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चली थी यार से चुदने अंकल ने चोद दिया complete

मैं कुछ बोलती कि वो मेरे पास आ गया और मेरे नंगे जिस्म को मोबाइल की रोशनी में ताड़ने लगा।मैं शर्म से सिमट गई थी।फिर उसने मुझे गले से लगा लिया और अपने हाथों से मेरी गांड मसलने लगा और जीभ से मेरी गर्दन पर से पानी की बूंदें चाटने लगा जिससे मेरे बदन में एकदम से सनसनी सी फैल गयी।

फिर वो अपने जीभ से कुत्ते की तरह मेरी गर्दन, गाल, होंठ चाटने लगा। मैं फिर से मदहोश होने लगी परन्तु अपने आप को काबू में करके मैं उसे अपने से दूर करके बोली- बेशर्म… छोड़ मुझे! बहन हूँ मैं तेरी।फिर वो गुस्से में बोला- दीदी, ये गलत है, आप सारी दुनिया से चुदती हो और मुझे बेशर्म बोलती हो? ये गलत है। आज आप जो चाहे बोलो… आज मैं आपकी एक नहीं सुनूंगा! आज तो मैं तुझे चोद कर ही रहूँगा!मैं बोली- शनि, पागल मत बन, चल घर चल!वो बोला- आज तो तुझे चोदने के बाद ही जाँऊगा, चाहे जो हो जाये।और वो फिर मेरे से लिपट गया।

मैं कुछ बोल पाती, उससे पहले वो लिपलॉक (स्मूच) किस करने लगा और मेरी चूची को बड़े ही बेदर्दी ढंग से मसलने लगा। मुझे आज तक यह बात समझ में नहीं आई कि सारे मर्द अपना जोश चुचियों पर ही क्यों निकालते हैं।

वो जोर जोर से अपनी नंगी बहन की चूची को ऐंठने लगा और फिर एक हाथ से मेरी चूत में उंगली करने लगा जिससे मैं कामुकता वश एकदम व्याकुल सी हो गयी। मुझे फिर से चुदास चढ़ने लगी। मुझे खुद पर यकीन नहीं हो रही थी कि अभी 5 लड़कों ने मेरी चूत हर संभव तरीके से चोदी और मैं फिर से चुदने को तैयार हो गयी।मुझे लगा कि मैं चुदक्कड़ बनती जा रही हूँ।

फिर मैंने सोचा कि ये जवानी दुबारा मिलने वाली तो है नहीं… तो क्यों ना पूरे मजे लूं और सोचा कि चलो आज भाई के लन्ड का भी स्वाद चख ही लेती हूँ।लेकिन पार्क में नहीं… क्योंकि पार्क खुलने का समय हो गयी थी।

फिर मैंने अपने ऊपर कंट्रोल किया और जैसे तैसे भाई को अपने नंगे जिस्म से अलग किया और बोली- देख शनि, मैं तुम से चुदूँगी लेकिन आज नहीं फिर कभी!शनि बोला- नहीं दीदी, आज तो मैं चोद कर ही रहूँगा।वो मानने के मूड में नहीं था।फिर मैं बोली- ठीक है, आज ही चोद लेना… लेकिन घर तो चलो, यहाँ कोई आ जायेगा।शनि बोला- कोई नहीं आएगा दीदी, पार्क 4:30 बजे खुलता है और अभी 3:50 ही हुए हैं। तब तक तो मैं आपकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा।उसे क्या पता कि उसकी बहन को पूरी रात 5 लड़कों ने चोद चोद कर उसकी चूत की हालत खराब कर दी है। और मैं बता भी नहीं सकती थी।

फिर वो नीचे अपने घुटनों पर बैठ गया और अंधेरे में ही मेरी चूत के ऊपर अपनी जीभ फेरने लगा और पानी की बूंदों को अपने जीभ से चाटने लगा.धीरे-धीरे वो मेरी नंगी जांघों को भी चाट रहा था और एक हाथ से मेरी चूत में उंगली भी कर रहा था।

अब मेरी कामवासना मेरे बर्दाश्त से बाहर थी, फिर मैं बोली- ठीक है, आज तू भी अपनी बहन की जवानी टेस्ट कर के बहनचोद बन जा!इतना सुनते ही भाई ने मुझे गले से लगाया और मेरे गाल, होंठ, गर्दन को चूमने लगा।

 
मैं बहुत गर्म हो गयी और उसकी हर हरकत का जवाब देने लगी। मैं भी उसे चूमने लगी। यह देख शनि को और जोश आ गया और मेरी चूचियों को पीने लगा, काटने लगा।फिर वो बोला- दीदी लेट जाओ, टाइम कम है।मैं बोली- नीचे?तो वो बोला- लेट जाओ यार, घास है। आज मैं आपको खुले आसमान में चुदाई का आनंद दूँगा।मैं मन ही मन बोली ‘बेटे, पूरी रात मैं यही करवा रही हूँ।’

फिर भाई ने मुझे नीचे लेटा दिया और अपने कपड़े उतारने लगा। फिर उसने अपना लन्ड निकाल कर मेरे मुंह पे रख दिया। मैं भी अपने भाई का लंड चूसने लगी और वो मेरी चूत चाटने लगा।शनि का लन्ड बिल्कुल अमित की तरह था और वो चूत भी अमित की तरह ही चूस रहा था। मैं उसके लन्ड को भी अमित का ही लन्ड समझ कर चूस रही थी।

करीब 10 मिनट बाद मेरी चूत पानी छोड़ दिया और उसने सारा पानी जीभ से चाट कर साफ किया और फिर लन्ड को मेरे चूत के द्वार पर टिकाया और जोरदार झटका मारा और एक बार में लन्ड को मेरी बच्चेदानी तक पहुंचा दिया. जैसे ही उसके लंड ने चोट की, मेरी तो जैसे दर्द के कारण एक बारगी आवाज़ ही बंद हो गयी। लेकिन अगले ही पल मैं जोर से चिल्लायी- हाय मेरी चूत साले भाई ने फाड़ दी।और मैं बोलने लगी- ओह्हह हह आह हहह ओह माँ… मेरी चूत फट गई।

मेरी चीख से मेरा भाई बहुत खुश हुआ। मैं जोर से छटपटाई लेकिन वो लन्ड आगे पीछे करने लगा। करीब 5 मिनट बाद मुझे भी मजे आने लगे, मैं भी मूड में आ गयी थी और कमर उचका-उचका कर चुदवा रही थी और मदहोशी में बोलने लगी- फाड़ दो मेरे भाई अपनी बहन की चूत को!वो भी पूरे जोश से गाली देने लगा- आज तो तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा साली।मैं बोली- बहनचोद साले, अपनी बहन को रंडी बना दे।फिर शनि बोला- आज तुझे रंडी की तरह ही चोदूंगा साली।

इसी तरह एक दूसरे को गालियां के साथ चुदती रही।

तकरीबन 10 मिनट बाद मैं झरने को आई, फिर मेरे मुँह से आवाजें निकलने लगी- और तेजज्ज… उम्म्ह… अहह… हय… याह… फाड़ दे इस चूत को… साली में बहुत गर्मी है। भोसड़ा बना दे अपनी बहन की चूत को!और मैं झर गयी।

करीब 5 मिनट बाद वो भी झरने को आया और बोला- दीदी मैं भी झड़ने वाला हूं। पानी कहाँ छोड़ूँ?मैं बोली- भाई जहाँ तेरी मर्ज़ी हो!

फिर उसने चूत से लन्ड निकाला और मेरे मुँह में लन्ड डाल दिया और मेरे मुँह में आगे पीछे करने लगा। कुछ देर बाद तेज पिचकारी मेरे मुँह में निकली। मेरा मुँह उसके माल से भर गया था और भाई का वीर्य मेरे गले से नीचे उतरने लगा।भाई के लंड से अभी भी वीर्य निकल रहथा… अब वीर्य मेरे मुँह से निकल कर मेरी चूचियों पर गिरने लगा था। फिर मैंने उसके लन्ड को अपने मुँह से निकाला और वीर्य को मुँह से निकालने लगी।अब वीर्य मेरी पूरी चूचियों से होते हुए पेट और नाभि के रास्ते चूत तक जा पहुँचा।

अभी भी भाई के लन्ड से पानी निकल ही रहा था, वो लन्ड हाथ में लेकर मेरे चेहरे पर वीर्य निकालने लगा और अब मेरे पूरे शरीर पर मेरे भाई के लन्ड का वीर्य था।

फिर शनि ने मुझे गले लगाया और बोला- दीदी, आज मजा आ गया!और मेरे वीर्य वाले गाल पर पप्पी कर दी।मैं हँसती हुई बोली- बहनचोद बन कर खुश है ना?तो वो बोला- तेरी जैसी बहन हो तो हर भाई ख़ुशी-ख़ुशी बहनचोद बन जायेगा।और फिर हम दोनों हँसने लगे।

आपको यह कहानी कैसी लगी जरूर बताएगा।आपकी बहुत प्यारी चुदक्कड़ दोस्त मधु एक बार फिर आपको नमस्कार करती है।

 
एक बार फिर मैं आपकी प्यारी चुदक्कड़ दोस्त मधु आप लोगों का अपनी आत्मकथा में स्वागत करती हूँ। मेरी पिछली कहानीसुबह सवेरे पार्क में भाई से चुदीको आप लोगों ने इतना प्यार दिया जिसके लिए आपकी ये भाभी, दोस्त और आप लोगों की मुँह बोली बीवी आप लोगों से गले मिलकर आप लोगों का धन्यवाद करती है और आप लोगों में से बहुत से लोग या यूं कहें कि सारे लोग मेरे होने वाले बच्चे का बाप बनना चाहते हैं। इसके लिए मैं ब्रा खोल कर आप लोगों का स्वागत करती हूँ और माफी भी मांगती हूँ।मेरे पास अभी तक 4216 लोगों ने मेरे बच्चे की बाप बनने की इच्छा जतायी। मैं इतने सारे लोगों के लन्ड तो नहीं ले सकती लेकिन मैं कोशिश करूँगी कि मेरे होने वाले बच्चे के बाप ज्यादा से ज्यादा हों।

अब ज्यादा समय ना गंवाते हुए सीधे कहानी पर आती हूँ।

जैसा कि आपने पिछली कहानी में पढ़ा कि किस तरह मैं अपने मौसेरे भाई शनि से पार्क में चुदी और उसने किस तरह मेरे पूरी शरीर पर वीर्य की बारिश करी।मैं शनि से हँसती हुई बोली- बहनचोद तो तुम बन ही गए हो, अब मेरे कपड़े तो दे दो, पार्क अब खुलने वाला है।मोबाइल में वक्त देखा तो 5:20 हो रहे थे।

शनि बोला- दीदी, कपड़े तो बाइक के डिकी में ही भूल गया।फिर मैं बोली- भूलेगा कैसे नहीं साले? तू तो मुझे चोदने आया था।फिर हम दोनों हँसने लगे।मैं बोली- जा बहनचोद कपड़े लेकर आ!तो शनि बोला- यार दीदी, ऐसे ही बाहर चलो ना, अभी कोई नहीं होगा।मैं बोली- अच्छा अगर किसी ने इस हाल में हमें देख लिया तो फिर वो भी चोद देगा।तो शनि बोला- कुछ नहीं होगा, चलो।

फिर हम दीवार के पास आये तो शनि बोला- दीदी, आप चढ़ो, मैं आपको धक्का देता हूँ।मैं दीवार पर चढ़ने लगी लेकिन शनि तो मेरे नंगे जिस्म से खेल रहा था, कभी वो मेरी चूचियों को ऐंठ देता तो कभी धक्का देने वक़्त गांड में दाँत चुभो देता।मुझे अच्छी लग रही थी और मैं भी खेल रही थी। मैं भी जान बूझकर उसकी गोद में गिर जाती फिर मजे करती।

ये सब करते करते समय का ख्याल ही नहीं रहा।

तभी एक 20-22 साल के लड़के ने शनि को पीछे से थपथपाया और बोला- भाई, ये क्या हो रहा है?शनि डर गया।वो लड़का पार्क का गार्ड था।शनि हकलाते हुए बोला- वो भाईई वो…

उस लड़के ने मोबाइल का टोर्च ऑन किया तो मुझे नंगी देखकर बोला- अच्छा तो ये कहानी है।फिर मैं शनि को बोली- तू जा और बाइक स्टार्ट कर… मैं आती हूं।शनि बोला- दीदी, आप अकेली?मैं बोली- जा तू… मैं 2 मिनट में आती हूँ।

तो शनि चला गया।

उसके जाते ही मैंने उस गार्ड को गले लगाया और एक चुम्मी दे दी और बोली- आज के लिए इतना ही! और पार्क में ब्रा पेंटी तेरे लिए छोड़ कर जा रही हूँ।और मैं जाने लगी तो लड़का बोला- मैडम जी, एक बार और गले मिल लो।मैं जैसे ही मिलने गयी, उसने मेरी चूची पर किस किया.

मुझे उसकी ये बात अच्छी लगी, मैंने अपनी चूची उसके मुँह में रख दी और बोली- ये लो पी लो।और फिर उसको अपनी दुधु पिलाकर शनि के पास चली गयी।

तशनि बोला- आप ठीक तो हो दी?मैं बोली- बिल्कुल!फिर उसने मुझे कपड़े दिये, मैं कपड़ों को लेकर उसके पीछे नंगी ही बैठ गयी और बोली- चल!तो शनि बोला- दीदी कपड़े तो पहन लो?मैं बोली- आज नंगी ही जाऊँगी।तो शनि बोला- वाह दीदी, क्या बात है!

फिर हम दोनों शनि के रूम की ओर निकल पड़े।शनि बोला- काश आप मेरी बीवी होती!मैं बोली- साले भाई होकर भी पति वाला काम तो कर ही लिया।फिर शनि बोला- ठीक है, आज से मैं आपका पति हूँ और आपकी रोज चुदाई करूँगाऔर हँसने लगा।

शनि मेरी चूचियों के मजे लेने के लिये रास्ते ब्रेक में जानबूझकर अचानक ब्रेक मारता तो मैं बोली- ब्रेक क्यों मार रहा है? सीधे क्यों नहीं बोलता कि तेरे से चिपक कर बैठूँ।फिर शनि बोला- दीदी, आप बहुत अच्छी हो।हम पहुँचने ही वाले थे तो शनि बोला- दीदी, आप पार्क में अकेली वो भी नंगी क्या कर रही थी?अब मैं सोच में पड़ गयी- क्या बोलूं?

फिर मैंने झूठ बोल दिया- यार वो सहेली की बर्थडे पार्टी से लौट रही थी, तभी कुछ लड़के जबरदस्ती करने लगे और मेरा रे प करने की कोशिश करना चाह रहे थे लेकिन मैं जैसे तैसे भाग निकली और पार्क के छुप गयी।उसे क्या मालूम कि पाँचों लड़कों ने मेरी जम कर चूत मारी।

 
फिर हम शनि के यहाँ पहुँच गए। जैसे ही रूम में गयी, शनि ने लाइट जलाई। फिर अपने आप को देखा, मेरे पूरे शरीर पर शनि की वीर्य थी जो बिल्कुल सूख गया था, समय देखा तो 6 बज गये थे। मेरे पास कपड़े भी नहीं थी कि मैं घर जा सकती।

फिर मैंने मॉम को फोन करके कहा- मैं शनि के यहाँ हूँ, आने में थोड़ी देर लगेगी।मॉम को मेरे पे शक हो गयी कि मैं झूठ बोल रही हूँ तो मॉम बोली- शनि से बात करवा?तो मैंने शनि को फोन दे दिया, मॉम से शनि बोला- मासी, आप टेंशन मत लो, मैं शाम को आऊंगा तो मधु को अपने साथ ले आऊंगा।मॉम मान गयी।

मैं रात भर चुद चुद कर बिल्कुल थक गई थी और बिस्तर पर लेट गयी। शनि भी मेरे पास लेट गया और मुझे किस करने लगा, मेरे बूब्स चूसने लगा, वो मेरे बदन के साथ खेल रहा था। और मैं पता नहीं कब नींद की आगोश में चली गयी।जब मेरी नींद खुली तो देखा कि शनि मेरे पास बिल्कुल नंगा सोया हुआ है और लन्ड भी बिल्कुल ढीला सोया था। मैं उठकर जैसे ही बैठी तो वीर्य मेरी चूची से नीचे टपक रहा था।

फिर मैंने आईने के सामने जाकर देखा तो मेरी चुचियाँ एकदम लाल थी और लव बाईट भी थी। मैं समझ गयी कि शनि ने मेरी दुधु पर मुठ मेरी है।मैंने समय देखा तो शाम के 4 बज रहे थे।

फिर मैंने शनि को उठाया और बोली- उठ बहनचोद, मुझे कपड़े भी लेने हैं और घर भी जाना है।शनि ने उठते ही मुझे अपनी ओर बिस्तर पर खींच लिया और बोला- दीदी, आज रात रुक जाओ ना?मैं बोली- अच्छा, आज रात ही क्यों, तेरे बच्चे की माँ बनने तक रुक जाती हूँ।और हम दोनों भाई बहन हँसने लगे।

शनि हँसते हुए बोला- काश, तू मेरी बीवी होती।मैं बोली- चल उठ और बाज़ार जाकर मेरे लिए कपड़े लेकर आ, तब तक मैं स्नान कर लेती हूँ।तो शनि बोला- दीदी, मैं भी आपके साथ नहाऊंगा!मैं बोली- पागल मत बन, जल्दी जा, मुझे देर हो रही है।लेकिन शनि जिद करने लगा।

फिर मैं बोली- ठीक है, जल्दी उठ!और मैं जाने लगी। वो वहीं लेटा मेरी लचकती गांड देख रहा था।वो अचानक उठा और मुझे पीछे से दबोच लिया, उसका लन्ड मेरी गांड में चुभने लगा था।वो बोला- दीदी, आपकी गांड बहुत सेक्सी है। एक बार गांड मारने दो ना?मैं बोली- पागल हो गया है क्या? बहन हूँ तेरी रंडी नहीं… जब से मिला है चोदे ही जा रहा है।

मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाया और बाथरूम में चली गयी। वो भी पीछे-पीछे आ गया और बोला- गुस्सा मत हो दीदी!और बाथरूम में घुस गया और मैंने झड़ना शुरू किया और वो दोनों नहाने लगे। वो मुझे बड़े प्यार से स्नान करवा रहा था, मेरी चूची को मसलने लगा.

मैं फिर से थोड़ी उत्तेजित होने लगी, मैं कुछ नहीं बोली. वो फिर आगे बढ़ा और मेरे होंठों को जीभ से चाटने लगा। मेरे शरीर मे झनझनाहट सी फैल गयी। वो मेरे गाल, गर्दन, चूची सिर्फ चाटे जा रहा था जोकि मेरे लिए बिल्कुल नया और अलग अनुभव था। आज तक मैंने बाथरूम में ऐसे नहीं करवाया था।

 
फिर वो अचानक ऐसी जगह पहुँच गया जिसकी मैं कभी कल्पना भी नहीं की थी… वो मेरे दोनों हाथों को ऊपर करके मेरी आर्मपिट चाटने लगा। मेरे मन में एक अजीब सी गुदगुदी सी हुई कि ‘ये क्या कर रहा है’ और मेरी आँखें बंद हो गयी और सब कुछ भूलकर बस मैं आंनद लेने लगी।इससे पहले मैं कुछ समझ पाती, वो मेरी चूत में उंगली करने लगा और ये पानी तो आग में पेट्रोल छिड़कने का काम कर रही थी।

मैं अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मेरे मुँह से अपने आप सिसकारियां निकलने लगी- ओह्हह हहहह… आहह…मैं अपना आपा खो चुकी थी और वो पूरे जोश से कभी मेरी चूची चाटता तो कभी गाल… तो कभी तो कभी होंठ, तो कभी गर्दन, तो कभी मेरी गांड और बीच-बीच में अपनी दाँत चुभो कर और पागल कर देता।मैं तो बस आँखों को बंद कर एक अजीब सी दुनिया में खोई थी।

तभी उसने अचानक मेरी चूत में अपनी जीभ लगा दी और चूत चाटने लगा। मेरी आँख अचानक से खुली और मैं मदहोशी से बोली- शनि… अब बस कर! बस मेरी चूत को फाड़ दे।

यह बात सुनते ही जैसे शनि पागल हो गया और मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया और अपने जीभ से मेरी चुदाई करने लगा। मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। करीब 5 मिनट बाद मैं उसके मुँह में झर गयी लेकिन वो अभी भी अपने जीभ से चोद रहा था।

फिर मैंने जैसे तैसे उसको अलग किया और बोली- हो गया… बस कर… बहुत नहा ली! अब चल!और मैं बाथरूम से निकल गयी।वो मेरे पीछे आया और बोला- दीदी, ये गलत है। आपका काम तो हो गया लेकिन मेरा लन्ड तो अभी भी खड़ा है।तो मैं बोली- तो मैं क्या करूँ? मुझे देर हो रही है।

फिर वो गिड़गिड़ाने लगा- प्लीज दीदी, एक बार गांड मारने दो।मैंने सोचा कि ये बिना चोदे मानेगा नहीं और देर भी हो रही थी, इससे चुद ही लेती हूँ तो मैंने हामी भर दी।

यह सुनते ही उसने मुझे गोद में उठाया, बेड पर पटक दिया और मुझे कुतिया की तरह मेरी गांड को उचका दिया. फिर मेरी गांड पर क्रीम लगा कर फिर उसने अपने लन्ड को मेरी गांड पे टिकाया और इतना जोरदार झटका मारा कि मैं दर्द के कारण लेट गयी और जोर-जोर से चिल्लाने लगी- साले… बहनचोद निकाल लन्ड… मेरी गांड को फाड़ दिया।

लेकिन उसने नहीं सुना और लन्ड धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगा. करीब 5 मिनट बाद उसने फिर एक जोर का झटका मारा और लन्ड पूरा अंदर चला गया। मेरे तो जैसे प्राण निकल गये। मैं जोर जोर से चिल्लाने लगी, जोर से रोने लगी और गाली देने लगी- साले, मादरचोद, बहनचोद मेरी गांड से लन्ड निकाल!और छटपटाने लगी।

फिर शनि ने मेरे मुँह को अपने हाथ से बंद किया और मुझे बोला- शांत हो जा मेरी रानी।और फिर धीरे धीरे वो लन्ड आगे पीछे करने लगा। मुझे ऐसे लग रहा था कि जैसे मेरी गांड में कोई मोटा सरिया डाल कर मेरी गांड की गहराई नाप रहा हो।मेरी तो आंखों से आंसू आने लगे लेकिन शनि लन्ड आगे पीछे कर रहा था।

करीब 5 मिनट बाद मेरा दर्द कम हुआ और थोड़ा थोड़ा मजा आने लगा मुझे!फिर मैं भी धीरे-धीरे गांड उचकाने लगी। यह देखकर शनि ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और अपने हाथों से मेरा भाई मेरी चूचियों को मसल रहा था। फिर उसने मेरी चूत के नीचे तकिया लगाया और स्पीड और बढ़ा दी और खचाखच अपनी बहन की गांड चोदने लगा. मैं भी तेजी से गान्ड उछाल उछाल कर लन्ड ले रही थी और सिसकारियां लेने लगी।

तकरीबन 10 मिनट बाद उसने मेरी गान्ड में तेज पिचकारी मारी और मेरे ऊपर निढाल हो पड़ गया। उसका वीर्य बहुत समय तक मेरी गान्ड से रिस रिस कर निकलता रहा। फिर शनि मेरे गले लगकर बोला- थैंक यू दीदी! आज आपने अपने भैया को सैंया बनने का मौका दिया।और एक पप्पी करी।फिर मैं बोली- अब तो घर चलें बहनचोद?तो शनि बोला- घर नंगी जाओगी मेरी जान?मैं खिलखिला कर हंस पड़ी, बोली- मेरा बस चले तो मैं कभी कपड़े पहनूँ ही नहीं!

फिर मेरा भाई बाजार से जींस टॉप लाया, मैंने बिना ब्रा पेंटी के वो पहने और अपने भाई की बाइक पर उसकी कमर में अपनी चूचियां गड़ाती हुई, उसके लंड को पकड़ कर अपने घर आयी.

इस चुदाई के बाद हम दोनों भाई बहन ने बहुतों बार मौके खोज खोज कर चुदाई की।

मेरी प्रिय पाठको, उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को यह कहानी पसन्द आयी होगी।आगे की कहानी अगले भाग में बताऊंगी, तब तक के लिए अपनी इस चुदक्कड़ मधु को आज्ञा दें।

मेरी मस्त पोर्न कहानी आपको कैसी लगी, जरूर बताएं।

 


आप सभी प्यारे दोस्तों, देवरों और मेरे प्यारे मुँहबोले पतियों को आपकी मधु का प्यार भरा नमस्कार।आप लोगों मेरी पिछली कहानीमेरे मौसेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदाको इतना ज्यादा सराहने के लिए दिल से कोटि-कोटि नमन करती हूँ और धन्यवाद व्यक्त करती हूँ. उन लोगों का खासतौर से धन्यवाद करना चाहूंगी जिन्होंने मेरे बारे में सब कुछ जानते हुये भी कि मैं कितनी बड़ी चुदक्कड़ हूँ और कितने ही लोगों से चुदी हूँ, उसके बाद भी मेरे से शादी करने की इच्छा जतायी।

मैं आप लोगों से माफी मांगती हूँ क्योंकि मैं अपने पति और अपने यारों से खुश हूँ। लेकिन आप लोग दिल छोटा ना करें क्योंकि आप लोग मेरे पति नहीं बन सकते लेकिन आप चाहें तो मेरे होने वाले बच्चे के बाप बनने में अपना योगदान दे सकते हैं। जिसके लिए मैं तैयार हूँ।

एक बात और… बहुत सारे लोगों ने यह प्रश्न किया कि यह कहानी वास्तिवक है या काल्पनिक?मैं आप लोगों को बता दूँ कि मेरी सारी कहानी बिल्कुल सत्य हैं। हाँ कहानी को रोमांटिक बनाने के लिए थोड़ा मसाला ऊपर से डालती हूँ। और एक बात… जिस दिन मेरे पास सच्ची चुदाई नहीं रही, मैं कहानी भी नहीं लिख पाऊंगी।

इन बातों को खत्म करते हुये मैं आप लोगों का फिर से एक बार धन्यवाद करती हूँ और अपनी न्यू सेक्स स्टोरी की ओर चलती हूँ।

आप लोगों ने पिछली कहानी में पढ़ा कि किस तरह मैंने मौसेरे भाई शनि से गान्ड मरवाई। फिर वो मेरे लिए कपड़े लाया और मैं घर चली गयी।फिर उसके बाद शनि से बहुत बार चुदी वो तो मेरे घर पर आकर भी चोद देता था और किसी को शक भी नहीं होता क्योंकि शनि तो मेरा बहनचोद भाई हैं ना… और एक बात… अभी तक सबसे ज्यादा मुझे शनि ने ही चोदा है और अभी तक चुद रही हूँ।

लाइफ ऐसे ही मजे से जी रही थी मैं कि इसी बीच मेरी शादी अमित के साथ हो गयी।

आज मेरी सुहागरात थी, घर की भाभियाँ और ननद मुझे कमरे में ले जाने लगी। जैसे ही कमरे में गयी, मैं कमरे को देखकर बहुत खुश हुई, कमरा जिसने भी सजाया था, बड़े ही रोमांटिक तरीके से सजाया था। फिर सभी ने मुझे सुहागसेज पे बिठा दिया और सब मेरे से गंदे-गंदे मज़ाक कर रही थी।मेरी ननद जो अभी कुंवारी थी, वो तो बहुत ही गंदी मजाक कर रही थी।

तभी अमित दोस्तों को लेकर आये और सभी महिला चली गयी। मैं भी चौंक गयी कि ये क्या ग्रुप सेक्स करेगा क्या जो सबको लेकर आया है?मैं घूँघट में बैठी थी।

तभी अमित का एक दोस्त बोला- यार अमित, अपनी बीवी से मिलवा!अमित ने मेरे सर पर से चुनर हटा फेंकी और बोला- लो मिल लो अपनी भाभी से!सब मुझे घूरते ही जा रहे थे और मैं नज़र नीचे किये हुए थी।

फिर अमित मुझसे बोला- यार मधु, शर्माओ मत, बात करो! ये सब मेरे करीबी दोस्त हैं।सबने मेरे से हैंड शेक करी और अपना अपना परिचय दिया।

फिर अमित के एक दोस्त ने बोला- यार अमित, तूने तो अच्छी माल पटा ली।

सब ऐसे ही गन्दी-गन्दी बातें करते-करते रात के 11 बज गए। फिर सब दोस्त जाने लगे और अमित को इनडाइरेक्ट मेरी जबदस्त चुदाई करने को बोलकर चले गए।और जाते-जाते एक दोस्त ने अमित को कुछ दिया और बोला- जंग में विजय प्राप्त कर के आना।सब हँसते हुए चले गए और मैं भी मन ही मन हंसती गयी कि अमित मेरी चूत की जंग तो शादी से पहले ही जीत चुके हैं.

और उस रात अमित ने मेरी जबरदस्त चुदाई करी और मैं भी बराबर का साथ दी। मैं अमित से इतनी बार चुदी लेकिन आज की चुदाई बिल्कुल अलग थी। मैं उस अहसाह को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। लेकिन मैं फिर भी कोशिश करूँगी की मेरी सुहागरात की चुदाई के कुछ कारनामे आप लोगों के सामने पेश करूँ!

अमित के दोस्तों के जाने के बाद अमित दरवाजे को बंद करके मेरे पास बैठ गया और एक गाल को बहुत देर तक चूसा और बोला- रानी, आज की रात हम दोनों के लिए स्पेशल है। और इसे बहुत ही स्पेशल तरीके से मनाएंगे।मैं भी उसके लन्ड को कपड़ों के ऊपर से सहलाते हुए बोली- क्यों नहीं जानेमन!

फिर हम दोनों गले लग गए। अमित मुझे अपने बाँहों में दबोचे मेरे चेहरे को चूमने लगा और एक लम्बी स्मूच की, फिर एक दूसरे के कपड़े उतारे.

 
अमित मेरे नंगे बदन को देख कर बोला- आज इसकी खैर नहीं!यह बोलकर अमित फ्रिज के पास गया और फ्रिज से आइस क्यूब लेकर आया और अपने होंठों में रखकर मेरे होंठों पर रख दिया और चूसने लगा। यह मेरे लिए बिल्कुल नया था जो मुझे काफी अच्छा लगा और मैं मदहोश होने लगी।

फिर वो ठुड्डी से होते हुए मेरी चुचियों पर पहुँच गए और बर्फ को मेरी चुचियों की सैर करवा रहा था। मैं अब चुदने को बिल्कुल तैयार थी। फिर धीरे-धीरे वो मेरी नाभि पर पहुँच गया। वहाँ भी अमित बहुत करामात करते हुए मेरी चूत पर पहुँचे और फिर मेरी टाँगों को फैलाकर अपने होठों से ही बर्फ को मेरी चूत को डालने लगे।

अमित के इस हरकत से मदहोशी के कारण मेरे शरीर में अब कम्पकपी होने लगी थी। मैंने सोचा कि अब तो ये चोदेगा, लेकिन मैं गलत थी।और तभी अमित उठा और फिर से फ्रिज से एक भारी सा डिब्बा निकाल कर बिस्तर पर आया, मुझे चित लेटा दिया और उस डिब्बे में से कुछ निकाल कर रैपर हटाने लगा। और फिर उसके बाद जो वो किया मैं तो उसकी दीवानी हो गयी।मैं आप लोगों को बता दूँ वो चीज कुछ और नहीं बल्कि मेल्ट चॉकलेट थी।

फिर मेरा नया नया पति मेरी चुचियों पर धीरे धीरे चॉकलेट गिराने लगा। उस चॉकलेट की एक एक बूंद मुझे सातवें आसमान पर पहुँचा रही थी। फिर धीरे धीरे मेरी नाभि से होते हुए चूत पर जाकर रुक गया और चूत को चाटने लगा और जीभ घुसाकर मेरी जीभ से चुदाई करने लगा।

करीब 5 मिनट बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दी तो अमित बोला- इतनी जल्दी पानी छोड़ दिया? अभी तो पूरी रात बाकी है।फिर वो बोला- कोई बात नहीं!और अपने जीभ से चूस-चूसकर सारा पानी पी गया।

फिर उसने जीभ बाहर निकाल ली और फिर उस डब्बे से एक किटकेट निकला।मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या कर रहा है, मैं तो बस चाह रही थी कि बस ये लन्ड डाल कर मेरी चूत की गर्मी शांत कर दे!लेकिन ये तो पूरी प्लानिंग कर के आया था।

और फिर अमित ने किट-केट मेरी चूत के अंदर घुसा दी। मैं जोर से चिंहुक उठी- नहीं…बोली- यार अमित अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, मेरी चूत फाड़ दो।तो अमित बोला- टेंशन मत लो मेरी रानी… आज तो तेरी चूत की ऐसी हालत कर दूँगा कि मेरे लन्ड से डरने लगोगी।

और फिर अमित ने मेल्ट चॉकलेट से चूत को ढक दिया जैसे मानो कि वहाँ चूत हो ही ना। नाभि और उसके नीचे मेरा पूरा बदन को चॉकलेट से ढका था।

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि मैं तो मदहोश थी, फिर मैंने ये सब कैसे देखा? तो मैं आप लोगों को बता दूँ कि मेरे पति ने मुझे बिना बताये हिडेन कैमरा लगाए हुए थे जो मुझे बाद में पता चला था।

फिर अमित मेरे पैरों के पास जाकर बैठ गया और पैर के अँगूठे को किस करते हुए आगे घुटने तक पहुँच गया। मैं फिर से गर्म हो गयी थी। मेरी चूत में मानो भट्टी जल रही हो और ऊपर से ये चॉकलेट और भी बेकरारी बढ़ रही थी।मेरी चूत की दोनों पंखुड़ियाँ फर-फर कर रही थी। मेरी चूत की गर्मी से चॉकलेट पिघलने लगी थी। तब तक अमित मेरी जांघों पर आ चुका था और फिर उसने जो मेरी जांघों को जख्मी किया। अभी भी वो चुदाई याद करके मेरी चूत गीली हो जाती है।

उसने पहले मेरी दोनों जांघों की चॉकलेट को चाट-चाट कर साफ किया, फिर वो मेरी जांघों को चूसने लगा। गर्मी के कारण मेरा बदन ऐंठने लगा था, मेरी कमर अपने आप उचकने लगी, मेरे मुंह से सिर्फ सिसकारी निकल रही थी- ओह्ह हहह… आह हहह… मर गयी। अब और नहीं प्लीज्… जानू अब बर्दाश्त नहीं कर सकती… फाड़ दो मेरी चूत को!तो अमित बोला- अभी थोड़ा इंतज़ार करो रानी।

और फिर वो मेरी जांघों को अपने दांतों से काटने लगा। मुझे उसके काटने से बहुत दर्द हो रहा था, ऐसा लग रहा था मानो मेरी जांघ से खून निकाल देगा। लेकिन मैं इतनी मदहोश थी कि मुझे सिर्फ लन्ड ही दिखाई पड़ रहा था। मैं इतनी गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सकी और फिर से झड़ गयी। मेरे बदन में आज इतनी गर्मी कहाँ से आ गयी थी, पता नहीं।मेरी चूत इतनी गर्म थी कि मेरे चूत में रखी चॉकलेट पिघल कर रिस रही थी।

फिर मैं अमित को बोली- मेरी जांघों को ही चोदोगे क्या? या ऊपर भी आओगे?तो अमित बोला- मेरी रानी, तू टेंशन मत ले, बस मजे ले!मैं बोली- मजे तो तब आयेंगे जब तुम मेरी चूत के चिथड़े उड़ाओगे।तो अमित बोला- तेरी ये तमन्ना भी पूरा करूँगा मेरी रानी।

 
यह बोलकर वो आगे बढ़ा और मैंने सोची कि अब अमित मेरी चूत से चॉकलेट निकलेगा!

लेकिन वो तो आज अलग ही मूड में था, अमित मेरी नाभि के पास अपनी जीभ फिराने लगा। मैं ऐसे तड़प उठी जैसे जल बिन मछली! फिर उसने मेरी नाभि की सारी चॉकलेट चाट ली और उसे भी अपने दांतों से चबाने लगा। मैं तो अपना आपा खो चुकी थी, वो इतनी जोर से दाँत काट रहा था कि मैं चिहुकने लगी थी लेकिन वो तो बस अपनी जीभ से मेरी नाभि को चूत समझकर चोद रहा था। वो मेरी चूत को जैसे भूल गया था।

मैं आज तक कितने लोगों से चुदी, अमित ने भी शादी से पहले मेरी बहुत बजाई लेकिन आज तक ऐसी चुदाई कभी कल्पना में भी नहीं सोची थी। मेरा यकीन मानिए आप एक बार ऐसी चुदाई किसी के साथ कर के देखे वो आपकी गुलाम हो जाएगी जैसे इस वक़्त मैं थी अपनी पति की गुलाम।

अब वो आगे बढ़ा और मेरी चुचियों की तरफ बढ़ा। मैं समझ गयी कि आज इनकी दुर्गति होने वाली है क्योंकि अमित ने उन चीजों को नहीं छोड़ा जिनकी लोग उपयोग कम करते है। वैसे भी चुचियों को तो मसलवाने का वरदान ऊपर वाले से ही मिला है।

तभी अमित ने मेरी चूची को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा। कुछ देर तक तो बड़े अच्छे से चूस रहा था। उसके बाद वो जालिम की तरह मेरी चूची को काटने लगा। ऐसे लग रहा था जैसे मेरी मेरी चूची से खून निकल जायेगी, लेकिन मज़ा भी उतना ही ज्यादा आ रहा था।फिर मैं अपने हाथों से अमित को हटाने लगी तो अमित ने मेरे दोनों हाथों को दोनों तरफ कर और तेज से काटने लगा। वो कभी मेरी चूचियों को जोर से काटता तो कभी अपनी जीभ लेकर निप्पल को चाटता तो कभी बच्चे की तरह दूध पीता।

मेरा दिमाग कंफ्यूज हो गया था कि मैं दर्द से चिल्ला रही थी या मदहोशी से। जब मेरा दिमाग नहीं समझ पा रहा था तो चूत की क्या औकात… मैं कब गर्म होती और कब झड़ जाती, पता ही नहीं चल पा रहा था।आज बिना चुदे ही अभी तक मेरी चूत ने 4 बार पानी छोड़ दिया और मेरी चूत से चॉकलेट रिस-रिस कर निकल रही थी।

मैं अब चुदाई के लिए पागल होती जा रही थी। अब मैं बर्दाश्त करने के काबिल नहीं रही। तब मैं अमित को गुस्से में बोली- आज चोदोगे भी? या यही सब करते रहोगे?अमित समझ गया कि मैं गुस्से में हूँ तो उसने मेरी चुचियों को मुक्त किया और बोला- अभी तेरी चूत के चिथड़े उड़ाता हूँ रानी।

फिर वो मेरी टाँगों के बीच आकर बैठ गया और मेरी चूत पर उँगली फिराने लगा। मैं सिहरने लगी।

अमित ने मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया, मैं फिर से मचलने लगी और फिर धीरे-धीरे कर के सारी चॉकलेट को चूस लिया और जीभ से चूत में रखी किट-केट को अंदर धकेल रहा था।मेरे से अब वासना की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी, मैंने अपनी टाँगों की कैंची बनाकर उसके सर को मेरी चूत में और दबोच लिया और वो भी मज़े से मेरी चूत चुसाई कर रहा था। मेरी चूत के अंदर तो लावा फूट रहा था। तभी लावा ने ज्वालामुखी का रूप लेकर फिर पानी छोड़ दिया।

अमित बोला- फिर से झड़ गयी जान!यह बोलकर वह मेरी चूत से किट-केट निकालने लगा। जैसे ही चॉकलेट निकला, मैं चॉकलेट देखकर चौक गयी। चॉकलेट मेरी चूत की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सका और ऐसे लग रहा था कि जैसे चॉकलेट ने मेरी चूत को चोदते-चोदते अपने प्राण त्याग दिये।

अब अमित मेरे मुँह के पास अपना लन्ड लाया तो मैं बोली- रुको!और उठकर उसके लन्ड पर ढेर सारा चॉकलेट लगा दी। यह देखकर अमित बहुत खुश हुआ और बोला- ये हुई न बात!फिर मैं उसके लन्ड को चूसने लगी।

मुझे अब पता चला कि अमित आज मेरी इतनी चुसाई क्यों कर रहा था। मैं खुद ही अलग दुनिया में खो गयी थी और मन कर रहा था कि पूरी रात अपने पति का लंड चूसती रहूँ। और अमित भी अपनी आँखों को बंद करके मुख मैथुन का आनन्द ले रहा था।

फिर मैंने उसके लन्ड को बाहर निकाला और बोली- मुझे चूत चुदवानी है, मुँह नहीं!वो उठा और एक शीशी से तेल निकली और अपने लन्ड पर लगाकर थोड़ी मालिश करी और आकर मुझे फिर से लिटा दिया और फिर से मेरी चूत पर ढेर सारी चॉकलेट लगा दी।मैं गुस्से से बोली- यार पूरी रात चूसोगे ही क्या?तो अमित बोला- नहीं रानी, आज तेरी चूत पर चॉकलेट लगा कर चोदूँगा.

मैं यह सुनकर खुश हुई कि चलो अब मेरी चुदाई होगी। मैं चुदने के लिए कभी इतना नहीं तड़पी थी।

 
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