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चाचा चाची की चुदाई compleet

बहादुर अब तीनो औरतो का सामूहिक चोदन करता रहा. गीता, चाचिजी और अपनी पत्नी तीनो को वो जम कर चोद्ता. उधर सूरज ने बहादुर की पत्नी की चुदाई चालू कर दी. दो आदमी और तीन औरते रोज़ रात दिन चोदने लगे. सूरज की नज़र अब बहादुर की दोनो बेटियो पेर थी. दोनो पति पत्नी जानते थे की अब दोनो बेटी चुदाई ने एक्सपर्ट हो कर रहेगी. मगर एक दिन यकायक निशा वापस घर चली आई. कालू अब कही मज़दूरी करने जाता था. निशा को घर मे घुसते ही पता चल गया की उसकी सास ने बहडूर की और उसके हरामी पति ने उसकी पत्नी की चुदाई शुरू कर दी है और सूरज की नज़र अब दो कुवारि चुतो पर है.

मगर निशा की कामुक नज़रो ने शिकार ढूँढ लिया. उसको लगा की इस से पहले की चाची छ्होटे बहादुर को चोदे उस से पहले ही उसे उसको अपनी गिरफ़्त मे लेना परेगा. निशा ने बच्चे की देखभाल के लिए छ्होटे बहादुर को अपने यहा बुला लिया. वो उसके सामने ही आराम से कपड़े बदल लेती और नहा कर नंगी ही बाहर आ जाती. एक दिन नहाते वक़्त उसने उसको अंडर बुलाया और अपनी पीठ रगर्ने को कहा. बहादुर नंगी निशा की पीठ रगर्ने लगा. वो अब पूरा जवान हो चक्का था. निशा ने उस से कहा,' बहादुर तुम्हारे कापरे गीले हो जाएगे इनको उतार दो,' बहादुर शरमाने लगा. निशा तुरंत खड़ी हुई और उसका शर्ट और निक्केर उतार दिया. वो चड्डी बनियान नही पहनता था. बहादुर का कुवरा चमरी वाला लंड एकद्ूम सीधा खरा था. इतना ताज़ा लंड देख कर निशा के मूह मे पानी आ गया. उसने अपने होटो से उसके चमरी को पीछे किया और उसका गुलाबी सुपरा लॉलीपोप की तरह चूसने लगी. इस से पहले की बहादुर कुछ समझता उसका जवान वीरया निशा के गले के ज़रिए उसके पेट मे उतार गया. अब कुछ भी बाक़ी नही था. एक कमरे मे निशा और छ्होटा बहादुर, दूसरे मे गीता, चाचिजी, बड़ा बहादुर, उसकी पत्नी और सूरज चोद्ते. पूरी रात भेंचोड़ मदर चोद और लंड चूत की टकराहतो की आवाज़े घर मे गूँजती.

छ्होटा बहादुर धीरे ढेरे चुदाई मे बड़ा बन गया. निशा ने उसको एक नंबर का चुड़क्कड़ बना दिया था. शुरू शुरू मे उसकी पिचकारी जल्दी छुट्टी थी मगर निशा ने उसको आँड खाली करने मे जल्दबाज़ी से बचना भी सीखा दिया. उधर एक दिन कालू निशा से मिलने आया, निशा बड़ी खुश हुई वो भी अपने बेटे को देख कर बड़ा खुश था. निशा ने उसके लड़के की लंगोट खोली और उसकी छ्होटी मगर काली नून्न्ी दिखा कर कहा देख ले एक्दुम बाप पेर गयी है इसकी नुन्नि, कालू हस्ने लगा. दोनो ने इस मुलाक़ात मे भी खूब जूम कर चुदाई की,' कालू अब तू तो आता नही मुझे कोई मस्त लंड खाने की इच्छा होती है तू ही ढूँढ ला,' निशा उससे बोली. कालू ने निशा से वादा किया.

कोई दो दिन बाद कालू एक 60 साल के बूढ़े को लेकर आया,' बीबीजी ये साधुरम है मेरे दूर के रिश्ते मे ताऊ लगता है, आपसे मिलवाने लाया हू,' उसने कहा. उस बुड्ढे ने धोती पहनी हुई थी. मेला सा कुर्ता था. पाओ मे भी चप्पल थे. निशा ने उन दोनो को छाई पिलाई फिर उनको रवाना कर दिया. अगले दिन जुब कालू वापस मिलने आया तो निशा बोली,' साले भद्वे मैने तुझे कोई तगड़ा लंड ढूँढने को कहा और तू बुद्धा ले आया, ये तो चोद्ते चोद्ते मेरे उप्पेर ही मार जाएगा,' वो बोली. " ग़लत बीबीजी ऐसा लड पूरे कस्बे मे किसी का नही, खड़ा हो जाए तो ऐसे लगे जैसे कोई गढा हो, एकद्ूम क़ाला और बcचे की कलाई जितना मोटा,' कालू बोला.' मुझे तो विश्वास नही होता,' निशा बोली.' नही बीबीजी ये रोज़ मेरी गांद मारता है चोदना शुरू करता है तो मदारचोड़ का पानी ही नही निकलता,' कालू बोला.' तू तो पूरा मर्द है, तू कब से गांद मरवाने लग गया?" निशा ने असचर्या से पूछा. " बस इस दुनिया मे ऐसा ही है मेमसाहिब जिसके पास जितना बड़ा लंड उसके पास उतनी ही ताक़त, साधुरम का हथियार ज़्यादा मज़बूत है इसलिए मे हार गया,' कालू बोला. " ये मुझे संतुष्ट तो कर देगा?" निशा ने पूछा.' ये बुद्धा चुदाई की मशीन है, पूरी रात भर हम दोनो की मार देगा फिर भी खुद नही झदेगा,' कालू ने कहा. " ठीक है फिर कल रात को इसको ले आ मगर पहले इसको नहलाना धुलना, सफाई वगेरह करना,' निशा बोली.

अगले दिन रात को कालू और साधु आए. कालू उसको बाथरूम मे ले गया और पहले उसको रगर रगर कर साबुन से नहलाया फिर रेज़र से उसके आँड और लंड के पास के बॉल सॉफ किए. साधु अब खुश्बू मार रहा था. निशा ने उसके लिए नये धोती कुर्ते ला रखे थे. उधर कालू नेभी निशा की दी हुई नयी पॅंट और शर्ट पहनी. दोनो निशा के बेडरूम मे आए. गीता को सब पता था,' चाचिजी अब बहू की चुदास इतनी बढ़ गयी की बुद्धो के लंड भी लेने लग गयी,' वो बोली,' हूमे क्या वो जाने और उसकी चूत जाने तू तो अपनी चुदाई से मतलब रख,' चाचिजी बोली.

निशा बिस्तेर पेर लेटी थी डाई तरफ और साधु उसकी बाई तरफ आ गये. उसने सिर्फ़ ब्लॅक कलर की नाइटी पहनी थी, अंडर कुछ भी नही था. कालू ने धीरे धीरे उसका दया बूब दबाना शुरू किया, उधर बुद्धा निशा का दूसरा बूब मसल रहा था. दोनो ने उसकी नाइटी पेट तक नीचे खिसका दी थी, निशा के नरम और गोरे बूब्स पेर दो सख़्त और काले हाथ थे. दोनो ने अब उसके निपल्स को चूसना शुरू कर दिया. पहली बार कोई संभ्रांत महिला के नर्म और गोरे बूब्स इन भूखे ग़रीबो को मिले थे, भूखो की तरह वो उसके बूब्स को लगभग खाने लगे. निशा को दर्द हो रहा था मगर उसे मज़ा भी आ रहा था, जो चीज़ सूरज कीट ही उसे वो सड़कच्छप लोगो मे लूटा कर अच्छा महसूस कर रही थी. उसे लगता था उसके रूप यौवन की उसके पति ने बेइज़्ज़ती की इसलिए वो इसका बदला लेकर रहेगी.

पाँच मिनिट तक किसी औरत के बूब्स से दो मर्द एक साथ खेले तो उसकी चूत तो गीली होगी ही और वो उत्तेजित भी हो जाएगी. निशा पहले तो दोनो के बॉल सहला रही थी फिर उसके हाथ उनके गुप्तांगो पेर चले गये. एक हाथ से उसने कालू के लंड को दबाना शुरू किया दूसरे से साधु का औज़ार नापने लगी. निशा के हाथ से साधु का लंड बार बार फिसल रहा था. उसको लगने लगा की कालू झूट नही बोल रहा था. कालू ने अपने सारे पपड़े खोले और निशा की नाइटी भी उतार दी. वो खड़ा हुआ और निशा के मूह के पास अपना लंड लाया. निशा ने पहले तो उसके सुपरे को किस किया फिर उसके पूरे लंड और आंदियो को चूमने लगी. कालू का लंड फंफनाने लगा. निशा ने कालू के लंड की चमरी पीछे की और उसके मोटे सुपरे पेर जीभ फेरने लगी. कालू का सुपरा लहू के प्रवाह से फटा जर आहा था. साधु ने पहली बार किसी औरत को लंड चूस्ते हुए देखा था. उसकी भी इच्छा हो आई की वो भी अपना लंड निशा के मूह मे दे.' उधर निशा ने कालू के लंड को उसके पेट से सटा दिया और वो आइस्क्रीम की तरह उसको चाटने लगी उसकी जीभ अंडकोष से शुरू कर लंड की टिप तक जाती. थोड़ी देर बाद निशा ने उसका लंड लगभग आधा मूह मे लिया और उसको चूसने चाटने लगी. उसका एक हाथ कालू की गोटियो को धीरे धीरे मसल रहा था ताकि उसो दर्द भी ना हो और मज़ा भी ना आए,' कालू तेरी इन गोलियो को मे बहुत प्यार करती हू क्यूकी यही से मेरा बेटा आया है,' ये कह की ब उसने उसकी एक गोली मूह मे ली और कॅंडी की तरह चूसने लगे. बारी बारी से वो उसकी गोलिया चुस्ती रही, कालू इतना उत्तेजित हो गया की उसका लावा फूटने को आया,' ओह भेंचोड़ मेरा पानी च्छुतने को है, इसको गटक मदारचोड़ नही तो तेरी गांद मार दूँगा रंडी,'' कालू बोला. " हा मेरे राजा तेरा वीरया तो मेरा अमृत है भर दे मेरे पेट को इसकी बूँदो से,' निहा ये कह कर उसके आँड थोड़ा ज़ोर से मसालने लगी. कालू ज़ोर से चीखा और निशा के गले मे झाड़ गया. उसकी गांद कपने लगी.

साधु ने अपनी धोती उतार फेंकी और कालू जैसे ही हटा वो अपना औज़ार लेकर निशा के मूह के सामने आ गया. निशा ने अपनी अब तक की ज़िंदगी मे ऐसी चीज़ नही देखी थी. उसके पास इंची टेप तो नही था मगर कोई एक फुट बड़ा तो उसका हथियार था ही. खाली सुपरा किसी चीकू के आकर का था. साधु के क्लुंड की मोटाई इतनी थी उसके हाथ के घेरे मे शायद वो आधा ही नही सीमतेगा,' कालू ये क्या है?" निशा विस्मित हो कर बोली,' बीबीजी लंड है और क्या असली लंड,' कालू बोला.' मगर ये आदमी का लंड तो नही ऐसा लगता है किसी राक्षस का लंड है या किसी गधे का,' वो बोली. निशा की नज़र अब उस विकराल लंड के नीचे के ठेले पेर पड़ी. उसे लगा जैसे वाहा दो बड़े बड़े चिकू लटक रहे हो,' पूरी दुनिया का वीरया इसने अपने आंदियो मे ही भर लिया क्या?" निशा ने पूछा. मगर उतेज़ित साधु ने अपना मोटा सुपरा निशा के होटो पेर लगा दिया,' चूस रंडी इसको चूस,' उसने कहा. निशा आग्या मानते हुए उस महके लंड को चूसने चूमने चाटने लगी. उसकी चूत का पानी बह कर उसकी पूरी गंद को भिगो चक्का था. कालू ने उसकी चूत के फेक फैलाई और अपनी जीभ अंडर घुसा दी. साधु निशा का मूह चोद रहा था और कालू अपनी जीभ से निशा की चूत चोद रहा था.

 
हालाँकि साधु का कंट्रोल मशहूर था मगर पहली बार लंड चूस्ते देख वो बेहद उत्तेजित था और 4-5 मिनिट मे उसने अपना गढा क्रीम निशा के पेट मे उतार दिया,' पी जमेरा पानी भेंचोड़ बुझा अपनी प्यास चुड़क्कड़ रांड़, ये कहते हुए वो छ्छूट गया. " निशा के मूह मे चूँकि उसका लंड था इसलिए वो बोल तो कुछ भी नही पाई मगर कालू चुप नही था,' हा उस्ताद ये रंडी आंडरास की शौकीन है, खाली कर दो अपने चीकु इसके अंडर,' वो बोला. उधर निशा कालू के मूह पेर झड़ने को थी,' हा कालू चोद मेरी चूत , चॉड भद्वे चोद्ता जा रुक मत,' ये कह कर वो गांद उप्पेर नीचे करने लगी. कालू ने एक हाथ से तो उसकी चूत के बाहर के हॉट फैलाए हुए थे दूसरे से वो उसकी गांद मे उंगली कर रहा था. निशा की गांद एकद्ूम चिकनी थी. एक सेकेंड मे पूरी उंगली सॅट्ट से भीतेर सरक जाती थी. गांद पेर एक भी बॉल भी नही था. कालू उसकी क्लाइटॉरिस को सॉफ्ट्ली चबा रहा था जो फूल कर किसी बच्चे के लंड जितनी बड़ी हो गयी थी. निशा ने ज़ोर से चीख लगाई, इतनी ज़ोर से की उसके पति और सास को दूसरे कमरे मे सॉफ सुनाई दी,' ये रंडी चुदाई मे हम सबको पीछे छ्चोड़ देगी,' चाचिजी बोली.

निशा तो झाड़ गयी मगर कालू अब दुबारा तय्यार था. उधर साधु का लंड दुबारा खड़ा होने मे टाइम लेता था मगर वो इस वक़्त का इस्तेमाल करना चाहता था. अब उस्ताद के कहे अनुसार कालू नीचे लेट गया निशा उस पेर उल्टी लेट गयी. कालू उसकी चूत चाट रहा था और वो कालू के लंड को तय्यार कर रही थी. साधु एक और कला मे माहिर था. वो गांद ऐसे चाटता था जैसे कोई प्यासा जानवर तालाब का पानी पीता हो. उसने कालू के मूह के अप्पर पड़ी निशा की गोरी मगर मज़बूत गांद का गुलाबी च्छेद ढूँढा और उसके च्छेद पेर अपनी जीभ लगा दी. निशा को सनसनी हुई , कोई पहली बार उसकी गांद के च्छेद को ऐसे चाट रहा था. साधु ने धीरे धीरे अपने थूक और उंगली से उसकी गांद को खोलना शुरू कर दिया, निशा को लगने लगा आज साधु उसकी गांद फड़ेगा. उसे पता चल गया दोनो कुत्ते अपने अपने च्छेद ढूंड चुके है. कोई 5 मिनिट मे साधु ने अपनी तीन उंगलियो से निशा की गांद चोदना शुरू कर दिया. निशा की गांद ऐसे खुल गयी थी जैसे कोई कमल का फूल सुबह सुबह खिलता हो. कोई 4-5 मिनिट बाद साधु ने आलू जैसे मोटे सुपरे को निशा की गांद के च्छेद मे सरका दिया. दर्द और एग्ज़ाइट्मेंट मे उसने कालू के लंड को काट लिया,' भांचोड़ रंडी मुझे हिजड़ा बनाएगी क्या ,' कालू बोला. कालू की आँखो के बिल्कुल उप्पेर उसके चुदाई के उस्ताद की आंड झूल रहे थे जिनको द्देख उसके मूह मे पानी आ रहा था. साधु धीरे धीरे अपना औज़ार निशा की गांद मे अड्जस्ट करने लगा.निशा चीखने लगी,' कालू ये बुद्धा मदारचोड़ मेरे गांद फाड़ देगा उसको रोक,' वो बोली.' उस्ताद रंडी को मज़ा आ रहा है पूरा थुस दो,' कालू बोला. साधु ने पूरा लंड घुसा दिया था. निशा चीख पड़ी.

कालू के सामने उस्ताद के विशाल आँड नाच रहे थे. उसने अपना हाथ बढ़ाया और साधु की गोटिओ को धीरे धीरे मसालने लगा. साधु उतीजित हो कर निशा की गांद कुत्तो की तरह मारने लगा. " कालू ये भड़वा मेरी गांद फाड़ देगा मे पॉटी तक नही जा पौँगी, इसको कह मेरी चूतड़ छोड़ दे और अपना मूसल वाहा से निकाल दे,' निशा बोली.' " नही मेमसाहबशुरू शुरू मे गांद मे दर्द होगा बाद मे ये भी चूत जितना ही मज़ा देगी,' कालू बोला. साधु अब अपना पूरा लंड बाहर निकलता और फिर उसको पूरा अंडर पेल देता, निशा चीक्ख परटी,' ओह मा मर गयी,' उधर कालू ने अपनी दिशा चेंज कर ली. वो निशा के नीचे आया और उसकी चूत मे अपना लंड अड्जस्ट करने लगा,' ओह चुदु तुम दोनो मेरे दोनो च्छेद एक साथ फड़ोगे क्या?" निशा बोली,' भेंचोड़ रंडी तेरे च्छेद चुड़ाने के लिए ही तो बने है, तू क्या सोचती है हम तेरी गांद और चूत की अगरबत्ती करेंगे,' साधु बोला और उसने स्पीड बढ़ा दी.' कालू अब तक नीचे से पूरा लंड निशा की चूत मे घुसा चक्का था. साधु और कालू के आँड एक दूसरे से टकरा रहे थे. निशा की चूत और गांद के बीच की पतली चमरी से दोनो को एक दूसरे का लंड एक दूसरे के लंड पेर रगारता महसूस हो रहा था. कालू नीचे से निशा को किस जकर रहा था. उधर साधु ने निशा के गोरे लटकते हुए बूब्स दबा रखे थे. वो गांद मारते मारते निशा की गांद पेर ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मारे जा रहा था. पिटाई से निशा की गांद लाल हो गयी थी मगर उसको मज़ा आ रहा था. उसको लग रहा था जैसे दो जंगली जानवर उसकी ऐसी तैसी कर रहे है. " मे मार जौंगी कालू धीरे धीरे लो मेरी, तुम्हारी ही दौलत है मेर चूत और गांद, एक दिन मे ही लूट लोगे क्या?" " साली ये दौलत तो लूटने से बढ़ती है अभी तो पूरी रात बाकी है,' साधु बोला.

कोई 10 मिनिट तक निशा की भयानक चुदाई हुई कोई 5 बार उसको ऑर्गॅज़म हो गया. वो इंतेज़ार करने लगी की दोनो बेरहम चुड़क्कड़ कब अपने भरे हुए अंडकोष उसके पेट मे खाली करेंगे,' अब निकालो अपना पानी और बुझा दो मेरी चूत और गांद की प्यास,' वो बोली.' गर्र्र्र की आवाज़ करते हुए पहले कालू खल्लास हुआ, उसने इतना पानी छोड़ा को वो निशा की चूत से बह कर उसके काले अंडकोषो को पूरा भिगो गया. उसके बाद ,' ले रंडी मेरा पानी ले तेरी गांद को आज इस से भर दूँगा,' ये कह कर चीख कर साधु निशा की गांद मे झाड़ गया. बिस्तेर पेर वीरया ही वीरया बिखरा हुआ था. चीखे सुन तीनो औरते सूरज को छोड चली आई, पीछे पीछे सूरज भी चला आया, बहादुर बी, पाँचो ने ऐसी भयानक चुदाई का द्रश्य आज तक नही देखा था. उधर साधु का लॉडा देख पाँचो की आँखे फटी रह गयी,' चुदाई पूरी होने के 5 मिनिट बाद तीनो को होश आया. " आओ बेटा तुम्हारा और तुम्हारे इस दोस्त का लंड धो देती हू,' गीता बोली. वो साधु के लंड को इसी बहाने हाथ मे लेना चाहती थी. दोनो मर्द गीता के साथ बाथरूम मे गये तो निशा बोली,' मे तो आपके कमरे मे आकर आपकी चुदाई नही देखती आप यहा क्यू आए?" उसने चाचिजी से पूछा.' बहू हम तो तेरी चीख सुन कर घबरा गये थे,' चाचिजी बोली.' " आप जैसी चुड़क्कड़ औरत क्या चुदाई की चीख नही पहचानती?" निशा ने पूछा. ये सुन कर सूरज और चाचिजी बाहर चले गये. गीता मौके का फयडा उठा कर वही रुक गयी.

चाचिजी बहादुर और सूरज के लंड से अब कहा सन्तुस्ट होने वाली थी? उनकी आँखो के सामने साधु का विकराल लंड घूम रहा था. उस रात उन्होने चुदाई बड़े बुझे मन से की और निशा से उनको खूब ईर्ष्या हुई. सूरज भी अपनी बीवी की गांद और चूत मे मोटे लंड जाते देख हीनभावना से भर गया. चाचिजी को उम्मीद थी की गीता कोई रास्ता निकल लेगी.

उधर निशा के कमरे मे दोनो मर्द लंड सॉफ कर के वापस आ गये थे. साधु दोनो तरफ चलता था. कालू को पता था उसको अपनी गांद का प्रसाद चाड़ना परेगा. उसको लगा वो निशा से कैसे कहे,' मा अब साधु मेरी गांद की ऐसी तैसी करेगा तू इसको थूक या तेल वेल से चिकना कर इसके मुस्टंडे के लिए खोल दे,' ये कह के उसने अपने चुतताड बिस्तेर के कोने पेर उँचे कर दिए. मा अपने ही लाल को उसकी दूरगत के लिए तय्यार कर रही थी. वो अंडर जीभ डाल कर उसकी गांद खोलने लगी, कालू को बड़ा मज़ा आ रहा था. साथ ही वो नीचे हाथ बढ़ा कर अपने बेटे का आधा खड़ा लॉडा भी दबाने लगी और धीरे धीरे उसके आंदियो पेर थपकीया देने लगी.' कालू को बहुत मज़ा आ रहा था,' अब मेरी गांद छोड़ मा,' वो बोला. गीता ने अपनी एक उंगली उसकी गांद मे सरका दी और अंडर बाहर करने लगी,' मा और समान डाल इस भद्वे साधु ने चोद चोद कर मेरी गांद का च्छेद मोटा कर दिया है तेरी एक उंगली का कुछ असर नही होगा,' वो बोला. गीता ने धीरे धीरे अपनी चार उंगलिया डाल दीं अगर कालू शांत नही हुआ,' मा और कुछ डाल गांद की खाज मिटी नही, उसने कहा. गीता ने अब अपना पूरा हाथ कलाई तक कालू की गांद मे सरका दिया. पहली बार उसने इतना बड़ा गांद का च्छेद देखा था,' हा मा अब कुछ महसूस हुआ चोद्ति जा,' कालू ने कहा. गीता अपना हाथ उसकी गांद मे अंडर बाहर करने लगी,' मेरे लाल तेरी गांद का तो इस मदारचोड़ ने भुर्ता बना दिया पता नही कितनी बार किस बेरहमी से चोदा है तुझे,' गीता बोली. " मे तो इसके लॉड का घुलाम हू मा,' कालू ने कहा. " उस्ताद मेरी चूत तुम्हारे हथोदे की चोट के लिए तय्यार है,' कालू साधु से बोला.

उधर निशा साधु को चूस कर उसको कालू के लिए तय्यार कर रही थी. साधु तो नीचे खड़ा था और निशा बिस्तेर पेर बैठी थी,' साले रांदबाज़ ऐसा औज़ार ले करके अब तक कहा च्छूपा हुआ रहा?" निशा ने कहा.' कस्बे की सारी औरते मर गयी थी जो तू आदमियो की गांद मारता फिर रहा था?" उसने कहा और लॉलीपोप की तरह साधु का गुप्तन्ग चाटने चूसने लगी,' चाट भोसड़ी की रंडी चाट मेरा हथोदा,' साधु निशा के बॉल पकर कर बोला. निशा हल्के हल्के उसके विशाल सूपदे पेर दाँत भी गाड़ा रही थी जिससे साधु और उत्तेजित हो रहा था. साधु ने कोई 5 मिनिट मे विकराल रूप धारण कर लिया अब निशा का मूह छ्होटा परने लग गया, वो उसके लंड के चारो तरफ जीभ फिरने लगी, इन अंडू को भी चट ,' ये कह कर साधु ने अपने टटटे उसके मूह मे एक एक कर के डाल दिए. निशा पागल हो रही थी उसकी चूत का रस बह कर उसके घुटनो तक आ गया.

अब साधु को अपनी मंज़िल पता थी. उसने निशा के मूह से लंड हटाया और कालू की गांद के च्छेद पेर रख दिया. गीता ने उसके सूपदे को च्छेद पेर रख कर दबा दिया,' मार मेरे बेटे की गांद मेरे सांड चोद इस भद्वे को,' गीता बोली. साधु लगभग हर रोज़ कालू को चोद्ता था. उसे पता था उसे क्या करना है. उसने एक ज़ोर का झतका दिया और आधा लंड कालू की गांद मे सरका दिया,' मर गया उस्ताद रहम करो,' कालू चीखा. कालू की चीख कम से कम पूरे घर मे सुनाई दी. जिग्यासा वश चाचिजी, सूरज वगेरह सब भी पर्दे के पीछे से देखने लगे. कालू की गांद मे फासे हुए साधु के विकराल लंड को देख उनके पसीने छ्छूट गये,' ये तो कालू को मार डालेगा ज़ालिम,' चाचिजी बोली. मगर साधु रुका नही थोड़ा बाहर खीच कर उसने एक और झटका मारा इस बार तीन चौथाई लंड अंडर था,' छ्चोड़ दो उस्ताद फट जाएगी मेरी गांद,' कालू चीखा.' " तेरी मा और तेरी रंडी बैठी तो है सीलने के लिए तू तो ऐसे नखरे कर रहा है जैसी किसी कुँवारी रांड़ की सुहग्रात हो,' साधु बोला और लंड खिसकता रहा. कोई दो मिनिट बाद उसका पूरा गधे जैसा लंड कालू की गाड़ ने खा लिया,' शॅबहश मेरे लाल जुग जुग जीओ, तूने आज तेरे उस्ताद का पूरा लंड खा लिया,' गीता बोली.' साधु अब चुदाई शुरू कर चक्का था. कालू भी अब पूरी मस्ती मे था,' चोदो उस्ताद फाडो इस भद्वे की गांद,' कालू बोला. साधु की स्पीड बढ़ गयी थी. कालू का मूह लाल था. निशा अपने बेटे के बाप के नीचे सरक गयी और कालू का गीला ओर छ्होटा लंड चूसने लगी, उसे असचर्या था उतीज्न के बावजूद कालू का लंड नरम कैसे था जबकि खूब सारा प्रिकूं उसके सुपरे पेर लगा हुआ था,' तुम्हे अच्छा तो लग रहा है कालू?" निशा ने पूछा.' हा बहुत अच्छा लग रहा है थोड़ी देर मे तुम्हारे मूह मे पानी छ्चोड़ दूँगा,' कालू ने कहा.' मगर इतने नरम लंड से कैसे पानी छूतेगा?" निशा ने पूछा.' अरे भेंचोड़ जब गांद मे मूसल हो तो लंड खड़ा कैसे होगा? ऐसे ही नरम लंड पानी छ्चोड़ देगा भाडवी,' कालू बोला. निशा कालू के अंडकोष पेर भी उंगलिया फिरने लगी और उन पेर हल्का हल्का दबाव देने लगी. उधर गीता ने साधु के लंड का बेस कस के पाकर लिया और उसकी विशाल गोलियो को एके क कर के दबाने लगी,' अब छ्चोड़ दे मेरे बेटे की गॅंड मे अपना पानी मेरे साड,' गीता बोली.' अभी कहा अभी तो साले को इतना चोदुन्गा की दो दिन तक टट्टी जाना भूल जाएगा,' साधु ने कहा और पूरा बेरहम हो गया.' सूरज की चीखे जारी रही, गीता के उस्ताद हाथ वन कालू का काम आसान कर दिया, साधु इस बार 5 मिनिट मे ही झाड़ गया. उधर कालू नरम लंड से ही निशा के मूह मे झाड़ गया. ये द्रश्य चाचिजी और सूरज के रोंगटे खड़ा कर गया. मदारचोड़ ऐसा चुड़क्कड़ आदमी ये रंडी कहा से ढूँढ लाई? चाचिजी ने कहा.

उस रात चुदाई का भयंकर द्रश्य था घर मे साधु के लंड से चूटे और गांडे चुद चुद कर घायल हो रही थी. मगर चाचिजी को अब हर कीमत पेर साधु का लंड चाहिए था. उनको पता था गीता के सिवई यह काम कोई नही कर पाएगा. गीता मालकिन के लिए साधु के लंड के बंदोबस्त मे अगले दिन से ही लग गयी. एक दिन निशा का अच्छा मूड देख कर वो बोली,' मेमसाहिब, साधु इतना भयंकर चुड़क्कड़ है की एक रात मे आपको और मेरे बेटे को चोद कर संतुष्ट करने के बाद भी कम से कम दो तीन और लोगो की मार ले,' वो बोली. " हा गीता है तो वो मदारचोड़ सांड कुछ ऐसा ही,' निशा ने कहा. " तो फिर आप उस से चाचिजी की बुद्धि चूत क्यू नही चूड़ने देती?" " उसने मेरे पति को मुझसे छ्चीना है उस रंडी को मे कभी चुदाई का असली मज़ा लेते हुए नही देख सकती, जो मुझे चोदेगा वो उस बुद्धि भिस्दी को नही,' निशा ने कहा. कोई दो दिन बाद निशा यकायक गीता से बोली,' सुन गीता में साधु को चाचिजी को चोदने दे सकती हू मगर मेरी एक शर्त है,' उसने कहा.' " क्या शर्त है मेमसाहिब?" गीता ने पूछा. " साधु और कालू सूरज की गांद मारेंगे,' निशा बोली.' और हा चाचिजी को अगर साधु से चूड़ना है तो फिर सूरज का लंड छ्चोड़ना पड़ेगा और उसकी गांद मेरे सांड से मर्वानी पड़ेगी, सूरज अब सिर्फ़ चुड पाएगा, चोद नही पाएगा, ये अगर चाचिजी को मंज़ूर हो तो मुझे बता देना,' निशा बोली.

गीता ने अगले ही दिन सब चाचिजी को बता दिया. चाचिजी की आँखो के सामने दिन रात साधु का विकराल लॉडा घूमता था. वो सूरज को मानने मे जुट गयी,' बेटा, तूने इतनी चुदाई कर ली, गांद मरवाने का भी तो मज़ा है, तेरे चाचजी नेभी तो कितने सौक से मरवाई, तू अपनी गांद मरवा ले बेटा ताकि तेरी चाचिजी को साधु का गरम लॉडा मिल सके,' उन्होने कहा.' सूरज मना करता रहा. मगर गीता और चाचिजी दोनो ने संकल्प ले रखा था. अगले दिन जब सूरज चाचिजी पेर चढ़ कर उनको चोदने लगा तो गीता ने कुछ नया काम शुरू कर दिया. वो सूरज के आँड की मालिश तो करती ही थी चुदाई के वक़्त उनसे खेलती भी थी, मगर उस रात उसने आँड के तेल मालिश करते करते काफ़ी सारा तेल सूरज की गांद मे लगा दिया और एक हाथ से सूरज की आंड मसालते मसालते दूसरे से उसकी गांद के च्छेद से खेलना शुरू कर दिया. सूरज लंबा चोद्ता था. गीता ने धीरे धीरे अपनी उंगलिओ से उसकी गांद मारनी शुरू कर दी, सूरज की भी अच्छा लग रहा था. वो तोड़ा जल्दी झाड़ा. ऐसे कोई 5-7 दिन मे गीता चुड्ती तो चाचिजी सूरज की गांद मारती और चाचिजी चुड्ती तो गीता उसकी गांद मारती. धीरे धीरे सूरज गांद मरवाने का अभ्यस्त हो गया. दोनो औरते अब उसकी गांद मे गाजर मूली तक सरकने लगी. अब मंज़िल दूर नही थी.

 
उधर जब सूरज की गांद पूरी तरह खुल गयी तो गीता ने निशा को इसकी सूचना दी,' मेमसाहिब अब सूरज . की गांद पूरी तरह चुड़ाने के लिए तय्यार है,' उसने कहा. "मगर मेरी एक शर्त और है गीता,' निशा बोली.' वो क्या मेमसाहिब?" गीता ने पूछा. अगर तुम एक रात साधु और कालू को चोदो तो उस से पहले पूरी एक रात सूरज उन दोनो से गांद मरवाएगा,' वो बोली. "जितनी चुदाई मेरे सॅंडो से चाहिए उतनी ही मेरे पति की गांद घिसेगी,' निशा बोली.

गीता अब सब कुछ समझ गयी. उसको और चाचिजी को समझ आ गया की अब सूरज मर्द नही रह पाएगा. " इतनी गांद मरवाते मरवाते वो पूरा गान्डू हो जाएगा फिर उसका लंड बेकार हो जाएगा चाचिजी,' गीता ने कहा.' हा वो तो है मगर इस से हुमको क्या, उल्टा हुमारे लिए नये लॉड खुद ढूँढ ढूँढ कर लाएगा,' चाचिजी हस कर बोली. मगर गीता की खुद की चूत भी तो साधु का लंड ख़ान एके लिए खुजली मचा रही थी,' हा चाचिजी अब होने दो सूरज बाबा को गान्डू,' उसने कहा. रात मे चुदाई चालू होते ही चाचिजी ने कहा,' सूरज बेटा, कल तू कालू और साधु से चुड ले ताकि हम दोनो बुद्धि चुतो को चैन पड़े,' उन्होने कहा और ऊओह आ करने लगी. " लेकिन चाची मुझे इसका अनुभव नही,' वो बोला.' मे कल कालू को ले आउन्गि सूरज दादा आप एक बार उस से चुड कर देखना अच्छा लगे तो फिर साधु को बुलाएँगे,' गीता बोली.' "ठीक है चाची आप देख लो,' सूरज ने कहा और उसके धक्के तेज़ हो गये.' गीता उसकी गांद मे लगभग पूरा हाथ डाले हुए थी,' ओह सूरज बाबा क्या रसीली गांद है आपकी,उसने कहा.

जैसा की तय था अगले दिन कालू आया. दोनो औरतो ने कालू को सब बता रखा था,' देख धीरे धीरे मारना और मज़ा देना ताकि गांद मरवाने का इसको मज़ा आए,' गीता ने अपने बेटे से कहा,' तू चिंता मत कर मा मे ऐसी गांद मारूँगा को वो गान्डू बन कर रहेगा,' कालू ने कहा. चाचिजी ने कालू के आने से पहले एक बार सूरज को चोद दिया था ताकि उसका पुरुष्टव थोड़ा और कमज़ोर हो जाए. जब गीता और कालू कमरे मे पहुचे तो भतीजा और चाची दोनो नंगे लेटे हुए थे. कालू और गीता ने भी कापरे उतार दिए. "ले बेटा घोड़ी बन तो ज़रा तेरी गांद की मालिश कर दू ज़रा,' गीता बोली. ये सुनते ही किसी अग्यकारी पशु की तरह सूरज ने अपनी बड़ी गांद उप्पेर कर दी. गीता और चाचिजी दोनो उसके पीछे आ गयी. चाचिजी ने अपने दोनो हाथो से उसकी गांद के काले च्छेद को फैलाया और गीता ने कोई पाव भर नारियल का तेल अंडर सरका दिया, उसकी उंगलिया अब सूरज की गांद मे पच पच्छ की आवाज़े करने लगी. गीता ने धीरे धीरे सूरज की गांद को एक उंगली से चोदना शुरू कर दिया,' अपनी गांद का च्छेद तो किसी कुँवारी की चूत सा टाइट है सूरज बाबू,' गीता बोली. " हा रे आज इसकी गांद की सील कालू तोड़ेगा और कल साधु के साथ इसकी सुहग्रात है,' चाचिजी बोली. गीता अब दो उंगलिओ से चोदने लगी,' अब तुम्हारी गांद थोड़ी खुली बाबूजी मज़े लो मेरी चुदाई के,' उसने कहा. गीता ने अब पूरी तीन उंगलिया अंडर सरका दी थी सूरज की गांद उत्तेजना मे उप्पेर नीचे हो रही थी,' देखो इस कुँवारी गांद को लंड लेने के लिए कैसी मचल रही है,' गीता बोली.' " मगर तेरे बेटे से कहना मेरे बेटे को धीरे धीरे चोदे खून ना आए कही और हा बीज इतना गहरा ना डाले की इसके पेट मे बच्चा ठहर जाए,' चाचिजी बोली. उधर सूरज की गांद अब पूरी खुल चुकी थी गीता को पता चल गया कि लोहा गरम है, उसने इशारा किया और उसके इशारा करते ही चाचिजी ने कालू के लंड पेर तेल मालिश शुरू कर दी. चाचिजी ने पहले उसके लंड की चमरी पीछे कर सुपरे को खूब रग्रा और उसको तेल पिलाया फिर चमरी से वापस सुपरे को क़ैद कर दिया और उसके लंड पेर चारो तरफ और अप्पर नीचे तेल मलने लगी, उसकी गोलिओ तक को नही छोड़ा. कालू का लंड अब तय्यार था और तेल से एकद्ूम चिकना हो चक्का था.

कालू सूरज के पूछे आया और अपना हथियार उसकी गांद के च्छेद पेर रखा, गीता ने अपने बेटे के लंड की चमरी पीछे खिसका दी और तेल से गीला सुपरा सूरज के मलद्वार के प्रवेश पेर दबा दिया. कालू ने हल्का सा ज़ोर लगाया तो खुली हुई गांद मे उसका मोटा सुपरा फँस गया. वो एक मिनिट तक ऐसे ही रहा फिर उसने थोडा अड्जस्टमेंट किया और हल्का सा लंड और अंडर सरका दिया. अब तक सूरज को दर्द नही हुआ था. कालू ने थोडा और ज़ोर लगाया तो आधा लंड सरक गया अब सूरज के मूह से हल्की चीख निकली मगर चाचिजी ने अपने होट उसके होटो मे डाल उसको किस करना शुरू कर दिया ताकि वो कुछ बोल ना सके. उधर कालू का लंड सरकता रहा. कोई 3 मिनिट मे उसका लगभग पूरा लंड भीतेर सरक गया. अब कालू अपनी गांद हिला हिला कर लंड को अड्जस्ट करने लगा. उसको लगा की अब सब ठीक है तो उसने चोदना शुरू कर दिया. " मज़ा आ रहा है बेटे?" चाचिजी ने पूछा.' ज़्यादा नही आ रहा चाचिजी ,' सूरज बोला. तू बस मज़े ले मेरे बेटे, कालू बहुत प्यार से ले रहा है तेरी,' चाचिजी बोली. " ऊ चाची ये मोटा लॉडा मेरी गांद का कचूमर निकल देगा,' सूरज बोला. " बेटा मोटा लंड तो चूत और गांद का कचूमर निकालने की लिए ही बना होता है,' चाचिजी बोली.

उधर कालू को पता था अब सूरज की गांद लंड खाने को तय्यार है इसलिए उसने स्पीड बढ़ा दी. " चोद मेरे लाल चोद इसकी मोटी गांद, तेरा मोटा लंड इसको खूब मज़ा देगा,' गीता बोली.' सूरज ऊवू आ करता रहा मगर कालू के लंड की चुदाई के मज़े भी लेता रहा. 5 मिनिट की चुदाई के बाद कालू ने हथियार डाल दिए और उसकी पिचकारी सूरज की कुँवारी गांद मे जा गिरी,' श मा मेरा पानी छ्छूट रहा है,' वो बोला.' " डाल मेरे बेटे डाल इसकी गांद मे अपना पानी और सींच इसको,' गीता बोली.' " ले ले बेटा इस सांड़ का ताक़तवर पानी अपने अंडर,' चाचिजी बोली.' सूरज भी पानी के गिरते ही सुस्त पड़ गया. अद्ढा काम हो चुका था. उस रात कालू ने चार बार सूरज की गांद मारी. अब अगले दिन सूरज को सुहाग रात थी.

उधर जब सूरज की गांद पूरी तरह खुल गयी तो गीता ने निशा को इसकी सूचना दी,' मेमसाहिब अब सूरज . की गांद पूरी तरह चुड़ाने के लिए तय्यार है,' उसने कहा. "मगर मेरी एक शर्त और है गीता,' निशा बोली.' वो क्या मेमसाहिब?" गीता ने पूछा. अगर तुम एक रात साधु और कालू को चोदो तो उस से पहले पूरी एक रात सूरज उन दोनो से गांद मरवाएगा,' वो बोली. "जितनी चुदाई मेरे सॅंडो से चाहिए उतनी ही मेरे पति की गांद घिसेगी,' निशा बोली.

गीता अब सब कुछ समझ गयी. उसको और चाचिजी को समझ आ गया की अब सूरज मर्द नही रह पाएगा. " इतनी गांद मरवाते मरवाते वो पूरा गान्डू हो जाएगा फिर उसका लंड बेकार हो जाएगा चाचिजी,' गीता ने कहा.' हा वो तो है मगर इस से हुमको क्या, उल्टा हुमारे लिए नये लॉड खुद ढूँढ ढूँढ कर लाएगा,' चाचिजी हस कर बोली. मगर गीता की खुद की चूत भी तो साधु का लंड ख़ान एके लिए खुजली मचा रही थी,' हा चाचिजी अब होने दो सूरज बाबा को गान्डू,' उसने कहा. रात मे चुदाई चालू होते ही चाचिजी ने कहा,' सूरज बेटा, कल तू कालू और साधु से चुड ले ताकि हम दोनो बुद्धि चुतो को चैन पड़े,' उन्होने कहा और ऊओह आ करने लगी. " लेकिन चाची मुझे इसका अनुभव नही,' वो बोला.' मे कल कालू को ले आउन्गि सूरज दादा आप एक बार उस से चुड कर देखना अच्छा लगे तो फिर साधु को बुलाएँगे,' गीता बोली.' "ठीक है चाची आप देख लो,' सूरज ने कहा और उसके धक्के तेज़ हो गये.' गीता उसकी गांद मे लगभग पूरा हाथ डाले हुए थी,' ओह सूरज बाबा क्या रसीली गांद है आपकी,उसने कहा.

जैसा की तय था अगले दिन कालू आया. दोनो औरतो ने कालू को सब बता रखा था,' देख धीरे धीरे मारना और मज़ा देना ताकि गांद मरवाने का इसको मज़ा आए,' गीता ने अपने बेटे से कहा,' तू चिंता मत कर मा मे ऐसी गांद मारूँगा को वो गान्डू बन कर रहेगा,' कालू ने कहा. चाचिजी ने कालू के आने से पहले एक बार सूरज को चोद दिया था ताकि उसका पुरुष्टव थोड़ा और कमज़ोर हो जाए. जब गीता और कालू कमरे मे पहुचे तो भतीजा और चाची दोनो नंगे लेटे हुए थे. कालू और गीता ने भी कापरे उतार दिए. "ले बेटा घोड़ी बन तो ज़रा तेरी गांद की मालिश कर दू ज़रा,' गीता बोली. ये सुनते ही किसी अग्यकारी पशु की तरह सूरज ने अपनी बड़ी गांद उप्पेर कर दी. गीता और चाचिजी दोनो उसके पीछे आ गयी. चाचिजी ने अपने दोनो हाथो से उसकी गांद के काले च्छेद को फैलाया और गीता ने कोई पाव भर नारियल का तेल अंडर सरका दिया, उसकी उंगलिया अब सूरज की गांद मे पच पच्छ की आवाज़े करने लगी. गीता ने धीरे धीरे सूरज की गांद को एक उंगली से चोदना शुरू कर दिया,' अपनी गांद का च्छेद तो किसी कुँवारी की चूत सा टाइट है सूरज बाबू,' गीता बोली. " हा रे आज इसकी गांद की सील कालू तोड़ेगा और कल साधु के साथ इसकी सुहग्रात है,' चाचिजी बोली. गीता अब दो उंगलिओ से चोदने लगी,' अब तुम्हारी गांद थोड़ी खुली बाबूजी मज़े लो मेरी चुदाई के,' उसने कहा. गीता ने अब पूरी तीन उंगलिया अंडर सरका दी थी सूरज की गांद उत्तेजना मे उप्पेर नीचे हो रही थी,' देखो इस कुँवारी गांद को लंड लेने के लिए कैसी मचल रही है,' गीता बोली.' " मगर तेरे बेटे से कहना मेरे बेटे को धीरे धीरे चोदे खून ना आए कही और हा बीज इतना गहरा ना डाले की इसके पेट मे बच्चा ठहर जाए,' चाचिजी बोली. उधर सूरज की गांद अब पूरी खुल चुकी थी गीता को पता चल गया कि लोहा गरम है, उसने इशारा किया और उसके इशारा करते ही चाचिजी ने कालू के लंड पेर तेल मालिश शुरू कर दी. चाचिजी ने पहले उसके लंड की चमरी पीछे कर सुपरे को खूब रग्रा और उसको तेल पिलाया फिर चमरी से वापस सुपरे को क़ैद कर दिया और उसके लंड पेर चारो तरफ और अप्पर नीचे तेल मलने लगी, उसकी गोलिओ तक को नही छोड़ा. कालू का लंड अब तय्यार था और तेल से एकद्ूम चिकना हो चक्का था.

कालू सूरज के पूछे आया और अपना हथियार उसकी गांद के च्छेद पेर रखा, गीता ने अपने बेटे के लंड की चमरी पीछे खिसका दी और तेल से गीला सुपरा सूरज के मलद्वार के प्रवेश पेर दबा दिया. कालू ने हल्का सा ज़ोर लगाया तो खुली हुई गांद मे उसका मोटा सुपरा फँस गया. वो एक मिनिट तक ऐसे ही रहा फिर उसने थोडा अड्जस्टमेंट किया और हल्का सा लंड और अंडर सरका दिया. अब तक सूरज को दर्द नही हुआ था. कालू ने थोडा और ज़ोर लगाया तो आधा लंड सरक गया अब सूरज के मूह से हल्की चीख निकली मगर चाचिजी ने अपने होट उसके होटो मे डाल उसको किस करना शुरू कर दिया ताकि वो कुछ बोल ना सके. उधर कालू का लंड सरकता रहा. कोई 3 मिनिट मे उसका लगभग पूरा लंड भीतेर सरक गया. अब कालू अपनी गांद हिला हिला कर लंड को अड्जस्ट करने लगा. उसको लगा की अब सब ठीक है तो उसने चोदना शुरू कर दिया. " मज़ा आ रहा है बेटे?" चाचिजी ने पूछा.' ज़्यादा नही आ रहा चाचिजी ,' सूरज बोला. तू बस मज़े ले मेरे बेटे, कालू बहुत प्यार से ले रहा है तेरी,' चाचिजी बोली. " ऊ चाची ये मोटा लॉडा मेरी गांद का कचूमर निकल देगा,' सूरज बोला. " बेटा मोटा लंड तो चूत और गांद का कचूमर निकालने की लिए ही बना होता है,' चाचिजी बोली.

उधर कालू को पता था अब सूरज की गांद लंड खाने को तय्यार है इसलिए उसने स्पीड बढ़ा दी. " चोद मेरे लाल चोद इसकी मोटी गांद, तेरा मोटा लंड इसको खूब मज़ा देगा,' गीता बोली.' सूरज ऊवू आ करता रहा मगर कालू के लंड की चुदाई के मज़े भी लेता रहा. 5 मिनिट की चुदाई के बाद कालू ने हथियार डाल दिए और उसकी पिचकारी सूरज की कुँवारी गांद मे जा गिरी,' श मा मेरा पानी छ्छूट रहा है,' वो बोला.' " डाल मेरे बेटे डाल इसकी गांद मे अपना पानी और सींच इसको,' गीता बोली.' " ले ले बेटा इस सांड़ का ताक़तवर पानी अपने अंडर,' चाचिजी बोली.' सूरज भी पानी के गिरते ही सुस्त पड़ गया. अद्ढा काम हो चुका था. उस रात कालू ने चार बार सूरज की गांद मारी. अब अगले दिन सूरज को सुहाग रात थी.

 


सूरज की सुहाग रात

अगली रात बहुत हुलचूल थी. चाचिजी का बेडरूम सज धज रहा था. बिस्तेर पेर फूलो की पंखुरिया बिछ गयी थी. अगरबत्ती की खुश्बू फैल रही थी. नारियल के तेल की बड़ी शीशी लाकर रख दी गयी थी. कोई नौ बजे सूरज अंडर आया, चाचिजी और गीता उसको लेकर आए. साथ मे कालू भी था. साधु ने सॉफ कह दिया था की वो सूरज की गांद कालू के बाद नही मारेगा. यही आज कालू को भी इंतेज़ार करना था.

कोई 5 मिनट बाद निशा साधु को लेकर आई. उसने आते ही इशारा किया. इशारा होते ही चाचिजी और गीता ने सूरज के कपड़े उतारने शुरू कर दिए. वी खुद भी नंगी हो गयी. उधर निशा ने भी साधु के कापरे उतार दिए. साधु का लंड अभी सोया हुआ था. " आओ पहले तुमको मूत करवा दू,' निशा बोली. साधो को लेकर वो बाथरूम मे गयी और उसके सोए हुए लंड को पकर कर उसका मूह पिट की तरफ कर दिया. साधु की लंबी धार सीधे पिट मे गयी. कोई दो मिनिट तक साधु ने मूत. निशा ने उसका लंड झटका और उसके मूह पेर लगी मूत की बूंदे चाट ली. दोनो वापस आ गये. अब निशा साधु का लंड लॉलीपोप की तरह चूसने लगी. साधु ने उसके बॉल पकरे हुए थे,' चूस भाडवी चूस मेरा लॉडा आज इस से तेरे पति की गॅंड की मा चोदुन्ग. मे,' साधु ने कहा.' निशा भूखे प्यासे की तरह लंड चुस्ती रही, साधु का लंड फैल रहा था. निशा ने अपने थूक से पूरा लंड गीला कर दिया था.

उधर दोनो कमतुर औरते सूरज को घोड़ी बना कर उसकी गांद खोलने मे लगी हुई थी. सूरज को पता था आज उसकी गांद का मुरब्बा बन जाएगा. गीता उसकी गांद मे अपना हाथ कलाई तक दाल कर अंडर से हिला रही थी. सूरज किसी ख़ास्सी होने वेल बैल की तरह दर्द से भारी आवाज़े कर रहा था. " बस करो गीता मेरी गांद फटी जा रही है, वो बोला.' बस बेटा थोड़ा सबर कर थोड़ी गांद और खोलने दे ताकि तू साधु का मज़बूत लॉडा आराम से ले सके,' गीता बोली. कोई पाव भर तेल इसी बहाने गीता ने सूरज की गांद मे सरका दिया था. उधर साधु पूरा गरम हो चक्का था. निशा ने उसे आज़ाद कर दिया. साधु के पास आते ही दोनो औरते हट गयी. उसके सामने शिकार की खुली हुई गांद थी,' इतनी मोटी गांद तो पक्के गंडुव की होती है,' साधु बोला और सूरज की गांद के च्छेद पेर अपना मोटा सुपरा रख दिया. चाचिजी सूरज को किस कर रही थी ताकि वो चीख ना सके. गीता ने साधु का आलू से भी बड़ा सुपरा ज़ोर से च्छेद पेर दबा दिया. तेल से गीली गांद मे साधु का विशाल सुपरा आधा तो ऐसे ही चला गया. " ऊ मा मे मर जौंगा,' सूरज चीखा.' "बस बेटा एक बार ये लंड अंडर सरक जाए फिर तुझे पूरा मज़ा आएगा,' चाचिजी बोली. साधु ने जोश मे आकर ज़ोर का झटका मारा और पूरा सुपरा अंडर कर दिया,' ऊओह फट गयी मेरी गांद,' सुरक चीखा. " चोद मेरे सांड इस भद्वे को, इसको इसके पपो की सज़ा दे,' निशा ने कहा तो साधु ने दया छ्चोड़ दी और आधा लंड सरका दिया. निशा बोली,' मदारचोड़ को फाड़ दे,' और साधु ने एक ज़ोर का झटका और लगाया. 4-5 झटको मे सूरज की गांद साधु का एक फुट का लंड खा गयी सिर्फ़ आँड बाहर थे.

अब साधु पूरे जोश मे था. " ले भद्वे ले मेरा गरम लॉडा,' और स्पीड बढ़ा दी.' सूरज किसी गाय की तरह चुड रहा था अपने सांड से. " मज़े ले बेटा मोटे लंड के, गांद को अच्छा लगेगा,' चाचिजी सूरज से बोली. उधर कालू को ना जाने क्या सूझी उसने यकायक से सूरज की आगे आकर अपना लंड उसके मूह मे दे दिया और सूरज असचर्यजनक रूप से उसको चूसने चाटने लगा,' चूस मदारचोड़ इस मज़बूत लंड को इसने ही तेरी रंडी बीवी को मज़े दिए है,' कालू बोला. कालू ने अब लंड बाहर निकाला और अपनी बड़े गुलाब्ज़मुन के आकर की गोलिया कालू के होटो पेर रख दी,' चट इस गुलाब्ज़मुन को मदारचोड़ इनके रस से ही तेरा बेटा पैदा हुआ है, वो बोला.' सूरज ग्युलामो की तरह कालू के काले आँड चूसने चाटने लगा. कालू ने अब अपना लंड उसके मूह मे थूस दिया और उसका मूह चोद्ने लगा. पीछे से साधु गांद मार रहा था ऑरा आगे से कालू मूह चोद रहा था. सूरज किसी रंडी की तरह दोनो च्छेदो मे लंड के मज़े ले रहा था और तीनो औरते उसको चूड़ते हुए देख रही थी,' इसके मूह मे अपना मर्डवाला पानी डाल ताकि इस हिजड़े को ताक़त मिले सालू,' निशा बोली." हा मेमसाहिब इस भद्वे के मूह मे मेरा गरम पानी डालना वाला हू,' कालू बोला. " पी जा बेटा इस मदारचोड़ का पानी ,' चाचिजी बोली. कोई दो मिनिट मे कालू सूरज के मूह मे झाड़ गया,''' श आ मा ऊ चाचिजी ऊहह मेमसाहिब साला ये गान्डू बड़ा शानदार्र लंड चूस्ता है इससे तो कोठे वाली रांड़ भी शर्मा जाए,' उसने कहा और गरर्र करता हुआ खल्लास हो गया. उधर सूरज की गांद साधु फड़ता रहा. अब वो उसको आराम से चोद रहा था,' इसकी गांद लंड लेने मे एक्सपर्ट है देखो कैसे एक फुट का लंड पूरा का पूरा खा गयी,' साधु बोला. अब सूरज की गांद से तेल की वजह से फॅक फॅक की आवाज़े आ रही थी. साधु ने कोई आधा घंटे बाद पानी छ्चोड़ा, सूरज दर्द और एग्ज़ाइट्मेंट से रोने लगा, अपने पति की ये हालत देखी निशा बहुत खुश थी. " अब भर रहा हट एरे पति की चूत को रंडी,' ये कह कर साधु ने ढेर सारा वेरया सूरज की गांद मे उडेल दिया. काफ़ी सारा तो बाहर बह कर आने लगा. सूरज के दोनो च्छेद वीरया से भरे हुए थे. मगर दोनो चुड़ककारो में कोई रहम नही थी. रात मे दोनो ने मिल कर सूरज को पाँच बार चोद. सूरज चुड चुड कर पागल हो गया और लगभग बेहोश हो गया.

सुबह सूरज को . दी तो थोड़ा फ़र्क पड़ा. सब जानते थे सूरज अब 3-4 दिन तक चल नही पाएगा. बहादुर और उसकी बीवी सूरज की स्वेआ मे लग गये. टट्टी पहब भी वो बिस्तेर मे कर रहा था. महार दोनो बुद्धि औरते अब मस्त थी, क्योकि आज रात उनको साधु का लंड मिलने वाला था. रात मे साधु और कालू एक साथ चाचिजी और गीता को चोद्ने वाले थे. उधर निशा अपने कमरे मे अकेली थी. उस के लिए साधु अब बेकार था और उसको अब नया और शानदार लंड खाना था. उसके कस्बे के कॉलेज मे नाइजीरिया के कोई 40-50 लरके लरकिया पढ़ते थे. उनमे से कुछ उसके यहा कमरा ढूँढने भी आए थे. " कालू कम से कम दो हबशी ढूँढ ला जो साधु को टक्कर देते हो, और अपना उपेरवाला कमरा उनको किराए पेर दे दे,' उसने कालू से कहा. कालू उनकी तलाश मे चला गया. चाचिजी और गीता रात का इंतज़ार करने लगी.

गीता और चाचिजी ने एक दूसरे की चूत , गांद और खख से बॉल साफ किए. दोनो अची तरह नहाई और कालू और साधु का इंतज़ार करने लगी. चाचिजी ने कोई मस्त ब्लू फिल्म लगाई और खाली ब्लाउस और पेटिकोट पहन कर बिस्तेर पेर लेते लेते उसको देखने लगी. साधु और कालू भी आ गये. गीता सबके लिए गरम दूध लाई. ब्लू फिल्म देखते ड़खटे दोनो मर्द तय्यार होने लगे. चाचिजी ने अपने पैर छोड़े कर दिए थे. पेटिकोट उँचा था जिससे उनकी साफ और चिकनी चूत सॉफ दिखाई दे रही थी. गीता ने साधु के कापरे उतरना शुरू कर दिए उधर कालू अपनेआप नंगा होकर चाचिजी के पास आ गया,' क्यू रे तेरे लंड मे बड़ी ताक़त आ गयी जो मेरी बहू को एक बच्चा दे डाला,' चाचिजी ने कहा. मेरे लंड मे कहा ताक़त चाचिजी वो तो आपकी बहू की चूत मे ही लंड का चुंबक लगा है,' कालू बोला. " दिखा तो तेरे लंड को चोद चोद कर कैसा बना डाला उसने, कुछ बचा या सब निचोर लिया उस चुड़क्कड़ रांड़ ने,' चाचिजी ने कहा और कालू का आधा खरा लंड मुति मे ले लिया. " गीता इधर आ आज तेरे बेटे की मूठ मारते है चेक करते है इसके पानी की मोटाई,' चाचिजी ने कहा. " मगर साधु ?" गीता बोली." उसको तबीयत से चोदेन्गे पहले इस गान्डू के आँड का रूस निकालते है,' चाचिजी बोली.

साधु आँखे फाडे ब्लू फिल्म देख रहा था. उसमे एक 14-15 साल के बच्चे को उसकी मा चोद रही थी. गीता ने कालू को लिटाया और उसकी गांद बिस्तेर के कोने पेर रख दी. वो खुद तो उसकी साइड मे बैठ गयी चाचिजी ने उसके पाओ चौरे किए और सामने स्टूल लेकर बैठ गयी. गीता ने कालू के कारक लंड पेर मूठ मारना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से उसकी गांद मे खोजबीन करने लगी. चाचिजी एक हाथ से कालू के मोटे सुपरे को सहला रही थी और दूसरे से होले होले उसके आँड सहला रही थी. चार गरम हाथो के अहसास ने कालू को पागल कर दिया. वो उत्तेजना मे अपनी गांद उछाल रहा था. चाचिजी ने अपना थूक लिया और उसके सुपरे पेर लगाया,' ओह चाचिजी सुपरा फट जाएगा,' कालू बोला. चाचिजी कालू कें आर्म आंदो को आते की तरह मसल रही थी,' चाचिजी मेरी गोलिया टूट जाएगी,' कालू ने कहा. ये सुनते ही चाचिजी ने हल्के हल्के हाथो से कालू के आँदिओ पेर थपकीया देना शुरू कर दिया. कालू उत्तेजना से काँपने लगा. मूठ मरवाने मे भी इतना मज़ा आ सकता है उसने नही सोचा था. उधर मा की स्पीड बढ़ गयी थी वो तेज़ी से हाथ चला रही थी. दूसरे हाथ से कालू की गांद मार रही थी. दोनो औरतो ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे. स्टूल पेर बैठी चाचिजी की विशाल गांद देख कर साधु का लंड बेक़ाबू हो रहा था. वो आया और उसने चाचिजी की गांद की दोनो फाकॉ को चाटना और चबाना शुरू कर दिया, चाचिजी की हालत खराब हो गयी, वो उतेज्ना मे थोड़ी पीछे हुई अब उनकी गांद का च्छेद भी स्टूल से बाहर था, साधु ने तुरंत उसमे जीभ दाल दी और चाचिजी की गांद को चाटने लगा. स्टूल ज़ोर से हिलने लगा, चाचिजी की विशाल गांद मचल रही थी. चाचिजी का ध्यान अब कालू की मुति से ज़्यादा खुद की गांद पेर था और किस्मेत उनके साथ थी. कोई दो मिनिट मे कालू के सुपरे से गाढ़े वीरया की धार बह निकली. दोनो औरते उसके वीरया को चाटने लगी, नीचे आँदिओ तक बह कर आए वीरया को भी उन्होने चाट डाला.

स्टूल फेक कर चाचिजी ने हवा मे अपनी गांद साधु के मूह से सटा दी. कालू बाथरूम मे लंड धोने गया तब तक चाचिजी उसी की पोज़िशन ले चुकी थी. उन्होने बिस्तेर के कोने पेर अपनी गांद रखी और टाँगे मोर कर अप्पर कर ली. चाचिजी की चूत के मोटे हॉट साधु को न्योता दे रहे थे. उसने अब अपना ध्यान चूत पेर लगाया. साधु अपनी जीभ से चाचिजी की चूत चोद्ने लगा,' ऊवू मेरे राजा तेरी जीभ भी जवान मर्द के लंड जितनी मज़ेदार है,' चाचिजी बोली. उधर गीता ने साधु का लंड चूसना शुरू कर दिया. साधु पूरा एक फुट का साँप लेकर तय्यार था. गीता ने उसके साँप का भारी सुपरा चाचिजी की चूत के मोटे होतो पेर रखा और साधु ने तुरंत आधा लंड एक शॉट मे सरका दिया,' अरे मदारचोड़ चूत है कोई दुकान नही जो एक ही शॉट मे पूरा डोर खोल डेग.,' चाचिजी बोली. मगर साधु को पता था चाचिजी की चूत तुरंत उसका पूरा लॉडा खा जाएगी,' मेरा एक फुट का औज़ार भी आपकी दुकान के गेट से छ्होटा है,' साधु बोला,' जा भोसड़ी के अभी भी टाइट चूत है कोई मोटा भोसड़ा नही,' चाचिजी ने कहा. साधु ने अपना पूरा लंड सरका दिया था,' श मेरे राजा मेरा नसीब है जो इस उम्र मे ऐसा गधे जैसा लंड मेरी चूत खा रही है,' चाचिजी बोली और साधु के स्ट्रोक्स के साथ गांद हिलने लगी. उधर कालू चाचिजी के निपल्स चूस रहा था और उसकी मा ने साधु के लंड का बेस कस कर पकड़ा हुआ था ताकि साधु का हथियार पठार जैसा कठोर बना रहे.' साधु अब तेज़ी से फ़चफ़च चुदाई कर रहा था,' मार इसकी चूत ज़ोर से फाड़ दे इस रंडी की चूत,' गीता बोली,' हा मेरे राजा रुकना मत चोद्ते जाना मेरी चूत पानी चूड़ने वाली है,' चाचिजी बोली. डूस मिनिट की चुदाई मे वो कोई 5 बार झाड़ गयी. साधु ने चुदाई का इतना मज़ा लेने वाली औरत नही देखी थी,' इस कस्बे मे तेरे जैसी चुड़क्कड़ औरंत दूसरी नही मिलेगी,' साहू बोला,' और तेरे जैसा सांड,' चाचिजी बोली और चीखी. " अब मेरे भोस्डे मे तेरा पानी डाल मेरे राजा,' चाचिजी बोली.' हा साधु इसकी चूत को भर दे तेरे क्रीम से,' गीता बोली और पीछे आ कर साधु के झूलते आँड लगभग मसालने लगी. साधु आँड मसालने के दर्द से तुरंत झाड़ गयी,' ओह मदारचोड़ गीता मेरे आँदिओ पेर रहम कर इनका कचूमर मत निकाल,' ये कह कर वो खल्लास हो गया. साधु के झाड़ते ही चाचिजी को घोड़ी बना कर कालू ने चोद्न शुरू कर दिया, बाद मे गीता को भी दोनो ने चोद. रात भर चुदाई चली. दोनो सुबह इतने तक गये की अगले तीन दिन तक नज़र नही आए. चाचिजी साधु का लंड चोद कर धान्या थी. उधर निशा एक कदम आगे जाने का सोच रही थी.

 
कस्बे मे नाइजीरिया और कुछ दूसरे अफरीसी देशो के हबशी पढ़ते थे. ये लोग किराए के कमरो की तलाश मे रहते थे. कालू ने पता किया उनमे से दो के लंड बहुत बड़े थे. एक शादीशुदा था दूसरा कुँवारा. कालू ने उनसे बात की और समझाया की उनको छत पेर फ्री मे कमरा और फ्री खाना मिलेगा बदले मे मालकिन को चॉड्ना पड़ेगा. दोनो तय्या हो गये, एक का नाम था दवीड जो 19 साल का था और कुँवारा था दूसरा माइकल जो 25 साल का था उसकी वाइफ 19 साल की थी जिसका नाम था इसाबेल. कालू ने कमरा देने से पहले दोनो के लंड देखे और उसको यकीन हो गया की उनके मोटे काले और आगे से कटे हुए लंड निशा की चूत की प्यास ज़रूर बुझायेँगे.

दो तीन दिन मे तीनो उपेरवाले बड़े कमरे मे शिफ्ट हो गये. निशा रात को सिर्फ़ नाइटी पहन कर अप्पर आई कालू भी साथ था. निशा का रूप यौवन देख कर दोनो कलुओ को अपनी किस्मेत पेर यकीन नही हुआ. " कालू इनसे कह पहले ये दोनो इस लर्की को चोद कर दिखाए ताकि मे इनके लंड और इनकी चुदाई देख साकु,' निशा बोली.

दवीड ने अपनी पत्नी के कापरे उतरे और उसके मोटे मोटे बूब्स दबाने लगा और उसके काले मोटे निपल्स चूसने दबाने लगा. उधर माइकल ने इसाबेल के कापरे खोले और खुद भी नंगा हो गया. वो पीछे खड़ा हो कर उसकी गांद से खेलने लगा और थोड़ी देर मे उसकी गांद चाटने लगा,' कालू ये हबशी तो गांद बढ़िया चट्टा है,' निशा बोली,' अभी इसी गांद को फड़ेगा मेमसाहिब,' कालू ने कहा. दवीड बिस्तेर पेर लेट गया, उसका लटका हुआ लंड भी विकराल लग रहा था. इसाबेल उसके अप्पर आ गयी अब दवीड उसकी काली चूत को कुत्ते की तरह चाट रहा था और वो अपने पति का लंड चूस रही थी. ईशा ने देखा की उसके मोटे मोटे काले हॉट कितनी कुशलता से दवीड के लंड को चूस रहे थे,' ये तो सारे चोदु है कालू,' निशा बोली,' हा मेमसाहिब इसीलिए तो लाया हू,' उसने जवाब दिया. दवीड का लंड अब फैलने लगा था, उसका बिना चमरी का सुपरा अब इसाबेल के मूह मे बड़ी मुश्किल से जा रहा था और फँस भी रहा था, निशा की नज़र वही थी,' मदारचोड़ की आंड देख कालू जैसे कोई बड़ा संतरा हो,' वो बोली,' ' हा मेमसाहिब ध्यान रखना पड़ेगा नही तो काले लंड वाला बचा एक शॉट मे पेट मे चला जाएगा,' कालू ने कहा,' नही कालू बदनामी हो जाएगी इनको मे निरोध लगा कर ही चोदुन्गि,' निशा ने कहा. दवीड का लंड कोई एक फुट से भी बड़ा हो गया था इसाबेल के मूह के साइज़ से भी बड़ा था. इतना बड़ा लंड निशा ने पहले कभी नही देखा था उसकी आँखे फटी रह गयी. उधर माइकल इसाबेल के पीछे आकर उसकी गांद आम की तरह चूस रहा था. उधर उसका लंड भी टाइट हो रहा था. माइकल की आंड तो ज़्यादा बड़े नही थे मगर उसके लंड की मोटाई ग़ज़ब थी. निशा ने इतना मोटा लंड आजतक नही देखा था,' कालू इसके हिटना मोटा लंड तो घोड़े का भी नही होता,'मेमसाहब फस गया तो ऑपरेशन करवाना पड़ेगा,' कालू ने हंस कर कहा. " धात साले चूत मे कोई लंड फसा है आज तक,' निशा बोली.

इसाबेल ने पोज़िशन बदली और अपनी चूत दवीड के लंड पेर रख कर धक्का दिया, ' श फक मी,' वो बोली. दवीड ने उसकी गांद पाकर कर देहीरे धीरे लगभग पूरा लंड उसकी काली चोट मे सरका दिया. अब माइकल पीछे आया और गांद पेर अपना मोटा लंड सरका कर धीरे धीरे खिसकने लगा. कोई दो मिनिट मे उसका हात्ोड़ा भी भीतेर सरक गया था. दोनो ज़ालिम उस काली औरत को चोद रहे थे और वो भी एक्सपर्ट रांड़ की तरह बिना आ ऊओह किए चुड रही थी,' इस रंडी का चुदाई का कितना अभ्यास है कालू,' ईशा ने कहा.' " इनके यहा तो बचपन से ही चुदाई चलती है और साले सारे लंड मुसलचंद ही होते है,' कालू बोला.' अब उन तीनो कालो की चुदाई चालू थी और निशा की चूत से पानी बह बह कर उसके पाओ तक पहुच रहा था. कालू का लंड भी तन रहा था. दोनो ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया,' कालू मेरे जान मेरी हालत खराब है,' निशा बोली.' मेरी भी मेमसाहिब,' कालू ने कहा और अपना ताना हुआ लंड निशा की मुट्ठी मे पकरा दिया.

निशा ने कालू का लंड कॅंडी की तरह चूसना शुरू कर दिया. वी अपनी जीभ कालू की गांद और आँड के बीच की जगह पेर ले जाती और वाहा से उसके लंड की टिप तक जीभ रगर्ति. कालू के लंड उसने उसके पेट पेर दबाया हुआ था. तूदी देर लंड के अंडर की साइड चाटने के बाद उसने कालू की एक गोली मूह मे लेकर धीरे धीरे उसको चूसना शुरू कर दिया. दोनो गोलिया चूसना के बाद उसने कालू के सुपरे की जाँच शुरू की , बीच बीच मे वो अपने दाँत से हल्का सा लंड को दबा भी देती. उसने सुपरे के चमरी पीछे किशकाई और अपनी जीभ से उसके मूट के च्छेद को चाटने लगी,' श रंडी तू तो चूस चूस कर ही खल्लास कर देगी,' कालू बोला.' " हा भद्वे तेरा पानी निकलते ही दोनो कालू मेरी पूरी रात मारेंगे,' निशा बोली. कालू सामने हो रही चुदाई और निशा की मस्त चटाई से मदमस्त था,' कोई बात नही इस काली को चोद्ने के नाम से ही मेरा लॉडा दुबारा से तन जाएगा,' उसने कहा. अब निशा ने पूरा सुपरा मूह मे ले लिया था और गुलाब्ज़मुन की तरह उसे चूस रही थी खा रही थी,' श रंडी तू मेरा माल खाली करवा कर मानेगी,' कालू ने कहा और निशा के बॉल पकड़ लिए. निशा अब मूह से उसका लंड चोद्ने लगी. कालू बॉल पकड़ कर उसके मूह को चूत की तरह चोद रहा था,' भेंचोड़ कलुओ के लंड के चक्कर मे मेरा पानी छुड़वा रही है, तेरा पेट मे मेरे पानी से भर दूँगा रंडी,' कालू बोला,' ठीक है मेरे राजा भर दे मेरा पेट, दाल मेरे मूह मे तेरे गुलाब्ज़मुनओ का रस,' निशा ने कहा और कालू के अंडकोषो को धीरे धीरे दबाने लगी जैसे आम को रस निकालने से पहले नरम करते है वैसे. " मेरा पानी च्छुत रहा है रनडिीई ऊऊहह आहह ये लीयी ये आयाअ पाणिीईईईईई,' कह कर कालू का शॉट निकल परा. निशा आँड दबाते दबाते सारा रस गटक गयी. उधर वो तीनो अभी भी चोद रहे थे सिर्फ़ पोज़िशन बदली थी अब माइकल इसाबेल की चूत चोद रहा था और दवीड गांद. कालू तो निढाल पड़ा था मगर निशा की रात तो अब शुरू हुई थी.

निशा उनके पीछे गयी और पास से चूत और गांद मे आते जाते लंड देखती रही और उसकी इच्छा हुई की काश इसाबेल की जगह वो हो और उसके दोनो च्छेदो मे ऐसे ही काले मोटे लंड आए जाए,' मदारचोड़ो ने ऐसे रक्षश जैसे लंड कहा से पाए?" उसने सोचा. उसने इसाबेल की गांद मार रहे दवीड के मोटे काले चूतड़ पाकरे और उसको धक्का देने लगी, दवीड को मज़ा आ रहा था,' श पुश मी हिप्स बेबी,' उसने कहा. निशा को लगा इस कालू को अब खलास कर देना चाहिए, उसने अपनी एक उंगली से दवीड की गांद सहलानी शुरू कर दी और दूसरे हाथ से उसके विशाल और उकचलते हुए आनडिए मसालने लगी, दवीड और तेज़ हो गया,' एस बेबी ई'म कुम्मिन्न्न,' ये बोला और वो अपनी बीवी की गांद मे झाड़ गया. दवीड जैसे ही हटा माइकल को चोद रही इसाबेल के मोटे मोटे टाइट काले चूतड़ निशा को दिखाई दिए, वो माइकल को पागलो की तरह उच्छल उच्छल कर चोद रही थी,' निशा नीचे झुकी और उसने नीचे सो रहे माइकल के लेते हुए अंडकोष की गोलिया चटनी शुरू कर दी,' श नू ई'म एक्शप्लोड़ीन,' माइकल बोला.' एस बेबी फिल मी कंट विथ उर सीड्स,' इसाबेल ने कहा. दोनो एक साथ झाड़ गये. तीनो मर्द झाड़ कर नंगे लेट हुए थे. निशा अब तय्यार थी.

निशा ने अपने कापरे उतार दिए. दवीड और माइकल ने इतनी सुंदर औरत पहले नही देखी थी. एकद्ूम गोरा माखन जैसा बदन. बड़े और टाइट बूब्स जिनके निपल्स एकद्ूम गुलाबी थे और तने हुए थे. कमर दो बचो के बाद भी अछी शेप मे थी. एकद्ूम बिना बालवली सॉफ चूत जिसके हॉट एकद्ूम चिपके हुए थे. लंबी सुंदर टाँगे और बाहर की तरफ उभरी हुई मोटी गांद जिनको देख कर किसी बुड्ढे का लंड भी दुबारा काम करने लग जाए. दोनो कालो को पास लिटा कर निशा ने उनके लंड की सेवा करना शुरू कर दिया. निशा ने पहले दवीड का लंड हाथ मे लिया, उसने पहली बार खुला हुआ लंड देखा था,' कालू इसके लंड के आगे चमरी क्यू नही है?" उसने पूछा. " मेमसाहिब मुसलमानो और इन कालो मे आगे की चमरी काटने का रिवाज़ है,' कालू बोला.' पेर उस से क्या होता है कालू?" निशा बोली.' " इस से इनका सुपरा कम सेन्सिटिव हो जाता है जिससे ये लोग ज़्यादा देर तक चोद सकते है,' कालू ने कहा.' पहले क्यू नही बोला कालू नही तो मे तेरी चमरी कटवा देती,'निशा ने कहा,' वो तो बचपन मे काटने पेर ही होता है,' कालू बोला.' फिर तो मे हुमारे बेटे की चमरी ज़रूर कत्वौन्गि ताक़ि वो बड़ा होकर अपनी मा को खूब चोदे,' निशा बोली.' आप बीच्ड बन कर मानेंगी,' कालू ने कहा.

निशा दवीड के लंड को हिलने लगी और उसके भारी आंदियो को तोलने लगी,' जा कालू नीचे से 4-5 निरोध ले आ,' उसने कहा.' कालू निरोध लेने चला गया. अब निशा ने अपने प्यासी जीभ को दवीड के औज़ार पेर फिरना शुरू कर दिया.' दवीड का विकराल लंड फैलने लगा. एक हाथ स्सी वो माइकल का लंड मुठिया रही थी. अपने थूक से गीला कर कर के उसने दवीड का लंड आधा खड़ा कर दिया. उधर माइकल से रहा नही गया उसने अपना मोटा लॉडा उसके मूह पेर सटा दिया,निशा ने इतना मोटा लंड अपने जीवन मे कभी नही देखा था, वो फिर भी उसको पाकर कर चूसने चूमने चाटने लगी,' माइ गॉड दिस लुक्स लाइक ए कुकुंबेर,' निशा बोली,' नो बेबी इट्स बिग्गर दॅन दट,' माइकल बोला और निशा का मूह फाड़ने लगा.' उधर कालू लौटा तो देखा की निशा अपने काम पेर लग गयी थी,' ये चुड़क्कड़ इन कलुओ को ऐसा चोदेगि की ये जीवन भर याद रखेंगे,' कालू ने सोचा.

उधर दवीड निशा के पीछे आया और उसने उसकी गांद मे आधी जीभ दाल दी,' ओह उ र स्क्रेवीन माइ आस बेबी,' निशा बोली. " दिस ईज़ माइ टंग आइ'ल्ल लेटर फक इट टू स्वीटहार्ट,' दवीड बोला और जीभ से निशा की गांद की चुदाई जारी रखी. कालू नीचे सरक गया और निशा की गुलाबी क्लाइटॉरिस पेर लगभग काटने लगा और उंगली से उसकी चूत को चोद चोद कर गरम करने लगा. निशा के मूह मे एक मोटा लंड था और दो आदमी उसके दोनो च्छेदो को चोद रहे थे,' कालू अब सहन नही हो रहा,' उसने कहा और दोनो कलुओ से बोली,' डॉन'ट टीज़ मी फक मी नॉववव,' ये सुनते ही माइकल ने कालू को हटाया और निशा के नीचे सरक गया वो अभी भी घोड़ी बनी हुई थी, कालू ने उसके मोटे लंड पेर निरोध चड़ाया और उसने निशा नि चूत के प्रवेष्द्वार पेर उसको सटा दिया,' चूत को थोडा दब्ाओ मेमसाहिब आराम से लेना इस घोड़े का लंड,' कालू ने कहा. निशा अपनी चूत की गिरफ़्त मे माइकल के मोटे औज़ार को लेने लगी. वो भी एक्सपर्ट थी कोई चार झटको मे उसकी चूत इतना मोटा लंड कोई आधा निगल गयी,' मेमसाहिब अपनकि चूत तो कैसा भी लंड खा ले,' कालू बोला.' ऐसे लंड भी तो नसीब्वाली चुतो को मिलते है कालू,' निशा ने कहा और माइकल का पूरा लंड खा गयी और धीरे धीरे उसको चोद्ने लगी. उधर दवीड अब पूरा गरम था उसने अपना हथियार निशा के मलद्वार पेर रखा एर सरकने लगा, निशा को दर्द महसूस हो रहा था पेर उसने गांद टाइट कर ली ताकि उसके लंड का हर हिस्सा गांद मे जाते हुए महसूस हो. कोई दो मिनिट मे दवीड का लंड भी निशा की पूरी गांद मे सरक गया.अब दोनो विशाल लंड निशा की फाड़ रहे थे. निशा को लग रहा था जैसे दोनो उसके मूह से बाहर निकल जाएँगे. कालू भी तो मदारचोड़ था उसने आगे आ कर अपना लंड निशा के मूह मे दस दिया. निशा के तीनो च्छेदो मे लंड थे. कालू भी अब पूरा तय्यार था उसने भी निशा का मूह चोद्न शुरू कर दिया.' निशा बोल भी नही सकती थी. किसी रंडी की तरह बेबस वो अपनी ख़तरनाक चुदाई देख रही थी. उधर निशा की गांद और चूत मे दोनो कालू फस गये और ज़ोर ज़ोर से चोद्ने लगे,' यू गॉट सेक्सी आस इम गॉना ब्रिंग उर शीत औट्त बेबी,' दवीड बोला और स्पीड बढ़ा दी. दो मोटे लुंडो के दबाव से निशा 3-4 मिनिट मे ही झार गयी. उसको मल्टिपल ऑर्गॅज़म हो रहे थे,' फाड़ दो मेरी चूत और गांद,' वो धेरे ध्ीएरए बड़बदये जा रही थी. 10 मिनिट की चुदाई के बाद दोन ओने पोज़िशन बदल ली. अब माइकल गांद मे था और दवीड चूत मे. दोनो हरमज़ड़े निशा को बेरम्ी से चोद रहे थे.' निशा की इतनी भयंकर चुदाई पहले कभी नही हुई थी. दोनो आधे घंटे तक चोद कर खाली हुए, उधर कालू ने भी अपना पानी छोड़ दिया.

कालू ने बाद मे इसाबेल को चोदा उधर दोन ओने रात मे दो दो बार निशा की ली. निशा चुड चुड कर घायल हो गयी. उसने फ़ैसला कर लिया अब वो 2-4 दिन तक लंड नही लेगी.

उधर नीचे चाचिजी और गीता की चुदाई जारी थी. बहादुर और साधु उनकी गरम चूतो की सिकाई कर रघे थे. मगर सूरज को ना जाने क्या हुआ उसको चोद्ने के बजाई चुद्वने मे ज़्यादा मज़ा आने लगा,' ये क्या हुआ गीता?' चाचिजी ने पूछा.' कोई बात नही चाचिजी जो जवानी मे ज़्यादा चुड़ककर होते है वो इस मुर मे आअतए आते गन्दू हो जाते है, सूरज बाबू अब पूरे गन्दू हो चुके है,' गेटा बोली,' चाचजी की तरह?" चाचिजी ने पूछा,'नही चाचिजी उनका तो हथियार ही पूरा नही बना था अब तो कोई मस्त और छ्होटी चूत ही शायद सूरज को डबरा मर्द बना सके,' गीता ने कहा." अभी तो ये गन्दू ही ठीक है गीता ताकि ह्यूम लंड आसानी से मिले बाद मे इसका भी इलाज कर लेंगा,' कह कर चाचिजी हासणे लगी.

उधर कालो की चुदाई के क़िस्से कालू ने दोनो बुद्धि औरतो को बता दिया,' मदारचोड़ ये रंडी ( निशा) तो मोटे लंड ले ही आती है अब साधु से भी बड़े हथियार ढूँढ लिए उसने,' चाचिजी बोली. " चाचिजी निशा की चूत और गांद सूजी पड़ी है, आप चाहो तो चुपचाप उनसे चुड लो,' कालू बोला,' महार उस रंडी को पता चल गया तो?' चाचिजी ने कहा,' तो क्या हुआ ज़्यादा से ज़्यादा कमरा खाली कराव देगी या फिर सूरज बाबू की गांद मरवा देगी, दोनो मे ही क्या प्राब्लम है,' कालू ने कहा. ये सुनते ही चाचिजी और गीता खुश हो गये. " मे आज निशजी के दूध मे नशे की डॉवा मिला दूँगी, वो सो जाएँगी तो उन कलुओ के लंड लेंगे पूरी रात,' गीता बोली, ' हा गीता जल्दी कर मेरी तो चूत मे खुजली मच गयी,' चाचिजी बोली,' दोनो भद्ओो का कटा हुआ लंड है,' कालू बोला.' फिर तो और मज़ा आएगा,' गीता ने कहा और तय्यरी मे लग गयी.

 


रात मे गीता ने बड़ी चालाकी से निशा के दूध मे दो नींद की गोलिया मिला दी,' दो गोलिओ क इरस से तो वो वैसे भी बेहोश हो जाती है,' चाचिजी हस्ते हुए बोली. उधर सूरज नेब ही कलुओ के विकराल लंड देखने की इक्षे ज़ाहिर की, सूरज बेटा तू उनके लंड कल खा लेना आज आज ह्यूम चूड़ने दे तेरी गांद मे ज़्यादा खुजल मच रही हो तो तू आज आज कालू से चुड ले,' चाचिजी बोली. कालू भी बड़ी उदासी से सूरज के साथ नीचेवाले कमरे मे चला गया, उस रात गुस्से मे कालू ने कोई चार बार सूरज की गांद मारी और इतनी ज़ोर से मारी की उसकी गांद से खून आने लगा.

उधर गीता और चाचिजी गाउन पहन कर उपेरवाले कमरे मे गयी. दोनो कालू सिर्फ़ निक्केर पहन कर बैठे थे और टीवी देख रहे थे. इसाबेल दोनो के बीच मे सिर्फ़ ब्रा और चड्डी पहन कर बैठी थी और दोनो उसके काले मोटे बूब्स दबा रहे थे. चाचिजी और गीता की आते ही उन्होने उसकी ब्रा उतार दी और दोनो उसके निल्लपेस चूसने लगे. दोनो रंडियो को लगा की टाइम वेस्ट करना बेकार है इसलिए उन्होने दोनो के निक्केर के अप्पर से ही उनके लंड दबाना शुरू कर दिया जैसे ही उनको लगा की दोनो के लंड फैल रहे हें उन्होने उनके निक्केर नीचे सरका दिए और दोनो के लंड उनकी आँखो के सामने थे,' चाचिजी ये लंड है की हाथोरा?' गीता ने पूछा,' गीता ऐसे लंड भी दुनिया मे होते है क्या? काश हुमारे यहा भी लार्को के ऐसे ही लॉड होते तो हम औरतो की ज़िंदगी बदल जाती,' ये कह कर चाचिजी ने दवीड का लंड चूसना शुरू कर दिया, उधर गीता माइकल का क़ाला हात्ोड़ा चूस रही थी,' चाचिजी दोनो मदारचोड़ो की चमरी कटी हुई है,' गीता बोली,' हा तभी तो सुअपरा मोटा है,' चाचिजी बोली और सुपरे को होठ से छोड़ने लगी.

कोई 2-3 मिनिट मे दोनो के काले विकराल लंड फंफना रहे थे, चाचिजी और गीता की चूते तो एकद्ूम गीली थी, चाचिजी ने अपना गाउन उँचा कर के अपनी विशाल गांद दवीड के सामने कर दी,' ओह मदरफका शी हस ए घेट्टो बट,' दवीड बोला,' फक हेर आस,' माइकल ने कहा. दवीड ने चाचिजी की गांद का रस चूसना शुरू कर दिया, चाचिजी अपनी गांद उत्तेजना मे अप्पर नीचे करने लगी,' गीता ये कालू गांद ऐसे ख़ाता है जैसे कुलफी खा रहा हो,' चाचिजी बोली. उधर गीता ने ही कापरे उतार दिए. माइकल को लगा की अब देरी ठीक नही उसने बिस्तेर के कोने पेर गीता की गांद रखी और पाओ को खुद के कंधे पेर रख कर मोटा लंड उसकी मोटी चूत मे सरका दिया,' ओह मदारचोड़ चूत को आज मज़ा आया असली मर्द का लंड खाने मे,' गीता ने कहा और नीचे से उसके स्ट्रोक्स के साथ गांद हिलने लगी. इस पोज़िशन मे माइकल का लगभग पूरा लंड गीता की चूत ने खा लिया था. उधर दवीड ने धीरे धीरे चाचिजी की गांद मे अपना मोटा ताज़ा सुपरा सरका दिया,' गीता ऐसा लग रहा है जैसी मेरी कुँवारी गांद मे पहली बार कोई लंड जर आहा हो बहुत दर्द हो रहा है मगर मज़ा भी आ रहा है,' चाचिजी बोली. दोनो कालू अब स्पीड बढ़ा चुके थे. उधर इसाबेल ने अपनी काली चूत गीता के मूह पेर रख दी और गीता उसको चाटने लगी, इसाबेल माइकल को किस कर रही थी और माइकल उसके बूब्स दबा रहा था, गीता दोनो के नीचे चुदाई सच ले रही थी. पूरे कमरे मे फ़चफ़च की आवाज़े गूँज रही थी,' श मदारचोड़ धीरे, चाचिजी ने कहा,' फाड़ दे मेरा भोसड़ा कालू,' गीता बोली. दोनो काले उन बुद्धि रांडो को चोद्ते रहे. गीता कोई 5 बार पानी छ्होद चुकी थी और हाफ़ रही थी चाचिजी का भी डम निकले जर आहा था. दोनो ने दोनो औरतो को पूरी रात चोदा.

अगले दिन निशा को जैसे ही पता चला उसने तीनो से कमरा खाली करवा दिया.

कलुओ के जाते ही दोनो बुद्धि चूटें परेशन हो गयी,' गीता अब कौन मिटाएगा हुमारी चूत की खुजली?' चाचिजी ने पूछा. " चाचिजी थोड़े दिन तो सूरज और कालू के लंड से ही काम चलना परेगा,' गीता बोली. " मगर सूरज तो पूरा गन्दू हो चुका है,' चाचिजी बोली,' वो चिंता मुझ पेर छ्चोड़ो,' गीता ने कहा. गीता को ध्यान आया की बहादुर की दोनो लरकियों की कुँवारी चूटें लंड को खाने को तरस रही होंगी,' चाचिजी सूरज को दो कुँवारी चूटे मिलेगी तो उसका लंड अपने आप चूत चुदु हो जाएगा,' गीता बोली.' मगर दो कुँवारी चूत उसके लिए कहा से लाएगी तू?' चाचिजी ने पूछा,' अरे भूल गये आप बहादुर की दोनो बेटिओ को?" गीता ने कहा.' अरे हा ये आइडिया अक्चा है शायद काम कर दे मगर कालू को 4-5 दीनो के लिए यहा मत आने दे नही तो सूरज फिर उस से गांद मरवाने लग जाएगा,' चाचिजी ने बोला. " हा चाचिजी कालू को में बाहर भेज दूँगी, अब सूरज को औरतचोड़ बनाना ही परेगा,' गीता ने कहा.

गीता से बात करने के बाद बहादुर की पत्नी अपनी दोनो बेटिओ की सील तुड़वाने के लिए राज़ी हो गयी,' मगर में वही रहूंगी चाचिजी ताकि बचियो को दर्द वॉर्ड हो तो संभाल लू,' उसने कहा.' तू बेशक वाहा रह और इच्छा हो तो चुड भी ले,तुझसे कुछ छुपा हुआ थोड़े ही है बस एक बार सूरज के लंड में चूत की इच्छा दुबारा पैदा हो जाए बस,' चाचिजी बोली

उस रात गीता बहादुर की दोनो बेटियो को चाचिजी के कमरे मे ले आई, साथ मे उनकी मा भी थी,' देखो बचियो तुम दोनो को सूरज का चूत में इंटेरेस्ट दुबारा पैदा करना होगा, इसके बदले में में तुमको मूह माँगी क़ीमत दूँगी,' चाचिजी दोनो से बोली. बड़ी बेटी की उम्र थी कोई 17 साल उसका नाम था सोना, छ्होटी बेटी 15 की थी उसका नाम था लक्ष्मी. सोना कोई 5 फुट की थी. एकद्ूम गोरी, कोई 34 इंच के बूब्स, एकद्ूम गुलाबी निपल्स, सुनहरे झांटोवली चूत, नॉर्मल 32-33 इंच की गांद, उसके हॉट मोटे थे. लक्ष्मी छ्होटी थी, कोई 4फ्ट 6 इंच की, चुचिया पूरी डेवेलप नही हुई थी, ब्रा भी नही पहनती थी, कोई 29 इंच की होंगी, सिर्फ़ तोड़ा सा उभर था और निपल्स ज़रूर पूरे विकसित थे, थोसे भूरे रंग के थे. चूत पेर पूरी झांते नही आई थी. छ्होटे छ्होटे बॉल थे बस. हथेली मे आ जाए जितनी छ्होटी गांद. दोनो की मा अभी भी मस्त थी. ज़्यादा हाइट तो नही थी मगर बूब्स कोई 36 इंच के थे,निपल्स बcचो ने चूस चूस कर बड़े कर दिए थे, चाचिजी की संगत मे रह कर चूत के बॉल सॉफ रखती थी.

चाचिजी ने अपने, गीता, बहादुर की पत्नी, लक्ष्मी और सोना पाँचो के कापरे उतार दिए थे. सूरज आया तो देखा पाँच नंगी औरते उसके कमरे में मौजूद थी. " बेटा सोना और लक्ष्मी की नथ उतारनी है आज तुझे,' चाचिजी बोली." कालू से उतरवा लो चाची मेरी रूचि नही,' सूरज बोला. " देख भद्वगिरी अब ज़रूरत से ज़्यादा हो गयी, ये इतना बरा लॉडा भगवान ने तुझे क्या सिर्फ़ मूतने के लिए दिया है? मे और गीता लंड ढूँढते फिरे और तू अपने लंड से अपनी ही गांद मारता फिरे? अब ये नही चलेगा बेटा, आज तेरा लंड हम खरा कर के ही डम लेंगे और एक एक कर के तुझे इन दोनो की सील तोड़नी ही पड़ेगी,' चाचिजी बोली. उधर बहादुर की पत्नी, चाचिजी और गीता ने सूरज के कापरे तुरंत उतार दिए और उसको एकद्ूम नंगा कर दिया. चाचिजी ने इशारा किया तो सोना तुरंत सूरज के मूह पेर बेथ गयी,' चाट इसकी चूत भद्वे गरम कर इस लर्की को गान्डू,' चाचिजी ने कहा. उधर बहादुर की पत्नी सूरज के सीने और पेट पेर धीरे धीरे हाथ फिरने लगी. गीता ने तुरंत सूरज का नरम लॉडा चूसना शुरू कर दिया और चाचिजी सूरज की गेंदो को मसालने लगी. सूरज सोना की चूत सटाक सटाक कर चाट रहा था. उधर चाचिजी और गीता के पाँच मिनिट तक चूसने के बाद भी सूरज का लंड नरम का नरम रहा. गीता नि उसके लंड को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. थप्पड़ खा कर सूरज के लंड मे थोड़ी हरकत हुई, ये देख कर चाचिजी ने उसकी गांद मे उंगली डाली और अंडर दबाव बनाया, इस से लंड थोडा और फैला मगर अभी भी पूरा कारक नही हुआ था. " चाचिजी एकद्ूम से ये पूरा चोदु नही बनेगा अभी इसके आधे अकरे लंड का पानी निकालो फिर दूसरी बार कुछ और करेंगे,' गीता बोली.' " चल गान्डू घोड़ी बन अब,' चाचिजी ने सूरज से कहा. सूरज घोड़ी बन गया और टाँगे छोड़ी कर के लेती सोना की चूत चूस्ता रहा. उधर गीता ने उसके लंड को गाई के नरम थन की तरह दुहना जारी रखा, चाचिजी उसके अनदुव को मसल रही थी और उंगली से गांद मार रही थी, ऐसे ही कोई 4-5 मिनिट के बाद दोनो औरतो को लगा की सूरज का आधा अकरा लॉडा पानी छ्चोड़ देगा,' साला मदारचोड़ गांद मरवा मरवा कर नरम लंड से पानी निकलना सिख गया,' चाचिजी बोली. " ओह गीता श चाचिजी मेरा पानी च्छुतने वाला है, आँदिओ को इतना ज़ोर से मत मस्लो मे हिजड़ा हो जौंगा,' सूरज बोला.' तू तो हिजड़ा ही है जो दो जवान लरकीओ के होते हूर नरम लॉड से पानी निकल रहा है मदारचोड़,' चाचिजी बोली. " ऊहह आहह मे झाड़ रहा हू चाचिजी मेरा अंडकोष खाली हो रहा है गीता,ये आया पानी ये आया ऊहह आह श रनदिओ निकालो ज़ोर से सारा निकल दो,' ये कहते हुए सूरज झाड़ गया. " मदारचोड़ के आंदियो मे पानी तो मर्द की तरह ही बन रहा है, देख गीता कोई आधा कप पानी छ्चोड़ा है इस हिजड़े ने,' चाचिजी सूरज के पानी को चट्टी हुई बोली. ' चिटना मत करो चाचिजी आज की रात इसको मे मर्द बना कर ही डम लूँगी,' गीता बोली.

गीता अंडर जाकर संडे का तेल लाई और कोई 5 मिनिट बाद फिर से उसके लंड की मालिश शुरू कर दी. इस बार कोई 2 मिनिट की ही मालिश के बाद सूरज का लंड विशाल रूप लेने लगा,' देखो चाचिजी इसका लंड पूरा तनने लगा है,' गीता बोली.' ठीक है पूरा कारक होते ही मे इसके उपेर चाड कर इसको चोदुन्गि,' चाचिजी बोली.' " आआप उपेर आ ही जाओ इस से पहले की ये वापस नरम पद जाए,' गीता ने कहा. चाचिजी तुरंत सूरज के उपेर आई और अपने भोस्डे को उसके लंड के सुपरे पेर अड्जस्ट करने लगी,' आ सूरज बेटा कितने दीनो बाद तेरी मा ने तेरा लंड खाया है,' चाचिजी ने कहा और सूरज के सीने पेर दोनो हाथ रख कर उसको मस्ती से चोद्ने लगी,' गीता मेरा बेटा आज पूरा सुख दे रहा है, लंड पूरा सख़्त और गरम है,' चाचिजी बोली.' तो चोदो इस भद्वे को खूब ज़ोर से सिख़ाओ इसको की औरत की चुदाई क्या होती है,' गीता बोली और सूरज के लंड का बसे टाइट पाकर लिया इस से सूरज का लंड और सख़्त हो गया. उधर सोना फिर से सूरज के मूह पेर बेथ गयी सूरज बारी बारी से उसकी गांद और चूत चाटने लगा.' ओह गन्दू चोद तेरी चाची की प्यासी चूत भर इसको अपने गरम आनी से,' ये कह कर चाचिजी ने स्पीड बढ़ा दी.' " हा चाची बहुत मज़ा आ रहा है चोदो मेरा लवदा जान,' सूरज बोला और नीचे से गांद हिलने लगा.' गीता को लगा दोनो को साथ च्छुतना चाहिए इसलिए उसने अब सूरज के अंडकोष की मालिश शुरू कर दी,' हा मदारचोड़ भर मेरा भोसड़ा तेरे आंडरास से,' चाचिजी बोली,' हा चाचिजी आ रहा है पानी ये लो आ रहा है भर रहा हू आपका ब्स्ड़ा मेरी चाची आंदियो को दबा दबा के उनका रस निकालो गीता,' सूरज बोला और 2 मिनिट मे खल्लास हो गया चाची- भतीजे का एक साथ पानी च्छुटा. उस रात सूरज ने एक बार गीता को भी छोड़ा,' अब कल सोना और लक्ष्मी को चुडवाएँगे तुझसे,' चाचिजी बोली,' हा चाचिजी कल इनकी चूत फाड़ कर रख दूँगा,' सूरज बोला.

 
अगले दिन गीता ने बेड पेर नही चदडार बिछाई और उस पेर फूलो की पंखुरिया डाली. कमरे में धूप और अगरबत्ती जलाई. सूरज के लिए केसर बादाम का दूध रखा. सोना और लक्ष्मी को सज़ा धज़ा कर बिस्तेर पेर घूँघट निकल कर बेताया गया. " गीता तू कितनी उस्ताद है, ये सब देख कर तो हिजड़े का लंड भी थाटे मारने लग जाए बेचारा सूरज कहा टिकता है,' वो हस्ते हुए बोली. " एक ही तो घर का मर्द है चाचिजी उसका लंड तो कारक रखना ही परेगा,' गीता ने कहा. गीता ने सूरज के दूध मे कामोत्तेजक दवा भी दाल दी थी.

सूरज को भी गीता ने नहलाया उसके झाँत सॉफ किए और नया कुर्ता पाजामा पहना कर रूम मे लाई,' लो सूरज बाबू एक साथ दो दो कुँवारी चुतो के मज़े लुटो,' गीता बोली. सूरज को सोना ने दूध पकराया थोड़ी देर बाद उसकी इंद्री में तनाव महसूस होने लगा. सूरज से सब्र नही हुआ वो सोना के पास पहुचा और उसका घूँघट हटा कर उसके गुलाबी हॉट चूमने लगा. धीरे धीरे उसने सोना के सारे कापरे उतार डाले और उसके टाइट और गोल बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा, सोना को दर्द हो रहा था. सूरज उसके निपल्स पागलो की तरह चूसने लगा. फिर वो सोना के गोरे और पतले पेट को चूमने लगा. सोना की टॅंगो को चूमने के बाद सूरज ने उसको उल्टा किया और उसकी उभरी हुई गांद को काटने नोचने लगा.' सूरज की जीभ ने लल्ड ही सोना की गांद का च्छेद ढूँढ लिया और वो उसको चूसने लगा चाटने लगा,' ये क्या कर रहे हो बाबूजू ये तो गंदी जगह है,' सोना ने कहा,' अरे देखना ये गंदी जगह कैसे शौक से मेरा लंड खाएगी, अब तक तो तेरी गांद से समान बाहर आता था आज अंडर जाएगा,' सूरज बोला. उधर लक्ष्मी ने सूरज के कापरे खोल दिए थे और उसके फैल रहे लंड का वी मसल रही थी. सूरज ने लक्ष्मी को सोना के पास लिटाया और उसके हॉट चूमने लगा, फिर वो बारी बारी से दोनो के बूब्स दबाने लगा. सूरज दोनो के बीच मे आ गया. अब वो लक्ष्मी के छ्होटे छ्होटे निपल्स खा रहा था और हाथो से सोना की च्चाटिया मसल रहा था. गीता ने तब तक लक्ष्मी को भी पूरा नंगा कर दिया.

" अब लंड अंडर दाल कर इनकी सील तोडो बेटा,' चाचिजी बोली और सूरज के सुपरे पेर तेल मलने लगी. गीता ने भी अपने हाथो में तेल लिया और सूरज के लंड पेर और आँड पेर मसलने लगी. सूरज का लंड पूरी तरह आकर चुका था, ये देख गीता ने सोना को लिटाया और उसकी चूत में कुप्पी से कोई आधा कप तेल दाल दिया,' इस तेल से सूरज का मूसल अंडर जाएगा बेटा तू घबराना मत पहली बार में थोडा दर्द होगा,' उसने सोना से कहा. सूरज अब पूरी तरह उत्तेजित था वो सोना के उपेर आया और अपना मोटा सुपरा उसकी कुँवारी चूत पेर रख दिया. गीता ने नीचे से हाथ दाल कर लंड का मूह चूत के मूह पेर रख दिया और पीछे आ कर सूरज की गांद को हल्का सा धक्का दिया, जैसे ही सूरज के सुपरे का आधा हिस्सा सोना की चूत मे गया वो चीखी,' उउउइ मा में मार जौंगी बहुत दर्द है. ये सुन कर सोना की मा उसके पास आई और उसके सिर पेर हाथ फेरने लगी,' आराम से ले बेटा धीरे धीरे,' उसने सोना से कहा,' बाबूजी एकद्ूम पूरा मत डालना लर्की की चूत फट जाएगी,' वो सूरज से बोली,' चिंता मत करो तबीयत से धीरे धीरे पूरा मज़ा देते हुए चोदुन्गा इसकी कुँवारी चूत, ये कह कर सूरज ने लंड बाहर निकाला और फिर से धक्का दिया, सोना की चीखे जारी रही. कोई दो मिनिट के बाद सूरज का सुपरा सोना की चूत में सरका, वो दर्द से रो रही थी,' बेटा चुदाई मत रोकना, ये तो खुशी के आँसू हेँ,' चाचिजी बोली. उधर गीता ने सोना की चूत के दोनो हॉट पाकर कर फैला रखे थे. सूरज अपनी गांद हिलता रहा कोई 5 मिनिट बाद उसका आधा लंड अंडर घुसा. उसका लंड तेल और सोना की चूत के खून से पूरा भर गया था. सूरज को 5-7 मिनिट बाद लगा वो बंड कर दे,' चाचिजी आज इसकी सील टूटी है ज़्यादा चोदुन्गा तो इसको दर्द होगा इसलिए इसको ले जाओ अब जब इसका दर्द हटेगा तब ही इसकी चुदाई करूँगा,' सूरज बोला. गीता सोना को बाथरूम ले गयी वाहा उसने उसकी चूत धोइ और उसको दूसरे रूम मे ले जाकर लेटा दिया. सूरज अब लक्ष्मी की चूत चाट रहा था. एकद्ूम छ्होटी और टाइट चूत थी उसकी जिसमे सूरज की उंगली तक जाना मुश्किल था. सूरज कुतो की तरह उसकी कुवारि चूत चट रहा था. जब वो थोड़ी खुली तो उसने अपनी जीभ से उसकी चूत को चोद्न शुरू कर दिया उत्तेजना मे लक्ष्मी अपनी छ्होटी गांद को उपेर नीचे कर रही थी.

जब लक्ष्मी की चूत फूल गयी तो सूरज को लगा अब चोट करने का सही समय है. उसने अपना सुपरा चूत के मूह पेर रखा और सरकने लगा,' ऊई मा में मार जौंगी इतना मोटा लंड इसमे नही जा सकता,' वो बोली,' चिंता मत कर जान तू बस एक बार जाने दे अंडर फिर तू खुद इसको बार बार माँगेगी,' सूरज ने कहा और अपना सुपरा अंडर सरका दिया. लक्ष्मी का दर्द से मूह लाल हो गया. वो रोटी जा रही थी, चाचिजी और गीता ने उसकी एक एक टाँग पकरी हुई थी. सूरज ने लंड सरकाना जारी रखा मगर आधे से ज़्यादा जा नही पाया. गीता अब लक्ष्मी को भी धो कर दूसरे रूम मे ले गयी. " मेरी दो बेटियो की सील तोड़ी है अपने इसलिए आज की रात तो चुदाई का इनाम सिर्फ़ में लूँगी,' बहादुर की वाइफ बोली. सूरज ने उसको घोड़ी बनाया और लंड सरका दिया. चाचिजी को वो किस कर रहा था और बहादुर की वाइफ को चोद्ता जा रहा था. कोई दो मिनिट बाद उसका पूरा का पूरा लंड अंडर चला गया अब उसने स्पीड बढ़ा दी,' ले रंडी कुवारि चूत चुद्वने का इनाम' ये कहते हुए सूरज ने कोई आधा कप पानी की पिचकारी उसकी चूत मे छ्चोड़ दी. वो भी साथ ही झड़ी. रात में सूरज ने उसको 3 बार और चोदा.

कोई 4-5 साल तक सूरज का मर्दनापान बरक़रार रहा, और उसके बाद वो फिर गान्डू बन गया. उधर चाचिजी और सूरज का लरका अशोक बरा होने लगा था. चाचिजी और गीता वैसे बूढ़ी हो गयी थी लेकिन चूत की आग बिल्ूल ठंडी नहीं हुई थी. अशोक के लंड से कोई 6 साल की उम्र से ही दोनो औरतो ने खेलना शुरू कर दिया था. वी उसके लंड की मालिश छ्होटी उम्र से ही करती थी. और तो और सारी चुदाई उसके सामने खुले आम चलती थी ताकि वो सब कुछ सीखता जाए. डस साल की उम्र मे गीता ने अशोक को चूत चाटना सीखा दिया, वो एक साल मे चूत चाटने का एक्सपर्ट बन गया था. 12 साल की उमरा मे अशोक अपने गुप्तँग से खेलने लग गया था, और दोनो औरते ये देख कर बड़ी खुश होती थी. गीता और चाचिजी अशोक को नहलाती और नंगे ही उसके साथ सो जाती. ब्लू फिल्म भी चलती रहती और घर के जानवर भी खुले आम चुदाई करते. एक दिन घर के कुत्ते को कुतिया की चुदाई करते देख अशोक बड़ा एग्ज़ाइटेड हुआ और उनके अलग होते ही कुत्ते को बंद कर कुतिया पेर चढ़ गया,' चाचिजी आपका बेटा अपनी पहली चुदाई कर रहा है देखो,' ये कहते ही चाचिजी भी आ गयी. गीता ने कहा,' अशोक बेटा आराम से चोदो इसको अपना वीरया नियालने में जल्दी मत करना देखा नही कुत्ते ने कितनी देर तक इसको चोदा था,' गीता बोली. अशोक नेकॉई 10 मिनिट तक गांद हिलाई मगर उसका पानी शायद बनना शुरू नही हुआ था इसलिए वो हट गया. " आज रात अशोक को असली चुदाई का पहला पाठ पढ़ाएँगे इसको असली मदारचोड़ बनाएँगे,' गीता बोली.

इस दौरान घर मे एक छ्होटा नौकर भी रख लिया था, उसका नाम था राजा, वो कोई 14-15 साल का था और एकद्ूम दुबला पतला था

रात को अशोक हलाल होने वाले बकरे की तरह दोनो औरतो के कमरे मे पहुचा. " देख गीता शुरू शुरू मे ये अपनी मा से शरमाएगा, तू एक बार इसकी हिम्मत खोल दे मे उसके बाद ओंगी,' चाचिजी ने कहा. गीता को जैसे मूह माँगी मुराद मिल गयी, वो तुरंत नंगी हो गयी,' आजा बेटा तेरे कापरे निकल देती हू,' उसने अशोक से कहा. अशोक शरमाते शरमाते उसके पास पहुचा, गीता ने उसका शर्ट उतारा फिर निकेर चड्डी तो वो पहनता नही था, अशोक का लंड एकद्ूम करक हो कर छत की तरफ देख रहा था,' ला बेटा पहले थोड़ी मालिश कर दू तेरी सू सू की,' गीता बोली. गीता ने अंडर से संडे का तेल निकाला और अशोक के खरे लंड के निचले हिस्से पेर धीरे धीरे तेल मसालने लगी एग्ज़ाइट्मेंट के मारे अशोक टाँगे मिला लेता. लंड के साथ साथ वो अशोक की मीडियम साइज़ की गोलिओ पेर भी अपनी हथेली फिरती, थोड़ा हाथ नीचे लेकर वो अशोक की गांद पेर भी तेल लगाती जा रही थी, थोड़ी देर बाद उसने अशोक के लंड की पिटाई करना शुरू कर दिया,' क्यू बे इस उम्र मे तू इतना मोटा हो कर अपनी मा और चाची को चोद्ने चला है भद्वे,' ये कह कर धीरे धीरे वो उसके लंड को मारती और फिर उसके लंड के उपरी हिस्से को पूरा तेल से गीला कर दिया. अशोक का बुरा हाल था, अब गीता ने उसके सुपरे की चमरी आगे पीछे करनी शुरू कर दी, अशोक की चमरी अभी टाइट थी और उसको पीछे लेने मे दर्द होता था उसके पूरे टंके भी नही खुले थे,' दर्द हो रहा है चाची,' वो बोला, " आबे दर्द तो होगा ही मगर टंके पूरे नही खुलेंगे तो चोदु कैसे बनेगा,' गीता बोली और चमरी धीरे धीरे खिसकती रही,' अब अशोक का लंड पूरा तय्यार था, मगर गीता जानती थी वो दो मिनिट मे पानी छोर देगा,' कहा निकलेगा तू पानी?' गीता ने पूछा,' चूत मे' अशोक बोला,' किसकी चूत?' गीता ने पूछा,' भद्वे तेरी मा ने तुझे इसलिए पाल पॉस कर बड़ा किया की तू अपना कुँवारा लंड किसी दूसरी चूत मे डाले?' ये कह कर वो फिर लंड को पीटने लगी,' बोल कहा डालेगा इसको?" गीता बोली,' मा की चूत मे चाचिजी,' अशोक बोला,' इतना सुनते ही गीता ने आवाज़ दी,' आजो कमरे मे लोहा गरम है.' ये सुनकर अशोक की मा कमरे मे आई और गेटा के हाथ मे खरे हुए तेल से चिकने अपने बेटे के हथियार को देख कर डंग रह गयी,' गीता इतनी छ्होटी उम्र मे तूने ऐसा मोटा लंड देखा है कभी?" उसने पूछा,' नही चाचिजी इसका लॉडा कमाल का है और ये मा की तरह पूरा चोदु बनेगा,' कह कर वो हस्ने लगी.

 
उधर अशोक का बुरा हाल था,' अब लेटो चाचिजी लरका पिचकारी छ्चोड़ने वाला है, इसका गरम पानी तुरंत चूत मे पी लो,' वो बोली.' चाचिजी ने एक सेकेंड मे सारे कापरे उतारे और टाँगे चौर कर दी,' आजा मेरे लाल, जिस जगह से निकला उस जगह मे वापस जा,' उन्होने कहा और अशोक को भींच लिया, पीछे से गीता ने लंड को चूत के मूह पेर रख अशोक की गांद को धक्का दे देया, एक ही मिनिट मे उसका गीला लंड अपनी मा की चूत मे सरक गया,' ओह मेरे बेटे आज मे धान्या हुई, हूर मा की इचा होती है अपने बेटे का लंड ले मगर लाखो मे एक मा की ही ये इचा पूरी हो पति है, चोद मेरे बेटे चोद अपनी मा की चूत,' वो बोली. अशोक की गांद तेज़ी से हिल रही थी वो स्पीड से मा को चोद रहा था इतना तेज़ की उसकी मा हाँफने लगी,' ओह मेरे राजा तूने तेरी मा को आज फिर जवान कर दिया,' वो बोली.' अशोक चोदे जा रहा था मगर कोई दो मिनिट मे उसे लगा उसके लंड मे से कुछ निकालने वाला है,' मा मेरे लंड मे से कुछ मूत जैसा गरम गरम बाहर आ रहा है,' वो बोला,' हा बेटा ये मूत नही वीरया है तेरी ताक़त, इसको निकाल दे अपनी मा के भोसरे मे,' वो बोली.' अशोक का फव्वारा छ्छूट गया,' ओह मा ये छूटा वीरया,' वो बोला,' उसको को अंडर गरम गरम वीरया महसूस हो गया,' गीता बचे का पानी छ्होट गया, उसने कहा और अशोक का मूह अपने मोटे मोटे मुम्मो पेर लगा दिया, अशोक छ्होटे बचे की तरह निप्ले चूसने लगा ,' चाचिजी मगर रिस्क तो है,' गीता बोली,' चुप रह रंडी कुछ हो भी गया तो क्या, मेरा बेटा भी होगा और पोटा भी, इसका भाई भी होगा और बेटा भी,' गीता हस्ने लगी,' मतलब मरने तक आपको लंड चाहिए,' उधर अशोक का लंड मा की चूत मे ही दुबारा ताने लगा.

मा की चूत मे ही अशोक का जवान लंड फिर से तन कर पठार हो रहा था, उसकी मा को इसका पता चल गया, उसने बेटे के लंड को अपनी चूत से आज़ाद किया और बोली,' अब तू लेट जा बेटे तुझे तेरी मा पक्का मदारचोड़ बनाएगी,' वो बोली.' अशोक बिस्तेर पेर लेट गया उसका लंड पूरा अकरा हुआ था, गीता और चाचिजी ने अशोक के लंड को अपने अपने थूक से थोड़ा और गीला कर दिया और अपने विशाल चूटर फैला का अपने बेटे के लंड पेर उसकी मा बैठ गयी,'हा चाचिजी अब चोदो इसको मज़े से आँदिओ को छ्चोड़ कर पूरा लंड आपके भोस्डे मे गायब हो गया है ,' गीता बोली,' हा रे मुझे पता है इसके मज़बूत लंड की एक एक नस मेरी चूत को महसूस हो रही है इस बार इसको तबीयत से धीरे धीरे चोदुन्गि और खूब मज़ा लूँगी, तुझे मज़ा आ रहा है बेटा मा की चुदाई मे? उसने पूछा, अशोक बोला,' हा मा बहुत मज़ा आ रहा है.' गीता अब अपनी मोटी गांद धीरे धीरे हिलने लगी. गीता को पता था उसको क्या करना है. वो जानती थी मालकिन खुश होगी तभी अशोक का लंड उसको मिलेगा. उसने बेटे को चोद रही मालकिन की गांद को अपनी उंगली से चोद्न शुरू कर दिया और धीरे धीरे दो उंगलिया अंडर घुसा दी,' ओह गीता भें चोद तू भी मज़ा दे रही है ऐसा लग रहा है जैसे चूत और गांद दोनो मे लंड है,' चाचिजी बोली, एग्ज़ाइट्मेंट मे उनकी स्पीड बढ़ गयी, अशोक अपनी मा के उछलते हुए मोटे मोटे बूब्स दबा रहा था ,' ओह मा चोद ज़ोर से चोद मुझे बहुत मज़ा आ रहा है मेरे लॉड को,' वो बोला,' हा बेटा तेरे लंड से ही मेरी चूत की प्यास बुझेगी,' चाचिजी बोली. गीता ने अब अपने दूसरे हाथ से अशोक के अंडकोष और गांद के बीच की हिस्से पेर दबाव देना शुरू कर दिया वो चाहती थी अशोक का पानी देर से निकले,' चाचिजी मैने बचे की पनीवली पिचकारी दबा दी है अब थोडा देरी से पानी निकलेगा,' उसने कहा. चाचिजी बोली,' हा री अछा किया, आज तो चाहे इसका पूरी रात पानी नही निकले,' ये कह कर वी हफने लगी,' ऊवू आ मदारचोड़ मे मार गयी श का लॉडा है मार गाइइ ऊऊ. ये कह कर उनको मल्टिपल ऑर्गॅज़म हुए गीता भी मस्ती से गांद चोद्ति रही. उधर अशोक से कंट्रोल नही हो रहा था,' मा मेरा पानी छ्छूट रहा है,' वो बोला,' हा बेटा भर दे इस से तेरी मा की बचेदनि, खूब सारा पानी निकलना मेरे लाल,' चाचिजी बोली,' गीता ने ये सुनते ही दोनो हाथो से अशोक की कुँवारी गोलिया धीरे धीरे गई के दूध नियालने की तरह हाकी हल्की मसलनी शुरू कर दी,' ऑश मा ये लू मेरा गरम पानी तुम्हारे भोस्डे मे गया,,कह कर अशोक झाड़ गया. गीता ने चाचिजी के चूत के हॉट कस कर दबा दिए ताकि अशोक के वीरया की एक बूँद भी बाहर नही निकले. उस रात उरी रात अशोक को उसकी मा ने कोई 12 बार चोदा. उसका लंड लाल हो गया.

गीता 60 साल से उपेर हो चुकी थी, चाचिजी यानी सुषमा भी 50 के उपेर थी, अशोक की चुदाई की क्लास के लिए तो ये ठीक था लेकिन उसको जवान चूत भी तो चाहिए थी. " गीता हम ज़रूरत से ज़्यादा स्वार्थी हो रहे है, बेचारा बचा कब तक हम बुद्धि चूतो को लेगा?' एकद्ूम चाचिजी बोली.

उधर एक दिन घर के बाहर दो साधु आए, गीता उन्हे खाना देने गयी तो चकित रह गयी, उनमे से एक चाचजी थे,' ओह मलिक आप?" गीता ने पूछा और पाव छुए,' अंडर आने के लिए नही कहोगे?" चाचजी बोले.' गीता ने दरवाज़ा खोला और चाचजी अंडर आकर ड्रॉयिंग रूम मे बेथ गये. उनके साथ एक साधु और था, गीता भागी भागी चाचिजी के पास गयी,' सुनो मालकिन चाचजी लौट आए हेँ,' उसने कहा. औरत कैसी भी क्यू ना हो पति तो पति ही होता है, चाचिजी तुरंत नीचे आई और देखा सामने गेरुए वस्त्रा पहने चाचजी बथे हेँ, चाचजी ने सिर पेर उस्तरा फिराया हुआ था और उनके मूह पेर तो वैसे ही नही के बराबर बॉल थे.' उनके पास एक झोला था और एक पानी की बॉटल, चाचिजी ने तुरंत उनके पाव छुए,' सौभाग्यवती रहो, हम ऋषिकेश से आए हेँ, अब कम से कम 15 दिन यही विश्राम करेंगे , ये मेरे गुरु हेँ स्वामी कुंडालनतजी, इनको भी प्रणाम करो,' चाचजी बोले. चाचिजी दूसरे साधु के पास गयी, ये साधु कोई 6.5 फीट लंबा था एकद्ूम कला और लंबा टगरा, कम से कम 100 किलो वज़न होगा, उसने सिर्फ़ गेरुए रंग की लूँगी पहनी थी और बदन नंगा था, साधु की दाढ़ी थी और बॉल लरकीओ की तरह कंधे तक आ रहे थे. चाचिजी उनके पौ मे झुकी तो उन्होने अपने बड़े बड़े हाथ उनके सिर पेर रखे,' सौभाग्यवती भाव,' उन्होने कहा.

" सुषमा, गुरुजी के लिए गरम पानी कर दो ये नहाएँगे,' चाचजी बोले.' गीता ने ये बात सुनी और तुरंत बाथरूम मे चली गयी,' आपके लिए भी पानी गरम करू मालिक?' गीता ने पूछा,' नही गुरुजी को मे ही नहलता हू इनके नहाने के बाद मे वही नहा लूँगा दो बाल्टी रख देना,' चाचजी बोले.गीता ने कोई डस मिनिट बाद कहा,' पानी गरम है मालिक.'

चाचजी और गुरुजी बाथरूम की तरफ गये.' चाचजी ने गुरुजी की लूँगी उतारी वी अब सिर्फ़ एक लंगोट मे थे, चाचजी ने खुद के भी सारे कापरे बाहर ही खोल दिए वी भी लंगोट मे थे. उधर गीता उस साधु का विशाल शरीर देख कर डंग रह गयी और तुरंत चाचिजी के पास गयी,' चाचिजी ये साधु तो जैसे कोई पहलवान लगता है एकद्ूम मुश्टंडा है, सिर्फ़ लंगोट पहना था, लग रहा है इसकी लंगोट ढीली है,' वो बोली,' कही ये तेरे चाचा की?' चाचिजी बोली,' हा मुझे भी शक है दीदी च्छूप के देखे क्या मज़रा है?' गीता बोली." हा चल,' चाचिजी ने कहा.

दोनो औरते बाथरूम के दरवाज़े पेर पहुचि और च्छेद से देखने लगी, साधु बैठा था और चाचजी खड़े थे, दोनो नागे थे, चाचजी साधु के बालो मे शॅमपू कर रहे थे, वो स्टूल पेर बेता था, गीता की नज़र स्टूल से पीछे लटक रहे साधु के लंड पेर पड़ी,' चाचिजी इसका नागराज देखो,' वो फुसफुसाई,' ओह ओह पूरा काला नाग है इसका तो देख कैसे लटका हुआ है,' चाचिजी ने कहा. चाचजी साधु को साबुन लगा कर नहलते रहे. अब साधु खड़ा हो गया और चाचजी बैठ गये, उन्होने साधु के लंड को मूह मे लिया और भूके प्यासे जानवर की तरह उसका स्वाद लेने लगे,' साधु ने चाचजी का सिर कस कर पाकर लिया और उनकी मुखचोड़ी करने लगा, अब तक उसका लंड लघ्हभाग पूरा आकर चुका था, कोई एक फुट तो आराम से होगा,' गीता ऐसा लंड तो आईने आज तक नही देखा, सेयेल के टटटे देख जैसे कोई सेब लटके हुए हो,' चाचिजी बोली. उधर चाचजी ने अब साबुन लिया और एक हाथ से साधु के लंड पेर साबुन रगार्ने लगे और दीसरे हाथ से अपनी गांद मे उंगलिया डाल डाल कर साबुन माल रहे थे. कोई 2 मिनिट बाद चाचजी ने स्टूल का सहारा लिया और घड़ी बुन गये,' गुरुजी अपने रूस मेरे भोथर प्रवाहित करें,' चाचजी बोले और अपनी गांद उन्ही कर दी, ' चाचिजी देखो चुड चुड कर मलिक की गांद औरतो से भी मोटी हो गयी है,' गीता बोली,' हा गीता,' चाचिजी ने कहा.' साधु ने अपना लंड पकरा और चाचजी की गांद पेर निशाना साधा,' ले भोसड़ी के तय्यार हो जा अपनी फतवाने के लिए,' साधु बोला,' हा गुरुजी,' चाचजी ने कहा. साधु ने चाचजी की कमर पकरी और धीरे धीरे अपना पूरा औज़ार अंडर सरकता रहा मारे दर्द के चाचजी का चेहरा लाल हुआ जा रहा था. मगर साधु नही रुका उसने स्पीड बढ़ा दी और चाचजी की गांद ज़ोर ज़ोर से मारने लगा, थोड़ी देर बाद उसने चाचजी को सीधा किया और अपनी गोद मे उठा लिया चाचजी ने अपने पॅव उसकी कमर मे लपेट लिए और जैसे बेल पेड़ से छिपकती है वैसे चिपक गये,' साधु ने पीछे से चाचजी की गांद मे अपना साँप दाल दिया और उनकी गांद पाकर कर उनको उस पेर उछालने लगा, ' गुरुजी अब मेरे चिद्रा मे अपना रूस दाल कर क्रतग्य करे,' चाचजी बोले,' ये सुनते ही साधु ने झटको की स्पीड बढ़ा दी ,' हा बालक तेरा उधार होने वाला है,' वो बोले,' हा गुरुजी भर दीजिए मुझे अपने अमृत से,' चाचजी ने कहा, साधु के सेव भी ज़ोर से उच्छल रहे थे,' कोई दो मिनिट मे साधु के मूह से गर्र्र्र अर्र की आवाज़े निकली और वो धीरे धीरे शांत हुआ, चाचजी नीचे उतार कर उसका लंड चाटने लगे.' दोनो औरते वाहा से हट गयी' चाचिजी मैने इतना मज़बूत आदमी और लंड नही देखा,' गीता बोली,' मैने भी,' चाचिजी ने कहा.

रात के खाने के बाद गीता ने चुपके से चाचजी से पूछा,' मालिक बिस्तेर कहा लगौ?' " रूको मे गुरुजी से पूछूता हू,'चाचजी ने कहा. खाना खाने के बाद चाचजी गुरुजी को अपने बेडरूम मे ले गये, और गीता को अवज़ दी,' चाचिजी को भी बुला लो, तीनो मिल कर गुरुजी की सेवा करेंगे, गुरुजी उपेर सो जाएँगे बाक़ी हम तीनो यही नीचे सो जाएँगे रात को पता नही उन्हे किस चीज़ की ज़रूरत पड़ जाए,' वी बोले. " और हा सरसो का तेल लेते आना गुरुजी उसी से मालिश करवाते हे,' चाचजी बोले.

कोई 10 बजे गीता और सुषमा रूम मे आए तो देखा गुरुजी सिर्फ़ लंगोट पहने लेते हुए थे उनके घुटनो से नीचे पाव तो बिस्तेर के नीचे ही लटके हुए थे.चाचजी उनके पाव दबा रहे थे.' गुरुजी मेरी पत्नी और नौकरानी सरसो का तेल ले आई है क्या आदेश है?' चाचजी ने पूछा,' करने दो उनको सेवा,' गुरुजी बोले. दोनो औरतो ने गुरुजी के पाओ मे तेल लगाना शुरू कर दिया, चाचजी उनके सिर की मालिश कर रहे थे.' अब पीछे मालिश कर दो ज़रा,' गुरुजी ने कहा और पेट के बाल लेट गये, दोनो औरते उनके पाओ की मालिश करने लगी, चाचजी उनके हिप्स पेर बेत कर उनकी पीठ और कंधो की मालिश करने लगे,' लंगोट ढीली कर के पीठ के निकले हिस्से की भी मालिश करो बालक,' गुरुजी बोले.' चाचजी ने जैसे ही लंगोट ढीला करना शुरू किया, वी बोले,' तुम बचो से क्या शरमाना पूरी ही उतार दो,' चाचजी ने तुरंत पूरी लंगोट उतार दी. गुरुजी के बड़े काले काले चूतरो पेर सुषमा और गीता मालिश करने लगी, दोनो एक दूसरे के तरफ देख कर मुस्करा दी,' गांद के बीच मे से गुरुजी के पड़े हुए आँड सॉफ दिखाई दे रहे थे.

समाप्त

 
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