मैं काफ़ी थक चुका था....पायल की मस्त चूत ऑर प्यारी गंद मार कर....इसलिए लेटने के साथ ही मैं मदहोश हो कर सो रहा था.....
खट-खट-खट…रिंग…रिंग…रिंग…………खट…खट…उठो…उठो…रिंग…
अचानक मुझे होश आया……अरे ये तो मेरा फ़ोन रिंग कर रहा है..ऑर हाँ..कोई बाहर से गेट पीट रहा है ऑर चिल्ला भी रहा है…
मैं(मन मे)-कौन आ गया साला….
ऑर मैने फ़ोन उठाते हुए…गेट की तरफ जाके गेट ओपन किया…गेट पर दीपा थी
दीपा-अभी तक सो रहे हो …वहाँ पार्टी सुरू हो गई होगी
मैं-कौन सी पार्टी....
दीपा-अरे यार पूल पार्टी
मैं-ओह..हाँ…सुरू हो गई..???
दीपा-हाँ शायद,,,होने वाली ही थी
मैं-तो तुम्हे नही जाना क्या
दीपा- क्यो नही…मैं जा रही हूँ..तुम्हे ये देने आई थी
इतना कह कर दीपा ने मुझे कुछ टॅब्लेट्स ऑर पॅकेट पकड़ा दिए..
दीपा-ये लो आज काम आयगे….
मैं-ये…ये है क्या
दीपा(हँसते हुए)-यार ये कॉंडम ऑर सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली टॅब्लेट्स है
मैं-किस लिए
दीपा-देखो पूल पार्टी मस्ती के लिए है…लोग राज़ी हो तो सेक्स कर सकते है….ऑर यहाँ कौन मिल जाय…इसलिए कॉंडम…सेफ्टी के लिए
मैं-ओके..पर मेरी सेक्स पवर कमाल की है तो टॅबलेट क्यो...???
दीपा-वो तो मैं जानती हू मेरे राजा…लेकिन अगर एक की जगह दो या तीन ये चार भी मिल गई एक साथ तो…ये तब काम आयगी,…समझे मेरे राजा
मैं(मुस्कुराते हुए)-आज क्या सारी चूत मेरे पास ही आने वाली है
दीपा-ऑर किसी का पता नही…पर हाँ…आज 3-4 चूत तो लाइन मे है..
मैं-अच्छा…तू भी है क्या...
दीपा-अरे मेरी तो जब कहो …आ जाउन्गी..आज यहाँ आई हुई गेस्ट की लो ना..ऑर ये फॅमिली भी बड़ी है…कई चूते है मारने को…
मीयन-अच्छा…कैसी चूत है…मतलब फ्रेश,,,ओल्ड...???
दीपा-यहाँ तो हर तरह की मिलेगी…फ्रेश ,ओल्ड…ऑर हाँ..मोटी गंद भी ऑर कुछ कोरी गंद भी है…उन्हे फाड़ देना...
मैं-(मुस्कुराते हुए)-हाँ...हाँ...क्यो न्ही मेरी रंडी…तेरी तरह आती जायगी तो फाड़ता जाउन्गा…वैसे आंटी कहाँ है..???
दीपा- वो वहीं है…मैं भी जा रही हूँ..तुम जल्दी आ जाओ
मैं-अच्छा…ऑर रिचा ऑर मनु
दीपा-रिचा तो दिखी थी पर मनु का पता नही…पर हाँ..वो तुम्हे पूछ रही थी मिल लेना…शायद उसकी मिल जाय
मैं(हँसने लगा)-ओके…तू जा..मैं देख लुगा
इतना कह कर दीपा चली गई ऑर मैं फ्रेश होने लगा
फ्रेश होने के बाद मैं रेडी हुआ..ऑर जैसे ही सेल उठाया तो देखा कि रिचा के 8 मिसकाल थे…
मुझे याद आया कि जब मैं सो रहा था तब रिंग आ रही थी
मैने रिचा को कॉल किया
( कॉल पर)
मैं-हाई..क्या हुआ
रिचा-पार्टी है ऑर तुम गायब…कहाँ हो...???
मैं-अभी आया…तुम कहाँ हो
रिचा- नीचे हूँ..जल्दी आओ..काम है
मैं-क्या काम है???
रिचा-यार वो मनु पूछ रही थी कब्से
मैं-ओके आता हूँ
मैने कॉल कट कर दी फिर रूम से निकल कर नीचे जाने लगा......
मैं जाते हुए सोचने लगा कि मनु मुझे क्यो पूछ रही थी…क्या काम होगा मुझसे
मनु को देख कर मुझे बड़ा प्यार आने लगा था उस पर,,,,सबको मैं चोदने के लिए देखता हूँ लेकिन मनु की बात कुछ ऑर थी…उसे देख कर उस पर प्यार आता है...
आए भी क्यो ना…कितना मेनटेन है उसकी बॉडी ऑर चेहरे की मासूमियत,,,,,हाअयी...
कोई भी फिदा हो जाए....
उस टाइम वो भाग गई थी....पता नही क्या चल रहा है उसके दिमाग़ मे...
कोई नही मिले तो फिर देखते है...
यही सोचते हुए मैं नीचे पहुच गया…..मैने कॉंडम ऑर टॅब्लेट्स भी रख ली थी साथ मे….पता नही शायद ज़रूरत पड़ जाय