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चूतो का समुंदर



मैं आवाज़ सुनकर हड़बड़ा गया था...सर्दी के मौसम मे भी मेरे माथे पर पसीना आने लगा था.....

मैं जैसा खड़ा था वैसा ही रह गया....एक मूरत की तरह....

मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि अब क्या करूँ...क्या जवाब दूं....

जवाब तो बाद की बात है....पहले मैं उसका सामना कैसे करूँ....

सच मे बहुत बुरा हाल था मेरा....और मुझसे कहीं ज़्यादा बुरा हाल रूही का था....

रूही इस टाइम मेरे सामने आधी नंगी बैठी हुई थी....

रूही की जीन्स और पैंटी उसके घुटनो पर फसि हुई थी और उसके बूस नंगे ही बाहर उछल रहे थे......

रूही के मुँह मे मेरा लंड पड़ा हुआ अपने रस की अंतिम बूंदे छोड़ रहा था....

रूही का मुँह तो घबड़ाहट मे अटक गया था...ना तो बंद था और ना खुला...बस लंड दबाए हुए था....

रूही की आँखे घबड़ाहट मे फटी की फटी रह गई..और वो बिल्कुल सन्न रह गई थी...जैसे कोई सदमा लग गया हो...

कुल मिलाकर मैं और रूही पूरी तरह से घबडा गये थे और दोनो के दिमाग़ सुन्न पड़े थे....

तभी पीछे से फिर से आवाज़ आई...

"अरे बोल ना...क्या कर रहा है वहाँ खड़े-खड़े"

ये आवाज़ और किसी की नही बल्कि अकरम की थी....

अकरम हमारे पीछे साइड थोड़ी दूरी पर खड़ा हुआ मुझे आवाज़ दे रहा था....

जब अकरम ने फिर से आवाज़ दी तो मैने सोचा कि अब खड़े रहने से काम नही चलेगा....

यही ठीक होगा कि मैं अकरम से बात करूँ और उसे समझाऊ...

यही सोच कर मैने अपना मुँह पीछे साइड घुमाया तो मेरा दिल खुश हो गया....

पीछे देखने पर मुझे पता चला कि पीछे तो मेरे कंधे तक घनी झाड़ियाँ है....

और अकरम थोड़ी दूर खड़ा हुआ था....

इसका मतलब, अकरम हमे नही देख सकता ...

अकरम ने सिर्फ़ मेरे सिर देखा और रूही को तो देखा ही नही...

साला घबड़ाहट मे ये भी भूल गया था कि मैं झाड़िया देख कर ही यहाँ आया था रूही के साथ मज़े करने....

अब मेरे दिल का डर दूर हो गया था मेरे चेहरे पर मुस्कान फैल गई ...तभी अकरम बोला...

अकरम- साले मुस्कुरा क्या रहा है...जवाब दे...

मैं- हाँ...क्या बोल रहा था...

अकरम- कर क्या रहा था तू...

मैं- ओह ..अरे यार थोड़ा धार मार रहा हूँ...अभी आया...

मेरी और अकरम की बातें सुन कर रूही भी थोड़ा रिलॅक्स हो गई....

रूही ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाल लिया और अपने बूब्स को कपड़ो के अंदर करने लगी....

अकरम- जल्दी कर...और हाँ...रूही भी तो थी तेरे साथ...वो कहाँ है...???

मैं(मन मे)- अब क्या बोलूं...तेरी रूही तो मेरा लंड चूस कर नंगी बैठी है...अब क्या बताऊ...

अकरम- बता ना...कहाँ है रूही...

मैं- वो ...वो थोड़ा अंदर गई है जंगल के...

अकरम- जंगल के अंदर...पर क्यो...और अकेली क्यो गई...

मैं- यार...समझा कर ना...लड़की जंगल मे अकेली किस लिए जाती है...

अकरम- मुझे क्या पता...तुझे बता के गई होगी ना...

मैं- नही रे...वो बस बोल के गई कि आती हूँ....

अकरम- और तूने जाने दिया...अकेले...क्यो..??

मैं- अबे समझा कर ना...वो प्राइवेट काम से गई है...

अकरम- ओह्ह...समझ गया...अब तू क्या कर रहा है...

मैं(थोड़ा गुस्से से)-अरे मैं भी वही प्राइवेट काम कर रहा हूँ...आता हूँ...और हां...रूही भी आती होगी....

फिर मैने रूही की आँखो मे देखा ...वो मुस्कुरा रही थी...और मैने आँखो से उसे बता दिया कि उसे क्या करना है....

रूही ने अपना मुँह सॉफ किया और मुझे भी मेरे होंठ सॉफ करने का इशारा कर दिया....थोड़ी लिपस्टिक लगी हुई थी.....

फिर मैने लंड अंदर किया और अपने रुमाल से अपने होंठ सॉफ करते हुए झाड़ियों से निकल कर अकरम के पास आ गया....

अकरम- क्यो बे साले...इतना टाइम लगता है कोई...

मैं - सॉरी यार...वो थोड़ा गॅस बन गई थी....

अकरम- ह्म्म..अब ये रूही कहाँ रह गई...

मैं- आती होगी...डोंट वरी....

थोड़ी देर बाद पीछे से रूही भी आ गई....

अकरम को देख कर उसने चोन्कने का नाटक किया..और हमारे पास आ गई...

 


अकरम ने रूही को किस करने अपना मुँह आगे बढ़ाया तो रूही ने अपने हाथो से अपने होंठ छिपा लिए.....

अकरम- क्या हुआ...इससे मत शरमाओ...ये मेरा खास फ्रेंड है...

रूही(मन मे)- अरे ..तुम्हे क्या बताऊ कि क्या हुआ....तुम्हारे खास दोस्त का लंड रस पी कर आई हूँ...तो तुम्हे किस कैसे कर दूं....

अकरम- क्या हुआ..कम ओन...

रूही- वो...असल मे मुझे उल्टी हो गई है...तो मुँह से बदबू आयगी...समझो ना...

अकरम- ओह्ह...कोई नही...

मैं(मन मे)- थॅंक गॉड...आज अगर रूही अकरम को किस कर देती तो मैं अपने आप को माफ़ नही कर पाता...मेरा खास दोस्त मेरा लंड रस चखने से बच गया...थॅंक गॉड...

रूही- वैसे ...तुम यहाँ...कबाब नही बनाए....

अकरम- कबाब बन रहे है...जूही लोग बना रही है.....वो बोली कि तुम घूम आओ तब तक...तो मैं आ गया...

मैं- ठीक किया...चलो...घूमते है...

फिर हम तीनो घूमने लगे और जंगल की तरफ ना जाकर खेतो की तरफ आ गये....

खेतो मे आ कर हमने फोटोशूट किया...और फिर कबाब खाने वापिस आ गये....

पूरे रास्ते अकरम और रूही आपस मे बतियाते रहे...मैं भी शामिल था उनके साथ...पर मेरा दिल तो सोच मे डूबा हुआ था...

मैं बस यही सोच रहा था कि आज तो बच गये...वरना मैं अकरम से कभी आँख भी नही मिला पाता....

पर इसमे सारी ग़लती रूही की है...उसी की चूत ज़्यादा गरम हो रही थी....अब रूही को समझाना होगा....

फिर हम बाकी सब के पास पहुच गये और गरमा-गरम कबाब के मज़े लेने लगे.....

यहाँ पर सब लोग दिख रहे थे...पर संजू और पूनम नही थे....उनके अलावा शादिया, ज़िया और वसीम भी नही थे....

मैने सोचा की पूनम तो संजू का लंड खा रही होगी पर ये शादिया, ज़िया और वसीम कहाँ है...किसके साथ बिज़ी होंगे......

थोड़ी देर बाद वहाँ संजू, पूनम, शादिया, ज़िया और वसीम भी आ गये.....

सबने मिल कर खाया-पिया और बैठ कर गप्पे मारने लगे.....

तभी जूही ने मुझे साथ चलने का इशारा किया और हम सबसे थोड़ी दूर आ गये....

मैं- क्या हुआ जूही....

जूही- वहाँ क्या कर रहे हो...चलो घूम कर आते है....

मैं- हां...बट ऐसे उठ कर चले जायगे तो सब क्या सोचेगे...

जूही- अरे इसमे क्या सोचना....क्या तुम मेरे साथ नही घूम सकते...???

मैं- हाँ..बिल्कुल घूम सकते है ...पर सबको बोल कर चलते है ना...उन्हे पता होगा तो टेन्षन नही होगी...ओके

जूही- अरे सबका सोचते हो..सिर्फ़ मेरा ही नही सोचते...

मैं- एक्सक्यूज मी...मैं क्या नही सोचता...???

जूही(झिझकते हुए)- वो..वो...कुछ नही...तुम चलो बस...

जूही ने गुस्से मे मेरा हाथ पकड़ा और आगे ले जाने लगी.....तभी शबनम की नज़र हम पर पड़ी और वो हमने बुलाने लगी....

शबनम- तुम लोग कहाँ चले....???

जूही- मों...वो...मैं अंकित को नदी दिखाने ले जा रही थी....

शबनम- अरे बाद मे चलते है ना..सब साथ चलेगे...आओ बैठो यहाँ...

सबनम की बात सुन कर जूही का गुस्सा और ज़्यादा बढ़ गया.....

पर कर क्या सकते थे....हम दोनो वापिस आ कर सब के साथ बैठ गये....

हम सब खुले मैदान मे घास पर बैठे हुए थे....

जूही मेरे साथ ही बैठी थी और दूसरी तरफ पूनम थी....

और सामने रूही अकरम के साथ बैठी हुई थी...जो मुझे वासना भरी नज़रों से देख रही थी...

मैं भी मस्ती के मूड मे आ गया और मैने सबकी नज़रे बचाते हुए अपना हाथ पूनम की गान्ड पर रख दिया....

हमारे पीछे कोई नही था इसलिए मैं बेफिकर हो कर पूनम की गान्ड सहलाने लगा....

पूनम भी मुझे देख कर मुस्करती हुई अपनी गान्ड मसलवाने लगी....

यहाँ जूही मुझसे बात कर रही थी...पर मेरा पूरा ध्यान पूनम की गान्ड पर था...

मैं बस जूही की बात का हाँ, हूँ करके जवाब दे रहा था.....

पूनम की गान्ड दबाते हुए...मुझे मस्ती चढ़ने लगी और मेरा लंड फिर से सिर उठाने लगा....

 


मैं रूही की अधूरी चुदाई से पहले ही परेसान था उपेर से लंड एक बार कड़क होने लगा...

इस समय मुझे चूत मारने की भरपूर इक्षा हो रही थी....पर अभी किसके साथ करूँ....

पूनम को ले जाता हूँ ...यही सोच कर मैने पूनम को इशारे से अकेले मे चलने को कहा...

पर तभी मोना पीछे से आई और पूनम के गले मे हाथ डाल कर बैठ गई...

इस तरह अचानक मोना का पीछे से आना मेरे और पूनम के लिए बड़ा शॉक था....

क्योकि इस समय मेरा हाथ पूनम की गान्ड दबा रहा था और पूनम भी मज़े से गान्ड मसलवा रही थी...

मोना के आते ही पूनम मेरी तरफ फटी आँखो से देखने लगी...जैसे कह रही हो कि मरवा दिया यार....

मुझे भी थोड़ा सा झटका लगा...मैने जल्दी से अपना हाथ पूनम की गान्ड से हटा लिया और दूसरी साइड मुँह कर के जूही की बक-बक सुनने लगा......

थोड़ी देर तक मैने पूनम की तरफ देखा भी नही...क्योकि मैं सॉफ-सॉफ पकड़ा गया था पूनम की गान्ड दबाते हुए....

फिर मोना वहाँ से उठ गई...और अपनी मोम के पास चली गई....

थोड़ी देर बाद फिर से सब लोग घूमने जाने लगे....

जूही मेरे साथ जाने के लिए खड़ी हुई लेकिन उसकी किस्मत फिर से धोखा दे गई....

शबनम ने उसे अपने साथ बुला लिया....शबनम के साथ शादिया, ज़िया और गुल भी थी....सब लोग आपस मे कुछ बात कर रहे थे....

सरद भी अपनी बीवी के साथ खड़ा हुआ था....

अकरम को फाइनली रूही मिल गई और वो निकल गया अपनी गर्लफ्रेंड के साथ....

पूनम मुझे देख रही थी..शायद गान्ड मसलवाने से उसकी चूत गरम हो गई थी....

पर उससे पहले चंदा मेरे पास आ गई..चंदा को देख कर पूनम चुप रही और तभी मौके पर चौका मारते हुए संजू फिर से पूनम के पास आ गया....

सबको बिज़ी देख कर मैं घास पर आँखे बंद कर के लेट गया....

मैं थोड़ी देर आँख बंद कर के लेटा रहा...मुझे होश तब आया जब चंदा ने मेरी जाँघ को सहलाया....

चंदा- उठिए सर...सब चले गये और आप सो रहे है....

मैने आँखे खोली तो सब लोग जा चुके थे...

फिर मैने देखा कि कोई फार्महाउस के पीछे जा रहा है...गौर करने वाली बात ये थी कि वो सबसे नज़र बचा कर जा रहा था...

सब कुछ इतनी जल्दी मे हुआ कि मैं चेहरा नही देख पाया.....उपेर से मैं लेटा हुआ था..तो और समझ मे नही आया....

चंदा- क्या सोच रहे है सर....

मैं- अरे कुछ नही....ये बताओ कि फ्री हो तुम...

चंदा(मुस्कुरा कर)- क्यो...इरादा है क्या...हाँ...

मैं- ह्म...लंड अभी चूत माग रहा है...

चंदा- आअहह...तो आप मुझे 10 मिनट दे दो सर....फिर जी भर के चोदना...मेरी चूत भी जल रही है....

मैं- ओके...तुम काम निपटा लो...तब तक मैं आता हूँ..ओके....

फिर मैने सोचा कि जब तक ये तो पता कर लूँ की साला ये फार्महाउस के पीछे कौन है...मर्द या औरत..या दोनो साथ मे मिलते है....

और मैं चंदा को छोड़कर फार्महाउस के पीछे साइड चला गया....

वहाँ मुझे ना ही कोई मर्द दिखा और ना ही कोई औरत....लेकिन एक गेट दिख गया ...जो फार्महाउस के अंदर आने के लिए था...

मैने गेट खोलने की कोसिस की तो वो बंद था...

फिर मैं फार्महाउस के आगे से एंटर हुआ और पीछे वाले रूम तक पहुच गया...

यहाँ मेरी किस्मत ने साथ दिया...रूम का गेट खुला था...

मैने धीरे से गेट को थोड़ा सा खोला और अंदर का नज़ारा देख कर हैरान रह गया....

वो नज़ारा देख कर मेरे चेहरे पर गुस्सा आ गया और माइंड मे एक प्लान....

फिर मैं रूम से दूर आया और फ़ोन निकाल कर अकरम को कॉल किया...

बात करने के बाद मैं फिर से रूम तक पहुचा और मोबाइल से अंदर का नज़ारा रेकॉर्ड करने लगा....

मैं(मन मे)- साला...इनकी वजह से इनकी तो पूरी फॅमिली की माँ-बेहन हो जायगी....अब तो इन्हे लाइन पर ला कर ही जाउन्गा...

थोड़ी देर रेकॉर्डिंग करने के बाद मैं रेकॉर्डिंग बंद की और फार्महाउस से बाहर आकर एक कॉल किया....

और मैं सोचने लगा कि साला ये अकरम का बाप तो बड़ा ठर्की है...

अब समझ आया कि अकरम की मोम क्यों ग़लत रास्ते पर है .....

अकरम का बाप तो दूसरों की चूत मे घुसा रहता है...तो बेचारी अकरम की मोम पर ध्यान ही नही देता होगा...

ह्म्म...यही बात है....और इसी वजह से मेरे दोस्त का परिवार बर्बाद हो रहा है....

मैं अपने दोस्त की फॅमिली को बर्बाद नही होने दे सकता....

मुझे ही कुछ करना होगा और अब मेरे पास ये मौका भी है....

मैं अकरम के मोम-डॅड को सही रास्ते पर ला कर ही रहुगा...और इसकी शुरुआत होती है अभी से....

 


फिर मैने अपने पर्स से अपनी सीक्रेट सिम निकाल कर मोबाइल मे डाली और वसीम को कॉल किया....

मैं- तुम जो भी कर रहे हो वो बंद करो और अभी निकल जाओ वहाँ से...वरना बहुत बुरा होगा....

वसीम- तुम कौन बोल रहे हो...और किस बारे मे बात कर रहे हो....

मैं- अबे साले मैं उसी की बात कर रहा हूँ जिस बच्ची को तू बाहों मे भर कर चूस रहा है...

वसीम- बच्ची...कौन..कौन बच्ची...???

मैं- साले...ज़्यादा नाटक मत कर...वही बच्ची जो तेरे दोस्त की सग़ी बेटी है...मोना...अब समझा...

वसीम(घबरा कर)- सीसी..कौन हो तुम ..अओर...कककहाँ..हो...

मैं- अबे ये छोड़...तू अभी अपनी बीवी के पास पहुच जा...वरना तेरी बीवी के पास तेरे कुकर्म की रेकॉर्डिंग पहुचा दूँगा....

वसीम- क्या बक रहे हो...मैं नही डरता किसी से...जो करना है कर लो...रख फ़ोन..

मैं- अबे....

मेरे कुछ बोलने के पहले ही वसीम ने फ़ोन रख दिया....

मैं(अपने आप से)- तू ऐसे नही मानेगा...अब देख साले...

और मैने रूम की रेकॉर्डिंग वसीम को सेंड कर दी...फिर क्या था...2 मिनिट मे ही उसका कॉल आ गया....

वसीम- कौन हो तुम..और ..ये सब..क्या है ये...

मैं- साले ...बोला था ना ...प्यार से मान जाता तो ठीक था....अब भी वक़्त है...चुपचाप अपनी बीवी के पास पहुच वरना तू जानता है कि मेसेज पहुचने की स्पीड कहीं ज़्यादा होती है....हाहाहा...

वसीम- हाँ..म्मा ओं..जाता हूँ..अभी...जाता हूँ...तुम मेसेज मत करना प्लीज़...

मैं- जल्दी जाओ और वही रहना....

और मैने कॉल कट कर दी और छिप कर वसीम को देखने लगा....

थोड़ी देर बाद...वसीम निकल कर अपनी बीवी के पास चला गया और मैं फार्महाउस के अंदर ...

मैं अंदर रूम मे जा रहा था और तभी मोना बाहर निकल रही थी और हम आमने -सामने आ गये....

मोना- ओह्ह...सॉरी...तुम यहाँ...कैसे..

मैं- ह्म्म..रूको...सब बताता हूँ....

मोना- सॉरी...मुझे थोड़ा अर्जेंट है...

मैं- इतनी भी क्या जल्दी है मोना डार्लिंग...थोड़ा हमारे साथ भी टाइम बिता लो....

मोना(गुस्से से)- क्या कहा....डार्लिंग...तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की ....

मैं- ओह्ह....हिम्मत...एक मिनिट...शायद मुझे तुम को रंडी बोलना चाहिए...ह्म्म्म.

मोना(गुस्से मे)- क्याअ....तुम्हारी तो...

मोना ने गुस्से से हाथ उठाया तभी मैने एक हाथ से उसका हाथ रोका और दूसरे हाथ से उसे मोबाइल दिखा दिया...जिसमे उसका ही वीडियो चल रहा था...

 


वीडियो देख कर मोना के चेहरे का रंग उड़ गया और धीरे-धीरे वो अपने सिर पर हाथ रख कर बेड पर बैठ गई और रोने लगी....

मैं(मन मे)- इसे बाद मे देखता हूँ...थोड़ा रोने दो......पहले वसीम का पता कर लूँ...

और मैने अपनी पुरानी सिम से जूही को कॉल कर के कन्फर्म कर लिया कि वसीम अपनी बीवी के साथ है....

फिर मैं मोना को रोते हुए देखते हुए वही बैठ गया......

मैं- अब क्यो रो रही हो....??

मोना(सुबक्ते हुए)- आइ एम...आइ एम सॉरी...प्लीज़...माफ़ कर दो...

मैं- अब माफी का क्या मतलब....जो हुआ सो हुआ...अब ये सबको बता देना चाहिए...

मोना- प्लीज़...प्ल्ज़्ज़..ऐसा मत करना...मैं बर्बाद हो जाउन्गी...

मैं- ह्म्म..वो तो है...पर उसमे मेरा क्या नुकसान...और फ़ायदा भी नही...

मोना- फ़ायदा...तुम कहो तुम्हे कितने पैसे चाहिए...

साला फिर पैसे....जब कोई मुझे पैसों का रोब दिखाता है तो मेरा ईगो हर्ट हो जाता है...और मेरा माइंड सनक जाता है...

मैं- साली...मुझे पैसे दिखाती है...अरे तेरे जैसी हज़ारो रंडिया खरीद सकता हूँ मैं समझी...

मोना- ओह..सॉरी..सॉरी...तुम क्या चाहते हो...जो चाहो मैं वही करूँगी...

मैं- ह्म्म..अगर तुम चाहती हो कि मैं चुप रहूं तो एक काम करना होगा...

मोना- हाँ करूँगी...जो बोलो करूँगी..बस ये किसी को मत बताना....

मैं- ह्म्म..तो तुम आज के बाद कभी भी अकरम के डॅड के पास नही भटकॉगी....मंजूर...

मोना- हाँ..हाँ ..मंजूर है...मैं वसीम अंकल के पास भी नही जाउन्गी...अब ठीक है...

मैं- ओके...अब मैं चलता हू...पर याद रखना..मेरी नज़र तुम पर रहेगी...

और मैं उसे हाथो से इशारा का के बाहर जाने लगा....

तभी मोना ने मेरा हाथ पकड़ा और वापिस बेड पर बैठा दिया ...

मैं- हे...क्या...अब क्या हुआ....

मोना- तुमने अपना काम तो कर लिया...अब मेरे काम का क्या...

मैं- तुम्हारा कौन सा काम...???

मोना- देखो....मैं यहाँ मज़े करने आई थी...और तुमने मेरा मज़ा ही खराब कर दिया....

मैं- क्या मतलब...??

मोना- मतलब तुम जानते हो...मैं अंकल के साथ ही तो मज़े करती हूँ....

मैं- क्यो...तुझे लड़के नही मिलते जो अंकल के पास जाती है...

मोना- बाय्फ्रेंड है...पर यहाँ नही...

मैं- तो मैं क्या करूँ...

मोना- वही ..जो पूनम के साथ करते हो...

मैं(शॉक्ड)- पूनम के साथ...क्या मतलब...??

मोना- चौंको मत...मुझे सब पता है...

मैं- पूनम ने तुम्हे बताया...क्यों...

मोना- वो सब छोड़ो...अब मैं तुम्हारे साथ मस्ती करूँगी...

मैं- सॉरी...मैं किसी की मजबूरी का फ़ायदा नही उठाता...

मोना- नही..ऐसी बात नही...मैं दिल से ये चाहती थी...जबसे पूनम ने तुम्हारे बारे मे बताया ..तब से....

मैं- अच्छा ..क्या बताया...

मोना- बहुत कुछ...तुम्हारा प्यार करने का तरीका...तुम्हारा स्टेमीना...और तुम्हारा हथियार...

मैं- ओह्ह...सब बता दिया...पर कब...

मोना- जब हम दोनो मस्ती करते है...

मैं- अच्छा...पूनम कितनी बड़ी वाली है...ये तो मैं सोच भी नही सकता था...

मोना- अभी तुम्हे पता नही..वो कितनी बड़ी कमीनी है....

मैं- मतलब..

मोना- मैं उसकी असलियत बताती हूँ पर प्रोमिस करो कि ये बात हमारे बीच रहेगी...

मैं- ओके...तो बताओ...

मोना- ह्म्म..तो अब सुनो उस कमीनी पूनम की असलियत...

उसके बाद मोना मुझे पूनम के कुछ राज बताने लगी.....

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वहाँ हमसे दूर कहीं सोनू(सुषमा का बेटा) एक लेडी के साथ बैठ हुआ बाते कर रहा था....

सोनू- अब बस...मैं तुम्हारा और साथ नही दे सकता....

लेडी- साथ तो तू देगा...और जब तक मैं चाहुगी तब तक...

सोनू- नही...अब मैं ये सब नही झेल सकता ...मुझे डर लगता है....

लेडी- अच्छा ...और इस बात का डर नही की तेरी गर्दन मेरी मुट्ठी मे है...

सोनू- जानता हूँ...इसलिए अब तक चुप रहा...पर अब ये बात हद से ज़्यादा हो रही है...

लेडी- हाँ...पर तुम्हे क्या...तुम सिर्फ़ अपनी फॅमिली के बारे मे सोचो...चुपचाप मेरी बात मनोगे तो सब ठीक होगा वरना...

सोनू- हाँ..हाँ..जानता हूँ...मेरी फॅमिली को कुछ नही होना चाहिए....मैं करूगा...

सोनू अपना सिर पकड़ कर रोने लगा...और उसके सामने बैठी लेडी हँसने लगी...

लेडी- मुउउहहा...रो मत यार...बस तू अंकित के करीब जा...उसे अपने भरोशे मे ले ले...फिर तेरा काम ख़त्म...बस ..

सोनू(सुबक्ते हुए)- आख़िर मैं ही क्यो...???

लेडी- क्योकि ..ऐसा मैं चाहती हूँ...अब चुपचाप अपने काम पर फोकस करो....अपनी माँ-बेहन के साथ उसे इतना उलझा दो कि वो अपने घर भी ना जा पाए...बाकी हम देख लेगे...

सोनू- ठीक है...पर याद रखना...अंकित बच गया ना तो तुम सबकी हस्ती मिटा देगा...समझी...

लेडी(गुस्से मे सोनू का गला पकड़ लेती है)- बचेगा तब ना....हम उसे ऐसा दर्द देगे कि उसकी रूह भी काँप जायगी...समझे....

सोनू(अपना गला छुड़ा कर)- आहह..देखते है...कौन मरता है और रूह किसकी काँपती है....

लेडी- तू अपना काम कर बेटा...जैसे ही वो वापिस घर आए तो काम शुरू कर देना...और हाँ...मुँह खोला तो...हहहे...

सोनू- जब आएगा तो कर दूँगा अपना काम...अभी मैं जाता हूँ...

लेडी- नही...तू पता कर और वहाँ पहुच जा...वहाँ पहुचने के बाद आयेज बताती हूँ...

सोनू- पर वो है कहाँ...ये कैसे पता चलेगा....

लेडी- उसके लिए तुम संजू के घर जाओ...वही से सब पता चल जायगा...

सोनू- ओके..जाता हूँ....

सोनू जाने के लिए खड़ा हुआ तो उस लेडी ने सोनू का हाथ पकड़ लिया....

लेडी- अरे जाता कहाँ है...मेरी प्यास तो भुझा कर जा....

और उस लेडी ने सोनू को अपनी तरफ खीच लिया...और चुदाई की तैयारी मे लग गई....

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यहाँ मोना ने अपनी बात ख़त्म की तो मेरी आँखो मे खून उतर आया...

मुझे पूनम की असलियत जानकार बहुत गुस्सा आ रहा था....

आज तक मैं पूनम को दोस्त की दीदी समझ कर प्यार करता था...उसके साथ चुदाई भी प्यार से करता था....

पर आज पता चला कि मैं किस कमीनी से प्यार से पेश आ रहा था...

मैने हमेशा उस पर भरोशा किया...पर आज जो मोना ने मुझे बताया...उसे सुन कर मुझे बहुत बड़ा झटका लगा....

मेरी समझ मे नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ.....

तभी मोना मेरी हालत समझ गई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली....

मोना- अंकित..मैं नही जानती कि पूनम ने तुम्हारे खिलाफ ये कदम क्यो उठाया...पर ये बात ज़रूर कहुगी कि पूनम को शायद बहकाया गया है....वो दिल की बड़ी अच्छी है...

मैं- अच्छा...इसे अच्छा बोलती हो...मैं कितना भरोसा करता था..और ये....

मोना- ठंडे दिमाग़ से सोचो...हो सकता है कि किसी ने उसे मजबूर किया हो...या कुछ ऐसा कहा हो..जिससे वो तुम्हे ग़लत समझ रही हो....

मैं- तो मुझसे बात करती...पूछती मुझसे....

मोना- कभी..कभी लोग झूट को सच मान लेते है......

मैं- ह्म्म...जानता हूँ....अच्छी तरह से...

मोना- अब ये सब छोड़ो...पूनम को आराम से हॅंडल करना...और मैं भी तुम्हारा साथ दूगी...

मैं- तुम...पर क्यो..??

मोना- तुम नही समझोगे...कभी फ़ुर्सत मे समझाउन्गी....अभी तुम मुझे मज़ा करवाओ...

और मोना ने मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए....

मैं भी मोना के रसीले होंठो का अहसास होते ही उसके होंठ चूसने लगा....

मुझे किस करते हुए मोना अपने दिमाग़ मे कुछ सोच रही थी...

मोना(मन मे)- चलो अच्छा हुआ...अंकित तो बिना पटाए ही मिल गया....इसे पटाने का टाइम बच गया....

उपेर से इसे पूनम के पीछे भी कर दिया....सब सही हुआ....मुझे जो काम मिला था...वो पूरा हुआ...अब इसके हथियार का मज़ा लेने का टाइम है...

 


हम किस करते जा रहे थे और मेरा गुस्सा भी धीरे-धीरे कम हो रहा था...

पर मेरे माइंड मे एक नई सोच जन्म ले चुकी थी....

मैं(मन मे)- आख़िर पूनम ने मेरे खिलाफ जाने का सोचा क्यो...किसी के कहने पर...या कोई और ही बात है....????????????

और हां...मोना सच बोल रही है या झूट....????????

फिर मैने सोचना छोड़ा और किस करते हुए मोना के बूब्स मसल कर उसकी जवानी के मज़े लेने लगा............

और हम दोनो एक-दूसरे के होंठो को दबा-दबा कर चूसने लगे.........

मैं थोड़ी देर तक किस करते हुए मोना के बूब्स मसलता रहा और फिर मैने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया ....

मोना ने एक शर्ट पहनी हुई थी जिसके बटन पहले ही खुले थे...और मैने एक हाथ से मोना की ब्रा से एक बूब्स निकाल लिया और सहलाते हुए उसकी गर्दन चूमने लगा...

मोना भी अब गरम हो चुकी थी और वो हल्की-हल्की सिसकियाँ लेने लगी थी....

मोना- ओह्ह...अंकित...कम ऑन हनी...सक मी आआओउउम्म्म्म...

मैं- उउंम..म्मूउहह्ा...आहह...यू आर सो सॉल्टी मोना...उउउम्म्म्मम...

मोना- उउंम...आअहह...मस्लो इसे ...आअहह....निचोड़ दो...उउउंम्म ...

काफ़ी देर तक मैं मोना के दोनो बूब्स को बारी-बारी मसलता रहा और उसकी गर्दन से होते हुए उसके सीने पर किस करता रहा.....

और फिर मैने मोना के एक बूब को पकड़ के मुँह मे भर लिया....

मोना- आअहह....उउउंम्म ..सक इट...उउउंम्म....

मैं- उउंम्म...उउउंम्म...उउउंम...उउंम..

मोना- आअहह....ज़ोर से डार्लिंग...ज़ोर से....आआहह...

मैं- उउउंम...उउंम्म...आआहह....

फिर मैने दूसरे बूब्स को मुँह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया....

मैं- उउउंम्म...उूउउंम्म...उउउम्म्म्म...

मोना- ओह्ह अंकित....ज़ोर से....चूस लो....आआहह....

मैने मोना के बूब्स को मुँह मे भरके चूसना जारी रखा और एक हाथ उसके जीन्स के उपेर से उसकी चूत पर रख लिया....

अब मोना पूरी गरम हो रही थी...

वो अपने बूब्स चुस्वाती हुई अपनी टाँगो के बीच मेरे हाथ को दबा कर गान्ड हिलाने लगी...

मोना- ओह..अंकित....जल्दी करो...आहह...अब सहा नही जाता...उउउंम्म...

मैं- उउंम्म...उउंम्म..उउंम..आअहह..यस बेबी....येस्स्स...

फिर मोना से बर्दास्त नही हुआ और उसने मेरी टी-शर्ट निकाल दी और धक्का देकर बेड पर लिटा दिया....

फिर मोना मेरे दोनो तरफ घुटने रख कर बैठ गई और अपनी शर्ट निकाल दी...

मैने देर ना करते हुए मोना को अपने उपेर झुकाया और उसके बूब्स को फिर से चूसने लगा...

मोना- आअहह...प्लीज़ अंकित...अब और ना तडपाओ...आअहह...

मैं- उउउंम्म..उउंम्म...उूउउंम्म..

मोना- प्लीज़ अंकित...अब आग भुझा दो...आओउउंम्म...

मैने मोना को पलटा कर बेड पर लिटा दिया और जल्दी से उसकी जीन्स निकाल दी...अब वो सिर्फ़ ब्रा-पैंटी मे मेरे सामने थी...

मोना- कम ऑन अंकित...फक मी...

मैं- अभी नही मेरी जान...थोड़ा टेस्टिंग हो जाए...

और मैने झुक कर मोना की पैंटी को साइड किया और उसकी चूत पर किस कर दिया...

मैं- मोना...ये खजाना तुम बूढो पर लूटा रही थी...हाँ..

मोना- अब नही लूटाउंगी...बस तुम लूट लो जल्दी से ...प्लीज़...फक मी...

मोना की तड़प देख कर मुझे बड़ी खुशी हो रही थी...

मैने फिर मोना की चूत पर जीभ लगाई और उसके दाने को चाटने लगा....

मोना- ओह्ह अंकित...ओह्ह..नही...प्ल्ज़...आअहह...तड़पाव मत...उउउंम्म...मम्मूऊम्म्मय्यी...

मैं- सस्ररुउपप...सस्ररुउपप..सस्ररुउपप...सस्ररुउपप...

फिर मैं मोना की जाघो को चूमने लगा..

मोना-आहह…क्या..कर रहे हो…??

मैं-तुम बस मज़े लो और मुझे प्यार करने दो…

मोना- पर वहाँ क्यो…कोई नही करता...

मैं-मैं तो करता हूँ...मुउहहाअ....

मोना-नही आज तक यहाँ नही चूमा...

मैने मोना की जाघो पर जीभ फिरा दी..

मोना-ऊहह...कुछ होता है...

मैं-चुप रहा जाघो को दोनो हाथो से पकड़ कर चूमने चाटने लगा…

मोना-आहह….ऊहह...तुम तो सच मे...आअहह...

मैं---उउउंम..सस्ररुउउप्प…मम्मूउहह...

मोना-आहह…तुम पागल कर दद्दूवगगी…उउउम्म्म्ममममम

मैने ऐसे ही जाघो को चूमते हुए मोना की जाघो को फैला दिया…और जीभ को उसकी चूत मे डाल दिया....

मोना-आअहह……मर गई.

 


मैने जीभ चलाना चालू रखा ओर मोना सिसकने लगी

मैं-सस्स्रर्र्ररुउउउप्प्प्प….आहह..सस्स्स्र्र्ररुउउप्प्प

मोना-ऊहह…न्न्नूओ…आअहह…..म्म्मामज़्ज़्ज़ाअ….आ.एयेए..गगगययया……ऊओह..

मैं-सस्स्स्र्र्ररुउउप्प….सस्स्र्र्ररुउउउप्प...

मोना-उूउउम्म्म्ममम…..पहली बार…..इतना..आहह…मज़ा……आअहह……

मोना चूत चाटने से गरम हो गई ऑर मेरा सिर अपनी चूत मे दबाते हुए झड़ने लगी.....

मोना-आहह…आआईयइ….ईीस्स..यईीस..स….ऊओह..ऊहह…आहह..आहह

मोना की चूत का रस ओर उसकी चूत से बहने लगा और मैं उसे चूस कर पीने लगा…

मैं तब तक चूत चाट ता रहा जब तक की चूत रस ख़त्म नही हुआ….ऑर तब तक मोना मस्ती मे पागल होती रही ऑर सिसकती रही…

मोना- आअहह...आअहह...ऊहह...तुमने तो तडपा कर जान ही ले ली...

मैं- मज़ा आया कि नही...???

मोना- ह्म्म..बहुत....अब मेरी बारी...

और मोना ने उठ कर मेरा पेंट खोल कर नीचे किया और मुझे बेड पर लिटा दिया...

और फिर जल्दी से मेरी अंडरवेअर निकाल कर मेरे लंड का मुआयना करने लगी...

मोना- ओह्ह्ह ...काफ़ी तगड़ा हथियार है..ह्म्म..

मैं- ह्म्म..इसे रेडी करो...फिर हथियार फाइयर करेगा...

मोना- ह्म्म..ग़गगल्लुउउप्प्प......

मोना ने मेरे लंड को पूरा मुँह मे भर कर गीला कर दिया और फिर अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी.....

मोना- सस्स्स्र्र्ररुउउउप्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प...सस्स्रररुउउप्प्प्प....आअहह...टेस्टी...सस्स्रररुउउप्प्प...

मैं- आअहह...अच्छा करती हो...हम्म ...चूसो मेरी जान...

मोना ने फिर मेरे लंड को मुँह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया...

मोना एक खेली हुई लड़की थी ...बहुत अच्छे से लंड चूस रही थी...

मोना- सस्स्रररुउउप्प्प...सस्स्रररुउउप्प्प्प...सस्स्ररुउप्प्प...

मैं- आअहह...ऐसे ही ..आअहह...ज़ोर से...आअहह...

मोना- सस्स्ररुउउउग़गग...सस्स्ररूउउग़गग...सस्स्रररुउउउगग़गग....सस्स्रररुउउउगगगगग....उउउम्म्म्म ..

मैं- आअहह...ज़ोर से...और तेजज्ज़...आअहह...उउउंम्म....

मोना- सस्स्रररुउउउग़गग.....सस्स्ररूउउग़गग. .सस्रररुउउउगगगगग....उउउम्म्म्म....उउउंम्म...

मैं- आअहह...मेरी जान..ज़ोर से कर...अंदर तक..हमम्म...

मोना ज़ोर से मेरा लंड चूस रही थी और मैं हाथ बढ़ा कर उसकी चूत को सहला रहा था....

थोड़ी देर बाद मोना फिर से गरम हो गई और मेरा लंड भी शॉट मारने को रेडी था...

मैं- अब आज मेरी जान...तेरी फाड़ता हूँ...

मोना ने मेरा लंड चूसना छोड़ा और मेरे उपेर बैठ कर लंड को चूत मे भर लिया...

 
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