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अपडेट—89
सभी देव पुत्रो ने धोखे से ऋषि के सिर पर वार कर दिया जिससे ऋषि बेहोश हो गया….ऋषि के बेहोश होते ही उसके जिस्म मे आदी की चेतना जागृत हो गयी…और सभी घाव अपने आप तेज़ी से भरने लगे.
1स्ट देव पुत्र—अब जा कर हमारे हृदय को सुकून मिला है.
2न्ड देव पुत्र—सही कहा दोस्त….उस दिन तो बहुत अकड़ रहा था…आज चूहा बन गया…हाहाहा
3र्ड देव पुत्र—इस चूहे को धरती मे फेंक दो यही से
सभी उसको उठा कर धरती मे फेंकने के लिए जैसे ही उसके पास पहुचे वैसे ही आदी एक झटके मे उठ कर खड़ा हो गया…उसको ऐसे
खड़े होते देख एक तो सभी डर कर थोड़ा पीछे हट गये लेकिन जल्दी ही खुद को संयत कर लिया.
4त देव पुत्र—ओह्ह्ह…ये तो फिर से खड़ा हो गया….और घूरता क्या है बे…..अभी की मार कम पड़ गयी क्या…?
1स्ट देव पुत्र—लगता है कि आज इसका मरण दिन ही आ गया है.
3र्ड देव पुत्र—तो फिर इंतज़ार किस बात का…..मारो फिर से इसको.
सभी एक साथ फिर से हाथो मे तलवार लेकर आदी की तरफ बढ़ने लगे तेज़ी से…जैसे ही एक देव पुत्र ने उसके उपर तलवार से वार किया तो आदी ने बीच मे ही उसकी तलवार को पकड़ लिया और एक लात उसके सीने मे ज़ोर से मार दी.. जिससे वो देव पुत्र दर्द से चिल्लाते हुए
बहुत दूर तक फिसलते हुए जा गिरा.
आदी (ज़ोर से)—मैने उस दिन तुम लोगो को समझाया था ना, कि मुझे बदतमीज़ लोग बिल्कुल भी पसंद नही हैं और दुबारा मैं समझाता नही
हूँ.
2न्ड देव पुत्र—ये तो फिर से अकड़ने लगा.
3र्ड देव पुत्र—मारो सब इसको.
सब के सब एक साथ आदी के उपर टूट पड़े….आदी ने तुरंत अपनी तिलिस्मि तलवार को याद किया तो तलवार रोशनी बिखेरती हुई आदी के हाथो मे आ गयी….अब इन देव पुत्रो को तो इस तलवार की ताक़त का अंदाज़ा था नही….सो सभी भिड़ गये आदी से.
लेकिन अगले ही पल वहाँ उन देव पुत्रो की दर्द भरी चीख पुकार से वहाँ का वातावरण गूँजायमान होने लगा...जो भी आदी के सामने आता, वो
आदी के एक ही वार से घायल हो कर दूर जा गिरता.
अपने साथियो की ऐसी बुरी हालत देख उन देव पुत्रो ने आदी को चारो तरफ से घेर कर उसके उपर घातक जान लेवा प्रहार करने लगे.
मगर आदी बिना डरे उनके घातक प्रहारो को अपनी तलवार से रोक कर उन्हे लहू लुहान करने लगा….किसी को तलवार के वार से तो किसी
को लात और घूँसो के प्रहार से कुछ ही पल मे उन अभिमानी देव पुत्रो के गुरूर को खाक मे मिलाने लग गया.
आदी का ऐसा विकराल रूप देख कर कयि देव पुत्रो के पसीने छूट गये…..उनके साथ जितने भी देव सेना के सैनिक आए थे आदी ने उनको यमलोक पहुचा दिया.
कई देव पुत्र घायल होने के बाद वहाँ से भाग खड़े हुए….उनका लीडर अब भी मैदान मे डटा हुआ था…लेकिन उसका कोई पैंतरा अब आदी के उपर काम नही कर रहा था.
लीडर देव पुत्र (मन मे)—कोई इंसान इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है….? इसने तो मेरे सभी साथियो को पल भर मे ही धूल चटा दी….अगर इसको जल्दी ही नही मारा गया तो ये देव लोक के लिए बड़ा ख़तरा बन सकता है…मुझे अब शक्ति प्रयोग ही करना पड़ेगा…यही एक उपाय शेष है अब.
ये मन मे सोच कर उसने अपनी आँखे बंद कर के एक शक्ति का आह्वहन करने लगा….उसको शक्ति का आह्वहन करते देख आदी उसके
हाव भाव से उस शक्ति का अनुमान लगाने लगा.
सभी देव पुत्रो ने धोखे से ऋषि के सिर पर वार कर दिया जिससे ऋषि बेहोश हो गया….ऋषि के बेहोश होते ही उसके जिस्म मे आदी की चेतना जागृत हो गयी…और सभी घाव अपने आप तेज़ी से भरने लगे.
1स्ट देव पुत्र—अब जा कर हमारे हृदय को सुकून मिला है.
2न्ड देव पुत्र—सही कहा दोस्त….उस दिन तो बहुत अकड़ रहा था…आज चूहा बन गया…हाहाहा
3र्ड देव पुत्र—इस चूहे को धरती मे फेंक दो यही से
सभी उसको उठा कर धरती मे फेंकने के लिए जैसे ही उसके पास पहुचे वैसे ही आदी एक झटके मे उठ कर खड़ा हो गया…उसको ऐसे
खड़े होते देख एक तो सभी डर कर थोड़ा पीछे हट गये लेकिन जल्दी ही खुद को संयत कर लिया.
4त देव पुत्र—ओह्ह्ह…ये तो फिर से खड़ा हो गया….और घूरता क्या है बे…..अभी की मार कम पड़ गयी क्या…?
1स्ट देव पुत्र—लगता है कि आज इसका मरण दिन ही आ गया है.
3र्ड देव पुत्र—तो फिर इंतज़ार किस बात का…..मारो फिर से इसको.
सभी एक साथ फिर से हाथो मे तलवार लेकर आदी की तरफ बढ़ने लगे तेज़ी से…जैसे ही एक देव पुत्र ने उसके उपर तलवार से वार किया तो आदी ने बीच मे ही उसकी तलवार को पकड़ लिया और एक लात उसके सीने मे ज़ोर से मार दी.. जिससे वो देव पुत्र दर्द से चिल्लाते हुए
बहुत दूर तक फिसलते हुए जा गिरा.
आदी (ज़ोर से)—मैने उस दिन तुम लोगो को समझाया था ना, कि मुझे बदतमीज़ लोग बिल्कुल भी पसंद नही हैं और दुबारा मैं समझाता नही
हूँ.
2न्ड देव पुत्र—ये तो फिर से अकड़ने लगा.
3र्ड देव पुत्र—मारो सब इसको.
सब के सब एक साथ आदी के उपर टूट पड़े….आदी ने तुरंत अपनी तिलिस्मि तलवार को याद किया तो तलवार रोशनी बिखेरती हुई आदी के हाथो मे आ गयी….अब इन देव पुत्रो को तो इस तलवार की ताक़त का अंदाज़ा था नही….सो सभी भिड़ गये आदी से.
लेकिन अगले ही पल वहाँ उन देव पुत्रो की दर्द भरी चीख पुकार से वहाँ का वातावरण गूँजायमान होने लगा...जो भी आदी के सामने आता, वो
आदी के एक ही वार से घायल हो कर दूर जा गिरता.
अपने साथियो की ऐसी बुरी हालत देख उन देव पुत्रो ने आदी को चारो तरफ से घेर कर उसके उपर घातक जान लेवा प्रहार करने लगे.
मगर आदी बिना डरे उनके घातक प्रहारो को अपनी तलवार से रोक कर उन्हे लहू लुहान करने लगा….किसी को तलवार के वार से तो किसी
को लात और घूँसो के प्रहार से कुछ ही पल मे उन अभिमानी देव पुत्रो के गुरूर को खाक मे मिलाने लग गया.
आदी का ऐसा विकराल रूप देख कर कयि देव पुत्रो के पसीने छूट गये…..उनके साथ जितने भी देव सेना के सैनिक आए थे आदी ने उनको यमलोक पहुचा दिया.
कई देव पुत्र घायल होने के बाद वहाँ से भाग खड़े हुए….उनका लीडर अब भी मैदान मे डटा हुआ था…लेकिन उसका कोई पैंतरा अब आदी के उपर काम नही कर रहा था.
लीडर देव पुत्र (मन मे)—कोई इंसान इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है….? इसने तो मेरे सभी साथियो को पल भर मे ही धूल चटा दी….अगर इसको जल्दी ही नही मारा गया तो ये देव लोक के लिए बड़ा ख़तरा बन सकता है…मुझे अब शक्ति प्रयोग ही करना पड़ेगा…यही एक उपाय शेष है अब.
ये मन मे सोच कर उसने अपनी आँखे बंद कर के एक शक्ति का आह्वहन करने लगा….उसको शक्ति का आह्वहन करते देख आदी उसके
हाव भाव से उस शक्ति का अनुमान लगाने लगा.