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तुम मुझे खुश करदो, मैं तुम्हे खुश कर दूगी

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Guest
तुम मुझे खुश करदो, मैं तुम्हे खुश कर दूगी

हेल्लो दोस्तों, आज मैं आपको अपनी एक नई सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, आशा है आपको मेरी ये स्टोरी अच्छी लगे गी

ये स्टोरी लुधिआना की है दोस्तों मेरा नाम मोहित है, मेरी उम्र २८ साल है, मैं बरनाला पंजाब का हूँ, जैसे मैने बताया था लास्ट स्टोरी मैं, मंजू मेरे से बहुत खुश हुई थी, उसने मेरे को एक लुधिआना का लेडीज ग्रुप दिआ, जिसकी हर महीने किटी पार्टी होती थी.

मंजू ने मेरे बारे मैं सरिता को बताया की मेरी कितनी अच्छी परफॉर्मन्स है, सरिता किटी पार्टी की मेम्बर थी, और मंजू ने सरिता को मेरा मोबाइल नंबर देदिया था, मंजू ने कहा मोहित बहुत अच्छा है, आपको बहुत खुश कर देगा.

तो मंजू ने मेरे को फोन किया की उसने सरिता को मेरा नंबर दिआ है, वो रॉयल फॅमिली से है, उसको खुश कर दो गए तो, वो तुम्हे खुश कर दे गई, और कई कौस्ट्मर देगी, मैंने कहा ओके स्वीट हार्ट, मैं पूरी कोशिश करुगा खुश करने की, और मंजू ने मेरे को लोव यू बोला मेने बी सेम

लव यू बोला, और उसने फोन काट दिआ.

कुछ टाइम बाद सरिता का मेरे पास फोन आइए, उसने बोला हेलो मैं सरिता बोल रही हूँ, मुझे आपका नंबर मंजू ने दिआ है, मैंने कहा हांजी मैडम बोलिए, मेरे को मंजू जी ने बता दिआ था, की आपका फोन आएगा.

मैंने कहा मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ, उसने कहा तुम मुझे खुश करदो, मैं तुम्हे खुश कर दूगी, मैंने कहा पका मैं आपको खुश कर दूगा, मैंने कहा मैं कब आपकी सेवा मैं हाजिर हो सकता हूँ, उसने कहा कल ही आ जाओ, मैंने कहा ओके आप मुझे बस स्टैंड से पिक कर लेना, उसने कहा ओके.

मैं अगले दिन लुधिआना चला गया, और जब मैं बस स्टैंड पर उतर गया मैंने सरिता को फोन किया, मैंने कहा मैं आ गया हूँ, उसने कहा मैं अभी आती हूँ, दस मेन्युटेस के बाद वो हौंडा एकॉर्ड कार लेकर आई, मैंने जब देखा तो देखता ही रहे गया.

क्या गजब माल थी, सरिता की उम्र ४० साल की थी, उसने अपनी बॉडी को मेन्टेन कर रखा था, बड़े बड़े बूब्स से और उसने काप्री डाल रखी थी, और स्लीव लेस टी शर्ट डाल राखी थी, बूब्स के क्लीवेज साफ़ दिख रहे थे, बहुत ही हॉट थी.

मैं उसकी कार मैं बैठ गया, और वो मेरे को अपने साथ फार्म हाउस ले गईं, उसका फार्म हाउस आउट ऑफ़ सिटी था, मैंने कार मैं बैठे ही अपना हाथ उसकी जांघ पर रख लिआ.

मैंने कहा आप बहुत सेक्सी हो, मेरा लंड बिलकुल टाइट था, कार के सीसे बिलकुल ब्लैक थे, उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रख लिआ, मैने कार मैं ही उसकी जांघो पर किस किया, और कैप्री का बटन खोल दिआ, और जीप बी खोल दी लग रहा था, उसने फुद्दी पर परफ्यूम लगाया हुआ था, बहुत अच्छी खशबू आ रही थी, फुद्दी बिलकुल साफ़ थी.

लग रहा था आज ही शैव की है, मैंने अपनी जीब से उसकी फुद्दी चाटने लगा, वो कार मैं ही सिसकरिअ बरने लगी इतने मैं हम फार्महाउस पर पंहुच गए, उसने अपनी टंगे चौड़ी कर ली, और मैं उसकी फुद्दी चाटने लगा.

हम कार मैं ही सेक्स मैं मदोश हो गए, हमने बैक सीट का बटन दबाया और सीट को निचे कर दिआ, उसने मेरी पेन्ट उतार दी मैंने उसकी काप्री को निकाल दी, हम दोनों कार मैं ही नंगे हो गए मैंने उसकी फुद्दी को अपने मुँह मैं बर लिआ, और उसने मेरे लंड को अपने मुँह मैं ले लिआ.

वो जल्दी ही झड गयी थी, लग रहा था बहुत ही सेक्स की बुखी है, जब मैं उसकी फुद्दी मैं अपनी जीब को अंदर तक लेकर जा रहा था, उसके फुद्दी का पानी जल्दी ही बहने लगा.

मैं उसको वागिना जूस बोलता हूँ, जूस का टेस्ट नमकीन था, साथ मैं उसकी गांड के छेद मैं जीब फेर रहा था, वो मेरे लंड को मजे से चूसे रही थी और बोल बी रही थी, फ़क में बेबी, मेरे मुँह को अपने फुद्दी मैं घुसाने की कोशिस कर रही थी.

फिर मैंने उसको सिदा किया और टांगो को ऊपर उठाया, और अपना लंड उसकी फुद्दी मैं सेट किया, और सिदा गुसा दिआ, पूरा का पूरा लंड एक बार मैं ही अंदर चला गया, हमारी कार बी हिल रही थी, और सरिता ओह ओह ओह करने लगी और मैं पूरा जोर लगा कर अपना लंड उसके अंदर तक गुसड्ने लगा, जोर जोर से धक्के मारने लगा.

वो ओह ओहो ओह ओह ओह अहा अहा अहा अहा अहा अहा कर रही थी, सरिता अपने फुद्दीड़ों को साथ मैं ऊपर उठा कर मेरा साथ दे रही थी, और बोल रही थी और जोर से और जोर से इतने मैं उसने मेरे को जोर से हग कर लिआ, लगा की वो जड़ने वाली है.

मैंने अपनी स्पीड और बड़ा दी, इतने मैं वो झड गई लकिन मैं अभी नहीं जड़ा था, और फिर वो निढाल हो गईं, फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया, थोड़ा रुक कर फिर धीरे धीरे करने लगा, मेरे लंड उसकी फुद्दी मैं ही था.

धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी, वो फिर गर्म होने लगी, और मेरा साथ देने लगी, फिर मैं कार की पिछली सीट पर लेट गया, और सरिता मेरे ऊपर आ गईं, उसने मेरे लंड को अपनी फुद्दी मैं सेट किया, और एक बार मैं ही मेरा लंड उसकी फुद्दी निगल गईं, और ऊपर निचे होने लगी.

मैं अपने हाथो से उसके मुमो को दबने लगा, और फिर उसने अपने मुमो को मेरे मुँह पर रख दिआ, और मेने अपने मुँह मैं उसके मुमो को बर लिआ, और जोर जोर से चूसने लगा, और सिसकरिअ बरने लगी, और निचे से मैं बी पूरा जोर लगा कर अपना लंड उसकी फुद्दी मैं मार रहा था, और पच पच पच की आवाज आ रही थी.

सरिता मेरे को काटने लगी कहे रही थी फ़क में बेबी, तुम बहुत अच्छा सेक्स करते हो मजा आ गया, अभी तो सारी रात बाकि है, खूब मजा आएगा तुम्हे इतने मैं हम दोनों हे झड गए.

उसके बाद हमने कपडे पहने और कार से बहार निकल कर उसने मेरी बहा मैं अपनी बहा डाल कर अंदर चले गए, घर गेट उसकी काम वाली ने खोला वो बी दोस्तों बहुत फाडू थी, बिलकुल गोरी बड़े बड़े बूब्स नशीली आंखे बिलकुल मलिका शेरवत की तेरा.

उसने मेरे को सेक्सी मुस्कराट पास की, मैंने बी उसको आंख मारी, और मैं और सरिता लॉबी मैं बैठ गए, मैंने कहा ये कोण है तो बोल्ट कनिका है मेरी मेड है, है न सेक्सी, मैंने कहा बम है.

वो मेरे लिए पानी लेकर आई, जब वो पानी दे रही थी, मेरी नजर उसके मोमो पर थी, मोमो पर एक तिल था जिस से वो और बी सेक्सी लग रही थी.

मैंने उसके बूब्स पर हाथ फेर दिअ, वो हसने लगी, फिर सरिता बोली कनिका मोहित को रूम मैं ले जाओ, और लंच बी करवा दो थक गया हो गा रात को पार्टी बी है रेस्ट कर ले गा.

कनिका मेरे को ऊपर फर्स्ट फलोउर पर रूम मैं ले गई, और मैं जाकर बेड पर बैठ गया, कनिका ने पूछा सेक्स मुस्कराट के साथ क्या लोगे आप मोहित जी, मैंने कहा कुछ बी चलेगा.

फिर वो अपनी गांड मटकती हुई रूम से चली गई, और मैं बेड पर रेस्ट करने लगा, रूम बहुत अच्छा बना हुआ था, पन्दरा मेन्युटेस के बाद वो मेरे लिए खाने के लिए लेकर आई.

मैंने नोटिस किया की उसने न ब्रा पहन राखी है, और न ही निचे अपनी कछि, साली बहुत गर्म थी, मेरे से चुदने के लिए तैयार थी, मेरा लंड बी हुलारे बरने लग गया था.

मैंने उसकी कमर मैं हाथ ढाल लिया उसने सिदा मेरे लंड पर हाथ रख लिआ, बोली जैसे तुमने मेरी मालकिन को चोदा है, बासे ही मेरे को चोद कर खुश कर दो, मैंने उसके होठो पर हॉट रख लिआ, और चूसने लगा और मुमो को मसलने लगा.

उसने मेरा लंड बहार निकाल दिआ मैंने उसके सारे कपडे नीकाल दिये वो मेरे, लंड को निचे बैठ कर चूसने लगी, और मैं अपने लंड से उसके मुँह को चोद रहा था.

फिर मैने उसको बेड पर पटक दिआ, उसकी फुद्दी बिलकुल गीली और मुमे बिलकुल टाइट थे, पहले मैंने उसकी फुद्दी चाटा, मेरे मुँह को कनिका अपनी फुद्दी मैं दबाने लगी और कहे रही थी, और जोर से और जोर से कमरे मैं सिसकरिअ बर रही थी.

मैंने उसकी फुद्दी के पानी को चाट कर साफ़ कर दिअ था, इतने उसने मेरे को ऊपर खींचा, और मेरे ऊपर आ गई और मेरे मुँह पर अपनी फुद्दी को टकाया, और मेरे लंड को चूसने लगी, और बहार सरिता हमे देख रही थी..

और वो बी गर्म हो गई और सरिता कमरे मैं आ गई, और उसके तन पर एक कपडा नहीं था, और बेड पर आ गई, और फिर दोनों मिल कर मेरे लंड को चूसने लगी, और मैं सरिता की गांड मैं उंगल करने लगा.

फिर सरिता आकर मेरे मुँह पर अपने फुद्दीड़ों को टका दिआ, और उसकी फुद्दी मैं मेरा मुँह घुस गया, और कनिका मेरे लंड पर बैठ गई, और जोर जोर से उछलने लगी, और सरिता और कनिका आपस मै किस कर रही थी, और मैं उसकी फुद्दी चाट रहा था.

१० मिंट के बाद कनिका झड गई, और सरिता को मैंने अपनी जीब से जाड दिआ, सरिता मेरे मुँह पर झड गई, और मैं उसका सारा रस पी गया, लकिन मेरा लंड शांत ने हुआ.

मैंने कनिका को गोड़ी बनाकर अपना लंड उसकी फुद्दी मैं पलने लगा, और जोर जोर से धक्के मरने लगा, और कनिका ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह अहा अहा अहा अहा कर रही थी, और मैं पीछे से उसके मुमो को दबा रहा था.

फिर मैंने १० मिंट के बाद अपना लंड निकाला, और सरिता की टैंगो को ऊपर किया, और उसकी फुद्दी मैं घुसेड़ दिआ, और जोर जोर से उसको चोदने लगा.

सरिता बी मेरा साथ दे रही थी, अपने फुद्दीड़ों को जोर जोर से मेरे लंड पर मार रही थी, और उसने मेरे होठो पर अपने होठो को रख कर जोर जोर से चूसने लगी, कनिका मेरी पीठ पर अपने मुमो को रगड़ रही थी, इतने मैं मैने फिर अपना लंड नीकाल कर कनिका की गांड मैं घुसेड़ने लगा, और और जोर जोर से चिकने लगी.

प्लस मत करो मैंने उसकी एक न सुनी और २ जटको मैं सारा लंड उसकी गांड मैं उतर दिआ, और जोर जोर से करने लगा, फिर नीकाल कर उसकी फुद्दी को पलने लगा, इतने मैं कनिका झड गई, फिर मैंने सरिता को पेला और दोनों साथ मैं ही झड गए, और दोनों में मेरे को किस किया.

मुझे को बिच मैं लटा कर, दोनों ने अपने सर मेरी छाती पर रख लिए और मैने दोनों को अपनी बहो मैं बर लिआ, और सो गए और शाम को ६ बजे उठे, और सरिता ने मेरे को किस किया.

कहा मोहित तैयार हो जाओ ८ बजे पार्टी होने वाली है, तुमने मेरी सभी फ्रेंड्स को खुश करना है, जैसे तुमने अभी हम दोनों को किया है, में कहा सौर बेबी और कनिका ने मेरे लंड पर किस किया और मेरे होठो पर, और कपडे पहने चली गईं, मेरे को पता था की आज मेरी रात को शामत आने वाली है.
 
मैने एक सेक्स पावर की गोली दूध के साथ लेली और रेडी हो गया, रात के लिए, मैंने सिर्फ अंडर वियर रेड कलर का पहन रखा था, और जब पार्टी स्टार्ट हुई तो कनिका मेरे को पार्टी मैं लेजाने के लिए लेने आई.

उसने आते हे मेरे ही हग किया, और मेरे होठो पर अपने हॉट रख दिए, और मेरे लंड को पकड़ लिए मैंने बी उसकी गांड मैं हाथ डाल दिआ, और किस करने लगा बोली, आजो निचे सभी तुम्हारा इंतज़ार कर रही है, सब को अपने लंड से उनकी चूतो को शांत कर दो.

मैंने कहा बेबी देखती जाओ मैं क्या क्या करता हूँ, फिर मैं उसके साथ निचे चला गया, और भी १० लेडीज थी, सभी बहुत हॉट थी, और सेक्स बी सरिता ने बोलै फ्रेंड्स तुम्हारे लिए गिफ्ट मेरी तरफ से, फिर सब ने मेरे को हग किया, और मेरी बॉडी पर हाथ फेरा और मेरे लंड से हेलो मिलाई.

एक ने तो मेरा अंडर वियर ही निकाल दिआ, फिर एक ने सॉन्ग लगा दिए, सब मेरे साथ डांस करने लगी, मैंने अपने लंड पर मिलक क्रीम लगा ली और फिर सीमा ने निचे बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी.

मैंने उसके टॉप को निकाल दिआ, उसे बिलकुल नंगा कर दिआ, और बूब्स मसलने लगा, फिर मैंने सब लेडीज के कपडे निकाल दीए, सब लेडीज बिलकुल नंगी थी, और मेरे साथ अपनी बॉडी रगड़ने लगी, और हम सब डांस कर रहे थे.

फिर सब ने मेरे को बियर से नेहला दिआ, और जब मेरे बदन से बियर की बूंदे टपक रही थी, तो चरण ने मेरे लंड को चूसने लगी औ,र जैसे ही बियर निचे गिर रही थी, तो सब मेरे बदन को चाटने लगी.

सरिता मेरे होठो को चूसने लगी, फिर उन्हों ने मेरे को निचे लिटा दिआ, और सब मेरे ऊपर आ गई, लग रगा था की मैं सैंडविच हूँ, और वो मेरे को खा जाए गी सब की सब मेरे को चाटने लगी, और एक ने अपनी फुद्दी को मेरे मुँह पर रख दी और दूसरी मेरे लंड पर बैठ गई, और जोर जोर से उछलने लगी.

१० मिंट के बाद हीना ने उसको मेरे लंड से उठा दिआ, और हीना खुद मेरे लंड पर बैठ गई, हीना तो जल्दी ही झड गई थी, , मैं बारी बारी सब की फुद्दी चाट रहा था, और सब नशे मैं टूल थी, मैं बारी बारी सब को चोद रहा था.

रात को २ बजे तक सब को चोदता रहा, सब की सब बहुत खुश थी, और सब ने मेरा मोबाइल नंबर लिआ, और मुझको इनाम दिआ, और मेरे लिप्स पर लंड पर किसस कर के चली गईं, बोली सरिता अच्छा लड़का डुंडा है, तुमने इस्को अगली मेरी पार्टी मैं बी बुलाना, और मेरी एडवांस बुकिंग कर गईं.

सबके जाने के बाद मैं सारिका और उसकी काम वाली एक कमरे मैं एक बेड पर सो गए, और और हमने फिर सेक्स किया और और सो गए.

सुबह मैं १० बजे उठा बिलकुल नंगा था, और सरिता मेरा लंड चूस रही थी उसने अपनी फुद्दी मेरे मुँह पर रख दी, और मैं चूसने लगा ऐसे ही हम १५ मिंट के बाद झड गए.
 
Chanchal Teacher Ki Mast Tukhai

हेल्लो दोस्तो मेरा नाम रोहित है और मैं 26 साल का हूँ दोस्तो ये मेरी सच्ची कहानी है जो आज से करीब 2 साल पहले की बात है, तो दोस्तो मैं सीधा कहानी पर आता हूं.

मेरे घर के पड़ोस में ही मेरी मौसी का घर है और उनको दो बच्चे है जो अभी छोटे है. जिनको पढ़ने के लिए चंचल नाम की एक मेडम आती है. चंचल का साइज 36-30-36 है और जब वो गांड हिला हिला कर चलती है तो मेरे शरीर मे बिजली कोंध जाती है.

दिखने में एक दम गोरा रंग की ऐसा लगता है कि वो अभी दूध में नहाकर आयी है. उसको देख कर कई बार मैंने उसकी याद में मुठ मारी है. वो हमेशा सलवार कमीज पहनती है और जब वो मेरे भाई को पढ़ाती तो कई बार मैंने उसके मोटे मोटे बूब्स देखे.

एक दिन वो सफेद रंग का सूट पहनकर आयी और अंदर उसने पिंक कलर की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी उसी दिन मैंने सोचा लिया कि एक दिन चंचल को छोड़ना जरूर है और उसकी याद में मुठ मरता रहा.

एक दिन मेरी मम्मी और मौसी सब बाहर गए हुए थे. मैं मौसी के घर पर अकेला था चंचल को नही पता था कि घर पर कोई नही है वो बच्चों को पढ़ने के लिए आई उसने गेट खटखटाया मैंने गेट खोल और मैं उसको देख कर चौक गया.

उस दिन वो लांग स्कर्ट और पिंक कलर का टॉप पहन कर आई थी जिसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी और चंचल का टॉप शार्ट होने की वजह से उसका थोड़ा पेट भी दिख रहा था. उस दिन तो वो बिल्कुल ऐसी लग रही थी कि वो चुदने के लिए ही आयी है.

उसने मुझसे पूछा कि घर पर कोई नही है. मैंने कहा नही तो वो जाने लगी तो एक दम से मेरा शैतानी दिमाग जाग गया और उसको बोला रुको अभी थोड़ी देर में सब आ रहे है. तो वो बोली ठीक है और वो अंदर आ गई.

मैने सोच आज मौका अच्छा है आज इसको चोद ही लूंगा. उसके बाद वो और मैं टीवी देखने लगे टीवी पर एक हॉट मूवी आ रही थी उसमें जब एक हॉट सीन आया तो वो शर्मा कर स्टडी रूम में आ गयी. मैं थोड़ी देर बाद उसके पास गया और चुपचाप उसको पीछे से पकड़ लिया.

वो एक दम से बोली कि ये क्या कर रहे हो आप. मैने कहा कुछ नही जान तुझको चुदने के लिए गर्म कर रहा हूँ आज मैं तुझको जी भर के तेरी फुद्दी मरूँगा. उसने मेरे गाल पर एके झापड़ भी मारा लेकिन मैंने उसको चोदा नही और उसको जबरजस्ती गोद में उठा कर बैडरूम में ले जाकर बेड पर लेट दिया.

मैंने उससे कहा सुन आज मैं तेरी फुद्दी जी भर के चौदूँगा तुझको जो करना है कर ले. इतना कह कर मैने उसकी स्कर्ट ऊपर कर दी और उसकी लाल रंग की पेंटी निकाल कर दी उसकी चुत देख कर मैं पागल हो गया.

उसकी फुद्दी एक दम गुलाब की तरह खिल रही थी मैंने उसकी चुत पर किस किये वो मेरे सामने गिड़गीडाने लगी, कि मुझको जाने दो. मैंने उसके बूब्स को कस के दवाया उससे पूछा कि आज से पहले तूने किसी का लंड अपनी चुत में लिया है, तो उसने मन कर दिया.

मैंने अपना 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लन्ड अपनी पेंट से बाहर निकल और उसके विरोध के बाद भी एक झटका उसकी चुत पर मारा मेरे लंड का टोपा ही उसकी चुत में जा पाया और वो दर्द से चीखने लगी.

मैं थोड़ी देर रुका मैंने फिर एक झटका मारा और पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया. मेरा लन्ड और उसकी चुत खून में लाल हो गए था. मैंने उसको लगभग 30 मीन्स तक चोदा और अपने लंड का माल उसके मुंह पर निकला.

जब मैं उसको चोद रहा था तब उसने अपनी चुत से दो बार पानी चोदा और मुझको पता लग गया कि ये भी चुदाई का मजा लस रही है. जब मेरा लन्ड शांत हो गया तब मैं उसके ऊपर से हटा और अपने लन्ड को उसकी चुत से बाहर निकला.

उसके बाद उसने अपने कपड़े सही किये और स्टडी रूम में आकर बैठ गयी. थोड़ी देर बाद उसने मुझको आवाज़ दी मैं उसके पास गया तो वो मुझसे चिपक गयी और रोने लगी, कि ये तुमने क्या कर दिया.

मैंने कहा कुछ नही चुदाई का मजा तो तू भी ले रही थी. तो वो बोली कि तुमको कैसे पता. तो मैंने उसकी चुत के पानी वाली पूरी बात बता दी. मैंने कहा कि आज पूरी रात मेरे घर कोई नही है तुम चाहो तो रुक सकती.

तो उसने तुरंत आने घर फ़ोन किया और बोली कि मैं आज अपनी एक सहेली के घर रुकूँगी. उसके बाद मैंने उसको फिर से अपनी वंहा में ले लिया. वो बोली कि मुझको नही पता था कि मेरी पहली चुदाई इस तरह की होगी और थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

मैंने चंचल से कहा कि द्वारा तुझको चोदने का मन हो रहा है. वो बोली कि अभी थोड़ी देर रुको मेरी चुत में दर्द हो रहा है. मैंने कहा ठीक है लगभग एक घंटे बाद मैंने उसको अपने गले लगाया और उसको गोद में उठा कर फिर से बेड रूम में ले गया और लेटा दिया और मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए.

मैंने उसको उसके पैरों के तलवो से किस करना शुरू किह और धीरे धीरे उसकी स्कर्ट को मैं ऊपर करता रहा उसके मुंह से सशहठहठह हहहहहह की आवाज़ निकल रही थी.

फिर मैंने उसकी नाभि पर किश किया उसकी नाभि बहुत ज्यादा सेक्सी थी. मैं उसको अपनी जीभ से चाटता रहा और धीरे धीरे उसके बूब्स पर किश करते हुए उसका टॉप उत्तर दिया. उसने लाल रंग की ही ब्रा पहन रही थी जिसमे उसके बूब्स बहुत सेक्सी लग रहे थे.

मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को मसलने लगा फिर उसकी ब्रा उत्तर दी उसके निप्पल एक दम गुलाबी रंग के थे और मैं उनको अपने मुह से चूसने लगा और वो एक दम मदहोश होने लगी और सिसकिया भरने लगी और मेरे बालो को नोचने लगी.

उसके बाद मैंने लगभग 15 मिन्ट्स तक उसको लिप् किस किया उसके कान के पास किस किया उसके गले पर किश किया और फिर हम दोनों 69 की पोजिशन में आ गए शुरू शुरू में वो मेरा लन्ड अपने मुह में नही ले रही थी.

मैंने फ़ोर्स किया तब उसने थोड़ा सा अपने मुह में लिया, उसके बाद एक झटका मैंने और मारा और अपना पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया और मैं उसकी चुत को चूसने लगा और थोड़ी देर बाद वो मेरे लन्ड को अच्छे से सुक करने लगी और मैं उसकी चुत को अपने मुह से चोद रहा था.

लगभग 15 मिनट बाद उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया और मैं उसकी चुत का पूरा पानी पी गया, लगभग 25 मिन्ट्स बाद मैंने भी उसके मुह में अपने लन्ड का सारा पानी निकाल दिया और वो मेरे लन्ड का सारा पानी पी गयी.

थोड़ी देर हम दोनो ऐसे ही लेते रहे थोड़ी देर बाद मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया. अब मैंने चंचल से कहा कि अब पहले तेरी गांड मरूँगा. पहले तो उसने मना किया लेकिन बाद में मान गयी.

अब मैने चंचल को डोगी बनाया और उसकी चिकनी गांड पर अपना लन्ड रखा पहले धक्के में मेरा लन्ड अंदर नही गया. मैंने अपने लन्ड और उसकी गांड पर थोड़ा तैल लगाया और फिर से एक धक्का मारा मेरे लन्ड का टोपा उसकी गांड में समा गया.

वो दर्द के मारे चीखने लगी और बोलने लगी कि इसको बाहर निकालो. पर मैने अपना लंड उसकी गांड से बाहर नही निकाला. थोड़ी देर मैं ऐसे ही रहा और उसके बूब्स दवाता रहा. थोड़ी देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ मैंने एक धक्का और मर और अपना आधा लन्ड उसकी गांड में डाल दिया.

अब उसको बहुत दर्द हो रहा था, मैं फिर रुक और थोड़ी देर बाद अपना पूरा लन्ड उसकी गांड में डाल दिया और अपने लन्ड से उसकी गांड फाड् दी और अब मैं मजे से उसकी गांड चोदना शुरू किया और मैं पूरे जोर से उसकी गांड पर धक्के मार रहा था जिससे उसको काफी दर्द हो रहा था.

फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत में डाल दिया और जोर जोर से उसकी चुदाई करने लगा चुदाई की आवाजों और हमारी आहो से पूरे कमरे में शोर हो रहा था. मैंने चंचल को एक घंटा लगातार चोदा.

इतनी देर में उसकी चुत से 3 बार पानी निकला और मैंने भी अपने लन्ड का सारा पानी उसकी चुत में निकल दिया. फिर हम दोनों साथ मे नहाये तब भी मैने चंचल को एक बार चोदा फिर हमने कहना खाया.

उस रात मैंने चंचल को हर स्टाइल में चोदा उसके बाद सुबह को उसकी हालत इतनी खराब थी कि वो सही से चल नही पा रही थी और न सही से खड़ी हो पा रही थी. उसकी गांड हर उसकी चुत चुदाई की वजह से सूज गयी थी, जब वो सुबह को जा रही थी उस टाइम भी मैंने एक बार चंचल को चोदा.

उसके बाद जब भी मौका लगा मैने उसको जी भर के चोदा, अब जसकी शादी हो गयी है और उसका जब भी मन करता है या मेरा मन करता है हम दोनों मिलते है.

वो मेरे लन्ड का मज़ा लेती है और मैं उसकी चुत का उसके दो बच्चे है जिनमे से एक मेरा है और वो हमेशक़ मुझसे चुदने को तैयार रहती है. तो दोस्तो आपको मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताएं
 
Padosan Neha Ki Kuvari Chut Bajayi

दोस्तो अब ये वही कहानी मैं आपको बता रहा हु कहानी थोड़ी लंबी है. क्योंकि इसमें में आपको बताऊंगा की कैसे वो मेरी गर्लफ्रैंड बनी और फिर कैसे मैंने उसको उसके हस्बैंड के सामने चोदा तो अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं.

ये कहानी आज से 5 साल पुरानी है मैं अपनी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था उनका एक स्कूल था नीचे स्कूल था और ऊपर घर जुलाई का महीना था स्कूल खुला खुला ही था.

मैं सुबह को सो कर उठा और खिड़की पर आकर खड़ा हो गया. वंहा मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जिसने स्कूल की सफेद शर्ट और ग्रे कलर की शार्ट स्कर्ट पहन रखी थी. ये हमारे जीजा की स्कूल ड्रेस थी मैं पहली नजर में ही उसको देखता ही रह गया.

उसकी हिरण की तरह आंखे और उसके गुलाबी होठ लाल लाल गाल और मोटे मोटे बूब्स, जब वो हास् है कर अपनी सहेलियो से बात कर रह थी तो उसके गालो में जो डिंपल पड़ रहे थे, उनसे वो और ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. पहली नजर में ही मेरा दिल उस पर आ गया.

अब मैंने उसके बारे में जानकारी की तो पता चला वो इंटर क्लास में थी और उसका नाम नेहा था. अब मैं ये सोचने लगा कि कैसे उससे अपने दिल की बात कहु.

इसी सोच में कई महीने गुजर गए पर मैं उससे अपने दिल की बात नही कह पाया. जब हाफ इयरली एग्जाम चल रहे थे और मेरे जीजा और बहन सिटी से बाहर गए हुए थे तब मैं स्कूल के आफिस में आकर बैठ गया और स्कूल के एक टीचर को मेरी ये बात पता थी.

मैंने उससे बोला की क्लास से नेहा को बुला कर ले आओ वो गया और नेहा को बुला कर ले आया. जब वो मेरे पास आई मेरे दिल की धड़कन बढ़ गयी मैने हिम्मत करते हुए कहा कि नेहा बैठो तुमसे कुछ बात करनी है.

तो वो बोली कि हां बोलिये क्या बात करनी है? मैंने हिम्मत करते हुए कहा कि मैंने जबसे तुमको देखा है मैं तुम्हारा दीवाना हो गया हूं न मेंरा मन खाने में लगता है और न किसी काम मे मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हु और तुम्हारे बिना नही जी सकता.

मैंने ये सारी बात बोल कर कहा कि तुम्हारा जो भी फैसला हो मुझको बात देना. मेरी ये बात सुनकर वो वंहा से चली गयी. जब पेपर हो गया तब वो मेरे आफिस में आई और बोली कि मुझको पहले से पता था कि आप मुझसे प्यार करते हो और मैं भी आपसे प्यार करती हूं.

उसके मुंह से इतना सुनकर मैंने झट से उसका हाथ पकड़ लिया और उसको अपने गले लगा लिया. वो भी मेरे से कसकर लिपट गयी. अब मैंने उसको अपना नंबर दे दिया और हमारी फ़ोन पर बात होने लगी और स्कूल टाइम में हम मिलने लगे.

एक दिन मैंने उससे बोला की छुट्टी के बाद तुम यंही पर रुक जाना. उस दिन भी घर पर कोई नही था और मैंने सोच की आज नेहा के साथ सेक्स करूँगा. मैं उसको ऊपर अपने रूम में ले गया और उसको गले लगा कर उसके हिप्प्स दवाने लगा.

मैं आपको बता दु नेहा का साइज उस टीम 34-28-34 था जो काफी सेक्सी था, मैंने नेहा से कहा कि आज हम दोनों प्यार करेंगे पहले. तो उसने मन कर दिया पर मेरे बार बार कहने पर वो तैयार हो गयी, मैं अब उसको लिप् किस करने लगा और उसकी हिप्प्स अपने अपने हाथ फिरने लगा.

लगभग मैंने 15 मीन्स तक उसको लिप्किस की उसके बाद मैंने नेहा को गोद मे उठाया और बीएड पर लेट दिया और मैं उसके पैरों की तरफ बैठ कर उसकी टैंगो को किस करने लगा, जिससे नेहा भी गर्म होने लगी और आहे भरने लगी.

अब मैंने नेहा की थाई पर किस किया और उसकी स्कर्ट ऊपर कर दी उसने लाल रंग की पेंटी पहनी थी और उसकी चुत का उभार पेंटी के ऊपर से बिल्कुल साफ दिख रहा था.

मैंने उसकी पैंटी नीचे की और उस पर किस करने लगा और उसके बूब्स को अपने हाथ से सहलाने लगा जिस कारण उसको और मजा आने लगा. मैंने भी अपनी पेंट उत्तरी और उसकी गुलाबी चुत.

पर जैसे ही अपना लंड रखा तभी मेरा फ़ोन बोल पड़ा. फ़ोन मेरे जीजा का था, उन्होंने बताया कि कुछ लोग घर पर आ रहे है 5 मिन्ट्स में तुम उनको आफिस में बैठा लो मैं भी आ रहा हु.

इतना सुनकर मेरा लंड डाउन हो गया. मैंने नेहा से कहा कि सॉरी तुम अभी घर जाओ और हम फिर कभी प्यार करेंगे. तो वो मुझ पर गुस्सा हो गयी उसका भी गुस्सा होना सही था किसी गर्म चुत को न चोदो तो लड़की को गुस्सा तो आयगा ही.

खैर मैंने उसको समझाया और वो चली गयी और मुझको भी गुस्सा आ रहा था सोच रहा था कि 10 मिन्ट्स बाद ही फ़ोन आ जाता तो आज काम हो जाता. खैर उस दिन मैंने खुद पर कंट्रोल किया और फिर मौके की तलाश में लग गया.

नेहा के घर पर उसकी मम्मी उसकी एक बड़ी बहन और नेहा ही रहते थे. नेहा के पापा बाहर रहते थे नेहा की बड़ी बहन शिल्पी को हमारे बारे में पता था और शिल्पी का जिसके साथ चक्कर चल रहा था वो लड़का मेरा दोस्त था, तो हम लोगो मे कोई बात छुपी हुई थी.

एक दिन नेहा ने बताया कि उसकी मम्मी 3 दिन के लिए गाव जा रही है, मैं तो खुशी के मारे उछल पड़ा और उस दिन का इंतजार करने लगा. खैर वो दिन भी आया नेहा ने मुझको शाम को घर बुलाया था और पूरी रात मैं वंही रुकने वाला था.

तो मैं शाम को 8 बजे नेहा के घर आ गया. नेहा ने उस टीम पिंक कलर का टॉप और सफेद रंग की केपरी पहन रखी थी और उसकी टंगे एक दम चिकनी थी ऐसा लग रहा था जैसे उसने आज ही वैक्स करवाया है.

मैंने नेहा से कहा कि सफेद रंग की केपरी को क्यों लाल करना चाहे हो. वो कुछ समझी नही हम लोगो ने साथ बॉथ कर खाना खाया फिर थोड़ी देर बाते की और उसके बाद नेहा मुझको अपने रूम में ले गयी.

मैंने नेहा से कहा कि तुम स्कूल ड्रेस पहन लो उसमे तुम ज्यादा अच्छी लगती हो, वो ड्रेस पहन कर मेरे सामने आ गयी. मैंने तुरंत उझको गले लगा लिया और उसको किस करने लसग और उसके हिप्प्स को धीरे धीरे दवाने लगा.

फिर मैंने उसको लिप् किस करना शुरू कर दिया. थोड़ी देर लिप् किश कसरने के बाद मैंने उसको दीवार के सहारे खड़ा किया और उसकी पैंटी नीचे कर दी अब उसकी गुलाबी चुत मेरे सामने थी.

मैं झट से उसकी चुत को अपनी जीभ से चाटने लसग और उसकी बिन चुदी चुत ने पानी छोड़ दिया. उसकी चुत का नमकीन पानी मे पूरा पी गया और नेहा मेरे बालो को कस कर खीचने लगी और जोर जोर से आहे भरने लगी.

मैंने उसको बेड पर लिटाया और उसकी टैंगो को किस करते करते धीरे धीरे ऊपर आने लगा और उसकी चुत पर आकर रुक गया और उसकी चुत के दाने को प्यार से सहलाने लगा. अब तो वो चुदने के लिए तड़प रही थी.

फिर मैंने धीरे धीरे उसकी शर्ट के बटन खोल कर उसकी शर्ट को उसके बदन से अलग कर दिया. उसने पिंक कलर की ब्रा पहन रखी थी जिसमे उसके बूब्स बहुत ज्यादा सेक्सी लग रहे थे. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स सहलाने लगा.

अब उसकी स्कर्ट भी उतर दी और ब्रा भी उतर दी उसके बूब्स के निप्पल एक दम गुलाबी और टाइड थे. जिनको मैं बड़े प्यार से चूसने लगा और फिर नेहा की पूरी बॉडी पर किस किया. अब नेहा को सिधा लेटा कर उसकी दोनों टंगे खोल कर अपना लंड उसकी चुत. पर जैसे ही रखा ओ मचल गयी उर बोलने लगी कि कुछ होगा तो नही.

मैंने कहा डरो मत जान कुछ नही होगा. फिर अपने लंड से एक जोरदार धक्क मार तो मेरे लंड का सूपड़ा उसकी चुत में गया और वो जोर से चीख पड़ी और बोलने लगी कि इसको बाहर निकालो.

मैंने तुरंत उसको लिप् किश करना शुरू कर दिया जब वो शांत हो गयी. मैंने एक जोरदार धक्का और मारा और अब मेरा आधा लंड उसकी चुत में समा गया और उसकी चुत से ब्लड निकलने लगा.

क्योंकि उसकी चुत की सील टूटी थी जिस कारण उझको दर्द भी हो रहा था. थोड़ी देर बाद एक धक्का और मर और मेरा लंड नेहा की फुद्दी फाड़ते हुए उसकी चुत में समा गया और बच्चेदानी पर चोट करने लगा.

अब नेहा भी चुदाई का मजा लेने लगी और मैं जोर जोर से धक्के मारकर नेहा को चोदने लगा. लगभग 30 मिन्ट्स बाद मेरे लंड ने अपना माल उसकी चुत में छोड़ दिया और उस बीच नेहा की फुद्दी ने दो बार अपना पानी निकाला.

उस रात नेहा को मैंने 4 बार जम कर चोदा. उसके बाद जब भी मौका मिला मैंने नेहा को चौदा. फिर कुछ दिन बाद मुझको वो सिटी छोड़ना पड़ा और हम अलग हो गए.

तो दोस्तो आज से करीब 3 महीने पहले मेरे पास नेहा नाम से फेसबुक पर फ्रेंड रिकस्टेड आयी, मैं प्रोफाइल पिक देख कर समझ गया कि ये मेरी एक्स गर्लफ्रैंड है. फिर उसका हेलो का मैसेज आया मैंने भी हेलो लिख कर रिप्लाई कर दिया, फिर हमारी थोड़ी थोड़ी बात होने लगी.

मैंने कहा कि इतने दीन बाद मेरी याद कैसे आयी? तो उसने बताया कि आज जब मैं फेसबुक चला रही थी उसमें तुम्हारी फेसबुक प्रोफाइल दिखा रहा था.

मैंने कहा ओक, तब बो बोली कि तुम तो मुझको छोड़ कर चले गए थे एक बार भी ये नही सोच की मैं कैसे रही. तो मैंने कहा कि मेरी कुछ मजबूरी थी और मुझको जाना पड़ा.

तो उसने पूछा कि क्या मजबूती थी?, तो मैंने उसको पूरी बात बता दी. उसके बाद उसका गुस्सा शांत हो गया, उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारी शादी हो गयी है? तो मैंने मन कर दिया.

फिर मैंने उससे पूछा कि तुमने शादी कर ली? तो उसने कहा कि हां मेरी शादी हो गयी है और मेरे हस्बैंड आर्मी में है, मैंने कहा तुमने बड़ी जल्दी शादी कर ली. तो उसने बताया कि तुम्हारे जाने के बाद मेरी बड़ी सिस्टर की डेथ हो गयी थी और मैं बहुत परेशान थी, तब मेरे हस्बैंड ने मुझको सहारा दिया और फिर मैंने इनसे शादी कर ली.

मैंने कहा ओके, उसके बाद फिर हमारी बात फोन पर भी होने लगी, वो बताने लगी कि उसके दो बच्चे है, मैंने उससे बोला की वो अपनी पिक दे उसने अपनी पिक मुझको सेंड कर दी जसमे वो पहले से भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.

मैंने कहा नेहा तुम ये नही जानना चाहोगी की मैंने शादी क्यों नही की? तो उसने कहा कि बताओ क्यों नही की. मैंने कहा कि मैंने सिर्फ तुमसे प्यार किया था और आज भी तुमसे प्यार करता हु इसलिए आज तक शादी नही की.

तो वो बोली कि मैंने तो कर ली तुम भी कर लो, इस बात से मैं उससे नाराज हो गया और कुछ दिन उससे बात नही की. एक दिन उसने सॉरी लिख कर मेसेज किया, मैंने उससे कहा कि तुमसे एक बात पूछूं.

वो बोली की पूछो, मैंने कहा कि क्या तुम्हारे दिल मे आज भी मेरे लिए किसी कोने में प्यार है. तो वो चुप रही और कोई जवाब नही दिया और फ़ोन काट दिया. उसके बाद उसका मेसेज आया कि अगर प्यार नही होता तो मैं क्यों तुमसे बात करती.

मैंने उसको काल की और उससे पुरानी बातें करने लगा, मैंने कहा जान जबसे तुम्हारे साथ प्यार किया है उसके बाद से किसी और के साथ कभी प्यार नही किया. तो वो बोली कि हम एक दुसरो को प्यार करते है लेकिन अब कभी सेक्स नही करेंगे और कहा कि मैं किसी और कि अमानत हु.

मैंने भी उसको ज्यादा फ़ोर्स नजी किया और हम बाते करने लगे. कुछ दिन बाद उसके बड़े बेटे का जन्मदिन था तो उसने मुझको बुलाया था, पहले तो मैंने उसको मन कर दिया, पर जब उसने ज्यादा फ़ोर्स किया तो मैं आने को तैयार हो गया.

मैं उसके घर पंहुंचा और डोर बैल बजायी, अंदर से नेहा ने गेट खोला उसने रेड कलर की साड़ी पहन रखी थी जिसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी और उसके बूब्स पहले से ज्यादा मोटे हो गए थे. उसके हस्बैंड घर पर ही थे, उसने मुझको अपने हस्बैंड से मिलवाया, मेरी नजर तो नेहा के ऊपर से हट नही रही थी बस में कर रहा था कि मौका पाकर इसकी चुदाई कर दु और मेरा लन्ड खड़ा हो रहा था.

मैंने अपने आप आर कंट्रोल किया और फिर केक काटा और खाना खाया, फिर जब मैं जाने को हुआ तो नेहा के हस्बैंड ने कहा कि सुबह को चले जाना अब काफी रात हो गयी है, मैंने कहा कोई नही फिर नेहा भी कहने लगी कि रुक जाओ, जब नेहा ने ज्यादा कहा तो मैं मान गया.

फिर उसके घर मे पड़ोस के जो भी गेस्ट थे वो सब चले गए, फिर उसके हस्बैंड ने कहा कि तुम शराब पी लेते हो, मैंने माना कर दिया तो वो बोले कि तुम नेहा के साथ बात करो तब तक मैं शराब पी लू. नेहा ने तब तक साडी उतार कर नाईट ड्रेस पहन ली थी जिसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी.

अब वो मेरे सामने झुक कर बैठी थी, जिस कारण उसके गोल गोल बूब्स मुझको फ़िक़्ह रहे थे और मेरा लन्ड पेंट को फाड़कर बाहर आने को तैयार था. मैंने नेहा से कहा कि जब इतनी सुंदर लड़की मेरे सामने हो तो मैं अपने आप पर कैसे कंट्रोल कर.

तो उसने कहा कि अब हम सेक्स नही कर सकते है क्योंकि अब मेरी शादी हो चुकी है, अब मैं अपने आप पर कंट्रोल नही कर पा रहा था, मैंने नेहा का हाथ पकड़ा और उसके हाथ से अपने लन्ड को दबाने लगा.

उसने कहा कि ये क्या कर रहे हो और तुरंत अपना हाथ हटा लिया, मैंने कहा देखो न नेहा तुम्हारी चुत में जाने को कितना तड़प रहा है, उसने कहा कि चुप करो और वो वंहा से जाने को उतने लगी, मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसको बेड पर गिरा दिया और मैं उसके ऊपर बैठ गया.

मैंने कहा नेहा आज इतने दिन बाद चुदाई का मौका मिला है कैसे छोड़ दु, वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी और बोलने लगी कि अगर उसके हस्बैंड ने देख लिया तो क्या होगा, मैंने कहा तेरा पति शराब पीकर मस्त है और मैंने उसकी स्लैक्स नीचे कर दी और उसकी पैंटी नीचे कर के उसमे अपनी उंगली डाल दी जिस कारण वो भी गर्म अहोने लगी.

उसने कहा कि मैं तुमसे एक शर्त पर चुदूँगी अगर तुम मुझको मेरे हस्बैंड के सामने चोदो, मैंने कहा ठीक है, पहले मैंने जाकर देखा कि उसका हस्बैंड क्या कर रहा है, तो वो शराब के नशे में बिल्कुल डूब चुका था उसको नही पता था की क्या हो रहा है. मैंने नेहा से कहा कि आज तेरी चुत तेरे पति के सामने मरूँगा और मैंने नेहा को गोद मे उठाया और रूम में ले गया जंहा उसका हस्बैंड बैठ था था.

मैंने नेहा को दीवार के सहारे खड़ा किया और उसकी गुलाबी चुत को चाटने लगा और वो भी गर्म होने लगी और मेरे बालो को खीचने लगी. मैने नेहा से पूछा कि तू क्यों अपने हस्बैंड के सामने क्यों चुड़ना चाहती है, तो उसने बताया कि इनसे कुछ होता तो है नही और इनका लन्ड भी छोटा सा है.

तो मैंने कहा कि फिर ये बच्चे कैसे, तो उसने कहा कि इनका भाई मुझको चोदता है ये बच्चे भी उसी के है, इतना बोल कर वो रोने लगी और कहने लगी कि ये तो बस शराब पीना जानते है चुत कैसे पी जाती है इनको नही आता.

मैंने कहा जान शराब तो मैं भी पी लेता हूं मगर आज मैं तेरे बदन की शराब पिऊंगा, वो बोली कैसे मैंने उसकी नाईट ड्रेस उत्तर कर उसको बिल्कुल नंगा कर दिया और अब उसके ऊपर शराब की बोतल से शराब दाल कर उसका पूरा बदन गिला कर दिया और मैं अब भूखे शेर की तरह उसके बदन से शराब को चूसने लगा.

जिस कारण वो बहुत ज्यादा गर्म हो गयी और अपने मुह से आददHहहहह उठहठह ही आवाजे निकलने लगी और बोल रही थी, कि आज मेरी चुत को फाड़ दो मेरी अब सिर्फ तुमसे ही चुदा करूँगी.

मैंने कहा ठीक है जान, अब मैंने नेहा के बूब्स को दवाने और उनको पीना शुरू कर दिया, जिससे वो चुदने के लिए पागलो की तरह तड़पने लगी. अब मैंने नेहा को बीएड पर लेटाया और उसकी चुत पर अपना लैंड रखा, वो बोली कि तुम्हारा लन्ड तो पहले से ज्यादा मोटा हो गया है, मैंने कहा हैं और एक धक्का मारा तो मेरा आधा लन्ड उसकी चुत में समा गया नेहा की चीख निकल गयी.

फिर एक धक्का और मारा और पूरा लन्ड उसकी चुत को फाड़ते हुए उसकी चुत ने डाल दिया उसको दर्द हो रहा था क्योंकि कई साल बाद इतने मोटे लन्ड से चुद रही थी. अब मैं उसको जोर जोर से चोदने लगा और हम दोनों पसीने में बुरी तरह भीग गए.

जोर जोर से धक्के लगने की वजह से उसकी चुत पर सूजन आ गयी थी, लेकिन वो चुदाई का भरपूर मजा ले रही थी.

लगभग 1 घंटे बाद मैंने उसकी चुत को अपने माल से भर दिया और फिर मैं कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेता रहा और उसका हस्बैंड हमको देखता रहा लेकिन उसको नही पता था कि क्या हो रहा है. फिर हम दोनों बाथरूम में गए वंहा पर मैंने उसको नहाते हुए चोदा.

उस रात नेहा की मैंने जम कर चुदाई की और उसकी गांड को भी चोदा और उसने भी मेरे लन्ड से चुदाई के मजे लिए और अब जब भी उसका चुदने का मन करता है वो मुझको अपने घर बुला लेती है और मुझसे पूरी रात चुदती है और चुदाई का मजा लेती है.
 
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हेल्लो दोस्तो, जैसा कि आप जानते ही है मेरा नाम रोहित है और मैं जयपुर में रहता हूं और मैं चुदाई का कितना बड़ा शौकीन हूँ तो दोस्तो अब आप लोगो को और बोर न करते हुए कहानी पर आता हूं उससे पहले मैं आप लोगो को बता दु ये मेरी रियल कहानी है.

ये बात आज से करीब 3 साल पहले की है जब मैं जॉब की तलाश में इधर उधर भटक रहा था और कोई जॉब नही मिल रही थी. एक दिन मेरे पास मुम्बई की एक कंपनी से कॉल आयी.

उन्होंने बताया कि आपने जो जॉब के लिए आवेदन किया था उसमें आप की जॉब लग गयी आप को 2 दीन बाद मुम्बई आना होगा. उन्होंने कंपनी का पूरा पता मेरे नंबर पर सेंड कर दिया. मैंने तुरंत जयपुर से मुम्बई के लिये फर्स्ट ऎसी के दो टिकट बुक करा दिया क्योंकि सफर लंबा था इसलिए मैं सुकून से जाना चाहता था.

मैं समय से पहले स्टेशन पर आ गया ट्रैन शाम के समय थी. तो मैं वेटिंग रूम में आकर ट्रैन का इंतजार करने लगा. उस रूम में मेरे अलावा एक परिवार और था जिसमे एक आदमी और एक औरत और एक छोटा बच्चा था.

सबसे पहले मेरी नजर उस औरत पर पड़ी. उसकी उम्र करीब 29 के आस पास होगी उसने पिंक कलर की साड़ी पहन रखी थी. जसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी वो ठीक मेरे सामने बैठी थी और कोई बुक पढ़ रही थी.

जिस कारण उसकी साड़ी का पल्लू बार बार उसके सीने से नीचे गिर जाए रहा था और ब्लाउज़ का गला बड़ा होने के कारण मुझको उसके बूब्स दिख रहे थे. जिनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और पेंट से बाहर आने को बेताब होने लगा.

मैंने खुद पर कंट्रोल किया और मैं सिर्फ उस भाभी को देखता रहा. उसकी लंबी और गोल गोल आंखे उसके गुलाबी होठ उसके लाल लाल गाल और उसके मोटे मोठे बूब्स हर किसी को पागल कर सकते थे.

मेरा मन तो अब बस ये सोच रहा था कि काश इस भाभी की चुदाई का एक बार मौका मिल जाये. ये सोचते सोचते मेरी ट्रैन आ गयी और मैं बेमन के ट्रैन में अपनी सीट पर आकर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वही भाभी मेरे सामने वाली सीट पर आकर बैठ गयी. मेरे तो दिल की धड़कने तेज हो गयी और मैं उनको ही देखता रहा थोड़ी देर बाद हमारी ट्रेन चल दी और हम लोगो मे आपस मे बाते होने लगी.

तो भाभी के हस्बैंड ने बताया कि पूजा के पापा की तबियत खराब है हम लोग उन्ही को देखने जा रहे है. तब मुझको पता चला कि उस भाभी का नाम पूजा है धीरे धीरे हुम् लोग आपस मे काफी घुल मिल गए.

ऐसे ही बातों बातो में वो मेरी दूर की रिश्तेदार निकले और वो रिश्ते में मेरी भाभी निकली. मैने सोचा कि अब इनके घर आना जाना करूँगा लेकिन मुझको क्या पता था कि आगे मेरी किस्मत में क्या है.

रात को हम लोगो ने साथ खाना खाया और फिर हम सोने के लिए लेट गए. पूजा भाभी मेरे सामने वाली सीट पर लेट गयी और उनके हस्बैंड ऊपर वाली सीट पर लेट गए. हमने अपनी बर्थ के गेट बंद कर लिए.

जब पूजा भाभी मेरे सामने लेती तो मैं तो उसको ही देख रहा था. जब वो सो गई तब उसकी साड़ी का पल्लू उसके सीने से हटकर नीचे गिर गया. जिस कारण उसके बूब्स मुझको दिखने लगे और उसकी साड़ी उसकी नाभि से 4 इंच नीचे बंधी थी. जिस कारण उसका चिकना पेट बिल्कुल साफ दिख रहा था.

उसकी नाभी के पास जो टिल था वो उसकी नाभी को और ज्यादा सेक्सी बना रहा था. अचनाक उसने अपनी एक टांग मोड़ ली जिससे उसकी साड़ी ऊपर घुटनो तक हो गयी और उसकी नंगी और चिकनी टंगे एक दुम साफ दिख रही थी.

मेरा मन कर रहा था कि मैं अभी पूजा भाभी की फुद्दी में अपना लंड डाल दु और तब तक चोदू जब तक मेरा मन ना भर जाए. मन कर रहा था कि पूजा के बूब्स के बीच मे लंड डाल कर उसके मुंह मे अपना माल निकल दु.

ये सब देखकर और सोच कर मेरा लंड पेंट को फाड़ कर बाहर आने को तड़प रहा था. मैंने धीरे से अपना लंड पेंट से बाहर निकला और मुठ मारने लगा और अपने लंड का माल उसके साड़ी के पल्लू पर निकल दिया.

थोड़ी देर बाद पूजा के हस्बैंड का फ़ोन बोला, उसने फ़ोन उठाया और बोला कि मैं बस एक घंटे में आ जाऊंगा इसी बीच पूजा की भी नींद खुल गयी और वो पुछने लगी कि क्या हुआ. तो उन्होंने बताया कि मेरे आफिस से फ़ोन आया था मुझको आफिस जाना होगा.

तो पूजा बोली कि मैं भी वापस चलूंगी, पर उसके हस्बैंड ने मना किया लेकिन वो नही मानी. काफी देर बाद वो मान गयी और उसका हस्बैंड मुझसे बोलै की पूजा का खयाल रखना. मैंने कहा ठीक है और अगले स्टेशन पर उसका हस्बैंड ट्रैन से उतार गया अब बर्थ में सिर्फ मैं पूजा और उसका बच्चा था.

मैंने बर्थ का गेट बंद किया और फिर पूजा सो गई मैंने सोचा कि मौका अच्छा है और इतना सोच कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मेरे अदर का शैतान जाग गया और मैं अपनी सीट से उठा पूजा गहरी नींद में सो रही थी.

मैं उसके पैरों के पास आकर बैठ गया और धीरे धीरे उसकी साड़ी ऊपर करके किश करने लगा. मेरे छूने का एहसास पाकर वो सोते सोते आहे भरने लगी. अब मैं धीरे धीरे उसकी फुद्दी के पास आ गया और उसकी फुद्दी की खुशबू सूंघकर मैं पागल हो गया और पूजा नींद में ही आहे भरने लगी, अब मैं उसकी फुद्दी को सहलाने लगा.

तभी अचानक उसकी आंख खुल गयी और मेरे को अपने ऊपर देख कर वो चौक गयी और मुझको धक्का देकर मुझको अपने से अलग कर दिया. वो बोली कि क्या कर रहे हो तुमको शर्म नही आती.

मैंने कहा पूजा बस एक बार मेरे साथ सेक्स कर लो जबसे तुमको देखा है मैं पागल हो गया हूं. मैंने फिर पूजा को पकड़ा और उसको सीधा करके लेता दिया और उसकी पेंटी को नीचे उतार दिया और अपना लंड उसकी फुद्दी में डाल दिया.

मेरा लंड मोटा होने की वजह से उसकी चीख निकल गयी और वो मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी और बोल रही थी कि मैं तुम्हारी शिकायत करूँगी. लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था और मैं जोर जोर से उसकी फुद्दी को चोदने लगा और उसका ब्लाउज़ खोल कर उसके बूब्स को दवाने लगा.

कुछ देर बाद मैंने अपने लंड का माल उसकी फुद्दी में निकल दिया और अब पूजा रो रही थी. मैंने उसको काफी समझाया तो उसने जो बोला वो सुनकर मैं दंग रह गया. वो बोली कि तुमने मुझको चोदा मैं इसलिए नही रो रही हूँ मैं इस तरह चुदूँगी इस लिए रो रही हूँ.

मैने कहा क्या मतलब? वो बोली कि मेरे हस्बैंड मेरे साथ सप्ताह में सिर्फ एक बार सेक्स करते है और जब उनका हो जाता है तब हैट जाते है और मैं भूखी रह जाती ह और उनका लंड भी इतना लंबा और मोटा नही है.

मैंने कहा मेरी जान तू रो मत आज मैं तेरी जमकर चुदाई करूँगा और तेरी पयास मिटाऊंगा. इतना कह कर मैंने उसको अपनी वानहो में ले लिया और उसको किश करने लगा और पूजा की साड़ी उत्तर दी.

अब वो मेरे सामने ब्रा और पेंटी में थी, मैंने कहा कि मेरा लंड मुह में लो, वो पहले तो माना किया, लेकिन फिर मेरा लंड को मुह में ले लिया और उसको चूसने लगी. फिर मैंने अपना लंड उसके बूब्स के बीच मे रखा और अपने लंड को रगड़ने लगा.

पूजा बोली कि मुझको चोद दो मेरी आग भुजा दो मेरी फुद्दी को फाड़ दो. फिर हम 69 में आ गए और मैं अपनी जीभ से पूजा की फुद्दी को चोदने लगा और फिर मैंने पूजा को डोगी बनाया और उसकी चुत में अपना लंड डाल दिया और उसकी फुद्दी को चोदने लगा.

वो भी चुदाई का मजा लेने लगी, मैंने कहा पूजा तेरी गांड में भी डालना है पहले तो उसने मना किया. लेकिन बाद में वो तैयार हो गयी, मैंने उसकी गांड पर अपना लंड लगाया और एक धक्का मार पहली बार मे लंड अंदर नही गया.

फिर मैंने लंड पर धूक लगाया और एक जोरदार धक्का मार मेरा आधा लंड उसकी गांड में चला गया और इतने में उसकी चीख निकल गयी. मैं थोड़ी देर ऐसे ही रुका.

मैंने फिर थोड़ी देर बाद एक धक्का मार और मेरा पूरा लंड उसकी गांड में था. अब मैं जोर जोर से उसकी गांड मारने लगा और चुदाई के मजे लेने लगा. अब पूजा बोली कि दर्द हो रहा है आगे मेरी चुत में डालो, मैंने अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया और उस रात मैंने पूजा को 6 बार चौदा.

जब हम मुम्बई आ गए तब पूजा बोली कि तुम वापस कब जाओगे? मैंने कहा दो दिन बाद, तो पूजा बोली कि मैं तुम्हारे साथ वापस चलूंगी और चुदाई का मजा लुंगी.

मैंने कहा ठीक उसने मेरे सामने अपने हस्बैंड को फ़ोन किया और आने को मना कर दिया बोली कि मैं रोहित के साथ वापस आ जाउंगी. मैंने मुम्बई के होटल में भी पूजा को खूब चौदा और दो दिन में मैंने उसकी जन्मो की प्यास भुजा दी.

अब जब भी पूजा का सेक्स करने का मन होता है पूजा मुझको सेक्स के लिए बुला लेती है.
 


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हेल्लो दोस्तों क्या हाल है, मैं आपका प्यारा दोस्त मोहित हूँ, आज मैं आपके लिए अपनी नई स्टोरी पेश करने जा रहा हूँ, आशा है आपको मेरी ये स्टोरी पसंद आयेगी.

मेने पहले बी दो स्टोरीस लिखी है, आशा है आपको पसंद आई होगी, ये सब स्टोरी मेरी जिंदगी से तालुकात रखती है, और मेरी जिंदगी ने कैसे करवट ली है.

मैं पंजाब बरनाला से हूँ, मेरा कद ५”११ है, मेरा रंग गोरा है, मैं डेली जिम जाता हूँ, अब थोड़ी बॉडी बी बन गई है, अब मैं कॉलबॉय के रंग मैं रंग चूका हूँ, मेरे जो पुराने कौस्ट्मर थे, रिया, काव्य, और सारिका इन तीनो से मेरी कॉल बॉय बनने की शुरबात हुई.

रिया ने सारिका ने काव्य ने मेरे को कई सारे कौस्ट्मर दिए, और मेरे को रुपये बी मिलने लगे, मेरा स्टेमिना बी अच्छा है.

एक दिन सारिका का फोन आया, उसने बोला की मेरी एक सहेली है, मंजू मैंने उसको तुम्हारे बारे मैं बताया, उसका बी मन कर रहा है, तुम्हारे साथ सेक्स करने का, मैंने उसको अपनी स्टोरी बताई तो वो बहुत गर्म हो गई है, उसकी उम्र ३८ साल है, और अभी कुवारी है, उसने मंजू को मेरा मोबइल नंबर दे दिआ है, उसका तुम्हारे पास फोन आयेगा, और मेरा रेफेरेंस देगी.

मैने कहा ओके स्वीट हार्ट, मैने कहा तुम कब आओगी मेरे पास, उसने कहा हम जल्दी मिलेगे, मेरे पति देव कुछ दिन के बाद बहार जा रहे है, फिर मैं तुम्हारी सेवा लूगी, मैंने कहा ओके, और हमने फोन काट दिआ.

कुछ टाइम के बाद मंजू का फोन आया, मैने कहा हेलो कोण, उसने कहाँ मैं मंजू बोल रही हूँ, मेरी फ्रेंड सारिका ने आपका नंबर दिआ था, मैंने कहाँ ओह मंजू जी कैसे हो, मेरे को सारिका जी का फोन आ गया था, उन्हों ने मुझे बता दिआ था, की आपका फोन आएगा.

मैंने कहाँ कैसे हो आप, उसने कहाँ मैं ठीक हूँ, और मैंने कहाँ की मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ, उसने कहाँ वही जो सारिका की अपने की थी, सारिका आपकी बहुत तारीफ कर रही थी, और मेरे को बी आप खुश कर दो, मैं आपको खुश कर दुगी, मैंने कहाँ अच्छा जी तो हम कब मिल सकते है?

उसने मुझे अपना पता दिआ वो मोगा की थी, तो मैं कहाँ की कब आउ, तो उसने कहाँ जितनी जल्दी आप आ सकते, मैंने कहाँ की मैं कल आ जाता हूँ, उसने कहाँ ओके और मैं आपकी वेट करूगी, मेरे को फोन कर दिजिएगा वेट करूगी. मैंने कहाँ ओके.

मैंने बस पकड़ी अगले दिन और मोगा चला गया, मैंने उसको फोन किया की मैं बस स्टैंड पर आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ, पन्दरा मिनट तक मैं बस स्टैंड पर खड़ा रहा, फिर उसका फोन आया की कहाँ हो आप, मैंने कहाँ बस स्टैंड पर.

उसने कहाँ मैं भी वही पर हूँ, मेरे पास वरना कार है, ब्लैक कलर की और ये कार का नंबर है, उसने मुझे बताया मैंने कहाँ ओके, उसने मुझे बताया मैं वहा पर चला गया, और कार ओपन थी.

मैं उसकी गाढ़ी मैं बैठ गया, उसने मेरे साथ हाथ मिलाया, और हम चल पड़े, उसने मेरी जांघ पर हाथ रखा हुआ था, मेरा लन खड़ा हो गया, फिर उसने अपना हाथ मेरे लन पर रख लिआ, और मेरी तरफ देखने लगी, मैं उसकी तरफ देखने लगा और मुस्कराया.

१० मिंट के बाद हम घर पर पहुँच गए, उसका घर आलीशान था, हम कार से उतरे और घर मैं एंटर किए, उसने मुझे लॉबी मै सोफे पर बैठने को कहा, और मैं बैठ गया, और वो मेरी गोद मैं बैठ गई.

मैंने उससे पूछा घर पर आप अकेले रहते हो, उसने कहा मैं और मेरे माँ डैड रहते है वो २ दिन के लिऐ बहार गये है, मैंने कहा आपका घर बहुत सूंदर है, आपकी तेरा सूंदर, दोस्तों मैं मंजू के बारे मैं बताना भूल ही गया.

वो थोड़ी भरमे शरीर की थी, ब्रेस्ट साइज थर्टी सिक् था, और वैस्ट ३४ थी, बहित मस्त थी, उसकी हिघ्त ५”४ इंच थी, रंग बिलकुल दूध जैसा था, कुछ टाइम वो मेरी गोद मैं बैठी रही, और मेरा लन उसकी गांड मैं घुस रहा था, फिर उसने अपने हॉट मेरे होठो पर रख दिए, और हम दोनों समूच किस्स करने लगे.

मेरा हाथ उसकी टी शर्ट के अंदर था, और मैंने उसको अपनी बाहो मै बर लिआ, और हम किस्स करते रहे, कुछ टाइम के बाद हम अलग हुए, और वो उठी मेरे लिये पानी लेकर आई, मैंने पानी पिया और मुझ से पूछा आप क्या लो गे मैंने कहा दूध.

वो बोली अच्छा मैंने कहा वो बी आपका, फिर वो किचन मैं चली गई, उसने फ्रीज़ खोला और मेरे लिए जूस गिलास मै लिआ, और अपने लिए, मैं उसके पीछे ही रसोई मैं चला गया मैंने, देखा बहा पर चॉकलेट सृप पड़ा है, सेल्फ पर मैंने वो उठा लिआ, और वो हसने लगी क्या कर रहे हो.

मैंने कहा कुछ तो करू गा, तुम मुझे हमेशा जाद रखो गई, और मेरी गुलाम बन जाओ गी, मैंने रसोई मै उसकी टी शार्ट उतर दी, और ब्रा बी उसके बूब्स को आजाद कर दिआ, मंजू के निपल पिंक थे, और छोटे छोटे मैंने उसके ऊपर डाल कर चॉकलेट सृप चूसने लगा.

निपल बिल्कु कड़क थे, और मैं उसके बूब्स चूसने लगा, और दबने लगा, मंजू सिसकरिअ भरने लगी, फिर मैं उसको रसोई के साथ वाले बेड रूम मैं ले गया, और बेड पर लिटा दिआ, मैंने मंजू के सारे कपडे निकाल दिए,मंजू नै मेरे सारे कपडे निकाल दीए, मेरे लन हुलारे मार रहा था.

मैंने अपने लन पर चॉकलेट लगा दिया, और मंजू को चूसने को कहा, मैंने मंजू के मुँह मैं अपना लन डाल दिआ, और मंजू चूसने लगी, फिर मैंने मंजू की फुद्दी पर चॉकलेट लगा दिआ.

मंजू को मेरे ऊपर आने को कहा मंजू नै अपने फुद्दी मेरे मुँह पर टिका दी, और उसने मेरा लन अपने मुँह मै ले लिआ, और मंजू की फुद्दी बिलकुल गीली थी, और चॉक्लेट का स्वाद बी नमकीन हो गया था.

जब मैं उसकी फुद्दी चाट रहा था, साथ मैं उसके नमकीन पानी का टेस्ट आ रहा था, मैं उसकी फुद्दी को चाट रहा था, वो मेरे लन को बहुत मजे से चूस रही थी, मेरे को बी उसके फुद्दी के रस मैं मिला, चॉकलेट बहुत टेस्टी लग रहा था.

और मैं अपनी जीब पूरी उसकी फुद्दी मैं अंदर तक लेकर जा रहा था, वो बी सिसकरिअ ले रही थी, बिलकुल सेक्स के समंदर मैं डूबी हुए थी, फिर मैंने उसकी गांड के छेद मैं बी चॉकलेट लगाने लगा, और मैं उसकी गांड को बी चाटने लगा.

मैंने फिर मंजू को सिदा लेटा दिआ, और उसकी बॉडी को पुरे चॉकलेट सृप से बर दिआ, और उसकी पूरी बॉडी पर मस्सल दिआ, फिर मैंने उसकी बॉडी तो बॉडी चॉकलेट मसाज की, मैंने अपनी बॉडी को उसकी बॉडी के साथ मसलने लगा, और मंजू के होठो को चूसने लगा.

फिर मैं अपनी जीब से उसकी पूरी बॉडी को चाटने लगा, मंजू को बहुत मजा आ रहा था, वो कहे रही थी, बेबी और मत तड़पाओ प्लस डाल दो न, अब्ब और सब्र नहीं हो रहा, और मैं उसको और तड़पा रहा था, मंजू बहुत गर्म हो गई थी.

मैं कभी उसके बूब्स पर लगे चॉकलेट को चाटता, कभी उसकी फुद्दी के बहते पानी को जिसमे चॉकलेट मिक्स था, कुछ टाइम के बाद मैंने अपना लन इसकी फुद्दी पर सेट कीआ, और धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा, उसकी फुद्दी टाइट थी, मेरे को बहुत अच्छा लग रहा था.

और फिर मेने उसकी टंगे ऊपर उठाई, और बिच मैं आ कर जोर जोर से करने लगा, और उसके होठो चूसता था, मंजू ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह आह आह आह आह आ आह कर रही थी, मंजू मेरे होठो को काटने लगी.

फिर मंजू मेरे ऊपर आ गई, और उसने मेरे लन को अपनी फुद्दी मैं सेट कीआ, और उस पर बैठ गई, मेरा लन पूरा गिला हो चूका था, और जब वो मेरी सवारी कर रही थी, तो पच पच पच की आवाज आ रही थी, पूरा कमरा ओह ओह आह की गूंझ रहा था, और पूरी बॉडी चिप चिप कर रही थी.

मंजू ने पुरे जोर के साथ मेरा लन अपने अंदर ले रही थी, इतने मै वो जड़ गई, और मेरे ऊपर ही लेट गई, फिर मैंने निचे से धीरे धीरे उसकी फुद्दी मै अपना लन अंदर बहार करना शुरु कीआ.

१० मिंट के बाद मैंने उसको निचे लिटाया, और उसके ऊपर आ गया, और उसको बेड के कार्नर पर लिटाया, और उसकी टांगो को ऊपर उठा कर.

मैं बेड के निचे खड़ा होकर अपना लन उसकी फुद्दी मैं सेट कीआ, और सिदा अंदर डाल दिआ, और उसके ऊपर लेट गया, और पुरे तेजी के साथ अंदर बहार करने लगा, और उसके होठो को चूसने लगा, और १५ मिंट के बाद हम दोनों साथ मै जड़ गे, और मै उसके ऊपर लेट गया.

मंजू नै अपनी बहो मैं बर लिआ, और मेरे माथे को चूमा, और बोली मोहित बहुत मजा आया, जितना सारिका ने बोला उससे कही ज्यादा मजा आया, तुम बहुत अच्छा सेक्स करते हो, मैंने कहा थैंक ये तो अभी सुरबात है, आगे आगे देखो मैं तुम्हे कितना मजा देता हूँ, और मैंने उसके होठो को चूम लिआ.

उसके बाद मैंने उसको आपको गोद मैं उठा लिया और बाथरूम मैं ले गया, बाथरूम मैं लजाकर उसे निचे उतरा और मैंने शावर चालू किआ, और शावर के निचे हो गए, जैसे ही पानी की बूंदे हमारे ऊपर पड़ी मंजू मेरे साथ चिपकगई, हमारी बॉडी पर चॉक्लेट लगा हुआ था.

धीरे धीरे मंजू उसको चाटने लगी, जो मेरी छाती पर था, मै बी गर्दन पर लगे चॉक्लेट को चूसने लगा, फिर मनज्जू मेरी बॉडी पर लगे पुरे चॉक्लेट को चाटने लगी, और निचे बैठ कर पर लन को चूसने लगी, और मैं अपने पैर की उंगली से उसकी फुद्दी पर घिसने लगा, फिर कुछ टाइम के बाद वो खड़ी हो गई.

फिर मैं उसकी पूरी बॉडी को चूसने लगा, और उसकी फुद्दी पर लगे चॉकलेट को चाटने लगा, अपनी जीब को अंदर बाहर करने लगा, चॉक्लेट मिक्स फुद्दी का पानी अच्छा लग रहा था, फिर मैं उसके बूब्स मसलने लगा, मेरा लन फिर खड़ा हो गया था, मैंने फिर उसकी गांड पर तेल लगाया.

और अपने लन पर बी फिर उसकी गांड पर सेट किआ और जोर लगा कर अंदर घुसेड़ने लगा, उसको दर्द हो रहा था, गांड बहुत टाइट थी, , उसने अपनी गांड पर हाथ रख लिए कहने लगी नहीं मैंने कहा बेबी मजा आई गए.

तो फिर मैंने उसका हाथ साइड पर किआ, मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा, और अपना लन उसकी गांड मैं आधा अंदर डाल मंजू चीख पड़ी, उसकी आँखों मैं आंसू आ गए.

फिर मैंने धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा, और १० मिंट के बाद मैंने एक जटके मैं पूरा लन अंदर ड़ाल दिआ, वो जोर से चीख पड़ी, मैंने उसके मुँह पर जोर से हाथ रख लिआ और धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा, कुछ टाइम कई बाद उसका दर्द काम हो गया, और मंजू को अच्छा लगने लगा.

मंजू फिर उह उह उह उह उह उह उह उह अहा अहा अहा अहा अहा कर रही थी, बाथरूम आवाज से गूंज रहा था, मंजू सातमे आसमान पर थी, और मैं जोर जोर से अंदर बहार कर रहा था, १५ मिंट कई बाद मैं उसकी गांड मैं जड़ गया, और पीछे से उसको हग कर लिआ.

फिर १० मिंट के बाद हम नाहने लगे, और नाहा दोकेर हम नंगे ही रूम मैं बहार आ गए, और तोलीअ से एक दूसरे को साफ़ किआ और, मैं बीएड पर बैठ गया मंजू मेरे लिऐ और अपने लिऐ रसोई से कुछ खाने के लिऐ लेने चले गए और मैं बीएड पर लेट कर अपनी थकबाट उतरने लग.

१० मिंट के बाद वो मेरे लिऐ और अपने लिऐ मैग्गी और कोल्ड्रिंग ले कर आई, फिर वो मेरे गोद मैं बैठ गईं फिर हम दोनों नै साथ मैं लंच लिऐ और मेरा लन फिर हुलारे मार रहा था, और उसकी गांड के छेद को टच कर रहा था.

मंजू फिर गर्म हो गए थी फिर मैंने मंजू को घोड़ी बने को कहा जब वो घोड़ी बन गई मैंने अपना लन उसकी छेद पर सेट किआ और एक जटके मैं सारा अंदर ड़ाल दिआ, हम दोनों के सर पर सेक्स सवार था.

मैं पूरा जोर लगा कर लन उसकी फुद्दी मैं घुसेड़ रहा था, और बीएड चु चु चु चु कर रहा रहा था मंजू बी अपने फुद्दीड़ों को और जोर से मेरे लन पर मार रही थी, और मैं अपने हाथो से उसके मुमो को दबा रहा था, पुरे रूम रूम मैं पच पच की आवाजे आवाजे आ रही थी.

३० मिंट के बाद हम दोनों जड़ गये,और मंजू और मैं बीएड पर लेट गए फिर मंजू ने अपना सर मेरे छाती पर रख लिआ, और हम दोनों साथ मैं सो गए फिर हमारी आंख ५ पं पर खुली, मैंने मंजू के माथे पर किस किआ, और हम खड़े हो गए.

मैं अपना बापस जाने के लिए तैयार होने लगा और मंजू नै बी कपडे डाल लिए, और फिर हमने किस किआ मंजू नै कहा मोहित आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा, आज मैं बहुत खुश हूँ, और उसने मुझे मेरे चार्जेज दिए, और साथ मैं टिप बी, और फिर मेरे को बस स्टैंड ड्राप कर दिआ.

दोस्तों मेरी स्टोरी अच्छी लगी हो तो प्लीज रपल्य कीजिए गए
 
Bejati Ka Badla, Bhabhi Ko Chod Kar Liya

नमस्कार मित्रो.. आपका अपना दीप हरियानवी आपकी सेवा में एक नई कहानी लेकर हाज़िर है। पिछली कहानियो को पसंद करने के लिए और ढेर सारे मेल भेजने के लिए आप सब मित्रों का बहुत बहुत धन्यवाद।

ज्यादा बाते न करते हुए सीधा आज की कहानी पे आते है। जो के मेरी पड़ोसन भाभी और मेरे बीच हुए सेक्स के बारे में है। उमीद है आपको बहुत पसंद आएगी। हुआ यूं के मेरे घर के बिलकुल पीछे घर में रहने वाली भाभी जिसे हम मीना के नाम से जानेंगे। उसकी उम्र यही कोई 25 के करीब थी।

उसका अफेयर गांव के ही किसी राकेश नाम के लड़के से चल रहा था। तो वो अपने पति के फोन से ही कभी कबार छिप छिपाके उस से बाते कर लेती थी। एक दिन मैं बाइक से कही काम से जा रहा था तो उसने मुझे आवाज़ लगाई,” दीप एक मिनट बात सुनकर जाना।

मैं रुक गया और उनसे मुझे रोकने की वजह जाननी चाही।

वो — कृप्या एक मिनट के लिए तुम्हारा फोन देना तुम्हारे भाई संदीप (उसका पति) को लगाकर पूछना है, के काम से कब तक वापिस आएंगे ?

मैंने उनका बताया हुआ नम्बर डायल करके उनको फोन दे दिया। वो फोन को मुझसे करीब 20 फ़ीट की दूरी पे ले गयी और धीमी सी आवाज़ में 5 मिनट तक पता नही क्या बात की और फोन वापिस दे दिया। मैं अपने काम पे चला गया।

करीब हफ्ते बाद एक दिन ऐसे ही रात को अपने कमरे में अकेला लेटा हुआ था और फोन में लोड ज्यादा होने की वजह से फालतू की फाइल्स को हटा रहा था। तो अचानक उस दिन वाली फ़ाइल सामने आ गयी । मैंने उसे प्ले करके सुना तो हैरानी से मेरा मुंह खुले का खुला ही रह गया। उन दोनों की बात कुछ इस तरह की थी…

वो — हलो राकेश, मैं मीना बोल रही हूँ। ध्यान से मेरी बात सुनो।

राकेश — हाँ, मीना डार्लिंग बोलो।

वो — पागल, यहाँ जान या डार्लिंग न बोलो। किसी पड़ोसी लड़के का फोन लिया है बात करने के लिए बहाने से के अपने पति से बात करनी है। ये फोन वाला बहुत खडूस स्वभाव का व्यक्ति है। इसे जरा सा भी शक न होने देना। इसे जरा सा भी कोई शक हो गया तो हमारी खैर नही होगी। ऐसे करना आज मेरे पति, मेरी ननद के यहां गए है। वो 5-7 दिन के बाद वापिस आएंगे..

ऐसा करना आज रात को मैं तेरा इंतज़ार करूंगी। तुम वही पुराने समय पे आ जाना। बच्चों के सो जाने के बाद हसीन रात का मज़ा लेंगे। खाने पीने का मैंने इंतज़ाम कर लिया है। ज्यादा देरी से न आना। हो सकता है मैं इंतज़ार करती करती सो जाऊ और तुम्हे ऐसे ही बेरंग वापिस जाना पड़े।

राकेश — तुम टेंशन न लो मेरी छमक छल्लो, मैं वक्त पे पहुँच जाऊंगा। तुम बस माहौल को रंगीन बनाने का इंतज़ाम रखना, बाये जानेमन…

वो– बाये… ठीक है, बाद में बात करती हूँ। अब फोन वाला घूर घूर के देख रहा है। उसे फोन वापिस देना है ।

और फोन काट दिया।

ये रिकॉर्डिंग सुनकर मेरे तन बदन में आग लग गयी। गुस्से के मारे उन्हें बहुत गालियाँ दी और उनके द्वारा किये दुर व्यवहार का बदला लेने की सोची।

एक दिन फेर वही भाभी मेरे घर पे आई और आते ही मुझे नमस्ते बोला, मुझे उसकी शक्ल देखते ही गुस्सा चढ़ने लगा। लेकिन समय की नज़ाकत को समझते हुए चुप रहने में ही फायदा समझा। मन में सोचा के यदि तुम्हे ही अपना लण्ड न चुसवाया न मेरा नाम भी दीप नही।

वो — दीप, तुम्हारा फोन देना, तुम्हारे भाई साहब को अपनी बहन के यहां गए हुए एक हफ्ता होने वाला है। उस दिन के बाद न कोई फोन आया और न कोई संदेस, मुझे उनकी बहुत चिंता हो रही है। प्लीज़ ये पर्ची वाला नम्बर डायल करके दे दो। ज्यादा बात नही करूंगी बस इतना ही पता करना है के कब तक आयेंगे। क्योंके शाम का वक़्त है, यदि वो आने का बोलेगे तो उनके आने से पहले खाना वगैरह बनालूंगी।

मुझे उस दिन की रिकॉर्डिंग सुनकर पता चल गया था के आज भी वही रासलीला होने वाली है। क्यों न आज के दिन का मज़ा लिया जाये और खुद से हुए दुरव्यवहार का बदला लिया जाये। मैंने नम्बर डायल करके फोन उनको सौंप दिया।

आज भी मुझसे करीब 10-15 फ़ीट दूर होकर बात कर रही थी। मेने उसकी बात पे कोई ध्यान नही दिया। क्योंके सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा था। वो बात करके अपने घर चली गयी। उसके जाने के बाद मैंने अपने कमरे में जाकर वो रिकॉर्डिंग प्ले करके सुनी।

वो — हलो राकेश, आज का क्या प्रोग्राम है ?

राकेश — वही जो एक हफ्ते से चल रहा है। लेकिन आज तो संदीप ने वापिस आना था। फेर कैसे हम इकठे हो पाएंगे।

मीना — वो नही आएगा, मैंने दोपहर को किसी और के फोन से उसे फोन किया था। वो बोला,” कल शाम तक आऊंगा। ऐसे करना आज जल्दी आ जाना। कल को भी तुम बहुत देरी से आये थे। जिसकी वजह से नींद खराब हो जाती है। बच्चे 9 बजे तक सो जाते है। आज 9.30 तक आ जाना..

ताकी जल्दी से काम निपटा कर सो सके। सुबह जल्दी उठकर बच्चों को स्कूल भी भेजना होता है। आज भी मैं देरी से जागी थी। जिसकी वजह से आज बच्चे बिन नाश्ता किये ही स्कूल चले गए। बा की बाते रात को करूंगी… वही खडूस का फोन है और मुझे घूर के देख रहा है.. हा.. हा.. हा.. हा.. हा हा…

और फोन काट दिया।

मैंने सोच लिया आज तो इसको पेलकर ही अपनी बेइज़ती का बदला लूँगा। शाम को करीब 7 बजे मैं उनके घर चला गया। उस वक्त वो खाना खा रही थी। मुझे आया देख उसने खाना वही छोड़ दिया और मुझसे पूछा, आइये दीप जी, इस समय कैसे आना हुआ ?

मैं — क्यों यदि आप मेरे घर जा सकती है तो मैं नही आ सकता क्या ??

वो — नही… नही… आप तो शायद बुरा मान गए। मेरे कहने का मतलब ये नही था। बल्कि आपसे पूछा है के मैं इस वक़्त आपकी क्या मदद कर सकती हूँ।

मैं — हां, मदद तो सिर्फ आप ही कर सकती है। ये लीजिये फोन आपके पति का आया है बात करलो।

जैसे ही उसने फोन पकड़ कर कान को लगाया तो उसके हलो कहते ही दिन वाली रिकॉर्डिंग चालू हो गयी। जिसे सुनते ही उसके तो जैसे फ्यूज़ ही उड़ गए। उसके चेहरे पे पसीने की बूंदे उभर आई। उसने मुझे फोन वापिस देते हुए थोडा सख्त लहज़े में कहा,” ये क्या बदतमीज़ी है, और यहां क्या लेने आये हो ?

मैं — अब ये भी मैं बताऊ के क्या बात है। रही बात लेने की तो जो राकेश को देती हो, मुझे भी दे दो हा… हा… हा… !

वो — बकवास बन्द करो और चले जाओ यहां से, वरना मैं शोर मचाकर मोहल्ला इकठा कर लूंगी और बोलुगी के ये अकेली देखकर मुझसे ज़बरदस्ती करने आ गया।

मैं — कोई बात नही, मचा लो शोर । तुम इधर शोर मचा लो। उधर मैं यही 2 रिकॉर्डिंग संदीप भाई को भेज देता हूँ।

वो– 2 कोनसी बताना जरा ?

मैं – एक आज वाली और एक उस दिन वाली जब मुझे बाइक से रोक कर फोन माँगा था।

मेरी बात सुनकर वो थोडा शांत पड गयी, और हाथ जोड़ते हुए बोली,” देखो दीप, प्लीज़ ऐसा भूल से भी न करना, तुम्हारी इस हरकत से मैं कहीं की नही रहूंगी। तुम जिस लड़की को बोलोगे, उस से तेरा टांका फिक्स करवा दूंगी। मेरी बहुत पहचान बनी हुई है। लेकिन मुझसे ये काम नही होगा।

मैं — देखलो, मर्ज़ी है तुम्हारी, मेने तो आज की रात ही लेनी है, तुम्हारे इस इंकार से तुम 2 लण्डों (संदीप + राकेश) से हाथ धो लोगी। फ़िलहाल तो मैं जा रहा हूँ। जो भी फैसला हुआ घर आकर बता जाना। तुम्हारे पास 1 घण्टे का समय है। उसके बाद मेरा समय शुरू हो जायेगा।

इतना बोलकर मैं घर आ गया। मुझे पूरा यकीन हो गया के वो हाँ ही कहेगी क्योंके उसके पास कोई और रास्ता ही नही है। करीब आधे घण्टे बाद वो हमारे घर आई।

उस वक्त मैं अपनी छत पे बने अपने कमरे में था और उसी का ही इंतजार कर रहा था।

बाहर से आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी।

वो (मेरी माँ से) – नमस्ते, आंटी दीप कहाँ है?

माँ — नमस्ते मीना बेटी और बताओ इस वक्त कैसे आना हुआ। सब खैरियत तो है ?

वो — हाँ, सब ठीक है, लेकिन चलते चलते टीवी अचानक बन्द हो गया है। बच्चों के पापा भी घर पे नही है। तो बच्चे शोर मचा रहे हैं के या तो टीवी ठीक करवाके दो या हम फ़िल्म देखने पड़ोसियों के घर जायेंगे। आप तो जानते ही हो के किसी के घर जाने का वक़्त नही रहा है। ज़माना खराब है। सो मेने सोचा दीप को टीवी के बारे में थोड़ी जानकारी है। इसे दिखा लेती हूँ। यदि समझ में आया तो ठीक कर देना। वरना सुबह राहुल के पापा को बाजार भेजकर ठीक करवा लेंगे।

माँ — दीप, छत पे अपने कमरे में पढ़ रहा है। उस से पूछ लो। यदि जाने के लिए मानता है। तो ले जाओ, मुझे कोई ऐतराज़ नही है।

वो — ठीक है, आँटी जी।

इतना बोलकर वो मेरे कमरे में आ गयी और माँ को सुनाने की खातिर वही टीवी वाली बात दुहरायी और आँख के इशारे से उसके घर पे जाने का न्यौता दिया।

मैं उसका इशारा समझ गया और माँ को हम पर शक न हो इसलिए मैंने भी उसे बोल दिया के मैं सिर्फ बाहर से टीवी देखकर ठीक कर सकता हूँ,। ज्यादा रिपेयर तो मुझे भी नही आती।

वो — चलो कोई बात नही, जितनी आती है देख आओ, समझ में आये तो ठीक कर देना वरना वापिस आ जाना। जिस से बच्चों को भी यकीन हो जायेगा के चाचू से भी ठीक नही हुआ है।

मैं उसके साथ उसके घर पे आ गया। घर में घुसते ही उसने अंदर से कुण्डी लगाली और मुझसे कहा के सुनो दीप, मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है। लेकिन तुम्हे मुझसे एक वादा करना होगा के तुम ये बात किसी और से नही कहोगे।

मैं — कौनसी बात ?

रिकॉर्डिंग वाली या ये जुगाड़ वाली ?

मेरे मुंह से “जुगाड़” शब्द सुनकर उसकी हंसी निकल गयी और बोली हाँ ये दोनों बाते हम दोनों में ही रहनी चाहिए।

मैंने सहमती में हाथ मिलाया और उसे वही पे जफ्फी डालने लगा।

वो — रुको,, रुको अभी नही पहले बच्चों को सो जाने दो। तब तक तुम खाना पानी से फ्री हो जाओ। हम आज रात छत पे मिलेंगे और वही तुम्हारे कमरे में करवाई डालेंगे।

मुझे उसकी बात जच गई और मैं उसकी गाल पे पप्पी लेकर वापिस अपने घर पे आ गया। करीब 10 बजे वो छत पे आ गई और मेरे कमरे का दरवाजा हल्के से खटखटाया। मैंने दरवाजा खुला होने की आवाज़ दी और वो अंदर आ गई और दरवाजा अंदर से लोक कर लिया । अंदर आते ही उसने मुझे ज़ोर से जफ्फी डाल ली और मैंने उसे बैड पे ही लिटा लिया। उसकी सांसे तेज़ चल रही थी।

वो — दीप, यहां कोई डर वाली बात तो नही है न, मतलब यहां तुम्हारे घर का कोई आएगा तो नही ना।

मैं — नही सुबह 7 बजे तक तो कोई नही, फेर माँ आएगी चाय देने।

वो — (लम्बी चैन की साँस लेते हुए) — फेर कोई बात का डर नही है। हम आराम से अपनी करवाई डाल सकते है।

ऐसा करो हमारे पास 1 घण्टे का वक्त है। इतने समय में अपने दिल की हर एक रीझ पुगालो। सुबह बच्चों को स्कूल भी भेजना है। सो मुझे जल्दी जाना पड़ेगा। मेरे घर में होते तो कोई जल्दी वाली बात नही थी।

मैं – लेकिन आज तो राकेश भी आने वाला था न, फेर… ??

वो — माँ चुदाये अब राकेश… हा..हा.. हा सुबह बोल दूँगी के तुम टाइम पे नही आये तो मैं क्या कर सकती हूँ। छोडो तुम ये बातें अपने काम में मन लगाओ। वरना उसके चक्र में अपना मज़ा भी फीका करवा लोगे। ऐसे करो एक एक करके मेरे कपड़े उतारो।

हम धीमी सी आवाज़ में बाते कर ही रहे थे के अचानक मेरे कमरे का दरवाजा खटकने की आवाज़ आई। हमारे तो जैसे पैरों तले ज़मीन निकल गई हो। मैंने जल्दी से उसे बैड के निचे छिपाया और सोकर उठने की एक्टिंग करता हुआ दरवाजा खोलने के लिए आ गया। जब दरवाजा खोला तो बाहर माँ दूध का गिलास और प्लेट में कुछ मिठाई लिए खड़ी थी।

माँ — क्या हुआ दीप बेटा, सो गए थे क्या ?

मैं– (जम्हाई लेने की एक्टिंग करके) – हाँ माँ सुबह कॉलेज जल्दी जाना था, इस लिए जल्दी सो गया।

माँ — आज तो तुम दूध पीना ही भूल गए। मेने सोचा चलो मैं खुद पकड़ा आती हूँ और आज दोपहर को शहर से तेरे मौसा जी आये थे, उनके घर बेटे ने जन्म लिया है। तो वो मिठाई का डिब्बा देकर गए है। दिन में तुम्हे मिठाई देना भूल गयी। सोचा शाम को दूध के साथ दे आती हूँ। ये लो प्लेट और गिलास पकड़ लो और आराम से खा पीके सो जाना।

मैंने अपनी माँ से वो खाने पीने का समान पकड़ लिया और माँ को बाहर से ही वापिस मोड़ दिया। फेर जल्दी से दरवाजा बन्द करके हल्के से मीना को आवाज़ लगाई के बाहर आ जाओ खतरा टल चूका है।

वो जब बैड के निचे से बाहर निकली तो पसीने से भीगी हुई थी। मैंने उसे बैड पे बिठाके पानी पिलाया और पंखे की हवा में आराम करने का आग्रह किया। करीब 10 मिनट में जब वो नॉर्मल हुई तो बोली,” आज तो तुमने मरवा ही दिया था। समय रहते यदि मैं छिपती न तो मेरी तो इज़्ज़त की धज़्ज़ियाँ उड़ जाती। इतनी कठिनाई तो कभी मैंने, मेरे असली पत्नी जीवन में कभी नही देखी..

एक घण्टे में से 20 मिनट तो आंटी ने खराब कर दिए। अब जल्दी करो, मेरे जाने का वक़्त नज़दीक हो रहा है। बच्चे भी छोटे है न शायद खुद को अकेले पाकर डर न जाये, मुझे उनकी भी फ़िक्र हो रही है।

चलो जल्दी करो मेरे कपड़े उतारो, मैं तुम्हारे उतारती हूँ।

उसकी इस बात से मुझे आइडिया आया क्यों न आज की रात “सुहागरात” की तरह मनाई जाये, ताजो आज की रात बरसो तक एक सुनहरी याद बनकर याद रहे।

मैंने अपने दिल की बात मीना को बताई। वो बोली,” आज की रात तुम्हारी हूँ, जैसे भी दिल करे करलो।

मैंने उसे बैड पे दुल्हन की तरह घुंगट निकालकर बैठने को कहा। वो मान गयी। फेर मैं भी दूल्हे की तरह दरवाजे की तरफ से आया और उसके पास आकर बैठ गया। हल्के से उसका घुंगट उठाकर मुंह दिखाई की रस्म निभायी। फेर मैंने मुंह दिखायी में उसे अपने पर्स से कुछ पैसे दिए। फिर हमने इकठे एक गिलास से ही दूध पिया और मिठाई भी खायी।

फेर मैंने धीरे धीरे उसके ओर अपने सारे कपड़े उतारे और उसको लिटाकर माथे से लेकर निचे पैरो तक एक एक अंग को बड़ी शिद्दत से चूमा। मेरी ये हरकत आग में घी का काम कर रही थी। मतलब उसपे काम धीरे धीरे असर कर रहा था।

उसकी आँखे बंद थी और मुंह से हल्की हल्की आह.. सी.. सी.. आह… जैसी कामुक सिसकिया निकल रही थी। उसने मुझे आँख बन्द किये ही बोला, “पतिदेव अब और न तरसाओ, मैं काम अग्नि में जल रही हूँ। मेरी प्यास बुझादो प्लीज़… आह्ह्ह…

मैंने उसे और तड़पाने का प्लान बनाया और उसके होंठो को अपने होठो में भींचकर उनका रसपान करने लगा। करीब 10 मिनट ऐसे ही स्मूच करने के बाद मैंने उसके बड़े बड़े बूब्स पे टूट पड़ा। मैंने दोनो हाथो से उसे बारी बारी से पकड़कर उनको चूमा और हल्के से उनकी निप्पलो को काटा।

उसकी तो जैसे जान निकले जा रही थी। फेर मैं उसके एक दम स्पॉट पेट से होता हुआ उसकी क्लीनशेव फुद्दी पे पहुँच गया। उसपे हल्की हल्की बदबू आ रही थी।

मैंने फेर भी हल्के से मन मारकर उसके दाने को जीभ से चाटना शुरू कर दिया। वो मज़े में आकर मेरा मुंह अपनी फुद्दी पे दबा रही थी। जब मुझे लगा के उसका होने वाला है तो मैंने अपना मुंह वहां से हटा लिया और अपना लण्ड उसके आगे करके उसे चूसने को कहा।

वो ना चाहते हुए भी मेरे लण्ड को मुंह में लेकर चूस रही थी। कभी वो मेरे आंडो को जीभ से चाटती तो कभी मेरे लण्ड का सुपाड़ा अपने दाँतो से हल्के हल्के काटती।

जब मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने उसका मुंह पकड़ के अपनी कमर तेज़ चलानी शुरू करदी। लण्ड उसके हलक तक घुसा दिया और उसके मुंह में ही अपना माल छोड़ दिया। उसकी तो जैसे साँस ही अटक गयी थी। उसकी खांसी रुकने का नाम नही ले रही थी।

मैंने सोचा साला क्या पंगा ले लिया यार, मेरे कमरे में उसके खाँसने की आवाज़ सुनकर घर का कोई सदस्य न आजाये। मैंने उसे पानी पिलाया और अपने दुर व्वयहार के लिए मांफी मांगी। वो साली गुस्से से अपने वादे से मुकर गई और अपने कपड़े उठाकर बाहर जाने लगी।

मैंने उसको एक बार फेर माफी मांगी ओर आगे से ऐसी गलती दुबारा न करने का भरोसा दिया। फेर पता नही उसके मन में क्या आया और बोली,” ठीक है ये आपकी पहली और आखरी गलती है। अब जल्दी से लण्ड फुद्दी में डालो और मुझे भी अपने घर जाने दो। मेरा अभी अभी रस्खलन हुआ था तो अभी सोया हुआ लण्ड उसकी फुद्दी में कैसे डालता। तो मैंने उसे लण्ड की तरफ इशारा करके दुबारा खड़ा करने को बोला।

वो — एक शरत पे मुंह में लुंगी के अब मेरे मुंह में नही झड़ोगे।

मैं– हाँ, वादा करता हूँ, इस बार मैं फुद्दी में ही झड़ूंगा।

उसने मुझे लेट जाने का इशारा किया और मैं लेट गया। अब फेर उसने मेरे लण्ड को अपनी चुनरी से साफ किया और दुबारा अपने मुंह में ले लिया। अब मैं आँखे बन्द किये उसके द्वारा किये फोरप्ले का मज़ा ले रहा था।

जब उसे लगा के मेरा मुंह अजीब सा बन रहा है तो वो मेरे लण्ड से अपना मुंह हटाकर अपनी फुद्दी खोलकर आहिस्ते आहिस्ते उसपे बैठकर निचे की और दबाव बनाने लगी। ऐसा उसने तब तक किया जब तक पूरा जड़ तक लण्ड उसकी फुद्दी में घुस न गया।

फेर वो मेरे ऊपर बैठकर मेरे जाघो पे अपने हाथ पीछे की और मोड़कर उठक बैठक करने लगी। करीब 10 मिनट तक ऐसे ही हिलते रहने के बाद, फेर वो मेरे ऊपर लेटकर हिट लगाने लगी। कभी वो मेरे होंठ चूमती, तो कभी अपने बूब्स मेरे मुंह में देती।

करीब 10-12 मिनट तक चले इस कामुक खेल में हम दोनों एक साथ रस्खलित हुए और हांफते हुए एक दूसरे की बाँहो में लिपटे रहे। मैंने फेर उसकी गांड पे हाथ रखकर उसको पेलने की चाह बताई।

वो — पागल हो गए ओ क्या? मैंने तो आज तक सन्दीप को इसका मज़ा नही लेने दिया। तुम्हे कैसे हाँ बोल दूँ। आज के लिए इतने में ही सब्र करो। आज तुमने बहूत मज़ा दिया है मुझे दीप.. मेरा दिल फेर चाहा तो किसी दिन फेर एक रात तुम्हारी बाँहो में गुजारूंगी और तुम्हारी ये रहती इच्छा भी जल्द ही पूरी करूंगी। मन तो अब भी जाने का नही है। लेकिन बच्चे घर पे अकेले है। सो अब जाना पड़ेगा..

लेकिन उस से पहले तुम वो दोनों रिकॉर्डिंग को मिटा दो। तुम्हे मेरी कसम है। मैंने तुम्हारी शर्त मानी है। अब तुम भी मेरी बात मानो। मैंने उसके सामने वो दोनों रिकॉर्डिंग डिलीट करदी और उसे जाने की इज़ाज़त दे दी। वो कपड़े पहन कर अपने घर चली गयी।

सो दोस्तो ये थी मेरी एक नई काम गाथा आपको जैसी भी लगी
 


Shaadi Me Mulakaat, Bed Par Suhagraat


दोस्तो मैं रॉनी एक बार फिर आपके सामने नयी कहानी के साथ आया हूँ। ये बात २ साल पुरानी है, तब मैं २६ साल का था । मैं एक रिस्तेदार के यहाँ शादी में गया था।

शादी वाले दिन जब बहुत भीड़ भाड़ और रौनक भरा माहौल था, तभी मैंने देखा की मेरी चचेरी बहिन एक लड़की के साथ बात कर रही थी जो दिखने में बड़ी माल लग रही थी।

मैंने पास गया उसके और अपनी बहिन को नाम लेके बुलाया, तो उसने अपने साथ वाली लड़की से परिचय कराया – “ये मेरी दोस्त है, बहुत दिनों बाद मिली है, शादी के बहाने मिलना भी हो गया इससे”।

मैं उस लड़की को हेलो बोला और उससे नाम पूछा तो उसने “प्रिया” बताया। फिर हल्का फुल्का बात हुई और वो लोग चले गए।

दोस्तों क्या जबरजस्त माल थी वो क्या बताऊ मैं, वो करीब ५ फुट ४-५ इंच हाइट की गोरी लड़की, फिगर करीब ३४-२४-३५ रहा होगा और नीले रंग के लहंगे में कहर धा रही थी।

अगले दिन सुबह वो फिर मिल गयी और मैंने इधर उधर की ऐसे बात किया जिससे कुछ बात आगे बढ़ सके। मन तो कर रहा था की इससे अभी नंबर मांग लूँ जिससे बातचीत का सिलसिला आगे भी चल सके, पर जल्दबाजी करना ठीक नहीं रहता इसलिए मैं रुक गया।

शाम तक मैं घर वापस आ गए अपने और आते ही अपनी कजिन के फेसबुक अकाउंट में उसको सर्च मारा और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया और मैसेज भी डाल दिया की मैं आपसे शादी में मिला था।

२-३ दिन तो उसने कोई रिप्लाई नहीं दिया, मुझे लगा की कोई बात नहीं बढ़ेगी पर ४ दिन बाद उसने रिक्वेस्ट अक्सेप्ट कर लिया और मैसेज किया- “आपसे मिलकर अच्छा लगा ” फिर धीरे धीरे हमलोग की फेसबुक पर रोज बात होने लगी और फिर कब फेसबुक से व्हाट्सप्प पर आ गए पता ही नहीं चला।

वो बीएससी कर रही थी उस टाइम और अपने कॉलेज की बाते रोज बताया करती थी मैसेज से। एक बार एक विषय में उसको समझने में कुछ दिक्कत हो रही थी और सौभाग्य से मुझे वो अच्छे से आता था तो मैंने कहा की मुझसे समझ ले आके।

फिर अगले दिन वो पढ़ने के लिए घर आ गयी मेरे तो घर के लोगो ने मिलाने के बाद हम स्टडी रूम में चले गए। वहां मैंने उसको खूब अच्छे से समझाया तो उसे काफी अच्छा लगा।

दोस्तों उसको देख के तो मेरा मन कर रहा था की मैं यही गिरा के चोद दूँ इसे। पर मैं माहौल ख़राब नहीं करना चाहता था और वैसे भी कहा गया की सब्र का फल मीठा होता है। फिर वो अक्सर मेरे पास पढ़ने आने लगी और कभी कभी मैं भी उसके घर चला जाता था।

धीरे धीरे उसको मेरा साथ अच्छा लगने लगा और हमारा मिलना जुलना बढ़ने लगा। कभी कभी बाहर घूमने, रेस्तौरांत इत्यादि भी जाने लगे। एक दिन जब वो पढ़ने आयी तो मैं अकेले था घर में उस दिन।

मैंने उसको बताया की घर के लोग आज बहार गए है और रात तक वापस आएंगे, फिर मैं उसके लिए कॉफ़ी बनाने चला गया। मन ही मन सोच रहा था की आज किसी भी तरह मौके का फ़ायदा उठाना है और इसको बेड पर गिराना है। फिर तरकीब सोचने लगा की क्या किया जाये।

मैं किचन में ही था तो वो पास आ गयी और उसने कहा की आप रूम में चलिए मैं बना के लाती हूँ। मैं भी तरकीब सोच ही रहा था और रूम में जाते ही अपने लैपटॉप में पोर्न साइट लगा दिया आवाज बंद कर के।

जैसे ही वो कमरे में आयी कॉफी लेके तो मैं लैपटॉप को धीरे से किनारे कर दिया और साथ बैठ के कॉफी पीने लगे। मैंने उसकी और कॉफी की बहुत तारीफ किया और वो मुस्कुराने लगी।

फिर हम थोड़ी देर इधर उधर की बात किये और कॉफी ख़तम होते ही मैं कप उठा के जानबूझकर कर रखने चला गया और उसके बाद वाशरूम गया और करीब १५ मिनट्स बाद आया।

मैं अंदर ही अंदर सोच रहा था की वो लैपटॉप देखे और जैसे ही मैं लौट के आया तो देखा की वो लैपटॉप में पोर्न मूवी बड़े ध्यान से देख रही रही। वो इतना मस्त थी मूवी देखने में की उसे पता भी नहीं चला की मैं आ गया हूँ। मैं भी चुपचाप पीछे खड़ा हो गया जाके और उसे देखता रहा।

जब मुझे लगा की इसका मूड थोड़ा बन गया है तभी मैंने अचानक से बोला – “अरे प्रिया, क्या देख रही हो ?” उसने डर के मारे जल्दी से लैपटॉप का स्क्रीन डाउन कर दिया और कहा कुछ नहीं बस ऐसे ही। मुझे भी सब पता था लेकिन मैंने यही दिखाया की मुझे कुछ नहीं पता।

फिर मैं उसके पास बैठ गया और बोला — “प्रिया, तुम इतनी खूबसूरत हो की जी करता है की तुम्हे ही देखता रहूं “।

वो सुन कर थोड़ा मुस्कुराई तो मैंने उसके कंधे पर हाथ रख के कहा – “मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ, लव यू डिअर “। उसके अंदर भी कामाग्नि का कीड़ा जागा हुआ था और सिर झुका के लव यू टू बोल दिया।

मेरी तो मानो मन मांगी मुराद पूरी हो गयी। मैंने उसको तुरंत बाहों में ले लिया और गले लगा लिया। उसके दिल की धड़कन का अहसास मुझे हो रहा था।

मैंने अपने दोनों हाथो से उसकी पीठ सहलाने लगा और धीरे धीरे उसके गले पर किस करने लगा। पहले तो उसने थोड़ा विरोध दिखाया पर पोर्न मूवी ने उसको इतनी गर्मी तो दे ही दिया था की मेरा काम हो सके।

मैं गर्दन और गले को किस करते हुए जुबान से चाटने लगा और हाथ से पूरी पीठ को सहलाता रहा साथ में। और वो मुझे कसकर चिपक गयी। बीच बीच में मैं कानो के नीचे चूसने लगा और देखा अब वो गरम होने लगी हैं। उसकी सांसे तेज होती जा रही थी।

फिर मैं उसके गालो और माथे पर किस किया और होठो को अच्छे से ३-४ मिनट स्मूच किया – ” मऊआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माउऊउउउउह्ह्हह्ह”, वो भी भरपूर सहयोग देने लगी।

फिर अचानक मेरा ध्यान गया की दरवाजा खुला है और मैं तुरंत दरवाजा बंद करके आया और प्रिया को फिर से किस करने लगा। किस करते करते मैं बेड पर उसे लेता दिया और उसके बूब्स टी-शर्ट के ऊपर से सहलाने लगा।

अब उसकी विरोध करने की हिम्मत नहीं बची थी इसलिए मैं उसके ऊपर आके कभी होठो को किस करता तो कभी गालो को, कभी गले को और साथ में दोनों हाथो से बूब्स को सहलाने और दबाने लगा।

दोस्तों लड़कियों को बूब्स सहलवाना अच्छा लगता है पर ध्यान रखिये की कसकर मत दबाइये की दर्द होने लगे, जितना प्यार आप देंगे उतने प्यार से लड़की आपको देगी। फिर मैं उसकी टी शर्ट को उतरने लगा, उसने दोनों हाथ ऊपर करके उतारने में मेरी मदद किया।

लेकिन टी शर्ट उतारते ही अंदर का द्रश्य बहुत ही मनमोहक था। उसके गोरे और गोल गोल संतरे जैसे बूब्स जिनके ऊपर लाल रंग की ब्रा, क़यामत लग रही थी बिलकुल।

मैं उसके ऊपर चढ़ गया और फिर से बूब्स दबाते हुए किस करने लगा, कभी ब्रा के ऊपर से बूब्स को किस करता तो कभी उसकी नाभि पर, कभी पेट पर, कभी पीठ पर।

उसके शरीर पर मैंने किसो की बौछार कर दिया। वो गर्म होने लगी और सिसकारियां मारने लगी। कमरे में मऊआअह्ह्ह्हह, आअह्हह्ह्ह्ह, माऊऊऊह्ह्ह्ह जैसी आवाजे होने लगी और इसी बीच मैं किस करते हुए उसके निचले हिस्सों पर जाने लगा।

आप सभी पाठक, पाठिकाओं से निवेदन है की लड़के अब हाथ में लंड पकड़ ले और लड़किया फुद्दी में ऊगली डालने के लिए तैयार रहे। उसने नीचे जीन्स पहना हुआ था और मैं जीन्स के ऊपर से बुर प्रदेश पर किस करने लगा। वो आँखे बंद करके प्रेम क्रिया का आनंद ले रही थी।

मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला और दोनों हाथो से जीन्स उतार के फेक दिया दूर, उसने भी कमर उठा कर पूरा सहयोग दिया। अब मेरे सामने लाल ब्रा पैंटी लडकी इतना क़यामत लग रही थी की किसी बुड्ढे का भी लंड खड़ा हो जाये। मैं उसके ऊपर चड़ कर चुम्मा चाटी करने लगा।

कभी होठो पर मऊआह्ह्हह्ह्ह्ह कभी बूब्स पर मुआअह्हह्ह्ह्ह। उसकी सिसकारियां तेज होती जा रही थी — आअह्ह्ह्हह्हह रॉनी, पागल कर दोगे आअह्ह्ह्हह्हह। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और दोनों कंधे से स्ट्रिप्स हटा के ब्रा दूर फेक दिया।

अब मेरे सामने दो बहुत ही प्यारे, गदराये हुए बूब्स आ गए और जिन्हे मैं जोर जोर से चूमने और चूसने लगा। बाये बूब्स को चूसते हुए दाए को हाथ से सहलाता और फिर दूसरे वाले को भी ऐसे ही करता।

बूब्स चूसते चूसते मैंने एक हाथ पैंटी के अंदर डाल दिया और उसके बुर के होठो और दाने को सहलाने लगा। वो भी मुझे कसकर चूमने लगी। आअह्हह्ह्ह्ह रॉनी, और चूसो तेज तेज आअह्हह्ह्ह्ह, उधर मैं भी बूब्स चूसते हुए उसकी बुर पर उंगलियों का जादू दिखाने लगा।

उसकी बुर पानी छोड़ने लगी जिससे ऊगली सहलाने उसको और मजा आने आने लगी। वो बोली —- “रॉनी, जल्दी करो कुछ, कितना तड़पाओगे “। मैं उसकी इक्षा का सम्मान करते हुए उसकी पैंटी उतार दिया और साथ में अपने भी कपडे उतार दिए।

पर मैं अभी उसको और तड़पाना चाहता था, इसलिए तुरंत उसकी जांघो को सहलाने और किस करने लगा। मुआअह्ह्ह्ह मुआअह्ह्ह्हह मुआअह्ह्ह्हह उसने भी दोनों टाँगे खोल कर मेरा स्वागत किया जिससे उसकी प्यारी बुर के दर्शन हुए।

बुर के दोनों फांको के बीच से उसके अमृत रस धारा निकल रही थी और उसका दाना उभरा हुआ दिख रहा था। ऐसे अमृत को कौन नहीं पीना चाहेगा। मैं भी तुरंत उसको बुर चाटने लगा।

जिन लड़कियों या औरतो ने बुर नहीं चटवाया है वो जरूर करवाए। बहुत ही मजा आती है। मैं इस काम में माहिर हूँ, इसलिए पाठिकाओं की बुरों को प्यारा सा किस मऊआआह्ह्हह्ह्ह्ह। बुर चाटने से वो बहुत मचलने लगी और आअह्हह्ह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह तेज तेज आआह्ह्ह्हह ऐसे आवाजे निकालने लगी।

मैं जोर जोर से बुर चूसने लगा, मुआअह्ह्ह्हह पच पुच मुआहहह, मैंने दोनों फांको को खोल कर जीब को गोल करके छेद के अंदर डालने की कोशिश करने लगा। वो बहुत जोर से चिल्लाई आअह्ह्ह्हह्हह आअह्हह्ह्ह्ह रॉनी, फ़क मी आअह्हह्ह्ह्ह।

ऐसी मादक इस्थिति में मेरा ६ इंच लंबा और ३ इंच गोलाई का लंड पत्थर की तरह कठोर हो गया। फिर मैं ६९ पोजीशन में आके लंड उसके मुँह में दिया और बुर चूसने लगा। वो कुछ भी मना करने की हालत में नहीं थी और अच्छे से लंड चूसने लगी।

आअह्ह्ह दोस्तों मजा आ गया। लग रहा था लंड फट जायेगा। फिर थोड़ी ही देर में मैं उसके ऊपर आके होठो पर किस करने लगा और बुर को लंड से सहलाने लगा।

वो फिर से चिल्लाई – “रॉनी, फ़क मी, आअह्ह्ह्हह ,आअह्हह्ह्ह्ह ” मैं भी लंड से बुर की दोनों फांको को खोल के तेजी से जल्दी जल्दी बुर को सहलाने लगा और बूब्स चूसने लगा।

और वो आंखे बंद करके चिल्लाये जा रही थी आआह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आहहहहहहह आआह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आहहहहहहह। इसी बीच दोनों हाथो से उसकी कमर पकड़ कर जोर का धक्का मारा और पूरा लंड फुद्दी के अंदर ठास दिया।

वो बहुत जोर चिल्ला उठी – ऊह्ह्हह्ह मर गयी, आहहहहह प्लीज निकाल लो, दर्द हो रहा आह्ह्ह्ह। पर मैंने नहीं निकला और चुप चाप उसके ऊपर चिपक के लेट गया और होठो को चूसने लगा। साथ में हाथो से बूब्स दबाने लगा तेज तेज जिसमे उसका ध्यान बट जाए।

कुछ ही देर में वो नार्मल हो गयी और फिर मैं आहिस्ता आहिस्ता लंड अंदर बाहर करना चालू कर दिया। उसकी बुर बहुत ही कसी हुई थी, लंड बहुत ही मुश्किल से अंदर बाहर हो रहा था। शायद उसका पहली बार रहा होगा जिस पर मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

२०-२५ धक्के बाद बुर ने पानी छोड़ दिया जिससे लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा। मैं भी धक्को की स्पीड बड़ा दिया और वो जोर जोर से आअह्ह्ह्हह्हह आअह्ह्ह्हह्हह आअह्हह्ह्ह्ह करने लगी। दोनों लोग को स्वर्गिक आनंद मिल रहा था।

१० मिनट ऐसे करते रहने के बाद मैं उसे अपने ऊपर कर लिया और वो कमर उछाल उछाल कर चुदने लगी। जब उसका मुँह मेरी तरफ था तो मैं उछलते हुए बूब्स देख के मस्त हो रहा था और उसके चुतरो को सहला के उसका मनोबल बढ़ा रहा था। और फिर थोड़ी देर दूसरी तरफ मुँह करा के उसकी फुद्दी का आनंद लिया।

इस पोजीशन में साथ में उसके दाने को तेजी से सहलाने लगा, वो उछलते हुए आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्ह कर रही थी और उसकी फुद्दी और मेरे तटों के टकराने से चट चट चट चट चट चट चट चट की आवाज आ रही थी। फिर थोड़ी देर में वो झड़ गयी और ढीली पड़ गयी। फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में करके पीछे से लंड बुर में घुसा दिया और सटा सट अंदर बाहर करने लगा।

वो सिसकारियां मारे जा रही थी आअह्ह्ह्ह और तेज आअह्ह्ह्हह्हह रॉनी तेज। पूरा कमरा फच्च फच्च पुच पुच फच्च फच्च पुच पुच फच्च फच्च पुच पुच की आवाजों से भरा हुआ तो, मैं तेजी से धक्के मार रहा था और साथ में थूक लगा के एक ऊगली गांड में घुसा दिया और ऊगली अंदर बाहर करने लगा। उसको बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी।

गांड में ऊगली की जगह अंगूठा डाल दिया तो वो चिहुँक गयी पर, लंड -बुर के आनंदमय मिलन में उसकी बोलने की कुछ हिम्मत नहीं हुई। मैं उसको धका धक् तेजी से चोदने लगा आअह्ह्ह्हह आअह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह फच्च फच्च पुच पुच फच्च फच्च पुच पुच फच्च फच्च पुच पुच और उसकी बुर में ही झड़ गया।

कुछ देर ऐसे ही रहा फिर पक्क की आवाज से लंड बाहर निकल आया। उसकी बुर मेरे वीर्य से लबा लब भर गयी और फिर हम दोनों साथ चिपक के लेट गए। लगभग ४५-५० मिनट की मस्त चुदाई से आनंद आ गया और एक दूसरे के जिस्म से खेलते रहे।

थोड़ी देर बाद उठे मैं उसको i -पिल दिया और फिर कपडे पहनाएँ। पैंटी पहनाने से पहले मैंने उसकी बुर को किस करके धन्यवाद् दिया और उसको गले लगा के प्यार किया। फिर इस तरह वो अक्सर आने लगी और जब घर में कोई नहीं होता था तो हमारी चुदाई क्रिया होती हैं।

आशा करता हूँ आपको कहानी पसंद आयी होगी।
 
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