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चुदाई का सिलसिला – एक सेक्स सीरियल

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Guest
हेल्लो दोस्तों, एक नयी कहानी हिंदी में लिखने जा रहा हूँ , यह कहानी मैंने नहीं लिखी है , इसका सारा श्रय इसके ओरिजिनल राइटर को जाता है , यह एक लम्बी कहानी है जिसके मैं रेगुलर अपडेट देता रहूँगा | इस कहानी में तीन परिवार हैं जिनके मेन करैक्टर तीनो लेडीज हैं और कैसे वो तीनो परिवार अपनी अपनी हवास के शिकार होते हैं और कैसे सेक्स की भूख उनकी ज़िन्दगी में आ जाती है | इसका पहला अपडेट मैं कल से दूंगा |

 
मेन करैक्टरस



रत्ना का परिवार :-


रत्ना :- मेन हीरोइन, एक तलाकशुदा औरत , उम्र 39, फिगर एक दम नशीला है , फ़िगर 36-30-38 , एक दम गोरी सी और पतली कमर जिन पर दो बड़े बड़े मम्मे हैं और एक मोटी सी गदराई गांड |

ऋतू – रत्ना की 19 साल की बेटी, अभी तक कुंवारी लेकिन सेक्स में बहुत दिलचस्पी रखेने वाली लड़की, फिगर 32-26-34, पतली मगर एक दम मखमली रंग बिलकुल अपनी माँ पर गयी हुई है |


सरोज का परिवार :-

सरोज – रत्ना की बड़ी बहन, उम्र 44, फिगर रत्ना जैसी,लेकिन उसके मम्मे का साइज़ छोटा है, फिगर 34-30-38, लम्बे काले बाल, जो कमर तक आते हैं , सेक्स की भूखी, लेकिन अभी तक सिर्फ पति से चुदाई की है |

रवि :- सरोज का पति, उम्र 48, हाईट 6 फीट और हट्टा कट्टा आदमी |

राहुल :– उनका बेटा , उम्र 25, नई नई शादी हुई हैं उसकी |

नंदिनी :– उम्र 24, राहुल की पत्नी और घर की बीच वाली बहु , एकदम मस्त बदन, फ़िगर 34-30-36, थोड़ी कमर में मोटी, लेकिन वही उसका सबसे मस्त फिगर का हिस्सा है |


पारो का परिवार :-

पारो :– घर की सबसे बड़ी लेडी, उम्र 51, उसको सेठानी कहते हैं ,गाँव की मुखिया है वो, गाँव में सभी उनसे डरते हैं, सख्त हैं, चेहरा ठीक ठाक था ,लेकिन वो अपने आपको बहुत ही मॉडर्न दिखाती है, फिगर 38-34-40, मोटी सी औरत , लेकिन मखन जैसी मुलायम , अपनी परिवार की बहुत देखभाल करती है |

दयाल जी :– घर के सबसे बड़े शख्स ,उम्र 57, उनकी अपनी पत्नी पारो के सामने बिलकुल नहीं चलती थी लेकिन दिल के बहुत अच्छे |

राम :– उनका बड़ा बेटा, उम्र 32, घर में सबसे नटखट और ठरकी किस्म के आदमी, नाजाने कितनी औरतों को अपनी पत्नी के पीछे चोद चूका था और गाँव में फैक्ट्री का मालिक भी है |

शर्मीली :– घर की बड़ी बहु , जैसा उनका नाम वैसे ही उनका करैक्टर बहुत शर्मीली और सीधी साधी औरत, फिगर 38-32-40, उम्र 37 और पहली शादी से आलरेडी उनकी एक बेटी, उनकी पहली शादी सिर्फ 16 साल की उम्र में हुई थी, पारो की वजह से शर्मीली को घर में जगह मिली थी, अब राहुल की पत्नी और शर्मीली इस बात के लिए पारो की हर बात मानती थी |

रचना – शर्मीली की बेटी, उम्र 19, ऋतू की उम्र की, दोनों बहुत अच्छी दोस्त हैं फिगर 36-28-36, अपनी उम्र के मुकाबले उसके मम्मे बहुत बड़े थे और रचना को अपने मम्मो पर बहुत प्राइड था |

रोहन – उनका दूसरा बेटा , उम्र 24 , वो गाँव में नहीं रहता था, मुंबई शहर में एक कंपनी का मैनेजर था |

कृतिका :- उम्र 21 , रोहन की बीवी, मुंबई में पली बढ़ी, अल्ट्रा मॉडर्न, जिसने अभी तक रोहन का गाँव नहीं देखा था, फिगर 34-24-34, मुंबई में मॉडल है और बहुत ही खुबसूरत लेडी है |

अब कहानी का मेन हीरो, लेकिन उसकी एंट्री थोड़े देर बाद होगी इसीलिए सस्पेंस रखा है मैंने |

हीरा :– उम्र 27, हाइट 6 फीट 2 इंच, कॉलेज के समय कुश्ती में माहिर, बहुत अच्छा लड़का, लेकिन सेक्स का भूखा , कहते हैं ना “सेक्स एडिक्ट” वो था हीरा , उसका एंट्रेंस बाद में होगा और बाकी की बातें उसकी एंट्री के बाद |

तो दोस्तों शुरू करने जा रहा हूँ यह नयी पेशकश
 
तो यह बात है एक गाँव की , जिसका नाम है रामगढ़ , रामगढ़ गाँव में एक परिवार रहता था, जो जन्मों से वहां का मुखिया परिवार था, गाँव का ठाकुर उसी परिवार से होता था, लेकिन वहां के दयालजी जो ठाकुर थे लेकिन उसकी पत्नी पारो का दयालजी पर पूरा कण्ट्रोल था, इसीलिए नाम के लिए तो दयालजी ठाकुर थे लेकिन रामगढ़ गाँव की मुखिया तो पारो जी ही थी, उसे गाँव वाले सेठानी जी कह कर बुलाते थे, पूरी ताक़त पारो के हाथ में ही थी, अब उनका बेटा राम वहां पर एक फैक्ट्री शुरू करना चाहता था |

पारो को मनाने के बाद वहां पारो ने फैसला किया कि वहां पर एक फैक्ट्री बनेगी | पारो का पूरा परिवार जिनमे तीन अलग अलग परिवार थे, वो एक ही साथ एक ही आलिशान हवेली में रहते थे | पारो की और दो छोटी बहने थी, सरोज और रत्ना, तीनो बहनों में एकता थी, इसीलिए बहुत ही स्ट्रोंग परिवार था उनका | रत्ना गाँव की दुलारी थी, बहुत ही नरम दिल की और बहुत खुबसूरत, उनकी इस उम्र में भी पूरा गाँव उसकी खूबसूरती के पीछे पागल था | हर कोई एक बार तो उसके साथ मज़े लेने का सोचता था | यहाँ तक कि गाँव की औरतें भी उसकी खूबसूरती की दीवानी थी | रत्ना की एक बेटी थी ऋतू, वो भी अपनी माँ की खूबसूरती को देख कर बहुत खुश थी कि उसकी माँ एक बहुत ब्यूटीफुल लेडी है | ऋतू भी बिलकुल रत्ना जैसी खुबसूरत थी लेकिन रत्ना जैसे सब कुछ उसका भरा भरा हुआ नहीं था |

ऋतू और रचना दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त थे और सब कुछ एक दुसरे के बारे में जानकारी रखते थे | रचना ऋतू जितनी खुबसूरत नहीं थी लेकिन जहाँ पर ऋतू नर्म दिल की थी रचना जैसे ऋतू की एक दम अपोजिट | थोड़ी सी सख्त थी | रचना की माँ शर्मीली ने पारो के बेटे से शादी की थी | लेकिन वो उसकी दूसरी शादी थी और रचना उसकी पहली शादी की बेटी थी | लेकिन पारो और परिवार वालों ने कभी भी रचना को पराया नहीं समझा, बल्कि अपना ही समझा था |

शर्मीली (रचना की माँ) बिलकुल सीधी साधी औरत थी लेकिन घर की औरतों जैसी दिखने में अच्छी थी | शर्मीली का पति और घर का सबसे बड़ा बेटा राम एक ठरकी चुदक्कड किसम का आदमी था, क्योंकि शर्मीली सीधी साधी थी उसे सेक्स बहुत पसंद नहीं था और करती भी तो सिर्फ एक ही मुद्रा में, तो उसका पति राम बाहर बहुत औरतों की चुदाई कर चूका था | उसको रचना बहुत ही पसंद थी और कई बार उसको रिझाने का सोचता था लेकिन कभी कुछ करने की हिमम्त नहीं हुई थी |

रत्ना और पारो की तीसरी बहन सरोज तीनों से कम खुबसूरत थी लेकिन तीनो में से थोड़ी अच्छी खासी मोटी मस्त औरत थी | सरोज का बेटा था राहुल जिसकी शादी नंदिनी से हुई थी और वो घर की बीच वाली बहु थी | देखा जाए तो उसकी फिगर तो रत्ना से भी मस्त थी लेकिन फिर भी रत्ना जैसी चमक नहीं थी | उसे रत्ना से जलन होती थी क्योंकि वो भी खुबसूरत थी लेकिन उम्र में बड़ी होकर भी सबको रत्ना ही सबसे ज्यादा खुबसूरत लगती थी |

अभी तक कभी भी इन सब घर के सदस्यों में एक दुसरे के बारे में कभी भी चुदाई के नजरिये से नहीं देखा था पर वो सब कुछ बदलने वाला था |

 
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