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ठरकी दामाद complete

जिस घड़ी का उसे बेसब्री से इंतजार था वो बस आने ही वाली थी...

वो आकर अपनी चेयर पर बैठा और फिर से बियर पीने लगा, करीब 5 मिनट बाद उसके मोबाइल पर पूजा की कॉल आ गयी.वो पास की ही मार्केट में बने एक रेस्टोरेंट में बैठ कर कुछ स्नेक्स खा रहे थे..

पूजा : "जीजू....मुझसे तो अब ये आधा घंटा भी बर्दाश्त नही हो रहा....''

अजय मुस्कुरा दिया और बोला : "तो सीधा यहीं आ जाती ना....ऐसे जाने की ज़रूरत क्या थी...''

पूजा : "यही तो आपका प्लान था जीजू...और अच्छा हुआ हमने ऐसा प्लान बनाया, क्योंकि जब तक मैं और रिया यहाँ से निकल नही गये,मम्मी और प्राची दीदी बाल्कनी पर ही खड़े होकर हमें देख रहे थे...मुझे तो बड़ा अजीब सा लग रहा था की वो ऐसे क्यो देख रहे है...कही उन्हे शक़ तो नही हो गया...और उपर से रिया की बच्ची ने भी नीचे आने मे इतना टाइम लगा दिया...''

ये बात सुनकर उसकी बगल में बैठी रिया खिलखिलाकर हंस दी....

पूजा : "और जब ये नीचे आई तो मैं तो इसके लाल चेहरे को देखकर ही समझ गयी थी की आपने इसे ऐसे ही नही आने दिया होगा...''

अब अजय बोला : "तो क्या करता मैं ....जैसे तुमसे ये टाइम नही कट रहा,मेरा भी तो यही हाल है...सुबह से एक -2 मिनट काटना मुश्किल हो रहा है...बस अब तो तुम आ जाओ...फिर देखना...''

अजय अपने लंड को सहला कर उसे ये बात बोल रहा था...और अजय की ये बात सुनकर पूजा की साँसे भी तेज हो उठी...वो हकलाती हुई सी आवाज़ मे बोली : "क...क्या...क्या करोगे आज मेरे साथ....''

अजय ने अपनी केप्री घुटनो से नीचे खिसका दी...और अपना लंड बाहर निकाल कर उपर से नीचे तक रगड़ डाला.. और बोला : "तुम आओ तो सही...ऐसे फोन पर बताने का क्या फायदा ...और वैसे भी तुम्हारी सब बाते वो रिया भी तो सुन रही होगी ना...''

पूजा : "नही....मुझे अभी सुनना है....प्लीज़ बताओ ना....और इसकी तो फ़िक्र छोड़ ही दो आप....इसके होने या ना होने से अब मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता...''

अजय समझ गया की उन दोनों बहनो के बीच की सब दीवारे अब गिर चुकी है...इसलिए पूजा ऐसा बोल रही है...और पूजा अपनी होने वाली चुदाई की बाते सुनने के लिए जब खुद ही इतनी लालायित हो रही थी तो वो कौन था जो ऐसे चुपचाप बैठता...वैसे भी अगले 20 मिनट तो उन्हे टाइम पास करना ही था ना...

अजय : "चलो , जब तुम नही मानती तो मैं कौन होता हूँ ...लेकिन मेरी भी एक शर्त है...मैं आज के बाद तुम्हे जो भी कहूँगा,तुम बिना किसी आर्गुमेंट के वो बात मान लिया करोगी...और ये शर्त अभी से लागू होगी...''

पूजा को भला इसमे क्या आपत्ति हो सकती थी...उसने अपने जीजू की ये बात झट से मान ली..

अजय : "अच्छा , पहले बताओ...इस वक़्त मेरे हाथ में क्या है...''

पूजा : "आपके हाथ में ....ये मुझे कैसे पता...शायद.....बियर का ग्लास....''

उसे रिया ने बता दिया था की जीजू उपर बैठकर बियर पी रहे है...और ये भी बताया था की उनके बियर से भीगे होंठों को किस्स करके बड़ा मज़ा आया...उसे बियर की महक भी बहुत पसंद आई..

"नही....कुछ और है...जिसके लिए तुम मेरे पास आ रही हो...'' अजय अपने लंड पर हाथ फेरता हुआ बड़ी शान से बोला...

अब तो पूजा एक झटके में समझ गयी....और शरमाते हुए बोली : "ओहोओओओओ....अच्छा ....तो आप उसकी बात कर रहे है...ही ही...आप उसे इस वक़्त हाथ में लेकर बैठे हो...''

अजय : "हाँ ....अब समझ गयी ना...तो बताओ....क्या है ये...''

पूजा की हालत खराब हो रही थी...

एक भीड़भाड़ वाले रेस्टोरेंट में बैठकर उसकी चूत के पसीने निकल गये अपने जीजू की ये बात सुनकर..

और सामने बैठी रिया तो उसके चेहरे को देखकर यही समझने की कोशिश कर रही थी की दोनो के बीच क्या बात हो रही है..

पूजा : "नई जीजू....मैं नही जानती....मुझे शर्म आती है...''

अजय : "अभी तुमने कहा ना की मेरी किसी भी बात के लिए मना नही करोगी...बोलो....क्या नाम है इसका...''

पूजा भी समझ गयी की अजय ने उसे अपने खेल मे फँसा लिया है...इसलिए अब उसके मुताबिक ही बेशर्म बनकर ये खेल उसे खेलना होगा...और ऐसा करते हुए उसके बदन मे अजीब सी तरंगे उठ रही थी...वो कांपती हुई सी आवाज़ में बोली : "ल..ल....लंड ....''

लंड पूजा ने बोला,लेकिंग मुँह रिया का खुला रह गया...अब तो रिया का सारा ध्यान उनकी बातों पर ही लग गया..

अजय : "शाबाश.....अब ये सोचो...की ये तुम्हारे बिल्कुल सामने है....लेकिन एकदम मुरझाया हुआ सा....सोया हुआ सा....और तुम्हे इसे खड़ा करना है...समझी....बोलो....कैसे करोगी ये...''

पूजा की तो आँखे बंद हो गयी ये सुनकर ....और उसकी नज़रों में अजय का लंड दिखाई देने लग गया...वो उसके सामने बैठी हुई अपनी उंगलियो से उसे सहला रही थी...

पूजा : "मैं .....इसको....अपने मुँह में ...मुँह में लेकर....प्यार करूँगी....''

अजय : "ओह...पूजा.....तुम्हे तो अभी बहुत कुछ सीखना पड़ेगा मेरी जान....''

पूजा : "क्यो ....मैने कुछ ग़लत कहा क्या....??''

अजय : "और नही तो क्या....तुम्हे बोलना चाहिए था की मैं आपके लंड को अपने मुँह में लेकर ऐसे चूसूंगी की ये एक मिनट में खड़ा होकर मेरी चुदाई के लिए तैयार हो जाएगा....''

पूजा ये बात सुनकर शरमा गयी....और बोली : "इस्श्ह्ह्ह्ह्ह्ssssssssss .....जीजू...आप भी ना....कितने गंदे हो....''

अजय : "लंड वाले हमेशा गंदे ही होते है...''

पूजा उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दी..

अजय : "अच्छा ..अब बोलो ना....''

पूजा ने देखा की उसके सामने बैठी रिया कान लगाकर उनकी बाते सुन रही है...वो शरमाते हुए बोली : "नही जीजू.... ऐसे नही....ये मैं आपको करके दिखौँउंगी ...''

अजय भी समझ गया की ऐसे ज़बरदस्ती करना भी ठीक नही है....वैसे भी ये अभी तक चुदी नही है...एक बार चुद जाए तो ये रही सही शर्म भी ख़त्म ही जाएगी.. इसलिए उसने बात बदल दी...और कुछ और बाते करने लगा... लेकिन वो अब भी सेक्स से जुड़ी बाते ही कर रहा था...ताकि पूजा की चूत की गर्मी बनी रहे..

और ऐसे करते-2 करीब 20 मिनट बीत गये....अजय ने उसे वहां से निकलने के लिए कहा...क्योंकि 10 मिनट तो उन्हे वापिस आने में भी लगते...अब करीब 10 बजने वाले थे...पूरे मोहल्ले में अंधेरा था...सब लोग अपने-2 घरों में सो रहे थे या सोने की तैयारी कर रहे थे..ऐसे में पूजा और रिया को वापिस आने में कोई मुश्किल नही होनी थी.

वो दोनो चुपचाप चलती हुई आई और जल्दी से अजय के घर की सीडिया चड गयी...उनका प्लान काम कर गया था..किसी ने भी उन्हे अंदर जाते हुए नही देखा था.

अजय ने तो पहले से ही दरवाजा खोल कर रखा हुआ था...वो दोनो जब अंदर आई तो अजय ने दरवाजा बंद कर दिया...और जैसे ही वो पलटा,पूजा उससे पागलो की तरह लिपट गयी...और उसे बुरी तरहा से चूमने लगी.

उनके पीछे खड़ी रिया तो ऐसे उत्तेजित सीन को देखकर वहीँ जम कर रह गयी...

आज की रात इस घर में एक तूफान आने वाला था.

 
39

**********

अब आगे

**********

पूजा अपने मुँह से अजीब-2 सी आवाज़ें निकाल रही थी...और अजय को अपने होंठों के ज़रिए पिये जा रही थी.

रिया ने दरवाजा बंद कर दिया.

अजय ने इतनी ज़ोर वाली सकिंग पावर आज तक महसूस नही की थी...उसने भी अपने आप को पूजा के हवाले छोड़ दिया..और आराम से खड़ा होकर उसकी स्मूच का लुत्फ़ उठाने लगा.

उसकी आँखे खुली हुई थी और वो पीछे खड़ी रिया को बिल्कुल करीब से देख पा रहा था...उसने अपनी बाहें पूजा के चारों तरफ लपेट दी और पूजा को उतनी ही तेज़ी से चूमने लगा जितनी ज़ोर से वो चूम रही थी.

रिया उन्हे किस्स्स करते हुए देखकर यही सोच रही थी की ना जाने किस जन्म का बदला ले रहे है एक दूसरे से जो इतनी ज़ोर से चूम रहे है...

अजय ने अपना हाथ पीछे की तरफ बढ़ाकर रिया के बूब्स पर रख दिया...और इस तरह से पूजा के साथ-2 रिया को भी अपने लपेटे में ले लिया अजय ने...रिया तो अपने जीजू के सख़्त हाथों को अपनी कोमल और नन्ही छाती पर महसूस करते ही रीरिया उठी...और अपने होंठों को दांतो तले दबाकर अंदर ही अंदर सिसक पड़ी..

कुछ देर तक चूमने के बाद पूजा को जैसे होश आया...उसने आँखे खोली और अजय को अंदर की तरफ चलने को कहा..

पूजा की आँखे खुलते ही अजय ने तुरंत रिया के बूब्स छोड़ दिए...रिया को तो मज़ा आना शुरू ही हुआ था की अजय ने हाथ झटक लिए..उसे बहुत बुरा लगा..पर वो कर भी क्या सकती थी...आज उसका दिन नही था...इसलिए ऐसे में उसे आज जो भी मिल रहा था उसके लिए वही बहुत था..

अजय भी जानता था की पूजा को अच्छा प्यार देने की खातिर आज उसे रिया से दूर ही रहना होगा...और शायद पूजा अपनी बहन रिया को दूसरे कमरे में जाने के लिए कहे..

लेकिन पूजा के दिमाग़ में कुछ और ही था.

अजय का हाथ पकड़कर पूजा उसे बेडरूम में ले गयी...उसी बेडरूम में जहाँ उसकी बहन ने अपना कौमार्य खोया था...और तब से ना जाने कितनी रातें अपने पति से चुदती चली आई थी...उसी बेडरूम में अब पूजा अपना कुँवारापन लुटाने के लिए पहुँच चुकी थी.

पूजा ने अजय और रिया को देखा और बोली : "जीजू....मैने कुछ सोचा है...आई होप आपको बुरा नही लगेगा...''

अजय उसकी तरफ देखने लगा...की ऐसा क्या चल रहा है इसके दिमाग़ में ...

पूजा : "मैने....मैने और रिया ने सोचा है की.....ये सब करते हुए....ये...ये भी इसी कमरे में रहे...''

अजय की तो बाँछे खिल उठी...यानी आज की रात डबल मज़ा आने वाला था उसे...वैसे तो उसने खुद ही रिया को किसी और दिन के लिए रख छोड़ा था...लेकिन जब सामने से ही ऐसा ऑफर आए तो वो कौन होता है मना करने वाला...

लेकिन जैसा वो सोच रहा था,वैसा बिल्कुल नही था...क्योंकि अगले ही पल पूजा ने उसके अरमानॉ पर पानी फेर दिया.

पूजा : "मैने डिसायीद किया है की...ये इसी कमरे में बैठकर...सब देख लेगी...जो शायद इसके लिए भी काम आएगा...कुछ सीख सकेगी ये सब देखकर ..लेकिन सिर्फ देखेगी , हमारे बीच में पड़कर कुछ करेगी नहीं ''

अजय का तो सिर घूम गया....ऐसे मौके पर आकर ये क्या सूझा पूजा को....वैसे तो आज रिया का यहाँ होने का कोई मतलब ही नही था...लेकिन जब वो आ ही गयी है तो उसे दूसरे कमरे में भी तो बिठाया जा सकता है...और अगर वो इसी कमरे में रहना चाहती है तो सिर्फ़ एक दर्शक बनकर ना रहे ना...

लेकिन इन सब सवालो को अजय ने मन में ही रखा...क्योंकि ऐसे मौके पर किसी भी तरह की बहस करके वो अपना और पूजा का मूड खराब नही करना चाहता था...और वो जानता था की ऐसे नाज़ुक मौके पर अच्छे मूड का होना कितना जरुरी है...

उसने हाँ कर दी.

उसकी हाँ सुनते ही पूजा उसके गले से लिपट कर उसे चूमने लगी...रिया के चेहरे पर भी हँसी आ गयी.

पूजा को चूमते-2 अजय के हाथ उसके बूब्स पर चले गये...पूजा को हमेशा से ही अपने बूब्स पर हाथ लगने के बाद गुदगुदी सी महसूस होती थी...उसने अजय के हाथ वहां से हटाना चाहा पर वो तो शैतान जीजू की तरह अपनी साली की कमज़ोरी जानने के बाद उसके पीछे ही पड़ गया...और अपना मुँह नीचे करते हुए उसने टी शर्ट के उपर से ही उसके उभरे हुए निप्पल को अपने दांतो में दबोच लिया और ज़ोर से काट लिया.

''आआआआआआआआआआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....जिजुउुुुउउssssssssss .....''

एक साथ दो सिसकारिया गूँजी थी....पूजा के साथ-2 रिया भी कसमसा उठी थी.

दोनो ने एकदम से अपनी किस्स तोड़कर रिया की तरफ देखा तो वो थोड़ा डर सी गयी...की कहीं उसे कमरे से बाहर जाने के लिए ना बोल दे...वो चुपचाप जाकर कोने में पड़ी चेयर पर जाकर बैठ गयी.

पूजा और अजय मुस्कुरा दिए और एक बार फिर से अपने काम पर लग गये.पूजा उसे चूमने में और अजय उसके बूब्स को दबोचने में ..

अब पूजा अपने जंगली रूप में आने लगी थी...अजय जिस अंदाज से उसके बटन्स को छेड़ रहा था,पूजा अपनी उत्तेजना की सीमा के करीब पहुँचती जा रही थी.

अजय ने अपनी टी शर्ट उतार दी और अपना कसरती बदन पूजा को दिखाया.

जवाब ने पूजा ने भी उतनी ही बेशर्मी से अपनी टी शर्ट को उतार फेंका...अजय ने उसकी टी शर्ट उतारने में मदद की और उतारने के बाद उसे हवा में उछाल दिया .... अब वो सिर्फ़ ब्रा और जींस में खड़ी थी.

ऐसा लाजवाब हुस्न देखकर अजय का लंड उसके शॉर्ट्स में खड़ा हो गया....जिसे आगे बढ़कर पूजा ने अपने हाथो में पकड़ा और ज़ोर से दबा दिया...अजय ने अपना हाथ उसकी कमर पर लेजाकर उसकी ब्रा के हुक्स खोल दिए और अपनी आँखो का इशारा करके उसे नीचे जाने को कहा...

पूजा ने अपने हाथ उसकी शॉर्ट्स पर रखे और अजय ने उसकी ब्रा पर..और जैसे ही पूजा नीचे बैठी, उसकी ब्रा अजय के हाथ में रह गयी...और नीचे बैठते-2 अजय की शॉर्ट्स पूजा ने नीचे कर दी..इस तरह से दोनो एक ही साथ नंगे हो गये..

 
अजय का लंड पूजा के चेहरे से किसी डंडे की तरह टकराया..जिसे पकड़कर उसने बड़े प्यार से देखा लेकिन जैसे ही वो उसे चूसने के लिए आगे हुई, अजय ने उसे रोक दिया, बेचारी के मुंह का पानी अंदर ही रह गया..

अजय : "ऐसे नहीं ... पहले रिक्वेस्ट करो, इसे चूसने की परमिशन मांगो ''.

पूजा भी अजय की ये बात सुनकर सोचने लगी की ये क्या हो गया है जीजू को, ऐसे मौके पर आकर ये कैसी हरकत कर रहे है, जब वो चूसने के लिए तैयार है ही तो इस तरह की मिन्नतें करवाकर उन्हें क्या मिलेगा.

पर वो बेचारी नहीं जानती थी की आज की रात के लिए अजय ने क्या-२ सोच कर रखा हुआ था, और ये भी उसी सोच का हिस्सा था, अजय जानता था की ये पूजा की पहली चुदाई है, इसलिए उसकी चुदाई की हर मूमेंट को वो यादगार बना देना चाहता था, ताकि वो उसे उम्र भर याद रखे, इसलिए कदम-२ पर उसने इस तरह के छोटे-२ खेल सोच कर रखे हुए थे.

पूजा ने भी बहस करना सही नहीं समझी , वो उसके मोटे लंड को देखते हुए प्यार भरे स्वर में बोली : "प्लीज , लेट मी सक इट, चूसने दो मुझे ''

अजय (मुस्कुराते हुए) : "यस, सक्क इट , चूसो इसे, मेरे लंड को,मेरी बॉल्स को, चाटो , खा जाओ इन्हे ....."

पूजा ने महसूस किया की ये सब सुनकर उसके शरीर में अजीब-२ सी तरंगे उठने लगी है, वो पहले से ज्यादा उत्तेजित महसूस करने लगी, अजय के लंड को चूसने की अभिलाषा और जोर से उभरने लगी, अब वो समझ गयी थी की जीजू ने ये सब किसलिए किया , वो मन ही मन उन्हें थेंक्स बोलते हुए आगे बड़ी और टूट पड़ी अजय की टांगो के बीच ...

कुछ देर तक उसकी बॉल्स को अच्छी तरह चूसने के बाद एक ही बार में उसके मोटे लंड को अपने मुँह के अंदर निगल गयी.

पूजा ने इस पल का ना जाने कितने दिनों से इंतजार किया था...जब से अजय ने ये प्रोग्राम बनाया था,पूजा के दिमाग़ में बस यही चल रहा था की जब जीजू मिलेंगे तो कैसे चुसेगी...कैसे मसलेगी उनके लंड को.

क्योंकि एक बात तो वो समझ ही चुकी थी की उसके जीजू को लंड चुसवाना बहुत पसंद है.

अब इस पगली को कौन समझाए की ये काम तो हर मर्द की पहली पसंद है.

पूजा ने पिछले 2 दिनों से इकट्ठी की हुई लार को चाशनी की तरह अपने जीजू के लंड पर लपेट कर उसे नहला दिया और ज़ोर -2 से अजय का मीठा लंड चूसने लगी.

ये सब देखकर रिया का क्या हाल हो रहा था ये बताने की ज़रूरत नही थी.

वो तो अपनी चूत को अपनी जाँघो के बीच दबाकर अपनी संतरे की फांको को आपस में बुरी तरह से मसल रही थी.. और साथ ही साथ अपनी उंगली खुद ही चूस्कर अपने दिल को तसल्ली दे रही थी की वो भी किस्स कर रही है...और दूसरे हाथ से अपनी छातियों को लाल करने में लगी हुई थी.

अजय तो नीचे मुँह करके पूजा की झूल रही छातियाँ देखकर पागल हुए जा रहा था...उसकी इन्ही तनी हुई कुँवारी छातियो ने ही उसकी तरफ आकर्षित किया था उसे हमेशा से...और अब वही छातियाँ उसके सामने थी...और वो भी पूरी नंगी.

अजय के मुँह मे पानी भर आया...और उसे मालूम था की इस पानी को कहाँ उड़ेलना है...उसने पूजा की बगल में हाथ डालकर उसे किसी बच्चे की तरह उठाकर बेड पर पटक दिया और उसके मुम्मो पर टूट पड़ा...ऐसा लग रहा था जैसे वो दो मीठे स्पॉंज केक खा रहा था जिनपर लगी चेरी को वो मुँह में लेजाकर चुभलाता और अपने दांतो से उसे उखाड़ने की कोशिश भी करता.

पूजा के दोनो हाथो को उसने बेड पर दबोच रखा था..ताकि वो उसे रोक ना पाए...बेचारी उसके नीचे दबकर सिर्फ़ छटपटाने के अलावा कुछ नही कर पा रही थी.उसके अंदर उठ रही तरंगे उसके जिस्म को उपर की तरफ उचका रही थी..और वो अपने कूल्हे उठाकर अपनी भीनभिनाती चूत को अजय के खड़े हुए लंड से टच करवाने की नाकाम कोशिश कर रही थी.

लेकिन अजय बड़ी ही चालाकी से अपने लंड को उसकी चूत से दूर रखकर उसकी बेकरारी को बड़ा रहा था.

अजय उसके बूब्स को चूसता - 2 नीचे की तरफ बढ़ने लगा...उसकी नाभि पर पहुँचकर उसने अपनी जीभ उसके अंदर डाल दी...और उसकी नाभि को अपनी जीभ से चोदने लगा..

ये देखकर दूर बैठी रिया ने भी अपनी टी शर्ट उठाकर अपनी नाभि की गहराई देखी की क्या वो भी जीभ से चोदने लायक है या नही...वो उतनी गहरी नही थी जितनी पूजा की थी...कारण था पूजा का गदराया हुआ जिस्म, जिसकी वजह से उसकी नाभि उसके पेट में थोड़ा अंदर जा धँसी थी...और इस वक़्त अजय उसी नाभि को अच्छी तरह से चाटकर उसे पूरी तरह से उत्तेजित कर रहा था.

थोड़ी देर बाद उसने फिर से दक्षिण का रुख़ किया और उसकी जीभ की जीप पूजा की चूत के द्वार पर जाकर रुक गयी...

अजय ने उपर मुँह करके उसके चेहरे को देखा...वो साँस रोके उसके अगले कदम की प्रतीक्षा कर रही थी.

अजय ने उसकी जीन्स के बटन खोले और उसकी पेंटी समेत उसे नीचे की तरफ खींच दिया..

जैसे-2 उसकी पेंट उतरती गयी,उसकी कमाल की चूत उभरकर अजय के सामने आती चली गयी.

कमाल की इसलिए की एक तो वो कुँवारी थी...और उपर से उसकी जिस अंदाज में ट्रिमिंग की गयी थी,उसे देखकर अजय अचंभित रह गया..चूत के चारों तरफ हल्के-2 बाल छोड़कर एक डिज़ाइन सा बना दिया गया था..और बाकी हर जगह से वो एकदम सफाचट थी...और ये सब इतने महीन तरीके से किया गया था की वो खुद तो ये कर ही नही सकती थी..अजय समझ गया की उसकी चूत की कलाकारी में रिया का हाथ है.

उसने रिया की तरफ देखा तो वो अपनी चूत मसलते हुए अजय को देखकर मुस्कुरा उठी...और अपने बूब्स को प्रेस करके एक सिसकारी भी मारी...अजय समझ गया की पूजा की चूत के बाल इसी चुहिया ने कुतरे है..

अब अजय के सामने एकदम रसीली और जूस से भरी हुई चूत पड़ी थी...उसने अपनी जीभ को तैयार किया और टूट पड़ा उसकी चूत की नदी में .

सेलाब तो कब से उमड़ रहा था उसकी चूत में ....अब अजय की जीभ ने चप्पू चलाकर उस नदी में सैलाब लेकर आना था....और वो ये काम करना बेख़ुबी जानता था.
 
ठरकी की लाइफ में ..40

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अब आगे

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लेकिन पूजा की चूत का स्वाद बड़ा अजीब सा था....थोड़ा खट्टापन लिए हुए...चूत का ऐसा स्वाद भी होता है, ये उसे आज ही पता चला था...आज से पहले तो उसने हमेशा मीठी चूत ही चूसी थी...अपनी बीबी प्राची की...उसकी तुलना में ये छोटी बहन की चूत बिल्कुल विपरीत सी थी...खट्टापन लिए हुए..

उसे ऐसे रुकता हुआ देखकर दूर बैठी हुई रिया बोल पड़ी : "थोड़ी खट्टी सी है ना ये...है ना जीजू....''

अजय ने मुस्कुराते हुए उसकी तरफ देखा और हाँ में सिर हिला दिया...अजय समझ चुका था की रिया ने उसकी चूत का स्वाद चख रखा है...तभी वो इतने कॉन्फिडेंस से बोल रही है ये बात...

रिया एकदम से उठकर उनके करीब आ गयी और बोली : "मैने भी दीदी को कई बार ये बात बोली है...मुझे भी इसके टेस्ट में थोड़ा बहुत खट्तापन महसूस हुआ था...और वो इसलिए की इन्हे ऐसी ही खट्टी चीज़े खाने का काफ़ी शॉंक है...जैसे गोलगप्पे...चाट पापड़ी...संतरे...नींबू...अचार...ये सब बहुत खाती है...''

पूजा ने बुरा सा मुँह बनाकर रिया को डांटा : "अब तू ऐसे मौके पर ये सब शिकायते करने यहाँ आई है....''

रिया : "नही दीदी....मैं तो एक आइडिया लेकर आई हूँ ...जिसमे जीजू को इसे सक्क करने में ज़्यादा मज़ा आएगा...''

इतना कहकर वो भागकर किचन में गयी और फ्रिज खोलकर एक छोटी सी शहद की शीशी निकाल लाई...अजय समझ गया की ये क्या करने वाली है...

वो करीब आई और उसने वो ठंडा-2 शहद पूजा की चूत के उपर उडेल दिया....एक गाड़ी सुनहरे रंग की लकीर के रूप में वो शहद धीरे-2 पूजा की गरमा गरम चूत को अपने रंग में रंगने लगा..थोड़ा शहद उसने उसकी गांड की तरफ से भी डाल दिया,जो धीरे-२ बहकर उसकी छूट तक पहुँचने लगा

अजय देख पा रहा था की रिया वो शहद उड़ेलते हुए अपनी जीभ ऐसे लपलपा रही थी जैसे वो बरसो की प्यासी हो....

शहद की पूरी शीशी उड़ेलने के बाद वो बोली : "लो जीजू....अब आपकी ये स्वीट डिश आपके लिए तैयार है...''

और ये कहकर जैसे ही वो उठकर जाने लगी, अजय ने उसकी कलाई पकड़ ली और बोला : "अब इतना काम कर दिया है तो थोड़ा और कर दो मेरे लिए....इसे अपनी दीदी की पुस्सी पर फेला भी दो...अपने अंदाज में ..''

ये बात सुनते ही रिया के होंठ थरथरा उठे...उसके पूरे शरीर के रोँये खड़े हो गये....

वो सोचने लगी की क्या इसका मतलब ये है की जीजू उसे इस सेक्स के खेल में शामिल होने के लिए बोल रहे है...

और डसरी तरफ पूजा को भी झटका लगा...वो नही चाहती थी की आज के दिन रिया उनके इस चुदाई वाले खेल में शामिल हो...वो बस यही चाहती थी की वो दूर बैठकर ये खेल सिर्फ़ देखे......जैसा की दोनो के बीच समझोता हुआ था..

लेकिन रिया के चेहरे और पूजा के दिमाग़ में चल रही बातो को जैसे अजय ने पड़ लिया था...वो बोला... : "देखो....तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ ये एक छोटा सा काम करोगी...और कुछ नही...उसके बाद वापिस अपनी जगह पर जाकर बैठ जाओगी...अच्छे बच्चो की तरह....ओके ..''

रिया के लिए ये एक सपने जैसा ही था...वो अपनी बहन की शहद से भीगी चूत को चूसने वाली थी...उसी चूत को जिसे उसके जीजू सिर्फ़ दस मिनट बाद पहली बार चोदने वाले थे...यानी उसके जीजू चाहते थे की वो अपनी बहन की चूत खुद तैयार करे,ताकि वो बाद में उसकी चुदाई सही से कर सके

पूजा ने भी कुछ नही कहा...वैसे भी उसे एक्साइट करने के लिए सही ढंग से चूत की चुसाई करना बहुत ज़रूरी था ...और ये काम रिया से अच्छी तरह कोई और कर ही नही सकता था...

अजय पूजा की टाँगो के बीच से उठकर उपर बेड की तरफ चला गया...और रिया उसकी जगह पर आकर बैठ गयी...उसने पूजा की दोनो टाँगो को दोनो दिशाओं में फेलाया और अपनी जीभ निकाल कर उसकी नोक से ढेर सारा शहद समेटा और दोनो हाथों की उंगलियों से पूजा की चूत की फांके फेला कर नीचे से उपर की तरफ लेजाते हुए उसकी चूत का अभिषेक कर दिया...एक लंबी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह के साथ पूजा ने अपनी बगल में बैठे अजय के लंड को बुरी तरह से पकड़ा और ज़ोर से मसल डाला...

''आआआआआआआआआआआआआआआआआहह ओह...... रिय्ाआआआआआअ......''

रिया की जीभ ने वो ठंडा -2 शहद उसकी खुली हुई चूत के अंदर धकेलना शुरू कर दिया था...
 


ये शहद वाली ट्रिक उसने काई दीनो से सोच के रखी हुई थी पूजा के लिए...लेकिन उसे करने का मौका ऐसे आएगा ये उसने सपने में भी नही सोचा था...

अजय भी अपने घुटनो के बल बैठकर अपने लंड को उसके मुँह के करीब ले आया...और पूजा उसे किसी गली की कुतिया की तरह चाटने लगी...अपनी जीभ से लपलपा कर उसने अजय के लंड को अपने ही शहद से तर-बतर कर दिया...ठीक उसी तरह जिस तरह से उसकी चूत को रिया ने कर दिया था इस वक़्त..

रिया तो बड़े ही चाव से उसकी चूत के हर भाग को शहद में लपेट कर चाट रही थी....चूत से निकलता खट्टापन अब शहद में मिलकर कुछ अलग ही स्वाद दे रहा था...जो रिया को काफ़ी पसंद आया...और उसे पता था की जीजू को भी ये स्वाद पसंद आएगा...

कुछ देर बाद वो अपने रस से भीगे होंठ वहां से उठा कर बोली : "आओ जीजू....अब ट्राइ करो...''

अजय ने एक लंभी छलाँग लगाई और बेड से नीचे उतर आया...रिया के हटते ही उसने मोर्चा संभाल लिया और जब उसकी जीभ पूजा की चूत से टकराई तो वहां के बदले स्वाद को महसूस करते ही वो पागल सा हो गया...और पहले से कही ज़्यादा तेज़ी से उसकी चूत को अपने मुँह से चोदने लगा...

करीब दस मिनट तक अच्छी तरह से चूसने के बाद उसे एहसास हो गया की कुंवारी चूत की चुसाई से बड़ा मजा इस दुनिया में और कोई नहीं है

और उसे ये भी अहसास हो गया की अब पूजा की चूत अंदर और बाहर से पूरी तरह गीली है...यही सही मौका है....उसका कुँवारापन हरने का..

वो उठा और अपने लंड पर थोड़ी सी थूक मलकर उसने पूजा की गर्म चूत पर टीका दिया..

वो उठा और अपने लंड पर थोड़ी सी थूक मलकर उसने पूजा की गर्म चूत पर टीका दिया..

ये वो मौका था जब पूजा और रिया अपनी साँसे रोके एक साथ उस पॉइंट को देख रही थी...जहाँ पर अजय के लंबे लंड और पूजा की कमसिन चूत का मिलन हो रहा था.

अजय ने धीरे-2 करके अपने लंड को उसके अंदर धकेलना शुरू किया...

पूजा : "उम्म्म्म.....जीजू.....दर्द तो नही होगा ना....''

अजय : "नही मेरी जान.....इतनी देर तक जो तेरी चूत को तैयार किया है, वो इसलिए ही ना की ये दर्द ना हो....अब सिर्फ़ मज़ा ही मज़ा मिलेगा...दर्द नही...''

लेकिन अंदर ही अंदर अजय ये बात अच्छी तरह से जानता था की उसके मूसल को अंदर लेने के लिए उसे दर्द तो सहना ही पड़ेगा...

और जैसे-2 उसका लंड पूजा के अंदर जाता जा रहा था, उसके चेहरे के एक्शप्रेशन बदलते जा रहे थे...

और धीरे-2 करते हुए अजय ने अपना आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में डाल दिया....अब तक पूजा की आँखो से आंसू निकलने लग गये थे....पर वो अपने मुँह पर हाथ रखकर अपनी चीख को बाहर नही निकालने दे रही थी...

अब अजय उसकी चूत की कुँवारी झिल्ली तक पहुँच गया...वो दीवार गिरते ही पूजा की वर्जिनिटी ख़त्म हो जानी था...और उस दिवार के पार तो बस मजा ही मजा था, लेकिन उसी हिस्से में सबसे ज़्यादा दर्द भी छुपा था...

अजय ने उसके दोनो हाथो को बेड पर टीकाया और धीरे से उसके उपर झुकते हुए बोला : "बस बैबी.....थोड़ा सा और....'''

वो कुछ बोल पाती, इससे पहले ही अजय ने अपना पूरा का पूरा भार उसके उपर एक झटके मे डाल दिया ....और उसका खंबे जैसा लंड पूजा की चूत को किसी ककड़ी की तरह चीरता हुआ अंदर तक घुसता चला गया....

वो उठा और अपने लंड पर थोड़ी सी थूक मलकर उसने पूजा की गर्म चूत पर टीका दिया..

ये वो मौका था जब पूजा और रिया अपनी साँसे रोके एक साथ उस पॉइंट को देख रही थी...जहाँ पर अजय के लंबे लंड और पूजा की कमसिन चूत का मिलन हो रहा था.

अजय ने धीरे-2 करके अपने लंड को उसके अंदर धकेलना शुरू किया...

पूजा : "उम्म्म्म.....जीजू.....दर्द तो नही होगा ना....''

अजय : "नही मेरी जान.....इतनी देर तक जो तेरी चूत को तैयार किया है, वो इसलिए ही ना की ये दर्द ना हो....अब सिर्फ़ मज़ा ही मज़ा मिलेगा...दर्द नही...''

लेकिन अंदर ही अंदर अजय ये बात अच्छी तरह से जानता था की उसके मूसल को अंदर लेने के लिए उसे दर्द तो सहना ही पड़ेगा...

और जैसे-2 उसका लंड पूजा के अंदर जाता जा रहा था, उसके चेहरे के एक्शप्रेशन बदलते जा रहे थे...

और धीरे-2 करते हुए अजय ने अपना आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में डाल दिया....अब तक पूजा की आँखो से आंसू निकलने लग गये थे....पर वो अपने मुँह पर हाथ रखकर अपनी चीख को बाहर नही निकालने दे रही थी...

अब अजय उसकी चूत की कुँवारी झिल्ली तक पहुँच गया...वो दीवार गिरते ही पूजा की वर्जिनिटी ख़त्म हो जानी था...और उस दिवार के पार तो बस मजा ही मजा था, लेकिन उसी हिस्से में सबसे ज़्यादा दर्द भी छुपा था...

अजय ने उसके दोनो हाथो को बेड पर टीकाया और धीरे से उसके उपर झुकते हुए बोला : "बस बैबी.....थोड़ा सा और....'''

वो कुछ बोल पाती, इससे पहले ही अजय ने अपना पूरा का पूरा भार उसके उपर एक झटके मे डाल दिया ....और उसका खंबे जैसा लंड पूजा की चूत को किसी ककड़ी की तरह चीरता हुआ अंदर तक घुसता चला गया....

और उसके साथ ही गूँजी पूजा की एक जोरदार चीख , जिसे सुनकर रिया और अजय को तो ये डर लग गया की पूरा मोहल्ला ना इकट्ठा हो जाए वहां ..

''आआआआआआआआआआआआहह ऊऊऊऊऊऊओह मररर्र्र्र्र्र्र्र्र्रर्र्र्ररर गईईईईईईईईईईईईईईsssssssss ..... आआआआआआआआआहहsssssssssss जीजूsssssssss.................................. ''

रिया भागकर उसके करीब आई और बेड पर चड़कर वो पूजा के चेहरे को चूमने लगी और बोली : "बस दीदी.....बस.....हो गया.....हो गया ....''

वो तो ऐसे दिलासा दे रही थी उसे जैसे वो बरसो से चुदती आई है
 


रिया ने उसकी चीख को कम करने के लिए अपने होंठ उसके होंठो पर रखकर उसे बुरी तरह से चूसने भी लगी.

पर इस वक़्त पूजा को कुछ समझ नही आ रहा था....अजय ने भी अपने लंड को धीरे-2 बाहर की तरफ खींचा और फिर से अंदर डाला....

ऐसा उसने करीब 8-10 बार किया....और तब तक पूजा ने भी मचलना और सिसकना बंद कर दिया था..अजय तो पुराना खिलाड़ी था इस खेल का...उसने जब अपनी बीबी की पहली बार चुदाई की थी तब भी लगभग ऐसा ही हुआ था...और अब उसी बेड पर उसने उसकी बहन की चूत को भी अपने लंड से लाल कर डाला था ...ये एक ऐसा एहसास था जिसे सिर्फ़ वही महसूस कर सकता है जिसने ऐसा कुछ किया हो..

रिया की किस्स्स का जवाब भी देना शुरू कर दिया था पूजा ने....दोनो एक दूसरे के होंठों को किसी भूखी बिल्लियों की तरह से चूस रही थी...और रिया ने जब देखा की पूजा का दर्द अब गायब हो चुका है तो वो बेमन से वापिस अपनी जगह पर जाकर बैठ गयी..

पूजा ने जाते हुए उसे थेंक्स भी कहा...और फिर अपने जीजू के साथ वो एक बार फिर से मस्ती के खेल में शामिल हो गयी.

अब तो वो अपनी टांगे दोनो दिशाओ में फेलाकर पूरे जोश से अपने जीजे के लंबे लंड को अंदर तक ले रही थी...और सिसकारियां मारकर उसे और ज़ोर से चोदने के लिए उकसा भी रही थी...

''आआआआआआआआहह जीजू........ मेरी जानssssssssss ....... और तेज़ी से करो.................. उम्म्म्ममममममममममम...... आहह जीजू.............. मजा आ रहा है ....................... उम्म्म्ममममममममम..... इसी मज़े के लिए कब से तरस रही थी..... आआआआआआआआहह ........ ऐसे ही................... हमेशा मेरे अंदर ही रहना ...................... दिन रात...................चोदो मुझे ..................मेरे प्यारे जीजू............................ सिर्फ़ मेरे जीजू.................''

दूर बैठी छुटकी रिया बुदबुदा उठी ..'तेरे ही क्यो....मेरे भी तो है...'

वो अपनी चूत को बेपर्दा करके मसल रही थी ..... और साथ ही साथ बाहर की तरफ निकले हुए क्लिट के दाने को भी रगड़कर अपनी तृष्णा शांत करने की कोशिश कर रही थी

लेकिन अजय और पूजा में से किसी का भी ध्यान उसकी तरफ नहीं था, वो दोनों तो बुरी तरह से एक दूसरे को चोदने में लगे हुए थे

अजय भी अपनी पागल सी हुई जा रही साली को इस तरह से चोदकर बावला हुए जा रहा था.....टाइट चूत को चोदने का मौका काफ़ी दिनों बाद मिला था उसे..... और वो इस मौके का भरपूर फायदा उठा रहा था....

आख़िरकार ज़ोर-2 से चिलाते हुए पूजा झड़ गयी ...

''आआआआआआआआहह ओह माय गॉड ................ जीजू ..................... आई एम कमिंग ..................''

अजय भी चिल्लाया : "मैं भी आआआआआआय्य्ाआआआआ... मेरी ज़ाआाआआनन्न....''

पूजा : "अंदर ही निकालो .......................... आज मेरे...................... अंदर ही निकााआआाआल्लो.....''

रिया तो ये सुनते ही चोंक सी गयी....क्योंकि पूजा में आने से पहले उसने या बात उससे डिसकस की थी की कोई प्रोटेक्षन भी लेगी क्या...तो पूजा बोली थी की जीजू इतने समझदार तो है ही...वो बाहर ही निकाल देंगे...या शायद वो कंडोम लगाकर करेंगे....

लेकिन यहाँ ना तो कंडोम लगाने का टाइम था और ना ही अजय ने कुछ समझदारी दिखाई....और उपर से पूजा खुद ये बात बोल रही थी की उसके रस को अंदर ही निकाले....क्या वो प्रेगञेन्ट होना चाहती है....ये बात रिया को परेशान कर रही थी.

पूजा ने भी ऐसा कुछ नही सोचा था....लेकिन इस मौके पर आकर वो एक बार अपने अंदर तक अपने जीजू के प्यार को महसूस करना चाहती थी...इसलिए उसने एक सेकेंड में ही ये सोच लिया की आज जो हो रहा है, होने दो...बाद में टेबलेट ले लेगी...

अजय ने भी एक सांड की तरह हुंकारते हुए अपने लंड का सारा पानी उसकी चूत के अंदर निकाल दिया....

''आआआआआआआआआआअहह मेरी ज़ाआाआआआअन्न् ......ये ले......................''

अजय ने अपनी प्यारी साली के लिए सहेज के रखा हुआ प्रेम रस पूरी तरह से उसकी प्यासी चूत

मे उडेल दिया , अपनी बाल्स को पूरी तरह से खाली कर दिया उसने..

पूजा की चूत ने भी अजय के लंड को किसी वेक्यूम क्लीनर की तरह चूस डाला और पूरी तरह से तृप्त होकर पस्त हो गयी

और फिर गहरी साँसे लेता हुआ उसके मुम्मों पर सिर रखकर लेट गया...उसका लंड अपने आप फिसलकर बाहर निकल आया...और पीछे से निकला दोनो के प्यार का मिला जुला लाल पानी में लिपटा रंगीन जूस...

कुछ देर तक सुसताने के बाद दोनो उठे और बाथरूम में जाकर क्लीन हो गये...रिया ने बेडशीट चेंज कर दी...और उस चादर के रंगीन हिस्से को वाश्बेसन में जाकर साबुन से धो डाला..

रिया ने जो आज देखा था उसे सोचकर उसका पूरा शरीर काँप सा रहा था....वो भी कुछ दिनों में इसी तरह से चुदेगी ...और उसका भी ऐसे ही खून निकलेगा...वो भी मज़े लेगी...वो भी चिल्लाएगी....ये सब सोचते-2 वो मुस्कुरा दी..

तब तक दोनो बाथरूम से बाहर निकल आए...और ऐसे ही नंगे जाकर बेड पर लेट गये.

रिया ने जो देखना था,देख चुकी थी...और अब उसे नींद भी आ रही थी...करीब 2 बज चुके थे...वो दूसरे कमरे में जाकर सो गयी...अजय और पूजा एक दूसरे के साथ छिपककर ऐसे ही सो गये...नंगे.

अगली सुबह एक नयी चुदाई का पेगाम लाने वाली थी...लेकिन चुदाई के साथ -2 एक ट्विस्ट भी अभी आने वाला था....ऐसा ट्विस्ट जिसका इन्होने अंदाज़ा भी नही लगाया था.

 
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

HAPPY NEW YEAR 2016

 
42

अजय ने उसे दीवार की तरफ मुँह करके खड़ा किया और अपने लंड को उसकी चूत पर टीका दिया...पूजा के कुल्हों पर शावर की बूंदे पड़ रही थी और चूत में अपने जीजू के लंड की दस्तक....इसी एहसास को लेने के लिए वो यहाँ आई थी.....अब तो बस उसे इंतजार था अजय के लंड का...जो कभी भी उसके अंदर दाखिल हो सकता था...

अजय ने एक ही झटके में अपना हथियार उसकी गर्म गुफा के अंदर घुसा दिया , पानी से भीगे लंड ने जब उसकी शहद में भीगी चूत के अंदर कदम रखा तो दोनों के शरीर झनझना उठे

अभी 4 -5 झटके ही लगे थे की तभी बाहर की बेल बजी.....और एक ही पल के अंदर दोनो की धड़कने बड़ गयी... अजय ने तुरंत शावर बंद कर दिया...पूजा ने एक टावल लेकर अपने शरीर को लपेट लिया....और चिंता भरे स्वर मे बोली : "इतनी सुबह-2 कौन आ गया....कहीं....दीदी तो नही...''

**********

अब आगे

**********

अजय : "अर्रे नही.....वो भला उपर कैसे चढेगी ...हाँ .....दूध वाला होगा.....8 बज गये है ना....वो रोज इसी वक़्त आता है...''

ये सुनकर पूजा ने चैन की साँस ली....ये दूध वाला ही होगा...क्योंकि उनके घर भी वही दूध देने आता था...इसी टाइम पर...8 बजे..

अजय ने एक टावल अपनी कमर पर लपेटा और बाहर निकल आया....बाहर निकलकर सबसे पहले तो उसने रिया के रूम का दरवाजा बंद किया...अपने टावल में लिपटी पूजा भी बाथरूम के दरवाजे पर खड़ी होकर अजय को देखने लगी...अजय ने की-होल से बाहर देखा और फिर उसने मुस्कुराते हुए पूजा की तरफ देखा और धीरे से बोला : "वही है...दूध वाला....''

पूजा की भी जान में जान आई....वो तो यही सोचकर वहां खड़ी थी की अगर उसके घर से कोई हुआ तो वो भागकर कहीं छुप जाएगी...लेकिन दूध वाला था इसलिए वो निश्चिंत सी हो गयी और वापिस बाथरूम में घुस गयी..और अपना टावल निकाल कर टाँग दिया और बुदबुदाई "साले दूध वाले ने डरा ही दिया ..''

और फिर वो नंगी खड़ी होकर बेसब्री से अजय के लोटने का इन्तजार करने लगी..

जितनी जल्दी उसे थी, उससे ज़्यादा अजय को थी...उसने दरवाजा खोलकर फटाफट दूध लिया और उसे किचन में रखकर लगभग भागता हुआ सा वापिस बाथरूम में घुस गया...उसने तो अंदर घुसने से पहले ही अपनी कमर में बँधा टावल निकाल दिया और नंगा ही अंदर घुस आया...

और एक बार फिर से हुस्न से लदी हुई अपनी सेक्सी साली के गले से लगकर उसे बेतहाशा चूमने लगा..

लेकिन उन्हे चूमते हुए अभी एक मिनट ही हुआ था की एक बार फिर से बाहर की बेल बज उठी...उन दोनो को एक बार फिर से अपना कार्यकर्म रोकना पड़ा...और साथ ही साथ वो दोनो ये भी सोचने लगे की अब कौन हो सकता है...

अजय बाहर जाने की सोच ही रहा था की बाहर का दरवाजा खुलने की आवाज़ आई...और साथ ही उसकी सास की आवाज़ भी सुनाई दी...जो दरवाजा धकेलकर अंदर घुसती चली आई और अजय को पुकारने लगी : "अजय......कहाँ हो तुम.....अजय...ये दरवाजा खोलकर क्यों सो रहे हो ? ''

अजय ने अपना माथा पीट लिया....दूध लेने के बाद उसने जल्दबाज़ी में बाहर का दरवाजा ही बंद नही किया...उसने घबराते हुए पूजा की तरफ देखा...उसकी भी गांड फटकर हाथ में आ चुकी थी...चेहरा एकदम पीला पड़ चुका था...अगर उसकी मॉम ने उसे इस वक़्त नंगी हालत में उसके जीजू के साथ पकड़ लिया तो क्या होगा...

उसकी सासू माँ अजय को आवाज़ लगाती हुई उसके बेडरूम तक गयी, लेकिन वहां कोई नही था...तो वो बाहर निकल आई और एक बार फिर से अजय को आवाज़ दी..."अजय, कहाँ हो तुम .... अजय "

अब तो अजय को उनका जवाब देना ही था...क्योंकि अगर वो जवाब नही देगा तो वो उसे ढूँढते हुए दूसरे बेडरूम में ज़रूर जाएगी...और वहां रिया को सोते हुए देखकर वो एक ही पल में सब समझ जाएगी...अगर रिया वहां है तो पूजा भी वहीँ होनी चाहिए..इसलिए उन्हे दूसरे कमरे में जाने से रोकना बहुत ज़रूरी था...

इस बीच उन्हे एक पल के लिए भी ऐसा मौका नही मिल पाया जिसमे पूजा भागकर बाथरूम से बाहर निकलकर जा सके...अजय के साथ उसका बाथरूम में होना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी मुसीबत थी...और कोई भी माँ शायद ये नही चाहेगी की उसकी बेटी का उसके ही दामाद के साथ ऐसा कोई रिश्ता हो...

अजय ने दिल को कड़ा करते हुए ज़ोर से उनको जवाब दिया : "हांजी....मैं यहाँ हूँ ..बाथरूम में ...नहा रहा हूँ ....''

उसके नहाने की बात सुनते ही उसकी सासू माँ रजनी के चेहरे पर शरारती मुस्कान आ गयी और वो दरवाजे के पास पहुँचकर बोली : "इतनी सुबह -2 कोई नहाता है क्या....चलो खोलकर दिखाओ जल्दी...''

अजय : "आप अंदर मेरे रूम में बैठिये , मैं बस एक मिनट में आया "

अब तक रजनी भी पूरी तरह से मूड में आ चुकी थी, वैसे वो इतनी सुबह इसीलिए तो वहां आई थी, वो अब किसी भी कीमत पर अजय से चुदना चाहती थी ,उनकी नींद भी दूध वाले की वजह से खुली थी, दूध लेने के बाद ना जाने एकदम से उनके मन में ये विचार आया की चलो अजय के पास चला जाए , प्राची तो अभी सो ही रही थी, और उनके पति भी 9 बजे से पहले उठने वाले नहीं है, और उनके अनुसार तो पूजा और रिया अपनी सहेली के घर गयी हुई थी , इसलिए ये मौका वो छोड़ना नहीं चाहती थी , और अपने दामाद को सरप्राइज देने के लिए वो सुबह-२ उसके घर पहुँच गयी.

रजनी ने जब दरवाजा खोलने के लिए कहा तो अजय और पूजा की हालत और भी खराब हो गयी....

पूजा तो रोने लगी और वो रोते -२ फुसफुसाई : "जीजू, प्लीज कुछ करो, मुझे बचा लो, माँ ने मुझे आज यहाँ देख लिया तो मैं पूरी जिंदगी उन्हें मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहूंगी, प्लीज जीजू, कुछ करो न, प्लीज.... "

लेकिन अंदर ही अंदर अजय समझ चुका था की अब उसके पास कोई और चारा भी नही है....अचानक उसके दिमाग़ में एक प्लान आया....उसने तुरंत पूजा को बाथटब के अंदर जाने को कहा और आगे से शावर कर्टन लगा कर उस हिस्से को छुपा दिया...

और पूजा को ये भी समझा दिया की अब चाहे कुछ भी हो जाए...उसके और उसकी माँ के बीच कुछ भी हो...वो बाहर ना निकले...बस यही एक तरीका है पूजा को बचाने का...

पूजा की तो कुछ भी समझ मे नही आया की आखिर ये अजय चाहता क्या है....और वो ऐसा क्या करने वाला है उसकी माँ के साथ की वो उसकी बात एक ही बार में समझ जाएगी...

लेकिन अगले एक घंटे में जो भी वहां होने वाला था, उसकी ना तो पूजा ने कल्पना की थी और ना ही अजय ने सोचा था की उसकी ये योजना इस तरह से रंग लाएगी...या रंग बदलेगी ।

अजय अंदर खड़ा होकर पूजा को समझा रहा था और बाहर खड़ी उसकी सास अधीर सी होकर दरवाजा पीट रही थी..

''अब खोल भी दो ना अजय....इतना भी क्या शर्मा रहे हो...और वो भी मुझसे...''

तब तक पूजा पीछे जाकर छिप चुकी थी और कर्टन आगे कर दिया था...लेकिन अपनी माँ की ये आख़िरी बात सुनकर उसके दिमाग़ के घोड़े भी तेज गति से दौड़ने लग गये की आख़िर उसकी माँ ये क्या कह रही है...और वो भी अपने दामाद के सामने...कहीं ऐसा तो नही...की....की...

उसके दिमाग़ में बहुत बुरे-2 ख़याल आने लगे...लेकिन उसने एक ही झटके में उन्हे झटक दिया और मन में बोली 'नही नही...ऐसा भी कही होता है क्या...कहां अजय जैसा जवान मर्द और कहाँ उसकी दुगनी उम्र की माँ ...भले ही वो देखने में अभी तक काफ़ी अच्छी लगती है, लेकिन अजय के ऐसे दिन भी नही आए की वो अपनी जवान बीबी और सेक्सी सालियों के होते हुए उनकी माँ की तरफ आकर्षित हो...'

लेकिन उसकी सोच पर ऐसा पानी फिरने वाला था की वो भी नही जानती थी..

अजय ने सब कुछ सेट करने के बाद दरवाजा खोल दिया...उसने अपना भीगा हुआ बदन नीचे से टावल में लपेट लिया था...उसके दिमाग़ में जो प्लान था, उसके अनुसार तो वो अपनी सासू माँ को अपने बेडरूम में ले जाना चाहता था...ताकि जो कुछ भी उनके बीच हो वो ना तो पूजा सुन पाए और ना ही देख पाए...और उसके बाद उन्हे जल्द से जल्द वापिस रवाना भी करना था..ताकि उन्हे पूजा और रिया के वहां होने का आभास ही ना हो...लेकिन ये सब करना काफ़ी चुनोती भरा काम था...आज उसे ये सब करके अपने इन नाजायज़ रिश्तो के बीच की परदेदारी सलामत रखनी थी..

लेकिन उपर वाले को शायद अजय का ये प्लान पसंद नही आया था...

क्योकि जैसे ही अजय ने दरवाजा खोलकर बाहर निकलना चाहा, रजनी उसे धक्का देती हुई अंदर ही घुसती चली आई और बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया..

अजय ने दबी आवाजमें कहा : "ये क्या...आप...आप अंदर चलिए ना...मेरे ..मेरे ...बेडरूम में ...''

रजनी : "क्यों .यहाँ क्या प्राब्लम है....वैसे भी मैं अभी तक नहाई नही हूँ ..और अपने दामाद के साथ आज पूरी तरह से नहाना चाहती हूँ ...बोलो नहलाओगे ना मुझे..आज....''

इतना कहते-2 रजनी ने अपनी बाहें उसकी गर्दन में लपेट दी...

अजय का ध्यान बार-2 कर्टन की तरफ जा रहा था....वो ये बात तो समझ ही चुका था की पूजा ने ये सब सुन ही लिया है...और उसके दिल पर क्या बीत रही होगी ,ये सोचकर की उसके जीजू का उसकी माँ के साथ भी चक्कर है...यानी एक भांडा तो फुट ही चुका था अब तक....

फिर भी वो अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा था की जो भी हो, वहां से बाहर निकल कर ही हो...क्योंकि एक राज पर से तो परदा उठ ही चुका था...पूजा को पता चल चुका था की अजय और रजनी के बीच कुछ है...लेकिन वो वहाँ रहकर दूसरा परदा भी नही हटवाना चाहता था, जिसमें रजनी को ये पता चले की पूजा का भी अजय के साथ कुछ ऐसा ही संबंध है...
 


लेकिन अजय के लाख मिन्नत करने के बाद भी रजनी अपनी जगह से हिली नही...बल्कि उसने अपने गाउन को भी उतार कर कुण्डी पर टाँग दिया...और अब वो पूरी तरह से नंगी होकर खड़ी थी....शायद उन्हे भी रात के समय अपने शरीर पर ब्रा और पेंटी की पाबंदिया पसंद नही थी..

भले ही अजय की हालत खराब थी...लेकिन ऐसी हालत में भी अपने लंड की उत्तेजना फिर से बढ़ने से वो नही रोक सका...आख़िर नज़ारा ही इतना सेक्सी था...वो आज अपनी सास को पहली बार पूरा नंगा देख रहा था...वो उपर से नीचे तक बिना कपड़ो के खड़ी थी...

एक पल के लिए तो अजय अपनी पलकें झपकाने के साथ-2 ये भी भूल गया की पूजा भी उसी बाथरूम में है....

और इसी पल मे उसके होंठ अपने आप आगे होते हुए कब रजनी के मोटे होंठों से आ टकराए, उसे भी पता नही चला...रजनी ने भी एक ही झटके मे उसका टावल खींचकर उसे अपनी तरहा नंगा कर दिया...और अपनी चूत उपर उसके खड़े हुए लंड का दबाव महसूस करते हुए वो उससे बुरी तरह लिपट गयी और अजय की किस्स का जवाब देने लगी...

दोनो एक दूसरे के जिस्म को बुरी तरह से नोच रहे थे और स्मूच कर रहे थे.

पर्दे के पीछे खड़ी पूजा को जब उनकी चुम्मियों की आवाज़ें सुनाई दी तो उसका शक़ यकीन में बदलता चला गया...एक पल के लिए तो उसकी आँखो के सामने अंधेरा सा छा गया की ये हो क्या रहा है...उसने एक कोने का हिस्सा उठाकर बाहर की तरफ झाँका तो उसके पसीने छूट गये...उसकी माँ और उसके ठरकी जीजा, दोनो एक दूसरे को नंगे होकर चूम रहे थे...ठीक उसी तरह जैसे कुछ देर पहले वो और अजय चूम रहे थे..

रजनी ने शावर ऑन कर दिया और एक ही पल में दोनो के बदन पानी में भीग गये...और ऐसे भीगे हुए बदन को मसलने में अलग ही मज़ा मिलता है...और वो मजा इस वक़्त अजय बखूबी ले रहा था

अजय ने अपनी सासू माँ के मुम्मों को पकड़ा और उन्हे निचोड़ डाला....रजनी ने भी अजय के लंड को हाथ में लेकर आगे-पीछे करना शुरू कर दिया...और धीरे-2 वो उसके सामने बैठती चली गयी...और अंत में जब वो अपने घुटने टेककर नीचे फर्श पर बैठी तो अपने दामाद के उस बेटीचोद लंड को सामने पाकर वो फूली ना समाई और एक ही झटके में उसे अपने मुँह में लेकर चूस डाला...

मन ही मन वो ये सोच रही थी की यही वो लंड है जो उसकी बेटी की चूत में ना जाने कितनी बार जा चुका है...और ना जाने कितनी बार वो इसे अपने मुँह में भी ले चुकी होगी...

लेकिन वो बेचारी ये नही जानती थी की प्राची के अलावा अब उसके इस लंड को उसकी दूसरी बेटी पूजा भी अपने मुँह में ले चुकी है...और कल रात तो उसे अपनी चूत में लेकर अपना कुंवारापन भी इसी लंड पर लूटा चुकी है...और अब उसी लंड को वो बड़े मज़े ले-लेकर चूस रही है जिसपर कल रात को उसकी बेटी पूजा की चूत का खून लगा हुआ था.

और पर्दे के पीछे से झाँक रही उनकी लाडली अपनी माँ को ऐसी काम वासना के अवतार में लिप्त होकर लंड चूसते देखकर बेहोश होते-2 बची....उसे अपनी माँ पर बेहद गुस्सा आ रहा था की क्यों वो ऐसे मौके पर आ गयी और अब उसके जीजू के साथ वो सब भी कर रही है जो उसे करना चाहिए था...लेकिन ये सब देखकर वो एक बात तो समझ ही चुकी थी की ये इनका पहली बार नही है...क्योंकि जिस कॉन्फिडेंस से उसकी माँ बाथरूम में आकर ये सब कर रही थी वो पहली बार करने से तो नही होता है...और इन सबके लिए उसे अपने जीजू पर भी काफी गुस्सा आ रहा था...आख़िर क्यों उन्होने उसकी माँ के साथ भी ऐसे संबंध बनाए ...

लेकिन फिर खुद ही उसके दिमाग़ ने उसके सवालों का जवाब देना शुरू कर दिया ...जिस अजय के भोले चेहरे और लंबे लंड की वो खुद दीवानी हो चुकी थी, उसकी दीवानी उसकी मॉम भी ना हो तो क्या हो...और वैसे भी इस उम्र में उन्हे भी वो सुख उसके पापा से नही मिल पाता होगा जो मिलना चाहिए...ऐसे में अगर उसके जीजू कुछ कर रहे है तो उसे क्यों बुरा लग रहा है...और जहाँ तक उसकी माँ की बात छुपाने वाली बात है,वो उन्होने ठीक ही किया...ऐसे अगर वो एक दूसरे की बाते किसी के भी सामने बोलने लगे तो उनकी इज़्ज़त ही क्या रह जाएगी...

ये सब बाते सोचते-2 वो अपनी माँ को भी देखे जा रही थी...जो किसी प्यासी चुड़ैल की तरह उसके जीजू के लंबे लंड को चूस रही थी...और एक हाथ से खुद की गीली हो चुकी चूत को भी मसल कर अपने उस ख़ास दाने को रगड़ रही थी जो हद से ज़्यादा ही मोटा था..

उन्हे ऐसा करते देखकर ना चाहते हुए भी पूजा के हाथ खुद ब खुद उसकी चूत पर जा टिके और वो भी अपने नन्हे से दाने को रगड़ने लगी...

अजय अब जल्द से जल्द इस किस्से को ख़त्म कर देना चाहता था...इसलिए उसने अपनी सास को खड़ा किया और उन्हे घोड़ी बना कर दीवार के सहारे खड़ा कर दिया...ठीक उसी पोज़ में जिसमे वो कुछ देर पहले तक पूजा को चोद रहा था...

और अजय का लंड एक बार फिर से चूत की सड़क पर दौड़ने की तैयारी करने लगा, ये वही लंड था जो कुछ देर पहले तक बेटी की चूत देखकर हिनहिना रहा था, और अब उसकी माँ की चूत देखकर उसका वही हाल था, कहने का मतलब ये है की लंड को तो सिर्फ़ चूत से मतलब है, वो किसकी है ये वो नहीं जानता, उसे तो बस चूत का बेंड बजाना आता है बस ।

अजय ने अपना लौड़ा रजनी की रसीली चूत पर टिका दिया, अपनी चूत पर अजय के लंड का आभास मिलते ही वो सिहर उठी...और ज़ोर से तड़प कर बोली : "आजा मेरे ठरकी दामाद....मेरे चोदू राजा....डाल दे अपनी सास के अंदर अपने मोटे लंड को....कितने दिनों से तरसा रहा है तू....आज मेरी प्यास पूरी तरह से बुझा दे.....डाल दे इसे अंदर...मेरी चूत में ....और चोद डाल अपनी सासू माँ को मेरे चिकने जमाई राजा.....''

अपनी सास की इतनी करुण पुकार सुनकर अजय का जोश दुगना हो गया...और उसने रजनी की फेली हुई गांड को अपने हाथो में पकड़ कर अपने लंड को ज़ोर से आगे की तरफ किया...जो उनकी चिकनी और गर्म चूत में ऐसे घुसता चला गया जैसे गर्म चाक़ू किसी मक्खन की टिकिया में जाता है...और ऐसा करते हुए दोनो के मुँह से गरमा गरम सिसकारियाँ निकलने लगी...

''आआआआआआअहह ..... मररर्र्र्र्र्र्ररर गयी रे.................... सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स........ क्या मस्त है रे....... .तेरा लंड ....................... अहह .....अजय ...................... चोदो .... मुझे .................. ज़ोर से चोदो .............................. अहह....''

अजय ने भी झटके मारते हुए उनके गदराये हुए बदन को झींझोड़ते हुए कहा : "आआआआआअहह ओह...... माय गॉड ..................... कसम से.................... आपकी चूत इतनी मजेदार है..... बिल्कुल आपकी बेटी की चूत जैसी.......'

टब के अंदर बैठी , अपनी चूत मसलती हुई, पूजा बुदबुदाई : "साले ...ठरकी ....जीजू....अह्ह्ह्ह , ये तो बता दे...स्स्स्स्स , उम्म्म्म्म , कौन सी बेटी की चूत जैसी.....''

पूजा की चूत के होंठ भी फड़फडा से रहे थे....और वो उनकी कसमसाहट को अपने लंबे नेल वाली उंगलियों से मसल कर शांत करवा रही थी...

अजय अब पूरी मस्ती में आ चुका था...अब उसे इस बात की चिंता तो बिल्कुल भी नही रह गयी थी की पूजा को ये बात पता चल चुकी है और वो कैसे रिएक्ट करेगी...आज वो अपनी जिंदगी मे पहली बार किसी रसीली औरत की चूत मार रहा था...और ऐसा करते हुए वो पूरे मज़े लेना चाहता था...

एक बात उसने नोट करी की भले ही उसकी सास की चूत थोड़ी ढीली थी लेकिन अपनी तरफ से वो जिस तरीके से उसके हर झटके का जवाब दे रही थी, ऐसा लग रहा था की अजय उसे नही बल्कि वो उसे चोद रही है...अजय जितनी तेज गति से उसकी गांड पर झटके मारता, वो दुगने ज़ोर के साथ अपनी भरी हुई गांड पीछे की तरफ मरती , जिससे धपा - धप्प की जोरदार आवाज़ निकलती...

पूरे बाथरूम में उन दोनो की सिसकारियां और ढप्प-2 की आवाज़ें गूँज रही थी...

''ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह अजय.................... कितना मोटा और लंबा है....... सच में .................. इतना बड़ा तो आज तक किसी का भी नही गया मेरे अंदर................ उम्म्म्मममममममममममममम ..... और ज़ोर से मारो ....... मेरी चूऊतत............आअहह मेरे राजा....... मेरे प्यारे जमाई राजा ..................... मारो.............. मेरी बेटी कितनी लक्की है,जिसे तुम जैसा लम्बे लंड वाला चोदू पति मिला है इसे , आआआआआअह्ह्ह , मैं भी तुम्हारा दहेज का माल हूँ .................. चोदो मुझे .................... अहह ...... ऊओह''

अजय मुस्कुराया और मन में बोला : "दहेज में तो मुझे तुम्हारे घर की सभी चूतें मिल चुकी है...... मेरी प्यारी सासू माँ ......''

और वो उसे और ज़ोर-2 से धक्के मारकर उसकी चुदाई करने लगा...

फिसलन भरी ज़मीन और गीली टाईल वाली दीवारों की वजह से सरकते-2 वो हर झटके से आगे ही निकलती चली गयी....और धीरे-2 वो उस पर्दे के बिल्कुल करीब जा पहुँची, जिसके पीछे उसकी बेटी खड़ी होकर अपनी चूत मसल रही थी...

लेकिन इस बात का आभास ना तो अजय को हुआ और ना ही रजनी और पूजा को....सभी अपनी-2 चुदासी में डूबे हुए सम्मोहित से हो चुके थे....

और आख़िर में जब अजय के लंड ने आख़िर वाले 10-12 शॉट्स लगाए, उन्हे महसूस करते हुए तो रजनी के भी अस्तबल के घोड़े खुल गये, और वो करीब 1 महीनो के बाद झड़ी...और ऐसी झड़ी जैसी आज तक अपनी जिंदगी में नही झड़ी थी...एकदम खुलकर...एकदम मचलकर...एकदम जंगली घोड़ी की तरह हिनहिनाटी हुई सी...

''आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआयययययययययययययययययीीई ...... ऊऊऊऊऊऊऊओह अजय ............................ मैं तो गअईईईईईईईईईईईईईईई रे ........................ अहह.... मजाआ आआआआआ....गग्ग्ग''

उसका आख़िरी वाक़या ''गया'' तो उसके मुँह में ही रह गया....क्योंकि उत्तेजना में आकर वो जब झड़ने लगी तो उसके हाथ में शावर का पर्दा आ गया.... और उसने उसे पकड़कर बुरी तरह से नीचे की तरफ खींच डाला....और रजनी के जोरदार झटके से , पर्दे के प्लासिक वाले रिंग टूटते चले गये... और जब वो परदा गिरा तो अपनी आँखे बंद करके , अपनी चूत में उंगलिया मारती हुई पूजा वहां थी... एकदम नंगी...और वो भी शायद झड़ने के आख़िरी पल में थी...क्योंकि परदा के टूटने की आहट भी उसकी आँखे नही खुलवा सकी, वो तो बस बंद आँखो के पीछे अपनी चूत में अपने प्यारे जीजू के लंड को लेती हुई झड़ती चली गयी.....

'' स्स्स्स्स्स्स उम्म्म्म्म्म्म्म्म जिजुउउउउउउउउ ''

और जब उसने आँखे खोली तो उसके सामने का परदा हट चुका था... और उसके सिर्फ़ एक फुट की दूरी पर उसकी माँ रजनी, घोड़ी बनकर अपने दामाद से चुद रही थी.... और अपनी बेटी को ऐसी हालत में वहां देखकर उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदल चुके थे.... उसका मुँह गोल सा होकर, हैरानी से खुला का खुला रह गया....आँखे फटी रह गयी....और उसे एक पल भी नही लगा ये समझते की वहां उसके आने से पहले क्या हो रहा था..

और इन सबसे अंजान अजय अभी तक अपनी आँखे मूंदे अपनी सास की चूत बजा रहा था....वो भी अपने आख़िरी पड़ाव में था.... और अगले ही पल वो पूरी गति से अपने अंदर का लावा अपनी प्यारी सास की चूत में उड़ेलने लगा...

और जब उसने अपनी आँखे खोली तो झुकी हुई सासू माँ से पहले उसकी नज़रें सहमी हुई सी खड़ी पूजा पर गयी... टूटे हुए पर्दे को नीचे गिरा देखकर वो भी एक पल में सब समझ गया... उसका परदा ऐसे फ़ाश होगा, ये तो उसने सपने में भी नही सोचा था... उसका लंड मरा हुआ चूहा बनकर बाहर फिसल कर निकल आया...

हैरान-परेशान सी रजनी सीधी हुई, उसे तो अब भी विश्वास नही हो रहा था की उसकी जवान और कुँवारी बेटी उसी बाथरूम में थी जिसमें वो अपने दामाद से चुदवा रही थी... उसे शायद ये समझ नही आ रहा . की उसे अपनी बेटी के वहां होने पर गुस्सा होना चाहिए या ऐसे रंगे हाथो चुदाई करवाते हुए पकड़े जाने के बाद शर्मिंदा होना चाहिए..

पूजा भी अपनी माँ और अजय से नज़रे नही मिला पा रही थी... उसके मन में भी शायद यही अंतर्द्वंद चल रहा था की अपनी माँ को अपने जमाई से चुदवाने की बात पर कोसे या अपने वहां होने की सफाई पेश करे...

अजय तो बिल्कुल ब्लेंक सा हो चुका था... उसने दोनो की चूतें तो मार ली पर उसकी ऐसी बुरी तरह से लगेगी, ये तो उसने सोचा भी नही था... हैरान परेशान सा खड़ा हुआ वो भी यही सोचे जा रहा था की अपनी सास को ये समझाए की पूजा वहां क्या कर रही है या पूजा को ये समझाए की उसने उसकी माँ की चूत क्यों मारी...

तीनो एक दूसरे का मुँह ताके जा रहे थे... किसी में भी शायद हिम्मत नही थी की बात की शुरूवात करे...

वो इस मुश्किल मे फँसे ही हुए थे की तभी वो हुआ जिसकी उन तीनो ने कल्पना भी नहीं की थी...

बाथरूम का दरवाजा खोलकर, नींद से भरी हुई आँखे मलती हुई , रिया अंदर दाखिल हुई... और बोली : "क्या जीजू.... आप लोग मुझे बिना बताए नहाने घुस आए.... अकेले-2 कब तक मज़े लेते रहोगे....''
 
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अजय तो बिल्कुल ब्लेंक सा हो चुका था...उसने दोनो की चूतें तो मार ली पर उसकी ऐसी बुरी तरह से लगेगी, ये तो उसने सोचा भी नही था...हैरान परेशान सा खड़ा हुआ वो भी यही सोचे जेया रहा था की अपनी सास को ये समझाए की पूजा वहां क्या कर रही है या पूजा को ये समझाए की उसने उसकी माँ की चूत क्यों मारी...

तीनो एक दूसरे का मुँह ताके जा रहे थे...किसी में भी शायद हिम्मत नही थी की बात की शुरूवात करे...

वो इस मुश्किल मे फँसे ही हुए थे की तभी वो हुआ जिसकी उन तीनो ने कल्पना भी नहीं की थी...

बाथरूम का दरवाजा खोलकर, नींद से भरी हुई आँखे मलती हुई , रिया अंदर दाखिल हुई...और बोली : "क्या जीजू....आप लोग मुझे बिना बताए नहाने घुस आए....अकेले-2 कब तक मज़े लेते रहोगे....''

***********

अब आगे

***********

अजय के नाजायज़ कर्मो का मटका एक पल में फूट गया...और उसके अंदर की सारी असलियत सामने आ गयी..

इस वक़्त तो उसे अगर चॉइस मिलती की इन सभी का सामना करे या धरती फटे और वो उसमे समा जाए तो शायद वो दूसरे ऑप्शन को ही चुनता...इन सभी को समझाने की ताक़त अजय में तो बिल्कुल नही थी..

अपनी नंगी बेटी के बाद रिया को भी वहां देखकर रजनी उतनी ही अचंभित हुई...उसे ये अंदाज़ा तो लग ही चुका था की जब पूजा वहां है तो रिया भी वहीं होगी...लेकिन वो भी उसके दामाद के साथ इतनी घुल मिल चुकी है जितनी की पूजा,ये वो नही जानती थी...

अपनी बेटी को देखकर वो ये भी समझ गयी थी की कल रात से ही वो यहाँ है...दोनो बहनो ने अपनी सहेली के घर जाने का बहाना बनाकर यहाँ रात बिताने का प्रोग्राम बनाया था...वो अगर इतनी सुबह ना आई होती तो इसी बाथरूम में उसकी बेटी पूजा चुद रही होती...और शायद ये खेल रात भर चला है...

यानी उसकी प्यारी बेटी...उसकी कुँवारी लाडली पूजा...अब चुद चुकी है...

लेकिन क्या रिया भी अपने जीजू के साथ...?? लेकिन इन सब बातों की सफाई लेने का ये मौका सही नही था...वो खुद भी तो चुदाई करते हुए पकड़ी गयी थी...ऐसे में वो उनपर कैसे उंगली उठा सकती है...

रिया की भी गिग्घी बंध गयी जब उसने अपनी मौसी को नंगा बाथरूम में खड़े देखा...उसके नन्हे से दिमाग़ में ये बात क्लियर ही नही हो पा रही थी की वो यहाँ कैसे आ गयी...और अगर आ भी गयी है तो इस तरह से नंगी खड़ी होकर वो क्या कर रही है...और वो भी उसी बाथरूम में जहाँ उनकी बेटी पूजा और जीजू भी नंगे खड़े है...लेकिन उसे तो पूरी बात पता नही थी...और इस वक़्त वो कुछ बोलकर अपनी और शामत नही बुलवाना चाहती थी..इसलिए वो उल्टे कदमो से भागकर वापिस उसी रूम में घुस गयी जहां उसने पूरी रात गुजारी थी.

रजनी ने भी अपना गाउन उठाया और पहन कर बाहर निकल आई...जाते हुए उसने एक बार फिर से अपनी बेटी पूजा को देखा, जो अभी तक शॉक में थी, अपने नंगे जिस्म को ढकने की भी हिम्मत नहीं थी उसमे...

रजनी भी जानती थी की अभी ना तो वो कुछ समझाने की स्थिति में है और ना कुछ पूछने की...इसलिए वो कपड़े पहन कर, बिना कुछ बोले, वहां से निकल गयी.

उसके जाने के बाद अजय ने जल्दी से टावल लपेटा और पूजा के पास गया...वो अभी तक बुत्त सी बनी वहीं खड़ी थी...शायद उसे काफ़ी बड़ा सदमा लगा था ...

अजय : "पूजा....पूजा.....होश में आओ....पूजा...''

अजय ने ज़ोर-2 से उसके नंगे बदन को पकड़ कर हिलाया...तब जाकर वो होश में आई....और एकदम से बड़बड़ाने लगी : "आई एम सॉरी मॉम ...आई एम सॉरी.....''

अजय : "पूजा...होश में आओ....तुम्हारी माँ जा चुकी है....मैं अजय हूँ ...देखो मुझे ..''

तब जाकर पूजा वापिस सच्चाई के धरातल पर आई...और सबसे पहले तो उसने अपने नंगे बदन को टावाल से ढका..और भागकर दूसरे रूम में गयी जहाँ उसके कपड़े रखे हुए थे...अजय की भी हालत बहुत बुरी थी...आगे क्या करना है ये सोचते हुए वो करीब 10 मिनट तक वहीं खड़ा रहा ..

अजय के नाजायज़ कर्मो का मटका एक पल में फूट गया...और उसके अंदर की सारी असलियत सामने आ गयी..

इस वक़्त तो उसे अगर चॉइस मिलती की इन सभी का सामना करे या धरती फटे और वो उसमे समा जाए तो शायद वो दूसरे ऑप्शन को ही चुनता...इन सभी को समझाने की ताक़त अजय में तो बिल्कुल नही थी..

अपनी नंगी बेटी के बाद रिया को भी वहां देखकर रजनी उतनी ही अचंभित हुई...उसे ये अंदाज़ा तो लग ही चुका था की जब पूजा वहां है तो रिया भी वहीं होगी...लेकिन वो भी उसके दामाद के साथ इतनी घुल मिल चुकी है जितनी की पूजा,ये वो नही जानती थी...

अपनी बेटी को देखकर वो ये भी समझ गयी थी की कल रात से ही वो यहाँ है...दोनो बहनो ने अपनी सहेली के घर जाने का बहाना बनाकर यहाँ रात बिताने का प्रोग्राम बनाया था...वो अगर इतनी सुबह ना आई होती तो इसी बाथरूम में उसकी बेटी पूजा चुद रही होती...और शायद ये खेल रात भर चला है...

यानी उसकी प्यारी बेटी...उसकी कुँवारी लाडली पूजा...अब चुद चुकी है...

लेकिन क्या रिया भी अपने जीजू के साथ...?? लेकिन इन सब बातों की सफाई लेने का ये मौका सही नही था...वो खुद भी तो चुदाई करते हुए पकड़ी गयी थी...ऐसे में वो उनपर कैसे उंगली उठा सकती है...

रिया की भी गिग्घी बंध गयी जब उसने अपनी मौसी को नंगा बाथरूम में खड़े देखा...उसके नन्हे से दिमाग़ में ये बात क्लियर ही नही हो पा रही थी की वो यहाँ कैसे आ गयी...और अगर आ भी गयी है तो इस तरह से नंगी खड़ी होकर वो क्या कर रही है...और वो भी उसी बाथरूम में जहाँ उनकी बेटी पूजा और जीजू भी नंगे खड़े है...लेकिन उसे तो पूरी बात पता नही थी...और इस वक़्त वो कुछ बोलकर अपनी और शामत नही बुलवाना चाहती थी..इसलिए वो उल्टे कदमो से भागकर वापिस उसी रूम में घुस गयी जहां उसने पूरी रात गुजारी थी.

रजनी ने भी अपना गाउन उठाया और पहन कर बाहर निकल आई...जाते हुए उसने एक बार फिर से अपनी बेटी पूजा को देखा, जो अभी तक शॉक में थी, अपने नंगे जिस्म को ढकने की भी हिम्मत नहीं थी उसमे...

रजनी भी जानती थी की अभी ना तो वो कुछ समझाने की स्थिति में है और ना कुछ पूछने की...इसलिए वो कपड़े पहन कर, बिना कुछ बोले, वहां से निकल गयी.

उसके जाने के बाद अजय ने जल्दी से टावल लपेटा और पूजा के पास गया...वो अभी तक बुत्त सी बनी वहीं खड़ी थी...शायद उसे काफ़ी बड़ा सदमा लगा था ...

अजय : "पूजा....पूजा.....होश में आओ....पूजा...''

अजय ने ज़ोर-2 से उसके नंगे बदन को पकड़ कर हिलाया...तब जाकर वो होश में आई....और एकदम से बड़बड़ाने लगी : "आई एम सॉरी मॉम ...आई एम सॉरी.....''

अजय : "पूजा...होश में आओ....तुम्हारी माँ जा चुकी है....मैं अजय हूँ ...देखो मुझे ..''

तब जाकर पूजा वापिस सच्चाई के धरातल पर आई...और सबसे पहले तो उसने अपने नंगे बदन को टावाल से ढका..और भागकर दूसरे रूम में गयी जहाँ उसके कपड़े रखे हुए थे...अजय की भी हालत बहुत बुरी थी...आगे क्या करना है ये सोचते हुए वो करीब 10 मिनट तक वहीं खड़ा रहा ..

वो भी जानती थी की पापा तो हाइ शुगर के मरीज है...उनसे वो पहले जैसा सेक्स शायद नही हो पाता होगा...इसलिए तो मॉम ने अपने दामाद की तरफ मुँह किया....बस गड़बड़ ये हो गयी की दोनो रंगे हाथो पकड़े गये..

पूजा : "पर जीजू....अब मैं मॉम से नज़रें कैसे मिला पाऊँगी ..उन्हे कैसे समझा सकूँगी की मैने ये सब क्यों किया...और अगर उन्होने दीदी को बोल दिया तो....तो क्या होगा...''

अजय : "वो मेरा काम है...मैं समझाऊंगा उन्हे...और वो मेरी बात समझ भी जायगी...तुम बस मेरे हिसाब से सब कुछ करती रहना...देखना ...सब ठीक हो जाएगा...और जहां तक प्राची की बात रही तो तुम्हारी माँ ऐसा बिल्कुल नही करेगी की प्राची को ये सब बताए...वो खुद भी तो ऐसा कर चुकी है अपने दामाद के साथ जो उन्हे नही करना चाहिए था...और प्राची को बताकर वो अपनी बेटी का घर नही तोड़ेगी...क्योकि प्राची का नेचर सब जानते है...उसे अगर ये सब पता चला तो वो मुझे एक मिनट में ही तलाक़ दे देगी...इसलिए ये सब बातें हमे प्राची से छुपा कर ही रखनी पड़ेगी....बाकी मैं संभाल लूँगा...''

इतना कहकर अजय ने अपनी बाहें पूजा के चारों तरफ करके उसे अपने गले से लगा लिया....पास ही बैठी रिया भी उस हग के अंदर घुस आई और तीनो एक दूसरे को गले लगाकर कुछ देर तक ऐसे ही बैठे रहे..

अजय : "अक्चा...अब सुनो....तुम दोनो तैयार होकर यहाँ से निकलो....मैं भी नाश्ता करने वहीँ जा रहा हूँ ....तुम ठीक दस मिनट बाद वहां आ जाना, ओके ''

पूजा : "ओक.....''

और उसने मुस्कुरा कर अपनी प्यारा सा चेहरा अजय के सामने कर दिया...अजय ने भी मौके का फायदा उठाकर एक छोटी सी पप्पी कर दी उसके होंठों पर...

पूजा ने बुरा सा मुँह बनाते हुए मुँह पीछे कर लिया....ये कहते हुए भी की ऐसी सिचुएशन में भी आपको ये सब सूझ रहा है....रिया ये देखकर मुस्कुरा उठी..

वो दोनों तुरंत तैयार होकर वहां से निकल गयी ...उसके कुछ देर बाद अजय उनके घर की तरफ निकल पड़ा...

दरवाजा उसकी सास ने ही खोला...वो अजय से नज़रें नही मिला रही थी...अजय के लिए इतना बहुत था...यानी वो खुद शर्मिंदा थी...वो अपनी तरफ से गुस्सा नही दिखा रही थी...

वो भी इस वक़्त कुछ बोलकर बात को बढ़ाना नही चाहता था...रजनी किचन में चली गयी और अजय सीधा अपनी बीबी के बेडरूम में ...

प्राची अभी-2 नहा कर निकली थी...वो उसे देखते ही लिपट गयी और बेतहाशा चूमने लगी...आज वो कुछ ज़्यादा ही एक्ससाइटिड लग रही थी..

अजय ने हमेशा की तरह उसके नर्म होंठों को धीरे से चूमा...पर प्राची ने उस छोटी सी किस्स को एक लंबे से स्मूच में बदल दिया...

वो उसके होंठों को ज़ोर-2 से सक्क कर रही थी...जैसे उसकी फ़ेवरेट आइस्क्रीम मिल गयी हो खाने के लिए...और वो उसका रस चूस्कर पूरे मज़े ले रही थी.

प्राची : "ओह ....अजय.......मेरी जान....... आई मिस्ड यु सो मच...... पता है.... कल रात को मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी.... एक बार तो मेरा मन किया की चुपके से दरवाजा खोलकर निकल जाऊ और सीधा तुम्हारे पास पहुँच जाऊ ...''

इतना सुनते ही अजय के माथे पर पसीना उभर आया.....वो सोचने लगा 'अगर ऐसा हो जाता तो शायद कल रात मेरी जिंदगी का आख़िरी दिन होता'

पर बेचारा कुछ बोल नही पाया...उसे ऐसे चुप सा देखकर प्राची बोली : "क्यों....क्या हुआ..... तुम्हे अच्छा नही लगता क्या.... मेरा ये सरप्राइज .... ह्म्*म्म्म ...बोलो....''

अजय : "उम्म्म ..... हाँ ....हाँ ...क्यो नही.... बहुत अक्चा लगता. ..... पर ....तुम्हारी तबीयत अभी ठीक नही है ना....डॉक्टर्स ने सीडिया चड़ने - उतरने को मना किया है ना....बस 1-2 दिन और ..... फिर मैं खुद तुम्हे उठा कर ले चलूँगा....''

प्राची : "उम्म्म्मम .... डॉक्टर्स ने सीडियां चड़ने को मना किया है.... इसपर चड़ने को तो नही ना....''

इतना कहते-2 प्राची ने अजय के लंड को पकड़ लिया...जो उसके 'सरप्राइज' वाली बात को सुनकर सिकुड चुका था...

प्राची : "अर्रे...... ये क्या हुआ इसे..... मेरी किस्स और सरप्राइज वाली बात के बाद भी इसकी ये हिम्मत की ये खड़ा नही हुआ..... रूको ...अभी बताती हूँ इसको.....''

इतना कहकर प्राची ने उसकी पेंट के बटन खोलने शुरू कर दिए..

अजय : "प्राची....नो ..... ये....ये क्या कर रही हो....तुम्हारी मॉम है बाहर. ..... पूजा और रिया भी आने वाली होंगी..... रुको ....''

पर प्राची अपनी जिद्द पर अड़ी रही....उसने अजय की बेल्ट खोल दी...और बटन और चैन भी....अजय ने घबराकर दरवाजे की तरफ देखा... प्राची उसकी दुविधा समझ गयी....वो अपनी सासू माँ से डर रहा था...

वो भागकर गयी और अपने रूम का दरवाजा बंद कर दिया...

और अपने गाउन की जीप खोलती हुई उसकी तरफ बढ़ने लगी....और बोली : "ओ मेरे भोले राजा.... ये मेरा कमरा है... और तुमने मुझसे शादी की है... इसलिए इतना डरने की ज़रूरत नही है.... मॉम इस बात को अच्छे से समझती है.... ''

बेचारा अजय कुछ ना बोल पाया...और प्राची ने अपने गाउन को खिसका कर नीचे कर दिया....उसने ब्रा नही पहनी हुई थी...उसके पके हुए अमरूद जैसी कड़क छातियाँ बाहर निकल आई

और वो एक बार फिर से उससे लिपट कर ज़ोर-2 से चूमने लगी...

अजय के हाथ भी अपने आप उसके बूब्स पर आ टिकी और वो उन्हे नींबू की तरह निचोड़कर उनमे से दूध निकालने का प्रयास करने लगा...

वो उसके कान मे फुसफुसाई : "अभी इनमे से दूध निकलने में टाइम है.... जब निकलेगा ना...तब ऐसा करना...''

अजय पर भी अब खुमार चढ़ चुका था...वो उसकी आँखों में देखता हुआ नीचे झुका और बोला : "जब दूध निकलेगा तो इन्हे निचोड़ूँगा नही....ये करूँगा...''

और इतना कहकर उसने उसके दाँये वाले मुम्मे को मुँह में भरकर ज़ोर से चूस डाला...प्राची का पूरा शरीर झनझना उठा....और वो तड़पकर बोली : "उम्म्म्ममम..... मेरे राजा ....... अभी के लिए तो मुझे तुम्हारा दूध पीना है......समझे....''

और इतना कहकर उसने अजय को अपने बेड पर धक्का दे दिया और खुद उसके पैरों के बीच जाकर बैठ गयी....अजय अपनी कोहनियो के बल आधा लेटकर उसे देखने लगा....

प्राची ने उसकी पेंट को नीचे खिसकाया और उसके लंड को पकड़कर अपने हाथ से हिलाने लगी....और फिर धीरे-2 अपना मुँह आगे किया और उसके लंड को अपने मुँह मे लेकर ठीक उसी प्रकार से चूसने लगी जैसे वो उसके होंठ चूस रही थी...

अजय की आँखे बंद होती चली गयी....और उसने सिर पीछे की तरफ गिराते हुए एक जोरदार सिसकारी मारी ..

''आआआआआअहह .....सककककक मी बैबी.......सकक्क मिईीईई''

और उसकी आवाज़ इतनी तेज थी की बाहर तक गयी....और उनके कमरे की तरफ चाय और नाश्ता लेकर आती हुई रजनी वहीँ ठिठक कर रुक गयी....उसकी आँखो के सामने एक बार फिर से अपनी सुबह वाली चुदाई और बाथरूम में नंगी खड़ी पूजा का चेहरा कौंध गया....और वो बुदबुदाती हुई वापिस किचन की तरफ चली गयी "पता नही क्या खाता है जो इतना सब करने की पावर आती है इसमे...''

और अंदर प्राची ने अजय के लंड के साथ-2 उसके कपूरे भी चूस डाले....आज वो पहले से कही ज़्यादा उत्तेजित लग रही थी....

और उसके इस उत्तेजक प्रहार की वजह से अजय सिर्फ़ 5 मिनट में ही झड़ने के बिल्कुल करीब पहुँच गया...

और तभी बाहर की बेल बजी....पूजा और रिया वापिस आ गयी थी.

रजनी ने ही दरवाजा खोला...और इस बार भी उन्होने बिना कुछ कहे...नज़रे चुराते हुए, वापिस किचन का रुख़ कर लिया...

पूजा और रिया एक दूसरे का मुँह ताकने लगी...और फिर दोनो अपनी बहन के रूम की तरफ चल दी, पर दरवाजा अंदर से बंद हुआ देखकर दोनो ने एक दूसरे के चेहरे की तरफ देखा और एक रहस्यमयी हँसी हंस दी....और तभी अंदर से अजय की दबी हुई सी सिस्कारी एक बार फिर से निकली...

''आआआआआआआअहह ....... बैबी ........ आई एम कमिंग....... ''

प्राची : "यएस्स......... कम बैबी ......... आई वॉंट यू टू कम ओन माय फेस.........''

बाहर खड़ी रिया और पूजा उन दोनो की बाते सुन पा रही थी....जिसे सुनकर पूजा की चूत में एक बार फिर से वही खुरक होने लगी जो कल रात हो रही थी....रिया के होंठ भी सूख से गये...और वो सोचने लगी की उसका नंबर कब आएगा...

लेकिन इस वक़्त तो प्राची का नंबर लगा हुआ था...जो अजय के मोटे लंड को चूस-चूस्कर उसके अंदर की मलाई निकालने में लगी थी....

और अगले ही पल अजय के लंड ने फुव्वारे का रूप धारण कर लिया और भरभराकर उसके अंदर से पिचकारियाँ निकलकर प्राची के होंठों और चेहरे पर गिराने लगा

प्राची भी अपनी जीभ निकाल कर जितना हो सकता था उसे अपने मुँह के अंदर निगल गयी, बाकी का रस अजय ने उसके चेहरे पर ऐसे फेला दिया जैसे अभी-२ शिमला मे बर्फ गिरी हो

अजय ने एक-दो गहरी साँसे ली और बोला : "तुम बाथरूम में जाकर फेस क्लीन करो...मैं बाहर जाता हूँ ....''

प्राची जल्दी से उठकर बाथरूम में चली गयी..

उसने जल्दी से अपनी पेंट उपर खींची और दरवाजा खोल दिया....और बाहर खड़ी रिया और पूजा को वहां से भागने का मौका भी नही मिल सका...तीनो की नज़रे मिली और सभी के चेहरे पर शरारती मुस्कान आ गयी..

पूजा : "जीजू....आप मॉम को समझाओ...हम दीदी को रोक कर रखते है...''

इतना कहकर वो दोनो अंदर घुस गयी और अजय बाहर आ गया....जहाँ किचन मे उसकी सास खड़ी होकर सभी के लिए नाश्ता बना रही थी..

आज उसकी इम्तेहान की घड़ी थी...पूजा और रिया को समझाकर उसने आधी परीक्षा तो पास कर ली थी...अब अपनी सास को भी समझाकर उसे अव्वल आना था...
 
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