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मेरा नाम रोहन है, मैं 25 वर्ष का ऊंचे कद, चौड़ी छाती वाला एक तंदरुस्त जवान हूँ और पंचकूला में अपनी 23 वर्षीय पत्नी पूनम तथा छह माह के बेटे के साथ रहता हूँ। मैं चंडीगढ़ में एक आई टी कंपनी में काम करता हूँ जहाँ मुझे बहुत ही अच्छा पारिश्रमिक मिलता है। तीन वर्ष पहले मेरा विवाह हुआ था और तब से मैं अपनी पत्नी पूनम के साथ पंचकूला में दो बेडरूम वाले घर में ही रहता हूँ।
पंचकूला आने के बाद मेरी पत्नी ने घर के काम काज करने के लिए मालती को नौकरी पर रख लिया था। मालती को सुबह सात बजे से लेकर शाम के सात बजे तक पूरे दिन के लिए घर का सारा काम करने के लिए रखा हुआ है। इसी कारण मेरी पत्नी ने उसे घर के बाहर के दरवाज़े की एक चाबी भी दी हुई है ताकि जब भी वह आये तो दरवाज़ा खोल सके तथा जब बाहर जाए तब ताला लगा कर जाए।
मालती हरियाणा के एक छोटे से गाँव की रहने वाली है और उसकी उम्र लगभग 25 साल की होगी। वह दो बच्चों की माँ होने के बावजूद देखने में काफी खूबसूरत है, उसका रंग हल्का गेहुआँ है, चेहरा गोल है और नाक पतला है, आँखें बड़ी बड़ी हैं लेकिन बहुत ही आकर्षक व नशीली हैं !
दो बच्चे होने के बाबजूद भी सारा दिन मेहनत का काम करने के कारण उसका बदन गठा हुआ है! मालती काम पर ज्यादतर धोती तथा ब्लाउज ही पहन कर ही आती है जिसके नीचे वह पैंटी और ब्रा नहीं पहनती है। उसके महीन ब्लाउज में से उसके उठे हुए बड़े बड़े गोल और सख्त मम्मों की झलक दिखाई देती है, क्योंकि उसका ब्लाउज ढीला ढाला होता है इसलिए जब भी वह झुक कर फर्श की सफाई करती है तो उसके दोनों मम्मे और उनके ऊपर की काली डोडियां साफ़ नज़र आती हैं।
पिछले वर्ष मेरी पत्नी पूनम जब गर्भवती थी, तब वह छह माह के लिए मायके रहने चली गई थी। पूनम के जाने के बाद मालती उसके समझाए अनुसार मेरे खाने पीने और घर के दूसरे काम को बहुत ही अच्छे तरह से करती रही। दिन तो मैं ऑफिस चला जाता था और रात में थके होने के कारण जल्द ही सो जाता था।
एक सप्ताह तक तो इसी तरह निकल गया लेकिन शनिवार की शाम मुझे पूनम की कमी महसूस हुई !
रात देर तक जब नींद नहीं आई तब मैं डीवीडी प्लयेर में एक ब्लू फिल्म की डीवीडी लगा कर टीवी पर आराम से नंगा होकर देखता रहा। फिल्म देखने के दौरान मैंने दो बार मुठ भी मारी और हर बार पास रखे तौलिए से लौड़े को साफ़ भी करता रहा !
टीवी देखते देखते मुझे नींद आ गई और मैं टीवी चलता हुआ छोड़ कर नंगा ही बिस्तर पर सो गया।
अगला दिन इतवार था फिर भी हर रोज की तरह मालती सुबह सात बजे आ गई, लेकिन उसके आने का मुझे पता ही नहीं चला और मैं अपने कमरे में नंगा ही सोता रहा !
नौ बजे के लगभग जब मालती ने मेरे कमरे का दरवाज़ा जोर से खड़काया तब मेरी नींद खुली और इससे पहले कि मैं अपने आप को संभालता, वह अचानक ही कमरे में घुस आई !
मैंने जल्दी से तौलिया उठा कर अपने बदन को ढका और मालती की ओर देखा तो पाया कि वह मुस्करा रही थी। जब मैंने उससे मुस्कराहट का कारण पूछा तो उसने बताया कि सुबह आठ बजे मेरे कमरे में आई थी तभी उसने मुझे नंगा सोते हुए देख लिया था और तब उसने कमरे की सफाई करके लाईट और टीवी बंद कर दिया था।
मैंने चारों ओर नजर दौड़ाई तो देखा कि कमरे का हर सामान करीने से रखा हुआ था तो मुझे विश्वास हो गया कि मालती कमरे की सफाई करते समय ज़रूर मुझे नंगा सोते हुए देख चुकी थी और मैं शर्म से झेंप गया।
मैं अपनी शर्म और झेंप से उभर ही नहीं पाया था कि मालती ने मुझे मेरी लुंगी देते हुए कहा कि मैं उसे पहन लूं और तौलिया उसे धोने ले लिए दे दूं क्योंकि उस पर मेरा ढेर सारा माल लगा हुआ था। मालती की वह बात सुन कर तो मैं पानी पानी हो गया और मुझे लगा कि मेरी रही सही इज्ज़त भी मिटटी में मिल गई थी। खैर मैं लुंगी पहन कर और फ्रेश होकर अपने कमरे से बाहर आया तो देखा कि मालती रसोई में आलू की सब्जी बना चुकी थी और मेरे लिए पूड़ी तल रही थी।
मैं खाने की मेज पर बैठ गया और चुपचाप मालती द्वारा दिया गया नाश्ता खाता रहा। मुझे गुमसुम देख कर मालती ने मेरी चुप्पी का कारण पूछा तो मैं टाल गया और चाय पीकर अपने कमरे में चला गया।
मैं अपने कमरे में पहले तो टीवी देखता रहा और फिर लैपटॉप कुछ काम करता रहा। उधर मालती रसोई की सफाई, कपड़ों की धुलाई और घर का बाकी काम निपटाती रही !
दोपहर को एक बजे जब मालती मेरे कमरे में खाने के लिए बुलाने आई तो मैंने उसे कह दिया कि वह खाना बना कर रख दे।
पंचकूला आने के बाद मेरी पत्नी ने घर के काम काज करने के लिए मालती को नौकरी पर रख लिया था। मालती को सुबह सात बजे से लेकर शाम के सात बजे तक पूरे दिन के लिए घर का सारा काम करने के लिए रखा हुआ है। इसी कारण मेरी पत्नी ने उसे घर के बाहर के दरवाज़े की एक चाबी भी दी हुई है ताकि जब भी वह आये तो दरवाज़ा खोल सके तथा जब बाहर जाए तब ताला लगा कर जाए।
मालती हरियाणा के एक छोटे से गाँव की रहने वाली है और उसकी उम्र लगभग 25 साल की होगी। वह दो बच्चों की माँ होने के बावजूद देखने में काफी खूबसूरत है, उसका रंग हल्का गेहुआँ है, चेहरा गोल है और नाक पतला है, आँखें बड़ी बड़ी हैं लेकिन बहुत ही आकर्षक व नशीली हैं !
दो बच्चे होने के बाबजूद भी सारा दिन मेहनत का काम करने के कारण उसका बदन गठा हुआ है! मालती काम पर ज्यादतर धोती तथा ब्लाउज ही पहन कर ही आती है जिसके नीचे वह पैंटी और ब्रा नहीं पहनती है। उसके महीन ब्लाउज में से उसके उठे हुए बड़े बड़े गोल और सख्त मम्मों की झलक दिखाई देती है, क्योंकि उसका ब्लाउज ढीला ढाला होता है इसलिए जब भी वह झुक कर फर्श की सफाई करती है तो उसके दोनों मम्मे और उनके ऊपर की काली डोडियां साफ़ नज़र आती हैं।
पिछले वर्ष मेरी पत्नी पूनम जब गर्भवती थी, तब वह छह माह के लिए मायके रहने चली गई थी। पूनम के जाने के बाद मालती उसके समझाए अनुसार मेरे खाने पीने और घर के दूसरे काम को बहुत ही अच्छे तरह से करती रही। दिन तो मैं ऑफिस चला जाता था और रात में थके होने के कारण जल्द ही सो जाता था।
एक सप्ताह तक तो इसी तरह निकल गया लेकिन शनिवार की शाम मुझे पूनम की कमी महसूस हुई !
रात देर तक जब नींद नहीं आई तब मैं डीवीडी प्लयेर में एक ब्लू फिल्म की डीवीडी लगा कर टीवी पर आराम से नंगा होकर देखता रहा। फिल्म देखने के दौरान मैंने दो बार मुठ भी मारी और हर बार पास रखे तौलिए से लौड़े को साफ़ भी करता रहा !
टीवी देखते देखते मुझे नींद आ गई और मैं टीवी चलता हुआ छोड़ कर नंगा ही बिस्तर पर सो गया।
अगला दिन इतवार था फिर भी हर रोज की तरह मालती सुबह सात बजे आ गई, लेकिन उसके आने का मुझे पता ही नहीं चला और मैं अपने कमरे में नंगा ही सोता रहा !
नौ बजे के लगभग जब मालती ने मेरे कमरे का दरवाज़ा जोर से खड़काया तब मेरी नींद खुली और इससे पहले कि मैं अपने आप को संभालता, वह अचानक ही कमरे में घुस आई !
मैंने जल्दी से तौलिया उठा कर अपने बदन को ढका और मालती की ओर देखा तो पाया कि वह मुस्करा रही थी। जब मैंने उससे मुस्कराहट का कारण पूछा तो उसने बताया कि सुबह आठ बजे मेरे कमरे में आई थी तभी उसने मुझे नंगा सोते हुए देख लिया था और तब उसने कमरे की सफाई करके लाईट और टीवी बंद कर दिया था।
मैंने चारों ओर नजर दौड़ाई तो देखा कि कमरे का हर सामान करीने से रखा हुआ था तो मुझे विश्वास हो गया कि मालती कमरे की सफाई करते समय ज़रूर मुझे नंगा सोते हुए देख चुकी थी और मैं शर्म से झेंप गया।
मैं अपनी शर्म और झेंप से उभर ही नहीं पाया था कि मालती ने मुझे मेरी लुंगी देते हुए कहा कि मैं उसे पहन लूं और तौलिया उसे धोने ले लिए दे दूं क्योंकि उस पर मेरा ढेर सारा माल लगा हुआ था। मालती की वह बात सुन कर तो मैं पानी पानी हो गया और मुझे लगा कि मेरी रही सही इज्ज़त भी मिटटी में मिल गई थी। खैर मैं लुंगी पहन कर और फ्रेश होकर अपने कमरे से बाहर आया तो देखा कि मालती रसोई में आलू की सब्जी बना चुकी थी और मेरे लिए पूड़ी तल रही थी।
मैं खाने की मेज पर बैठ गया और चुपचाप मालती द्वारा दिया गया नाश्ता खाता रहा। मुझे गुमसुम देख कर मालती ने मेरी चुप्पी का कारण पूछा तो मैं टाल गया और चाय पीकर अपने कमरे में चला गया।
मैं अपने कमरे में पहले तो टीवी देखता रहा और फिर लैपटॉप कुछ काम करता रहा। उधर मालती रसोई की सफाई, कपड़ों की धुलाई और घर का बाकी काम निपटाती रही !
दोपहर को एक बजे जब मालती मेरे कमरे में खाने के लिए बुलाने आई तो मैंने उसे कह दिया कि वह खाना बना कर रख दे।