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थूक लगा-लगा कर चोदूंगा. complete

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जबकि इधर,

"तेरा नाम क्या है?..."

"तान्या....."

"अब तू मुझसे मेरा नाम पूछ...."

"आपका नाम क्या है?....."

"आप नहीं तुम बोल....."

"तुम्हारा नाम क्या है?..."

"चोर.....कितने साल की है तू?"

"23..."

"तेरा कोई भाई-वाई है....."

"एक है...."

"बड़ा या छोटा?....."

चोर का हाथ धीरे से लड़की की चूची पर आकर रुक गया था।

लड़की ने चोर का हाथ पकड़ लिया।

"प्लीज नहीं......"

चोर ने अपने हाथ को कोई हरकत नहीं दी लेकिन हटाया भी नहीं।

"बड़ा है या छोटा?...."

"छोटा...."

"कितना छोटा?...."

चूची पर हाथों का दबाव कुछ बढा।
 
"2 साल..."

"तेरा बाप क्या करता है?....."

"डाक्टर हैं.....सीSSSSS"

सिसकारी की वजह चूची को धीरे से मसला जाना था।

"किस टाइप के डाक्टर?...."

"सर्जन.....आहSSSSS"

"फटी हुई चीज को सी कर पहले जैसा बना सकता है?...."

"हाँ......मम्मीSSSSSS...प्लीज नहीं......"

"तो फाड़ दूं........"

"आहSSSSS........मर जाऊंगी......प्लीज धीरे से....."

एक पूरी चूची मुट्ठी में नागपुरी संतरे की तरह कस गई थी।

"जबाब दे.....फाड़ दूं......"

"नहीं.........पता चल जायेगा.......मम्मी...मम्मी नहीSSSSS....सीSSSS"

इस बार दोनों चूचियां कस के रगड़ी गई।

"नहींSSSSSS....प्लीज छोड़ दो....आहSSSSS......म्म्मी...."

5 मिनट तक इसी तरह की सिसकारी कमरे में गूंजती रही।
 
5 मिनट बाद,

"बहुत कड़ी चूची है तेरी.....एकदम कुँवारी......"

इतना बोल कर चोर ने अपने चेहरे से पारदर्शी मास्क ऊतार फेंका।

"आपको जो भी करना है प्लीज जल्दी से कर लीजिये......कोई देख लेगा तो मेरे बदनामी हो जायेगी....प्लीज....."

चोर ने लड़की की बड़ी-बड़ी कजरारी आँखों में झाँका-

"अगर तू मेरी बीवी होती तो तेरे लिये मैं अपनी जान दे देता.......सच.....एकदम हीरोइन लगती है तू...."

गोरे गालों में मानों हल्का सा सिन्दूर बिखर गया।

"उफ.......बला की हसीन है तू.......एक बात कहूं......"

लड़की ने चोर की तरफ देखने की जरूरत नहीं समझी।

चोर ने अपनी खुरदुरी ऊंगली गुलाबी पड़ चुके गालों पर धीरे से फिराई-

"तेरे गुलाबी और चिकने गाल को देखकर हर लौड़ा यही सोचता होगा कि इतनी ही चिकनी और गुलाबी तेरी चूत भी होगी........"

लड़की का लजाता हुआ मुखड़ा गोरी-गोरी हथेलियों के आवरण में छुप गया।
 
"उफ ये अदा.....जानलेवा....कातिलाना.....तौबा....तौबा......कौन अपनी जान नहीं दे देगा......."

"आपको जो भी करना है प्लीज जल्दी से करके जाईये...."

"बिना कुछ किये भी चला जाऊगा अगर बस एक बार तुम कह दो कि तुम मुझे चाहती हो........"

लड़की खामोश रही।

"क्या ये कहना बहुत मुश्किल है.......ओ.के...जैसी तुम्हारी मर्जी......"

"आईSSSSSSSS मम्मी मर गई......"- लड़की की चूची को बहुत कस के मसला गया।

"एक बार अगर कह दो कि मुझे चाहती हो तो ये दर्द मीठी सी गुदगुदी में भी बदल सकता है.....बोलो......"

कुछ सिसिकारियों के अलावा और कोई शब्द लड़की के होठों से नहीं फूटा।

चोर का चेहरा कठोर हो गया !

"नहीSSSSS....नहीं...... प्लीज नहींSSSSSSSS"

'गुच्च्' खप्प गप्प गप्प खप्प..
 
कोई मोटी सी सख्त चीज किसी छोटी सी जगह में जबरजस्ती दाखिल हो गई। ओर आगे ही आगे घुसती जा रही थी !

"बहुत टाईट गांड़ है......ताकत लगाकर चापना पड़ेगा...वरना गांड़ का टाइट छल्ला लौड़े को बाहर निकला देगा......"

'गुच्च्' गप्प खप्प के साथ आहहहहहह ... उहहहह मर गई की मर्मान्तक चीख गूँज गई !

इस बार के धक्के में 100 किलो के बराबर की ताकत थी।

8 इच का औजार छेद को को चौड़ा करता हुआ अंदर तक ससक गया।

छोटे चूहे के बिल को तहस नहस करता अजगर अंदर सरक रहा था !

सारे किले ढह रहे थे !

"प्लीज छोड़ दीजिये मैं मर जाऊंगी.....आह......प्लीज....आई लव यू......प्लीज अब निकाल लीजिये....."

"देर कर दी मेरी चिकनी कबूतरी......अब तो शेर के मुंह में खून लग चुका है.......शिकार को भभोड़कर खाये बिना मानेगा नहीं........ये ले...."

'गच्च्....गुच्च्.....पुक्क्....फक्क..'

चोर पूरी ताकत लगा कर लड़की की लेने लगा।

लड़की बस चिचियाती रही।

छटकने की कोशिश भी की।

लेकिन बाज के पंजे में फंसा चूहा भला कहाँ छटक सकता है।

उसका तो बस एक ही अंजाम होना था

मांस अलग, बोटी अलग, खून अलग।
 
आधे मिनिट में चोर की झांगे लड़की की झांगों से सट गई थी उसके आंड कुंवारी चूत से टकरा रहे थे !

लड़की अर्धबेहोशी की हालत में थी पर चोर कच कचा कर तूफानी गति से उसकी गांड फाड़ रहा था !

कमरे में खप्प खप्प गप्प गप्प सट सट ओर लड़की की आह आह की आवाजें ओर चोर की हुँह हुँह जैसे लकड़हारा लकड़ी फाडते हुए कुल्हाड़ा चलाते जैसी आवाजे भी आ रही थी !

10 मिनट की फाड़ू पेलाई के बाद चोर किसी जोंक की तरह लड़की से चिपक गया।

"ले गया मेरा माल तेरी चिकनी मलाई दार गांड़ में.......मेरी कबूतरी..."

लड़की को अपने भीतर कुछ फूलता -पिचकता सा महसूस हुआ।

न चाहते हुये भी उसकी आंखें मदहोशी से बंद हो गई।

आखिर थी तो चुदाई ही कोई मजाक नहीं।

5 मिनट बाद चोर धीरे से लड़की के शरीर से अलग हुआ।

उसकी सांस धौकनी की तरह चल रही थी।

ठीक उसी वक्त दरवाजा खुला।

दूसरा चोर काफी उत्तेजना में भीतर दाखिल हुआ।

"अब मेरी बारी......."

लड़की ने जल्दी से चद्दर खींच कर अपने नंगे जिस्म को समेट लिया।

इससे पहले की दूसरा उस लड़की पर हावी हो जाता पहले चोर ने उसका हाथ पकड़ लिया-

"मैंने इरादा बदल दिया है........"

"तो....."

"ये मुझे चाहती है...."

"मुझे भी चढ़ने दो...खुद ब खुद चाहने लगेगी....."

"प्यार एक बार होता है....."

"मैं पहले गया होता तो?....."

"जिसकी किस्मत में होता है उसे ही मिलता है......पहले और बाद से कोई फर्क नहीं पड़ता.....माल उठा चल चलते हैं...."

"माल की परवाह है किसे ....."

"औकात से बाहर पांव मत फैला......फट जायेगी.."

इस वक्त दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे।
 


मरने-मारने पर अमादा।

फिर ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।

'टिप्प्'

एकाएक कमरे की लाइट जली।

दोनों ने उस लड़की की तरफ देखा।

जिसके हाथ में एक मिनी रिवाल्वर थी।

और निशाना......?

'धाँयSSSSSS'

ये गोली पहले चोर के उस जगह लगी जहाँ उसकी औकात थी।

"आहSSSSSSS.....साली कुत्ती......."

'धाँयSSSSSSSSS....'

दूसरी गोली ने उसकी खोपड़ी के चीथड़े उड़ा दिये।

अब बचा दूसरा।

उसकी रूह मानों उसके शरीर से बाहर आने के लिये छटपटा रही थी।

"प्लीज मुझे छोड़ दो........."

"ले छोड़ दिया..."

'धाँयSSSSSSS'

उसकी खोपड़ी उड़ गई।

".........जहन्नुम तक...."

"मर्दों को ये बात पता होनी चाहिये कि हवश औरत पर हावी तो हो सकती है........लेकिन उसकी बेइज्जती को भूला नहीं सकती।"

.........the end .....................!


कमला भाटी
 
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