नानाजी:- अरे ये लडकिया बाहर सो रही थी...और टीवी शुरु ही है...ऊपर से जगाया तो जाग भी नहीं रही....टीवी बंद कर दिया और उनको जगा के ऊपर भेज दिया।
नाना2:- ह्म्म्म बड़ी प्यारी है दोनों बच्चियां....
नानाजी:- हा बहोत प्यारी है....और जवान भी हो गयी है...
नानाजी ने पहला शॉट मारा...
नाना2:- अ..अ...क्या??
नानाजी:- अरे दोनों ही जवान हो गयी है....और क्या कमाल की जवानी मेहरबान हुई है उन दोनों पे...
नाना2:- क्या बोल रहा है साले ठरकी बुड्ढे...शर्म कर थोड़ी...
नानाजी:-अरे तू तो दोस्त है मेरा...तेरे सामने कैसी शर्म....और साले मुझे ठरकी बोल रहा है...मैं भी देख रहा हु ...जब से आया है...तब से सिर्फ दोनों की छतिया और गांड ही देख रहा है...
नाना2:- वो ...वो ...
नानाजी:-अबे घबराता क्यू है...मैं तो बस बोल रहा हु...अब दोनों है ही इतनी सेक्सी की नजर तो जाना ही है...
नाना2:- हा यार वो तो है....ख़ास करके वो नेहा ...क्या गांड है उसकी...उफ्फ्फ मेरा तो लंड खड़ा हो गया था...
हम दोनों एक दूसरे को देख रही थी और मुस्कुरा रही थी।
नेहा और मैं एक दूसरे को देख रही थी और मुस्कुरा रही थी। नानाजी ने उसे काफी उत्तेजित कर दिया था।
नेहा:- दादाजी तो उसे पागल कर देंगे आज...
मैं:- हा देख न उसकी आवाज से लग रहा है की वो बहोत उत्तेजित हो गया है....
नानाजी:- ह्म्म्म्म हा और मैं जब उन्हें जगाया तो बहोत गहरी नींद में थी दोनों...
नाना2:-तो क्या तूने हाथ साफ़ किया क्या??
नानाजी:- थोडा सा....
ये बोल के दोनों हंस पड़े।
नाना2:- क्या क्या किया बता...
नानाजी:- कुछ ज्यादा नहीं...दोनों सो रही थी...पहले तो जगाया...लेकिन दोनों हिली भी नहीं...फिर देखा माधवी की चुचिया खुली पड़ी थी....तो थोडा हाथ लगाया...फिर भी सोई रही तो थोडा अंदर हाथ डालके मस्त दबा लिया उफ्फ्फ्फ़ क्या बताऊ यार बहोत सख्त और मजेदार है ...
नाना2:- अह्ह्ह्ह स्स्स क्या बात है यार...और नेहा??
नानाजी:- उसकी। तो गांड खुली हुई थी उफ्फ्फ्फ्फ्फ उसको छुआ तो मेरा लंड झटके मारने लगा....और उसकी चूत भी सहलाया पैंटी के ऊपर से उफ्फ्फ्फ्फ्फ
नाना2:- स्स्स्स्स् सच में यार नेहा की गांड है बहोत मस्त....उसे देखते ही चोदने का मन करता है उम्म्म्म
मैं:- ये तो तेरी गांड पे लट्टू हुआ पड़ा है...
नेहा:- सशूऊ चुप...लगता है आज मस्त चुदाई होने वाली है हमारी...
मैं:- हा यार...देख न दोनों ठरकी बुड्ढे कैसे मचल रहे है...
नानाजी:- हा यार...बहोत डर लग रहा था वरना लंड तो रगड़ ही लेता उसकी गांड और चूत पे....
नाना2:- फिर क्या हुआ??
नानाजी:- कुछ नहीं यार...फिर मैंने थोडा जोर से हिलाया और जगाया उनको और ऊपर भेज दिया...
नाना2:- ह्म्म्म क्या यार...सोने देता यही...मैं भी थोडा हाथ साफ़ कर लेता...
नानाजी:- अरे नही यार...हॉल में बहोत रिस्की है...मन तो मेरा भी बहोत है...आज पहली बार ऐसा मौका हाथ लगा था...
नाना2:- ह्ह्ह्ह्ह् छोड़ यार जाने दे अब क्या कर सकते है...
नेहा ने स्कर्ट ऊपर कर लिया और मैंने भी टॉप के सारे बटन खोल दिया। और बेसुध हो सोने का नाटक करने लगे।
कुछ 5 मिनट बाद दरवाजा खुला और वो दोनों अंदर आये...छोटा बल्ब जल रहा था।वो दोनों फुसफुसा के बात कर रहे थे।
नाना2:-उफ्फ्फ्फ्फ़ क्या नजारा है....
नानाजी:-स्स्स्स हा ...ऐसे ही सो रही थी तभी निचे...संभल के...रुक जाओ मैं जरा आवाज लगाता हु...
नानाजी मेरे पास आये और मुझे दो तिन बार अव्वाज दी...और थोडा हिलाया भी...पर मैंने रेसपोंस नहीं दिया।
उधर नाना2 ने भी नेहा को आवाज दी और हिलाया।
नानाजी:- गहरी नींद में है दोनों...
नाना2:-हा ....स्स्स्स्स् ऐसेही सोती रहे बस...
नानाजी:-हा....उफ्फ्फ्फ़ ये देख जरा क्या मस्त चुचिया है माधवी की स्सस्सस्सस
नाना2:- हा यार स्स्स्स्स् इधर देख नेहा की गांड आआय हाय स्स्स्स्स् पॅंटी क्या कसी हुई है उफ्फ्फ्फ्फ्फ
नानाजी:- हा न स्स्स्स्स् क्या मजा आएगा इसकी गांड में लंड डालने में स्स्स्स।
नाना2:-हा यार स्स्स...छु के देखु क्या??
नानाजी:- हा देख ले अब इतना रिस्क लिया है तो...
इधर हम दोनों की धड़कने तेज हो रही थी।अंदर ही अंदर लड्डू फुट रहे थे।
नाना2 ने नेहा की जांघ पे हाथ रखा और धीरे से सहलाया। नेहा चुपचाप लेटी रही। नेहा पेट के बाल सो रही थी। फिर उसने पैंटी के ऊपर से ही नेहा की गांड को सहलाया ।
नाना2:- स्स्स्स अह्ह्ह्ह क्या मुलायम गांड है उफ्फ्फ्फ्फ्फ
नानाजी:- संभाल के स्सस्सस्सस यहाँ देख माधवी की चुचिया उम्म्म्म्म ....नानाजी ने मेरा टॉप थोडा बाजू सरका दिया था।
नाना2:- उफ्फ्फ्फ़ कितनी गोरी है यार स्सस्सस्स यहाँ देख स्स्स्स्स् नेहा की गांड कितनी गोल है स्स्स्स और ये बिच की लाइन स्सस्सस्स
नाना2 नेहा की गांड के फाको में से धीरे से उंगली घुमाई....और धीरे से दबाया। नेहा की हालात ख़राब होने लगी थी। हालात तो मेरी भी खराब हो रही थी। नानाजी ने अपना हाथ धीरे से मेरे टॉप के अंदर डाल दिया था और मेरी चुचिया दबा रहे थे और निप्प्ल्स को मसल रहे थे। और वो इतना धीरे कर रहे थे की उसकी लहर पुरे शरीर से होते हुए मेरी चूत तक जा रही थी।
नाना2:- स्स्स्स अह्ह्ह तूने तो पूरा हाथ घुसा दिया अंदर.,,,
नानाजी:- स्स्स्स बहोत गहरी नींद में है स्सस्सस्स
नाना2:- इसकी पॅंटी निचे करू क्या थोड़ी???
नानाजी:-कर ले...लेकिन धीरे...
नाना2 ने नेहा की पॅंटी को धीरे धीरे निचे करने लगे। उसकी गोरी गोल मटोल गांड को देख दोनों ही मस्त हो गए।
नाना2:- स्स्स्स्स्स्स्स उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़मजा आ गया यार स्सस्सस्स
नानाजी:- उफ्फ्फ्फ्फ़ क्या क़यामत लग रही है ....तू यहाँ आ मुझे देखने दे जरा...
नाना2 :-रुक जरा....मुझे छूने तो दे.....वो अपना हाथ उसकी गाण्ड पे रख दिया और सहलाने लगे....और फिर निचे झुक के उसकी गांड को चूम लिया....अह्ह्ह्ह स्स्स्स्स् थोडा चाट भी लेता हु उम्मम्मम्मम्मम्मम्म।
फिर उसने नेहा की गांड के फाको के बीच जुबान घुमाई....
उफ्फ्फ नानाजी का लंड तो था ही मस्त पर नाना2 का भी काफी मोटा था। लंबा ज्यादा नहीं था पर नानाजी के मुकाबले ज्यादा मोटा था।
नाना2 ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लंड पे रखा। मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा...गरम गरम लंड का स्पर्श से मेरी चूत और भी गीली होने लगी। नानाजी ने भी नेहा का हाथ अपने लंड पे रख लिया था।
नाना2:- स्सस्सस्सस कितना मजा आ रहा है स्सस्सस्स
नानाजी:- स्स्स्स्स् उफ्फ्फ्फ्फ़ हा यार उम्म्म्म इनके छुने से तो और भी टाइट हो रहा है...
नाना2:- काश ये दोनों साथ दे आज किं रात उफ्फ्फ्फ्फ्फ जन्नत की सैर हो जायेगी....
नानाजी:- हा सच में....एक काम करता हु...इनको बोलता हु की अगर जाग रही हो तो उठ जाओ...मिलके मजे करेंगे...क्या बोलते हो???
नाना2:- हा ठीक है...
नानाजी:- माधवी नेहा...अगर तुम नाटक कर रही हो उठ जाओ...अगर तुमारी सहमति है तो मिलकर मजे करते है...
मैंने सोचा की उठ जाऊ...पर मुझे उनको थोडा और तड़पाना था।
नेहा उठना चाहती थीं पर...वो मेरे नहीं उठने की वजह से चुप चाप लेटी रही।
नानाजी:- लगता है ये सच में सो रही है...उफ्फ्फ यहाँ तो देख नेहा के भी चुचिया क्या मस्त है....
नाना2:- उम्म्म्म यार मुझे नेहा की नंगी चूत को छूने दे उसका रस टेस्ट करने दे उम्म्म्म्म्म्म्म
नानाजी:- ठीक है आ जा...मैं माधवी का पजामा निचे करने की कोशिस करता हु...
नाना2 फिर से नेहा के पास चले गए। और उसकी पॅंटी को निचे करके उसकी चूत में उंगली डाल के उसकी गीली चूत का रस चाटने लगे।
नाना2:- स्सस्सस्स कुवारी चूत का रस उफ्फ्फ्फ्फ़ क्या टेस्टी है उम्म्म्म।
नानाजी ने मेरा पजामा थोडा निचे किया...मैंने भी अपनी गांड को ऊपर उठा के उनकी थोड़ी हेल्प की...वो भी मेरी चूत में ऊँगली घुसा के उसका रस चाटने लगे।
वो दोनों धीरे धीरे सावधानी से हमरी चूत गांड और चुचिया मसल रहे थे। अब हमसे भी बर्दास्त नहीं हो रहा था।
नाना2:-चल यार बहोत हो गया...अब ये जग जायेगी तो आफत हो जायेगी...
नानाजी:- हा चल..लेकिन अपना पानी तो निकाल लेते है...
नाना2:- हा ...लेकिन कैसे??
नानाजी:- मैं जैसा करता हु वैसा कर...
नानाजी ने अपना लंड मेरे होटो पे रखा...और धीरे धीरे घुमाने लगे। उनके प्रीकम से मेरे ओठ गीले हो गए। नाना2 ने वैसा ही किया। मैंने थोडा मुह खोला और लंड का सुपाड़ा को जगह दी। नानाजी वैसे ही हिलाने लगे। मैं थोड़ी टर्न हुई और नानाजी को देखने लगी। उन्होंने इशारा किया की अब उठ जाओ।
नानाजी:- अरे चल चलते है लगता है ये अब जग जायेगी...
नाना2 घबरा गए...और जल्दी से जाने लगे।
मैं उठी और नानाजी का हाथ पकड़ लिया।
मैं:- कहा जा रहे हो आप?? जो सुरु किया है उसे खत्म करो। मेरी आवज सुनके नेहा भी उठ गयी। और उसने नाना2 का हाथ पकड़ लिया।
नेहा:- नही तो क्या...कब से खेल रहे हमारे जिस्म से...आग भड़का दी है...उसे कोन बुझाएगा??
नानाजी और नाना दोनों एक दूसरे की और हैरानी से देखने लगे।
हम दोनों एक दूसरे की तरफ देखा और हँसने लगी।
और फिर उनकी तरफ देख के सेक्सी अंदाज से स्माइल करने लगी।
दोनों हक्के बक्के होकर हमें देख रहे थे।
नानाजी:-ओह्ह्ह तुम लोग जाग रहे थे???
नेहा:- हा हम।लोग जाग रहे थे...
नाना2:-वो..मैं...वो...
नाना2 बहोत घबरा गए थे।
नेहा:- अरे आप घबरा क्यू रहे हो?? मैंने आप।लोगो की बाते सुन ली थी...