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चूतगढ़ के शोले
हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम तरुण है और मैं दिल्ली में रहता हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं सिर्फ आज कल बकरचोदी ही करता हूँ | मुझे मुन्ह्चोदी करने का बहुत शौक है | मैं हमेशा खुश रहने के लिए दूसरो को भी खुश रखता हूँ | आज जो मैं कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरे जीवन की पहली कहानी है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी | तो अब मैं वक़्त बरबाद ना करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ |
एक दिन की बात है गब्बर भाग रहा था और उसके पीछे ठाकुर भी भाग रहा था पकड़ने के लिए | ठाकुर गब्बर से बोला रुक जा मादरचोद नहीं तो मैं तेरी मैया चोद दूंगा | गब्बर ने भी पीछे पलट कर देखा और कहा कि हट्ट बहनचोद और भागने लगा | उतने में ही ठाकुर ने गोली चलाई और कहा मादरचोद रुक जा | गब्बर की गांड फट गयी और उसने कहा कि बहन के लौड़े गांड में इतनी हिम्मत है तो पकड़ के दिखा | ठाकुर एक बहुत फिट पुलिस वाला था | गब्बर गांजा पीता था जिस वजह से वो थकने लगा | फिर गब्बर ने सोचा कि बहनचोद ये सच में मेरी गांड न मार ले इसिये छुप जाना ही बेहतर है | फिर गब्बर एक झाडी की पीछे छुप गया | जब ठाकुर को गब्बर नहीं मिला तो उसने चिल्लाया | गब्बर बाहर निकल मादरचोद | अपनी अम्मा के भोसड़े में जा कर छुपा है क्या ? गब्बर की गांड फाटे जा रही थी | फिर ठाकुर ने चिल्लाया कि मादरचोद गांड क्यूँ फट रही है तेरी ? बड़ा डाकू बना फिरता है मादरचोद अब निकल गया गांड से गू | ले माँ के लौड़े बन्दूक फेक दी है अब निकल मादरचोद | दिखा बहनचोद अपनी हिम्मत | देखते हैं किसके बताशे ज्यादा गोल है | गब्बर भी बहुत मादरचोद था उसने अपनी गांड के पीछे चाकू छुपा कर रखा था | गब्बर बाहर निकलते हुए बोला | अरे ओ ठाकुर बहुत पकर पकर कर रहा हैं मादरचोद ले आ गया मैं |
अब ठाकुर गब्बर के पास गया और खींच के एक शॉट मार दिया | गब्बर ने मुस्कुराते हुए मुंह से निकले खून को थूका और बोला बस इतना ही दम है तेरी गांड में | तभी ठाकुर ने अपना दूसरा हाँथ उठाया उसे मारने को तो उतने में ही गब्बर ने उसका हाँथ पकड़ा और बस | अब चालू हो चुकी थी लड़ाई | दोनों एक दूसरे को गाली देते हुए मार रहे थे | जब गब्बर को लगा कि वो हारने वाला है तो उसने चाक़ू निकाल लिया | पर ठाकुर होशियार था | उसने उसका चाकू छीन लिया | अब गब्बर के पास और कोई चारा नहीं था | तब ठाकुर हँसते हुए बोला | मादरचोद गब्बर ये हाँथ नही तेरी गांड में डालने वाला लंड है | चल तेरी बहन की चूत जेल | अब गब्बर को 10 साल की सजा हो चुकी थी | फिर एक बार गब्बर और ठाकुर का सामना हुआ | तब गब्बर ने ठाकुर से कहा कि ठाकुर ऐसी कोई जेल नहीं जहाँ पर कोई गब्बर की गांड मार ले | मादरचोद जिस दिन मैं बाहर निकला तेरी अम्मा चोद दूंगा | ठाकुर ये सब सुनने के बाद ठुल्लो से कहा कि ले जाओ इस गांडू की खूब गांड मारना जेल में |
ठाकुर भी छुट्टी ले के अपने गाँव चला गया वापस | जब ठाकुर अपने गाँव के स्टेशन पर पंहुचा ही था कि उसके पास फोन आया | पुलिस हेड ऑफिस वाले सर ने उससे फ़ोन पे कहा कि मादरचोद वो फिर भाग गया उसकी माँ चोदनी है | ठाकुर को ये बात गले से नहीं उतरी | उसने सोचा कि लौड़ा मेरा और लौड़े से गब्बर | बहनचोद चोदु हूँ क्या गांड मरा मरा कर मैंने उसको पकड़ा | अब वो लंड का बाल जेल से भाग गया तो फिर से मैं ही गांड मराऊ क्या ? फिर ठाकुर अपने घर गया और वहां सबसे मिला | ठाकुर एक ठरकी आदमी भी था उसने अपनी बहु को भी चोदा था उसकी एक बहु विधवा है और वो अपनी चूत में ऊँगली डाल कर ही चूत की प्यास बुझाती है पर ठाकुर को चोदने नहीं देती | अब पूरा घर खिलखिला उठा और सभी ठाकुर को देख कर खुश थे | गब्बर पहाड़ी पर से देख रहा था सब चीज़ | ठाकुर को ये नही पता था कि गब्बर उसकी हरकतों पे नजर रखे हुआ है |
सुबह के 8 बजे का वक़्त था | उसकी एक बहु नहा रही थी और एक बहु आँगन में चावल और दाल बीन रही थी और उसका पति चिडियो का शिकार करने जा रहा था | उस समय ठाकुर टट्टी कर रहा था | तभी मौके पर गब्बर वहां पंहुच गया और उसने उसके बेटे को गोली मार दी | उसका बेटा भी मादरचोद बोल के मर गया | ये देख कर उसकी बड़ी बहु दाल चावल छोड़ के भागी गंडफटी में | गब्बर तो मादरचोद ही था | उसने उसे भी गोली मार दी | उसकी छोटी बहु नहाते हुए अपनी चूत सहला रही थी | गोली कि आवाज सुन कर उसकी भी गांड फट गयी | ठाकुर की गांड सूख गयी कि बहनचोद गोली किसने चला दी | ठाकुर नंगा ही बाहर की ओर भागा तो देखा कि वो दोनों मरे हुए मिले उसे | ठाकुर समझ गया था कि ये बहनचोद गब्बर का ही काम होगा | रोते रोते हुए उसने चिल्लाया गब्बर अब तो मैं तेरी माँ चोद दूंगा | उसके बाद ठाकुर तुरंत भाग कर घर गया और अपनी गांड धोयी | फिर उसने अपनी बन्दूक निकाली और जेब में रख कर चल दिया कपडे पहन के | ठाकुर जब उसके अड्डे पंहुचा तो उसने तुरन्त अपनी बन्दूक निकालने के लिये जेब में हाँथ डाला | उसकी बन्दूक गिर चुकी थी | ये सभी ने देख लिया | अब ठाकुर को बंदी बना दिया और गब्बर ने कहा ठाकुर से अब आया है मौका तेरी गांड मारने का | तू मेरी गांड चुदवाना चाहता था जेल मैं | अब मैं तेरी गांड मारूंगा यहाँ | ठाकुर भले ही हिम्मतवाला था पर अब उसने अपनी गांड कड़ी कर ली थी कि गांड तो चुद्वानी ही है | फिर गब्बर ने कालिया से कहा कि उतारो इसके कपडे और कर दो नंगा इस गंडमरे को | फिर कालिया ने उसके कपडे फाड़ के उसे नंगा कर दिया | ये देख कर गब्बर और साम्बा का लंड तन गया | गब्बर उसे चोदने ही जा रहा था कि साम्बा ने कहा सरदार मैं इसकी गांड मारना चाहता हूँ | इसने भी एक बार मेरी गांड मारी है | गब्बर ने कहा ठीक है साम्बा पहले तू इसकी गांड मार फिर मैं इसकी गांड मरूँगा | साम्बा पहाड़ी से कूदा और नीचे आ कर नंगा हो गया | साम्बा का लंड लम्बा था | ये देख कर ठाकुर की गांड फट गयी | ठाकुर ने कहा कि मादरचोद मेरी गांड ऐसे मारना कि गांड फट ही जाये नहीं तो मैं अगर बच गया तो तेरी गांड फाड़ दूंगा | फिर साम्बा ने कहा कि अबे गांडू चुप हो जा | साम्बा बहुत गुस्से में था क्यूंकि ठाकुर ने भी उसकी गांड पहले ही मार ली थी | अब साम्बा ने अपने लंड पर तेल लगाया और एक ही झटके में अपना लंड ठाकुर की गांड में घुसेड दिया | जैसे ही ठाकुर की गांड में साम्बा का लंड घुसा ठाकुर की आँख से आंसू निकलने लगे |
अब साम्बा ठाकुर की गांड चोदने लगा जोर जोर से और ठाकुर की गांड पर जोर जोर से थप्पड़ भी मार रहा था | ठाकुर के मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिसकिया निकल रही थी | साम्बा अपने लंड से उसकी गांड बहुत जोर जोर से चोदने लगा और बोल रहा था कि मादरचोद याद रहेगा तुझे ये दिन | ठाकुर भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए कहा कि गर्दिश में है सितारे गांड मार लो हमारी जिस दिन बहारे चमन में होंगी माँ चोद देंगे तुम्हारी | साम्बा को और तेज गुस्सा आया और उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चोदने लगा | ठाकुर के मुंह से लगातार आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की आवाजे आ रही थी | सभी लोग चुदाई देख कर अपने अपने लंड को हिला रहे थे | साम्बा ने 20 मिनट की चुदाई के बाद अपना माल ठाकुर के मुंह में निकाला | अब बारी थी गब्बर के गांड मारने की | गब्बर ने भी अपना बड़ा काला सा मोटा लंड निकाला |
गब्बर का मोटा लंड देख कर ठाकुर हंस पड़ा | तभी गब्बर ने बोला मादरचोद मजा आ रहा है क्या तुझे गांड मरवाने में गांडू जो अपनी बत्तीसी दिखा रहा है | ठाकुर ने बोला अबे भोसड़ी के जब मैं साम्बा के लंड को सह गया तो तेरा लंड क्या चीज़ है ? अगर गांड मारने का इतना ही शौक है तो खोल मेरे हाँथ फिर दिखाता हूँ तुझे असली फौलादी लंड क्या होता है ? गब्बर का माथा फिर गया और उसने ठाकुर के गांड में एक लात मारी | गब्बर नोक वाले जूते पहनता था इसलिए वो नोक ठाकुर की गांड को छलनी कर गये | लेकिन ठाकुर कर भी क्या सकता था ! गब्बर ने फिर कहा मादरचोद अब मैं तेरी माँ चोद दूंगा | इतना बोल कर गब्बर ने अपना लंड बिना तेल लगाए ठाकुर कि गांड में डाल दिया | ठाकुर की फिर चीख निकल गयी | गब्बर जोर जोर से उसकी गांड चोदने लगा और ठाकुर के मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कि आवाज निकलने लगी | गब्बर ने करीब आधे घंटे ठाकुर की गांड मारी और उसकी गांड में ही झड़ गया | ऐसे ही गब्बर के सारे शूटर्स ने उसकी गांड को खूब चोदी | ठाकुर की गांड अब गांड नहीं रही बल्कि गाँडरवाडा हो चुकी थी | उसके बाद उन्होंने ठाकुर के लंड को काट दिया | अब ठाकुर कुछ नही कर सकता था | फिर ठाकुर के हाथ कि सारी ऊँगली भी काट दी | उसके बाद ठाकुर को उन्होंने उसके घर के सामने फेंक दिया | गब्बर और गब्बर की गैंग ने उस जगह दो तीन गोली चलाई और चिल्ला के कहा सुन लो मादरचोदो गाँव वालो | अगर जीना चाहते हो तो बहनचोद टाइम से हमे और हमारे लौंडो को खाना दे दिया करना | वरना सबकी माँ और बहन यहीं बीच बाजार में चोदुंगा |
फिर वो सब लोग चले गए दारू पीने | ठाकुर अपने कटे लंड के साथ खड़ा हुआ रोते हुए और अपने घर चला गया | तभी उसकी छोटी बहु उसका कटा लंड देख कर रोने लगी और कहा कि मैं तुझे चोदने नहीं देती थी और तू मुझे चोदना चाहता था | आज मैं तुझसे चुदना चाहती हूँ तो तेरे पास लंड ही नहीं | इतना कह कर वो चली गयी लालटेन ले कर | अब ठाकुर बेचारा बेसहारा सा अपनी कुर्सी पर बैठ कर सोचने लगा कि क्या किया जाए ? गब्बर से बदला कैसे लिया जाये ? तभी उसके नौकर रामलाल जो कि कई लोगो से गांड मराता था | वो आया और ठाकुर से कहा कि आप परेशान न हो ठाकुर साहब | मैं आपके लिए खुशखबरी लाया हूँ | ठाकुर ने पूछा क्या खुशखबरी है रामलाल ? तो उसने बोला कि ठाकुर साहब दो नए लौंडे आये हैं अपने गाँव में | और वो दोनों लौंडे पैसे के लिए किसी कि भी गांड मार सकते हैं | ये बात सुन कर ठाकुर खुश तो हुआ पर ये सोचने लगा कि गब्बर की गांड मैं ही मरूँगा | फिर ठाकुर ने रामलाल को कहा कि जाओ उन दोनों नए लौंडो को ले कर आओ | उसके बाद रामलाल उन दोनों नए लौंडो को लेकर ठाकुर के पास आया | ठाकुर ने पूछा क्या नाम है तुम दोनों का ? तो दोनों ने अपना नाम जय और वीरू बताया | उसके बाद उनकी थोड़ी बहुत इधर उधर की बात हुई और फिर ठाकुर ने उन्हें एक घर में भेज दिया कि तुम लोग वहां रुकना |
अब जय और वीरू गले में हाँथ डाले चले जा रहे थे कि तभी उन पर हमला हुआ | लेकिन जय और वीरु गांड मारने में माहिर थे तो उनलोग ने सबकी गांड चोद दी | तभी ठाकुर वहां आया तो उन्होंने पूछा कि ठाकुर साहब ये सब कौन थे ? तो ठाकुर ने बोला कि ये सब मेरे ही आदमी थे | मैं चेक कर रहा था कि तुम दोनो सही में अच्छे से गांड मार लेते हो या नहीं | इतना कह कर वो चले जाता है | जय और वीरू भी गांजे का नशा करते थे | एक दिन वो दोनों खेत में गांजा पी रहे थे कि तभी वीरू की नजर बसन्ती पर पड़ी | बसंती बहुत चुदक्कड़ लड़की थी | वीरु ने जब उसे देखा तो उसका मन बसन्ती को चोदने को करने लगा | अब बसंती को पटाने के लिए वीरू ने अपना लंड दिखया उसे | बसंती भी वीरू के लंड पर फ़िदा हो गयी | पर वो दोनों चुदाई नहीं कर पा रहे थे | ठाकुर किसी भी काम से जय और वीरू दोनों को भेज देता था | एक दिन वीरू और बसंती को टाइम मिल गया चुदाई करने का | अब उन दोनों चुदाई करने के लिए कमरे में गये | अब वीरू ने बसंती के होंठ पर होंठ रख दिया और किस करने लगा | बसंती तो थी ही चुदक्कड | वो भी वीरू का साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी |
किस्सिंग करने के बाद वो दोनों नंगे हो गए | वीरू ने जब उसके दूध को देखा तो उसका लंड तन के खड़ा हो गया | अब वीरू बसंती के दूध को जोर जोर से दबाते हुए पीने लगा | बंसती गरम हो गयी तो उसके मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | वीरू जोर जोर से मसल मसल के बंसती के बड़े बड़े दूध को चूस रहा था और बंसती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके लंड को पकड के अपने हाँथ से सहलाने लगी | फिर उसके बाद बंसती ने अपने घुटने टेक दिए वीरू के सामने | अब बसंती वीरू के लंड को हाँथ से पकड के चाटने लगी | वीरू भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर के बाल को सहलाने लगा | फिर बसंती ने वीरू का लंड अपने मुंह में डाल ली और जोर जोर से चूसने लगी | वीरू भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके मुंह की चुदाई करने लगा | फिर उसके बाद वीरू ने उसे पलंग पर लेटाया | अब वीरू ने बंसती की टाँगे चौड़ी की और उसकी चूत चाटने लगा | बसंती भी मदहोशी में आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी |
वीरू बसंती की चूत चाटते हुए उसकी चूत में ऊँगली डाल कर चोद भी रहा था और बसंती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मजे लेने लगी | फिर वीरू ने अपना लंड उसकी चूत पर टिकाया और रगड़ने लगा | बसंती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | फिर वीरू ने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और चुदाई करने लगा | बंसती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी | वीरू ने फिर अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चोदने लगा | बसंती भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए चुदाई का मजा लेने लगी | उतने में ही उन दोनों को कुछ गुंडॉ ने घेर लिया | दरवाजा तोड़ कर अन्दर घुस आये | सभी बसंती को हवस भरी नजरो से देखने लगे | वीरू की गांड फट गयी उन सब लोगो को अपने लंड मसलते देखते हुए | वीरू की बन्दूक पेन्ट में थी और पेन्ट वीरू के पास नही था | सभी ने अपने लंड बाहर निकाल लिए और वीरू की कनपटी पे बन्दूक तान दी | उन लोगो ने बसंती को धमकी दी कि अगर तू हम सब का लंड नहीं चूसेगी तो इसको मार देंगे | तभी वीरू ने कहा बसंती इन कुत्तो का लंड मत चूसना | तभी वीरू को एक घूसा पड़ा | बसंती दबे पाओ बढ़ने लगी | और कहने लगी कि नहीं मैं लंड चूसूंगी मैं इनका लंड चूसूंगी | फिर वीरू ने कहा कि नहीं बसन्ती इन कुत्तो का लंड नहीं चूसना | पर बसंती तो चुदक्कड़ थी उसने सबके लंड चूसना चालू कर दिया | फिर क्या सब से चुदी वो मस्ती में और लग गए वेरु के लौड़े रस्ते में |
हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम तरुण है और मैं दिल्ली में रहता हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं सिर्फ आज कल बकरचोदी ही करता हूँ | मुझे मुन्ह्चोदी करने का बहुत शौक है | मैं हमेशा खुश रहने के लिए दूसरो को भी खुश रखता हूँ | आज जो मैं कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरे जीवन की पहली कहानी है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी | तो अब मैं वक़्त बरबाद ना करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ |
एक दिन की बात है गब्बर भाग रहा था और उसके पीछे ठाकुर भी भाग रहा था पकड़ने के लिए | ठाकुर गब्बर से बोला रुक जा मादरचोद नहीं तो मैं तेरी मैया चोद दूंगा | गब्बर ने भी पीछे पलट कर देखा और कहा कि हट्ट बहनचोद और भागने लगा | उतने में ही ठाकुर ने गोली चलाई और कहा मादरचोद रुक जा | गब्बर की गांड फट गयी और उसने कहा कि बहन के लौड़े गांड में इतनी हिम्मत है तो पकड़ के दिखा | ठाकुर एक बहुत फिट पुलिस वाला था | गब्बर गांजा पीता था जिस वजह से वो थकने लगा | फिर गब्बर ने सोचा कि बहनचोद ये सच में मेरी गांड न मार ले इसिये छुप जाना ही बेहतर है | फिर गब्बर एक झाडी की पीछे छुप गया | जब ठाकुर को गब्बर नहीं मिला तो उसने चिल्लाया | गब्बर बाहर निकल मादरचोद | अपनी अम्मा के भोसड़े में जा कर छुपा है क्या ? गब्बर की गांड फाटे जा रही थी | फिर ठाकुर ने चिल्लाया कि मादरचोद गांड क्यूँ फट रही है तेरी ? बड़ा डाकू बना फिरता है मादरचोद अब निकल गया गांड से गू | ले माँ के लौड़े बन्दूक फेक दी है अब निकल मादरचोद | दिखा बहनचोद अपनी हिम्मत | देखते हैं किसके बताशे ज्यादा गोल है | गब्बर भी बहुत मादरचोद था उसने अपनी गांड के पीछे चाकू छुपा कर रखा था | गब्बर बाहर निकलते हुए बोला | अरे ओ ठाकुर बहुत पकर पकर कर रहा हैं मादरचोद ले आ गया मैं |
अब ठाकुर गब्बर के पास गया और खींच के एक शॉट मार दिया | गब्बर ने मुस्कुराते हुए मुंह से निकले खून को थूका और बोला बस इतना ही दम है तेरी गांड में | तभी ठाकुर ने अपना दूसरा हाँथ उठाया उसे मारने को तो उतने में ही गब्बर ने उसका हाँथ पकड़ा और बस | अब चालू हो चुकी थी लड़ाई | दोनों एक दूसरे को गाली देते हुए मार रहे थे | जब गब्बर को लगा कि वो हारने वाला है तो उसने चाक़ू निकाल लिया | पर ठाकुर होशियार था | उसने उसका चाकू छीन लिया | अब गब्बर के पास और कोई चारा नहीं था | तब ठाकुर हँसते हुए बोला | मादरचोद गब्बर ये हाँथ नही तेरी गांड में डालने वाला लंड है | चल तेरी बहन की चूत जेल | अब गब्बर को 10 साल की सजा हो चुकी थी | फिर एक बार गब्बर और ठाकुर का सामना हुआ | तब गब्बर ने ठाकुर से कहा कि ठाकुर ऐसी कोई जेल नहीं जहाँ पर कोई गब्बर की गांड मार ले | मादरचोद जिस दिन मैं बाहर निकला तेरी अम्मा चोद दूंगा | ठाकुर ये सब सुनने के बाद ठुल्लो से कहा कि ले जाओ इस गांडू की खूब गांड मारना जेल में |
ठाकुर भी छुट्टी ले के अपने गाँव चला गया वापस | जब ठाकुर अपने गाँव के स्टेशन पर पंहुचा ही था कि उसके पास फोन आया | पुलिस हेड ऑफिस वाले सर ने उससे फ़ोन पे कहा कि मादरचोद वो फिर भाग गया उसकी माँ चोदनी है | ठाकुर को ये बात गले से नहीं उतरी | उसने सोचा कि लौड़ा मेरा और लौड़े से गब्बर | बहनचोद चोदु हूँ क्या गांड मरा मरा कर मैंने उसको पकड़ा | अब वो लंड का बाल जेल से भाग गया तो फिर से मैं ही गांड मराऊ क्या ? फिर ठाकुर अपने घर गया और वहां सबसे मिला | ठाकुर एक ठरकी आदमी भी था उसने अपनी बहु को भी चोदा था उसकी एक बहु विधवा है और वो अपनी चूत में ऊँगली डाल कर ही चूत की प्यास बुझाती है पर ठाकुर को चोदने नहीं देती | अब पूरा घर खिलखिला उठा और सभी ठाकुर को देख कर खुश थे | गब्बर पहाड़ी पर से देख रहा था सब चीज़ | ठाकुर को ये नही पता था कि गब्बर उसकी हरकतों पे नजर रखे हुआ है |
सुबह के 8 बजे का वक़्त था | उसकी एक बहु नहा रही थी और एक बहु आँगन में चावल और दाल बीन रही थी और उसका पति चिडियो का शिकार करने जा रहा था | उस समय ठाकुर टट्टी कर रहा था | तभी मौके पर गब्बर वहां पंहुच गया और उसने उसके बेटे को गोली मार दी | उसका बेटा भी मादरचोद बोल के मर गया | ये देख कर उसकी बड़ी बहु दाल चावल छोड़ के भागी गंडफटी में | गब्बर तो मादरचोद ही था | उसने उसे भी गोली मार दी | उसकी छोटी बहु नहाते हुए अपनी चूत सहला रही थी | गोली कि आवाज सुन कर उसकी भी गांड फट गयी | ठाकुर की गांड सूख गयी कि बहनचोद गोली किसने चला दी | ठाकुर नंगा ही बाहर की ओर भागा तो देखा कि वो दोनों मरे हुए मिले उसे | ठाकुर समझ गया था कि ये बहनचोद गब्बर का ही काम होगा | रोते रोते हुए उसने चिल्लाया गब्बर अब तो मैं तेरी माँ चोद दूंगा | उसके बाद ठाकुर तुरंत भाग कर घर गया और अपनी गांड धोयी | फिर उसने अपनी बन्दूक निकाली और जेब में रख कर चल दिया कपडे पहन के | ठाकुर जब उसके अड्डे पंहुचा तो उसने तुरन्त अपनी बन्दूक निकालने के लिये जेब में हाँथ डाला | उसकी बन्दूक गिर चुकी थी | ये सभी ने देख लिया | अब ठाकुर को बंदी बना दिया और गब्बर ने कहा ठाकुर से अब आया है मौका तेरी गांड मारने का | तू मेरी गांड चुदवाना चाहता था जेल मैं | अब मैं तेरी गांड मारूंगा यहाँ | ठाकुर भले ही हिम्मतवाला था पर अब उसने अपनी गांड कड़ी कर ली थी कि गांड तो चुद्वानी ही है | फिर गब्बर ने कालिया से कहा कि उतारो इसके कपडे और कर दो नंगा इस गंडमरे को | फिर कालिया ने उसके कपडे फाड़ के उसे नंगा कर दिया | ये देख कर गब्बर और साम्बा का लंड तन गया | गब्बर उसे चोदने ही जा रहा था कि साम्बा ने कहा सरदार मैं इसकी गांड मारना चाहता हूँ | इसने भी एक बार मेरी गांड मारी है | गब्बर ने कहा ठीक है साम्बा पहले तू इसकी गांड मार फिर मैं इसकी गांड मरूँगा | साम्बा पहाड़ी से कूदा और नीचे आ कर नंगा हो गया | साम्बा का लंड लम्बा था | ये देख कर ठाकुर की गांड फट गयी | ठाकुर ने कहा कि मादरचोद मेरी गांड ऐसे मारना कि गांड फट ही जाये नहीं तो मैं अगर बच गया तो तेरी गांड फाड़ दूंगा | फिर साम्बा ने कहा कि अबे गांडू चुप हो जा | साम्बा बहुत गुस्से में था क्यूंकि ठाकुर ने भी उसकी गांड पहले ही मार ली थी | अब साम्बा ने अपने लंड पर तेल लगाया और एक ही झटके में अपना लंड ठाकुर की गांड में घुसेड दिया | जैसे ही ठाकुर की गांड में साम्बा का लंड घुसा ठाकुर की आँख से आंसू निकलने लगे |
अब साम्बा ठाकुर की गांड चोदने लगा जोर जोर से और ठाकुर की गांड पर जोर जोर से थप्पड़ भी मार रहा था | ठाकुर के मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिसकिया निकल रही थी | साम्बा अपने लंड से उसकी गांड बहुत जोर जोर से चोदने लगा और बोल रहा था कि मादरचोद याद रहेगा तुझे ये दिन | ठाकुर भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए कहा कि गर्दिश में है सितारे गांड मार लो हमारी जिस दिन बहारे चमन में होंगी माँ चोद देंगे तुम्हारी | साम्बा को और तेज गुस्सा आया और उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चोदने लगा | ठाकुर के मुंह से लगातार आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की आवाजे आ रही थी | सभी लोग चुदाई देख कर अपने अपने लंड को हिला रहे थे | साम्बा ने 20 मिनट की चुदाई के बाद अपना माल ठाकुर के मुंह में निकाला | अब बारी थी गब्बर के गांड मारने की | गब्बर ने भी अपना बड़ा काला सा मोटा लंड निकाला |
गब्बर का मोटा लंड देख कर ठाकुर हंस पड़ा | तभी गब्बर ने बोला मादरचोद मजा आ रहा है क्या तुझे गांड मरवाने में गांडू जो अपनी बत्तीसी दिखा रहा है | ठाकुर ने बोला अबे भोसड़ी के जब मैं साम्बा के लंड को सह गया तो तेरा लंड क्या चीज़ है ? अगर गांड मारने का इतना ही शौक है तो खोल मेरे हाँथ फिर दिखाता हूँ तुझे असली फौलादी लंड क्या होता है ? गब्बर का माथा फिर गया और उसने ठाकुर के गांड में एक लात मारी | गब्बर नोक वाले जूते पहनता था इसलिए वो नोक ठाकुर की गांड को छलनी कर गये | लेकिन ठाकुर कर भी क्या सकता था ! गब्बर ने फिर कहा मादरचोद अब मैं तेरी माँ चोद दूंगा | इतना बोल कर गब्बर ने अपना लंड बिना तेल लगाए ठाकुर कि गांड में डाल दिया | ठाकुर की फिर चीख निकल गयी | गब्बर जोर जोर से उसकी गांड चोदने लगा और ठाकुर के मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कि आवाज निकलने लगी | गब्बर ने करीब आधे घंटे ठाकुर की गांड मारी और उसकी गांड में ही झड़ गया | ऐसे ही गब्बर के सारे शूटर्स ने उसकी गांड को खूब चोदी | ठाकुर की गांड अब गांड नहीं रही बल्कि गाँडरवाडा हो चुकी थी | उसके बाद उन्होंने ठाकुर के लंड को काट दिया | अब ठाकुर कुछ नही कर सकता था | फिर ठाकुर के हाथ कि सारी ऊँगली भी काट दी | उसके बाद ठाकुर को उन्होंने उसके घर के सामने फेंक दिया | गब्बर और गब्बर की गैंग ने उस जगह दो तीन गोली चलाई और चिल्ला के कहा सुन लो मादरचोदो गाँव वालो | अगर जीना चाहते हो तो बहनचोद टाइम से हमे और हमारे लौंडो को खाना दे दिया करना | वरना सबकी माँ और बहन यहीं बीच बाजार में चोदुंगा |
फिर वो सब लोग चले गए दारू पीने | ठाकुर अपने कटे लंड के साथ खड़ा हुआ रोते हुए और अपने घर चला गया | तभी उसकी छोटी बहु उसका कटा लंड देख कर रोने लगी और कहा कि मैं तुझे चोदने नहीं देती थी और तू मुझे चोदना चाहता था | आज मैं तुझसे चुदना चाहती हूँ तो तेरे पास लंड ही नहीं | इतना कह कर वो चली गयी लालटेन ले कर | अब ठाकुर बेचारा बेसहारा सा अपनी कुर्सी पर बैठ कर सोचने लगा कि क्या किया जाए ? गब्बर से बदला कैसे लिया जाये ? तभी उसके नौकर रामलाल जो कि कई लोगो से गांड मराता था | वो आया और ठाकुर से कहा कि आप परेशान न हो ठाकुर साहब | मैं आपके लिए खुशखबरी लाया हूँ | ठाकुर ने पूछा क्या खुशखबरी है रामलाल ? तो उसने बोला कि ठाकुर साहब दो नए लौंडे आये हैं अपने गाँव में | और वो दोनों लौंडे पैसे के लिए किसी कि भी गांड मार सकते हैं | ये बात सुन कर ठाकुर खुश तो हुआ पर ये सोचने लगा कि गब्बर की गांड मैं ही मरूँगा | फिर ठाकुर ने रामलाल को कहा कि जाओ उन दोनों नए लौंडो को ले कर आओ | उसके बाद रामलाल उन दोनों नए लौंडो को लेकर ठाकुर के पास आया | ठाकुर ने पूछा क्या नाम है तुम दोनों का ? तो दोनों ने अपना नाम जय और वीरू बताया | उसके बाद उनकी थोड़ी बहुत इधर उधर की बात हुई और फिर ठाकुर ने उन्हें एक घर में भेज दिया कि तुम लोग वहां रुकना |
अब जय और वीरू गले में हाँथ डाले चले जा रहे थे कि तभी उन पर हमला हुआ | लेकिन जय और वीरु गांड मारने में माहिर थे तो उनलोग ने सबकी गांड चोद दी | तभी ठाकुर वहां आया तो उन्होंने पूछा कि ठाकुर साहब ये सब कौन थे ? तो ठाकुर ने बोला कि ये सब मेरे ही आदमी थे | मैं चेक कर रहा था कि तुम दोनो सही में अच्छे से गांड मार लेते हो या नहीं | इतना कह कर वो चले जाता है | जय और वीरू भी गांजे का नशा करते थे | एक दिन वो दोनों खेत में गांजा पी रहे थे कि तभी वीरू की नजर बसन्ती पर पड़ी | बसंती बहुत चुदक्कड़ लड़की थी | वीरु ने जब उसे देखा तो उसका मन बसन्ती को चोदने को करने लगा | अब बसंती को पटाने के लिए वीरू ने अपना लंड दिखया उसे | बसंती भी वीरू के लंड पर फ़िदा हो गयी | पर वो दोनों चुदाई नहीं कर पा रहे थे | ठाकुर किसी भी काम से जय और वीरू दोनों को भेज देता था | एक दिन वीरू और बसंती को टाइम मिल गया चुदाई करने का | अब उन दोनों चुदाई करने के लिए कमरे में गये | अब वीरू ने बसंती के होंठ पर होंठ रख दिया और किस करने लगा | बसंती तो थी ही चुदक्कड | वो भी वीरू का साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी |
किस्सिंग करने के बाद वो दोनों नंगे हो गए | वीरू ने जब उसके दूध को देखा तो उसका लंड तन के खड़ा हो गया | अब वीरू बसंती के दूध को जोर जोर से दबाते हुए पीने लगा | बंसती गरम हो गयी तो उसके मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | वीरू जोर जोर से मसल मसल के बंसती के बड़े बड़े दूध को चूस रहा था और बंसती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके लंड को पकड के अपने हाँथ से सहलाने लगी | फिर उसके बाद बंसती ने अपने घुटने टेक दिए वीरू के सामने | अब बसंती वीरू के लंड को हाँथ से पकड के चाटने लगी | वीरू भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर के बाल को सहलाने लगा | फिर बसंती ने वीरू का लंड अपने मुंह में डाल ली और जोर जोर से चूसने लगी | वीरू भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके मुंह की चुदाई करने लगा | फिर उसके बाद वीरू ने उसे पलंग पर लेटाया | अब वीरू ने बंसती की टाँगे चौड़ी की और उसकी चूत चाटने लगा | बसंती भी मदहोशी में आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी |
वीरू बसंती की चूत चाटते हुए उसकी चूत में ऊँगली डाल कर चोद भी रहा था और बसंती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मजे लेने लगी | फिर वीरू ने अपना लंड उसकी चूत पर टिकाया और रगड़ने लगा | बसंती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | फिर वीरू ने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और चुदाई करने लगा | बंसती आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी | वीरू ने फिर अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चोदने लगा | बसंती भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए चुदाई का मजा लेने लगी | उतने में ही उन दोनों को कुछ गुंडॉ ने घेर लिया | दरवाजा तोड़ कर अन्दर घुस आये | सभी बसंती को हवस भरी नजरो से देखने लगे | वीरू की गांड फट गयी उन सब लोगो को अपने लंड मसलते देखते हुए | वीरू की बन्दूक पेन्ट में थी और पेन्ट वीरू के पास नही था | सभी ने अपने लंड बाहर निकाल लिए और वीरू की कनपटी पे बन्दूक तान दी | उन लोगो ने बसंती को धमकी दी कि अगर तू हम सब का लंड नहीं चूसेगी तो इसको मार देंगे | तभी वीरू ने कहा बसंती इन कुत्तो का लंड मत चूसना | तभी वीरू को एक घूसा पड़ा | बसंती दबे पाओ बढ़ने लगी | और कहने लगी कि नहीं मैं लंड चूसूंगी मैं इनका लंड चूसूंगी | फिर वीरू ने कहा कि नहीं बसन्ती इन कुत्तो का लंड नहीं चूसना | पर बसंती तो चुदक्कड़ थी उसने सबके लंड चूसना चालू कर दिया | फिर क्या सब से चुदी वो मस्ती में और लग गए वेरु के लौड़े रस्ते में |