S
StoryPublisher
Guest
हाय फ्रेंड मेरा नाम सन्नी है में इस साइट का रेग्युलर रीडर हूँ ओर आज में आपको जो कहानी बताने जा रहा हूँ वो मेरे फ्रेंड की है ओर एकदम सच्ची कहानी है. तो चलो अब कहानी पर आते हैं में अपने फ्रेंड की कहानी लिख रहा हूँ इसलिये अपने आपको रख के लिख रहा हूँ ये बात है 1999 की उसकी नानी उसके घर आई थी (वैसे वो अकेले ही रहती है और उस टाइम उनकी उम्र 59 साल थी) तो उन्होने कहा मेरे पैर बहुत दर्द कर रहे है मेरे पैर दबा दे मैने पैर दबाने शुरू किये तो वो सो गयी मेरा हाथ उनके पैरो पर था धीरे धीरे मेरा हाथ उनकी जांघ पर गया मेरी ऐसी कोई फिलिंग नही थी की उनके साथ कुछ ग़लत करूँ मेरा हाथ उनकी जांघ पर था ओर दबा रहा था उन्होने मुझे थोड़ा ओर उपर दबाने को कहा तो मेंने दबाना शुरू कर दिया.
तब मेरी उम्र 20 साल थी मैने जैसे ही उनकी जांघ के बीच वाली साइड में हाथ डाला तो मुझे करंट लगा क्योकी वहाँ पर आग की भट्टी जल रही थी मैने एकदम हाथ हटा लिया ओर वो भी थोड़ी देर के बाद चली गयी और 2 दिन के बाद मुझे सुबह मामा का कॉल आया की घूमने चलना है तो में तैयार हो गया में, मामा, मामी, नाना ओर नानी हम ऋषिकेश घूमने चले गये जब हम वहाँ पहुँचे तो हमने बहुत मस्ती की ओर रात को होटल के रूम में जाकर सो गये तभी नानी मेरे साथ ही सोने वाली थी तभी नानी ने फिर से कहा मेरे पैर दबा दे तो मैने उनकी बात मान के दबाने शुरू कर दिये ओर जैसे ही दबाने लगा तो उन्होने कहा मेरी जांघ भी दबाओ मैने कहा ओके ओर जब में उनकी जांघ पर पहुँचा तो फिर से करंट लगा लेकिन में दबाता रहा क्योकी मुझे मज़ा आ रहा था.
फिर मैने उनको उल्टा लेटने को कहा ओर उनके कुल्हे दबाने लगा उन्होने कुछ नही कहा तो मैने पीछे से उनकी सलवार थोड़ी नीचे की जिससे मुझे उनकी लाइन दिखी तो मेरी हिम्मत ओर बड़ गयी मैने उनकी लाइन में अपनी उंगली डालनी शुरू की ओर सलवार को ओर नीचे कर दिया तभी अचानक मेरी नानी हिली तो मेरी फट गयी तभी उन्होने मुझे कहा अब तू भी सो जा मगर मुझे नींद कहाँ आने वाली थी.
में नानी की तरफ मुँह करके लेटा हुआ था की तभी नानी ने अपना एक पैर मेरे उपर रख दिया ओर मुझसे एल स्टाइल में लिपट गयी जिससे मेरा हाथ उनके बूब्स से टकरा गया मुझे तो मज़े ही आ गये थे तभी मैने धीरे धीरे उनके बूब्स दबाने शुरू किये जब उन्होने कुछ नही कहा तो मेरी हिम्मत बड गयी ओर मै दोनो बूब्स दबाने लगा ओर मैने उनकी कमीज़ में से एक हाथ अन्दर डाल कर बूब्स की निपल से खेलने लगा ओर उनकी सलवार में हाथ डालकर उनके कुल्हे दबाने लगा मुझे ये सब करते 2-3 घंटे हो चुके थे की तभी नानी हिली ओर मेरी तरफ देख के बोली सो जा सुबह जल्दी उठना है लेकिन फिर भी मैने उनके बूब्स नही छोड़े तो वो बोली तेरे नाना भी उठने वाले है अब सो जा में मन मार कर सो गया जब हम दिल्ली पहुँचे तो यहा सब ख़त्म हो गया था.
फिर जब भी में नानी के घर जाता तो उनको उनके पैर दबाने के लिये पूछता ओर कई बार जब घर पर कोई नही होता तो वो दबवा लेती तभी में उनके बूब्स भी दबाता अब मेरा मूड उनकी चूत मारने का था लेकिन अब वो मुझे घास नही डालती थी मुझे उनके पीछे भागते हुये 9 साल हो चुके थे उन्हे भी पता था इसको मोका दिया तो ये मुझे चोद देगा एक दिन ऐसा ही हुआ में उनके घर रात को 8 बजे गया तब उनके घर पर कोई नही था जब मैने पूछा तो उन्होने कहा सारे दिल्ली से बाहर गये है कल लोटेंगे तब में मन ही मन हंसने लगा की मेरी लॉटरी निकल आई है मैने उनसे पूछा खाना खा लिया और खाना है क्या तो उन्होने नही बोला और खाना खाना है तो जाकर बाज़ार से ले आया ओर उन्होने मुझे कहा की तू रात को मेरे पास ही रुक जा तो में 1 मिनिट में ही मान गया खाना खाने के बाद हम सोने चले गये.
तब मेरी उम्र 20 साल थी मैने जैसे ही उनकी जांघ के बीच वाली साइड में हाथ डाला तो मुझे करंट लगा क्योकी वहाँ पर आग की भट्टी जल रही थी मैने एकदम हाथ हटा लिया ओर वो भी थोड़ी देर के बाद चली गयी और 2 दिन के बाद मुझे सुबह मामा का कॉल आया की घूमने चलना है तो में तैयार हो गया में, मामा, मामी, नाना ओर नानी हम ऋषिकेश घूमने चले गये जब हम वहाँ पहुँचे तो हमने बहुत मस्ती की ओर रात को होटल के रूम में जाकर सो गये तभी नानी मेरे साथ ही सोने वाली थी तभी नानी ने फिर से कहा मेरे पैर दबा दे तो मैने उनकी बात मान के दबाने शुरू कर दिये ओर जैसे ही दबाने लगा तो उन्होने कहा मेरी जांघ भी दबाओ मैने कहा ओके ओर जब में उनकी जांघ पर पहुँचा तो फिर से करंट लगा लेकिन में दबाता रहा क्योकी मुझे मज़ा आ रहा था.
फिर मैने उनको उल्टा लेटने को कहा ओर उनके कुल्हे दबाने लगा उन्होने कुछ नही कहा तो मैने पीछे से उनकी सलवार थोड़ी नीचे की जिससे मुझे उनकी लाइन दिखी तो मेरी हिम्मत ओर बड़ गयी मैने उनकी लाइन में अपनी उंगली डालनी शुरू की ओर सलवार को ओर नीचे कर दिया तभी अचानक मेरी नानी हिली तो मेरी फट गयी तभी उन्होने मुझे कहा अब तू भी सो जा मगर मुझे नींद कहाँ आने वाली थी.
में नानी की तरफ मुँह करके लेटा हुआ था की तभी नानी ने अपना एक पैर मेरे उपर रख दिया ओर मुझसे एल स्टाइल में लिपट गयी जिससे मेरा हाथ उनके बूब्स से टकरा गया मुझे तो मज़े ही आ गये थे तभी मैने धीरे धीरे उनके बूब्स दबाने शुरू किये जब उन्होने कुछ नही कहा तो मेरी हिम्मत बड गयी ओर मै दोनो बूब्स दबाने लगा ओर मैने उनकी कमीज़ में से एक हाथ अन्दर डाल कर बूब्स की निपल से खेलने लगा ओर उनकी सलवार में हाथ डालकर उनके कुल्हे दबाने लगा मुझे ये सब करते 2-3 घंटे हो चुके थे की तभी नानी हिली ओर मेरी तरफ देख के बोली सो जा सुबह जल्दी उठना है लेकिन फिर भी मैने उनके बूब्स नही छोड़े तो वो बोली तेरे नाना भी उठने वाले है अब सो जा में मन मार कर सो गया जब हम दिल्ली पहुँचे तो यहा सब ख़त्म हो गया था.
फिर जब भी में नानी के घर जाता तो उनको उनके पैर दबाने के लिये पूछता ओर कई बार जब घर पर कोई नही होता तो वो दबवा लेती तभी में उनके बूब्स भी दबाता अब मेरा मूड उनकी चूत मारने का था लेकिन अब वो मुझे घास नही डालती थी मुझे उनके पीछे भागते हुये 9 साल हो चुके थे उन्हे भी पता था इसको मोका दिया तो ये मुझे चोद देगा एक दिन ऐसा ही हुआ में उनके घर रात को 8 बजे गया तब उनके घर पर कोई नही था जब मैने पूछा तो उन्होने कहा सारे दिल्ली से बाहर गये है कल लोटेंगे तब में मन ही मन हंसने लगा की मेरी लॉटरी निकल आई है मैने उनसे पूछा खाना खा लिया और खाना है क्या तो उन्होने नही बोला और खाना खाना है तो जाकर बाज़ार से ले आया ओर उन्होने मुझे कहा की तू रात को मेरे पास ही रुक जा तो में 1 मिनिट में ही मान गया खाना खाने के बाद हम सोने चले गये.