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Guest
साहिल को देख अचानक ही नेहा के दिमाग़ की घंटी बजी…वो अभी भी सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी….उसने अपने रूम के डोर को पूरा खोल दिया…और बेड पर जाकर राज़ाई के अंदर लेट गई…और साहिल का अपने रूम के डोर से आगे से गुजरने का इंतजार करने लगी…जब साहिल पानी पीने के बाद जैसे ही नेहा के डोर के सामने से गुज़रा तो, नेहा ने उसे आवाज़ दी..
नेहा: साहिल बेटा तुम हो..कुछ चाहिए क्या….(नेहा ने बेड पर लेटे हुए साहिल से पूछा…क्योंकि नेहा ने रज़ाई ऊपेर ली हुई थी…इसीलिए साहिल को पता नही चला कि, नेहा सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में लेटी हुई है…नेहा ने अपनी गर्दन तक रज़ाई ओढ़ रखी थी….)
साहिल: नही मम्मी वो में पानी पीने आया था….
नेहा: अर्रे पानी पीने आया था…तो कम से कम कपड़े पहन लेता…सर्दी लग जाएगी बाहर ठंड बहुत है…..
साहिल: वो मा में रज़ाई में लेटा था…इसीलिए गरमी लगने लग गई..इसीलिए कपड़े उतार दिए थे….
नेहा: चल कोई बात नही….चल इधर आजा आज मेरे पास ही सो जा…
साहिल भी यही चाहता था…भले ही उसे ये उम्मीद ना थी कि, वो अपनी मा नेहा को चोद पाएगा या नही….पर नेहा के साथ जुड़ कर सोने का लुफ्त और उसके बदन की गरमी को महसूस करने का सुख तो मिल ही सकता था… इसीलिए वो जैसे ही नेहा के रूम में दाखिल हुआ…नेहा बोल पड़ी….
नेहा: बेटा डोर भी लॉक कर दे….
साहिल नेबिना कुछ बोले डोर लॉक कर दिया….और बेड की तरफ बढ़ने लगा… “साहिल ये लाइट भी बंद कर दे….रोशनी की वजह से नींद नही आ रही. “ साहिल वापिस मुड़ा और रूम में जल रहे 0 वात के बल्ब को भी बंद कर दिया..और फिर अंदाज़े से बेड की तरफ बढ़ने लगा…
साहिल धीरे-2 बेड पर पहुँचा…..नेहा को जैसे ही महसूस हुआ. कि साहिल बेड पर चढ़ने लगा है…नेहा थोड़ी पीछे खिसक गई..और साहिल को लेटने की जगह दी….साहिल जैसे ही रज़ाई के अंदर आकर लेटा…तो उसका पूरा बदन झनझणा गया….उसे नेहा का नंगा बदन अपने बदन के साथ सॉफ महसूस हो रहा था…उसे समझते देर ना लगी कि, नेहा सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में लेटी हुई है…..वो एक दम से घबरा गया…और पीछे खिसक कर बेड के किनारे पर आ गया…
नेहा: क्या हुआ बेटा ?
साहिल: मा वो मा वो आप के कपड़े ?
नेहा: वो बेटा मुझे भी रजनी में गरमी लग रही थी….पर तू क्यों घबरा रहा है…में अपने बेटे के साथ तो हूँ…चल आजा..किनारे पर मत लेट वरना नीचे गिर जाएगा…
ये कहते हुए नेहा ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खेंचते हुए अपने से सटा लिया…और उसके हाथ को पकड़ कर अपनी कमर पर रखते हुए, खुद अपने एक हाथ को साहिल की कमर पर रख कर अपनी तरफ दबाया…”उफ़फ्फ़ साहिल की तो जैसे जान ही निकल गई हो….नेहा का बदन इतनी सर्दी में आग के शोलो के तरह दहक रहा था….
नेहा की बड़ी-2 चुचियाँ, उसके रेड कलर की नेट वाली ब्रा में से साहिल की छाती में धँस गई…और साहिल का तना हुआ लंड अंडरवेर के अंदर से नेहा की पैंटी के ऊपेर से उसकी चूत पर जा टिका…नेहा भी एक दम से मचल उठी. “सीइश्ह्ह्ह” की आवाज़ से सिसकते हुए, उसने साहिल को अपनी बाहों में और कस के भींच लिया…
साहिल भी नेहा के इस तरह के रव्यए से अपने काबू में नही रहा….उसने अपने हाथ से नेहा की कमर को धीरे-2 सहलाना शुरू कर दिया…नेहा साहिल की इस हरकत से मन ही मन खुस हो गई..और उसने साहिल के चेहरे को अपनी चुचियों पर दबा दिया….जैसे ही साहिल के होंठ नेहा की चुचियों के खुले हिस्से से रगड़ खाए…नेहा फिर से सिसक उठी..और उसने सिसकते हुए, अपनी एक टाँग उठा कर साहिल की जाँघो पर रख दी…..
अब साहिल का लंड नेहा की चूत पर पैंटी के ऊपेर से धँस गया था… साहिल के लंड के सख्ती और गरमी को महसूस करके नेहा का पूरा बदन झटका खा गया…और साहिल का लंड पर उसकी पैंटी के अंदर से ही रगड़ खा गई….:अह्ह्ह्ह साहिल…. नेहा के मुँह से फिर से मदहोसी भरी आवाज़ निकली.
और उसने अपनी टाँग को जो साहिल के ऊपेर थी…उसे और ऊपेर उठा कर, साहिले की कमर पर चढ़ा लिया….
अब नेहा की दोनो टांगो के बीच बहुत गॅप बन गया था..जिसके कारण साहिल का लंड सीधा नेहा की पैंटी के ऊपेर से उसकी चूत पर सटा हुआ था…नेहा मदहोशी के आलम में खोती जा रही थी…उसकी तेज चलती सांसो को साहिल सॉफ महसूसस कर पा रहा था…नेहा से अब सबर नही हो रहा था….उसने अपनी कमर को थोड़ा सा पीछे किया…जिससे उसकी चूत साहिल के लंड से अलग हो गई…और फिर नेहा ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर, अपनी वीशेप पैंटी की पतली सी पट्टी को अपनी चूत के आगे से हटा कर एक साइड में कर लिया..
और फिर से अपनी कमर को आगे की तरफ सरकाते हुए, अपनी चूत को साहिल के अंडरवेर के ऊपेर से उसके लंड पर सटा दिया….साहिल एक दम से काँप गया. उसे अब नेहा की चूत से उठ रही गरमी. और उसकी चूत का गीला पन सॉफ महसूस हो रहा था…साहिल को लगा कि शायद नेहा ने अपनी पैंटी उतार डी है….इसीलिए उसने धीरे से अपना हाथ नीचे लेजा कर अपने लंड पर रखा…और अगले ही पल उसका उल्टा हाथ नेहा के गीली दहक रही चूत पर लगा…साहिल के बदन में बिजली कोंध गई….
अब साहिल के मन में किसी तरह का शक नही बचा था…कि नेहा भी उसे चुदवाना छाती है…साहिल नेहा की कमर को आगे पीछे हिलाते हुए साफ महसूस कर रहा था….जिससे नेहा की चूत अंडरवेर के ऊपेर से उसके मुन्सल लंड पर रगड़ खा रही थी….नेहा एक दम गरम हो चुकी थी…पर इससे आगे बढ़ने की हिम्मत नही हो रही थी….वो अब साहिल के रिक्षन का इंतजार कर रही थी…और साहिल ने उसे ज़्यादा इंतजार नही करवाया…..साहिल ने कुछ पलो के लिए अपनी कमर को पीछे किया और उस ने अपने लंड को धीरे से अंडरवेर में बने हुए होल से बाहर निकाल लिया…जिसे अक्सर पेशाब करने के लिए अंडरवेर में बनाया जाता है…..
फिर साहिल ने अपने लंड को जड़ से हाथ में पकड़ते हुए, अपनी कमर को आगे की तरफ खिसका दिया….नेहा के पूरे बदन में करेंट सा झटका लगा…साहिल के लंड का सुपडा अब सीधा नेहा की चूत के छेद पर जा लगा था..जिसे महसूस करके नेहा एक दम से मचल उठी…और उसने साहिल को अपने बदन से चिपकाते हुए, अपनी कमर को आगे की तरफ धकेला…
साहिल के लंड का मोटा फूला हुआ सुपडा नेहा की चूत की फांको फेलाता हुआ, चूत के छेद पर जा लगा…..दोनो के मुँह से मस्ती भरी आह निकल गई…. साहिल नेहा की गीली दहाकति हुई चूत को महसूस करके और जोश में आ गया….ऊपेर से नेहा भी बिना कुछ बोले लेटी हुई थी….नेहा की तो और बुरी हालत थी….जिस लंड को वो कई बार देख चुकी थी….आज वो उसे अपनी चूत के छेद पर दस्तक देता हुआ महसूस हो रहा था…
नेहा: साहिल बेटा तुम हो..कुछ चाहिए क्या….(नेहा ने बेड पर लेटे हुए साहिल से पूछा…क्योंकि नेहा ने रज़ाई ऊपेर ली हुई थी…इसीलिए साहिल को पता नही चला कि, नेहा सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में लेटी हुई है…नेहा ने अपनी गर्दन तक रज़ाई ओढ़ रखी थी….)
साहिल: नही मम्मी वो में पानी पीने आया था….
नेहा: अर्रे पानी पीने आया था…तो कम से कम कपड़े पहन लेता…सर्दी लग जाएगी बाहर ठंड बहुत है…..
साहिल: वो मा में रज़ाई में लेटा था…इसीलिए गरमी लगने लग गई..इसीलिए कपड़े उतार दिए थे….
नेहा: चल कोई बात नही….चल इधर आजा आज मेरे पास ही सो जा…
साहिल भी यही चाहता था…भले ही उसे ये उम्मीद ना थी कि, वो अपनी मा नेहा को चोद पाएगा या नही….पर नेहा के साथ जुड़ कर सोने का लुफ्त और उसके बदन की गरमी को महसूस करने का सुख तो मिल ही सकता था… इसीलिए वो जैसे ही नेहा के रूम में दाखिल हुआ…नेहा बोल पड़ी….
नेहा: बेटा डोर भी लॉक कर दे….
साहिल नेबिना कुछ बोले डोर लॉक कर दिया….और बेड की तरफ बढ़ने लगा… “साहिल ये लाइट भी बंद कर दे….रोशनी की वजह से नींद नही आ रही. “ साहिल वापिस मुड़ा और रूम में जल रहे 0 वात के बल्ब को भी बंद कर दिया..और फिर अंदाज़े से बेड की तरफ बढ़ने लगा…
साहिल धीरे-2 बेड पर पहुँचा…..नेहा को जैसे ही महसूस हुआ. कि साहिल बेड पर चढ़ने लगा है…नेहा थोड़ी पीछे खिसक गई..और साहिल को लेटने की जगह दी….साहिल जैसे ही रज़ाई के अंदर आकर लेटा…तो उसका पूरा बदन झनझणा गया….उसे नेहा का नंगा बदन अपने बदन के साथ सॉफ महसूस हो रहा था…उसे समझते देर ना लगी कि, नेहा सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में लेटी हुई है…..वो एक दम से घबरा गया…और पीछे खिसक कर बेड के किनारे पर आ गया…
नेहा: क्या हुआ बेटा ?
साहिल: मा वो मा वो आप के कपड़े ?
नेहा: वो बेटा मुझे भी रजनी में गरमी लग रही थी….पर तू क्यों घबरा रहा है…में अपने बेटे के साथ तो हूँ…चल आजा..किनारे पर मत लेट वरना नीचे गिर जाएगा…
ये कहते हुए नेहा ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खेंचते हुए अपने से सटा लिया…और उसके हाथ को पकड़ कर अपनी कमर पर रखते हुए, खुद अपने एक हाथ को साहिल की कमर पर रख कर अपनी तरफ दबाया…”उफ़फ्फ़ साहिल की तो जैसे जान ही निकल गई हो….नेहा का बदन इतनी सर्दी में आग के शोलो के तरह दहक रहा था….
नेहा की बड़ी-2 चुचियाँ, उसके रेड कलर की नेट वाली ब्रा में से साहिल की छाती में धँस गई…और साहिल का तना हुआ लंड अंडरवेर के अंदर से नेहा की पैंटी के ऊपेर से उसकी चूत पर जा टिका…नेहा भी एक दम से मचल उठी. “सीइश्ह्ह्ह” की आवाज़ से सिसकते हुए, उसने साहिल को अपनी बाहों में और कस के भींच लिया…
साहिल भी नेहा के इस तरह के रव्यए से अपने काबू में नही रहा….उसने अपने हाथ से नेहा की कमर को धीरे-2 सहलाना शुरू कर दिया…नेहा साहिल की इस हरकत से मन ही मन खुस हो गई..और उसने साहिल के चेहरे को अपनी चुचियों पर दबा दिया….जैसे ही साहिल के होंठ नेहा की चुचियों के खुले हिस्से से रगड़ खाए…नेहा फिर से सिसक उठी..और उसने सिसकते हुए, अपनी एक टाँग उठा कर साहिल की जाँघो पर रख दी…..
अब साहिल का लंड नेहा की चूत पर पैंटी के ऊपेर से धँस गया था… साहिल के लंड के सख्ती और गरमी को महसूस करके नेहा का पूरा बदन झटका खा गया…और साहिल का लंड पर उसकी पैंटी के अंदर से ही रगड़ खा गई….:अह्ह्ह्ह साहिल…. नेहा के मुँह से फिर से मदहोसी भरी आवाज़ निकली.
और उसने अपनी टाँग को जो साहिल के ऊपेर थी…उसे और ऊपेर उठा कर, साहिले की कमर पर चढ़ा लिया….
अब नेहा की दोनो टांगो के बीच बहुत गॅप बन गया था..जिसके कारण साहिल का लंड सीधा नेहा की पैंटी के ऊपेर से उसकी चूत पर सटा हुआ था…नेहा मदहोशी के आलम में खोती जा रही थी…उसकी तेज चलती सांसो को साहिल सॉफ महसूसस कर पा रहा था…नेहा से अब सबर नही हो रहा था….उसने अपनी कमर को थोड़ा सा पीछे किया…जिससे उसकी चूत साहिल के लंड से अलग हो गई…और फिर नेहा ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर, अपनी वीशेप पैंटी की पतली सी पट्टी को अपनी चूत के आगे से हटा कर एक साइड में कर लिया..
और फिर से अपनी कमर को आगे की तरफ सरकाते हुए, अपनी चूत को साहिल के अंडरवेर के ऊपेर से उसके लंड पर सटा दिया….साहिल एक दम से काँप गया. उसे अब नेहा की चूत से उठ रही गरमी. और उसकी चूत का गीला पन सॉफ महसूस हो रहा था…साहिल को लगा कि शायद नेहा ने अपनी पैंटी उतार डी है….इसीलिए उसने धीरे से अपना हाथ नीचे लेजा कर अपने लंड पर रखा…और अगले ही पल उसका उल्टा हाथ नेहा के गीली दहक रही चूत पर लगा…साहिल के बदन में बिजली कोंध गई….
अब साहिल के मन में किसी तरह का शक नही बचा था…कि नेहा भी उसे चुदवाना छाती है…साहिल नेहा की कमर को आगे पीछे हिलाते हुए साफ महसूस कर रहा था….जिससे नेहा की चूत अंडरवेर के ऊपेर से उसके मुन्सल लंड पर रगड़ खा रही थी….नेहा एक दम गरम हो चुकी थी…पर इससे आगे बढ़ने की हिम्मत नही हो रही थी….वो अब साहिल के रिक्षन का इंतजार कर रही थी…और साहिल ने उसे ज़्यादा इंतजार नही करवाया…..साहिल ने कुछ पलो के लिए अपनी कमर को पीछे किया और उस ने अपने लंड को धीरे से अंडरवेर में बने हुए होल से बाहर निकाल लिया…जिसे अक्सर पेशाब करने के लिए अंडरवेर में बनाया जाता है…..
फिर साहिल ने अपने लंड को जड़ से हाथ में पकड़ते हुए, अपनी कमर को आगे की तरफ खिसका दिया….नेहा के पूरे बदन में करेंट सा झटका लगा…साहिल के लंड का सुपडा अब सीधा नेहा की चूत के छेद पर जा लगा था..जिसे महसूस करके नेहा एक दम से मचल उठी…और उसने साहिल को अपने बदन से चिपकाते हुए, अपनी कमर को आगे की तरफ धकेला…
साहिल के लंड का मोटा फूला हुआ सुपडा नेहा की चूत की फांको फेलाता हुआ, चूत के छेद पर जा लगा…..दोनो के मुँह से मस्ती भरी आह निकल गई…. साहिल नेहा की गीली दहाकति हुई चूत को महसूस करके और जोश में आ गया….ऊपेर से नेहा भी बिना कुछ बोले लेटी हुई थी….नेहा की तो और बुरी हालत थी….जिस लंड को वो कई बार देख चुकी थी….आज वो उसे अपनी चूत के छेद पर दस्तक देता हुआ महसूस हो रहा था…