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Guest
वहाँ कामिनी के घर कामिनी और कमाल की दमदार चुदाई चालू हो गई...और यहाँ मैं कार भगाते हुए एक होटेल के सामने रुका...
मैं जल्दी से कार पार्क करके होटेल के अंदर आया और मॅनेजर के कॅबिन मे जा कर उससे बात करने लगा...
मॅनेजर- हेलो सर...आ गये आप...
मैं- हेलो...मेरा काम हुआ...
मॅनेजर- हाँ...फिल्म चालू है ...ये देखिए...
और मॅनेजर ने मुझे अपना लॅपटॉप घुमा कर दिखा दिया....
मैने स्क्रीन पर देखा तो सामने आंटी की उस मर्द के साथ दमदार चुदाई चालू थी...
आंटी को उस मर्द के साथ देख कर मैं हैरान तो हुआ बट खुश भी था...क्योकि अब मुझे मेरे प्लान के लिए एक न्यू आइडिया मिल गया था उस मर्द के साथ आंटी को देख कर....
मैं लाइव चुदाई देख ही रहा था कि रेणु दीदी का कॉल आ गया....
(कॉल पर)
रेणु- हेलो भाई...कहाँ पहुचे...???
मैं- जहाँ पहुचना था...
रेणु- ओह्ह...तो देख लिया ना उस रांड़ को...
मैं- ह्म्म...अब इसे कौन बचायगा मुझसे...
रेणु- हाँ भाई..इसकी अच्छे से फाड़ देना...इस तक पहुचने के लिए मैने अपनी फाडवाई है...
मैं- हाँ मेरी जान...मुझे दुख है कि इस प्लान के लिए तुम्हे इस तरह का काम करना पड़ा...सॉरी...
रेणु- अरे भाई...तेरे लिए तो जान भी दे दूं...बस तुम आगे बढ़ो...एक बार सब सामने आ जाए फिर गिन-गिन कर हिसाब लेगे..ओके..
मैं- हाँ मेरी जान...पक्का..
रेणु- अब मैं रखती हूँ...तुम आगे सम्भालो...और फिर बताना मुझे कि आख़िर बात क्या है...
मैं- ओके...चलो बाइ
रेणु- बाइ...
कॉल कट कर के मैने मॅनेजर को कहा कि ये टेप सिर्फ़ मुझे चाहिए, किसी को भनक भी ना मिले इसकी..... और मैं मास्टर की लेकर सीधा रूम की तरफ चला गया...
रूम तक आते ही मैने मास्टर की से लॉक ओपन किया....अंदर दोनो चुदाई मे इतने बिज़ी थे कि उनको पता ही नही चला...
फिर मैने थोड़ा रुक कर गेट पर एक लात मारी और गेट खुल गया...
गेट खुलते ही आंटी और वो मर्द काँप गये और चुदाई रुक गई...उस समय आंटी उस मर्द के लंड की सवारी कर रही थी और बिल्कुल मेरे सामने थी...उनका नंगा बदन देख कर मेरे लंड मे तनाब आने लगा....
मैं(गुस्से से)- ये क्या हो रहा है यहाँ...???
आंटी- वउूओ...ब्बेटा...ततुउउ...य्यहहा...
मैं- हाँ साली रंडी...मैं यहाँ...और तू साली यहाँ क्या कर रही है...
आंटी- वउूओ...माऐईन्न्न....
मैं- वो मैं क्या...साली कितनी भूख है तुझे लंड की जो यहाँ आके खाती है...इतनी ही भूख है तो घर मे लेती रह ना...तेरा बेटा भी खुश हो जाएगा...
आंटी- (चुप रही)
मैं- अब बोल ...मुँह मे लंड धुसा है क्या....
मेरे बात का आंटी ने कोई जवाब नही दिया बस नीचे देख कर रोने लगी....वो मर्द अभी भी आंटी की चूत मे लंड डाले लेटा हुआ था..और मुझे उसकी सूरत नही दिख रही थी....
थोड़ी देर तक रूम मे सन्नाटा छाया रहा...फिर मैने ही गेट को बंद करके सन्नाटा तोड़ा और बेड के पास जाने लगा...
मैं(बेड के पास आते हुए)- देखु तो कि रंडी किसका लंड खा रही थी....
और जैसे ही मैं बेड के पास पहुचा तो उस मर्द को देख कर मेरे चेहरे पर स्माइल आ गई ...
मैं- ओह्ह..तो आप है...अरे आंटी इनका लंड खाने के लिए आप होटेल तक क्यो आई...इनका लंड तो आप घर मे ही ले लेती...आख़िर आपके प्यारे देवेर जी है ये तो....
( हाँ ये संजू के चाचा थे जो आंटी को चोद रहे थे..और कल रात भी यही अंकल के सामने आंटी को चोद कर गये थे...और यही है वो एल1 जिसने एल2 को अपायंट किया था...एल2 के बारे मे आगे पता चलेगा...और हाँ जिस लेडी के साथ ये उस रात बात कर रहे थे वो और कोई नही...मेरी रेणु दी ही थी....
आप सब थोड़ा कन्फ्यूज़ हो रहे थे तो कुछ राज़ पर से परदा हटा दिया...पर रेणु दी क्यों...???
रेणु दी को मैने ही इनके(संजू के चाचा) पास भेजा था...ये मेरे प्लान का हिस्सा था...इन पर मुझे शक कब और कैसे हुआ..ये आगे पता चलेगा... और रेणु दी इनके साथ किस तरह...क्या कह कर सेट हुई.....ये मुझे भी नही पता....अभी मुझे इस बात का अंदाज़ा भी नही कि रेणु दी इन सब के बॉस को जानती है या उनसे मिली है....)
( मेरे प्लान रेणु के ज़रिए संजू के चाचा को एक्सपोज़ करना था.....अब रेणु दी इस खेल मे किसके साथ और क्यो है....ये तो फ्यूचर मे ही सामने आएगा....)
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यहाँ होटल रूम मे आंटी अभी शरम से ..और पकड़े जाने से अपनी आँखे नीचे किए हुए बैठी थी और वो मर्द भी सुन्न पड़ा हुआ था और मैं उनकी इस हालत पर खुश हो रहा था....
और वहाँ संजू के घर...संजू अपनी माँ को चोदने का ख्याल लिए घर पहुचा और सीधा बाथरूम मे घुस कर मूठ मारने लगा....
संजू अपनी माँ के नाम की मूठ मारते हुए बार-2 माँ को याद करते हुए बड़बड़ा रहा था...और जैसे ही वो शांत होकर पीछे मुड़ा तो उसके सामने उसकी पूनम दी खड़ी थी...
थोड़ी देर तक दोनो भाई-बेहन मूरत बन कर खड़े रहे.....एक तरफ पूनम अपने भाई का लंड देख रही थी तो दूसरी तरफ सोनू डर रहा था कि पूनम ने उसके मुँह से माँ के बारे मे सुन लिया...पर साथ मे वो नाइटी मे खड़ी पूनम की बॉडी देख कर गरम भी हो रहा था....
थोड़ी देर बाद पूनम रूम से निकल गई....
संजू(मन मे)- ये क्या हो गया...दीदी ने मोम से कह दिया तो...मेरी ही मर जायगी...और चूत तो मिलेगी नही...मेरी गान्ड फट ज़रूर जायगी....ओह गॉड ये क्या हो गया....
दूसरे कमरे मे...
पूनम(मन मे)- अगर संजू मोम के नाम की मूठ मार सकता है तो मेरे नाम की भी मारता होगा...आख़िर मैं तो अभी जवान हूँ...और उसका लंड भी ठीक है...वा....वो भी मुझे घूर रहा था...मैं तो उसके लिए मोम को पटाने की सोच रही थी...पर अब तो मुझे भी उसका लंड चाहिए....बात करनी ही होगी....
दोनो भाई-बेहन एक दूसरे से बेख़बर अपने आप मे खोए हुए थे......