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चूतो का समुंदर

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संजू के घर..............

रजनी आंटी को रोता हुआ छोड़ कर मैं उनके घर से बाहर निकला ही था कि मुझे संजू का कॉल आ गया.....

(कॉल पर )

मैं- क्या सही टाइम पर कॉल किया तूने...मैं तेरे को ही कॉल करने वाला था...

संजू- सच मे....हाँ तो बोल...

मैं- अब बोलना क्या....मैं जो नही चाहता था....तूने वही कर दिया...अब क्या बोलू....

संजू(हैरानी से)- क्या.., मैं कुछ समझा नही....मैने क्या किया....

मैं- बताउन्गा....सब बताउन्गा...पर ये वक़्त सही नही....और जगह भी...

संजू- ओह्ह...समझा...तो बोल फिर, कहाँ मिलूं...

मैं- तू जानता है..... 1 घंटा है तेरे पास....पहुँच जाना....

संजू- ओह्ह...बस 1 घंटा...

मैं- हाँ...बस 1 घंटा...बाइ...

और इतने बोल कर मैने कॉल कट कर दी...

मैं(मन मे)- लगता है अब वही करना होगा जो करने से मैं बच रहा था....सॉरी संजू....तुम्हे तकलीफ़ देने का मन तो नही था पर क्या करूँ...कोई ऑप्षन भी नही छोड़ा तूने...हुह....

पर इससे पहले की मैं अपनी कार मे बैठता....मुझे पीछे से किसी ने रोका...और आवाज़ सुनकर जब मैने पीछे देखा तो मुझे सामने मेघा दिखाई दी....

और उसकी आँखो मे देखते ही मैं जाते-जाते रुक गया....

मैं- हाँ...क्या हुआ...कुछ काम था क्या....मैं असल मे....

मेघा(बीच मे)- क्या कुछ देर रुक सकते हो....मुझे एक ज़रूरी बात...

मैं(बीच मे)- हाँ क्यो नही...मैं फ्री ही हूँ....बोलिए....

मेघा(सकुचाते हुए)- यहा...क्या तुम...मेरे रूम मे....

मैं- हाँ क्यो नही...चलो...मैं बस कुछ कॉल करके आता हूँ....

मेघा- ह्म...तो तुम उपर अनु के रूम मे आ जाना....ओके ...

मैं(मुस्कुरा कर) - ह्म...चलो , मैं आता हूँ....

और फिर मेघा अंदर चली गई और मैं कुछ कॉल्स करने लगा....

थोड़ी देर बाद मैं कॉल्स ख़त्म करके अंदर गया तो देखा कि रजनी आंटी अभी भी अपने रूम मे ही थी...शायद रो ही रही होगी....

पर मैने उन पर ध्यान ना देकर उपर जाना ही सही समझा और जब मैं अनु के रूम मे पहुँचा तो देखा कि मेघा बड़ी बेताबी से मेरा इंतज़ार कर रही थी....और मेरे अंदर आते ही उन्होने रूम को लॉक कर दिया और मुझे घूर्ने लगी...

मैं- ऐसी क्या बात है कि आपने....ये लॉक क्यो किया ...

मेघा(आँखे झुका कर)- कुछ काम बंद कमरो मे ही करना सही होता है....

मैं(मुस्कुरा कर)- ह्म्म...बात तो सही है....बंद कमरा हो...और एक गरम औरत सामने हो तो...

मेघा(बीच मे)- तो क्या...

मैं- तो फिर...ह्म...अभी बताता हूँ....

इतना बोल कर मैं धीरे-धीरे मेघा की तरफ बढ़ने लगा और मेरे हर कदम पर मेघा की साँसे भी बढ़ने लगी.....

जैसे-जैसे मेरे कदम मेघा के पास पहुँच रहे थे...वैसे-वैसे मेघा के सीने का उभार बढ़ता जा रहा था...जैसे कि उसकी साँसे उसके बूब्स मे समा रही हो ....

वैसे तो मेघा की पूरी बॉडी ही मुझे कामुक बना देती थी...पर इस टाइम उसके सीने की हरक़त मेरे जिस्म मे ज़्यादा ही जोश भर रही थी...

फिर जैसे ही मैने मेघा के पास जा कर उसके कंधो को अपने हाथ मे थमा तो मेघा की सिसकी निकल गई...और उसके होंठ खुले रह गये ....

मेघा- एयेए...आन्ं...अंकित...त्त्त...

मैं(बीच मे)- स्शीई....

और मैने मेघा को एक उंगली दिखाई और अपने होंठ उसके कपकपाते हुए होंठो पर रख दिए....

शुरू मे तो मेघा कुछ शांत रही...पर थोड़ी ही देर मे मेरे होंठो की गर्मी पा कर उसके जिस्म की गर्मी भड़क उठी और वो मेरे होंठो पर टूट पड़ी...

मेघा मेरे होंठो को इस क़दर चूसने लगी जैसे की आज के बाद उसे ये कभी मिलने वाला ना हो...

धीरे -धीरे उसके जिस्म की गर्मी अपने चरम पर पहुँच गई और मेघा मेरे होंठ चूस्ते हुए अपने हाथो से मुझे जकड़ने लगी...

उसकी गर्मी इस क़दर बढ़ गई थी कि उसके नाख़ून मेरी पीठ पर चुभने लगे थे....ऐसा लग रहा था कि जैसे वो आज मुझे कच्चा चवा जाने वाली है...

मेघा मेरे होंठ चूस्ते हुए बेड तक पहुँच गई और मुझे बेड पर पटक कर फिर से मेरे होंठो को चवाने मे जुट गई....और अब रूम मे सिर्फ़ होंठ चुसाइ का सुर गूँज रहा था....

मेघा की तड़प देख कर आख़िरकार मेरा सब्र टूट गया....

मैं- अब और इंतज़ार नही होता....उउउंम्म....

मेघा- उउम्म्म्म...इंतज़ार तो मुझसे भी नही होता....उूउउम्म्म्मम.....उउउंम्म....

मैं- आहह...मेघा मेरी...उूउउंम्म..उउउंम...

मेघा- आआआवउउउम्म्म्म....आहह..मैने कब्से....उूुउउम्म्म्ममम....उूउउम्म्म्म....

मैं- उूुउउम्म्म्मम...उूुउउम्म्म्म....आहह..मैं तो...आओउुउउम्म्म्मममममममम......

एक दूसरे को किस करते हुए हुमारे बदन भी आपस मे रगड़ रहे थे..जिससे हमारे साथ-साथ रूम का तापमान भी हाइ हो चला था.......

मुझे मेघा के कड़क निप्पल भी सीने पर चुभने लगे थे...और मेरे हाथ उसकी कसी हुई गांद को कुरेद रहे थे...

फिर मैं एक्शिटेड हो कर मेघा को पलट कर अपने नीचे कर दिया और कपड़ो के उपेर से ही उसके बूब्स पर टूट पड़ा....

मेघा- आअहह...सस्शहिईिइ...उउउंम्म...आअहह......आअहह....अब बर्दास्त नही होता....

मैं- उउउम्म्मह....मुझसे भी नही मेरी जान ....

मेघा ने तुरंत अपनी नाइटी को निकाल दिया और अपने कड़क हो चुके बूब्स और नंगे जिस्म को मुझे सौंप दिया....

मेघा- अंकित...एयेए...कम ऑन .....आअहह...

मेघा ने मेरा सिर पकड़ के अपने सीने पर झुकाया और मैने भी उसके निप्पल को मुँह मे भर लिया....

मैं- उउउम्म्म्मममम...आअहह...यम्मी....उूउउंम्म...उउउम्म्म्म...

मेघा- ऊओह....आअहह....

मैं- उूउउंम्म...उउउंम्म...आअहह...उउउंम्म...उउउंम....

मेघा- आअहह...एस.....उूुउउम्म्म्म....आअहह....

मैं- उउउंम्म...उउउंम्म...आहह...मज़ा आ गया....वाउ...

पर मैने देखा की मेघा अपनी आँखे बंद किए हुए लेटी है...तो मैं रुका और उसके उपर से उठ गया....

मेघा(आँख खोल कर)- क्या...

मैं- देखो आंटी...मैं जब औरत के साथ बिस्तर पर होता हूँ तो मुझे शर्म करने वाली औरत पसंद नही आती....अगर आपको शरमाना है तो रहने दो...मैं जाता हूँ....

इतना कह कर मैं उठने को हुआ ही था कि मेघा ने मेरा हाथ पकड़ लिया....

मेघा- तुम चाहते क्या हो...

मैं- बस यही कि हर पल का खुल के मज़ा लो...अपने आपको मुझे सौंप दो और मज़ा करो...शरमाना छोड़ दो...ठीक...

मेघा(मुस्कुरा कर)- ह्म्म...तो आओ मेरे राजा....अब मुझे अपनी रंडी बना कर मज़ा करो..

मैं(मान मे)- ये साली तो एक कदम आगे निकल गई....

मेघा(हाथ खीच कर)- अब आ भी जाओ....और रंडी का मज़ा लो...हहहे....

फिर क्या था...मैने मेघा के बूब्स चूस्ते हुए उसकी चोट पर उंगली का जादू चलाना शुरू कर दिया...

मेघा- ओह्ह..अंकित....ये तो अब तक...आअहह...मेरे पति ने भी नही कियाअ....उउउंम...

मैं- सस्रररुउुउउप्प्प्प्प्प.....सस्स्रररुउउउप्प्प्प्प.....सस्स्र्र्ररुउउउप्प्प्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प्प....

मेघा- आहह...मेरी कमर ...आहह...पूरा बदन झूम रहा राजा....उउउंम्म...करते रहो....आअहह...

मैं मेघा की बॉडी के साथ खेल रहा था और मेघा मस्ती मे तड़प रही थी....मेरी हर एक हरक़त उसे पागल कर रही थी.....

मेघा- आअहह...बस...आहह...तडपा मत राजा.....आअहह.....

मेघा की बात सुनकर मैने उसकी नाभि से होता हुआ उसकी चूत तक पहुँच गया...जो कि अब पानी बहाने लगी थी....

मैं- उउंम...पानी बहाने लगी साली.....

मेघा- आहह...ये तो तेरे नाम से ही निकल गया राजा...

मैं- ह्म..तो चलो इसका स्वाद भी चख ले.....

और इतना बोलकर मैने अपनी जीभ को चूत के फांको पर घूमना शुरू कर दिया....

 
मैं- सस्स्स्रर्र्र्ररुउुउउप्प्प्प्प्प्प्प.......सस्स्स्स्स्रर्र्ररुउुुुउउप्प्प्प्प्प्प ......सस्स्स्स्स्रर्र्र्र्र्ररुउुुुउउप्प्प्प्प्प. ....

मेघा- ओह मी गॉड..आअहह....तड़पाने से बाज नही आओगे ...आअहह.....

मैं- सस्स्रररुउुुउउप्प्प्प्प.....सस्स्र्र्ररुउउप्प्प....आअहह....मेरी जान...तड़पाने मे ही सुख मिलता है....सस्स्स्रररुउउउप्प्प्प्प....

मेघा- आअहह ....करते रहो....उूउउम्म्म्ममम.......

मैं- सस्स्स्स्रर्र्ररुउुउउप्प्प्प्प......सस्स्स्र्र्ररुउउउप्प्प्प .....सस्स्स्रर्र्र्र्र्र्र्र्र्ररुउुुुुुुउउप्प्प्प्प्प....

थोड़ी देर बाद मैने मेघा की चूत मे एक उंगली डाल दी तो मेघा तड़प उठी और अपनी टांगे चौड़ी कर दी.....

मेघा- आअहह...क्या कर रहे हो....मत तडपाओ....आअहह...

मैं- बस देख रहा था कि चूत की कितनी खुदाई हुई है..हाहाहा....

मेघा- सस्शह.....आअहह...तुम करो ना ...आअहह...जल्दी....

मैं- हाँ मेरी जान करूँगा....थोड़ा मुआयना कर लूँ....

और मैने उंगली निकाली और फाके फैला कर जीभ को चूत मे डाल दिया.....और मेघा मेरा सिर पकड़ कर सिसकने लगी....

मेघा- ओह माआ...म्मार दोगे...आअहह....

मैं- आओउुउउंम्म....उउउंम्म...उूउउंम्म....उूुउउम्म्म्म....

मेघा- आअहह....मैं नही सह पाउन्गी...आअहह....म्म्म्ममम....

मैं- उउउंम...उउउंम्म..उउउंम्म...उउउंम...

मेघा- आअहह....मज़ा आ रहा....पर...पर...मायन्न्न..ऊओह.....

मेघा की चूत मेरी जीभ के बार ज़्यादा नही सह पाई और तुरंत ही झड्ने लगी....

मेघा- आअहह....माईंन...आाऐययइ....श....एसस्स....एसस्स....आआहह....

और मेघा चीखते हुए अपना चूत रस पिलाने लगी....और मैने भी पूरा रस पी कर सॉफ कर गया....

मैं- उउउनम्म्म...मज़ा आया ना...

मेघा- ह्म्म्म्...पहली बार किसी ने मुझे जीभ से झड़ाया है....सच मे बहुत मज़ा आया....

मैं- अभी तो शुरुआत है मेरी जान...आगे भी मज़ा आयगा....बस बेशरम हो कर छेद खोल दो...फिर देखना कि हर एक छेद की खुदाई होगी...

मेघा- सब तुम्हारे हवाले है...करो खुदाई....

मैं- तो आओ फिर....मुँह मीठा कर लो...

और मैने मेघा को अपने लंड की तरफ इशारा किया और मेघा ने भी देर नही की और मेरे लंड को आज़ाद कर के उसे हिलाने लगी....

मेघा- उउउंम्म...अब मज़ा आयगा मुझे....आअहह....

मैं- अब देखती ही रहोगी क्या....

मेघा- देखने तो दो....छुने मे तो मस्त है....खुदाई कितनी करेगा...

मैं- तुम्हारे छेदो की धज्जिया उड़ा कर ही चुप होगा....अब शुरू हो जाओ...

मेघा- ह्म...ये सुपाडा तो बड़ा प्यारा है....सस्रररुउउउप्प्प्प्प्प....

मैं- आअहह. ..तो फिर गटक जाओ....देर किस बात की...

मेघा- मुझे अपने हिसाब से मज़ा करने दो....सस्स्रर्र्ररुउउउप्प्प्प.....

मैं- ह्म...करो जो करना है....

फिर मेघा ने थोड़ी देर सुपाडे पर अपनी जीभ फिराई और फिर सुपाडे को मुँह के अंदर लिया और जीभ को लंड के छेद पर घुमाने लगी...उसकी इस हरक़त से इस बार मैं मचल उठा....

मैं- ऑश मेघा....तुम तो कमाल हो...आअहह....लगी रहो....

मेघा कुछ देर तक लंड के छेद से खेलती रही और फिर उसके सुपाडे को मुँह मे दबा कर चूसना शुरू कर दिया....

मेघा- उूुुुउउम्म्म्ममममममम......उूुुुुुउउम्म्म्ममममम.......उूुुुुुउउम्म्म्मम.....

मैं- आआहह....झडा देगी क्या....उउउंम...करती रहो....

मेघा- उउउम्म्म्म....उूउउम्म्म्म..उउउम्म्म्म...उउउंम्माअहह....मज़ा आ रहा है ना...

मैं- बहुत....पर जल्दी कर ना....अभी बहुत काम बाकी है...

मेघा- स्शहीए....चुप रहो...

और मेघा ने फिर आधा लंड मुँह मे भर के चूसना शुरू कर दिया.....

मेघा- आओउुुउउम्म्म्म....सस्स्स्रररुउउउगगगगग....सस्स्रररुउुऊउगग़गग....उूुुउउम्म्म्म.....सस्स्रररुउउउगगगगगग.....

मैं- आअहह....ज़ोर से ....और तेज...एस....

मेघा- सस्स्र्र्ररुउुऊउगगगगग....सस्स्स्रररुउउउगग़गग....उूुउउम्म्म्ममम...आअहह....कितना बड़ा है...

मैं- हाहाहा....ज़्यादा नही...पूरा ले कर देख ले......मज़ा आयगा......

मेघा- एस्स....गिव इट टू मे...एयेए...एस...उउउम्म्म्म...सस्स्रररूउउगगगगगगग....सस्स्रररूउउगगगगग....सस्स्स्रररूउउगगगगगग....उूुउउम्म्म्मम.....

मैं- यस...लाइक दिस...टेक इट ऑल...एस्स....एस्स...एस....

धीरे-धीरे कोसिस करते हुए मेघा ने पूरे लंड को मुँह मे भर लिया और मज़े से चूसने लगी......

मेघा- उूुउउम्म्म्म....उूुउउम्म्म्मम....उूुुउउम्म्म्ममम....उूुुउउम्म्म्ममम....उूउउम्म्म्मम.....

मैं- यस बेबी...लाइक दिस....सक इट...फास्टर बेब..फास्टर.....

मेघा- उूउउम्म्म्ममममम.....उूुुुउउम्म्म्मम...उूउउम्म्म्म...उूुुउउम्म्म्मम....

और इसी तरह मेघा ने मेरा लंड चूस-चूस कर पूरा तैयार कर दिया...और लंड चुसाइ करते हुए उसकी चूत भी फिर से फड़कने लगी...

मेघा- आअहह ...आहह...कसम से...इतना बड़ा पहली बार लिया....मुँह मे ये हाल है तो चूत तो फाड़ ही देगा....

मैं(मुस्कुरा कर)- अच्छा...कितने खाए आज तक...

मेघा(मुझे घूर कर)- तुमने क्या मुझे रंडी समझा है...तुम दूसरे हो...मेरे पति के बाद...

मैं- अरे जान गुस्सा मत करो...मज़ा करो....

मेघा- ह्म...अभी मेरी चूत गुस्सा है...उसे शांत करो...

मैं- बिल्कुल ...आ जाओ...मेरा लंड चूत के गुस्से को ठंडा करने मे माहिर है....

फिर मैने मेघा को बेड पर पटका और मेघा ने लेट ते ही अपनी टांगे अपने हाथो से पकड़ कर उपेर उठा ली...
 
मैं- ये क्या...

मेघा- अरे इतना बड़ा है...ऐसे दर्द कम होगा...

मैं- ह्म्म...अब लगी तू रंडी...

मेघा- अब बाते ही करोगे क्या...अंदर आग लगी है...जल्दी पेलो...

मैं- ह्म्म...ये लो फिर...

फिर मैने लंड से चूत पर निशाना लगाया और एक तेज धक्का मार कर आधा लंड चूत मे उतार दिया....इस बार से मेघा चीखी तो पर ज़्यादा नही....

पर जैसे ही मैने दूसरा शॉट मार कर लंड को पूरा चूत मे उतार दिया तो मेघा की चीख कमरे मे गूँज उठी...

मेघा- आाऐययईईईईईईईईईईईईईई....म्म्मााआआ......आआआआहह.....म्म्म्मा आआ.....

मैं- श्ीईए ....बस थोड़ा दर्द है जानेमन...फिर मज़ा ही मज़ा...

मेघा- आआहह...मज़ा ...आअहह...अभी तो फाड़ दी....उूुउउइई..माआ....

मैं-बस मेरी जान..थोड़ा और..बस....उउउंम्म...आओउउंम...

और मैं झुक कर मेघा को किस करने लगा...और मेघा भी आँसू बहते हुए मेरा साथ देने लगी....

मैं- सस्स्र्र्ररुउउउप्प्प्प....अब ठीक है...ह्म..

मेघा- आअहह...थोड़ा सा...उूउउम्म्म्म...उउउंम...

फिर मैं मेघा को किस करते हुए हल्के धक्को के साथ चोदने लगा....

और थोड़ी देर बाद जब लंड ने चूत मे जगह सेट कर ली तो मेघा ने भी कमर हिलाना चालू कर दिया....

मेघा- आअहह...तेज करो...और तेज...आआहह....

मैने मेघा की बात सुनते ही अपने धक्को की स्पीड तेज कर दी और उसे चूमते हुए चोदने लगा.....

मेघा-आआहह..आहह..आहह..उउंम..आआ..

मैं- मज़ा आया...हा....

मेघा- हाा .आहह...आआअहह.....

मैं- यस..ये ले....यह...

मेघा- आआहह..ऐसे ही...ज़ोर से.....एस...एस्स....

मैं- यस बेबी...टेक इट...यह...एस..एस..एस्स...

मैं काफ़ी देर से एक्शिटेड था इसी वजह से ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था ...जिससे मेघा की बॉडी भी उसकी गांद के साथ आगे-पीछे हो रही थी.....

मेघा- आअहह...ऐसे ही...उूुउइ...म्मा...एस..एस्स...आअहह...उूुुुउउम्म्म्मम.....

मैं- ये ले...यह...टेक इट बेबी........

मेघा- आअहह....ऊऊहह...ईससस्स....आआअहह.....

मैं- यह...यीहह...

मेघा- ओह..माँ...म्म्मा यन्न...आअहह...आआईयईईई....म्म्माहआ .....

और मेघा झड गई...उसके झड्ने के बाद भी मैं उसे दम से चोदता रहा....

थोड़ी देर बाद मैने उसे छोड़ा और उसके साइड मे बैठ गया.........

मेघा- अब मेरी बारी....सवारी करनी है मुझे...

मैं- ह्म्म...थकि तो नही....

मेघा- आज ना मैं थकुगि और ना तुम्हे थकने दोगि...तवियत से चुदुगि ....

मैं- गुड......आ जाओ फिर...

फिर मैं बेड पर लेट गया और वो घुटनो के बल मेरे लंड को चूत मे ले कर बैठ गई और गंद घुमाने लगी....

मेघा-उूउउम्म्म्मम..... यू आर सो गुड...

मैं- ह्म्म..अब सवारी शुरू करो...

और फिर वो उछल- उछल के लंड चूत मे खाने लगी......

मेघा-हाँ मेरी जान....सवारी शुरू...आअहह.... एस..एस..एस...आ..आहह..

मेघा पूरी मस्ती मे गंद उच्छाल कर चुदवा रही थी....और उसके उछलने से उसके बड़े-बड़े बूब्स हवा मे गुलाटियाँ मार रहे थे...जिन्हे देखते हुए चोदने का मज़ा और ज़्यादा आ रहा था.....

मैने दोनो बूब्स को हाथ मे थमा और तेज़ी से दबाते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगा.......

मेघा- आआहह....ज़ोर से दवाओ...एसस्स....आअहह...आहह...आअहह...

मैं- यह बेबी...जंप..जंप...

मेघा- एस..एस..एस..आअहह..एस...आआआ......

मैं- हार्डर बेबी....हार्डर...जंप बेबी जंप....यह....

थोड़ी देर जोरदार चुदाई के बाद मेघा उछल कर थकने लगी और मेरे उपेर झुक गई...

मैने उसके बूस को चूसना शुरू कर दिया और साथ मे नीचे से धक्के मारने लगा...
 
मेघा- एस्स.आ..आ..आन्ं..उउउमम्मूम्म..आहह ....यस..यस...एस्स ...

मैं- उम्म..उउंम..उउंम.आ..उउंम..

मेघा- फक मी...यस...यस..ओह्ह..ओह्ह....ओह्ह..

ऐसे ही थोड़ी देर तक उसे अपने लंड की सवारी करवाता रहा और फिर जब मुझे लगा कि मैं झड्ने के करीब हूँ तो मैने उसे वापिस बेड पर उल्टा करके कुतिया बना दिया.....

और मेघा की गांद दबाते हुए उसे तेज़ी से चोदने लगा......

मेघा- ओह माँ..आअहह....तेजज्ज़....आअहह......आआहह...

मैं- यस बेबी....ये लो...ईएहह...ईएहह....ईएहह.....

मेघा- आआहब ...आहह ...ऊहह...एस..आहह..आहह.....

मैं- यस..एस्स..टेक इट...यहह...

और फिर कुछ देर तक मैं मेघा को फुल स्पीड मे छोड़ता रहा और हम दोनो झड्ने के करीब आ गये.....

मेघा-माआ....आआहह...ज़ोर से...जोर्र...माऐईयईईन्न...ग्ग्गाऐइ....

मैं- एस...मैं भी.....येह्ह्ह..येह्ह्ह...

और हम दोनो साथ मे झड्ने लगे और चुदाई का संग्राम समाप्त हो गया...

झड्ने के बाद मेघा लेट गई....और मैने हमारे कामरस से सने हुए लंड को चूत से निकाला और उसके मुँह के पास ले गया ...

मैं- ये ले...इसे चूस के पक्की रंडी बन जा....चूस ले...

मेघा ने लंड को देख कर मुस्कुरा दिया और बिना देरी किए लंड को मुँह मे भर के चूसना शुरू कर दिया.....

मेघा- उम्म...अब बन गई ना रंडी...हहहे...

मैं- ह्म्म..अब खुश हो ना....

मेघा- अभी तो बस शुरुआत हुई है.....

मैं- ह्म्म...तो फिर फ्रेश हो कर आओ.....आज तुम्हारे खुश होने तक पेलुगा....ठीक है...

मेघा(मुस्कुरा कर)- ह्म्म....अभी आई....

और फिर मेघा फ्रेश होने निकल गई और मैने एक कॉल लगाया....

मैं(कॉल पर)- हाँ...मुझे आने मे देर हो जाएगी...तब तक तुम संभाल लेना...और कोई गड़बड़ नही होनी चाहिए....1 ग़लती और हम गये...याद है ना...

सामने- जानता हूँ....पर प्लान चेंज क्यो किया...

मैं- बस 1 चिड़िया को दाना खिलाने रुक गया....और हाँ प्लान वही है...बस मेरा इंतज़ार करो...

सामने(हँसते हुए)- सुधरोगे नही...चलो खिलाओ दाना...और जल्दी से आओ...

मैं- ओके..बाइ..

और कॉल कट करते ही मैने सामने देखा तो मैं चौंक गया.....

मैं(हैरानी से)- त्त..तुम अंदर कैसे आई...

रक्षा(मुस्कुरा कर)- मेरे पास मेरे रूम की की है...उसी से...

मैं- पर क्यो..मतलब नॉक क्यो नही किया...की की क्या ज़रूरत थी....

रक्षा(मुस्कुरा कर)- अरे भैया....अगर नॉक करती तो क्या मज़ा आता....

मैं- मज़ा..मतलब...क्या बोल रही हो...

रक्षा(घूर कर)- भैया ...

मैं(मुस्कुरा कर)- कुछ देखा ज्या तूने...

रक्षा- ह्म...क्या छोड़ा है आपने मोम को...उूउउंम्म...मज़ा आ गया....

मैं(उंगली दिखा कर)- स्सह...वो बाथरूम मे गई...तू जा यहाँ से...

रक्षा(मुस्कुरा कर)- आपको क्या लगता है...मैं यहाँ जाने के लिए आई हूँ...हाँ....

और इतना बोल कर रक्षा अपने कपड़े निकालने लगी....मैं ये देख कर चौंक गया और उसे समझाया भी पर वो नही मानी...

मैं-तू...तू कर क्या रही है.. क्या चाहती है ...

रक्षा(मेरा लंड पकड़ कर)- इसे...अभी और इसी वक़्त...

मैं- अभी नही...तू जा ना...तेरी माँ आती होगी...समझा कर...

पर रक्षा ने मेरी एक बा सुनी और आगे बढ़ कर मेरा लंड चाटने लगी.....

तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और मेघा बाहर आ गई....मेघा को देख कर मैं तो सहम रहा था पर रक्षा को इससे कोई फ़र्क नही पड़ा और वो मेरा लंड चूस्ति रही....

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सूमी के घर...

जैसे ही संजू घर मे दाखिल हुआ...वो ज़ोर से बोला...

संजू- तुम दोनो तैयार हुई कि नही....

सूमी- हाँ...बस हो ही रहे है...थोड़ा रूको तो...

संजू- रुकने का टाइम नही...ये लो...इस अड्रेस पर पहुँच जाना...यहा से मेरे आदमी तुम्हे सही जगह पहुँचा देगे...

सूमी(अड्रेस ले कर)- क्या तुम हमारे साथ नही आओगे...

संजू- नही...मुझे अभी और लोगो को भी सही जगह पहुँचाना है...

सूमी- और लोग...कौन है वो...??

संजू- इनमे से एक तो है अंकित...उसके बिना तो कुछ हो ही नही सकता....इसलिए तुम लोग निकलो...मैं अंकित का इंतज़ाम कर के आता हूँ...

सूमी- ठीक है...पर ये तो बताओ कि हम जा कहाँ रहे है....

संजू- जल्दी समझ जाओगी...बस एक बात याद रखना कि....""जहाँ शुरुआत होती है, वहाँ अंत भी होता है""

और इतना बोल कर संजू निकल गया...और सूमी एक बार फिर से सोच मे पड़ गई......आख़िर संजू करने क्या वाला है....??????????

संजू , सूमी को इंस्ट्रक्शन देने के बाद अपने आदमियों के पास पहुँचा और उन्हे फिर से पूरा प्लान समझा कर वहाँ से निकल गया और एक जगह पहुँच कर किसी का इंतज़ार करने लगा......

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संजू के घर......

यहाँ रक्षा बड़े मज़े से मेरा लंड चूसने मे लगी थी और उसकी माँ मेघा बाथरूम के गेट पर नंगी खड़ी, अपनी बेटी की हवसिपन देख रही थी ...

मेघा को आता देख पहले तो मैं थोड़ा सा घबराया पर जब मैने देखा कि मेघा एक-टक होकर अपनी बेटी को लंड चूस्ते देख रही है तो मेरे मन मे खुशी उमड़ आई और मैने भी सोच लिया कि अब बस मज़े करो....

देखे तो कि ये दोनो लंड की प्यासी माँ-बेटी किस हद तक जाती है....और इसी लिए मैने मेघा को छोड़ कर पूरा फोकस रक्षा पर किया और उसके सिर को सहलाते हुए लंड चुसवाने लगा......

मैं- श ...एसस्स...ऐसे ही ...हम्म ....चूस मेरी जान....

रक्षा- सस्स्रररुउउउप्प्प्प....सस्स्स्रररुउउउप्प्प्प....सस्स्रर्र्ररुउउउप्प्प्प....सस्स्स्र्र्ररुउउप्प्प्प....

मैं- येह्ह्ह....और तेज....पूरा गले मे डाल ले...यएएसस....लाइक दिस....आअहह....

रक्षा- सस्स्रररुउुऊउगगगगग....सस्स्रररुउउउगग़गग...उूुउउम्म्म्ममम....उूुउउम्म्म्म....आआहह..सस्स्रररुउुऊउगगगगगग....

रक्षा बड़े मज़े से लंड को चूस रही थी...और वहाँ उसकी माँ..ये नज़ारा देख कर अब गरम होने लगी थी....

मेघा का हाथ धीरे-धीरे अपनी चूत पर पहुँच रहा था...और ये सबूत था कि मेघा को अब कोई ऐतराज़ नही था कि उसकी बेटी वही लंड चूस रही है..जिसे कुछ देर पहले उसकी माँ की चूत फाड़ रहा था....

रक्षा- उूउउम्म्म्माहह....ये लो...अब ये तैयार है...अब मेरी प्यास भुजाओ....

मैने भी देर ना करते हुए रक्षा को बेड पर झुकाया और उसकी गांद पर थप्पड़ जड़ने लगा....

रक्षा- आअहह...भैया ...थोड़ा आराम से....आअहघ...

मैं- नही..अभी आराम नही...

और फिर मैने रक्षा कमर पकड़ी और अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया...जिसे रक्षा बड़ी आसानी से अंदर ले गई..बस एक मस्ती भरी आह निकली उसके मुँह से...

ये देख कर मेघा की आँखे फटी रह गई की जिस लंड को लेते वक़्त उसकी आँखो मे आँसू आ गये थे...उसी लंड को उसकी बेटी इतनी आसानी से चूत मे गई जैसे कि उसका रोज का काम हो...

अपनी बेटी का ये रूप देख कर मेघा शॉक्ड थी तो वही रक्षा ये सोच-सोच ज़्यादा ही एक्शिटेड थी कि उसकी माँ के सामने उसकी चुदाई हो रही है.....

माँ-बेटी की इस कस्मकस मे....मैं भी बहुत गरम हो गया था......

रक्षा- अब पेलो भैया...देर ना करो...

मैने एक नज़र मेघा को देखा और रक्षा की चूत से लंड निकाल कर उसकी गांद पर रगड़ने लगा...

रक्षा- आओउउंम्म...अब डाल भी दो ना...

मैने रक्षा की गांद फैलाई और लंड को चूत की जगह गांद मे डाल दिया....

रक्षा- आआहह...गांद ही मार दी पहले....उउउम्म्म्म...

मैं- हाँ...गांद है ही तेरी ऐसी की बस देखते ही मारने का मन हो जाता है......

और मैने दूसरे धक्के मे ही पूरा लंड गांद मे डाल दिया....

रक्षा- आाऐययईईईईई......मार दिया...आआहह....

मैं- बड़ी गर्मी थी ना...अब झेल...

और मैने गांद मारना शुरू कर दिया....रक्षा भी चीख रही थी...पर मज़े से गांद मरवा रही थी...

और मेघा के तो अब होश ही उड़ गये थे...उसकी बेटी चूत के साथ गांद मरवाने मे भी एक्सपर्ट है...ये देख कर तो मेघा की चूत ने पानी ही छोड़ दिया होगा....

रक्षा- आअहह....करो भैया करो...आअहह..आअहह..आअहह...

मैंन- यस बेटा....ले...ईएह..ईएह...

रक्षा ने अपने हाथ से अपनी चूत को मसलना शुरू कर दिया और गांद को हिला कर गांद मरवाने लगी...

रक्षा- ओह्ह भैयाअ....फाड़ दो ...आहह..ज़ोर से...आआअहह....

मैं- हाँ बेटा....तू मज़ा कर...ये ले...एस्स..एस्स...

कुछ देर तक रूम मे सिर्फ़ चुदाई की आवाज़े घूजती रही और रक्षा की सिसकारियाँ तेज होती गई....
 
वहाँ मेघा की चूत भी मचल उठी थी...अपनी बेटी की गांद चुदाई देख कर उसकी गांद मे भी आग लगने लगी थी ...

रक्षा- आअहह...भैया...अब मैं गई...आअहह...आअहह...

और रक्षा झड्ने लगी....रक्षा के झड्ते ही मैने स्पीड थोड़ी कम कर दी....

और लंड को गांद से निकाल कर रक्षा को इशारा किया....रक्षा ने जल्दी से उठ कर लंड को गले तक भर लिया और चूसने लगी....

रक्षा के पलट ते ही मेघा बाथरूम मे छिप गई और चुपके से अपनी बेटी का रंडीपन देखने लगी....

आज रक्षा हार्ड चुदाई के मूड मे थी ...क्योकि उसे पता था कि उसकी माँ ये सब देख रही है...और वो इस पल को और ज्यदा कामुक बना रही थी....और मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था...

थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद मैने रक्षा को फिर से कुतिया बना दिया और उसके उपेर आ कर गांद मे लंड पेल दिया...

इस बार मैने एक ही झटके मे पूरा लंड गांद मे डाल दिया...

इस बार रक्षा को दर्द हुआ और आँसू भी निकले पर वो रुकी नही...बल्कि और जोश् मे बोली.....

रक्षा- आआहह.....भैय्ाआअ....अब रुकना मत..करो...

और मैने रक्षा की कमर पकड़ कर उसे तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया....

रक्षा- आअहह....करो भैया करो...आअहह..आअहह..आअहह...

मैंन- यस बेटा....ले...ईएह..ईएह...

रक्षा- ऊहह…आअहह…डालो…ज़ोर से…आहह….आहह..

मैं-यस….बेबी…टेक इट..टेक इट…

रक्षा-आहह…जल्दी करो…मेरी छूट...आअहह...

मैं- तेरी चूत भी मारता हूँ रुक ज़रा.....

रक्षा- आअहह....तेज ...आअहह…आअहह….ज़ोर से,…

मैं रक्षा को पीछे से धक्का मारता और रक्षा अपनी गंद को पीछे धकेल्ति…ओर उसकी गंद मेरी जाघो पर टकरा कर थप-थप की आवाज़ करती....

थोड़ी देर बाद मैने लंड को गांद से निकाला और चूत मे डाल दिया....

और अब फुल स्पीड मे चूत की धज्जियाँ उड़ाने लगा....

रक्षा- आआहह…मज़ा…एयेए…ग्ग्ग...

ययय्या…आहह…..आहह..आह...

मैं-ऐसे ही मज़े…लो…यीहह….टेक इट……

रक्षा-आहह..आह..तेज..तेजज्ज़..तेजज…..ऊहह…….म्मा....

मैं-एस..बेबी….एस….टेक इट....फ़ील्ल..इट…बेबी

रक्षा-आआअहह….फास्ट..फास्ट,,,उउंम..आअहह….फास्ट,….ईीस…यईसस्स…ऊओ...भाय्याअ....

मैं 6-7 मिनिट से रक्षा को पूरी तेज़ी से चोद रहा था….रक्षा फिर से चुदाई की मस्ती मे झड्ने लगी…

रक्षा-आहह...म्मायन्न्न...आइी...ऊहह...एसस्स...एस्स..आहह....

रक्षा के झड्ते ही मैने उसे बेड पर लिटा दिया और लंड को उसके मुँह मे डाल के मुँह चोदने लगा....

मैं- अभी मेरा नही हुआ.......ईएहह...यीहह...

रक्षा- उउउंम्म...उउउंम्म..उउउंम..उउंम...

मैं- ईएह...एस्स...टेक इट...ईएससस्स...

रक्षा- उउंम्म...क्क्हूओंम्म..क्क्हुऊंम्म..क्क्हुउऊंम्म...

रक्षा के मुँह से एक भी शब्द नही निकल रहा था...सिर्फ़ थूक लंड के साथ बाहर आ रहा था...

मैने रक्षा के बूब्स को हाथो मे लिया और स्पीड बढ़ा दी...

करीब 5 मिनट की मुँह चुदाई के बाद मैने पूरा लंड रस रक्षा के गले मे उतार दिया...

रक्षा बड़े प्यार से मेरे लंड रस की एक-एक बूँद गेटॅक गई और इतनी भयानक छुदाई देख कर वहाँ मेघा ने भी अपने हाथ से अपनी चूत को शांत कर लिया...

अब मैं और रक्षा बस यही सोच रहे थे कि अब मेघा क्या करेगी...क्या बोलेगी...

पर हब कुछ देर तक मेघा सामने नही आई तो मैने रक्षा को जाने का इशारा किया और वो कपड़े पहन कर निकल गई...

फिर भी मेघा बाथरूम से बाहर नही आई तो मैं भी रेडी हुआ और मेघा के पास पहुँच गया...

मैं(मुस्कुरा कर)- ओह्ह..तो तुमने भी एंजाय किया अपनी बेटी की चुदाई...

मेघा(सहम कर)- नही...ऐसा कुछ भी नही...मन तो बस....

मैं- बस क्या...चलो कोई नही...जल्दी ही तुम ये सब एंजाय करोगी...ओके..मैं चलता हूँ...

मेघा(पीछे से)- तुमने उसके साथ ये सब...क्यो...??

मैं(पलट कर)- बहुत जल्द ही सारे जवाब दूँगा...पर फिलहाल...तुम मज़े करो बस...बाद मे मिलता हूँ.....

और इतना बोल कर मैं वहाँ से निकल आया.....

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संजू के घर से निकल कर मैं सीधा उस जगह पहुँचा, जहाँ मैने संजू को मिलने के लिए बुलाया था.....

संजू(मुझे देखते ही)- कितनी देर लगा दी यार....

मैं- अरे..थोड़ा फस गया था...आ तो गया ना.....

संजू- ओके...चल छोड़...ये बता कि यहाँ किस लिए बुलाया....कोई खास बात ...

मैं(टहलते हुए)- ह्म...खास तो है कुछ ...पर इससे पहले कि मैं कुछ बोलू...तू एक काम कर...

संजू- क्या...

मैं(शर्ट निकाल कर)- तू मेरे कपड़े पहन ले ...और अपने कपड़े मुझे दे...

संजू(हैरानी से)- पर क्यो...??

मैं- अरे...तू इतना भी नही कर सकता ...हाँ...जो बोल रहा हूँ वो कर...

संजू(सिर हिला कर)- पता नही तू...ओके...चल कर ले चेंज....अब खुश....

फिर मैने और संजू ने अपने कपड़े आपस मे बदल लिए...और जैसे ही हम रेडी हुए तो मैने अपने शॉक्स मे छिपाई हुई छोटी पिस्टल निकली और संजू पर तान दी....

संजू(घबरा कर)- ये...ये पिस्टल...अबे ये क्या है...कर क्या रहा है तू....

मैं- कुछ खास नही...बस इस दुनिया से तेरा वजूद मिटा रहा हूँ....

संजू- प्प...पागल है क्या....तू मुझे मारेगा...मुझे...हाँ...

मैं(ज़ोर से )- हाँ....

संजू- पर क्यो भाई...मैने क्या ...

मैं(बीच मे)- मेरे प्लान के लिए ये करना हरूरी है....

संजू(बोखला कर)- अबे मेरी बात....मत कर यार....क्यो कर रहा है तू....क्या मिलेगा तुझे इससे...हाँ ,..

मैं(मुस्कुरा कर)- जो भी कर रहा हूँ उसमे सबकी भलाई है....

और इतना बोल कर मैं फिरे करने ही वाला था कि तभी रूम मे एक आदमी आ गया....

आदमी- रुक जाओ.....मुझे नही लगता कि अब इसकी कोई ज़रूरत है......

मैं(आदमी को देख कर)- ओह्ह..आ गये आप....चलो फिर...मेरी गोली बच गई...अब इसे आप सम्भालो...और याद रखना कि काम टाइम पर पूरा हो....

आदमी- काम तो हो जायगा....पर इसके लिए तुम्हारी आँखे बंद करनी पड़ेगी......

और इतना बोलकर वो आदमी आगे बढ़ा और उसके हाथो को देख कर मैं घबरा गया....

मैं- क्या...नही...मेरे साथ ये मत करना...दूर हटो...डोर हटो....नही..

और ये सब देख कर...उस आदमी के साथ-साथ संजू भी ठहाका मार कर हँसने लगा......

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नेक्स्ट डे....दामिनी, रजनी,सूमी और अंकित के घर पर खलबली का महॉल था....हर घर के मेंबर्ज़ कहीं जाने की तैयारी कर रहे थे....

दामिनी के घरवालो मे से किसी को नही पता था कि दामिनी उन्हे कहाँ ले जाने वाली है...ठीक यही हाल अंकित के घर मे सुजाता का भी था....यहा सिर्फ़ आकाश जानता था कि उसे कहाँ जाना है....

रजनी के घर ये धमाका आज सुबह ही हुआ था...जब संजू के डॅड ने सबको कहीं जाने की बात बोली...

प्रमोद की बात सुनकर रजनी के साथ-साथ सब हैरान थे...पर कोई भी प्रमोद के खिलाफ नही गया...बस उसके कहते ही अपनी-अपनी तैयारी मे लग गया...

यहा रेणु के घर पर भी मदन और रघु जाने के लिए निकल गये थे....और सूमी के घर पर भी सूमी अपनी बेटी के साथ तैयार थी...और संजू का वेट कर रही थी....

कुछ देर बाद हर किसी के घर पर एक-एक कार पहुँची और सबको लेकर शहर के बाहर हाइवे पर ले आई....

जैसे ही सब लोग कार्स से निकले तो एक-दूसरे को देख कर उनकी हैरानी का ठिकाना नही रहा......

पर ये लोग कुछ भी बात करते, उससे पहले ही उन आदमियों ने, जो इन्हे घर से लाए थे.....सबको बस मे बैठा दिया और शहर से निकल गये.....

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