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पड़ोस की भाभी
यह जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है। मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है उनकी कहानी है। मुझे यह भाभी बहुत अच्छी लगती थी। उनकी फ़ीगर 38-30-38 है। चूतड़ो का पूछो मत, मोटी मोटी जांघे मोटे मोटे बड़े-2 चूतड़ ! जब जब वो चलती थी तो उनके बड़े-2 चूतड़ हिलती रहती। जब जब मैं भाभी के बड़े-2 चूतड़ो को देखता मेरा सात इन्च लम्बा तीन इन्च मोटा लण्ड जोश में आ कर तन जाता था। भाभी बहुत ही सेक्सी थी। बेचारी भाभी भैया के काम की वजह से मस्ती भी नहीं करती थी। उसके पति आर्मी ओफ़िसर थे, अक्सर बाहर ही रहते थे।
एक दिन शाम को मैं घर पर कोई नहीं था तो मैं ताला मार के उनके घर गया, भाभी अकेली थी। मैंने भाभी से पूछा कि सब लोग कहाँ है?
भाभी ने जवाब दिया, “भैया का तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा के घर गये हैं। आज रात को नहीं आयेंगे।”
फिर मैंने भाभी को कहा, “ओके भाभी, मेरे घर पर भी कोई नहीं हैं मैं चलता हूँ।
भाभी ने मुझे रोक लिया और कहा, “तो फिर आज यहीं रुक जा, मुझे अकेले डर लगता है ।”
मैं मान गया । हम दोनों ने रात का खाना खाया फिर भाभी ने कहा, “तू बच्चों के बेड रूम मे चल कर लेट । मैं किचन का काम निबटा के आती हूँ फिर गप्पें मारेंगे ।
भाभी ने किचन मे इतनी देर लगाई कि मैं सो गया । जब वो आयीं तो उन्होने मुझे जगाया ।
भाभी नाइटी में थी, काली पारदर्शक नाइटी और उसके अंदर लाल ब्रा पैंटी में उनका बदन व वक्ष बड़े सेक्सी लग रहे थे ।
मैं उठ के बैठ गया और हम दोनों बाते करने लगे । भाभी अपनी लाइफ़ के बारे में बताने लगीं । अब भाभी कुछ खुल कर बातें करने लगी।
मेरे से पूछने लगी- तुम्हारी गर्लफ़्रेंड्स हैं या नहीं, कभी सेक्स किया, है या नहीं।
मैं ऐसी बात सुन कर हैरान हो गया।
अब मैं भी खुल गया था। मैंने भाभी से पूछा- भाभी, आप को सेक्स पसंद है?
भाभी ने जवाब दिया- सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल।
क्या तुम्हें पसंद नहीं है भाभी ने कहा?
मैंने जवाब दिया- कभी किया ही नहीं है।
भाभी ने कहा- झूठ मत बोलो, मुझे मालूम है, तुम बहुत बुरे हो ! तुमने अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी, मुझे सब पता है और तुमने उन पर कहानी भी लिखी, मैंने भी तुम्हारी कहानी कल रात को पढ़ी थी और मेरी चूत गीली हो गई थी, जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास बुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पर थे। झूठ बोलता है, तूने अपना मोबाइल नम्बर भी दे रखा है, लेकिन मैंने सोचा जब घर आओगे तब ही बात करूंगी तुमसे। तेरी मौसी को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे।मैं अचानक डर गया।
भाभी ने कहा- डरो मत, मैं कुछ नहीं कहूँगी ! मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है।
मैंने भाभी से पूछा- कब देखा आप ने मुझे नंगा?
भाभी ने जवाब दिया- जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे। मैंने कुछ नहीं कहा। मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनी भाभी की प्यास नहीं बुझाओगे? कहानी में तो लिख रखा है गुलाम हाज़िर है, अब चुप क्यों बैठे हो? अब बोलो, बुझायेगा मेरी चूत की प्यास तुम्हारा लण्ड ?
मैं भाभी की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था, सोचा नहीं था कभी कि भाभी खुद तैयार हो जायेगी। मैं उनसे डरता भी था क्योंकि वो बहुत गुस्सेवाली है।
भाभी ने अब अपना हाथ के ऊपर से मेरे लण्ड पर रखा तो मुझे तब बहुत अच्छा लगा।
भाभी को मेरा लण्ड बहुत अच्छा लगा। भाभी ने मेरा हाथ अपने वक्ष पर रखा और कहा- “दबाते रहो प्लीज़।”
मैंने खूब दबाये भाभी के स्तन। भाभी को मज़ा आ रहा था। मेरे लण्ड को चूसने लगी। फिर मैं भाभी की लाल ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था तो भाभी मुस्करा कर बोली- बेटा, मैं खोल देती हूँ।
फिर भाभी ने ब्रा खोल दी और पैंटी भी उतार दी। अब भाभी का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था।
मैं भाभी ने अपने बड़े बड़े स्तन चूस रहा था और वो बड़े मजे से मेरा लण्ड सहलाते हुए चुसवा रहीं थीं । मेरे लण्ड पर रख दिये और अपने वक्ष से मुझे चुदाई का मज़ा दे रही थी।
कुछ देर बाद मैं भाभी की चूत को सहलाने लगा तो वो फुदकने लगी ।
भाभी की सेक्सी सेक्सी आवाज़ें निकालते हुए उछलने लगीं थी- आआआआह्हहह्हह्ह ऊऊऊह्ह्हह बेटा आआआह्हह्हह्हह्हह ज़ोर से बेटा आआआह्हह्हह्हह्ह तेरी भाभी प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा। आआआअह्हह्हह्ह।
भाभी ने कहा- अब अपना लण्ड मेरी चूत में डालो ! प्यासी है मेरी चूत, प्यास बुझाओ जल्दी।
मैंने भाभी की दोनों टांगों को अपने हाथों से अपने कंधों पर रखा और चूत पर लण्ड रखा।
भाभी की चूत टाइट हो रही थी। मैंने हल्का सा धक्का दिया तो भाभी की चीख निकल गई और भाभी ने कहा- आराम से डालो ! क्या जल्दी है तुमको? सारी रात पड़ी है ।
मैंने कहा- भाभी, अब आराम से डालूँगा।
फिर मैंने हल्के हल्के झटके लगाने शुरु कर दिये। मेरे धक्कों से भाभी को मज़ा आ रहा था। भाभी की आवाज़ें निकल रही थी- ऊओह्हह्ह्ह ऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ हाआआ। और डालो और डाल आज मेरी चूत को मज़ा दे दो प्लीज़। तेज़ करो।
मैंने तेज़ कर दिया।
भाभी ने मुझे बेड पे मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे लण्ड के ऊपर अपनी चूत रख दी लण्ड ठाँस कर ज़ोर-2 से हिलने लगी और चिल्लाने लगी- आह्हह्हह्हह् बेटा बेटा आआआआह्हह्हह्हह्हह्ह मज़ा आ गया तुम्हारा लण्ड अब मेरी प्यास बुझा देगा !
और वो ज़ोर-2 से ऊपर नीचे होने लगी, ऐसे में मेरे लण्ड को भी दर्द हो रहा था। भाभी और मैं दोनों पागल हो गये और मैंने भाभी को उठा लिया और नीचे लिटा कर उनकी टांगें खोल दी और फिर से चुदाई शुरु कर दी, भाभी झड़ने वाली थी। हमको 15-20 मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था।
भाभी ने कहा- अंदर ही झाडना ।
मैंने कहा- ठीक है भाभी।
मैंने भाभी को कहा- भाभी, पानी निकल ने वाला है !
भाभी ने कहा- झड़ो बेटा जी भर के झड़ो।
और मैं भाभी की चूत में झड़ने लगा फिर भाभी ने मेरा लण्ड अपनी चूत से निकाल दिया 15 मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे।
अब जब भी मौका मिलता है मैं भाभी की प्यास बुझाता हूँ।
यह जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है। मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है उनकी कहानी है। मुझे यह भाभी बहुत अच्छी लगती थी। उनकी फ़ीगर 38-30-38 है। चूतड़ो का पूछो मत, मोटी मोटी जांघे मोटे मोटे बड़े-2 चूतड़ ! जब जब वो चलती थी तो उनके बड़े-2 चूतड़ हिलती रहती। जब जब मैं भाभी के बड़े-2 चूतड़ो को देखता मेरा सात इन्च लम्बा तीन इन्च मोटा लण्ड जोश में आ कर तन जाता था। भाभी बहुत ही सेक्सी थी। बेचारी भाभी भैया के काम की वजह से मस्ती भी नहीं करती थी। उसके पति आर्मी ओफ़िसर थे, अक्सर बाहर ही रहते थे।
एक दिन शाम को मैं घर पर कोई नहीं था तो मैं ताला मार के उनके घर गया, भाभी अकेली थी। मैंने भाभी से पूछा कि सब लोग कहाँ है?
भाभी ने जवाब दिया, “भैया का तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा के घर गये हैं। आज रात को नहीं आयेंगे।”
फिर मैंने भाभी को कहा, “ओके भाभी, मेरे घर पर भी कोई नहीं हैं मैं चलता हूँ।
भाभी ने मुझे रोक लिया और कहा, “तो फिर आज यहीं रुक जा, मुझे अकेले डर लगता है ।”
मैं मान गया । हम दोनों ने रात का खाना खाया फिर भाभी ने कहा, “तू बच्चों के बेड रूम मे चल कर लेट । मैं किचन का काम निबटा के आती हूँ फिर गप्पें मारेंगे ।
भाभी ने किचन मे इतनी देर लगाई कि मैं सो गया । जब वो आयीं तो उन्होने मुझे जगाया ।
भाभी नाइटी में थी, काली पारदर्शक नाइटी और उसके अंदर लाल ब्रा पैंटी में उनका बदन व वक्ष बड़े सेक्सी लग रहे थे ।
मैं उठ के बैठ गया और हम दोनों बाते करने लगे । भाभी अपनी लाइफ़ के बारे में बताने लगीं । अब भाभी कुछ खुल कर बातें करने लगी।
मेरे से पूछने लगी- तुम्हारी गर्लफ़्रेंड्स हैं या नहीं, कभी सेक्स किया, है या नहीं।
मैं ऐसी बात सुन कर हैरान हो गया।
अब मैं भी खुल गया था। मैंने भाभी से पूछा- भाभी, आप को सेक्स पसंद है?
भाभी ने जवाब दिया- सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल।
क्या तुम्हें पसंद नहीं है भाभी ने कहा?
मैंने जवाब दिया- कभी किया ही नहीं है।
भाभी ने कहा- झूठ मत बोलो, मुझे मालूम है, तुम बहुत बुरे हो ! तुमने अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी, मुझे सब पता है और तुमने उन पर कहानी भी लिखी, मैंने भी तुम्हारी कहानी कल रात को पढ़ी थी और मेरी चूत गीली हो गई थी, जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास बुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पर थे। झूठ बोलता है, तूने अपना मोबाइल नम्बर भी दे रखा है, लेकिन मैंने सोचा जब घर आओगे तब ही बात करूंगी तुमसे। तेरी मौसी को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे।मैं अचानक डर गया।
भाभी ने कहा- डरो मत, मैं कुछ नहीं कहूँगी ! मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है।
मैंने भाभी से पूछा- कब देखा आप ने मुझे नंगा?
भाभी ने जवाब दिया- जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे। मैंने कुछ नहीं कहा। मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनी भाभी की प्यास नहीं बुझाओगे? कहानी में तो लिख रखा है गुलाम हाज़िर है, अब चुप क्यों बैठे हो? अब बोलो, बुझायेगा मेरी चूत की प्यास तुम्हारा लण्ड ?
मैं भाभी की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था, सोचा नहीं था कभी कि भाभी खुद तैयार हो जायेगी। मैं उनसे डरता भी था क्योंकि वो बहुत गुस्सेवाली है।
भाभी ने अब अपना हाथ के ऊपर से मेरे लण्ड पर रखा तो मुझे तब बहुत अच्छा लगा।
भाभी को मेरा लण्ड बहुत अच्छा लगा। भाभी ने मेरा हाथ अपने वक्ष पर रखा और कहा- “दबाते रहो प्लीज़।”
मैंने खूब दबाये भाभी के स्तन। भाभी को मज़ा आ रहा था। मेरे लण्ड को चूसने लगी। फिर मैं भाभी की लाल ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था तो भाभी मुस्करा कर बोली- बेटा, मैं खोल देती हूँ।
फिर भाभी ने ब्रा खोल दी और पैंटी भी उतार दी। अब भाभी का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था।
मैं भाभी ने अपने बड़े बड़े स्तन चूस रहा था और वो बड़े मजे से मेरा लण्ड सहलाते हुए चुसवा रहीं थीं । मेरे लण्ड पर रख दिये और अपने वक्ष से मुझे चुदाई का मज़ा दे रही थी।
कुछ देर बाद मैं भाभी की चूत को सहलाने लगा तो वो फुदकने लगी ।
भाभी की सेक्सी सेक्सी आवाज़ें निकालते हुए उछलने लगीं थी- आआआआह्हहह्हह्ह ऊऊऊह्ह्हह बेटा आआआह्हह्हह्हह्हह ज़ोर से बेटा आआआह्हह्हह्हह्ह तेरी भाभी प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा। आआआअह्हह्हह्ह।
भाभी ने कहा- अब अपना लण्ड मेरी चूत में डालो ! प्यासी है मेरी चूत, प्यास बुझाओ जल्दी।
मैंने भाभी की दोनों टांगों को अपने हाथों से अपने कंधों पर रखा और चूत पर लण्ड रखा।
भाभी की चूत टाइट हो रही थी। मैंने हल्का सा धक्का दिया तो भाभी की चीख निकल गई और भाभी ने कहा- आराम से डालो ! क्या जल्दी है तुमको? सारी रात पड़ी है ।
मैंने कहा- भाभी, अब आराम से डालूँगा।
फिर मैंने हल्के हल्के झटके लगाने शुरु कर दिये। मेरे धक्कों से भाभी को मज़ा आ रहा था। भाभी की आवाज़ें निकल रही थी- ऊओह्हह्ह्ह ऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ हाआआ। और डालो और डाल आज मेरी चूत को मज़ा दे दो प्लीज़। तेज़ करो।
मैंने तेज़ कर दिया।
भाभी ने मुझे बेड पे मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे लण्ड के ऊपर अपनी चूत रख दी लण्ड ठाँस कर ज़ोर-2 से हिलने लगी और चिल्लाने लगी- आह्हह्हह्हह् बेटा बेटा आआआआह्हह्हह्हह्हह्ह मज़ा आ गया तुम्हारा लण्ड अब मेरी प्यास बुझा देगा !
और वो ज़ोर-2 से ऊपर नीचे होने लगी, ऐसे में मेरे लण्ड को भी दर्द हो रहा था। भाभी और मैं दोनों पागल हो गये और मैंने भाभी को उठा लिया और नीचे लिटा कर उनकी टांगें खोल दी और फिर से चुदाई शुरु कर दी, भाभी झड़ने वाली थी। हमको 15-20 मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था।
भाभी ने कहा- अंदर ही झाडना ।
मैंने कहा- ठीक है भाभी।
मैंने भाभी को कहा- भाभी, पानी निकल ने वाला है !
भाभी ने कहा- झड़ो बेटा जी भर के झड़ो।
और मैं भाभी की चूत में झड़ने लगा फिर भाभी ने मेरा लण्ड अपनी चूत से निकाल दिया 15 मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे।
अब जब भी मौका मिलता है मैं भाभी की प्यास बुझाता हूँ।