• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

ठरकी दामाद complete

23

**********

अब आगे

**********

अजय को लगभग खींचते हुए अपने कमरे में ले गयी सोनी..और अंदर पहुँचते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया

अजय : "यार...तुमने बताया ही नही की सब घर पर ही है आज...मैने तो सोचा था की तुम्हारी फैमिली के सभी लोग बाहर गये है, इसलिए तुमने आज शाम का ये प्रोग्राम बनाया है...''

सोनी : "तुम्हे कोई प्राब्लम है क्या...वैसे भी हमारे घर में कोई किसी से सवाल नही करता, जो जिसकी मर्ज़ी होती है वो कर लेता है...हमारे घर का कल्चर काफ़ी ओपन टाइप का है ...समझे..''

सोनी ने अपनी एक आँख मारते हुए अजय से कहा और धीरे-2 चलती हुई उसके पास आ गयी और उसकी कमर में हाथ डालकर अजय को अपने जिस्म से सटा लिया

और उसके होंठों के पास अपने लबों को लेजाकर धीरे से बोली : "तुम भी तो कितने मज़े से मेरी बहन को नहाते हुए देखकर मज़े ले रहे थे...अगर मेरे घर मे ऐसा खुलापन ना होता तो क्या तुम देख पाते इतनी छोटी सी लड़की को नहाते हुए..जो अभी ढंग से जवान भी नही हुई है...''

अजय कुछ ना बोल पाया...कह तो वो सही रही थी..और ऐसे खुलेपन को देखकर अजय भी एंजाय कर रहा था.

अजय : "ओके ...मैं समझ गया...तुम्हारी बहन का तो कुछ नही...पर तुम्हारे पापा...वो भी तो नीचे ही है...वो भी कुछ नही कहते क्या...''

सोनी मुस्कुराइ और बोली : "ये सब उन्हे पता है...उन्हे तो मैने सुबह ही बता दिया था की मेरा एक बी एफ आने वाला है...और मैं जब भी अपने किसी दोस्त को घर बुलाती हूँ तो इसका मतलब चुदाई ही होता है..ये उनको भी पता है..वो अपनी लाइफ में मस्त रहते है और हम लोग अपनी में ...''

अजय भी मुस्कुराया और बोला : "सही है यार...ऐसा बाप सभी को मिलना चाहिए''

सोनी ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाई : "यस ...बिल्कुल सही कहा...और ऐसी माँ भी..''

अजय तो उसकी माँ के बारे में पूछना ही भूल गया था

"ओहो...मैं तो भूल ही गया तुम्हारी मोम के बारे में पूछना...वो कहाँ है..''

सोनी : "वो अपने एक बॉय फ्रेंड के साथ यूरोप के टूर पर गयी है...''

अजय का माथा भन्ना गया ये सुनकर...उपर से नीचे तक सभी मस्ती मार रहे है यहाँ तो.

सोनी : "और जाने से पहले मोम ने स्पेशली गिन्नी को बोला है की पापा का ध्यान रखे ....इसलिए वो भी ज़्यादातर घर पर ही रहते है...अपने बेडरूम में ..गिन्नी के साथ..''

एक 55 साल के इंसान के साथ 18 साल की कच्ची कली...ये होती है पैसों की ताक़त.

अजय को ऐसे सोचते हुए देखकर सोनी बोली : "अब तुम्हारी पूछताछ पूरी हो गयी हो तो मेरे बारे में भी सोच लो कुछ...पता है कल से कितनी बेचैनी हो रही है मुझे''

अजय : "सॉरी...मैं पूछताछ नही कर रहा था..मैं तो बस ऐसे ही....''

और फिर शरारती हँसी हंसते हुए वो बोला : "पर तुम फ़िक्र मत करो...डॉक्टर अजय आ गये है अब...वो तुम्हारा सही से इलाज कर देंगे.... किस तरह की बैचैनी हो रही है तुम्हे''

सोनी की आँखो में भी चमक आ गयी,अजय को अपने लिए डॉक्टर बनता देखकर...उसके दिमाग़ में तुरंत

डॉक्टर-मरीज का खेल आ गया,और वो मरीज बनकर रोल प्ले करने कूद पड़ी.

सोनी : "डॉक्टर साहब, कल से ना मेरा दिल बड़ी ज़ोर से धड़क रहा है...और मेरे सीने में भी अजीब से पैन हो रही है..''

सोनी ने अपने उभारों की तरफ इशारा करते हुए कहा.

अजय : "ओहो...ये तो काफ़ी सीरियस केस लग रहा है...आप यहाँ आकर लेट जाओ..''

और अजय ने सोनी को उसके विशालकाय बेड पर लिटा दिया...सोनी ने टी शर्ट और केप्री पहनी हुई थी..अजय ने उसकी टी शर्ट उतार दी और नीचे उसने बहुत ही सेक्सी, ब्लेक कलर की ब्रा पहनी हुई थी, जिसमे से उसके निप्पल बुरी तरह से तन कर सॉफ दिख रहे थे.

अजय के तो मुँह में पानी आ गया उन पर्वतों को देखकर..

अजय ने उसके उभारों पर हाथ फेरते हुए पूछा : "कहाँ दर्द है , बताओ मुझे...''

सोनी ने एक लंबी सिसकारी मारते हुए उसके हाथ को ज़ोर से अपनी छाती पर दबा दिया : "सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.....आआआआहह...बस यही डॉक्टर साहब....बिल्कुल इसी जगह पर....''

अजय की हथेली के नीचे सोनी का निप्पल चुभ रहा था...उसने अपना हाथ छुड़वाया और बोला :"ओहो....मैं समझ गया...रूको ज़रा, मुझे देखने दो.''

इतना कहकर अजय ने उसकी ब्रा के हुक्स खोलकर उसे निकाल दिया

और अब अजय के सामने बड़ी ही अकड़ के साथ उसके दोनो स्तन खड़े थे.

और सबसे ज़्यादा अकड़ तो थी उसके नन्हे और मगरूर निप्पलों में ..जो ऐसे लश्कारे मारकर अपना आकार दिखा रहे थे जैसे वो भी बड़े होकर बूब्स बनना चाहते हो.

सोनी : "क्या लगता है डॉक्टर साहब...''

अजय : "ये बीमारी मेरी पकड़ में आ चुकी है.... देखो, तुम्हारे निप्पल्स में गैस भर चुकी है..इसे निकालना होगा.''

अजय ने उसके खड़े हुए निप्पल को पकड़कर जोर से खींच दिया

सोनी के होंठ थरथरा उठे ये सुनकर...उसके मुँह से बस यही निकला

''तो निकालो ना...किसने रोका है..''

अजय ने उसकी नशीली आँखो में देखते हुए अपने होंठों को उसके उरोजों पर झुका दिया और उसके कड़क निप्पल को अपने दांतो तले दबाकर ज़ोर से चूस डाला..

''आआआआआआआआआआआअहह ..........सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स...... उूुुउउफफफफफ्फ़ अजय ............................ म्*म्म्मममममममममममममाअर गयी............''

और तड़पकर सोनी ने अजय के सिर को पकड़कर अपनी छाती पर ज़ोर से दबा डाला.

''आआअहह येस्ससस्स....डॉक्टर......यहीं पर....उम्म्म्ममममममममममम.......इसमें से निकालो गैस को.....अहह ज़ोर से .....दांतो से...............निकालो नाआआआआअ''

अजय तो उसकी उँची आवाज़ से डर रहा था...वो इतना ज़ोर से चिल्ला रही थी जैसे उसका ब्लातकार हो रहा हो...वो बुरी तरह से मचल भी रही थी अपने बिस्तर पर.

और एक के बाद दूसरे निप्पल में से भी अजय ने उसी तरह से गैस निकाल कर उसे थोड़ी देर के लिए शांत किया.

सोनी के सेक्सी से चेहरे को देखते हुए अजय ने उसके होंठों को अच्छी तरह से स्मूच किया...और बोला

''और कोई तकलीफ़ भी है क्या....''

सोनी ने मुस्कुराते हुए अपनी चूत के उपर अजय के हाथ को रख दिया और बोली : ''यहाँ बहुत जलन महसूस हो रही है ... हाथ लगाने पर ऐसा लगता है जैसे झुलस जाएँगे..''

अजय को भी वो झुलसाने वाली गर्मी महसूस हुई अपने हाथों पर..

वो उसकी आँखो मे देखते -2 नीचे जाने लगा...उसकी केप्री को नीचे खींच दिया और फिर पेंटी को भी..

और जैसे ही उसकी बिन बालों वाली चूत सामने आई अजय बोल पड़ा

''ओहो....यहा तो काफ़ी झुलसा देने वाली हवा निकल रही है....मैं कोशिश करता हू इसे बुझाने की..''

सोनी की चूत मचल उठी ये सुनकर और वो बोली : "जी डॉक्टर साहब...ज़रा आराम से देखिएगा...कोई जल्दी नही है मुझे...बस ये आग शांत कर दो..''

सोनी के शब्द पूरे होने से पहले ही अजय अपने होंठों को लेकर उसकी चूत में कूद गया.

सोनी की पीठ कमान की तरह टेडी होकर हवा में उठ गयी और उसने पहले की तरह सीसिआते हुए अजय के सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर जोरों से दबा दिया.

''आआआआआआआआआआअहह ओह...अजय.....प्लीईईईईईस........सॅक मिईीईईईईईईईईईई....ज़ोर से.........................आआआआआआआहह यही पर................आआहह''

 


अजय को ऐसा लगा जैसे उसने किसी गर्म मलाई से भरे डिब्बे में मुँह डाल दिया है....गरमा गरम मलाई के साथ -2 गर्म हवा के भभके निकल रहे थे उसकी चूत में से.

पर जैसे-2 वो उसकी छूट को चूस रहा था...वैसे -2 उसकी सिसकारियाँ और भी तेज होती जा रही थी...ऐसा लग रहा था जैसे अजय अपनी जीभ और दाँतों से उसके जिस्म पर कब्जा करता जा रहा है और सोनी अपने होशो हवस खोकर पागलों की तरह चिल्लाती जा रही थी.

''आआआआआआआहह..........माआआआआआअर डालोगे तुम तो...................आआआआआआअहह एसस्स्स्स्स्स्स्सस्स बैबी ...............सक्क मिईीईईईईईईईईईईईईई....और ज़ोर से....................उम्म्म्ममममममममममममम''

और एक वक़्त तो ऐसा आया की सोनी उसके सिर को ज़ोर लगाकर दूर हटाने लगी...शायद उसकी चूत को चूस्टे हुए वो उसे झड़ने के उस मुकाम तक ले आया था जिसके बाद जरा सा टच भी दर्दनाक लगता है , और लास्ट में आकर जो सेंसेशन महसूस होता है, वो सोनी को होने लग गया था..

पर डॉक्टर अजय भी ठान कर बैठा था की आज वो उसकी चूत की गर्मी को पूरी तरह से दूर करके रहेगा, इसलिए वो भी डटा रहा...चूसता रहा उसकी गर्म चूत को...अपने होंठों के बीच उसके निचले लिप्स को दबाकर जोरों से स्मूच करता रहा ...और तब तक करता रहा जब तक सोनी की आँखे नही फिर गयी...वो बेहोशी जैसी अवस्था में पहुँच गयी अत्यधिक उत्तेजना के शिखर तक पहुँचकर ....और उसी बेहोशी में जब वो झड़ी तो उसके शरीर में ऐसे कंपन हुआ जैसे उसके शरीर पर कब्जा की हुई कोई आत्मा बाहर निकल गयी हो...और जोरदार तरीके से झड़ने के बाद वो निढाल सी होकर नीचे गिर पड़ी.

अजय ने उसकी चूत के उपर लगे रस को अच्छी तरह से पिया और फिर वापिस उपर आ गया.

और उसकी अधखुली आँखो मे देखकर बोला : "अब कैसा लग रहा है सोनी जी....आराम मिल गया ना.''

अपने ही बिस्तर पर नंगी लेती हुई सोनी के चेहरे पर मुस्कुराहट फैल गयी और बोली : "आपने तो मेरी बीमारी का बिल्कुल सही तरीके से इलाज किया है...पर उपर की आग ठंडी करने से क्या होता है...ऐसा कोई तरीका नही है जिसमे आप अंदर तक ठंडक पहुँचा सके...शायद आपका ये पाइप इसी काम के लिए है...''

सोनी के हाथों में अजय का मोटा लंड आ चुका था, जिसे वो बड़े ही जालिम तरीके से अपने हाथों से भींच रही थी.

अजय : "बिल्कुल जा सकता है ये अंदर...और आपनी आग को बुझा भी सकता है...बस इसे थोड़ा तैयार करना पड़ेगा.

सोनी को दोबारा कहने की ज़रूरत नही पड़ी की अजय क्या चाहता है...वो तुरंत उठ गयी और उसने पलक झपकते ही अजय के सारे कपड़े निकाल कर दूर फेंक दिए.और अजय को भी अपनी तरहा नंगा कर दिया.

कुछ देर तक उसके कसरती बदन और पंजाबी लंड को निहारने के बाद वो बोली : "कमाल के हो तुम....और ये सब तुम उस पूजा पर वेस्ट कर रहे थे अब तक, जिसे इसकी कोई कदर ही नही है...''

और फिर ज़मीन पर अपने घुटनों के बल बैठकर उसने उसके खड़े हुए लंड को अपने नाज़ुक हाथों में लिया और फिर अपनी जीभ से चाट कर उसे अच्छी तरह से सॉफ किया और फिर धीरे-2 उसे किसी अजगर की तरह अपने मुँह के अंदर निगल गयी..

''सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआआअहह''

कमरे मे नंगा खड़ा हुआ अजय अपने पंजों पर खड़ा होकर सिसकार उठा...

उसके चूसने का तरीका था ही इतना सेक्सी....वो धीरे-2 उसके लंड को मुँह में ले जेया रही थी..अपने अधखुले दांतो से रगड़ लगवाकर...और फिर पूरा लंड अंदर रखकर अपनी गर्म जीभ से उसे सहला भी रही थी.

ऐसा तो आज तक प्राची ने भी नही किया था...

अजय ने भी उसके सिर को पकड़कर अपने लंड को उसके मुँह में पेलना शुरू कर दिया.

उसका टैटू से सज़ा जिस्म अजय के झटकों से हिचकोले खा रहा था...जिसकी वजह से उसकी भरी हुई ब्रेस्ट उपर नीचे उछल रही थी.

अजय का लंड पहले से भी ज़्यादा तेजधार होकर उसके मुँह में पूरी तरह से खड़ा हो गया.

और फिर उसके लंड को बाहर निकाल कर सोनी बोली : "लीजिए डॉक्टर साहब, हो गया आपका औजार तैयार ....अब इससे इलाज करो मेरी अंदर की आग का...''

इतना कहकर वो वापिस खड़ी हुई और अपनी टांगे फेला कर बेड पर लेट गयी...और बड़े ही सेक्सी अंदाज से अजय को पुकारा : "अब आइए भी डॉक्टर....ये तकलीफ़ बढ़ती जा रही है...इसे ख़त्म करिए जल्दी से...''

अजय ने भी बिना कोई देरी किए अपने लंड को पकड़ा और उसकी खुली हुई टांगो को दोनों दिशाओं में फैलाया और अपने लंड को चूत के मुहाने पर टीकाया..और बिना किसी वॉर्निंग के वो अपने पूरे शरीर के भार के साथ उसके उपर लेट गया.

अजय का मोटा लंड कचकचाता हुआ उसकी चूत में घुसता चला गया...भले ही सोनी ने पहले चुदाई करवा रखी थी..पर आज से पहले ऐसा जानदार लंड उसने नही लिया था अपने अंदर...इसलिए तकलीफ़ और मज़े के मिश्रण के साथ वो एक बार फिर से चिल्ला उठी..

''आआआआआआआआआआआआआआआआआआअहह ........................ उूुुुुुुुुुुुुुुुुउउफफफफ्फ़ .............. उम्म्म्ममममममममममममममममममममम..... माँआआआआआआआआआआअ.... ''

ऐसे वक़्त में भी पता नही क्यों लड़कियों को अपनी माँ याद आ जाती है.

अजय का लंड जब अच्छी तरहा से उसकी चूत में धंस चुका तो उसने अजय की पीठ पर अपने हाथ का घेरा बनाकर उसे अपने उपर ही लेटे रहने दिया..

और बोली : "उम्म्म्ममममममममम.....अह्ह्ह्ह अजय.................क्या मस्त लंड है तुम्हारा.............कसम से...........आज से पहले इतना भरा हुआ आज तक फील नही किया मैने.....प्लीज़....फक्क मी नाउ ....आज मुझे इतना चोदो की मेरी पिछली सारी शिकायतें दूर हो जाए...''

अजय को तो बस मौका चाहिए होता है,और किसी के ऐसे भड़काने वाले शब्द सुनकर तो वो और भी ज़्यादा उत्तेजित होकर बरस पड़ता है...

वही हुआ अब भी..

उसने आव देखा ना ताव,उसकी दोनो टांगे फेलाकर अपने लंड से उसकी ड्रिलिंग करनी शुरू कर दी.

फ़चा फॅक और उंह-आह्ह्ह्ह की आवाज़ों से कमरा गूँज उठा.

अजय किसी रोबोट की तरह उसकी चुदाई कर रहा था..

करीब 15 मिनट तक वो पोज़ बदल-2 कर उसे चोदता रहा...

 


कभी अपने उपर लिटाकर...कभी घोड़ी बनाकर...कभी एक टाँग उठाकर...हर पोज़ में वो उसे तब तक चोदता जब तक वो झड़ नही जाती..

15 मिनट के अंदर पाँचवी बार झड़ने के बाद वो हाँफते हुए बोली

''आआआआआआअहह अजय.................अब बस भी करो........अब और हिम्मत नही बची मेरे अंदर.....''

सोनी के मुँह से ये सुनकर अजय के चेहरे पर विजयी मुस्कान तेर गयी...उसके चेहरे के एक्शप्रेशन देखकर यही लग रहा था की जैसे वो मन ही मन बोल रहा हो 'अब बोलो....लोगी मुझसे पंगा..'

और फिर अजय ने भी अपने आख़िरी के 8 -10 झटके ज़ोर से लगाए और अपने अंदर का सारा माल निकाल कर उसने उसकी चूत में भर दिया

गर्म चूत के अंदर ठंडी बौछारों सा फील हुआ अजय के लंड का रस सोनी को...

और वो बुदबुदा उठी : "उम्म्म्ममममममममम.....अब बुझी मेरे अंदर की आग....''

अजय भी हांफता हुआ सा उसके उपर ढेर हो गया..

पर इस बीच दोनो में से किसी ने नही देखा की इशिका काफ़ी देर से उन दोनो का ये चुदाई का खेल एक कोने में बैठकर देख रही है..वो कब सोनी के रूम में आ कर एक कोने में बैठ गयी ये किसी को भी पता नही चला.

 
24

***********

अब आगे

***********

निढाल सी होकर सोनी ने जब अपनी आँखे खोली तो एक कोने में बैठी हुई इशिका को देखकर वो मुस्कुरा दी...उसके चेहरे पर कोई गुस्सा नही था...जैसे वो सब उसके लिए मामूली बात थी.

वो बोली : "यू बिच .....सुधरेगी नही तू....आ ही गयी ना मेरी चुदाई का खेल देखने मेरे पीछे-2...''

सोनी की बात सुनकर अजय का ध्यान भी उस तरफ गया...और इशिका को बड़े ही आराम से एक कोने में फर्श पर बैठा देखकर वो तो चोंक गया..और हैरान भी हुआ ये देखकर की सोनी कितने आराम से उसके साथ बात कर रही है...ऐसे में कोई भी होता वो इसी वक़्त उसे गालियां देकर बाहर निकाल देता...पर पता नही किस तरह का रिश्ता है इन दोनो बहनो में ..दोनो एक दूसरे की पर्सनल लाइफ में बड़े आराम से दखल देकर बिना किसी डर के रह रहे है.

अभी-2 नहाकर आई इशिका ने सिर्फ़ एक फ्रंट ओपन वाला गाउन ही पहना हुआ था...जो ज़मीन पर अपनी टांगे फेलाने के बाद खिसककर नीचे गिर चुका था ..और उसकी टाँगों के साथ-2 उसकी चूत भी सामने बैठे दर्शको को दिखाई दे रही थी.यानी अजय और सोनी के सामने उसका ताजमहल बेपरदा होकर खड़ा था

और अपनी चूत पर वो बड़े ही मस्त अंदाज में धीरे-2 घिसाई करके उसका घी निकालने में लगी हुई थी.

ये लड़किया कितनी आसानी से एक के बाद एक झड़ने के लिए तैयार हो जाती है...काश लड़को के साथ भी ऐसा होता.

अभी 10 मिनट पहले ही वो अजय के दमदार लंड को देखकर झड़ी थी,शावर के नीचे...और अब फिर से वो सोनी के रूम में आकर अपनी चूत की घिसाई करके उसमे से ओर्गास्म का जिन्न निकालने की तैयारी कर रही थी.

अजय के मुरझा चुके लंड ने खुशी का एक आँसू बाहर धकेल दिया ...ये सोचकर की एक के साथ एक फ्री मिलेगी आज तो..

पर उसकी खुशी को एक ही मिनट मे सोनी ने मसलकर रख दिया.

वो इशिका से बोली : "इशिका डार्लिंग...तुम रूल तो जानती हो ना हमारे...फिर क्यो ये सब दिखाकर इस बेचारे को ललचा रही हो...''

अजय की आँखे सिकुड गयी , वो बोला ''रूल...कैसा रूल..?''

सोनी (अजय को देखकर मुस्कुराइ और बोली) : "बड़े बेताब हो रहे हो इसे देखकर...यही सोच रहे थे ना की सोनी के बाद अब इश्क़ की भी मारने को मिल जाएगी....बट मेरी जान...ये इतना आसान नही है....जब तक मैं नही चाहूँगी,वो तुम्हे हाथ भी नही लगा सकेगी...और तुम भी अगर मेरे बाद इसके मज़े लेना चाहते हो तो अभी के लिए इससे दूर ही रहो...''

अजय : "पर क्यो....हमने तो अच्छी तरह से फकिंग कर ली है अभी...अब क्या प्राब्लम है...इसके साथ भी करने दो...''

लास्ट की लाइन बोलते हुए अजय का स्वर भी धीमा हो गया था..और लंड खड़ा

सोनी : "मुझे पता है की तुम्हारे अंदर काफ़ी स्टेमीना है अजय...और तुम्हारी हालत इस वक़्त मेरी बहन को देखकर क्या हो रही है...ये भी मैं जानती हु, पर अभी के लिए तो तुम भूल ही जाओ की ये तुम्हे मिलेगी...क्योंकि बहनों के बीच ये समझोता हो रखा है की जब तक हम नही चाहेंगे कोई भी दूसरे के बाय्फ्रेंड को हाथ भी नही लगाएगा..''

अजय : "यानी...''

इशिका : "यानी...अभी के लिए तुम इसके सेक्स टॉय हो...और जब तक इसका मन नही भर जाता तुमसे, मैं तुम्हे हाथ भी नही लगा सकती....माय बेड लक....ये मेरी स्टुपीडीटी की वजह से ही हुआ है...मैने ही ये स्टुपिड सा रूल बनाया था...क्योंकि दीदी हमेशा मेरे यंग स्कूल फ्रेंड्स पर नज़र रखती थी...और कई बार उन्होने अपने ये बड़े-2 बूब्स दिखाकर उन्हे अपने जाल में फंसाया है...तब हमने म्यूच्यूअल अंडरस्टेंडिंग से ये डिसाईड किया था....और अब हम कभी भी एक दूसरे के बॉय फ्रेंड को नही चुराते...''

 
अजय का तो सिर चकरा गया ये सुनकर....कैसी बहनें है ....एक ही घर में रहकर अपनी बहन के बी एफ से चुदवाती है...और क्या रूल निकाला है इन्होने...अपने-2 बी एफ को शेयर करने का...

इस वक़्त अजय को अपनी हालत उस पालतू जानवर की तरह लग रही थी जिसे इन बहनो ने अपने मज़े के लिए अपने सामने बाँध रखा था..

पर मजा तो अजय भी ले रहा था, और ये मज़ा भी हर किसी की किस्मत में नही होता ..

आज नही तो कल सोनी के बाद इशिका का नंबर आएगा ही आएगा...यही सोचकर इस वक़्त अजय ने अपने दिल को तसल्ली दी..

और वैसे भी अजय का भी मन नही भरा था सोनी से अभी के लिए..

पर आज के लिए काफ़ी हो चुका था...वो अब यहाँ से निकलना चाहता था..

सोनी और इशिका को तो ये बात पता नही थी की वो शादीशुदा है...पर उसे तो अपने घर की चिंता थी..अपनी प्रेगञेन्ट वाइफ के पास जाने की जल्दी थी उसे..

रात के 9 बजने वाले थे...उसने अपना फोन साइलेंट पर किया हुआ था...जब उठा कर देखा तो उसकी आशा के विपरीत प्राची का एक भी कॉल नही आया था...अलबत्ता पूजा के 7 कॉल्स थे..

कही उसे शक तो नही हो गया ना की वो सोनी के घर आया है.

उसने तुरंत सोनी से पूछा : "तुम्हारे पास पूजा का कॉल तो नही आया ना..?''

सोनी (मुस्कुराते हुए) : "अब भी तुम डर रहे हो अपनी उस बहनजी टाइप की गर्लफ्रेंड से...छोड़ो उसे और मेरे हो जाओ...जवानी के यही 2-4 दिन है बस...जितनी ऐश करनी है ,इनमे ही कर लो...और मेरे बाद इशिका से कर लेना...और इसके बाद मेरी और भी फ्रेंड्स है ज़ो तुम जैसे हंक से चुदवाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होंगी...और तुम हो की उस पूजा के पीछे पड़े हो...भूल जाओ उसे अब..''

अजय का मन तो किया की उसका मुँह तोड़ दे...क्योंकि जिस अंदाज में वो पूजा की बेइजत्ती कर रही थी वो अजय को बिल्कुल भी अच्छा नही लगा...वो थोड़ा गुस्से में बोला : "मुझे क्या करना है वो तुम मुझे मत सिख़ाओ...तुम्हारे कहने पर मैं यहाँ आया..पर अपनी मर्ज़ी से...तुम इसका मतलब ये मत निकलना की मैं तुम्हारे कहने पर चलूँगा...आज तक मुझपर किसी ने भी हुक्म चलाने की कोशिश नही की...तुम भी मत करना...समझी...''

अजय की ये फटकार सुनकर सोनी चुप हो गयी...इशिका ने भी अपनी आँखे दिखा कर सोनी को चुप ही रहने की सलाह दी...कही गुस्से मे अजय उन्हे छोड़कर चला गया तो दोनो ही उसके लंड की प्यासी रह जाएँगी...ये वो दोनो नही चाहती थी.

अजय ने अपने कपड़े पहने और जाने के लिए तैयार हो गया.

सोनी ऐसे ही नंगी उठकर उसके करीब आई और उससे लिपट कर बोली : "आई एम सॉरी...तुम गुस्सा मत मानो बस...मैं तो ऐसे ही बोल रही थी...एंड आई प्रोमिस, आज के बाद तुम्हारी पर्सनल लाइफ में कोई दखल नही दूँगी...पर तुम नाराज़ मत होना..और ना ही इसे नाराज़ होने देना...अभी बहुत काम निकलवाना है मुझे इससे...''

कहते हुए सोनी ने अजय के लंड को उसकी पेंट के उपर से पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया.

सोनी ने इशारा किया और इशिका भी दौड़कर अजय से आकर लिपट गयी...अपनी दोनो बाहों मे 2 गरमा गरम बहनों को दबोचकर अजय का सारा गुस्सा फुर्र हो गया..

इशिका इस वक़्त सोनी के कहने पर आई थी अजय के पास..इसलिए शायद उनका रूल थोड़ी देर के लिए ब्रेक हो गया था...पर इतना शायद एलाउ था उन दोनो के बीच..

और इसका फायदा अजय ने अच्छी तरह से उठाया..

उसने एक के बाद एक दोनो को अच्छी तरह से स्मूच किया.

सोनी को तो वो पिछले 1 घंटे से चूस रहा था..

जैसे ही उसने इश्क़ की गांड पर हाथ रखकर उसे अपनी तरफ उचकाया,वो किसी बंदरिया की तरह उछलकर उससे लिपट गयी...छोटी होने के साथ-2 वो काफ़ी हल्की भी थी...शायद 50 के आस पास था उसका वजन..इसलिए अजय को ऐसा लगा जैसे उसने कोई फूल पकड़ लिया है अपने हाथों में ..

और उसने अपने गाउन के आगे की डोरी खोलकर अपनी नंगी बॉडी को अजय के जिस्म से बुरी तरह से मसल दिया और उपर उछलकर अपने आतुर होंठों को अजय के गर्म होंठों पर रखकर एक गहरे चुंबन में डूब गयी.

 


अजय के लिए ये स्मूच एक यादगार लम्हा बनकर रह गयी...क्योंकि इतनी छोटी उम्र की लड़की को उसने आज से पहले कभी किस्स नही किया था..और उसे किस्स करके पता चला की भले ही एक्सपीरियेन्स की कमी थी उसमे पर हॉटनेस में वो अच्छे -अच्छों को पीछे छोड़ सकती थी...उसके किस्स करने का तरीका ही ऐसा था...सबसे निराला...अपनी जीभ और होंठों को पूरी तरह से गीला करके वो अजय के होंठों को नहला रही थी..

अजय के दूसरे हाथ में सोनी थी, वरना वो इश्क़ के नन्हे मुन्ने स्तनों को नींबू की तरह निचोड़ चुका होता अब तक..

और उन दोनो को ऐसे स्मूच करता देखकर सोनी ने अपनी बहन को टोका : "अब बस भी कर इश्क़ू...खा जाएगी क्या इसको...''

अपनी बहन की आवाज़ सुनकर वो होश में आई...और उसे ना चाहते हुए भी अजय को छोड़ना पड़ा..

उसकी गोद में चढ़कर वो अजय की कमर पर अपनी चूत भी रगड़ रही थी...जिसकी वजह से एक बड़ा सा धब्बा भी बन चुका था उसके चूत के रस का..

पर अभी के लिए कुछ और होना संभव नही था...इसलिए उन दोनो बहनो को बाय बोलकर वो बाहर निकल गया.

अपने आप को किसी राजा से कम नही समझ रहा था आज अजय...

नीचे उतरकर जब वो बाहर जा रहा था तो उसने सोनी के फादर के रूम में झाँककर देखा...और उसे एक बड़े से बेड पर उसके पापा अपने पेट के बल सोते हुए दिखाई दिए...

पूरे नंगे....

और उनके उपर नंगी बैठी थी वो गिन्नी ...

जो तेल से उनकी मालिश कर रही थी..

क्या ऐश की जिंदगी जी रहा है ये इंसान...

अजय के पैरों की आहट शायद गिन्नी ने सुन ली थी...उसने मुड़कर अजय को देखा और जब दोनो की नज़रें मिली तो गिन्नी मुस्कुरा दी.

अजय भी उसे आँख मारता हुआ बाहर निकल गया.

रास्ते में उसने प्राची को फोन करके बोल दिया की वो फ्री हो चुका है..और घर आ रहा है.

पूजा को उसने फोन नही किया...क्योंकि उसको बताने के लिए उसने अभी तक कोई बहाना नही सोचा था.

पर इन सबके बीच वो अंजलि भाभी के बारे में बिल्कुल भूल चुका था..जिन्होने आज उसको घर पर इन्वाइट किया था..पर सोनी के चक्कर में उसने उन्हे इग्नोर कर दिया था..

और वो इस वक़्त अपने बिस्तर पर अकेली लेटी हुई करवटें बदल रही थी...

गुस्सा तो उसे बहुत आया था अजय पर लेकिन उसका बदला लेने का एक अच्छा सा प्लान बना चुकी थी वो.

दूसरी तरफ.

रात के दस बज चुके थे...और पूजा अपने कपड़े बदलकर अपने बिस्तर पर गुमसुम सी बैठी थी.

और उसके गुमसुम होने का कारण था अजय.

उसके प्यारे जीजू...

जो पिछले कुछ दिनों में उसके लिए सबसे ख़ास बन चुके थे.

और शाम से वो उनके फोन पर ट्राइ कर रही थी ..और उनसे बात ना हो पाने के कारण वो नये-2 प्यार में डूबी एक आशिक़ की तरह मायूस सी होकर बैठी हुई थी.

और अचानक रिया ने आकर उसके उपर छलांग लगा दी..और वो जोरों से डर कर चीख पड़ी..

रिया उसकी हालत देखकर ज़ोर से हँसने लगी.

और पूजा मुँह बनाती हुई रिया को मारने दौड़ पड़ी.

और उसे पकड़कर उसने बेड पर पटक दिया..और रिया के दोनों हाथ सिर से उपर की तरफ रखकर उसे नीचे लिटा कर उसके पेट पर बैठ गयी..

रिया अभी तक बेतहाशा हँसती जा रही थी...

रिया को ऐसे हंसते देखकर पूजा भी गुस्सा भूल गयी और वो भी मुस्कुराने लगी..

दोनो बहने मस्ती के मूड में आ चुकी थी,...

पूजा : "अब बोल रिया की बच्ची ...करेगी मेरे साथ ऐसा मज़ाक....बोल...''

वो झुककर उसके काफ़ी करीब आ चुकी थी...और इसी बीच अपने को छुड़वाने के लिए रिया ने अपनी गांड वाला हिस्सा हवा में उठा दिया..

पूजा को ऐसा लगा जैसे नीचे से कोई उसकी चूत में लंड डालने की कोशिश कर रहा है...क्योंकि दोनो की चूत इस वक़्त एक दूसरे बिलकुल ऊपर थी .

और अपनी चूत पर वो नमकीन सा दबाव महसूस करते ही उसकी चूत को पसीना आ गया...सेल्फ़ लुब्रीकेशन स्टार्ट हो गया अचानक उसमें से..और उसने भी रिया की लचीली कमर को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ा और उसे ऊपर से ऐसे धक्के मारने लगी जैसे वो उसकी चुदाई कर रही हो.

रिया जो अभी तक हंस रही थी, पूजा के ऐसे झटकों को समझकर वो भी हँसना भूल गयी और सीरियस सी होकर उसने अपनी बहन से पूछा : "दी....दीदी ....ये...ये ...क्या कर रहे हो.....ऐसा तो....ऐसा तो लड़का और लड़की करते है...''

पर पूजा ने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया...और अपने हाथ धीरे-2 उसने रिया की टी शर्ट में डाल दिए और ऊपर की तरफ खिसकाने शुरू कर दिए....

जैसे-2 पूजा की उंगलियाँ सरककर उपर की तरफ आ रही थी...वैसे-2 रिया के माथे पर पसीना बढ़ने लगा था...वो चाहकर भी उसके हाथों को रोक नहीं रही थी , आज से पहले उसने ऐसा कभी भी महसूस नही किया था...एक अजीब सा सेंसेशन हो रहा था उसे अपनी चूत पर...पूजा की घिसाई से...और अब उसकी उंगलियों की थिरकन से भी उसे गुदगुदी महसूस होने लगी थी..

उसने ब्रा नही पहनी हुई थी...और जल्द ही पूजा की दोनो हथेलियां उसके नन्हे उरोजों से आ टकराई और उसने बड़े ही प्यार से उसके नन्हे चूजों को अपने हाथों में भर लिया..

 


रिया की तो आँखे बंद हो गयी उस एहसास से जब पूजा ने होले से अपने हाथ के दबाव से उसकी ब्रेस्ट को दबाया..

''सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....आआआआहह....दीदी......ये क्या कर रहे ........उम्म्म्ममममममममम....''

वो शिकायत थी या प्रश्न ...ये तो नही पता चल सका...पर रिया के हाथों ने अगले ही पल उपर की तरफ आते हुए टी शर्ट के उपर से ही पूजा के हाथों को पकड़ लिया..पूजा को लगा की वो हटाने के लिए कह रही है...पर वो धीरे से बुदबुदाई..

''दीदी.....प्लीज़ .......ज़ोर से दबाओ ना......ऐसे....''

और उसने अपने हाथों से पूजा के हाथों को जोर से दबा दिया...और पूजा के हाथों के नीचे उसकी नन्ही टमाटरियाँ भी उस दबाव में आकर नीचुड़कर रह गयी.

पूजा तो भभक उठी उसके बाद....उसने रिया की ब्रेस्ट को इतनी बेदर्दी से दबाना शुरू कर दिया की उसपर लाल निशान बनते चले गये...पर वो रुकी नही..

रिया के नुकीले निप्पल भी पूजा के जालिम हाथों को रोकने में असमर्थ थे..भले ही वो काँटों की तरह उभरकर ब्रेस्ट की रक्षा कर रहे थे पर ऐसे काँटों से शायद इस वक़्त पूजा को कोई असर ही नही पड़ रहा था...वो तो उन काँटों को भी बीच-2 में ऐसे मसल रही थी जैसे उनमे से दूध निकलने वाला हो..

दूध तो नही निकला..पर उसकी हर उमेठन से रिया की सिसकारियाँ ज़रूर निकल रही थी.

अब तो साफ़ हो चुका था की आज की रात ये दोनो बहने अपनी सारी सीमाएँ लाँघने की तैयारी कर रही है..

पूजा तो अभी तक जैसे किसी नशे मे ये सब कर रही थी...ऐसा नशा जो उसके शरीर को अपने बस में करने में असमर्थ था...वो ये भी भूल चुकी थी की ये उसकी वही छोटी कज़िन है जिसे वो कुछ दिनों पहले तक रोज रात को नैतिकता का पाठ पढ़ाती थी...रिया तो अपनी जवानी के उस पड़ाव पर थी जहाँ उसे ऐसी बातों में मज़ा मिलता था जो सैक्स से जुड़ी हो...अपने घर से बाहर निकलकर और जवानी की दहलीज पर कदम रखने के बाद रिया में काफ़ी खुलापन आ चुका था..अपने जीजू की बातों ने उसे उस दिशा में सोचने पर और भी ज़्यादा मजबूर कर दिया था..पर पूजा की रोक टोक ने उसे अभी तक बाँध कर रखा हुआ था..

पर अब वही पूजा उसके साथ ये खेल खेलने में लगी हुई थी...जिसे सीखने के लिए वो कब से तड़प रही थी..

रिया के अंदर एक अजीब सी चाहत ने जन्म ले लिया था...सेक्स के बारे में वो दूसरों से कुछ ज़्यादा ही सोचने लगी थी..पर अपनी बहन के डर के मारे और शर्म की वजह से वो अपनी भावनाओं को बाहर नही आने देती थी..

पर अब उसे रोकने वाला कोई नही था.

जैसे ही पूजा के हाथों ने उसकी नन्ही ब्रेस्ट को छुआ...वो अपने हाथों के दबाव को उनपर डालकर और ज़ोर से दबाने की गुज़ारिश करने लगी पूजा से..

उसकी ब्रेस्ट ही उसके शरीर का सबसे सेंसेटिव हिस्सा थी..

इसलिए उसपर हाथ लगते ही वो भी अपनी सुधबुध खो बैठी और फिर शुरू हुआ उस छोटे से कमरे में दो बहनो के जिस्म के बीच उत्तेजना और सेक्स का वो सिलसिला जो शायद अब थमने वाला नही था.

रिया ने एक मादक सी अंगड़ाई लेते हुए अपनी टी शर्ट उतार कर दीवार पर दे मारी..

और उसकी साँवली और नन्ही छातियाँ देखकर पूजा के मुँह में पानी भर आया.

उसके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे...और उसके निप्पल के घेरे पर भी महीन से दाने उगे हुए थे..पूजा तो उसके निप्पलों की कारीगरी देखकर अचंभित रह गई...क्योंकि उसके दानों पर इतनी महीन कारीगरी नही की थी उपर वाले ने...वो बिल्कुल सादे से थे...पर उसकी ब्रेस्ट रिया के मुक़ाबले काफ़ी बड़ी थी..रिया की तो अभी -2 आनी शुरू हुई थी..पर एक बार जब ये भर जाएगी तो कयामत ढाएगी ये लड़की..

 
25

***********

अब आगे

***********

और ये तभी भरेंगी जब इनके उपर मेहनत की जाएगी...ये सोचते हुए पूजा का सिर उसकी छातियों पर झुकता चला गया..और अपने होंठ,दाँत और जीभ रूपी ओजरों से उसने रिया के बूब्स पर मेहनत करनी शुरू कर दी..

सबसे पहले अपनी गर्म जीभ से उसने रिया के निप्पल्स को छुआ....जो रिया के शरीर पर पहला स्पर्श था किसी का...ज़्यादातर लड़कियों के शरीर पर पहला स्पर्श किसी लड़के का होता है..पर लड़की के स्पर्श में भी कोई बुराई नही थी इस वक़्त...रिया ने एक तड़प भारी किलकारी मारते हुए अपनी दीदी के सिर को पकड़कर ज़ोर से दबा लिया अपनी छातियो पर...और चीख पड़ी वो..

''सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.......आआआआआअहह दीदी............. ...उफफफफफफफफफफफफ फफफ्फ़.........क्या फीलिंग है ......माय गॉड ..... आआआआआआआअहह........ज़ोर से सक्क करो ना....दीदी............प्लीईईईईस......काट लो इन्हे......जोरों से...............दांतो से..................आआआआआआहह उूुुुउउफ़फ्फ़ एसस्स ऐसे ही................. उम्म्म्ममममममममममममममममममममम आआआआआआआहह दीदी..........यार .....कहाँ थी आप ......पहले क्यों नही किया ये सब..................उम्म्म्मममममममममममममम.......''

रिया तो भाव विभोर सी हुई जा रही थी अपने शरीर को मिल रहे इतने उत्तेजक मज़े को महसूस करते हुए...उसे पता तो था की ऐसा ही कुछ होता होगा..पर अभी जो कुछ भी हो रहा था उसके साथ वो उसे शब्दों मे व्यक्त कर ही नही सकती थी...ऐसा मज़ा ...इतना आनद....उत्तेजना का इतना संचार...ऐसी तड़प...उसने आज तक सोचा भी नही था की सेक्स के खेल में इतना मज़ा आता है...

पूजा के सिर को कभी एक पर तो कभी दूसरी ब्रेस्ट पर वो लट्टू की तरह घुमा रही थी...उसकी लार से उसने अपनी छातियों की पुताई करवा ली...उसके लंबे और नुकीले निप्पल अपने पुर शबाब पर आ चुके थे...

वो बेड पर पड़ी हुई किसी मछली की तरह तड़प रही थी.

उसने अपनी नशीली आँखो से पूजा की तरफ देखा..और फिर अपने हाथ उपर करते हुए उसने पूजा की ब्रैस्ट को पकड़ लिया...

पूजा को तो ऐसा लगा जैसे उसके दिल की धड़कन रुक जाएगी..जब रिया ने उन्हे टी शर्ट के उपर से ही मसलना शुरू किया..

''उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उऊहह ...............आआआआआआअहह रिया..................उम्म्म्ममममममममम...... .एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स......''

और फिर धीरे-2 रिया ने उसकी टी शर्ट को उपर खिसकाना शुरू कर दिया...और अंत में आते-2 उसे उतार कर अपनी ही टी शर्ट के उपर फेंक दिया..पूजा ने तो ब्रा पहनी हुई थी...जिसे उसने खुद ही अपने हाथ पीछे करते हुए खोल दिया..

और जैसे ही उसके बूब्स रिया की नज़रों के सामने आए, अपने आप ही उसका मुँह उनकी तरफ खींचता चला गया..और उसने एक जोरदार झटके के साथ उसकी बड़ी सी ब्रेस्ट को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया..

किसी बच्चे की तरह वो उसके लम्बे निप्पल का दूध पीने लगी..

और अपनी नन्ही बहन को अपनी छाती से चिपका कर पूजा ने एक रस भरी सिसकारी मारकर उसे और अंदर घुसा लिया..

''आआआआआआआआआअहह ओह्ह्ह्ह माय बैबी .................. सकक्क मी......सक्क.....इट ......बैबी.....''

बैबी तो पहले से ही उत्तेजना के शिखर पर थी...अपनी बहन की दर्द भारी पुकार सुनकर वो और ज़ोर से उसके दानों को अपने पैने दांतो से कुतरने लगी...किसी चुहिया की तरह...और हर बार काटने पर पूजा के शरीर से एक अजीब सी तरंग उठ जाती..जिसे रिया सॉफ महसूस कर पा रही थी..

ये खेल दोनों के लिए नया था...आज से पहले उन्होने किसी लड़के या लड़की के साथ ऐसा कुछ भी नही किया था...पर सेक्स भी अजीब तरह का खेल है..इसे सीखना नही पड़ता, ये अपने आप आता चला जाता है..

और यही हो रहा था दोनो के साथ...रिया के साथ तो कुछ ज़्यादा ही...वो छुटकी कुछ ज़्यादा ही उछल रही थी इस खेल में ...

 


इसलिए जब अच्छी तरह से उसने पूजा की ब्रेस्ट का जूस पी लिया तो वो तुरंत खड़ी हुई और उसने अपनी केप्री भी उतार कर फेंक दी...और अब वो पूजा के सामने बेशर्मों की तरह पूरी तरह से नंगी होकर बैठी थी..

रिया की देखा देखी पूजा ने भी अपना पायज़ामा उतार दिया...और अब वो दोनो नंगी बैठी थी एक दूसरे के सामने..पर आगे क्या करना है ये किसी को नही मालूमा था..

पूजा की नंगी ब्रैस्ट देखने में काफी यम्मी लग रही थी , वो रिया के मुकाबले काफी बड़ी भी थी,इसलिए पूजा उनको हाथों में लेकर खुद ही दबाने लगी, और अपनी मोटी छातियों में और उभार ले आई

अपने अंतर्मन की आवाज़ सुनकर दोनो ने एक दूसरे की ब्रेस्ट को अच्छी तरह से चूस डाला था..पर अब क्या करे ,शायद यही सोचे जा रही थी वो दोनो...

रिया को याद आया की उसने एक मोबाइल क्लिप में देखा था, की लड़का अपनी जी एफ की चूत को भी चूसता है..उस वक़्त तो रिया ने यही सोचा था की कैसे कोई ऐसा कर पाता होगा..क्योंकि वो तो गंदी जगह होती है...मूत निकालने के लिए ... पीरियड्स में तो कितना गंद फेला होता है वहां पर...फिर भला कोई कैसे चूस सकता है उस जगह को..

पर अब उत्तेजना के नशे में उसे सिर्फ़ वही याद आ रहा था की कैसे वो लड़की,जिसकी चूत चूसी जा रही थी, ज़ोर-2 से चीखकर मज़े ले रही थी..

बस,रिया ने भी वही ठान लिया..

उसने धीरे से धक्का देकर पूजा को बेड पर लिटा दिया..

पहले तो अपनी उँगलियों को पूजा की चूत में डालकर रिया ने अंदर के टेंप्रेचर और चिकनाई का अंदाजा लिया

और फिर धीरे -२ नीचे झुककर वो अपना चेहरा चूत के करीब ले गयी

पूजा का शरीर भी काँप उठा,ये सोचकर की उसके साथ क्या होने वाला है अब...उसके होंठ थरथरा कर रह गये, पर उनमे से ना नही निकल पाया...और उसने अपने आप को अपनी छोटी बहन के सुपुर्द करते हुए अपनी आँखे बंद कर ली.

और फिर रिया नीचे झुकी और उसने अपने होंठों से उसकी गुलाब जैसी चूत की फेली हुई पंखुड़ियों को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया..

पहला नीवाला मुँह में लेते ही उसका स्वाद पता चल गया रिया को...जो उसे काफ़ी मजेदार लगा..

और पूजा तो बिफर गयी अपनी चूत की चुसाई से...

''ऊऊऊऊऊऊऊहह रिया.............मेरी ज़ाआाआन्न................सस्स्स्स्स्स्सस्स..... ये क्या कर दिया............आआआआहह .....बहुत मज़ा आ रहा है ............उम्म्म्ममममममममम..... एसस्स्स्स्सस्स...... अहह.....''

और फिर तो वो बावली कुतिया की तरह उसकी चूत के उपर लगे अखरोट के दाने पर और संतरे की फाँक जैसी चूत को खाने में लग गयी...

अपनी लंबी और गर्म जीभ को उसने अंदर भी धकेला..उसकी मलाई को चाटा ...चूसा...और अंत में पी गयी.

ऐसा स्वाद लगा उसे उसकी चूत का की वो उसे तब तक चूसती रही जब तक पूजा झड़ने के करीब नही पहुँच गयी..

और पूजा को तो अपनी चूत चुस्वाते हुए अपने जीजू ही याद आ र्हे थे..और याद आ रहा था उस रात पार्क का द्रिश्य...

और उसी सीन को याद करते हुए पूजा को ऐसा फील हुआ की इस वक़्त रिया नही बल्कि उसके जीजू उसकी चूत को चूस रहे हैं..

और झड़ने के करीब तो वो वैसे ही थी...इसलिए जैसे ही उसकी चूत से ताज़ा नारियल पानी निकल कर रिया के मुँह में गया...उसने उसके बालों को पकड़ कर अपनी कुँवारी चूत पर घिस डाला और ज़ोर से चिल्लाई....

''आआआआआआअहह.................ओह..... जीजू.................... सकककककक मिईीईईईई.......''

भावनाओ में बहकर उसके मुँह से जीजू निकल तो गया...पर अगले ही पल वो यथार्थ के धरातल पर आ गयी...और उसने डरते-2 रिया की तरफ देखा..

पर शायद उसने सुना नही था....क्योंकि वो बड़े ही प्यार से उसकी चूत में से बूँद-2 करके निकल रहा रस अपनी जीभ में समेट कर अंदर लेने में लगी हुई थी..

और जब पूरी तरह से उसकी चूत के रस को उसने पी लिया तो अपना मुँह सॉफ करते हुए वो मुस्कुराती हुई उपर आई...

और अपनी बहन के गले से लगकर ज़ोर से उसे हॅग किया.

और धीरे से उसके कान में बोली

''अक्चा....तो जीजू के उपर नज़र है आपकी....आप तो बड़े चालू निकले दीदी....''

उसकी ये बात सुनकर पूजा का शरीर सुन्न होता चला गया..

पर रिया के होंठों पर अलग ही तरह की मुस्कान आ चुकी थी अब.

जिसे देखकर पूजा समझ नही पा रही थी की उसके दिमाग़ में आख़िर चल क्या रहा है..

पर उसके बाद जो हुआ, उसे देखकर तो पूजा के भी होश उड़ गये..उसने तो सोचा भी नही था की इस चुहिया के दिमाग़ में इतना गंद भरा पड़ा है.

 
26

***********

अब आगे

***********

पूजा से कुछ बोलते नही बन रहा था...रंगे हाथो पकड़ी गयी थी वो .

जिस रिया को वो अपने ठरकी जीजू से दूर रहने की सलाह दिया करती थी, उसके सामने ही उसके और जीजू के बीच का परदा उठ गया...अब उसे उस हद तक तो नही मालूम था पर जिस अंदाज में वो पकड़ी गयी थी..यानी अपनी चूत को चुसवाते हुए और झड़ते हुए जिस अंदाज में उसने अपने जीजू को पुकारा था, उसे देखकर तो कोई बेवकूफ़ भी बता देगा की पूजा के मन में उसके ठरकी जीजू के लिए क्या चल रहा है.

पूजा ने अपना चेहरा नीचे कर लिया.

रिया : "ओहो दीदी...आप प्लीज़ ऐसे एम्बेरेस मत होवो ...इनफेक्ट मुझे तो इस बात की खुशी है की आप जीजू को उस नज़र से देखते हो,जिस नज़र से उन्हे मैं देखकर अपने अरमानो को दबाया करती थी..''

रिया के मुँह से सीधी बात सुनकर पूजा भी चोंक गयी...पर उसने कुछ ज़्यादा रिएक्ट नही किया..आख़िर रिया की भी क्या ग़लती है इसमे...एक तो उनके जीजू इतने चार्मिंग है और उपर से अपने ठरकीपन की वजह से वो अपनी तरफ से ही कुछ ना कुछ ऐसा करते रहते है की सामने वाला उनके जाल में फँस ही जाए..ऐसे में रिया को किसी भी बात का दोष देना सही नही था.

रिया : "देखो दीदी...आज जो कुछ भी हमने एक दूसरे के साथ किया है..वो सिर्फ़ एक हद तक ही कर सकते है...असली मज़े के लिए तो हमे किसी मर्द की ज़रूरत पड़ेगी ना..और जीजू के होते हुए हम किसी दूसरे मर्द के बारे में क्यो सोचे...ठीक है ना...''

रिया अपने हिसाब से तर्क दे रही थी...जो अभी के लिए पूजा को भी सही लग रहा था..

रिया : "ओफफो....अब छोड़ो भी ये सब....इस मूमेंट का मज़ा लो बस...आपने तो मज़ा ले लिया...अब मेरी बारी है...''

इतना कहकर रिया ने एक झटके से पूजा को अपने उपर खींचा और उसके होंठों पर टूर पड़ी...शायद जीजू का ज़िक्र आने के बाद उसमे एक नयी उर्जा का संचार हो चुका था..कुछ नयी पॉसिबिलिटीस दिख रही थी उसे अब इस खेल में .

वो अपनी नन्ही मगर गोल मटोल गांड को अपनी बहन की तरफ करके बोली : "अब आप बनॉगे मेरे लिए....जीजू...और वो सब करोगे जो आप मुझे जीजू समझकर करवा रहे थे...''

पूजा का तो दिमाग़ ठनक गया ये सुनकर...अब परदा तो उठ ही चुका था उनके बीच से...इसलिए रिया सारे मज़े खुलकर लेना चाहती थी...जिस तरह पूजा ने अपने जीजू को इमेजीन करते हुए रिया से अपनी चूत चुस्वाई थी और बाकी के सारे काम करवाए थे,वही सब अब वो उससे करवाना चाहती थी..

रिया काफ़ी उत्तेजना में भर चुकी थी...वो अपने हाथ को पीछे लेजाकर अपनी गांड के नीचे नज़र आ रही संतरों की फांको को ज़ोर से मसलने लगी...और ज़ोर से चिल्लाई : "अब और कितनी बार बोलना पड़ेगा आपको....जीजू....आओ ना प्लीईईईईस.....और सक्क करो मुझे....यहाँ से....''

वो अपनी पतली उंगलियों को पाव रोटी जैसी चूत के अंदर घुमाते हुए बुदबुदाई..

पूजा के सामने अब कोई चारा बचा ही नही था...उसने उसकी दोनो टाँगो को फेलाया और अपनी जीभ निकाल कर उसका मक्खन निकालने में लग गयी.

दोनो जांघों को उसने दोनो दिशाओं में फेलाकर अपनी नुकीली जीभ से अंदर का अनारदाना कुरेदना शुरू कर दिया.

रिया ने अपनी बहन के सिर को अपने हाथों से पकड़कर अपनी चूत पर ज़ोर से दबा लिया..और ज़ोर से चिल्लाई

''ऊऊऊऊऊऊऊहह जीजू...............मेरे प्यारे जीजू......आआआआआआआहह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..... ऐसे ही चूसो....अपनी साली की चूत को................आआआआआआअहह''

पूजा की तो हँसी निकल गयी उसकी बात सुनकर....पर रिया पर तो कोई फ़र्क ही नही पड़ रहा था...वो तो बस अपनी आँखे बंद किए हुए अपने जीजू को इमेजीन कर रही थी..

ठीक वैसे ही जैसे कुछ देर पहले तक पूजा कर रही थी.

 
Back
Top