पूरी रात बाकी है। पर उसकी चूत तो अब उसके काबू में थी ही नहीं ।

राज ने शाजिया को नीचे पलटा और अपना मुँह उसकी चूत में ले गया और उसकी दोनों टाँगें चौड़ी करके अपनी जीभ उसकी चूत में घुसेड़ दी। राज का एक हाथ शाजिया के मम्मे मसल रहा था।

शाजिया - “उहह....... आहह.. क्या कर दिया तुमने राज.. अब जल्दी से घुस जाओ अंदर, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा..." कह रही थी।

राज ने उसकी चूत चाटकर उसका पानी छुड़ा ही दिया। उसका पूरा मुँह भीग गया। अब वो 69 पोजीशन में आ गए। शाजिया भी आज राज का निचोड़ना चाह रही थी।

राज ने उसे सचेत किया, और बोला- “शाजिया इतना मत निचोड़, मुझसे सहा नहीं जा रहा। कहीं तेरे मुँह में ही न हो जाऊँ। आज पहली बार तो तेरी चूत की मांग भर लेने दे..."

शाजिया भी समझ गई। उसने फटाफट राज के ऊपर बैठकर उसका लण्ड अपनी चूत में लेना चाहा पर राज

ने उसे जबरदस्ती नीचे किया, उसकी टांगें चौड़ायी और घुसेड़ दिया अपना मूसल उसकी चूत में शाजिया निहाल हो गई... क्या मजा आ रहा था.. दूसरे से चुदवाने का आनंद ही कुछ और है। पूरा कमरा कामुकता भरी सीत्कारों

से भर गया।

दस पंद्रह मिनट के घमासान के बाद राज ने शाजिया से पूछा- "मेरा होने वाला है... कहाँ गिराऊँ?"

शाजिया बोली- "अंदर ही गिरा दो, हम सबने पिल ले रखी है..."

उसके इतना कहते-कहते ही हाँफते हुए राज ने एक फाइनल शाट लगाया और शाजिया की चूत को अपने माल से भर दिया। दोनों निढाल होकर पड़ गए। साइड में दो हैण्ड तौलिया रखे थे, एक से शाजिया ने अपनी चूत साफ करी और एक राज के लण्ड पर डाल दिया। शाजिया ने सिगरेट सुलगा ली और राज उठकर पेग बनाने लगा । अभी तो एक शाट ही लगा था, अभी पूरी रात बाकी थी।

शाजिया उठकर बाथरूम में गई और उसने राज को आवाज दी- “आ जाओ शावर लेते हैं...'

दोनों के ही पशीने निकल गए थे। शावर के नीचे भी चिपटकर दोनों ने मजे किये। नहाते-नहाते राज का फिर खड़ा हो गया। उसने वहीं शाजिया को घोड़ी बनाया और अपना मूसल पीछे से उसकी चूत में दाखिल कर दिया। राज ने अपने दोनों हाथों से शाजिया के मम्मे दबोचे हुए थे। शाजिया तो नीचे हाथों पर टिकी हुई थी। ऊपर से शावर की बौछार, नीचे धक्कम पेल... क्या नजारा था। राज ने दुबारा सारा माल शाजिया की कमर पर निकाल दिया। नहाकर दोनों तौलिया लपेटकर बाहर आये और नंगे ही बेड पर लेट गए।
 
शाजिया बोली- “अब थक गई... अब थोड़ी देर सो जाओ... रात को जब आँख खुलेगी तब करेंगे.."

राज ने शाजिया को अपनी बाँहों में चिपटा लिया और दोनों हसीन सपनों में खो गए।

****

वसीम और रिंकी

वसीम जब वहाँ पहुँचा तो गेट लाक था। वसीम ने बेल बजाई। रिंकी ने दरवाजा खोला और सीधी वसीम की बाँहों में आ गई। रिंकी ने एक टापलेस फ्राक सा कुछ पहना था जो उसके मम्मों को बमुश्किल ढकता हुआ नीचे चूतड़ों तक ही आ रहा था। मतलब ऊपर-नीचे कहीं भी हाथ पहुँचने में कोई दिक्कत नहीं थी।

वसीम तो मम्मों का वैसे ही दीवाना था। उसके हाथ सीधे रिंकी के मम्मों पर पहुँचे। रिंकी भी वसीम के होंठों से चिपक गई। पहली बार वो अपनी ग्रुप सेक्स की फंटेसी के पहले चरण को पूरा होते देख रही थी। सिर्फ वो और राज ही थे जिन्हें शुरू से यकीन था कि इस मस्ती का आखिरी कदम ग्रुप सेक्स से ही होगा। हालांकी अभी तक की मस्ती में किसी को नहीं मालूम था कि उसका पार्टनर या और लड़कियां किस-किस से मस्ती कर चुकी हैं या आज उनके साथ कौन होगा?

खैर, रिंकी एक भूखी शेरनी की तरह वसीम के होंठ चूस रही थी। उसने अपने हाथों से वसीम के बाल अपनी और खींचे हुए थे।

अब वसीम ने एक हाथ उसकी फ्राक के नीचे से उसकी चूत तक पहुँचाया, तो रिंकी की नर्म गुलाबी चूत पानी छोड़ रही थी। वसीम ने अपनी उंगलियां उसकी चूत में घुसेड़ दीं। रिंकी भी थोड़ा ऊपर उठ गई ताकी चूत की मसाज बढ़िया हो जाए।

वसीम का लण्ड बेकाबू हो रहा था। रिंकी ने अब उसके होंठ छोड़कर, नीचे झुक कर उसके लण्ड को कपड़ों से आजाद किया और उसका मूसल अपने मुँह में ले लिया। अपने ख़्वाबों में रिंकी हमेशा नए-नये लण्ड को चूसने का सोचती थी, और ये बात उसने आज तक राज को भी नहीं बतायी थी।

रिंकी ने नीचे घुटनों पर बैठकर वसीम का लण्ड मुख में ले लिया और पूरी ताकत से उसे चूसने लगी। वसीम के लण्ड का टोपा उसने अपनी जीभ से ऐसा सहलाया कि वसीम को लगा कि वो अभी रिंकी के मुँह में ही खाली हो जाएगा। वो चाह रहा था कि रिंकी उसे बख्श दे... पर रिंकी थी कि आज उसके लण्ड के टोपे को लण्ड

से अलग करने पर उतारू थी।

जब वसीम से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने रिंकी को खड़ी किया और बैड पर धक्का दे दिया। अब उसने रिंकी की टांगें चौड़ी की और अपनी जीभ उसकी गुलाबी चूत में घुसा दी। अपनी चूत चिकनी करने में रिंकी ने औरों से ज्यादा मेहनत की थी। उसकी चूत बिल्कुल रेशम जैसी और निखरी गुलाबी थी।

वसीम को लगा जैसे उसकी चूत आज तक किसी ने छुई ही नहीं है। वसीम ने भी अपनी जीभ पूरी ताकत से अंदर-बाहर इधर-उधर घुमानी शुरू की। रिंकी की कामाग्नि भड़क गई थी। उसकी आहह.... ओह्ह की आवाजें आ रहीं थीं और वो अपने हाथों से अपने मम्मे मसल रही थी।

कुछ देर में रिंकी ने वसीम की जीभ से अपने को अलग किया और वसीम को बेड पर लिटाया और ऊपर बैठकर उसका लण्ड और छाती चाटने लगी। और फिर उसने वसीम के लण्ड को अपनी चूत के मुहाने पर रखा और एकदम से उसे अपनी चूत में घुसा लिया।

अब ऊपर से रिंकी उसके ऊपर उछल रही थी और नीचे से वसीम उछाल मारकर उसे चोद रहा था। वसीम ने रिंकी के मम्मे दबोचे हुए थे। तभी रिंकी पलटी और 69 की पोजीशन में आ गई और लोलीपाप की तरह फिर से वसीम का लण्ड अपने मुँह में कर लिया और अपनी चूत वसीम के मुँह पर रख दी। रिंकी ने अपनी चूत का दवाब वसीम के मुँह पर बना दिया, जिसकी वजह से वसीम की जीभ यहाँ तक कि उसकी ठोड़ी भी रिंकी की चूत सहला रही थी।

रिंकी तो वसीम का लण्ड मानो निगल जाना चाह रही थी। अब वसीम ने रिंकी को नीचे पलटा और ऊपर चढ़कर उसकी टांगें चौड़ी की और अपना लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। उसने रिंकी की टांगों को फैलाकर उसके पंजों को पकड़ा हुआ था। रिंकी ने भी अपनी बाँहों से अपनी टांगों को सपोर्ट दी हुई थी। पूरे कमरे में फछ-फछ की आवाज और गर्म साँसों की आवाज आ रही थीं।

रिंकी तो बौरा गई थी। कह रही थी- "उम्म्ह अहह ... हय.... याह... आज मजा आ गया मेरे राजा... आज फाड़ दो मेरी चूत को...."

दस मिनट कि धक्का मुक्की के बाद वसीम ने अपना माल रिंकी की चूत में भर दिया। रिंकी पास में कोई तौलिया रखना भूल गई थी, तो वह चीखी कि बेडशीट खराब हो जायेगी। वसीम ने धीरे से रिंकी को ऊपर गोदी में उठाया और बाथरूम में जाकर खड़ा कर दिया शावर के नीचे ।

रिंकी ने शावर खोला और अपनी चूत को और वसीम के लण्ड को धोकर साफ किया। दोनों थक गए थे। अच्छे से नहाकर बाहर निकले। रात पूरी अपनी थी। वसीम ने ड्रिंक्स बनाए... दोनों ने तौलिया ही लपेटे थे।

आज रिंकी का एक सपना पूरा हुआ था। वो वसीम को देख-देखकर मुश्कुरा रही थी। अचानक वो जोर से वसीम से लिपट गई। वसीम ने उसका और अपना तौलिया अलग कर दिया। गर्म नंगे जिश्म एक जान होकर फिर लिपट गए।
 
जय और नायरा

उधर नायरा के काटेज की डोरबेल जय ने बजाई। जय तो मजन है आज उसकी लैला बनी थी नायरा | नायरा ने अपने काटेज में लाल रंग की मद्धिम रोशनी कर रखी थी और नीचे गुलाब की पंखुड़ियां फैला रखी थीं। डोरबेल बजते ही दरवाजा खुला और अंदर से नायरा की आवाज आई- "आ जाओ जानी..."

जय अंदर आया, उसे नायरा कहीं दिखाई नहीं दी। उसने दरवाजा जैसे ही बंद किया, दरवाजे के पीछे खड़ी

नायरा ने उसे पीछे से जकड़ लिया।

नायरा ने लाल रंग की झीनी फ्राक स्टाइल ड्रेस पहने थी, जिसमें कुछ भी छिप नहीं रहा था और सब कुछ दिख भी नहीं रहा था। एक तो रोशनी बहुत कम, ऊपर से समा बेहद रोमांटिक फिजा में रोमानी खुशबू फैली थी। हल्का-हल्का सेंसुअल म्यूजिक चल रहा था।

नायरा के पीछे से चिपटते ही जय ने उसे आगे घुमाया और दोनों के होठ चिपक गए। नायरा के भारी-भारी मम्मे ड्रेस से बाहर आने को बेताब थे। जय ने अपनी आदत के हिसाब से जब उसकी फ्राक को नीचे से उठाया, तो फ्राक नायरा के चिकने चूतड़ों से उठती हुई कमर तक आ गई। जय ने उसके मम्मों को ऊपर जाली से ही चूसना शुरू कर दिया और नायरा ने भी उसका लण्ड उसके बरमूडा से बाहर निकाल लिया और मसलने लगी । दोनों ही चुदाई के लिए बेताब थे।

नायरा ने जय की सुविधा के लिए अपने हाथों से अपने मम्मे ड्रेस से बाहर निकाल दिए और अपने हाथों से उन्हें नीचे से सपोर्ट देकर जय के मुँह के पास कर दिया। जय ने ज्यादा वक़्त न लगाते हुए नायरा की फ्राक और अपने कपड़े उतार दिए और नायरा को लेकर बेड की ओर चला। नायरा ने बेड के पास ड्रिंक्स रखी थीं। जय ने वाइन की बोतल खोलकर गिलास में भरा और नायरा के मम्मों पर टपकाते हुए मम्मे चूसने लगा । थोड़ी देर मम्मों को चुसवाने के बाद नायरा ने जय को नीचे जमीन पर घुटनों पर बिठाया और अपना एक पैर पास रखी कुर्सी पर रखा और वाइन का गिलास लेकर ऊपर से धार बनाकर अपनी चूत में डालने लगी ।

नीचे जय ने उसकी चूत के नीचे अपना मुँह ऐसे सेट किया कि वाइन नायरा कि चूत से होती हुई सीधे जय के मुँह में गिरे। जय को वाइन पिलाने का ये अंदाज ऐसा भाया कि उसने नायरा की चूत चाट चाटकर लाल कर दी।

अब नायरा ने जय को खड़ा किया और खुद नीचे बैठी और वाइन का गिलास भरा। फिर उसमें जय का लण्ड डुबो दिया और लगी उसे चूसने वो बार-बार जय के लण्ड को वाइन में डुबोती, फिर उसे टोपे तक चूसती । उसने जय का वो बुरा हाल कर दिया कि जय को उससे रिक्वेस्ट करनी पड़ी- “छोड़ दो नायरा... वर्ना मेरा काम तुम्हारे मुँह में ही हो जाएगा....'

नायरा ने उसे छोड़ दिया और फिर वो और जय हल्के-हल्के डांस करने लगे। पर नंगे जिश्म डांस कैसे कर सकते हैं, जय का लण्ड बार-बार नायरा की चूत के मुहाने पर टकराता और अंदर घुसने की खुशामद सी करता । नायरा की चूत भी नए लण्ड से चुदने को बेताब थी।

अब दोनों बिस्तर पर आ गए। जय ने बिना देर किये अब नायरा को नीचे लिटाया और उसकी टांगें चौड़ी करके ऊपर की और अपना फनफनाता औजार नायरा की गुफा में डाल दिया। जय का लण्ड बहुत मोटा था और शायद कौशल से बड़ा भी था, कुल मिलाकर जय ने नायरा की चीख निकाल दी।

पर ये तो सेक्स का शुरुआती दर्द था। अब जो चुदाई एक्सप्रेस ने रफ़्तार पकड़ी तो आगरा कानपुर सब चुदते चले गए। नायरा भी चुदाई में पूरा साथ दे रही थी। दोनों के होंठ बार-बार मिल जाते ।

अब नायरा ने जय को नीचे आने को कहा और वो जय के लण्ड की घुड़सवारी करने लगी। अब उसकी चूत खासी चिकनी हो गई थी, तो चुदाई एक्सप्रेस दौड़ती चली गई। जय के लण्ड में पूरी जान बाकी थी। राम्या क्यों इतनी मस्त रहती है, ये बात नायरा को अब समझ में आई कि जिसकी रोज एसी चुदाई होती हो, उसे सेक्स के अलावा और नजर भी क्या आएगा ?

जय ने नायरा को बेड पर ही डोगी स्टाइल में खड़ा किया और पीछे से अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। नायरा के बड़े-बड़े फुटबाल से मम्मे झूल रहे थे तो जय ने हाथ बढ़ाकर उन्हें लपका। अब जय पीछे से धक्के लगा रहा था और आगे अपने हाथों से नायरा के मम्मे मसल रहा था।

नायरा ने अपना मुँह पीछे किया और जय के होठों से उन्हें मिलाया। थोड़ी देर की धक्का मुक्की में जय ने अपना सारा माल निकाल दिया नायरा की पीठ पर नायरा ने पास रखा तौलिया उसे दिया ताकी वो किये धरे को साफ कर सके।

अभी नायरा की चूत की प्यास बुझी नहीं थी। वो जय से बोली- "तुम्हें चूत में ही माल निकालना चाहिए था...'

जय बोला- "देखती जाओ मेरी जान... अभी पूरी रात बाकी है, चूत का तो भोसड़ा बनाकर ही छोडूंगा आज रात को..."

नायरा लण्ड चूसने में परफेक्ट थी। उसने जय के लण्ड को मुँह में ले लिया और चाट चाटकर उसे साफ कर दिया। जय ने उससे पेग बनाने के लिए कहा इस वादे के साथ कि एक पेग लगाने के बाद उसकी चूत की खुजली मिटा देगा।

* ………………………….
 
कौशल और राम्या

कौशल ने जैसे ही डोरबेल बजानी चाही... दरवाजा अपने आप खुल गया। कमरे में बिल्कुल अँधेरा था। दरवाजा खुलते ही बाहर की लाईट भी बंद हो गई। चारों ओर अँधेरा था। अंदर से राम्या बाहर आई और आते ही कौशल से लिपट गई।

अब कौशल को समझ में आया कि अँधेरा क्यों किया था राम्या ने? राम्या बिल्कुल नंगी थी, उसने कुछ नहीं पहना था, और कौशल से लिपटते ही उसने कौशल का बरमुडा भी नीचे कर दिया। अब बाहर दोनों नंगे ही चिपटे खड़े एक दूसरे के होठ चूस रहे थे।

कैसा भी अँधेरा हो, था तो खुले में ही, इसलिए कौशल ने राम्या का हाथ पकड़ा और अंदर ले गया और डोर लाक किया। अंदर कौशल ने पीछे से राम्या की गर्दन को चूमना शुरू किया और अचानक राम्या के कान अपने होंठों से चाटने लगा।

उसके ऐसा करने से राम्या बिलबिला गई। उसने अब तक तो जय का लण्ड अपने हाथ से पकड़ा हुआ था, अब वो अपना कान कौशल के होंठों से हटाने के लिए नीचे झुक कर हँसती हुई अलग हुई। अब दोनों आगे से चिपटे । अबकी बार कौशल ने पहले सीधे उसके मम्मे चूसे फिर उसकी चूत में उंगली कर दी।

पर ये क्या, राम्या की चूत में कुछ गाढ़ा सा भरा हुआ था।

कौशल ने कहा- “ये क्या है जानू?"

राम्या ने कोई जवाब न देते हुए कौशल को नीचे बिठाया और अपनी चूत उसके मुँह के आगे कर दी। कौशल ने सकुचाते हुए जैसे ही उसकी चूत में जीभ लगाई तो उसे मजा आ गया। क्योंकी राम्या की चूत में चोकलेट भरी हुई थी। कौशल ने चूत चाट चाटकर चोकलेट अपने मुँह में ली और खड़ा होकर राम्या के मुँह से मुँह लगा दिया।

अब चूत चोकलेट को दोनों ने खाया। राम्या ने अपने मम्मों पर और जय के लण्ड पर एक शीशी से कुछ लगाया और जय के मुँह में अपने मम्मे दे दिये। उसने शहद लगाया था तो जय को दोबारा एक सरप्राइज मिला।

अब बारी थी राम्या के चूसने की, तो उसने शहद में लिप्त लण्ड अपने मुँह में लिया और जैसे गन्ना चूसते हैं वैसे टोपे तक चूसा। उसके चूसने में खिंचाव इतना तेज था कि कौशल को लण्ड चुसवाने का ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था। थोड़ी देर तक चूसने के बाद राम्या खड़ी हुई और खड़े-खड़े ही उसने कौशल का लण्ड अपनी चूत के मुहाने पर रखा और जोर से कौशल से चिपटी । उसने अपना एक पैर कौशल की कमर से लिपटाया और कौशल ने अपना एक पैर पास रखी कुर्सी पर रखा। अब चूत और लण्ड का मिलन आसान हो गया था।

कौशल ने एक धक्का लगाते हुए अपने लण्ड को राम्या की चूत में घुसेड़ दिया और अब दोनों ही एक दूसरे से ताल मिलाते हुए चुदाई करने लगे। जब कामवासना पूरी जल उठी तो कौशल ने राम्या को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया। राम्या भी चुदासी ज्यादा ही हो रही थी। दोनों ही तूफान मेल की स्पीड से चुदाई का मजा लेने लगे।

राम्या तो बकवास बहुत करती थी चुदाई के समय वो कौशल से बोली- “अच्छे से चोद कौशल , ऐसी चिकनी और मस्त चूत नायरा की नहीं होगी। तूने नायरा के मम्मे ही चूसे हैं। आज तुझे जो मजा दिया है वो साले तू भूलेगा नहीं... बस आज फाड़ दे मेरी चूत... अरे स्पीड बढ़ा मेरे राजा... और तेज और तेज...'

कौशल को पूरा मजा आ रहा था। निश्चित ही नायरा के मम्मे राम्या से बड़े थे। पर जिस स्टाइल से राम्या ने चुसाई की और करवाई है वो अदा अनोखी थी।

अब राम्या कौशल को लिटाकर उसके ऊपर चढ़ गई और अपने हाथों से उसका लण्ड अपनी चूत के दाने पर सेट करके अंदर किया और चुदाई की घोड़ी दौड़ा दी। कौशल का होने वाला था और राम्या तो पागल हो गई थी। एक झटके के बाद राम्या की चूत ने अचानक पानी छोड़ दिया और वो कौशल के मुँह पर अपना मुँह लगाकर शांत हुई।

तभी कौशल ने भी नीचे से दो-तीन जोर से धक्के मारे तो उसके लण्ड ने भी लावा राम्या की चूत में छोड़ दिया। राम्या ने झट से उतरकर पास रखे तौलिया से अपनी चूत से निकलते सफेद लावे को पोंछा और वही तौलिया कौशल के लण्ड पर डालकर वाशरूम की ओर चल दी। वाशरूम में उसे टायलेट जाना था। उसने वहीं वाशबेसिन पर रखी सिगरेट सुलगाई और धुंआ छोड़ती बाहर आई।

तब तक कौशल ने एक पेग बना लिया था।

राम्या बोली- चलो बाहर चलते हैं।

कौशल बोला- ऐसे ही बिना कपड़ों के?

राम्या हँसती हुई बोली- “हाँ, मैं तो चल सकती हूँ--"

फिर भी उसने कौशल के कहने पर तौलिया लपेट लिया। वो और कौशल दोनों ही तौलिया लपेटकर काटेज से बाहर खड़े हो गए। कौशल अपना ड्रिंक फिनिश कर रहा था और राम्या अपनी सिगरेट राम्या सिगरेट की डिब्बी और लाइटर साथ लाई थी।
 
तभी राम्या ने नीचे बैठकर कौशल का तौलिया हल्का सा हटाया और उसका लण्ड मुँह में ले लिया। असल में राम्या फिर चुदासी हो गई थी। जल्दी ही उसने चूसकर कौशल का लण्ड दोबारा खड़ा कर दिया। अब कौशल ने राम्या को काटेज की मुंडेर के पास हाथों का सहारा लेकर घोड़ी बनाया और उसका तौलिया सरका कर पीछे से अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और पहले धीरे फिर तेजी से उसकी चूत चुदाई करने लगा।

बाहर खुले में चूत चुदाई की हिम्मत राम्या के अलावा किसी की नहीं हो सकती थी।

जल्दी ही कौशल ने अपना काम पूरा किया और राम्या की चूत दोबारा अपने माल से भर दी।

राम्या बहुत खुश थी। वो अब सीधी खड़ी हो गई और कौशल को आश्चर्यचकित करते हुए अंदर नहीं गई। उसने दूसरी सिगरेट सुलगा ली। नीचे उसकी चूत से कौशल का वीर्य टपक टपक कर तौलिया के नीचे से जमीन पर गिर रहा था। राम्या इस सबसे बेखबर अपनी मस्ती में थी।

ऐसा नजारा कौशल ने पहली बार देखा था, वर्ना नायरा तो तुरंत ही अपनी चूत को साफ करती थी।

अगले दिन जैसा कि तय था, सभी लड़के ठीक 9:00 बजे अपने-अपने काटेज में पहुँच गए। सबको अब यह मालूम था कि सभी ने सभी के साथ मस्ती कर ली है। पर किसी को यह नहीं मालूम था कि चुदाई किसने किसके साथ की है।

उस दोपहर को सभी सुइट में लंच के लिए इकट्ठे हुए तो रिंकी राज ने सभी को अपने इस नए अनुभव की बधाई दी और सभी ने एक वायदा किया कि कभी कोई अपने पार्टनर से कुछ भी कुरेदकर नहीं पूछेगा। और कभी कोई अलग से पार्टनर बदलकर सेक्स नहीं करेगा।

सबका मन संतुष्ट था।

हालाँकि रिंकी राज ने सबसे पूछा कि अगर सब चाहें तो आज रात को ग्रुप सेक्स एक साथ करें। पर फिर सभी का ये जवाब रहा कि हम सबने मस्ती भरपूर की है और अभी तक एक पर्दा पड़ा हुआ है। हालाँकि सब जानते हैं कि उन्होंने किसके साथ क्या-क्या किया है, पर फिर भी ओट तो है ना। इसे बने रहने देना चाहिए।

हँसी खुशी के माहौल में सब अगले दिन वापिस आ गए।

दोस्तों, मुझे लिखियेगा कैसी लगी आपको यह मस्ती भरी पति बीवी की अदला बदली की कहानी ? आप में से अनेक पाठकों ने मुझे अपने सेक्स अनुभव और फंतासी शेयर की हैं कि मैं उसपर कहानी लिखूं। मेरा प्रयास होगा कि अपने पाठकों का मन भी इस बात से पूरा करूं।

***** समाप्त *****
 
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