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चूतो का समुंदर



मैं-आंटी….आज से आप मेरी रंडी हो ऑर मैं जैसे चाहूं , जब चाहूं,,,कुछ भी करवाउन्गा तुमसे …याद रखना

आंटी-ठीक है…बस मेरे घर मे पता नही चलना चाहिए….बाकी जो कहो मैं तैयार हूँ

मैने आंटी की गंद पर चपत लगा कर बोला

मैं-मेरी रंडी टेन्षन मत ले…बस मज़े के लिए तैयार हो जा...आज से आपकी न्यू लाइफ स्टार्ट…ऑर हाँ उस बॉक्स मे इससे भी छोटी ड्रेस है ये आपको शादी के घर पहनाउन्गा…देखते जाओ आंटी मैं आपको सेक्स बॉम्ब बना दूँगा…

आंटी-बेटा इतना खर्चा क्यो...काफ़ी ड्रेस थी ना

मैं- आंटी आपकी फरन्डस देखेगी तो जलेगी कि आप भी खर्च करने मे कम नही ऑर सबके मुँह बंद हो जायगे..

ओर ये कह कर मैं नीचे आ गया...ऑर आंटी मेक-अप करके आयगी…ऐसा बोल कर मेक-अप करने लगी

मैने जैसे ही नीचे आया तो रश्मि से बोला

मैं-काम हो गया

रश्मि-हाँ सर...जैसा आप ने कहा था वैसा हो गया

मैं-ओके...1 काम करो उसे संभाल के रखना...मैं कुछ दिन बाद जब घर आउन्गा तब देना मुझे ओके

रश्मि-जी सर

मैने रश्मि को एक काम बोला था….जो मेरे लिए आगे काम आयगा…प्लान क्या था ऑर मैने क्या संभाल के रखने को बोला…ये राज कहानी मे आगे खुलेगा…सही टाइम पर

मैं और रश्मि बात ही कर रहे थे कि आंटी नीचे आती हुई दिखाई दी…क्या माल लग रही थी आंटी….…

उनको इस ड्रेस मे देख कर किसी का लंड भी खड़ा हो जाय…

उपर से उनके बड़े-2 बूब्स , जो आधे बाहर थे ऑर मस्त उभरी हुई गंद ….बुड्ढे का लंड भी खड़ा कर दे…

मैं आंटी को देख ही रहा था कि रश्मि धीरे से बोली

रश्मि-सर आइटम तो मस्त चूज़ की आपने ऑर ड्रेस भी…अब क्या करने वाले हो आप

मैं-देखती जाओ....इस साली को सच मे सेक्स बॉम्ब ना बनाया तो मेरा नाम नही....

मैं-(मन मे)-मुझसे पंगा लेने का सोचा साली ने...अब देखना कैसी हालत करता हूँ इसकी...ऑर इसके साथियो की

( कहानी मे जो भी बात अभी आपके सामने नही आई...वो आपको कहानी के साथ पता चलती जाएगी…ये आंटी के पंगे वाली बात भी जल्दी ही सामने आयगी…....

आप लोग पॅशन्स रखे प्लज़्ज़्ज़ )

इतने मे आंटी हमारे पास आ गई ऑर बोली

आंटी-बेटा सच मे ऐसे ही चलूं

मैं-अब क्या लिख कर दूं मेरी रांड़

आंटी-ओके, बेटा अब मेरी इज़्ज़त तेरे हाथ मे जो..करना है करो बस...किसी को पता ना चले

मैं-डॉन’ट वरी …आपके घर मे आपकी इज़्ज़त वैसी ही रहेगी…बस बाहर वैसी होगी जैसी मैं चाहूगा

आंटी-मतलब..???

मैं(बात संभालते हुए)-अरे मतलब मेरी पर्सनल रांड़…ऑर अब चलो …आपकी फ्रेंड की भी जलानी है ना

आंटी-हाँ…उसे जलाने के लिए तो कुछ भी कर सकती हूँ

मैं-ओके…रश्मि हम जा रहे है….टेककेइर

इसके बाद हम बाहर आकर कार मे बैठे ऑर निकल गये आंटी की फ्रेंड के गाओं की तरफ…

( आक्च्युयली वो गाओं से बड़ा ही था…कस्बे के जैसा

हमे लगभग 4 घंटे की ड्राइव करनी थी….अभी दोपहर के 1.30 हो रहे थे तो हम 5.30 तक पहुच सकते थे

बट इतनी जल्दी जा कर क्या करना है….अभी तो सफ़र शुरू हुआ है …आगे-2 देखो क्या-क्या होता है..)

मैं कार चलाते हुए आगे का प्लान कर रहा था कि तभी आंटी बोली

आंटी-चलो अच्छा है तुम्हारी कार मे कोई बाहर से अंदर नही देख पाता ..नही तो कोई भी देख लेता

मैं-डॉन’ट वरी…यहाँ आप सेफ है….हां यहाँ से निकलने के बाद आपको बदल के रख दूँगा

आंटी-क्या मतलब

मैं-कुछ नही…मतलब ये कि सहर से बाहर निकलते ही मेरे साथ मेरी आंटी नही होगी…बल्कि मेरी पर्सनल रंडी होगी

आंटी(मुस्कुरा कर)-जो हुकुम सर

मैं ऑर आंटी..ऐसे ही मस्ती भरी बाते करते हुए जा रहे थे …लगभग 30 मिनट बाद हम सहर से बाहर आ गये …

अब हम हाइवे पर थे..जहाँ दोनो तरफ पेड़ ऑर खेत ही दिखाई दे रहे थे…

दूर-2 तक कोई इंसान नज़र नही आ रहा था..हाँ थोड़ा ट्रॅफिक ज़रूर मिल रहा था इस हाइवे पर…

मैने सोचा चलो अब इसको असली मे रंडी बनाने का प्लान शुरू करते है…..क्या करूँ….

कुछ सोच कर…हाँ ये सही रहेगा…अगर ये मान गई तो शादी मे पहुचने से पहले इसकी बची हुई शरम दूर हो जाएगी…ऑर ये फिर कही भी चुदने को रेडी हो जाएगी…पक्की रंडी की तरह…हम ऐसा ही करता हूँ…



आगे क्या हुआ दोस्तो पढ़ते रहिए और साथ मे अपना सपोर्ट भी देते रहिए
 
मैने अपने मन मे कुछ सोचकर डिसाइड किया कि आज आंटी की शरम को पूरी तरह भगा देना है…बट मेरे पास टाइम कम था…हमे शादी मे भी पहुचना था

मुझे सोच मे डूबे हुए देख कर आंटी बोली

आंटी-क्या सोच रहे हो

मैं-अर्रे..कुछ नही…बस ये सोच रहा था कि इतनी जल्दी पहुच कर क्या करेगे

आंटी-अरे मेरी कई फ्रेंड्स आयगी वहाँ …तो सबसे मिल लुगी ना

मैं-आंटी 1 बात बोलू

आंटी-हाँ बोलो

मैं-आंटी आपकी फ्रेंड्स भी आपकी तरह है…

आंटी-मतलब

मैं-मेरा मतलब था कि क्या वो भी आपकी तरह पसंद रखती है

आंटी(आँखे उपर कर के)-मेरी तरह पसंद…मतलब…क्या चल रहा है माइंड मे

मैं-(हँसते हुए)-अर्रे कुछ नही आंटी मैं तो बस ये बोल रहा था कि क्या मुझे कुछ फ़ायदा हो सकता है कि नही

आंटी-क्यो…मुझसे दिल भर गया…जो मेरी फ्रेंड्स चाहिए

मैं(आंटी के बूब्स पर हाथ फेरते हुए)-अरे नही जान …तुझे तो अभी चखा है….अभी तो खाना है तुझको…निचोड़ कर…ये कहकर मैने बूब को तेज़ी से दवा दिया

आंटी-आआअहह…तो खा लो ना….दूसरो का क्यों पूछ रहे हो

मैं- क्यो आंटी….आप मेरा फ़ायदा नही करवा सकती…ऑर मैने बूब दवाने की गति बढ़ा दी…ऑर एक हाथ से ड्राइव करने लगा

आंटी---आओऊउककच….हाँ बेटा करवा दुगी …मेरी कुछ फरन्ड शायद तेरे लंड के नीचे आ जाय….आख़िर वो भी तो मस्त लंड मांगती है

मैं-ये हुई ना बात ….अब मज़ा आया

आंटी-आअहह...बट अभी मेरा ख्याल रखो बस...वो बाद मे देखेगे

मैं-ओके आंटी तो शुरू हो जाओ….मस्ती यही से स्टार्ट होती है

इतना कह कर मैने आंटी के बूब से अपना हाथ खीच लिया ऑर उन्हे मेरे लंड की तरफ इशारा किया…

आंटी मेरा इशारा समझ गई ओर थोड़ा पास आ कर मेरे पेंट के उपर से मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी…

मैने कार ड्राइव कर रहा था और आंटी मेरा लंड सहलाए जा रही थी…कुछ देर बाद मेरा लंड अपनी औकात दिखाने लगा…

आंटी-(हँसते हुए)-ओह हो…तैयार हो गया

मैं-अभी कहा आंटी….तैयार तो ये तब होगा जब आपके गरम-2 होंठो से होते हुए आपने मुँह मे जायगा….

आंटी-अच्छा..ऐसी बात है….अभी तैयार करती हूँ

इतना बोलकर…आंटी ने अपनी सॅंडल को शीट के नीचे निकाला…ऑर कार की शीट पर मेरी तरफ मुँह करके घुटनो के बल बैठ गई……ऑर आंटी ने अपने हाथो से मेरे पेंट की ज़िप को खोला ऑर अंडरवर के अंदर से मेरा लंड बाहर कर लिया …

मेरा लंड बाहर आते ही फड्फाडाने लगा….जो अभी पूरा खड़ा नही था….

आंटी ने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ा ऑर दूसरा हाथ कार के सामने वाले बोर्ड पर रखा ओर लंड की मूठ मारने लगी

मैं-आअहह…आंटी..आअराम से…मज़ा आ गया

आंटी कुछ देर तक लंड हिलाने के बाद बोली

आंटी-अब और मज़ा आएगा

और इतना बोलते ही आंटी ने झुक कर मेरे लंड को पूरा का पूरा मुँह मे भर लिया ऑर मस्ती मे लंड चुसाइ करने लगी...

मेरे लिए अब ड्राइविंग मुस्किल हो रही थी….तो मैने कार रोड के साइड से कर के स्लो चलाना शुरू कर दिया ऑर लंड चुसाइ का मज़ा लेने लगा

मैं-आंटी…..क्या चूस रही हो….आप तो एक्सपर्ट रंडी की तरह कर रही हो चुसाइ

आंटी-सस्स्ररुउउप्प्प….सस्स्रररुउउप्प्प…ऊओंम्म्मममह…सस्स्रररुउउप्प्प

मैं-आअहह…ओर तेज मेरी जान

आंटी-सस्स्ररुउउप्प्प….सस्रररुउउप्प्प्प….ऊओंम्मह…सस्स्रररुउउप्प्प्प

इसी तरह आंटी लंड को चूसे जा रही थी…मैने भी आंटी की ड्रेस को एक हाथ से गंद के उपर करके उनकी कमर पर चढ़ा दिया…ऑर अपनी 1 उंगली ले जाकर पैंटी को साइड करके आंटी की चूत मे डाल दिया

आंटी-ऊओंम्म…सस्स्ररुउउप्प्प…सस्स्रररुउउप्प्प…ऊओंम्म्ममह

मैं-आहह…ओर तेज आंटी…हाँ…ऐसे ही….अंदर तक ले जाओ

आंटी-ऊमम्मह..सस्स्ररुउउप्प्प्प…..सस्रररुउउप्प्प….उउउम्म्म्मह

 
करीब 5 मिनट आंटी बिना लंड को मुँह से निकाले चूस्ति रही ओर मैं 1 उंगली से आंटी की चूत मारता रह….ऑर 1 हाथ से ड्राइव कर रहा था

कार की स्पीड बहुत कम थी बट आंटी की नही….मैने अब कार को रोक लिया ऑर दो उंगली आंटी की चूत मे डाल दी ऑर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा….

आंटी तो जैसे आज पागल हो गई थी….10 मिनट से मेरा लंड उनके मुँह मे था ओर वो चूसे जा रही थी

आंटी-सस्रररुउुउउप्प्प्प्प्प….सस्स्स्र्र्ररुउुउउप्प्प…..उूुउउम्म्म्ममनममम….सस्स्र्र्ररुउउउप्प्प्प

मैं-आंटी …मज़ा आ गया…आअहह

अचनाक आंटी अकड़ने लगी तो मैं समझ गया कि मेरी उंगलियो का कमाल है ये ऑर मैं तेज़ी से उंगली को आंटी की चूत मे अंदर बाहर करने लगा….

थोड़ी ही देर मे आंटी झड गई ऑर उनका पूरा चूत रस मेरे हाथ से बहता हुआ कार की शीट पर जाने लगा….अब आंटी ने लंड को मुँह से निकाला…

आंटी-आअहह…..मज़ा आ गया…ऑर ये बोलकर फिर से पहले की तरह लंड चूसने लगी…

कुछ देर बाद मैं भी झड़ने लगा

मैं-आअहह…आअहह…आंटी….मैं…आआया…..पी जाओ

मेरे झड़ने पर आंटी ने लंड को चूसना जारी रखा ओर गपगाप मेरा लंड रस अपने गले से उतार लिया.......

ऑर जब लंड रस पी लिया तो मेरे लंड को चूस के सॉफ कर दिया…तब उसे मुँह से निकाला

आंटी फिर शीट पर टिक कर बैठ गई

आंटी-आअहह….मज़ा आया..???

मैं-बहुत…आपको??

आंटी-मुझे भी

मैं-आंटी आज तो आप एक्सपर्ट रंडी की तरह चूस रही थी

आंटी-अब तुम्हारी रंडी बन ना है तो वैसे काम भी करने पड़ेंगे ना

हम दोनो ही इस बात पर हँसने लगे…

फिर मैने कुछ सोच कर कहा…

मैं-आंटी…आप वो करोगी जो मैं कहुगा

आंटी-कोई शक है क्या…बोल के देख लो

मैं-पलट मत जाना

आंटी-मैं तुम्हारी हूँ…जो कहोगे ..वो करूगी

मैं-ठीक है तो अब आपको खुले आसमान के नीचे चोदता हूँ

आंटी-तुम जहाँ चाहो वहाँ चोदो…मैं तैयार हूँ

मैं-पक्का

आंटी(मेर लंड को हाथ से मसल्ते हुए)- सर…आपकी पर्सनल रंडी हूँ….लाइफ टाइम के लिए…कुछ भी कर सकती हूँ…आपकी खुशी के लिए

मैने आंटी को किस किया ऑर बोला…

मैं-चलो कोई अच्छी जगह देखते है…

ओर मैने कार की स्पीड बढ़ाई ऑर जाते हुए जगह भी देखने लगा …जहाँ मैं आंटी की चुदाई कर सकूँ

करीप 45 मिनट के सफ़र के बाद मुझे 1 मस्त खेत दिखा …जहाँ कुछ बड़े-2 पेड़ दिख रहे थे…ओर 1 छोटा सा लकड़ी का घर भी था वहाँ...

वो मेन रोड से थोड़ा हटकर जगह थी….मैने कार को वहाँ मोड़ दिया…ऑर साइड मे लगा दिया

आंटी-ह्म्म..यहाँ???

मैं-हाँ, यहाँ…आ जाओ…

ऑर हम कार ने निकल कर कार लॉक करके खेत मे जाने लगे….अब आंटी बिंदास लग रही थी…कोई कह भी नही सकता था कि ये एक हाउसवाइफ है…

हम खेत के अंदर पहुचे तो हमे एक तरफ छोटा का मैदान दिखाई दिया …वहाँ पर बड़े-2 पेड़ भी लगे थे ऑर घास भी मस्त थी…

मैने सोचा..यहाँ चुदाई का मज़ा आयगा…ऑर मैने आंटी को कमर से पकड़ कर वहाँ चलना शुरू किया…

जब हम वहाँ पहुचे…तो नज़ारा देख कर हम खुश हो गये…चारो तरफ घास थी …ऑर उपर से पेड़ो की छाया…

आंटी-वाउ…यहाँ तो मज़ा आ जायगा

मैं- बिल्कुल

आंटी-मैने कभी सोचा भी नही था कि मैं ऐसी जगह भी चुदाई करूगी

मैं(आंटी की गंद दवाकर)-अब देखती जाओ मैं ….कहाँ-कहाँ…ऑर कैसे –कैसे तुम्हारी चूत ऑर गंद को फाड़ता हूँ..

आंटी-आहह….अब मेरी चूत , गंद ऑर ये बॉडी तुम्हारी है…जैसे चाहो यूज़ करो..

मैने आंटी को वही बैठने को कहा ओर आंटी…घास पर बैठने लगी…तभी रुक कर बोली

आंटी-ड्रेस खराब हो जाएगी

मैं-हां, सही कहा…तो निकाल दो

आंटी-यहाँ???...कोई देख ना ले

मैं-देख लेगा तो क्या

आंटी-मतलब….क्या है

मैं-तुम मेरी हो…मैं जो कहता हूँ वैसा करो

आंटी-तुम जो कहो…बट कोई दूसरा आ गया तो

मैं(कुछ सोच कर)-अगर आ गया…तो मैं उसी के सामने तुम्हे चोदुन्गा…कोई प्राब्लम

आंटी(चुप रही)-……

मैं-बोलो क्या हुआ

आंटी(थोड़ा सोच कर)-तुम कैसे भी चोदो…कोई प्राब्लम नही…खुश

 
मैं आंटी के पास गया ऑर हम दोनो ने साथ मे आंटी की ड्रेस निकाल दी ऑर साइड मे पेड़ पर रख दी…अब आंटी ब्रा-पैंटी मे थी...

मैं- अब इसे भी निकाल दो

आंटी- निकाल दूगी जल्दी क्या है

मैं जल्दी है....टाइम कम है आंटी

आंटी- ओके....ऑर ये कह कर आंटी ने ब्रा-पैंटी भी निकाल दी ऑर पूरी नंगी हो गई

मैं- आंटी अब 1 मस्त पोज़ दो...आपकी 1 पिक्चर लेता हूँ

आंटी- पिक्चर क्यो...???

मैं- आप पोज़ दोगि या नही

आंटी- ओके गुस्सा नही....तुम जो भी कहो

फिर आंटी ने एक मस्त न्यूड पोज़ दिया ऑर मैने आंटी की नंगी पिक्चर मोबाइल से क्लिक कर के सेव कर ली...

ये पिक्चर आगे शायद मेरे काम आ जाय...

फिर आंटी ने एक मस्त न्यूड पोज़ दिया ऑर मैने आंटी की नंगी पिक्चर मोबाइल से क्लिक कर के सेव कर ली...

मैं-अब बनी ना तू मेरी पक्की रंडी

आंटी(मुस्कुरा कर)-अब जल्दी करो…शादी मे भी जाना है

शादी का नाम सुनते ही मैने टाइम देखा …2.50 बज रहे थे ऑर अभी हमे अप्रॉक्स 3 घंटे ऑर ड्राइव करना था…

मैं-अरे जाना क्यो नही है…जाएगे नही तो तेरी फ्रेंड की कैसे मिलेगी…..चल आजा मेरी रानी…लंड को जगा फिर से

मेरे बोलते ही आंटी झट से मेरे पास आई ऑर मेरा पेंट खोल कर के नीचे कर दिया ऑर देखता ही देखते मेरी अंडरवर भी…ओर आंटी घटनो पर आ कर मेरा लंड चूसने लगी….

मैं- हाँ….ऐसे ही जल्दी करो टाइम कम है

आंटी मेरी बात सुनकर फुल स्पीड मे लंड चूसने लगी….

आंटी ने 10 मिनट तक लंड चूसना चालू रखा…क्योकि मैं झड के आया था तो लंड 10 मिनट मे जाकर पूरा खड़ा हुआ….

जैसे ही मेरा लंड औकात पर आया मैने आंटी को रोक कर खड़ा किया ऑर उनके बूब्स चूसने लगा

मेरा एक हाथ आंटी के दूसरे बूब्स पर था….ऑर मैं…मुँह मे भर कर एक बूब को चूसे जा रहा था….

आंटी-आहह….ऐसे ही…हाँ मेरे राजा…चूस डालो

मैं-सस्स्रररुउउप्प्प…सस्स्रररुउउप्प्प…उूउउम्म्म्मम

आंटी-आअहह….हहाअ….आईीससीए हहिि…ज्ज्ज्ूओर्रर से…खा जाओ

मैने अपना मुँह दूसरे बूब पर लगाया और हाथ को दूसरे बूब पर...ऑर तेज़ी से बूब्स पर काम शुरू कर दिया….

आंटी के दोनो बूब्स….पूरी तरह कड़क हो गये थे…ऑर आंटी अपने हाथ से अपनी चूत मसल रही थी

5 मिनट बूब्स चूसने के बाद मैने बूब छोड़ दिए ओर अपने कपड़े निकाल के आंटी के सामने घुटनो पर बैठ गया….

आंटी मेरा इशारा समझ गई…ऑर दोनो पैर फैला कर चूत चाट ने की दावत देने लगी…

मेरे सामने आंटी की राशीली चूत आ गई….

आंटी की चूत फटी तो थी…पर थी कमाल थी…ऑर अभी रस से भीगी हुई है…

मैने आंटी की चिकनी चूत के पास मुँह किया तो 1 मस्त खुसबु….मेरी नाक ने समा गई…..

मैं-आअहह…क्या महक है आंटी…

ओर मैने अपने हाथो से आंटी की जाघो को खोला ऑर जीभ से आंटी की चूत चाट ली

मैं-सस्ररुउउप्प्प

आंटी-आअहह….

मैं थोड़ी देर ऐसे ही चूत चाट ता रहा ...

फिर मैने आंटी को अपने सामने कुतिया बनने को कहा…

जैसे ही आंटी कुतिया की तरह झुकी…उनकी चूत ऑर गंद खुल के मेरे सामने आ गई….

मैने अपनी जीभ की नुकीला किया ऑर हाथ से आंटी की गंद को दोनो तरफ से पकड़ कर फैलाया ओर जीभ को गंद के छेद मे अंदर कर दिया….

आंटी-आअहह……ययययए …क्याअ….

मैने थोड़ी देर जीभ को आंटी की गंद के छेद पर फेरा फिर बोला

मैं-मज़ा आया आंटी

आंटी-आअहह…सच मे…पहली बार इतना मज़ा आया…आज तक किसी ने मेरी गंद पर जीभ नही चलाई

मैं-आंटी….देखती जाओ…जो आज तक नही हुआ वो सब होगा…आप बस मज़े लो

आंटी-आअहह…बेटा ऐसे मज़े के लिए….तो कुछ भी कर सकती हूँ….

मैं-तो आंटी गंद मार लूँ…

आंटी-जो करना है कर लो…पर प्यार से मारना क्योकि मैने गंद कई दिनो से नही मरवाई ऑर…केवल 4-5 बार ही गंद मरवाई है बेटा…वो भी 5 इंच के लंड से..आहह

मैं-डोंट वरी....मैं प्यार से फाडुन्गा आपकी गंद

आंटी-तब तो तुम जैसा कहो…मैं वैसा करूगी...फाड़ दो बेटा...आहह

मैं-ठीक है…अब आप मज़े लो...

मैं फिर से जीभ से आंटी की गंद को ऑर चूत को चाट ता ऑर चोदता रहा….

फिर मैने जीभ आंटी की गंद मे और एक उंगली आंटी की चूत मे घुसा के गंद को चूसना ऑर चूत को उंगली से चोदना तेज कर दिया.....

ऑर 2-3 मिनट मे ही....

 


आंटी-आअहह….माआयन्न्न…ग्गगाइइइ…आअझहह

मैं-उूउउम्म्म्म….सस्रररुउउप्प्प…..सस्स्रररुउउप्प्प्प्प्प..सस्स्स्स्रररुउउप्प्प….आआहह

मैने आंटी का सारा चूत रस पी लिया...

मैने आंटी का सारा चूत रस पी लिया ऑर बोला

मैं-आअहह…मज़ा आ गया…

आंटी-आआहह…बहुत मज़ा…आआया बेटा…ऐसे खुले मे चूत भी ज़्यादा ही गरम हो गई

मैं-हाहहहहा….तो होने दो ना…मैं हूँ ना ठंडा करने को…

आंटी-आजा बेटा…अब डाल भी दे

मैं-(कुछ सोच कर)-आंटी क्यो ना हम अपनी चुदाई को याद गार बने…

आंटी-मतलब बेटा..क्यों..???

मैं-देखो आंटी ऐसी खुली जगह मे पहली बाद चुदाई कर रहे है ऑर आपकी गंद को भी पहली बार मस्त लंड मिलेगा..

तो क्यो ना हम इस चुदाई को कमरे मे क़ैद कर ले..

आंटी-बेटा तुम जैसा चाहो…पर कौन रेकॉर्ड करेगा….???

आंटी –रूको अभी बताता हूँ

ओर मैने खड़े होकर अपना सेल लिया ऑर पास मे लगे एक पेड़ पर सेट कर दिया…जहाँ से हमारी चुदाई सॉफ-सॉफ दिखेगी….

( मेरे पास काफ़ी अच्छा , महगा वाला सेल है जिसकी सी क़्वालिटी बहुत शानदार है)

जब मैने कॅमरा सेट कर दिया तो वापस आंटी के पास गया ऑर बोला

मैं-अब आ जाओ आंटी अपनी पॉर्न मूवी बनाते है…

इतना बोल कर मैने आंटी के साइड मे लेट गया ऑर आंटी को लंड चूसने का इशारा किया...

आंटी ने एक्सपर्ट रंडी की तरह मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ओर चूसने लगी…

आंटी बीच -2 मे कमरे की तरफ देखते हुए मेरा लंड चूस रही थी…ताकि फिल्म अच्छे से बने

मैने 1 मिनट लंड चुसवाने के बाद आंटी को बोला

मैं-आ जाओ जान…आज स्वारी करवाता हूँ….लंड की

आंटी ने देर ना करते हुए दोनो पैर मेरे पैरो के साइड मे रखे ऑर अपनी चूत को लंड के उपर सेट करके बोली

आंटी-ऐसी सवारी करने मिले तो मैं हमेशा इसी पर स्वर रहहुउऊुउउ….

आंटी बात पूरी कर पति उसके पहले मैने आंटी की कमर पकड़ कर नीचे से एक झटका दिया ओर आधा लंड आंटी की चूत मे सरसराता हुआ घुस गया

ओर आंटी का मुँह खुल गया….

आंटी-आअहह….आआहह

मैं-मज़ा आया

आंटी-आअहह…बहुत….बता तो…द्डदीईत्ट्तीईए

आंटी बोल ही रही थी कि मैने फिर से वैसे ही झटका मारा ऑर आंटी की चूत मेरा पूरा लंड गटक गई…..

आंटी-आआहह…..म्म्म्मा आररररर ड्ड्ड्डयाययाऑल्ल्लआयाया

मैं आंटी को नीचे से धक्के मारता हुआ चोद रहा था ऑर आंटी मेरे सीने पर झुक गई…मैने थोड़ी देर आंटी के बूब्स चूस्ते हुए धक्के मारे ऑर फिर आंटी को कमेरे की तरफ मुँह करके चोदना चालू कर दिया….

आंटी-आहह..आहह..आह…आह..आहह

मैं-आंटी…मस्त फिल्म बनेगी..ऐसे ही ओर ज़ोर से

आंटी-आअहह…हहा..बेटा….बना दो….मुझे…आहह….रंडी…..आहहह..दिखाओ….सब.को…आआहह..आहह..अहहह

ऐसे ही आंटी को कुछ देर चोदने के बाद

मियने टाइम ना गँवाते हुए आंटी को कमर से पकड़ कर धक्के देना चालू रखा

आंटी-अया..आअहह..आहह…आहह..आहह…अहह

मैं-ययईएह….ययईईहह…यी…ल्ल्लीए

आंटी-ऊओ….म्म्मामआ…आआहह….अहहाा

मैं 2-3 मिनट धक्के देकर थकने लगा तो मैने आंटी को बोला

मैं-आंटी…कमेरे की तरफ पोज़ देते हुए चूत उछालो

आंटी समझ गई ऑर पलट कर मेरे लंड को चूत मे भर कर मेरी तरफ पीठ करके बैठ गई

 


मैं- चल अब शुरू हो जा….

आंटी अपने पैरो के सहारे मेरे लंड पर उछलने लगी…

मैने अपने हाथ आगे ले जाकर आंटी के बूब्स को बारी-2 मसल्ने लगा…

आंटी धीरे-2 उपेर नीचे होती हुई चुदाई करवा रही थी,,ऑर मैं उनके बूब्स दबा रहा था

मैने फिर आंटी से कहा कि अपने बालो को दोनो हाथो से पकड़ कर तेज़ी से उछलो….ऑर आंटी मेरी पालतू की तरह मेरी बात मानकर अपने बालों को दोनो हाथो मे पकड़ कर तेज़ी से लंड के उपेर नीचे होने लगी…..

आंटी-अया..आअहह..आहह…आहह..आहह…अहह….आहह

आह…ऊओह..ऊ..ऊओह..आहह..ऊहह…ऊ..आहह

मैं-ययईएह….ययईईहह…ओर तेज…हा

आंटी-ऊओ….म्म्मा आ…आआहह….अहहाा…आअहह…आहह..ऊहह…ऊहह…

थोड़ी देर मे आंटी की स्पीड कम हो गई

मैं-क्या हुआ आंटी…टाइम कम है…

आंटी-मैं थक गई..

मैने आंटी को पलटा कर नीचे डाला ऑर तेज धक्के मारने लगा

मैं-आहह….थक गई साली ये ले

आंटी-आअहह….हहाअ…म्माअर्ररूव…त्ट्तीएजज्ज़…ऊओ

मैं-ओर तेज ये…ये लीयी…

आंटी-आअहह…म्माआ……आऐईयइ….हहाअ…ज्ज्ज्ूओर्र…

सस्ससे…बबबीएटत्त्ताअ…फ़ाआड़ द्दूव…उउउम्म्म्ममम

मैने कुछ ही धक्के मारे कि आंटी फिर झड़ने लगी

आंटी-आअहह…ब्ब्बबीएतत्टाअ…म्म्म्महमाआ…..आईईईई……

ऊहह….ब्ब्बेट्ट्टया…..आआईइ….आअहह….आअहह

मैं-साली आज ज़्यादा ही गरम हो गई

आंटी-अहहाअ…हहा…बीत्त्ताअ,,,आज्ज्जज म्म्माजयन्न्न…ट्तीररीि र्राान्न्ँदडडिईई ब्बांन…ग्गगाइइइ

मैं-ठीक है मेरी प्यारी रानी अब तेरी गंद फाड़ता हूँ

आंटी-फाड़ ले बेटा लेकिन प्यार से करना

मैं-डॉन’ट वरी ,,,,मैं हूँ ना…थोड़ा रेस्ट करो…फिर गंद फाड़ता हूँ…ऑर हम ज़मीन पर ही लेट गये…..

..मैं भी झड़ने के करीब था तो मैने आंटी को लंड चूसने को बोला…

आंटी ने तुरंत ही मेरे लंड मुँह मे भर के चूसना शुरू किया ऑर कुछ ही देर बाद मैं आंटी के मुँह मे झरने लगा …

आंटी बड़े प्यार से मेरा लंड रस पी गई ऑर मेरे लड़ को चाट के सॉफ करने लगी…

जब आंटी ने मेरा लंड सॉफ कर दिया तो वो फिर से मेरे लंड को दनादन चूस्ति रही ऑर 5 मिनट मे ही मेरा लंड वापिस खड़ा कर दिया…

मैं-आंटी…बड़ी जल्दी है गंद मरवाने की

आंटी-बेटा आज तो मेरी गंद खुलने वाली है…आज तक तो तेरे गन्दू अंकल का छोटा सा लंड ही लिया है…आज तू अपने तगड़े लंड से मेरी गंद फाड़ेगा….सोच कर ही मज़ा आ गया…अब जल्दी कर….जाना भी है

मैने फिर आंटी को कुतिया बनाया ऑर आंटी की गंद मे ठोक कर जीभ से अंदर तक गंद को चिकना किया…फिर अपने लंड को आंटी क़ी चूत के रस से गीला किया ओर आंटी की गंद पर लंड सेट करके धक्का मारा

आंटी-आहह..

मैं-आंटी…दर्द हुआ

आंटी-नही बेटा …ज़्यादा नही …ऐसे ही प्यार से..आहह

 


मैने दूसरा धक्का ज़ोर से मारा ऑर 5 इंच लंड सरसराता हुआ आंटी की गंद मे घुस गया ऑर आंटी आहह कर उठी

आंटी-आअहह…माअरर…ग्गगाइइइ…

मैं उसी जगह रुक गया ऑर आंटी के बूब्स दबाते हुए लंड को धीरे-2 आगे-पीछे करने लगा

थोड़ी देर मे आंटी का दर्द कम हुआ तो

आंटी-आहह..बेटा…अब डाल दे ..

मैं-तो ये लो…मैने ज़ोर से धक्का मारा ऑर पूरा लंड गंद मे…

आंटी-उूुुउउइइ…म्म्म्मोमाआ…..फफफफफ़ाआद्दद्ड…द्ददडिईई…

.आहह…हमम्म्म…उूउउम्म्म्मम…म्म्म्म माआररर्र्ररर…द्द्ददडाालल्ल्ल्ल्ल्लाअ..आहह

मैं थोड़ा रुक गया ऑर आंटी की चूत को हाथ से मसल्ने लगा…जिससे आंटी को आराम मिला…फिर

मैं-आंटी…ठीक हो ना…

आंटी-हाँ बेटा…हो जा शुरू

मैने आंटी का इशारा मिलते ही आंटी की गंद पकड़ के धक्के मारना शुरू किया ऑर आंटी का मुँह खुला हुआ कमेरे की तरफ हो गया…..

मैं आंटी को कुतिया की तरह चोद रहा था ऑर थोड़ी ही देर मे आंटी भी अपनी गंद को पीछे करते हुए मेरे लंड को गपगाप गंद मे लेने लगी ऑर ……

आंटी-आअहह….माअर…बेटा…मार…ज़ोर से…आहह

मैं-आंटी…मज़ा आया…

आंटी-आअहह…बेटा…ज़ोर से…आअहह..ऊहह..ऊहह

मेरी जागे आंटी की भरी हुई गंद पर ठप दे रही थी ऑर आंटी मस्त होकर सिसक रही थी…क्या मस्त आवाज़े आ रही थी

मैं-एस..आंटी..एस…क्या गंद है

आंटी-हहा..बेटा..मार..जोर्स…से…मार,…आहह..अहह

आअहह..आ..त्ततप्प्प..त्ततप्प..त्तप्प..आहह..ईएसस..ऊहह..ज्जूओर्र…ससी..म्म्मा अररर…आअहह…त्तप्प…ट्टह्ह्प…ऊहह…

यस…अहहह..जजूर्र्रसस्सीए

ऐसी ही आवाज़े होती रही ऑर मैं आंटी की गंद दनादन मारता रहा….

फिर मैने आंटी की गंद मे लंड फसे हुए उनको कमर से पकड़ा ऑर मैं लेट ता गया ऑर आंटी को अपने उपर लिटा लिया ..लेकिन लंड गंद मे ही डाले रहा…

मेरे ऐसा करने से आंटी खुश हो गई ऑर बोली

आंटी-बेटा चुदाई के खेल बहुत अच्छे है तेरे

मैं-देखती जाओ आंटी…अभी आप शुरू हो जाओ..

आंटी मेरा इशारा समझ गई ऑर अपने दोनो पैर मेरी जाँघो के आजू-बाजू किए ऑर अपने हाथ पीछे ले जा कर मेरे सीने पर रखे…ऑर उछल-उछल के अपनी गांद को मेरे लंड से मरवाने लगी.....

 


आंटी मस्ती मे बड़बड़ाये जा रही थी

आंटी-आहह..आज.मिला हेल अंड…वो मदर्चूओद..अया…तो लुल्ली डालता था…आअहह

मैं-आंटी…अब ये लंड ही जायगा इस गंद मे..

आंटी-हाँ…बेटा…हा…उसे..तो…गंद…देखने …भी…ना….दूं……आअहह

मैं-यस आंटी ज़ोर से

आंटी-आअहह…हाअ…ब्बीता…आअहह…आहह…आअहह…फ़फफ़ाआद्ड…द्डदीए

मैं आंटी को इसी तरीके से चोद रहा था लेकिन आंटी काफ़ी थक गई….

मैने आंटी को रोका ऑर उन्हे घुमाते हुए अपने बाजू मे लिटा दिया ऑर उनके पीछे से गंद मे लड़ डाल कर कमर पकड़ कर लंड को तेज़ी से गंद मे पेलने लगा…

ऑर आंटी आँखे बंद करके सिसकने लगी…..

आंटी-आअहह….माअर…बेटा…मार…ज़ोर से…आहह

आअहह…बेटा…ज़ोर से…आअहह..ऊहह..ऊहह

त्ततप्प…त्तप्प्प…आअहह…आहह..त्त्थप्प…त्ततप्प्प्प

मैं-यस आंटी …फाड़ता हूँ …ये ले…

आंटी-आआहह..आहह..आह…आ..आह..आह..ज्जूओर्र..सससे..उउउम्म्म्ममम…हमम्म…आअहह

ऐसे ही मैं आंटी की गंद मारे जा रहा था ऑर आंटी झड़ने लगी…..

जब आंटी झड गई तो मैने आंटी की एक टाँग को उठा कर गंद मारना चालू कर दिया…

आंटी-आअहह…अहहह..उउउंम…ऊहह..ऊहह..ऊहह..

ऊहह…ज्ज्ज्ूओर्र…सीई…बबबीएटत्त्ताआअ….आाऐययईईई….

उूउउंम्म…आहह…आहह…आह….

आज आंटी खुले मैदान मे गंद मरवाते हुए काफ़ी जल्दी गरम हो रही थी…ऑर बार-बार उनकी चूत पानी छोड़ रही थी

मैं-आंटी…क्या गंद है..पूरा लंड कस लिया…हाय्यी

आंटी-आअहह…बेटा..लंड…हाई …मोटा….है…आअहह….तू….फ़ाआद्द्ड़…..डदीए..आअहह

थोड़ी देर ऐसे ही आंटी की गंद मारते हुए मुझे कुछ ख्याल आया ऑर मैं रुक गया…

आंटी-क्या हुआ…हो गया क्या तेरा

मैं –नही आंटी…फिल्म बन रही है ना तो क्लोज़ अप सीन भी होने चाहिए

आंटी-मतलब

मैं-रूको बताता हूँ

इतना कह कर मैं आंटी को लेकर उसी पेड़ के पास गया जहाँ सेल रखा था…जिससे रेकॉर्डिंग हो रही थी

मैने सेल उठाया ऑर जा पेड़ से टिक गया…ऑर आंटी को पास बुलाकर बोला

मैं-मेरी कुतिया आंटी…ज़रा कुतिया की तरह हो जा

आंटी बिल्कुल कुतिया की तरह गंद उठा के मेरे सामने आ गई

मैं-कुतिया …अपना सिर नीचे रख ऑर अपनी गंद खोल दे

मेरे कहते ही आंटी ने अपना सिर ज़मीन पर टिका दिया ऑर अपने दोनो हाथो से अपनी गंद फैला कर खोल दी…ऑर मुँह मेरी तरफ किए हुए बोली

आंटी-गंद हाज़िर है मालिक….लंड घुसाओ ना…

मैं-ये हुई ना…बात…

ओर मैने अपना लंड बिला हाथ लगाए आंटी की गंद मे घुसा दिया...धीरे-धीरे आंटी की गंद मेरा पूरा लंड अंदर गटक गई...

मैं हाथ मे सेल लिए रेकॉर्डिंग कर रहा था…ऑर आंटी की गंद मे धीरे-धीरे लंड पेल रहा था...

 
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