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Guest
जब हमारी चुदाई का संग्राम ख़त्म हुआ तो मैं जा कर बेड पर लेट गया..ऑर सुषमा और रिचा भी आ कर मेरे दोनो साइड लेट गई….
ऑर हम बातों मे मस्त हो गये…
रिचा- तो मान गये ना…लंड को निचोड़ दिया…क्यो सुषमा..???
सुषमा- ह्म्म..पर हमारे भी जोरदार बज गई…
रिचा- वो तो होना ही था...आख़िर लंड है किसका..
मैं- ह्म्म…तो हम सब जीत गये,…कोई नही हारा…क्यो…???
सुषमा- हाँ…ओर मज़ा तो इतना आया कि क्या कहूँ..
रिचा- सच मे …अब खड़े होने की भी हिम्मत नही रह गई…
मैं- सही कहा..अब रेस्ट करते है…
और मैं उठ कर बाथरूम गयी ओर फ्रेश होकर वापिस बेड पर लेट गया….
सुषमा और रिचा भी फ्रेश हो कर आई ऑर मेरे साइड मे लेट गई ऑर मैं दो मस्त नंगी औरतो के साथ लिपट कर सो गया….
हम इतना थक चुके थे कि हमे पता भी नही चला कि हम कब सो गये…..हम सब नंगे ही सो रहे थे , वो भी बेहोश होकर…
सुबह जब मेरी आँख खुली तो मेरे कानो मे किसी की आवाज़ आ रही थी….ये आवाज़ दीपा की थी….
दीपा- उठो…अब उठ भी जाओ….कब तक सोना है…दोपहर होने आई…
मैं(आँख खोल कर)- ह्म्म्म ..कौन…ओह दीपा…क्या हुआ…
दीपा- मेरे राजा..उठ जाओ…सुबह हो गई…ऑर कुछ देर मे दोपहर होने वाली है…
मैं- क्या…सच मे….और मैं उठ कर बैठ गया…
मैं अभी भी नंगा ही था, बस चद्दर से ढका हुआ….पर मेरे साथ तो दो नंगी भी थी वो कहाँ गई..
मैं-दीपा…मैं..अकेला…???
दीपा(मुस्कुरा कर)- हाँ…मेरे हीरो…वो दोनो तो सुबह ही उठ कर चली गई…काफ़ी खुश थी..हहहे
मैं(मुस्कुरा कर)- ह्म्म्म ..ऑर तुम अब आई मुझे उठाने…
दीपा- नही मेरे राजा …तीसरी बार आई हूँ…दो बार तो तुम उठे ही नही…
मैं- अच्छा..ऑर आंटी कहाँ है…
दीपा- वो भी आई थी …पर उठा नही पाई…
मैं- ओह हो..अभी कहाँ है…???
दीपा- सब लोग कामिनी के मॅंगो गार्डन जाने वाले है..बस उसी की तैयारी कर रही है…
मैं- मॅंगो गार्डेन..???
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दीपा- हाँ..आज रुक रहे है तो सोचा कि पिक्निक हो जाय…
मैं- ह्म्म्मा..तो कामिनी का मॅंगो गार्डेन भी है..???
दीपा- हाँ..बट वो छोटा ही है..बाकी नॉर्मल गार्डेन है…
मैं-ह्म्म, कैसा भी हो…पिक्निक मस्त होनी चाहिए…
दीपा- वो तो होगी ही..ओर चान्स मिला तो मस्ती भी..हहहे
मैं-तुम तो बस मस्ती के पीछे पड़ी रहो..
दीपा- क्यो…कल रात भी तुम भूल गये मुझे…
मैं- अच्छा..इतनी चुदाई की फिर भी …???
दीपा- पर सुषमा के साथ रिचा को बुला लिया पर मुझे क्यो नही बुलाया..???
मैं- अरे मेरी रानी, मैं गया था बट तू सो गई थी…मैने सोचा कि तुम्हे रेस्ट करने दूं बस , इसी लिए…
दीपा- ओह माइ स्वीटहार्ट....कितना ख्याल है तुम्हे मेरा..
मैं- हाँ मेरी जान …मैं हमेशा ख्याल रखुगा…
दीपा- सच…???
मैं-सच …
दीपा मेरे गले लग गई ऑर थोड़ा इमोशनल भी हो गई..थोड़ी देर गले लगने के बाद वो बोली…
दीपा- अब उठ भी जाओ…हमें निकलना है…
मैं- ओके…तुम चलो मैं रेडी हो कर आया…
दीपा –ओके..जल्दी आना..मैं नाश्ता लगवाती हूँ…
और दीपा मुझे बाइ बोल कर निकल गई..ऑर मैं बाथरूम मे घुस गया…
मैं जब नहा रहा था तो अपना लंड देखते हुए सोचने लगा…
मैं(मन मे)- साला मेरा लंड कितनी चुदाई कर रह रहा है आज कल..ऑर उपर से वो टॅबलेट भी खा गया…नही बाबा..अब मैं टॅबलेट नही खाउन्गा..चाहे जो भी हो ….मैं अपने दम पर ही चुदाई करूगा….बॅस...
ऑर मैं अपने आपको बोल कर नहाने लगा…..मैं फिर नहाने के बाद रेडी हुआ ऑर नीचे आने लगा…तभी मेरे सामने मेरी मोहब्बत फिर से आ गई…वो भी नाश्ता करने रूम से निकली थी…
मैं- हेलो मनु…
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मनु(मेरी आवाज़ सुनकर रुक गई …पर पलटी नही)
मैं( मनु के सामने जा कर)- मैने कहा हेलो...अब क्या हेलो भी नही बोल सकती..
मनु-ओह..सॉरी मैने सुना नही…हेलो
मैं- मनु, जब झूट बोलना नही आता तो मत बोला करो ना..
मनु-ज्ज्ज..झूट..कैसा झूट..???
मैं- तुम्हारी आँखे बता रही है कि तुम झूठ बोल रही हो…तुमने सुन लिया था..है ना..???
मनु- वो ..नही..नही सुना…
मैं- ओके..ओके…अच्छा..बताओ…मेरी बात का क्या हुआ…
मनु- मुझे उस बारे मे कोई बात नही करनी…
मनु मेरी बात का जवाब दे रही थी पर मुझे देख नही रही थी,,,मैने नॉर्मल करने को बोला…
मैं- ओके..नही करता,,,अभी की बात करूँ...
मनु-ह्म्म्मब
मैं- तुम पिक्निक पर आ रही हो ना...*???
मनु- नही..वो मेरी तबीयत ठीक नही..
मैं- क्या ना आने की वजह मैं हू…
मनु..नही तो…तुमसे क्या…
मैं- तो साबित करो…
मनु- क्या साबित करूँ..???
मैं- पिक्निक पर आओ..तो मैं समझ लूगा कि मुझसे प्राब्लम नही..वरना…???
मनु- वरना..क्या….???
अब मनु मुझे देखने लगी…
मैं- वरना मैं भी नही जाउन्गा….
मनु- ( चुप रही )
मैं- सोच लो…बोलो आओगी कि नही….??
मनु- वो मैं…मुझे जाना है…
और इसके आगे कि मैं कुछ कहता , मनु नीचे जाने लगी…तेज़ी से…मैने पीछे से ज़ोर से बोला…
मैं- मनु....आज नही तो कल...तुम मुझे समझ जाओगी...ओर पिक्निक ज़रूर आना ..वरना मैं भी यही रुक जाउन्गा....
मनु मेरी बात सुन कर रुकी ऑर पीछे देख कर वापिस चली गई....उसकी आँखों मे आज भी कुछ छिपा था..बट मैं समझ नही पाया...
मैं भी मन मार कर नीचे आ गया..ऑर नाश्ता करने बैठ गया.....
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