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दादाजान ने भी मुझे कसकर लिपटा लिया और मेरे मम्मों से खेलते हुये बोले- “मेरी जान, आज तुम्हें चोदकर मैंने भी खूब मजा लिया है और इतना मजा कभी तेरी माँ को चोदकर भी नहीं आया था...”
दादाजान की बात सुनकर मैं हँसी और बोली- “दादाजान मैं हूँ ही ऐसी की जो भी मुझे चोदता है मेरी बड़ी तारीफें करता है..."
दादाजी भी हँसे और मेरे मम्मों को दबाकर बोले- “साली रंडी की बच्ची तू है ही इतनी सेक्सी की जो तुझे चोदता है दूसरी लड़कियों को भूल जाता है.”
मैं हँसी और बोली- “दादाजान आपको वो वाकिया याद है जब बचपन में एक दफा मैंने दुपट्टा नहीं पहना था तो आपने गुस्से में आकर मुझे बहुत मारा था और आज मैं आपके सामने बिल्कुल नंगी लेटी हुई हूँ तो आज आपको गुस्सा नहीं आ रहा...”
दादाजान मुश्कुराये और बोले- “निदा वो उमर तुम्हारी दुपट्टा पहनने की थी इसलिए जब मैंने तुम्हें दुपट्टा पहने नहीं देखा तो मारा था...”
मैं मुश्कुराई और बोली- “और अब मेरी उमर क्या पहनने की है?”
दादाजान मुश्कुराए और बोले- “अब तो तुम्हारी उमर नंगा रहने की है और खूब चुदवाने की है और अब मुझे तुम कभी दुपट्टा पहने नजर आई तो मैं तुम्हें खूब मारूंगा के तुमने दुपट्टा क्यों पहना है?”
मैं दादाजान की बात सुनकर हँसने लगी और बोली- “दादाजान आपकी पोती को वैसे भी नंगा रहना और हर समय चुदवाना ही अच्छा लगता है और आप चाहें तो मुझे नंगा देखकर भी मार सकते हैं पर वो मार आप सिर्फ अपने लण्ड से मारेंगे...”
दादाजान की बात सुनकर मैं हँसी और बोली- “दादाजान मैं हूँ ही ऐसी की जो भी मुझे चोदता है मेरी बड़ी तारीफें करता है..."
दादाजी भी हँसे और मेरे मम्मों को दबाकर बोले- “साली रंडी की बच्ची तू है ही इतनी सेक्सी की जो तुझे चोदता है दूसरी लड़कियों को भूल जाता है.”
मैं हँसी और बोली- “दादाजान आपको वो वाकिया याद है जब बचपन में एक दफा मैंने दुपट्टा नहीं पहना था तो आपने गुस्से में आकर मुझे बहुत मारा था और आज मैं आपके सामने बिल्कुल नंगी लेटी हुई हूँ तो आज आपको गुस्सा नहीं आ रहा...”
दादाजान मुश्कुराये और बोले- “निदा वो उमर तुम्हारी दुपट्टा पहनने की थी इसलिए जब मैंने तुम्हें दुपट्टा पहने नहीं देखा तो मारा था...”
मैं मुश्कुराई और बोली- “और अब मेरी उमर क्या पहनने की है?”
दादाजान मुश्कुराए और बोले- “अब तो तुम्हारी उमर नंगा रहने की है और खूब चुदवाने की है और अब मुझे तुम कभी दुपट्टा पहने नजर आई तो मैं तुम्हें खूब मारूंगा के तुमने दुपट्टा क्यों पहना है?”
मैं दादाजान की बात सुनकर हँसने लगी और बोली- “दादाजान आपकी पोती को वैसे भी नंगा रहना और हर समय चुदवाना ही अच्छा लगता है और आप चाहें तो मुझे नंगा देखकर भी मार सकते हैं पर वो मार आप सिर्फ अपने लण्ड से मारेंगे...”