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पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

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शालू- मुस्कुराते हुए, तो क्या आपका मन अभी मेरी गान्ड चोदने का कर रहा है।

बंसल- अरे बेटी पहले तो मैं तेरी गान्ड को जी भर कर चाटूँगा उसके बाद तेरी गान्ड के छेद को फैला कर उसमे अपने लंड को पेलुँगा, आ यहाँ पर पेट के बल लेट जा। मैं थोड़ा थूक लगा कर तेरी मस्तानी गाँड को मुलायम कर देता हू।

शालू- हँस्ते हुए पापा आप भी ना बहुत बड़े चुड़क्कड़ हो अगर मैं ना होती तो तुम भला फिर किसकी गान्ड मारते। माँ तो तुम्हे अपनी गान्ड छुने भी नही देती होगी।

बंसल- अरे तेरी मा की गान्ड मे उतना दम भी तो नही है जितनी गोरी और चौड़ी गान्ड तेरी है, सच बेटी जब मैंने तेरी गाँड चोदी तो मुझे बड़ा मज़ा आया।उतना मज़ा मुझे कभी नहीं आया।

यह कहकर बंसल शालू की गांड के भूरे छेद पर ढेर सारा थूक लगाता है।और उसमे अपनी ऊँगली पेलने लगता है।

शालू-आह पापा मैं आपको जल्दी ही रीना की कुँवारी चूत और उसकी मस्त गांड आपको दिलवाऊँगी।आप उसकी चूत भले ही प्यार से मारना।लेकिन उसकी गाँड अपने मोटे लन्ड से फाड़ देना।

ये सुनकर बंसल का लंड पूरा रॉड हो जाता है।फिर बंसल अपनी बेटी की गान्ड की तरफ लंड करके लेट गया और उसने धीरे से अपने लंड को शालू की गान्ड मे लगा कर धीरे से दबाया और उसके लंड का टोपा सॅट से शालू की थूक से भरी मोटी गान्ड के छेद मे धस गया और शालू आह पापा अब तो तुम जब भी मेरी गान्ड मे लंड डालते हो मुझे इतनी मीठी-मीठी खुजली होती है कि क्या बताऊ। एक हाथ से मेरे दूध दबा कर गान्ड मारो तभी तो मेरी चूत से भी पानी छूटेगा।
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बंसल ने एक तगड़ा शॉट मारते हुए अपने पूरे लंड को शालू की मोटी गान्ड मे उतार दिया और फिर बंसल अपनी बेटी की गान्ड के उपर लेट गया जिससे उसका बचा हुआ मोटा लंड भी उसकी बेटी की गांड को फैलाता हुआ अंदर जड़ तक समा गया और शालू ओह पापा मज़ा आ गया। कितना मस्त तरीके से फसा हुआ है तुम्हारा लंड, अब ज़रा तेज -तेज चोदो, उसकी बात सुनते ही बंसल अपनी बेटी की गोरी गदराई गान्ड को खूब मस्त तरीके से ठोकने लगा और शालू नीचे पड़ी-पड़ी कराहने लगी उसकी कराहने की आवाज़ से ऐसा लग रहा था जैसे उसे कितना मज़ा आ रहा हो बंसल अपनी बेटी के मोटे-मोटे बोबे दबाते हुए उसकी गान्ड को खूब हुमच-हुमच कर चोद रहा था।

बंसल का लंड अपनी बेटी की गुदा मे खूब चिकनाहट के साथ कसा हुआ अंदर बाहर हो रहा था और बंसल उसे अपनी बाँहो मे दबोचे हुए उसकी गान्ड को खूब तबीयत से ठोक रहा था।

बंसल को अपनी बेटी की गान्ड मारते-मारते काफ़ी समय हो गया और शालू की गान्ड का छेद पूरी तरह लाल हो चुका था।

शालू अपनी दोनो मुठियाँ बाँधे अपनी गान्ड को उपर नीचे कर रही थी तभी बंसल ने उसके नीचे हाथ ले जा कर उसकी चूत को अपनी मुट्ठी मे भर लिया और इस तरह जब वह अपनी बेटी की चूत को दबोच-दबोच कर उसकी गान्ड मे अपना मोटा लंड पेलने लगा तो उसे मस्त मज़ा आने लगा और उसे लगने लगा जैसे उसकी बेटी की गुदा खूब कस-कस कर उसके लंड को दबाते हुए उसका सारा पानी निचोड़ लेना चाहती हो वह अपनी बेटी की पीठ पेर लेट कर एक हाथ से उसके दूध और दूसरे हाथ से उसकी चूत को दबाते हुए उसकी गान्ड को चोद रहा था और जब शालू की चूत से भी पानी बहने लगा तब बंसल ने अपनी दो उंगलिया शालू की चूत मे डाल कर उसकी मोटी गान्ड मारना शुरू कर दी और शालू आह पापा आह पापा करती हुई सीसीयाने लगी।

बंसल से अब रहा नही जा रहा था और उसने शालू की गान्ड को खूब कस कर ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू कर दिया और ताबड़तोड़ दस बीस धक्के मारते हुए अपनी बेटी की मस्तानी गान्ड के छेद मे अपना सारा पानी छोड कर उसकी गान्ड मे अपना पूरा लंड जड़ तक दबा कर हाफने लगा, कुछ देर बंसल ऐसे ही लेटा रहा फिर जब शालू थोडा कसमसाई तो बंसल उसके उपर से अलग होकर लेट गया।
 
शालू- हस्ते हुए अपने पापा के लंड चूसते हुए, क्यो पापा अब इसकी मस्ती कुछ कम हुई कि अभी और चोदना चाहता है अपनी बेटी को।

बंसल- आज तो तूने सचमुच मस्त कर दिया है बेटी अपने बाप को, जैसा मज़ा तेरी गान्ड और चूत मारने मे आता है वैसा मज़ा मुझे तेरी मा भी नही दे पाई है।

शालू-अभी देखते जाइये पापा।अभी आपको कितने मज़े दिलवाती हूँ जब रीना आएगी तो।

सेक्स करने के बाद दोनों डिनर करते हैं और फिर लिपट के सो जाते है।

सुबह, शालु की नींद खुलती है जब उसे डोर बेल की आवाज़ सुनाइ देती है। अपने नंगे बदन को एक तौलिए से ढकते हुए वो दरवाजा खोलती है। सामने होटल का स्टाफ कमरे के सफाई के लिए वेट कर रहा होता है।

शालु उसे अंदर बुलाती है।

शालु - पापा।। पापा। उठिये प्लीज। कमरे की सफाई करवानी है।

(होटल का स्टाफ जब शालु के मुह से पापा शब्द सुनता है तो उसके होश उड़ जाते है। वो गौर से शालु को देखता है। सफ़ेद तौलिए में लिपटी शालु की बड़ी बड़ी चूचियां साफ़ नज़र आ रही थी। उसके चूत की शेप से साफ़ पता चल रहा था की उसने कोई पेंटी नहीं पहनी है अंदर। फिर वो मुड के बिस्तर पे देखता है। बिस्तर पे साइड में शालु के उतरे हुए अंडरगारमेंट्स है। और वहीँ पास में उसके पापा सभी बातों से अन्जान लंड खोले गहरी नींद में सो रहे है।)

(होटल स्टाफ मन में सोचने लगता है। जमाना कितना बदल गया है, बाप बेटी रूम लेकर आपस में सेक्स का मजा लूट रहे है।)

कमरे की सफाई करके वो स्टाफ चला जाता है। उसके जाने के बाद शालु बिस्तर पे आती है और झुक के बंसल का लंड मुह में लेकर चुसने लगती है।

बंसल - ओह बेटी ये क्या कर रही हो तुम सुबह सुबह।

शालु - आपके लंड से ब्रश कर रही हूँ।

बंसल - (उसका मुह दूर हटाते हुए) देख शालु अब तुझे मेरे लंड तभी मिलेगा जब तुम मुझे रीना की चूत दिलवाओगी।

शालु - उसका इंतज़ाम हो जायेगा पापा। मैं उसे जल्दी ही दिल्ली बुलाती हूँ।

बंसल - सच शालू?

शालु - हाँ पापा। अब मुझे रीना को वीडियो कॉल करने दिजिये

(शालु रीना से वीडियो कॉल पे जुड़ जाती है)

रीना - गुड मॉर्निंग दीदी।

शालु - गुड मॉर्निंग छोटी, कैसी कटी रात।

रीना -अच्छी दीदी। पापा कहाँ हैं?

शालु - वो अभी अभी बाहर गए है।

रीना - ठीक। तो आप रूम में अकेली हो?

शालु - हाँ। तो क्या की कल रात?

रीना - कुछ नहीं दीदी। आप क्या की?

शालु - तूने तो मुझे हॉट कर दिया था, तो मैंने रात में एक कैंडल से बुर की चुदाई की।

रीना - ओह दीदी पापा के सामने ब्लाँकेट के अन्दर?

शालु - हाँ।

रीना - उफ़ अगर पापा उठ जाते और तुम्हे इस हालत में देख लेते तो?

शालु - तो क्या हो जाता। जब वो मेरे सामने मुट्ठ मार सकते हैं तो मैं कैंडल से क्यों नहीं कर सकती?
 
कहानी जारी रहेगी।अगला अपडेट जल्दी ही।
 
रीना - ओ माय गॉड दीदी कितनी बदमाश हो आप।

शालु - कैसी बदमाशी। तू नहीं यूज नहीं करती है क्या कैंडल?

रीना - करती हूँ दीदी लेकिन अकेले में।। ऐसे पापा के सामने नही।।हे हे हे।

शालु - तो एक काम कर यहाँ दिल्ली आ जा पापा के सामने कैंडल डाल लेना अपनी बुर में।

रीना- ओह छी दीदी क्या बोल रही हो। तुम पागल तो नहीं हो गई। कितनी बेशर्म हो गई हो।

शालु- अच्छा ये सब छोड़ ये बता कब तक आएगी।

रीना- शाम तक आ जाऊंगी दीदी।

शालु - ओके ठीक है, फ़ोन कर देना हम तुम्हे लेने स्टेशन आ जाएंगे। मैं ऑफिस जाती हूँ।बॉय।

रीना- बाय दीदी।

(इधर शालु बंसल को रीना से हुई बात का जिक्र करती है। बंसल रीना को चोदने के लिए उतावलापन से शालु की बातें सुनता है। शालु को ये यकीन हो जाता है की अब पापा उसकी छोटी बहन को चोदे बगैर नहीं रह सकते। वो बंसल के पास जाती है और उनकी पेंट की ज़िप खोल कर लंड को हाथ से सहलाने लगती है।

बंसल - आह बेटी क्या कर रही हो।

शालु- इसे तैयार कर रही हूँ पापा रीना को चोदने के लिये।

बंसल - बेटी सब हो तो जायेगा न कहीं वो नाराज़ न हो जाए और सारी बातें उर्मिला को बता दी तो।

शालु- (बंसल के लंड का स्किन खोल मुट्ठ मारते हुए) ऐसे नहीं होगा पापा मैंने सब प्लान कर लिया है।

( शालु देर तक पापा के कानो में अपने प्लान को बताती है। लेकिन बेटी अगर उसे शक़ हुआ।।।

शालू-कुछ नहीं होगा पापा मैं जैसे बोल रही हूँ करते जाइये। शालु तेज़ी से लंड पे अपना हाथ चलाने लगती है)

बंसल का 9 इंच का मोटा लंड खड़ा हो जाता है. शालू टाइम ना वेस्ट करते हुए अपने गीले और गुलाबी होंठ उसके लंड पर रख देती है.

“ आहह………….मेरी जान………मेरी रातो की रानीईईईईईईई…………. आह्ह्ह्ह्ह्हज्ज मेरीईईई

रंडीईईईईईईई बेटीईईईई तुझे…….उफफफफफफफ्फ़….सेक्शययययययययययी…………………..और चूस……ऐसे ही चूस………………” बंसल आज शालू के लंड चूसने के तरीके से और भी इंप्रेस था. अपना पूरा मूँह खोल कर वो उसके लंड को चूस रही थी. चूस क्या रही थी लंड को मूँह के कोने कोने मे ले जा रही थी. इतना बड़ा लंड होने के बावजूद वो उसे अपने मूँह के पूरा अंदर ले जाना चाह रही थी.
 
बंसल के लिए एक अड्वेंचर था कि कैसे शालू आज उसके लंड को चूस रही थी. मूँह के साइड तक को जगह मे वो लंड को घुमा घुमा कर ले जा रही थी.

“ओह……….डार्लिंग……तू गजब है…….चूस…..ऐसे ही चूस मेरी रंडी बेटी…..आआहह” बंसल के हाथ अब शालू के बालो मे पहुँच गये थे और उसकी गर्दन को पकड़ पकड़ कर वो खुद ही आगे पीछे कर रहा था.

“उफफफफफफ्फ़…….कितनी सेक्सी है तू डार्लिंग…….म्म्म्मह…..ऐसे हीईीईईई……………इतना……..मज़ा…..तो पूरी लाइफ मे नही आया…………बेटी………………….” बंसल का एग्ज़ाइटमेंट बढ़ता ही जा रहा था।

शालू यहीं नही रुकी, उसके लंड को अच्छे से गीला करने के बाद वो उसकी बॉल्स तक पहुँची. शालू उसके लंड को उपर करके और उसकी बॉल्स को किस करने लगती है. क्या सीन था, इंडियन एन्वाइरन्मेंट मे ऐसे हर्डली ही नसीब होता है.

बंसल तो जैसे होश मे नही था, लंड के साथ उसकी गर्दन भी उपर आसमान की तरफ हो चुकी थी. शालू अब उसके बॉल्स को चूस रही थी ।

बंसल को वैसे ही रीना के बारे में हुई बातों ने बहुत गरम कर दिया था और वो नही चाहता था कि शालू की प्लान आज अधूरा रह जाए नही तो वो उसे खा जाएगी. इसीलिए उसे अहसास हो रहा था कि अगर और थोड़ी देर शालू ने उसकी बॉल्स चूसी तो उसका सारा माल शालू के मुँह में निकल जाएगा.

“उफफफफफफ्फ़……ग्रेट……..यू आर आ रियल सकर………………….. आहह… …………..” बंसल धीरे से अपने लंड को शालू के मूँह से हटाने लगता है.

बंसल - आह बेटी मेरा निकलने वाला है।।

ये सुनते ही शालु झट्ट से अपने एक हाथ से अपनी पेंटी खोल देती है और लंड के आगे रख उनका सारा माल पेंटी पे गिरा लेती है। लंड का सारा पानी पोंछने के बाद वो उसे बंसल के पिलो के नीचे डाल देती है। शायद ये भी शालु के प्लान का एक हिस्सा था।
 
शाम को शालु और बंसल स्टेशन जाते हैं रास्ते में शालु अपने सारे प्लान डिटेल में बताती है ताकि कोई कन्फयूजन न रहे और रीना को अच्छे से शालु के बनाये जाल में फँसाया जा सके। बंसल शालु की सारी प्लानिंग सुन के हैरान रह जाता है और मन ही मन बहुत खुश होता है क्योंकि जल्द ही उसे अपनी छोटी बेटी की गरम चूत का मजा मिलने वाला था।

रास्ते में कार की अगली सीट पे बैठी शालु पापा के हाथो को अपनी दहकती बुर पे रगड रही होती है। आज़ शालु ने एक बहुत छोटी सी कॉटन की हाफ पेंट पहन रखी थी और ऊपर एक वाइट कलर स्लीप। वो न तो ब्रा पहनी थी और न ही कोई पैंटी। बंसल पेंट के ऊपर से शालु की भरी भरी बुर छु के मचला सा जा रहा था। इससे पहले की बंसल अपने पेंट में ही स्खलित होता वो पार्किंग में पहुच चुके थे।

थोड़े इंतज़ार के बाद सामने से रीना ब्लू जीन्स और वाइट टॉप में नज़र आती है। इतने दिनों बाद बड़ी बहन शालु और पापा को देख वो ख़ुशी से तेज कदमों के साथ दौड कर शालु से लिपट जाती है।

रीना - ओह दीदी कैसी हो तुम।

(गले से लिपट कर रीना को अहसास होता है की शालु ने अंदर ब्रा नहीं पहनी, वो असमंजस में पड़ जाती है की दीदी ऐसे कैसे कर सकती हैं वो भी जब पापा साथ में हैं) तभी। ।।

शालु - बिलकुल ठीक बहुत अच्छा किया जो तुम आ गई। अब हम दोनों चैन से खूब सारी शॉपिंग करेंगे

बंसल - हाँ हाँ कर लेना अब तुम्हे पापा की कोई जरुरत ही नही।

(रीना मुस्कुराते हुए पापा की ओर देखने लगती है)

रीना- ओह पापा आप भी न। आप को तो आना ही पड़ेगा शॉपिंग की बिल पे करने। (खिलखिला कर हंसते हुए रीना बंसल के पैर छूने को झुकती है तो बंसल उसे बाँह से पकड़ के उठा लेता है और इससे पहले की रीना कुछ समझ पाती। बंसल उसके गोरे गाल पे चुम्बन ले लेता है।

(रीना इस अचानक हुये हमले से सिहर उठती है लेकिन फिर सहज होते हुए मुसकुराकर गले लग जाती है)

बंसल भी अपनी थोड़ी सी जगी वासना को पूरा करने के लिए बिना देरी किये रीना की नरम पीठ पे हाथ फेर देता है।
 
रीना को आज पहली बार अपने पापा से लिपट कर कुछ अलग महसूस हो रहा था। जिस तरह से बंसल रीना की नरम पीठ पे हाथ फेर रहा था रीना थोड़ी सी असमंजस में थी। फिर मन ही मन मुस्कूराते हुए वो कस पापा से कस के लिपट जाती है।

शालु- अरे छोटी अब होटल चलेगी भी या यहीं प्यार करना है पूरा दिन?

(बंसल और रीना को ध्यान आता है। फिर सभी कार में बैठ चल पडते है।)

होटल पहुचते है।

रीना - वाओ कितना बढ़िया होटल है पापा।

बंसल - हाँ बढ़िया है। लेकिन प्रॉब्लम है की बस यही एक रूम अवलेबल है।

रीना- कोई बात नहीं पापा वैसे भी अगर अलग रूम भी होता तो मैं आपलोगों के ही साथ रहती।

शालु- अच्छा चल अब हाथ मुह धो के फ्रेश हो जा।

रीना - जी दीदी।

(रीना बाथरूम चली जाती है इधर बंसल और शालु एक दूसरे से लिपट कर किस करने लगते हैं)

शालु - ओह पापा बड़े वाइल्ड हो रहे हो।

बंसल - क्या करूँ रीना जो आ गई है। लंड तड़प रहा है तुम दोनों को चोदने को।

शालु- अच्छा चोद लेना अब जैसा हमने प्लान किया था वैसा करना होगा।
 
(शालू टेबल पर से लैपटॉप उठाती है और अपनी स्लीप को थोड़ा नीचे सरका कर बंसल की गोद में बैठ जाती है)

ऐसा करने से शालु के दोनों कबूतर बिना ब्रा के लगभग बाहर को आ जातें हैं।

बाथरूम से निकल कर जब रीना दोनों को देखती है तो शॉक हो जाती है। शालु लैपटॉप पे कुछ काम कर रही थी और बंसल उसकी दोनों गदराई जांघों को अपनी हथेली से धीरे धीरे सहला रहा होता है।

रीना दोनों को ऐसी हालत में देख दंग रह जाती है।

रीना - दीदी क्या कर रही हो।

शालु - तेरी भेजी हुई पिक्चर दिखा रही थी पापा को और हाँ हमने बात कर ली थी तुम्हारे लिये। पापा के ही ऑफिस में एक अंकल हैं मि आर के जौहरी वो मॉडलिंग के लिए टैलेंट ढूँढ़ते है। उनका काफी रुतबा है फैशन इंडस्ट्री में। उनको तुम पसंद आयी हो तो जब वो फ्री रहेंगे तो एक मीटिंग कर लेंगे हमलोग। अभी तो थोड़ी देर पहले फ़ोन पे बात हुई थी तो वो बोले की कुछ और पिक्चर भेजू।

रीना - ओह वाओ दीदी इतना सब कर लिया आपने थैंक यू सो मच।

शालु - पागल मैंने नहीं पापा ने उनको थैंक्स बोल।

अच्छा सुन।। उन्होंने २-३ एडवर्टाइजमेन्ट के लिए प्रिपेयर होने को बोला है। एक मेल मॉडल भी चाहिये। पापा वो किस प्रोडक्ट के लिए बोले थे मैं भूल गई।

बंसल - पहले वाला तो कोई स्ट्रेच मार्क क्रीम के लिए था। दूसरा हेयर रिमूवल क्रीम और तीसरा शीलाजीत कैप्सूल का था। है ना।

शालु - करेक्ट पापा आपको तो सब याद है।

रीना- ओह इतना सारा ऐड के लिए फोटोशूट!?

बंसल - अरे बेटा कम्पटीशन बहुत है इस फील्ड में एक से एक मॉडल पड़ी हैं तो ये लोग सबको ३-४ थीम देते हैं और जिनका अच्छा होता है उनको ही लेते है।

रीना - थोड़ा उदास होती हुई ।। तो क्या मेरा मॉडल बनना अभी पक्का नहीं है।

बंसल - सच बोले तो अभी नही।। तुम्हारे परफॉरमेंस पे डिपेंड करता है। जोहरी जी अपने ख़ास दोस्त हैं तो वो तो हमारी मदद करेंगे लेकिन फाइनल डिसिशन उनके बॉस का होता है।
 
रीना - हम्म समझ गई तो मुझे क्या करना है।

शालु - बस फोटोशूट।

बंसल - मैं किसी फोटोग्राफर से बात करता हूँ।

रीना - नहीं पापा कोई फोटोग्राफर नहीं प्लीज।। मैं नर्वस हो जाती हूँ।

बंसल - तो फिर क्या करे।

शालु - अगर ऐसी बात है तो पापा आप भी तो अच्छे फोटोग्राफी करते हैं क्योँ।

बंसल - अरे बेटा फोटोग्राफी किये सालों हो गये।

शालु - ओह कॉमन पापा छोटी के लिए इतना भी नहीं कर सकते?

रीना भी इसी बीच रिक्वेस्ट कर देती है।

बंसल - ओके बाबा ठीक है मैं अपना कैमरा रेडी कर ही लेता हूँ।

शालू- ए। हुई न बात। (और पीछे घूम कर बंसल के होठों पे अपने होठ रख देती है)

बंसल भी उसकी जांघों को कस के दबोचते हुए शालु के होठ चुसने लगता है।
 
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