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Guest
जैसे ही हम पास पहुचे…दीपा बोली
दीपा-रिचा….तुम लोग कहाँ थे..??
मैं(स्कॉच दिखाते हुए)- यहाँ
मनु-पर मैं गई थी तब तुम लोग वहाँ नही थे
मैं(फँस गये)- कब गई थी..??
मनु -तुम्हारे जाने के थोड़ी देर बाद…मैं तुम्हे ढुड़ने गई थी
मैं-मुझे, पर किस लिए...
मनु- अरे वो…मैने सोचा संगीत स्टार्ट हो गया था तो बुला लूँ…और हाँ रिचा तू भी नही थी वहाँ
रिचा(घबडा गई)-मैं..वो…वो
मैं(बात संभालते हुए , बीच मे बोला दिया)-वो हम गार्डेन मे निकल गये थे ….वही बैठे रहे ..बस अवी आया..सौरी टाइम का पता ही नही चला
आंटी-कोई बात नही..अब बैठो और प्रोग्राम देखो
इसके बाद हम सब बैठ कर प्रोग्राम देखने लगे..लेकिन मनु तिरछी नज़रो से मुझे घूरे जा रही थी…जैसे पूछ रही हो कि कहाँ थे तुम
थोड़ी देर बाद प्रोग्राम ख़त्म हो गया और हम सब डिन्नर के लिए निकल गये..
सब डिन्नर करने लगे और मनु मेरे पास आ गई प्लेट लेकर और हम खाते हुए बाते करने लगे
मनु-डिन्नर अच्छा है ना
मैं-हाँ..टेस्टी है
मनु-अच्छा ये बताओ तुम गार्डेन मे थे...??
मैं-हाँ…क्यो..??
मनु-कुछ नही…मैं आई थी तुम्हे देखने
मैं-मुझे..पर क्यों
मनु-वो ..सौरी कहना था
मैं-किस लिए
मनु-वो मैं बिना बोले चली गई थी…तो सॉरी
मैं-ओके..छोड़ो अब..पर ये बता दो कि हुआ क्या था
मनु(चिपटे हुए)-कुछ नही..अब जाने भी दो
ये कह कर मनु का मुँह उदास सा हो गया
मैं-देखो मनु नही बताना तो मत बताओ…पर अपना मूड खराब मत करो…मुझे तुम उदास अच्छी नही लगती
मनु(आँखे बड़ी करके)-अच्छा..तो कैसे अच्छी लगती हूँ
मैं-जब तुम खुश होती हो तो बहुत प्यारी लगती हो
मनु-झूठी तारीफ ???
मैं-नही मनु सच मे तुम मुझे पहली नज़र मे ही अच्छी लग गई थी
मनु-मतलब???
मैं(मन मे)- ये सच मे प्यारी दिखती है…अगर ये मेरी हो गई तो लाइफ हसीन हो जाएगी
मनु-हेलो…कुछ कह रहे थे
मैं-देखो मनु मैं सच बोल रहा हूँ…तुम मुझे पसंद हो
मनु(मुँह खोले हुए)चुप रही
मैं(अब बोल देता हूँ..जो होगा सो होगा)-मनु…सुनो
मनु(नौरमल होते हुए)- हाँ..??
मैं-मनु आइ लव यू
मनु का मुँह ये सुन कर अटक सा गया…वो कुछ नही बोली
मैं-मनु मैं जानता हूँ कि हमारी आगे सेम नही बट आइ लव यू…और मैं ये भी जानता हूँ कि तुम भी सच्चे प्यार के लिए तड़प रही हो
मनु-ऐसा क्क्क..कुछ नही….
और ये कह कर मनु जाने लगी
मैं-मनु जाने से पहले अन्सर देती जाओ
मेरे बोलने पर मनु रुकी ज़रूर बट बिना कुछ कहे मुझे देख कर फिर चल दी
मैं(पीछे से)-मैं आन्सर का वेट करूँगा…सोच के बता देना
उसके बाद मनु मेरे पास भी नही आई…हाँ डोर से मुझे देख ज़रूर लेती थी,,,बट पास नही आई…..
डिन्नर के बाद हम सब रेस्ट करने अपने रूम मे आ गये…
रूम मे आते ही मैने रूम लॉक किया और पूरा नंगा हो कर बेड पर लेट गया … मैं जानता था कि आंटी आयगी मेरे पास
मैं सोच ही रहा था कि आंटी का मेसेज आ गया
आंटी(म्स्ग)- सोना मत मैं आ रही हूँ थोड़ी देर मे
मैने मेसेज पढ़ कर सेल मे देखा कि संजीव के 2 मिस कॉल थे...
मैने संजीव को कॉल किया
कॉल पर
मैं-हाँ भाई
संजीव(गुस्से मे)-कहाँ था तू
मैं-यार वो म्यूज़िक बहुत लाउड था तो पता नही चला कॉल का(मैं रिचा की गंद मार रहा था तब संजीव का कॉल आया था)
संजीव-ओके, कोई नही,,,ये बता मोम कहाँ है
मैं-यार वो तो अलग रूम मे है
संजीव-ओह नो…अच्छा भाई कुछ बात बढ़ी क्या
मैं(मन मे)-अरे बात क्या…मैने तो उसे खुले आम चोद दिया
संजीव-हेलो…बोल ना
मैं-अरे नही भाई…मैने फ्लेर्ट किया था थोड़ा तो डाँट दिया मुझको…बात क्या खाक बढ़ेगी
संजीव- ओह सिट यार…
मैं-कोई नही...फिर ट्राइ करता हूँ…कुछ होगा तो बताउन्गा
संजीव-ओके…
मैं-चल अब सोने दे कल यहाँ पूल पार्टी है..शायद कुछ काम बन जाए..
संजीव-वाउ…तू मज़े कर ..और हो सके तो मोम को चोद के ही आना
मैं-ओके भाई आइ’ल्ल ट्राइ
संजीव-ओके गुड’नाइट
मैं-गुड’नाइट
मैने कॉल कट ही की थी कि दीपा का कॉल आ गया
मैं-हाँ बोलो
दीपा-किसके साथ लगे हुए थे …गर्लफ्रेंड..???
मैं-अरे नही वो फरन्ड का कॉल था
दीपा-ओके ओके…अब सुनो
मैं-हाँ बोलो ना
दीपा-आज रात सोना नही…मज़े करेगे
मैं-और वो कैसे
दीपा- मैं आ रही हू थोड़ी देर मे
मैं(कुछ सोच कर)-दीपा एक काम करोगी
दीपा-हुकुम करो जानेमन
मैं-तो रात मे तुम तभी आना जब मैं मिसकॉल दूं..ओके
दीपा-ओके..पर बात क्या है
मैं-आज तुझे तेरी फरन्ड के साथ चोदुन्गा
दीपा- अच्छा..रजनी साथ मे है क्या..??
मैं-नही वो आने वाली है…और उसके आते ही मैं कॉल करूगा और तुम आ जाना ओके..
देपा-पर वो मानेगी..???
दीपा-रिचा….तुम लोग कहाँ थे..??
मैं(स्कॉच दिखाते हुए)- यहाँ
मनु-पर मैं गई थी तब तुम लोग वहाँ नही थे
मैं(फँस गये)- कब गई थी..??
मनु -तुम्हारे जाने के थोड़ी देर बाद…मैं तुम्हे ढुड़ने गई थी
मैं-मुझे, पर किस लिए...
मनु- अरे वो…मैने सोचा संगीत स्टार्ट हो गया था तो बुला लूँ…और हाँ रिचा तू भी नही थी वहाँ
रिचा(घबडा गई)-मैं..वो…वो
मैं(बात संभालते हुए , बीच मे बोला दिया)-वो हम गार्डेन मे निकल गये थे ….वही बैठे रहे ..बस अवी आया..सौरी टाइम का पता ही नही चला
आंटी-कोई बात नही..अब बैठो और प्रोग्राम देखो
इसके बाद हम सब बैठ कर प्रोग्राम देखने लगे..लेकिन मनु तिरछी नज़रो से मुझे घूरे जा रही थी…जैसे पूछ रही हो कि कहाँ थे तुम
थोड़ी देर बाद प्रोग्राम ख़त्म हो गया और हम सब डिन्नर के लिए निकल गये..
सब डिन्नर करने लगे और मनु मेरे पास आ गई प्लेट लेकर और हम खाते हुए बाते करने लगे
मनु-डिन्नर अच्छा है ना
मैं-हाँ..टेस्टी है
मनु-अच्छा ये बताओ तुम गार्डेन मे थे...??
मैं-हाँ…क्यो..??
मनु-कुछ नही…मैं आई थी तुम्हे देखने
मैं-मुझे..पर क्यों
मनु-वो ..सौरी कहना था
मैं-किस लिए
मनु-वो मैं बिना बोले चली गई थी…तो सॉरी
मैं-ओके..छोड़ो अब..पर ये बता दो कि हुआ क्या था
मनु(चिपटे हुए)-कुछ नही..अब जाने भी दो
ये कह कर मनु का मुँह उदास सा हो गया
मैं-देखो मनु नही बताना तो मत बताओ…पर अपना मूड खराब मत करो…मुझे तुम उदास अच्छी नही लगती
मनु(आँखे बड़ी करके)-अच्छा..तो कैसे अच्छी लगती हूँ
मैं-जब तुम खुश होती हो तो बहुत प्यारी लगती हो
मनु-झूठी तारीफ ???
मैं-नही मनु सच मे तुम मुझे पहली नज़र मे ही अच्छी लग गई थी
मनु-मतलब???
मैं(मन मे)- ये सच मे प्यारी दिखती है…अगर ये मेरी हो गई तो लाइफ हसीन हो जाएगी
मनु-हेलो…कुछ कह रहे थे
मैं-देखो मनु मैं सच बोल रहा हूँ…तुम मुझे पसंद हो
मनु(मुँह खोले हुए)चुप रही
मैं(अब बोल देता हूँ..जो होगा सो होगा)-मनु…सुनो
मनु(नौरमल होते हुए)- हाँ..??
मैं-मनु आइ लव यू
मनु का मुँह ये सुन कर अटक सा गया…वो कुछ नही बोली
मैं-मनु मैं जानता हूँ कि हमारी आगे सेम नही बट आइ लव यू…और मैं ये भी जानता हूँ कि तुम भी सच्चे प्यार के लिए तड़प रही हो
मनु-ऐसा क्क्क..कुछ नही….
और ये कह कर मनु जाने लगी
मैं-मनु जाने से पहले अन्सर देती जाओ
मेरे बोलने पर मनु रुकी ज़रूर बट बिना कुछ कहे मुझे देख कर फिर चल दी
मैं(पीछे से)-मैं आन्सर का वेट करूँगा…सोच के बता देना
उसके बाद मनु मेरे पास भी नही आई…हाँ डोर से मुझे देख ज़रूर लेती थी,,,बट पास नही आई…..
डिन्नर के बाद हम सब रेस्ट करने अपने रूम मे आ गये…
रूम मे आते ही मैने रूम लॉक किया और पूरा नंगा हो कर बेड पर लेट गया … मैं जानता था कि आंटी आयगी मेरे पास
मैं सोच ही रहा था कि आंटी का मेसेज आ गया
आंटी(म्स्ग)- सोना मत मैं आ रही हूँ थोड़ी देर मे
मैने मेसेज पढ़ कर सेल मे देखा कि संजीव के 2 मिस कॉल थे...
मैने संजीव को कॉल किया
कॉल पर
मैं-हाँ भाई
संजीव(गुस्से मे)-कहाँ था तू
मैं-यार वो म्यूज़िक बहुत लाउड था तो पता नही चला कॉल का(मैं रिचा की गंद मार रहा था तब संजीव का कॉल आया था)
संजीव-ओके, कोई नही,,,ये बता मोम कहाँ है
मैं-यार वो तो अलग रूम मे है
संजीव-ओह नो…अच्छा भाई कुछ बात बढ़ी क्या
मैं(मन मे)-अरे बात क्या…मैने तो उसे खुले आम चोद दिया
संजीव-हेलो…बोल ना
मैं-अरे नही भाई…मैने फ्लेर्ट किया था थोड़ा तो डाँट दिया मुझको…बात क्या खाक बढ़ेगी
संजीव- ओह सिट यार…
मैं-कोई नही...फिर ट्राइ करता हूँ…कुछ होगा तो बताउन्गा
संजीव-ओके…
मैं-चल अब सोने दे कल यहाँ पूल पार्टी है..शायद कुछ काम बन जाए..
संजीव-वाउ…तू मज़े कर ..और हो सके तो मोम को चोद के ही आना
मैं-ओके भाई आइ’ल्ल ट्राइ
संजीव-ओके गुड’नाइट
मैं-गुड’नाइट
मैने कॉल कट ही की थी कि दीपा का कॉल आ गया
मैं-हाँ बोलो
दीपा-किसके साथ लगे हुए थे …गर्लफ्रेंड..???
मैं-अरे नही वो फरन्ड का कॉल था
दीपा-ओके ओके…अब सुनो
मैं-हाँ बोलो ना
दीपा-आज रात सोना नही…मज़े करेगे
मैं-और वो कैसे
दीपा- मैं आ रही हू थोड़ी देर मे
मैं(कुछ सोच कर)-दीपा एक काम करोगी
दीपा-हुकुम करो जानेमन
मैं-तो रात मे तुम तभी आना जब मैं मिसकॉल दूं..ओके
दीपा-ओके..पर बात क्या है
मैं-आज तुझे तेरी फरन्ड के साथ चोदुन्गा
दीपा- अच्छा..रजनी साथ मे है क्या..??
मैं-नही वो आने वाली है…और उसके आते ही मैं कॉल करूगा और तुम आ जाना ओके..
देपा-पर वो मानेगी..???