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Guest
कामरू- हाँ... यार? एक दो बार बजाया भी तेरी परिवार को मैंने। पर एकदम धीरे-धीरे... ताकी किसी को पता ना चले।
भादरू- क्या? एक दो बार बजा भी दिया। मेरी परिवार को... उसने कुछ नहीं कहा?
कामरू- “अरे तुमरी फेमली तो बहुत ही बढ़िया है। यार क्या मजा देती है यार तेरी फेमली। मैं दूसरे दिन तेरे घर गया था। काकी अकेली थी। तू पाँच दिन बाद आने वाला था। मेरी बीवी घर पे है नहीं। इससे अच्छा मौका कहाँ मिलने वाला था मेरे दोस्त। मैं और तेरी फेमली... तेरी फेमली और मैं... बस दिन रात बजाता हूँ तेरी फेमली को। हाँ पहले पहली बार उसने थोड़ा नखरा दिखाया तो मैं अच्छी तरह से बजा नहीं पाया। पर अब...”
भादरू- क्या दिन रात बजा रहा है मेरी फेमली को?
कामरू- हाँ... यार, दोस्त ही तो दोस्त के काम आता है। देख मेरी बीवी घर पे नहीं थी। इधर तू घर पे नहीं था। मैं अकेला। उधर तेरी फेमली अकेली... हम दोनों मिलकर। बहुत मजा आ रहा है यार। तेरी फेमली तो बहुत ही मस्त है यार।
भादरू- साले, तू दोस्त होकर, दोस्त के परिवार को बजा दिया। ऐसा क्यों किया तूने?
कामरू- अरे, मैं तेरा दोस्त हैं। इतना तो अधिकार बनता है मेरा की मैं तेरी फेमली को बजा सकें, और ऐसा मैंने क्या गुनाह कर दिया। तेरी फेमली को ही बजाया है।
भादरू- साले, पर मेरी फेमली को कैसे बजा दिया तूने। उसे तो मैं सिर्फ अकेला ही बजा सकता हूँ।
कामरू- क्या बात करता है? तेरा साला तो कह रहा था उसने भी लगातार आठ दिन तक तेरी फेमली को बजाया है। उसे भी तेरी फेमली को बजाने में बहुत मजा आया बोल रहा था।
भादरू- क्या? और मेरी फेमली ने उससे कुछ ना कहा। अपने ही भाई से बजवा बैठी और उसके बाद तुमसे?
कामरू- हाँ... यार तेरी फेमली है ही इतनी सुंदर की एक बार देखने का बाद मन बिना बजाए नहीं रुकता।
भादरू- मैं तेरी फेमली के साथ ऐसा करूँ तो तुझे कैसे लगे।
कामरू- क्या करूँगा मैं? तेरी फेमली हैं ना। जब तक मेरी बीवी नहीं आ जाती मैं तेरी फेमली को बजाते रहूँगा।
भादरू- और मैं क्या करूँगा? साले मूठ मारूँगा, या तालाब में आकर भैंस की फुद्दी में लण्ड घुसाऊँगा साले।
कामरू- इतना ही खड़ा हो रहा है तेरा लण्ड। इतना ही तड़प रहा है तो चला जा अपने ससुराल भाभी के पास।
भादरू- पर साले... ससुराल में क्या उसकी अम्मा को चोदूंगा। फेमली को तो तू ला रखा है, उसको बजा रहा है।
कामरू- मैं तेरी फेमली की ही तो बजा रहा हूँ। तू जाकर भाभी याने अपनी बीवी की बजा।
भादरू- क्या मतलब है तेरा? फेमली... बीवी... मैं कुछ समझा नहीं साले? परिवार मतलब मेरी बीवी को लाकर रात दिन उसकी फुद्दी में अपना लण्ड डाल के बजा रहा है साले, और मुझे ससुराल भेजना चाहता है।
कामरू- क्या? क्या? अबे मैं भाभी को क्यों लाऊँगा। खैर मैं उनको बोल रहा था। पर वो नहीं आए, और साथ में खाली तेरी वो फेमली को साथ में लेकर आया हूँ। वो क्या कहते हिन्दी में तबला।
भादरू- क्या? तबला?
कामरू- हाँ हाँ साले, तबला। जिसे तू अपनी अँग्रेजी भाषा में फेमली फेमली बोल रहा है।
भादरू- हे भगवान्... मैं क्या से क्या समझ गया था। मुझे माफ कर दे मेरे यार।
कामरू- पर इसका मतलब है। तबला का अँग्रेजी नाम फेमली नहीं है। फिर फेमली का मतलब क्या है बता?
भादरू- जाने दे यार,
कामरू- नहीं, तुझे बताना ही होगा।
भादरू- फेमली का मतलब होता है परिवार। याने मेरी परिवार का मतलब मेरी बीवी।
कामरू- क्या? फेमली का मतलब बीवी होता है।
भादरू- “हाँ.. मेरे दोस्त। मैं तुझे पहले ही दिन अँग्रेजी की जगह हिन्दी में तेरी भाभी को ले आना कह देता तो...”
कामरू- मुझे भी माफ कर दे यार। मैं गलती से तेरी फेमली बजा रहा हूँ कहते रहा।
भादरू- खैर देर आए दुरुस्त आए। चलो आखिरकार गलतफहमी मिट ही गई। फ्लैश बक खतम
* * * * *
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भादरू- क्या? एक दो बार बजा भी दिया। मेरी परिवार को... उसने कुछ नहीं कहा?
कामरू- “अरे तुमरी फेमली तो बहुत ही बढ़िया है। यार क्या मजा देती है यार तेरी फेमली। मैं दूसरे दिन तेरे घर गया था। काकी अकेली थी। तू पाँच दिन बाद आने वाला था। मेरी बीवी घर पे है नहीं। इससे अच्छा मौका कहाँ मिलने वाला था मेरे दोस्त। मैं और तेरी फेमली... तेरी फेमली और मैं... बस दिन रात बजाता हूँ तेरी फेमली को। हाँ पहले पहली बार उसने थोड़ा नखरा दिखाया तो मैं अच्छी तरह से बजा नहीं पाया। पर अब...”
भादरू- क्या दिन रात बजा रहा है मेरी फेमली को?
कामरू- हाँ... यार, दोस्त ही तो दोस्त के काम आता है। देख मेरी बीवी घर पे नहीं थी। इधर तू घर पे नहीं था। मैं अकेला। उधर तेरी फेमली अकेली... हम दोनों मिलकर। बहुत मजा आ रहा है यार। तेरी फेमली तो बहुत ही मस्त है यार।
भादरू- साले, तू दोस्त होकर, दोस्त के परिवार को बजा दिया। ऐसा क्यों किया तूने?
कामरू- अरे, मैं तेरा दोस्त हैं। इतना तो अधिकार बनता है मेरा की मैं तेरी फेमली को बजा सकें, और ऐसा मैंने क्या गुनाह कर दिया। तेरी फेमली को ही बजाया है।
भादरू- साले, पर मेरी फेमली को कैसे बजा दिया तूने। उसे तो मैं सिर्फ अकेला ही बजा सकता हूँ।
कामरू- क्या बात करता है? तेरा साला तो कह रहा था उसने भी लगातार आठ दिन तक तेरी फेमली को बजाया है। उसे भी तेरी फेमली को बजाने में बहुत मजा आया बोल रहा था।
भादरू- क्या? और मेरी फेमली ने उससे कुछ ना कहा। अपने ही भाई से बजवा बैठी और उसके बाद तुमसे?
कामरू- हाँ... यार तेरी फेमली है ही इतनी सुंदर की एक बार देखने का बाद मन बिना बजाए नहीं रुकता।
भादरू- मैं तेरी फेमली के साथ ऐसा करूँ तो तुझे कैसे लगे।
कामरू- क्या करूँगा मैं? तेरी फेमली हैं ना। जब तक मेरी बीवी नहीं आ जाती मैं तेरी फेमली को बजाते रहूँगा।
भादरू- और मैं क्या करूँगा? साले मूठ मारूँगा, या तालाब में आकर भैंस की फुद्दी में लण्ड घुसाऊँगा साले।
कामरू- इतना ही खड़ा हो रहा है तेरा लण्ड। इतना ही तड़प रहा है तो चला जा अपने ससुराल भाभी के पास।
भादरू- पर साले... ससुराल में क्या उसकी अम्मा को चोदूंगा। फेमली को तो तू ला रखा है, उसको बजा रहा है।
कामरू- मैं तेरी फेमली की ही तो बजा रहा हूँ। तू जाकर भाभी याने अपनी बीवी की बजा।
भादरू- क्या मतलब है तेरा? फेमली... बीवी... मैं कुछ समझा नहीं साले? परिवार मतलब मेरी बीवी को लाकर रात दिन उसकी फुद्दी में अपना लण्ड डाल के बजा रहा है साले, और मुझे ससुराल भेजना चाहता है।
कामरू- क्या? क्या? अबे मैं भाभी को क्यों लाऊँगा। खैर मैं उनको बोल रहा था। पर वो नहीं आए, और साथ में खाली तेरी वो फेमली को साथ में लेकर आया हूँ। वो क्या कहते हिन्दी में तबला।
भादरू- क्या? तबला?
कामरू- हाँ हाँ साले, तबला। जिसे तू अपनी अँग्रेजी भाषा में फेमली फेमली बोल रहा है।
भादरू- हे भगवान्... मैं क्या से क्या समझ गया था। मुझे माफ कर दे मेरे यार।
कामरू- पर इसका मतलब है। तबला का अँग्रेजी नाम फेमली नहीं है। फिर फेमली का मतलब क्या है बता?
भादरू- जाने दे यार,
कामरू- नहीं, तुझे बताना ही होगा।
भादरू- फेमली का मतलब होता है परिवार। याने मेरी परिवार का मतलब मेरी बीवी।
कामरू- क्या? फेमली का मतलब बीवी होता है।
भादरू- “हाँ.. मेरे दोस्त। मैं तुझे पहले ही दिन अँग्रेजी की जगह हिन्दी में तेरी भाभी को ले आना कह देता तो...”
कामरू- मुझे भी माफ कर दे यार। मैं गलती से तेरी फेमली बजा रहा हूँ कहते रहा।
भादरू- खैर देर आए दुरुस्त आए। चलो आखिरकार गलतफहमी मिट ही गई। फ्लैश बक खतम
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