Update 6
(अब तक आपने पढ़ा की कैसे बाबा विशख्त श्राप मुक्त हो गये.दूसरी और ऋषि विशिष्ट भगवान के निर्देश अनुसार गुफा मे जेया ध्यान मे बैठ गये.बचे का नामकरण हो गया.उसका नाम विक्रम रखा गया.और शैतान का नाम और उसका रूप भी भी पता चला................"असमडेयस"...................
अब आयेज...
अपडेट 6-
मोंसलिककेल......असमडेयस का ग्रह....
एक ख़तरनाक जगह,जो खुद असमडेयस ने बनाई है.इस पूरे ग्रह मे सिर्फ़ एक महल बस है.पर ये महल कोई आम महल नही है.चार से पाँच शहेर जाम जाए इतना बड़ा महल है ये.इसीके अंदर सारे डेविल्स रहते हैं.इस ग्रह मे कोई पेड़ पौधे पानी वागेहरा कुछ भी नही है.सिर्फ़ चट्टान हैं और बड़े बड़े सूखे मैदान.यहाँ कभी दिन नही होता.क्यूंकी यहाँ पे कोई सूर्या नही है.यहाँ पर उजाला सिर्फ़ आग की वजह से होता है.ये पूरा ग्रह लावा के उपर बना है.फिर भी एक अजीब बात है.वो ये की यहाँ का मौसम बेहद ठंडा है.पूरे साल यहाँ बर्फ गिरती है.और इसका कारण है असमडेयस....चलिए ज़रा हमारे कहानी के विलेन के बारे मे जानते है.आक्च्युयली ये विलेन तो है,शक्तिशाली भी है पर ज्ञानी भी बोहोट है.शैतान सुनकर लगता है जैसे ख़तरनाक दिखता होगा पर ऐसा है नही.उल्टा ये इतना हॅंडसम है की हॉलीवुड आक्टर्स भी शर्मा जाएँ.गोरा आकर्षक चेहरा,रिप्ड बॉडी,चेहरे मे सूर्या सा तेज,बस आंकों की पूतियाँ पूरी सफेद.कब क्या सोच ले कोई नही जानता.और सबसे अजीब बात,शैतान के सोच के बिल्कुल उलट,ये बिल्कुल शांत दिमाग़ का है.जैसा की मैने कहा की मोंसलिककेल का मौसम हमेशा ठंडा ही रहता है.ये असमडेयस की आँखों का कमाल है.जब तक इसकी आंकों की पुतलियान सफेद हैं तब तक मौसम ठंडा ही रहते है.इसकी आँखों का एक और कलर है,लाल.और इसीलिए पूरा मोंसलिककेल लावा के उपर बसा है.वो लावा इसकी आँखों का ही प्रतीक है.जब भी असमडेयस को गुस्सा आता है तब उसकी आँखों की पुतलियों का रंग बदल कर लाल हो जाता है.पर नज़ाने कितनी साड़ियाँ बीट गयी असमडेयस को गुस्सा हुए,और इसीलिए मौसम मे भी हमेशा ठंडक बनी रहती ह.असमडेयस की सोच भगवान से उल्टी ज़रूर है पर तेज़ भी बोहोट है.ये बात स्वयं भगवान भी जानते हैं.वो चाह कर भी असमडेयस को नही मार सकते हैं,क्यूंकी असमडेयस भगवान का शक्ति पुंज है.देविल बनाने से पहले वो लॉर्ड थे गोद का सबसे ताकतवर एंजल था.दुनिया की हर चीज़ पे जड्ज्मेंट देने का हक़ ईश्वर ने उससे दिया था,पर कुछ ग़लत फ़ैसलों की वजह से उससे हेवेन से निकल दिया गया.(रीज़न आयेज स्टोरी मे पता चलेगा).
पर वो गोद से नाराज़ नही हुआ.उसने ये तान ली की जिस दुनिया के लिए गोद ने उससे खुद से अलग किया है उससे वो बर्बाद कर देगा.उसकी ऐसी हालत कर देगा की खुद गोद दुनिया से क्रोधित हो उससे ख़त्म कर देंगे.बोहोट सोच समझ कर वो अपनी चाल चलता रहा.और देखते ही देखते उसने अपने डीमॉन्स गुलामो की मदात से इंसान के मान मे लालच,हवस मतलबपरस्ती इस कदर बढ़ा दी की अब दुनिया पाप के चरम पे थी.इसी बुराई से असमडेयस और शक्तिशाली हो गया,क्यूंकी अब वो एक शैतान था.उसकी शक्ति का श्रोत बुराई थी जो अब दिन दोगुनी रात चौगुनी रफ़्तार से बढ़ रही थी.इसीलये भगवान को अपना अंश धरती पर भेजना पड़ा.असमडेयस के पास अलग अलग डेविल्स की फौज थी जिनका वो बखुबी से इस्टामाल करता था.असमडेयस के महल मे दरबार नाम मात्रा की ही थी.वहाँ कोई सभा नही लगती थी.उस जगह पर असमडेयस बस ध्यान और स्वयं मंत्रणा करता था.
चलिए अब चलते है आयेज,अर्रे अर्रे एक मीं आयेज नही तोड़ा पीछे.उस रात की तरफ जिस रात हमारा हीरो पैदा हुआ था...
जब हमारा हीरो धरती पर पैदा होने वाला था,उस वक़्त असमडेयस मोंसलिककेल मे अपने महल के सिंघासन मे आँख बंद कर ध्यान मुद्रा मे बैठा हुआ था.उधर जैसे ही हमारा हीरो पैदा हुआ,इधर असमडेयस की आँखें खुल गयीं.जिस ग्रह मे सूर्या ना था उसका प्रकाश ना था,उस ग्रह मे अचानक रोशनी फैल गयी.जीतने डेविल्स बाहर घूम रहे थे सब रोशनी के पढ़ते ही बेहोश हो गये.और जो डेविल्स महल के अंदर थे,उनके पैर भी डगमगा गये और वो सब गिर गये.सब अचंभे मे थे की ये क्या हुआ???धीरे धीरे रोशनी कम हुई और फिर ख़त्म हो गयी.जहाँ एक और महल के अंदर सारे डेविल्स शॉक मे थे वहीं,असमडेयस अर्रे ये क्या इनकी आँखें नॉर्मल ही थी बस अब खुल चुकी थी.और होठों पे मुस्कान!!!!
असमडेयस-आख़िर खेल शुरू हो गया.
धीरे से असमडेयस अपने सिंघासन से खड़े हो गये आँख बंद की और एक मंतरा बोले
"मूर्छित विश्वँ पुनर्जते" और जीतने भी डेविल्स बेहोश थे सब वापस होश मे आ गये.
फिर उसने गेटो सोफर नाम के के देविल को याद किया गेटो सोफर तुरंत प्रकट हुआ
गेटो सोफर-हाई हेल देविल लॉर्ड(जाई हो) .और गेटो सोफर अपने कदमो मे झुक गया.
असमडेयस-उठो गेटो सोफर.जो रोशनी अभी हुई,तुमने भी महसूस की होगी
गेटो सोफर-जी महामाहिीम्.पर मुझे कुछ समझ नही आया.
असमडेयस-तुम्हे समझने की ज़रूरत भी नही है.
गेटो सोफर असमडेयस की कठोर आवाज़ सुनकर सहम गया.
असमडेयस-तुम्हे अभी धरतीलॉक मे जाना होगा.वहाँ पोुंच तुम ये मंतरा दोहराना.
"अग्यात शक्तीं रुपेह आगमन"
तुम उस जगह पोहॉंच जाओगे जहाँ तुम्हे जाना है.जिस जहाँ ये मंतरा तुम्हे पोहॉंछाएगा वहाँ तुम्हे एक नवजात शीसू मिलेगा.तुम्हे उससे मारना है.
ध्यान रहे,ये काम जितना आसान लग रहा है,उतना है नही.
गेटो सोफर-आपने जैसा कहा है वैसे ही होगा मी लॉर्ड.ये बोल गेटो सोफर पृथ्वी के लिए निकल गया.
असमडेयस-मैने आपनी चाल चल दी मी "लॉर्ड"....
अब...... आपकी बारी....
दूसरी तरफ परम पिता परमेश्वर ये सब देख रहे थे.जैसे ही गेटो सोफर पृथ्वी की तरफ निकला उन्होने अपने एक एंजल को बुलाया और उससे कुछ निर्देश देकर भेज दिया.
दूसरी तरफ गेटो सोफर लाइट स्पीड से धरती की और उड़ रहा था.अचानक उसके सामने एक डोर ओपन हो गया.गेटो सोफर की स्पीड बोहोट तेज़ थी.वो खुदको उस डोर के अंदर जाने से रोक नही पाया.गेटो सोफर के डोर के अंदर घुसते ही डोर बंद हो गया.और अब वो ब्राम्हादन्द के दूसरे छ्होर मे था.जितनी दूरी उसकी पृथ्वी से बच गयी थी अब वो उससे 10 गुना और दूर हो चुका था.गेटो सोफर रुक गया.उसके सामने इस वक़्त वही गोद का एंजल था.गेटो सोफर अपने रास्ते मे बाधा देख क्रोधित हो गया और उसने एंजल के उपर एक फिरे बॉल फेंकी.फिरे बॉल एंजल के पास आकर रुक गयी,और नष्ट हो गयी.गेटो सोफर और क्रोधित हो गया.
दूसरी तरफ ये सब ध्यान मे बैठा असमडेयस भी देख रहा था.पर फिर भी उसका मुख शांत था,जैसे वो कोई फिल्म देख रहा हो.इधर गेटो सोफर अपना वॉर खाली जाता देख अस्वेत बान का मंतरा पढ़ने लगा(इस बान से किसिको भी बँधा जेया सकता है)पर उससे पहले ही एंजल अपनी जगह छ्चोड़ देता है और गेटो सोफर के पीछे पहुँच जाता है.एंजल अपना हाथ आयेज कर गेटो सोफर के सिर पर रख देता है और बुदबुदाता है भ्रम दृश्यनाँ.
गेटो सोफर पुनः लाइट स्पीड से उड़ने लग जाता है.हुआ ये की मंतरा जैसे ही गेटो सोफर के मस्तिष्क के अंदर गया . . अब तक का . सब . गया..,उसकी . सब कुछ.उससे बस अपने . असमडेयस का . याद था.वो तुरंत . की तरफ . गया पर अब वो ग़लत . जेया रहा था.मंतरा के . मे अब उससे पृथ्वी . और . लगी.इस मंतरा मे भ्रम पैदा करने की . थी.
इधर असमडेयस ने जब देखा की एंजल ने गेटो . को जाने दिया तो वो सोच मे पढ़ गया.जैसे ही एंजल का काम ख़त्म हुआ उसने लौटना चाहा पर ये क्या वो ना . . रहा था ना गायब हो पा रहा था.उससे ऐसा लग रहा था जैसे . उससे . दिया हो.और फिर उसके सामने रोशनी हुई और जब रोशनी हटी और जो उसके सामने . था उससे देखकर एंजल . . गया.क्यूंकी उसके सामने और कोई नही "थे असमडेयस" . था...
असमडेयस-. मत ..तुम्हे ये शोभा नही देता.तुम गोद का वो . हो जो कभी मई था.मई तुम्हे मारूँगा नही.ना ही कुछ ... तो तुम्हारे सिर पर हाथ रख सब पता कर सकता हूँ की . मेरे . के साथ क्या किया.पर नही.ऐसे . नही आएगा.तुम इतने बड़े नही हुए की खुद असमडेयस तुम्हारे उपर शक्ति . ..जाओ तुम्हे मुक्त किया.और असमडेयस के ऐसा बोलते ही वो . मुक्त हो गया.वो एक पल भी ना . और अंतर्ध्यान हो . के पास चला गया.
असमडेयस-. आप मेरी बात . जाते गोद.. आपके . के . नही.चलिए देखते है आपके चाल का ..और असमडेयस . ध्यान हो अपने . लौट गया.
. . . . का रास्ता समझ . और ही . रहा था.महल मे बैठा असमडेयस ये देख रहा था और सोच रहा था की . ने . सोफर क सिर पर हाथ रख क्या कहा होगा,और जैसे अचानक उससे समझ आ गया की गोद ने क्या चाल चली है.उसने आँख बंद कर गेटो को . किया और कहा . .,और . . का भ्रम टूट गया.वो वहीं रुक गया.उससे सब स्मरण आ गया और वो . की तरफ मूड उड़ने लगा.
असमडेयस-. . थी गोद पर ये मुझे . के लिए काफ़ी नही......
पर ये . काफ़ी थी.क्यूंकी . . के . मे पैर रखते रखते 3 दिन निकल गये.और जब वो बालक के पास . . मंतरा पढ़ने वाला था उससी वक़्त बाबा विशख्त बचे की शक्ति मानी मे . मानी किसी सुरक्षित स्थान मे . . थे.
. असमडेयस को अचानक बचे की शक्ति महसूस होनी बंद हो गयी.उससे समझ नही आया की ऐसा क्यूँ हुआ.उसने आँख बंद कर मंतरा .."शक्ति कुंजम . आरंभाते....एक रोशनी का . . और धरती की और निकल गया.कुछ पल मे ही वो . . मे . कर गया और . . . डाला पर . उससे कुछ नही.वो रोशनी का . पुनः असमडेयस के पैरों मे आ . हो गया.
. गेटो सोफर ने मंतरा .
. . . ..पर ये क्या वो वापस असमडेयस के सामने था.हुआ . की जब असमडेयस उस शक्ति के श्रोत का पता नही लगा . तो उन्होने . . को वापस बुला लिया.उससी वक़्त गेटो . वो मंतरा बोल रहा था.अपने सामने असमडेयस को देख वो घबरा गया.उससे लगा उसने कुछ ग़लती कर दी.पर असमडेयस ने उससे कुछ नही बोला और जाने के लिए हाथ से . कर दिया.. . सिर नीचे कर धीरे धीरे निकल गया.
असमडेयस की आँखें एक पल के लिए लाल हो गयी.पूरा . . गया.. . कर उपर आने लगे.. . रुक गयी.मौसम मे गर्माहट आ गयी.पर फिर असमडेयस की . . हो गयी और सबकुछ पहले जैसा हो गया.
असमडेयस-. . . हो गोद.....
(देखते हैं . आयेज क्या . . दिखाती है.अभी तो सिर्फ़ पारट . है . मे . है.साथ . ......)
अब तक आपने पढ़ा शैतान असमडेयस और उसकी ताक़त के बारे मे.कैसे उसने एक महाशक्ति को महसूस किया और उसकी खोज मे अपने ख़ास देविल गेटो सोफर को भेजा पर गेटो सोफर उस शक्ति का पता लगाने मे नाकामियाब रहा.....
अब आगे........