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Guest
मैं जैसे ही अंदर पहुचा…शॉक्ड हो गया…ये देख कर कि जैसा सोचा था ये तो वैसा ही था…
मतलब ये तो सुषमा ही थी मेरे सामने….मतलब सोनू और सोनम की मम्मी ऑर कामिनी की भाभी..
सुषमा एक कार से टिक कर खड़ी हुई थी…
सुषमा ने एक वन पीस हॉट ड्रेस पहनी हुई थी...जो उसके बड़े-बड़े बूब्स से लेकर उसकी जाँघो तक आ रही थी….उस ड्रेस मे उसके बड़े-बड़े बूब्स आधे बाहर निकले हुए थे..
मैने सोचा साली पूरी तरह रेडी होकर आई है…ऑर ये नाश्ते के टाइम साड़ी मे थी , इसने ड्रेस बदलने के लिए ही टाइम मागा था वरना तभी आ जाती शायद… फिर मैं बोला….
मैं-अच्छा तो आप हो…मुझे कल सुबह ऐसा लगा ही था आपको देख कर
सुषमा-अच्छा…तो फिर क्या ख्याल है
मैं-ह्म्म्मो…गद्देदार बॉडी है मसल्ने मे मज़ा आयगा
सुषमा(शरमा कर)-सच में ….पसंद आई..???
मैं(थोड़ा पास जाकर)-हाँ…मुझे भरी हुई गंद वाली ऑर बड़े दूध वाली औरते…मस्त लगती है…ऑर गंद तो मेरी कमज़ोरी है
सुषमा-सच्ची…लेकिन तुम्हारे जैसे लड़के तो जवान लड़की के पीछे भागते है
मैं-हां..सही कह रही हो…लेकिन हमे तो प्यार की भूख है…ऑर वो भी चूत ऑर गंद के प्यार की
सुषमा-अच्छा…तो ज़रा दिखाओ तो …हम भी देखे कि अपनी भूख ही मिटाते हो या औरत की भूख भी मिटा पाओगे...
मैं-वो तो थोड़ी देर बाद तुम बताना
सुषमा-तो देर किस बात की
ऑर इतना कह कर सुषमा मेरे पास आई और अपनी मोटी बाहों से मेरे सिर को पकड़ कर किस करने लगी ….
वो मेरे होंठो को चूसने लगी…ऑर मैने भी मज़ा लेना स्टार्ट कर दिया…मैने उसके सीने पर हाथ रखे और दोनो बूब्स दवाने लगा…साथ मे उसके किस का भरपूर रेस्पॉन्स देने लगा…
सुषमा थी तो मोटी ओर उसके बूब्स भी बड़े-बड़े थे …लेकिन सच मे उसके बूब्स दबाते हुए…हाथो को मज़ा बहुत आ रहा था
सुषमा शायद पहले से ही थोड़ी गरम थी ओर किस करने के बाद तो ऑर भी गरम हो गई ऑर आवाज़े निकालने लगी….जो कि किस के साथ मुँह मे ही दब रही थी
सुषमा-उम्म्म्म…उउम्म्म्म…उउउंम्म…
मैने भी ड्रेस को खीच कर कमर तक कर दिया ऑर उसके बड़े-बड़े बूब्स को नंगा करके जोरो से मसल्ने लगा…..
इसी तरह वो मुझे पागलो की तरह 5 मिनिट तक किस करती रही ऑर मैं उसके बूब्स को मसलता रहा….
फिर मैने सोचा इस स्पीड से इसे चोदता रहा तो बिदाई का टाइम आ जायगा..ऑर मुझे मनु और इसकी बेटी से बात भी करनी है……..
मैने किस तोड़कर सुषमा को पीछे कर के कहा
मैं-क्या इतना ही करने आई हो….
सुषमा-आअहह……क्या करूँ….बहुत दिनो बाद चुदने वाली हूँ…ज़्यादा ही गर्मी चढ़ गई
मैं-ठीक है तो गर्मी मिटाने का सामान नीचे है(मैने अपने लंड की तरफ इशारा किया)
सुषमा(मुस्कुरा कर)-हाँ…यही देख कर तो आई हूँ…वैसे मॅकॅनिक की ड्रेस मे अच्छे लग रहे हो..हहेहेः
मैं-अच्छा ये बताओ कि ये माकॅनिक की ड्रेस क्यो…??? ऑर कौन छोड़ गया वहाँ…???
सुषमा-कोई छोड़ नही गया…मैने ही रखी थी…कि अगर कोई तुम्हे डोर से अंदर आते हुए देख ले तो मैं बोल दूगी कि तुम कार रिपेयर कर लेते हो…इसलिए आए हो…ऑर तुम्हारे कपड़े खराब ना हो इसलिए ये ड्रेस पहन ली..
मैं-वाउ…चूत वाली भी दिमाग़ रखती है…हाँ
सुषमा-ऑर नही तो क्या…चूत तो दुनिया हिला सकती है
मैं-देखते है इस चूत मे कितनी दम है
सुषमा-क्यो नही…ऑर मैं भी तो देखु कि दो चूत एक साथ चोदने वाला लंड मेरी एक चूत के आगे कितना टिकता है..
मैं-ये तो अभी पता चलेगा…ज़रा मेरे लंड को तैयार तो करो…फिर तेरी चूत गई
सुषमा-अभी लो…
ऑर ये कह कर सुषमा नीचे बैठ कर मेरे पेंट पर हाथ घुमाने लगी…उसने माकॅनिक की ड्रेस अलग हटा कर मेरी ज़िप खोल कर मेरा लंड निकाला..ऑर देखने लगी
मैं-देखने के लिए नही है…
सुषमा-जानती हूँ…पर सोचा करीब से देखु कि बाकाई बड़ा है या नही
मैं-तो क्या देखा
सुषमा-कल रात से भी बड़ा दिखा
मैं-तो शुरू हो जा